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‘खालिस्तानी आतंकी भिंडरावाले को पैसे भेज रहे थे कमलनाथ’: कनाडा की करतूतों के बीच पढ़िए पूर्व R&W अधिकारी का खुलासा – हिन्दुओं को डराने के लिए साजिश

खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर भारत और कनाडा के संबंध तनावपूर्ण हो गए हैं। इस बीच पूर्व रॉ अधिकारी जीबीएस सिद्धू का बड़ा दावा सामने आया है। उन्होंने कहा है कि कॉन्ग्रेस हिंदुओं को डराने के लिए खालिस्तानी आतंकी भिंडरावाले को सामने लेकर आई थी। इंदिरा गाँधी, उनके बेटे संजय गाँधी और कमलनाथ भिंडरावाले को पैसे भेजते थे।

पूर्व रॉ अधिकारी जीबीएस सिद्धू का एनआईए के पॉडकास्ट का एक वीडियो सामने आया है। इसमें उन्होंने दावा किया, “आपातकाल के बाद इंदिरा गाँधी चुनाव हार गईं थीं। इसके बाद ज्ञानी जैल सिंह ने अकाली दल और जनता पार्टी गठबंधन के बीच मतभेद पैदा करने के लिए ऑपरेशन-1 शुरू किया। इसके तहत इन लोगों ने एक बड़े संत को लाने का फैसला किया। यह ऐसा होगा जो हमारी बातें मानते हुए अकाली दल की नीतियों की आलोचना करेगा। इसके बाद जनता पार्टी भी कुछ कहेगी। इससे उनका गठबंधन टूट जाएगा।” (इस बातचीत को विडियो में 7:30 के बाद सुना जा सकता है।)

जीबीएस सिद्धू ने आगे कहा है कि इसके लिए ज्ञानी जैल सिंह, संजय गाँधी, इंदिरा गाँधी और कमलनाथ काम कर रहे थे। यह सब इंदिरा गाँधी के कार्यालय अकबर रोड और उनके घर 1-सफदरजंग से चल रहा था। इन लोगों ने भिंडरावाले को खालिस्तान से जोड़ते हुए यह सब करना शुरू किया था। इनका उद्देश्य था कि भिंडरावाले का उपयोग हिंदुओं को डराने के किए करेंगे। इसके साथ ही खालिस्तान का एक मुद्दा बनाया गया जो उस समय आस्तित्व में नहीं था।

पूर्व रॉ अधिकारी ने तत्कालीन कॉन्ग्रेस नेतृत्व खासतौर से इंदिरा गाँधी, संजय गाँधी और कमलनाथ की प्लानिंग की पोल खोलते हुए कहा है कि खालिस्तान का मुद्दा उठाकर इनकी साजिश थी कि इससे देश के लोग सोचेगें कि देश की अखंडता को खतरा है। इससे उन्हें राजनीतिक फायदा होगा।

उन्होंने ब्रिटेन में भारत के पूर्व उच्चायुक्त और प्रसिद्ध लेखक कुलदीप नैयर की किताब ‘बियॉन्ड द लाइन’ के हवाले से कहा कि उन्होंने भिंडरावाले को लेकर एक बार कमलनाथ से बात की थी। तब, कमलनाथ ने कहा था कि वह एक हाई प्रोफाइल और कड़क संत की तलाश कर रहे हैं। जो हमारी बातें फैला सके। इसके लिए कमलनाथ ने दो संतों का इंटरव्यू किया था। एक संत बेहद विनम्र थे। लेकिन भिंडरावाले ठीक वैसा था जैसा वह चाहते थे।

जीबीएस सिद्धू ने आगे दावा किया है कि कमलनाथ ने कुलदीप नैयर से यह भी कहा था कि वह, संजय गाँधी और उनकी टीम के लोग भिंडरावाले को पैसे भी दे रहे थे। भिंडरावाले को पैसे भेजने में वो लोग शामिल थे जो ऑपरेशन-1 का हिस्सा थे। इसका मतलब यह है कि भिंडरावाले को पैसे देने में न सिर्फ कमलनाथ और संजय गाँधी बल्कि ज्ञानी जैल सिंह और इंदिरा गाँधी भी शामिल थीं। यानी कि कॉन्ग्रेस ही भिंडरावाले को प्रोजेक्ट कर रही थी।

खालिस्तान का मुद्दा कॉन्ग्रेस द्वारा ही लाया गया है, इसकी पुष्टि करते हुए उन्होंने दावा किया, “भिंडरावाले ने कभी भी खालिस्तान की माँग नहीं की थी। वह सिर्फ यही कहता था कि बीबी, मतलब इंदिरा गाँधी अगर मेरी झोली में खालिस्तान डाल देंगी तो मैं ना भी नहीं करूँगा। भिंडरावाले का उपयोग धार्मिक उपदेशों के लिए नहीं बल्कि राजनीतिक उद्देश्यों को पूरा करने के लिए किया गया था।”

‘जब अल्लाह एक है तो ये सब ड्रामा क्यों?’: शाहरुख़ खान ने की गणपति बप्पा की स्थापना तो भड़के इस्लामवादी, बोले – ‘ये शिर्क है, तुम मुस्लिम हो भी या नहीं?’

बॉलीवुड एक्टर शाहरुख खान की हालिया रिलीज फिल्म ‘जवान’ बॉक्स ऑफिस पर ताबड़तोड़ कमाई कर रही है। इस बीच शाहरुख खान ने हर वर्ष की तरह इस साल भी गणेश चतुर्थी पर भगवान श्रीगणेश की प्रतिमा की स्थापना की है। यह इस्लामी कट्टरपंथियों को रास नहीं आ रहा है। ऐसे में वे शाहरुख को खरी-खोटी सुना रहे हैं।

शाहरुख खान ने ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर भगवान गणपति की फोटो शेयर की है। साथ ही लिखा, “घर में स्वागत है गणपति बप्पा जी। आपको और आपके परिवार को गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएँ। भगवान गणेश हम सभी को खुशी, बुद्धि, अच्छा स्वास्थ्य और खाने के लिए ढेर सारे मोदक प्रदान करें।” शाहरुख खान का यह पोस्ट सामने आने के बाद से इस्लामवादियों के कमेंट्स की भरमार देखने को मिल रही है।

पाकिस्तानी यूट्यूबर किंज़ा जीशान ने शाहरुख खान के मूर्ति पूजा करने को लेकर सवाल उठाया। उसने लिखा, “भाई समझ नहीं आता कि मुस्लिम होकर शिर्क कैसे कर लेता है ये बंदा। जब अल्लाह एक है तो ये ड्रामे क्यों?”

कादर नामक यूजर ने लिखा, “ये लोग हर दिन देशभक्त होने का दिखावा कर रहे हैं।”

जाइब खान ने पूछा, “तुम भारतीय मुस्लिम हो, है ना?”

अदनान शाहिद ने लिखा, “डूब मरो मुस्लिम हो के ये हालत है।”

शेख अब्दीकादिर नामक यूजर ने लिखा, “तुम अच्छे मुस्लिम नहीं हो।”

फैजान नामक यूजर ने लिखा, “भाई मुस्लिम हो या हिंदू? फैसला कर लो पहले।”

बता दें कि ऐसा पहली बार नहीं है जब किसी मुस्लिम को इस्लामिक कट्टरपंथियों द्वारा इस तरह के कमेंट किए जा रहे हों। इससे पहले, एक्ट्रेस और टीएमसी सांसद नुसरत जहाँ को गैर-मुस्लिम से शादी करने और बंगाल के त्योहार दुर्गा पूजा में शामिल होने के लिए धमकियाँ दी गईं थीं। इसके अलावा, एक्ट्रेस सारा अली खान को मंदिर जाने को लेकर इस्लामिक कट्टरपंथी बेशरम, शिर्क कहने के साथ अनाप-शनाप गालियाँ दे चुके हैं।

प्रेमिका का गला रेत कर नहर में फेंका, अब पैर में लगी यूपी पुलिस की गोली: गौसजमाँ खान और अफरोज को यूपी पुलिस ने दबोचा

उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में एक हिस्ट्रीशीटर गौसजमाँ खान ने युवती की गला रेत कर हत्या करने की कोशिश की जिसके पश्चात उत्तर प्रदेश पुलिस ने 5-6 घंटे में ही एक्शन लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के एनकाउंटर में आरोप‍ित के पैर में गोली लगी है। वहीं एनकाउंटर के बाद गौसजमाँ खान के साथ उसका भाई अफरोज भी पकड़ा गया। मामला सोमवार (18 सितम्बर, 2023) देर रात का बताया जा रहा है। 

जानकारी के अनुसार, सुल्तानपुर के बल्दीराय थाना क्षेत्र की एक युवती जो कि वर्तमान में दिल्ली में रह कर नौकरी कर रही थी, उसका प्रेम प्रसंग जेल में बंद गौसजमाँ खान से था। वह पेशेवर अपराधी है। गौसूजमाँ खान को जेल से छूटने पर सूचना मिली कि युवती ने किसी और से विवाह का मन बना लिया है।

इस बात से गुस्सा होकर गौसजमाँ ने युवती को धोखे से उसे दिल्ली से बुलाया और दिनभर घुमाने के बाद धनपतगंज क्षेत्र के हरौड़ा बाजार स्थित नहर की पटरी पर ले गया। वहाँ चाकू से उसका गला रेतने के बाद उसे शारदा नहर में फेंक दिया। हालाँकि, युवती नदी से बाहर आने में सफल रही और किसी तरह अस्पताल पहुँची।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, इसके बाद आरोपित युवक फरार हो गया। बताया जा रहा है घटना के दौरान गौसजमाँ खान के साथ उसका भाई अफरोज भी मौजूद था। युवती द्वारा अस्पताल में बताए गए घटनाक्रम के आधार पर पुलिस ने अपनी कार्रवाई चालू की।

वहीं पुलिस द्वारा छानबीन के दौरान इन दोनों आरोपितों की लोकेशन के बारे में पुलिस को सूचना मिली जहाँ दबिश देने पर यह पुलिस पर ही फायरिंग करने लगे। इसके जवाब में हुई फायरिंग में दोनों घायल हो गए। जिसके पश्चात इनको गिरफ्तार कर लिया गया। वर्तमान में इनका इलाज चल रहा है। जानकारी के अनुसार, गौसजमाँ मुंबई में भी अपराध करता था।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में हाल ही में एक और ऐसी ही घटना में मुस्लिम लड़कों द्वारा चलती साइकिल पर दुपट्टा खींचने के कारण एक बालिका की मृत्यु हो गई थी। यह लड़के लगातार बालिका को परेशान करते थे। इस घटना के पश्चात उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने इस प्रकार के तत्वों पर कड़ी कार्रवाई करने का आदेश दिया था।

पिता की आत्महत्या के बाद फैलाते रहे जागरूकता, अब 16 साल बेटी ने लगा ली फाँसी: तमिलनाडु के संगीतकार पर टूटा दुःखों का पहाड़

तमिल संगीतकार, गायक और अभिनेता विजय एंटनी की 12वीं में पढ़ने वाली बेटी ने आत्महत्या कर ली। उनकी पुत्री का नाम मीरा था और वह मात्र 16 वर्ष की थी। मीरा की मृत्यु से विजय एंटनी स्तब्ध हैं, क्योंकि वह हमेशा जीवन खत्म करने के विरुद्ध जागरूकता फैलाते रहे हैं।

मीरा चेन्नई स्थित आवास पर मृत पाई गई। मीरा ने फाँसी लगाकर आत्महत्या की है। अभिनेता विजय एंटोनी की मीरा के अतिरिक्त एक और भी पुत्री है। विजय के पिता ने भी आत्महत्या कर ली थी जब विजय मात्र 7 वर्ष के थे। विजय कई बार सार्वजनिक तौर पर यह बोल चुके है कि कोई कितनी भी बड़ी समस्या में आ जाए परन्तु उसे जीवन खत्म नहीं करना चाहिए।

विजय एंटोनी ने एक कार्यक्रम में बताया था कि उनके पिता की आत्महत्या के बाद उनकी माँ को उन्हें पालने में कितनी समस्याओं का सामना करना पड़ा। विजय ने उन बच्चों के लिए दुःख भी व्यक्त किया था जिन्होंने आत्महत्या की है। ‘इंडिया टुडे‘ की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि मीरा अवसाद से जूझ रही थी। मीरा को सबसे पहले विजय के घर में काम करने वाले एक व्यक्ति ने देखा, जिसके बाद तुरंत उसे अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में डाक्टरों ने मीरा को मृत घोषित कर दिया।

विजय तमिल फिल्म इंडस्ट्री के जाने-माने संगीतकार हैं जिन्होंने कई हिट गाने दिए हैं। विजय की पुत्री के आत्महत्या के बाद उनके फैंस ट्विटर पर दुःख जता रहे हैं। विजय सदैव ही सार्वजनिक आयोजनों में लोगों को प्रोत्साहित किया करते थे। सोशल मीडिया पर विजय के फैन्स ने विजय की पत्नी फातिमा की एक पुरानी पोस्ट भी दोबारा वायरल की जिसमें फातिमा ने अपनी बेटी मीरा को ‘सेक्रेड हार्ट स्कूल’ में सेक्रेटरी बनाए जाने पर बधाई दी थी।

मीरा की मृत्यु के बाद विजय के घर पर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के पुत्र उदयानिधि स्टालिन समेत तमिल सिनेमा के कई स्टार भी पहुँचे।

PM मोदी ने लॉन्च किया अपना व्हाट्सएप चैनल, अब उनसे सीधे जुड़ सकता है आम आदमी: जानिए क्या है तरीका


अब आम आदमी भी व्हाट्सएप पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़ सकता है। पीएम मोदी ने अपना व्हाट्सएप चैनल लॉन्च किया है। इसमें उन्होंने नए संसद भवन से अपनी फोटो शेयर की है। साथ ही लिखा कि व्हाट्सएप कम्युनिटी जॉइन करने के बाद वह बेहद रोमांचित महसूस कर रहे हैं।

पीएम मोदी को व्हाट्सएप चैनल पर अब तक 22 हजार से अधिक लोग फॉलो कर चुके हैं। उन्होंने अपनी पहली पोस्ट में लिखा है, “व्हाट्सएप कम्युनिटी से जुड़कर रोमांचित हूँ। यह निरंतर बातचीत की हमारी यात्रा में एक और कदम है। आइए यहाँ जुड़े रहें। यह नए संसद भवन की एक तस्वीर है।” फोटो में पीएम मोदी नए संसद भवन में कुछ पढ़ते नजर आ रहे हैं।

क्या है व्हाट्सएप चैनल

इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप, व्हाट्सएप ने हाल ही में अपना नया फीचर चैनल जारी किया है। यह टेलीग्राम चैनल की ही तरह है। लेकिन फिलहाल इसे सेलिब्रिटीज के लिए ही लॉन्च किया गया है। इसके अलावा व्हाट्सएप ने चैनल में डायरेक्ट्री सर्च का ऑप्शन भी दिया है। इसके जरिए यूजर्स अपनी पसंद के हिसाब से सेलिब्रिटी को सर्च कर उनके बनाए चैनल देख सकते हैं।

व्हाट्सएप यूजर्स को चैनल देखने के लिए सबसे पहले अपना व्हाट्सएप अपडेट करना होगा। इसके बाद, यूजर्स को स्टेटस की जगह पर अपडेट दिखाई देगा। जहाँ यूजर्स चैनल के साथ ही व्हाट्सएप चैनल भी देख पाएँगे। प्रधानमंत्री मोदी का व्हाट्सएप चैनल देखने के लिए अपडेट टैब पर फाइंड चैनल्स के ऑप्शन में जाकर पीएम मोदी सर्च करना होगा। यहाँ आपको उनका व्हाट्सएप चैनल दिखाई देगा। उन्हें फॉलो करने के लिए प्लस ऑइकन या फिर फॉलो पर क्लिक करना होगा। इसी तरह अन्य सेलिब्रिटी से भी जुड़ सकते हैं।

व्हाट्सएप चैनल पर यूजर्स को किसी भी पोस्ट पर अभी सिर्फ रिएक्शन का ही ऑप्शन दिया गया है। यानी यूजर्स पोस्ट पर कमेंट नहीं कर सकते हैं। इसके साथ ही बेहद जरुरी बात यह है कि व्हाट्सएप चैनल को फॉलो करने के बाद भी कोई आपका मोबाइल नंबर नहीं देख सकता। यही नहीं एडमिन के अलावा कोई भी प्रोफ़ाइल का नाम भी नहीं देख पाएगा। कुल मिलाकर व्हाट्सएप ने अपने इस नए फीचर को लॉन्च करते हुए सेक्योरिटी का भी ध्यान रखा है।

विमान में बम ब्लास्ट, 329 मौतें… कभी जस्टिन ट्रूडो के पिता ने खालिस्तानी आतंकियों को दी थी पनाह, अब बेटा दोहरा रहा वही गलतियाँ

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो खुले तौर पर खालिस्तानी आतंकवादियों के पक्ष में उतर आए हैं। उन्होंने एक खालिस्तानी आतंकवादी की मौत का जिम्मेदार भारतीय एजेंसियों को बताया है। जस्टिन जैसी गलती आज कर रहे हैं वैसी ही गलती उनके पिता पियरे ट्रूडो (Pierre Trudeau) आज से लगभग 4 दशक पहले कर चुके हैं और इसके काफी भयानक परिणाम कनाडा को भी भुगतने पड़े थे।

जस्टिन ट्रूडो के पिता पियरे ट्रूडो ने भी खालिस्तानी आतंकियों का पक्ष लिया था। जस्टिन के पिता पियरे वर्ष 1968 से लेकर 1979 और 1980 से 1984 के बीच कनाडा के प्रधानमंत्री रहे थे। इस दौरान भारत में खालिस्तान का आतंक चरम पर था और खालिस्तानी आतंकी भारत से भागकर कनाडा में शरण ले लेते थे।

भारत ने बढ़ते हुए आतंकवाद को रोकने के लिए कनाडा से इन तत्वों पर कार्रवाई की माँग की थी। पियरे ट्रूडो की सरकार ने इस दौरान भारत का सहयोग करने से इनकार कर दिया था। पियरे ट्रूडो की सरकार ने इस दौरान ना ही कनाडा में संचालित भारत विरोधी गतिविधियों को रोका और ना ही उन आतंकियों को भारत वापस भेजा जो कि लगातार कनाडा में बैठकर भारत को तोड़ने की साजिश कर रहे थे।

पियरे ट्रूडो (बाएँ) के साथ जस्टिन ट्रूडो (दाएं)
पियरे ट्रूडो (बाएँ) के साथ जस्टिन ट्रूडो (दाएँ)

इसी कड़ी में भारत ने खालिस्तानी आतंकी तलविंदर सिंह परमार को प्रत्यर्पित करने को कहा था, जो उस समय कनाडा में रहता था। परमार ‘बब्बर खालसा इंटरनेशनल’ का पहला मुखिया था। वह 1970 में कनाडा भाग गया था और वहीं से खालिस्तानी गतिविधियों को संचालित करता था।

तलविंदर पर वर्ष 1981 में पंजाब पुलिस के 2 जवानों की हत्या का आरोप भी है, जिसके लिए उसे 1983 में जर्मनी में गिरफ्तार किया गया था। तलविंदर परमार ने पंजाब के बड़े नेता लाला जगत नारायण की भी वर्ष 1981 में हत्या कर दी थी। तलविंदर इसके अतिरिक्त अन्य कई हत्याओं में भी शामिल रहा था। तलविंदर ने 1985 में एयर इंडिया के एक बोईंग 747 विमान जिसका नाम ‘कनिष्क’ था, उसे बम से उड़ा दिया था। यह विमान कनाडा के शहर मॉन्ट्रियल से लंदन के रास्ते भारत आ रहा था।

इस विमान में तलविंदर ने इन्दरजीत सिंह रैयत तथा अन्य कुछ आरोपितों के साथ मिलकर बम रखा था जो कि विमान की उड़ान के बीच प्रशांत महासागर में फट गया था और इस हादसे में 329 व्यक्तियों की मृत्यु हो गई थी। इस हादसे में मरने वाले 268 व्यक्ति कनाडाई नागरिक ही थे। उसने इसी दिन एक और विमान को बम से उड़ाने के लिए एक बैग में बम रखा था, लेकिन वो इसे विमान के भीतर नहीं डाल पाया और टोक्यो में ही फट गया। तलविंदर ने यह बम एयर इंडिया के टोक्यो से बैंकाक जाने वाले विमान में रखने का प्लान बनाया था।

इसके लिए उसने वैंकुवर से उड़े एक विमान में रखे एक बैग में बम रखा था जो कि आगे जाकर टोक्यो में एयर इंडिया के विमान में हस्तांतरित किया जाना था। टोक्यो के एयरपोर्ट में यह बैग इस विमान से निकाले जाने और एयर इंडिया के विमान में रखे जाने से पहले ही स्टोरेज क्षेत्र में फट गया जिसमें 2 जापानी एयरपोर्ट कर्मियों की मृत्यु हो गई थी।

इस हादसे की जाँच भी आगे कहीं नहीं पहुँच सकी क्योंकि कनाडा की सरकार ने इसमें काफी ढील बरती और मात्र इंदरजीत सिंह रैयत ही मात्र आरोपी ठहराया जा सका। इंदरजीत को भी जस्टिन ट्रूडो की सरकार ने 2017 में छोड़ दिया था और सामान्य जीवन बिताने को कह दिया था। यह भी दावा किया जाता है कि कनाडा की पुलिस और ख़ुफ़िया एजेंसियों को इस बात की जानकारी थी कि तलविंदर सिंह ऐसा कोई बड़ा काण्ड करने वाला है लेकिन तब भी उन्होंने इसको गंभीरता से नहीं लिया और इसके कारण इतना बड़ा हमला हुआ।

वहीं तलविंदर सिंह परमार को कॉमनवेल्थ नियमों का हवाला देकर भारत को नहीं सौंपा गया था। नियमों के अनुसार, 2 कॉमनवेल्थ देशों के बीच अपराधियों के प्रत्यर्पण के लिए अलग से संधि नहीं करनीं पड़ती है। इसी आधार पर इंदिरा गाँधी की सरकार ने परमार को भारत वापस भेजने को कहा था लेकिन पियरे ट्रूडो की सरकार ने यह कारण दिया कि भारत कॉमनवेल्थ का सदस्य तो है लेकिन वह ब्रिटेन की रानी को अपना राष्ट्राध्यक्ष नहीं मानता, इसलिए परमिंदर को भारत नहीं भेजा जा सकता।

परमिंदर को भारत ना भेजने और खालिस्तानियों पर ढील बरतने के कारण कनाडा में उस समय खालिस्तानी आतंकवादियों के हौसले खूब बढ़ गए थे, उन्होंने ऐसे सिखों को निशाना बनाना चालू कर दिया था जो कि अलग देश की माँग का विरोध करते थे।

इसी कड़ी में वर्ष 1998 में इंडो-कैनेडियन अखबार के सम्पादक तारा सिंह हायेर को मार दिया गया था। तारा सिंह को 18 नवम्बर, 1998 में उनके घर के बाहर गोली मार दी गई थी। वह सिख आतंकवाद के विरोधी थे और इस बारे में लिखते रहते थे। उन्होंने 1988 में एयर इंडिया विस्फोट के बारे में लिखते हुए बताया था कि इसमें तलविंदर का हाथ हो सकता है। तलविंदर सिंह परमार बाद में भारत में एक एनकाउंटर में मार गिराया गया था। वह एयर इंडिया के इस विमान में बम धमाका करने के बाद भारत लौट आया था और यहाँ पर अपनी आतंकी गतिविधियों में लिप्त था। उसे वर्ष 1992 में पंजाब पुलिस ने एनकाउंटर में मार दिया था।

जस्टिन के पिता पियरे ट्रूडो की एक गलती के कारण 329 निर्दोष व्यक्तियों को अपनी जान गँवानी पड़ी थी और लोग हवाई यात्रा करने से भी डरने लगे थे। जस्टिन यही गलती फिर दोहरा रहे हैं। गौरतलब है कि उनकी सरकार पिछले कुछ सालों से ऐसे कृत्यों पर एकदम शांत है जिनमें भारत को सीधे सीधे धमकी दी गई है।

कनाडा में लगातार हिन्दू मंदिरों पर हमले सहित भारतीय राजनयिकों को मारने की धमकियाँ सार्वजनिक रूप से दी जा रही है लेकिन कनाडा की सुरक्षा एजेंसियों ने इन सब कामों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। इसके अतिरिक्त, हाल ही में कनाडा में एक खालिस्तान रैली में भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी की हत्या वाली झाँकी निकाली गई थी।

जस्टिन ट्रूडो लगातार ऐसे तत्वों के साथ नजर आते हैं जो कि भारत को तोड़ने के लिए प्रयास कर रहे हैं। जस्टिन, जसपाल अटवाल के साथ नजर आते रहे हैं जो कि एक खालिस्तानी आतंकवादी है। कनाडा में गुरवन्तपंत सिंह पन्नू पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। वह दिन भर भारत के विरुद्ध जहर उगलता है।

कनाडा सरकार के इस रवैये से भारत में सुरक्षा खतरों के साथ ही कनाडा में रहने वाले हिन्दुओं तथा खालिस्तान का विरोध करने वाले सिखों का जीवन खतरे में पड़ गया है। जस्टिन ने अपने पिता की गलितयों से नहीं सीख कर स्थितियों को और जटिल बना दिया है। उन्होंने भारत का सहयोग करने के बजाय विरोध करने निर्णय लिया है।

‘…घर के अंदर भी मारी जा रहीं हैं गोलियाँ’: पंजाब में कॉन्ग्रेस नेता की हत्या, कनाडा में बैठे खालिस्तानी अर्श दल्ला ने ली जिम्मेदारी

पंजाब के मोगा जिले में कॉन्ग्रेस नेता बलजिंदर सिंह बल्ली की गोली मार कर हत्या कर दी गई है। मृतक 45 वर्षीय कॉन्ग्रेस नेता अजीतवाल ब्लॉक से पार्टी प्रमुख थे। बाइक सवार 2 अज्ञात हमलावरों ने उनके घर में घुस कर गोली मारी है। पुलिस ने केस दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है। अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। घटना सोमवार (18 सितंबर 2023) की है। कनाडा स्थित एक खालिस्तानी संगठन द्वारा इस हत्या की जिम्मेदारी लेने की खबर है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना मोगा जिले के बलजिंदर सिंह बल्ली के दल्ला गाँव की है। सोमवार को कॉन्ग्रेस नेता बल्ली अपने घर पर मौजूद थे। तभी बाइक सवार कुछ हमलावर वहाँ आए। हमलावरों में से एक कॉन्ग्रेस नेता के घर में घुसा और गोलियाँ बरसानी शुरू कर दी। इस गोलीबारी में बलजिंदर सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना से आसपास अफरातफरी मच गई। हालाँकि, थोड़ी देर में हमलावर मौके से फरार हो गए। इस हमले का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

वायरल वीडियो में बलजिंदर सिंह अपने घर में चहलकदमी करते दिख रहे हैं। इसी बीच गेट से एक व्यक्ति आता है और उन पर गोली बरसाने लगता है। आसपास के लोगों से जुटने से पहले हमलावर फरार हो जाता है। गंभीर रूप से घायल कॉन्ग्रेस नेता को अस्पताल ले जाया जाता है। फिर भी डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद बलजिंदर सिंह को बचाया नहीं जा सका। बलजिंदर सिंह की हत्या से कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं में नाराजगी है। उन्होंने हमलावरों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई की माँग की है।

एक कॉन्ग्रेस नेता के मुताबिक 2 हमलावरों ने एक गोली छाती और दूसरी पेट में मारी है। राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा, “ये हालात हो गए हैं लॉ एन्ड आर्डर के कि घर के बाहर तो छोड़ो, अब घर के अंदर भी गोलियाँ मारी जा रहीं हैं।”

बताया जा रहा है कि इस हत्या की जिम्मेदारी कनाडा स्थित खालिस्तानी आतंकी अर्श दल्ला ने ली है। यह जिम्मेदारी उसने हत्या के कुछ घंटों बाद की गई एक फेसबुक पोस्ट के जरिए ली। फिलहाल अभी तक पुलिस ने खालिस्तानी समूह के दावे पर मुहर नहीं लगाईं। मामले की जाँच की जा रही है।

राजस्व, रोजगार, निवेश – सब करेंगे दोगुना… ताइवान की जिस कंपनी का भारत में 1000 करोड़ का कारोबार, उसने कहा – PM मोदी के अगले जन्मदिन पर देंगे और बड़ा तोहफा

ताइवान से चीन की नहीं पटती है, लेकिन ताइवान भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मुरीद है। अब वहाँ की कंपनी फॉक्सकॉन (Foxconn) इंडिया ने भारत में अपना निवेश दोगुना करने का ऐलान किया है। शनिवार (17 सितंबर, 2023) को ताइवान की अनुबंध निर्माण कंपनी फॉक्सकॉन के भारत प्रतिनिधि वी ली ने एक लिंक्डइन पोस्ट में इसकी जानकारी दी।

इस पोस्ट में उन्होंने पीएम मोदी को उनके 73वें जन्मदिन की शुभकामनाएँ दीं। ली ने कहा कि कंपनी अगले साल भारत में अपने निवेश और रोजगार को दोगुना करने की योजना बना रही है। उन्होंने पुष्टि की कि कंपनी आने वाले साल के अंदर वर्कफोर्स को दोगुना करने, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) बढ़ाने के साथ ही भारत में अपने पूरे कारोबार का संचालन बढ़ाने की योजना बना रही है।

दूसरे जन्मदिन पर तोहफे के लिए करेंगे कड़ी मेहनत

पोस्ट में ली ने कहा, “आपके (पीएम मोदी) नेतृत्व में, फॉक्सकॉन भारत में सही तरीके से और तेजी से विकसित हुआ है। हम भारत में रोजगार, FDI और व्यापार के आकार को दोगुना करने का लक्ष्य रखते हुए, आपको अगले साल आपके जन्मदिन पर एक बड़ा तोहफा देने के लिए कड़ी मेहनत करेंगे।

संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर वी ली की पोस्ट का एक स्क्रीनशॉट साझा किया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार फॉक्सकॉन की भारत में विस्तार की योजनाओं का समर्थन और सुविधा देने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

यह ऐलान ऐसे वक्त में हुआ है जब फॉक्सकॉन ने देश में, खासकर दक्षिणी राज्यों में काफी निवेश किया है। कंपनी ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनने की दिशा में भारत के सफर में अहम भूमिका निभाएगी। फॉक्सकॉन की तमिलनाडु में एक आईफोन (iPhone) फैक्ट्री है। इसमें 40,000 लोग काम करते हैं।

कर्नाटक सरकार ने अगस्त 2023 में कहा था कि फॉक्सकॉन राज्य में आईफ़ोन और चिप बनाने वाले उपकरणों के लिए केसिंग कॉम्पोनेंट बनाने के लिए दो प्रोजेक्ट्स में 600 मिलियन अमेरिकी डॉलर यानी 3360 करोड़ रुपए का निवेश करने की योजना बना रही थी। वहीं फॉक्सकॉन के चेयरमैन लियू यंग-वे ने इस साल अगस्त में कहा था कि भारत में काफी संभावनाएँ हैं। उन्होंने कहा था, “कई अरब डॉलर का निवेश केवल एक शुरुआत है।”

कंपनी ने तमिलनाडु में चेन्नई के पास कांसीपुरम जिले में एक कॉम्पलेक्स बनाने के लिए 1600 करोड़ रुपए, यानी 194 मिलियन अमरीकी डॉलर का निवेश करने की भी योजना बनाई है। इसके अलावा ये ताइवानी कंपनी भारत में गुजरात में सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग फैसेलिटी देने पर ध्यान केंद्रित करते हुए विकल्प तलाश रही है।

यह देश की इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं को काफी हद तक बढ़ाएगा। देश में इस ताइवानी कंपनी के किए जाने वाले निवेश से पता चलता है कि कंपनी को भारत की विकास क्षमता पर भरोसा है और वह रोजगार और तकनीकी प्रगति में सुधार में महत्वपूर्ण योगदान देगी। भारत में फॉक्सकॉन कंपनी ने रोजगार, FDI और कारोबार दोगुना करने का लक्ष्य तय किया है। हालाँकि, कंपनी का कारोबारी राजस्व दोगुना करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है, लेकिन अन्य 2 लक्ष्यों को हासिल करना मुश्किल नहीं है। हाल ही में फॉक्सकॉन ने जानकारी दी थी कि उसका भारतीय कारोबार 10 अरब डॉलर को पार कर चुका है।

भारत में 2 प्रमुख कंपनियों हॉन हई प्रेसीजन और भारत एफआईएच के जरिये यह समूह काम करता है। हॉन हई प्रेसीजन खास तौर पर ऐपल के लिए फोन तैयार करती है। वहीं भारत एफआईएच गैर-एप्पल कंपनियों के लिए इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स बनाती है।

विश्लेषकों के मुताबिक, प्रमुख आईफोन एसेंबलर के तौर पर फॉक्सकॉन ने भारत में करीब 4 अरब डॉलर मूल्य के फोन की एसेंबलिंग की है। एसऐंडपी ग्लोबल का अनुमान है कि समूह का निर्यात वित्त वर्ष 2023 में 2.07 अरब डॉलर रहेगा। ये खास तौर पर आईफोन से जुड़ा होगा।

कश्मीर में एक्शन में भारतीय सेना, लश्कर कमांडर उजैर खान समेत 2 आतंकी ढेर: 7 दिन चले एनकाउंटर के बाद भी जारी रहेगा सर्च ऑपरेशन

भारतीय सेना ने जवानों के बलिदान का बदला ले लिया है। दरअसल, सुरक्षा बलों ने लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर उजैर खान को मार गिराया है। उस पर 10 लाख रुपए का इनाम था। इसके अलावा सेना को एक अन्य आतंकी की भी लाश मिली है। उजैर खान के खात्मे के साथ ही अनंतनाग में बीते एक सप्ताह से चली आ रही मुठभेड़ भी खत्म हो गई।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कश्मीर के एडीजीपी विजय कुमार ने इस ऑपरेशन के बारे में बताया, “अभी सर्च ऑपरेशन जारी रहेगा। कई सारे इलाके बाकी हैं। लोगों से अपील है कि वे उन इलाकों में न जाएँ। वहाँ कई सारे ग्रेनेड होने की आशंका है। हमें 2 से 3 आतंकियों के छिपे होने की जानकारी थी। लश्कर-ए-तैयबा कमांडर उजैर खान मारा गया है। उसके पास से हथियार भी बरामद हुआ है। एक अन्य बॉडी मिली है। तीसरे आतंकी की लाश मिलने की भी संभावना है।”

उन्होंने आगे कहा है, “अभी भी पूरे इलाके की तलाशी की जानी बाकी है। बहुत सारे ग्रेनेड पड़े हो सकते हैं। उन्हें इकट्ठा कर नष्ट किया जाएगा। फ़िलहाल, लश्कर कमांडर उजैर खान के मारे जाने के साथ ही 7 दिन से चली आ रही, मुठभेड़ समाप्त हो गई है।”

बता दें कि सुरक्षाबलों ने आतंकियों के खात्मे के लिए 12 सितंबर को इस ऑपरेशन की शुरुआत की थी। इस ऑपरेशन के दूसरे दिन यानी 13 सितंबर को सेना के कर्नल मनप्रीत सिंह, मेजर आशीष धोंचक और जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीएसपी हुमायूँ भट बलिदान हो गए थे।

इसके बाद सुरक्षा बलों के खौफ से आतंकी वहाँ से भाग कर गैरोल गाँव में छिप गए थे। इन आतंकियों में लश्कर कमांडर उजैर खान भी था। गौरतलब है कि सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच यह मुठभेड़ जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में स्थित पीर पंजाल की पहाड़ियों में कोकरनाग के गैरोल में चल रही थी। इसलिए इसे ‘ऑपरेशन गैरोल’ भी कहा जा रहा था।

खालिस्तानी गायक के कार्यक्रम से Boat ने खींचे हाथ, मुंबई में हटाए पोस्टर: बोले लोग- छत्रपति शिवाजी महाराज की धरती पर नहीं देंगे एंट्री

भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के कार्यकर्ताओं ने शनिवार (16 सितंबर, 2023) को मुंबई में कनाडा निवासी गायक और खालिस्तान समर्थक शुभनीत सिंह शुभ के पोस्टरों को हटा दिया है। ये पोस्टर शुभनीत सिंह के आने वाले कार्यक्रम के थे। भाजपा ने इस कार्यक्रम का विरोध करते हुए इसे रद्द करने की माँग उठाई है।

कार्यक्रम के बाकी प्रतिभागियों से BJYM ने साफ़ कहा है कि भारत में किसी भी खालिस्तान समर्थक के लिए कोई जगह नहीं है। वहीं इस शो की प्रायोजक इलेक्ट्रॉनिक कम्पनी बोट (BOAT) ने इस कार्यक्रम से खुद को अलग करने का निर्णय लिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मुंबई में BJYM कार्यकर्ताओं का नेतृत्व कर रहे तजिंदर सिंह तिवाना ने महाराष्ट्र को छत्रपति शिवाजी महराज की पवित्र भूमि बताया।

राज्य में खालिस्तानियों के लिए कोई जगह न होने की घोषणा करते हुए तिवाना ने कहा, “यदि कार्यक्रम को रद्द नहीं किया गया तो इसके आयोजकों को विरोध का सामना करना पड़ेगा। तजिंदर सिंह ने कनाडियन गायक शुभ को भारत की एकता और अखंडता का दुश्मन करार दिया। साथ ही उन्होंने इस कार्यक्रम का इंतजार कर रहे युवाओं से बहिष्कार में शामिल होने की अपील करते हुए कहा है कि वो अपनी ऊर्जा को देश के विकास में लगाएँ।”

BJYM नेता इस कायर्क्रम के विरोध में पुलिस को एक ज्ञापन भी सौंपा। इस ज्ञापन को उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पर शेयर भी किया है। ज्ञापन में उन्होंने कनाडियन गायक शुभ पर भारत के आधे-अधूरे नक्शे को सोशल मीडिया पर शेयर करने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ FIR दर्ज करने की भी माँग की है। तिवाना ने आरोप लगाया है कि सिंगर शुभ ने 23 मार्च 2023 को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में जम्मू-कश्मीर और उत्तर-पूर्वी राज्यों को भारत से अलग दिखाया था।

बता दें कि शुभ का यह सोशल मीडिया पोस्ट तब का है जब पंजाब पुलिस ने खालिस्तानी आतंकी अमृतपाल सिंह को पकड़ने के लिए एक अभियान छेड़ रखा था। सिंगर शुभ के जिस कार्यक्रम का विरोध हो रहा है वो 23-25 सितंबर 2023 को मुंबई के कॉर्डेलिया क्रूज पर होना है। पुलिस को सौपें ज्ञापन में तिवाना ने इस कार्यक्रम को रद्द करने की माँग रखी है।

BOAT ने कार्यक्रम से खुद को किया अलग

खालिस्तान समर्थक कनाडियन गायक शुभनीत सिंह शुभ के भारत विरोधी बयानों के चलते प्रसिद्ध इलेक्ट्रॉनिक्स कम्पनी बोट (BOAT) ने अपने आप को शो से अलग कर लिया है। एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए बोट ने इसकी पुष्टि भी की है। बयान के मुताबिक अब बोट कम्पनी खालिस्तान समर्थक शुभ के कार्यक्रम को स्पॉन्सर नहीं करेगी।

इसी बयान में BOAT ने भविष्य में भारतीय कलाकारों को अपना हुनर दिखाने के लिए प्लेटफॉर्म देते रहने का आश्वासन दिया है।