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हरिकथा कलाकार के सम्मान में खड़े हुए PM मोदी, लोक गायिका ने घुटने के बल बैठ प्रधानमंत्री को किया प्रणाम: पद्म सम्मान में दिखा ‘असली भारत’ का नज़ारा

देश के जाने-माने उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला (Kumar Mangalam Birla) को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (Draupadi Murmu) ने बुधवार (22 मार्च 2023) को पद्म भूषण (Padma Bhushan) से सम्मानित किया। राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में 106 लोगों को पद्म सम्मान से सम्मानित किया गया।

राष्ट्रपति के ट्विटर हैंडल ने इसकी तस्वीर साझा करते हुए लिखा, “राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने व्यापार और उद्योग के लिए श्री कुमार मंगलम बिड़ला को पद्म भूषण प्रदान किया। वह आदित्य बिड़ला समूह के अध्यक्ष हैं। इस समूह की एक सदी से अधिक पुरानी विरासत है। यह विदेश में उद्यम करने वाले पहले भारतीय समूहों में से एक है और आज इसकी व्यापक वैश्विक उपस्थिति है।”

कुमार मंगलम बिड़ला इस सम्मान को पाने वाले बिड़ला परिवार के चौथे व्यक्ति हैं। इससे पहले उनकी माँ राजश्री बिड़ला और दादा बसंत कुमार बिड़ला को पद्म भूषण, जबकि उनके परदादा घनश्याम दास बिड़ला को पद्म विभूषण सम्मान दिया गया था।

सम्मान को ग्रहण करते हुए कुमार मंगलम बिड़ला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का आभार व्यक्त किया। इस अवॉर्ड को उन्होंने 36 देशों में फैले अपने कारोबार के 1.40 लाख कर्मचारियों को दिया। उन्होंने कहा, “आदित्य बिड़ला ग्रुप ने लोगों के जीवन को समृद्ध बनाने का जो बेड़ा उठाया है, उसे यह अवॉर्ड मान्यता देता है।”

इस दौरान मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उपस्थित रहे। आंध्र प्रदेश के हरिकथा कलाकार कोटा सच्चिदानंद शास्त्री जब पद्मश्री सम्मान लेने आए तो पीएम मोदी उनको देखकर खड़े हो गए। सच्चिदानंद नंगे पैर पुरस्कार लेने आए थे।

वहीं, पंडवानी लोकगायिका उषा बरले को भी पद्मश्री दिया गया। उषा जब सम्मान लेने आईं तो सबसे पहले घुटनों के बल बैठकर पीएम मोदी को प्रणाम किया। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रपति को भी झुककर प्रणाम किया और फिर सम्मान लिया। 

कुमार मंगलम बिड़ला के अलावा, 8 अन्य लोगों को पद्म भूषण से सम्मानित किया गया है। ये कर्नाटक के शिक्षाविद एसएल भैयरप्पा, साइंस और इंजीनियरिंग से जुड़े महाराष्ट्र के दीपक धर, कला से जुड़ीं तमिलनाडु की वाणी जयराम, अध्यात्म से जुड़े तेलंगाना के स्वामी चिन्ना जीयर, कला से जुड़ीं महाराष्ट्र की सुमन कल्याणपुर, शिक्षा से जुड़े दिल्ली के कपिल कपूर, सामाजिक कार्यकर्ता कर्नाटक निवासी सुधा मूर्ति और अध्यात्म से जुड़े कमलेश डी पटेल।

वहीं, विभिन्न क्षेत्रों के 91 लोगों को पद्मश्री से सम्मानित किया गया। वहीं, भारत रत्न के बाद सबसे बड़े नागरिक सम्मान से 6 लोगों को सम्मानित किया गया। इनमें दो लोग राजनीति से संबंध रखते हैं। एक हैं समाजवादी पार्टी के संस्थापक और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत मुलायम सिंह यादव और एसएम कृष्णा।

एसएम कृष्णा कॉन्ग्रेस के दिग्गज नेता रहे हैं। वे कर्नाटक के मुख्यमंत्री के साथ-साथ विदेश मंत्री सहित कई पदों पर रहे हैं। कृष्णा साल 2017 में भाजपा में शामिल हो गए थे। इन दोनों के अलावा पद्म विभूषण पाने वाले लोगों में दिलीप महालनबिश (मृत्योपरांत), बालकृष्ण दोशी (मृत्योपरांत), जाकिर हुसैन, श्रीनिवास वर्धन शामिल हैं।

यूपी में 7000 में से 6200 सीटों पर BJP की जीत: किसानों ने जताया मोदी-योगी पर भरोसा, 89% स्ट्राइक रेट से भाजपा ने फतह किया PACCS चुनाव

उत्तर प्रदेश में रविवार (19 मार्च 2023) को प्राथमिक ‘कृषि साख सहकारी समितियों (PACCS)’ के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव संपन्न हुआ। भारतीय जनता पार्टी ने 7 हजार समितियों के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पदों में से 6200 पदों पर कब्जा जमाया। यानी, इन चुनावों में भाजपा ने 88.5% सीटों पर शानदार जीत दर्ज की।

प्रदेश भर के 7148 सहकारी समितियों में से 7 हजार समितियों पर अध्‍यक्ष और उपाध्‍यक्ष पद पर चुनाव कराए गए थे। इसमें 6200 से ज़्यादा समितियों में भाजपा के उम्‍मीदवारों ने जीत दर्ज की तो वहीं समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार 500 से ज़्यादा समितियों में ही कामयाब हो सके। समिति चुनाव में भाजपा और सपा के बीच मुकाबला था।

PACS चुनावों के दौरान कई इलाकों से पत्थरबाजी, तलवारबाजी और गोलीबारी की भी खबरें सामने आईं। राजधानी लखनऊ की 81 प्राथमिक सहकारी समितियों में से 76 पर चुनाव कराए गए। इसमें से 61 पर भाजपा विजयी रही। सपा सिर्फ 2 समितियों में ही जीत हासिल कर सकी जबकि 13 समितियों में निर्दलीय उम्‍मीदवार कामयाब हुए।

मेरठ की 84 PACC समितियों में 5 पर अलग-अलग कारणों से चुनाव स्थगित करने पड़े। डीसीसीबी के चेयरमैन ने जानकारी दी कि बाकी बचे सीटों में से आधे से अधिक पर भाजपा ने जीत दर्ज की। कई सीटों पर भाजपा के प्रत्याशी निर्विरोध ही चुन लिए गए।बंदायू जिले की सभी 132 समितियों में भाजपा के उम्‍मीदवारों ने निर्विरोध जीत दर्ज की। इसी तरह लखीमपुर खीरी के 132 समितियों में से 2 समितियों के चुनाव रद्द कर दिए गए। 92 पर निर्विरोध चुनाव हुए जबकि बाकियों पर मुकाबला हुआ। जिले की ज्यादातर सीटों पर भाजपा ने कब्जा जमाया।

बाराबंकी जिले के 123 समितियों में से 90 समितियों के चुनाव निर्विरोध संपन्न हुए। बाँदा जिले में भी ज्यादातर उम्मीदवार सर्वसम्मति से चुने गए। शाहजहाँपुर की 115 समितियों में से 111 पर बीजेपी उम्मीदवार सफल रहे। 3 सीटें निर्दलीय उम्‍मीदवारों के खाते में गईं। एक समिति का चुनाव रद्द कर दिया गया। अंबेडकरनगर की 90 समितियों में से 57 पर भाजपा की जीत हुई। यहाँ पिछली बार भाजपा सिर्फ 10 समितियों पर ही जीत सकी थी।

इस तरह प्रदेश भर के 7148 साख सहकारी समितियों में से 7000 समितियों के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों पर ज्यादातर उम्मीदवारों को निर्विरोध चुन लिया गया। 6200 समितियों पर भाजपा के उम्मीदवार काबिज हुए जबकि समाजवादी पार्टी को सिर्फ 500 समितियों पर जीत के साथ ही संतोष करना पड़ा।

यूपी ATS ने 2 रोहिंग्याओं को दबोचा, पासपोर्ट-वोटर आईडी-आधार कार्ड सब इनके पास: अपना घर भी बनवा रहा था अरमान, वोट के लिए प्रधान एजाज ने बनवा दिए दस्तावेज

उत्तर प्रदेश पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) ने बलिया जिले से मंगलवार (14 मार्च, 2023) को 2 रोहिंग्याओ को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए रोहिंग्याओं के नाम अबू तल्हा उर्फ़ मोहम्मद अरमान और अब्दुल अमीन है। रोहिंग्याओं के पास 3 भारतीय पासपोर्ट सहित अन्य पहचान पत्र बरामद हुए हैं। पासपोर्ट और अन्य कागजात बनवाने में इजहारुल हक नाम के स्थानीय व्यक्ति ने मदद की थी। पुलिस ने मंगलवार (21 मार्च, 2023) को इजहारुल हक़ को भी गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में अभी 4 अन्य नामजद आरोपित फरार हैं जिनकी तलाश में दबिश दी जा रही है।

3 पासपोर्ट, कर चुका खाड़ी देशों की यात्रा

यह कार्रवाई बलिया जिले के कोतवाली नगर थाना क्षेत्र में हुई है। इस मामले में शिकायतकर्ता ATS इंस्पेक्टर भारत भूषण तिवारी हैं। ATS के मुताबिक, उन्हें कुछ लोगों के भारत में अवैध तौर पर रहने और कुछ अन्य के द्वारा उनकी मदद किए जाने की सूचना मिली थी। इस सूचना पर शुरुआती जाँच में एक रोहिंग्या का नाम सामने आया, जिसने कुछ स्थानीय लोगों की मदद से भारतीय पासपोर्ट बनवा रखा था। वह रोहिंग्या उसी पासपोर्ट पर दुबई और बहरीन की यात्रा भी कर चुका था।

जब ATS ने इस मामले में और गहराई से छानबीन की तो पता चला कि पासपोर्ट बनवा चुका रोहिंग्या मोहम्मद अरमान पश्चिम बंगाल के हुगली जनपद के पंडुआ क्षेत्र में जमीन खरीद कर अपना निजी मकान भी बनवा रहा था। जमीन की रजिस्ट्री अरमान ने फर्जी भारतीय पहचान पत्र से करवाई थी। पश्चिम बंगाल में रोहिंग्या ने स्थानीय विधायक प्रतिनिधि के माध्यम से अपने आधार कार्ड का पता उत्तर प्रदेश के बलिया से बदलवा कर पुरुषोत्तम नगर पंडुआ जिला हुगली करवा लिया था।

लखनऊ, कोलकाता और जेद्दा के पासपोर्ट

14 मार्च 2023 (मंगलवार) को ATS को मोहम्मद अरमान के बलिया उमरगंज में किसी मोहम्मद निसार नामक व्यक्ति से मिलने आने की सूचना मिली। सूचना सही पाई गई और ATS ने एक टैक्सी स्टैंड पर खड़े 2 रोहिंग्या नागरिकों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए पहले व्यक्ति की पहचान अराकान म्यांमार के रहने वाले मोहम्मद अरमान और दूसरे की पहचान बांग्लादेश रोहिंग्या कैम्प कॉक्स बाजार के अब्दुल अमीनके तौर पर हुई।

दोनों की तलाशी में ATS को 3 भारतीय पासपोर्ट मिले। पहले 2 पासपोर्ट मोहम्मद अरमान के नाम पर थे। जबकि तीसरा पासपोर्ट मोहम्मद हामिद के नाम पर है। पहला पासपोर्ट लखनऊ, दूसरा जेद्दा और तीसरा कोलकता से जारी हुआ है। तीसरे पासपोर्ट पर मोहम्मद हामिद भी विदेश यात्रा कर चुका है।

आगे की तलाशी में मोहम्मद अरमान के पास भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी बलिया जिले का वोटर कार्ड और 1 पैन कार्ड भी मिला। मोहम्मद अरमान के पास 2 आधार कार्ड भी मिले जिसमें एक आधार UP के बलिया जिले और दूसरा पश्चिम बंगाल के हुगली जिले का है। तीसरा आधार कार्ड मोहम्मद हामिद का बरामद हुआ जो पश्चिम बंगाल के हुगली का बनाया गया था। आरोपितों के पास से एक पंजाब नेशनल बैंक का एक ATM कार्ड और विदेशी संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत के सिक्के मिले।

अरमान के पास आईफोन भी बरामद हुआ है। जब ATS ने मोहमद अरमान से फोन का लॉक खोलने को कहा तब उसने जानबूझकर कई बार गलत कोड डाला। इस से उसका फोन परमानेंट लॉक हो गया था।

2014 लोकसभा चुनाव से पहले वोट बढ़ाने के लिए बना वोटर कार्ड

पुलिस पूछताछ में मोहम्मद अरमान ने खुद के रोहिंग्या होने की बात कबूली। अरमान के मुताबिक, उसने साल 2008 में चोरी-छिपे मणिपुर बॉर्डर से भारत में इंट्री की थी। वह बलिया के सगीर अहमद की दुकान पर नौकरी कर रहा था। अरमान के मुताबिक, सगीर अहमद का बेटा शैद अली उसके रोहिंगा होने की बात जानता था। साल 2014 के लोकसभा चुनावों में बलिया में उमरगंज के ग्राम प्रधान एजाज के भाई निसार ने वोट बढ़वाने के लिए कुछ पैसों में मोहम्मद अरमान का वोटर कार्ड बनवा दिया।

इसी वोटर कार्ड से मोहम्मद अरमान ने बाद में आधार कार्ड, बैंक खाता और पैन कार्ड भी बनवा डाला। कुछ समय बाद बलिया के ही इजहारुल नाम के व्यक्ति ने अरमान पैसों के बदले पासपोर्ट का ऑफर दिया। अरमान ने इसे कबूल कर दिया और थोड़े समय बाद अरमान का पासपोर्ट भी बन गया। इसी पासपोर्ट पर अरमान ने बहरीन और सऊदी अरब की यात्रा भी की। अरमान अक्टूबर 2022 में खाड़ी देशों की यात्रा कर के भारत लौटा था।

फर्जीवाड़े में पूरा रोहिंग्या परिवार शामिल

सऊदी अरब से लौट कर अरमान दिल्ली के त्रिलोकपुरी में रहा। भारत में उसके भाई ताहिर और एक अन्य रिश्तेदार उस्मान को भी अरमान द्वारा किए जा रहे फ्रॉड का पता था, लेकिन उन सभी ने इसे छिपाए रखा। इस दौरान अरमान के दूसरे भाई इरफ़ान और हामिद नाम के व्यक्ति ने पश्चिम बंगाल को रहने के लिए सुरक्षित बताते हुए उसे वहाँ बुलाया। इस सलाह पर हुगली में अरमान किराए का मकान ले कर रहने लगा। कुछ दिनों बाद अरमान अपने भाई मोहम्मद इरफ़ान के साथ हुगली में ही फर्जी कागजातों से जमीन खरीद कर अपना निजी घर भी बनवाने लगा था।

अरमान के भाई इरफ़ान के एक दोस्त ने अवैध तौर पर बॉर्डर पार कर रहे अन्य रोहिंग्याओं को देश के अलग-अलग हिस्सों में ले जाने की एवज में पैसे देने का ऑफर दिया।

अरमान ने ये ऑफर मान लिया और बांग्लादेश के कॉक्स बाजार से आए अब्दुल अमीन नाम के रोहिंग्या का कागजात भी अपनी ही तरह बनवाने का जिम्मा ले लिया। यही काजगात बनवाने वह अमीन को ले कर बलिया पहुँचा था। अब्दुल अमीन ने भी अपने कागजात में फर्जी जन्मतिथि दिखाई है। अब्दुल ने भी अपने सहयोगी के तौर पर हमीद का नाम लिया। अब्दुल अमीन ने भी अवैध तौर पर बॉर्डर पार किया था। पुलिस ने इस मामले में IPC की धारा 419 / 420/467/468/471/370/ 120 बी / 34 IPC 12(1), 12 (2) पासपोर्ट अधिनियम व 14 विदेशी अधिनियम के तहत FIR दर्ज की है।

इस मामले में मोहम्मद अरमान, अब्दुल अमीन के बाद ATS ने सोमवार (20 मार्च 2023) को इजहारुल को भी गिरफ्तार कर लिया है। फरार मोहम्मद इरफ़ान, हमीद, शैद अली और निसार की तलाश जारी है।

भारत ने उठाए कदम तो हरकत में आया ब्रिटेन, लंदन में बढ़ाई गई भारतीय उच्चायोग की सुरक्षा: बैरिकेड्स लगा कर गश्ती, खालिस्तानियों ने किया था हमला

बुधवार (22 मार्च 2023) को लंदन में भारतीय उच्चायोग (Indian High Commission) की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। रिपोर्टों की मानें तो उच्चायोग के बाहर अतिरिक्त पुलिसबलों को तैनात किया गया है। कई बैरिकेडिंग्स भी लगाई गई हैं। इसके पहले दिल्ली में ब्रिटिश उच्चायोग और उच्चायुक्त की सुरक्षा में कटौती कर दी गई थी। जिसके बाद ब्रिटेन में भारतीय उच्चायोग की सुरक्षा बढ़ाए जाने की खबर सामने आई।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, लंदन में भारतीय दूतावास ‘भारत भवन’ (India House)’ के बाहर पुलिस बलों की तैनाती की गई है। बैरिकेडिंग लगाने के साथ-साथ पुलिसकर्मियों को गश्त करते भी देखा गया है। माना जा रहा है कि भारतीय उच्चायोग की सुरक्षा को लेकर ब्रिटिश अधिकारियों से जवाब माँगे जाने के बाद यह कदम उठाया गया है।

बुधवार दोपहर को ही दिल्ली स्थित ब्रिटिश उच्चायोग (British High Commission) और ब्रिटिश उच्चायुक्त एलेक्स एलिस (Alex Ellis) के आवास पर सुरक्षा घेरे में कमी की खबरें सामने आई थीं। दोनों जगहों पर बाहरी गेट पर लगे बैरिकेड्स हटा लिए गए थे। चाणक्यपुरी में ब्रिटेन उच्चायोग के बाहर 12 बैरिकेड लगाए गए थे। रेत के बोरों से सुरक्षा चौकी बनाई गई थी। पीसीआर वैन तैनात थे। इन सबको हटा लिया गया है। कुछ रिपोर्टों में दिल्ली पुलिस के हवाले से कहा जा रहा है कि सुरक्षा में कमी नहीं की गई है बल्कि आवागमन में हो रही असुविधा के कारण बैरिकेडिंग हटाए गए हैं।

बता दें कि खालिस्तान की माँग करने वाले अमृतपाल सिंह के खिलाफ पंजाब में हुई कार्रवाई के बाद ब्रिटेन में भारतीय उच्चायोग पर हमला कर दिया गया था। 19 मार्च 2023 को हुए उपद्रव के दौरान तिरंगा हटाकर खालिस्तानी झंडा लहराने की कोशिश की गई थी। जानकारी के मुताबिक लंदन में भारतीय उच्चायोग पर खालिस्तानियों के उत्पात मचाए जाने को लेकर नई दिल्ली में यूके के राजनयिक को तलब किया गया था। इस दौरान लंदन में भारतीय उच्चायोग के बाहर सुरक्षा न होने और उपद्रवियों के आसानी से उच्चायोग में दाखिल होने को लेकर सवाल पूछा गया था।

2400 साल पुरानी शारदा पीठ का अमित शाह ने किया उद्घाटन, जल्दी ही श्रद्धालुओं के लिए खोलने का वादा: कहा- शारदा सभ्यता की शुरुआत

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने हिंदुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र प्राचीन शारदा पीठ (Sharda Peeth) मंदिर का उद्गाटन किया। इस दौरान अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार सिखों के करतारपुर कॉरिडोर की तर्ज पर ही यात्रा के लिए शारदा पीठ को भी श्रद्धालुओं के खोलने की दिशा में काम कर रही है। बता दें कि यह मंदिर कुपवाड़ा से करीब 30 किलोमीटर दूर भारत-पाकिस्तान नियंत्रण रेखा पर स्थित है।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने बुधवार (22 मार्च 2023) को जम्मू-कश्मीर के करनाह सेक्टर के टीटवाल में LOC के पास माता शारदा देवी मंदिर (Mata Sharda Devi Temple) का वर्चुअल उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 निरस्त होने के बाद इस केंद्र शासित प्रदेश में पुरानी परंपराओं, संस्कृति और ‘गंगा जमुनी तहजीब’ की वापसी हो रही है।

उन्होंने कहा कि शारदा पीठ भारत की सांस्कृतिक, धार्मिक एवं शैक्षणिक विरासत का ऐतिहासिक केंद्र रहा है। मोदी सरकार करतारपुर कॉरीडोर की तरह शारदा पीठ को भी श्रद्धालुओं के लिए खोलने की दिशा में आगे बढ़ेगी। अमित शाह ने कहा कि एक समय शारदा पीठ इस उपमहाद्वीप का ज्ञान का केंद्र था। आध्यात्मिक ज्ञान की तलाश में पूरे देश से विद्वान यहाँ आते थे।

बता दें कि शारदा पीठ ज्ञान की देवी सरस्वती का प्राचीन मन्दिर है। यह पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में शारदा के निकट किशनगंगा नदी (जिसे पाकिस्तान में नीलम नदी कहा जाता है) के किनारे स्थित है। इसके भग्नावशेष नियन्त्रण रेखा के निकट स्थित है, जिस पर भारत का अधिकार है। शारदा पीठ कुपवाड़ा से करीब 30 किलोमीटर दूर स्थित है। इसी को भारत सरकार मंदिर का पुनर्निर्माण कराया है।

इस मंदिर का उद्घाटन करते हुए अमित शाह ने कहा कि नवरात्र के पहले दिन ही माता की मूर्ति को प्रतिष्ठित किया गया है। यह कदम सिर्फ मंदिर का पुननिर्माण नहीं, बल्कि शारदा सभ्यता की खोज की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि ऐसा माना जाता है कि व्यक्ति की चेतना को ब्रह्मांड की अनंत चेतना के साथ जोड़ने वाली ज्ञान का जमीन पर उतरने वाली शुरुआत होगी।

उन्होंने कहा कि उस समय प्रचलित लिपी को माता शारदा के नाम पर शारदा लिपि रखा गया है। उन्होंने कहा कि मंदिर का पुनर्निर्माण समय सनातन धर्म के अनुयायियों के लिए गर्व और संतोष का क्षण है। धारा 370 की समाप्ति से घाटी और जम्मू में फिर से एक बार अपनी पुरानी परंपराओं की ओर ले जाने का काम किया है।

उन्होंने कहा कि यह महाशक्ति पीठों में से एक है। यहाँ सती का दाहिना हाथ यहाँ गिरा था और सागर मंथन के बाद जो अमृत निकला था, उसे यहाँ लाया गया था। इससे जो दो बूँद गिरी वो यहाँ मूर्ति के रूप में स्थापित हुई। यहाँ शंकराचार्य आए और सरस्वती माता के लिए स्तुतियों का निर्माण किया।

बता दें कि शारदा पीठ शक्ति की आराधना करने वाले शाक्त संप्रदाय का पहला तीर्थस्थल है। कहा जाता है कि कश्मीर के इसी मंदिर में सर्वप्रथम देवी की आराधना शुरू हुई थी। बाद में माता खीर भवानी मंदिर और माता वैष्णो देवी मंदिर की स्थापना हुई थी।

कहा जाता है कि इस मंदिर को 2400 साल पहले मगध सम्राट अशोक ने 237 ईसा पूर्व में बनवाया था। यह मंदिर लगातार आक्रमणों का सामना करता रहा है और फिर मरम्मत होता रहा है। इस मंदिर की आखिरी बार मरम्मत डोगरा साम्राज्य के संस्थापक एवं जम्मू-कश्मीर के महाराजा गुलाब सिंह जामवाल ने 19वीं सदी में कराई थी।

स्थानीय लोगों का मानना है कि इस पीठ की माँ शारदा तीन शक्तियों का संगम हैं। पहली शारदा (शिक्षा की देवी), दूसरी सरस्वती (ज्ञान की देवी) और वाग्देवी (वाणी की देवी)। इतिहासकारों के अनुसार, शारदा पीठ अमरनाथ और अनंतनाग के मार्तंड सूर्य मंदिर की तरह की श्रद्धा का प्रमुख केंद्र है। हालाँकि, यहाँ इसमें पिछले 70 सालों से पूजा नहीं हुई है। अब इसके पुनर्रुद्धार के बाद यह संभव हो पाया है।

इस मंदिर के निर्माण के लिए दिसंबर 2021 में भूमि पूजन की गई थी। मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए ‘सेव शारदा समिति’ ने एक मंदिर निर्माण समिति का गठन किया था। इस समिति में तीन स्थानीय मुस्लिम, एक सिख और कश्मीरी पंडित शामिल किया गया था। यहाँ मंदिर के साथ-साथ एक गुरुद्वारा और एक मस्जिद का निर्माण कार्य भी शुरू किया गया था।

मुंबई में रेलवे प्लेटफॉर्म पर लड़का-लड़की के चुम्मा चाटी का वीडियो वायरल, RPF ने ‘आवश्यक कार्रवाई’ के बाद बताया साल भर पुराना है मामला

सोशल मीडिया में एक वीडियो वायरल है। इसमें रेलवे प्लेटफॉर्म पर एक युवा जोड़ा एक-दूसरे को किस करते दिख रहे हैं। साथ ही अन्य लोग भी प्लेटफॉर्म पर नजर आ रहे हैं। यह वीडियो मुंबई के डोंबिवली रेलवे स्टेशन का बताया जा रहा है। वीडियो वायरल होने के आरपीएफ मुंबई डिवीजन ने इसे संज्ञान में लाने के लिए धन्यवाद देते हुए ‘आवश्यक कार्रवाई’ की बात कही। इसके बाद कुछ नेटिजन्स इस ओर ध्यान दिलाया कि यह वीडियो पुराना है। इसे बाद RPF ने दोबारा से ट्वीट कर वीडियो के साल 2022 के होने की पुष्टि की।

हँसना जरूरी है नाम के ट्विटर हैंडल ने मंगलवार (21 मार्च 2023) को यह वीडियो शेयर किया। साथ ही लिखा, “और कितना विकास चाहिए? मुंबई डोंबिवली रेलवे स्टेशन का प्लेटफार्म नंबर 5।” इसके कुछ देर बाद ही आरपीएफ मुंबई डिवीजन ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से इस घटना पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने लिखा, “जानकारी के लिए धन्यवाद। आवश्यक कार्रवाई के लिए मामला संबंधित अधिकारियों को भेज दिया गया है।”

Whyte Knight नाम के एक यूजर ने लिखा कि और अब रेलवे इसकी जाँच करने जा रहा है। इस पर DrPyaricetamoI नाम की यूजर ने कहा कि जाहिर तौर पर यह 2 साल पुराना वीडियो है। रेलवे के पास इसकी जाँच के लिए काफी समय है।

इसके बाद Whyte Knight ने लिखा, “परफेक्ट…। हमारे टैक्स का पैसा 2 साल पहले हुए एक किस की जाँच में जा रहा है।”

बम बम ठाकुर नाम के एक यूजर ने ट्वीट किया, “आप सार्वजनिक स्थल पर अपनी प्रेमिका/ पत्नी को किस करते हैं, तो यह आईपीसी की धारा 294 के तहत दंडनीय है। यह घटना मुंबई के डोंबिवली रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 5 की है। मुंबई पुलिस मामले को संज्ञान में लेकर कानूनी कार्रवाई करे।”

वीडियो पुराना होने की तरफ ध्यान दिलाए जाने के बाद आरपीएफ मुंबई डिवीजन ने ट्वीट कर बताया, “उक्त वीडियो का अवलोकन किया गया। उक्त वीडियो एक वर्ष पुराना 2022 का है। उस समय GRP द्वारा मामला पंजीकृत किया गया था एवं सभी स्टॉफ, अधिकारियों को भी इससे अवगत कराते हुए ऐसी गतिविधि पाए जाने पर कार्यवाही के निर्देश दिए गए थे।”

मिड डे ने भी 10 मार्च 2022 को इस घटना को लेकर रिपोर्ट प्रकाशित की थी। इसमें डोंबिवली स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 5 पर हुई घटना के बारे में रेलवे कैंटीन में काम करने वाले शैलेश के हवाले से कहा गया है, “यात्री इस कपल पर काफी गुस्सा हुए थे। दो यात्रियों ने सार्वजनिक स्थान पर किस करने पर आपत्ति भी जताई थी।” इसके अलावा संतोष साल्वी नाम के एक यात्री ने कहा था, “आज की पीढ़ी को क्या कहें? उनमें शर्म नाम की कोई चीज नहीं है। सार्वजनिक स्थान पर ऐसी हरकतों को देखकर दूसरे लोग शर्मिंदा होते हैं, लेकिन उन्हें मजा आता है। माता-पिता अपने बच्चों के बारे में सपने में भी ऐसा नहीं सोच सकते हैं।”

वहीं, डोंबिवली सरकारी रेलवे पुलिस अधिकारी अनिल शेलके ने उस समय बताया था, “हमने भी इस वीडियो को देखा। सार्वजनिक स्थान पर इस तरह की हरकत करना गलत है। हमने असंज्ञेय अपराध दर्ज किया है और सार्वजनिक स्थान पर इस तरह की हरकत करने वालों के खिलाफ जाँच कर रहे हैं। हमें कोई फुटेज नहीं मिल सका, क्योंकि जहाँ घटना हुई वहाँ कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा हुआ था।”

जिससे भागा वह कार-बाइक मिली, पर अब तक नहीं मिला है भगोड़ा अमृतपाल सिंह: रिपोर्ट में दावा- पत्नी बब्बर खालसा की सदस्य, 2020 में ब्रिटेन मे हुई थी गिरफ्तार

पाकिस्तान की कुख्यात खुफिया एजेंसी ISI के सहयोग से पंजाब में अलगाववादी खालिस्तान मूवमेंट को फिर से हवा देने की कोशिश करने वाले अमृतपाल सिंह को पुलिस हर तरफ तलाश कर रही है। भगोड़े अमृतपाल का पता लगाने के लिए कई पोशाकों में उसकी तस्वीरें भी जारी की गई हैं। जिस कार और बाइक से वह फरार हुआ था, उन्हें पुलिस ने बरामद कर लिया है।

पुलिस को यह बाइक बुधवार (22 मार्च 2023) को जालंधर से करीब 45 किलोमीटर दूर दारापुर इलाके में लावारिस हालत में मिली। जालंधर के SSP स्वर्णदीप सिंह ने भी इसकी पुष्टि की है। बाइक पर सवार होकर भागते अमृतपाल का एक वीडियो भी सामने आया है। यह किसी CCTV से ली गई तस्वीर है। हालाँकि, इस पर पुलिस ने कुछ नहीं कहा है।

एक स्थानीय चश्मदीद के हवाले से ANI ने बताया, “हमें आज सुबह पता चला जब पुलिस आई। अमृतपाल अपने साथियों के साथ 18 मार्च को गाँव में था। उसने स्थानीय गुरुद्वारे में कपड़े बदले, खाना खाया और फिर मोटरसाइकिल से चला गया। पुलिस से पूछताछ में बाबाजी ने स्वीकार किया था कि अमृतपाल यहाँ आया था।”

अमृतपाल की सामने आई तस्वीरों में उसका हुलिया बदला हुआ है। उसने दाढ़ी कटवा ली है। पारंपरिक सिख बाणा उतार दिया है और पगड़ी में हैं। शर्ट और जींस में बाइक पर बैठा दिख रहा है। पुलिस के मुताबिक, अमृतपाल ब्रेजा कार से नंगल अंबिया गाँव पहुँचा था। वहाँ गुरुद्वारा के ग्रंथी को हथियारों के बल पर बंधक बनाकर एक घंटा तक रूके। अमृतपाल या खाना खाया, कपड़े बदला और बाइक से भाग निकला।

इसके बाद वहाँ से निकल कर वह कार में ही गाँव के एक स्मारक के पास पहुँचा। वहाँ दो बाइक पर तीन युवक पहले से ही उसका इंतजार कर रहे थे। यहाँ से मनप्रीत ब्रेजा लेकर अपने घर पहुँच गया और अमृतपाल बाइक पर सवार होकर भाग गया। यह ब्रेजा कार अमृतपाल के ही मीडिया एडवाइजर पपलप्रीत सिंह की थी।

दरअसल, 18 मार्च 2023 की सुबह तकरीबन 11 बजे पंजाब पुलिस ने अमृतपाल और उसके सहयोगियों पर कार्रवाई शुरू की थी। अमृतपाल अपनी मर्सिडीज में जा रहा था। अमृतपाल को इसकी भनक लगते वह अपनी मर्सिडीज शाहकोट-मोगा हाईवे पर बाजवा कलां गाँव के पास बने फ्लाईओवर के नीचे छोड़ दी। इस मर्सिडीज को उसके चाचा और ड्राइवर ले गए। इसके बाद वह एक ब्रेजा कार में बैठकर भाग गया।

पुलिस ने अमृतपाल के चाचा और ड्राइवर को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही अमृतपाल को भगाने वाले वाले 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पंजाब के IGP सुखचैन सिंह गिल ने कहा कि गिरफ्तार किए इन लोगों पर आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया या है।

पुलिस ने अमृतपाल को गिरफ्तार करने के लिए लोगों से सहयोग माँगा है। पुलिस ने अमृतपाल का विभिन्न पोशाकों में तस्वीरें भी जारी की हैं। IGP गिल ने कहा कि अमृतपाल जिस ब्रेजा कार से भागा था, उसे भी बरामद कर लिया गया है। साथी ही अमृतपाल के ISI लिंक की भी जाँच पुलिस ने शुरू कर दी है।

IGP गिल के अनुसार, भागने के दौरान वह गुरुद्वारा नांगल अंबियन गया, जहाँ उसने अपने कपड़े बदल लिए। उन्होंने बताया कि इस मामले में अब 154 लोगों को या तो हिरासत में लिया गया है या फिर गिरफ्तार किया गया है। इसके साथ ही लगभग 12 हथियार जब्त किए गए हैं, जिनमें राइफल और पिस्टल भी शामिल हैं।

उधर, पुलिस ने अमृतसर के जल्लूपुर खेड़ा गाँव में अमृतपाल की माँ से करीब एक घंटे पूछताछ की। वहीं, कुछ मीडिया रिपोर्ट में यह भी कहा जा रहा है कि अमृतपाल की पत्नी किरणदीप कौर से भी पूछताछ की गई है। हालाँकि, पूछताछ किस सिलसिले में हुई है, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है।

भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, अमृपताल की पत्नी किरणदीप कौर अप्रवासी भारतीय (NRI) है और अलगाववादी संगठन बब्बर खालसा की सदस्य भी है। भास्कर ने एक सीनियर ब्रिटिश खुफिया अफसर के हवाले से बताया है कि किरणदीप बब्बर खालसा के लिए फंड जुटाती है और खालिस्तान मूवमेंट की फंडिंग करती है। उसे साल 2020 में पाँच अन्य लोगों के साथ बब्बर खालसा के लिए पैसे जुटाने के आरोप में गिरफ्तार भी किया गया था।

लंदन में खालिस्तानी उत्पात के बाद दिल्ली में ब्रिटिश उच्चायोग और उच्चायुक्त आवास के सुरक्षा घेरे में कमी, हटाए गए बैरिकेड्स: देखिए Video

दिल्ली में ब्रिटिश उच्चायोग (British High Commission) और ब्रिटिश उच्चायुक्त एलेक्स एलिस (Alex Ellis) के आवास पर सुरक्षा घेरे में कमी की गई है। दोनों जगहों पर बाहरी गेट पर लगे बैरिकेड्स हटा लिए गए हैं। यह कदम बुधवार को उठाया गया। ब्रिटिश उच्चायोग के प्रवक्ता ने इसे सुरक्षा से जुड़ा मसला बताते हुए टिप्पणी से इनकार किया है। सुरक्षा घेरे में कमी लंदन में भारतीय उच्चायोग पर खालिस्तान समर्थकों के उत्पात के बाद हुई है।

मिली जानकारी के मुताबिक चाणक्यपुरी में ब्रिटेन उच्चायोग के बाहर 12 बैरिकेड लगाए गए थे। रेत के बोरों से सुरक्षा चौकी बनाई गई थी। पीसीआर वैन तैनात थे। इन सबको अब हटा लिया गया है। इसी तरह राजाजी मार्ग स्थित ब्रिटिश उच्चायुक्त एलेक्स एलिस के अवास के बाहर लगे बैरिकेड्स को भी हटा लिया गया है। ये बैरिकेड्स सुरक्षा का पहला घेरा माने जाते हैं।

रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि लंदन में भारतीय उच्चायोग के बाहर सुरक्षा की खास व्यवस्था नहीं है। यही कारण है कि 19 मार्च को खालिस्तान समर्थकों ने यहाँ हमला कर दिया था। तिरंगे को हटाकर खालिस्तानी झंडा लगाने की कोशिश की थी। घटना के बाद विदेश मंत्रालय ने भारतीय उच्चायोग के बाहर सुरक्षा की कमी के मुद्दे पर ब्रिटिश अधिकारियों से जवाब भी माँगा था।

विदेश मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक लंदन में भारतीय उच्चायोग पर खालिस्तानियों के उत्पात मचाए जाने को लेकर नई दिल्ली में यूके के राजनयिक को तलब किया गया था। इस दौरान लंदन में भारतीय उच्चायोग के बाहर सुरक्षा न होने और उपद्रवियों के आसानी से उच्चायोग में दाखिल होने को लेकर सवाल पूछा गया था।

लंदन में भारतीय उच्चायोग पर हुए हमले का मास्टरमाइंड अवतार सिंह खंडा को बताया जा रहा है। उसे लंदन पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। अवतार सिंह की गिरफ्तारी के बाद कई बड़े राज खुलकर सामने आए हैं। पता चला है कि खालिस्तान समर्थक भगोड़े अमृतपाल सिंह को उसने ही ट्रेनिंग देकर भारत भेजा था।

पोल्स आ गई पोल्स… कंगना रनौत ने दिलजीत दोसाँझ को चेताया, कहा – खालिस्तानियों का समर्थन करने वालो याद रखो, अगला नंबर तुम्हारा है

खालिस्तानी भगोड़े अमृतपाल सिंह व ‘वारिस पंजाब दे’ प्रमुख अमृतपाल सिंह पर कार्रवाई के बीच बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत (Kangana Ranaut) ने एक्टर-सिंगर दिलजीत दोसाँझ (Diljit Dosanjh) पर निशाना साधा है। कंगना ने अपने ट्विटर अकाउंट और इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक पोस्ट शेयर किया, जिसे सबसे पहले स्विगी इंस्टामार्ट ने पोस्ट किया था।

इसमें कई तरह की दालें दिखाई दे रही है, जिस पर ‘पल्स आई पल्स’ लिखा हुआ है। एक्ट्रेस ने अपने ट्वीट में दिलजीत को टैग करते हुए लिखा, “बस कह रही हूँ।” वहीं, इंस्टाग्राम स्टोरीज पर कंगना ने एक खालिस्तान स्टिकर जोड़ा है, जिसमें क्रॉस का साइन है। इसमें उन्होंने अभिनेता-गायक को टैग करते हुए चेतावनी दी, “दिलजीत दोसांझ जी, पोल्स आगई पोल्स।”

कंगना रनौत की इंस्टा स्टोरी का स्क्रीनशॉट

अपनी दूसरी इंस्टा स्टोरी में कंगना ने लिखा, “खालिस्तानियों का समर्थन करने वाले सभी लोगों को याद है अगला नंबर तुम्हारा है। पोल्स आ चुकी है, ये वो वक्त नहीं है जब कोई कुछ भी करता था। देश के साथ गद्दारी या टुकड़े करने की कोशिश अब महँगी पड़ेगी।”

कंगना रनौत की इंस्टा स्टोरी का स्क्रीनशॉट

लुधियाना के काॅन्ग्रेस सांसद रवनीत सिंह बिट्टू ने 2020 में दिलजीत पर खालिस्तानियों का समर्थन करने का आरोप लगाया था। इसको लेकर दिलजीत ने जवाब दिया था, “मैं एक भारतीय करदाता हूँ, जो हमेशा जरूरत के समय देश और पंजाब के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहा है।”

बता दें कि 2020 में कंगना और दिलजीत के बीच सोशल मीडिया पर काफी बहस हुई थी। यह जुबानी जंग शाहीन बाग प्रदर्शन की दादी बिलकिस की वजह से छिड़ी थी, जिनका कंगना ने किसान प्रदर्शन में शामिल होने पर मजाक उड़ाया था। यही मजाक कई पंजाबी एक्टर को नागवार गुजरा, जिनमें दिलजीत भी शामिल थे। देखते ही देखते यह बहस इस कदर बढ़ गई थी कि कंगना ने दिलजीत दोसाँझ को ‘करण जौहर का पालतू’ तक कह डाला था।

वहीं दिलजीत ने इस पर पलटवार करते हुए लिखा था, “तूने जितने लोगों के साथ फिल्म की तू उन सबकी पालतू है…? फिर तो लिस्ट लंबी हो जाएगी मालिकों की…? ये बॉलीवुड वाले नहीं पंजाब वाले हैं… झूठ बोलकर लोगों को भड़काना और इमोशंस से खेलना आप अच्छे से जानती हो।”

6 देश से चल रहे 9 संगठन, मिशन- पंजाब में आतंक और रक्तपातः रिपोर्ट में बताया- नारकोटिक्स सिंडिकेट से मिलता है पैसा

पंजाब में आतंक और रक्तपात के लिए पाकिस्तान सहित छह अलग-अलग देशों में काम करने वाले नौ संगठन लगे हुए हैं। इनमें से पाकिस्तान से जुड़े संगठन रंजीत सिंह नीता की खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स (KZF), वाधवा सिंह बब्बर की बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) और परमजीत सिंह पंजवार की खालिस्तान कमांडो फोर्स (KCF) शामिल हैं।

इकोनॉमिक टाइम्स ने पुलिस और खुफिया अधिकारियों के हवाले से लिखा है कि खालिस्तान टाइगर फोर्स (KTF) का हरदीप सिंगर निज्जर लंदन में रहता है, जबकि खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (KLF) का गुरजीत सिंह चीमा कनाडा में रहता है। वहीं, KZF के गुरमीत सिंह उर्फ बग्गा और भूपिंदर सिंह भिंड जर्मनी में रहते हैं।

कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा किए गए एक आकलन के अनुसार अन्य प्रमुख सहयोगी भी हैं। इनमें गुरशरणवीर सिंह यूके में रहता है, गुरजिंदर सिंह इटली में और पुरुषोत्तम सिंह फ्रांस में रहता है। सिख फॉर जस्टिस (SFJ) नामक सबसे कुख्यात संगठनों में से एक के नेता गुरपतवंत सिंह पन्नू अमेरिका में हैं और एक राजनीतिक कार्यकर्ता के रूप में काम करता है।

सबसे महत्वपूर्ण भूमिका इंडो-कैनेडियन नारकोटिक्स सिंडिकेट द्वारा निभाई जाती है, जिसे ‘ब्रदर्स कीपर्स’ गिरोह के रूप में जाना जाता है। इसमें ग्रेवाल और मनिंदर धालीवाल के गिरोह शामिल हैं। सरकारी एजेंसियों द्वारा बनाए गए डोजियर के अनुसार, ये गिरोह वे कोलंबियाई कोकीन को मेक्सिको के माफियाओं तक भेजने का काम करते हैं। इतना ही नहीं, ये लोग SJF प्रमुख पन्नू को धन भी उपलब्ध कराते हैं।

आतंकवाद विरोधी अभियानों के प्रभारी पंजाब के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “पंजाब में खालिस्तान भावनाओं को पुनर्जीवित करने के प्रयासों को इन समूहों द्वारा गुप्त रूप से सहायता दी जा रही है। ये भारतीय उच्चायोग में बर्बरता की घटनाओं की एक श्रृंखला से स्पष्ट है।” कनाडा के ओंटारियो और ब्रिटिश कोलंबिया प्रांतों में सिख आबादी केंद्रित है। इनमें पंजाबी जड़ों वाले आपराधिक गिरोहों की संख्या में लगातार वृद्धि देख रही है।

एक अन्य अधिकारी ने कहा, “पंजाब से कनाडा जाने वाले लोगों के साथ-साथ हत्या, हत्या के प्रयास और UAPA के मामलों वाले गैंगस्टरों के के भी कनाडा जाने की संख्या बढ़ रही है। जैसे कि लखबीर सिंह लांडा, गोल्डी बराड़, अर्शदीप सिंह उर्फ अर्श दल्ला सहित कई अन्य गैंगस्टर भी शामिल हैं।।”

अधिकारियों ने यह भी उल्लेख किया है, ‘डायस्पोरा के बीच खालिस्तान मुद्दा गुरुद्वारों में एक विभाजनकारी मुद्दा रहा है। खालिस्तानियों के नेतृत्व वाले गुरुद्वारे आंदोलन को समर्थन देने वाली गतिविधियों में पैसा लगाते हैं।” ऐसे संगठनों को मजबूत और समर्थन देने के लिए भारत के नागरिक समाज संगठनों के माध्यम से भी दान दिया जा रहा है।

सिख खालिस्तान नेता और ‘वारिस पंजाब दे’ संगठन के प्रमुख अमृतपाल सिंह को लेकर चल रहे ड्रामे बीच यह घटनाक्रम सामने आया है। एजेेंसियों ने उसे भगोड़ा घोषित किया गया है और उसकी तलाश कर रही हैं। यह बता भी सामने आई है कि जिस बाइक से कुछ दूरी तक अमृतपाल भागा था, उसे बरामद कर लिया गया है। इसके साथ ही उसे भागने में मदद करने वाले चार लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है। उन पर आर्म्स ऐक्ट का मुकदमा दायर किया गया है।

उधर, पुलिस ने बुधवार (22 मार्च 2023) को दोपहर लगभग 12 बजे अमृतपाल की माँ से अमृतसर के जल्लूपुर स्थित खेड़ा गाँव में लगभग एक घंटे तक पूछताछ की। हालाँकि, अभी तक यह पता नहीं चल सका है कि पूछताछ किस मामले को लेकर की गई है। अमृतपाल के चाचा और ड्राइवर को पहले ही हिरासत में ले लिया गया है।

पुलिस ने अमृतपाल को गिरफ्तार करने के लिए लोगों से सहयोग माँगा है। पुलिस ने अमृतपाल का विभिन्न पोशाकों में तस्वीरें भी जारी की हैं। पंजाब के IGP सुखचैन सिंह गिल ने कहा कि अमृतपाल जिस ब्रेजा कार से भागा था, उसे भी बरामद कर लिया गया है। साथी ही अमृतपाल के ISI लिंक की भी जाँच पुलिस ने शुरू कर दी है।

IGP गिल के अनुसार, भागने के दौरान वह गुरुद्वारा नांगल अंबियन गया, जहाँ उसने अपने कपड़े बदल लिए। उन्होंने बताया कि इस मामले में अब 154 लोगों को या तो हिरासत में लिया गया है या फिर गिरफ्तार किया गया है। इसके साथ ही लगभग 12 हथियार जब्त किए गए हैं, जिनमें राइफल और पिस्टल भी शामिल हैं।

भास्कर के अनुसार, अमृपताल सिंह की पत्नी किरणदीप कौर विदेश में रहती है और वह बब्बर खालसा की सक्रिय सदस्य है। वह बब्बर खालसा के लिए फंड जुटाती है। साल 2020 में किरणदीप और 5 अन्य लोगों को बब्बर खालसा के लिए पैसे जुटाने के आरोप में गिरफ्तार भी किया गया था। वह ब्रिटेन से खालिस्तान मूवमेंट के लिए फंडिंग कर रही थी।