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पंच केदारों में शामिल दुनिया के सबसे ऊँचे शिव मंदिर में झुकाव, मूर्तियाँ 10 डिग्री तक झुकीं: संरक्षित स्मारक घोषित करने की कार्रवाई शुरू, मंदिर समिति का विरोध

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के अध्ययन में दुनिया के सबसे ऊँचे तुंगनाथ शिव मंदिर को लेकर चौंकाने वाले नतीजे सामने आए हैं। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण अध्ययन में यह बात सामने आई है कि उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में 12 हजार 800 फीट की ऊँचाई पर स्थित पंच केदारों में से एक तुंगनाथ शिव मंदिर (Tungnath Shiva Shrine) झुक रहा है। मंदिर में 5 से 6 डिग्री तक का झुकाव आया है। वहीं, मूर्तियों और छोटे स्ट्रक्चर में 10 डिग्री तक का झुकाव देखने को मिला है।

एएसआई के अधिकारियों ने टाईम्स ऑफ इंडिया को बताया कि उन्होंने निष्कर्षों के बारे में केंद्र सरकार को अवगत कराया है और सुझाव दिया है कि मंदिर को संरक्षित स्मारक के रूप में शामिल किया जाए। एक अधिकारी ने मंगलवार (16 मई 2023) को कहा, “सरकार ने इसे राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस प्रक्रिया के तहत जनता से उनकी राय माँगने के लिए एक अधिसूचना जारी भी की गई है। एएसआई नुकसान की मुख्य वजह का पता लगाएगा, ताकि इसकी तुरंत मरम्मत की जा सके।”

ASI की देहरादून सर्किल के सुपरिटेंडेंट आर्कियोलॉजिस्ट मनोज कुमार सक्सेना ने बताया, “सबसे पहले हम तुंगनाथ मंदिर में झुकाव और डैमेज के कारणों का पता लगाएँगे और अगर संभव हुआ तो तुरंत इसकी मरम्मत का काम शुरू करेंगे। इसके अलावा मंदिर परिसर के निरीक्षण के बाद एक विस्तृत कार्यक्रम तैयार किया जाएगा।”

वहीं, एएसआई के अधिकारी इस बात को भी देख रहे हैं कि कहीं मंदिर की जमीन नीचे की तरफ तो नहीं धँस रही है, जिसके कारण मंदिर में झुकाव हुआ है। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो विशेषज्ञों से विचार-विमर्श कर क्षतिग्रस्त नींव के पत्थरों को बदला जाएगा। फिलहाल एएसआई ने मुख्य मंदिर की दीवारों पर ग्लास स्केल को फिक्स कर दिया, जो मंदिर की दीवार पर मूवमेंट को माप सकता है।

बता दें कि तुंगनाथ को दुनिया का सबसे ऊँचा शिव मंदिर माना जाता है, जिसे 8वीं शताब्दी में कत्यूरी शासकों ने बनवाया था। यह बद्री केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) के प्रशासन के तहत आता है। इस संबंध में बीकेटीसी को भी एक पत्र भेजा गया है।

बीकेटीसी के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने कहा कि इस मैटर को हाल ही में संपन्न हुए बोर्ड की मीटिंग में उठाया गया, जहाँ सभी लोगों ने एएसआई के प्रस्ताव को खारिज कर दिया। हम सभी इस मंदिर को उसके वास्तविक स्वरूप में वापस लाने के लिए एसआई की सहायता करने को तैयार हैं, लेकिन इसे उन्हें पूरी तरह से सौंपने के पक्ष में नहीं है।

कभी था ‘सुंदर दास पार्क’, हिंदुओं के थे बड़े-बड़े घर: लाहौर के जिस जमान पार्क में है इमरान खान का घर, उसका बीता कल जानते हैं आप

लाहौर का जमान पार्क (Zaman Park Lahore) फिर से चर्चा में है। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) का यहाँ घर है। इस घर को पुलिस ने घेर रखा है। कहा जा रहा है कि इस घर में 30 से 40 आतंकियों ने शरण ले रखी है। पंजाब सरकार ने इन्हें सौंपने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम इमरान खान की पार्टी को पाकिस्तान तहीरक-ए-इंसाफ (PTI) को दिया है।

लाहौर पाकिस्तान के पंजाब प्रांत का हिस्सा है। जनसंख्या के मामले में लाहौर दुनिया का 26वाँ सबसे बड़ा शहर है और पाकिस्तान में दूसरा। कभी सिख साम्राज्य के रणजीत सिंह की राजधानी लाहौर ही हुआ करती थी। आज इस शहर के जमान पार्क पर पठानों का कब्जा है। लेकिन कभी यह इलाका सुंदर दास पार्क कहलाता था। समृद्ध हिन्दुओं के बड़े-बड़े घर यहाँ बने थे।

माजिद शेख ने ‘The Dawn’ में 16 सितंबर, 2018 को प्रकाशित एक लेख में पुराने नक्शों का हवाला देकर बताया था कि आज जिसे जमान पार्क कहते हैं, वो क्षेत्र अंग्रेजों के समय में ‘PLH (पंजाब लाइट हॉर्स)’ ग्राउंड हुआ करता था। वहाँ एक फायरिंग रेंज भी था। ये क्षेत्र एचिसन कॉलेज के पीछे और मायो गार्डन्स के दक्षिण में स्थित है। 1857 के आसपास के नक़्शे में यहाँ किसी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं दिखता। PLH की स्थापना सन् 1867 में हुई थी।

लाहौर में फ़ौज की त्वरित तैनाती के लिए इसकी ज़रूरत अंग्रेजों को महसूस हुई थी। ब्रिटिश काल के समय पंजाब के लाहौर और अमृतसर सहित कई इलाकों में निगरानी के लिए इसका इस्तेमाल किया गया। 1947 में पाकिस्तान बनने के बाद इस रेजिमेंट को खत्म कर दिया गया। मायो गार्डन्स के दक्षिण में एक ‘सुंदर दास रोड’ भी है। असल में 1936 में इसका नाम ‘सुंदर दास पार्क’ था। इस कॉलोनी के मध्य में एक वृत्ताकार क्रिकेट ग्राउंड 1936 के नक़्शे में दिखता है।

माजिद खान, जावेद बुर्की और इमरान खान इस मैदान में अपने करियर के शुरुआती दौर में खेल चुके हैं। फिर पता चलता है कि असल में 1942 में यहाँ 6 समृद्ध हिन्दू परिवारों के घर थे, जो आपस में रिश्तेदार भी हुआ करते थे। इनमें से एक सूरी परिवार था, जिसके मुखिया का नाम था- राय बहादुर सुंदर दास सूरी। वे पंजाब के स्कूलों के चीफ इंस्पेक्टर थे और बच्चों की शैक्षिक ज़रूरतों को पूरा करने की जिम्मेदारी उनकी ही थी।

लाहौर स्थित गवर्नमेंट कॉलेज के प्रोफेसरों लाला लाजपत राय और रुचिराम साहनी के साथ वो काम कर चुके थे। ‘Aitchison College’ के परिसर को विस्तार देने में भी उनकी बड़ी भूमिका थी। लाहौर में ‘सेन्ट्रल मॉडल स्कूल’ और ‘ल्यालपुर स्कूल एंड कॉलेज’ की स्थापना का श्रेय उन्हें ही जाता है। ये बाद में कृषि विश्वविद्यालय बन गया। विभाजन के समय यहाँ 15 समृद्ध हिन्दू परिवार रहते थे। विभाजन के बाद जनरल बुर्की ने पठानों को यहाँ बसाया।

मुग़ल काल में ये पठान वजीरिस्तान से जालंधर में बस गए थे और विभाजन के बाद फिर पाकिस्तान चले गए। जालंधर पठान परिवार के मुखिया के नाम पर इसका नाम ज़मान पार्क पड़ा। 1935 के नक़्शे से पता चलता है कि जेल रोड-लाहौर कैनाल-फिरोजपुर रोड वाला इलाका सरकारी अस्पतालों, जेलों और सरकारी इमारतों का था। इसमें मेन्टल हॉस्पिटल, महिला जेल और सेन्ट्रल जेल था। बाबा शाह जमाल की एक मजार भी यहाँ दिखती है।

सिख साम्राज्य के समय सिख सरदार शोबा सिंह की फ़ौज यहाँ रहती थी। शोबा सिंह लाहौर के शासक थे, रणजीत सिंह के 1799 में गद्दी सँभालने से पहले। इस परिसर में कई ईंट-भट्टे भी थे। पकिस्तान के लोग आज अपने सिख और हिन्दू इतिहास की सच्चाई से पीछा छुड़ाना चाहते हैं। ज़मान पार्क के पठान परिवारों में से पाकिस्तान को कई क्रिकेटर, सैन्य अधिकारी और डॉक्टर मिले हैं। खुद ज़मान खान के बेटों हुमायूँ, जावेद और फवाद ने भी क्रिकेट खेला था। पाकिस्तान में इसे सबसे शांत और समृद्ध लोगों का रिहायशी इलाका माना जाता है।

इमरान खान के लाहौर वाले घर में हैं 40 आतंकी, पुलिस ने घेरा: पंजाब सरकार ने सौंपने के लिए दिए 24 घंटे का अल्टीमेटम

पाकिस्तान में रस्साकशी जारी है। एक तरफ पूर्व क्रिकेटर एवं प्रधानमंत्री इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) और सुप्रीम कोर्ट है तो दूसरी तरफ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सरकार और सेना है। इमरान खान ने दावा किया था कि शहबाज शरीफ ने सेना के इशारे पर उनके खिलाफ 145 मामलेे दर्ज किए हैं। इस्लामाबाद हाईकोर्ट (IHC) ने इमरान खान को सभी मामलों में 31 मई 2023 तक गिरफ्तारी से राहत दी है।

वहीं, हाईकोर्ट ने PTI के मलीका बुखारी और अली मुहम्मद खान की रिहाई का आदेश दिया है। बता दें कि पिछले हफ्ते IHC की बेंच ने अल-कादिर ट्रस्ट मामले में इमरान की जमानत याचिका को दो सप्ताह के लिए स्वीकार कर लिया था। इसके एक दिन पहले पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने मामले में इमरान की गिरफ्तारी को अवैध और गैरकानूनी बताया था।

वहीं, कई पत्रकारों ने न्यायमूर्ति मियांगुल हसन औरंगज़ेब द्वारा की गई सुनवाई का बहिष्कार किया। पत्रकारों का यह फैसला औरंगजेब के उस फैसले के बाद लिया गया, जिसमें उन्होंने अदालत में सुनवाई के दौरान पाँच पत्रकारों तक ही उपस्थित रहने का आदेश दिया था।

उधर, पंजाब की अंतरिम सरकार ने इमरान खान के लाहौर स्थित आवास जमान पार्क में छिपे 30-40 आतंकवादियों को सौंपने के लिए इमरान खान को कहा है। पंजाब सरकार के सूचना मंत्री ने कहा कि अगर इमरान इन आतंकियों को नहीं सौंपते हैं तो कानून अपना काम करेगा। पुलिस ने पूरे इलाके को घेर रखा है।

मंत्री ने कहा कि इमरान खान ने गिरफ्तारी से पहले हमले की योजना बनाई थी। 9 मई को गिरफ्तारी के दौरान निर्धारित योजना के तहत हिंसक प्रदर्शन किया गया और सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमले किए गए। इस दौरान सरकार ने रक्तपात से बचने के लिए पुलिस को हथियारों के इस्तेमाल से रोक दिया था। उन्होंने कहा कि इमरान खान देश के खिलाफ काम कर रहे हैं और आतंकियों को अपने यहाँ छिपाकर रखा है।

उन्होंने कहा कि सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमला करने वालों पर सैन्य अदालतों में मुकदमा चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि हिंसा में शामिल लोगों की पहचान कर ली गई है। सूचना मंत्री ने चेतावनी देने वाले लहजे में कहा, “सरकार के आदेश को चुनौती देने वालों को इस तरह दौड़ाया जाएगा कि वे ओलंपिक में भाग ले सकें।” इसके बाद इमरान खान ने कहा कि इसको लेकर गुरुवार (18 मई 2023) को नई योजना की घोषणा की जाएगी।

बतातेे चलें कि 9 मई 2023 को पाकिस्तान की नेशनल अकाउंटिबिलिटी ब्यूरो ने इमरान खान को इस्लामाबाद हाईकोर्ट से गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद PTI के समर्थकों ने देश भर में हंगामा किया था। कई जगहों पर सैन्य प्रतिष्ठानों को भी नुकसान पहुँचाया गया और सेना के अधिकारियों को कुछ समय के लिए बंधक बनाने की स्थिति हो गई थी।

‘बजरंग बली का नारा सांप्रदायिक कैसे?’: गोरक्षक मोहम्मद फैज खान ने न्यूज 24 के पत्रकार को धोया, ‘जय श्रीराम’ को आक्रामक बताने पर कहा – श्री मतलब नारी शक्ति

चुनाव नतीजों के बहाने मीडिया का एक धड़ा भाजपा के विरोध में माहौल बनाने का बीड़ा भी उठा कर चलता है। हाल ही में कर्नाटक में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजों में कॉन्ग्रेस की जीत के बाद ‘News 24’ का एक पत्रकार भी ऐसा करते हुए धरा गया, लेकिन उसे करारा जवाब भी मिला। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। उक्त पत्रकार का नाम राजीव रंजन है, जो ‘माहौल क्या है’ शो को होस्ट करते हैं।

इस शो के दौरान वो जगह-जगह जाकर लोगों से बातचीत करते हैं। रविवार (14 मई, 2023) को वो दिल्ली के कनॉट प्लेस पर थे। इंट्रोडक्शन के दौरान ही उन्होंने भाजपा के खिलाफ बातें करनी शुरू कर दी। उन्होंने भाजपा नेताओं पर धर्म की राजनीति खेलने का आरोप मढ़ दिया। उन्होंने अंदाज़ा लगा लिया कि कर्नाटक में भाजपा की हार बता रही है कि देश का मूड बदल रहा है, लेकिन जब उन्होंने जनता से सवाल पूछना शुरू किया तो लोगों ने ही इसे नकार दिया।

एक व्यक्ति ने करारा जवाब देते हुए कहा कि पिछले साढ़े 9 वर्षों से देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कामकाज पर भरोसा दिखा रहा है। उसने कहा कि लोकतंत्र है और हार-जीत चलता रहता है, कर्नाटक अगर भाजपा हारी है तो बाकी राज्य जीतेगी भी और 2024 लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज कर नरेंद्र मोदी इसी तरह देश को नेतृत्व प्रदान करते रहेंगे। उसने इस बात को नकार दिया कि कर्नाटक से देश का भविष्य तय हो रहा है।

इसके बाद राजीव रंजन कहने लगे कि भाजपा ने पूरा जोर लगाते हुए ‘जय बजरंग बली’ का उद्घोष किया और टीपू सुल्तान के खिलाफ भी नफरत फैलाई, ऐसे में क्या ये न माना जाए कि नरेंद्र मोदी का करिश्मा कम हो रहा है। इस पर उक्त व्यक्ति ने कहा कि यहाँ चावल वाला उदाहरण नहीं चलता है कि एक चावल देख कर पता चल जाए कि सारा चावल पका है या नहीं। उसने कहा कि इसी तरह एक राज्य से पूरे देश का मूड नहीं बताया जा सकता।

उक्त व्यक्ति ने स्पष्ट किया कि भाजपा ‘सबका साथ, सबका विकास’ नारे पर विश्वास रखती है और ऐसा नहीं करती है कि किसी धर्म को प्रश्रय दिया जाए और किसी के खिलाफ घृणा फैलाई जाए। उसने कहा कि ‘जय बजरंग बली’ हो या ‘अल्लाहु अकबर’, ये सियासी नहीं बल्कि धार्मिक नारे हैं। इस पर ‘पत्रकार’ राजीव रंजन कहने लगे कि ‘जय श्रीराम’ में आक्रामकता है। इस पर उस व्यक्ति ने समझाया कि ‘श्री’ का अर्थ यहाँ लक्ष्मी से है।

उसने बताया कि ‘श्री’ नारी शक्ति का द्योतक है। इसके बाद ‘News 24’ का प्रोपेगंडाबाज पत्रकार कहने लगा कि ‘जय श्रीराम’ का नारा 90 के दशक में आया। फिर उस व्यक्ति ने पूछा कि फिर ‘श्री नारायण’ कब से है? पत्रकार को सबसे ज्यादा झटका तब लगा, जब उस व्यक्ति ने अपना नाम बताया। असल में उस व्यक्ति का नाम मोहम्मद फैज खान है। उसने स्पष्ट कहा कि वो गौसेवक हैं। उसने कहा कि नाम सुन कर आपको कुछ और लगा होगा, लेकिन उल्टा हो गया क्योंकि मैं निष्पक्ष बात करता हूँ।

6 राज्य, 100+ ठिकाने: गैंगस्टर-आतंकी-तस्कर नेटवर्क पर एनआईए की रेड, नशे और हथियारों की तस्करी के मिले थे इनपुट

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने बुधवार (17 मई 2023) को 6 राज्यों में 100 से अधिक स्थानों पर छापेमारी की। आतंकवाद, नशे के तस्करों और गैंगस्टर्स के नेटवर्क पर यह एक्शन लिया गया है। जाँच एजेंसी के अधिकारी राज्य पुलिस बलों के साथ मिलकर सुबह से ही छापेमारी कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि एनआईए द्वारा पिछले साल दर्ज तीन अलग-अलग मामलों में यह छापेमारी की गई है।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक राष्ट्रीय जाँच एजेंसी ने हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में 100 से ज्यादा स्थानों पर छापेमारी की है। दिल्ली-एनसीआर में 32 स्थानों पर छापा मारा गया। पंजाब के अलग-अलग इलाकों और चंडीगढ़ मिलाकर टीम ने 67 जगहों पर तलाशी अभियान चलाया। उत्तर प्रदेश में प्रतापगढ़, बरेली और लखीमपुर में छापेमारी हुई है। मध्य प्रदेश में भी दो स्थानों पर एनआईए ने छापा मारा है।

उत्तराखंड के बाजपुर में रतनपुरा गाँव के रहने वाले गुरविंदर सिंह के घर भी एनआईए की टीम ने छापा मारा। एजेंसी के ऑफिसर्स को शक है कि गुरविंदर सिंह खालिस्तान समर्थकों के संपर्क में है। जानकारी के मुताबिक गुरविंदर अपने घर पर नहीं मिला। गुरविदंर के अलावा प्रतिबंधित संगठन सिख फॉर जस्टिस (SFJ) के सदस्य जसविंदर सिंह मुल्तानी के सहयोगियों के ठिकानों पर भी तलाशी अभियान चलाया गया। जसविंदर सिंह मुल्तानी को एसएफजे के संस्थापक गुरपतवंत सिंह पन्नू का करीबी माना जाता है।

आतंकी-गैंगस्टर-ड्रग तस्कर नेटवर्क के खिलाफ NIA ने पिछले साल तीन मामले (आरसी 37, 38, 39/2022/एनआईए/डीएलआई) दर्ज किए थे। पहले मामले यानी 37/2022/एनआईए/डीएलआई में ही NIA ने 25 जनवरी 2023 को दीपक राँगा नाम के शूटर को गिरफ्तार किया था। राँगा ने ही मई 2022 में मोहाली में पंजाब पुलिस के मुख्यालय पर आरपीजी अटैक किया था। पता चला है कि दीपक राँगा आतंकी लखबीर सिंह संधू उर्फ ​​लाँडा और पाकिस्तान स्थित आतंकवादी हरविंदर सिंह संधू उर्फ ​​रिंदा का करीबी है।

एनआईए को मिले इनपुट्स के अनुसार आतंकी-गैंगस्टर-ड्रग तस्कर नेटवर्क देश में अवैध हथियारों और गोला-बारूद की तस्करी का काम भी करते हैं। यह नेटवर्क सरहद पर पाकिस्तान से हथियार हासिल कर देश के अन्य राज्यों में पहुँचाने का भी काम करता है। हथियारों के अलावा इस नेटवर्क का इस्तेमाल नशे के सामान की आपूर्ति के लिए भी किया जाता है।

‘कश्मीर पर ISI ने घृणा फैलाने को कहा, मना करने पर बोला रॉ एजेंट’: हत्या के डर से Pak इन्फ्लुएंसर ने छोड़ा मुल्क; PM मोदी का है फैन, हनुमान चालीसा भी जुबानी याद

सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मोहम्मद शायन अली (Shayan Ali) ने भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ का जासूस और यहूदी एजेंट होने का आरोप लगाए जाने के बाद अपने मुल्क पाकिस्तान को हमेशा के लिए छोड़ दिया है। उन्होंने मंगलवार (16 मई, 2023) को अपना देश छोड़ने से पहले एक तस्वीर शेयर करते हुए अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर ‘पाकिस्तान छोड़ने की मेरी कहानी’ शीर्षक से एक पोस्ट साझा कर अपनी आपबीती बताई।

शायन ने लिखा, “मैंने पाक आर्मी के पीआर विंग के कश्मीर से संबंधित एक म्यूजिक वीडियो (भारत के खिलाफ नफरत वाला) में जब काम करने से मना कर दिया तो उन्होंने मुझ पर मेरे सुनहरे बालों के कारण भारत की खुफिया एजेंसी रॉ का जासूस और यहूदी एजेंट होने का आरोप लगाया। मैं भाग्यशाली था कि मैंने पाकिस्तान को सुरक्षित छोड़ दिया, लेकिन फिर भी आतंकवादी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) के खिलाफ मेरा संघर्ष कभी समाप्त नहीं हुआ।”

अली ने अपने लंबे पोस्ट में लिखा, “जब मैंने सार्वजनिक रूप से ISI का पर्दाफाश किया, तो मेरे पास पाकिस्तान से माफी माँगने के अलावा और कोई विकल्प नहीं था। ऐसा मैंने इसलिए किया, ताकि मैं पाकिस्तान को सुरक्षित छोड़ सकूँ, क्योंकि उन्होंने मुझे जान से मारने की योजना पहले ही बना ली थी। जो लोग मुझे जानते हैं, वे जानते हैं कि जब मैंने डीजी-आईएसपीआर के एक म्यूजिक वीडियो में काम करने से इनकार कर दिया, जिसका नाम ‘कश्मीर हूँ मैं’ था, तो उन्होंने मेरे सुनहरे बालों की वजह से मुझ पर रॉ और यहूदी एजेंट होने का आरोप लगाना शुरू कर दिया।”

इन्फ्लुएंसर मोहम्मद शायन अली ने बताया कि वह म्यूजिक वीडियो भी फिलहाल यूट्यूब पर है। जब आप ‘कश्मीर हूँ मैं’ लिखेंगे तो आप इसे आसानी से देख सकते हैं। यह वीडियो तथाकथित ‘कश्मीरियों पर भारतीय सेना के अत्याचार’ के बारे में था, जिसमें उन्होंने काम करने से मना कर दिया था।

उन्होंने लिखा, “एक फैशन मॉडल और इन्फ्लुएंसर के रूप में आईएसआई आमतौर पर मुझसे पाकिस्तानी सेना के पक्ष में प्रचार और कई फेक वीडियो बनाने के लिए कहती थी। इस म्यूजिक वीडियो के लिए मुझे छोड़कर मेरे लगभग सभी इन्फ्लुएंसर साथी आईएसआई से सहमत हो गए थे। जब मैंने उन्हें बताया कि आप लोग जो दिखा रहे हैं, वह गलत है और वास्तविकता के बिल्कुल विपरीत है, तो मेरी यह बात उन्हें बहुत बुरी लगी। यही वह चीज थी, जिसने उन्हें मेरे खिलाफ सबसे ज्यादा उत्तेजित किया।”

ISI ने रची थी मेरी हत्या की साजिश: शायन अली

उन्होंने कहा, “मैंने हमेशा ISI और पाकिस्तानी सरकार के नकली अभियानों का हिस्सा बनने से इनकार किया है और जब भी वे मुझसे संपर्क करते थे तो मैं हर बार उन्हें मना कर देता था। चूँकि यह कश्मीर के बारे में था और यह एक बहुत बड़ा मुद्दा था, इसलिए मेरे मना करने पर उन्हें मुझ पर शक होने लगा। इसके बाद वे मेरे साथ रॉ एजेंट की तरह व्यवहार करने लगे।”

अली ने कहा कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI ने उन्हें मारने की भी साजिश रची थी। उन्होंने बताया, “मैंने सितंबर 2019 में पाकिस्तान छोड़ दिया, लेकिन पाकिस्तान की स्थिति उस वक्त अभी जैसी नहीं थी। दिसंबर 2019 में, जब पीटीए (पाकिस्तान दूरसंचार प्राधिकरण) को पाकिस्तान के खिलाफ मेरे सोशल मीडिया पोस्ट के बारे में पता चला, तो उन्होंने सिंध पुलिस को मुझे गिरफ्तार करने के लिए भेजा और यही वह समय था जब उन्हें पता चला कि मैं अब पाकिस्तान में नहीं रह रहा हूँ।”

शायन अली के अनुसार, पाकिस्तानी सेना को यह जानकर झटका लगा कि वह उनकी पहुँच से बहुत दूर हैं। इसके बाद उन्हें लगातार जान से मारने की धमकी और सेंसरशिप का सामना करना पड़ता है। शायन अली भारत और हिंदुओं से बहुत प्यार करते हैं। उनके ट्विटर अकाउंट पर कई ऐसे वीडियो हैं, जो इस बात को साबित करते हैं। उन्होंने हनुमान चालीसा पढ़ते हुए भी अपनी एक वीडियो साझा की है। इसके अलावा वह भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी बहुत पसंद करते हैं।

इन्फ्लुएंसर को आईएसआई, पाकिस्तानी सेना को बेनकाब करने पर मिली धमकी

इन्फ्लुएंसर ने जोर देकर यह भी कहा, “आईएसआई और पाकिस्तानी सेना का मानना है कि वे भगवान से ऊपर हैं लेकिन वे भूल गए हैं कि भगवान हमेशा सच के साथ होता है। भगवान सच बोलने वाले और बुराई का पर्दाफाश करने वाले की हमेशा रक्षा करता है।

उन्होंने आगे कहा, “आईएसआई ने मेरी आवाज को चुप कराने की पूरी कोशिश की, लेकिन भगवान भी चाहता था कि मैं पाकिस्तान के आतंकवादी मंसूबों का पूरी दुनिया के सामने पर्दाफाश करूँ। इसलिए उन्होंने मुझे धमकी भरे संदेश भेजकर और मेरी वेबसाइट पर प्रतिबंध लगाना जारी रखा। लेकिन भगवान ने मुझे आईएसआई और पाकिस्तानी सेना के हर जुल्म से बचाया। मैं अकेले यह लड़ाई लड़ रहा था और दूसरी तरफ पूरा पाकिस्तान था। सत्यमेव जयते।”

‘The Kerala Story हेरफेर वाले तथ्यों पर आधारित, इससे राज्य में हिंसा की आशंका’: सुप्रीम कोर्ट में बंगाल सरकार ने बैन को ठहराया जायज

लव जिहाद और धर्मांतरण पर आधारित फिल्म ‘द केरल स्टोरी (The Kerala Story)’ को लेकर विवाद जारी है। इस फिल्म को पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी की सरकार ने राज्य में बैन कर रखा है। इसको लेकर यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुँच गया है। सर्वोच्च न्यायालय में राज्य सरकार ने तर्क दिया कि केरल की इस कहानी में अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया है और यह फिल्म हेरफेर किए गए तथ्यों पर आधारित है। इससे राज्य में सांप्रदायिक वैमनस्य और कानून व्यवस्था से संबंधित स्थिति खड़ी हो सकती है।

ममता बनर्जी की सरकार ने जवाबी हलफनामे में अपने फैसले का बचाव करते हुए कहा, “यह फिल्म हेरफेर किए गए तथ्यों पर आधारित है और इसमें कई दृश्यों में अभद्र भाषा है, जो सांप्रदायिक भावनाओं को आहत कर सकती है और समुदायों के बीच वैमनस्य पैदा कर सकती है। खुफिया सूचनाओं से पता चला है कि इससे कानून और व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न होगी।”

भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने शुक्रवार (12 मई 2023) को मौखिक रूप से टिप्पणी की थी कि यह फिल्म देश के बाकी हिस्सों में रिलीज हो चुकी है और पश्चिम बंगाल अलग नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने इस संबंध में पश्चिम बंगाल की सरकार से जवाब माँगा है। इसके बाद राज्य सरकार ने अपना जवाब पेश किया था। इस मामले की सुनवाई कल गुरुवार (18 मई 2023) को भी जारी रहेगी।

इस फिल्म के निर्माता ने राज्य में इस फिल्म को ना दिखाने के सरकार के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दी थी। अपनी याचिका में निर्माता ने पश्चिम बंगाल सिनेमा (विनियमन) अधिनियम, 1954 की धारा 6 (1) की संवैधानिकता को भी चुनौती दी है, जिसके तहत पश्चिम बंगाल सरकार ने फिल्म पर प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया था।

इस पर राज्य सरकार ने कहा कि फिल्म पर प्रतिबंध खुफिया सूचनाओं पर आधारित एक नीतिगत निर्णय है। इससे याचिकाकर्ताओं के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन नहीं हुआ है। याचिकाकर्ता के वित्तीय नुकसान को मौलिक अधिकारों का उल्लंघन नहीं बताया जा सकता है। इसके अलावा, राज्य सरकार ने यह भी तर्क दिया कि पश्चिम बंगाल सिनेमा (विनियमन) अधिनियम के रूप में संवैधानिकता की एक धारणा है, जो उन फिल्म प्रदर्शनियों के लिए एक अपवाद बनाती है, जो शांति भंग कर सकती है।

बताते चलें कि पश्चिम बंगाल की तरह ही तमिलनाडु की एमके स्टालिन सरकार ने भी इस फिल्म को राज्य में दिखाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। फिल्ममेकर्स ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी, जिस पर मंगलवार (16 मई 2023) को सुनवाई हुई। तमिलनाडु सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कहा है कि राज्य में ‘द केरल स्टोरी’ की स्क्रीनिंग पर कोई बैन नहीं लगाया गया है। 

तमिलनाडु सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में पेश किए गए अपने हलफनामे में कहा था कि यह फिल्म 5 मई 2023 को 19 मल्टीप्लेक्स में रिलीज की गई थी, लेकिन फिल्म में जाने-पहचाने कलाकारों के न होने, कलाकारों के खराब प्रदर्शन और दर्शकों की संख्या में कमी के कारण मल्टीप्लेक्स मालिकों ने खुद ही 7 मई 2023 को फिल्म की स्क्रीनिंग बंद कर दी थी।

हलफनामे में आगे दावा किया गया है कि राज्य में फिल्म की स्क्रीनिंग करने वाले सभी सिनेमाघरों के लिए सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए थे। रिलीज से पहले शहरों में जिला पुलिस अधीक्षकों और पुलिस आयुक्तों को राज्य की कानून व्यवस्था पर नजर रखने के लिए अलर्ट जारी किया था। 25 डीएसपी सहित 965 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को फिल्म दिखाने वाले 21 सिनेमाघरों की सुरक्षा के लिए तैनात किया गया था।

अंधेरे में देवी बन प्रकट होता था अल्ताफ, रुपयों का ढेर लगाने का आशीर्वाद देकर चला जाता: तांत्रिक बन मूसा चला रहा था ठगी का गिरोह, 10 गिरफ्तार

गुजरात के गिर सोमनाथ में तांत्रिक बनकर लोगों को लाखों रुपए का चूना लगाने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। गुजरात पुलिस ने अल्ताफ और मूसा समेत 10 ठगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अब भी गिरोह के 4 सदस्यों की तलाश कर रही है। जानकारी के मुताबिक बहरूपिए अल्ताफ और मूसा तंत्र विद्या से पैसा बढ़ा देने का लालच देकर लोगों से ठगी करते थे। ठगों के पास से काफी मात्रा में सोना, नकदी और कई सामान बरामद हुए हैं।

पुलिस के अनुसार पूरा गिरोह फिल्मी अंदाज में ठगी की घटना को अंजाम देता था। लोगों को विश्वास में लेने के लिए अंधेरे और छल का सहारा लिया जाता था। अल्ताफ मूसा देवी का रूप धरकर अंधेरे में प्रकट होता था और रुपयों का ढेर लगा देने का आशीर्वाद देता हुआ चला जाता था। गैंग के ही कुछ लोग नकली पुलिस बन जाते थे और फर्जी छापेमारी कर रकम हजम कर जाते थे।

दी गई शिकायत के अनुसार 2 साल पहले अल्ताफ मूसा ने राजकोट में हरीशभाई साधु (हरकिशन गोस्वामी) से मित्रता की। भगवा कपड़ों को देखकर अल्ताफ ने हरीशभाई से पूछा कि क्या वो कोई आश्रम चला रहे हैं। इस पर हरीशभाई ने कहा कि पैसों की कमी की वजह से वे आश्रम नहीं चला पा रहे हैं। पैसों की कमी की बात सुनते ही अल्ताफ ने उन्हें झाँसे में लेना शुरू किया। उसने कहा कि उसके पिता मूसा बापू बहुत बड़े तांत्रिक हैं, जो तंत्र विद्या से 500 करोड़ रुपए तक जमा करा सकते हैं। उसने दावा किया कि मूसा को माताजी खुद दर्शन देती हैं।

दी गई जानकारी के अनुसार हरीश भाई को झाँसे में लेकर अल्ताफ अपने गाँव पहुँचा। रात के अंधेरे में अल्ताफ के अब्बू मूसा ने एक कुंड बनाकर हरीश भाई को उसमें प्रवेश करा दिया और मंत्र जाप के बाद माताजी के प्रकट होने का दावा करने लगा। अंधेरे का फायदा उठाकर अल्ताफ ने लंबे बाँस की मदद से अपना शरीर 8 फीट से भी ऊँचा कर लिया। उसने अपने सिर पर हेलमेट पहन लिया और काले कपड़े पहनकर सामने प्रकट हुआ।

मूसा ने कहा कि माता उसे 500 करोड़ रुपए का आशीर्वाद दे सकती हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें कुछ विधि और प्रक्रियाओं से होकर गुजरना पड़ेगा। बाप-बेटे ने हरीश भाई से प्रक्रिया पूरी करने के लिए सामाग्री के नाम पर 5 लाख रुपए ऐंठ लिए। इसके बाद उसने और पैसों की माँग की। इस दौरान विश्वास बनाए रखने के लिए हरीश भाई को अल्ताफ माता जी बनकर दर्शन देता रहा। अल्ताफ और मूसा ने हरीश भाई से कहा कि आपके घर पर अनुष्ठान पूरा हो पाएगा और तभी 500 करोड़ रुपए मिल सकेंगे।

उन्होंने हरीश भाई से लिए पैसों में कुछ रकम मिला कर उन्हें लौटा दिया और घर पर होने वाले अनुष्ठान की तैयारी के लिए कहा। अनुष्ठान वाले दिन हरीश भाई के घर पहुँचे मूसा ने प्रक्रिया के लिए लाए गए सामान की जाँच करने के लिए कहा। जाँच के दौरान ‘चमत्कारिक तेल’ की शीशी खाली थी। इस पर मूसा ने कहा कि इस तेल को संभवत: रास्ते में किसी डायन ने पी लिया है। तेल दोबारा मँगवाने के लिए 5.5 लाख रुपए की आवश्यकता होगी। हरीश भाई ने किसी तरह 5.5 लाख रुपए जुटाए और मूसा को दे दिया।

इस घटना के बाद मूसा ने हरीश भाई को फिर से अपने गाँव में बुलाया, जहाँ एक बार फिर से माताजी प्रकट हुईं। इस बार माता जी बनी अल्ताफ ने समारोह के अंतिम चरण में प्रवेश के लिए कुँवारी कन्या की खोपड़ी (कलिकुल) माँगी। 3 लाख रुपए लेकर उसी व्यक्ति ने कुँवारी कन्या की खोपड़ी दे दी, जिसने चमत्कारी तेल का इंतजाम किया था। मूसा ने खोपड़ी पर पानी छिड़क कर इसकी जाँच की और इसे सही पाया।

इसके बाद सभी हरीश भाई के घर बाकी की रस्म अदा करने के लिए रवाना हुए। रास्ते में पुलिस ने छापा मारा और मूसा को गिरफ्तार कर लिया गया। कुछ दिनों के बाद हरीश भाई को तांत्रिक बने मूसा का फोन आया। मूसा ने कहा कि प्रक्रिया पूरी न होने की वजह से माता नाराज हो गई हैं। अब अनुष्ठान पूरा नहीं हो सकता और फोन काट दिया। दरअसल, रास्ते में छापा मारने वाली पुलिस भी इस फर्जी तांत्रिक के गिरोह के लोग ही थे। तांत्रिक ने अपनी झूठी गिरफ्तारी दिखाई थी। गिरोह ने अलग-अलग तरीके से हरीश भाई से करीब 15 लाख रुपए लूट लिए थे।

इसके बाद हरीश भाई ने पुलिस की मदद ली। पुलिस की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक तांत्रिक क्रिया के नाम पर मूसा और उसे गिरोह ने लोगों से अब तक 90 लाख रुपए से ज्यादा की रकम ऐंठी है। उसने बिना जहर वाले साँप से कटवाकर अपने ही दोस्त को चुना लगाया और माता जी को चढ़ाने के नाम पर सोने का साँप बनवा लिया।

पुलिस हिरासत में मूसा ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। दोस्तों के अलावा उसने राजकोट के कुवड़वा के रहने वाले एक शख्स को 700 करोड़ रुपए बरसाने के बहाने 25 लाख रुपए नकद और 11 तोले से अधिक के सोने का साँप ऐंठ लिया।इससे पहले मूसा ने 2500 करोड़ रुपये जमा करने का लालच देकर राजकोट के ही एक व्यक्ति से 35 लाख नकद और 32 तोले वजनी सोने का साँप खरीदवा लिया।

इनके अलावा मूसा और उसके गिरोह ने अहमदाबाद के भी कई लोगों से लाखों की ठगी की है। पुलिस ने इनके पास से नकली खोपड़ी, साँप, तांत्रिक क्रिया में प्रयोग होने वाले सामान, मोबाइल और नगदी बरामद किया। पुलिस ने मूसा के पास 6.46 लाख रुपए की नगदी, 21 तोला सोना समेत 19 लाख की संपत्ति जब्त की है। मूसा के अलावा पुलिस ने अल्ताफ मूसा, सिकंदर शमदार, अब्दुल उर्फ ​​वकील बलोच, अब्दुल मजगुल, इम्तियाज उर्फ ​​यूसुफ समा, नजीम रफाई, जगदीश तिलावत, दीपक चौहान और वाजेसिंह उर्फ ​​कालू जाला नाम के लोगों को गिरफ्तार किया है।

घटना सामने आने के बाद गुजरात पुलिस ने लोगों से ऐसे ठगों से सावधान रहने और उनके बहकावे में न आने की अपील की है। पुलिस ने कहा है कि यदि कोई इस तरह की ठकी का शिकार हुआ है तो बिना डरे पुलिस के पास आ सकता है ताकि पुलिस पीड़ित की मदद कर सके।

हिंदुओं के मंदिर, हिंदुओं का ही कंट्रोल: मध्य प्रदेश में शिवराज सरकार का ऐतिहासिक फैसला, कैबिनेट की लगी मुहर

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्य के हिन्दू मंदिरों को लेकर किए गए अपने वादे को निभाया है। अप्रैल 2023 में उन्होंने ऐलान किया था कि मंदिरों की गतिविधियों पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं रहेगा। मंदिर की जमीनों को नीलाम कलेक्टर नहीं बल्कि पुजारी कर सकेंगे। साथ ही उन्होंने निजी मंदिरों के पुजारियों को भी सम्मानजनक मानदेय देने की बात कही थी। लगभग एक महीने बाद उनकी सरकार ने इन फैसलों पर मुहर लगा दी है।

भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने मध्य प्रदेश की कैबिनेट द्वारा लिए गए फैसले की जानकारी देते हुए बुधवार (17 मई, 2023) को बताया कि ऐसे मंदिर जिनके प्रबंधन का कार्य सरकार देख रही है, वहाँ 10 एकड़ तक की कृषि क्षेत्र वाली जमीन से होने वाली आय पुजारियों की होगी। बाक़ी जमीनों को खेती के लिए नीलम किया जाएगा और उनसे आने वाले रुपए को मंदिर के बैंक खाते में डाला जाएगा। मंदिर की जमीन को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए भी अभियान शुरू होगा।

हिन्दू मंदिरों के लिए मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार लगातार काम कर रही है। पिछले साल पुजारियों को बढ़ा हुआ मानदेय देने के आदेश जारी किए गए थे। जिन मंदिरों या पुजारियों के पास कृषि योग्य भूमि नहीं है, उन्हें 5000 रुपए का मासिक भत्ता दिया जा रहा है। जिन मंदिरों या पुजारियों के पास 5 एकड़ कृषि भूमि है, उन्हें भी ढाई हजार रुपए हर महीने मिलेंगे। गरीब पुजारियों के जीवन-यापन के लिए राज्य सरकार ने ये निर्णय लिया है।

इसके अलावा मध्य प्रदेश की कैबिनेट ने और भी बड़े फैसले लिए हैं। ‘मुख्यमंत्री लाड़ली बहन योजना’ के तहत राज्य की महिलाओं को हर महीने 1000 रुपए दिए जाने के लिए बजट का आवंटन भी कर दिया गया है। सीएम चौहान ने बताया कि ‘मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना’ के तहत युवक-युवती काम सीखेंगे और साथ में ₹8 हजार से ₹10 हजार तक प्रतिमाह कमाएँगे भी। उन्होंने बेरोजगारी भत्ता की जगह स्किल डेवलपमेंट करने और उसके बदले पैसे देने पर जोर दिया।

‘बंगाल की अवैध पटाखा फैक्ट्री में पंचायत चुनाव के लिए बन रहे थे बम’: BJP नेता शुभेंदु अधिकारी ने ममता सरकार को बताया जिम्मेदार, NIA जाँच को लेकर हाई कोर्ट में याचिका

पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले में मंगलवार (16 मई, 2023) को एक फैक्ट्री में हुए धमाके को लेकर भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने सनसनीखेज आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि इस अवैध फैक्ट्री में बम बनाए जाते थे। बताते चलें कि विस्फोट में अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है। बंगाल BJP इसकी NIA से जाँच कराने की माँग की है।

इन बमों का आगामी पंचायत चुनाव में इस्तेमाल की आशंका की बात करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा, “TMC और फैक्ट्री मालिक की मिलीभगत है। भानु बाग एक स्थानीय टीएमसी नेता है और 2013-18 में पंचायत सदस्य था। उसे ममता बनर्जी से सुरक्षा प्राप्त है।”

राज्य की मुख्यमंत्री सत्ताधारी तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) की सर्वेसर्वा ममता बनर्जी से उन्होंने इस्तीफे की माँग कही। उन्होंने कहा, “सीएम को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। मैंने इस मामले की एनआईए जाँच के लिए याचिका दायर की है।”

बताते चलें कि इस विस्फोट की NIA जाँच की माँग वाली याचिका को बंगाल विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी और बंगाल भाजपा के अध्यक्ष सुकांत मजूमदार की अगुवाई में पार्टी ने कलकत्ता हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिलि की है। इस मामले में हाईकोर्ट गुरुवार (18 मई 2023) को सुनवाई करेगा। मेदिनीपुर के एगरा स्थित पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट में 9 लोगों की जान चली गई है।

शुभेंदु अधिकारी ने इस विस्फोट के लिए राज्य की ममता बनर्जी सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। इसके साथ ही उन्होंने मरने वालों के लिए मुआवजे की माँग की है। शुभेंदु अधिकारी ने कहा, “पुलिस और राज्य सरकार इस घटना के लिए जिम्मेदार है। हमने पटाखे फैक्टरी में जान गँवाने वाले लोगों के लिए राज्य सरकार से प्रत्येक के लिए 10 लाख रुपए मुआवजे की माँग की है।”

इस संबंध में मजूमदार ने केंद्रीय गृहमंत्रालय को भी एक पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने लिखा है कि पूर्वी मेदिनीपुर के एगरा में हुए बम धमाके की जाँच NIA से कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। सुकांत मजूमदार ने आगे लिखा है कि घटनास्थल के आसपास कई अवैध पटाखे बनाने वाली फैक्ट्रियाँ हैं। इस तरह की घटनाएँ इलाके के लोगों की सुरक्षा के लिए चिंताजनक हैं।

बीजेपी नेता ने आगे लिखा है कि घटना के संदर्भ में यह जानना जरूरी है कि यह किसी ऐसे नेटवर्क का हिस्सा तो नहीं, जो गैरकानूनी गतिविधियों में संलिप्त है। सुकांत मजूमदार का कहना है कि राज्य में पंचायत चुनाव नजदीक आ रहे हैं, ऐसे में अवैध गतिविधियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार से दखल देने और एनआईए जाँच की अपील की है।

बता दें घटनास्थल का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक धमाका इतना शक्तिशाली था कि जिस रिहायशी इमारत में यह फैक्ट्री चलाई जा रही थी वह पूरी तरह ढह गई। वीडियो में धमाके के बाद जली हुई फैक्ट्री और खेतों व आस पास के इलाके में पड़े अधजले शव देखे जा सकते हैं। सीएम ममता ने मृतकों के परिजनों को ढाई-ढाई लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है।