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‘नई संसद में होनी चाहिए नमाज के लिए जगह’ : सपा सांसद शफीकुर्रहमान बर्क ने रखी माँग, कहा- नफरत फैला रखा है, क्या देंगे?

“नई संसद में नमाज के लिए भी जगह होनी चाहिए।” – यह माँग कोई और नहीं बल्कि अक्सर अपने विवादित बयानों से चर्चा में बने रहने वाले समाजवादी पार्टी के लोकसभा सांसद शफीकुर्रहमान बर्क ने रखी है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, शफीकुर्रहमान बर्क ने मंगलवार (19 सितम्बर, 2023) को संसद भवन के बाहर प्रेस से बात करते कहा, “देखिए नवाज पढ़ने के लिए तो जगह यहाँ भी नहीं है। नई संसद में भी मुसलमानों के नमाज के लिए भी जगह होनी चाहिए थी। इन लोगों ने नफरत फैला रखा है। क्या जगह देंगे, मुसलमान से नफरत फैला रखी है।”

वहीं जब उनसे जोर देकर दोबारा पूछा गया कि नई संसद में नमाज के लिए जगह होनी चाहिए थी या नहीं? तो बर्क ने सीधे कहा, “होनी चाहिए नमाज के लिए जगह, मुसलमानों के लिए जब नमाज का वक़्त हो जाता है तो उनके लिए भी कोई जगह होनी चाहिए थी लेकिन अभी उन्होंने देखी नहीं है कि है या नहीं है।” उनके बयान का वीडियो भी सामने आया है।

विवादों से है शफीकुर्रहमान बर्क का गहरा नाता

हालाँकि, यह पहली बार नहीं जब उन्होंने इस तरह की बातें की हो। संसद विधायी जगह जब वहाँ भी वह नमाज के लिए जगह की माँग कर सकते हैं तो और क्या कहा जाए। बता दें कि लोकसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने के बाद से ही शफीकुर्रहमान बर्क कई बार विवादों में आ चुके हैं। एक बार उन्होंने कहा था कि वंदे मातरम इस्लाम के खिलाफ और मुस्लिम इसका पालन नहीं कर सकते। 

वहीं अभी हाल ही में एक बार फिर अयोध्या में खुदाई के दौरान मिली मूर्तियों पर सपा सांसद शफीकुर्रहमान बर्क ने कहा था, “वहाँ मस्जिद थी और हमेशा मस्जिद ही रहेगी।”

बता दें कि शफीकुर्रहमान बर्क दूसरी बार तब विवादों से घिरे, जब उन्होंने अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे का बचाव किया। बता दें कि शफीकुर्रहमान बर्क ने अफगानिस्तान पर तालिबान का कब्जा भारत के स्वतंत्रता संग्राम से कर दी थी और इसे सही ठहराया था। वहीं बुर्का से लेकर हलाला तक वह सभी इस्लामिक कुरीतियों का बचाव करते आए हैं। 

कल ही PM मोदी ने किया था बर्क का जिक्र

गौरतलब है कि नए संसद भवन में सरकार के विधायी कामकाज 20 सितंबर से शुरू हो रहे हैं। वहीं संसद के विशेष सत्र के पहले दिन 18 सितम्बर, 2023 को संसद में 75 साल की संसदीय यात्रा पर जब चर्चा हो रही थी। तब चर्चा की शुरूआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण से की।

तब लोकसभा में संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने समाजवादी पार्टी के सांसद शफीकुर्रहमान बर्क का जिक्र करते हुए कहा, “आजादी के बाद साढ़े सात हजार से ज्यादा सांसदों ने अब तक इस सदन में अपना योगदान दिया है। इनमें एक सांसद ऐसे भी हैं जो 93 साल के हैं और अभी भी लोकसभा के सदस्य हैं।” यह किसी और का नहीं बल्कि शफीकुर्रहमान बर्क का जिक्र कर रहे थे। वहीं आज बर्क ने नमाज के जगह की माँग रखकर फिर से माहौल गर्मा दिया है। 

‘5 दिन में देश छोड़ो’: ट्रूडो के खालिस्तानी तुष्टिकरण के बाद भारत ने कनाडा के राजनयिक को निकाला, विदेश मंत्रालय से मुँह बना कर निकले कनाडाई राजदूत

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो द्वारा भारत पर खालिस्तानी आतंकवादी की हत्या का आरोप भारत पर मढ़ने और भारतीय राजनयिक को कनाडा से वापस भेजने के बाद अब भारत ने भी कड़े कदम उठाए हैं। भारत ने दिल्ली स्थित कनाडाई दूतावास के एक वरिष्ठ राजनयिक को भारत छोड़ने का आदेश दिया है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस बात की जानकारी दी है कि उसने भारत में कनाडा के हाई कमिश्नर कैमरून मैक्के (Cameroon Mackay) को तलब करके उन्हें इस बात की जानकारी दी है। भारत ने कनाडाई राजनयिक को 5 दिनों के भीतर भारत छोड़ने का आदेश दिया है।

बीते एक वर्ष में यह तीसरा ऐसा मौका है जब कनाडा के हाई कमिश्नर को भारतीय विदेश मंत्रालय ने तलब किया है। इससे पहले जुलाई और मार्च महीने में भी उन्हें तलब किया गया था जो कि दर्शाता है कि दोनों देशों के रिश्ते सामान्य नहीं हैं।

विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, “कनाडा के भारत में हाई कमिश्नर को आज तलब किया गया था और उन्हें एक कनाडाई राजनयिक के भारत से निष्कासन के निर्णय की जानकारी दी गई। उक्त राजनयिक को 5 दिनों के भीतर भारत छोड़ने को कहा गया है। यह निर्णय कनाडाई राजनयिकों की भारत विरोधी गतिविधियों में बढती संलिप्तता और उनके भारत के आंतरिक मामले बढ़ते दखल के प्रति भारत की चिंताओं को दर्शाता है।”

इससे पहले कनाडा की विदेश मंत्री ने मेलानी जोली ने कनाडाई संसद में भारतीय राजनयिक के कनाडा से निष्कासन की सूचना दी थी। बीते कुछ वर्षों से कनाडा के खालिस्तानी आतंकवादियों के संरक्षण को लेकर भारत से सम्बन्ध काफी निचले स्तर पर चले गए हैं।

आतंकवादी निज्जर की हत्या का दोषारोपण भारत पर करके कनाडा के प्रधानमंत्री ट्रूडो अपनी खीझ जाहिर कर रहे हैं। वह कनाडा के खालिस्तानियों का तुष्टिकरण करना चाहते हैं। खालिस्तानियों के दबाव में आए ट्रूडो को हाल ही में G20 में भी कोई ख़ास तवज्जो नहीं मिली थी।

भारत ने निष्कासित किए जाने वाले कनाडाई राजनयिक का नाम सार्वजनिक नहीं किया है, जबकि कनाडा ने यह जानकारी दी है कि उसने कनाडा में ‘रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW)’ के मुखिया पवन कुमार राय को निष्कासित किया गया है। हालाँकि, अंग्रेजी समाचार वेबसाइट मिंट की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि भारत से निष्काषित होने वाले कनाडाई राजनयिक, कनाडा की ख़ुफ़िया एजेंसी के भारत में मुखिया ओलिवर सिल्विस्टर हैं।

मुस्लिम दोस्त के साथ चेन्नई गया दलित रंजीत, मुस्लिम बनकर लौटा: अब घर वालों पर डाल रहा इस्लाम कबूलने का दबाव, राकिब रजा के नाम से बनवाया आधार

उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले का एक दलित युवक कमाने के लिए मुस्लिम दोस्त के साथ चेन्नई गया। जब घर लौटा तो वह खुद मुस्लिम बन चुका था। कथित तौर पर अब वह अपने परिजनों पर इस्लाम कबूलने का दबाव डाल रहा है। पीड़ित परिवार की शिकायत के बाद युवक के दोस्त सलमान को गिरफ्तार किया गया है।

इस मामले में 15 सितंबर 2023 को एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इसकी कॉपी ऑपइंडिया के पास मौजूद है। इसमें पीड़ित परिवार ने बताया है कि रंजीत को बहला-फुसला और पैसों का लालच देकर सलमान खान ने ने राशिद खान बना दिया। इसके बाद से रंजीत और सलमान उनके पूरे परिवार धर्मांतरण का दबाव डाल रहे हैं।

यह मामला चित्रकूट जिले के कर्वी थाना क्षेत्र के सीतापुर कस्बे का है। यहाँ रहने वाली केरनिया नाम की वृद्धा महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में पीड़िता ने अपने नाती रंजीत के धर्मान्तरण का आरोप अली वकस के बेटे सलमान पर लगाया है। सलमान भी चित्रकूट के खोही क्षेत्र में रहता है। केरनिया ने आरोप लगाया है कि अब सलमान और रंजीत मिल कर पूरे परिवार पर इस्लाम कबूलने का दबाव बना रहे हैं।

पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि धर्म परिवर्तन न करने पर रंजीत और सलमान पूरे परिवार को जान से मार डालने की धमकी दे रहे है। शिकायत में आरोपितों पर कठोर कार्रवाई की माँग की गई है। पुलिस ने इस मामले में सलमान के खिलाफ उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/5(1) के तहत केस दर्ज कर लिया है। मामले की जाँच शुरू कर दी गई है।

न्यूज़ 18 के मुताबिक 22 वर्षीय दलित युवक रंजीत अपने मित्र सलमान के साथ कुछ साल पहले कमाने के लिए चेन्नई गया था। वहाँ से वह फोन पर परिजनों से इस्लाम कबूलने को कहने लगा। इसके बाद उसे घर बुला लिया गया। लेकिन घर लौटने के बाद भी उसे समझाने की सारी कोशिश नाकाम रही। एक बार तो उसने जहर खा कर जान देने की कोशिश भी की।

रिपोर्ट में बताया गया है कि रंजीत के पास से 2 आधार कार्ड मिले हैं। पहला आधार रंजीत के ही नाम पर है। दूसरे आधार पर नाम राकिब रजा और पिता के तौर पर सलमान के अब्बा का नाम लिखा हुआ है। रंजीत का यह भी कहना है कि सलमान बेगुनाह है। उसने अपनी मर्जी से इस्लाम कबूला है। मजार जाने के दौरान इस्लाम से प्रभावित होने की बात उसने कही है।

सलमान के अनुसार रंजीत की तबियत अक्सर खराब रहती थी। इसके चलते वह मजार जाने लगा। वहाँ उसे फायदा हुआ और वो इस्लाम की तरफ झुक गया। हालाँकि रंजीत के परिजनों ने सलमान को ही धर्मान्तरण का कर्ता-धर्ता बताया है।

पुरानी संसद को PM मोदी ने दिया नया नाम, कहलाएगा ‘संविधान सदन’: बोले – अब मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में सर्वश्रेष्ठ बनने की ओर बढ़ेगा भारत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुराने संसद भवन के अंतिम संयुक्त सत्र को संबोधित किया। इस दौरान उप-राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला भी मौजूद रहे। इस दौरान उन्होंने कहा कि आज नए संसद भवन में हम सब मिलकर, नए भविष्य का श्रीगणेश करने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज हम यहाँ विकसित भारत का संकल्प दोहराने, संकल्पबद्ध होने और उसको परिपूर्ण करने के लिए जी-जान से जुटने के इरादे से नए भवन की तरफ प्रस्थान कर रहे हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि ये भवन और उसमें भी ये सेंट्रल हॉल हमारी भावनाओं से भरा हुआ है, ये हमें भावुक भी करता है और हमें हमारे कर्तव्यों के लिए प्रेरित भी करता है। उन्होंने कहा कि 1952 के बाद दुनिया के करीब 41 राष्ट्राध्यक्षों ने इस सेंट्रल हॉल में हमारे सभी माननीय सांसदों को संबोधित किया है। साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि हमारे सभी राष्ट्रपति महोदयों के द्वारा 86 बार यहाँ संबोधन दिया गया है। उन्होंने कहा कि संसद ने बीते वर्षों में ट्रांसजेंडर को न्याय देने वाले कानूनों का भी निर्माण किया।

बकौल पीएम मोदी, इसके माध्यम से हमने ट्रांसजेंडर को भी सद्भाव और सम्मान के साथ नौकरी, शिक्षा, स्वास्थ्य और बाकी सुविधाएँ देने की दिशा में कदम बढ़ाया है। उन्होंने ये भी कहा कि हमने इस सदन में अनुच्छेद-370 से मुक्ति पाने, अलगाववाद एवं आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ने का महत्वपूर्ण कदम उठाया। इस काम में माननीय सांसदों और संसद की बहुत बड़ी भूमिका है। जम्मू कश्मीर में इसी सदन में निर्मित संविधान लागू किया गया।

प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि आज जम्मू कश्मीर शांति और विकास के रास्ते पर चल पड़ा है और नई उमंग, नए उत्साह, नए संकल्प के साथ वहां के लोग आगे बढ़ने का कोई मौका अब छोड़ना नहीं चाहते। उनहोनेउ ये भी ध्यान दिलाया कि कैसे की दुनिया में भारत का नौजवान जिस प्रकार आगे बढ़ रहा है, वो पूरे विश्व के लिए आकर्षण और स्वीकृति का केंद्र बन रहा है। साथ ही संकल्प लिया कि अमृतकाल के 25 वर्षों में भारत को अब बड़े कैनवास पर काम करना ही होगा और हमें आत्मनिर्भर भारत बनाने के लक्ष्य को सबसे पहले परिपूर्ण करना चाहिए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुराने संसद भवन में अंतिम दिन चले सत्र को संबोधित करते हुए कहा, “हमें अब मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में दुनिया में सर्वश्रेष्ठ बनने की दिशा में काम करना होगा। हमारे यहाँ निर्मित डिजाइन, हमारे सॉफ्टवेयर, हमारे कृषि उत्पाद, हमारे हस्तशिल्प हर क्षेत्र में अब हमें वैश्विक मापदंडों को पार करने के इरादे से ही चलना होगा। हर छोटी चीज पर बारीकी से ध्यान देते हुए हमें आगे बढ़ना है। हमें भविष्य के लिए सही समय पर सही फैसले भी लेने होंगे। हम राजनीतिक लाभ-नुकसान के गुणा भाग में अपने आप को बंदी नहीं बना सकते। हमें देश की आकांक्षाओं के लिए हिम्मत के साथ नए निर्णय करने होंगे।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट कहा कि सामाजिक न्याय हमारी पहली शर्त है। बिना सामाजिक न्याय, बिना संतुलन, बिना समभाव के हम इच्छित परिणाम प्राप्त नहीं कर सकते। लेकिन, उन्होंने ये भी ध्यान दिलाया कि सामाजिक न्याय की चर्चा बहुत सीमित बनकर रह गई है, हमें उसे एक व्यापक रूप में देखना होगा। पीएम मोदी ने कहा कि देश का पूर्वी भाग समृद्धि से भरा हुआ है, लेकिन वहाँ के नौजवानों को रोजगार के लिए दूसरे इलाकों में जाना पड़ता है।

उन्होंने संकल्प लिया कि ये स्थिति हमें बदलनी है और देश के पूर्वी भाग को समृद्ध बनाकर सामाजिक न्याय को मजबूती भी देनी है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत आज दुनिया के लिए एक स्थिर सप्लाई चेन के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि आज ये विश्व की जरूरत है और उस आवश्यकता की पूर्ति करने का काम भारत ने G20 में ‘ग्लोबल साउथ’ (गरीब देश) की आवाज बनकर किया है। इस दौरान पीएम मोदी ने बड़ा ऐलान किया कि पुराने संसद भवन को ‘संविधान सदन’ के रूप में जाना जाए।

पीएम मोदी ने कहा कि आज हम यहाँ से विदाई लेकर संसद के नए भवन में बैठने वाले हैं और ये बहुत शुभ है कि गणेश चतुर्थी के दिन वहाँ बैठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय लोकतंत्र के तमाम उतार-चढ़ाव देखने वाला हमारा यह सदन जनविश्वास का केंद्र बिंदु रहा है। उन्होंने कहा कि अमृतकाल की प्रथम प्रभा का प्रकाश, राष्ट्र में एक नया विश्वास, नया आत्मविश्वास भर रहा है। इस दौरान 8 बार लोकसभा सांसद रहीं गाँधी ने भी सत्र को संबोधित किया, जो मौजूदा सदन में सबसे ज़्यादा बार लोकसभा सांसद रही हैं। उन्होंने ये भी कहा कि भारत अब विश्व की शीर्ष-3 अर्थव्यवस्था बनेगा।

उन्होंने कहा कि एक सांसद के रूप में उन्होंने अपने प्रयासों से बदलाव लाने की कोशिश की है, चाहे फिर वो पर्यावरण मंत्री के तौर पर हो या फिर बीजेपी सांसद के तौर पर। इससे पहले जानकारी दी गई थी कि उनके अलावा मौजूदा सदन में सबसे ज़्यादा बार राज्यसभा सांसद रहे मनमोहन सिंह भी बोलेंगे। वहीं दोनों सदनों को मिला दे तो सबसे ज़्यादा बार लोकसभा और राज्यसभा सांसद रहे शिबू सोरेन को भी संयुक्त सत्र को संबोधित करने के लिए कहा गया है।

‘रवि शर्मा’ बनकर कनाडा में घुसा, प्लंबर से बना खालिस्तानी आतंकी: जानिए कौन था हरदीप सिंह निज्जर, जिसके नाम पर बवाल काट रहे जस्टिन ट्रूडो

हरदीप सिंह निज्जर (Hardeep Singh Nijjar)। एक खालिस्तानी आतंकी। 18 जून 2023 को उसे कनाडा में एक सिख सामुदायिक केंद्र के पास गोली मारी गई थी। नब्बे के दशक में वह फर्जी पासपोर्ट पर कनाडा में दाखिल हुआ था। आज कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो (Justin Trudeau) उसके नाम पर ही बवाल मचा रहे हैं। उसकी हत्या के पीछे भारत का हाथ बताने की कोशिश कर रहे हैं।

निज्जर प्रतिबंधित खालिस्तान टाइगर फ़ोर्स का संस्थापक था। वह एक अन्य खालिस्तानी संगठन सिख फॉर जस्टिस का सदस्य भी था। इस संगठन की अगुवाई खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू करता है। निज्जर लुधियाना के भरतसिंह पुरा गाँव का रहने वाला था। मौत के समय उसकी उम्र 46 वर्ष थी। खालिस्तानी आतंकवादी संगठन बब्बर खालसा से भी उसका जुड़ाव था।

निज्जर वर्ष 1996 में भारत से कनाडा एक फर्जी पासपोर्ट के सहारे गया था। यह पासपोर्ट एक हिन्दू नाम ‘रवि शर्मा’ से बना था। कनाडा पहुँचने के बाद उसने राजनीतिक शरण के लिए आवेदन किया। लेकिन इसे अस्वीकार कर दिया गया था। राजनीतिक शरण पाने में विफल रहने के बाद उसने कनाडा की एक महिला से शादी की। फिर नागरिकता पाने का प्रयास किया। इस महिला ने ही निज्जर को कनाडा लाने में सहायता की थी। लेकिन उसका यह पैंतरा भी विफल रहा और नागरिकता नहीं मिली।

आतंकी हरदीप सिंह निज्जर
आतंकी हरदीप सिंह निज्जर (चित्र साभार: हिन्दुतान टाइम्स)

यह बात ध्यान देने वाली है कि जस्टिन ट्रूडो ने उसे अपने भाषण में कनाडाई नागरिक कहा है जो कि यह दर्शाता है कि उसे बाद में नागरिकता हासिल हो गई होगी। उसने कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया राज्य में प्लंबिंग का काम भी चालू किया था, लेकिन उसकी सम्पत्ति इस बात की तरफ इशारा करती है कि वह अन्य धंधों से भी जुड़ा हुआ था।

निज्जर लगातार कनाडा में भारत विरोधी गतिविधियों को हवा दे रहा था और कथित सिख रेफरेंडम करवाने में भी उसका बड़ा रोल था। निज्जर के भारत प्रत्यर्पण के प्रयास लम्बे समय से जारी था। 2018 में जस्टिन ट्रूडो की भारत यात्रा के दौरान पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने उन्हें ऐसे अपराधियों की एक लिस्ट थमाई थी, जिनकी पंजाब पुलिस को तलाश थी। इसमें निज्जर का नाम भी था।

निज्जर के ऊपर लुधियाना में वर्ष 2007 में बम धमाके करवाने का भी आरोप था। इस बम धमाके में 6 व्यक्तियों की मृत्यु हुई थी, जबकि लगभग 50 व्यक्ति घायल हो गए थे। पंजाब में हुआ यह एक बड़ा हमला था। इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के अनुसार पटियाला में हुए एक बम धमाके में उसका नाम इसके साजिशकर्ता के रूप में आया था। बम धमाकों के अलावा उसके ऊपर डेरा सच्चा सौदा, निरंकारी सिख संतों और पंजाब के हिन्दू नेताओं की हत्या करवाने और इसकी साजिश रचने का भी आरोप है।

इसी कड़ी में सिख युवक मंदीप धालीवाल को गिरफ्तार किया गया था। उसे पंजाब में हिन्दू नेताओं की हत्या का जिम्मा दिया गया था। धालीवाल को निज्जर ने ही प्रशिक्षण दिया था। निज्जर ने पंजाब के दलित गुरु बाबा सिंह भैनारा की हत्या की भी साजिश रची थी। वर्ष 2020 में उसने जेल में बंद राम रहीम के डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी मनोहर लाल की हत्या भी करवाई थी।

मनोहर लाल डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख व्यक्तियों में से एक थे। वह डेरा की पच्चीस सदस्यीय समिति के सदस्य भी थे। अंग्रेजी समाचार पत्र द ट्रिब्यून के अनुसार, मनोहर लाल बेअदबी के एक आरोपित के पिता थे। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट बताती है कि वर्ष 2016 से 2022 के बीच डेरा के 7 अनुयायियों की हत्या हुई और इन सबमें कहीं ना कहीं इन्हीं कट्टरपंथियों की भूमिका थी।

निज्जर को भारत वापस लाने के लिए वर्ष 2016 में रेड कार्नर नोटिस भी जारी किया गया था और कनाडा की सरकार से लगातार इस बात की अपील गई थी कि वह उसे भारत को सौंप दें। लेकिन कनाडा के सिख नेता जगमीत सिंह के दबाव और ट्रूडो की तुष्टिकरण की राजनीति ने ऐसा नहीं होने दिया। वर्ष 2022 में निज्जर पर नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने 10 लाख का इनाम भी घोषित किया था।

निज्जर की हत्या को लेकर कनाडा की पुलिस लगातार खाली हाथ है और खीझ में ट्रूडो सारे आरोप भारत पर मढ़ रहे हैं। भारत ने इसका पुरजोर विरोध किया है। भारत ने एक कनाडाई राजनयिक को भारत छोड़ने का आदेश भी दिया है।

‘वह मेरे सामने मर गया और मैं कुछ नहीं कर पाई’: फंदे से लटक कर तड़प रहा था 13 साल का बच्चा, जान बचाने को भागती रही नेत्रहीन माँ

उत्तर प्रदेश के जालौन जिले से एक दर्दनाक घटना सामने आई है। 13 साल का जस खेल-खेल में फंदे से लटक कर तड़पता रहा। बच्चों की आवाज सुन नेत्रहीन माँ उसे बचाने के लिए दौड़कर आई। लेकिन वह नाकाम रही। घटना रविवार (17 सितंबर 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला जालौन के उरई थाना क्षेत्र का है। यहाँ की कांशीराम कॉलोनी में 50 साल की संगीता अपने परिवार के साथ रहती हैं। वह जन्म से ही नेत्रहीन हैं। उसका बेटा जस अपने भाई यश और बहन महक तथा आस्था के साथ रविवार को खेल रहा था। उस समय बच्चों के पिता खेमचंद्र खरीदारी करने बाजार गए थे और संगीता दूसरे कमरे में सो रही थी।

बताया जा रहा है कि बच्चे फाँसी लगाने वाला खेल कर रहे थे। बच्चों ने फाँसी का फंदा बनाया। इस फंदे पर स्टूल लगा कर जस चढ़ गया और फंदे को गले में डाल लिया। लेकिन स्टूल सरककर नीचे गिरने के कारण वह फंदे से लटक गया। गला कसने की वजह से वह तड़पने लगा। लेकिन भाई-बहन इसे भी एक्टिंग ही समझ रहे थे। जब जस की नाक और मुँह से खून बाहर आने लगा तो भाई-बहन चिल्लाने लगे। शोरगुल सुनकर उनकी नेत्रहीन माँ की नींद खुली। वह दौड़कर आई। लेकिन दिखाई न पड़ने की वजह से वह अपने बच्चे को बचा नहीं पाई।

संगीता ने अपने बच्चे के गले में कसे फंदे को काटने के लिए चाकू या धारदार हथियार खोजने की असफल कोशिश की। पड़ोसियों से मदद की गुहार लगाई। चीख-पुकार सुन कर पड़ोसी पहुँचे और बच्चे को फंदे से उतारा। बेसुध हो चुके बच्चे को लेकर लोग अस्पातल गए, लेकिन वहाँ उसे मृत घोषित कर दिया गया। मौके पर पहुँची पुलिस ने बच्चे के शव को कब्ज़े में लिया और जरूरी कानूनी कार्रवाई पूरी की। मृतक की माँ ने रोते हुए अपनी दृष्टिहीनता को अपने बच्चे की मौत का कारण बताया। उन्होंने रोते हुए कहा, “यदि भगवान ने मेरी दृष्टि न छीनी होती तो मैं अपने बच्चे को बचा लेती। वह मेरे सामने मर गया और मैं कुछ नहीं कर पाई।”

खालिस्तानियों के आगे झुके कनाडा के PM जस्टिन ट्रूडो, आतंकी हरदीप की हत्या के लिए भारत पर लगाया आरोप: मिला जवाब – बर्बाद होते अपने देश को संभालो

कनाडा के PM जस्टिन ट्रूडो ने वहाँ की संसद में भारत सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के पीछे भारतीय खुफिया एजेंटों का हाथ हो सकता है। इसके बाद कनाडा की सरकार ने एक शीर्ष भारतीय राजनयिक को निष्कासित भी कर दिया। भारत सरकार ने इस आरोप का मंगलवार (19 सितंबर 2023) को करारा जवाब देते हुए कहा कि कनाडा की धरती पर तरह-तरह की बुराई पनप चुकी है, इन सबको वहाँ प्रश्रय दिया जाता।

भारत के विदेश मंत्रालय ने कनाडा के PM जस्टिन ट्रूडो के संसदीय बयान को सिरे से खारिज कर दिया। विदेश मंत्रालय ने कनाडा सरकार को उनकी कमजोरी गिनाते हुए आईना दिखा दिया। विदेश मंत्रालय ने कनाडा की धरती पर भारत-विरोधी गतिविधियों को प्रश्रय देने की बात कहते हुए उनको सीख भी दे डाली। भारत की ओर से जो कुछ प्रमुख और तीखे बयान कनाडा के PM जस्टिन ट्रूडो को लेकर दिए गए, वो हैं:

  1. खालिस्तानी आतंकियों और हिंसा करने वाले कट्टर समूहों से ध्यान हटाने के लिए ऐसे निराधार आरोप लगाए गए हैं।
  2. कनाडा में खालिस्तानी आतंकियों और कट्टर समूहों को आश्रय दिया जाता है, वहाँ की सरकार उनको प्रश्रय देती है।
  3. भारत की संप्रभुता और अखंडता के लिए कनाडा में बसे खालिस्तानी आतंकी और कट्टर समूह खतरा हैं।
  4. खालिस्तानी आतंकियों पर कनाडाई सरकार की निष्क्रियता बहुत लंबे समय से और निरंतर चली आ रही है। भारत के लिए यह चिंता का विषय है।
  5. कनाडा के PM जस्टिन ट्रूडो द्वारा ऐसे लोगों के प्रति खुले तौर पर सहानुभूति व्यक्त करना गहरी चिंता का विषय।
  6. कनाडा में हत्या, मानव तस्करी, संगठित अपराध, कई तरह की अवैध गतिविधियाँ आदि कोई नई बात नहीं।
  7. कनाडा में हुई किसी भी प्रकार की हिंसा में भारत सरकार का कोई रोल नहीं है। ऐसा लगाना आरोप बेतुका है, वहाँ की स्थानीय राजनीति से प्रेरित है।
  8. भारत विरोधी जो तत्व कनाडा की धरती पर सक्रिया हैं, उन सभी पर वहाँ की सरकार तुरंत कार्रवाई करे, प्रभावी कार्रवाई करे।

कूटनीति में भारत ने कनाडा को कूट दिया

कनाडा के PM जस्टिन ट्रूडो ने वहाँ की संसद में भारत के खिलाफ बोल कर सोचा होगा कि खालिस्तानी गुटों को खुश करेंगे और भारत चुप बैठा रहेगा। या बहुत ज्यादा से ज्यादा कूटनीति की भाषा में जवाब दिया जाएगा। हुआ इसका उल्टा। रगड़ दिए गए। जिस देश के प्रधानमंत्री को दिल्ली से कनाडा जाने में 2-3 दिन लग जाता है, तकनीक के स्तर पर ऐसे गरीब-कंगाल देश की सरकार ने भारत को गीदरभभकी देने की सोची भी कैसे?

मंदिरों पर लगातार होते हमले को रोकने में विफल कौन सी सरकार रही है? – PM जस्टिन ट्रूडो की सरकार। भले ही वो खालिस्तानी आतंकी हो… लेकिन सरेआम गोली मार कर हत्या किसकी सरकार में लगातार हो रही है? – PM जस्टिन ट्रूडो की सरकार में। गुरुद्वारे को पूजा स्थल के बजाय खालिस्तानियों के आतंकी गतिविधियों का अड्डा बनने कौन दे रहा है? – PM जस्टिन ट्रूडो की सरकार। वैश्विक स्तर पर G20 के सफल आयोजन में मुँह फुला कर कौन दिखा? – कनाडा के PM जस्टिन ट्रूडो। जो शख्स प्रधानमंत्री के पद का न अपने देश में न विदेश में मान रख पाया, उसको कूटनीति की भाषा में जवाब कैसे मिलेगा? इसलिए भारतीय विदेश मंत्रालय ने कड़े शब्दों के साथ उनको कूट दिया।

कूटनीति के स्तर पर कनाडा को पहले भी लताड़ा जा चुका है, वो समझ नहीं पाए थे तब वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते कद को। कनाडा में खालिस्तानियों ने इंदिरा गाँधी की हत्या की झाँकी निकाली थी। इंदिरा गाँधी भले कॉन्ग्रेसी थीं लेकिन थीं देश की प्रधानमंत्री। यह मसला भारत की संप्रभुता से जुड़ा था। विदेश मंत्री जयशंकर ने तब भी चेतावनी थी। लताड़ते हुए यहाँ तक कह दिया था कि ऐसी हरकतें कनाडा की धरती से हो रही है तो यह एक देश के तौर पर कनाडा के लिए सही नहीं है।

जस्टिन ट्रूडो को कनाडा में अपनी कुर्सी की चिंता

कनाडा में जस्टिन ट्रूडो का जनाधार कमजोर पड़ता जा रहा है। कनाडा के जो मूल निवासी हैं, उन्हें खालिस्तानियों के प्रति नरम व्यवहार रास नहीं आ रहा। इसके साथ ही महँगाई के मुद्दे पर भी जस्टिन ट्रूडो की सरकार ने घटिया काम किया है। जनता में इन सब को लेकर गुस्सा है।

खालिस्तान से लेकर स्थानीय मुद्दों पर कनाडा में एक सर्वे हुआ। इसमें जस्टिन ट्रूडो की सरकार जाती दिखी। सर्वे के अनुसार अगर अभी कनाडा में चुनाव हुए तो वामपंथी झुकाव वाले जस्टिन ट्रूडो हार जाएँगे

जिस सरकार और प्रधानमंत्री की कुर्सी जाने वाली है, वो भारत को गीदड़भभकी दे रहा, इसका मतलब है – वो मुद्दों को भटका रहा… इसका मतलब है – विनाश काले विपरीत बुद्धि

कीर्तन के नाम पर हिंदुओं को बुलाया और बाँटने लगे बाइबिल, ईसाई बनने पर पैसों का लालच भी: धर्मांतरण रैकेट का पर्दाफाश, 7 महिलाओं सहित 15 गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में ईसाई धर्मान्तरण रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। कीर्तन के बहाने हिन्दुओं को जमा कर धर्म परिवर्तन की कोशिश की गई। ईसाई बनने के लिए पैसों का लालच भी दिया गया। इस मामले में पुलिस ने कुल 17 आरोपितों पर केस दर्ज किया है। अब तक 7 महिलाओं सहित कुल 15 गिरफ्तार हो चुके हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह मामला गाजियाबाद के साहिबाबाद थाना क्षेत्र का है। रविवार (17 सितम्बर 2023) को करहेड़ा गाँव में भजन-कीर्तन के नाम पर हिन्दू समाज के 10 लोगों को इकट्ठा किया गया था। यह जमावड़ा नूरनगर कॉलोनी में रहने वाले दिनेश के घर पर था जो पास ही एक फैक्ट्री में काम करता है। कीर्तन करवाने दिल्ली से कई लोग आए थे। इनमें महिलाएँ भी शामिल थीं। कार्यक्रम के दौरान ही इसी गाँव के सुभाषचंद ने पुलिस को सूचना देकर दिनेश के घर में हिन्दुओं के ईसाई धर्मान्तरण की कोशिश का आरोप लगाया।

पुलिस ने मौके पर पहुँच कर सुभाषचंद से तहरीर ली और केस दर्ज कर जाँच शुरू कर दी। सुभाषचंद ने खुद को हिन्दू और आरोपितों की करतूत से आहत बताया। जाँच के दौरान कीर्तन में मौजूद कॉलोनी के निवासियों ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम में उन्हें ईसाई बनने का प्रलोभन दिया गया। ऐसा करने पर उनकी तमाम तकलीफें दूर होने का भरोसा दिया गया। पैसों का भी का लालच दिया गया। कथित कीर्तन के नाम पर जमा किए गए लोगों के बीच बाइबिल सहित ईसाई मत की अन्य किताबें भी बाँटी गई।

जब पुलिस ने मकान मालिक दिनेश से पूछताछ की तब उन्होंने घर में जमा बाहरी लोगों के दिल्ली निवासी होने की जानकारी दी। दिनेश ने यह भी बताया कि बाहर से आए लोगों की जानकारी उसे यूट्यूब के एक वीडियो के माध्यम से मिली थी। 6 माह पहले दिनेश चोटिल हो गया था। इसके बाद उसने दुःख-दर्द दूर करने वाला वीडियो बनाने और धर्म परिवर्तन करवाने वाले इस गिरोह को सम्पर्क किया। कार्यक्रम में मौजूद सुभाष जाटव नाम के व्यक्ति ने दिनेश पर भी धर्मान्तरण रैकेट से जुड़े होने का आरोप लगाया है।

पुलिस ने जब कार्यक्रम करवाने दिल्ली से आए लोगों की खोजबीन की तो वे अगले दिन 18 सितंबर को गाजियाबाद में ही एक इको कार से घूमते मिले। इन सभी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो उन्होंने खुद को बचपन से ही ईसाई बताया। कबूल किया कि वे लोगों को प्रार्थना सभा के नाम पर जमाकर ईसाई मत की विशेषता बताते हैं। ज्यादा से ज्यादा लोगों को खुद से जोड़ने के लिए आरोपितों ने लोगों को पैसों का लालच देने की भी बात स्वीकारी। साथ ही यह भी माना कि वो लोगों से बीमारी और तकलीफें दूर करने का वादा भी करते हैं।

इस कबूलनामे के बाद पुलिस ने 7 महिलाओं सहित कुल 15 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इन सभी पर उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध 2021 के तहत कार्रवाई की गई है। पकड़े गए आरोपितों के नाम मकान मालिक दिनेश, चंद देव राय, बबलू, राजन वर्मा, जॉय, अशमत उस्मान, राजकुमार, अजय, अनीता, जयादास, रुचिका, मीनू और गुड़िया हैं। इन सभी के पास से 5 बाइबिल, गीत की 2 किताबें, वचन की किताब, गिटार और उसका कवर बरामद हुआ है। जिस इको कार से आरोपित घूम रहे थे उसे भी सीज कर दिया गया है।

I.N.D.I. गठबंधन की कमिटी से CPI(M) ने खुद को अलग किया, कहा – ये कोई पार्टी थोड़े है: बंगाल में TMC के भी विरोध में है वामपंथी पार्टी

NDA के मुकाबले खड़ा किया गया I.N.D.I. गठबंधन का दम अभी से फूलता सा दिख रहा है। पंजाब-दिल्ली में कॉन्ग्रेस-आप की सिर-फुटौव्वल शुरू होने के बीच ही सबसे बड़े वामपंथी दल ने भी अपने तेवर दिखा दिए हैं। CPI(M) ने कहा है कि इंडी गठबंधन कोई पार्टी थोड़े ही है, ये सिर्फ प्लेटफॉर्म है। हालाँकि, उसने इस गठबंधन से अलग होने से अभी तो मना कर दिया है, लेकिन उसने खुद को इस गठबंधन के सबसे अहम समूह कोऑर्डिनेशन कमेटी से खुद को अलग कर लिया है। ये कमेटी ही गठबंधन के कामों को आगे बढ़ाने का काम करती है।

लोकसभा चुनाव में साथ, पश्चिम बंगाल में खिलाफ!

‘इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के मुताबिक, सीपीआई(एम) के पोलित ब्यूरो ने साफ कर दिया है कि वो इंडी गठबंधन के कोर्डिनेशन कमेटी से दूर रहेगी। हालाँकि, बाकी कमिटियों में वो शामिल रहेगी। वहीं, पार्टी के सूत्रों के हवाले कहा गया है कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कॉन्ग्रेस का विरोध किया जाना चाहिए। पश्चिम बंगाल में पार्टी के नेता चाहते हैं कि वो सिर्फ कॉन्ग्रेस और इंडियन सेकुलर फ्रंट के साथ ही गठबंधन करे और टीएमसी का विरोध करे।

पोलित ब्यूरो की तरफ से जारी प्रेस रिलीज में बताया गया है कि CPI(M) की शीर्ष कमेटी ने फैसला किया है कि भारत गणराज्य के सेक्युलर और लोकतांत्रिक पहचान को बचाने की लड़ाई में I.N.D.I.A. ब्लॉक के साथ हैं। ये संविधान, लोकतंत्र, लोगों के मौलिक अधिकार और नागरिक स्वतंत्रता को बचाने की लड़ाई है। कहा गया है कि इसमें जरूरी है कि भाजपा को केंद्र और राज्य सरकारों की सत्ता से दूर रखा जाए। पोलित ब्यूरो ने इन कोशिशों का साथ देने का फैसला किया है।

कई पार्टियाँ आपस में लड़ेंगी

प्रेस रिलीज में आगे लिखा गया, “जो पार्टियाँ नैतिक और राजनीतिक रूप से एक जैसी नहीं हैं, वो भी मंच साझा कर रही हैं, क्योंकि उनके पास भाजपा को हराने का एक साझा एजेंडा है। लेकिन, भारत जैसे विविधतापूर्ण देश में आपको यह उम्मीद नहीं करनी चाहिए कि सभी दल सभी मुद्दों पर एकजुट होंगे। पंजाब में आम आदमी पार्टी कॉन्ग्रेस के खिलाफ लड़ेगी। दिल्ली में भी ऐसा ही होगा। पश्चिम बंगाल में हम टीएमसी के खिलाफ लड़ेंगे। केरल में सीपीआई (एम) कॉन्ग्रेस के खिलाफ लड़ेगी।”

छोटी समितियों में सीपीआई(एम) के सदस्य शामिल

बता दें कि सीपीआई (एम) ने गठबंधन की अपेक्षाकृत कम महत्वपूर्ण समितियों जैसे अभियान समिति और सोशल मीडिया समिति में सदस्यों को नामित किया था, लेकिन अटकलें तब शुरू हुईं जब उसने समन्वय समिति में किसी को नहीं भेजा, जिसने 13 सितंबर को दिल्ली में अपनी पहली बैठक की और निर्णय लिया।

सोनिया गाँधी भारत माता, बाईं हाथ में तेलंगाना… कॉन्ग्रेस के पोस्टर पर भड़की BJP बोली – इनके लिए जनता ‘राक्षस’, राष्ट्र से बड़ा परिवार

तेलंगाना में अगले 2-3 महीने में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसकी तैयारी में जुटी कॉन्ग्रेस के एक पोस्टर को लेकर बवाल शुरू हो गया है। इस पोस्टर में कॉन्ग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गाँधी को ‘भारत माता’ के रूप में दिखाया गया है। इस पर भाजपा हमलवार है। भाजपा नेताओं का कहना है कि कॉन्ग्रेस के लिए हमेशा ही राष्ट्रवाद से पहले परिवारवाद रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, विधानसभा चुनाव को देखते हुए कॉन्ग्रेस ने 17 सितंबर को हैदराबाद में एक बैठक बुलाई थी। इस बैठक में कॉन्ग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गाँधी, प्रियंका गाँधी समेत पार्टी के कई शीर्ष नेताओं ने भाग लिया। चूँकि नेता शहर आ रहे थे, इसलिए कार्यकर्ताओं ने उनके पोस्टर लगाए थे। इन पोस्टर में सोनिया गाँधी को ‘भारत माता’ के रूप में दिखाया गया है।

पोस्टर की सामने आई तस्वीरों में सोनिया गाँधी मुकुट लगाए और तिरंगा की तरह कपड़े पहने दिखाई दे रहीं हैं। वहीं उनके दाएँ हाथ में तेलंगाना का नक्शा देखा जा सकता है। इस पोस्टर के सामने आने के बाद BJP कॉन्ग्रेस पर हमलावर है। भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “कॉन्ग्रेस ने भारत का अपमान करते रहने की आदत बना ली है। आराधना मिश्रा जैसे कॉन्ग्रेस नेताओं ने पहले कहा कि ‘भारत माता की जय’ पार्टी अनुशासन के खिलाफ है।”

उन्होंने आगे कहा है, “इससे पहले बीडी कल्ला कह चुके हैं कि ‘भारत माता की जय’ नहीं सोनिया माता की जय बोलें। अब कॉन्ग्रेस सोनिया गाँधी की तुलना भारत माता से करती है, जैसे उन्होंने इंदिरा की तुलना इंडिया से की थी। यह पूरी तरह से शर्मनाक है। इससे पता चलता है कि कॉन्ग्रेस के लिए कैसे परिवार हमेशा राष्ट्र और लोगों से बड़ा होता है। जनता राक्षस है और सोनिया गाँधी भारत माता हैं।”