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जिस ‘द केरल स्टोरी’ ने 12 दिन में कमाए ₹150 करोड़, उसको तमिलनाडु में नहीं मिल रहे दर्शक: सुप्रीम कोर्ट में राज्य सरकार का दावा, कहा- हमने बैन नहीं लगाया

सुदीप्तो सेन के निर्देशन में बनने वाली फिल्म ‘द केरल स्टोरी’ (The Kerala Story) का बॉक्स ऑफिस पर ताबड़तोड़ कमाई का सिलसिला जारी है। लेकिन बंगाल (West Bengal) और तमिलनाडु में इस फिल्म पर बैन लगा दिया गया है। इसको लेकर फिल्ममेकर्स ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी, जिस पर मंगलवार (16 मई 2023) को सुनवाई हुई। तमिलनाडु सरकार ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में हलफनामा दायर कहा है कि राज्य में ‘द केरल स्टोरी’ की स्क्रीनिंग पर कोई बैन नहीं लगाया गया है। एमके स्टालिन सरकार ने निर्माताओं के दावों का खंडन करते हुए कहा कि ये दलील गलत है कि तमिलनाडु में फिल्म दिखाने पर रोक लगाई गई है।

सुप्रीम कोर्ट में राज्य सरकार ने अपने हलफनामे में कहा कि ये फिल्म 5 मई, 2023 को 19 मल्टीप्लेक्स में रिलीज की गई, लेकिन फिल्म में जाने-पहचाने कलाकारों के न होने, कलाकारों के खराब प्रदर्शन और दर्शकों की संख्या में कमी के कारण मल्टीप्लेक्स मालिकों ने खुद ही 7 मई 2023 को फिल्म की स्क्रीनिंग बंद कर दी थी। उन्होंने कहा कि फिल्म निर्माताओं ने जानबूझ कर झूठा बयान दिया है कि राज्य सरकार ने फिल्म की स्क्रीनिंग पर बैन लगाया है।

हलफनामे में आगे दावा किया गया है कि राज्य में फिल्म की स्क्रीनिंग करने वाले सभी सिनेमाघरों के लिए सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए थे। रिलीज से पहले शहरों में जिला पुलिस अधीक्षकों और पुलिस आयुक्तों को राज्य की कानून व्यवस्था पर नजर रखने के लिए अलर्ट जारी किया था। 25 डीएसपी सहित 965 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को फिल्म दिखाने वाले 21 सिनेमाघरों की सुरक्षा के लिए तैनात किया गया था।

कई राज्यों में वामपंथियों और कट्टरपंथियों द्वारा ‘द केरल स्टोरी’ को ‘प्रोपेगेंडा’ बताकर बैन करने की माँग की जा रही है। लेकिन हकीकत यह है कि सच्ची घटनाओं पर आधारित इस फिल्म को दर्शकों का भरपूर प्यार मिल रहा है। दूसरे हफ्ते भी फिल्म की शानदार कमाई जारी है। फिल्म ने करीब 150 करोड़ का बिजनेस कर लिया है।

ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श के मुताबिक, इस शुक्रवार (12 मई, 2023) को फिल्म ने 12.35 करोड़, शनिवार को 19.50 करोड़ रुपए, रविवार को 23.75 करोड़ और सोमवार 10.30 करोड़ की कमाई के साथ कुल 147.04 करोड़ रुपए कमाए।

बता दें कि इस फिल्म के रिलीज के बाद ऐसी कई लड़कियाँ सामने आई हैं, जो अपने साथ घटित पुरानी घटनाओं को इसके दृश्यों से जोड़ रही हैं। उन्होंने कैमरे के सामने खुलकर अपनी आपबीती बताई ​है कि कैसे उन्हें भी कभी न कभी किसी ने एक मजहब की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया।

सचिन तेंदुलकर के बेटे को कुत्ते ने काटा, जिस हाथ से बॉलिंग करते हैं अर्जुन उसमें ही घाव: गौतम गंभीर की टीम से है मुंबई इंडियंस का मुकाबला

दिग्गज पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर कुत्ते के हमले का शिकार हो गए। इस बात की जानकारी अर्जुन ने ही दी है। इस चोट के चलते कयास लगाए जा रहे हैं कि वह IPL के आने वाले कुछ मैचों में खेलते हुए दिखाई नहीं देंगे।

अर्जुन तेंदुलकर IPL में मुंबई इंडियंस का हिस्सा हैं। मंगलवार (16 मार्च, 2023) को मुंबई इंडियंस का मुकाबला ‘लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG)’ से है। इस मैच से पहले लखनऊ ने अर्जुन तेंदुलकर का एक वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में अर्जुन लखनऊ के खिलाड़ी मोहसिन खान और युद्धवीर सिंह से बातचीत करते दिखाई दे रहे हैं। इस दौरान ही उन्होंने बताया है कि कुत्ते ने उन्हें काट लिया।

वीडियो की शुरुआत में जब बाँया अर्जुन हाथ दिखा रहे होते हैं तो उनकी उँगलियों में सूजन साफ तौर पर देखी जा सकती है। बता दें कि अर्जुन बाएँ हाथ से गेंदबाजी करते हैं। ऐसे में यह स्पष्ट है कि उँगलियों में सूजन के चलते उन्हें गेंदबाजी करने में समस्या होगी। कहा जा रहा है कि इस चोट के चलते अर्जुन तेंदुलकर लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ होने वाले मैच में नहीं खेल पाएँगे। इसके अलावा आगामी कुछ मैचों में भी उनके खेलने पर संशय बना रहेगा।

बता दें कि अर्जुन तेंदुलकर ने IPL 2023 में ही मुंबई इंडियंस के लिए डेब्यू किया है। लेकिन इस सीजन उन्हें खेलने का अधिक मौका नहीं मिला। इसका सबसे बड़ा अर्जुन का व्यक्तिगत प्रदर्शन है। आईपीएल 2023 के 4 मैचों में अर्जुन महज 3 ही विकेट हासिल करने में कामयाब रहे। वहीं, मुंबई के पास बाएँ हाथ के अन्य तेज गेंदबाज भी हैं जो कि अर्जुन की अपेक्षा कहीं बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि IPL 2023 के जारी सीजन में अर्जुन तेंदुलकर को अब शायद ही खेलने का मौका मिले।

हालाँकि, इसके बाद भी वह नेट प्रैक्टिस में तेज गेंदबाजी करते देखे जा रहे हैं।

‘मेरे साथ यौन संबंध नहीं बनाए, मेरे से बस चीजें बोली’: जेनिफर मिस्त्री, असित मोदी पर लगाए थे यौन उत्पीड़न के आरोप

जेनिफर मिस्त्री बंसीवाल ने कहा है कि असित मोदी ने उनके साथ यौन संबंध नहीं बनाए थे। उनके साथ जो कुछ हुआ वह जुबानी हुआ। जेनिफर लोकप्रिय कॉमेडी टीवी प्रोग्राम ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ में रोशन भाभी का किरदार निभा चुकी हैं। पिछले दिनों उन्होंने इस शो के निर्माता असित मोदी पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। साथ ही शो के एक्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर जतिन बजाज और प्रोजेक्ट हेड सोहेल रमानी पर भी दुर्व्यवहार के आरोप लगाए थे।

अब न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए जेनिफर ने कहा कि अपने नोटिस में उन्होंने जो भी बातें कही हैं, सब सच है। दरअसल, जेनिफर के आरोपों के बाद शो के निर्माता और उनके सहयोगियों ने कहा था कि शो से निकाले जाने के कारण वह बदले की भावना से इस तरह के आरोप लगा रही हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए जेनिफर ने कहा, “मैंने एक-एक बात सही बोली है। मैंने 8 अप्रैल 2023 को ही नोटिस भेजी थी। इन्होंने 8 मई को जानकारी दी कि मुझे निकाला गया है। एक महीने बाद उन्होंने मुझे निकालने की बात क्यों कही?”

जेनिफर ने कहा कि कुछ मीडिया वाले ऐसी खबरें फैला रहे हैं कि असित ने मेरे साथ यौन संबंध बनाए थे, ऐसा कुछ नहीं है। उन्होंने कहा,”जो लोग बोल रहे हैं कि असित मोदी ने मेरे साथ यौन संबंध बनाए हैं, मैं कहना चाहती हूँ कि ऐसा कुछ नहीं है। उन्होंने बस मेरे से ऐसी चीजें बोली हैं। पुलिस जाँच कर रही है।”

ईटाइम्स से हुई बातचीत में असित मोदी ने सारे आरोपों को दिया था। उन्होंने कहा था, “सभी आरोप निराधार हैं। उनमें जरा सी भी सच्चाई नहीं है। वह सिर्फ मेरी छवि खराब करने की कोशिश कर रही हैं।” बता दें कि ‘रोशन भाभी’ यानी जेनिफर ने आरोप लगाया था कि शूटिंग के बाद असित मोदी अक्सर उन्हें फोन किया करते थे और आपत्तिजनक बातें करते थे। उन्हें कमरे में बुलाते थे। इसके बाद अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से एक वीडियो पोस्ट करते हुए कहा था कि उनकी चुप्पी को कमजोरी न समझा जाए।

बकौल जेनिफर फ्लर्ट करने के बाद असित मोदी कहते थे कि मैं मजाक कर रहा था। लेकिन बाद में अभिनेत्री के वकील ने उन्हें समझाया कि चुप रहना सही नहीं होगा और उन्हें इस मामले को उठाना चाहिए। जेनिफर ने शो से जुड़े सोहेल रमानी और जतिन बजाज पर भी गंभीर आरोप लगाए थे। उनके अनुसार सोहेल और जतिन के दुर्व्यवहार के कारण उन्हें शो छोड़ना पड़ा था।

कृष्णानंद राय हत्याकांड में मारे गए थे 7 लोग, एक के भाई ने बताया – हिन्दुओं को एकजुट करने के प्रयासों से भड़का था मुख़्तार अंसारी, वो पूर्वांचल का दूसरा मुलायम

29 नवम्बर, 2005 में हुई पूर्वांचल के बहुचर्चिर कृष्णानंद हत्याकांड में मुख़्तार अंसारी और उसके भाई अफ़ज़ाल अंसारी को 29 अप्रैल, 2023 को कोर्ट ने सजा सुना दी है। मुख़्तार को 10 और अफ़ज़ाल को 4 साल की सजा हुई है। अफ़ज़ाल की संसद सदस्य्ता भी इसी सज़ा के साथ समाप्त हो गई। कृष्णानंद राय हत्याकांड में 400 राउंड गोलियाँ चली थीं, जिसमें 2 पुलिसकर्मियों सहित कुल 7 लोगों की जान गई थी। इन 7 लोगों में एक थे अखिलेश राय।

अखिलेश राय कृष्णानंद राय के खास सहयोगियों में से गिने जाते थे। घटना के समय वो कृष्णानंद राय के ही बगल बैठे थे। ऑपइंडिया की टीम ने अखिलेश राय के भाई शिवजी राय से बात कर के इस विषय में और अधिक जानकारी ली।

नाकाफी है 10 साल की सजा, मिले उम्रकैद

शिवजी राय मूल रूप से गाजीपुर जिले के रहने वाले हैं। उन्होंने बताया कि वो और उनका परिवार मुख़्तार और उसके भाई को मिली सज़ा से संतुष्ट नहीं है। 10 और 4 साल की सजा को नाकाफी बताते हुए शिवजी राय ने कहा कि मुख़्तार और अफ़ज़ाल को कम से कम आजीवन कारावास की सजा होनी चाहिए। शिवजी ने अफजाल को हत्या की साजिश में शामिल, मुख़्तार का राजनैतिक सहयोगी और गुनाहों का संरक्षक बताया।

भाई की हत्या का कारण पूछने शिवजी राय ने बताया कि मुख़्तार अंसारी को अपना वर्चस्व टूटना हजम नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि कृष्णानंद राय ने अफ़ज़ाल को उस जगह हराया जिसे वो अपनी फिक्स सीट समझते थे और यही हार मुख़्तार को रास नहीं आई। शिवजी ने कहा, “उसका सारा काम सरकार के संरक्षण में चल रहा था। उसे न कोई रोक रहा था और न ही टोक रहा था। विधायक जी (कृष्णानंद राय) ने उसे हरा दिया। उसका वर्चस्व टूट गया।”

हिन्दुओं की एकजुटता भी सह नहीं पाया मुख़्तार

शिवजी राय का मानना है कि कृष्णानंद राय हत्याकांड की एक और वजह ये थी कि वो हिन्दुओं को एकजुट करने के प्रयासों में लगे हुए थे। शिवजी राय के अनुसार, मुख़्तार अंसारी की गैंग हिन्दुओ को हिन्दुओं से लड़ा कर ही अपनी बादशाहत कायम किए हुए थे। बकौल शिवजी, इसी बिखरे हिन्दू समाज को भाजपा विधायक कृष्णानंद राय एकजुट कर रहे थे और मुख़्तार को ये प्रयास अपने राजनैतिक भविष्य के लिए खतरा लगा। शिवजी राय ने अपने भाई को भी हिन्दुओं की एकजुटता के प्रयास में दिवंगत कृष्णानंद राय का सहयोगी बताया।

गौरतलब है कि मऊ जिले से जिला पंचायत सदस्य प्रिंस यादव ने भी मुख़्तार अंसारी पर हिन्दू को हिन्दू से लड़ाने का आरोप लगाया था।

सेकेंड मुलायम सिंह था मुख़्तार अंसारी

समाजवादी पार्टी के शासन काल की याद दिलाते हुए मृतक अखिलेश राय के भाई ने बताया कि उस सरकार में मुख़्तार अंसारी को पूर्वांचल का ‘सेकेंड मुलायम सिंह’ कहा जाता था। उन्होंने बताया, “जो वो (मुख़्तार) चाहता था वही होता था। खुलेआम मऊ में दंगा करवाया। खुलेआम जीप पर चढ़ कर घूमा। कुछ नहीं हुआ। यहाँ दिन दहाड़े AK-47 से 400 राउंड गोलियाँ चलीं कुछ नहीं हुआ उसे।” योगी सत्ता में हुए बदलाव का जिक्र करते हुए शिवजी राय ने कहा कि अब लोग निडर हो कर गवाही दिए जिस से मुख़्तार को सजा हुई।

शिवजी राय ने मुख़्तार अंसारी को प्रयागराज के अतीक अहमद की तरह ही अपराधी बताया। उन्होंने कहा कि मुख़्तार जमीन कब्ज़े और लूटमार में हमेशा आगे रहता था। शिवजी ने कहा, “जैसे अतीक वहाँ इलाहबाद में करता था कि आपकी प्रॉपर्टी हमें पसंद आ गई तो ये आज से हमारी। ये (मुख़्तार) वैसे ही लूटता था। अक्सर पैसा भी नहीं देता था और देता भी था तो औने-पौने दाम पर।”

लम्बी लड़ाई, बहुत कुछ झेला

भाई की हत्या से ले कर मुख़्तार को मिली सजा के लगभग 17 वर्षों के अंतराल को शिवजी राय ने बेहद संघर्ष का समय बताया। उन्होंने बताया, “हम लोग यहाँ कोई काम नहीं कर सकते थे। मैं खुद ये जगह (गाजीपुर) छोड़ कर कहीं और चला गया था। हमें धमकियाँ आतीं थीं। मेरा छोटा भाई गवाह था उसे भी धमकाया जाता था कि गवाही मत करो वरना तुम भी जान से मार दिए जाओगे।” शिवजी के अनुसार मुख़्तार उसी को डराता है जो उस से डर जाए लेकिन वो लोग डरे नहीं और गवाही भी दी जिसके चलते अब उसे सजा हो पाई है। शिवजी का यह भी दावा है कि उनके भाई की हत्या वाले केस में कई अन्य गवाह मुख़्तार से डर से सरेंडर भी हुए हैं।

खुद को किसान परिवार से बताते हुए शिवजी राय ने कहा कि उनके भाई ठेकेदारी आदि कर के परिवार का गुजारा करते थे। उनकी हत्या के बाद परिवार ने काफी दिनों तक आर्थिक तंगी झेली। मृतक अखिलेश राय की एक बच्ची थी। अब उनकी पत्नी और लड़की की देखरेख परिवार के बाकी सदस्य मिल कर करते हैं। दिवंगत अखिलेश राय की बेटी फ़िलहाल अपनी पढ़ाई पूरी कर रही है।

अभी खत्म नहीं हुआ माफिया का नेटवर्क

अखिलेश राय के भाई शिवजी ने हमें बताया कि मुख़्तार अंसारी लोगों को अपने फायदे के हिसाब से प्रयोग किया करता था। उन्होंने दावा किया कि अपनी नेकी का एक फर्जी आभामंडल मुख़्तार ने बना रखा था जिसे उसके ही गुर्गे प्रचारित किया करते थे। ED और पुलिस सहित कई अन्य जाँचे झेल रहे मुख़्तार के बारे में शिवजी ने आगे बताया कि अभी पूरी तरह से मुख़्तार का नेटवर्क ध्वस्त नहीं हुआ है।

हालाँकि, शिवजी ने उम्मीद जताई कि अगर बाबाजी (योगी आदित्यनाथ) की सरकार बनी रही तो मुख़्तार को उसके एक-एक किए की सजा जरूर मिलेगी।

ब्लैकमेल नहीं, पीठ में छुरा नहीं, पैतृक संपत्ति नहीं… दिल्ली आने से पहले कर्नाटक CM पोस्ट पर शिवकुमार ने कॉन्ग्रेस आलाकमान को ललकारा भी, पुचकारा भी

224 सदस्यीय कर्नाटक विधानसभा चुनाव के नतीजे 13 मई 2023 को ही आ गए थे। कॉन्ग्रेस को स्पष्ट बहुमत भी मिल गया था। लेकिन पार्टी अभी तक यह तय नहीं कर पाई है कि कर्नाटक का मुख्यमंत्री कौन होगा। पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया (Siddaramaiah) और प्रदेश अध्यक्ष डीके शिवकुमार (DK Shivakumar) दावेदार बताए जा रहे हैं। इस बीच दिल्ली आने से पहले शिवकुमार ने मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर आलाकमान को संदेश दे दिया है। इसमें उनके तेवर भी छिपे हैं। साथ ही कॉन्ग्रेस आलाकमान के प्रति अपने समर्पण की भी उन्होंने याद दिलाई है।

शिवकुमार ने कहा है कि सीएम पद पैतृक संपत्ति नहीं है जो किसी के साथ शेयर किया जा सके। साथ ही कहा है कि वे आलाकमान को न तो ब्लैकमेल करेंगे और न पीठ में छुरा घोपेंगे। उनका यह बयान ऐसे वक्त में सामने आया है जब मीडिया में सीएम पद को लेकर कई तरह की खबरें चल रही है। कुछ रिपोर्टों का कहना है कि ज्यादातर विधायकों का समर्थन सिद्धारमैया को है। कुछ में बताया गया है कि शुरुआती दो साल सिद्धारमैया और फिर शिवकुमार सीएम होंगे। कुछ रिपोर्ट में सिद्धारमैया के सीएम और शिवकुमार सहित तीन डिप्टी सीएम की बात कही जा रही है।

कहा जा रहा है कि आज यानी 16 मई को कॉन्ग्रेस मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा कर सकती है। शिवकुमार भी दिल्ली आ रहे हैं। इससे पहले सोमवार को उन्होंने स्वास्थ्य का हवाला देते हुए दिल्ली आने से इनकार दिया था, जबकि सिद्धारमैया पहले से दिल्ली में हैं।

शिवकुमार ने TOI को दिए इंटरव्यू में कहा है कि उन्होंने सोनिया गाँधी और कॉन्ग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से वादा किया था कि वह कर्नाटक में कॉन्ग्रेस को जीत दिलाएँगे। यह वादा पूरा हो गया है। अब उन्हें सारी चीजें तय करनी है। विधायकों के समर्थन सिद्धारमैया को होने से जुड़े सवाल के जवाब में उन्होंने कहा केवल एक नंबर है 135 विधायकों का जो कॉन्ग्रेस के पास है।

शिवकुमार ने कहा, “सिद्धारमैया के समर्थक अगर सपने देख रहे हैं तो उन्हें देखने से रोकने वाले वह कौन होते हैं? लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने भी एक सपना देखा है। यह सपना पार्टी की छवि को सुधारने और अच्छी व्यवस्था का है।” मुख्यमंत्री पद की शेयरिंग से जुड़े सवाल के जवाब में कहा कि यह कोई बाँटने वाली संपत्ति नहीं है। जैसे भाई-बहन के बीच पैतृक संपत्ति का बँटवारा हो जाता है। यहाँ सवाल सरकार बनाने का है। कुर्सी बाँटने का नहीं। शिवकुमार ने कहा, “जब पार्टी संकट में थी तब मुझे प्रदेशाध्यक्ष बनाया गया। मैं पार्टी को इस मुकाम तक पहुँचाने में सफल रहा। अब सोनिया गाँधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के चरणों में 135 सीटें दे चुका हूँ। मुझे किसी ईनाम की उम्मीद नहीं है।”

वहीं, दिल्ली जाने के दौरान ANI से हुई बातचीत में उन्होंने कहा है, “हम सब एकजुट हैं। मैं किसी को बाँटना नहीं चाहता। भले ही वे मुझे पसंद नहीं करते। लेकिन मैं एक जिम्मेदार व्यक्ति हूँ। न तो पीठ में छुरा घोंपूँगा और ना ही ब्लैकमेल करूँगा। हमने कॉन्ग्रेस पार्टी को बनाया, हमने इस घर को बनाया। मैं इसका हिस्सा हूँ। एक माँ अपने बच्चे को सब कुछ देती है। सोनिया गाँधी हमारी आदर्श हैं। कॉन्ग्रेस हर किसी के लिए परिवार की तरह है।”

अब पटना में मुस्लिम लड़की के ‘हिंदू दोस्त’ की पिटाई: इस्लामी कट्टरपंथियों ने बाइक रोक पूछा नाम और फिर गाली देते हुए शुरू कर दी पिटाई, Video

बिहार की राजधानी पटना का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में कुछ लोग एक युवक की पिटाई करते दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि हमलावर मुस्लिम समुदाय से हैं जिन्होंने हिन्दू युवक की पिटाई उसकी बाइक पर मुस्लिम लड़की बैठी होने की वजह से की। लड़की और लड़का एक साथ पढ़ाई करते हैं। घटनास्थल थाने से कुछ ही दूरी पर स्थित है लेकिन पुलिस पर घटना के दौरान मूकदर्शक बने रहने के आरोप लग रहे हैं। घटना सोमवार (15 मई 2023) शाम की बताई जा रही है।

न्यूज़ 18 के मुताबिक वायरल वीडियो पटना के पीर बहोर थानाक्षेत्र का है। घटना के समय एक हिन्दू युवक मुस्लिम लड़की के साथ अंजुमन इस्लामिया हॉल के पास बाइक से गुजर रहा था। इस दौरान सड़क पर खड़े कुछ लोगों ने बाइक को रोका। रोकने वालों ने पहले युवक का नाम पूछा। बाद में बाइक सवार युवक को गंदी-गंदी गालियाँ देते हुए उसकी पिटाई शुरू कर दी गई।

इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में हमलावरों के चेहरों को भी देखा जा सकता है। पूरी हिंसा के दौरान बुर्का पहने लड़की हमलावरों को रोकने का प्रयास करती है। हालाँकि उसकी कोशिश का आरोपितों पर कोई असर नहीं पड़ा। उलटे उसी लड़की को हमलावरों द्वारा लानत दी जाती रही। आरोप है कि घटनास्थल से कुछ ही मीटर की दूरी पर थाना पीरबहोर है। इसी के साथ जहाँ ये मारपीट की गई है वहाँ भी अक्सर पुलिस तैनात रहती है लेकिन किसी ने भी हमलावरों को रोकने की कोशिश नहीं की।

वायरल वीडियो में पहले तो बाइक से युवक और युवती को उतारा। वीडियो बनाने वाला कह रहा, “मंदिर में ले जा रहा है।” कुछ समय बाद हमलावरों ने लड़की से कहा, “तुम्हे शर्म नहीं आ रहा है ?” इसके बाद सभी ने युवक की पिटाई शुरू कर दी। पिटाई के दौरान माँ-बहन की गालियाँ देते हुए सॉरी बोलने पर “** फाड़ देंगे तुम्हारा’ जैसे शब्द बोले गए। बाद में हमलावरों ने कहा, “मुस्लिम लड़की को घुमाएगा तू।” हमलावरों ने मारपीट के दौरान पीड़ित युवक से कहा, “भगवा लटकाए हुए हो।”

ऑपइंडिया ने मामले की जानकारी के लिए पीड़ित युवक को सम्पर्क किया लेकिन उनका फोन बंद आया। पीड़ित के व्हाट्सएप पर पूछे गए सवालों का फ़िलहाल अभी तक कोई जवाब नहीं आया है। जवाब आने पर उसे खबर में अपडेट किया जाएगा।

बिहार पुलिस ने इस वीडियो का संज्ञान लिया है और कानूनी कार्रवाई किए जाने की जानकारी दी है। फ़िलहाल इस मामले में पुलिस द्वारा अब तक हुई कार्रवाई या गिरफ्तारी आदि की जानकारी सार्वजानिक सार्वजानिक नहीं की गई है। ऑपइंडिया ने जब इस मामले की जानकारी लेने के लिए SHO पीरबहोर को फोन किया तो उन्होंने फोन उठा कर थोड़ी देर बाद कॉल करने के लिए कहा।

गौरतलब है कि इस से पहले उत्तर प्रदेश के मेरठ और मुजफ्फरनगर में भी इस तरह की घटनाएँ सामने आ चुकी हैं। यहाँ भी मुस्लिम लड़कियों के साथ देखे जाने पर हिन्दू युवकों को प्रताड़ित किया गया। इन जगहों पर भी मुस्लिम लड़किओं के साथ अभद्रता की गई।

बेटे ने गुरुद्वारे में महिला को मारी गोली, माँ-बाप का SGPC ने किया सम्मान: पेशी के वक्त हत्यारे पर भीड़ ने बरसाए फूल

पंजाब के पटियाला के गुरुद्वारे में 14 मई 2023 को एक महिला की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बताया गया कि वो परिसर में बैठकर शराब पी रही थी इसलिए एक आदमी ने तैश में आकर उसे ताबड़तोड़ गोली मार दी। आरोपित का नाम निर्मलजीत सिंह सैनी है। वह एक प्रॉपर्टी डीलर है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। वहीं शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी द्वारा उसके माता-पिता को घर जाकर सम्मानित किया गया है और कोर्ट में पेशी के दौरान सैनी पर फूल बरसाए गए।

गुरुद्वारे में महिला की हत्या

बता दें कि महिला की हत्या की घटना रविवार रात 8 बजे के आसपास की है। पुलिस ने बताया कि गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब में रविवार को जिस महिला पर गोली चलाई गई उसका नाम कुलविंदर कौर (40) था। वो 2016 के बाद से तलाकशुदा थी और जिराकपुर के सैलून में काम करके अकेले गुजारा करती थी। घटना के दिन वह बस पकड़कर मोहाली से पटियाला अकेले आई थी। 

पुलिस की छानबीन में ये भी सामने आया कि महिला को शराब पीने की लत लगी हुई थी और ये लत छुड़ाने के लिए उसका इलाज आदर्श अस्पताल में चल रहा था। डॉक्टर ने लिखित में दिया है महिला को मूड स्विंग की दिक्कत थी, वह डिप्रेशन में थी और बहुत जल्दी उसे नेगेटिव ख्याल आ जाते थे।

पुलिस ने बताया कि रविवार को गुरुद्वारे के परिसर में एक सरोवर के पास वो शराब ही पी रही थी, जब सेवादारों ने उसे रोका तो वो झगड़ने लगी। इसके बाद उसे गुरुद्वारे के मैनेजर के पास ले जाने लगे। वहीं आरोपित निर्मलजीत सिंह सैनी खड़ा था। उसने लगातार 5 गोलियाँ चलाईं। महिला की वहीं मौत हो गई। एक और गोली सागर नाम के श्रद्धालु को लगी उसका ईलाज करवाया जा रहा है।

पुलिस ने इस मामले में अनाज मंडी थाने में केस दर्ज किया है। आरोपित एक प्रॉपर्टी डीलर है। उसके ऊपर दहेज के लिए प्रताड़ना देने के आरोप में पहले से एक केस दर्ज है। पुलिस का कहना है कि आरोपित और मृतक दोनों एक दूसरे को नहीं जानते थे। आरोपित एक श्रद्धालु था जो दिन में दो बार गुरुद्वारे आता था। जब उसे पता चला कि महिला परिसर में बैठ शराब पी रही थी तो उसने वहीं उसे अपने लाइसेंसी बंदूक से गोली मार दी।

SGPC ने आरोपित के माता-पिता को दिया सम्मान, गोली चलाने वाले पर लोगों ने फूल बरसाए

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस से जब पूछा गया कि आखिर कोई गुरुद्वारे में बंदूक लेकर कैसे गया तो इस पर एसएसपी ने बताया कि  गुरुद्वारे के बाद 4 पीसीआर खड़ी होती हैं, पैरामिलिट्री फोर्स होती हैं, लेकिन अंदर की सुरक्षा मैनेजमेंट देखती है। वहीं गुरुद्वारे के ग्रंथी ने कहा कि वो लोग श्रद्धालुओं को कुछ नहीं टोंकते। ये उनकी (श्रद्धालुओं) नैतिकता होनी चाहिए कि वो गुरुद्वारे में शराब-हथियार न लाएँ। शिरोमणित गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने अध्यक्ष हरजिंदार इस मामले में हाई लेवल मीटिंग का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि इस तरह गुरुद्वारे में शराब पीना किसी साजिश के तहत किया गया कृत्य है।

वह बोले “सिख विरोधी ताकतें सोची समझी साजिश के साथ गुरुद्वारों को निशाना बना रही हैं और सरकार मूक दर्शक बनी हुई है। गुरुद्वारे के अंदर शराब पीने की हरकत एक साजिश थी।” घटना के बाद जहाँ पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार किया है । वहीं सैनी के माता-पिता को गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा सिरोपा से सम्मानित किया गया है। ये सम्मान उन्हें ज्ञानी प्रीतपाल सिंह, गुरुद्वारे के प्रमुख ग्रंथि दुखनिवारण सिंह साहिब समेत कई लोगों की मौजूदगी में दिया गया। इसके अलावा कुछ सिख समूह के लोग कोर्ट भी पहुँचे जहाँ निर्मलजीत सिंह सैनी को पेश किया जा रहा था, इस दौरान उस पर फूल बरसाए गए।

3 महीने में उत्तराखंड में 330+ मजार ध्वस्त, बोले CM धामी- समान नागरिक संहिता पर जून तक पूरा हो जाएगा कमिटी का काम

समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने के लिए उत्तराखंड की सरकार ने सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत न्यायाधीश रंजना देसाई की अध्यक्षता में एक कमिटी का गठन किया। इस कमिटी का काम जून 2023 के अंत तक पूरा हो जाएगा। यह जानकारी मुख्यमंत्री
पुष्कर सिंह धामी ने दी है। इस बीच राज्य में मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर वन विभाग अवैध मजारों पर बुलडोजर चला रहा है। बीते 3 महीनों में 330 से अधिक ऐसे मजार ध्वस्त किए गए हैं।

उत्तराखंड में ‘मजहबी अतिक्रमण’ पर खुफिया रिपोर्ट के बाद अवैध मजारों को हटाने की कार्रवाई में तेजी आई है। इसके लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने भी अभियान छेड़ रखा है। अवैध मजार हटाने की कार्रवाई सोमवार (15 मई 2023) को भी जारी रही। इस कार्रवाई में जिम कॉर्बेट टाइगर रिजर्व प्रशासन जंगल के अंदर बनी 9 अवैध मजारों पर बुलडोजर चलाया। 

गौरतलब है कि किसी भी टाइगर रिजर्व में मानवी गतिविधियाँ पूरी तरह से प्रतिबंधित होती हैं। हालाँकि पर्यटकों को घूमने की अनुमति होती है। लेकिन इसमें भी एक निश्चित दायरा तय किया जाता है। फिर भी जिम कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में मजार बन गए और वहाँ बिना किसी रोक-टोक के आवाजाही हो रही थी। मामला उजागर होने के बाद वन विभाग सक्रियता दिखाते हुए अवैध मजारों को तोड़ते हुए जमीन अतिक्रमण मुक्त कराने की कोशिश में जुटा हुआ है।

इस मामले में जिम कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के डायरेक्टर धीरज पांडे ने न्यूज18 से हुई बातचीत में कहा है कि सरकार के निर्देशों के अनुसार उन्होंने अवैध अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं। मजारों का मालिकाना हक साबित करने के लिए एक सप्ताह पहले नोटिस जारी किया गया था। लेकिन कोई भी सामने नहीं आया। इसके बाद, इन अवैध कब्जों को हटा दिया गया। पिछले तीन महीनों में 330 से अधिक मजारों को हटाया गया है। इससे वन विभाग की 91 हेक्टेयर जमीन अतिक्रमण मुक्त हुई। अतिक्रमण हटाने को लेकर की गई इस कार्रवाई पर सीएम धामी ने कहा है, “देवभूमि में अतिक्रमण हटाने का प्रयास जारी रहेगा। उत्तराखंड में किसी भी तरह के लैंड जिहाद की अनुमति नहीं दी जाएगी।”

UCC पर कमिटी का 90 फीसदी काम पूरा

देश में समान नागरिक संहिता को लेकर उठ रही माँगों के बीच उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि राज्य सरकार इसके लिए तैयारियाँ कर रही है। उधमसिंह नगर जिले के काशीपुर में मीडिया से बात करते हुए सीएम ने कहा, “समान नागरिक संहिता का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए हमने एक कमिटी बनाई थी। इस कमिटी का लगभग 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। कमिटी 30 जून तक काम पूरा लेगी। इसके बाद हम समान नागरिक संहिता को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। हमें उम्मीद है कि देश के सभी राज्य समान नागरिक संहिता को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे।”

गौरतलब है कि अप्रैल 2022 में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा था कि CAA, अनुच्छेद 370, राम मंदिर और तीन तलाक के बाद अब समान नागरिक संहिता की बारी है। उन्होंने कहा था कि उत्तराखंड की तर्ज पर ही भाजपा शासित अन्य राज्यों में भी समान नागिरक संहिता लागू किया जाएगा।

मुस्लिम औरतों का ‘दर्द’ लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुँची मोहम्मद शमी की बीवी, खुद को बताया- शरीयत पीड़ित: कहा- सनक में छोड़ देते हैं मर्द

भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद शमी की बीवी हसीन जहाँ ने सुप्रीम कोर्ट में खुद को शरीयत से पीड़ित बताया है। एक समान तलाक कानून की माँग की है। कहा है कि इस्लामी कानून की वजह से मर्द सनक और मर्जी से बीवियों को छोड़ देते हैं। इसलिए तलाक-उल-हसन और न्यायिक दायरे के बाहर तलाक देने की मुस्लिमों में परिपाटी को खत्म करने की अपील की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हसीन जहाँ ने वकील दीपक प्रकाश के जरिए सुप्रीम कोर्ट में यह याचिका दायर की है। याचिका में कहा गया है कि हसीन जहाँ शरीयत कानून के तहत मिलने वाले तलाक की एकतरफा प्रक्रिया तलाक-उल-हसन की पीड़ित हैं। शमी ने उन्हें 23 जुलाई 2022 को पहली बार तलाक का नोटिस भेजा था। यह नोटिस तलाक-उल-हसन के तहत ही भेजा गया था।

याचिका में यह भी कहा गया है कि शरीयत कानून में तलाक-उल-हसन और तलाक-ए-बिद्दत के अलावा तलाक देने की कई प्रक्रिया हैं। इन प्रक्रियाओं के तहत मर्द अपनी मर्जी या सनक के चलते बीवियों को छोड़ देते हैं। शरीयत के इन नियमों को चलते मर्द तलाक से पहले महिलाओं को सुलह करने का मौका नहीं देते। बिना किसी बातचीत के ही उन पर फैसला लाद दिया जाता है।

हसीन जहाँ ने कहा है कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड शरीयत एक्ट-1937 की धारा 2 भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 21 और 25 के तहत मिले मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करती है। इसलिए इस धारा को असंवैधानिक घोषित किया जाए। साथ ही तलाक को लेकर धर्म या लिंग का भेदभाव किए बिना देश के सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून होना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली पीठ ने इस याचिका को स्वीकार करते हुए केंद्र को नोटिस भेजा है। साथ ही कहा है कि वह ‘तलाक-ए-हसन’ को चुनौती देने वाली पहले से लंबित याचिकाओं पर सुनवाई के साथ ही इस याचिका पर सुनवाई करेगा।

बता दें कि मोहम्मद शमी और उनकी पत्नी हसीन जहां के बीच तलाक नहीं हुआ है। लेकिन 4 साल से अधिक समय से दोनों अलग रह रहे हैं। कोर्ट के आदेश के तहत शमी हसीन जहां को हर महीने 1 लाख 30 हजार रुपए का गुजारा भत्ता देते हैं। इसमें से 80000 रुपए उनकी बेटी की पढ़ाई-लिखाई व अन्य खर्चों के लिए दिया जा रहा है।

प्रोफेसर कमाल ने किया ब्रेनवॉश, जाकिर नाइक ने धर्मांतरण: ओवैसी के कॉलेज का ‘आतंकी प्रोफेसर’ कैसे बना मुस्लिम, माँ-बाप ने बताया

मध्यप्रदेश एटीएस द्वारा हिज्ब-उत-तहरीर के आतंकियों को गिरफ्तार किए जाने के बाद जो धर्मांतरण के खेल का भंडाफोड़ हुआ है…उसे जान सब हैरान हैं। पूछताछ में सामने आया कि भोपाल में संगठन का सरगना मोहम्मद सलीम पहले कभी खुद सौरभ राजवैद्य हुआ करता था। लेकिन बाद में उसे मुस्लिम बन गया। उसमें ऐसी कट्टरता भरी गई कि वो खुद युवकों को कट्टरपंथ की ट्रेनिंग देने लगा। माता-पिता बताते हैं कि सलीम उर्फ सौरभ की शिक्षा बहुत सामान्य ढंग से हुई थी। लेकिन भोपाल के कॉलेज में प्रोफेसरी के दौरान एक साथी शिक्षक ने उसे इस्लाम की ओर रुख करवाया और उसके बाद जाकिर नाईक की वीडियो देखते-देखते कुछ समय बाद वह परिवार सहित मुसलमान बन गया।

सलीम के माता-पिता भोपाल के बैरसिया इलाके के निवासी हैं। वह सौरभ से सलीम बने अपने बेटे के बात करते हुए मीडिया के सामने काफी भावुक हो गए। पिता डॉ अशोक राजवैद्य ने जहाँ मीडिया से खुलकर बताया कि ये सब इंटरनेशनल साजिश के तहत हो रहा है। वहीं माँ फफक कर रोते हुए बस ये कहती रहीं कि उनका बेटा आतंकी नहीं बन सकता। उसे फँसाया गया है।

प्रोफेसर कमाल ने किया ब्रेनवॉश, जाकिर नाईक ने धर्मांतरण कराया

मीडिया को सौरभ की कई पुरानी तस्वीरें दिखाते हुए माता-पिता ने बताया कि 4 बेटियों के बाद सौरभ बड़ी मुश्किल से हुआ था और बचपन से ही पढ़ाई करने में बहुत तेज था। वह डॉक्टर बनना चाहता था। लेकिन मेडिकल में नंबर न आने की वजह से उसने एम.फार्मा के बाद पीएचडी की। इसके बाद वह भोपाल के एक कॉलेज में पढ़ाने लगा।

पिता के अनुसार, वीआईटी कॉलेज में पढ़ाने के दौरान सौरभ की मुलाकात प्रोफेसर कमाल से हुई। उसी कमाल ने बेटे का ब्रेनवॉश किया और फिर उसकी मुलाकात मुंबई में जाकिर नाईक से करवाई। पिता राजवैद्य के अनुसार, नाईक ने भोपाल में कई लोगों को कन्वर्ट किया था। उनके बेटे के धर्मांतरण में भी नाईक का हाथ है।

रक्षा बंधन मनाने से मना किया, बीवी-बच्चों का धर्मांतरण कराया

मीडिया में आए सौरभ के पिता के बयान के अनुसार, कट्टरपंथियों के संपर्क में आने के बाद सौरभ बदल गया था। वह हर बात पर उलझता था, रक्षा बंधन मनाने से मना करता था, भारतीय संस्कृति का विरोध करता था… घरवालों को एक दिन पता चला कि उसने इस्लाम कबूल कर लिया है। जब उससे इस संबंध में सामने से पूछा गया तो उसने हाँ में जवाब दिया। इसके बाद उन्होंने सौरभ को घर से निकाल दिया और पुलिस को सूचना दी कि उसने धर्मांतरण कर लिया है। अब उनका सौरभ से कोई लेना-देना नहीं है।

एटीएस की हालिया कार्रवाई पर उन्होंने कहा कि वो ऐसा एक्शन पहले ही चाहते थे। लेकिन ये अब जाकर हुआ है। मध्य प्रदेश एटीएस ने सलीम को पकड़ा है। उससे पूछताछ और जाँच चल रही है। लेकिन जो खबरें आ रही हैं कि उनका बेटा कैंप में गन ट्रेनिंग देता था, उस पर उन्हें यकीन नहीं है। पिता कहते हैं कि ये सब कुछ अंतरराष्ट्रीय साजिश के तहत हुआ है। इंटेलिजेंट लड़कों पर उनकी (कट्टरपंथियों) नजर होती है। उनको वह हिंदू से मुस्लिम बनाते हैं। यह डॉक्टर जाकिर नाइक की साजिश है। वे लोग ऐसा नशा पिलाते हैं कि ऑरिजनल इस्लाम एक तरफ हो जाता है और लोग कट्टर-हिंसक बन जाते हैं।

डॉ अशोक राजवैद्य बताते हैं कि कैसे सौरभ पहले खुद इस्लाम कबूल करके सलीम बना। उसके बाद उसकी बीवी मानसी को मुसलमान बनाया और दो पोते जिनका नाम उन्होंने अनुनय और वत्सल रखा था उन्हें बदलकर युसूफ और इस्माइल कर दिया। पिता ने यह भी जानकारी दी कि सलीम के हैदराबाद जाने के बाद उसके बेटे उसके साथ नहीं रहना चाहते थे। वे घर से भागकर भोपाल आना चाहते थे, लेकिन सलीम उन्हें पकड़ लेता था। ये बात खुद दोनों पोतों ने उन्हें बताई 6 महीने पहले बताई थी। हैदराबाद में सलीम ओवैसी के कॉलेज में प्रोफेसर था। धर्मांतरण के बाद उसे यहाँ नौकरी मिली थी।

‘अम्मा हमें बचा लेना’: माँ से कहता था सौरभ

सौरभ की माँ ने मीडिया से बात करते हुए बार-बार गुहार लगाई कि किसी तरह उनका बेटा उन्हें लौटा दिया जाए। माँ बसंती जैन ने कहा कि उनका बेटा उन लोगों से बहुत चीजें छिपाने लगा था। जब आखिरी बार सौरभ ने बात की थी तो उन्हें लगा ही था कि वो किसी दिक्कत में है। मगर, बहुत पूछने पर कुछ बताया नहीं। बाद में उसकी बीवी मानसी से बात हुई तो वह बहुत रोई। उसने कहा कि गिरफ्तारी के बारे में सौरभ ने माता-पिता को बताने से मना किया था। इस पर बसंती जैन ने कहा पहले अगर वे लोग उनके पास लौट आते तो यह सब नहीं होता। माँ का मानना है कि उनके बेटे से कोई ये सब जबरदस्ती ब्लैकमेल करके करवा रहा है। उनका बेटा ये सब नहीं कभी नहीं कर सकता।

बसंती जैन के मुताबिक अगर सौरभ उनके साथ रहता तो कभी कट्टरपंथ की चीजों में नहीं फँसता। उसे पहले उनसे दूर किया गया और फिर इन चीजों में फँसाया गया। उसके बर्ताव के कारण डॉ अशोक राजवैद्य कभी उससे बात नहीं करते थे। लेकिन बसंती जैन उसे फोन करती थीं। उसके बच्चों के लिए तोहफे भिजवाती थीं…सिर्फ इसलिए ताकि सौरभ का कनेक्शन परिवार से बिलकुल न कटे। कभी-कभी वो फोन पर कहती भी थीं- “बेटा वापस आजा” पर वो जवाब देता था- “आखिर में तो मरना ही है, ऐसे ही मर जाएगें।” बसंती जैन यह भी बताती हैं कि सौरभ ने एक बार उन्हें कहा था- “अम्मा अगर हम फँसें तो बचा लेना।” अपने बेटे की पुरानी बातें याद करते हुए माँ कहती है- मेरा बेटा निर्दोष है, वो आतंकी नहीं हो सकता, उसे फँसाया जा रहा है।

ATS की कार्रवाई

गौरतलब है कि मध्यप्रदेश और तेलंगाना की एटीएस ने भोपाल-छिंदवाड़ा में हिज्ब उत- तहरीर के आतंकियों को पकड़कर उनके मनसूबों का खुलासा किया था। जाँच में इनके पास से कई आपत्तिजनक मिलीं थी। इनका मकसद भारत को इस्लामी देश बनाने का था। हालाँकि पूछताछ में धर्मांतरण की ऐसी कहानी सामने आई जिसने सबको हैरान कर दिया। सीएम शिवराज ने आतंकियों के खुलासे के बाद सामने आकर कहा कि वो राज्य में ‘द केरल स्टोरी’ नहीं बनने देंगे। यहाँ आतंकवाद को नेस्तनाबूद किया जाएगा।