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जिसने बनाई लश्कर-ए-जब्बार, उसकी हत्या कर निकल गए अज्ञात बंदूकधारी: बालाकोट एयर स्ट्राइक में बच निकला था दाऊद मलिक, अब क्लिनिक में भून डाला गया

पाकिस्तान में छिपकर बैठे भारत के एक और मोस्ट वॉन्टेड आतंकी की हत्या हो गई है। इस आतंकी का नाम दाऊद मलिक बताया जा रहा है, जो वैश्विक आतंकी संगठन ‘जैश-ए-मोहम्मद’ के सरगना मसूद अजहर का करीबी है। ‘जैश-ए-मोहम्मद’ के अलावा दाऊद मलिक लश्कर-ए-जब्बार का संस्थापक भी था। वह लश्कर-ए-झांगवी से भी जुड़ा हुआ था।

बता दें कि पिछले कुछ समय से पाकिस्तान में छिपे भारत के मोस्ट वॉन्टेड आतंकियों की हत्या का सिलसिला जारी है। अभी हाल ही में शाहिद लतीफ नाम के एक आतंकी की हत्या कर दी गई थी। लतीफ को पठानकोट हमले का मास्टरमाइंड माना जाता है। वहीं, दूसरा आतंकी ISI का एजेंट मुल्ला बाहौर उर्फ होर्मुज है। उसे भी अज्ञात लोगों ने गोली मार दी।

दरअसल, भारत में आतंकी गतिविधियों में वांछित कई आतंकी पाकिस्तान, कनाडा एवं अन्य देशों में छिपे बैठे हैं। पिछले कुछ समय से पाकिस्तान ही नहीं, बल्कि कनाडा एवं ब्रिटेन में छिपकर बैठे आतंकियों की किन्हीं कारणों हत्या हो रही है। खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद तो भारत और कनाडा के संबंध भी खराब हो गए हैं।

पाकिस्तान के उत्तरी वजीरीस्तान में दाऊद मलिक को अज्ञात बंदूकधारियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तरी वजीरीस्तान के मिराली एरिया में कुछ नकाबपोश बंदूकधारियों ने दाऊद मलिक को उस समय गोली मारकर हत्या कर दी, जब वह एक क्लिनिक में गया था। नकाबपोश वहाँ पहले से ही उसका इंतजार कर रहे थे।

पुलवामा हमले के बाद जब भारतीय सेना ने पाकिस्तान के बालाकोट पर एयर स्ट्राइक की थी तो दाऊद मलिक वहाँ मौजूद था, लेकिन वह बचकर भागने में कामयाब रहा था। ये सभी आतंकी पाकिस्तान की कुख्यात खुफिया एजेंसी ISI की हिफाजत में रहते हैं। इसके बावजूद ये निशाना बन जा रहे हैं।

इससे पहले मारा गया आतंकी शाहिद लतीफ पाकिस्तान के गुजरांवाला का रहने वाला था। उसे अज्ञात हमलावरों ने बहुत करीब से गोली मारी थी। साल 2016 के पठानकोट हमले का मास्टरमाइंड शाहिद लतीफ आईएसआई से खास ट्रेनिंग मिली थी। लतीफ को आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने सियालकोट सेक्टर के प्रमुख की जिम्मेदारी सौंपी थी।

वहीं, मारा गया दूसरा आतंकी मुल्ला बाहौर उर्फ होर्मुज है। उसे स्वतंत्रता के लिए संघर्ष कर रहे बलूचों के इलाके बलूचिस्तान में गोली मारी गई थी। कहा जाता है कि बाहौर ने ही कुलभूषण जाधव को ईरान से अगवा करके आईएसआई के हवाले किया था। भारतीय नौसेना से रिटायर हुए कुलभूषण जाधव इस वक्त पाकिस्तान की जेल में हैं।

उससे पहले पिछले माह ‘लश्कर ए तैयबा’ के प्रमुख हाफिज सईद के करीबी अबु कासिम को रावलकोट में गोली मारी गई थी। खालिस्तान कमांडो फोर्स का दुर्दांत आतंकी और भारत में मोस्ट वॉन्टेड परमजीत सिंह पंजवाड़ की भी पाकिस्तान में अज्ञात लोगों ने गोली मारकर हत्या की थी।

जैश का खूंखार आतंकी जहूर मिस्त्री की भी हत्या हुई थी। जहूर मिस्त्री कंधार विमान अपहरण कांड में शामिल था। वहीं, आतंकी बशीर अहमद मीर उर्फ इम्तियाज आलम को रावलपिंडी में गोली मार दी गई थी। हिजबुल मुजाहिदीन ने उसे लॉन्च पैड सँभालने की जिम्मेदारी थी और वह पाकिस्तान से जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ कराता था।

‘इजरायल के जालिमों फिलिस्तीन खाली करो’: धरने पर बैठीं महबूबा मुफ़्ती ने दी ‘बंदूक उठाने’ वाली धमकी, बोलीं – जुल्म बंद नहीं हुआ तो…

इजरायल पर हमास द्वारा किए गए आतंकी हमले के जवाब में इजरायल-हमास के बीच 15वें दिन भी युद्ध जारी है। इजरायली सेना लगातार गाजा में हमास के ठिकानों को निशाना बना रही है। इसी बीच पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती भी खुलेआम फिलिस्तीन के समर्थन में उतर आई हैं। 

महबूबा मुफ़्ती ने श्रीनगर में सड़क पर उतरकर फिलिस्तीन का झंडा लिए हुए विरोध-प्रदर्शन किया। जिसका वीडियो भी वायरल हुआ है जिसमें वह इजरायल का विरोध और फिलिस्तीन का समर्थन करती नजर आती हैं। हालाँकि, पूरे प्रदर्शन में उन्होंने हमास के आतंकियों के खिलाफ एक शब्द भी नहीं बोला। 

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, वह फिलिस्तीन का झंडा लिए सड़क पर बैठ कर विरोध-प्रदर्शन कर रही थीं। उन्होंने इजरायल गो बैक के नारे लगाते हुए कहा, “फिलिस्तीन में 1500 बच्चे मारे गए हैं और पूरी दुनिया तमाशा देख रही है। अगर इजरायल को फिलिस्तीन पर जुल्म करने से नहीं रोका गया तो नतीजा खतरनाक होगा। पूरी दुनिया को इजरायल पर दबाव बना, जंगबंदी को लागू कराना चाहिए।”

गो बैक इजरायल गो बैक के नारेबाजी कर रहे पीडीपी के प्रदर्शनकारियों ने कहा कि इजरायल को गाजा पट्टी पूरी तरह से खाली कर फिलिस्तीनियों को उनका हक दे देना चाहिए। प्रदर्शन में शामिल महबूबा मुफ्ती ने कहा कि फिलिस्तीन के हालात अत्यंत गंभीर हैं। और पूरी दुनिया तमाशा देख रही है। किसी को भी फिलिस्तीन में 1500 बच्चों की मौत नजर नहीं आ रही है।

इतना ही नहीं महबूबा मुफ्ती के नेतृत्व में पीडीपी कार्यकर्ताओं ने भी आज पार्टी मुख्यालय के बाहर फिलिस्तीन के समर्थन में धरना दिया। धरने पर बैठे पीडीपी नेताओं व कार्यकर्ताओं ने इजरायल के खिलाफ और फिलिस्तीनियों के समर्थन में लिखे नारों वाले बैनर और तख्तियाँ ले रखी थी। 

वहीं महबूबा मुफ्ती ने रूस-यूक्रेन युद्ध का हवाला देते हुए कहा कि जब यूक्रेन में दो वर्ष के भीतर 500 बच्चे मारे गए तो पूरा विश्व चीखने लगा था। आज फिलिस्तीन में हजारों की संख्या में लोग मारे जा रहे हैं तो कोई बात नहीं कर रहा है। हम दुनिया भर के देशों से अपील करते हैं कि इजरायल पर दबाव बनाकर सीजफायर कराओ। अगर इजरायल का यह जुल्म बंद नही कराया गया तो इसके नतीजे बहुत खतरनाक होंगे।

इतना ही नहीं उन्होंने लगभग धमकी देते हुए कहा कि यदि इजरायल का यह जुल्म बंद नहीं हुआ तो और भी लोग बन्दूक उठाएँगे। इससे दुनिया में और भी अधिक हालात खराब होंगे। इसलिए हम कहते हैं कि इजरायल के जालिमों फिलिस्तीन को खाली करो। 

गौरतलब है कि हमास द्वारा इजरायल पर किए गए आतंकी हमले में जहाँ करीब 1400 लोग मारे गए हैं वहीं 200 से अधिक के बंधक बनाए जाने की बात भी सामने आई है। इसके बाद गाजा पर इजरायल द्वारा की गई कार्रवाई में सैकड़ों बच्चों सहित करीब 4,137 लोगों के मारे जाने का दावा किया जा रहा है। जबकि दस लाख से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं। इसके अलावा 13,000 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं।

‘इस्लाम कबूल करो या मौत चुनो’: 17 साल की हिन्दू लड़की ने की आत्महत्या, कुछ दिन पहले ही जेल से छूट कर आए थे अदनान और अब्दुल, हिजाबी अन्नू सिंह भी धराई

उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में एक नाबालिग हिन्दू लड़की ने आत्महत्या कर लिया है। मृतका के पिता ने अदनान आफ़ताब, अब्दुल कयूम के साथ अन्नू सिंह नाम की एक लड़की पर अपनी बेटी को आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज कर के तीनों आरोपितों को हिरासत में ले लिया है। घटना शुक्रवार (20 अक्टूबर, 2023) की है।

यह घटना सीतापुर जिले के थाना क्षेत्र कोतवाली देहात की है। मृतका के पिता ने इस मामले में थाने में तहरीर दी है। तहरीर में उन्होंने बताया कि शुक्रवार को वो अपनी नौकरी करने चले गए थे। इसी दौरान उनकी पत्नी बच्चों को लाने स्कूल चली गई। सुबह लगभग 10:45 पर जब मृतका की माँ घर लौटी तो पाया कि उनकी 17 साल की बेटी फाँसी के फंदे से लटकी हुई है। जब तक लड़की को फंदे से उतारा गया तब तक उसकी जान निकल चुकी थी।

शिकायत में मृतका के पिता का आरोप है कि उनकी नाबालिग बेटी को लम्बे समय से अदनान आफ़ताब, अब्दुल कयूम के साथ अन्नू नाम की एक लड़की परेशान कर रही थी। इन सभी ने मिल कर पीड़िता पर कई बार इस्लामी धर्मांतरण का दबाव दिया जिस से वो अक्सर मानसिक तनाव में रहती थी। पीड़ित परिवार की तरफ से अदनान और कयूम पर 14 अगस्त, 2023 को छेड़खानी की FIR भी दर्ज करवाई गई थी। तब दोनों आरोपितों ने स्कूल से लौट रही पीड़िता से छेड़छाड़ की थी।

इस मामले में दोनों की गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई भी हुई थी। पीड़िता के पिता ने आगे बताया कि उनके द्वारा दर्ज करवाई गई FIR में दोनों आरोपित जेल चले गए थे। कुछ दिनों बाद दोनों जेल से छूट कर आए तो वो लड़की पर केस में समझौते का दबाव बनाने लगे। जब लड़की ने इनकार किया तो उसकी एडिटेड फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकियाँ दी जाने लगीं। लड़की के पिता के मुताबिक, उसको आरोपितों ने 2 रास्ते दिए थे – पहला इस्लाम कबूलने का और दूसरा मौत का।

अपनी बेटी को इन धमकियों से काफी परेशान बता कर मृतका के पिता ने आत्महत्या की वजह इसी दबाव को बताया है। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है। आखिरकार 20 अक्टूबर को लड़की ने फाँसी लगा कर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने पीड़िता के पिता की शिकायत पर अदनान आफ़ताब, अन्नू और अब्दुल कय्यूम पर IPC की धारा 306 और 506 के तहत FIR दर्ज कर लिया। तीनों आरोपितों को हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस मामले की जाँच कर रही है।

ऑपइंडिया के पास अरोपिता अन्नू की तस्वीरें मौजूद हैं। तस्वीरों में वह हिजाब में दिख रही है। एक अन्य तस्वीर में वह किसी इस्लामी इबादतगाह के आगे खड़ी दिखाई दे रही है। सीतापुर जिले के पत्रकार अभिमन्यु सिंह ने ऑपइंडिया के मृतका के पिता से बातचीत की वीडियो भेजी। वीडियो में पीड़िता के पिता ने बताया कि तीनों आरोपित लगातार उनकी बेटी को फोन कर के तनाव दे रहे थे। मृतका के पिता ने तीनों आरोपितों के घर पर बुलडोजर चलवाने की भी माँग की है।

मृतका द्वारा की गई पहली FIR में लड़की के वकील ने बताया कि आरोपित अब्दुल कय्यूम और आफ़ताब अक्सर हिन्दू बन कर छेड़छाड़ की घटनाओं को अंजाम दिया करते थे। ये सभी कलावा आदि बाँधा करते थे। उन्होंने बताया कि लड़की द्वारा आरोपितों के खिलाफ कोर्ट में दिए गए बयान के बाद ही सभी आरोपित उसके पीछे पड़ गए थे। वकील ने इस घटना को ‘लव जिहाद’ बताया और शासन-प्रशासन से कठोर कार्रवाई की आशा जताई।

वकील ने दावा किया कि सीतापुर और आसपास के जिलों में कम से कम 5 से 10 हजार लड़कियाँ ‘लव जिहाद’ की शिकार बनी हैं जो एक गैंग द्वारा टारगेट की गईं हैं। उन्होंने कहा कि इसमें से कई लड़कियों ने तो धर्म परिवर्तन भी कर डाला है।

कॉन्ग्रेस के विधानसभा अध्यक्ष से भिड़ेंगे महाराणा प्रताप के वंशज! BJP की सूची में वसुंधरा राजे का भी नाम, कॉन्ग्रेस ने अशोक गहलोत और सचिन पायलट को मैदान में उतारा

राजस्थान में कॉन्ग्रेस की पहली और भाजपा की दूसरी सूची आ गई है। सबसे रोचक मुकाबला मेवाड़ के नाथद्वारा में होने वाला है, जहाँ महाराणा प्रताप के वंशज विश्वराज सिंह और कॉन्ग्रेस के विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी भिड़ेंगे। विश्वराज हाल ही में भाजपा में आए हैं। जहाँ भाजपा ने 83 प्रत्याशियों की सूची जारी की है, वहीं कॉन्ग्रेस ने 33 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम बताए हैं। खास बात ये है कि भाजपा की तरफ से पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे भी लड़ने वाली हैं। उन्हें झालरापाटन से चुनावी मैदान में उतारा गया है।

वो 5वीं बार इस झालावाड़ जिले में स्थित इस सीट से चुनाव लड़ने वाली हैं। इसे भाजपा का अभेद्य दुर्ग भी कहा जाता है। वहीं कॉन्ग्रेस की सूची में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उप-मुख्यमंत्री सचिन पायलट का नाम भी शामिल है। जहाँ अशोक गहलोत सरदारपुरा से उतरेंगे, वहीं सचिन पायलट को उनके गृह क्षेत्र टोंक से लड़ने के लिए उतारा गया है। राजस्थान की 200 सीटों पर 25 नवंबर को मतदान होने वाला है। मतगणना 3 दिसंबर को होगी।

भाजपा इससे पहले 1 अक्टूबर को ही 41 सीटों के लिए उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर चुकी है। हालाँकि, भाजपा की नई सूची में किसी भी सांसद का नाम नहीं है। मध्य प्रदेश में 3 केंद्रीय मंत्रियों समेत 7 सांसदों को पार्टी ने टिकट दिया है। पहली लिस्ट में राजस्थान में भी 7 सांसदों को टिकट दिया गया था, लेकिन इनमें से कइयों का विरोध भी हुआ। नई सूची में वसुंधरा राजे गुट के कई नेताओं का नाम न होने की बात भी कही जा रही है। हाल ही में स्थिति का निरीक्षण करने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा भी राजस्थान पहुँचे थे।

चित्तौड़गढ़ के विधायक चंद्रभान सिंह आक्या का टिकट काटा गया है। भाजपा ने नरपत सिंह राजवी को चित्तौरगढ़ से उतारा है, जो विद्याधर नगर से हैट्रिक लगा चुके हैं। वहाँ से अब जयपुर राजघराना की दीया कुमार को उतारा गया है, जो फ़िलहाल सांसद हैं। मालवीय नगर से चौथी बार कालीचरण सराफ को टिकट दिया गया है। नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ की सीट बदल कर चूरू की जगह तारा नगर कर दिया गया है। उपनेता प्रतिपक्ष सतीश पूनियाँ फिर से आमेर से ही लड़ेंगे।

राहुल गाँधी पागल, मंदबुद्धि और वंशहीन: समाजवादी पार्टी ने नीतीश कुमार का लिया पक्ष, कहा- मुलायम सिंह कॉन्ग्रेस को बताते थे दुश्मन नंबर-1

मध्य प्रदेश में वादा करके समाजवादी पार्टी को एक भी सीट नहीं देने से अखिलेश यादव और कॉन्ग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ से शुरू हुई बयानबाजी अब राहुल गाँधी तक जा पहुँची है। समाजवादी पार्टी के नेता एवं पूर्व मंत्री आईपी सिंह ने राहुल गाँधी के कई अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया है।

आईपी सिंह ने कॉन्ग्रेस और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का जिक्र करते हुए X पर अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “महागठबंधन की पहल बिहार के 8 बार के यशस्वी CM अति सरल पटेल नीतीश कुमार जी ने की। एक एक पार्टियों को जोड़े और उन्हें महागठबंधन का नेता बनाने के बजाय कॉन्ग्रेस खेल पर उतर आयी।”

उन्होंने आगे कहा, “2019 में चौकीदार चोर है उस पागल मंदबुद्धि राहुल गाँधी के सहारे कॉन्ग्रेस अपने बलबूते चली है मोदी जी को हराने असंभव। जो व्यक्ति अपने सगे भाई वरुण गाँधी जी को नहीं जोड़ पाया वह झूठा मोहब्बत बाँट रहा है। कॉन्ग्रेस की सात पुश्तें समाजवादी पार्टी की कभी कुछ बिगाड़ नहीं पायेंगी। वैसे राहुल गाँधी वंशविहीन हैं। ननिहाल वैसे उनके लिए मुफीद जगह है।”

समाजवादी पार्टी के संस्थापक समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम यादव का जिक्र करते हुए आईपी सिंह ने कहा, “श्रद्धेय नेता जी कहते थे कॉन्ग्रेस दुश्मन नम्बर एक पार्टी है। उसे कॉन्ग्रेसी बार-बार अपने आचरण से साबित करते हैं। 2004-2014 तक सहयोगी दलों के साथ क्या बर्ताव किया सारा हिन्दुस्तान जानता है। 2004 में बीजेपी को सत्ता से बाहर का रास्ता श्रद्धेय नेता जी ने 39 सीटें जीतकर दिखाया। बीजेपी 8 सीट पर यूपी में सिमट गयी और 10 वर्ष खड़ी नहीं हो पायी।”

उन्होंने आगे कहा, “सत्ता मिलते ही नेता जी का उत्पीड़न कॉन्ग्रेस ने शुरू कर दिया। केंद्र सरकार से राहुल गाँधी ने समाजवादियों को दूर रखा। माननीय लालू यादव जी को मुसीबत में इसी राहुल गाँधी ने अपनी नादानी से डाला। उसके बाद मोदी ने उन्हें जेल में डाल दिया, जहाँ उनकी किडनी खराब हो गयी। तबसे वे बेचारे जीवन और मौत से जूझ रहे हैं, क्योंकि वे पिछड़े वर्ग के बड़े नेता हैं।”

सपा नेता ने कहा, “बिना PDA के कॉन्ग्रेस कुछ नहीं कर पायेगी। देश में तुम्हारे पैदल यात्रा से उत्तर भारत में कोई फर्क नहीं पडने वाला। जातिगत जनगणना परिवर्तन का मूल आधार बन रहा है, जिसे कॉन्ग्रेस ने भी बीजेपी के साथ रोक रखा था। बिहार ने उसकी पहल कर दी। अब कोई माई का लाल नहीं रोक सकता। जिसकी जितनी संख्या भारी उतनी उसकी हिस्सेदारी।”

इससे पहले समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने कॉन्ग्रेस पर तंज कसा था। उन्होंने हरदोई में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि आज कॉन्ग्रेस पिछड़ा वर्ग (OBC) का राग अलाप रही है, लेकिन ये वही कॉन्ग्रेस है जिसने जाति जनगणना के आँकड़े सार्वजनिक नहीं किए थे।

अखिलेश यादव ने कहा, “कॉन्ग्रेस अब मुखर हुई है। ये वही कॉन्ग्रेस पार्टी है जिसने जाति जनगणना के आँकड़े नहीं दिए, जाति जनगणना नहीं होने दिए। ये चमत्कार है, क्योंकि अब सबको अहसास हो गया है कि जब तक पिछड़े-दलित, आदिवासी और अल्पसंख्यक भाइयों का साथ नहीं लोगे, आप कामयाब नहीं होगे।”

समाजवादी पार्टी प्रमुख ने आगे कहा, “प्रधानमंत्री जी खुद कहते हैं कि हम पिछड़े हैं। पिछड़े, दलित, आदिवासी और कुछ अगड़े जाति जनगणना की माँग कर रहे हैं तो उसमें क्या बात है। ये चमत्कार है कि कॉन्ग्रेस भी चमत्कार में आ गई कि उन्हें भी जाति जनगणना चाहिए, क्योंकि वो जानते हैं कि वो वोट जो उनसे जुड़ते थे अब वो उनके साथ नहीं है।”

अखिलेश यादव ने मध्य प्रदेश कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ के ‘अखिलेश-वखिलेश’ वाले बयान पर भी सीधी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जिसके नाम में ही कमल हो तो वो वखिलेश ही कहेंगे, अखिलेश तो नहीं कहेंगे। कमलनाथ को छोटा नेता बताते हुए उन्होंने कहा, “मैं कॉन्ग्रेस के बड़े नेताओं से अपील करूँगा कि अपने छोटे नेताओं से इस तरह के बयान न दिलवाएँ।”

समाजवादी पार्टी के प्रमुख ने कहा, “ये बात तो ठीक कही उन्होंने… वखिलेश कौन है… अखिलेश तो है ना… तो अगर ये बातें कहेंगे तो समाजवादी पार्टी भी इन बातों को कह सकती है, लेकिन हम उन उलझनों में नहीं फँसना चाहते हैं। कमलनाथ जी से हमारे संबंध बहुत अच्छे हैं। नाम देखो उनका कितना अच्छा है। जिनके नाम में ही कमल हो तो वो वखिलेश ही कहेंगे, अखिलेश तो नहीं कहेंगे ना।” 

दरअसल, कॉन्ग्रेस ने मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में सारे सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। इसके बाद अखिलेश यादव ने कहा था कि कॉन्ग्रेस ने वहाँ समाजवादी पार्टी को 6 सीटें देने की बात कही थी, लेकिन सारे सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार दिए। अखिलेश कहा था, “अगर उन्हें पता होता कि राज्यों के स्तर पर गठबंधन नहीं है तो वो कभी किसी बैठक में जाते ही नहीं।”

कॉन्ग्रेसियों ने फूँका दिग्विजय सिंह और कमलनाथ का पुतला: MP में मतदान से पहले ही पार्टी में कलह, पूर्व CM के बँगले के सामने ही कार्यकर्ताओं ने कराया मुंडन

कॉन्ग्रेस में टिकट वितरण से दुखी कई नेताओं ने शुक्रवार (20 अक्टूबर, 2023) को भोपाल में प्रदेश कॉन्ग्रेस कार्यालय और कमल नाथ के बंगले के सामने जमकर विरोध प्रदर्शन और पुतला दहन किया। कॉन्ग्रेसी कार्यकर्ताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री और कॉन्ग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ के बंगले के सामने हनुमान चालीसा का पाठ किया। वहीं बोंडगाँव में कमलनाथ का पुतला दहन भी किया गया।

दरअसल, जब से कॉन्ग्रेस ने मध्य प्रदेश चुनाव के लिए अपनी दूसरी सूची में 88 प्रत्याशियों के नामों का ऐलान किया है, उसके बाद से ही कॉन्ग्रेसी भड़के हुए हैं। उनकी नाराजगी बढ़ती जा रही है। इसी सिलसिले में बैरसिया से उम्मीदवार बनाई गईं जयश्री हरिकरण के विरोध में कॉन्ग्रेस के ही कार्यकर्ताओं ने कमलनाथ के बंगले के सामने मुंडन कराकर विरोध जताया। साथ ही कॉन्ग्रेस नेता दिग्विजय सिंह का पुतला भी फूँका।

मध्य प्रदेश में उम्मीदवारों की सूचि से कॉन्ग्रेस नेता ही खुश नजर नहीं आ रहे। विधानसभा प्रत्याशियों की दूसरी सूची आने के बाद भोपाल स्थित प्रदेश कार्यालय के बाहर भड़का विरोध अब कमल नाथ के बंगले तक पहुँच गया है। बैरसिया से आए कार्यकर्ताओं ने बंगले के गेट पर बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ करते हुए बैरसिया के प्रत्याशी का टिकट बदलने की माँग की। वहीं पीसीसी के सामने दिग्विजय सिंह का पुतला भी जलाया गया।

मौके पर विरोध प्रदर्शन को इकट्ठे कॉन्ग्रेसी कार्यकर्ता बंगले में घुसना चाह रहे थे, लेकिन वहाँ मौजूद गार्डों ने उन्हें रोक दिया। हालाँकि, प्रदर्शन करने वाले कार्यकर्ता दिग्विजय सिंह के समर्थक बताए जा रहे हैं। और यह आरोप लगाया जा रहा है कि टिकट वितरण में कमल नाथ ने अपने समर्थकों को टिकट दिलवा दिया। इसी बात से कार्यकर्ता नाराज हैं। वहीं, दतिया जिले की सेवड़ा विधानसभा से आए नेताओं ने भी कॉन्ग्रेस के राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह का पुतला फूँका। 

वहीं विधानसभा क्षेत्र हरदा-खिरकिया क्रमांक 135 में कॉन्ग्रेस द्वारा डॅा. रामकिशोर दोगने को प्रत्याशी घोषित करने के बाद विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। इस मामले में कॉन्ग्रेस नेता मंजीत सिंह ने शुक्रवार को अपने गृह ग्राम बोंडगाँव में कमल नाथ और हरदा प्रत्याशी डॅा. दोगने का पुतला दहन किया।

कॉन्ग्रेस नेता मंजीत सिंह ने राजपूत समाज की अनदेखी का आरोप लगाते हुए हरदा विधानसभा क्षेत्र का घोषित प्रत्याशी बदलने की माँग की है। बता दें कि कॉन्ग्रेस नेता मंजीत सिंह बघेल ने हरदा विधानसभा क्षेत्र से राजपूत समाज के व्यक्ति को टिकट देने की माँग की थी।

गौरतलब है कि इस पूरे मामले में राजपूत समाज के कई नेताओं ने कहा कि राजपूत समाज के नेता को टिकट देने की माँग वाली फेसबुक पोस्ट मंजीत सिंह की व्यक्तिगत सोच है, समाज का उस पोस्ट से कोई लेना-देना नहीं है। यहाँ तक कि राजपूत समाज का राजनीतिक पार्टियों से कोई लेना-देना नहीं है।

महुआ मोइत्रा देश में, लेकिन संसद में लॉगिन दुबई से? – आरोपों के बाद जानिए लोकसभा में कैसे पूछे जाते हैं सवाल: कितने तरह के होते हैं, क्या होता है इनका असर

तृणमूल कॉन्ग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा पर न सिर्फ घूस लेकर संसद में सवाल पूछने के आरोप लगे हैं, बल्कि कुत्ता चोरी की शिकायत भी उनके खिलाफ हुई है। अब झारखंड के गोड्डा से भाजपा के सांसद निशिकांत दुबे ने आरोप लगाया है कि महुआ मोइत्रा के संसद वाले अकाउंट में दुबई से लॉगिन होता था। उन्होंने कहा कि कुछ पैसे के लिए एक सांसद ने देश की सुरक्षा को गिरवी रखा, दुबई से संसद की आईडी खोले गए और उस वक़्त कथित सांसद भारत में ही थीं।

निशिकांत दुबे ने कहा, “इस NIC पर पूरी भारत सरकार है – देश के प्रधानमंत्री, वित्त विभाग, केन्द्रीय एजेंसी सभी। क्या अब भी TMC व विपक्षियों को राजनीति करनी है, निर्णय जनता का, NIC ने यह जानकारी जॉंच एजेंसी को दिया।” इसके बाद कई लोग इसे देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ बता रहे हैं। सवाल पूछे जा रहे हैं कि आखिर विदेशी धरती से किसी और को भारत के संसद की वेबसाइट पर लॉगिन कैसे करवाया जा सकता है?

बता दें कि कारोबारी दर्शन हीरानंदानी ने भी एक पत्र के माध्यम से अपने बयान में बताया था कि वो अक्सर महुआ मोइत्रा की संसद वाली आईडी से लॉगिन करते थे, क्योंकि सांसद ने उन्हें अपना पासवर्ड दिया हुआ था। उन्होंने बताया था कि वो संसद में महुआ मोइत्रा की तरफ से सवाल भी अपलोड करते थे। आरोप है कि इन सवालों के माध्यम से उद्योगपति गौतम अडानी और उनकी कंपनी समूह पर निशाना साधा जाता था। महुआ मोइत्रा पर ये खुलासे उनके पूर्व व्यक्तिगत दोस्त वकील जय अनंत देहाद्राई के एक पत्र के बाद हुआ था।

संसद में सांसदों के सवाल: जानिए इसके बारे में सब कुछ

अब आपको बताते हैं कि आखिर संसद में सवाल कैसे पूछे जाते हैं। ‘रूल्स ऑफ प्रोसीजर एन्ड कंडक्ट ऑफ बिजनेस इन लोकसभा’ के नियम 32-54 के तहत और ‘डायरेक्शन बाय स्पीकर, लोकसभा’ के के दिशानिर्देश 10-18 के तहत लोकसभा में सांसद सवाल पूछ सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले लोकसभा के सेक्रेटरी जनरल को नोटिस देनी होती है। इसमें बताया जाता है कि वो सवाल पूछना चाहते हैं। इसमें सवाल के साथ-साथ जिस मंत्री से सवाल पूछा गया है, उनके पद एवं विभाग का नाम होता है।

इसमें तारीख़ भी लिखी होती है, जब जवाब चाहिए। अगर एक ही दिन में एक से अधिक सवाल कोई सांसद पूछ रहा है तो उन्हें ‘ऑर्डर ऑफ प्रेफरेंस’ का जिक्र भी करना होता है, यानी किस सवाल को पहले प्राथमिकता दी जाए। मौखिक या लिखित रूप से जवाब के लिए कोई सांसद एक दिन में अधिकतम 5 सवाल पूछ सकता है। लोकसभा में ‘क्वेश्चन ऑवर’ में इसका जवाब दिया जाता है। सवाल के नोटिस की अवधि सामान्यतः 15 दिन से कम नहीं रहती है।

सांसदों को अगर सवाल पूछने हैं तो इसके 2 तरीके हैं – ऑनलाइन तरीका है ‘मेंबर्स’ पोर्टल का इस्तेमाल करना। वहाँ आईडी-पासवर्ड डाल कर लॉगिन करना होता है। दूसरा तरीका है – संसद के नोटिस ऑफिस से फॉर्म खरीदना। इसके बाद लोकसभा के स्पीकर निर्णय लेते हैं कि कौन से सवाल जाएँगे और कौन से नहीं। सवाल में 150 से अधिक शब्द नहीं होने चाहिए। इसमें किसी के लिए अपमानजनक बात नहीं होनी चाहिए। हाँ, देश की सुरक्षा या अखंडता को कमजोर करने वाली कोई सूचना नहीं माँगी जा सकती है।

साथ ही न्यायपालिका के समक्ष जो मुद्दे विचाराधीन हैं, उन्हें लेकर भी सवाल नहीं उठाए जा सकते। सवाल 4 तरह के होते हैं – स्टार्ड (Starred), अनस्टार्ड (Unstarred), शॉर्ट नोटिस क्वेश्चन और प्राइवेट मेंबर्स को संबोधित किए हुए सवाल। स्टार्ड सवाल के जवाब मंत्री मौखिक रूप से देते हैं। हर सांसद एक दिन में एक स्टार्ड सवाल ही पूछ सकता है और इसके लिए 15 दिन पहले नोटिस देना होता है। 1 दिन में ऐसे 20 सवालों के ही अधिकतम जवाब दिए जा सकते हैं। इसमें फिर सप्लीमेंट्री सवाल भी पूछे जा सकते हैं, मौखिक जवाब के बाद।

अनस्टार्ड सवालों पर मंत्रालय से लिखित जवाब आता है। 1 दिन में ऐसे 230 सवालों के जवाब दिए जाते हैं। इन्हें भी 15 दिन पहले पूछना होता है। हाँ, इसमें फॉलोअप सवाल की अनुमति नहीं होती। इसमें अधिकतर डेटा या रिसर्च को लेकर सवाल होते हैं, जबकि स्टार्ड में सरकारी नीतियों या सरकार के दृष्टिकोण को लेकर। शॉर्ट नोटिस सवाल 10 दिन एडवांस में पूछे जाते हैं और इनका जवाब मौखिक होता है। अगर कोई महत्वपूर्ण या त्वरित मुद्दा है तो उस पर ये सवाल पूछे जाते हैं।

प्राइवेट मेंबर वाले सवाल सांसद से ही पूछे जाते हैं। किसी मुद्दे में अगर वो सांसद शामिल है तो उस पर उससे सवाल पूछे जा सकते हैं। सवाल पूछना सांसदों का अधिकार है और इससे शासन-प्रशासन में भी मदद मिलती है। इन सवालों के जवाबों का इस्तेमाल सरकार किसी मुद्दे पर जनता की प्रतिक्रिया जानने के लिए भी कर सकती है। सरकार की कमियाँ भी इनसे उजागर होती हैं। कई बार इन सवालों के बाद संसदीय समितियाँ भी बनाई जाती हैं।

इस बातचीच में संसदीय आचार समिति अध्यक्ष विनोद सोनकर ने कहा था कि अगर किसी ने सांसद के लॉग-इन आईडी का इस्तेमाल किया है तो ये बहुत गंभीर अपराध है। उन्होंने कहा, “संसद के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है। यह बहुत ही अजीबोगरीब और गंभीर मामला है।” भाजपा सांसद विनोद सोनकर ने कहा कि संसदीय आचार समिति 26 अक्टूबर, 2023 को सभी सबूतों की जाँच करेगी। इसके लिए सभी शिकायतकर्ताओं को सबूत के साथ मौजूद रहने के लिए कहा गया है। उन्होंने यह भी कहा कि कार्रवाई दोनों पक्षों के समिति को दिए गए सबूतों पर निर्भर करेगी।

अंतरिक्ष में मानव भेजने की दिशा में ISRO ने हासिल की पहली सफलता, टीवी डी-1 टेस्ट सफल: पीएम मोदी ने दी शुभकामनाएँ

भारत ने अंतरिक्ष में मानव को भेजने की दिशा में पहला कदम बढ़ा दिया है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने शनिवार (21 अक्टूबर 2023) को सुबह 10 बजे मिशन गगनयान (Mission Gaganyaan) की टेस्ट फ्लाइट को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया। इस सफलता पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ISRO को बधाई दी है।

परीक्षण के सफल होने की जानकारी ISRO ने X (पूर्व में ट्विटर) पर साझा की। अपने पोस्ट में अंतरिक्ष शोध संस्थान ने कहा, “मिशन गगनयान। टीवी डी1 की परीक्षण उड़ान पूरी हो गई है। क्रू एस्केप सिस्टम ने इच्छानुसार प्रदर्शन किया। मिशन गगनयान सफल रहा।”

इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसरो के पोस्ट पर जवाब देते हुए बधाई दी। उन्होंने कहा, “यह प्रक्षेपण हमें भारत के पहले मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम गगनयान को साकार करने के एक कदम और करीब ले जाता है। हमारे वैज्ञानिकों को मेरी शुभकामनाएँ। @इसरो।”

इसरो ने आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से इसका सफल प्रक्षेपण किया। इसके जरिए 17 किलोमीटर की ऊँचाई पर क्रू एस्केप सिस्टम और क्रू मॉड्यूल लॉन्च किया गया है। इसके बाद श्रीहरिकोटा से लगभग 10 किलोमीटर दूर बंगाल की खाड़ी में इसकी सुरक्षित लैंडिंग हुई। इस मिशन में भारतीय नौसेना भी शामिल है।

गगनयान टीवी डी1 के तीन मुख्य पैराशूट सफल परीक्षण के कुछ मिनट बाद तैनात किए गए थे। इसरो के प्रमुख एस सोमनाथ ने कहा कि परीक्षण के सफल होने पर उन्हें बेहद खुशी हुई है। इस परीक्षण का उद्देश्य चालक दल के बाहर निकलने की प्रणाली का प्रदर्शन जाँचना था।

ISRO के मुताबिक, मानव को अंतरिक्ष में भेजने से पहले एजेंसी इसे पाँच स्तर पर प्लान की है, जिसमें चार बार टेस्टिंग फेज में काम होगा। सबसे पहले कई सारे ड्रॉप टेस्ट किए गए हैं। इसके जरिए यह सुनिश्चित किया गया है कि हवा से जमीन पर कैप्सूल गिरने से कोई नुकसान हो रहा है या नहीं।

इसके बाद टेस्ट व्हीकल मिशन को प्लान किया गया। शनिवार (21 अक्टूबर) को इसकी पहली उड़ान को सफलतापूर्वक पूरा किया गया। इसके अलावा पैड अबोर्ट टेस्ट और मानवरहित उड़ान भेजे जाएँगे। इन सभी टेस्ट फ्लाइट की सफलता के बाद अंत में मानव को एलवी मार्क III रॉकेट से अंतरिक्ष में भेजा जाएगा।

इस यान में सर्विस मॉड्यूल और कमांड मॉड्यूल बनाए जाएँगे। ये मॉड्यूल गगनयान मिशन के दौरान अलग-अलग जरूरतों को पूरा करेंगे। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने अंतरिक्ष यात्रियों को इस मिशन के लिए ट्रेनिंग देनी शुरू कर दी है।

इस अभियान में कुल 900 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। इससे पहले इसके लिए तीन वाहन परीक्षण किए जाने हैं। इनमें पहला वाहन परीक्षण मिशन टीवी-डी1 सफल रहा। अब दूसरा टीवी-डी2 मिशन और तीसरा परीक्षण एलवीएम3-जी1 का परीक्षण होगा। इस अभियान के तहत तीन अंतरिक्ष यात्रियों को 400 किलोमीटर की कक्षा में पहुँचाकर वापस सुरक्षित धरती पर लाया जाएगा। 

‘दिल दिल पाकिस्तान’ रोहित शर्मा ने नहीं बजने दिया स्टेडियम में, पाकिस्तान को हराने के लिए बाकी कप्तानों से एकदम अलग सोच: पढ़िए माइकल वॉन का खुलासा

क्रिकेट विश्व कप – 2023 के 12वें मैच में भारत ने पाकिस्तान को 19 ओवर शेष रहते हुए 7 विकेट से हरा दिया। भारत से बुरी तरह से हार जाने के बाद, पाकिस्तान के खिलाड़ियों और प्रबंधन के पास कोई खास बहाना नहीं बचा था, फिर भी वे बड़ी मेहनत से बहाना ढूँढने में कामयाब रहे। मैच के बाद बोलते हुए, पाकिस्तान के कोच मिकी आर्थर ने शिकायत की कि उन्हें मैच के दौरान कहीं भी डीजे की धुन ‘दिल दिल पाकिस्तान’ सुनने को नहीं मिली। 

अपनी अजीबोगरीब टिप्पणी से मिकी आर्थर पूर्व क्रिकेटरों और प्रशंसकों के मजाक का विषय बन गए हैं। आर्थर के इस अतरंगी बहाने के बारे में बात करते हुए, इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने कहा, “इसमें कोई शक नहीं, यह रोहित शर्मा का मास्टरस्ट्रोक रहा और इस कदम ने उन्हें गेम जीता दिया। जिसका पाकिस्तान के कोच ने बाद में इसका संकेत भी दिया, कुछ नहीं रोहित ने ही डीजे वाले से साफ़-साफ़ कहा- बस करो ‘दिल दिल पाकिस्तान’ मत चलाओ।”

एशेज विजेता कप्तान ने आगे कहा, “अगर वे ‘दिल दिल पाकिस्तान’ बजाते, तो पाकिस्तान जीत जाता। मैच से पहले वह गाना न बजाएँ। सुनिश्चित करें कि वे उस प्रेरणादायक गीत को न सुनें जो स्पष्ट रूप से उन्हें इतना अच्छा खेलने के लिए प्रेरित करता है।”

आर्थर पर कटाक्ष करते हुए इस खास रणनीति के लिए रोहित शर्मा की प्रशंसा करते हुए वॉन ने कहा, “यही वह चतुराई थी। ज्यादातर कप्तान ऐसी चीजों के बारे में नहीं सोचते। डीजे, संगीत, रोहित अपने समय से आगे हैं।”

दरअसल, इंग्लैंड के पूर्व कप्तान वॉन ऑस्ट्रेलियाई पूर्व क्रिकेटर एडम गिलक्रिस्ट के साथ ‘क्लब प्रेयरी फायर’ पॉडकास्ट के दौरान बोल रहे थे। ऐसे में पूर्व ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी एडम गिलक्रिस्ट अपने हमवतन और अब पाकिस्तान के कोच मिकी आर्थर पर किए गए इस क्रूर कटाक्ष पर अपनी हँसी नहीं रोक सके।

वॉन ऐसे अकेले पूर्व क्रिकेटर नहीं हैं जो भारत से हार के बाद मिकी आर्थर द्वारा बनाए गए अजीब बहाने पर हँस रहे हैं। बल्कि ऑस्ट्रेलिया से पाकिस्तान की हार के दौरान, पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज आकाश चोपड़ा ने भी बहाना बनाया और पाकिस्तान-ऑस्ट्रेलिया मैच के दौरान जब पाकिस्तान विकेट लेने के लिए संघर्ष कर रहा था, तब डीजे से ‘दिल दिल पाकिस्तान’ गाना बजाने के लिए कहा।

गौरतलब है कि अपने पहले 2 मैच जीतने के बाद, पाकिस्तान अब बैक-टू-बैक दो मैच हार गया है और यहाँ तक कि उसका नेट रन रेट भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। ऐसे में मिकी आर्थर उम्मीद कर रहे होंगे कि वे जल्दी से वापसी कर सकें और फिर से जीतना शुरू कर सकें ताकि लोग उनके अजीब बहाने को भूल जाएँ।

जस्टिन ट्रुडो गए मस्जिद में अपनापन दिखाने, कट्टर मुस्लिम भीड़ ने दी गालियाँ, बेइज्जती के बाद मुँह लटका कर बाहर निकले

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो शुक्रवार (20 अक्टूबर 2023) को अपने देश की एक मस्जिद में लोगों से औपचारिक मुलाकात के लिए गए थे। इस दौरान वहाँ मौजूद मुस्लिम समुदाय के लोगों के भारी विरोध का सामना उन्हें करना पड़ा। मस्जिद में मौजूद भीड़ ने इजरायल-हमास युद्ध में ट्रूडो के रुख और बयान की आलोचना की। इस दौरान कनाडा के प्रधानमंत्री से उनका बयान वापस लेने की माँग भी की गई।

कनाडा की न्यूज़ एजेंसी द टोरंटो सन के मुताबिक शुक्रवार को एक मस्जिद में जाने के दौरान जस्टिन ट्रूडो को ‘शर्म करो-शर्म करो’ जैसी नारेबाजी का सामना करना पड़ा। इस दौरान मस्जिद में मौजूद और विरोध में शामिल एक व्यक्ति को कार्यक्रम के आयोजकों से यह माँग करते भी सुना गया कि जस्टिन ट्रुडो को माइक पर बोलने की अनुमति न दी जाए। हालाँकि जस्टिन ट्रुडो को माइक दिया गया। अपने सम्बोधन में कनाडा के PM ने कहा, “इस कठिन समय में अपने साथ प्रार्थना की अनुमति देने का धन्यवाद।”

इस घटनाक्रम का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में हिजाब पहनी एक महिला को हाथ में तख्ती लिए देखा जा सकता है। तख्ती में ‘गाजा में नरसंहार रोको’ लिखा हुआ है। साथ ही कई अन्य लोग भारी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद जस्टिन ट्रुडो को चिढ़ाते भी दिखे।

कनाडा के प्रधानमंत्री कार्यालय ने जस्टिन ट्रुडो के दौरे की पुष्टि की है। कनाडा के मुस्लिम संगठनों द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम फिलिस्तीनी मुस्लिमों के प्रति अपनापन दिखाने के मकसद से था।

कनाडा के प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जारी विज्ञप्ति के मुताबिक जस्टिन ट्रुडो इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष को लेकर काफी चिंतित हैं। इसी के साथ ही शांति स्थापना में कनाडा द्वारा अधिकतम सहयोग का भी एलान किया गया है।

चित्र साभार- X/@AhmarSKhan

बताते चलें कि कनाडा ने इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष के दौरान देश में मौजूद इस्लामी कट्टरपंथियों को संतुष्ट करने के लिए तमाम कदम उठाए हैं। इसमें कनाडा की मीडिया को हमास के लड़ाकों को आतंकी न कहने के निर्देश भी शामिल हैं। इसी साल अक्टूबर के महीने में ही यहाँ के ओंटारियो के मिसिसॉगा में सेलिब्रेशन स्क्वायर पर हुए एक प्रदर्शन के दौरान फिलिस्तीनी और तालिबानी आपस में भिड़ गए थे।