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1 किलो टमाटर बस 2 रुपए में… खरीदने के लिए बैंक से लोन लेने पहुँच गए थे कॉन्ग्रेस नेता, अब साधी गजब की चुप्पी

करीब एक महीने पहले टमाटर के भाव सातवें आसमान में थे। बढ़ी कीमतों के चलते टमाटर आम आदमी की थाली से दूर हो गए थे। कई इलाकों में कीमत 400 रुपए तक पहुँच गई थी। पूरा विपक्ष टमाटर के चलते आई ‘मौसमी महँगाई’ पर हो हल्ला मचा रहा था। अब हालत यह है कि टमाटर 2-3 रुपए किलो तक में बिक रहा है।

टमाटर की बढ़ी हुई कीमतों को लेकर विपक्ष सरकार को कोसने में जुटा हुआ था। आलम यह था कि सरकार को टमाटर पर सब्सिडी तक देनी पड़ी थी। यही नहीं जगह-जगह स्टॉल लगाकर सस्ती कीमतों पर टमाटर बेचा जा रहा था। लेकिन, अब किसानों को टमाटर की सही कीमत नहीं मिल पा रही है। बता दें कि किसानों को मंडी तक सीधी पहुँच देने के लिए मोदी सरकार 3 कृषि कानून लेकर आई थी, लेकिन किसान नेताओं ने आंदोलन कर के इसे वापस करवा दिया।

‘मौसमी महँगाई’ पर विपक्ष द्वारा सरकार पर हमले के बीच दिल्ली की आजादपुर मंडी के सब्जी विक्रेता रामेश्वर का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। टमाटर की कीमत बढ़ने पर रामेश्वर रोते हुए नजर आए थे। उन्होंने राहुल गाँधी से मिलने की इच्छा भी जताई थी। इसके बाद राहुल गाँधी ने कहा था कि देश को दो वर्गों में बाँटा जा रहा है। अमीर-गरीब के बीच बढ़ती इस खाई को भरकर इन आँसुओं को पोंछना होगा।

यही नहीं राहुल गाँधी को ‘मोदी सरनेम’ मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद कॉन्ग्रेस नेता टमाटर बाँटकर खुशी मनाते हुए देखे गए थे। मध्य प्रदेश की कॉन्ग्रेस विधायक कल्पना वर्मा विरोध जताने के लिए गले में टमाटर और मिर्ची डालकर विधानसभा पहुँच गईं थीं। उत्तर प्रदेश के आगरा में कॉन्ग्रेस नेता टमाटर खरीदने के लिए बैंक से लोन माँगने पहुँच गए थे।

आंध्र प्रदेश के कुरनूल जिले के पट्टीकोंडा मंडी में एक किलो टमाटर की कीमत महज 2-3 रुपए है। इस कारण 100 किलो यानी एक क्विंटल टमाटर की कीमत 200 से 300 रुपए रह गई है। इसकी सबसे बड़ी वजह मार्केट में टमाटर का स्टॉक है। बड़े पैमाने पर हुई पैदावार के चलते बाजार में टमाटर का ढेर लगा हुआ है।

वहीं इसकी खपत अपेक्षाकृत कम है। जहाँ पहले फुटकर टमाटर की कीमत 400 रुपए तक पहुँच गई थी। वहीं अब 20-30 रुपए प्रति किलो बिक रहा है। कुछ जगह किसानों का कहना है कि फसल की सही कीमत न मिल पाने के चलते उन्हें फसल खेतों पर ही छोड़ना पड़ रहा है। यह हाल सिर्फ आंध्र प्रदेश का नहीं बल्कि राजस्थान, मध्य प्रदेश समेत कई अन्य राज्यों का भी है।

‘मुझे लैंडिंग की नहीं दी इजाजत’: CM अशोक गहलोत के झूठ की गृह मंत्रालय ने खोली पोल, भूपेश बघेल ने भी किया था फर्जी दावा

गृह मंत्रालय ने शनिवार (9 सितम्बर, 2023) को एक बयान जारी कर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के उस दावे को ख़ारिज कर दिया कि उनके हेलीकॉप्टर को उड़ान की अनुमति देने से इनकार कर दिया गया था। दरअसल, राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने दावा किया था कि उन्हें दिल्ली में लैंडिंग की इजाजत नहीं दी गई। वहीं, छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने कहा था कि हम जी-20 के डिनर में कैसे जा सकते हैं, जब सरकार ने दिल्ली को तो नो फ्लाइंग जोन घोषित कर दिया है।

रिपोर्ट के अनुसार, जी-20 में कॉन्ग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को न बुलाने पर जहाँ विपक्ष मोदी सरकार पर हमलावर है, वहीं अब शिखर सम्मेलन के डिनर को लेकर भी सियासत शुरू हो गई। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बयानों के बाद गृह मंत्रालय का जवाब आया है। 

गृह मंत्रालय ने इस मामले में सोशल मीडिया X पर पोस्ट किया, “मीडिया रिपोर्ट में, राजस्थान के मुख्यमंत्री ने गृह मंत्रालय द्वारा उनकी हेलीकॉप्टर को उड़ान के लिए मंजूरी देने से इनकार करने का दावा किया है। सीकर सहित उड़ान अनुमति के लिए राजस्थान के मुख्यमंत्री की ओर से चार अनुरोध प्राप्त हुए थे, और सभी को गृह मंत्रालय द्वारा मंजूरी दे दी गई थी।”

मंत्रालय ने आगे कहा, “सीएम राजस्थान के किसी भी अनुरोध को अस्वीकार नहीं किया गया है। जबकि वाणिज्यिक विमानों की सभी निर्धारित उड़ानों और राज्यपालों और राज्य के मुख्यमंत्रियों की उनके राज्य के विमानों पर आवाजाही की पहले से ही अनुमति है, वहीं निजी चार्टर्ड उड़ानों को एमएचए अनुमति लेनी है।”

मंत्रालय ने दोनों सीएम के दावे को खारिज कर दिया है। गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि जी-20 समिट को लेकर हवाई सुरक्षा बढ़ाई गई है और चौकसी में इजाफा किया गया है। लेकिन, किसी भी राज्यपाल या मुख्यमंत्री के विमान की आवाजाही पर रोक नहीं लगाई गई है। किसी भी सीएम के विमान की लैंडिंग पर कोई रोक नहीं लगाई गई है। 

गौरतलब है कि शुक्रवार (8 सितम्बर, 2023) को, राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने गृह मंत्रालय पर अनुमति न देने का आरोप लगते हुए सोशल मीडिया X पर पोस्ट किया, “आज बाबा श्री खिंवाड़ादास जी महाराज की पुण्य तिथि के स्मरणीय कार्यक्रम के तहत सीकर में सांगलिया पीठ का दौरा तय था। हालाँकि, जी-20 बैठक के चलते भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने मुझे हेलीकॉप्टर द्वारा उदयपुर से सीकर की यात्रा करने की अनुमति नहीं दी। इसलिए मुझे यह घोषणा करते हुए खेद है कि मैं आज सांगलिया पीठ तक पहुँचने में असमर्थ हूँ।”

उन्होंने आगे कहा, “मैंने सांगलिया पीठ के पीठाधीश्वर श्री ओम दास महाराज से फोन पर बात की है और उन्हें स्थिति से अवगत कराया है। मैं जल्द ही आशीर्वाद लेने के लिए सांगलिया पीठ जाने की योजना बना रहा हूँ।”

‘एक दशक में $10 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनेगा भारत’: मोदी सरकार के कायल हुए ‘वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम’ के अध्यक्ष, कहा – सीखें दूसरे देश

जहाँ एक तरफ दिल्ली में G20 समिट का भव्य आयोजन हो रहा है, वहीं इसे लेकर ‘वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम’ के अध्यक्ष बोर्गे ब्रेंडे ने मोदी सरकार की खुल कर तारीफ़ की है। उन्होंने कहा कि G20 अध्यक्षता के दौरान भारत ने बहुत कुछ किया है। उन्होंने ध्यान दिलाया कि कैसे भारत ने 140 करोड़ लोगों को डिजिटल आईडी देने का रिकॉर्ड कायम किया और लोगों को जबरदस्त डिजिटल कनेक्टिविटी मिली है। उन्होंने कहा कि इससे दूसरे देश भी प्रेरित हुए हैं।

WEF के अध्यक्ष बोर्गे ब्रेंडे ने कहा कि इससे दुनिया के 350 करोड़ लोगों को डिजिटल रूप से जोड़ने का मौका मिलेगा, जो भारत की तरह कनेक्टेड नहीं हैं। उन्होंने कहा कि भारत ने सस्टेनेबिलिटी के क्षेत्र में भी नेतृत्व का प्रदर्शन किया है। उन्होंने बताया कि कैसे भारत एक लो-कार्बन इकोनॉमी बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि खास बात ये है कि विकास और रोजगार के क्षेत्रों में आगे बढ़ते हुए भारत ऐसा कर रहा है। उन्होंने ये भी कहा कि भारत आज 8% विकास दर के साथ ग्रोथ के मामले में भी नेतृत्व कर रहा है।

‘विश्व आर्थिक मंच’ के अध्यक्ष ने दुनिया में विकास दर को उच्च स्तर पर ले जाने को एक बड़ी चुनौती करार दिया। उन्होंने कहा कि दूसरे देश भारत से इस मामले में सीख सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भारत की आर्थिक प्रगति को बुलबुला नहीं है कि फूट जाए, वो अगले एक दशक में भारत को 10 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनते हुए देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत का घरेलू बाजार बहुत विशाल है और नए कंजम्प्शन पैटर्न के लिए भारत ज़्यादा तैयार है।

उन्होंने सेवाओं के एक्सपोर्ट के मामले में भी भारत को एक बड़ा देश करार दिया। ‘वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम’ के अध्यक्ष बोर्गे ब्रेंडे ने कहा कि ये धीमे विकास का दशक चल रहा है। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से भारत का महत्व बढ़ता ही जा रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाला दशक भारत का है, और G3 (अमेरिका, चीन, भारत) पर बहुत कुछ निर्भर करेगा। उन्होंने कहा कि भारत को वो आगे बढ़ते हुए देख रहे हैं। साथ ही उन्होंने G20 देशों के बीच आपसी विश्वास में बढ़ोतरी पर भी बल दिया।

G20 का स्थायी हिस्सा बना अफ्रीकन यूनियन: 55 देशों को मंच देकर PM मोदी ने निभाया ‘सबका साथ’ वाला वादा, तालियों से गूँजा ‘भारत मण्डपम्’

भारत की अध्यक्षता में नई दिल्ली में जारी जी-20 शिखर सम्मेलन नया इतिहास लिख रहा है। इसकी चर्चा विश्व भर में हो रही है और तमाम वैश्विक नेता भारत के विजन एवं क्रियान्वयन की तारीफ कर रहे हैं। इसी कड़ी में भारत की पहल के बाद अफ्रीकन यूनियन को जी-20 का सदस्य बनाया गया है।

दिल्ली के प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में सम्मेलन की शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्व के राष्ट्राध्यक्षों एवं उनके प्रतिनिधियों का स्वागत किया। इसके बाद मोरक्को में आए 6.8 रिक्टर पैमाने के विनाशकारी भूकंप में मारे गए 630 से अधिक लोगों को श्रद्धांजलि दी और कहा कि वे इस घड़ी में मोरक्को को जरूरी सहायता उपलब्ध कराएँगे।

अपने संबोधन को आगे बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री ने अफ्रीकन यूनियन को G20 का स्थायी सदस्य बनाने का प्रस्ताव रखा। भारत के इस प्रस्ताव का चीन और यूरोपीय यूनियन ने समर्थन किया। अध्यक्ष के रूप में भारत के प्रधानमंत्री ने जैसे ही इस प्रस्ताव को पारित किया, अफ्रीकन यूनियन के हेड अजाली असोमानी जाकर पीएम मोदी के गले लग गए।

इस पीएम मोदी ने कहा, “सबका साथ की भावना को ध्यान में रखते हुए भारत ने प्रस्ताव दिया था कि अफ्रीकी संघ को जी20 की स्थायी सदस्यता दी जानी चाहिए। मेरा मानना है कि हम सभी इस प्रस्ताव पर सहमत हैं। सभी की सहमति से मैं अफ्रीकी संघ के प्रमुख से जी20 के स्थायी सदस्य के रूप में अपनी सीट ग्रहण करने का अनुरोध करता हूँ।”

ऑर्गेनाइजेशन ऑफ अफ्रीकन यूनियन (OAU) को G20 की सदस्यता मिलने से अफ्रीका के 55 देशों को फायदा होगा। इसे 1963 बनाया गया था। इस संगठन में शामिल 55 देशों का कुल सकल घरेलू उत्पाद सिर्फ 18.81 हजार करोड़ रुपए है। लीबिया के तानाशाह मुअम्मर गद्दाफी इसके निर्माता थे। सन 2009 तक वो इसके अध्यक्ष रहे।

शुरुआत में इस संस्था का उद्देश्य अफ्रीका के गुलाम देशों को आजादी दिलाना था। बाद में इसे आपसी संवाद के मंच के तौर पर विकसित किया गया। अफ्रीकी देश अपने राजनीतिक और आर्थिक मुद्दों को लेकर यहाँ चर्चा करते थे। अब जी-20 का सदस्य बनने के बाद उन्हें इसका फायदा मिलेगा।

अफ्रीकी संघ को जी20 में शामिल करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने इस साल जून में सदस्य देशों के नेताओं को पत्र लिखा था। इस पत्र में पीएम मोदी ने नई दिल्ली शिखर सम्मेलन के दौरान अफ्रीकी यूनियन को पूर्ण सदस्यता प्रदान करने का आग्रह किया था।

पीएम मोदी के पत्र लिखने के कुछ सप्ताह बाद प्रस्ताव को शिखर सम्मेलन के लिए आधिकारिक मसौदा विज्ञप्ति में शामिल कर लिया गया। यह समावेश तीसरी जी20 शेरपा बैठक के दौरान हुआ, जो जुलाई में कर्नाटक के हम्पी में बुलाई गई थी।

पिछले कुछ वर्षों में भारत अफ्रीकी देशों का प्रमुख पैरोकार के रूप में उभरा है। इस महीने की शुरुआत में PTI को दिए एक साक्षात्कार में पीएम मोदी ने कहा था कि अफ्रीका भारत के लिए ‘सर्वोच्च प्राथमिकता’ है। उन्होंने कहा था कि भारत वैश्विक मामलों में उन लोगों को शामिल का काम करता है, जिन्हें लगता है कि उनकी आवाज़ नहीं सुनी जा रही है।

G20 की स्थापना 1999 में विभिन्न वैश्विक आर्थिक संकटों की प्रतिक्रिया के रूप में की गई थी। G20 सदस्य राष्ट्र सामूहिक रूप से दुनिया की जीडीपी का लगभग 85 प्रतिशत, वैश्विक व्यापार का 75 प्रतिशत से अधिक और वैश्विक आबादी का लगभग दो-तिहाई हिस्सा रखते हैं।

G20 में शामिल देश अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, दक्षिण कोरिया, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्की, यूनाइटेड किंगडम, संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोपीय संघ हैं। अब अफ्रीकी यूनियन इसका नया सदस्य है।

1000+ मौतें, वीडियो में चीखते-चिल्लाते लोग: मोरक्को में भूकंप ने मचाई तबाही, PM मोदी ने हरसंभव मदद का दिया आश्वासन, G20 में भी की अपील

उत्तरी अफ्रीका के देश मोरक्को (Morocco Earthquake) में 8 सितंबर की रात आए भीषण भूकंप में अब तक 1030+ लोगों की मौत हो चुकी है। हजारों लोग घायल हैं। घायलों और मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.8 आंकी गई।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे का कहना है कि भूकंप का केंद्र मारकेश शहर से 71 किलोमीटर दूर हाई एटलस की पहाड़ियों में इघिल गाँव के पास था। भूकंप की गहराई जमीन 18.5 किलोमीटर नीचे थी। यह इस इलाके में बीते 120 साल में आया सबसे भीषण भूकंप है।

वहीं, मोरक्को के जियोफिज़िकल सेंटर ने कहा है कि भूकंप की तीव्रता 7.2 थी। पुर्तगाल और अल्जीरिया तक इस भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। सोशल मीडिया पर भूकंप से जुड़े कई वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। कुछ वीडियो में बिल्डिंग गिरती हुई नजर आ रही है। भूकंप से इमारतें मलबे और धूल में तब्दील हो गईं। वहीं कुछ वीडियो में लोग चीखते-चिल्लाते नजर आ रहे हैं।

इस घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक जताते हुए हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “मोरक्को में भूकंप से हुई लोगों की मौत के बारे में सुनकर बहुत दुःख हुआ। दुःख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएँ मोरक्को के लोगों के साथ हैं। जिन लोगों ने अपने परिवार के लोगों को खोया, उनके लिए संवेदना व्यक्त करता हूँ।”

उन्होंने आगे कहा है, “उम्मीद करता हूँ कि घायल जल्द से जल्द ठीक हो जाएँ। भारत इस कठिन समय में मोरक्को की हर संभव मदद करने को तैयार है।” यही नहीं, G-20 शिखर सम्मेलन में बोलते हुए भी पीएम मोदी ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय मोरक्को की सहायता के लिए आगे आएगा।

‘मुझे हलाला, बहुविवाह और तीन तलाक से नफरत’: आकाश के साथ 7 फेरे लेकर इक़रा बनी ‘प्रीति’, अब्बू ने हिन्दू लड़के को भिजवा दिया था जेल 

5 साल के लम्बे इंतजार और संघर्षों के बाद आकाश और इकरा ने एक दूसरे का हाथ थम लिया। मामला उत्तर प्रदेश के बरेली का है। यहाँ इकरा बी नाम की एक मुस्लिम लड़की ने अपने प्‍यार के लिए न सिर्फ हिन्‍दू धर्म अपनाया बल्कि लम्बा इंतज़ार भी किया। शुक्रवार (8 सितम्बर, 2023) को अगस्त मुनि आश्रम में शुद्धिकरण के बाद इकरा बी अब प्रीति बन गई हैं। वहीं आश्रम में ही इकरा ने आकाश के साथ सात फेरे लेकर परिणय सूत्र में बँध गईं। 

क्या है पूरा मामला 

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, रामपुर के टांडा निवासी आकाश और बरेली के सिरौली निवासी इकरा बी के बीच प्रेम प्रसंग 5 साल से चल रहा था। इकरा की मुलाकात आकाश से बॉलीबॉल मैच के दौरान हुई थी। दोनों में प्‍यार परवान चढ़ा तो चोरी-छिपे मिलना-जुलना भी चलता रहा। लेकिन जैसे ही परिवार वालों को पता चला और उनके रिश्ते का विरोध किया तो दोनों साल 2021 में घर से भाग गए. इसके बाद इकरा बी के अब्बू ने सिरौली थाने में आकाश के खिलाफ पॉक्‍सो एक्‍ट में मुकदमा दर्ज करवा दिया क्योंकि इकरा तब नाबालिग थी। 

प्यार के लिए काटी जेल की सजा

आकाश जहाँ नौवीं पास हैं वहीं इकरा 5वीं पास। जब इकरा और आकाश पहली बार शादी के लिए घर से भागे थे तब दोनों नाबालिग थे। इकरा के अब्बू की शिकायत के बाद पुलिस ने आकाश को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने आकाश को 4 महीने के लिए जेल भेज दिया था। वहीं, नाबालिग होने के वजह से इकरा को भी 2 साल तक आर्य समाज के अनाथालय में रहना पड़ा था। हालाँकि, बाद में दोनों को जमानत मिल गई। दोनों घर लौट आए लेकिन बालिग होते ही फिर से शादी के लिए घर छोड़ दिया। 

हिन्‍दू रीति-रिवाज से इकरा ने की शादी 

शुक्रवार को घर से भागकर अगस्तमुनि आश्रम में इकरा ने हिन्‍दू रीति रिवाज से आकाश से शादी कर ली। दोनों ने अपने बालिग होने का हलफनामा और स्वेच्छा से हिन्दू धर्म अपना कर विवाह का शपथनामा भी दिया। बता दें कि इकरा बी को गौमूत्र और गंगा जल पिलाकर शुद्धिकरण कराया गया। इसके बाद हवन आदि कर सनातन धर्म में वापसी कराई गई। 

आश्रम में आकाश ने इकरा की माँग पर सिंदूरभर कर सात फेरे लिए, इसकी तस्वीरें भी सामने आई हैं। हिन्दू धर्म अपनाकर प्रीति बनी इकरा ने बताया कि उसे इस्‍लाम धर्म में फैली बहु विवाह, हलाला और तीन तलाक जैसी कुरीतियों से सख्त नफरत है। 

भीड़ ने अनिल को पीट-पीट कर मार डाला, अखलाख, शुभान और नौशाद गिरफ्तार: गाजियाबाद में मॉब लिंचिंग

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान अनिल के रूप में हुई है। इस मामले में पुलिस ने अखलाख, शुभान और नौशाद को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि आरोपितों ने अनिल को चोरी के शक में पकड़ा था। इसके बाद उसे इतना मारा कि उसकी मौत हो गई।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मामला गाजियाबाद जिले के टीला मोड़ थाना क्षेत्र का है। एसीपी सूर्यबली मौर्य ने कहा कि गुरुवार (7 सितंबर, 2023) की सुबह करीब 8 बजे डायल-112 पर तुलसी निकेतन इलाके में एक युवक के शव पड़े होने की सूचना मिली थी। परिजनों को इसकी सूचना देने के बाद शव को जब्त कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया था। इस मामले में मृतक की माँ ने हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है।

एसीपी ने आगे कहा कि इस शव मिलने को लेकर पुलिस ने छानबीन की तो 6 सितंबर की रात मृतक अनिल के साथ कुछ लोगों द्वारा मारपीट करने की बात सामने आई। जाँच आगे बढ़ी तो पुलिस ने नौशाद, अखलाख और शुभान को गिरफ्तार कर लिया। अन्य आरोपितों की तलाश की जा रही है। जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा। अनिल की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट को लेकर एसीपी का कहना है कि एंटीमॉर्टम इंजरी यानी चोट लगने के कारण मौत होने की बात सामने आई है।

पुलिस पूछताछ में आरोपितों ने दावा किया है कि उनकी फर्नीचर की दुकान है। बीते कुछ दिनों से दुकान में चोरी हो रही थी। 6 सितंबर की रात उन्हें दुकान में किसी के घुसे होने की सूचना मिली। मौके पर पहुँचे तो नशे में धुत एक व्यक्ति दुकान में घुसा हुआ था। आसपास के लोगों ने उसके साथ मारपीट कर उसे छोड़ दिया था। अगली सुबह उन्हें अनिल की मौत की जानकारी मिली। मृतक के परिजनों का कहना है कि अनिल नशे का आदी था, वह पहले भी चोरी करता पकड़ा चुका है। 

भारत का चीन को जवाब: यूरोप, अमेरिका, अरब को जोड़ेगा नया रेल-शिपिंग कॉरिडोर, ‘बेल्ट एन्ड रोड’ पर राहुल गाँधी का झूठ बेनकाब

चीन ने ‘बेल्ट एन्ड रोड’ योजना के तहत अंतरराष्ट्रीय कारोबार में दबदबा बनाने के लिए कई देशों को अपने शिकंजे में ले रखा है। अब भारत ने भी इसका मुकाबला करने के लिए कमर कस ली है, जिसकी शुरुआत नई दिल्ली में चल रहे G20 समिट के दौरान हो गई। भारत ने अमेरिका, यूरोप, सऊदी अरब और UAE के साथ मिल कर एक ऐसा इंफ़्रास्ट्रक्चर विकसित करने की योजना बनाई है, जिससे अमेरिका और खाड़ी देशों के अलावा यूरोप तक में भारत का डंका बजेगा और भारत अंतरराष्ट्रीय कारोबार का एक नया और बड़ा केंद्र बन कर उभरेगा।

इस परियोजना को फ़िलहाल I2U2 फ्रेमवर्क (भारत, इजरायल, अमेरिका और UAE) के तहत विकसित नहीं किया जा रहा है, क्योंकि इजरायल और सऊदी अरब के बीच संबंधों को सुधारने की प्रक्रिया अब भी चालू है। बाद में इजरायल को भी इससे जोड़ा जाएगा। बताया जा रहा है कि ये व्यापक रेलवे एवं शिपिंग कॉरिडोर होगा, जिसके तहत कॉमर्स और ऊर्जा के साथ-साथ डिजिटल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में भी विकास के नए आयाम लिखे जाएँगे। अमेरिका के प्रिंसिपल डिप्टी नेशनल सेक्रेटरी एडवाइजर जॉन फिनर ने ये जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि इंफ़्रास्ट्रक्चर में जो गैप है, उसे ये भरेगा। ये एक उच्च गुणवत्ता का, पारदर्शी और टिकाऊ इंफ्रास्ट्रक्चर योजना होगी, जिसे किसी पर थोपा नहीं जाएगा बल्कि सब स्वेच्छा से इसमें सहभागी बनेंगे। किस क्षेत्र की क्या डिमांड है, इसका ध्यान रखा जाएगा। इस मामले में ये चीन के ‘बेल्ट एन्ड रोड’ से अलग होगा। BRI में न तो गुणवत्ता है, ऊपर से इसके चंगुल में फँस कर कई देश कर्ज के बोझ तले डूब चुके हैं। कइयों को जबरन समझौते कर इसके तहत लाया गया। साथ ही इसमें पारदर्शिता की भी कमी है।

अमेरिका का कहना है कि वहाँ के मौजूदा राष्ट्रपति जो बायडेन की पश्चिमी एशिया को लेकर जो नीति है, उसके तहत ये किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दुनिया के तीन बड़े क्षेत्र आपस में जुड़ेंगे और इससे समृद्धि आएगी। कम और मध्यम आय वाले देशों में इंफ़्रास्ट्रक्चर की जो कमी है, उसे ये पूरा करेगा। अमेरिका ने इसमें पूरे सहयोग का भरोसा दिया है। साथ ही देशों के बीच तनाव कम करने में भी मदद मिलेगी। अमेरिका का कहना है कि वो इसे सकारात्मक एजेंडे के रूप में देख रहा है, जहाँ सारे काम सहमति के साथ किए जाएँगे।

इस परियोजना से खाड़ी देश और भारत के बीच कारोबार में जबरदस्त वृद्धि होगी। हालाँकि, अभी इसका खाका ही तैयार किया जा रहा है और G20 में इसकी घोषणा नहीं होगी। इसे लेकर बातचीत महीनों से चलर ही है। इसे हम एक बहुदेशीय रेल-पोर्ट एवं रूट इंफ्रास्ट्रक्चर विकास परियोजना कह सकते हैं। इससे शिपिंग में समय और पैसे – दोनों की बचत होगी। डीजल की खपत कम होने से प्रक्रिया तेज और सस्ती होगी। सऊदी अरब भारत के साथ-साथ इटली में भी निवेश के लिए योजना बना रहा है।

बता दें कि एक दिन पहले ही राहुल गाँधी ने एक दिन पहले ही यूरोप के बर्सेल्स में पत्रकारों को संबोधित करते हुए चीन की तारीफों के पुल बाँधे थे और कहा था कि वो इस धरती पर एक वैकल्पिक व्यवस्था तैयार कर रहा है, जिसका जवाब देने के लिए भारत के पास कुछ नहीं है। जबकि सच ये है कि महीनों से भारत इसमें लगा हुआ है। राहुल गाँधी ने दावा किया था कि वो इस तरफ से कोई विकल्प सामने आते नहीं देख रहे। राहुल गाँधी विदेश में जाकर भारत को लेकर नकारात्मकता फैलाने में लगे हुए हैं।

G-20 से पहले ‘कुत्ता पकड़ो अभियान’ पर कॉन्ग्रेसी फर्जीवाड़ा, कर रहे थे मोदी सरकार को बदनाम… फँस गए खुद, केजरीवाल को भी डुबाया

कॉन्ग्रेस ने शुक्रवार (8 सितंबर, 2023 ) को दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) द्वारा आवारा कुत्तों को पकड़ने का एक वीडियो साझा किया। कॉन्ग्रेस ने आवारा कुत्तों को पकड़कर कहीं और छोड़ देने के अभियान को लेकर बीजेपी की मोदी सरकार को घेरने की कोशिश की। 

जबकि, दिल्ली में MCD आम आदमी पार्टी के हाथों में है, जो I.N.D.I.A. गठबंधन में कॉन्ग्रेस की प्रमुख साझेदार है। ऐसे में इस तथ्य से अनजान गठबंधन की सबसे पुरानी पार्टी ने कॉन्ग्रेस केंद्र की भाजपा सरकार पर पशु क्रूरता का आरोप लगाया।

कॉन्ग्रेस ने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म (पूर्व में ट्विटर) पर दावा किया (आर्काइव), “जी20 शिखर सम्मेलन की तैयारी में मोदी सरकार द्वारा निर्दोष आवारा कुत्तों पर की गई चौंकाने वाली क्रूरता को देखने के लिए इस वीडियो को देखें। कुत्तों को उनकी गर्दन से पकड़कर घसीटा जा रहा है, लाठियों से पीटा जा रहा है और पिंजरे में डाला जा रहा है।”

आगे यह भी दावा किया गया है, “उन्हें भूखा रखा जा रहा है, और उन्हें अत्यधिक तनाव और भय का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में यह जरूरी है कि हम इसके खिलाफ आवाज उठाएँ और इन बेजुबान पीड़ितों के लिए न्याय की माँग करें।”

कॉन्ग्रेस ने अपनी पोस्ट में जो वीडियो शेयर किया है, जिसमें ‘पीपुल्स फॉर एनिमल्स (पीएफए)’ का लोगो भी लगा था।  हालाँकि, कॉन्ग्रेस का यह झूठ बहुत देर तक नहीं चल सका। ऑपइंडिया को असली वीडियो मिला, जिसे पीएफए ​​ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम पेज पर मंगलवार (5 सितंबर, 2023) को अपलोड किया था। कैप्शन में एनजीओ ने स्ट्रीट डॉग्स को परेशान करने के लिए AAP के नेतृत्व वाले दिल्ली नगर निगम को सीधे तौर पर दोषी ठहराया है।

NGO ने केजरीवाल सरकार से पूछा है, “एमसीडी की कार्रवाइयाँ कई महत्वपूर्ण सवाल उठाती हैं: जी20 शिखर सम्मेलन मुख्य रूप से नई दिल्ली क्षेत्र में केंद्रित है, तो एमसीडी पूर्वी और पश्चिमी दिल्ली से दूर के क्षेत्रों को क्यों साफ़ कर रही है? कानून के अनुसार, स्टरलाइज्ड कुत्तों को हटाया नहीं जा सकता।” 

एनजीओ ने आगे सवाल किया, “माननीय SC ने सभी नगरपालिका एजेंसियों को AWBI मार्गदर्शन के तहत इन नियमों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है। किसी लिखित आदेश के अभाव में, क्या एमसीडी कर्मचारी कहीं से भी कुत्ते गाड़ी में भरकर उठाने के लिए अधिकृत हैं? दो दिन के एक छोटी से इवेंट (G-20) के लिए  इस तरह की भारी क्रूरता भरी कार्रवाई और खर्च को कैसे उचित ठहराया जा सकता है?”

लोगों ने कॉन्ग्रेस के फर्जी दावे पर उठाए सवाल 

दरअसल, कॉन्ग्रेस ने बड़ी चालाकी से मूल वीडियो के संदर्भ और आवारा कुत्तों को स्थानांतरित करने में एमसीडी की भूमिका को नजरअंदाज कर दिया। इसके बजाय, पार्टी  ने मोदी सरकार को निशाना बनाने के लिए इसे सुअवसर के रूप में भुनाने की कोशिश की। 

जिस पर तन्मय शंकर ने लिखा, “अगर ऐसा है, तो AAP को I.N.D.I.A गठबंधन से हटा दिया जाना चाहिए क्योंकि MCD पर AAP का नियंत्रण है।”

दूसरे ने लिखा, “एमसीडी में केजरीवाल सरकार है। उनसे पूछो।”

कॉन्ग्रेस ने फैलाई जी-20 शिखर सम्मेलन में विश्व नेताओं का अपमान करने की झूठी खबर

हालाँकि, यह पहली बार नहीं है कि जब कॉन्ग्रेस ने जी-20 शिखर सम्मेलन के बहाने मोदी सरकार पर झूठा आरोप मढ़ने और  जनता को गुमराह करने का काम किया है। 

इससे पहले 7 सितंबर, 2023 को भी पवन खेड़ा और शशि थरूर जैसे कॉन्ग्रेस  नेताओं ने झूठा दावा किया कि राष्ट्रीय राजधानी में होर्डिंग्स लगाए गए थे, जिसमें कथित तौर पर दिखाया गया था कि पीएम मोदी अन्य वैश्विक नेताओं की तुलना में लोकप्रियता में आगे हैं।

होर्डिंग में पीएम मोदी की तस्वीर के साथ-साथ मैक्सिको, स्विट्जरलैंड, ऑस्ट्रेलिया, इटली, ब्राजील और अमेरिका के राष्ट्राध्यक्षों की तस्वीर भी है, जो हर नेता की लोकप्रियता को दर्शाता है। पीएम मोदी की छवि का आकार सबसे बड़ा है, क्योंकि उनकी लोकप्रियता 78% के साथ सबसे ज्यादा है।

शशि थरूर ने भी एक्स पर तस्वीर पोस्ट करते हुए दावा किया था कि बीजेपी अतिथि देवो भव के भारतीय दर्शन के बजाय चाटुकारिता में लगी हुई है। बाद में थरूर और खेड़ा दोनों ने अपना ट्वीट डिलीट कर दिया.

दरअसल, होर्डिंग की तस्वीर पुरानी थी। इसे विजय गोयल ने ‘मॉर्निंग कंसल्ट’ सर्वेक्षण के बाद पोस्ट किया था जिसमें या बताया गया था कि पीएम मोदी की लोकप्रियता अन्य नेताओं की तुलना में बहुत ज़्यादा है। बता दें कि इस सर्वेक्षण में PM मोदी 78% वोटों के साथ सबसे लोकप्रिय नेता थे।

एसोसिएटेड प्रेस की 6 अप्रैल की एक रिपोर्ट में यह तस्वीर छपी थी, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि तस्वीर कम से कम 5 महीने पुरानी थी। 12 अप्रैल की नवभारत टाइम्स की एक रिपोर्ट में भी उसी होर्डिंग की एक अलग तस्वीर थी।

‘भारत के PM’ मोदी ने जिस जगह की विश्व के नेताओं की आगवानी, वहाँ लगा है कोणार्क चक्र: जानिए क्या है इसकी खासियत

विश्व के 20 प्रमुख देशों वाली संस्था जी-20 की बैठक नई दिल्ली में शुरू हो गई है। भारत की अध्यक्षता में यह बैठक दिल्ली के ‘भारत मंडपम’ में आयोजित की गई है। यहाँ विदेशों से आए मेहमानों का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वागत किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत मंडपम में जिस जगह पर खड़े होकर अन्य राष्ट्राध्यक्षों का स्वागत कर रहे थे, उनके ठीक पीछे कोणार्क के सूर्य मंदिर में अंकित रथ केे पहिए को दर्शाया गया है। यह भारत की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचानों में से एक है।

कोणार्क के पहिया को 13वीं शताब्दी में महाराजा नरसिंह देव प्रथम के शासनकाल में बनाया गया था। इसमें की तीलियाँ भारत के प्राचीन ज्ञान, उन्नत सभ्यता और वास्तुशिल्प उत्कृष्टता का प्रतीक है। भारत के राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे में 24 तीलियों वाला सारनाथ का अशोक चक्र भी हमारी इसी सांस्कृतिक धरोहर को दर्शाता है।

कोणार्क चक्र की घूमती गति समय, कालचक्र के साथ-साथ प्रगति और निरंतर परिवर्तन का प्रतीक है। यह लोकतंत्र के पहिये के एक शक्तिशाली प्रतीक के रूप में कार्य करता है, जो लोकतांत्रिक आदर्शों के लचीलेपन और समाज में प्रगति के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

इस चक्र में समान दूरी पर स्थित 24 तीलियाँ हैं। कुछ मान्यताओं के अनुसार, इसकी 24 तीलियाँ भगवान विष्णु के 24 अवतारों का प्रदर्शन करती हैं। वहीं, कुछ मान्यताओं के अनुसार के तीलियाँ 24 अक्षरों वाले गायत्री मंत्र को प्रदर्शित करती हैं, जिसकी संपूर्ण शक्ति 24 ऋषियों के पास थी।

धर्म चक्र की सभी 24 तीलियाँ हिमालय के 24 ऋषियों का प्रतिनिधित्व करती हैं, जिनमें विश्वामित्र प्रथम और याज्ञवल्क्य अंतिम ऋषि हैं। विश्वामित्र ने ही गायत्री मंत्र की रचना की थी, जो विश्व का सबसे पुराना मंत्र है। इसका जिक्र ऋग्वेद में मिलता है। ऋग्वेद के प्रथम 20 सूक्तों की रचना महर्षि विश्वामित्र के पुत्र महर्षि मधुच्छंदा ने की थी।

इसे धर्म चक्र के अलावा समय चक्र के नाम से भी जाना जाता है। माना जाता है कि इसमें दी गई 24 तीलियाँ दिन के 24 घंटों का प्रतिनिधित्व करती हैं, जो समय की गति का प्रतीक हैं। तिरंगे में इस चक्र को गहरे नीले रंग में चित्रित किया गया है। चक्र दर्शाता है कि गति में जीवन है और स्थिरता में मृत्यु है।

हालाँकि, 24 तीलियों वाले चक्र का सबसे पहला उल्लेख सम्राट अशोक के धम्म चक्र में मिलता है, जिसे अशोक चक्र भी कहा जाता है। अशोक चक्र वाराणसी के पास स्थित सारनाथ में स्थित अशोक स्तंभ से लिया गया है। यह स्तंभ सम्राट अशोक के समय उनके धम्म के प्रचार के लिए बनवाया गया था।

अशोक चक्र की 24 तीलियाँ मनुष्य के गुणों को प्रदर्शित करने के साथ-साथ चहुँमुखी विकास, प्रगति, निरंतरता और कर्तव्य का संदेश देती हैं। अशोक चक्र की हर तीली का संदेश अलग-अलग है, लेकिन इसका मूल विचार एक ही है। इन संदेशों में प्रेम, सद्भावना, नैतिकता, भाईचारा, एकता, कमजोरों की मदद, सुरक्षा, सहयोग और देशप्रेम की भावना निहित है।

कोणार्क चक्र के अलावे गौर करने लायक बात यह भी रही कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगे जो नेमप्लेट लगा था, उस पर भारत लिखा है न कि इंडिया। इससे पहले के अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश को इंडिया के नाम से ही संबोधित किया जाता था। यह पहली बार है कि भारत शब्द को वैश्विक स्तर पर प्रोजेक्ट किया गया।