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जुमे की नमाज पढ़ रहा था लश्कर आतंकी रियाज अहमद, PoK में पीछे से सिर में मार दी गई गोली: सरहद पार चौथे आतंकी कमांडर की हत्या

भारत में मोस्ट वॉन्टेड आतंकवादियों में से एक लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े रियाज अहमद उर्फ अबू कासिम को शुक्रवार (8 सितंबर 2023) को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) की एक मस्जिद में गोली मारकर हत्या कर दी गई। ये हत्या अज्ञात बंदूकधारियों ने की, जिनकी अभी पहचान नहीं हो पाई है। सीमा पार सक्रिय आतंकवादी समूह के यह चौथे कमांडर की हत्या है।

शुक्रवार यानी जुमे के दिन रावलकोट में स्थित अल-कुदुस मस्जिद में सुबह की नमाज के दौरान अज्ञात बंदूकधारी मस्जिद में घुस गए और उस पर प्वॉइंट ब्लैक रेंज यानी 12 इंच से कम दूरी से गोली मार दी। उसे गोली पीछे से मारी गई थी। गोली लगते ही वह गिर घुटने के बल जमीन पर गिर गया और उसकी मौत हो गई। वह प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा था।

इस साल एक जनवरी को जम्मू-कश्मीर में हुए ढांगरी आतंकी हमले का वह मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक था। राजौरी जिले के ढांगरी गाँव में आतंकवादियों ने अंधाधुन गोलीबारी की थी, जिसमें सात हिंदुओं की मौत हो गई थी और 13 लोग घायल हो गए थे। आतंकवादी जाते समय वहाँ विस्फोटक भी छोड़ गए थे, जो अगली सुबह फट गया था।

रियाज अहमद मूल रूप से जम्मू क्षेत्र के पुुंछ स्थित सुरनकोट का रहने वाला था। वह साल 1999 में सीमा पार से घुसपैठ कर पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर चला गया था। वहाँ से वह कश्मीर में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने में लगा हुआ था। वह लश्कर के टॉप कमांडरों में से एक था। वह ज्यादातर मुरीदके में लश्कर के बेस कैंप से काम करता था, लेकिन हाल ही में रावलकोट में स्थानांतरित हो गया था।

रियाज का पूरा परिवार गुलाम जम्मू कश्मीर भाग गया था। उसका पूरा परिवार ही आतंकी है। उसका बड़ा भाई और पिता मोहम्मद अजीम हिजबुल मुजाहिदीन, अल बदर और लश्कर के लिए गाइड का काम करते रहे थे। उन्होंने राजौरी-पुंछ में आतंकी गतिविधियों को अंजाम दिया है। दोनों मारे जा चुके हैं।

अधिकारियों का कहना है कि पुंछ और राजौरी के सीमावर्ती जिलों में आतंकवाद को फिर से जिंदा करने के पीछे उसी का दिमाग माना जाता है। वह लश्कर-ए-तैयबा के मुख्य कमांडर सज्जाद जाट का करीबी सहयोगी था और संगठन के फाइनेंस का काम देखता था। उस पर मई 2019 में कश्मीर में अल-कायदा की शाखा अंसार गजवात-उल-हिंद के मुख्य कमांडर जाकिर मूसा को भी मारने का आरोप था।

रियाज अहमद पाकिस्तान से संचालित होने वाले विभिन्न आतंकी संगठनों का चौथा शीर्ष कमांडर था, जिसे इस साल मार गिराया गया। इससे पहले मार्च 2023 में प्रतिबंधित आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के एक शीर्ष कमांडर की पाकिस्तान के रावलपिंडी में अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।

वहीं, फरवरी 2023 में पाकिस्तान के कराची में अल-बद्र मुजाहिदीन के पूर्व कमांडर सैयद खालिद रज़ा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसे कराची की पुलिस ने टारगेट किलिंग बताया था। इसी तरह, इस्लामिक स्टेट के शीर्ष कमांडर और कश्मीरी आतंकवादी एजाज अहमद अहंगर इस साल की शुरुआत में अफगानिस्तान के कुनार प्रांत में मृत पाया गया था। कहा जाता है कि उसे तालिबान ने मारा गया था।

जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने शुक्रवार को कहा था कि भारत में आतंक फैलाने वाले चरमपंथियों को सीमा पार भी चैन से नहीं रहने दिया जाएगा। किश्तवाड़ में उन्होंने कहा, “हम उन गद्दारों को स्पष्ट संदेश देना चाहते हैं और यहाँ आतंकवाद को पुनर्जीवित करने में लगे हुए हैं। वे वहाँ भी शांति से नहीं रह सकेंगे, क्योंकि हम उन तक पहुँचेंगे और जो यहाँ (कश्मीर) में उनकी मदद कर रहे हैं, उनसे सख्ती से निपटेंगे।”

मंदिर में जनता कर रही थी पूजा, पन्ना महारानी मनमानी करना चाही… गर्भगृह में घुस पुजारी से छीना चँवर: मध्य प्रदेश पुलिस ने भेजा जेल

मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध जुगल किशोर मंदिर में पन्ना राजघराने की महारानी जितेश्वरी देवी ने कृष्ण जन्माष्टमी पर हंगामा कर दिया। उनके ऊपर जन्माष्टमी पर भगवान जुगल किशोर मंदिर में अशोभनीय हरकत करने का आरोप है। जीतेश्वरी कुमारी गर्भ गृह में में जबरन घुस गई थीं, जिससे भगवान की आरती भी पूरी नहीं हो सकी। इससे भक्तों में आक्रोश बढ़ा और उन्हें बाहर निकालने की आवाजें आने लगीं। हालाँकि, हंगामें के बीच महारानी जीतेश्वरी को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। 

क्या है मामला 

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कृष्ण जन्माष्टमी पर जब रात 12 बजे जन्मोत्सव का कार्यक्रम शुरू हुआ। इसी दौरान बुंदेलखंड के पन्ना राजघराने की महारानी जितेश्वरी देवी आरती के बीच से ​​​​​​उठीं और गर्भगृह में जबरन सबको धकेलते हुई घुस गईं और अंदर जाकर पुजारी से चँवर छीन लिया। फिर भक्तों की तरफ देखकर गलत तरीके से चँवर डुलाने लगीं और अभद्रता करने लगीं।

तभी बाहर से श्रद्धालुओं ने महारानी को गर्भगृह से बाहर करने की आवाजें लगाईं। पुजारी और वहाँ मौजूद लोगों ने महारानी जितेश्वरी को गर्भगृह से बाहर करने की कोशिश की। लेकिन वह जिद और जबरदस्ती पर अड़ी रहीं। श्रद्धालुओं और पुलिस की मदद से उन्हें मंदिर से बाहर निकालते समय वह लड़खड़ा कर गिर भी गईं। किसी तरह पुलिस की मदद से उन्हें घसीटकर मंदिर से बाहर किया गया। कहा जा रहा है कि उन्होंने पुलिस से भी अभद्रता की।

आरती पूरी न होने पर भक्तों में आक्रोश

भगवान कृष्ण के जन्म के बाद अचानक से पूजा में आए बाधा के कारण पुजारी ने आरती बीच में ही रोक दी। मंदिर के आचार्य ओम प्रकाश का कहना है कि महारानी के इस अभद्र व्यवहार से पुजारी और श्रद्धालु दुखी हैं। उन्होंने घटना की निंदा की है। उन्होंने पन्ना के इतिहास में इसे सबसे निंदनीय घटना बताया है।

वहीं मंदिर समिति के प्रबंधक संतोष कुमार तिवारी ने पुलिस को बताया कि महारानी शराब के नशे में थीं उन्होंने कहा कि भगवान जुगल किशोर जी मंदिर के इतिहास में यह पहली घटना है जब जन्मोत्सव के दौरान पूर्ण आरती भी नहीं हो सकी, जिससे श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश है। 

महारानी ने माँगी माफ़ी 

हालाँकि, मध्य प्रदेश पुलिस जब महारानी को गर्भ गृह से निकालकर जेल ले जा रही थी, उस दौरान जितेश्वरी देवी ने मीडिया से कहा कि जन्माष्टमी के दौरान कोई मामला नहीं हुआ। अगर फिर भी धार्मिक भावनाएँ आहत हुई है, तो मैं माफी माँगती हूँ। वहीं शराब वाले मामले पर महारानी का कहना है कि मंदिर के मुसद्दी और पुजारी ने झूठे आरोप लगाए हैं। राज परिवार के अधिकारों का हनन किया जा रहा है।

पुलिस ने गिरफ्तार कर भेजा जेल 

पुलिस ने इस मामले में जीतेश्वरी कुमारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक पन्ना राज परिवार की महारानी जीतेश्वरी कुमारी को धारा 295A (धार्मिक भावनाएँ भड़काना) और धारा 353 (शासकीय कार्य में बाधा पहुँचाना) के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने महारानी जितेश्वरी को गिरफ्तार कर सीजीएम न्यायालय में पेश किया। वहाँ उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई। इसके बाद पुलिस ने उन्हें जेल भेज दिया।

जब CM थे तब ₹350 करोड़ का घोटाला, अब चंद्रबाबू नायडू गिरफ्तार: बेटा नारा लोकेश भी हिरासत में

आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू को गिरफ्तार (Chandrababu Naidu arrested) किया गया है। उन पर 350 करोड़ रुपए के कौशल विकास घोटाले का आरोप लगाया गया है। उनके बेटे नारा लोकेश को भी हिरासत में लिया गया है। आंध्र प्रदेश की आपराधिक जाँच विभाग (CID) ने यह गिरफ्तारी की है।

चंद्रबाबू नायडू को गिरफ्तार करने आंध्र प्रदेश CID की टीम शनिवार (9 सितंबर 2023) की भोर में 3 बजे नंदयाल जिले पहुँची। इस समय तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के कार्यकर्ताओं ने जबरदस्त हंगामा किया। पूर्व मुख्यमंत्री के सुरक्षा गार्डों ने भी उस समय गिरफ्तारी का विरोध किया। आखिरकार सुबह 6 बजे उन्हें गिरफ्तार किया गया।

तेलुगु देशम पार्टी के अध्यक्ष और आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के वकील ने बताया कि गिरफ्तारी से पहले उन्हें मेडिकल जाँच के लिए ले जाया गया क्योंकि उन्हें हाई ब्लड प्रेशर और शुगर है। न्यायिक प्रक्रिया को लेकर वकील ने कहा:

“चंद्रबाबू नायडू की जमानत के लिए हम उच्च न्यायालय जा रहे हैं।”

नंयदाल रेंज के डीआईजी रघुरामी रेड्डी के अनुसार चंद्रबाबू नायडू को एपी स्किल डिवेलपमेंट कॉर्पोरेशन घोटाले (Andhra Pradesh Skill Development Corporation scam) में गिरफ्तार किया गया है। इस घोटाले में वो अभियुक्त नंबर वन हैं।

चंद्रबाबू नायडू नहीं करेंगे कानून का सहयोग?

तेलुगु देशम पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की मानें तो उनके अध्यक्ष को बिना किसी आरोप और बिना किसी सबूत के गिरफ्तार किया गया है। मीडिया रिपोर्ट में यहाँ तक छपा है कि खुद चंद्रबाबू ने भी कहा है कि वो सबूत पेश किए जाने पर ही कानून का सहयोग करेंगे।

क्या है कौशल विकास घोटाला?

आंध्र प्रदेश के पूर्व सीएम चंद्रबाबू नायडू को कौशल विकास घोटाले में गिरफ्तार किया गया है। इस संबंध में उनके खिलाफ साल 2021 में एफआईआर दर्ज की गई थी। तो आखिर क्या है कौशल विकास घोटाला?

जब आंध्र प्रदेश में चंद्रबाबू नायडू की सरकार थी तो युवाओं के कौशल का विकास करने के लिए एक योजना शुरू की गई थी। इस योजना पर कुल 3300 करोड़ रुपए खर्च होने थे। इसमें राज्य सरकार के बजट के अलावे प्राइवेट कंपनी सीमेंस भी शामिल थी। आरोप है कि घोटाला राज्य सरकार के बजट में किया गया। पूर्व सीएम चंद्रबाबू नायडू पर आरोप है कि उन्होंने फर्जी कंपनियों को पैसे ट्रांसफर किए और दस्तावेज भी नष्ट कर दिए।

दिल्ली पहुँचते ही PM मोदी से मिले अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन, UNSC में भारत की स्थायी सदस्यता पर दिया समर्थन: रक्षा-AI सहित कई क्षेत्रों में सहयोग पर सहमति

नई दिल्ली में G-20 शिखर सम्मेलन का आयोजन जारी है। इसमें भाग लेने के लिए विश्व के 25 से अधिक शक्तिशाली देशों के राष्ट्राध्यक्ष या उनके प्रतिनिधि दिल्ली पहुँच चुके हैं। इस बीच शुक्रवार (8 सितंबर 2023) को अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने दिल्ली पहुँचते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों ने कई मुद्दों पर चर्चा की।

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन के शुक्रवार, 8 सितंबर 2023 को दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुँचने पर केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्यमंत्री जनरल (सेवानिवृत्त) वीके सिंह ने स्वागत किया। शाम के लगभग 7 बजे दिल्ली पहुँचने की साथ ही बाइडेन सीधे प्रधानमंत्री से मुलाकात के लिए उनके आवास पर पहुँच गए।

राष्ट्रपति के रूप में अपनी पहली भारत यात्रा पर जो बाइडेन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन किया। इसके साथ ही उन्होंने भारत द्वारा की जा रही जी-20 की अध्यक्षता की सराहना भी की और कहा कि जी-20 की ये बैठक सतत विकास और अंतरराष्ट्रीय संबंधों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। बैठक के बाद राष्ट्रपति बाइडेन और पीएम मोदी ने संयुक्त रूप से बयान दिया।

दोनों पक्षों ने अपने संयुक्त बयान में कहा, “इस विचार को साझा करना जारी रखते हुए कि वैश्विक शासन अधिक समावेशी और प्रतिनिधि होना चाहिए, राष्ट्रपति बाइडेन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता पर अपने समर्थन की पुष्टि की।” बता दें कि साल 2028-29 में UNSC में भारत फिर से अस्थायी सदस्य बनेगा।

दोनों नेताओं ने स्वतंत्र, खुले, समावेशी और लचीले इंडो-पैसिफिक को बढ़ावा देने में QUAD के महत्व की पुष्टि की। बता दें कि भारत 2024 में अगले क्वाड लीडर्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा। इसके साथ ही भारत ने व्यापार कनेक्टिविटी और समुद्री परिवहन पर इंडो-पैसिफिक ओसन इनिसिएटिव (IPOI) का सह-नेतृत्व करने के अमेरिकी फैसले का स्वागत किया।

दोनों नेताओं ने अपनी साझेदारी को मजबूत करने में प्रौद्योगिकी के महत्व पर प्रकाश डाला और महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकी (आईसीईटी) पर भारत-अमेरिका पहल की सराहना की। सितंबर 2023 में iCET की मध्यावधि समीक्षा की योजना बनाई गई है।

दोनों नेताओं ने रक्षा क्षेत्र में दोनों देशों की भागीदारी को और मजबूत करने का निर्णय लिया। भारत-अमेरिका प्रमुख रक्षा साझेदारी में AI और अंतरिक्ष सहित उभरते डोमेन में विस्तार देने पर सहमति व्यक्त की गई। यह सहयोग विनिर्माण क्षेत्र तक बढ़ाने की बात कही गई, जिसमें जीई एयरोस्पेस और हिंदुस्तान एयरोनॉटिकल लिमिटेड (एचएएल) एक ऐतिहासिक सह-उत्पादन और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण पहल का नेतृत्व कर रहे हैं।

दोनों देशों के बीच सहयोग विशेष रूप से अगली पीढ़ी के छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर प्रौद्योगिकियों के विकास पर केंद्रित है। अमेरिका ने परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह में भारत को शामिल करने के लिए समर्थन व्यक्त किया और भारत की स्थिति को आगे बढ़ाने के लिए इस परिप्रेक्ष्य को साझा करने वाले भागीदारों के साथ निरंतर प्रयास करने का वादा किया।

नवीकरणीय ऊर्जा पर नज़र रखते हुए, दोनों देशों ने अगस्त 2023 में भारत-अमेरिका नवीकरणीय ऊर्जा प्रौद्योगिकी एक्शन प्लेटफ़ॉर्म (RE-TAP) की शुरुआत की। दोनों देशों ने अपने संयुक्त बयान में कहा, “इस मंच का उद्देश्य लैब-टू-लैब सहयोग और पायलट नवीन प्रौद्योगिकियों को सुविधाजनक बनाना, नवीकरणीय ऊर्जा और सहायक प्रौद्योगिकियों में नीति और योजना प्रगति को बढ़ावा देना है।”

रक्षा क्षेत्र में अभिनव सहयोग के लिए दोनों नेताओं ने India-U.S. Defence Acceleration Ecosystem (INDUS-X) की सराहना की। इसके अलावा, नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए दोनों नेताओं ने मिलकर काम करने की घोषणा की।

बताते चलें कि शिखर सम्मेलन में उपस्थित लोगों की एक प्रभावशाली सूची में फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन, ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीस, जर्मन चांसलर ओलाफ स्कोल्ज़, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक, जापानी प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा और ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला डी सिल्वा शामिल हैं।

‘खालिस्तानी उग्रवाद को जड़ से खत्म करेंगे’: G-20 में शामिल होने भारत पहुँचे ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक बोले- मैं PM मोदी का बहुत सम्मान करता हूँ

नई दिल्ली में आयोजित G-20 शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए दुनिया भर के नेता भारत पहुँच रहे हैं। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने दिल्ली पहुँचकर कहा कि वह पीएम नरेंद्र मोदी का बहुत सम्मान करते हैं। उन्होंने खुद को गौरवान्वित हिंदू बताया और भारत की आपत्तियों को ध्यान में रखते हुए कहा कि भारत और ब्रिटेन मिलकर खालिस्तान को जड़ से खत्म कर सकते हैं।

शुक्रवार (8 सितंबर 2023) को दिल्ली पहुँचने के बाद ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने ANI से बात करते हुए कहा, “मेरा यहाँ जिस गर्मजोशी से स्वागत हुआ, उसके लिए धन्यवाद। मेरे लिए यहाँ आना शानदार अनुभव है। खासतौर से अक्षिता (पत्नी) के साथ आना व्यक्तिगत रूप से खास है। अब तक की अपनी भारत यात्रा के कुछ घण्टों का भरपूर आनंद लिया है।”

जब उनसे G-20 के जरिए रूस-यूक्रेन युद्ध के समाधान को लेकर पूछा गया तो पीएम सुनक ने कहा, “मुझे लगता है कि भारत के नेतृत्व में हम G-20 में कई चीजों पर चर्चा करेंगे। विश्वास है कि कई मुद्दों पर हम बहुत सही स्थिति में पहुँचेंगे। जी-20 की अध्यक्षता सही समय और सही देश के हाथ में है। यह भारत के लिए बड़ी सफलता है।”

भारत से जुड़ाव को लेकर ऋषि सुनक ने कहा, “मेरी पत्नी बेंगलुरु से है। हमारी शादी बेंगलुरु में हुई। हम एक साथ बहुत सारा समय बिताते थे। यहाँ बहुत सारे हमारे पसंदीदा रेस्टोरेंट हैं। यह एक ऐसा देश है, जहाँ से मेरा परिवार है। मैं इस देश से बहुत प्यार करता हूँ। वैश्विक मंच पर भारत की उपलब्धियों को देखकर मुझे बहुत गर्व होता है।”

प्रधानमंत्री मोदी से अपने संबंधों पर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी को लेकर मन में बहुत अधिक सम्मान है। मेरे प्रति उनका व्यवहार भी अच्छा रहा है।” हिंदू धर्म से अपने जुड़ाव को लेकर सुनक ने कहा, “मुझे गर्व है कि मैं हिंदू हूँ। मेरी परवरिश भी इस तरह ही हुई है।”

खालिस्तान की समस्या को लेकर उन्होंने कहा, “ब्रिटेन में किसी भी प्रकार के उग्रवाद या हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है। इसलिए हम खालिस्तानियों से निपटने के लिए भारत सरकार के साथ काम कर रहे हैं। हमारे पास खुफिया जानकारी शेयर करने वाली एजेंसियाँ हैं। हम साथ मिलकर इस हिंसक उग्रवाद को जड़ से खत्म कर सकते हैं। खालिस्तानी जो कर रहे हैं, वह सही नहीं है। मैं इसे बर्दाश्त नहीं करूँगा।”

पीएम सुनक ने कहा कि जी-20 एक बड़ी सफलता साबित होगा और इसे सफल बनाने के लिए वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हर तरह से साथ देंगे। दोनों देशों के बीच मुक्त व्यापार समझौते को लेकर कहा, “मैं और मोदी जी मिलकर भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापार समझौते करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं, क्योंकि हम दोनों सोचते हैं कि यह दोनों देशों के लिए अच्छा होगा।”

असम की हिमंता सरकार लाने जा रही बहुविवाह पर रोक का कानून, भड़के बदरुद्दीन अजमल, कहा- ‘मुस्लिम नहीं, हिंदू करते हैं बहुविवाह’

अपनी विवादित टिप्पणियों के लिए बदनाम ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फंड (एआईयूडीएफ) के प्रमुख बदरुद्दीन अजमल एक बार फिर से सुर्खियों में हैं। ऐसे समय में जब हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाली असम सरकार राज्य में बहुविवाह को गैरकानूनी घोषित करने पर विचार कर रही है, ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट के अध्यक्ष बदरुद्दीन अजमल ने दावा किया है कि मुस्लिम आमतौर पर एक विवाह में विश्वास करते हैं और हिंदू ही बहुविवाह करते हैं। .

बदरुद्दीन अजमल ने शुक्रवार (8 सितम्बर, 2023) को मीडिया को दिए बयान में कहा, “बीजेपी और असम के मुख्यमंत्री ने राज्य में रहने वाले मुस्लिम लोगों से उनका सब कुछ छीन लिया है। उनके पास नौकरी या पैसा नहीं है और इसके अलावा, हिमंत बिस्वा सरमा मुस्लिम लोगों को अपने जीवन यापन के लिए सड़कों पर सब्जियाँ बेचने की भी अनुमति नहीं दे रहे हैं। इस प्रकार, मुस्लिम चाहें तो भी एक से अधिक शादी नहीं कर सकते।”

धुबरी लोकसभा सांसद ने अफसोस जताया कि असम में मुस्लिम चाहकर भी एक से अधिक शादी नहीं कर सकते क्योंकि वे बेरोजगार हैं। उन्होंने कहा कि आजकल हिंदू अक्सर कई पत्नियाँ रखते हैं।

अब यहाँ कायदे से एआईयूडीएफ प्रमुख को याद दिलाया जाना चाहिए कि शरिया या मुस्लिम पर्सनल लॉ के अनुसार, एक मुस्लिम व्यक्ति अपनी पहली पत्नी को तलाक दिए बिना भी दोबारा निकाह कर सकता है और उसे चार पत्नियाँ रखने की अनुमति है, हालाँकि, एक मुस्लिम महिला को ऐसा कोई अधिकार नहीं है। इस बीच, हिंदू कानून के तहत, जो हिंदुओं, सिखों, जैनियों और बौद्धों पर लागू होता है, बहुविवाह की प्रथा निषिद्ध है। दरअसल, हिंदू विवाह कानून के तहत उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 494 और 495 के तहत आपराधिक कार्यवाही का सामना करना पड़ सकता है।

पिछले साल भाजपा नेता और वकील अश्विनी उपाध्याय और नाइसा हसन, शबनम, फरजाना, समीना बेगम और मोहसिन कथिरी सहित कुछ मुस्लिम महिलाओं ने बहुविवाह और निकाह हलाला की संवैधानिक वैधता को चुनौती देते हुए याचिकाएँ दायर की थीं।

इन सभी याचिकाओं में माँग की गई है कि मुस्लिम समाज की इन प्रथाओं को असंवैधानिक और अवैध घोषित किया जाए। याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि बहुविवाह और निकाह हलाला जैसी प्रथाएँ मुस्लिम महिलाओं के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करती हैं।

जब AIMPLB ने निकाह हलाला और बहुविवाह की वकालत की 

दरअसल, जब सुप्रीम कोर्ट में याचिका पर सुनवाई हुई, तो ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने बहुविवाह और निकाह हलाला की बेहद दमनकारी प्रथा के पक्ष में बात की। एआईएमपीएलबी ने इस बात पर जोर दिया कि मुस्लिमों का कानून (शरिया) पवित्र कुरान और हदीस पर आधारित है’ और ऐसी प्रथाओं का मौलिक अधिकारों के साथ तुलना नहीं किया जा सकता है।

इस तथ्य के बावजूद कि ये साड़ी बाते पहले से ही पब्लिक में हैं एआईयूडीएफ प्रमुख की टिप्पणी इस तरह के अपमानजनक बयान देने के उनके इतिहास को देखते हुए कोई आश्चर्य की बात नहीं है। दरअसल इस साल जुलाई में एआईयूडीएफ प्रमुख ने कहा था कि मुस्लिम समुदाय के भीतर बहुविवाह एक गैर-मुद्दा है।

यूसीसी के तहत पुरुषों और महिलाओं दोनों को पहननी होगी साड़ी: बदरुद्दीन अजमल

बता दें कि इसके पहले बदरुद्दीन अजमल की उपरोक्त टिप्पणी समान नागरिक संहिता को लेकर चल रही बहस के बीच आई थी। ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) के नेता बदरुद्दीन अजमल ने तब प्रस्तावित कानून को भोजन और पोशाक में एकरूपता के लिए गलत ठहराया था।

14 जुलाई, 2023 को असम के धुबरी जिले में इस मामले पर बोलते हुए उन्होंने दावा किया, ”समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर बहस छिड़ गई है. बिल जल्द ही संसद में पेश किया जाएगा…यूसीसी लागू होने के बाद हम साड़ी पहनना शुरू कर देंगे और आपको भी ऐसा ही करना होगा…”

तब उन्होंने बयान दिया था, “यूसीसी लागू होने पर हर किसी को पुरुषों और महिलाओं दोनों को साड़ी पहननी होगी। हम साल भर तक लंबी दाढ़ी रखेंगे और आप भी एक साल तक ऐसा ही करें। ऐसी एकरूपता, ठीक है?”

असम सरकार बहुविवाह पर प्रतिबंध लगाने का कर रही विचार

बदरुद्दीन अजमल का यह अजीब दावा कि हिंदू और मुस्लिम बहुविवाह में विश्वास नहीं करते हैं, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के इस दावे की प्रतिक्रिया के रूप में आया है कि राज्य में बहुविवाह पर प्रतिबंध के पक्ष में जनता का पूरा समर्थन है। 

यह जानकारी देते हुए कि राज्य में बहुविवाह पर प्रतिबंध लगाने के लिए कानून का मसौदा अगले 45 दिनों के भीतर तैयार हो जाएगा, असम के सीएम ने 2 सितंबर को कहा था कि राज्य सरकार को एक सार्वजनिक नोटिस के जवाब में 149 प्रस्ताव मिले हैं। प्रस्तावित कानून एक समय में एक से अधिक व्यक्तियों से विवाह करने की प्रथा पर रोक लगाएगा।

गौरतलब है कि बहुविवाह भारत, सिंगापुर और मलेशिया जैसे देशों में पहले से ही मुस्लिमों में स्वीकार्य और कानूनी है। अफगानिस्तान, पाकिस्तान, संयुक्त अरब अमीरात, अल्जीरिया, मिस्र, ईरान, नाइजीरिया और कैमरून जैसे कई इस्लामी देशों में बहुविवाह अभी भी मान्यता प्राप्त और प्रचलित है। ये दुनिया के एकमात्र क्षेत्र हैं जहाँ बहुविवाह अभी भी कानूनी रूप से मान्यता प्राप्त है।

हालाँकि, भारत में सभी धर्मों और जनसांख्यिकी में बहुविवाह की घटनाओं में गिरावट देखी गई है, लेकिन मुस्लिम समुदाय में यह प्रथा अभी भी प्रचलित है। उदाहरण के लिए, पिछले साल एक 28 वर्षीय मुस्लिम महिला ने अदालत में याचिका दायर कर अपने शौहर को उसकी लिखित सहमति के बिना दूसरी पत्नी रखने से रोकने की माँग की थी।

‘मोहब्बत की दुकान, नफरती पकवान’: G20 पर दुनिया कर रही भारत की तारीफ, कॉन्ग्रेस के युवराज राहुल विदेशी धरती से अलाप रहे लोकतंत्र पर हमले का राग

दुनिया भर के दिग्गज नेता G-20 में शामिल होने के लिए भारत पहुँच चुके हैं। इस वक्त पूरी दुनिया की नजर भारत पर है। ऐसे समय में भी कॉन्ग्रेस के युवराज राहुल गाँधी भारत को कोसने से बाज नहीं आ रहे हैं। दरअसल राहुल गाँधी यूरोप दौरे पर हैं। अमेरिका और ब्रिटेन के बाद अब उनकी ‘नफरती पकवान’ वाली ‘मोहब्बत की दुकान’ बेल्जियम पहुँच गई है, जहाँ उन्होंने एक बार फिर भारत विरोधी बयानबाजी शुरू कर दी है।

कॉन्ग्रेसियों के प्रिय युवा नेता 53 वर्षीय राहुल गाँधी ने बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स में कहा कि भारत में बड़े पैमाने पर लोकतांत्रिक संस्थानों पर हमला हो रहा है। देश के संविधान को बदलने की कोशिश हो रही है। अल्पसंख्यकों और दलितों पर हमले हो रहे हैं। सरकार दहशत में है और पीएम मुख्य मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश करते हैं।

राहुल गाँधी के इस बयान को देखें तो वह भारत में लोकतंत्र, अल्पसंख्यक व दलित, वंचित वर्ग पर हो रहे हमलों का राग अलाप रहे हैं। सवाल यह है कि ‘मोहब्बत की दुकान’ का शिगूफा छोड़ने वाला कोई व्यक्ति यदि अपने भाषण में सिर्फ हमलों और दहशत की बात करेगा तो क्या उसकी दुकान सच में मोहब्बत की है, या फिर नफरत की?

राहुल गाँधी कहते हैं कि लोकतंत्र पर हमला हो रहा है। संविधान बदला जा रहा है। फिर यह भी कहते हैं कि सरकार दहशत में है। अगर सरकार दहशत में है तो फिर वह किसी भी तरह का हमला कैसे कर सकती है? सवाल यह भी है कि कहीं ये हमले चीन परस्त विपक्ष तो नहीं कर रहा है? क्योंकि, राहुल ने ब्रसेल्स में भी शी जिनपिंग के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) की तारीफ कर चीन की ‘बटरिंग’ करने में कोई कसर बाकी नहीं रखी।

राहुल गाँधी आज देश में अल्पसंख्यक और दलितों पर हो रहे हमलों की बात कर रहे हैं, लेकिन शायद उन्हें यह याद नहीं कि उनकी पार्टी ने इस देश में सबसे लंबे समय तक राज किया है। उनके सिपहसालारों की लंबी फौज और ‘गुरु’ सैम पित्रोदा भी उन्हें यह नहीं बताते कि देश में सबसे अधिक दंगे और दलितों पर अत्याचार उनकी पार्टी की सरकार में ही हुए हैं।

देश में अल्पसंख्यकों पर हमले का सबसे बड़ा उदाहरण 1984 के सिख दंगे हैं। इंदिरा गाँधी की हत्या के बाद हुए ये वही दंगे हैं, जिनमें राजधानी दिल्ली समेत देश भर के कई हिस्सों में कॉन्ग्रेस नेताओं की अगुवाई में सिखों का कत्लेआम हुआ था। इन्हीं दंगों को लेकर राहुल गाँधी के पिता और तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गाँधी ने कहा था कि ‘जब बड़ा पेड़ गिरता है तो धरती हिलती है’।

कॉन्ग्रेस सरकार में दलितों के नरसंहार की पूरी लिस्ट है। इस दौरान कॉन्ग्रेस कभी राज्य में तो कभी केंद्र में सत्ता में रही। कई प्रदेश तो ऐसे भी थे, जहाँ केंद्र के साथ-साथ वहाँ भी कॉन्ग्रेस की सरकार थी। तमिलनाडु का कीजवेनमनी, आंध्र प्रदेश का करमचेडु, गुजरात का गोलाना, कर्नाटक का कंबलपल्ली, महाराष्ट्र का खेरलानजी, ओडिशा का लाथोर नरसंहार समेत कॉन्ग्रेस शासन के दौरान देश के अनेक हिस्सों में दलितों के खिलाफ हुई हिंसा के बड़े उदाहरण हैं।

इन तमाम नरसंहार पर न तो कभी राहुल गाँधी की जुबान खुलती है और न ही आज तक किसी कॉन्ग्रेस नेता ने एक शब्द बोला है। राहुल गाँधी दुनिया के सबसे मजबूत लोकतंत्र भारत के खिलाफ लगातार विदेशी धरती पर बदजुबानी करते आ रहे हैं। कॉन्ग्रेस की खोई हुई सियासी जमीन को फिर से पाने के लिए भले ही राहुल गाँधी कोई भी पैंतरा आजमाएँ और पीएम मोदी-भाजपा पर हमला बोलें, लेकिन सच्चाई ये है कि कॉन्ग्रेस की सत्ता में रहते हुए अल्पसंख्यकों और दलितों पर जैसा अत्याचार हुआ, वैसा कभी नहीं हुआ।

बहरहाल, बात यह है कि राहुल गाँधी कॉन्ग्रेस के युवराज हैं। देश के खिलाफ बयानबाजी करना, घोटालों पर घोटाले करना और दूसरे देशों के हित की सोचना कॉन्ग्रेस की पुरानी आदत रही है। राहुल गाँधी यह सब ऐसे समय में बोल रहे हैं जब देश G-20 शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहा है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बायडेन भारत की तारीफ कर रहे हैं। विश्व बैंक खुल कर कह रहा है कि भारत ने 50 साल का काम 6 साल में कर दिया है।

सीधे शब्दों में कहें तो पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत वैश्विक शक्ति बनकर उभर रहा है। यही कॉन्ग्रेस के पूर्व राहुल गाँधी की आँख की किरकिरी बन रहा है। ऐसे में सवाल यह है कि क्या राहुल गाँधी को तेजी से मजबूत होती भारत की अर्थव्यवस्था, देश के विकास और भारत का लोहा मान रही दुनिया से दिक्कत हो रही है या फिर कारण कुछ और ही है…?

फर्जी टेंडर… फर्जी प्रमाण पत्र… और सैकड़ों करोड़ रुपए का घोटाला: जल जीवन मिशन घोटाले में राजस्थान के मंत्री ED के रडार पर

राजस्थान का में करोड़ों रुपए का जल जीवन मिशन घोटाला हुआ है। फर्जी निविदा के जरिए करोड़ों रुपए का गबन किया गया है। हाल ही में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने केंद्र समर्थित इस योजना के कार्यान्वयन में अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राजस्थान में कई जगहों पर पर तलाशी अभियान चलाया था।

ईडी की ये जाँच राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की दर्ज एक एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी। ईडी के एक शीर्ष अधिकारी के मुताबिक, “छापे के दौरान जब्त किए गए दस्तावेजों में घोटाले का आकार 1,000 करोड़ रुपए आँका गया है, लेकिन आँकड़ा इससे अधिक भी हो सकता है।”

इस मिशन के लिए फर्जी पृष्ठभूमि वाली दो कंपनियों को 900 करोड़ रुपए का कॉन्ट्रेक्ट दिया गया था। बाद में दोनों कंपनियों ने महज 500 करोड़ रुपए के बिल का दावा किया है। न्यूज18 की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों मालिकों में से एक को पकड़ लिया गया है, जबकि दूसरा अभी फरार है।

ईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने न्यूज 18 को बताया कि दो कंपनियों- गणपति ट्यूबवेल कंपनी और श्रीश्याम ट्यूबवेल कंपनी का मालिकाना हक दो कारोबारियों के पास है। ये दोनों आपस में एक-दूसरे से संबंधित हैं। इन कारोबारियों ने नकली और मनगढ़ंत अनुभव प्रमाण पत्र पेश करके ‘जल जीवन मिशन’ का कॉन्ट्रेक्ट हासिल किया था।

दरअसल, इस केस में ईडी ने पिछले हफ्ते एक रिटायर और एक सेवारत सरकारी अधिकारी के घरों में छापेमारी की थी। इस दौरान 2.5 करोड़ रुपए नकद और 1 किलोग्राम की सोने की ईंट जब्त की गई थी। इसके साथ ही बोली प्रक्रिया में धांधली का संकेत देने वाले कई डिजिटल और कागजी सबूत भी बरामद किए गए थे।

‘जल जीवन मिशन’ का मकसद घरेलू नल कनेक्शन के जरिए सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल मुहैया कराना है। इस मिशन को राजस्थान में सार्वजनिक स्वास्थ्य इंजीनियरिंग विभाग (PHED) संचालित कर रहा है। इसके जरिए वहाँ पेयजल की पाइपलाइन बिछाई जा रही है।

मंत्री महेश जोशी ED की रडार पर

इस मामले में राजस्थान के PHED मंत्री महेश जोशी भी ईडी के रडार पर हैं। उन्होंने कहा कि मामला अगस्त में राज्य के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने शुरू किया था और ईडी ने इसे अपने हाथ में ले लिया है। उन्होंने आगे कहा कि जैसे-जैसे जाँच आगे बढ़ेगी सब कुछ सामने आ जाएगा।

ईडी के अधिकारी ने बताया कि ये कारोबारी महेश जोशी और कुछ वरिष्ठ नौकरशाहों सहित राजस्थान कुछ मंत्रियों के करीबी हैं। वहीं, मंत्री जोशी ने कहा, “मुझे अभी तक नहीं बुलाया गया है, लेकिन अगर वे ऐसा करते हैं तो मेरे पास दस्तावेज़ तैयार हैं। मैं जाँचकर्ताओं के सामने अपना पक्ष रखूँगा। मैं आरोपों से परेशान नहीं हूँ।”

केंद्रीय एजेंसी के सूत्रों ने कहा कि इस मामले में कई आपत्तियाँ उठाए जाने और विभाग में कई शिकायतें दर्ज होने के बावजूद राज्य सरकार ने कंपनियों के साथ काम जारी रखा। विभाग ने एक प्रारंभिक जाँच का आदेश दिया गया था, लेकिन इन आपत्तियों को दूर करने के लिए मनगढ़ंत दस्तावेजों का एक और सेट पेश करके इसे खत्म कर दिया गया था। सूत्र ने आगे कहा कि ये दोनों कंपनियाँ बोली लगाने के काबिल नहीं थीं, फिर भी उन्हें 900 करोड़ रुपए का ठेका दिया गया।

जल जीवन मिशन घोटाला मामले में 8 अगस्त को राजस्थान सरकार की एसीबी ने प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज की गई थी। आरोप टेंडरिंग और कार्य प्रक्रिया में अनियमितता, कच्चे माल की खरीद और पुरानी पाइपलाइन बिछाने से संबंधित हैं। इसमें पाइप बिछाने के काम की गहराई पर भी सवाल उठाए गए हैं।

क्या है जल जीवन मिशन योजना?

जल जीवन मिशन योजना के तहत ग्रामीण इलाकों में पेयजल की व्यवस्था की जानी थी। इसमें 50 फीसदी खर्च राजस्थान को और 50 फीसदी खर्च केंद्र सरकार को वहन करना था। इसके तहत डीआई डक्टर आयरन पाइपलाइन डाली जानी थी, लेकिन जलदाय विभाग के अफसरों और ठेकेदारों की मिली भगत से एचडीपीई पाइपलाइन डाली गई।

इस काम में करोड़ों रुपए का घोटाला सामने आया है। हरियाणा से चोरी करके लाए गए पाइपों को नया बताकर उन्हें बिछा दिया गया। पाइपलाइन को नई बताकर पैसा उठा लिया गया। इसके अलावा, कई किलोमीटर तक पाइपलाइन नहीं डाली गई। इसकी एवज में करोड़ों रुपए का भुगतान उठा लिया गया।

भाजपा सांसद ने लगाया था आरोप

भाजपा के राज्यसभा सांसद किरोड़ीलाल मीणा ने जून 2023 में राजस्थान में ‘जल जीवन मिशन’ में 20 हजार करोड़ रुपए के घोटाले का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि योजना की 48 परियोजनाओं में फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र के आधार पर दो फर्मों को 900 करोड़ रुपए के टेंडर जारी किए गए थे। उनका दावा था कि ये घोटाला पीएचईडी मंत्री महेश जोशी और विभाग के सचिव ने मिलकर किया है।

G-20 में शामिल होने दिल्ली आए ऋषि सुनक का ‘जय सियाराम’ से अभिवादन, दामाद के रूप में स्वागत: बोले ब्रिटिश PM- समय मिला तो मंदिर जाऊँगा

भारत की अध्यक्षता में आयोजित जी-20 शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए वैश्विक नेता नई दिल्ली पहुँच चुके हैं। दिल्ली पहुँचने वालों में इंग्लैंड के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक भी शामिल हैं। उन्हें एयरपोर्ट पर रिसीव करने केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे पहुँचे थे। चौबे ने पीएम सुनक का ‘जय सियाराम’ से स्वागत किया।

प्रधानमंत्री के तौर पीएम ऋषि सुनक की यह पहली भारत यात्रा है। वे तीन दिन यहाँ रहेंगे और जी-20 में भाग लेंगे। दिल्ली पहुँचने के बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने खुद को गौरवान्वित हिंदू बताया। उन्होंने बताया कि अपनी भारत यात्रा के दौरान वे किसी मंदिर का भी दौरा करेंगे।

अश्विनी चौबे के मीडिया सलाहकार ने बताया कि स्वागत के दौरान केंद्रीय मंत्री चौबे ने ब्रिटिश प्रधानमंत्री को उनके पूर्वजों की धरती पर अभिनंदन किया और ‘जय सियाराम’ कहकर अभिवादन किया। इसके अलावा, भारत की बेटी अक्षिता मूर्ति के पति होने के कारण उन्हें भारत के दामाद के रूप में भी स्वागत किया।

चौबे ने पीएम ऋषि सुनक को बताया कि वे बिहार के बक्सर से सांसद हैं। बक्सर प्राचीन काल से ही एक आध्यात्मिक नगर के रूप में विख्यात है। उन्होंने बताया कि इसी जगह पर भगवान श्रीराम और उनके भाई लक्ष्मण ने अपने गुरु ब्रह्मगुरु विश्वामित्र से शिक्षा-दीक्षा लेकर ताड़का नामक असुर का वध किया था।

उधर, भारत में ANI से बात करते हुए ऋषि सुनक ने कहा, “मैं एक गौरवान्वित हिंदू हूँ और मेरा पालन-पोषण इसी तरह हुआ है। मैं ऐसा ही हूँ। मैं अगले कुछ दिनों के लिए यहाँ हूँ तो उम्मीद है कि इस दौरान मैं किसी मंदिर में जाऊँगा।”

ब्रिटिश पीएम ने आगे कहा, “अभी रक्षा बंधन था तो मेरी बहन और चचेरी बहनों ने मुझे राखियाँ भेजीं। जन्माष्टमी को ठीक से मनाने के लिए मेरे पास समय नहीं था। हालाँकि, उम्मीद है कि इस बार किसी मंदिर में जाकर इसकी भरपाई कर लूंगा। यह कुछ ऐसा है जो मेरे लिए महत्वपूर्ण है।”

ऋषि सुनक ने कहा, “मुझे लगता है कि आस्था एक ऐसी चीज है, जो हर उस व्यक्ति की मदद करती है जो अपने जीवन में आस्था रखता है, खासकर जब आपके पास मेरी तरह तनावपूर्ण नौकरी होती है। आपको लचीलापन देने के लिए, आपको ताकत देने के लिए आस्था और विश्वास महत्वपूर्ण है…।”

उपचुनाव में बीजेपी ने मारी बाजी, 3 सीटों पर जीत: कॉन्ग्रेस के नसीब में सिर्फ 1 सीट, जानें 6 राज्यों में TMC, JMM, सपा का हाल

देश की 6 राज्यों की 7 विधानसभा सीटों में से सभी के नतीजे आ गए हैं। इनमें त्रिपुरा की दो और उत्तराखंड की एक सीट पर बीजेपी ने बाजी मारी है। केरल की पुथुप्पली सीट कॉन्ग्रेस के खाते में गई। वहीं बंगाल की एक सीट पर ममता बनर्जी की तृणमूल कॉन्ग्रेस ने जीत दर्ज की है। उत्तर प्रदेश की घोसी सीट सपा के खाते में गई है।

बता दें कि 5 सितंबर, 2023 को त्रिपुरा की धनपुर और बॉक्सनगर सीट, केरल की पुथुपल्ली विधानसभा, पश्चिम बंगाल की धुपगुड़ी सीट, यूपी की घोसी, उत्तराखंड की बागेश्वर सीट और झारखंड की डुमरी विधानसभा सीटों पर उपचुनाव हुए थे। 

इनमें से 5 सीट- घोसी, बागेश्वर, डुमरी, बॉक्सानगर और धनपुर पर I.N.D.I.A. गठबंधन की पार्टियों ने एक साथ चुनाव लड़ा था। धुपगुड़ी (बंगाल) और पुथुपल्ली (केरल) सीट पर विपक्षी पार्टियाँ एक-दूसरे के खिलाफ मैदान में थीं।

आइए जानते हैं कि कौन कहाँ से जीता 

उत्तर प्रदेश की घोसी सीट

यहाँ I.N.D.I.A. गठबंधन की ओर से समाजवादी पार्टी (SP) के सुधाकर सिंह ने भाजपा के दारा सिंह चौहान को हराकर चुनाव जीत लिया है। बता दें कि जुलाई में ही दारा सिंह चौहान ने समाजवादी पार्टी से इस्तीफा देकर बीजेपी जॉइन किया था। इसके बाद से घोसी सीट खाली थी। जहाँ उपचुनाव हुए।

झारखंड की डुमरी सीट 

पिछले दो दशक तक इस विधासनभा सीट पर जगरनाथ महतो का वर्चस्व रहा है। जगरनाथ महतो के निधन के बाद JMM ने उनकी पत्नी बेबी देवी को मैदान में उतारा था। यहाँ से बेबी देवी जीत गई हैं। जीत के बाद बेबी देवी ने कहा यह जनता की जीत है। मैं उनके सारे अधूरे काम को पूरा करुँगी।

उत्तराखंड की बागेश्वर सीट

उत्तराखंड की बागेश्वर सीट से बीजेपी की पार्वती दास ने जीत हासिल की है। उन्होंने कॉन्ग्रेस के बसंत कुमार को हराया है। बीजेपी ने विधायक चंदन राम दास के निधन के बाद उनकी पत्नी पार्वती दास को इस सीट पर उम्मीदवार बनाया था।

वहीं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बागेश्वर उपचुनाव में जीत के बाद पार्वती दास को शुभकामनाएँ दीं। सीएम ने ट्विटर पर लिखा- राष्ट्रवाद, लोककल्याण एवं सुशासन को समर्पित यह ऐतिहासिक जीत बागेश्वर के चहुँमुखी विकास का नया अध्याय लिखेगी।

त्रिपुरा की बॉक्सानगर और धनपुर सीट

त्रिपुरा की दोनों विधानसभा सीटों पर बीजेपी ने जीत दर्ज की है। धनपुर से बीजेपी प्रत्याशी बिंदु देबनाथ ने CPI (M) प्रत्याशी कौशिक चंदा को 18 हजार 871 वोटों से हरा दिया है। बॉक्सानगर सीट से BJP के तफज्जल हुसैन ने CPI (M) के मिजान हुसैन को 30 हजार 237 वोटों से हराया है।

बता दें कि बॉक्सानगर में CPI (M) विधायक समसुल हक के निधन के कारण उपचुनाव हुए थे। वहीं केंद्रीय राज्य मंत्री प्रतिमा भौमिक के विधायक पद से इस्तीफे के बाद से धनपुर सीट खाली हुई थी।

केरल की पुथुप्पली सीट

कॉन्ग्रेस के चांडी ओमान  ने 37 हजार से ज्यादा वोटों के अंतर से CPI (M) के जैक सी थॉमस को पुथुपल्ली सीट से हरा दिया है। कॉन्ग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री ओमान चांडी के निधन के बाद यह सीट खाली हुई थी।

कॉन्ग्रेस ने इस सीट पर ओमान चांडी के बेटे चांडी ओमान को मैदान में उतारा था। बीजेपी की तरफ से सीनियर नेता लिजिन लाल चुनावी मैदान में थे।

पश्चिम बंगाल की धुपगुड़ी सीट

बंगाल के धुपगुड़ी सीट पर तृणमूल कॉन्ग्रेस ने जीत हासिल की है। यहाँ TMC कैंडिडेट निर्मल चंद्र रॉय और बीजेपी की तापसी रॉय के बीच काउटिंग शुरू होने से खत्म होने तक जबरदस्त टक्कर देखने को मिली। TMC ने मात्र चार हजार वोटों से बीजेपी को हराया है।

इस सीट पर I.N.D.I.A. गठबंधन के सदस्य कॉन्ग्रेस और TMC एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव में उतरे थे। कॉन्ग्रेस ने CPI(M) के उम्मीदवार ईश्वर चंद्र रॉय को समर्थन दिया था।