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57 साल का रशीद और 35 साल का अनीस; 17 साल की लड़की को बनाकर रखा बंधक… छपरा वाली आंटी छोड़ गई थीं आगरा में

उत्तर प्रदेश के आगरा (Agra, Uttar Pradesh) में पुलिस ने बंधक बनाकर रखी गई एक नाबालिग लड़की को मुक्त करवाया है। इस मामले में पुलिस ने रशीद और अनीस नाम के 2 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपित पीड़िता को आगरा जंक्शन रेलवे स्टेशन से बहला-फुसला कर साथ लाए थे। हिन्दू संगठनों ने इस मामले को लव जिहाद बताते हुए आरोपितों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की माँग की है।

मामला आगरा के थाना क्षेत्र नाई की मंडी का है। इस मामले में वादी खुद पुलिस बनी है। शिकायत दर्ज कराने वाली महिला सब-इंस्पेक्टर किरण रावत ने बताया कि गुरुवार (27 जुलाई 2023) को अपने साथी सिपाहियों के साथ ड्यूटी पर थीं। इस दौरान एक मुखबिर ने उन्हें नाला चूनपचान इलाके में एक नाबालिग लड़की के बंधक होने की सूचना दी।

जिस घर में लड़की के बंधक होने की सूचना मिली वह रशीद नाम के व्यक्ति का था। मुखबिर की सूचना पर पुलिस जब रशीद के घर पहुँची तो वहाँ गैलरी में 2 लोग बैठे दिखे। पुलिस को देखते ही दोनों भागने का प्रयास करने लगे। पुलिस ने दौड़ा कर दोनों को पकड़ लिया। इसमें से एक आरोपित रशीद था जिसकी उम्र लगभग 57 साल है। गिरफ्तार किए गए दूसरे आरोपित अनीस की उम्र लगभग 35 साल है।

जब दोनों से भागने की वजह पूछी गई तो उन्होंने नाबालिग लड़की को बंधक बनाने की बात कबूली। दोनों ने बताया कि वो पीड़िता को आगरा कैंट स्टेशन से अपने साथ लाए थे। पुलिस दोनों आरोपितों को लेकर उनके घर पहुँची तो बाहर से कुण्डी लगी मिली। दरवाजे को खोला गया तो अंदर लगभग 17 वर्षीय एक लड़की मिली। लड़की ने दोनों आरोपितों द्वारा खुद को आगरा कैंट जंक्शन से बहला-फुसला कर लाने की जानकारी दी।

पुलिस ने बताया है कि लड़की अपने नाम के अलावा बाकी कुछ नहीं बता पा रही थी। लड़की को हिम्मत दी गई और उसे मेडिकल परीक्षण के लिए भेज दिया गया। पकड़े जाने पर रशीद और अनीस माफ़ी माँगने लगे। दोनों पर IPC की धारा 342, 363 और 366 के तहत FIR दर्ज कर ली गई है और जेल भेज दिया गया है। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हिन्दू संगठनों ने इस मामले को लव जिहाद बताते हुए आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है। बताया जा रहा है कि बिहार के छपरा की रहने वाली एक महिला पीड़िता को स्टेशन पर छोड़ कर गई थी।

महाराष्ट्र के पालघर के पास चलती ट्रेन में फायरिंग, रेलवे पुलिस के ASI सहित चार की मौत: आरोपित कॉन्स्टेबल गिरफ्तार, जाँच जारी

महाराष्ट्र के पालघर (Palghar, Maharashtra) में जयपुर-मुम्बई एक्सप्रेस ट्रेन में रेलवे पुलिस फोर्स (RPF) के एक कॉन्स्टेबल ने अपने वरिष्ठ एएसआई पर अंधाधुन फायरिंग कर दी। इसमें ASI क अलावा 3 यात्रियों की भी मौत हो गई। पुलिस ने चेतन नाम के कॉन्स्टेबल को गिरफ्तार कर लिया है।

घटना सोमवार (31 जुलाई 2023) की सुबह करीब 5 बजे की है। जयपुर से मुंबई जा रही ट्रेन के B-5 कोच में यह फायरिंग हुई। फायरिंग के पीछे की असली वजह अभी सामने नहीं आई है। हालाँकि, कहा जा रहा है कि RPF कॉन्स्टेबल और उसके अधिकारी के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। इसके बाद चेतन ने गुस्से में ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।

जिस वक्त फायरिंग की घटना हुई, उस वक्त ट्रेन पालघर और मुंबई के बीच दहिसर इलाके में थी। गोली में ASI की मौत हो गई। वहीं, ASI के बगल में बैठे तीन अन्य लोग भी अपने आपको बचा नहीं पाए। चेतन द्वारा की गई फायरिंग के दौरान कुछ गोलियाँ एसी बोगी के शीशे को छेदकर बाहर निकल गईं।

जिस एस्कॉर्ट टीम के कॉन्स्टेबल ने फायरिंग की है, उसके प्रभारी टीका राम थे। बताया जा रहा है कि फायरिंग करने के बाद चेतन चलती ट्रेन से कूद गया और भागने की कोशिश की। हालाँकि, पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया और उसके हथियार को भी जब्त कर लिया है।

घटना के बाद रेलवे ने जाँच का ऐलान किया है। मुंबई में डीआरएम नीरज कुमार ने कहा, “सुबह 6 बजे के करीब हमें सूचना मिली कि आरपीएफ जवान ने फायरिंग की है, जिसमें चार लोगों की मौत हुई। आरोपित कॉन्स्टेबल एस्कॉर्ट ड्यूटी पर तैनात था।”

DRM नीरज कुमार ने आगे बताया कि घटना के बाद रेलवे अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और इसकी आगे की जाँच की जा रही है। उन्होंने कहा कि मृतकों के परिजनों को सूचित कर दिया गया है। जल्दी ही मृतकों के परिजनों को मुआवजे का एलान किया जाएगा। चारों शवों को शताब्दी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है।

चेतन मानसिक रूप से परेशान बताया जा रहा है। वह पारिवारिक तनाव में भी था। यह भी कहा जा रहा है कि इन सब परिस्थितियों के बीच वह अपने ट्रांसफर के चलते भी गुस्से में था। मृतकों के शवों को बोरिवली में उताकर ट्रेन को आगे के लिए रवाना कर दिया गया है। 

भागलपुर में काली मंदिर पर पत्थरबाजी; हिन्दू संगठनों की नाराजगी के बाद छावनी में तब्दील हुआ इलाका… मुर्गियाचक के ताजिया वालों पर आरोप

बिहार के भागलपुर (Bhagalpur, Bihar)) जिले में एक हिन्दू मंदिर पर पत्थरबाजी की खबर के बाद तनाव की स्थिति बन गई है। पत्थरबाजी में मंदिर के कुछ हिस्सों को नुकसान पहुँचा है। भाजपा नेता ने पथराव का आरोप मुहर्रम के ताजिया जुलूस में शामिल लोगों पर लगाया है। पुलिस मामले की जाँच कर रही है और हिन्दू समाज के प्रदर्शन को देखते हुए इलाके में पुलिस बल तैनात किया गया है। घटना रविवार (30 जुलाई 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला भागलपुर के विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र का है। यहाँ परबत्ती मोहल्ले में रविवार (30 जुलाई 2023) को ताजिया जुलूस निकाला गया। भाजपा नेता रोहित पांडेय का आरोप है कि इस जुलूस में शामिल मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने रास्ते में पड़ने वाले काली मंदिर पर पत्थरबाजी की है। उन्होंने बताया कि मंदिर के मुख्य गेट को भी तोड़ने का प्रयास किया गया है।

वहीं, काली महारानी पूजा समिति के कामेश्वर सिंह ने मीडिया से बात करते हुए मंदिर पर हमले के लिए मुस्लिम समुदाय के लोगों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि मंदिर को क्षतिग्रस्त मुर्गियाचक की ताजिया जुलूस में शामिल लोगों ने किया है। इस घटना की जानकारी मिलते ही आस-पास के श्रद्धालु जमा हो गए।

आक्रोशित लोगों ने मंदिर पर हमले में शामिल आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की माँग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। मंदिर के पास रहने वाले ग्रामीण सुरेश सहनी ने मीडिया को बताया कि मामले का संज्ञान जिले के वरिष्ठ अधिकारियों को लेना चाहिए। वहीं, घटना की जानकारी मिलते ही भारी पुलिस बल मौके पर पहुँचा।

इस मामले में भागलपुर पुलिस ने भी पत्थरबाजी की सूचना मिलने और केस दर्ज करके आरोपितों की तलाश जारी होने की जानकारी दी है। पुलिस ने मौके पर अतिरिक्त बल तैनात किए जाने की जानकारी देते हुए लोगों से सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की भ्रामक पोस्ट शेयर न करने की अपील की है।

पलामू में मुहर्रम के जुलूस के दौरान तिरंगा में से अशोक चक्र हटाकर लगाया तलवार, उर्दू में भी लिखे कुछ शब्द: झारखंड पुलिस ने 18 लोगों पर की FIR

झारखंड के पलामू में मुहर्रम के जुलूस के दौरान राष्ट्रीय ध्वज से छेड़छाड़ करते हुए उसमें अशोक चक्र की जगह तलवार छाप दिया गया था। साथ ही उर्दू में भी कुछ लिख दिया गया था। इस मामले में पुलिस ने 18 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

यह घटना राज्य की राजधानी राँची से लगभग 175 किलोमीटर दूर चैनपुर पुलिस थाना क्षेत्र में शुक्रवार 28 जुलाई 2023 की शाम को हुई। शिया मुस्लिमों द्वारा मनाए जाने वाले मुहर्रम पर ताजिया निकाला गया और यह जुलूस शाहपुर, कल्याणपुर और कंकारी जैसे इलाकों से होकर गुजरा।

इस जुलूस में बज रहे DJ के साथ चल रहे कुछ लोगों के हाथ में तिरंगा जैसे झंडे भी थे। इस झंडे में बाकी सब कुछ राष्ट्रध्वज की तरह था लेकिन बीच में अशोक चक्र गायब था। अशोक चक्र की जगह उर्दू में कुछ शब्द लिखे हुए थे और उसके नीचे तलवार का चित्र बना हुआ था। आस-पास के लोगों ने इस तिरंगे की फोटो खींच ली।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) ऋषव गर्ग ने कहा कि जुलूस के दौरान डीजे बजाया गया और ‘राष्ट्रीय ध्वज’ लहराया गया। हालाँकि, इसका वीडियो वायरल हुआ तो लोगों ने देखा कि तिरंगा के साथ छेड़छाड़ की गई है और उसमें अशोक चक्र की जगह तलवार का चित्र बनाया गया है। इसके बाद पुलिस ने जाँच शुरू की।

एएसपी गर्ग ने कहा, “अशोक चक्र के स्थान पर उर्दू में कुछ शब्द लिखे थे और नीचे तलवार का निशान था। इस मामले में 13 नामजद लोगों सहित 18 लोगों के खिलाफ राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।”

ऑपइंडिया से बातचीत के दौरान इस्लाम के जानकर मोहम्मद मौसूफ़ ने बताया था कि झंडे के बीच में मुस्लिमों का कलमा तैय्यब लिखा हुआ है। इसको ‘ला इलाहा इलल्लाहु मुहम्मदुर्रसूलुल्लाहि’ के तौर पर पढ़ते हैं। इसका हिंदी में अर्थ, ‘अल्लाह के सिवा कोई माबूद नहीं और हज़रत मुहम्मद सलल्लाहो अलैहि वसल्लम अल्लाह के रसूल हैं’ होता है।

हालाँकि, इसको लेकर भाजपा नेताओं ने झारखंड सरकार को घेरना शुरू कर दिया। झारखंड भाजपा के नेता दीपक प्रकाश ने इस पर ट्वीट कर नाराजगी जताई। वहीं, भाजपा नेता दिनेशानंद गोस्वामी ने इसे तुष्टिकरण की राजनीति का खतरनाक खेल बताया था।

दीपक प्रकाश ने ट्वीट में लिखा, “पलामू जिले में मुहर्रम जुलूस में राष्ट्रध्वज के साथ छेड़छाड़ का मामला अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है, तिरंगा झंडा में अशोक चक्र हटाकर उर्दू शब्द लिखना संविधान के खिलाफ है और हमारे राष्ट्रध्वज तिरंगे का अपमान। आखिर हेमंत राज में ऐसी देश विरोधी ताकतें कैसे मजबूत हो रही हैं?”

‘पैसों का घमंड, छोटी-छोटी कामयाबी के आदी… चैम्पियन टीम बनने से कोसों दूर’ – टीम इंडिया को कपिल देव और वेंकटेश प्रसाद का बाउंसर

भारतीय क्रिकेट टीम के प्रदर्शन और खिलाड़ियों के रवैये को लेकर पूर्व क्रिकेटरों ने टीम इंडिया पर निशाना साधा है। 1983 की विश्व कप विजेता टीम के कप्तान कपिल देव ने कहा है कि खिलाड़ियों को पैसों का घमंड हो गया है। वह सीनियर खिलाड़ियों से मदद नहीं लेना चाहते। वहीं पूर्व तेज गेंदबाज वेंकटेश प्रसाद ने कहा है कि पैसा और पावर होने के बाद भी भारतीय टीम चैंपियन बनने से कोसों दूर है।

भारत को पहली बार विश्व कप विजेता बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले पूर्व कप्तान कपिल देव ने ‘द वीक’ से हुई बातचीत में कहा है, “इन खिलाड़ियों के बारे में एक अच्छी बात यह है कि वे आत्मविश्वास से भरे हुए हैं। लेकिन गलत बात यह है कि इन खिलाड़ियों को लगता है कि वे सब कुछ जानते हैं। वे कॉन्फिडेंट रहते हैं। इसलिए उन्हें लगता है कि उन्हें किसी से कुछ भी पूछने की ज़रूरत नहीं है। लेकिन हमारा मानना है कि एक अनुभवी व्यक्ति अच्छी मदद कर सकता है।”

कपिल देव ने आगे कहा, “कभी-कभी बहुत अधिक पैसा आता है तो अहंकार हो जाता है। इन क्रिकेटरों को लगता है कि वे सब कुछ जानते हैं। यही अंतर है। मैं कहना चाहता हूँ कि ऐसे कई क्रिकेटर हैं, जिन्हें मदद की जरूरत है। जब सुनील गावस्कर हैं तो आप बात क्यों नहीं कर सकते? अहंकार कहाँ है? ऐसा कोई अहंकार नहीं है। उन्हें लगता है कि वह अच्छे प्लेयर हैं। हो सकता है कि वे अच्छे प्लेयर हों। लेकिन 50 सीजन की क्रिकेट देखने वाले व्यक्ति से भी मदद लेनी चाहिए। वह चीजों को समझता है। कभी-कभी किसी को सुनने से भी आपके विचार बदल जाते हैं।”

कपिल के अलावा पूर्व तेज गेंदबाज वेंकटेश प्रसाद ने भी टीम इंडिया पर निशाना साधा है। वेंकी के नाम से मशहूर पूर्व दिग्गज क्रिकेटर ने ट्वीट कर कहा है, “टेस्ट क्रिकेट को छोड़ दें तो बीते कुछ समय से बाकी के दो फॉर्मेट में टीम इंडिया का प्रदर्शन बेहद सामान्य रहा है। भारत को बांग्लादेश, दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज में हार का सामना करना पड़ा। पिछले दो टी20 वर्ल्ड कप में भी बेहद खराब प्रदर्शन रहा। न तो हम इंग्लैंड की तरह एक रोमांचक टीम हैं और न ही ऑस्ट्रेलियाई टीम की तरह आक्रामक खेल पा रहे हैं।”

एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा, “पैसा और पावर होने के बाद भी हम छोटी-छोटी कामयाबी का जश्न मनाने के आदी हो गए हैं और चैम्पियन टीम बनने से कोसों दूर हैं। हर टीम जीतने के लिए ही खेलती है और भारत भी ऐसा ही करता है। लेकिन समय के दृष्टिकोण और रवैया भी खराब प्रदर्शन होने का बड़ा कारण है।”

जिस देश में कुरान जलाए जाएँगे, उन पर हमला कर मुस्लिम खुद दें सजा: मुहर्रम के मातम पर हिजबुल्ला सरगना नसरल्लाह का आतंकी पैगाम

स्वीडन और डेनमार्क में कुरान जलाए जाने की घटना की कई इस्लामिक देशों ने निंदा की थी। शायद वो कम था लेकिन। अब लेबनान के इस्लामी आतंकवादी संगठन हिजबुल्ला के सरगना हसन नसरल्लाह ने मुस्लिमों को हिंसा के लिए उकसाने वाला बयान दिया है। नसरल्लाह ने कहा है कि यदि इस्लामी देशों की सरकारें कुरान का अपमान करने की अनुमति देने वाले देशों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करती हैं, तो मुस्लिमों को उन पर हमला कर उन्हें सजा देनी चाहिए।

दरअसल, लेबनान की राजधानी बेरूत में हजारों की तादात में मुस्लिम इकट्ठा होकर मुहर्रम का मातम मना रहे थे। इसी दौरान एक टीवी कार्यक्रम में हसन नसरल्लाह ने कहा, “स्वीडन और डेनमार्क को यह जानना होगा कि हमारा देश कुरान और पवित्र चीजों का अपमान बर्दाश्त नहीं करता है। कुरान के अपमान को लेकर हम इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) के सख्त रुख का इंतजार कर रहे हैं। यदि ऐसा नहीं होता है तो यह संगठन हमारे मजहब की रक्षा करने के लायक नहीं रहेगा।”

नसरल्लाह ने आगे कहा है कि इस्लामिक देशों और उनके विदेश मंत्रियों को स्वीडन और डेनमार्क में इस्लाम पर बार-बार होने वाले हमलों के खिलाफ कदम उठाना चाहिए। साथ ही निर्णायक और स्पष्ट संदेश भेजना चाहिए कि यदि इस्लाम पर एक और बार हमला होगा तो उसका जवाब कूटनीतिक तरीके से आर्थिक बहिष्कार कर दिया जाएगा।

हिजबुल्ला के आतंकी नसरल्लाह ने यह भी कहा है, “यदि इस्लामिक देश ऐसा नहीं करते हैं, तो दुनिया के बहादुर और युवा मुस्लिम जिम्मेदारी से काम करने तथा अपने मजहब की रक्षा करने के लिए कुरान का अपमान करने और जलाने वालों को दंडित करने के लिए तैयार रहें। अगर सरकारें इस्लाम पर हो रहे इन हमलों को नहीं रोकतीं तो दुनिया के सभी मुस्लिम बदनाम हो जाएँगें।”

बता दें कि यूरोपीय देश स्वीडन और डेनमार्क में आए दिन कुरान जलाए जाने की घटना सामने आ रही हैं। इसका कई इस्लामिक देश विरोध करते हुए दोनों देशों की सरकारों से रोक लगाने व कार्रवाई करने की माँग कर चुके हैं। हालाँकि स्वीडन और डेनमार्क दोनों ही देशों का कहना है कि वह देश के कानून के चलते कुछ भी नहीं कर पा रहे हैं।

दरअसल, स्वीडन में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर मजबूत कानून है। इसके तहत ही लोग वहाँ कुरान जला रहे हैं। यही हाल डेनमार्क का भी है। दोनों देश कुरान जलाए जाने की घटना की निंदा तो कर सकते हैं लेकिन कुरान जलाने वालों के खिलाफ किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं कर सकते।

OIC ने बुलाई बैठक

बता दें कि स्वीडन और डेनमार्क में कुरान जलाए जाने की घटनाओं पर चर्चा के लिए इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) ने सोमवार (31 जुलाई, 2023) को एक बैठक बुलाई है। इस बैठक में शामिल होने के लिए इस्लामिक देशों के विदेश मंत्रियों को बुलावा भेजा गया है। नसरल्लाह हसन ने अपने बयान में इसी बैठक का जिक्र किया है।

महात्मा गाँधी को लेकर संभाजी भिड़े ने किया कॉमेंट, भड़के देवेंद्र फडणवीस ने कहा – ‘बापू का अपमान बर्दाश्त नहीं, महाराष्ट्र सरकार कार्रवाई करेगी’

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने महात्मा गाँधी का कथित अपमान करने को लेकर हिंदू कार्यकर्ता संभाजी भिड़े (Sambhaji Bhide) की आलोचना की है। संभाजी भिड़े ने कथित तौर पर कहा था कि महात्मा गाँधी के पिता करमचंद गाँधी नहीं बल्कि एक मुस्लिम जमींदार थे।

संभाजी भिड़े ने करमचंद गाँधी पर चोरी करने का भी आरोप लगाया था। देवेंद्र फडणवीस जवाब देकर एक बार फिर से चर्चा में हैं। इससे पहले वो सावित्रीबाई फुले पर कथित टिप्पणी करने को लेकर ट्विटर अकाउंट ‘ट्रू इंडोलॉजी’ को फाँसी पर लटकाने की भी बात कह चुके हैं।

डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई में मीडिया से बात करते हुए कहा है कि महाराष्ट्र सरकार संभाजी भिड़े के खिलाफ कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा है:

“मैं संभाजी भिड़े के बयान की निंदा करता हूँ। महात्मा गाँधी राष्ट्रपिता हैं। उन्हें भारत के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास के नेता के रूप में देखा जाता है। उनके खिलाफ इस तरह का बयान अनुचित है। लोग इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। राज्य सरकार इस मामले में उचित कार्रवाई करेगी। महात्मा गाँधी का अपमान किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

हिंदूवादी कार्यकर्ता संभाजी भिड़े को भाजपा से अलग बताते हुए फडणवीस ने कहा है, “संभाजी भिड़े का भाजपा से कोई लेना-देना नहीं है। उनका अपना संगठन है। इसे जानबूझकर राजनीतिक रंग देने की जरूरत नहीं है।”

इस मुद्दे पर कॉन्ग्रेस नेता हँगामा कर रहे हैं। ऐसे में देवेंद्र फडणवीस ने कॉन्ग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा है, “जिस तरह से कॉन्ग्रेस नेता इस मुद्दे को लेकर सड़कों पर उतर रहे हैं, जब राहुल गाँधी वीर सावरकर के खिलाफ बोलते हैं तो उन्हें इसी तरह का विरोध करना चाहिए। लेकिन उस समय वे चुप रह जाते हैं।”

दरअसल, ‘श्री शिव प्रतिष्ठान हिंदुस्तान’ के संस्थापक संभाजी भिडे़ ने गुरुवार (27 जुलाई, 2023) को अमरावती जिले में आयोजित एक कार्यक्रम में कथित तौर पर महात्मा गाँधी पर बयान दिया था। शुक्रवार (28 जुलाई, 2023) को कॉन्ग्रेस नेताओं ने महाराष्ट्र विधानसभा में इस मुद्दे को उठाते हुए संभाजी भिड़े के खिलाफ कार्रवाई की माँग की।

कॉन्ग्रेस के प्रदेश सचिव नंदकिशोर कुयते की शिकायत के बाद अमरावती जिले के राजापेठ पुलिस थाने में संभाजी भिड़े के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 153 ए के तहत FIR भी दर्ज की गई है। कॉन्ग्रेस नेता संभाजी भिड़े को गिरफ्तार करने की भी माँग कर रहे हैं।

क्या बोले संभाजी भिड़े

संभाजी भिड़े ने कथित तौर पर महात्मा गाँधी की पारिवारिक पृष्ठभूमि पर सवालिया निशान लगाए थे। उन्होंने कहा था:

“महात्मा गाँधी का नाम मोहनदास करमचंद गाँधी है। लेकिन करमचंद गाँधी महात्मा गाँधी के पिता नहीं थे। उनके असली पिता एक मुस्लिम जमींदार थे।”

उन्होंने आगे दावा किया था कि करमचंद मुस्लिम जमींदार के साथ काम करते थे। इसी दौरान उन्होंने उसके पास से बहुत बड़ी रकम चुरा ली थी। इससे नाराज होकर मुस्लिम जमींदार ने करमचंद की पत्नी का अपहरण कर लिया और उसे घर ले आया। इसके बाद उसने करमचंद गाँधी की पत्नी को अपनी पत्नी तथा महात्मा गाँधी को बेटे के रूप में पाला।

संभाजी भिड़े ने यह भी कहा था कि वह जो दावे कर रहे हैं, उसको साबित करने के लिए उनके पास सबूत हैं।

पाकिस्तान में बम धमाका: 35+ की मौत, 200+ घायल… मंच से नेता चिल्लाया नारा-ए-तकबीर, अल्ला-हू-अकबर… इसके बाद हुआ ब्लास्ट – देखें वीडियो

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में भीषण बम ब्लास्ट हुआ है। इस हादसे में अब तक 35 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं 200 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों में कुछ लोगों की हालत गंभीर है। ऐसे में मौत का आँकड़ा बढ़ सकता है। यह धमाका रविवार (30 जुलाई, 2023) को जमीयत उलेमा इस्लाम-फजल (JUI-F) की रैली में हुआ।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बम ब्लास्ट ख़ैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बाजौर जिले की खार तहसील में हुआ। इस घटना पर खैबर पख्तूनख्वा के कार्यवाहक सूचना मंत्री फिरोज शाह जमाल ने कहा है कि आसपास के इलाकों के हॉस्पिटल को हाई अलर्ट पर रखा गया है। गंभीर रूप से घायल हुए लोगों को इलाज के लिए हेलीकॉप्टर से पेशावर व अन्य हॉस्पिटल में ले जाने की कोशिश की जा रही है। ब्लास्ट के बाद पुलिस और सुरक्षाबल मौके पर पहुँच गए हैं। राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है।

खैबर पख्तूनख्वा के आईजीपी अख्तर हयात ने कहा है कि शुरुआती जाँच में सामने आया है कि यह एक आत्मघाती हमला था। फिलहाल आगे की जाँच कर सबूत जुटाए जा रहे हैं।

जमीयत उलेमा इस्लाम-फजल (JUI-F) के प्रवक्ता अब्दुल जलील खान ने पाकिस्तानी मीडिया जियो न्यूज से कहा है कि धमाका शाम करीब 4 बजे हुआ। उस समय मौलाना लईक रैली को संबोधित कर रहे थे। रैली में हुए इस धमाके में JUI-F के प्रमुख नेता मौलाना जियाउल्लाह जान की भी मौत हो गई।

इस बम ब्लास्ट का एक वीडियो भी सामने आया है। वीडियो के आखिरी सेकंडों में धमाका होते देखा जा सकता है। मंच पर से कोई नेता नारा-ए-तकबीर, अल्ला-हू-अकबर चिल्ला रहा था। इसके तुरंत बाद बम फटा और राजनीतिक रैली मातम में बदल गई। वहीं, ब्लास्ट के बाद के वीडियो में एंबुलेंस की आवाज के बीच अफरा-तफरी का माहौल दिखाई दे रहा है। हर तरफ बिखरी हुई लाशें और खून नजर आ रहा है।

पाकिस्तानी अखबार DAWN ने एक प्रत्यक्षदर्शी के हवाले से कहा है कि रैली में 500 से अधिक लोग शामिल हुए थे। लोग भाषण सुन रहे थे। तभी एक भीषण विस्फोट हुआ, जिससे वह बेहोश हो गया। जब उसे होश आया तो हर तरफ खून ही खून था। लोग चिल्ला रहे थे। यहाँ गोलियाँ भी चली हैं।

‘5 साल की बच्ची का जैसे रेप-मर्डर किया अशफाक आलम ने… उसी ढंग से उसे मारा जाना चाहिए’ – शव को देख फूटा लोगों का गुस्सा

केरल के एर्नाकुलम में एक नाबालिग हिन्दू बच्ची के अपहरण और हत्या का मामला सामने आया है। मृतका की उम्र 5 साल है, जिसका शव (29 जुलाई 2023) को कूड़े के ढेर से एक बोरे के अंदर मिला था। इस मामले में आरोपित के तौर पर पुलिस ने मूल रूप से बिहार के रहने वाले अशफाक आलम नाम के मजदूर को गिरफ्तार किया है।

अशफाक आलम ने बच्ची को शाकिर हुसैन नाम के व्यक्ति के साथ मिल कर किसी को बेचे जाने की बात कबूली है। इस बयान के आधार पर पुलिस 2 अन्य लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। घटना से नाराज कई लोगों ने प्रदर्शन किया और आरोपित को जनता के हवाले करने की माँग की।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला एर्नाकुलम ग्रामीण क्षेत्र के अलुवा का है। यहाँ 5 वर्षीया लड़की अपने माता-पिता और 2 अन्य भाई-बहनों के साथ लगभग 4 वर्षों से रहती थी। क्लास 1 में पढ़ने वाली लड़की मूल रूप से बिहार के पश्चिम चंपारण की रहने वाली थी।

घटना के दिन शुक्रवार (28 जुलाई 2023) को लड़की के माता-पिता काम करने गए थे। लड़की को अकेला देख कर 2 दिन पहले वहाँ शिफ्ट हुए बिहार के अशफाक आलम ने उसका अपहरण कर लिया। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में अशफाक आलम को असम का रहने वाला बताया गया है।

घर लौटने पर जब पीड़ित परिवार को बच्ची नहीं दिखी तो उन्होंने 28 जुलाई को ही पुलिस में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने केस दर्ज करके बच्ची की तलाश शुरू कर दी। CCTV फुटेज खँगालने के दौरान पुलिस ने पाया कि 28 जुलाई को लड़की के साथ एक व्यक्ति घूमता पाया गया। वह व्यक्ति मृतका का पड़ोसी अशफाक आलम था।

अशफाक आलम को शुक्रवार को ही हिरासत में ले लिया गया। कस्टडी में लेने के दौरान आरोपित ने काफी नशा कर रखा था, इसलिए उससे पूछताछ अगले दिन शुरू हो पाई। अगले दिन अशफाक आलम ने बताया कि उसने शुक्रवार को बच्ची का अपहरण थाईकट्टुकारा में रेलवे गेट के पास से किया था। यहाँ से वो लड़की को लेकर त्रिशूर जाने वाली बस में बैठा। अशफाक की सारी करतूत CCTV में भी रिकॉर्ड हुई है।

बताया जा रहा है कि अशफाक बच्ची को अपने साथ कोच्चि के मुकुट प्लाजा स्थित एक किराए के घर में ले गया। इसके बाद क्या हुआ, अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। जाँच के दौरान ही बच्ची का शव शनिवार (29 जुलाई 2023) को पेरियार नदी के पास कूड़े के ढेर में एक बोरे के अंदर बरामद हुआ। कुछ रिपोर्ट्स में लड़की के साथ दुष्कर्म की भी आशंका जताई गई है।

शनिवार को पुलिस ने इस मामले में 2 अन्य लोगों को हिरासत में लिया है। दोनों से लड़की की हत्या के संबंध में पूछताछ चल रही है। घटना की जानकारी होने पर स्थानीय लोग थाने के आगे जमा हो गए। उन्होंने अशफाक को कानूनी सजा देने के बजाय अपने हवाले किए जाने की माँग की। गुस्साए लोगों ने कहा:

“अशफाक को जेल में रख कर खिलाने-पिलाने पर पैसा खर्च करना बेकार है, उसे मौके पर ही सजा मिलनी चाहिए। जिस ढंग से बच्ची की हत्या की गई, आरोपित को भी उसी ढंग से मारा जाना चाहिए। अगर सरकार ऐसा करने अक्षम है, तो उसे पब्लिक को सौंप दो।”

फ़िलहाल आरोपित को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। केरल पुलिस ने मृतका की याद में अपने आधिकारिक हैंडल पर लिखा, “सॉरी बेटी।”

रविवार (30 जुलाई) को बच्ची का अंतिम संस्कार केरल के कीजहमद में कर दिया गया। अलुवा में महिला अधिकारों की लड़ाई लड़ने वाले संगठन ने केरल में नशे के बेकाबू कारोबार का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रशासन नशे की तस्करी पर लगाम लगाने में असफल है। फ़िलहाल पुलिस हत्या के कारणों की वजह तलाश में जुटी हुई है।

श्रीलंका की शिवकुमारी भारत के राजमिस्त्री से फेसबुक पर बतियाती थी… जहाज पर चढ़ आ गई शादी करने… पुलिस बोली – ’15 अगस्त के पहले निकल लो’

सीमा हैदर-सचिन मीणा और अंजू-नसरुल्लाह की बॉर्डर पार वाली प्रेम कहानियों के बीच ऐसा ही एक और मामला आंध्र प्रदेश से सामने आया है। यहाँ श्रीलंका की रहने वाली शिवकुमारी विग्नेश्वरी ने भारत आकर अपने 6 साल पुराने फेसबुक फ्रेंड लक्ष्मण से शादी कर ली। सीमा और अंजू की तरह यह मामला भी चर्चा का विषय बना हुआ है। हालाँकि पुलिस ने शिवकुमारी को भारत छोड़ने का नोटिस भेजा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मामला चित्तूर जिले के अरिमाकुलपल्ले इलाके के वी कोटा मण्डल का है। यहाँ राजमिस्त्री का काम करने वाले लक्ष्मण और श्रीलंका की रहने वाली शिवकुमारी विग्नेश्वरी साल 2017 में फेसबुक फ्रेंड बने थे। इसके बाद से दोनों के बीच फेसबुक पर ही बात होनी शुरू हुई। धीरे-धीरे दोस्ती हुई और फिर यह दोस्ती प्यार में बदल गई। जब प्यार परवान चढ़ा तो दोनों ने शादी करने की सोची।

लक्ष्मण और शिवकुमारी दोनों ही साथ रहना चाहते थे। लेकिन न केवल दोनों के देश अलग थे बल्कि इस बार बॉर्डर पार के साथ-साथ समंदर पार करने का भी मसला था। ऐसे में शिवकुमारी ने भारत आकर लक्ष्मण से शादी करने का फैसला किया। इसके लिए उसने भारत का टूरिस्ट वीजा हासिल किया। फिर 8 जुलाई 2023 को कोलंबो से फ्लाइट के जरिए चेन्नई पहुँच गई।

लक्ष्मण पहले ही शिवकुमारी विग्नेश्वरी का बेसब्री से इंतजार कर रहा था। इसलिए वह उसे लेने चेन्नई एयरपोर्ट पहुँच गया। जहाँ से वह उसे अपने घर ले गया। करीब 12 दिन साथ रहने के बाद दोनों ने परिवार की सहमति से 20 जुलाई 2023 को वी कोटा मण्डल के एक मंदिर में शादी कर ली। इसके बाद उनकी शादी की खबर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई। खबर वायरल होने के बाद से दोनों को एक बड़ी समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

दरअसल, शिवकुमारी विग्नेश्वरी टूरिस्ट वीजा पर 8 जुलाई को भारत आई थी। ऐसे में 15 अगस्त को उसका वीजा समाप्त हो जाएगा। इसलिए पुलिस ने उसे वीजा समाप्त होने से पहले भारत छोड़कर श्रीलंका वापस जाने या फिर वीजा बढ़वाने के लिए कहा है। शिवकुमारी विग्नेश्वरी का कहना है कि वह अपने पति लक्ष्मण के साथ यहाँ रहना चाहती है। इसलिए वह भारत छोड़कर नहीं जाएगी। साथ ही उसने भारत सरकार से यहाँ की नागरिकता देने की माँग की है।

चित्तूर एसपी वाई रिशांत रेड्डी का कहना है कि पुलिस ने शिवकुमारी को भारत की नागरिकता लेने की प्रक्रिया के बारे में समझाया है। साथ ही उन्हें अपनी शादी का आधिकारिक तौर पर रजिस्ट्रेशन कराने की भी सलाह दी गई है। यह रजिस्ट्रेशन भविष्य में आने वाली किसी भी समस्या के समय दोनों के काम आ सकता है।

इस बीच, शनिवार (29, जुलाई 2023) को शिवकुमारी ने अपना वीजा एक साल बढ़ाने के लिए आवेदन किया है। चूँकि उसने भारतीय नागरिक से शादी की है, ऐसे में शिवकुमारी को अपना वीजा बढ़ने की उम्मीद है।