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इरशाद अंसारी ने रेप कर बनाया वीडियो, वायरल करने की दे रहा था धमकी, ब्लैकमेल से तंग जनजातीय महिला ने की आत्महत्या

झारखंड की राजधानी रांची में इरशाद अंसारी नामक युवक के ब्लैकमेल से परेशान हो एक जनजातीय महिला ने आत्महत्या कर ली। आरोप है कि इरशाद अंसारी ने महिला के साथ बलात्कार कर उसका वीडियो बना लिया था। इसके बाद वह महिला को वीडियो वायरल करने की धमकी दे रहा था। इससे परेशान होकर महिला ने शनिवार (29 जुलाई, 2023) को अपने घर में फाँसी लगा ली।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मामला रांची जिले के खलारी थाना क्षेत्र का है। मृतक महिला के देवर का कहना है कि शुक्रवार (28 जुलाई, 2023) रात को उसकी भाभी ने उसे फोन कर रोते हुए आपबीती बताई थी। साथ ही कहा था कि इरशाद अंसारी उसे ब्लैकमेल कर रहा है।

मृतक महिला के देवर का कहना है कि करीब ढाई महीने पहले उसकी भाभी को कुत्ते ने काट लिया था। इसी को लेकर आरोपित इरशाद अंसारी उन्हें रेबीज का इंजेक्शन लगवाने के लिए हॉस्पिटल ले गया था। इसी दौरान उसने बलात्कार कर उनका अश्लील वीडियो बना लिया था। इसके बाद से वह मृतक महिला को लगातार परेशान कर रहा था।

इस पूरे मामले की जानकारी मिलने के बाद देवर ने आरोपित इरशाद अंसारी को घर बुलाकर उससे बातचीत की थी। इसी दौरान उसकी भाभी ने खुद को कमरे में बंद कर लिया। काफी देर तक दरवाजा न खोलने पर जब दरवाजा तोड़ा तो महिला फंदे में लटकी हुई थी। आनन-फानन में उन्हें डकरा स्थित हॉस्पिटल ले जाया गया। यहाँ जाँच के दौरान डॉक्टरों ने महिला को मृत घोषित कर दिया।

मृतक महिला के पति मजदूरी करने के लिए बेंगलुरु गए थे। किसी वजह से लेकिन वह एक साल से वहाँ जेल में बंद हैं। मृतक महिला अब अपने पीछे तीन बच्चों को छोड़ गई हैं। अब तक वह मजदूरी कर अपने बच्चों का पालन-पोषण कर रही थीं। चूँकि अब महिला की मौत हो गई और पति जेल में बंद हैं, ऐसे में उसके तीन बच्चों का भविष्य भी संकट में नजर आ रहा है।

इस मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आरोपित इरशाद अंसारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि मामले की जाँच कर आरोपित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो रही है। जनजातीय महिला के साथ हुई इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश है। इसलिए पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की भी अपील की है।

वकील विजय मिश्रा गिरफ्तार: शूटरों को भेजी थी उमेश पाल की लोकेशन, अतीक अहमद की बीवी शाइस्ता परवीन से भी कनेक्शन

उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फ़ोर्स (STF) और प्रयागराज पुलिस ने मिल कर अतीक अहमद के वकील विजय मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया है। विजय मिश्रा पर उमेश पाल हत्याकांड की साजिश में शामिल होने का आरोप है। इसी के साथ आरोपित के अतीक व अशरफ की बीवियों से लगातार सम्पर्क में होने की जानकारी सामने आ रही है। विजय मिश्रा की गिरफ्तारी शनिवार (29 जुलाई 2023) को लखनऊ से हुई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गिरफ्तारी वकील विजय मिश्रा पर आरोप है कि उमेश पाल हत्याकांड के दौरान उसने शूटरों को मृतक की लोकेशन शेयर की थी। 24 फरवरी 2023 को हुए इस हत्याकांड में उमेश पाल सहित उत्तर प्रदेश पुलिस के 2 जवानों की जान चली गई थी।

विजय मिश्रा पर यह भी आरोप है कि उसने प्रयागराज के एक फर्नीचर व्यापारी से अतीक अहमद के नाम पर रंगदारी माँगी है। दावा किया जा रहा है कि उमेश पाल के कत्ल से पहले विजय मिश्रा बरेली जेल में बंद अतीक के भाई अशरफ उर्फ़ दानिश अजीम के लगातार सम्पर्क में था।

बताया जा रहा है कि UP STF को वकील विजय मिश्रा की लोकेशन 2 दिनों से लखनऊ में मिल रही थी। वह शाइस्ता परवीन और अशरफ की बीवी जैनब के साथ मिल कर अतीक अहमद की बेनामी सम्पत्तियों का सौदा तय करवा रहा था।

शनिवार (29 जुलाई 2023) की शाम STF को उसके लखनऊ के गोमतीनगर स्थित होटल हयात रीजेंसी के पास होने की जानकारी मिली। STF ने दबिश देकर एडवोकेट विजय मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया। विजय मिश्रा के एक साथ महिला के भी होने की आशंका जताई गई थी। हालाँकि मौके से सिर्फ विजय मिश्रा ही गिरफ्तार हुआ।

अतीक और अशरफ की हत्या के समय विजय मिश्रा की लोकेशन घटनास्थल के आस-पास पाई गई थी। अब उत्तर प्रदेश STF और प्रयागराज पुलिस मिल कर वकील विजय मिश्रा से पूछताछ कर रही है। पुलिस यह भी जानने का प्रयास कर रही है कि विजय मिश्रा के साथ होटल में रुकी महिला कौन थी?

माना जा रहा है कि पकड़ा गया आरोपित वकील फरार चल रही शाइस्ता परवीन और बमबाज गुड्डू मुस्लिम के बारे में भी अहम जानकारियाँ दे सकता है। अतीक की लखनऊ स्थित बेनामी प्रॉपर्टी की डील में एक सफेदपोश का भी नाम सामने आ रहा है। हालाँकि अभी तक उस नाम का खुलासा नहीं किया गया है। पुलिस की जाँच सभी पहलुओं पर जारी है। विजय मिश्रा को कड़ी सुरक्षा के बीच प्रयागराज कोर्ट में पेश किया गया है।

‘ट्रू इंडोलॉजी’ ने माँगी माफी, कहा – ‘मैं पीट-पीट कर हत्या के लायक नहीं’

लोकप्रिय ट्विटर अकाउंट ‘ट्रू इंडोलॉजी’ ने करीब एक साल पहले सावित्रीबाई फुले को लेकर कुछ ट्वीट किए थे। इस ट्वीट को लेकर महाराष्ट्र की सियासत में हँगामा मचने के साथ ही ‘ट्रू इंडोलॉजी’ को सजा देने की माँग हो रही है। इस बीच ‘ट्रू इंडोलॉजी’ ने सावित्रीबाई फुले के कथित अपमान के लिए माफी माँगते हुए कहा है कि उनके ट्वीट का गलत मतलब निकाला गया था।

‘ट्रू इंडोलॉजी’ ने (जो ट्विटर पर अब @BharadwajSpeaks के नाम से मौजूद है) ट्वीट करते हुए महाराष्ट्र के सभी राजनेताओं से माफी माँगी है। साथ ही कहा है कि वह हमेशा के लिए ट्विटर अकाउंट बंद कर देंगे और राजनीतिक मुद्दों को लेकर सोशल मीडिया पर अपनी राय भी व्यक्त नहीं करेंगे।

गौरतलब है कि इस मुद्दे पर कॉन्ग्रेस नेता के बयान का जवाब देते हुए भाजपा नेता और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा था, “मैं कहता हूँ कि ‘,ट्रू इंडोलॉजी’ को सरेआम फाँसी पर लटका दो। लेकिन सिर्फ यह कहने से कुछ हासिल नहीं होगा। हमें देश के कानूनों का पालन करना होगा।”

फडणवीस के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर जमकर बवाल मचा था। भाजपा समर्थक भी 2 धड़ों में बँटे हुए नजर आ रहे थे।

दरअसल, वामपंथियों द्वारा फैलाए गए झूठे नरैटिव और अधूरे इतिहास को ‘ट्रू इंडोलॉजी’ ने काफी हद तक एक्सपोज कर दिया है। इसलिए दक्षिणपंथियों का एक बड़ा वर्ग ‘ट्रू इंडोलॉजी’ को आइकन के रूप में देखता है। ‘ट्रू इंडोलॉजी’ वामपंथियों को जवाब देने के लिए ऐतिहासिक किताबों का उपयोग करता है। इस कारण राष्ट्रवादियों का एक बड़ा वर्ग उसे फॉलो करता है। हालाँकि सभी दक्षिणपंथी उसके फैन हों, ऐसा नहीं था। यही कारण है कि इस मुद्दे पर देवेंद्र फडणवीस के बयान के बाद ‘हिंदुत्व समर्थकों’ का वर्ग 2 धड़ों में बँटा हुआ दिखाई दे रहा है।

इतने बवाल के बाद, अपने बयान में, ‘ट्रू इंडोलॉजी’ ने कहा है कि साल भर पुराने उसके ट्वीट थ्रेड के कुछ हिस्सों को दो पोर्टल इंडिक टेल्स और हिंदू पोस्ट द्वारा पब्लिश किया गया था। हालाँकि दोनों ने ही अन्य महत्वपूर्ण जानकारियाँ छोड़ दी थीं। ये वो ट्वीट्स थे, जिसमें उन्होंने सावित्रीबाई फुले के योगदान के बारे में बताया था और कहा था कि वह फुले का सम्मान करते हैं। साथ ही उनका इरादा समाज द्वारा सम्मानित सामाजिक हस्तियों का अपमान करना या उन्हें बदनाम करना नहीं है। ऐसे ट्वीट्स को दोनों पोर्टल द्वारा छोड़ दिया गया था।

‘ट्रू इंडोलॉजी’ ने इस पूरे मामले को पोर्टल्स द्वारा रिपोर्टिंग में गलती और लोगों द्वारा समझने में हुई गलतफहमी बताते हुए कहा है, “मुझे उम्मीद है कि लोग इस बात को समझेंगे कि मैं एक गलतफहमी के लिए पीट-पीटकर हत्या किए जाने के लायक नहीं हूँ।

बयान में ‘ट्रू इंडोलॉजी’ ने यह भी कहा है कि उसका इरादा यह बताना था कि साल 1850 के अंग्रेज 1930 के अंग्रेजी सैनिकों से भी बदतर थे, क्योंकि वह भारतीय महिलाओं का शोषण कर रहे थे। बयान में आगे कहा गया है कि उन्होंने तो केवल यह सवाल उठाया था कि जब अंग्रेजों के मन में भारतीय महिलाओं के लिए कोई सम्मान नहीं था, तब वह सावित्रीबाई फुले का सम्मान क्यों करेंगे? इसको लेकर उन्होंने कोई दावा नहीं किया था।

ट्रू इंडोलॉजी ने कहा कि उसके ट्वीट का गलत अर्थ निकाला गया ताकि यह कहा जा सके कि सावित्रीबाई फुले अंग्रेजों को लड़कियों की सप्लाई करती थीं। बयान में आगे कहा गया है, “मैंने स्पष्ट रूप से कहा है कि बुरे इरादे केवल अंग्रेजों के दिमाग में थे। सावित्रीबाई फुले खुद इस बात को नहीं जानती थीं और शायद वह ब्रिटिश प्रोपेगैंडा का शिकार हुई हों। हो सकता है कि उन्हें अंग्रेजों की वास्तविकता का पता भी न रहा हो। हाँ, मैंने इस बात का जिक्र जरूर किया है कि सावित्रीबाई फुले ने अंग्रेजी हुकूमत की प्रशंसा की थी। लेकिन फुले की आलोचना में सिर्फ यह कहा था कि वह अंग्रेजों के इरादों को नहीं समझ रही थीं।”

‘ट्रू इंडोलॉजी’ के खिलाफ दर्ज हुई FIR में आरोप लगाया है कि सावित्रीबाई फुले ओबीसी थीं। इसलिए ट्विटर अकाउंट ने ओबीसी समाज का अपमान किया है। इस FIR को लेकर उन्होंने कहा है, “अगर मैंने अनजाने में ओबीसी समुदाय का अपमान किया है, तो मैं उन सभी से बिना शर्त माफी माँगता हूँ। मुझ में ऐतिहासिक हस्तियों का आकलन करने की क्षमता नहीं है। मैं फुले के खिलाफ अपनी टिप्पणी भी वापस लेता हूँ। मैं फुले परिवार से भी माफी माँगता हूँ।”

‘ट्रू इंडोलॉजी’ ने यह भी कहा कि उनके खिलाफ लगाई गई धारा 505 (2) (समुदायों के बीच दुर्भावना पैदा करना) भी निराधार है, क्योंकि उनके ट्वीट में किसी भी समुदाय का उल्लेख नहीं है। उन्होंने कहा है कि यह एक विडंबना है कि धारा 505 (2) अंग्रेजों ने लोगों को अपने अत्याचारों के बारे में बात करने से रोकने के लिए बनाई थी। लेकिन अब अंग्रेजों के खिलाफ बात करने को लेकर उनके खिलाफ भी इसी धारा के तहत मामला दर्ज किया गया है।

‘ट्रू इंडोलॉजी’ ने कहा है कि उनकी माँ बुजुर्ग हैं, जो बीमार रहती हैं। सिर काटने और हिंसक ढंग से परेड कराने की धमकियों ने उनकी माँ को पूरी तरह से तोड़ दिया है। यदि अब आगे कुछ होता है तो एक नहीं बल्कि दो जिंदगियाँ खत्म हो जाएँगीं। इसलिए उन्होंने महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा, कॉन्ग्रेस, एनसीपी और महाराष्ट्र के सभी राजनेताओं से व्यक्तिगत अनुरोध किया कि वे उन्हें माफ कर दें।

उल्लेखनीय है कि यह मामला महाराष्ट्र विधानसभा में उठने से लगभग दो महीने पहले जून के पहले सप्ताह में मुंबई में इंडिक टेल्स, हिंदू पोस्ट व ट्रू इंडोलॉजी के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। एनसीपी नेताओं द्वारा कार्रवाई की माँग करने के बाद सीएम एकनाथ शिंदे ने जाँच के आदेश देते हुए कार्रवाई करने की बात कही थी। साथ ही कहा था कि सावित्रीबाई फुले जैसी हस्तियों का अपमान सहन नहीं किया जा सकता।

‘ईसाई बन जाओ… बीमारी ठीक हो जाएगी’: लालच और धोखे से करवाया था धर्मांतरण, 2 साल बाद 20 जनजातीय लोगों ने की घर वापसी

झारखंड के गुमला जिले में धर्मांतरण का शिकार हुए जनजातीय समाज के 20 लोगों ने घर वापसी कर ली है। ईसाई मिशनरी के संपर्क में आकर ये लोग करीब 2 साल पहले ईसाई बन गए थे। लेकिन अब विधि विधान से पूजा कर सभी ने शुक्रवार (28 जुलाई, 2023) को अपना मूल धर्म अपना लिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, घर वापसी का यह मामला गुमला जिले के बसिया प्रखंड अंतर्गत कुम्हारी झापाटोली गाँव का है। ईसाई मिशनरियों ने बीमारी ठीक करने की बात कहकर गाँव में रहने वाले जनजातीय समाज के भोले-भाले लोगों को अपने धर्मांतरण जाल में फँसा लिया था। 2 साल पहले गाँव के कई परिवार धर्मांतरित होकर ईसाई बन गए थे।

धर्मांतरण की जानकारी मिलने के बाद वनवासी कल्याण केंद्र द्वारा संचालित जनजाति हित रक्षा आयाम के जिला संयोजक सोनामनी उराँव और सदस्य दिनेश लकड़ा ने धर्मांतरित हुए लोगों को जागरूक करना शुरू किया। इससे सभी लोगों ने पुनः अपना धर्म अपनाने की इच्छा जताई। इसके बाद हिंदू जनजागरण मंच झारखंड के सहयोग से घर वापसी कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान गाँव के बुद्धेश्वर पहान ने पूरी रीति-रिवाज के साथ ग्राम देवता की पूजा कर धर्मांतरित हुए लोगों की घर वापसी कराई।

धर्मांतरण के जाल में फँसे लक्ष्मण उराँव, बिरसा उराँव और मुन्नी उराँव का कहना है कि उनके घर में आए दिन कोई न कोई बीमार रहता था। इसी दौरान ईसाई मिशनरियों द्वारा चंगाई सभा में इन लोगों को बीमारी ठीक करने और इलाज कराने का लालच दिया गया। इस लालच में फँसकर उनके परिवार के लोगों ने ईसाई मजहब अपना लिया था।

ईसाई बन जाने के बाद भी न तो कोई ठीक हुआ और न ही इलाज कराया गया। इसके बाद धर्मांतरित हुए लोगों को समझ आया कि यह सब अंधविश्वास था। उन्हें अपने धर्म और समाज में वापस लौटने पर बेहद खुशी हो रही है। पहले वह रास्ता भटक गए थे। लेकिन अब धर्म के रास्ते पर लौट आए हैं।

जनजाति हित रक्षा आयाम के जिला संयोजक सोनामनी उराँव का कहना है कि ईसाई मिशनरियाँ बड़े पैमाने पर सक्रिय होकर गुमला जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले गरीब जनजातीय परिवारों को लालच देकर ईसाई बना रही हैं। जनजाति रक्षा आयाम धर्मांतरण के खिलाफ काम कर रहा है। साथ ही धर्मांतरण का शिकार हुए लोगों को चिन्हित कर उनकी घर वापसी कराई जाएगी। घर वापसी करने के बाद जनजातीय परिवार बेहद खुश और उत्साहित हैं।

पुलिस ऑफिसर को घोंपी चाकू, जबरन घुस रहे थे सूरजमल स्टेडियम में: मुहर्रम के उपद्रवियों को धरने के लिए एक्शन में दिल्ली पुलिस

दिल्ली के नांगलोई इलाके में शनिवार (29 जुलाई 2023) को मुहर्रम के जुलूस में शामिल भीड़ अचानक हिंसक हो उठी थी। मातम मना रहे लोगों ने न सिर्फ पुलिस बल्कि रास्ते से गुजर रहे आम लोगों को भी निशाना बनाया। इस घटना के बाद पुलिस ने बल प्रयोग करके तलवार और डंडे लिए भीड़ को तितर-बितर किया था। हमलावरों ने पुलिस इंस्पेक्टर पर चाकू से वार किया था। पुलिस CCTV फुटेज के आधार पर उपद्रवियों की तलाश में जुटी है। पुलिस ने इस घटना में 3 अलग-अलग FIR दर्ज किया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नांगलोई के उपद्रवियों पर IPC की धारा 147, 148, 149, 151, 152, 153, 186, 323, 324, 332, 353, 307 और 427 के तहत कार्रवाई की है। पुलिस घटनास्थल के आस-पास लगे CCTV फुटेज खँगाल कर आरोपितों की तलाश में जुटी हुई है।

मुहर्रम पर हमलावर कट्टरपंथी भीड़ संबंधी FIR में वादी खुद पुलिस बनी है। शिकायतकर्ता SHO नांगलोई इंस्पेक्टर प्रभुदयाल के मुताबिक ताजिया जुलूस में शामिल कुछ लोगों द्वारा तय रास्ते से अलग चलने की जिद की गई। जब पुलिस ने उन्हें रोका तो उनके द्वारा धक्का-मुक्की की गई।

शिकायत में आगे बताया गया है कि भीड़ को उकसा रहे कुछ लोग सूरजमल स्टेडियम में घुसना चाह रहे थे। प्रशासन की तरफ से इसकी अनुमति नहीं दी गई थी। 6-7 ठेलों पर चल रही ताजिया के साथ चल रहे लोगों ने भीड़ को पुलिस पर हमले के लिए ललकारा। इस उकसावे के कुछ ही देर में पत्थरबाजी शुरू हो गई।

हमलावरों की भीड़ में लोगों के हाथों में तलवार, चाकू, डंडे और लोहे की रॉड दिखाई देने लगे। हालत संभाल रहे एक दारोगा पर चाकुओं से हमला किया गया। घटना के वायरल एक वीडियो में एक उपद्रवी के हाथ में तलवार भी दिख रही है।

इस हिंसा में कुल 1 दर्जन लोग घायल बताए जा रहे हैं, जिसमें 6 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। सभी घायलों की हालत खतरे से बाहर है। पुलिस के वाहनों को भी हिंसक भीड़ ने नुकसान पहुँचाया है। CCTV फुटेज के आधार पर कई उपद्रवियों को पहचान लिया गया है। उनकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। बाकी अन्य हमलावरों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं।

घटना के दौरान आस-पास से गुजर रहे निजी वाहनों में सवार लोगों को भी भीड़ ने नुकसान पहुँचाने का प्रयास किया। हमले में DTC की बस और कुछ प्राइवेट वाहनों को भी नुकसान पहुँचा है। हालाँकि पुलिस की सक्रियता ने किसी बड़े नुकसान से बचा लिया।

मेरी माटी, मेरा देश: देश के वीर बलिदानियों की याद में बनेगी वाटिका, 750 कलशों में आएगी मिट्टी – मन की बात में PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (30 जुलाई 2023) को एक बार फिर से मन की बात की। यह मन की बात सीरीज का 103वाँ एपिसोड था। इस बार PM मोदी ने अपने सम्बोधन में लोगों से अपने पर तिरंगा फहराने की अपील की। साथ ही उन्होंने लोगों से भारत सरकार द्वारा किए जा रहे महिला सशक्तिकरण के प्रयासों के बारे में भी बताया। प्रधानमंत्री ने ‘मेरी माटी, मेरा देश’ नामक अभियान चलाने का भी एलान किया।

बरसात के मौसम में आई बाढ़ और भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने NDRF, स्थानीय प्रशासन के साथ आम लोगों की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि सभी ने मिल-जुल कर आपदा का सामना किया, जो काबिल ए तारीफ है। इस भावना को मोदी ने सर्वजन हिताय की सकारात्मक सोच बताया।

प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों को जल संरक्षण की दिशा में प्रयास करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि देश भर में 60 हजार जल सरोवरों का निर्माण हो चुका है जबकि 50 हजार सरोवरों को बनाने का काम अभी चल रहा है। जल संरक्षण के साथ PM मोदी ने वृक्षारोपण की जरूरत पर भी जोर दिया। उत्तर प्रदेश की तारीफ करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वहाँ सरकार के साथ आम जनता ने मिल कर 30 करोड़ पेड़ लगाए हैं, जो कि एक रिकॉर्ड है।

सावन के माह को पवित्र बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसके आध्यात्मिक और वैज्ञानिक महत्त्व को सामने रखा। PM मोदी ने कहा कि हमारे त्यौहार हमें गतिशील बनाते हैं। आँकड़ो का जिक्र करते हुए नरेंद्र मोदी ने कहा कि काशी में हर साल 10 करोड़ से अधिक पर्यटक पहुँच रहे हैं। धर्मस्थलों में लोगों की बढ़ती रूचि को सांस्कृतिक जनजागरण बताते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि अयोध्या, मथुरा और उज्जैन जैसे तीर्थों को जाने वाले श्रद्धालुओं की तादाद भी काफी तेजी से बढ़ी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के कैलिफोर्निया तक से आए लोगों ने अमरनाथ की यात्रा की थी।

मन की बात में PM मोदी ने आगे कहा कि हाल के दिनों में अमेरिका ने भारत की कई कलाकृतियों को वापस लौटाया है। ये कलाकृतियाँ 250 से 2500 वर्षों तक पुरानी हैं। वापस लौटाई गईं कलाकृतियाँ देश के अलग-अलग क्षेत्रों से ताल्लुक रखती हैं। प्रधानमंत्री ने इस बात पर भी ख़ुशी जाहिर की है कि देश के तमाम युवा इन कलाकृतियों के वापस आने पर खुश हैं। उन्होंने इसे युवाओं के भारतीय संस्कृति से जुड़ने और आने वाले समय के लिए सुखद संकेत बताया। मोदी ने भारतीय कलाकृतियों को लौटाने पर अमेरिकी सरकार का धन्यवाद भी किया।

देश में महिला सशक्तिकरण का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि इस बार 4000 मुस्लिम महिलाओं ने बिना पुरुष सहयोगियों के हज यात्रा की है। बिना मेहरम के यात्रा की माँग को स्वीकार करने वाली अरब सरकार को भी प्रधानमंत्री मोदी ने धन्यवाद दिया। बकौल PM मोदी हज यात्रा से लौटी मुस्लिम महिलाओं ने उन्हें पत्र लिख कर धन्यवाद भी दिया है।

इसी के साथ प्रधानमंत्री ने ‘मेरी माटी, मेरा देश’ नाम का अभियान चलाने की घोषणा की। इस अभियान के तहत देश के लिए अपनी जान न्योछावर करने वाले बलिदानियों को याद किया जाएगा। देश भर से गुजरने वाली इस यात्रा में 750 कलशों में मिट्टी भर के लाई जाएगी। इस मिट्टी से राष्ट्रीय युद्ध स्मारक के पास एक वाटिका बनाई जाएगी।

फरदीन खान और नताशा माधवानी लेंगे तलाक? 18 साल पहले किया था निकाह, अब रह रहे दोनों अलग-अलग: मीडिया रिपोर्ट्स

बॉलीवुड एक्टर फरदीन खान लंबे समय से बड़े पर्दे से दूर हैं। इस बीच उनके तलाक की खबरें सुर्खियाँ बटोर रही हैं। कहा जा रहा है कि फरदीन और नताशा माधवानी की शादीशुदा जिंदगी में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। इसलिए अब शादी के 18 साल बाद दोनों ने तलाक लेकर अलग होने का फैसला किया है।

ई टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा है कि फरदीन खान और नताशा माधवानी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद से दोनों अलग रह रहे हैं। दोनों को अलग रहते एक साल से अधिक का समय बीत चुका है। हालाँकि अब भी उनके बीच स्थितियाँ सुधर नहीं रही। ऐसे में दोनों ने तलाक लेने का फैसला किया है।

फिलहाल फरदीन अपनी माँ के साथ मुंबई में रह रहे हैं। वहीं नताशा अपने परिवार के साथ लंदन में रह रही हैं। रिपोर्ट के अनुसार जब फरदीन और नताशा से उनके तलाक के बारे में बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने किसी भी तरह का जवाब देने से से इनकार कर दिया।

फरदीन और नताशा की लव स्टोरी काफी फिल्मी है। फरदीन ने नताशा को लंदन से यूएस जा रही फ्लाइट में प्रपोज किया था। फरदीन का प्रपोजल स्वीकार करने के बाद दोनों ने एक दूसरे को डेट किया था। इसके बाद 13 दिसंबर 2005 को शादी कर ली थी। इस शादी से दोनों को एक बेटा अजरियस और एक बेटी दियानी है।

बता दें कि फरदीन खान 80 के दशक के मशहूर एक्टर फिरोज खान के बेटे हैं। वहीं नताशा माधवानी 60 के दशक से लेकर 90 के दशक तक बड़े पर्दे पर अपनी अदाकारी का लोहा मनवाने वाली एक्ट्रेस मुमताज की बेटी हैं। दिलचस्प बात है कि मुमताज और फिरोज ने भी एक साथ फिल्मों में काम किया था।

‘बौद्ध मठों को तोड़ बनाए गए मंदिर… सपा कर रही घिनौनी राजनीति’ – बसपा सुप्रीमो मायावती ने स्वामी प्रसाद मौर्य को लताड़ा

ज्ञानवापी पर दिए गए आपत्तिजनक बयान के बाद समाजवादी पार्टी के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य की हर तरफ आलोचना हो रही है। अब बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती ने भी उनके बयान की निंदा की है। मायावती ने स्वामी प्रयाद मौर्य के बयान को पूरी तरह से राजनैतिक बताया है।

उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कभी भाजपा सरकार में मंत्री रहने के दौरान इसी मुद्दे पर स्वामी प्रसाद मौर्य की चुप्पी पर भी सवाल उठाया है। रविवार (30 जुलाई 2023) को किए गए ट्वीट में मायावती ने बौद्धों और मुस्लिमों से स्वामी प्रसाद की बयानबाजी के चक्कर में न आने की अपील की है।

2 हिस्सों में किए गए ट्वीट में मायावती ने कहा:

“समाजवादी पार्टी के नेता श्री स्वामी प्रसाद मौर्य का ताजा बयान कि बद्रीनाथ सहित अनेकों मन्दिर बौद्ध मठों को तोड़कर बनाए गए हैं तथा आधुनिक सर्वे अकेले ज्ञानवापी मस्जिद का क्यों बल्कि अन्य प्रमुख मन्दिरों का भी होना चाहिए, नए विवादों को जन्म देने वाला यह विशुद्ध राजनीतिक बयान है।”

इसी ट्वीट-थ्रेड में मायावती ने स्वामी प्रसाद मौर्य से सवाल किया है कि जब वो लम्बे समय तक भाजपा सरकार में मंत्री रहे थे, तब उन्होंने ये दबाव क्यों नहीं बनाया था।

अपने इसी ट्वीट में मायवती ने आगे लिखा, “चुनाव के समय ऐसा धार्मिक विवाद पैदा करना उनकी (स्वामी प्रसाद मौर्य) व सपा की घिनौनी राजनीति नहीं तो क्या है? बौद्ध व मुस्लिम समाज इनके बहकावे में आने वाले नहीं।”

क्या कहा था स्वामी प्रसाद मौर्य ने

दरअसल अदालत के आदेश पर हो रहे ज्ञानवापी के सर्वे पर समाजवादी पार्टी के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने 2 दिन पहले आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। तब स्वामी प्रसाद ने बद्रीनाथ सहित देश के तमाम मंदिरों को पूर्व में बौद्ध मठ बताते हुए उनके भी ASI सर्वे की माँग की थी। 1947 वाली स्थिति को बनाए रखने की माँग करते हुए मौर्य ने कहा था कि अगर बात निकली तो बहुत दूर तक जाएगी।

मुहर्रम पर मजहबी उन्माद: कैमूर में भगवान शिव के मंदिर पर पथराव-तोड़फोड़, पीलीभीत में काँवड़ियों से भिड़ंत-पत्थरबाजी

पूरे देश में मुस्लिम समुदाय के लोग मुहर्रम का मातम मना रहे हैं। इस दौरान कई राज्यों के कई हिस्सों से हिंसक वारदातें सामने आई हैं। उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में ताजिया ले जा रही भीड़ ने पहले काँवड़ियों और बाद में पुलिस पर पत्थरबाजी की। बिहार के कैमूर जिले में मंदिर पर पत्थरबाजी का आरोप है। दोनों ही घटनाएँ शनिवार (29 जुलाई 2023) की है। पुलिस दोनों मामलों में केस दर्ज करके कार्रवाई कर रही है। इसके अलावा देश के कुछ अन्य हिस्सों से भी छुटपुट वारदातों की खबर है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पहला मामला उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले का है। यहाँ बरेली हाइवे पर खमरिया पुल के पास ताजिया ले जा रहे जुलूस ने जम कर हंगामा काटा। बताया जा रहा है कि ताजिया ले जा रहे जुलूस के बगल से काँवड़ यात्री धार्मिक गानों पर DJ बजाते हुए निकले। इसी को लेकर बवाल कर दिया गया।

मुस्लिम समुदाय के लोगों ने DJ बंद करने को कहा, जिसे कांवड़ियों ने इनकार कर दिया। इस बात पर दोनों पक्षों में भिड़ंत हो गई। इस भिड़ंत में पत्थरबाजी की गई, जिसमें आस-पास से गुजर रहे लोगों को निशाना बनाया गया।

आरोप है कि मुहर्रम के जुलूस में शामिल कुछ उपद्रवी रेलवे लाइन के पास पहुँच गए। यहाँ से उन्होंने पत्थर उठा कर मामले में बीच-बचाव कर रही पुलिस पर भी फेंके। पुलिस टीम का नेतृत्व कर रहे डिप्टी SP रैंक का एक अधिकारी भी पत्थरबाजी में घायल हो गया।

लगभग 5 घंटों तक मची अफरातफरी के बाद बाहर से अतिरिक्त फ़ोर्स आने के बाद हालात काबू में आए। पुलिस के मुताबिक दोनों पक्षों को समझा कर उनके गंतव्य को भेज दिया गया है और मौके पर शांति व्यवस्था कायम है।

मातम मुहर्रम का, पत्थरबाजी मंदिर पर

दूसरा मामला बिहार के कैमूर जिले से है। यहाँ मुहर्रम के मातम में शामिल भीड़ द्वारा एक हिन्दू मंदिर पर पत्थरबाजी किए जाने का आरोप है। बताया जा रहा है कि यहाँ के तजिया जुलूस के दौरान दो पक्ष आमने-सामने आ गए थे। पहले तो नारेबाजी हुई और बाद में लाठी-डंडों से हमले शुरू हो गए।

इस दौरान कट्टरपंथी मुस्लिम उपद्रवियों ने एक हिन्दू मंदिर को निशाना बनाया। मामले की सूचना पर पहुँची पुलिस पर भी उपद्रवियों ने पत्थर फेंके। हालाँकि पुलिस ने बल प्रयोग कर के भीड़ को तितर-बितर किया।

मंदिर के साथ की गई तोड़-फोड़ का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है। वायरल वीडियो में कुछ लोग मंदिर को निशाना बना रहे हैं। उपद्रवियों द्वारा मंदिर की धार्मिक पताका को भी फाड़ा जा रहा है। आस-पास खड़े वाहनों को भी निशाना बनाया गया है।

स्थानीय मीडिया को लोगों ने बताया कि भगवान शंकर की इस मंदिर को कट्टरपंथी मुस्लिमों ने अपना निशाना बनाया। स्थानीय लोगों ने बताया कि कभी भी मुहर्रम की जुलूस उस इलाके में नहीं आती है, जहाँ मंदिर है। ताजिया निकाल रहे लोगों ने जब मंदिर को नुकसान पहुँचाया और पथराव किया तो आस-पास के लोग डर के अपने घरों में छिप गए थे।

इसके अलावा दिल्ली, वाराणसी, गिरिडीह इलाके में भी हिंसक झड़प की खबरें सामने आई थीं। पश्चिम बंगाल में मुहर्रम के चलते प्रशासन ने मंदिर का रास्ता ही बंद करवा दिया था।

इधर मुहर्रम का हो-हल्ला, उधर बेहोश होने तक नाबालिग से गैंगरेप: अशफाक और मो. मुमताज धराए, खेत में मिली पीड़िता के शरीर पर एक कपड़ा भी नहीं

बिहार के अररिया जिले में मुहर्रम जुलूस के दौरान एक नाबालिग लड़की से गैंगरेप किए जाने का मामला सामने आया है। यहाँ मातम मना रहे मोहम्मद अशफाक और मोहम्मद मुमताज नाम के 2 युवकों ने खेत में ले जाकर पीड़िता के साथ तब तक दुष्कर्म किया, जब तक वो बेहोश नहीं हो गई।

गैंगरेप के कारण बेहोश हो जाने के बाद दोनों आरोपितों ने पीड़ित लड़की को बेहोशी की हालत में वहीं छोड़ दिया था। पुलिस ने मामले में FIR दर्ज करके जाँच शुरू कर दी है। ग्रमीणों ने दोनों आरोपितों को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया है। घटना शुक्रवार (28 जुलाई 2023) रात की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला अररिया जिले के थानाक्षेत्र फारबिसगंज का है। पीड़िता नाबालिग की माँ ने पुलिस में घटना की तहरीर दी है। उन्होंने बताया कि गुरुवार रात 9 बजे उनकी 17 वर्षीया बेटी मुहर्रम जुलूस में लाठी करतब देखने के लिए घर से बाहर गई थी। मुहर्रम जुलूस के शोर-शराबे के बीच दोनों आरोपितों (मोहम्मद अशफाक और मोहम्मद मुमताज) ने नाबालिग लड़की को जबरदस्ती उठा लिया। खेत में ले जाकर बारी-बारी से रेप किया।

जब परिजनों ने अपनी बच्ची की तलाश की तो वह थोड़ी दूर एक खेत में नग्न हालात में मिली, उसके शरीर पर एक भी कपड़ा नहीं था। पीड़िता को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ने लड़की की माँ की तहरीर पर केस दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी।

होश आने पर नाबालिग पीड़िता ने पुलिस को दिए गए अपने बयान में खुद के साथ गैंगरेप होने की जानकारी दी। लड़की ने इसका आरोप अपने ही पड़ोस में रहने वाले मोहम्मद मुमताज और मोहम्मद अशफाक पर लगाया।

पीड़ित लड़की ने बताया कि मुहर्रम के शोर में दोनों आरोपित उसे उठा कर खेत में ले गए। वहीं पर अशफाक और मुमताज ने उसके साथ बारी-बारी से गैंगरेप किया। कुछ देर में लड़की बेहोश हो गई तो दोनों आरोपित उसे खेत में ही छोड़ कर भाग गए।

पीड़िता बेहोशी की ही हालत में काफी देर तक खेत में पड़ी रही। मामले की जानकारी होने से ग्रामीण भड़क गए। उन्होंने दोनों आरोपितों को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया। दोनों आरोपितों को जेल भेज दिया गया है। पुलिस मामले की जाँच कर रही है।

मुहर्रम पर काँवड़ियों के DJ पर बवाल

मुहर्रम के मातम पर या ताजिये के जुलूस में कितना शोर होता है, इसका उदाहरण है किसी नाबालिग लड़की को सरेआम उठा कर ले जाना और गैंगरेप करना। कट्टरपंथी मुस्लिमों की इस भीड़ और इनके सदाबहार वामपंथी कॉमरेडों को यह शोर सुनाई नहीं देती! हाँ काँवड़िए अगर डीजे बजा रहे हों तो इसी भीड़ को दिक्कत हो जाती है, पथराव कर आतंक फैला दिया जाता है।