Sunday, July 14, 2024
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‘दोस्तिया कहियो खतम होगा, जब तक जीवित रहेंगे आपलोगों से संबंधे रहेगा’: BJP से ‘इश्किया का इशारा’ कर नीतीश कुमार ने खूब बटोरी ताली

"आप जानते है, उस समय वो बतवा नहीं माना। हमको कह दिया कि साहब अभी यहाँ नहीं कर सकते हैं। हम सबको समझाए कि वहीं करिए, त बोले अच्छा-अच्छा।"

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मंगलवार (19 अक्टूबर, 2023) को बिहार के पूर्वी चम्पारण स्थित ‘महात्मा गाँधी केंद्रीय विश्वविद्यालय, मोतिहारी’ (MGCUB) में पहुँचीं, जहाँ उन्होंने सेन्ट्रल यूनिवर्सिटी के प्रथम दीक्षांत समारोह को संबोधित किया और छात्र-छात्राओं को डिग्रियाँ प्रदान की। इस दौरान वहाँ बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और स्थानीय सांसद एवं भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राधामोहन सिंह भी मौजूद रहे। नीतीश कुमार ने छात्र-छात्राओं को कहा कि वो अपनी शिक्षा का इस्तेमाल राष्ट्रहित में करें।

उन्होंने याद दिलाया कि सबसे पहले 2007 में केंद्र सरकार ने बिहार में सेन्ट्रल यूनिवर्सिटी की स्थापना का निर्णय लिया था और 2009 में इस संबंध में अधिनियम पास किया गया। उन्होंने याद दिलाया कि उस दौरान भी वो ही मुख्यमंत्री थे और कॉन्ग्रेस की केंद्र सरकार को उन्होंने स्पष्ट कहा था कि राष्ट्रीय स्तर पर सबसे पहले केंद्रीय विश्वविद्यालय चम्पारण में बने। उन्होंने याद दिलाया कि राष्ट्रपति कहे जाने वाले महात्मा गाँधी यहाँ के लोगों द्वारा आग्रह किए जाने के बाद आए थे और बड़ा अभियान चलाया।

उन्होंने इस दौरान राष्ट्रपति से कहा कि अगले दौर में वो उन्हें बापू से जुड़े स्थलों को दिखाएँगे। इस दौरान उन्होंने ये याद भी दिलाया कि उन्होंने कई यात्राएँ यहीं से शुरू की थी। उन्होंने याद दिलाया कि देश की आज़ादी से 30 साल पहले महात्मा गाँधी ने यहीं से आंदोलन शुरू किया था। नीतीश कुमार बोले, “मेरा बतवे नहीं सुनता है। हम तो बार-बार कहते हैं कि बापू का जो चम्पारण से अभियान शुरू हुआ, उसे राष्ट्रीय स्तर पर महत्व दिया जाए। इसीलिए, हम सबकी इज्जत करते हैं। वोटवा जिसको देना है उ दे, जो करे। लेकिन जब तक जीवित रहेंगे, यहाँ का हम इज्जत करते रहेंगे।”

नीतीश कुमार बोले, “आप जानते है, उस समय वो (तत्कालीन केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री कपिल सिब्बल) बतवा नहीं माना। हमको कह दिया कि साहब अभी यहाँ नहीं कर सकते हैं। हम सबको समझाए कि वहीं करिए, त बोले अच्छा-अच्छा। हमने कह दिया कि आप कौन चीज के नेता हैं कि बापू की सिखाई चीजों को भुला रहे हैं। आप गया कह रहे हैं तो 2 तय कीजिए, गया में भी बनाइए। त मेरा स्वीकार किया। 2014 में ये स्वीकृति हो गई और 2016 से काम शुरू हुआ। हमलोग 135 एकड़ दे दिए हैं, लेकिन आपको 300 एकड़ चाहिए। हम उतना दे देंगे। अधिकारियों से कह दिया है कि एक महीने में तत्काल कर दीजिए।”

उन्होंने कहा कि उनकी इच्छा है कि जल्द से जल्द MGCUB की नई इमारत बने और राज्य सरकार भी मदद करेगी। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी का नाम महात्मा गाँधी के नाम पर रखने का भी सुझाव उन्हीं का था। उन्होंने आग्रह किया कि तेज़ी से निर्माण कार्य हो, सारी मदद की जाएगी। उन्होंने 3 दिन के भीतर मुख्य सचिव से रिपोर्ट लेने की बात कही। उन्होंने कहा कि आने-जाने के रास्ते से लेकर एक-एक चीज बनवा दी जाएगी। उन्होंने रहने के लिए हॉस्टल की व्यवस्था की भी बात कही।

इसी दौरान उन्होंने मंच पर उपस्थित लोगों की तरफ इशारा करते हुए कहा, “जितने लोग हमारे हैं, सब साथी हैं। छोड़िए न भाई, हम अलग हैं और आप अलग हैं। हमरा त दोस्तिया कहियो ख़तम होगा? जब तक हम जीवित रहेंगे, आपलोगों के साथ मेरा संबंधें रहेगा। चिंता मत कीजिए।” ऊपर संलग्न किए गए वीडियो में आप 40 मिनट के बाद नीतीश कुमार का भाषण सुन सकते हैं। इसके बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या नीतीश कुमार फिर से भाजपा के साथ किसी न किसी बहाने से नजदीकियाँ बढ़ाने की जुगत में लगे हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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