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‘अखंड बंगाल चाहते थे नेताजी सुभाष के बड़े भाई, लेकिन कॉन्ग्रेस ने विभाजन के लिए किया वोट’: शरत चंद्र बोस के पोते का खुलासा – नेहरू ने भी किया था विरोध

तृणमूल कॉन्ग्रेस के पूर्व सांसद सुगत बोस ने कहा है कि उनके दादा और नेताजी सुभाष चंद्र बोस के बड़े भाई शरत बोस ‘अखंड भारत में अखंड बंगाल’ चाहते थे। उन्होंने यह भी कहा कि कॉन्ग्रेस विधायकों को बंगाल विभाजन के लिए वोटिंग करने के लिए मजबूर किया गया था।

TMC नेता सुगत बोस ने PTI को एक इंटरव्यू दिया है। इसमें उन्होंने कहा, “पश्चिम बंगाल के विधायकों ने बंगाल विभाजन के पक्ष में मतदान किया था। कॉन्ग्रेस आलाकमान ने उन्हें विभाजन के पक्ष में मतदान करने का आदेश दिया था। इसीलिए, कॉन्ग्रेस विधायकों ने बंगाल विभाजन के पक्ष में वोटिंग की थी। हिंदू महासभा का सिर्फ एक विधायक था। इसलिए यह सीधे तौर पर कॉन्ग्रेस का फैसला था।”

सुगत बोस ने आगे कहा है, “एक तरह से कॉन्ग्रेस ने बंगाल विभाजन के पक्ष में वोटिंग करने का फैसला पहले ही कर लिया था। वास्तव में जब 3 जून, 1947 को लॉर्ड माउंटबेटन ने विभाजन का ऐलान किया था, तब कॉन्ग्रेस ने 15 जून को ही उस ऐलान को स्वीकार कर लिया था। इसके बाद 20 जून को वोटिंग हुई तो कॉन्ग्रेस के विधायकों ने बंगाल विभाजन के पक्ष में वोटिंग कर दी।”

उन्होंने आगे कहा कि कॉन्ग्रेस विधायकों के पास अपने हिसाब से वोटिंग करने की आजादी नहीं थी। क्योंकि, कॉन्ग्रेस ने पश्चिम बंगाल बनाने के लिए और मुस्लिम लीग ने पूर्वी पाकिस्तान बनाने के लिए व्हिप जारी कर दिया था। सुगत बोस ने यह भी कहा, ‘‘हमारे सभी स्वतंत्रता सेनानियों ने अखंड भारत में अखंड बंगाल का सपना देखा था। लेकिन दुर्भाग्य से 1946 में दो समुदायों के बीच संबंध बिगड़ गए और विभाजन की बातें जड़ें जमाने लगीं।”

सुगत बोस ने आगे कहा कि हालाँकि समस्या सिर्फ दो समुदायों के बीच की नहीं थी, बल्कि समस्या उन लोगों ने पैदा की जो अंग्रेजों द्वारा तैयार की गई योजनाओं के हिसाब से भारत चाहते थे। 1 जून को गाँधीजी ने सुगत बोस के दादा और नेताजी सुभाष चंद्र बोस के भाई शरत बोस को एक पत्र लिखा था। इसमें उन्होंने कहा था कि सरदार पटेल और जवाहरलाल नेहरू के साथ अखण्ड बंगाल को लेकर बात की थी। लेकिन दोनों ने ही इसका विरोध किया था।

उन्होंने यह भी कहा कि शरत बोस ने बंगाल एवं भारत की एकता को संजोकर रखने की हर संभव कोशिश की। उन्होंने ‘अखंड भारत में अखंड बंगाल’ के लिए अपनी योजना के बारे में वल्लभभाई पटेल को एक पत्र भी लिखा था। इस पत्र में उन्होंने द्विराष्ट्रवाद सिद्धांत को धता बता दिया था।

भारत अपने बेड़े में शामिल करेगा 175 नए युद्धपोत: चीन की चुनौती से निपटने के लिए बढ़ाई जा रही भारतीय नौसेना की ताकत, ‘राफेल M’ और पनडुब्बियों के लिए भी हुआ है सौदा

चीन लगातार अपनी सैन्य ताकत बढ़ा रहा है, उसकी मंशा सैन्य ताकत बढ़ा कर अमेरिका को पीछे करना है। चीन इस ताकत को बढ़ाकर भारत को भी चुनौती देना चाहता है। वह हिन्द महासागर में भारत को घेरना चाहता है, जबकि भारत भी अब चीन की मंशा को समझ कर अपनी रणनीति बनाने में जुट गया है। इसलिए, भारत नौसेना की ताकत बढ़ाना चाह रहा है।

चीन अपनी सैन्य ताकत को बढ़ाने के क्रम में अपनी नौसेना पर विशेष ध्यान दे रहा है और लगातार नए नए जहाज अपने बेड़े में शामिल कर रहा है। भारत ने चीन को टक्कर देने के लिए नौसेना की ताकत बढ़ाने का निर्णय कर लिया है।

अंग्रेजी समाचार पत्र ‘टाइम्स ऑफ़ इंडिया‘ में छपे एक लेख के अनुसार, भारत वर्ष 2035 तक नौसैनिक बेड़े में 175 नए युद्धपोत शामिल करने की योजना बना रहा है जिसमें से बड़ी संख्या में वॉरशिप्स का निर्माण भी चालू हो गया है। अच्छी बात यह है कि इनमें से अधिकतर जहाज भारत में ही बनेंगे।

वर्तमान में भारत के पास 132 युद्धपोत हैं जबकि लगभग 150 विमान और 130 हेलीकाप्टर हैं। विमानों में नौसेना के पास लड़ाकू, टोही और सामान ढोने वाले – तीनों ही तरह के विमान शामिल हैं। ‘टाइम्स ऑफ़ इंडिया’ के लेख में अनुमान लगाया गया है कि वर्ष 2030 तक भारत के पास 155-60 युद्धपोत हो जाएँगे। वर्तमान में नौसेना इस संख्या को 175 तक ले जाने पर विचार कर रही है। इससे भारत हिन्द महासागर समेत अन्य क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति ज्यादा मजबूती से दर्ज करवा सकेगा।

मॉरिशस के तट पर भारतीय नौसेना का जहाज
मॉरिशस के तट पर भारतीय नौसेना का जहाज

बीते कुछ समय से मोदी सरकार भी नौसेना को लेकर काफी गंभीर है। बीते वर्ष नौसेना के एयरक्राफ्ट कैरियर विक्रांत के कमीशन किए जाने से लेकर अब तक नौसेना के लिए नए सौदे हो चुके हैं। इनमें 3 नई पनडुब्बी, 26 राफेल M विमान, 5 लॉजिस्टिक जहाज समेत अन्य कई सौदे शामिल हैं।

इस बीच नौसेना के लिए भारत ने अपनी निर्माण क्षमताओं में भी इजाफा किया है। अब नौसेना अधिकांश युद्धपोतों के डिजाइन स्वयं ही तैयार कर रही है। यह भी जानकारी सामने आई है कि तेज निर्माण के लिए जहाज़ों के लिए एक जैसे ही प्लेटफॉर्म विकसित कर लिया गया है।

इसके अतिरिक्त, भारत के जहाज निर्माण में अब विदेशी सामान की मात्रा भी घट रही है। जहाज़ों में लगने वाला विशेष इस्पात भी अब भारत में ही निर्मित होने लगा है। अन्य कई प्रमुख सिस्टम्स भी भारत में ही निर्मित हो रहे हैं जिससे पैसे की भी बचत हो रही है और विदेशों पर निर्भरता भी घट रही है।

हालाँकि, इन सभी सफलताओं के बावजूद भी कई मुद्दों पर धीमी गति के कारण नौसेना की शक्ति पर असर पड़ रहा है। बीते कई वर्षों से नौसेना के लिए 6 नई पनडुब्बी खरीदने की योजना धरती पर नहीं उतर पा रही है, इसी तरह तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर भी सरकार की मंजूरी की राह देख रहा है। इसके अतिरिक्त, नौसेना को हेलीकाप्टर की भी जरूरत है।

लेकिन, सरकार अब तेजी से इस दिशा में काम कर रही है कि नौसेना को नए जहाज और हथियार दिए जाएँ। नौसेना के लिए नई मिसाइलों पर भी काम जारी है। इसके लिए DRDO लगातार काम कर रहा है।

चीन से निपटने के लिए भारत अपनी क्षमताओं में बढ़ोतरी करने के साथ ही अन्य देशों से सहयोग को भी बढ़ा रहा है। चीन का अमेरिका समेत वियतनाम, फिलिपिन्स और जापान जैसे देशों से समुद्री नियंत्रण को लेकर टकराव चल रहा है। भारत इन देशों के साथ भी सैन्य सहयोग बढ़ा रहा है। इसी क्रम में हाल ही में अमेरिकी नौसेना के युद्धपोतों के भारत में मरम्मत को लेकर भी कदम उठाए गए हैं। हालाँकि, चीन का सामना करने के लिए भारत को अपनी युद्धपोत का निर्माण तेज करना होगा।

बुजुर्गों के भरण-पोषण से लेकर 60 पुराने कानूनों में बदलाव तक, संसद के विशेष सत्र में पेश किए जाएँगे ये 8 बिल, जानिए सबके बारे में

नई दिल्ली में संसद का 5 दिवसीय विशेष सत्र चल रहा है। अब संसद की कार्यवाही नए संसद में होगी। मंगलवार (19 सितंबर, 2023) से नए संसद भवन में कार्यवाही शुरू होगी, तो सरकार के एजेंडे में 8 खास बिल होंगे। इन बिलों पर सरकार सदन में चर्चा भी चाहती है। इन बिलों के पास होने से मीडिया संस्थानों से लेकर बुजुर्गों तक पर सकारात्मक असर पड़ेगा।

इन बिलों में द प्रेस एंड रजिस्ट्रेशन ऑफ पीरियोडिकल्स बिल 2023, द एडवोकेट्स (संसोधन) बिल 2023, द मेंटिनेंस एंड वेलफेयर ऑफ पैरेंट्स एंड सीनियर सिटिजन्स (अमेंडमेंट) बिल 2023, द रिपीलिंग और अमेंडिंग बिल 2023, द कॉन्स्टिट्यूशन (एसटी) ऑर्डर (अमेंडमेंट) बिल 2023, द पोस्ट ऑफिस बिल और जम्मू-कश्मीर से जुड़े 2 बिल हैं। आइए, विस्तार से जानते हैं कि इन बिलों में क्या खास बात है।

1- द प्रेस एंड रजिस्ट्रेशन ऑफ पीरियोडिकल्स बिल

ये बिल 1 अगस्त को मानसून सत्र के दौरान राज्य सभा में पेश किया गया था। मीडिया संस्थानों के पंजीकरण से जुड़े इस बिल के पास होने के बाद एक प्रेस रजिस्ट्रार की नियुक्ति होगी। इसके लागू होने से साल 1867 का प्रेस और पुस्तक पंजीकरण अधिनियम रद्द हो जाएगा। अब प्रिंटर-पब्लिशर को डीएम को डिक्लेरेशन देना होगा। डीएम इसे प्रेस रजिस्ट्रार को भेजेंगे। इसके बाद पंजीकरण का प्रमाणपत्र जारी करेगा। वहीं, पीरियॉडिकल्स के पब्लिशर्स प्रेस रजिस्टरार जनरल को ऑनलाइन अप्लाई कर पंजीकरण पत्र पा सकते हैं।

2-द एडवोकेट्स (संसोधन) बिल 2023

द एडवोकेट्स (संशोधन) बिल 2023 अधिवक्ता अधिनियम, 1961 में संशोधन करता है। इसे 1 अगस्त, 2023 को राज्यसभा में पेश किया गया था। ये विधेयक कानूनी व्यवसायी अधिनियम, 1879 के तहत दलालों से संबंधित कुछ धाराओं को निरस्त करता है। दलालों पर कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।

3- द मेंटिनेंस एंड वेलफेयर ऑफ पैरेंट्स एंड सीनियर सिटिजन्स (अमेंडमेंट) बिल

ये बिल बुजुर्ग नागरिकों के भरण पोषण और सुरक्षा से जुड़ा है। अब बच्चे माता-पिता की जिम्मेदारी उठाने से भाग नहीं सकते। अब उनकी वित्तीय मदद, सुरक्षा और चिकित्सीय जरूरतों को पूरा अनिवार्य हो जाएगा।

4-द रिपीलिंग और अमेंडिंग बिल 2023

संसद के विशेष सत्र में ‘द रिपीलिंग और अमेंडिंग बिल 2023’ ला जा रहा है, जो यह 60 पुराने कानूनों में बदलाव भी करेगा और कइयों को निष्प्रभावी भी करेगा। इन 60 कानूनों में से एक कानून 137 वर्ष पुराना है।

5-द कॉन्स्टिट्यूशन (एसटी) ऑर्डर (अमेंडमेंट) बिल

सरकार ने द कॉन्स्टिट्यूशन (एसटी) ऑर्डर (अमेंडमेंट) बिल 2023 को मानसून सत्र के दौरान पेश किया था। 24 जुलाई को राज्यसभा में पेश हुए इस बिल में छत्तीसगढ़ के मेहरा समुदाय को एसटी कैटेगरी में शामिल करने का प्रावधान है।

6-द पोस्ट ऑफिस बिल

पोस्ट ऑफिस एक्ट 1898 को ‘द पोस्ट ऑफिस बिल 2023’ से बदला जाएगा। इस बिल के पास होने के बाद पार्सल की निगरानी भी हो सकेगी। उनकी जाँच के साथ उन्हें नष्ट करने का अधिकार भी डाक अधिकारियों को होगा।

7-द जम्मू कश्मीर रिजर्वेशन (अमेंडमेंट) बिल

द जम्मू कश्मीर रिजर्वेशन (अमेंडमेंट) बिल 2023 को बेहद खास बताया जा रहा है। ये बिल जम्मू-कश्मीर के एससी, एसटी और अन्य वंचित समुदायों को नौकरियों में आरक्षण से संबंधित है। हालाँकि, इसका स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों द्वारा विरोध किया जा रहा है।

ये 8 बिल संसद के विशेष सत्र में पेश किए जा सकते हैं

8-द कॉन्स्टिट्यूशन (जम्मू कश्मीर) एससी ऑर्डर (अमेंडमेंट) बिल

द कॉन्स्टिट्यूशन (जम्मू कश्मीर) एससी ऑर्डर (अमेंडमेंट) बिल 2023 वाल्मीकि समुदाय के लिए है। इस बिल से जम्मू कश्मीर और लद्दाख के अल्पसंख्यक वाल्मीकि समुदाय को एससी कैटेगरी में शामिल किया जाएगा।

‘नमाज पढ़ने का दबाव बनाता है शौहर, ससुर ने की बलात्कार की कोशिश’: गर्भवती हिन्दू पीड़िता ने बयाँ किया दर्द, मुस्लिम युवक ने प्रेम जाल में फँसा के कर लिया था निकाह

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में धर्मांतरण के लिए दबाव डालने और मारपीट करने का मामला सामने आया है। गर्भवती हिंदू युवती का आरोप है कि मुस्लिम युवक ने उसे प्रेम जाल में फँसाकर निकाह किया था। लेकिन अब उसे पूजा-पाठ करने से रोकता है और नमाज पढ़ने का दबाव बनाता है। मना करने पर तलाक देने की धमकी देता है। पीड़ित युवती ने अपने ससुर पर रेप की कोशिश करने का भी आरोप लगाया है।

मामला मुरादाबाद के बिलारी थाना क्षेत्र का है। पीड़िता ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में कहा है कि एक मुस्लिम युवक ने उसे प्रेम जाल में फँसाकर 6 महीने पहले निकाह कर लिया था। अब वह 4 माह से गर्भवती है। शादी के बाद युवती ने अपने ससुराल वालों से पूजा-पाठ करने की अनुमति माँगी।

इस पर शौहर उससे नाराज हो गया और उसके साथ मारपीट करने लगा। उसे कहीं आने-जाने और किसी से बात करने तक में रोक लगा दी है। आए दिन तलाक की धमकी देता है। पीड़िता का यह भी आरोप है कि इसमें उसके शौहर की अम्मी, भाई, बहन बहनोई सभी शामिल हैं। सभी मिलकर उसके शौहर को उसे घर से निकालने के लिए उकसाते हैं।

साथ ही कहते हैं कि यदि वह युवती को घर से निकाल देगा तो किसी और से उसकी शादी करा दी जाएगी। ऑपइंडिया के पास पीड़िता का वीडियो भी उपलब्ध है। इस वीडियो में पीड़िता ने अपने शौहर और उसके घरवालों पर जबरन नमाज पढ़ने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया है।

पीड़िता ने यह भी कहा कि 2 महीने पहले भी उसे इसी तरह परेशान किया जा रहा था। तब भी उसने शिकायत की थी। लेकिन उस वक्त सीओ ने उसे समझाकर घर भेज दिया था। वहीं ससुराल वालों ने शौहर को नशा मुक्ति केंद्र भेजा गया था। ‘दैनिक भास्कर’ की रिपोर्ट के अनुसार, पीड़िता ने आरोप लगाया है कि शौहर की गैर-मौजूदगी में उसके ससुर ने उसका रेप करने की कोशिश की थी।

वहीं इस मामले में पुलिस का कहना है कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर 5 आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आगे की जाँच की जा रही है। रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अब तक 4 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। वहीं एक अन्य की तलाश की जा रही है।

प्रभारी सिखा कर गए BJP से कैसे करना है मुकाबला, इधर सारे कॉन्ग्रेसी रोडशो कर BJP में हो गए शामिल: 1200+ नेता बने भाजपाई, कहा – सनातन का अपमान बर्दाश्त नहीं

वडोदरा कॉन्ग्रेस की पूरी लीडरशिप ही भाजपा में शामिल हो गई। इस मौके पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सीआर पाटिल मौजूद रहे। गुजरात के समाचार पत्र ‘संदेश’ में इस बारे में कवरेज है कि सीआर पाटिल सिर्फ दो नेताओं को शामिल कराने के लिए वडोदरा पहुँचे थे, लेकिन कॉन्ग्रेसी नेताओं ने बाकायदा पूरे शहर में रोडशो किया और शाम तक पूरे शहर की कॉन्ग्रेस लीडरशिप भाजपा में शामिल हो गई।

ये खबर कॉन्ग्रेस के लिए किसी बड़े सदमे से कम नहीं है, क्योंकि कुछ दिन पहले ही मुकुल वासनिक, जिन्हें गुजरात कॉन्ग्रेस का प्रभारी बनाया गया है, वो वडोदरा पहुँचे थे और सभी नेताओं को भाजपा से मुकाबले की ट्रेनिंग देकर आए थे, लेकिन सभी कॉन्ग्रेसी भाजपा से मुकाबला करने की जगह खुद ही भाजपाई हो गए और कॉन्ग्रेस का झंडा उठाने वालों तक की कमीं पड़ गई।

गुजराती अखबार ‘संदेश’ में कॉन्ग्रेस लीडरशिप के भाजपा में शामिल हो जाने की कवरेज

RSS के कार्यक्रम के लिए प्लॉट दिया, तो कॉन्ग्रेस ने निकाला

कॉन्ग्रेस से भाजपा में शामिल हुए वडोदरा कॉन्ग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेश पटेल ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को किसी कार्यक्रम के लिए जगह उपलब्ध कराई थी। इस मामले में कॉन्ग्रेस लीडरशिप ने उनकी बात सुने बगैर उनपर कार्रवाई कर दी। जबकि उनकी तीन पीढ़ियाँ कॉन्ग्रेस में रही थी। उन्होंने तभी फैसला कर लिया था कि वो कॉन्ग्रेस को छोड़ देंगे। सीआर पाटिल की मौजूदगी में करीब 1200 कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ उन्होंने भाजपा की सदस्यता ले ली।

हिंदुत्व और सनातन के खिलाफ हुई कॉन्ग्रेस और INDI एलायंस, तो छोड़ी पार्टी

वडोदरा के कॉन्ग्रेस अध्यक्ष रहे प्रशांत पटेल ने 2019 में लोकसभा चुनाव भी लड़ा था। उन्होंने कहा कि I.N.D.I. गठबंधन के नेता लगातार हिंदुत्व और सनातन के खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं, लेकिन कॉन्ग्रेस ने उनका विरोध करने की जगह उनका साथ दिया, चाहें वो उदयनिधि स्टालिन हों या कोई और। कॉन्ग्रेस ने उनकी निंदा तक नहीं की, ऐसे में सनातन का अपमान होता वो नहीं देख सके। प्रशांत पटेल ने कहा कि उनके लिए सनातन सबकुछ है।

प्रशांत पटेल का बयान (फोटो साभार : ‘संदेश’)

जयेश ठक्कर समेत कई कॉन्ग्रेसी बने भाजपाई

जयेश ठक्कर साल 2012 में कॉन्ग्रेस के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं। वो भी भाजपा में शामिल हो गए। उनके अलावा पूर्व पार्षद अनिल परमार समेत अनेक कॉन्ग्रेसी नेताओं ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कहा कि सिर्फ नरेंद्र मोदी की अगुवाई में ही देश और गुजरात का कल्याण हो सकता है। बता दें कि सीआर पाटिल का वडोदरा दौरा इसलिए था कि प्रशांत पटेल और सुरेश पटेल कॉन्ग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष थे, लेकिन उनके साथ पूरे वडोदरा के नेताओं का भाजपा में शामिल होना उनके और पार्टी के लिए बोनस जैसा साबित हुआ।

बिहार के दलित मंत्री ने माथे पर लगाया था तिलक, CM नीतीश कुमार ने गर्दन पकड़कर आगे ठेला… देखिए Video, जानिए क्या है मामला

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में वह अपनी ही सरकार के मंत्री अशोक चौधरी की गर्दन पकड़ पत्रकार के सिर से टकराते नजर आ रहे हैं। इस दौरान नीतीश कुमार ने कहा कि दोनों पुजारी हैं। बता दें कि अशोक चौधरी बिहार सरकार में बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन डिपार्टमेंट में मंत्री हैं।

बिहार की राजधानी पटना में स्थित गाँधी मैदान में मॉरीशस के पूर्व प्रधानमंत्री शिवसागर रामगुलाम की जयंती पर कार्यक्रम आयोजित किया गया था। सीएम नीतीश कुमार, डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव और मंत्री अशोक चौधरी समेत रामगुलाम की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने पहुँचे थे।

इस दौरान वहाँ मीडियाकर्मियों का जमावड़ा लगा हुआ था। पत्रकार सवाल पूछने ही जा रहे थे, इससे पहले नीतीश कुमार की नजर तिलक लगाए एक पत्रकार पड़ी। इसके बाद वह पीछे पलटकर मंत्री अशोक चौधरी को तलाशने लगे। नीतीश कुमार ने अशोक चौधरी को देखते ही उनकी गर्दन पकड़ ली और ढकेलते हुए तिलक लगाए पत्रकार के पास ले गए।

नीतीश यहीं नहीं रुके। उन्होंने अशोक चौधरी का सिर पत्रकार से टकरा दिया। इसके बाद अशोक चौधरी ने पत्रकार की गर्दन पकड़ा और उससे अपना सिर लड़ाने लगे। शुरुआत में तो लोग समझ नहीं पाए कि नीतीश कुमार अचानक क्या कर रहे हैं। लेकिन, फिर जब उन्होंने कहा कि दोनों पुजारी हैं – तब यह साफ हुआ कि तिलक लगाने के चलते उन्होंने मंत्री और पत्रकार का सिर टकराया है। इस दौरान वहाँ खड़े लोग और पत्रकार हँसते नजर आए। 

जिन्होंने नाबालिग छात्रा का दुपट्टा खींचा और फिर मार डाला, वो ‘अम्बेडकर नगर के अतीक अहमद’ को मानते हैं नज़ीर: स्थानीय लोगों ने बताया – गुर्गों को सपा-बसपा का संरक्षण

उत्तर प्रदेश के अम्बेडकरनगर जिले में शुक्रवार (15 सितंबर, 2023) को स्कूल से घर लौट रही एक नाबालिग छात्रा की बाइक से कुचल कर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने शाहबाज़, अरबाज़ और फैज़ल को गिरफ्तार किया है, जबकि मुन्नू फरार है। ऑपइंडिया ने इस पूरे मामले की 17 सितंबर को ग्राउंड से पड़ताल की। हमें स्थानीय हिन्दू संगठनों के सदस्यों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बताया कि आरोपित इलाके के दुर्दांत गैंगस्टर रहे खान मुबारक से प्रेरित थे। साथ ही उन्होंने इलाके में ‘लव जिहाद’ और छेड़खानी को अभी तक जारी बताया।

ऑपइंडिया ने मृतका के पिता से बात की। उन्होंने हमें बताया कि चारों आरोपितों में से एक का अब्बा बाइक मैकेनिक है। वह बाइक बनाता है और उसकी ही दुकान से फैज़ल, शाहबाज, अरबाज़ व मुन्नू मोटरसाइकिलें ले कर लड़कियों को छेड़ते हैं। वहीँ मृतका के चाचा ने हमसे बातचीत के दौरान कहा कि सभी नामजद आरोपित ऐसी हरकतें लगातार और कई लड़कियों के साथ कर रहे थे। जब हमें आरोपितों के काम-धंधे के बारे में सवाल किया तो हमें जवाब मिला कि वो सभी सिर्फ ‘लफंगई’ (आवारागर्दी) करते हैं।

सभी कातिल गैंगस्टर खान मुबारक से प्रभावित

‘राष्ट्रीय देहदान संघ’ के अध्यक्ष और अपनी भी देह को दान कर चुके स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता के पी सिंह पालीवाल ने ऑपइंडिया से इस मामले में बात की। वो पीड़िता के पड़ोसी गाँव के रहने वाले हैं। उन्होंने बताया कि नाबालिग के सभी कातिल जून 2023 में हरदोई की जेल में मर चुके गैंगस्टर खान मुबारक से प्रभावित हैं। इलाके में हमेशा से मुस्लिमों के आतंक होने का दावा करते हुए KP सिंह ने इसकी वजह खान मुबारक द्वारा बनाए गए आतंक को बताया। पालीवाल ने दावा किया कि खान मुबारक के गुर्गे आज भी कई गाँवों में मौजूद हैं जो छात्रा की हत्या जैसी कई आपराधिक घटनाओं को आज भी अंजाम दे रहे हैं।

केपी सिंह ने इलाके में फैले आतंक और डर के माहौल की वजह समाजवादी पार्टी व बहुजन समाज पार्टी के शासन में खान मुबारक को मिले संरक्षण को बताया। उनका कहना है कि तब हिन्दू सिर झुका कर चलता था और पुलिस भी शिकायत के बावजूद सुनवाई नहीं करती थी। हालाँकि, पालीवाल का दावा है कि योगी आदित्यनाथ के शासन में जमीन-आसमान का अंतर है और आतंक का माहौल धीरे-धीरे कम हो रहा है। हालाँकि, उन्होंने कॉलेजों में छेड़खानी और ‘लव जिहाद’ अभी तक जारी होने की बात कही। पालीवाल ने आरोपितों पर बुलडोजर चलाने की माँग की। हमें बताया गया कि सड़क और आसपास आबादी मुस्लिम बहुल है।

पढ़ाई छूटने से डरती हैं लड़कियाँ

ऑपइंडिया ने स्थानीय विश्व हिन्दू परिषद (VHP) नेता अखिलेश श्रीवास्तव से बात की। उन्होंने हमें बताया कि इलाके में कई लड़कियाँ छेड़खानी और ‘लव जिहाद’ से परेशान हैं लेकिन वो अंदर ही अंदर इसे सह रही हैं। VHP नेता ने बताया कि घर वालों द्वारा स्कूल से नाम कटवाने का डर और अपने परिवार की अन्य बहनों की पढ़ाई की चिंता के कारण लड़कियाँ चुप रहना पसंद करती हैं। मृतका छात्रा के घर वालों को भी व्यापारी वर्ग से जुड़ा बताते हुए अखिलेश ने उन्हें डरा हुआ बताया और कहा कि दशकों से खान मुबारक जैसे आतताइयों का फैलाया डर आज भी हिन्दुओं में बना हुआ है।

अखिलेश के अनुसार, पहले की सरकारों में ऐसी घटनाएँ आम बात हुआ करती थीं जो योगी की सरकार में बुलडोजर के डर से कम हुई हैं। हालाँकि, उन्होंने इसे मुस्लिम बहुल इलाके में अभी भी जारी होने का दावा किया। मर चुके गैंगस्टर खान मुबारक को इलाके का अतीक अहमद बताते हुए ‘विश्व हिन्दू परिषद (VHP)’ नेता ने कहा कि इलाके के कई मुस्लिम योगी सरकार बदलने पर नया खान मुबारक बनने के मंसूबे पाले हुए हैं। अखिलेश श्रीवास्तव ने छात्रा के कातिलों पर बुलडोजर की कार्रवाई को इलाके के हर हिन्दू की उम्मीद बताया।

खान मुबारक के बारे में बता दें कि उसका अपराध का साम्राज्य लंबा-चौड़ा था। 2003 में एक क्रिकेट मैच के दौरान उसने अम्पायर की ही हत्या कर दी थी। उसके ऊपर अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन का हाथ था। वो अक्सर स्टाइलिश कपड़ों में दिखता था। उस पर 43 मामले दर्ज थे। जून 2023 में हरदोई जेल में कैद रहने के दौरान 45 वर्ष की उम्र में उसकी मौत हो गई थी। वो नैनी जेल में भी 5 साल बंद रहा था। बताया जाता है कि मौत से पहले वो सदमे में थे।

VHP ने दिया था अल्टीमेटम

ऑपइंडिया ने क्षेत्र की पूर्व भाजपा विधायक संजू देवी के प्रतिनधि व विश्व हिन्दू परिषद के पदाधिकारी श्याम बाबू गुप्ता से बात की। श्याम बाबू गुप्ता ने बताया कि शुरुआत में कार्रवाई में हीलाहवाली देखते हुए उन्होंने प्रशासन को जल्द सख्त कार्रवाई का अल्टीमेटम दिया था, जिसके सकारात्मक परिणाम आए। उन्होंने मृतका के घर वालों को आर्थिक से ले कर कानूनी आदि हर प्रकार की मदद का भरोसा दिया।

खान मुबारक ही नहीं अजीमुल हक का भी आतंक

श्याम बाबू गुप्ता ने हमें आगे बताया कि योगी सरकार को इलाके का माहौल सामान्य करने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ रही है। पुराने समय को याद करते हुए श्याम बाबू ने कहा कि हिन्दुओं में डर का ऐसा माहौल था कि मोबाइल व्यापारी दुकान में एंड्राइड फोन तक नहीं रखते थे। उन मोबाइलों को खान मुबारक के गुर्गे छीन कर ले जाते थे। साथ ही लूट के डर से सारा बाजार शाम 5 बजे तक बंद हो जाया करता था। श्याम बाबू गुप्ता ने बताया कि मर चुके समाजवादी पार्टी विधायक अजीमुल हक जैसे नेता खान मुबारक जैसे अपराधियों का संरक्षक थे। उन्होंने आरोप लगाया कि हिन्दुओं के दमन में अजीमुल हक का हर अपराधी को संरक्षण होता था।

ऑपइंडिया की टीम ने घटनास्थल हीरापुर बाजार के कुछ अन्य व्यापारियों व आम लोगों से बात करने का प्रयास किया तो उन्होंने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया। इनकार की वजह उन लोगों ने अपनी सुरक्षा की फ़िक्र बताया। कइयों ने कैमरे पर न बोलने की शर्त पर बताया कि योगी आदित्यनाथ ही उनकी अंतिम उम्मीद हैं क्योकि कई लोग सरकार बदलने पर पुराना समय वापस लाने का चैलेन्ज देते हैं। हमने यह भी पाया कि खान मुबारक की मौत के बाद भी उसके खिलाफ बोलने से लोग कतरा रहे थे।

किराए पर मिल रहे कुत्ते, पुलिसकर्मी और थाने: जान लीजिए किसका कितना रेट, खर्चे निकालने के लिए इस राज्य की सरकार ने लिया फैसला

क्या आप पैसा देकर सरकारी सुरक्षा का मजा चाहते हैं तो आपके लिए खुशखबरी है। आप न सिर्फ पुलिसकर्मी, खोजी कुत्ता बल्कि पूरा थाना ही अपने सुरक्षा में लगा सकते हैं क्योंकि केरल में यह भी किराए पर मिल रहा है। दरअसल, आर्थिक समस्याओं से जूझ रही केरल की पिनराई विजयन सरकार ने अपने खर्चे निकालने के लिए अब यही तरीका निकाला है।

बाकायदा केरल की वामपंथी सरकार की तरफ से एक लिस्ट जारी की गई है, जिसमें बताया गया कि पुलिसकर्मियों, कॉन्सटेबल, पुलिस डॉग और यहाँ तक पूरा थाना आदि को अपनी सुरक्षा में लगाने के लिए कितने पैसे खर्च करने होंगे। 

केरल सरकार के इस आदेश के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति चाहे तो मात्र 34,000 रुपए खर्च कर एक दिन के लिए एक पुलिस इंस्पेक्टर, एक ट्रेंड पुलिस डॉग, पुलिस कर्मियों के जरिए इस्तेमाल होने वाले सभी डिवाइस और यहाँ तक कि पूरे पुलिस थाने को भी अपनी सुरक्षा में लगा सकता है। 

टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, केरल सरकार के इस आदेश के बाद पुलिस के ट्रेंड कुत्तों, पुलिसवालों और  यहाँ तक की पूरे थाने को किराए पर लिया जा सकता है। हालाँकि, केरल में यह आर्थिक तंगी को दूर करने के लिए कोई नई योजना नहीं है बल्कि यह एक पुरानी योजना है, उसी में नया रेट जोड़कर इसे फिर से लॉन्च किया गया है। वैसे इस योजना को लेकर पहले भी विवाद होते रहे हैं वहीं इस बार भी केरल सरकार के इस कदम की आलोचना हो रही है। 

किसका कितना रेट 

रिपोर्ट के अनुसार, सरकारी आदेश में ‘रेट कार्ड’ से पता चलता है कि एक सर्कल इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी को काम पर रखने पर आपको प्रति दिन ₹3,035 से ₹3,340 के बीच खर्च आएगा। यदि आप अधिक किफायती विकल्प चाहते हैं, तो एक सिविल पुलिस अधिकारी चुनें, जिसकी सेवाओं की कीमत मात्र ₹610 है। पुलिस डॉग ₹7,280 प्रति दिन पर आते हैं, और वायरलेस उपकरण के लिए ₹12,130  दैनिक किराया लिया जाता है, वहीं एक पूरा पुलिस स्टेशन ₹12,000 में उपलब्ध है। 

पुलिसकर्मियों की इस सुविधा का कौन ले रहा लाभ

दरअसल, केरल में आयोजित होने वाली प्राइवेट पार्टियों, इंटरटेनमेंट शो, फिल्मों की शूटिंग के दौरान सुरक्षा में सेंधमारी का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में इन कार्यक्रमों के आयोजनों में भले ही बड़ी संख्या में निजी सुरक्षाकर्मी लगाए जाएँ, लेकिन पुलिसकर्मियों के जरिए मिलने वाली सुरक्षा से उनकी तुलना नहीं की जा सकती और यही वजह है कि प्राइवेट पार्टियों, इंटरटेनमेंट शो, फिल्मों की शूटिंग करवाने वाले आयोजक केरल में पुलिस को भी किराए पर लेते हैं। 

अमेरिका में पादरी के पास मिलीं 600 बच्चों की नंगी तस्वीरें: स्विट्जरलैंड में पादरियों ने 1000+ का किया यौन शोषण, पीड़ितों में 74% नाबालिग

अमेरिका के शहर लॉस एंजिल्स में एक पादरी के पास बच्चों की 600 से अधिक आपत्तिजनक फोटो फोटो बरामद हुई हैं। यह पादरी लॉस एंजिल्स के इलाके लॉन्ग बीच के एक चर्च में कार्यरत था। आरोपित को महीनों की जाँच के बाद गिरफ्तार कर लिया गया है।

अमेरिका: पादरी के पास बच्चों की नंगी तस्वीरें

अमेरिकी समाचार वेबसाइट ‘लॉस एंजिल्स टाइम्स‘ के अनुसार, शहर के लॉन्ग बीच इलाके के कैथोलिक पादरी रोडोल्फो मार्टिनेज ग्वेरा (38) को गिरफ्तार किया गया जो कि चर्च व्यवस्था में काफी वरिष्ठ था। उसके खिलाफ कई रिपोर्ट बच्चों के गुमशुदगी विभाग में भेजी गईं। पादरी के खिलाफ अप्रैल में जाँच चालू की गई थी।

जाँच में पाया गया कि पादरी के पास 600 से अधिक बच्चों के यौन शोषण की तस्वीरें थी। इसमें अधिकांश तस्वीरें 12 वर्ष के कम आयु के बच्चों की थी। मामले में शामिल होने वाले वकीलों का कहना है कि जिस पादरी पर यह आरोप हैं वह काफी शक्तिशाली है। मामले में शामिल वकील एरिक नासरेंको ने कहा, “आरोपित के अपराध विश्वास घटाते हैं और इनमें बड़ी संख्या में बालकों के यौन शोषण की तस्वीरें हैं।”

ग्वेरा को बुधवार (13 सितंबर, 2023) को कोर्ट के सामने पेश किया जाएगा। अभी वह पुलिस की हिरासत में है।

स्विट्जरलैंड: पादरियों ने 1002 का किया यौन शोषण

इस मामले के अलावा स्विट्ज़रलैंड से भी एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक रिसर्च में पाया गया है कि वर्ष 1950 से लेकर अब तक चर्च के पादरियों एवं अन्य कर्मचारियों ने 1000 से अधिक यौन शोषण किए हैं।

ज्यूरिख विश्वविद्यालय द्वारा की गई एक रिसर्च में सामने आया है कि स्विस कैथोलिक पादरियों एवं कर्मचारियों द्वारा 1000 से अधिक यौन शोषण किए गए जिसमें से 74% पीड़ित नाबालिग थे। इस रिसर्च के लिए पीड़ितों से बात की गई और पुराने मामलों को खंगाला गया। हैरान करने वाली बात यह है कि अधिक शोषण पुरुषों का हुआ है। रिसर्च में बताया गया है कि पीड़ितों में 56% पुरुष थे जबकि 39% महिलाएँ थीं, 5% के विषय में जानकारी जुटाई नहीं जा सकी। रिसर्च करने वालों ने यह भी कहा है कि यह सभी अपराधों का छोटा सा नमूना है और असल संख्या कहीं अधिक हो सकती है।

राजस्थान में महिला अधिकारी ने 2 दिन के भीतर खरीद लिए 26 फ्लैट, 15 अपने और 11 बेटे के नाम पर लिखवाई: बिना लोन ही करा ली सारी रजिस्ट्री

राजस्थान सचिवालय में तैनात महिला अधिकारी ज्योति भारद्वाज ने गजब ही कर डाला है। दो दिन के अंदर उन्होंने 26 फ्लैट की रजिस्ट्री करवाई। इन फ्लैटों की कीमत करीब 5 करोड़ रुपए बताई जा रही है।

महिला अधिकारी ने इनमें से 15 फ्लैट की रजिस्ट्री अपने और 11 फ्लैट की रजिस्ट्री अपने बेटे रोहन वशिष्ठ के नाम पर करवाई। इसके लिए 30 लाख रुपए से अधिक का स्टांप ड्यूटी चुकाया। इस भुगतान के लिए उन्होंने लोन तक लेने की जरूरत नहीं पड़ी।

मामला सामने आने के बाद राजस्थान सरकार ने उनके खिलाफ आय से अधिक धन के मामले में जाँच शुरू कर दी है। ज्योति भारद्वाज जयपुर सचिवालय में तैनात हैं। अभी राजस्थान सरकार में सचिव स्तर पर हैं और कार्मिक विभाग के स्टोर में सामान खरीदारी करने के मामलों की प्रभारी हैं। वे अलवर में लंबे समय तक जिला कोषाधिकारी और मत्स्य विश्वविद्यालय में वित्तीय नियंत्रक के पद पर भी तैनात रह चुकी हैं।

चेक से खरीदी गई प्रॉपर्टी, बिल्डर परेशान

खास बात ये है कि जिस बिल्डर से ये फ्लैट खरीदे गए हैं, अब वो खुद के साथ धोखाधड़ी का आरोप लगा रहा है। बिल्डर का कहना है कि उसके साथ खेल हो गया है। ज्योति भारद्वाज ने करीब 1-1.5 साल में ये सभी प्रॉपर्टी ‘बनी बिल्डटेक’ नाम की कंपनी से खरीदी है। इस कंपनी का ऑफिस जयपुर के मनसरोवर लिंक रोड पर स्थित जेडीए मार्केट में है। कंपनी के डायरेक्टर का कहना है कि ये प्रॉपर्टी चेक से खरीदी गई, लेकिन डेढ़ सालों से कोई भी चेक कैश नहीं हो पाया है। इस मामले में उन्होंने कोर्ट में केस किया है।

कुल 15 फ्लैट अपने नाम, बेटे के नाम किया 11 फ्लैट

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ज्योति भारद्वाज ने जिन 26 फ्लैट की रजिस्ट्री कराई है, उनमें से 15 फ्लैट उन्होंने खुद के नाम दर्ज कराया है। इसके अलावा 11 फ्लैट उनके बेटे रोशन वशिष्ठ के नाम पर दर्ज हुए हैं। इनकी कीमत 4 करोड़ 71 लाख है। ये रजिस्ट्री 4-5 मार्च 2022 यानी पिछले साल कराई गई है। हालाँकि ज्योति भारद्वाज का कहना है कि उनके पति अनुराग और बिल्डर के साथ लेन-देन चल रहा था। उसी लेन-देन का हिस्सा ये प्रॉपर्टी हैं। इस बारे में सही जानकारी उनके पति ही दे पाएँगे।

अधिकारियों द्वारा घोषित की जाने वाली प्रॉपर्टी में नहीं जिक्र

बता दें कि सरकारी कर्मचारियों को हर साल अपनी प्रॉपर्टी की जानकारी सरकार को देनी होती है। लेकिन इस मामले में ज्योति भारद्वाज ने सिर्फ तीन फ्लैट्स की जानकारी सरकार को दी है। उनमें से दो को उन्होंने अपने नाम पर दिखाया है। एक पति अरविंद के नाम से दिखाया है जिसका लोन लिया गया है। अब राजस्थान सरकार ने इस मामले की जाँच शुरू कर दी है।