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रास्ते में मस्जिद की वजह से RSS के मार्च को अनुमति देने से स्टालिन सरकार का इनकार: मद्रास हाई कोर्ट ने लगाई फटकार, पूछा- यह कैसा सेक्युलरिज्म?

तमिलनाडु की एम के स्टालिन सरकार के सेकुलरिज्म के नाम पर आरएसएस के मार्च पर प्रतिबन्ध लगा दिया। जिसपर मद्रास हाई कोर्ट ने फटकार लगाई है। वहीं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को बड़ी राहत देते हुए मद्रास उच्च न्यायालय ने उसे 22 और 29 अक्टूबर को तमिलनाडु में 35 स्थानों पर “रूट मार्च” आयोजित करने की अनुमति दे दी है। दरअसल, तमिलनाडु की स्टालिन सरकार ने रास्ते में मस्जिद और चर्च होने का हवाला देकर आरएसएस के मार्च को अनुमति देने से इनकार कर दिया था।  

मद्रास उच्च न्यायालय ने तमिलनाडु की स्टालिन सरकार को फटकार लगाई है। कोर्ट ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को राज्य में मार्च और जनसभाएँ करने की अनुमति देने से इनकार करने का निर्णय संविधान द्वारा दी गई धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांत के खिलाफ है।

यह टिप्पणी न्यायमूर्ति जी जयचंद्रन ने तमिलनाडु पुलिस को आरएसएस को अनुमति देने का निर्देश देते हुए की। कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार को आदेश दिया कि सरकार आरएसएस को इस साल 22 और 29 अक्टूबर को राज्य में 35 स्थानों पर “रूट मार्च” आयोजित करने की अनुमति दें। कोर्ट ने कहा कि राज्य द्वारा अनुमति देने से इनकार करने की वजहों में कुछ प्रस्तावित मार्गों पर मस्जिदों, चर्चों और डीएमके के एक क्षेत्रीय कार्यालय की मौजूदगी और कुछ सड़कों पर संभावित यातायात की भीड़ को कारण बताया गया था। जो सही नहीं है और सेक्युलरिज्म के खिलाफ है।

16 अक्टूबर, 2023 के अपने आदेश में न्यायाधीश ने कहा कि राज्य सरकार लगभग एक महीने से इस तरह के रूट मार्च के लिए आरएसएस के सदस्यों और पदाधिकारियों द्वारा दिए गए आवेदन पर रोक लगाकर बैठी है। वहीं याचिकाकर्ताओं द्वारा मद्रास हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाने से ठीक पहले राज्य की पुलिस ने अंततः अनुमति देने से इनकार कर दिया था।

वहीं इस पूरे मामले में मद्रास हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा, “आरएसएस के रुट मार्च को तमिलनाडु पुलिस द्वारा अनुमति न देना, निश्चित रूप से शासन के धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक तरीके के अनुरूप नहीं है। और न तो यह भारत के माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का पालन करना ही है। आरएसएस की विचारधारा का विरोध करने वाले कुछ संगठनों के ढाँचे, मस्जिद या कार्यालय का हवाला देकर, जुलूस और सार्वजनिक बैठक आयोजित करने के आरएसएस के अनुरोध को खारिज कर देना। यह धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांत के विपरीत है जो हमारे भारत के संविधान की नींव है।”

इस मामले में न्यायालय ने आरएसएस के स्थानीय और राज्य-स्तरीय सदस्यों द्वारा ऐसी अनुमति माँगने के लिए दायर की गई कई याचिकाओं को अनुमति दे दी। वहीं कोर्ट ने राज्य के अधिकारियों और रूट मार्च में भाग लेने वालों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया भी दिया है कि रूट मार्च शांतिपूर्वक आयोजित की जाएँ।”

गौरतलब है कि यही मुद्दा पिछले साल अक्टूबर में भी अदालत के सामने आया था जब आरएसएस ने गाँधी जयंती और भारत की आजादी के 75 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में राज्य भर में कई स्थानों पर अपना मार्च और जनसभाएँ करने की तमिलनाडु की राज्य सरकार से अनुमति माँगी थी।

तब भी राज्य सरकार ने कानून-व्यवस्था और खुफिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए अनुमति देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद आरएसएस ने पिछले साल भी मद्रास उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था।
उस वर्ष 4 नवंबर को कोर्ट ने आरएसएस को कुछ शर्तों के साथ मार्च आयोजित करने की अनुमति दी थी। वहीं इस साल 10 फरवरी को उच्च न्यायालय की एक खंडपीठ ने इन प्रतिबंधों को हटा दिया था और स्वस्थ लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन के महत्व पर जोर दिया था।

‘सांसद के लॉगिन ID का इस्तेमाल गंभीर अपराध’: महुआ मोइत्रा मामले में आचार समिति के प्रमुख ने कहा- संसद के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ

संसद की आचार समिति के अध्यक्ष और भाजपा सांसद विनोद सोनकर ने शुक्रवार (20 अक्टूबर 2023) को बताया कि ‘कैश फॉर क्वेरी’ स्कैंडल में उन्हें कारोबारी दर्शन हीरानंदानी का हलफनामा मिल गया है। दरअसल बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने तृणमूल कॉन्ग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा पर घूस लेकर संसद में सवाल पूछने का आरोप लगाया था। इसके बाद लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने यह शिकायत समिति को भेजी थी।

इस बातचीच में संसदीय आचार समिति अध्यक्ष विनोद सोनकर ने कहा था कि अगर किसी ने सांसद के लॉग-इन आईडी का इस्तेमाल किया है तो ये बहुत गंभीर अपराध है। उन्होंने कहा, “संसद के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है। यह बहुत ही अजीबोगरीब और गंभीर मामला है।”

भाजपा सांसद विनोद सोनकर ने कहा कि संसदीय आचार समिति 26 अक्टूबर 2023 को सभी सबूतों की जाँच करेगी। इसके लिए सभी शिकायतकर्ताओं को सबूत के साथ मौजूद रहने के लिए कहा गया है। उन्होंने यह भी कहा कि कार्रवाई दोनों पक्षों के समिति को दिए गए सबूतों पर निर्भर करेगी।

बता दें कि विनोद सोनकर ने कहा है कि उन्हें दर्शन हीरानंदानी से लेटर\हलफनामा मिल चुका है। इससे पहले सासंद सोनकर ने बताया था कि उन्हें अभी तक रियल एस्टेट से लेकर एनर्जी में कारोबार करने वाले हीरानंदानी ग्रुप के सीईओ दर्शन हीरानंदानी का कोई लेटर नहीं मिला है।

आचार समिति के अध्यक्ष विनोद सोनकर को भेजे गए तीन पेज के हलफनामे में दर्शन हीरानंदानी ने स्वीकार किया है कि उनकी टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा के साथ दोस्ती थी। इसमें उन्होंने ये भी दावा किया है कि लोकसभा सदस्य मोइत्रा ने मशहूर होने के लिए सबसे आसान रास्ता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमले का चुना।

हीरानंदानी ने हलफनामे में आगे लिखा है कि मई 2019 में सांसद बनी मोइत्रा को उनके दोस्तों ने जल्दी मशहूर होने के लिए पीएम मोदी पर हमला करने की सलाह दी थी। इसके बाद टीएमसी सांसद मोइत्रा ने सोचा कि पीएम मोदी पर हमला करने का इकलौता रास्ता गौतम अडानी और उनके समूह पर हमला करना है, क्योंकि दोनों ही गुजरात से थे।

दर्शन हीरानंदानी ने दावा किया कि इसके लिए सांसद मोइत्रा ने अपनी संसद की लॉग-इन आईडी और पासवर्ड भी उनके साथ शेयर किए थे, ताकि वे सूचना भेज सकें और महुआ इसे संसद में उठा सकें। हीरानंदानी ने कहा कि वह महुआ मोइत्रा के पेशकश को स्वीकार कर लिया।

इसके साथ ही दर्शन हीरानंदानी ने महुआ मोइत्रा पर फेवर और तोहफे माँगने का भी आरोप लगाया है। हालाँकि, मोइत्रा ने हीरानंदानी के हलफनामे में किए गए दावों को नकार दिया और आरोप लगाया कि यह हलफनामा बीजेपी के दबाव में तैयार किया गया है और प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस पर हस्ताक्षर करने के लिए दर्शन हीरानंदानी को बाध्य किया है।

इस बीच, हाईकोर्ट में जस्टिस सचिन दत्ता की अध्यक्षता वाली बेंच ने महुआ मोइत्रा की दायर मानहानि मुकदमे पर सुनवाई की और मामले को 31 अक्टूबर को सुनवाई के लिए सुरक्षित रख लिया। गौरतलब है कि टीएमसी सांसद ने मंगलवार (17 अक्टूबर 2023) को दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

इसमें उन्होंने बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे और वकील अनंत देहाद्राई के अलावा कई सोशल मीडिया प्लेटफार्मों और मीडिया हाउसों को उनके खिलाफ किसी भी कथित फर्जी और अपमानजनक सामग्री को पोस्ट करने, प्रसारित करने या प्रकाशित करने से रोकने की माँग की थी।

इस दौरान देहाद्राई ने खुली अदालत में आरोप लगाया कि मोइत्रा के वकील गोपाल शंकरनारायणन ने गुरुवार (19 अक्टूबर 2023) को उनसे संपर्क कर मोइत्रा के खिलाफ शिकायत वापस लेने को कहा था। इसके बाद शंकरनारायणन ने इस केस से खुद को अलग कर लिया।

बीजेपी सांसद दुबे ने अपनी शिकायत में मोइत्रा के दोस्त रहे वकील जय अनंत देहाद्राई से मिले एक पत्र का हवाला दिया है। लोकसभा अध्यक्ष को लिखे अपने इस पत्र में, दुबे ने दावा किया कि हाल तक लोकसभा में टीएमसी सांसद मोइत्रा के पूछे गए 61 में से 50 सवाल अडानी समूह पर केंद्रित थे।

हालाँकि हाईकोर्ट की अपनी याचिका में, मोइत्रा ने आरोपों से इनकार किया और दावा किया कि संसद में सवाल पूछने के लिए रिश्वत के कथित आदान-प्रदान के लिए दुबे और देहाद्राई के उनके खिलाफ लगाए गए झूठे आरोप उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाने के लिए लगाए गए थे।

वहीं इस बीच टीएमसी सांसद मोइत्रा ने अपने एक्स हैंडल पोस्ट में लोगों को ‘शुभो षष्ठी’ की शुभकामनाएँ दीं और कहा कि वह नदिया में दुर्गा पूजा का आनंद ले रही हैं।

उन्होंने कहा, “यदि सीबीआई और एथिक्स कमेटी (जिसमें भाजपा सदस्यों का पूर्ण बहुमत है) सवालों का जवाब देने के लिए मुझे बुलाती है तो मैं उनका स्वागत करती हूँ। अडानी के निर्देशित मीडिया सर्कस ट्रायल चलाने या बीजेपी ट्रोल्स को जवाब देने के लिए मेरे पास न तो वक्त है और न ही मेरी दिलचस्पी।”

इस हिंदू लड़की के शरीर को फिरोज ने दिए जो जख्म, उसे आपको देखना चाहिए… क्योंकि कई फिरोज आपके आसपास भी हैं

लव जिहाद और हिंदू लड़कियों पर अत्याचार की घटनाएँ आए दिन बढ़ती जा रही हैं। ऐसे में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में दावा किया जा रहा है कि भुज में फिरोज नाम के एक मुस्लिम युवक ने हिंदू लड़की जानकी को अपने जाल में फँसाया और उसे इस्लाम कबूल करवाकर निकाह कर ली। निकाह के बाद फिरोज ने लड़की को दूसरे लोगों के साथ संबंध बनाने को कहा और जब लड़की ने ऐसा करने से इनकार कर दिया तो फिरोज ने उसे पीट-पीटकर अधमरा कर दिया। पीड़ित महिला ने एक मीडिया से बात की और सच बताया जो अब वायरल हो गया है। 

जी न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, पीड़ित लड़की ने इस मामले में कहा, ”वह मुझे ड्रग्स समेत अन्य बिजनेस में शामिल करना चाहता है, अगर मैं मना करती थी तो वह मेरे साथ मारपीट करता है। वह मुझे इस बुरे धंधे में फँसाना चाहता है, मैं इसमें फँस गई हूँ, किसी भी बहन को ऐसे विधर्मी के जाल में नहीं फँसना चाहिए।”

वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल 

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कई लोगों द्वारा पोस्ट किए गए इस वीडियो में एक युवती को देखा जा सकता है। जिसके पीठ पर चोट के निशान हैं, काले धब्बे पड़ गए हैं और त्वचा भी कई जगह से फट गई है। वीडियो में दिख रहे दृश्य विचलित करने वाले हैं। साथ ही यह भी दावा किया जा रहा है कि लड़की का नाम जानकी है और फिरोज नाम के युवक ने उसे झाँसा देकर निकाह किया।

एक्स हैंडल ‘द एनालाइजर (न्यूज अपडेट)’ ने इस वीडियो को पोस्ट करते हुए लिखा, ”अब समय आ गया है कि हिंदू लड़कियाँ अपनी जिद छोड़ दें कि ‘मेरा अब्दुल अलग है।” भुज में जानकी नाम की एक हिंदू लड़की को बहला-फुसलाकर ले जाया गया। जिहादी फ़िरोज़ ने उन्हें इस्लाम कबूल करवाकर और निकाह कर ली। फिर वह उसे दूसरों के साथ सोने के लिए मजबूर करना शुरू कर देता है, उसके साथ अप्राकृतिक संबंध बनाता है और उसकी पिटाई करता है। इस लड़की की हालत तो देखो, इसे लोहे के पाइप से पीट-पीटकर क्या हाल कर दिया गया है।”

ऐसी ही एक पोस्ट अंग्रेजी साप्ताहिक ‘ऑर्गनाइज़र वीकली’ ने भी की थी। इसमें लिखा था, “गुजरात के भुज में, फ़िरोज़ नाम के एक मुस्लिम युवक ने कथित तौर पर एक हिंदू लड़की को फुसलाया और उसे उससे शादी करने के लिए मजबूर किया, जैसा कि जानकी ने आरोप लगाया, जिसने उसे दूसरों के साथ सोने के लिए मजबूर किया। वीडियो में दिखाया गया है कि कैसे जानकी को आरोपितों ने बेरहमी से पीटा है।

एक्स यूजर ‘मिस्टर सिन्हा’ ने भी आज लड़की के 2 वीडियो पोस्ट किए और लिखा, ”भुज में फ़िरोज़ नाम का एक मुस्लिम युवक एक हिंदू लड़की जानकी को बहकाता है, उसका धर्म परिवर्तन करवाता है और उससे निकाह करता है। फिर वह लड़की को अन्य लोगों के साथ संबंध बनाने के लिए मजबूर करता है, उसके साथ गलत तरीके से संबंध बनाता है और उसे बुरी तरह पीटता है, जरा उसकी हालत देखो… यह देखना बहुत दर्दनाक है… उसे पूरी रात लोहे के पाइप से पीटा गया है।”

गौरतलब है कि इन सभी यूजर्स द्वारा पोस्ट किए गए वीडियो में लड़की गंभीर रूप से घायल नजर आ रही है। इन सभी यूजर्स द्वारा पोस्ट किए गए वीडियो और दी गई जानकारी एक जैसी है। इन सभी ने एक ही दावा किया है कि भुज में फिरोज नाम के मुस्लिम युवक ने हिंदू लड़की जानकी को फँसाकर उसके साथ रेप किया है। इस वीडियो में लड़की के शरीर का एक भी हिस्सा ऐसा नहीं है जहाँ चोट के निशान न हो।  प्रारंभ में, नेटिज़न्स इस वीडियो को लेकर संशय में थे। लेकिन अब जब पीड़िता ने खुद मीडिया के सामने आकर इस पूरी घटना पर बयान दिया है तो ये वीडियो सच साबित हो गया है। 

‘चिरकुट नेता, अखिलेश-वखिलेश’: MP में 0 सीट देने के बाद कमलनाथ ने दुत्कारा भी, कॉन्ग्रेस-सपा की खटास से अँधेरे में INDI गठबंधन का भविष्य

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव कहीं नरेंद्र मोदी के विरोध में बने I.N.D.I. गठबंधन के लिए कब्रगाह न साबित हो जाए। दरअसल, मध्य प्रदेश में समाजवादी पार्टी ने कॉन्ग्रेस से सिर्फ 6 सीटें माँगी थीं, लेकिन कॉन्ग्रेस ने वह भी नहीं दी। इसके बाद समाजवादी पार्टी ने अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है।

अखिलेश यादव ने कहा, “हम एमपी की बात को यूपी में भी ध्यान रखेंगे”। इसके बाद मध्य प्रदेश कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ का ऐसा बयान आया कि गठबंधन में बवाल मच गया। जब मीडियाकर्मियों ने कमलनाथ से अखिलेश यादव द्वारा ‘धोखा’ दिए जाने की बात पूछी तो उन्होंने बोल दिया ‘अरे छोड़िए अखिलेश-वखिलेश’ को। इसके बाद सियासत गरमा गई है।

अखिलेश यादव के मन में गुस्सा, लगातार अपमान से गुस्साए

अखिलेश यादव ने अब कहा है कि मध्य प्रदेश में कॉन्ग्रेस के लोग भाजपा से मिले हुए हैं। अगर उन्हें पता होता कि कॉन्ग्रेस विधानसभा चुनाव में गठबंधन ही नहीं करेगी तो वो कॉन्ग्रेस के लोगों का फोन भी नहीं उठाते। दरअसल, अखिलेश ने कहा था कि कॉन्ग्रेस ने मध्य प्रदेश में उन्हें 6 सीट देने का वादा किया था, लेकिन सारे सीटों पर उसने अपने उम्मीदवार उतार दिए।

अखिलेश यादव ने कहा, ‘अगर कॉन्ग्रेस (मध्य प्रदेश में) सीटें नहीं देना चाहती थी तो उन्हें यह पहले ही बताना चाहिए था। आज सपा केवल उन्हीं सीटों पर लड़ रही है, जहाँ उसका अपना संगठन है। अब मध्य प्रदेश के बाद मुझे समझ में आया है कि इंडी अलायंस सिर्फ लोकसभा चुनाव के लिए है।”

प्रत्यक्ष रूप से कॉन्ग्रेस को भरोसे नहीं करने लायक पार्टी बताते हुए समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो ने कहा, “अगर कॉन्ग्रेस इसी तरह का व्यवहार करती रही तो उन पर भरोसा कौन करेगा? अगर हम मन में भ्रम लेकर भाजपा के खिलाफ लड़ेंगे तो हम सफल नहीं होंगे।”

बता दें कि मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में पहुँचे कमलनाथ ने कहा था कि राज्य में माहौल बहुत अच्छा है। टिकट घोषित होने के बाद फोन कॉल आ रहे हैं और लोग बता रहे हैं कि काफी उत्साह है। कॉन्ग्रेस उम्मीद से भी बेहतर प्रदर्शन करेगी।

इस दौरान मीडियाकर्मियों ने उनसे अखिलेश यादव के ‘विश्वासघात’ वाले आरोप पर सवाल पूछा। इस पर कमलनाथ ने अखिलेश यादव को लेकर कुछ ऐसे बोला, जैसे अखिलेश यादव की कोई हैसियत ही न हो। उन्होंने छूटते ही कहा, “अरे भई छोड़ो अखिलेश अखिलेश…”।

इस मामले में उत्तर प्रदेश कॉन्ग्रेस से भी प्रतिक्रिया आई है। उत्तर प्रदेश कॉन्ग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने अखिलेश यादव पर सवाल उठाए हुए कहा, “अखिलेश यादव जी, जनता देख सकती है कि भाजपा के साथ कौन है। घोसी उपचुनाव में हमने उन्हें (समाजवादी पार्टी को) समर्थन दिया और वे जीत गए। उसी समय, उत्तराखंड में बागेश्वर उपचुनाव हुए।”

राय ने आगे लिखा, “उन्होंने (सपा ने) वहाँ अपना उम्मीदवार खड़ा किया, लेकिन भाजपा जीत गई और कॉन्ग्रेस हार गई। इससे पता चलता है कि कौन प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से भाजपा की मदद कर रहा है। एमपी में भी यह साबित हो जाएगी। अगर सपा को लगता है कि भाजपा को जीतने से रोकना चाहिए तो उन्हें कॉन्ग्रेस का समर्थन करना चाहिए।”

बता दें कि 19 अक्टूबर 2023 को खबर आई कि मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में कॉन्ग्रेस ने समाजवादी पार्टी को पूरी तरह से अपमानित करते हुए अखिलेश यादव को कोई भाव नहीं दिया। अपने वादे के मुताबिक 6 सीटें को तो छोड़िए, एक सीट भी कॉन्ग्रेस ने नहीं दी।

इस वाकये के बाद अब अखिलेश यादव ने कहा है कि अगर उन्हें पता होता कि राज्यों के स्तर पर गठबंधन नहीं है तो वो कभी किसी बैठक में जाते ही नहीं। उन्होंने कॉन्ग्रेस पर भ्रम में रखने का आरोप लगाया।

ग्रुप सेक्स का ऑफर देने वाले पाटर्नर को इटली की PM ने छोड़ा, 10 साल से रिश्ते में थीं जियोर्जिया मेलोनी: जी20 में इनकी ही तस्वीरों ने मचा रखा था धमाल

इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने अपने बॉयफ्रेंड एंड्रिया जियाम्ब्रुनो के साथ रिश्ते को खत्म करने की घोषणा की है। उनके बॉयफ्रेंड जियाम्ब्रुनो पत्रकार हैं और महिला विरोधी टिप्पणी की वजह से पिछले कुछ समय से चर्चा में हैं। वे इटली के पूर्व प्रधानमंत्री सिल्वियो बर्लुस्कोनी के परिवार द्वारा चलाए जा रहे एमएफई मीडिया समूह के लिए काम करते हैं।

कुछ समय पहले जियाम्ब्रुनो एक महिला सहकर्मी से ‘तुम मुझे पहले क्यों नहीं मिली’ कहते सुने गए थे। यही नहीं, उन्होंने अपनी एक महिला सहकर्मियों को ‘ग्रुप सेक्स’ के लिए भी कहा था। उन्होंने यह भी कहा था कि अगर वो लोग ‘ग्रुप सेक्स’ में शामिल होती हैं, तभी उनके साथ काम कर सकती हैं। ये स्पष्ट तौर पर कार्यस्थल पर यौन शोषण का मामला है।

जियाम्ब्रुनो इटली के वरिष्ठ पत्रकार हैं और मेलोनी के साथ पिछले 10 साल से रिलेशनशिप में थे। दोनों की एक 7 साल की बच्ची भी है, जिसका नाम गिनेवरा है। वो मीडियासेट टीवी चैनल के लिए काम करते हैं। उन्होंने कई बार ऑन एयर महिलाओं के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की है।

इटली की पहली महिला प्रधानमंत्री के तौर पर एक साल का कार्यकाल पूरा करने वाली 46 वर्षीया जियोर्जिया मेलोनी से पत्रकारों ने इस मामले पर उनसे सवाल किया था। इस पर जियोर्जिया मेलोनी ने कहा था कि वो अपने पार्टनर की टिप्पणियों के लिए जिम्मेदार नहीं हैं। इसलिए उनसे इस बारे में कोई सवाल न पूछा जाए।

महिलाओं पर अभद्र टिप्पणियाँ बनीं अलगाव की वजह

रॉयटर्स की रिपोर्ट्स के मुताबिक, एमएफई मीडिया समूह की मीडियासेट चैनल पर एंड्रिया जियाम्ब्रुनो एक शो होस्ट करते हैं। उस शो की होस्टिंग के दौरान जब ब्रेक हुआ था, तब उन्होंने महिला सहकर्मियों पर गलत टिप्पणी की थी। यही नहीं, उन्होंने कुछ समय पहले कहा था कि महिलाएँ ज्यादा शराब न पीकर ‘गैंगरेप’ से बच सकती हैं।

जियाम्ब्रुनो ने कहा था, “अगर आप डांस करने जाते हैं तो आपको नशे में होने का पूरा हक है, लेकिन नशे में होने के बावजूद आपको खुद को भुलाना नहीं है, वरना भेड़ियों के चंगुल में फँसने का खतरा रहेगा।” ऐसे ही एक अन्य सहकर्मी से उन्होंने कहा था कि ‘तुम मुझे पहले क्यों नहीं मिली’। उनके कहने का मतलब साफ था कि वो उसकी तरफ आकर्षित थे।

मेलोनी ने एक्स पर की अलगाव की घोषणा

इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर अपनी और एंड्रिया जियाम्ब्रुनो के रिश्ते के खत्म होने की घोषणा की। मेलोनी ने ट्वीट में लिखा कि वह जियाम्ब्रुनो के साथ बिताए अच्छे समय के लिए आभारी हैं और उन्होंने उन्हें जिंदगी की सबसे महत्वपूर्ण चीज दी है, जो कि उनकी बेटी है।

हालाँकि, मेलोनी ने यह भी स्वीकार किया कि अब 42 वर्षीय एंड्रयू जियाम्ब्रुनो के साथ उनके रास्ते अलग हो गए हैं और यह समय है कि इसे स्वीकार कर लिया जाए। मेलोनी ने लिखा कि वह अपने रिश्ते, अपनी दोस्ती और अपनी बेटी की रक्षा करेंगी।

मेलोनी ने उन लोगों को एक संदेश भेजा जो उनके निजी जीवन पर हमला करके उन्हें कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह मजबूत और लचीली हैं और उनके हमलों से वह नहीं टूटेंगी। मेलोनी का ट्वीट उनके रिश्ते के अंत के बारे में एक स्पष्ट और दिल की बात है।

जियोर्जिया मेलोनी और उनके बॉयफ्रेंड की मुलाकात साल 2014 में एक टीवी शो के दौरान ही हुई थी। एंड्रिया जियाम्ब्रुनो तब चैनल के शो की स्क्रिप्ट लिखते थे। इसके बाद दोनों करीब आए। दोनों ने शादी नहीं की थी, लेकिन साथ रह रहे थे। हालाँकि अब दोनों के रास्ते अलग हो चुके हैं।

हिंदू बन लड़कियों को मॉडलिंग का लालच दे फँसाता था मोहम्मद रेहान, फिर न्यूड फोटो से करता था ब्लैकमेल: सूरत पुलिस ने किया गिरफ्तार

गुजरात के सूरत जिले में मोहम्मद रेहान सोशल मीडिया पर हिंदू नाम से प्रोफाइल बनाकर लड़कियों को बहलाता-फुसलाता और फँसाता था। वह लड़कियों को मॉडलिंग दिलाने का झाँसा देता और उनसे न्यूड फोटो मंगवाता था। फिर इन्हीं फोटो के जरिए वह उन्हें ब्लैकमेल करता था। पुलिस ने मोहम्मद रेहान को गिरफ्तार कर लिया है।

दरअसल, मोहम्मद रेहान लड़कियों से मॉडलिंग के नाम उनकी तस्वीरें मँगाता था। फिर उनसे उन्हें ब्लैकमेल करता था। इस दौरान एक लड़की को उस पर शक हो गया। उसके परिवारवालों ने इस बारे में बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद को बताया। इसकी वजह से इस धोखेबाज की गिरफ्तारी में खासी मदद मिली।

अदजान पुलिस ने आरोपित मोहम्मद रेहान के खिलाफ मामला दर्जकर बुधवार (18 अक्टूबर 2023) को गिरफ्तार कर लिया। हिंदू संगठनों ने आरोपित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की है। पुलिस आरोपित से पूछताछ कर रही है। जब्त किए गए उसके मोबाइल फोन को जाँच के लिए फोरेंसिक लैब में भेजने की तैयारी कर रही है।

सूरत का रहने वाला आरोपित मोहम्मद रेहान लड़किोयों को ‘काम चाहिए?’ जैसे मैसेज व्हाट्सएप पर भेजता था। इसकी एवज में आरोपित व्हाट्सएप पर मॉडलिंग की चाह रखने वाली इन लड़कियों और महिलाओं को से न्यूड वीडियो और तस्वीरों माँगता था। साथ ही इसके लिए 50,000 रुपए से 5 लाख रुपए की मॉडलिंग की पेशकश करता था।

आरोपित मोहम्मद रेहान ने हिंदू लड़कियों को फँसाने के लिए सोशल मीडिया पर खुद को हिंदू बताता था। उसने हिंदू नाम से कई प्रोफाइल बना रखे थे। वह जरूरतमंद परिवारों की लड़कियों को फँसाता था। उन्हें मॉडलिंग के नाम पर उनकी नग्न वीडियो और तस्वीरें मँगाता और उन्हें पोर्न वेबसाइटों पर अपलोड कर पैसे कमाता था।

इस दौरान आरोपित के संपर्क में आई महिलाएँ आईं। इन्हीं में से एक महिला को मोहम्मद रेहान की गतिविधियों पर शक हुआ। इसके बाद उसकी असलियत सामने आई तो उसने इसकी जानकारी अपने परिवार को दी। परिवार ने रेहान के बारे में बजरंग दल को भी जानकारी दी।

इसे लेकर ऑपइंडिया से बात करते हुए रांदेर के बजरंग दल संयोजक रवि गुप्ता ने कहा, “यह पूरी साजिश चार हफ्ते पहले हमारे ध्यान में लाई गई थी। आरोपित मोहम्मद रेहान की ब्लैकमेलिंग से परेशान पीड़ितों में से एक ने अपने परिवार को इस बारे में बताया। इसके बाद परिवार ने मदद के लिए हमसे संपर्क किया। घटना की जानकारी मिलने के बाद हमारी टीम ने जाल बिछाकर हमने आरोपित मोहम्मद रेहान को बुलाया और उसे रंगे हाथों धर लिया।”

रवि गुप्ता ने बताया कि आरोपित रेहान को पकड़ने के लिए कैसे जाल बिछाया था। गुप्ता के मुताबिक, उन्होंने आरोपित रेहान के पहुँचते ही उसे पकड़ लिया। इसके बाद उससे सवाल करने लगे। आरोपित रेहान से पूछताछ के दौरान उसका फोन जाँचा तो उसमें आठ अलग-अलग सोशल मीडिया प्रोफाइल मिले। इसने ये सभी हिंदू नामों से बनाए थे।

बजरंग दल के सदस्यों को इसके साथ ही पीड़ित लड़कियों के साथ रेहान की चैट भी मिली। इसमें उन्हें आरोपित के पीड़ितों को नग्न तस्वीरें भेजने के लिए ब्लैकमेल करने वाले मैसेज भी मिले। इसे लेकर जब आरोपित से सवाल किए गए तो वो भड़क गया। उन्होंने बताया कि आरोपित इतना शातिर था कि वो हिंदू लड़कियों की नग्न तस्वीरें इस तरह से लेता था कि उनका चेहरा दिखाई न दें।

रवि गुप्ता के मुताबिक, आरोपित इन नग्न तस्वीरों को भारत में प्रतिबंधित और अमेरिका एवं कनाडा से संचालित पोर्न वेबसाइटों पर अपलोड करता था। इसके बाद आरोपित मोहम्मद रेहान ऐसी अवैध वेबसाइटों पर हिंदू लड़कियों की नग्न तस्वीरें अपलोड कर उन्हें ब्लैकमेल करता था और बदनाम करने की धमकी देते हुए पैसे की माँग करता था।

मणिपुर कार ब्लास्ट के मास्टरमाइंड मोहम्मद इस्लाउद्दीन खान को में NIA ने पकड़ा, पुल पर हुए धमाके में नूर हुसैन की भी हो चुकी है गिरफ्तारी

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए) ने गुरुवार (19 अक्टूबर, 2023) को मणिपुर पुलिस के सहयोग से मोहम्मद इस्लाउद्दीन खान को गिरफ्तार किया। इस पर 21 जून, 2023 को मणिपुर के बिष्णुपुर जिले के क्वाक्टा इलाके में एक कार में हुए बम विस्फोट में शामिल होने का आरोप है।

इस केस में ये वांछित था। खान के खिलाफ पहले मणिपुर पुलिस ने केस दर्ज किया गया था। इसके बाद एनआईए ने जाँच अपने हाथ में लेकर जून में ही इंफाल में फिर से केस दर्ज किया था। एनआईए के मुताबिक आरोपित खान को इंफाल की एक अदालत में पेश किया गया। जहाँ से उसे सात दिन की एनआईए हिरासत में भेज दिया गया है।

गौरतलब है कि इस कार बम विस्फोट मामले में ये दूसरी गिरफ्तारी है। इस केस में एनआई ने पहली गिरफ्तारी 16 अक्टूबर को की थी। तब जाँच एजेंसी ने असम के कछार जिले के सिलचर इलाके से नूर हुसैन को गिरफ्तार किया था।

इस मामले में एनआईए की जाँच में पता चला कि 21 जून को मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में टिडिम रोड के किनारे फौगाकचाओ इखाई अवांग लीकाई और क्वाक्टा इलाके में एक पुल पर खड़े आईईडी से भरे वाहन में बम विस्फोट हुआ था। इस बम विस्फोट में इस्लाउद्दीन खान भी शामिल था। गौरतलब है कि इस बम विस्फोट की वजह से तीन लोग घायल हो गए और आसपास के घरों सहित पुल क्षतिग्रस्त हो गया था।

कनाडा ने वापस बुलाए 41 राजनयिक, भारत ने 20 अक्टूबर तक का दिया था समय: खालिस्तान से जस्टिन ट्रूडो की हमदर्दी संबंधों पर भारी

भारत ने कनाडा को चेतावनी दी थी कि वो अपने राजनयिकों को वापस बुला ले, वर्ना 20 अक्टूबर को उन सभी की ‘डिप्लोमेटिक इम्यूनिटी’ छीन ली जाएगी। ऐसा करने का मतलब होगा कि वो सभी राजनयिक महज विदेशी नागरिक होकर रह जाएँगे, जिनपर भारत के कानून लागू होंगे। अब कनाडा ने हड़बड़ाहट में 21 राजनयिकों को छोड़कर बाकियों को कनाडा वापस बुला लिया है। भारत में कनाडा के कुल 62 राजनयिक और उनके परिवार के लोग रह रहे थे।

राजनयिकों के भारत से निकलने के साथ ही कनाडा और भारत के बीच तनाव चरम पर पहुँच गया है, जिसकी शुरुआत कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने की थी। उन्होंने एक खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की कनाडा में हुई हत्या में भारत पर आरोप लगाए थे और अपने देश की संसद में भी बयान दिया था। हालाँकि, भारत ने स्पष्ट तौर पर उनके आरोपों को खारिज कर दिया था।

भारत से 41 कनाडाई राजनयिकों और उनके परिजनों के वापस लौटने के बाद भारत में कनाडा के ऑपरेशन पर बुरा असर पड़ा है। कनाडा की विदेश मंत्री मेलानी जोली ने कहा कि चंडीगढ़, मुंबई और बेंगलुरु स्थित तीनों वाणिज्य दूतावासों में सभी व्यक्तिगत सेवाओं को रोक दिया है। वहीं सीमित स्तर पर सभी कामकाज दिल्ली स्थित दूतावास से ही होंगे।

कनाडा की विदेश मंत्री ने कही ये बात

कनाडा की विदेश मंत्री मेलानी जोली इस बारे में बयान देते हुए कहा, “भारत ने 20 अक्टूबर तक 21 राजनयिकों को छोड़कर बाकी सभी की ‘डिप्लोमेटिक इम्यूनिटी’ गलत तरीके से खत्म कर दी थी। इसकी वजह से 41 राजनयिकों और उनके 42 परिजनों की व्यक्तिगत सुरक्षा को भी खतरा था। इसलिए हमनें सभी को हटा लिया है। इसमें कोई संदेह नहीं है कि इस निर्णय से दोनों देशों के बीच कामकाज में दिक्कत आएगी। दुर्भाग्य से हमें चंडीगढ़, मुंबई और बेंगलुरु स्थित वाणिज्य दूतावासों में व्यक्तिगत सेवाएँ रोकनी पड़ रही हैं।”

निज्जर की हत्या के आरोप लगाने के बाद गर्माया मामला

जस्टिन ट्रूडो द्वारा संसद में भारत पर आरोप लगाए जाने के बाद से ही भारत और कनाडा के बीच राजनयिक तनाव बढ़ने लगा था। भारत ने कनाडा में वीजा सेवाओं को रोक दिया था, तो कनाडा ने भी इन सुविधाओं को कम कर दिया था। अभी 21 राजनयिक दिल्ली स्थित दूतावास से ही काम कर पाएँगे। कनाडा ने कुल 41 राजनयिकों और उनके परिजनों को वापस बुला लिया है। भारत ने कहा था कि कनाडा के राजनयिक ज्यादा संख्या में भारत में हैं और वो गलत कामों को अंजाम दे रहे हैं। भारत ने कनाडा को 21 राजनयिकों को छोड़कर बाकियों को वापस बुलाने के लिए 20 अक्टूबर तक का समय दिया था।

बता दें कि भारतीय विदेश मंत्रालय ने राजनयिकों की संख्या का मसला कई बार कनाडा के सामने उठाया था। भारत ने साफ शब्दों में कहा था कि दोनों देशों की राजनयिकों की संख्या में असमानता है। जितने भारतीय राजनयिक कनाडा में हैं, उससे कहीं अधिक कनाडाई राजनयिक भारत में हैं।

भारत का यह निर्णय दोनों देशों के बीच जारी रस्साकशी के बीच आया है। 18 सितम्बर, 2023 को कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने भारत पर खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या करवाने का आरोप लगाया था। इसके बाद कनाडा ने एक भारतीय राजनयिक को भी निष्कासित किया था।

भारत ने इसका कड़ा विरोध करते हुए बदले में एक कनाडाई राजनयिक को निष्कासित किया था। भारत ने कनाडा के आरोपों को भी खारिज किया था। इसके साथ ही भारत ने कनाडाई राजनयिकों पर भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने के आरोप भी लगाए थे। भारत ने कहा था कि कनाडा आतंकियों और अपराधियों को शरण देता है।

‘केस वापस ले लो, कुत्ता लौटा दूँगी’: महुआ मोइत्रा का ‘ऑफर’ हाईकोर्ट में खुला, TMC सांसद के वकील ने केस छोड़ा

तृणमूल कॉन्ग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा द्वारा भाजपा सांसद निशिकांत दुबे और एडवोकेट जय अनंत देहाद्राई के खिलाफ दायर मानहानि मुदकमे की सुनवाई के दौरान शुक्रवार (20 अक्टूबर 2023) को दिल्ली हाईकोर्ट में अजीब सी स्थिति उत्पन्न हो गई। देहाद्राई ने खुली अदालत में आरोप कि मोइत्रा के वकील गोपाल शंकरनारायणन ने गुरुवार (19 अक्टूबर 2023) को उनसे संपर्क कर मोइत्रा के खिलाफ शिकायत वापस लेने को कहा था। इसके बाद शंकरनारायणन ने इस केस से खुद को अलग कर लिया।

देहाद्राई ने दावा किया कि एडवोकेट शंकरनारायणन ने कुत्ता हेनरी को देने और सीबीआई में दायर महुआ के खिलाफ शिकायत को वापस लेने की बात की थी। उस बातचीत की रिकॉर्डिंग उनके पास मौजूद है। बता दें कि देहाद्राई और महुआ के बीच कुत्ता ही असली विवाद का जड़ है। दोनों ने एक दूसरे पर हेनरी को चुराने का आरोप लगाते हुए दिल्ली पुलिस में शिकायत की है।

उधर, जय अनंत देहाद्राई ने कोर्ट से आगे कहा, “यह बहुत परेशान करने वाली बात है। हितों का बहुत गंभीर टकराव है। उन्होंने मुझसे 30 मिनट तक बात की। उन्होंने मुझसे कुत्ते के बदले में सीबीआई की शिकायत वापस लेने के लिए कहा। वह इस मामले में पेश नहीं हो सकते। मेरे पास रिकॉर्डिंग है।” शंकरनारायणन ने स्वीकार किया कि उन्होंने वास्तव में देहाद्राई से संपर्क किया था।

शंकरनारायणन ने कोर्ट को बताया कि वह देहाद्राई को जानते थे, क्योंकि देहाद्राई ने उन्हें विभिन्न मामलों में पेश होने के लिए पहले ही जानकारी दे दी थी। उन्होंने कहा, “जय ने मुझे पहले भी निर्देश दिया है। इसीलिए जब मुझसे इस मामले में पेश होने के लिए कहा गया तो मैंने अपने मुवक्किल से कहा कि मुझे उससे बात करने दीजिए। वह सहमत हो गई।”

इस पर न्यायमूर्ति सचिन दत्ता ने कहा कि वे इस आरोप से स्तब्ध हैं और इससे हितों का टकराव हो सकता है। जज दत्ता ने कहा, “आप एक ऐसे व्यक्ति हैं जिनसे उच्चतम पेशेवर मानक बनाए रखने की उम्मीद की जाती है। यदि आप प्रतिवादी नंबर 2 के संपर्क में रहे हैं तो इसका मतलब है कि आपने मध्यस्थ की भूमिका निभाई है।”

कोर्ट की इस टिप्पणी के बाद एडवोकेट शंकरनारायणन ने इस मामले से हटने का निर्णय लिया। अब अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई 31 अक्टूबर 2023 को तय की है। दरअसल, देहाद्राई ने सीबीआई को पत्र लिखकर कहा था कि महुआ मोइत्रा ने दर्शन हीरानंदानी के हित में और अदानी समूह के खिलाफ संसद में सवाल पूछे थे और इसके पक्ष में उनके पास अकाट्य सबूत हैं।

इस आधार पर भाजपा सासंद ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर कार्रवाई की माँग की थी। फिर मोइत्रा ने दुबे, देहाद्राई और कई मीडिया संस्थानों के खिलाफ मानहानि का आरोप लगाते हुए अदालत का रुख कर किया है। आरोप है कि महुआ मोइत्रा ने उद्योगपति दर्शन हीरानंदानी से नकदी और उपहार के रूप में रिश्वत लेकर हीरानंदानी के लिए सवाल पूछे थे।

हालाँकि, महुआ मोइत्रा ने इन आरोपों का खंडन किया, लेकिन हीरानंदनी समूह ने एक पत्र जारी कर इसे सही बताया। हीरानंदानी का हस्ताक्षरित बयान गुरुवार को मीडिया में आया, जिसमें उन्होंने देहाद्राई के दावों की पुष्टि की और कहा कि उन्होंने अदानी समूह को लक्षित करने वाले संसद में प्रश्नों का मसौदा तैयार करने के लिए मोइत्रा के संसदीय लॉगिन का उपयोग किया। हालाँकि, हीरानंदानी के इस बयान पर भी महुआ ने सवाल उठाया है।

यह मामला संसद की आचार समिति के पास पहुँच गया है। सांसद निशिकांत दुबे द्वारा शिकायत करने के बाद स्पीकर ओम बिरला ने इसे एथिक्स कमिटी के पास भेज दिया था। दर्शन हीरानंदानी को अभी तक सीबीआई या एथिक्स कमेटी या किसी भी जाँच एजेंसी द्वारा तलब नहीं किया गया है। बता दें कि सांसद महुआ मोइत्रा और एडवोकेट जय अनंत पार्टनर रह चुके हैं।

हैरी पॉटर की 12 साल की फैन को भी हमास ने नहीं छोड़ा, दादी के साथ मिली डेड बॉडी: जेके रोलिंग की अपील भी नहीं बचा सकी जान, 203 अब भी बंधक

दक्षिणी इज़राइल पर हमास के हमले के लगभग दो सप्ताह बाद भी सैकड़ों लोग लापता हैं। हमास आतंकियों द्वारा मारे गए इजरायलियों के शव अभी भी पाए जा रहे हैं और गाजा में बंधक बनाए गए बंधकों की वास्तविक संख्या का अभी भी कोई सही आँकड़ा सामने नहीं आ पाया है। 

इस बीच टाइम्स ऑफ़ इजरायल की रिपोर्ट के अनुसार, इजरायली रक्षा बलों ने गुरुवार (19 अक्टूबर, 2023) को कहा कि 7 अक्टूबर को अपने विनाशकारी हमलों के दौरान आतंकवादी समूह हमास द्वारा 203 लोगों को बंधक बनाए जाने की जानकारी है। बंदियों में हर आयु वर्ग के लोग हैं, जिनमें करीब 30 के आस-पास 16 वर्ष से कम आयु के बच्चे हैं वहीं 20 के करीब 60 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति भी हैं।

इस बीच गुरुवार को ही एक 12 वर्षीय ऑटिस्टिक इजरायली लड़की नोया डैन के मौत की खबर आई। अब तक नोया और उसकी 80 वर्षीय दादी कार्मेला के बारे में ऐसा अनुमान था कि उन्हें गाजा में हमास ने बंधक बना लिया है। लेकिन अब दोनों के शव प्राप्त हो गए हैं। 

बता दें कि इससे पहले जब इजरायल ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट कर नोया के बारे में जानकारी देते हुए उसके सुरक्षित लौट आने की आशा व्यक्त की थी तो उसे हैरी पॉटर का जबरदस्त फैन बताया था। जिस पर सोमवार को हैरी पॉटर की लेखिका जे.के. रोलिंग ने पोस्ट को रीट्वीट करते हुए टिप्पणी की थी। 

रोलिंग ने लिखा, “बच्चों का अपहरण करना घृणित और पूरी तरह से अनुचित है। स्पष्ट कारणों से, यह तस्वीर मेरे मन में बस गई है। नोया और हमास द्वारा बंधक बनाए गए सभी बंधकों को जल्द ही, सुरक्षित रूप से, उनके परिवारों को लौटाया जाए।”

बता दें कि पिछले 12 दिनों में, नोया की आवाज़ को इजरायली मीडिया पर प्रसारित किया गया था जब उसकी माँ गैलिट ने अपनी बेटी की अंतिम आवाज़ का मेमो साझा किया था।

ऑडियो में नोया ने हिब्रू में कहा, “माँ, दरवाजे पर एक तेज आवाज़ हुई जिससे मैं डर गई। दादी के घर के गेट पर सभी खिड़कियाँ टूटी हुई थीं। क्योंकि वहाँ तेज आवाज का एक और बूम हुआ था, वहाँ की  खिड़कियाँ भी टूटी हुई हैं। माँ… मुझे डर लग रहा है।”

और अब नोया की तलाश उसकी और उसकी दादी की शव बरामद होते ही समाप्त हो गई है। हमास आतंकियों की क्रूरता का यह एक और सबूत है। 

गौरतलब है कि हमास द्वारा बंधक बनाये गए करीब 203 इजरायलियों की तलाश में IDF जुटी हुई है। बंधकों का यह आँकड़ा गुरुवार को मेजर जनरल (रेस.) नित्ज़न अलोन द्वारा प्रस्तुत किया गया, जो अपहृतों को खोजने के लिए खुफिया प्रयासों की कमान संभाल रहे हैं।

हालाँकि, गाजा पर इजरायल द्वारा की जा रही कार्रवाई के बीच इजरायली सेना का मानना है कि गाजा में रखे गए अधिकांश बंधक जीवित हैं, वहीं एलोन का यह भी मानना है कि हमास के आतंकवादियों ने कई शवों को भी अपने कब्जे में रखा है। आईडीएफ ने कहा कि उसे अभी भी इजराइल की सीमा के पास गाजा के बफर जोन के अंदर शव मिल रहे हैं। 

बता दें कि इजरायल पर हमास के अतनी हमले में लगभग 1,400 लोगों की हत्या कर दी गई थी। इस हमले के दौरान लगभग 2,500 आतंकियों ने कम से कम 22 इजरायली कम्युनिटी और सेना के ठिकानों के साथ-साथ एक संगीत समारोह पर भी धावा बोल दिया था। इस आतंकी हमले में जो भी उनके सामने आया, उसे मार डाला गया या बंधक बना लिया गया।