Home Blog Page 1940

लंच, डिनर, सेम कलर के कपड़े… क्या AAP सांसद राघव चड्ढा को ‘डेट’ कर रहीं हैं हिरोइन परिणीति चोपड़ा, जानिए ‘रिलेशनशिप’ के क्यों लग रहे कयास

बॉलीवुड एक्ट्रेस परिणीति चोपड़ा और आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा को लेकर चर्चाएँ तेज हैं। दोनों को मुंबई के एक रेस्टोरेंट में साथ डिनर के लिए जाता देखा गया था। दोनों ने इस दौरान सफेद रंग की शर्ट पहनी हुई थी। इसके अलावा एक और वीडियो सामने आई है जिसमें कहा जा रहा है कि वो दोनों बांद्रा में भी लंच के लिए साथ गए। 

एक वीडियो में देख सकते हैं कि रात के समय राघव चड्ढा और परिणीति गाड़ी से निकलकर डिनर के लिए जा रहे हैं। पैपराजी लगातार उन्हें आवाज देते हैं। हालाँकि वो सुनने की बजाय उन्हें अनदेखा करके आगे बढ़ जाते हैं। वहीं परिणीति थोड़ी देर रुकती हैं, पोज देती हैं और उसके बाद राघव भी फोटो खिंचाते हैं।

इसी तरह अन्य वीडियो में भी दोनों को गाड़ी में बैठते देखा जाता। इस दौरान राघव चड्ढा मीडिया में ज्यादा दिलचस्पी न दिखाते हुए आगे बढ़ते हैं और परिणीति गाड़ी में बैठने से पहले पोज देती हैं।

अब इन दोनों को साथ देख लोग सोशल मीडिया पर तरह तरह की बातें कर रहे हैं। कुछ लोग इन्हें बधाई दे रहे हैं। वहीं कुछ इसे पब्लिसिटी स्टंट बता रहे हैं।

दोनों वीडियोज को देखने के बाद अब लोगों को लग रहा है कि ये दोनों एक दूसरे को डेट कर रहे हैं।  कोई कह रहा है कि आम आदमी पार्टी वाले या तो लड़की पटा रहे हैं या शादी कर रहे हैं और जो बचे हैं वो जेल जा रहे हैं।

एक यूजर ने लिखा कि चलो फाइनली ये दोनों एक साथ डेट करने तो निकले। कबसे दोनों के बीच चोरी-चोरी इश्क चल रहा था।

‘इंशाअल्लाह! उमेश को मारकर परिवार की इज्जत वापस लानी है’: अतीक अहमद की बीवी ने दिया था लास्ट मैसेज, शूटरों को कहा- हमारा नाम गूँजना चाहिए

यूपी के प्रयागराज में उमेश पाल की हत्याकांड की आरोपित और गैंगस्टर अतीक अहमद की बीवी शाइस्ता परवीन कहीं विदेश ना भाग जाए। ऐसी आशंका पुलिस ने जाहिर की है। पुलिस का कहना है कि शाइस्ता की बुर्के की तस्वीर को लोग जानते हैं। बिना बुर्के के उसे कई नहीं पहचानता है। इसका फायदा उठाकर वह विदेश भाग सकती है। शाइस्ता को लेकर ऐसे साक्ष्य भी मिले हैं कि वह अपने परिवार की इज्जत के लिए उमेश की हत्या करवाई थी।

उमेश पाल की हत्याकांड में शाइस्ता के शामिल होने के साक्ष्य मिले हैं। पुलिस ने पाँच आरोपितों को पहले ही गिरफ्तार किया था। उन्होंने पुलिस को बताया कि उमेश पाल की हत्या की हर साजिश में शाइस्ता शामिल थी। वह वीडियो कॉल की मीटिंग्स में भी हिस्सा लेती थी।

आरोपितों ने बताया कि उमेश पाल की हत्या से ठीक पहले उसने शूटर्स को मैसेज भेजा था। शाइस्ता ने शूटरों से कहा था, “इंशाअल्लाह, उमेश को मारकर हमें कामयाब होना है। यह हक की लड़ाई है। इसे जीतना ही होगा। जो जीतेगा, वही जी सकेगा।”

अतीक के नौकर कैश अहमद और राकेश लाला ने पुलिस को बताया कि जेल में बंद अतीक और अशरफ वीडियो कॉल पर जुड़ते थे। वे सभी उमेश पाल की रेकी करने से लेकर गोली मारने और फिर भागने के तरीके पर अपनी-अपनी बात रखते थे।

इस बैठक में अतीक की पत्नी 25000 रुपए की इनामी भगोड़ी शाइस्ता भी हिस्सा लेती थी। वह बार-बार कहती थी कि ‘उमेश पाल को मारकर हमें अपनी इज्जत वापस लानी है। हमारा नाम गूंजना चाहिए। उसे मारकर कामयाब होना है। इंशाअल्लाह ऐसा होगा’। बता दें कि शूटरों के साथ शाइस्ता का एक सीसीटीवी फुटेज भी वायरल हुआ है। 

शाइस्ता को खोज रही पुलिस को आशंका है कि वह कहीं विदेश ना भाग जाए। अगर वह देश ही में ही कहीं छिपी हुई तो उसे विदेश भागने से रोकने के लिए पुलिस तैयारी कर रही है। पुलिस लुकआउट नोटिस जारी करने की तैयारी कर रही है।

पुलिस का कहना है कि शाइस्ता परवीन की बुर्के वाली फोटो ही सार्वजनिक हुई है। उसकी बिना बुर्के वाली तस्वीर के बारे में सभी को नहीं पता है। इसी का फायदा उठाकर शाइस्ता फर्जी पासपोर्ट के जरिए विदेश भाग सकती है। पुलिस जल्दी ही लुकआउट नोटिस जारी करेगी।

…तो सांसद भी नहीं रह पाएँगे राहुल गाँधी, नहीं लड़ सकेंगे चुनाव: जानिए काॅन्ग्रेस नेता के पास बचाव के क्या हैं विकल्प, एक को फाड़ खुद कर चुके हैं बंद

23 मार्च 2023 को सूरत की जिला अदालत ने काॅन्ग्रेस सांसद राहुल गाँधी को मानहानि के एक मामले में दोषी ठहराते हुए दो साल की सजा सुनाई है। सजा सुनाए जाने के तुरंत बाद उन्हें जमानत भी दे दी गई। उन्हें ऊपरी अदालत में अपील करने के लिए 30 दिनों का समय दिया है। इस दौरान उन पर सजा लागू नहीं होगी।

काॅन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने अप्रैल 2019 में कर्नाटक की एक रैली में कहा था कि सभी चोरों के नामों में ‘मोदी’ क्यों लगा होता है। इसी से जुड़े आपराधिक मानहानि के मामले में उन्हें सजा सुनाई गई है। सजा सुनाए जाने के बाद यह सवाल पूछा जा रहा है कि क्या अब राहुल लोकसभा के सदस्य रह पाएँगे? क्या वे भविष्य में चुनाव लड़ पाएँगे?

राहुल गाँधी की संसद सदस्यता पर खतरा क्यों?

राहुल गाँधी को सूरत की अदालत ने आईपीसी की धारा 499 और 500 के तहत दोषी ठहराया है और 2 साल की सजा सुनाई है। जनप्रतिनिधि कानून की धारा 8(3) के तहत यदि किसी सांसद को दोषी ठहराया जाता है और 2 या 2 साल से अधिक की सजा होती है तो उसकी सदस्यता रद्द हो जाएगी। इतना ही नहीं सजा पूरी होने के बाद 6 साल तक वह व्यक्ति चुनाव भी नहीं लड़ सकता।

राहुल के पास कौन से विकल्प?

2013 से पहले जनप्रतिनिधि अधिनियम की धारा 8(4) के अनुसार कोई भी सांसद या विधायक दोषी करार दिए जाने के तीन महीने के भीतर फैसले के खिलाफ अपील या रिव्यू पिटीशन दायर कर अपने पद पर बना रह सकता था। 2013 में सुप्रीम कोर्ट ने धारा 8(4) को रद्द कर दिया। अदालत के 2013 में दिए गए फैसले के अनुसार अपील के बाद दोषी करार दिए गए सांसद को अदालत से सजा पर स्टे लेना होगा। स्टे मिल जाने के बाद ही उसकी सदस्यता बच सकती है।

राहुल गाँधी सूरत कोर्ट के फैसले को ऊपरी अदालत (हाई कोर्ट) में चुनौती दे सकते हैं। यदि उनकी अर्जी स्वीकार कर ली जाती है तो सुनवाई तक सूरत न्यायलय के फैसले पर स्टे लग जाएगा। यदि हाई कोर्ट से भी राहुल गाँधी को राहत नहीं मिलती तो उनके पास सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का विकल्प होगा। सुप्रीम कोर्ट से स्टे मिलने पर भी उनकी सदस्यता बची रह सकती है। लेकिन सुप्रीम कोर्ट में भी यदि सुनवाई नहीं हुई तो सदस्यता रद्द हो सकती है।

न फाड़ा होता बिल तो बच जाते राहुल गाँधी

सुप्रीम कोर्ट के जनप्रतिनिधि अधिनियम की धारा 8(4) को रद्द करने के फैसले के खिलाफ 2013 में केंद्र की तात्कालिक यूपीए-2 सरकार ने सदन में एक बिल पेश किया था। कोर्ट के फैसले के बाद उस वक्त कानून मंत्री रहे कॉन्ग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने जनप्रतिनिधि एक्ट में बदलाव के लिए विधेयक पेश किया था। सितंबर 2013 में सरकार ने इसे अध्यादेश के तौर पर लागू करने की कोशिश की। इसके तहत सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विपरीत दोषी एमपी या एमएलए की सदस्यता फौरन रद्द नहीं हो सकती थी।

इसके तहत अपील के बाद अदालत के फैसले तक आरोपित सदस्य सदन की कार्यवाही में शामिल हो सकते थे। उनकी सदस्यता बनी रहती, लेकिन वे वेतन प्राप्त करने और वोट देने के अधिकारी नहीं होते। 27 सितंबर 2013 को इसी अध्यादेश के प्रारंभिक ड्राफ्ट को राहुल गाँधी ने भरी प्रेस कॉन्फ्रेंस में नॉनसेंस बताते हुए फाड़ दिया था। तब राहुल ने कहा था, “इस कानून को और मजबूत किए जाने की जरूरत है।” बाद में इस अध्यादेश को वापस ले लिया गया था। अब लोगों का कहना है कि यदि राहुल उस बिल को पास हो जाने देते तो आज उनकी संसद सदस्यता पर खतरा नहीं पैदा होता।

‘हिन्दू बहुसंख्यक इसलिए सेकुलर है भारत’: जावेद अख्तर को वाजपेयी का करारा जवाब वायरल, कहा था- हिन्दू किसी एक किताब से जुड़ा नहीं

देश के पूर्व प्रधानमंत्री व दिवंगत भाजपा नेता अटल बिहारी वाजपेयी (Atal Bihari Vajpayee) का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वह लेखक-गीतकार जावेद अख्तर (Javed Akhtar) को करारा जवाब देते हुए नजर आ रहे हैं। दरअसल, यह वीडियो 1998 का है। ‘फेस ऑफ’ पर प्रीतीश नंदी और को-होस्ट जावेद अख्तर ने अटल बिहारी वाजपेयी का इंटरव्यू लिया था। इस दौरान जावेद अख्तर ने बातचीत के लगभग 17:26 मिनट पर पूछा था, “बहुसंख्यक समुदाय के लिए राष्ट्रवाद और सांप्रदायिकता की क्या परिभाषा है?”

इस पर अटल बिहारी वाजपेयी ने जवाब दिया था, “अगर हिंदू हिंदुस्तान में ये माँग करें कि वे 82 फीसदी हैं और उनके कुछ विशेष अधिकार होने चाहिए और बाकी की तादाद कम है, इसलिए उनके अधिकार कुछ कम होने चाहिए, तो मैं यह कहूँगा कि वो कम्युनल हैं।”

उन्होंने जोर देकर कहा, “अगर अधिकार बराबर हैं और बराबर अधिकारों की गारंटी संविधान में है। संविधान की व्याख्या करने के लिए स्वतंत्र न्यायपालिका है, अगर जनता द्वारा चुनी गई पार्लियामेंट है। अगर विजिलेन्स प्रेस है, तो फिर अल्पसंख्यकों के साथ बेइंसाफी के मौके बहुत कम हो जाते हैं। बेइंसाफी के लिए कोई गुंजाइश ही नहीं रहती है। अब तो ह्यूमन राइट कमीशन भी बन गया है। अल्पसंख्यक आयोग है। ये सब कदम एक देश ने उठाए हैं और ऐसे देश ने जहाँ हिन्दू बहुसंख्यक हैं। किसी ने एतराज नहीं किया।”

वाजपेयी ने यह भी कहा था, “पाकिस्तान बनने के बाद भारत को एक हिन्दू राष्ट्र घोषित कर दिया जाए… ये माँग हो सकती है, लेकिन हुई नहीं। किसी ने भी हिंदू राज की माँग नहीं की। कोई ऐसी माँग नहीं की गई है कि जिसमें मजहब के आधार पर मुस्लिम के साथ भेदभाव होना चाहिए। इस देश में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ और मैं आपको भरोसा दिलाता हूँ कि आगे भी ऐसा कभी नहीं होगा। राष्ट्र की उनकी अलग कल्पना है, क्योंकि भारत 1947 में पैदा नहीं हुआ। ये एक पुराना राष्ट्र है और पुराने राष्ट्र को हिन्दू राष्ट्र कहते हैं। मैं इसे भारतीय राष्ट्र कहना ज्यादा पसंद करता हूँ। लेकिन हिंदू राज की माँग किसी ने भी नहीं की। किसी ने भी ये नहीं कहा कि हिंदुस्तान को एक हिंदू राष्ट्र घोषित कर दिया जाए। कभी-कभी देश में धर्म निरपेक्षता को बनाए रखने के लिए हिंदू समुदाय को धन्यवाद दिया जाना चाहिए। “

जावेद अख्तर ने पाकिस्तान का उदाहरण देते हुए कहा था कि जिन्ना ने 1947 में एक स्पीच दी थी। उन्होंने (जिन्ना) कहा था कि पाकिस्तान बन रहा है और वो धर्म निरपेक्ष होगा। उसमें हिन्दू, मुस्लिम, पारसी और ईसाई सब बराबर होंगे। लेकिन ऐसा तो कुछ हुआ नहीं पाकिस्तान में। इसलिए, क्योंकि जिन्ना ने देश को बनाने के लिए जिन लोगों को चुना था, वो उसे धर्म निरपेक्ष नहीं बनने देना चाहते थे। बीजेपी की नीयत भले ही भारत को धर्म निरपेक्ष रखने की हो, लेकिन पावर हासिल करने के लिए उसने जिन लोगों को चुना है, क्या वो लोग उन्हें धर्म निरपेक्ष समाज बनाने की इजाजत देंगे।

इस पर अटल बिहारी ने करारा जवाब देते हुए कहा था, “देखिए, भारत धर्मनिरपेक्ष है। भाजपा या आरएसएस के कारण नहीं।” अख्तर ने यह कहते हुए बीच में टोकने की कोशिश की कि ‘इनके बावजूद यह धर्मनिरपेक्ष है।’ लेकिन वाजपेयी ने अपनी बात को जारी रखते हुए कहा, “भारत धर्मनिरपेक्ष है क्योंकि इसकी 82% आबादी हिंदू है। यह हिंदुओं के सोचने का तरीका है। हिंदू किसी एक किताब से जुड़ा हुआ नहीं है। एक पैगम्बर से जुड़ा हुआ नहीं है। जो ईश्वर को नहीं मानता वो भी हिन्दू है। ये हमारी संस्कृति का हिस्सा है।”

पूर्व पीएम और आडवाणी के बीच दरार डालने की कोशिश

बातचीत के लगभग 10 मिनट बाद, जावेद अख्तर ने अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी के बीच यह पूछकर दरार पैदा करने की कोशिश की, कि क्या उनकी विचारधारा अल्पसंख्यकों के लिए समान थी। वाजपेयी ने जवाब दिया, “वे अलग नहीं हैं। हम दोनों एक ही चीज में विश्वास करते हैं। वास्तव में, हमारी पार्टी एक ही चीज़ में विश्वास करती है… अल्पसंख्यक भारत के नागरिक हैं और वे भी समान अधिकारों के हकदार हैं।”

आरएसएस के साथ संबंध पर बोले वाजपेयी

जावेद अख्तर ने जब आरआरएस को एक कट्टरपंथी हिंदू संगठन के रूप में बताने का प्रयास किया, तो उनके दावों का खंडन करते हुए अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा था, “सभी संगठन अलग-अलग हैं। उनके सोचने का तरीका भी अलग है। लेकिन मैं इस बात से इत्तेफाक नहीं रखता हूँ कि कोई भी संगठन ऐसा सोचता है कि मुस्लिम इस देश के कम नागरिक हैं।” गीतकार ने दावा किया कि ऐसा विचार केबी हेडगेवार, एमएस गोलवलकर और अन्य के लेखन में मौजूद है। इस पर पूर्व पीएम ने कहा था, “उसमें स्पष्ट रूप से लिखा है कि जो लोग भारत में रहते हैं और देश से प्यार करते हैं उनके साथ बराबर का व्यवहार किया जाएगा। किसी के साथ धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं किया जाएगा।”

भागने के बाद हरियाणा में महिला के साथ रुका था अमृतपाल: महिला और गनर गिरफ्तार, रिपोर्ट में दावा- किसान आंदोलन के मृतकों के नाम पर जुटाए थे पैसे

एक तरफ खालिस्तानी भगोड़े अमृतपाल सिंह को पकड़ने के लिए पंजाब पुलिस और NIA ने दर-दर की खाक छान रही है। पता चला है कि ‘वारिस पंजाब दे’ का मुखिया अमृतपाल 19 मार्च 2023 की कुरुक्षेत्र के शाहबाद पहुँचा था और यहाँ एक महिला के साथ रुका था। इधर पुलिस ने उसके गनर को भी दबोच लिया है।

सुरक्षा एजेंसियों ने गुरुवार (23 मार्च 2023) को अमृतपाल के गनर तजिंदर सिंह गिल को गिरफ्तार कर लिया। गिल की गिरफ्तारी खन्ना पुलिस ने की है। वह अमृतपाल की सुरक्षा में तैनात था। अमृतपाल के गायब होने के बाद से ही वह फरार चल रहा था।

खन्ना के डीएसपी हरसिमरत सिंह ने कहा, “तेजिंदर सिंह गिल के रूप में पहचाने गए एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। वह अमृतपाल का गनमैन था। सोशल मीडिया पर हथियार लिए उसकी तरह-तरह की तस्वीरें हैं। जब रिकॉर्ड चेक किया गया तो पता चला कि उसके पास बंदूक का लाइसेंस नहीं है। उसके खिलाफ IPC की धारा 188 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। वह अजनाला कांड में भी शामिल था।”

तजिंदर सिंह उर्फ गोरखा बाबा अमृतपाल के हर वक्त हथियारों से लैस रहता था। इसकी तस्वीरें वह सोशल मीडिया पर भी डालता था। अमृतपाल के हमेशा साथ रहने वाला गोरखा बाबा पायल के गांव मांगेवाल का रहने वाला है। बताया जाता है कि अजनाला कांड मामले में भी उसे नामजद किया गया था।

सुरक्षा एजेंसियों की सक्रियता देखकर अमृतपाल पुलिस को चकमा देकर भागने में सफल रहा है। वह 19 मार्च की रात को हरियाणा के शाहाबाद पहुँचा था। अमृतपाल जिस महिला के साथ रूका था, उसे हरियाणा पुलिस ने पकड़कर पंजाब पुलिस के हवाले कर दिया है। महिला के साथ-साथ कई अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है।

अमृतपाल के भागने उत्तराखंड या यूपी के रास्ते नेपाल या पाकिस्तान भाग सकता है। सुरक्षा एजेंसियों ने BSF के साथ-साथ सभी हवाई अड्डों को सतर्क कर दिया है। नेपाल और पाकिस्तान सीमा पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। पुलिस को आशंका है कि वह फिलहाल पंजाब, राजस्थान, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू कश्मीर में कहीं छिपा हो सकता है।

उसकी एक नई तस्वीर सामने आई है, जिसमें वह अपनी बाइक और अपने एक करीबी सहयोगी पपलप्रीत सिंह के साथ एक देसी जुगाड़ गाड़ी पर बैठकर भागते हुए दिखाई दे रहा है। इस इस दौरान उसने गुलाबी पगड़ी पहनी है और काला चश्मा लगाया है। इसके पहले भी उसकी कई तस्वीरें सामने आई थीं।

सुरक्षा एजेंसियों ने अमृतपाल के एक सहयोगी दिलजीत कलसी को भी गिरफ्तार किया है। वह विभिन्न कंपनियों के माध्यम से 35 करोड़ रुपए से अधिक विदेशों से हासिल किए थे। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, उसने कृषि कानूनों के विरोध प्रदर्शनों के दौरान पीड़ितों के मदद के नाम पर पैसे जुटाए थे।

एक अधिकारी के हवाले से मीडिया संस्थान ने बताया, “कुछ मामलों में यह पाया गया है कि दिल्ली की सीमाओं पर किसान आंदोलन के दौरान जान गँवाने वाले कुछ लोगों के परिवारों को वित्तीय सहायता देने के नाम पर पैसा प्राप्त किया गया था। एक अन्य मामले में यह पाया गया कि धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के नाम पर धन प्राप्त किया गया था।”

कलसी के अलावा जो लोग जाँच एजेंसियों के निशाने पर रहे हैं, उनमें ‘वारिस पंजाब दे’ मोगा का जिला अध्यक्ष गुरमीत सिंह बुक्कनवाला, बरनाला जिला अध्यक्ष सुखचैन सिंह धालीवाल (जिन्हें खालसा के नाम से भी जाना जाता है), तरनतारन जिला अध्यक्ष गुरप्रीत सिंह और संगरूर जिला अध्यक्ष अवतार सिंह औलख शामिल हैं।

जाँच में यह भी पाया कि 12 अलग-अलग देशों में नेट बैंकिंग, UPI और नकदी जमा के जरिए रुपए भेजे गए। भेजे गए रुपयों में से लगभग 4-5 करोड़ रुपए ATM के जरिए निकाले गए थे। अमृतपाल फरवरी 2012 से जून 2022 तक वह दुबई में रहा। अमृतपाल अपने परिवार की कंपनी कार्गो ट्रांसपोर्ट कंपनी में मैनेजर के तौर पर काम करता था। उस दौरान की भी जाँच की जा रही है।

अमृतपाल के काफिले में शामिल एक फोर्ड एंडेवर, एक इसुजु और एक मर्सिडीज को पंजाब पुलिस ने जब्त कर लिया है। पुलिस इस बात की भी जाँच कर रही है कि उसेे और जिनके नाम पर ये कारें पंजीकृत हैं, उन्हें उपहार में ये कारें कैसे मिलीं। सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि अमृतपाल के पास बड़ी रकम हो सकती है।

देश में डूब रहे थे बैंकों के पैसे, विदेश में प्रॉपर्टी खरीद रहा था विजय माल्या: फ्रांस-इंग्लैंड में ₹330 करोड़ की संपत्ति खरीदी, बच्चों को स्विट्जरलैंड पैसे भेजे

बैंकों को लगभग 900 करोड़ रुपए का चूना लगाकर विदेश भागे उद्योगपति विजय माल्या को लेकर जाँच एजेंसी ने बड़ा खुलासा किया है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने मुंबई कोर्ट में दाखिल पूरक आरोप पत्र में कहा है कि जब माल्या की कंपनी वित्तीय संकट से गुजर रही थी, तब उसने साल 2015-16 में इंग्लैंड और फ्रांस में 330 करोड़ रुपए की संपत्ति खरीदी।

अपने चार्जशीट में सीबीआई ने कहा कि यह वही समय था, जब बैंक शराब कारोबारी और किंगफिशर एयरलाइंस के मालिक माल्या से कर्ज की वसूली करने की कोशिश कर रही थी। हालाँकि, वह इसमें नाकाम रही थीं।

सीबीआई ने अदालत को बताया कि सन 2008 और 2017 के बीच बैंकों को चुकाने के लिए विजय माल्या के पास पर्याप्त पैसे थे, लेकिन उसने चुकाया नहीं। माल्या ने अपनी कंपनी किंगफिशर एयरलाइंस लिमिटेड (केएएल) के लिए इन बैंकों से लोन लिया था।

माल्या ने बैंकों के लोन नहीं चुकाए, लेकिन पूरे यूरोप में उसने ‘निजी संपत्ति’ खरीदी। यहाँ तक कि स्विट्जरलैंड में अपने बच्चों के ट्रस्टों को भी भारी मात्रा में पैसे हस्तांतरित किए। सीबीआई ने अदालत से अनुमति लेकर माल्या के लेनदेन से संबंधित विवरण के लिए विभिन्न देशों को पत्र लिखकर जानकारी माँगी है।

केंद्रीय जाँच एजेंसी CBI को जानकारी मिली थी कि माल्या ने फ्रांस में 35 मिलियन यूरो (लगभग 250 करोड़ रुपए) में अचल संपत्ति खरीदी थी। इसके लिए उसने अपनी एक कंपनी Gizmo Holdings के खाते से 8 मिलियन यूरो (लगभग 72 करोड़ रुपए) भी माँगी थी। वहीं, यूके में 80 करोड़ रुपए की संपत्ति खरीदी थी।

माल्या ने 2016 में गिरफ्तारी के डर से भारत छोड़ दिया था। कहा जाता है कि वह यूनाइटेड किंगडम में रह रहा है। वहीं, सरकारी एजेंसियाँ उसे लाने के लिए कार्रवाई कर रही हैं। माल्या ने किंगफिशर एयरलाइंस के लिए 900 करोड़ रुपए से अधिक लोन लिया था, जिसे उसने चुकाया नहीं।

अब इस मामले की जाँच सीबीआई कर रही है। CBI ने इससे पहले की चार्जशीट में 11 अभियुक्तों को नामजद किया था। इस सप्लीमेंट्री चार्जशीट में IDBI बैंक के पूर्व महाप्रबंधक बुद्धदेव दासगुप्ता का नाम भी जोड़ा गया है।

सीबीआई के अनुसार, दासगुप्ता ने अक्टूबर 2009 में माल्या को 150 करोड़ रुपए के अल्पकालिक ऋण की मंजूरी दी थी। सीबीआई ने पाया है कि दासगुप्ता ने इसके लिए अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग किया। 150 करोड़ रुपए के इस लोन को एयरलाइंस द्वारा मूल रूप से माँगे गए 750 करोड़ रुपए के कुल ऋण से समायोजित किया जाना था।

चार्जशीट में कहा गया है कि आईडीबीआई बैंक का एक्सपोजर 750 करोड़ रुपये की कुल राशि तक सीमित होना था। हालाँकि, दिसंबर 2009 में यह 900 करोड़ रुपये हो गया, क्योंकि 150 करोड़ रुपए को दासगुप्ता के इशारे पर एक अलग ऋण के रूप में रखा गया था।

साल 2019 में विजय माल्या को भगोड़ा घोषित कर दिया गया है। वहीं, मनी लॉन्ड्रिंग के मामले के देखते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी इस मामले की जाँच कर रही है। एजेंसियों ने माल्या की कुछ संपत्ति भी जब्त की है।

काॅन्ग्रेस शासित छत्तीसगढ़ में भगोड़े अमृतपाल सिंह के समर्थन में AAP ऑफिस तक रैली, गिरफ्तारियों पर पंजाब के पार्टी अध्यक्ष भी जता चुके हैं चिंता

‘वारिस पंजाब दे’ के सरगना और भगोड़े खालिस्तानी अमृतपाल सिंह की सरगर्मी से तलाश हो रही है। उसके समर्थकों की गिरफ्तारियाँ हो रही है। इस बीच काॅन्ग्रेस शासित छत्तीसगढ़ में उसके समर्थन में रैली निकाली गई है। इससे पहले पंजाब काॅन्ग्रेस के अध्यक्ष भी गिरफ्तारियों को लेकर चिंता जता चुके हैं। स्थानीय पुलिस ने बिना अनुमति रैली निकालने पर आयोजकों को नोटिस जारी किया है।

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में अमृतपाल के समर्थन में रैली निकाली गई। नारेबाजी की गई। पंजाब पुलिस का पुतला फूँका गया। रैली रायपुर के तेलीबाँधा गुरुद्वारे से AAP ऑफिस तक निकाली गई। इसमें शामिल लोगों ने आप ऑफिस के बाहर पंजाब सरकार का पुतला जलाया और पुलिस एक्शन का विरोध किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि अमृतपाल ड्रग माफियाओं के खिलाफ काम कर रहा था। सरकार उसे बदनाम कर आतंकवादी बताने की कोशिश कर रही है।

अमृतपाल के समर्थन में निकाली गई रैली पर भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने ऐतराज जताया है। रैली निकालने पर कार्रवाई की माँग की है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ देश विरोधी गतिविधि करने वालों का पनाहगाह बन गया है। वहीं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि पंजाब में जब से नई सरकार बनी है, वहाँ के हालात लगातार खराब हो रहे है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है।

इससे पहले बघेल जैसे सुर में ही पंजाब कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग भी बात कर चुके हैं। वडिंग ने पंजाब के डीजीपी को पत्र लिखकर गिरफ्तारी चिंता जताई थी। कहा था कि पार्टी चरमपंथियों के खिलाफ नरमी का समर्थन नहीं करती, लेकिन भटके नौजवानों के पुनर्वास की जरूरत है। उन्होंने कहा था कि पंजाब की पुलिस सिख युवकों को अमृतपाल समर्थक बताकर गिरफ्तार कर रही है जो चिंता का विषय है।

गौरतलब है कि रिपोर्टों से यह खुलासा हुआ है कि अमृतपाल नशामुक्ति केंद्रों की आड़ में एक निजी मिलिशिया बना रहा था। जाँच के दौरान पाकिस्तानी जासूसी एजेंसी ISI और आतंकवादी संगठन टसिख फॉर जस्टिस’ के साथ भी उसके संबंध सामने आए हैं।

प्रियंका गाँधी बोलीं- मेरा भाई नहीं डरेगा, बीजेपी MP सुशील मोदी बोले- पटना में भी राहुल गाँधी को होगी ऐसी ही सजा: राँची में भी काॅन्ग्रेस नेता पर चल रहा केस

काॅन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी (Rahul Gandhi) को मोदी सरनेम पर दिए गए विवादित बयान के मामले में दोषी ठहराते हुए गुजरात के सूरत सेशन कोर्ट ने गुरुवार (23 मार्च 2023) को 2 साल की सजा सुनाई। हालाँकि, सजा मिलते ही राहुल गाँधी को तुरंत जमानत भी मिल गई। उनकी सजा पर 30 दिनों तक के लिए रोक लगा दी गई है। इसको लेकर उनकी बहन और काॅन्ग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra) की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कोर्ट के फैसले को लेकर सीधे तौर पर सरकार पर निशाना साधा है।

प्रियंका ने ट्वीट किया, “डरी हुई सत्ता की पूरी मशीनरी साम, दाम, दंड, भेद लगाकर राहुल गाँधी जी की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है। मेरे भाई न कभी डरे हैं, न कभी डरेंगे। सच बोलते हुए जिए हैं, सच बोलते रहेंगे। देश के लोगों की आवाज उठाते रहेंगे। सच्चाई की ताकत व करोड़ों देशवासियों का प्यार उनके साथ है।”

वहीं, मानहानि के केस में अपनी प्रतिक्रिया देते हुए बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने आज ट्वीट किया, “पटना के CJM कोर्ट में मैंने भी राहुल गाँधी पर ‘सारे मोदी सरनेम वाले चोर हैं’ के मुद्दे पर मानहानि का मुकदमा दर्ज कर रखा है। जमानत पर हैं। सूरत कोर्ट के समान पटना में भी सजा की पूरी संभावना है।” इसके अलावा झारखंड के राँची में भी राहुल गाँधी पर तीन मामले दर्ज हैं। इनमें एक मोदी सरनेम को लेकर है। इस केस को प्रदीप मोदी ने दर्ज करवाया था। कॉन्ग्रेस नेता ने इसे रद्द करवाने के लिए हाईकोर्ट में याचिका डाली थी। हालाँकि वहाँ ये याचिका खारिज हो गई।

कोर्ट से सजा मिलने के बाद राहुल गाँधी ने भी ट्वीट किया। उन्होंने लिखा, “मेरा धर्म सत्य और अहिंसा पर आधारित है। सत्य मेरा भगवान है, अहिंसा उसे पाने का साधन है- महात्मा गाँधी।”

वहीं, काॅन्ग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, “उन्हें जमानत मिल गई है। हम शुरू से ही जानते थे, क्योंकि वे जज बदलते रहे। हम कानून, न्यायपालिका में विश्वास रखने वाले लोग हैं और कानून के तहत ही लड़ेंगे।”

इस मामले में पूर्णेश मोदी के वकील केतन रेशमवाला ने ANI को बताया कि राहुल गाँधी को आईपीसी की धारा 499 और 500 के तहत दोषी ठहराया गया है। उन्हें 2 साल की सजा सुनाई गई है। कोर्ट ने उन्हें 30 दिनों के लिए जमानत दे दी है। उनकी अगली अपील तक कोर्ट ने सजा पर रोक लगा दी है।

‘सभी चोरों का सरनेम मोदी’

गौरतलब है कि राहुल गाँधी ने 13 अप्रैल 2019 को कर्नाटक में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा था, “नीरव मोदी, ललित मोदी, नरेंद्र मोदी इन सभी के नाम में मोदी लगा हुआ है। सभी चोरों के नाम में मोदी क्यों लगा होता है।” इस बयान के बाद भाजपा नेता पूर्णेश मोदी ने कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष के खिलाफ सूरत में मामला दर्ज कराया था। राहुल गाँधी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 499 और 500 के तहत केस दर्ज करवाया था, जो आपराधिक मानहानि से संबंधित है। 4 साल के बाद अदालत ने इस केस में राहुल गाँधी को दोषी पाते हुए सजा सुनाई।”

बिहार बंद के दिन BJP ने राज्य को दिया नया ‘सम्राट’: चार राज्यों में नए अध्यक्ष, राजस्थान में जोशी और दिल्ली में सचदेवा को कमान

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आगामी लोकसभा और कुछ राज्यों में विधानसभा चुनाव को देखते हुए बिहार सहित 4 राज्यों में अपने अध्यक्षों को बदल दिया। बिहार में भाजपा ने सम्राट चौधरी को प्रदेश अध्यक्ष बनाया है। ये नियुक्तियाँ तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं।

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने गुरुवार (23 मार्च 2023) को इन नियुक्तियों को लेकर विज्ञप्ति जारी की। कुशवाहा समाज से आने वाले सम्राट चौधरी करीब तीन दशक से राजनीति में हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत लालू यादव की पार्टी RJD से शुरू की थी। 

इससे पहले सम्राट चौधरी बिहार भाजपा के उपाध्‍यक्ष रह चुके हैं। वे 1999 में कृषि मंत्री और 2014 में शहरी विकास और आवास विभाग के मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। फिलहाल वे विधान परिषद पार्षद हैं और सदन में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका में हैं।

सम्राट चौधरी बिहार के कद्दावर नेता रहे शकुनी चौधरी के बेटे हैं। शकुनी चौधरी लालू यादव के बेहद करीबी रहे थे और बाद में नीतीश कुमार की तत्कालीन समता पार्टी से जुड़ गए थे। शकुनी चौधरी 7 बार विधायक रह चुके हैं। वह बिहार विधानसभा के उपसभापति भी रहे थे।

बिहार के अलावा भाजपा ने राजस्थान, दिल्ली और ओडिशा के अध्यक्षों को भी बदला है। राजस्थान में चितौड़गढ़ से सांसद चंद्रप्रकाश जोशी को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। जोशी सतीश पूनिया की जगह लेंगे। पूनिया जाट समाज से आते हैं। उनकी जगह अब ब्राह्मण के जोशी ने ले लिया है। जोशी 2019 में दूसरी बार संसद पहुँचे हैं।

दिल्ली में भाजपा ने प्रदेश के कार्यकारी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा को अध्यक्ष नियुक्त किया है। सचदेवा को पिछले साल दिसंबर में दिल्ली भाजपा का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था। सचदेवा के कार्यकारी अध्यक्ष बनने से पहले आदेश गुप्ता प्रदेश अध्यक्ष थे।

वहीं, ओडिशा के पूर्व मंत्री मनमोहन सामल को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। मनमोहन सामल ने समीर मोहंती का स्थान लिया है। प्रदेश अध्यक्ष के रूप में मोहंती का तीन साल का कार्यकाल इसी साल जनवरी में खत्म हुआ था।

 

शेखर सुमन के जीजा हैं पटना से ‘लापता’ हुए डॉक्टर, 22 दिन बाद भी सुराग नहीं: अभिनेता ने कहा- मेरी बहन का बुरा हाल, हो CBI जाँच

बिहार के पटना से 1 मार्च को लापता हुए डॉक्टर संजय कुमार की गुमशुदगी अब एक बड़ा मामला बन गई है। बॉलीवुड अभिनेता शेखर सुमन ने इसे मीडिया में उठाया है और उचित कार्रवाई के लिए सीएम नीतीश कुमार से बात भी करने को कहा है।

सामने आई जानकारी के अनुसार, संजय कुमार बॉलीवुड एक्टर शेखर सुमन के रिश्ते में बहनोई हैं। उन्हें गायब हुए 22 दिन हो गए हैं। कई कोशिशों के बाद भी उनका कोई पता नहीं चल पाया है। शेखर की बहन का रो रोकर बुरा हाल है। परिजनों का कहना है कि संजय एक सीधे-सादे डॉक्टर थे जिनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी।

अभिनेता पूछते हैं कि अगर हम ये भी सोचें कि उन्होंने आत्महत्या की तो फिर शव कहाँ पर है। क्या ऐसा हो सकता है कि 7: 42 पर कोई व्यक्ति ब्रिज से कूदे और आसपास किसी ने न देखा हो। वह कहते हैं कि इस मामले में सीबीआई जाँच होनी चाहिए क्योंकि पुलिस 22 दिन बाद भी कोई सबूत जुटाने में सक्षम नहीं है।

शेखर सुमन बिहार प्रशासन पर सवाल खड़ा करते हुए कहते हैं कि संजय के साथ क्या हुआ, इसका पता चल जाता अगर ओवरब्रिज (जहाँ से डॉक्टर गायब हुए) के पास कैमरे होते। उन्होंने कहा, “मैं इस मामले में नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव से मिलने की कोशिश करूँगा और अनुरोध करूँगा कि पूरे मामले में पुलिस से सही से जाँच करवाई जाए। अगर पुलिस इसे नहीं कर पा रही तो इसमें सीबीआई को शामिल करना चाहिए और कैसे भी संजय के साथ क्या हुआ इसका पता लगाना चाहिए।”

शेखर सुमन ने यह भी बताया कि संजय के गायब होने के बाद से उनकी बहन की हालत काफी खराब है। वो रोकर कहती हैं- “मेरे पति को ला दो।” अपनी बहन की स्थिति बताते हुए वह खुद भी भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि पहले के मुकाबले बिहार भले ही बदल गया लेकिन अब भी कुछ कमजोरियों को ठीक करने की जरूरत है।

1 मार्च को लापता हुए डॉक्टर संजय कुमार

उल्लेखनीय है कि पटना के NMHC के डॉक्टर संजय कुमार 1 मार्च को लापता हुए थे। उनकी गाड़ी गाँधी सेतु पर मिली थी। उनकी पत्नी डॉ सलोनी कुमारी का कहना था कि उनकी अपने पति से आखिरी दफा बात 1 मार्च की शाम को हुई थी, उस समय वह गाँधी सेतु पर ही फंसे थे। उसके बाद उनका कोई पता नहीं चला।

डॉ सलोनी के मुताबिक उन्होंने अपने पति के फोन न उठाने की बात आईएएस डिंपल वर्मा और जीजा प्रशांत कुमार ए़डीजी लॉ एंड ऑर्डर को दी थी। पुलिस से उनका नंबर सर्विलांस पर रखवाया गया, मगर कोई जानकारी नहीं मिली। छानबीन में गाड़ी में उनका फोन और चश्मा मिला। लेकिन उनका कुछ पता नहीं चला। पुलिस ने ब्रिज के आसपास के फुटेज खंगाले फिर भी डॉक्टर से जुड़ी कोई जानकारी नहीं मिली।