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कनाडा ने वापस बुलाए 41 राजनयिक, भारत ने 20 अक्टूबर तक का दिया था समय: खालिस्तान से जस्टिन ट्रूडो की हमदर्दी संबंधों पर भारी

भारत ने कनाडा को चेतावनी दी थी कि वो अपने राजनयिकों को वापस बुला ले, वर्ना 20 अक्टूबर को उन सभी की ‘डिप्लोमेटिक इम्यूनिटी’ छीन ली जाएगी। ऐसा करने का मतलब होगा कि वो सभी राजनयिक महज विदेशी नागरिक होकर रह जाएँगे, जिनपर भारत के कानून लागू होंगे। अब कनाडा ने हड़बड़ाहट में 21 राजनयिकों को छोड़कर बाकियों को कनाडा वापस बुला लिया है। भारत में कनाडा के कुल 62 राजनयिक और उनके परिवार के लोग रह रहे थे।

राजनयिकों के भारत से निकलने के साथ ही कनाडा और भारत के बीच तनाव चरम पर पहुँच गया है, जिसकी शुरुआत कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने की थी। उन्होंने एक खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की कनाडा में हुई हत्या में भारत पर आरोप लगाए थे और अपने देश की संसद में भी बयान दिया था। हालाँकि, भारत ने स्पष्ट तौर पर उनके आरोपों को खारिज कर दिया था।

भारत से 41 कनाडाई राजनयिकों और उनके परिजनों के वापस लौटने के बाद भारत में कनाडा के ऑपरेशन पर बुरा असर पड़ा है। कनाडा की विदेश मंत्री मेलानी जोली ने कहा कि चंडीगढ़, मुंबई और बेंगलुरु स्थित तीनों वाणिज्य दूतावासों में सभी व्यक्तिगत सेवाओं को रोक दिया है। वहीं सीमित स्तर पर सभी कामकाज दिल्ली स्थित दूतावास से ही होंगे।

कनाडा की विदेश मंत्री ने कही ये बात

कनाडा की विदेश मंत्री मेलानी जोली इस बारे में बयान देते हुए कहा, “भारत ने 20 अक्टूबर तक 21 राजनयिकों को छोड़कर बाकी सभी की ‘डिप्लोमेटिक इम्यूनिटी’ गलत तरीके से खत्म कर दी थी। इसकी वजह से 41 राजनयिकों और उनके 42 परिजनों की व्यक्तिगत सुरक्षा को भी खतरा था। इसलिए हमनें सभी को हटा लिया है। इसमें कोई संदेह नहीं है कि इस निर्णय से दोनों देशों के बीच कामकाज में दिक्कत आएगी। दुर्भाग्य से हमें चंडीगढ़, मुंबई और बेंगलुरु स्थित वाणिज्य दूतावासों में व्यक्तिगत सेवाएँ रोकनी पड़ रही हैं।”

निज्जर की हत्या के आरोप लगाने के बाद गर्माया मामला

जस्टिन ट्रूडो द्वारा संसद में भारत पर आरोप लगाए जाने के बाद से ही भारत और कनाडा के बीच राजनयिक तनाव बढ़ने लगा था। भारत ने कनाडा में वीजा सेवाओं को रोक दिया था, तो कनाडा ने भी इन सुविधाओं को कम कर दिया था। अभी 21 राजनयिक दिल्ली स्थित दूतावास से ही काम कर पाएँगे। कनाडा ने कुल 41 राजनयिकों और उनके परिजनों को वापस बुला लिया है। भारत ने कहा था कि कनाडा के राजनयिक ज्यादा संख्या में भारत में हैं और वो गलत कामों को अंजाम दे रहे हैं। भारत ने कनाडा को 21 राजनयिकों को छोड़कर बाकियों को वापस बुलाने के लिए 20 अक्टूबर तक का समय दिया था।

बता दें कि भारतीय विदेश मंत्रालय ने राजनयिकों की संख्या का मसला कई बार कनाडा के सामने उठाया था। भारत ने साफ शब्दों में कहा था कि दोनों देशों की राजनयिकों की संख्या में असमानता है। जितने भारतीय राजनयिक कनाडा में हैं, उससे कहीं अधिक कनाडाई राजनयिक भारत में हैं।

भारत का यह निर्णय दोनों देशों के बीच जारी रस्साकशी के बीच आया है। 18 सितम्बर, 2023 को कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने भारत पर खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या करवाने का आरोप लगाया था। इसके बाद कनाडा ने एक भारतीय राजनयिक को भी निष्कासित किया था।

भारत ने इसका कड़ा विरोध करते हुए बदले में एक कनाडाई राजनयिक को निष्कासित किया था। भारत ने कनाडा के आरोपों को भी खारिज किया था। इसके साथ ही भारत ने कनाडाई राजनयिकों पर भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने के आरोप भी लगाए थे। भारत ने कहा था कि कनाडा आतंकियों और अपराधियों को शरण देता है।

‘केस वापस ले लो, कुत्ता लौटा दूँगी’: महुआ मोइत्रा का ‘ऑफर’ हाईकोर्ट में खुला, TMC सांसद के वकील ने केस छोड़ा

तृणमूल कॉन्ग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा द्वारा भाजपा सांसद निशिकांत दुबे और एडवोकेट जय अनंत देहाद्राई के खिलाफ दायर मानहानि मुदकमे की सुनवाई के दौरान शुक्रवार (20 अक्टूबर 2023) को दिल्ली हाईकोर्ट में अजीब सी स्थिति उत्पन्न हो गई। देहाद्राई ने खुली अदालत में आरोप कि मोइत्रा के वकील गोपाल शंकरनारायणन ने गुरुवार (19 अक्टूबर 2023) को उनसे संपर्क कर मोइत्रा के खिलाफ शिकायत वापस लेने को कहा था। इसके बाद शंकरनारायणन ने इस केस से खुद को अलग कर लिया।

देहाद्राई ने दावा किया कि एडवोकेट शंकरनारायणन ने कुत्ता हेनरी को देने और सीबीआई में दायर महुआ के खिलाफ शिकायत को वापस लेने की बात की थी। उस बातचीत की रिकॉर्डिंग उनके पास मौजूद है। बता दें कि देहाद्राई और महुआ के बीच कुत्ता ही असली विवाद का जड़ है। दोनों ने एक दूसरे पर हेनरी को चुराने का आरोप लगाते हुए दिल्ली पुलिस में शिकायत की है।

उधर, जय अनंत देहाद्राई ने कोर्ट से आगे कहा, “यह बहुत परेशान करने वाली बात है। हितों का बहुत गंभीर टकराव है। उन्होंने मुझसे 30 मिनट तक बात की। उन्होंने मुझसे कुत्ते के बदले में सीबीआई की शिकायत वापस लेने के लिए कहा। वह इस मामले में पेश नहीं हो सकते। मेरे पास रिकॉर्डिंग है।” शंकरनारायणन ने स्वीकार किया कि उन्होंने वास्तव में देहाद्राई से संपर्क किया था।

शंकरनारायणन ने कोर्ट को बताया कि वह देहाद्राई को जानते थे, क्योंकि देहाद्राई ने उन्हें विभिन्न मामलों में पेश होने के लिए पहले ही जानकारी दे दी थी। उन्होंने कहा, “जय ने मुझे पहले भी निर्देश दिया है। इसीलिए जब मुझसे इस मामले में पेश होने के लिए कहा गया तो मैंने अपने मुवक्किल से कहा कि मुझे उससे बात करने दीजिए। वह सहमत हो गई।”

इस पर न्यायमूर्ति सचिन दत्ता ने कहा कि वे इस आरोप से स्तब्ध हैं और इससे हितों का टकराव हो सकता है। जज दत्ता ने कहा, “आप एक ऐसे व्यक्ति हैं जिनसे उच्चतम पेशेवर मानक बनाए रखने की उम्मीद की जाती है। यदि आप प्रतिवादी नंबर 2 के संपर्क में रहे हैं तो इसका मतलब है कि आपने मध्यस्थ की भूमिका निभाई है।”

कोर्ट की इस टिप्पणी के बाद एडवोकेट शंकरनारायणन ने इस मामले से हटने का निर्णय लिया। अब अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई 31 अक्टूबर 2023 को तय की है। दरअसल, देहाद्राई ने सीबीआई को पत्र लिखकर कहा था कि महुआ मोइत्रा ने दर्शन हीरानंदानी के हित में और अदानी समूह के खिलाफ संसद में सवाल पूछे थे और इसके पक्ष में उनके पास अकाट्य सबूत हैं।

इस आधार पर भाजपा सासंद ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर कार्रवाई की माँग की थी। फिर मोइत्रा ने दुबे, देहाद्राई और कई मीडिया संस्थानों के खिलाफ मानहानि का आरोप लगाते हुए अदालत का रुख कर किया है। आरोप है कि महुआ मोइत्रा ने उद्योगपति दर्शन हीरानंदानी से नकदी और उपहार के रूप में रिश्वत लेकर हीरानंदानी के लिए सवाल पूछे थे।

हालाँकि, महुआ मोइत्रा ने इन आरोपों का खंडन किया, लेकिन हीरानंदनी समूह ने एक पत्र जारी कर इसे सही बताया। हीरानंदानी का हस्ताक्षरित बयान गुरुवार को मीडिया में आया, जिसमें उन्होंने देहाद्राई के दावों की पुष्टि की और कहा कि उन्होंने अदानी समूह को लक्षित करने वाले संसद में प्रश्नों का मसौदा तैयार करने के लिए मोइत्रा के संसदीय लॉगिन का उपयोग किया। हालाँकि, हीरानंदानी के इस बयान पर भी महुआ ने सवाल उठाया है।

यह मामला संसद की आचार समिति के पास पहुँच गया है। सांसद निशिकांत दुबे द्वारा शिकायत करने के बाद स्पीकर ओम बिरला ने इसे एथिक्स कमिटी के पास भेज दिया था। दर्शन हीरानंदानी को अभी तक सीबीआई या एथिक्स कमेटी या किसी भी जाँच एजेंसी द्वारा तलब नहीं किया गया है। बता दें कि सांसद महुआ मोइत्रा और एडवोकेट जय अनंत पार्टनर रह चुके हैं।

हैरी पॉटर की 12 साल की फैन को भी हमास ने नहीं छोड़ा, दादी के साथ मिली डेड बॉडी: जेके रोलिंग की अपील भी नहीं बचा सकी जान, 203 अब भी बंधक

दक्षिणी इज़राइल पर हमास के हमले के लगभग दो सप्ताह बाद भी सैकड़ों लोग लापता हैं। हमास आतंकियों द्वारा मारे गए इजरायलियों के शव अभी भी पाए जा रहे हैं और गाजा में बंधक बनाए गए बंधकों की वास्तविक संख्या का अभी भी कोई सही आँकड़ा सामने नहीं आ पाया है। 

इस बीच टाइम्स ऑफ़ इजरायल की रिपोर्ट के अनुसार, इजरायली रक्षा बलों ने गुरुवार (19 अक्टूबर, 2023) को कहा कि 7 अक्टूबर को अपने विनाशकारी हमलों के दौरान आतंकवादी समूह हमास द्वारा 203 लोगों को बंधक बनाए जाने की जानकारी है। बंदियों में हर आयु वर्ग के लोग हैं, जिनमें करीब 30 के आस-पास 16 वर्ष से कम आयु के बच्चे हैं वहीं 20 के करीब 60 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति भी हैं।

इस बीच गुरुवार को ही एक 12 वर्षीय ऑटिस्टिक इजरायली लड़की नोया डैन के मौत की खबर आई। अब तक नोया और उसकी 80 वर्षीय दादी कार्मेला के बारे में ऐसा अनुमान था कि उन्हें गाजा में हमास ने बंधक बना लिया है। लेकिन अब दोनों के शव प्राप्त हो गए हैं। 

बता दें कि इससे पहले जब इजरायल ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट कर नोया के बारे में जानकारी देते हुए उसके सुरक्षित लौट आने की आशा व्यक्त की थी तो उसे हैरी पॉटर का जबरदस्त फैन बताया था। जिस पर सोमवार को हैरी पॉटर की लेखिका जे.के. रोलिंग ने पोस्ट को रीट्वीट करते हुए टिप्पणी की थी। 

रोलिंग ने लिखा, “बच्चों का अपहरण करना घृणित और पूरी तरह से अनुचित है। स्पष्ट कारणों से, यह तस्वीर मेरे मन में बस गई है। नोया और हमास द्वारा बंधक बनाए गए सभी बंधकों को जल्द ही, सुरक्षित रूप से, उनके परिवारों को लौटाया जाए।”

बता दें कि पिछले 12 दिनों में, नोया की आवाज़ को इजरायली मीडिया पर प्रसारित किया गया था जब उसकी माँ गैलिट ने अपनी बेटी की अंतिम आवाज़ का मेमो साझा किया था।

ऑडियो में नोया ने हिब्रू में कहा, “माँ, दरवाजे पर एक तेज आवाज़ हुई जिससे मैं डर गई। दादी के घर के गेट पर सभी खिड़कियाँ टूटी हुई थीं। क्योंकि वहाँ तेज आवाज का एक और बूम हुआ था, वहाँ की  खिड़कियाँ भी टूटी हुई हैं। माँ… मुझे डर लग रहा है।”

और अब नोया की तलाश उसकी और उसकी दादी की शव बरामद होते ही समाप्त हो गई है। हमास आतंकियों की क्रूरता का यह एक और सबूत है। 

गौरतलब है कि हमास द्वारा बंधक बनाये गए करीब 203 इजरायलियों की तलाश में IDF जुटी हुई है। बंधकों का यह आँकड़ा गुरुवार को मेजर जनरल (रेस.) नित्ज़न अलोन द्वारा प्रस्तुत किया गया, जो अपहृतों को खोजने के लिए खुफिया प्रयासों की कमान संभाल रहे हैं।

हालाँकि, गाजा पर इजरायल द्वारा की जा रही कार्रवाई के बीच इजरायली सेना का मानना है कि गाजा में रखे गए अधिकांश बंधक जीवित हैं, वहीं एलोन का यह भी मानना है कि हमास के आतंकवादियों ने कई शवों को भी अपने कब्जे में रखा है। आईडीएफ ने कहा कि उसे अभी भी इजराइल की सीमा के पास गाजा के बफर जोन के अंदर शव मिल रहे हैं। 

बता दें कि इजरायल पर हमास के अतनी हमले में लगभग 1,400 लोगों की हत्या कर दी गई थी। इस हमले के दौरान लगभग 2,500 आतंकियों ने कम से कम 22 इजरायली कम्युनिटी और सेना के ठिकानों के साथ-साथ एक संगीत समारोह पर भी धावा बोल दिया था। इस आतंकी हमले में जो भी उनके सामने आया, उसे मार डाला गया या बंधक बना लिया गया। 

सेक्युलर रोग वाले पाकिस्तान प्रेमियो… क्रिकेट छोड़ खिलाड़ियों संग लौट गए थे सचिन, श्रीकांत पर बीच मैदान हुआ था हमला

पुरुषों की भारतीय क्रिकेट टीम ने क्रिकेट विश्वकप प्रतिस्पर्धा में पाकिस्तान की पुरुष क्रिकेट टीम को पराजित कर दिया है। यह एक प्रकार से एकतरफा मैच रहा था। परन्तु यहाँ पर बात हार-जीत की नहीं, उस व्यवहार की की जा रही है, जो हमारे पुरुष भाइयों के साथ पाकिस्तान में हुआ था, जब वह लोग पाकिस्तान में खेलने गए थे।

भारत के अहमदाबाद में जिस प्रकार से पाकिस्तान की क्रिकेट टीम का स्वागत किया गया, उसने कई लोगों को नाराज कर दिया। पुरुष आयोग जैसा संगठन भी नाराज हो गया। उसकी समझ में नहीं आ रहा था कि आखिर यह सब क्यों और कैसे हो गया? क्या चंद पैसों का लालच इस सीमा तक है कि सीमा पर पाकिस्तान के हाथों प्राण गँवाते हुए अपने सैनिक नहीं दिखाई दे रहे? क्या इस सीमा तक क्रिकेट का उन्माद बढ़ गया है?

लोग गुस्से में थे! और यह गुस्सा कोई व्यक्तिगत गुस्सा नहीं था, बल्कि यह गुस्सा बहुत बढ़कर था क्योंकि यह हमारे भाइयों, बेटों और उससे बढ़कर पाकिस्तान में हिन्दू बेटियों से जुड़ा था। यह इससे भी जुड़ा था कि पाकिस्तान में लगभग रोज ही हिन्दू बेटियों का अपहरण और जबरन निकाह हो रहा है और हम यहाँ पर उन लोगों का स्वागत सत्कार करते हैं, और तो और अपनी बेटियों के नृत्य से स्वागत करते हैं!

यह तमाम बातें पुरुष आयोग को और पुरुष आयोग की अध्यक्ष होने के नाते मुझे भी परेशान कर रही थीं। आखिर ऐसी क्या विवशता थी कि एक मैच को इतना विशेष बना दिया गया? जब हम क्रिकेट की बात करते हैं तो इस स्वागत पर इसलिए भी हैरानी हो रही थी क्योंकि इंटरनेट पर कई ऐसी तस्वीरें बिखरी थीं, जो उस अपमान को दिखा रही हैं, जो हमारे भाइयों अर्थात हमारी टीम के खिलाड़ियों पर पाकिस्तान में हुए हमले को दिखाती हैं।

1989 में पाकिस्तान गई भारतीय टीम के कप्तान पर पाकिस्तान के लोगों ने मैदान पर हमला किया था।

भारतीय क्रिकेट टीम के तब के कप्तान श्रीकांत पर हमला करता पाकिस्तानी युवक

भारत की टीम जब वर्ष 1997 में पाकिस्तान गई थी, तो उस समय पाकिस्तान के लोगों द्वारा भारत के खिलाड़ियों पर दर्शक दीर्घा से पत्थर फेंके गए थे।

उस समय भारत के कप्तान सचिन तेंदुलकर थे और जब भारतीय खिलाड़ियों पर चार बार पत्थर फेंके गए, तो सचिन ने यह कहते हुए आगे खेलने से इंकार कर दिया था कि वह अपने खिलाड़ियों की सुरक्षा की कीमत पर खेल नहीं सकते।

इस पर पाकिस्तान की पारी को वहीं रोक दिया गया था। उस समय पाकिस्तान की पारी के 47.2 ओवर हुए थे। भारत के लिए मैच 47 ओवर का कर दिया था और भारत ने वह मैच तीन गेंदे शेष रहते हुए जीत लिया था।

यह व्यवहार हमारे भाइयों के साथ पाकिस्तान में किया जाता है और भारत में जब पाकिस्तान टीम आई तो उसके इस्तकबाल में इतना इंतजाम!

सच कहा जाए तो सभी का दिल दुःख गया। हाँ, यह बात सच है कि एकतरफा मैच की विजय ने इस दुःख को कुछ कम कर दिया, परन्तु अपने भाइयों के उस अपमान पर दिल दुखता तो है ही।

और यह दुःख तब और बढ़ जाता है जब हम देखते हैं कि भारत की सेक्युलर ब्रिगेड के लिए मोहम्मद रिजवान का मैदान में नमाज पढ़ना अपने मजहब के प्रति समर्पण है तो वहीं दर्शकों का जय श्री राम के नारे लगाना साम्प्रदायिकता या कहें असहिष्णुता?

उनके लिए असहिष्णुता की सीमा इतनी एकतरफा क्यों है?

पटरी पर दौड़ी ‘नमो भारत’, PM मोदी ने भी किया सफर: देश की पहली Rapidx के बारे में जानिए सब कुछ, 180 km/h की स्पीड से चलने में सक्षम

20 अक्टूबर 2023 को देश को पहली रैपिड रेल (Rapidx) मिल गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे हरी झंडी दिखाई। इसे ‘नमो भारत’ नाम दिया गया है। फिलहाल यह सेवा दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ आरआरटीएस (रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) कॉरिडोर के 17 किलोमीटर की दूरी के लिए उपलब्ध होगी।

पीएम मोदी ने क्यूआर कोड स्कैन करने के बाद गाजियाबाद के साहिबाबाद स्टेशन पर डिजिटल एंट्री ली। इस दौरान उनके साथ उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, सीएम योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष भूपेंद्र चौबे भी थे। पीएम ने रैपिडएक्स मैट्रो में सफर के दौरान स्कूली छात्राओं और कोच के स्टाफ से भी बात की।

शनिवार (21 अक्टूबर, 2023) से साहिबाबाद से दुहई डिपो स्टेशन तक यह सेवा आम लोगों के शुरू हो जाएगी। यह दूरी यात्री अब महज 12 मिनट में पूरी कर पाएँगे। सड़क मार्ग से इसी दूरी को तय करने में 35 मिनट लगते हैं। इसके शुरू होने से लोगों को आराम मिलने के साथ वक्त की भी बचत होगी।

दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ आरआरटीएस का पूरा कॉरिडोर 82 किलोमीटर का है। इसके 2025 में पूरा होने की उम्मीद जताई जा रही है। इसमें कुल 16 स्टेशन होने के साथ 9 अतिरिक्त स्टेशन हैं।

ये स्टेशन साहिबाबाद, गाजियाबाद, गुधर, दुहाई, दुहाई डिपो, मुराद नगर, मोदी नगर साउथ, मोदी नगर नॉर्थ, मेरठ साउथ, परतापुर, रीठानी, शताब्दी नगर, ब्रह्मपूरी, मेरठ सेंट्रल, भैंसाली, बेगमपुल, एमईएस कॉलोनी, दौरली, मेरठ नॉर्थ, मोदीपुरम, मोदीपुरम और मोदीपुरम डिपो स्टेशन हैं।

आरआरटीएस के फर्स्ट फेज में तीन- दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर, दिल्ली-गुरुग्राम-एसएनएबी-अलवर कॉरिडोर और दिल्ली-पानीपत कॉरिडोर आते हैं। इनमें से गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर का कम पूरा हो चुका है।

दूसरे फेज में दिल्ली-फरीदाबाद-बल्लबगढ़-पलवल कॉरिडर, गाजियाबाद-खुरजा कॉरिडर, दिल्ली-बहादुरगढ़-रोहतक कॉरिडर, गाजियाबाद-हापुड कॉरिडर और दिल्ली-शाहदरा-बडौत कॉरिडर बनने हैं।

लेकिन शनिवार से पहले चरण में साहिबाबाद से दुहई डिपो स्टेशन तक केवल पाँच स्टेशन साहिबाबाद, गाजियाबाद, गुधर, दुहाई और दुहाई डिपो स्टेशन तक ही ये रैपिडएक्स मेट्रो चलेगी। इसमें यात्री 12 मिनट में ही 17 किलोमीटर के दायरे में पड़ने वाले इन स्टेशनों की दूरी तय कर लेंगे।

क्या है रैपिडएक्स

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) ‘रैपिडएक्स’ नाम की सेमी-हाई-स्पीड क्षेत्रीय रेल सेवा के लिए कॉरीडोर का निर्माण कर रहा है। ये क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम यानी RRTS कहलाता है। एनसीआरटीसी दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश सरकारों के साथ केंद्र की एक संयुक्त कंपनी है। इसे ही दिल्ली और मेरठ के बीच भारत के पहले आरआरटीएस के निर्माण और रखरखाव की जिम्मेदारी दी गई है।

कितने होंगे कोच और आरक्षित सीटें

हर RAPIDX ट्रेन में एक प्रीमियम कोच समेत कुल 6 कोच होंगे। इसमें चार स्टैंडर्ड होंगे और एक कोच महिलाओं के लिए आरक्षित होगा। महिलाओं का ये आरक्षित कोच प्रीमियम कोच के बगल में होगा। अधिकारियों के मुताबिक, RAPIDX ट्रेन के हर कोच में सीटों को क्रमबद्धता से लगाया गया है। महिलाओं लिए आरक्षित कोच के अलावा अन्य कोचों में भी महिलाओं, खास तौर से दिव्यांगों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए सीटें आरक्षित होंगी।

कितने लोग कर सकेंगे सफर

हर RAPIDX ट्रेन में ट्रेनों के दोनों छोर पर पायलट केबिन होंगे और 407 लोगों के बैठने की क्षमता होगी। इसके साथ ही 1,061 अतिरिक्त यात्री खड़े होंगे। इसके कोचों में ओवरहेड सामान रैक के साथ 2X2 बैठने की सुविधा, ऑन-बोर्ड वाई-फाई, हर सीट के लिए चार्जिंग पॉइंट, एक पब्लिक उद्घोषणा और डिस्प्ले सिस्टम, डायनेमिक रूट मैप डिस्प्ले होगा। तो वहीं व्हीलचेयर के लिए निर्धारित जगह के साथ ही एक आपातकालीन अलार्म सिस्टम होगा जो इमरजेंसी के दौरान यात्रियों को इंटरकॉम के जरिए ड्राइवर के साथ बात करने की सुविधा देगा।

कैसा होगा प्रीमियम कोच

रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली से मेरठ की तरफ जाने वाला पहला कोच और मेरठ से दिल्ली तरफ आने वाला आखिरी कोच प्रीमियम कोच होगा। एक स्लाइडिंग दरवाजे के जरिए बगल के कोच से अलग किया जाएगा। इसके साथ ही प्रीमियम कोच में सीट का कलर कोड अन्य कोच के कलर से अलग होगा।

इसके साथ ही आरामदायक गद्देदार रिक्लाइनिंग सीटें, कोट हुक, मैगजीन होल्डर और फुटरेस्ट जैसी कई यात्रियों को ध्यान में रखकर दी गई सुविधाएँ प्रीमियम कोच को प्रीमियम बनाती हैं। मसलन एक प्रीमियम कोच की सीट में पैरों को रखने के लिए अतिरिक्त जगह होगी।

इस कोच में प्रीमियम लाउंज के जरिए ही चढ़ा जा सकेगा। आने वाले वक्त में इसमें वेंडिंग मशीन लगाने का भी प्लान है। जिससे कोच के अंदर ही स्नैक्स और पेय पदार्थ खरीदे जा सकेंगे।

रैपिडएक्स के स्टेशन पर मिलेंगी ये सुविधाएँ

रैपिडएक्स के हर स्टेशन पर कॉनकोर्स लेवल के पेड एरिया में पीने का पानी और वॉशरूम होंगी। छोटे बच्चों के साथ सफर करने वाले यात्रियों को ध्यान में रखते हुए हर स्टेशन के महिला शौचालय में डायपर बदलने के लिए जगह दी जाएगी। रैपिडएक्स के सभी स्टेशनों पर प्राथमिक चिकित्सा सुविधा दी जाएगी।

किसी भी मेडिकल इमरजेंसी के लिए एम्बुलेंस आसानी से मँगवाई जा सकेगी। इस सेक्शन में RAPIDX के गाजियाबाद स्टेशन पर एक ‘लॉस्ट एंड फाउंड सेंटर’ भी है। ये सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक खुला रहेगा। यहाँ से खोई और पाई चीजों की जानकारी RAPIDX कनेक्ट ऐप पर मुहैया कराई जाएगी।

कितनी होगी स्पीड

RAPIDX भारत का सबसे तेज़ शहरी ट्रांजिट सिस्टम हैं। जो ब्रॉड गेज के रेलवे ट्रैक के लिए बनाई गई वंदे भारत ट्रेन की रफ्तार से मेल खाती है। वंदेभारत 180 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से चल सकती है। RAPIDX भी इसी रफ्तार से चलने में सक्षम है।

कहाँ से कब तक चलेगी ये ट्रेन

साहिबाबाद और दुहाई डिपो के बीच प्राथमिकता वाले इस सेक्शन में पाँच स्टेशन साहिबाबाद, गाजियाबाद, गुलधर, दुहाई और दुहाई डिपो हैं। NCRTC के मुताबिक, साहिबाबाद से दुहाई डिपो तक सफर करने के लिए यात्रियों को सुबह 6 बजे से ट्रेन मिलनी शुरू हो जाएगी। एक पूरे दिन ट्रेन चलने का वक्त सुबह 06:00 बजे से शुरू होकर रात 11:00 बजे तक रहेगा।

RAPIDX के स्टैंडर्ड क्लास और प्रीमियम क्लास कोच की किराया लिस्ट (फोटो साभार: news18.com)

क्या होगा RAPIDX का किराया

RAPIDX ट्रेन में दो तरह के कोच स्टैंडर्ड क्लास और प्रीमियम क्लास हैं। इन कोच में 90 सेमी से कम लंबाई वाले बच्चों को मुफ्त में सफर करने को मिलेगा। किराए की बात करें तो स्टैंडर्ड क्लास के यात्रियों को जहाँ कम दूरी के रूट के महज 20 रुपए तो प्रीमियम क्लास के यात्रियों को इसी के लिए 40 रुपए देने होंगे।

इसी तरह सेक्शन के पहले स्टेशन से लेकर यदि कोई यात्री आखिरी स्टेशन तक यात्रा कर रहा है तो इस समान रूट के स्टैंडर्ड क्लास के यात्रियों को 50 रुपए देने होंगे तो वहीं प्रीमियम क्लास के कोच में इस रूट के लिए 100 रुपए किराया देना होगा।

उदाहरण के लिए यदि आप साहिबाबाद से दुहाई डिपो तक जाते हैं तो स्टैंडर्ड क्लास में सफर करने पर आपको इसके 50 तो प्रीमियम क्लास के कोच में 100 रुपए देने होंगे। इस कॉरिडोर के उद्घाटन के दिन RAPIDX स्मार्ट कार्ड लॉन्च होने की उम्मीद जताई जा रही है।

कैसे ले सकेंगे टिकट

रैपिड एक्स ट्रेन के टिकट लेने के लिए आपको लाइन में लगने की भी जरूरत नहीं है क्योंकि इसके टिकट के लिए डिजिटल क्यूआर कोड आधारित टिकट यात्री सिस्टम बनाया गया है। इसका नाम ‘RAPIDX कनेक्ट’ है। ये एक मोबाइल एप्लिकेशन है। इसका इस्तेमाल कर आसानी से टिकट खरीदा जा सकता है।

इसके साथ ही पेपर क्यूआर कोड पर आधारित यात्रा टिकट भी लिए जा सकते हैं। इन्हें टिकट वेंडिंग मशीन (टीवीएम) के जरिए या फिर स्टेशनों पर टिकट काउंटरों से खरीद सकता है।

टीवीएम कार्ड नकद पेमेंट मोड के अलावा गैर-नकद भुगतान लेनदेन के लिए रुपे/मास्टर/वीज़ा मानक के मुताबिक क्रेडिट/डेबिट/प्रीपेड कार्ड रीडर से लैस हैं। इसके लिए एनसीआरटीसी ने साहिबाबाद और गाजियाबाद में 4-4 टीवीएम और गुलधर, दुहाई और दुहाई डिपो में 2-2 टीवीएम बनाए हैं।

रैपिडएक्स में नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (एनसीएमसी) के जरिए या फिर एनसीएमसी के मुताबिक चलने वाले किसी भी कार्ड साथ यात्री सफर कर सकते हैं। दरअसल, एनसीएमसी यात्रियों को यात्रा, टोल टैक्स, खुदरा खरीदारी के साथ-साथ पैसे निकालने तक की सुविधा देता है। जहाँ भी एनसीएमसी की सुविधा होती हैं लोग इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।

रैपिड एक्स ट्रेन के लिए कोई भी व्यक्ति इन कार्ड्स को स्टेशन के टिकट काउंटर से खरीद सकता है। इस कार्ड को न्यूनतम 100 रुपए से अधिकतम 2000 रुपए तक रिचार्ज किया जा सकता है। एनसीएमसी एक ओपन-लूप कार्ड है जो ‘वन नेशन, वन कार्ड’ पहल का नतीजा है। इस वजह से ये कार्ड देश की सभी परिवहन प्रणालियों में चलता है।

कितना ले जा सकते हैं सामान

रैपिड एक्स ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों के सामान के आकार और उसके वजन की सीमा भी तय की गई है। इसमें यात्रा करने वाले यात्रियों के सामान का वजन 25 किलो से अधिक नहीं होना चाहिए। 25 किलो से अधिक का सामान लेकर चलने वाले यात्रियों को या तो सफर या सामान में से एक का चुनाव करना होगा। इसके साथ यात्रियों को 80 सेमी x 50 सेमी x 30 सेमी लंबाई-चौड़ाई वाला सामान ही ले जाने की इजाजत होगी।

कारोबारी ने खोल दिए भेद तो बोलीं महुआ मोइत्रा- दर्शन हीरानंदानी और उसके पिता के सिर पर बंदूक तान PMO ने करवाया साइन

पैसा लेकर संसद में सवाल करने, कुत्ता चोरी जैसे आरोपों से घिरीं तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा ने कारोबारी दर्शन हीरानंदानी के हलफनामे पर सवाल उठाए हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है। उल्लेखनीय है कि हीरानंदानी को ही फायदा पहुँचने के लिए TMC सांसद पर पैसे लेकर सवाल करने का आरोप है।

सोशल मीडिया में दो पन्नों की जारी प्रेस रिलीज में महुआ मोइत्रा ने दर्शन हीरानंदानी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का करीबी बताया है। बीजेपी शासित राज्यों में उनके कारोबार का जिक्र किया है। कहा है कि हीरानंदानी का हलफनामा पीएमओ द्वारा तैयार किया गया पत्र है। दर्शन हीरानंदानी और उनके पिता के सिर पर बंदूक तान कर इस पत्र पर हस्ताक्षर करने के लिए 20 मिनट का समय दिया गया था। उनके सभी कारोबार पूरी तरह से बंद करने की धमकी दी गई थी।

महुआ मोइत्रा ने कहा है कि जिस कारोबारी दर्शन हीरानंदानी की मंत्री और पीएमओ तक सीधी पहुँच है, उसे उन जैसी पहली बार की सांसद कैसे उपहार और अपनी माँगों को पूरा करने के लिए मजबूर कर सकती है? हलफनामे की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए टीएमसी सांसद ने कहा है कि यह कागज का एक सफेद टुकड़ा है। इसमें कोई लेटरहेड नहीं है। इसमें लगाए गए आरोप तर्कहीन हैं। पूछा है कि दर्शन हीरानंदानी को जब सीबीआई या संसद की आचार समिति या किसी भी अन्य जाँच एजेंसी ने तलब ही नहीं किया तो फिर उन्होंने यह हलफनामा किसे दिया है?

महुआ मोइत्रा ने इसे साजिश करार देते हुए कहा है कि बीजेपी सरकार अडानी मुद्दे पर उनका मुँह बंद करना चाहती है। इसमें पीएमओ और बीजेपी आईटी सेल के लोग शामिल हैं। शार्दुल श्रॉफ, साइरिल श्रॉफ, सुचेता दलाल, शशि थरूर और राहुल गाँधी का जिक्र करते हुए कहा है कि स्पष्ट रूप से ऐसा लगता है कि किसी ने हुक्म दिया है कि सबका नाम घुसा दो। ऐसा मौका फिर नहीं आएगा।

गौरतलब है कि महुआ मोइत्रा ने 19 अक्टूबर 2023 यह प्रेस रिलीज दर्शन हीरानंदानी का पक्ष सामने आने के ठीक बाद जारी किया है। हीरानंदानी ने बताया है कि वे महुआ मोइत्रा को 2017 में आयोजित ‘बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट’ के समय से जानते हैं। तब वे पश्चिम बंगाल के नदिया स्थित क़रीमनगर से विधायक हुआ करती थीं। उनका कहना है कि महुआ मोइत्रा दुबई आकर मिलती थी। उनको ब्लैकमेल कर गलत फायदा उठाती थी।

महुआ मोइत्रा कहती थी– सब कुछ छोड़ पहले मेरा काम करो: दर्शन हीरानंदानी

दर्शन हीरानंदानी ने कहा है कि महुआ मोइत्रा का व्यवहार ऐसा था कि अगर उन्होंने कुछ करने के लिए कह दिया तो सब कुछ छोड़ कर पहले उनका काम ही पूरा होना चाहिए। उन्होंने बताया है कि महुआ मोइत्रा का स्वभाव हावी हो जाने वाला था और उनका मिजाज दबंग वाला था। बहुअल दर्शन, वो सब कुछ को अर्जेन्ट और संकटपूर्ण बता कर उनके समय को नियंत्रित करती थीं। कारोबारी ने बताया है कि महुआ मोइत्रा के सांसद बनने के बाद कई मौकों पर उन्हें उनकी मेजबानी करने का मौका मिला। इसके बाद वो राष्ट्रीय राजनीति में पहचानी जाने लगीं और कई प्रभावशाली लोगों के संपर्क में आईं।

बकौल दर्शन, महुआ ने उन्हें बताया था कि उन्हें 2 बार राज्यसभा की सीट ऑफर की गई थी लेकिन वो जनता द्वारा चुन कर सांसद बनना चाहती थीं। उन्होंने बताया है कि वो काफी महत्वाकांक्षी थीं और राष्ट्रीय स्तर पर अपने लिए नाम बनाना चाहती थीं और उनके दोस्तों और सलाहकारों ने उन्हें बताया था कि इसके शॉर्टकट है भारत के माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर व्यक्तिगत हमले करना। उन्होंने माना है कि पीएम मोदी एक निष्कलंक प्रतिष्ठा वाले व्यक्ति हैं और किसी को भी सरकारी नीतियों, प्रशासन या व्यक्तिगत आचरण पर हमले करने का मौका नहीं देते।

दर्शन हीरानंदानी ने लिखा, “महुआ मोइत्रा को लगा कि पीएम मोदी पर व्यक्तिगत हमला करने का रास्ता है गौतम अडानी को निशान बनाना, क्योंकि दोनों समकालीन हैं और एक ही राज्य से आते हैं। देश के बाहर और देश में भी मीडिया, कारोबार और राजनीति में कई लोग गौतम अडानी के उदय से जलने लगे थे, इससे महुआ मोइत्रा को मदद मिली। इसीलिए, पीएम मोदी को बदनाम करने और उन्हें नीचा दिखाने के लिए गौतम अडानी पर हमला कर महुआ मोइत्रा को इन लोगों से समर्थन की उम्मीद थी। वो जानती थीं कि इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन अडानी समूह की धर्मा LNG के साथ करार कर रही है, मेरी कंपनी के साथ नहीं।”

‘महुआ मोइत्रा ने मेरा गलत फायदा उठाया’: दर्शन हीरानंदानी

दर्शन हीरानंदानी का कहना है कि इन्हीं सूचनाओं को आधार बना कर गौतम अडानी को नीचा दिखाने के लिए महुआ मोइत्रा ने कुछ सवाल तैयार किए ताकि वो संसद में पूछ सके। उन्होंने अपनी ईमेल आईडी पर कुछ सूचनाएँ उनसे माँगी। दर्शन ने बताया कि उनके द्वारा भेजे गए कुछ सवालों पर आई प्रतिक्रियाओं से वो खुश हुईं। ये सवाल अडानी समूह से संबंधित थे। उन्होंने अपनी संसद की आईडी-पासवर्ड तक दर्शन हीरानंदानी को दे रखी थी, ताकि वो खुद सवाल अपलोड कर सकें पूछने के लिए।

हीरानंदानी ने इस दौरान सुचेता दलाल, शार्दुल श्रॉफ और पल्लवी श्रॉफ का नाम लिया तो गौतम अडानी के बारे में अपुष्ट जानकारियाँ महुआ मोइत्रा को दे रहे थे। आरोप है कि राहुल गाँधी व कई कॉन्ग्रेस नेताओं से भी वो संपर्क में थीं। फाइनेंसियल टाइम्स, न्यूयॉर्क टाइम्स और बीबीसी के अलावा कई भारतीय मीडिया संस्थान भी उनके संपर्क में थे। कइयों ने खुद को अडानी समूह का पूर्व अधिकारी बताते हुए कई जानकारियाँ भेजीं। दर्शन हीरानंदानी का कहना है कि इन्हीं अपुष्ट सूचनाओं के आधार पर वो सवाल ड्राफ्ट कर के अपलोड करते रहे।

हीरानंदानी का कहना है कि इन सबके दौरान महुआ मोइत्रा से उनकी दोस्ती परवान चढ़ती रही। उन्होंने बताया है कि इस दौरान विपक्ष शासित राज्यों में उन्हें फायदा मिलता रहा, क्योंकि महुआ मोइत्रा के अच्छे दोस्तों में राहुल गाँधी, शशि थरूर और पिनाकी मिश्रा शामिल थे। दर्शन का कहना है कि इसके बदले में महुआ मोइत्रा ने उनसे भी कई काम करवाए और उनके समर्थन की एवज में उन्हें ये सब करना पड़ा। इसमें शामिल था – दिल्ली में उनके बँगले की मरम्मत, यात्रा के खर्च, महँगे तोहफे। यहाँ तक कि अंतरराष्ट्रीय यात्राओं के लिए भी उन्हें व्यवस्था करनी पड़ी।

दर्शन हीरानंदानी ने कहा, “कई बार मुझे लगा कि वो मेरा गलत फायदा उठा रही हैं और मुझ पर ऐसे-ऐसे काम करने का दबाव बना रही हैं जो मैं नहीं करना चाहता था। लेकिन, मेरे पास कोई अन्य विकल्प नहीं था, ऊपर बताए गए कारणों की वजह से। चूँकि संसद और न्यायपालिका में ये मामला आ चुका है, मैंने अपनी जिम्मेदार समझी कि मैं तथ्यों को सबके सामने रखूँ।” दर्शन हीरानंदानी के इस बयान के बाद महुआ मोइत्रा की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।

हार के बाद भारतीय दर्शकों पर खुन्नस निकाल रहे पाकिस्तान को इरफान पठान ने लताड़ा, बताया- पेशावर में उनकी आँख पर मारी थी कील

क्रिकेट विश्व कप 2023 के दौरान फैंस के व्यवहार को लेकर पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) से शिकायत की है। पूर्व भारतीय क्रिकेटर इरफान पठान ने इस पर सवाल उठाते हुए एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने बताया है कि पाकिस्तान में खेलते हुए उन पर कील फेंकी गई थी। कील उनकी आँख के नीचे लगी थी।

पठान ने यह खुलासा 19 अक्टूबर 2023 को पुणे में खेले गए भारत-बांग्लादेश मैच मे कॉमेंट्री के दौरान की। उन्होंने कहा, “हम पेशावर में खेल रहे थे, तभी एक फैन ने मुझ पर कील फेंकी, जो मेरी आँख के नीचे लगी। मैं गंभीर रूप से घायल हो सकता था। मैच 10 मिनट के लिए रुका हुआ था, लेकिन हमने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया, क्योंकि हम अच्छा क्रिकेट खेल रहे थे।”

इरफान पठान जब पेशावर में हुई इस घटना का जिक्र कर रहे थे तब बांग्लादेश की टीम बैटिंग कर रही थी। मैच का 31वां ओवर शार्दूल ठाकुर फेंक रहे थे। इस दौरान पठान ने यह भी कहा कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) को भारतीय दर्शकों की शिकायत करने से पहले अपने गिरेबान में भी झाँकना चाहिए।

14 अक्टूबर को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में भारत से करारी शिकस्त मिलने के बाद पाकिस्तान ने आईसीसी से शिकायत की थी। इसमें कहा था कि पाकिस्तानी खिलाड़ियों के पवेलियन लौटते वक्त कुछ फैंस ने धार्मिक नारे लगाए। यह खिलाड़ियों की भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाले थे।

पठान के इस खुलासे के बाद भारत के पूर्व बल्लेबाज आकाश चोपड़ा ने एक्स/ट्विटर पर पोस्ट कर कर कहा है, “मुझे पता नहीं था कि फैंस ने पेशावर में इरफान पर कील फेंकी थी, जो उनकी आँख के नीचे लगी थी। याद है कि मैच फैंस की वजह से कुछ देर के लिए रुका था। लेकिन मुझे आज सही कारण का पता चला। बड़ी तस्वीर को ध्यान में रख हुए इस बात को नजरअंदाज कर बहुत अच्छा किया इरफान पठान। लव यू ब्रो।”

इरफान पठान ने एक्स पर किए एक पोस्ट में कुछ समाचार पत्रों की स्क्रीनशॉट भी साझा की है। इनसे भारतीय खिलाड़ियों को निशाना बनाए जाने की घटनाओं के बारे में पता चलता है। उन्होंने लिखा है, “मैं अब भी कह रहा हूँ कि ऐसा होता है। कई अच्छे प्रशंसक भी थे जो बालाजी जरा धीरे चलो का शोर मचा रहे थे। लेकिन इस तरह की घटना भी घटी। इस पर हल्ला मचाने की जगह हम आगे बढ़े और जीतने पर ध्यान केंद्रित किया।”

शिल्पा शेट्टी से राज कुंद्रा का तलाक? UT69 की रिलीज के 13 दिन पहले पब्लिक को बताया, ट्विटर पर पत्नी फॉलो भी नहीं करती है पति को

राज कुंद्रा और शिल्पा शेट्टी अलग (Shilpa Shetty Raj Kundra separated) हो गए हैं, मतलब तलाक हो गया है? इस सवाल का जवाब है राज कुंद्रा का एक ट्वीट, जो उन्होंने 20 अक्टूबर 2023 को किया है। इस ट्वीट में उन्होंने लिखा है:

“हम अलग हो गए हैं। आप सब से विनती है कि हमें थोड़ा समय दीजिए। यह हमारे लिए एक दुखद घड़ी है।”

राज कुंद्रा किससे अलग हुए हैं? क्या उन्होंने जो लिखा है, वो उनकी शादी से संबंधित है? अगर अलग होने का मतलब शिल्पा शेट्टी से तलाक लेना है, तो उनका नाम क्यों नहीं लिखा? इन सारे सवालों का जवाब एक लाइन के ट्वीट में नहीं है। यही कारण है कि ट्विटर पर लोग राज कुंद्रा से सवाल भी पूछ रहे हैं।

राज कुंद्रा और शिल्पा शेट्टी के बीच तलाक की खबर वायरल है। कुंद्रा के ट्वीट के अलावे इसके पीछे एक कारण और है – ट्विटर पर शिल्पा शेट्टी को राज कुंद्रा फॉलो करते हैं, उनके ट्वीट को रिट्वीट को भी करते हैं। इसके ठीक उलट शिल्पा शेट्टी न तो राज कुंद्रा को फॉलो करती हैं, न ही उन्हें रिट्वीट करती हैं।

पोर्न फिल्मों के मामले में जेल जाने के बाद राज कुंद्रा खुद हीरो के तौर पर UT69 नाम की एक फिल्म दिखने वाले हैं। इसका ट्रेलर रिलीज हो चुका है। फिल्म 3 नवंबर 2023 को सिनेमा घरों में रिलीज होगी।

आपको बता दें कि राज कुंद्रा बॉलीवुड का सपना लिए मुंबई आने वाली युवतियाँ को निशाना बनाते थे। उनसे पोर्न फिल्मों में काम करवाते थे। कुंद्रा के पास 119 पोर्न फिल्मों का कलेक्शन था। इस पूरे मामले के खुलने के बाद राज कुंद्रा को देख कर भड़क गई थीं शिल्पा शेट्टी। उन्होंने यह भी कहा था कि इसकी वजह से परिवार बदनाम हुआ, कई बिजनेस डील भी हाथ से निकल गए थे।

‘महुआ मोइत्रा ने उठाया मेरा गलत फायदा, दुबई आकर मिलती थी’: जिस कारोबारी के लिए संसद में सवाल पूछने का आरोप वो आए सामने, कहा – PM मोदी की प्रतिष्ठा निष्कलंक

संसद में सवाल करने के बदले घूस लेने और कुत्ता चोरी के आरोपों के बाद अब तृणमूल कॉन्ग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा पर ब्लैकमेल करने के आरोप लगे हैं। जिस कारोबारी दर्शन हीरानंदानी को फायदा पहुँचाने के लिए उन पर संसद में सवाल पूछने के आरोप लगे हैं, अब वो सामने आए हैं। अधिवक्ता और महुआ मोइत्रा के दोस्त रहे जय अनंत देहाद्राई ने CBI को पत्र लिख कर ये आरोप लगाए थे। इसके बाद भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र भेज कार्रवाई की माँग की थी।

स्पीकर ने इसे संसद की आचार समिति के पास भेज दिया। दर्शन हीरानंदानी ने एक बयान जारी कर कहा है कि ये दोनों पत्र उनके संज्ञान में आए हैं। उन्होंने कहा कि इन दोनों चिट्ठियों के आधार पर कई मीडिया रिपोर्ट्स बनी हैं जिनमें उनका नाम प्रमुखता से आया है, ऐसे में वो इस प्रकरण को करीब से देख रहे हैं। उन्होंने एक एफेडेविट के माध्यम से कहा है कि उनकी जानकारी में इससे संबंधित जो भी तथ्य हैं उन्हें वो रख रहे हैं। उन्होंने बताया कि वो 2017 में आयोजित ‘बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट’ के समय से महुआ मोइत्रा को जानते हैं।

‘महुआ मोइत्रा कहती थीं – सब कुछ छोड़ पहले मेरा काम करो’: दर्शन हीरानंदानी

तब महुआ मोइत्रा पश्चिम बंगाल के नदिया स्थित क़रीमनगर से विधायक हुआ करती थीं। समिट में उन्हें कारोबारियों के साथ बातचीत की जिम्मेदारी दी गई थी। बकौल दर्शन हीरानंदानी, उन्होंने उस बातचीत के दौरान महुआ मोइत्रा को जानकार, अर्थपूर्ण और मुखर पाया। उसके बाद दोनों ने एक-दूसरे से अपने संपर्क सूत्र साझा किए और वो जुड़े रहे। कारोबारी ने बताया कि तब से वो उनकी करीबी और व्यक्तिगत दोस्त रही हैं। उन्होंने कहा है कि इस बातचीत के दौरान उन्होंने पाया कि महुआ मोइत्रा सुस्पष्ट रूप से बुद्धिजीवी हैं और उन जनप्रतिनिधियों में से एक हैं जो आर्थिक और कारोबार से जुड़े मुद्दों को समझती हैं।

दर्शन हीरानंदानी ने लिखा है कि शायद महुआ मोइत्रा को भी उनका राजनीतिक ज्ञान और उनकी विचारधारा अच्छी लगी, जिस कारण दोनों के बीच गहरी दोस्ती हुई। उन्होंने बताया है कि फिर कोलकाता, दिल्ली और मुम्बई में वो समाजिक रूप से मिले। वो विदेश में भी मिले। कभी साप्ताहिक रूप से तो कभी रोज फोन कॉल पर बात होती थी। उन्होंने बताया है कि जब महुआ दुबई जाती थीं या वो भारत आते थे तो वो हमेशा मिला करते थे। दर्शन हीरानंदानी ने बताया कि इस दौरान महुआ मोइत्रा कई छोटे-बड़े काम के लिए भी उनसे कहने लगीं।

उन्होंने कहा है कि महुआ मोइत्रा का व्यवहार ऐसा था कि अगर उन्होंने कुछ करने के लिए कह दिया तो सब कुछ छोड़ कर पहले उनका काम ही पूरा होना चाहिए। उन्होंने बताया है कि महुआ मोइत्रा का स्वभाव हावी हो जाने वाला था और उनका मिजाज दबंग वाला था। बहुअल दर्शन, वो सब कुछ को अर्जेन्ट और संकटपूर्ण बता कर उनके समय को नियंत्रित करती थीं। कारोबारी ने बताया है कि महुआ मोइत्रा के सांसद बनने के बाद कई मौकों पर उन्हें उनकी मेजबानी करने का मौका मिला। इसके बाद वो राष्ट्रीय राजनीति में पहचानी जाने लगीं और कई प्रभावशाली लोगों के संपर्क में आईं।

बकौल दर्शन, महुआ ने उन्हें बताया था कि उन्हें 2 बार राज्यसभा की सीट ऑफर की गई थी लेकिन वो जनता द्वारा चुन कर सांसद बनना चाहती थीं। उन्होंने बताया है कि वो काफी महत्वाकांक्षी थीं और राष्ट्रीय स्तर पर अपने लिए नाम बनाना चाहती थीं और उनके दोस्तों और सलाहकारों ने उन्हें बताया था कि इसके शॉर्टकट है भारत के माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर व्यक्तिगत हमले करना। उन्होंने माना है कि पीएम मोदी एक निष्कलंक प्रतिष्ठा वाले व्यक्ति हैं और किसी को भी सरकारी नीतियों, प्रशासन या व्यक्तिगत आचरण पर हमले करने का मौका नहीं देते।

दर्शन हीरानंदानी ने लिखा, “महुआ मोइत्रा को लगा कि पीएम मोदी पर व्यक्तिगत हमला करने का रास्ता है गौतम अडानी को निशान बनाना, क्योंकि दोनों समकालीन हैं और एक ही राज्य से आते हैं। देश के बाहर और देश में भी मीडिया, कारोबार और राजनीति में कई लोग गौतम अडानी के उदय से जलने लगे थे, इससे महुआ मोइत्रा को मदद मिली। इसीलिए, पीएम मोदी को बदनाम करने और उन्हें नीचा दिखाने के लिए गौतम अडानी पर हमला कर महुआ मोइत्रा को इन लोगों से समर्थन की उम्मीद थी। वो जानती थीं कि इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन अडानी समूह की धर्मा LNG के साथ करार कर रही है, मेरी कंपनी के साथ नहीं।”

‘महुआ मोइत्रा ने मेरा गलत फायदा उठाया’: दर्शन हीरानंदानी

दर्शन हीरानंदानी का कहना है कि इन्हीं सूचनाओं को आधार बना कर गौतम अडानी को नीचा दिखाने के लिए महुआ मोइत्रा ने कुछ सवाल तैयार किए ताकि वो संसद में पूछ सके। उन्होंने अपनी ईमेल आईडी पर कुछ सूचनाएँ उनसे माँगी। दर्शन ने बताया कि उनके द्वारा भेजे गए कुछ सवालों पर आई प्रतिक्रियाओं से वो खुश हुईं। ये सवाल अडानी समूह से संबंधित थे। उन्होंने अपनी संसद की आईडी-पासवर्ड तक दर्शन हीरानंदानी को दे रखी थी, ताकि वो खुद सवाल अपलोड कर सकें पूछने के लिए।

हीरानंदानी ने इस दौरान सुचेता दलाल, शार्दुल श्रॉफ और पल्लवी श्रॉफ का नाम लिया तो गौतम अडानी के बारे में अपुष्ट जानकारियाँ महुआ मोइत्रा को दे रहे थे। आरोप है कि राहुल गाँधी व कई कॉन्ग्रेस नेताओं से भी वो संपर्क में थीं। फाइनेंसियल टाइम्स, न्यूयॉर्क टाइम्स और बीबीसी के अलावा कई भारतीय मीडिया संस्थान भी उनके संपर्क में थे। कइयों ने खुद को अडानी समूह का पूर्व अधिकारी बताते हुए कई जानकारियाँ भेजीं। दर्शन हीरानंदानी का कहना है कि इन्हीं अपुष्ट सूचनाओं के आधार पर वो सवाल ड्राफ्ट कर के अपलोड करते रहे।

हीरानंदानी का कहना है कि इन सबके दौरान महुआ मोइत्रा से उनकी दोस्ती परवान चढ़ती रही। उन्होंने बताया है कि इस दौरान विपक्ष शासित राज्यों में उन्हें फायदा मिलता रहा, क्योंकि महुआ मोइत्रा के अच्छे दोस्तों में राहुल गाँधी, शशि थरूर और पिनाकी मिश्रा शामिल थे। दर्शन का कहना है कि इसके बदले में महुआ मोइत्रा ने उनसे भी कई काम करवाए और उनके समर्थन की एवज में उन्हें ये सब करना पड़ा। इसमें शामिल था – दिल्ली में उनके बँगले की मरम्मत, यात्रा के खर्च, महँगे तोहफे। यहाँ तक कि अंतरराष्ट्रीय यात्राओं के लिए भी उन्हें व्यवस्था करनी पड़ी।

दर्शन हीरानंदानी ने कहा, “कई बार मुझे लगा कि वो मेरा गलत फायदा उठा रही हैं और मुझ पर ऐसे-ऐसे काम करने का दबाव बना रही हैं जो मैं नहीं करना चाहता था। लेकिन, मेरे पास कोई अन्य विकल्प नहीं था, ऊपर बताए गए कारणों की वजह से। चूँकि संसद और न्यायपालिका में ये मामला आ चुका है, मैंने अपनी जिम्मेदार समझी कि मैं तथ्यों को सबके सामने रखूँ।” दर्शन हीरानंदानी के इस बयान के बाद महुआ मोइत्रा की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।

‘महुआ मोइत्रा ने मेरा कुत्ता चोरी किया’: जय अनंत देहाद्राई

अधिवक्ता जय अनंत देहाद्राई ने गुरुवार (19 अक्टूबर, 2023) को दिल्ली के पुलिस कमिश्नर संजय अरोड़ा को एक पत्र भेज कर तृणमूल कॉन्ग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ शिकायत की है। इसमें उन्होंने बताया है कि महुआ मोइत्रा ने उनके कुत्ते ‘हेनरी’ को न सिर्फ चुरा लिया, बल्कि उसे अवैध तरीके से अपने पास भी रखी हुई हैं। उनका ये पालतू कुत्ता मात्र 3 साल का है। इसे उन्होंने नई दिल्ली के जनकपुरी स्थित दुकान से खरीदा था।

अधिवक्ता जय अनंत देहाद्राई ने बताया है कि उन्होंने जनवरी 2021 में 75,000 रुपए में इस कुत्ते को खरीदा था। पैसों का भुगतान उन्होंने 2 इंस्टॉलमेंट्स में किया था। उन्होंने 10,000 रुपए और 65,000 रुपए के भुगतान की 2 रसीदें भी दिल्ली पुलिस को भेजी हैं। साथ ही उन्होंने ‘केनल क्लब ऑफ इंडिया (KCI)’ से अपने कुत्ते का पंजीकरण भी कराया था। उन्होंने पत्र में बताया है कि हेनरी से उनका रिश्ता एक अभिभावक और बच्चे का है।

अनंत जय देहाद्राई ने इस शिकायती पत्र में लिखा, “जब से हेनरी 40 दिन का था, तभी से मैं उसकी देखभाल कर रहा हूँ। मैं उसकी सभी ज़रूरतों और चिंताओं को समझता हूँ। 10 अक्टूबर, 2023 से ही महुआ मोइत्रा ने मेरे उस कुत्ते का अपहरण कर के छिपा कर अपने पास रखा हुआ है। उन्होंने मुझे ब्लैमेल और प्रताड़ित करने के लिए ऐसा किया है। मैंने उनके खिलाफ CBI में जो शिकायत दायर की है, उसका बदला लेने के लिए उन्होंने ऐसा किया है।”

अब Google भारत में बनाएगा फोन, विदेश में करेगा निर्यात: एप्पल-सैमसंग के बाद ‘मेक इन इंडिया’ का हिस्सा बनी एक और दिग्गज कंपनी

गूगल ने भी एप्पल (Apple) और सैमसंग (Samsung) की राह पर चलते हुए अपने लेटेस्ट स्मार्ट फोन बनाने के लिए भारत को चुना है। गूगल (Google) के डिवाइसेज और सर्विस के सीनियर वाइस प्रेजिडेंट रिक ओस्टरलोह ने एक अहम ऐलान किया है वो कंपनी का Pixel 8 स्मार्टफोन भारत में बनाएँगे।

ये ऐलान उन्होंने गूगल फॉर इंडिया इवेंट के 9वें एडिशन में गुरुवार (19 अक्टूबर,2023) को भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव की मौजूदगी में किया। दरअसल, भारत की मेक-इन-इंडिया पहल को बढ़ावा देते गूगल ने अहम फैसला लिया है।

बता दें कि बीते कुछ साल में, भारत स्मार्ट फोन मैन्युफैक्चरिंग में न केवल स्थानीय इस्तेमाल के लिए बल्कि निर्यात के लिए भी एक आकर्षक मंजिल के तौर पर उभरा है।

इस मौके पर मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, “नौ साल पहले देश में मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग वास्तव में व्यावहारिक तौर बहुत कम थी, लेकिन आज भारत में इसकी करीब 44 अरब डॉलर की मैन्युफैक्चरिंग है और करीब 11 अरब डॉलर का निर्यात है।”

वहीं इस दौरान रिक ओस्टरलोह ने कहा, “भारत में बना पहला पिक्सेल 8 फोन 2024 में बाजार में आएगा।” उन्होंने कहा कि इसके लिए गूगल भारत में उसका हार्डवेयर बनाने के लिए घरेलू और अंतरराष्ट्रीय भागीदारों के साथ साझेदारी कर रहा है। हालाँकि, उन्होंने गूगल के उन साझेदारों के नाम साझा करने से परहेज किया जिनके साथ उनकी कंपनी इस काम के लिए बातचीत कर रही है।

पहले रिपोर्ट थी कि कंपनी लावा इंटरनेशनल लिमिटेड, डिक्सन टेक्नोलॉजीज इंडिया और फॉक्सकॉन की भारतीय यूनिट भारत FIH जैसे अहम भारतीय आपूर्तिकर्ताओं प्रौद्योगिकी समूह के साथ बातचीत कर रही है।

दरअसल, गूगल पिक्सल 8 कंपनी का लेटेस्ट हार्डवेयर है। इस महीने की शुरुआत में ही ये भारत और दुनिया के बाजारों में लॉन्च किया गया था। गूगल पिक्सल 8 की कीमत 75,999 रुपए और Pixel 8 Pro की कीमत 1,06,999 रुपए है। गूगल के ये स्मार्ट फोन 12 अक्टूबर, 2023 से बाजार में बिक्री के लिए हैं।

गूगल पिक्सल 8 वायरलेस चार्जिंग, और प्रॉपराइट्री फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ है। ये फोन एंड्रॉ़यड पर ऑपरेट होता है और इसमें 128 जीबी इनबिल्ट स्टोरेज है। इसका वजन 187.00 ग्राम है। इसमें डस्ट और वाटर प्रोटेक्शन के लिए आईपी68 रेटिंग है। इसके अलावा कई और शानदार फीचर्स के साथ इसमें फेस अनलॉक भी है।

गौरतलब है कि दिग्गज टेक कंपनी एप्पल के बाद गूगल दूसरी कंपनी है जो भारत में गूगल पिक्सल 8 सीरीज का निर्माण करने जा रही है। एप्पल का लेटेस्ट स्मार्टफोन आईफोन 13 (iPhone 13) भी भारत में बन रहा है। ये मौजूदा वक्त में फॉक्सकॉन (Foxconn) के चेन्नई प्लांट में बन रहा है। इस वक्त एप्पल के लगभग सभी स्मार्टफोन भारत में बनाए जा रहे हैं।

यही नहीं सैमसंग इंडिया ने अपने मेक फॉर द वर्ल्‍ड’ इनीशियेटिव के तहत भारत में बनाए गए मोबाइल हैंडसेट को विदेशी बाज़ारों में निर्यात किया। सैमसंग ने नोएडा की नई फैक्टरी में अपनी मोबाइल फोन निर्माण की मौजूदा क्षमता को सालाना 6.8 करोड़ फोन यूनिट से 12 करोड़ यूनिट दोगुना करने का लक्ष्य भी रखा था। इसे चरणबद्ध तरीके से 2020 तक पूरा किया जाना था। हालाँकि, कोराना महामारी की वजह से इसमें देरी हुई।