Home Blog Page 1629

केरल में PFI नेता का हाउसिंग प्रोजेक्ट: ED ने चार विला और कई एकड़ जमीन की कुर्क, करोड़ों रुपए है कीमत

केंद्रीय एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शनिवार (5 जुलाई 2023) को प्रतिबंधित कट्टर इस्लामी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) की करोड़ों रुपए की संपत्ति जब्त की है। ED ने 2.53 करोड़ की अचल संपत्ति जब्त की है, जिनमें विला भी शामिल हैं।

प्रवर्तन निदेशालय के अनुसार, जब्त की गई संपत्तियों में 338.03 वर्ग मीटर के चार विला शामिल हैं। इनकी बिक्री नहीं हुई थी। इसके अलावा, मुन्नार विला विस्टा परियोजना से 6.75 एकड़ खाली भूमि भी कुर्क की गई है। इसे PFI का एमके अशरफ संचालित कर रहा था। अशरफ PFI का प्रदेश उपाध्यक्ष था।

मनी लॉन्ड्रिंग केस में अशरफ को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। वह दिल्ली के तिहाड़ जेल में बंद है। बताते चलें कि साल 2006 में PFI का गठन किया गया था और इसका मुख्यालय दिल्ली में था। इसकी गतिविधियों को देखते हुए गृहमंत्रालय ने UAPA के तहत कार्रवाई करते हुए इस पर प्रतिबंध लगा दिया है।

ED की जाँच में पता चला कि PFI के नेता और विदेशी संस्थाओं से जुड़े सदस्य केरल के मुन्नार में आवासीय परियोजना ‘मुन्नार विला विस्टा प्रोजेक्ट (एमवीवीपी)’ डेवलप कर रहे थे। इसका उद्देश्य विदेशों से और देश के भीतर एकत्र किए गए धन को वैध बनाना था। यह परियोजना मुन्नार विला विस्टा प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी के माध्यम से विकसित की गई थी।

एक अधिकारी ने कहा कि ईडी की जाँच में इस परियोजना में बड़ी मात्रा में बेहिसाब नकदी डालने, शेयरधारकों के नाम पर कंपनी के शेयरों की नकद सदस्यता देना, बिना प्रतिफल के कंपनी के शेयरों का हस्तांतरण और बिना किसी आपूर्ति के अन्य कंपनियों को वस्तुओं या सेवाओं के फर्जी हस्तांतरण आदि का खुलासा हुआ है।

एमवीवीपीएल और उसके प्रमुख व्यक्तियों की मनी लॉन्ड्रिंग गतिविधियों की जाँच में कुल आपराधिक आय 21.9 करोड़ रुपए की पहचान की गई है। 6 मई को लखनऊ में पीएमएलए मामलों की विशेष अदालत के समक्ष एक अभियोजन शिकायत दायर की गई थी। मामले में कोर्ट ने आरोप भी तय कर दिए हैं और फिलहाल सुनवाई चल रही है।

बताते चलें कि ED ने 7 जनवरी 2023 को इन संपत्तियों के लिए प्रॉविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी किया था। 30 जून को एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी ने इसकी पुष्टि भी की थी। जाँच एजेंसी ने कहा कि उसने केरल के एर्नाकुलम की अदालत में NIA द्वारा दायर FIR और आरोप पत्र के आधार पर PMLA के तहत जाँच शुरू की थी।

FIR और आरोप पत्र में कहा गया है कि PFI और उसकी राजनीतिक शाखा SDPI के कार्यकर्ताओं के एक समूह ने विस्फोटकों और हथियारों के इस्तेमाल का प्रशिक्षण देने की साजिश रची और कन्नूर जिले के नारथ में एक आतंकवादी शिविर का आयोजन किया।

चन्द्रमा की कक्षा में स्थापित हो गया चंद्रयान-3, लैंडिंग की तारीख़ भी जान लीजिए: दुनिया के 3 देश ही कर चुके हैं ये कारनामा

भारत का महत्वाकांक्षी चंद्रयान-3 अपने अंतिम लक्ष्य की ओर बढ़ गया है। लॉन्चिंग के 22 दिन बाद आज यानी 5 अगस्त 2023 की शाम करीब 7:15 बजे चंद्रयान-3 चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश कर गया। चंद्रयान-3 पृथ्वी से 14 जुलाई 2023 को लॉन्च हुआ था।

चंद्रयान-3 को 1 अगस्त 2023 की रात करीब 12 बजे पृथ्वी की ऑर्बिट से चाँद की ओर भेजा गया था। इससे पहले वह ऐसी अंडाकार कक्षा में घूम रहा था, जिसकी पृथ्वी से सबसे कम दूरी 236 किलोमीटर और सबसे ज्यादा दूरी 1 लाख 27 हजार 603 किलोमीटर थी। चंद्रयान-3 चंद्रमा पर 23 अगस्त को लैंड करेगा।

चंद्रमा की ऑर्बिट में भेजने के लिए यान की स्पीड कम की गई, ताकि यह चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण में खुद समायोजित कर सके। स्पीड कम करने के लिए इसरो के वैज्ञानिकों ने यान के थ्रस्टर को 20-25 मिनट तक फायर किया था। चंद्रमा पर लैंडिंग से पहले चंद्रयान 4 बार अपनी ऑर्बिट बदलेगा। इसरो ने इसकी जानकारी दी।

ISRO ने अपने X पोस्ट में लिखा, “MOX, ISTRAC, यह चंद्रयान-3 है। मैं चंद्रमा का गुरुत्वाकर्षण महसूस कर रहा हूँ। चंद्रयान-3 सफलतापूर्वक चंद्रमा की कक्षा में स्थापित हो गया है। अब 6 अगस्त 2023 को रात करीब 11 बजे चंद्रयान की ऑर्बिट को कम किया जाएगा।”

इसरो ने बताया कि पेरिल्यून में रेट्रो-बर्निंग का कमांड मिशन ऑपरेशंस कॉम्प्लेक्स (MOX), ISTRAC, बेंगलुरु से दिया गया था। पेरिल्यून वह पॉइंट है, जिस पर चंद्रमा की कक्षा में एक यान चंद्रमा के सबसे करीब होता है। रेट्रो-बर्निंग यान के थ्रस्टर को विपरीत दिशा में फायर किया जाता है। इससे उसकी स्पीड कम हो जाती है।

पृथ्वी की ऑर्बिट से चंद्रमा की ओर भेजने की प्रकिया ट्रांसलूनर इंजेक्शन कहलाता है। इसके लिए बेंगलुरु में स्थित इसरो के हेडक्वार्टर से वैज्ञानिकों ने चंद्रयान का इंजन कुछ देर के लिए चालू किया था। इंजन फायरिंग तब की गई जब चंद्रयान पृथ्वी से 236 km की दूरी पर था।

चंद्रयान-3 में लैंडर, रोवर और प्रोपल्शन मॉड्यूल हैं। लैंडर और रोवर चाँद के दक्षिणी ध्रुव पर उतरेंगे और 14 दिन तक वहाँ की जानकारी पृथ्वी पर भेजेंगे। प्रोपल्शन मॉड्यूल चंद्रमा की कक्षा में रहकर धरती से आने वाले रेडिएशन्स का अध्ययन करेगा। इस मिशन के जरिए इसरो पता लगाएगा कि चाँद की सतह पर भूकंप कैसे आते हैं। यह चंद्रमा की मिट्टी का भी अध्ययन करेगा।

चंद्रमा के साउथ पोल पर यान भेजने का एक खास उद्देश्य है। इस ध्रुव के कई हिस्सों पर सूर्य की रोशनी नहीं पहुँचती है। इस कारण इसका तापमान -200 डिग्री सेल्सियस से चला जाता है। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि यहाँ बर्फ के रूप में अभी भी पानी मौजूद हो सकता है। भारत के 2008 के चंद्रयान-1 मिशन ने चंद्रमा की सतह पर पानी की मौजूदगी का संकेत दिया था।

अगर सब कुछ ठीक रहा तो चंद्रयान-3 चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर लैंड करने वाला दुनिया का पहला यान बन जाएगा। चंद्रमा पर उतरने वाले पिछले सभी स्पेसक्राफ्ट भूमध्यरेखीय क्षेत्र में उतरे हैं। भारत अगर चंद्रमा की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग करा लेता है तो वह अमेरिका, रूस और चीन के बाद दुनिया चौथा देश बन जाएगा।

नूहं हिंसा का पाकिस्तान कनेक्शन: ‘मेवाती’ बन कर सरहद पार से भड़का रहा था यूट्यूबर, सोशल मीडिया पर लाखों फॉलोवर्स

हरियाणा के नूहं में 31 जुलाई 2023 को हिंदुओं के जलाभिषेक यात्रा में हुई हिंसा के तार पाकिस्तान से जुड़ रहे हैं। पाकिस्तानी यूट्यबर जीशान मुश्ताक ने नूहं हिंसा के दौरान आग में घी डालने का काम किया था। इस दौरान उसने मोनू मानेसर को मारने और हिंदू विरोधी टिप्पणियाँ कर रहा था।

जीशान सोशल मीडिया पर अहसान मेवाती के नाम से अकाउंट बना रखा है। इन अकाउंट के जरिए वह अपने वीडियो में मोनू मानेसर को मारने के लिए मुस्लिमों को खुलेआम उकसा रहा था।इतना ही नहीं, वह हिंदुओं धमकी भी दे रहा था। हरियाणा पुलिस नूहं हिंसा के मामले में 2300 से ज्यादा वीडियो की जाँच कर रही है। 

पाकिस्तानी यूट्यूबर जीशान ने हिंसा वालेे दिन 31 जुलाई 2023 को अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो शेयर किया था। इसमें उसकी लोकेशन पाकिस्तान बताई गई थी। वह पाकिस्तान के बहावलपुर के छंब मोर गाँव में रहता है। वह खुद को किसान और यूट्यूबर बताता है।

जीशान के अहसान मेवाती नाम के यूट्यूब अकाउंट पर 80,000 से अधिक सब्सक्राइबर्स हैं। वह साल 2019 से यूट्यूब पर वीडियो डाल रहा है। उसके वीडियो पर 85 लाख से अधिक व्यूज हैं। इसके अलावा, अहसान मेव नाम से उसका एक और यूट्यूब चैनल है।

वहीं, फेसबुक पर इसके एक लाख से अधिक फॉलोवर्स हैं। उसने फेसबुक पेज पर अपनी लोकेशन अलवर, राजस्थान बताई है। इससे लोगों को लगा कि वह भारत से है। इसके अलावा, पाकिस्तान के कई नव निर्मित सोशल मीडिया प्रोफाइल से भड़काऊ बयानबाजी क जा रही थी।

मेवात में हो रही घटनाओं पर वह पैनी नजर रख रहा था और उससे संबंधित वीडियो बनाकर लोगों को उकसाने का काम कर रहा था। वह अपने वीडियो में लगातार भड़काऊ बातों से माहौल को खराब कर रहा था। हिंसा के दिन जीशान नूहं में आगजनी और तोड़फोड़ के फुटेज भी जारी कर रहा था। पुलिस को शक है कि जीशान का नूहं में मजबूत नेटवर्क है।

जाँच में पता चला कि जीशान पाकिस्तान एजुकेशन एंड रिसर्च नेटवर्क (PERN) के नेटवर्क के जरिए यूट्यूब पर वीडियो अपलोड किए थे। इस सेंट्रलाइज्ड नेटवर्क से पाकिस्तान के एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस को इंटरनेट दिया जाता है। यह पाकिस्तान सरकार का ही हिस्सा है।

जांच में सामने आया है कि जीशान का यू-ट्यूब हैंडल [email protected] ई-मेल से रजिस्टर्ड था। जीशान ऊर्फ अहसान मेवाती जब वीडियो अपलोड कर रहा था तो उसकी लोकेशन इस्लामाबाद की मिली। उसका IP एड्रेस 121.52.159.144 है। वह दो मोबाइल फोन का इस्तेमाल करता है। इनसे वह 11 ई-मेल ऑपरेट कर रहा है।

बताते चलें कि नूहं हिंसा में शामिल आरोपितों के खिलाफ हरियाणा सरकार कार्रवाई कर रही है। हिंसा को लेकर अब तक 102 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। इस मामले में 202 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 80 से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है।

‘वार्डन को कमरे में बंद करके पीटो, मैं तुम्हारे साथ हूँ’: कर्नाटक के कॉन्ग्रेस विधायक ने छात्रों को भड़काया, वीडियो आया सामने

कर्नाटक के कॉन्ग्रेस विधायक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में कॉन्ग्रेस विधायक केसी वीरेंद्र पप्पी कॉलेज के छात्रों को हॉस्टल के वार्डन को पीटने के लिए उकसा रहे हैं। छात्रों की डिमांड न मानने पर वो वार्डन की पिटाई करने की बात कह रहे हैं और छात्रों को ये कहते दिख रहे हैं कि जो होगा, देखा जाएगा। ये मामला बेल्लारी टाउन का है, जहाँ कर्नाटक सरकार द्वारा संचालित एससी/एसटी हॉस्टल में छात्र खराब खाने की शिकायत को लेकर हंगामा कर रहे हैं।

इसमें कानून और बीएड की पढ़ाई कर रहे बड़े छात्र भी शामिल हैं, जो हॉस्टल में सुविधाओं और बेहतर खाना देने के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं।

कॉन्ग्रेस विधायक बोले- वार्डन को कमरे में बंद करके सिखाओ सबक

इस वीडियो में चित्रदुर्ग विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के विधायक केसी वीरेंद्र पप्पी कन्नड भाषा में छात्रों को उकसाते दिख रहे हैं। उनकी बात का हिंदी अनुवाद कुछ इस तरह से है, “अगर ऐसा दोबारा होता है, तो वार्डन को कमरे में बंद कर दो और उसे जमकर पीटो। उसे सड़ी हुई सब्जियों वाला खाना खिलाओ। चिंता मत करो, मैं तुम लोगों के साथ हूँ। सड़ी हुई सब्जियों के कीड़े निकालो और उसके मुंह में ठूंस दो। इसके बाद उसे खूब पीटो, फिर जो भी होगा, देखा जाएगा।”

छात्रों के साथ खड़ी नजर आई बीजेपी, विधायक के कृत्य पर जताया विरोध

इस मामले में भाजपा ने कॉन्ग्रेस विधायक के बयान का विरोध किया है। छात्रों का समर्थन करते हुए बीजेपी की एमएलसी तेजस्विनी ने कहा कि संबंधित अधिकारियों को छात्रों की माँग पर तुरंत ध्यान देना चाहिए, लेकिन कॉन्ग्रेस विधायक ने वार्डन के लिए जिन शब्दों का प्रयोग किया है और बच्चों को जिस तरह से हिंसा के लिए उकसाया है, वो बेहद निंदनीय है।

रिपब्लिक‘ से बात करते हुए बीजेपी एमएलसी तेजस्विनी ने कहा, “विधायक का पद बेहद जिम्मेदार होता है, मैं छात्रों का समर्थन करने के लिए उनकी तारीफ करती हूँ, लेकिन उन्होंने जिस तरह से खराब खाने की शिकायत वार्डन को पीटने के लिए छात्रों को उकसाया है, वो स्वीकार्य नहीं है। उन्हें आगे से ऐसा कोई बयान देते समय सावधानी बरतनी चाहिए।”

पहले भी छात्र कर चुके हैं प्रदर्शन

कर्नाटक सरकार की ओर से चलाए जा रहे इस एससी/एसटी हॉस्टल के छात्र पहले भी खराब खाने को लेकर प्रशासन के सामने प्रदर्शन करते रहे हैं। छात्रों का कहना है कि हॉस्टल की व्यवस्था सुधारने के लिए कोई कदम नहीं उठाते। इस मामले में छात्रों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर हालात नहीं सुधरे, तो वो जोरदार विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।

जनवरी में हॉस्टल से निकाल दिये गए थे 25 छात्र

इस साल जनवरी में भी 25 छात्रों को हॉस्टल से निकाल दिया गया था, जब उन्होंने बेल्लारी जिले के डिप्टी कमिश्नर के सामने खराब खाने की शिकायत को लेकर धरना दिया था। छात्रों को कथित तौर पर सोशल वेलफेयर विभाग की अधिकारी सकीना के आदेश पर हॉस्टल से निकाला गया था। वहीं, इस मामले में हॉस्टल के वार्डन शिवप्पा ने कहा कि अभी कई छात्रों को हॉस्टल से निकाला जाएगा। उन्हें हॉस्टल में तभी एंट्री दी जाएगी, जब वो अपने माता-पिता के साथ आएँगे और लिखित में माफीनामा देंगे।

पकड़ो, मारो, उसे भागने मत दो… जिस बैंक मैनेजर को मुस्लिम भीड़ ने घेरा, उन्होंने बताया नूँह में क्या हुआ था: लाठियों से पीटा, जला डाली बाइक

हरियाणा के नूँह में जलाभिषेक यात्रा के दौरान हिन्दुओं पर मुस्लिम भीड़ द्वारा किए गए टार्गेटेड हमले ने अनगिनत पीड़ितों के जेहन में एक गहरा सदमा छोड़ा है। आज भी उस दंगे के शिकार हुए कई पीड़ित 31 जुलाई को क्या हुआ था इसका आँखों देखा हाल बयान कर रहे हैं। इनका बोलना इसलिए भी ज़रूरी है ताकि वामपंथी-इस्लामी गठजोड़ के झूठे नैरेटिव को बेनकाब किया जा सके। झूठ पर आधारित यह धड़ा लगातार न सिर्फ मुस्लिमों के अपराध छिपाने और उन दंगाइयों के क्रूरतम कृत्यों को भी व्हाइटवॉश करने में लगा है बल्कि उल्टा हिन्दुओं पर ही नूहं दंगे का दोष मढ़ रहा है।

इसी बीच रवि गुप्ता (40), जो सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक की पिनांगवान शाखा में प्रबंधक हैं, ने नूहं में मुस्लिम भीड़ के हमले से बाल-बाल बचने के अपने भयानक अनुभव को साझा किया है। गुप्ता जैसे पीड़ितों द्वारा बताए गए घटनाक्रम स्पष्ट रूप से इस बात को प्रमाणित करते हैं कि मुस्लिम भीड़ ने हिन्दुओं को उनकी धार्मिक मान्यताओं के लिए निशाना बनाया और यहाँ तक ​​​​कि उन लोगों पर भी बेरहमी से हमला किया जो इस धार्मिक शोभा यात्रा का हिस्सा नहीं थे। 

गुप्ता जैसे कई पीड़ितों के अनुसार, मुस्लिम भीड़ ने न केवल यात्रा में शामिल हिंदू श्रद्धालुओं को निशाना बनाया और उन्हें बंधक बनाने का प्रयास किया, बल्कि उन दंगाइयों ने वहाँ से गुजर रहे या उनके पड़ोस में रहने वाले अन्य हिंदुओं पर भी हमला किया।

बैंक मैनेजर गुप्ता ने कहा कि वह होडल में स्थित अपने घर की ओर जा रहे थे, तभी सिंगार में मुस्लिमों की भीड़ ने उन्हें रोक लिया। मुस्लिमों की भीड़ ने चिल्लाते हुए उन्हें पीट-पीटकर मार डालने के लिए उन पर जानलेवा अटैक किया। ऐसे में कैसे उनकी जान बची यह वही जानते हैं। 

‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, गुप्ता ने कहा, “शाम 5.30 बजे, मुझे भीड़ ने रोक लिया। वे किसी के पीछे भाग रहे थे। तभी अचानक, किसी ने मेरी ओर इशारा किया और कहा इसे पकड़ो, मारो, भाग न जाए। 

उन्होंने कहा कि मुस्लिम भीड़ ने न केवल उन पर हमला किया, बल्कि उन्होंने उन्हें लूट लिया और क्रूर हमले से बचने के किसी भी प्रयास को विफल करने के लिए उनके बाइक को भी जला दिया।

उन्होंने आगे कहा, “उन्होंने मुझ पर लाठियों से बेरहमी से हमला किया। हालाँकि, मेरे हेलमेट ने शुरू में मुझे बचा लिया, लेकिन उन्होंने उसे भी उतार दिया। उन्होंने मेरी जाँघों, पैरों और कंधों पर कई वार किए। मेरे सिर पर भी चोट लगी। उन्होंने मेरी जेब फाड़ दी और मेरा मोबाइल फोन और 4000 रुपए नकद निकाल लिए। बाद में मुझे पता चला कि मेरी बाइक में भी आग लगा दी गई है।”

इसके बाद, उन्होंने बताया कि उन्होंने शुक्रवार, 4 अगस्त, 2023 को शिकायत दर्ज कराई और इसे भी बाकी एफआईआर से जोड़ दिया गया है।

अस्पताल में हिंदू मरीजों को धार्मिक आधार पर बनाया शिकार 

इससे पहले मीडिया में ऐसी खबरें आई थीं कि हरियाणा के नूँह में पचास से ज्यादा दंगाई एक अस्पताल में घुस गए। उन्होंने मरीज़ों, स्वास्थ्य कर्मियों और डॉक्टरों को उनके धर्म के आधार पर अलग करके उन पर हमला किया।

उनकी योजना और बर्बरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हत्यारी मुस्लिम भीड़ ने हिंदू डॉक्टरों और पीड़ितों को मुस्लिमों से अलग करके उन पर हमला किया। यहाँ तक कि एक डॉक्टर की तीन साल की बेटी को भी लाठियों से पीटा गया। 

रिपोर्ट में कहा गया है कि भीड़ ने अस्पताल में भर्ती एक गर्भवती महिला पर भी हमला किया। मुस्लिमों की भीड़ ने उसके हाथ और पैर पर लाठियों से हमला किया। महिला भीड़ से बचने के प्रयास में धक्का-मुक्की के बाद वहीं गिर पड़ी। हालाँकि, इस मामले  में, पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार दो आरोपितों नादिर और अंजुम की पहचान की, जो इस दंगाई भीड़ का हिस्सा थे। फ़िलहाल, इन दोनों को दंगे और हिंसा में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है। 

बता दें कि इससे पहले मिठाई की दुकान पर काम करने वाले शक्ति सैनी की हत्या का मामला सामने आया था। उसे भी दुकान से खींचकर बेरहमी से मार डाला गया और बाद में भीड़ ने उसके शव को चौक पर फेंक दिया। इस मामले में भी यह बात सामने आई है कि मुस्लिमों की भीड़ ने उन हिंदुओं पर भी हमला किया जो शोभा यात्रा का हिस्सा नहीं थे।

भीड़ को उकसाया, गवाहों को धमकाया… सिख नरसंहार में 49 साल बाद कॉन्ग्रेस नेता के खिलाफ चार्जशीट, हथियारबंद दंगाइयों का कर रहे थे नेतृत्व

इंदिरा गाँधी की हत्या के बाद साल 1984 में भड़के सिख विरोधी दंगों के मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो- सीबीआई ने कॉन्ग्रेस नेता जगदीश टाइटलर के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल किया है। इसमें प्रत्यक्षदर्शी गवाहों के हवाले से कहा गया है कि टाईटलर ने भीड़ को उकसाया था और दंगों का नेतृत्व किया था।

टाइटलर के खिलाफ 20 मई 2023 को दाखिल किए गए आरोप पत्र में प्रत्यक्षदर्शी के बयान में कहा गया है, “जगदीश टाइटलर ने भीड़ से पहले सिखों को मारने और फिर उनकी दुकानें एवं कीमती सामान लूटने के लिए कहा।” जाँच एजेंसी ने उन पर हत्या, दंगा और अपमान के आरोप में मामला दर्ज किया है।

आरोप पत्र में यह भी कहा गया है कि जगदीश टाइटलर ने दंगाइयों को आश्वासन दिया कि उनके खिलाफ कोई भी कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र में हुई हत्याओं की तुलना दूसरी जगहों से की और अपने फॉलोअरों से अधिक-से-अधिक सिखों पर हमला करने के लिए कहा।

आरोप पत्र में दर्ज एक प्रत्यक्षदर्शी के बयान में कहा गया है कि कॉन्ग्रेस नेता जगदीश टाइटलर अपनी सफेद एम्बेसडर कार से बाहर निकले और भीड़ को उकसाना शुरू कर दिया और दंगाइयों से दुकानें लूटने के लिए कहा। इस प्रत्यक्षदर्शी की दुकान दंगों में जला दी गई थी। एक गवाह ने भीड़ को पेट्रोल कनस्तर, लाठियाँ, तलवारें और छड़ें ले जाते देखा था।

आरोप पत्र में एक और गवाह का जिक्र किया गया है। गवाह के बयान में कहा गया है कि तत्कालीन सांसद टाइटलर ने दिल्ली के आज़ाद मार्केट में गुरुद्वारा पुल बंगश पर हमले को भी उकसाया था। इसके परिणामस्वरूप भीड़ ने गुरुद्वारा पुल बंगश को आग लगा दी और 1 नवंबर 1984 को सिख समुदाय के तीन लोगों की हत्या कर दी।

टाइटलर निषेधाज्ञा का उल्लंघन करते हुए गुरुद्वारे के सामने मौजूद थे। स्थिति को देखने के बाद बस में सिखों के सह-यात्रियों ने उनसे अपनी पगड़ी उतारने और अपने घर वापस जाने की सलाह दी। आरोपपत्र में एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी के हवाले से कहा गया, “मैंने आपको पूरी तरह आश्वस्त किया था कि आपको कुछ नहीं होगा। आप बस सिखों को मार डालिए।”

आरोप पत्र में मंजीत सिंह जीके द्वारा जाँच एजेंसी को भेजे गए एक पत्र का भी उल्लेख किया गया है। इस पत्र में वीडियो थे, जिनमें टाइटलर के सामने बैठा एक व्यक्ति 100 सिखों की हत्या करने की बात कह रहा है। टाइटलर पर प्रत्यक्षदर्शियों को धमकाने का भी आरोप लगाया। धमकी के बाद गवाह को सीबीआई के सामने अपना बयान बदलना पड़ा।

टाइटलर की आवाज के नमूने सीबीआई ने यह निर्धारित करने के लिए लिए थे कि क्या उनकी आवाज स्टिंग वीडियो में मौजूद आवाज से मेल खाती है। सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (सीएफएसएल) की रिपोर्ट का अभी भी इंतजार है।

इस बीच, दिल्ली की एक अदालत ने 1984 के सिख विरोधी दंगों के दौरान पुल बंगश हत्याओं से संबंधित एक मामले में टाइटलर को शुक्रवार को अग्रिम जमानत दे दी।

81000 डेटोनेटर, 27000 kg अमोनियम नाइट्रेट विस्फोटक मामले में टीएमसी नेता इस्लाम चौधरी गिरफ्तार: अमित शाह की रैली को बनाता निशाना?

एनआईए (राष्ट्रीय अन्वेषण एजेंसी) ने आखिरकार बीते साल पश्चिम बंगाल वीरभूम इलाके के महम्मद बाजार (एमडी बाजार) से इलेक्ट्रिक डेटोनेटर और विस्फोटक जब्ती केस के मुख्य साजिशकर्ता को धर दबोचा है। आरोपित की पहचान तृणमूल कॉन्ग्रेस (टीएमसी) के नेता इस्लाम चौधरी के तौर पर की गई है। इस्लाम चौधरी ही वो शख्स है, जो इस मामले में इलेक्ट्रिक डेटोनेटर और विस्फोटक सप्लाई करता था। उसे एनआईए ने शुक्रवार (4 अगस्त) को छापे के दौरान गिरफ्तार किया।

टीएमसी के पंचायत सदस्य की निशानदेही पर हुआ गिरफ्तार

इंडिया टुडे के मुताबिक, उसके बारे में एनआईए को सूचना इस केस में पहले से गिरफ्तार आरोपितों में से एक टीएमसी के पंचायत सदस्य मनोज घोष से मिली थी। घोष की निशानदेही पर इस्लाम चौधरी को गिरफ्तार किया गया। मनोज घोष ने हाल ही हुआ पंचायत चुनाव जीता है।

एनआई ने पंचायत सदस्य घोष को अपने गोदाम में अवैध विस्फोटक सामग्री और आग्नेयास्त्र रखने के आरोप में गिरफ्तार किया था। चौधरी को मिलाकर इस केस में अब तक कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

बीरभूम के बरालीपारा में छुपा था इस्लाम चौधरी

एएनआई के मुताबिक, एनआईए ने इस्लाम चौधरी को बीरभूम जिले के उसके घर बरालीपारा से गिरफ्तार किया। एनआईए ने बताया कि उसके घर से छापे के दौरान जाँच एजेंसी ने 15000 रुपए नगद, बैंक लेन-देन के दस्तावेज, मोबाइल नंबरों और सिम कार्ड के साथ कागज की पर्चियाँ, तीन मोबाइल और कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए।

इस केस में एनआईए की जाँच जारी है। एनआईए ने अपने बयान में कहा है कि अन्य आरोपितों मेराजुद्दीन अली खान और मीर मोहम्मद नुरुज्जमां से की गई पूछताछ ने चौधरी की गिरफ्तारी की राह आसान की। इस केस में मेराज और प्रिंस को एनआईए 28 जून 2023 को ही गिरफ्तार कर चुकी थी। एनआईए ने कहा कि उसकी जाँच से पता चला है कि इस्लाम चौधरी ने इस केस में विस्फोटकों की आपूर्ति के साजिशकर्ता और सूत्रधार के तौर पर अहम रोल अदा किया था।

क्या था मामला?

एनआईए द्वारा सितंबर 2022 में इलेक्ट्रिक डेटोनेटर और विस्फोटकों की एक बड़ी खेप की जब्ती के बाद केस दर्ज किया गया था। पश्चिम बंगाल की एसटीएफ टीम ने शुरुआत में बीरभूम के एमडी बाजार पुलिस स्टेशन इलाके से एक वाहन से लगभग 81,000 इलेक्ट्रिक डेटोनेटर बरामद किया था। कार्रवाई के दौरान वाहन चालक आशीष केओरा को गिरफ्तार किया था।

बाद की खोजों में अतिरिक्त 2525 इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, 27000 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट, एक मैगजीन के साथ एक पिस्तौल और 4 जीवित राउंड गोला बारूद, 16.25 किलोग्राम जिलेटिन की छड़ें (कुल संख्या 130) और अवैध गोदामों से एक बैग में 50 किलो अमोनियम नाइट्रेट भी बरामद हुआ। इस तलाशी के परिणामस्वरूप, बाकी के संदिग्धों को पकड़ा गया। मामले में एनआईए की जाँच जारी है।

आरोपितों को कैसे गिरफ्तार किया गया?

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई 2022 में, पश्चिम बंगाल की स्पेशल टास्क फोर्स ने बीरभूम जिले के महम्मद बाज़ार इलाके में छापेमारी की और एक पिक-अप वैन को रोका, जो कथित तौर पर 81000 डेटोनेटर ले जा रही थी। इस केस के सिलसिले में तीन लोगों को पकड़ा गया और पुलिस ने दावा किया कि बदमाशों ने विस्फोट की योजना बनाई थी, लेकिन पुलिस ने उनकी योजना को नाकाम कर दिया था।

इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री की बरामदगी के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एनआईए को जाँच करने का निर्देश दिया था। आश्चर्यजनक यह कि गृहमंत्री अमित शाह की अप्रैल 2023 की रैली से कुछ घंटे पहले ही विस्फोटक सामग्री पकड़ाई थी। तब मीडिया रिपोर्ट में यह कयास लगाया गया था कि इन विस्फोटकों को अमित शाह की रैली को निशाना बनाने के लिए ही यूज किया जाना था।

एनआईए ने दावा किया कि जाँच के दौरान रिंटू शेख को गिरफ्तार किया गया, जिसे मामले का मुख्य साजिशकर्ता बताया गया था और जिसने डेटोनेटर की आपूर्ति की थी। रिंटू शेख से पूछताछ के बाद एनआईए की जाँच के दायरे में दो और नाम सामने आए थे। बयान और खुफिया स्रोत की जानकारी के बाद, एनआईए ने विकास भवन और आसनसोल में छापेमारी की और मीर मोहम्मद नुरुज्जमां और शेख मिराज उद्दीन को गिरफ्तार कर लिया था।

वो हिन्दू राष्ट्र की बात करते हैं, मुस्लिमों पर बुलडोजर चलाने को कहते हैं… बागेश्वर बाबा के सामने नतमस्तक हुए कमलनाथ, लिबरल गिरोह को लगी मिर्ची

मध्य प्रदेश में कॉन्ग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ के गढ़ छिंदवाड़ा में रामकथा का आयोजन किया जा रहा है। इसके लिए बागेश्वर धाम वाले बाबा पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री को बुलाया गया है। विधायक कमलनाथ और उनके सांसद बेटे नकुल नाथ ने बागेश्वर धाम वाले बाबा का स्वागत किया। इसका वीडियो भी सामने आया है। सिमरिया हनुमान मंदिर में बागेश्वर धाम का दरबार भी सजा। हालाँकि, लिबरल गिरोह के पत्रकार इससे खासे नाराज़ नजर आ रहे हैं।

साक्षी जोशी ने इस वीडियो पर सवाल किया, “तो क्या कमलनाथ धीरेंद्र शास्त्री के अब तक सभी विवादित बयानों का समर्थन करते हैं, जिनमें से एक हिंदू राष्ट्र भी है? ये जानना ज़रूरी है क्योंकि ये ‘बाबा’ दोनों ही पार्टियों के लिए वोट जुटाने की मशीन बना हुआ है। चुनावों से पहले जनता को भी तो इन जवाबों को प्राप्त करने का सौभाग्य प्रदान करें।” बता दें कि साक्षी जोशी, खुद को पत्रकार कहने वाले विनोद कापड़ी की बीवी हैं।

सोशल मीडिया पर नफरत फैला कर अपना यूट्यूब चैनल चलाने वाले श्याम मीरा सिंह ने लिखा, “कॉन्ग्रेस के CM कैंडिडेट कमलनाथ ने धीरेंद्र शास्त्री को कथा के लिए बुलाया है। वही धीरेंद्र शास्त्री जो मुसलमानों के घर बुलडोज़र चलाने को कहता है। जो हिंदू राष्ट्र का ऐलान करता है जो पार्टी समझौते करके सत्ता में आती है वो सरकार में रहकर भी समझौते करती है।” श्याम मीरा सिंह ने हाल ही में कुछ हत्याओं को हिन्दू धर्म से जोड़ते हुए घृणा फैलाने वाले वीडियो बनाए हैं।

कमलनाथ के बेटे नकुल नाथ ने पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री के लिए ‘गुरुदेव’ और ‘परम पूज्य’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए लिखा कि छिंदवाड़ा की धरती पर उनका चरण स्पर्श होना सौभाग्य की बात है। इस पर लेखक सुजाता ने हिन्दू धर्मगुरु को ‘नालायक’ और ‘जाहिल’ बताते हुए दावा किया कि मोहब्बत और सद्भाव की राजनीति पर कॉन्ग्रेसियों को अविश्वास है। उन्होंने नकुल नाथ द्वारा पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री के चरण छूने पर भी आपत्ति जताई।

इतना ही नहीं, कॉन्ग्रेस के नेता भी अपनी ही पार्टी के वरिष्ठ नेता पर बिफरे हुए नजर आए। गुजरात में कॉन्ग्रेस के SC विभाग के अध्यक्ष हितेंद्र पिठादिया ने कहा, “पाखंडी धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री कॉन्ग्रेस पार्टी की विचारधारा से विपरीत विचारधारा का वाहक है। वो संविधान की जगह मनुस्मृति और तिरंगे की जगह भगवे झंडे को मानता है। धर्म विशेष, जाति विशेष का विरोधी और महिलाओं के लिए अभद्र टिप्पणी करने वाला व्यक्ति पूजनीय कैसे हो सकता है? यह आरएसएस की नई नफरती कठपुतली है।”

कई कॉन्ग्रेस समर्थकों ने इस वीडियो पर राहुल गाँधी को टैग किया। बता दें कि चार्टर्ड प्लेन से छिंदवाड़ा पहुँचे बागेश्वर धाम वाले बाबा को देखने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। छिंदवाड़ा में सड़कों पर जाम लग गया। बड़ी संख्या में पुलिस फ़ोर्स को भी लगाया गया है। वो 3 दिनों तक यहाँ रहेंगे। दरबार भी चलेगा और दिव्य कथा का भी आयोजन होगा। बुलेटप्रूफ पंडाल में हजारों लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है, क्योंकि दूर-दूर से लोग यहाँ आए हैं।

शादी करने की चाह में बनी नकली नर्स, केरल में खाली इंजेक्शन से दोस्त की बीवी को ही अस्पताल में करने चली थी कत्ल

केरल के तिरुवल्ला से एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। यहाँ के एक प्राइवेट अस्पताल में 30 साल की फॉर्मेस्टिस अनुशा ने अपनी ही दोस्त की बीवी को जान से मारने की कोशिश की। ऑनमनोरमा की रिपोर्ट के मुताबिक, शादी की चाह में इस युवती ने नकली नर्स बन बच्चे के पैदा होने के बाद अस्पताल में भर्ती दोस्त अरुण की 24 साल की बीवी स्नेहा को खाली इंजेक्शन लगाकर मौत के घाट उतारना चाहा था। हालाँकि वो अपने मकसद में कामयाब नहीं हो पाई। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर उसके खिलाफ हत्या की कोशिश का केस दर्ज किया है। पुलिस के सामने आरोपित ने अपना अपराध भी कबूला है।

एयर एम्बालिज़्म से मौत को नेचुरल दिखाने की कोशिश

ऑन मनोरमा की रिपोर्ट के मुताबिक, अरुण की पत्नी स्नेहा ने केरल के पतनमतिट्टा जिले के तिरुवल्ला के नजदीक परूमाला के प्राइवेट अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया था। उसे इस अस्पताल में बीते हफ्ते ही एडमिट कराया गया था। बच्चे को जन्म देने के बाद गुरुवार (3 अगस्त 2023) को उसे डिस्चार्ज कर दिया गया था, लेकिन नवजात बच्चे की देखभाल के लिए स्नेहा और उनकी माँ अस्पताल में ही रुक गए थे। शाम 5 बजे अनुशा नकली नर्स बन नवजात की माँ को इंजेक्शन लगाने के लिए कमरे में आई।

रिपोर्ट के मुताबिक, जब स्नेहा और उनकी माँ नर्स से डिस्चार्ज होने के बाद भी इंजेक्शन देने को लेकर सवाल किया तो नर्स के वेश में आई अनुशा जबरन स्नेहा का हाथ पकड़ कर उसके हाथ में खाली सीरिंज घोप दिया। हालाँकि अस्पताल के कर्मचारियों ने उसे मौके पर ही रोक लिया और बाद में पुलिकेझु पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया।

खाली सीरिंज के जरिए आरोपित स्नेहा के शरीर में हवा भरने की कोशिश में थी, जो कि बेहद खतरनाक माना जाता है। आरोपित अनुशा का इरादा स्नेहा की मौत को प्राकृतिक दिखाना था ताकि एयर एम्बालिज़्म के कारण उसकी हार्ट अटैक से मौत हो जाए। स्नेहा अभी डॉक्टर्स की निगरानी में है और उसकी स्थिति संतोषजनक है।

दोस्त अरुण ने ही दिया था अस्पताल का पता

आरोपी अनुशा को अपनी पत्नी स्नेहा के अस्पताल रूम का पता अरुण ने ही दिया था, लेकिन उसका दावा है कि उसे आरोपित के इरादे का कोई अंदाजा नहीं था। उसका कहना है कि अनुशा ने बच्चे और उसकी माँ को देखने की इच्छा जाहिर की थी। इस वजह से उसने अस्पताल का पता दिया था। हालाँकि इस मामले में अरुण के शामिल होने और न होने की बात पूरी जाँच के बाद ही साफ हो पाएगी।

तिरुवल्ला के डिप्टी एसपी ने मीडिया को बताया कि स्नेहा की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया गया है। अरुण और अनुशा के फोन पुलिस ने जब्त कर लिए हैं। हालाँकि अभी तक पुलिस को अरुण के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला है।

इस दौरान अरुण ने दावा किया है कि वह आरोपित के साथ किसी भी तरह के रिश्ते में नहीं है। पुलिस आगे की कार्रवाई के लिए अनुशा को कोर्ट में पेश करने की तैयारी कर रही है और पूछताछ के दौरान सबूत इकट्ठा कर रही है।

पुलिस के मुताबिक आरोपित अनुशा ने अपने व्हॉटसएओप चैट डिलीट कर दी है। पुलिस इस चैट को रिकवर करने की कोशिश कर रही है। उधर ईटीवी भारत की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने कहा कि आरोपित का पीड़िता के पति के साथ अवैध संबंध है, जिसे उसने अपनी शादी की राह आसान बनाने के लिए उसे मारने की कोशिश की।

पहले सी की थी तगड़ी तैयारी

पुलिस की जानकारी के मुताबिक, आरोपी अनुशा ने इसके लिए पहले से ही अच्छी खासी तैयारी की थी। आरोपी ने मावेलिकारा के अस्पताल से फॉर्मेसी की ट्रेनिंग ली थी। उसने अपने काम को अंजाम देने के लिए अलग-अलग जगह से नर्सिंग का कोट और सीरिंज खरीदा था, ताकि किसी को उस पर शक न हो। मावेलिकारा से उसने 240 एमएल की सीरिंज तो कायमकुलम से नर्सिंग का कोट खरीदा था। वारदात को अंजाम देने वक्त उसने अपनी पहचान छुपाने के लिए मास्क और शाल भी ओढ़ा था।

जिस छत से चलाए पत्थर, उस पर चला खट्टर सरकार का बुलडोजर: 14 एकड़ वन भूमि मुक्त

हरियाणा के नूहं में हुई हिंसा और दंगा की घटना के बाद आरोपितों की धर-पकड़ के साथ बुलडोजर एक्शन भी जारी है। हरियाणा की खट्टर सरकार ने सख्त रवैया अपनाते हुए जिस सड़क से बृज मंडल शोभायात्रा शुरू हुई थी उसी सड़क पर अवैध निर्माण पर बुलडोजर चल रहा है। फिलहाल वहाँ मौजूद 45 अवैध दुकानों को तोड़ा जा रहा है। साथ ही उस तीन मंजिला मकान को भी धराशायी कर दिया गया है जिसके छत से दंगाइयों द्वारा हिन्दुओं की शोभायात्रा पर पत्थर बरसाए गए थे। इसी छत से पत्थरबाजी का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।

इससे पहले शुक्रवार (4 अगस्त, 2023) को भी वन विभाग की जमीन पर कब्ज़ा जमाए आरोपितों की 10 दुकानों को बुलडोजर चलाकर गिरा दिया गया था। इसके पहले गुरुवार को भी तावडू में 250 झुग्गियों को ध्वस्त कर दिया गया था। यह कार्रवाई उन इलाकों में हो रही है जहाँ से पथराव हुआ या आरोपितों के अवैध घर पाए गए। वैसे कहा जा रहा है कि जिन अवैध झुग्गियों पर कार्रवाई हुई उनमें बांग्लादेशी और रोहिंग्या मुस्लिम रह रहे थे। 

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, नूंह में हुई हिंसक घटना के बाद शनिवार को भी प्रशासन की ओर से बुलडोजर की कार्रवाई जारी है। कार्रवाई के लिए भारी मात्रा में पुलिस फ़ोर्स तैनात किया गया है। आज सुबह से खट्टर सरकार का बुलडोजर नूहं में दंगाइयों के मकानों को जमींदोज करने के लिए दौड़ रहा है। वहीं सुरक्षा के पहलू को ध्यान में रखते हुए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बल के जवान तैनात हैं। डिस्ट्रिक्ट टाउन प्लानर विनेश कुमार के मुताबिक, आज 7 जगहों पर बुलडोजर की कार्रवाई हो रही है। नूहं में जिन जगहों पर बुलडोजर कार्रवाई हो रही है उनमें पुन्हाना, नई गाँव, सिंगार, बिसरू, डिडौली, पिनगवा, फिरोजपुर शामिल हैं। 

गौरतलब है कि 31 जुलाई, 2023 को हरियाणा के नूहं जिले में मुस्लिम भीड़ द्वारा हिन्दुओं की शोभायात्रा पर पथराव और गोलीबारी की गई थी। वहीं दंगे भड़कने के चार दिन बाद ही जिला प्रशासन ने तावडू कस्बे में कथित तौर पर सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर बनाई गई 250 झुग्गियों और अन्य अतिक्रमणों को ढहा दिया था। हालाँकि, गृह मंत्री अनिल विज ने अपने बयान में इस बात का संकेत दिया था कि नूहं हिंसा में शामिल आरोपितों की सम्पत्तियों पर बुलडोजर की कार्रवाई हो सकती है, लेकिन प्रशासन ने इससे इनकार किया है। नूहं जिला प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि बुलडोजर की कार्रवाई का हिंसा की घटना से कोई लेना-देना नहीं है। 

सीएम खट्टर के आदेश पर कार्रवाई

नूहं के डीसी प्रशांत पंवार का कहना है कि बुलडोजर की कार्रवाई का हालिया हिंसा से कोई लेना-देना नहीं है। यहाँ यह भी बता दें कि शुक्रवार को जो मकान तोड़े गए उनमें से ज्यादातर नल्हड़ शिव मंदिर के रास्ते में थे, जहाँ बृज मंडल यात्रा के दौरान हिंसा हुई थी। अवैध कब्जे के खिलाफ यह कार्रवाई सीएम मनोहर लाल के आदेश पर की जा रही है। इस अभियान के तहत नलहर शिव मंदिर के पीछे पाँच एकड़ वन भूमि को मुक्त कराया गया है। इसके अलावा पुन्हाना में छह एकड़, धोबी घाटी में एक एकड़ और नांगल मुबारिकपुर में दो एकड़ वन भूमि मुक्त कराई गई है।

बता दें कि हरियाणा के नूहं जिले में 31 जुलाई को हुई हिंसा और दंगे के सिलसिले में अब तक 202 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 102 एफआईआर दर्ज की गई हैं। इस हिंसा में छह लोगों की मौत हुई और 88 लोग घायल हुए हैं। नूहं हिंसा पर अपने बयान में हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने इसे एक बड़ा गेम प्लान बताया है। उन्होंने कहा कि सरकारी तंत्र को जानकारी मिल रही है कि गोलीबारी की घटनाएँ पूर्व नियोजित थीं और पत्थर एकत्र किए गए थे।