Home Blog Page 1939

सूपनखा रावन कै बहिनी… नाक कान बिनु कीन्हि: रेणुका चौधरी को छोड़िए, जानिए शूर्पणखा को लेकर क्या कहता है रामचरितमानस

23 मार्च 2023 को काॅन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी (Rahul Gandhi) को सूरत की एक अदालत ने दो साल की सजा सुनाई। उन्हें अदालत ने आपराधिक मानहानि के मामले में दोषी पाया है। मामला एक चुनावी रैली में ‘सभी चोरों के नामों में मोदी क्यों लगा होता है’ वाले बयान से जुड़ा है। सजा सुनाए जाने के बाद अदालत ने काॅन्ग्रेस नेता को तत्काल बेल देते हुए ऊपरी अदालत में अपील के लिए 30 दिनों का वक्त दिया है।

जैसा कि हम जानते हैं कि काॅन्ग्रेसी बगुला की तरह उन मौकों की ताक में बैठे रहते हैं, जब वे शीर्ष परिवार के सामने खुद को सबसे बड़ा ‘वफादार’ साबित कर सके। अब अदालत के फैसले ने काॅन्ग्रेसियों को वही मौका प्रदान किया है। खुद को ‘सर्वश्रेष्ठ वफादार’ साबित करने की लगी होड़ में पूर्व काॅन्ग्रेस सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री रेणुका चौधरी ने खुद को शामिल करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ मानहानि का केस करने की बात कही है।

रेणुका चौधरी ने एक वीडियो क्लिप शेयर करते हुए ट्वीट किया है, “इस क्लासलेस अहंकारी ने मुझे राज्यसभा में शूर्पणखा (Shurpanakha) कहा था। मैं उसके खिलाफ मानहानि का केस करूँगी। अब देखेंगे कि अदालतें कितनी तेजी से एक्शन लेंगी।” काॅन्ग्रेस की पूर्व सांसद ने पीएम मोदी का जो वीडियो शेयर किया है वह 7 फरवरी 2018 का है। प्रधानमंत्री सदन में राष्ट्रपति के अभिभाषण प्रस्ताव पर बोल रहे थे।

खैर अब इस राजनीतिक कथा को यहीं विराम देते हैं। जानते हैं कि जिस शूर्पणखा को रेणुका चौधरी चर्चा में लेकर आईं हैं, वह कौन थी? यदि आपने रामचरितमानस पढ़ी होगी तो अरण्य कांड में शूर्पणखा का चरित्र चित्रण भी पढ़ा ही होगा। यदि रामचरितमानस नहीं पढ़ा है तो भी घबराने की जरूरत नहीं है। नीचे हम तुलसीदास रचित कुछ दोहे और उनका अर्थ बता रहे हैं ताकि आप शूर्पणखा को ठीक से जान बूझ लें।

सूपनखा रावन कै बहिनी। दुष्ट हृदय दारुन जस अहिनी॥
पंचबटी सो गइ एक बारा। देखि बिकल भइ जुगल कुमारा॥

हिंदी में बोले तो शूर्पणखा रावण की बहन थी। नागिन के समान भयानक और दुष्ट हृदय की थी। मतलब जहरीली थी। वह एक बार पंचवटी (भगवान श्री राम, माता जानकी और लक्ष्मण का निवास स्थान) में गई। राम और लक्ष्मण को देखकर विकल (मतलब सेक्स को आतुर) हो गई।

भ्राता पिता पुत्र उरगारी। पुरुष मनोहर निरखत नारी॥
होइ बिकल सक मनहि न रोकी। जिमि रबिमनि द्रव रबिहि बिलोकी॥

काकभुशुण्डिजी कहते हैं- हे गरुड़जी! जो स्त्री (शूर्पणखा- जैसी राक्षसी, जो कामांध है, जिसे धर्म का ज्ञान नहीं है) मनोहर पुरुष को देखकर, चाहे वह भाई, पिता, पुत्र ही हो, विकल हो जाती है। मन पर काबू नहीं रहता। जैसे सूर्यकान्तमणि सूर्य की ज्वाला से पिघल जाती है।

रुचिर रूप धरि प्रभु पहिं जाई। बोली बचन बहुत मुसुकाई॥
तुम्ह सम पुरुष न मो सम नारी। यह सँजोग बिधि रचा बिचारी॥

शूर्पणखा सुन्दर रूप धरकर प्रभु के पास जाती है। बहुत मुस्कुराकर कहती है- न तो तुम्हारे समान कोई पुरुष है, न मेरे समान स्त्री। विधाता ने यह संयोग (जोड़ा) बहुत विचार कर रचा है।

मम अनुरूप पुरुष जग माहीं। देखेउँ खोजि लोक तिहु नाहीं॥
तातें अब लगि रहिउँ कुमारी। मनु माना कछु तुम्हहि निहारी॥

मेरे योग्य पुरुष दुनिया में नहीं है। मैंने तीनों लोकों में खोजकर देखा है। यही कारण है कि अभी तक मैंने शादी नहीं की है। अब तुमको देखकर मेरा मन अटक गया है।

अगले कुछ दोहों में श्री राम द्वारा शूर्पणखा का अनुरोध ठुकराने, फिर प्रस्ताव लेकर उसके लक्ष्मण के पास जाने, वहाँ भी दुत्कार मिलने की कथा है। दुत्कारे जाने के बाद शूर्पणखा अपने असली रूप में आ जाती है। रामचरितमानस में कहा गया है;

तब खिसिआनि राम पहिं गई। रूप भयंकर प्रगटत भई॥
सीतहि सभय देखि रघुराई। कहा अनुज सन सयन बुझाई॥

गुस्से में शूर्पणखा श्री रामजी के पास जाती है। अपना भयंकर रूप दिखाती है। उसे देख सीताजी भयभीत होती जातीं हैं। फिर लक्ष्मण को श्री राम जी इशारा करते हैं।

लछिमन अति लाघवँ सो नाक कान बिनु कीन्हि।
ताके कर रावन कहँ मनौ चुनौती दीन्हि॥

इशारा पाते ही लक्ष्मण जी बड़ी फुर्ती से शूर्पणखा को बिना नाक-कान का कर देते हैं…

नोट: दोहों को बोलचाल की हिंदी में समझाने के लिए रामचरितमानस से हूबहू व्याख्या नहीं ली गई है।

निजी सेना, बुलेटप्रूफ जैकेट और निजी फायरिंग रेंज: अमृतपाल ने ‘खालिस्तानी डॉलर’ का बना रखा था डिजाइन, नशेड़ियों और पूर्व सैनिकों को AKF में कर रहा था भर्ती

पाकिस्तान से लगते सीमावर्ती राज्य पंजाब में अस्थिरता फैलाने के लिए खालिस्तानी अमृतपाल सिंह किस तरह लगा हुआ था, इसका अब खुलासा हो रहा है। दुबई से भारत आकर ‘वारिस पंजाब दे’ संगठन पर कब्जा करने के बाद अमृतपाल ने एक निजी फौज तैयार कर रहा था। उसके सदस्यों को वह गाँव के फायरिंग रेंज में गोली चलाने की ट्रेनिंग भी देता था।

अमृतपाल ने ‘आनंदपुर खालसा फौज (AKF)’ के नाम से एक निजी सेना तैयार कर रहा था। इसमें वह युवकों का माइंडवॉश करके भर्ती करता था। इसके साथ ही उन्हें हथियार चलाने की ट्रेनिंग भी देता था। इसके लिए उसने गाँव जल्लूपुर खेड़ा में नदी के किनारे स्थाई फायरिंग रेंज भी बनाया था। फायरिंग की ट्रेनिंग देते हुए उसका एक वीडियो भी सामने आया है।

यह बात भी सामने आई है कि वह ड्रग्स एडिक्ट और बदमाश बने सुरक्षाबल के पूर्व लोगों को विशेष तौर पर अपने साथ जोड़ रहा था। अमृतपाल अपने लोगों को उन पूर्व सैनिकों की तलाश शुरू करने के लिए कहा था कि जिन्हें बुरे आचरण की वजह सेना से जबरन सेवानिवृत्त कर दिया गया था। वह इन का इस्तेमाल हथियारों के प्रशिक्षण देने के लिए करना चाहता था।

पंजाब पुलिस का कहना है कि इस अस्थायी रेंज में युवाओं को हाईटेक हथियारों को पकड़ने, उसे लोड करने और चलाने का प्रशिक्षण दिया गया था। पुलिस ने बुधवार (22 मार्च 2023) को अमृतपाल के गनमैन तेजिंदर सिंह गिल उर्फ गोरखा बाबा को गिरफ्तार किया था। उसके मोबाइल फोन में इससे संबंधित कई तस्वीर और वीडियो मिले हैं।

इन तस्वीरों और वीडियो से अमृतपाल की देशद्रोही गतिविधियों में से एक और साजिश का खुलासा हुआ। पुलिस को गोरखा बाबा की मोबाइल से आनंदपुर खालसा फौज के होलोग्राम भी मिले हैं। इसके अलावा, ‘खालिस्तानी डॉलर’ का प्रारूप और डिजाइन भी मिले हैं। इसके साथ ही कई अन्य तरह के वीडियो भी मिले हैं।

पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी-मुख्यालय) सुखचैन सिंह गिल ने कहा कि बाबा के फोन से बरामद तस्वीरें और वीडियो अमृतपाल और उसके समूह की सीमावर्ती राज्य में भयावह गड़बड़ी की ओर इशारा करने के लिए पर्याप्त हैं। वीडियो यह दिखाने के लिए काफी हैं कि वे राष्ट्रीय सुरक्षा और पंजाब की शांति और सद्भाव के लिए कितना बड़ा खतरा बन रहे थे।

उन्होंने कहा कि परिस्थितियों को देखते हुए ऐसा लगता है कि इसमें पाकिस्तान की आईएसआई भी शामिल है और विदेशी फंडिंग भी। बता दें कि पंजाब पुलिस ने इसके पहले कहा था कि अमृतपाल AKF बनाने की कोशिश कर रहा था। इसके लिए उसने 35 बुलेटप्रूफ जैकेट, गाड़ियाँ और हथियार खरीदे थे। इन जैकेटों और राइफलों पर उसने इस संगठन का नाम तक छाप दिया था।

IGP गिल ने कहा कि बाबा के खिलाफ खन्ना पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 188 (लोक सेवक द्वारा विधिवत आदेश देने की अवज्ञा) और 336 (दूसरों की निजी सुरक्षा को खतरे में डालने वाला कार्य) और शस्त्र की धारा 27 के तहत मामला दर्ज किया है। उन्होंने कहा कि अमृतपाल की योजनाओं की विस्तृत जानकारी के लिए पुलिस टीम बाबा से पूछताछ कर रही है।

आईजीपी ने कहा कि अब तक कुल 207 लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें से 30 आपराधिक गतिविधियों में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि 177 लोगों को एहतियातन हिरासत में लिया गया है। उन्होंने कहा कि ‘कट्टर तत्वों’ के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और ‘गुमराह और निर्दोष युवाओं’ को चेतावनी देकर छोड़ दिया जाएगा।

‘मैं आपकी मदद करूँगा, वे बोलेंगे आपके जैकेट में नाक पोंछ दी’: राहुल गाँधी ने किया क्लियर, खड़गे के कपड़े में नहीं पोछी थी नकटी; देखिए Video

बीते दिनों राहुल गाँधी की कॉन्ग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की पीठ पर उंगली फेरने की स्लो मो वीडियो आने के बाद सोशल मीडिया पर कई कयास लगे थे। अब राहुल गाँधी ने उसी वीडियो को लेकर मल्लिकार्जुन के सामने अपनी सफाई दी है। उन्होंने खड़गे को सीढ़ियों से उतरने में सहायता करने के बाद कहा कि अगर वो मदद भी करते हैं तो लोग कहते हैं कि नाक पोंछ दी।

ताजा वीडियो में देख सकते हैं कि सोनिया गाँधी, राहुल गाँधी, कॉन्ग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे संसद परिसर के दरवाजे से बाहर निकल रहे हैं। इस दौरान राहुल कॉन्ग्रेस अध्यक्ष को पहले पकड़कर सीढ़ियों से उतारते हैं और फिर कहते हैं, “अगर मैंने आपको पकड़ा तो सब कहेंगे कि मैं नाक पोंछ रहा हूँ। क्या विशुद्ध बकवास है। आपने देखा क्या? मैं तो आपकी वहाँ मदद कर रहा था। पर लोगों ने कहा कि मैं आप पर अपनी नाक पोंछ रहा था।”

बता दें कि पिछले दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आई थी। इस वीडियो को पीछे से रिकॉर्ड किया गया था। इसमें दिख रहा था कि राहुल गाँधी मल्लिकार्जुन खड़गे के पीछे चल रहे हैं और फिर अचानक वो अपना हाथ नाक के पास ले जाते हैं, बाद में उसे दोबारा उंगली को खड़गे की जैकेट में पोंछ देते हैं।

इस वीडियो को देखने के बाद लोगों ने राहुल गाँधी को लेकर कई सवाल किए थे। जगह-जगह यही दावा किया गया था कि उन्होंने नाक ही पोंछी। लोगों ने इस हरकत को घिनौना बताते हुए कहा कि ये कितना अजीब है क्या सोनिया गाँधी ने राहुल को इतनी तमीज नहीं सिखाई कि किसी की जैकेट पर नाक पोंछना गंदी आदत हैं।

‘साधना के बल पर तय की भदौरिया से लेकर गुरु तक की यात्रा’: आश्रम ने ‘करौली सरकार’ पर लगे आरोपों का दिया जवाब, कहा – यहाँ कोई झाड़-फूँक नहीं होता

कानपुर के ‘करौली सरकार’ बाबा पर मीडिया रिपोर्ट्स में कई आरोप लगाए गए हैं अब ‘लवकुश आश्रम’ की तरफ से इन आरोपों का जवाब दिया गया है। उन पर पहली पत्नी को छोड़ कर दूसरी शादी करने और कभी टेम्पो में चलने से लेकर अब 3 रेन्ज रोवर कारों के मालिक होने की बात कही जा रही है। साथ ही उन पर अकूल संपत्ति जुटाने के आरोप भी लगे हैं। ‘करौली सरकार’ का असली नाम संतोष सिंह भदौरिया बताया जा रहा है, जो मूल रूप से पवई गाँव के हैं।

‘करौली सरकार’ (डॉ संतोष सिंह भदौरिया) के जीवन बारे में कानपुर के ‘लवकुश’ आश्रम ने दी जानकारी

‘लवकुश आश्रम’ की तरफ से जारी बयान में उन्हें ‘करौली शंकर महादेव’ कह कर संबोधित करते उन्हें सनातन संस्कृति का वाहक बताया गया है और कहा गया है कि एकाएक उन पर आरोप लगाए जा रहे हैं। आश्रम प्रशासन ने बताया है कि करीब 20 वर्ष पहले विधनू थाना क्षेत्र के गाँव करौली में आश्रम स्थापित किया गया। तभी से वहाँ प्राकृतिक कृषि, गौ-पालन के साथ आयुर्वेदिक व प्राकृतिक चिकित्सा की गतिविधियाँ चल रही हैं।

बताया गया है कि प्रतिदिन हजारों लोग लाभान्वित हो रहे हैं। आश्रम ने दावा किया कि अभी तक देश भर के लाखों लोग शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ हुए हैं, इनके प्रमाण उपलब्ध हैं। साथ ही कहा कि यह सब कार्य एक जुनून की तरह से डाॅ संतोष सिंह भदौरिया जी के नेतृत्व में होता रहा है। ‘डाॅ भदौरिया’ को तंत्र विद्या और अध्यात्म का भी साधक बताते हुए आश्रम ने कहा है कि उसी आलोक में तंत्र के गुरु श्री राधारमण मिश्र जी की कृपा और आशीर्वाद उन्हें शिष्य के रूप में प्राप्त हुआ है, जिसके फलस्वरूप डाॅ भदौरिया जी को विशेष ऊर्जा प्राप्त हुई।

बकौल आश्रम, इसी ऊर्जा के स्वामी होने के कारण जनसामान्य ने उन्हें गुरु के रूप में संबोधन दिया, स्वीकारा। ‘लवकुश आश्रम’ की तरफ से कहा गया है कि आज गुरु जी रूपी यह ऊर्जा ही वह आकर्षण है, जिसके चलते लाखों लोग करौली आश्रम खींचे चले आ रहे हैं, क्योंकि आश्रम में पहुँचने मात्र से लोग राहत महसूस करने लगते हैं। उनके समक्ष आने पर बीमार से बीमार व्यक्ति स्वयं से ही ऊर्जावान महसूस करने लगता है, बीमार हो तो स्वस्थ होने लगता है, चाहे वह शारीरिक रोग हो या मानसिक रोग।

‘करौली सरकार’ के आश्रम की तरफ से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि संतोष सिंह भदौरिया बचपन से जवानी तक सामान्य व्यक्ति रहे हैं, वे आक्रामक किसान नेता भी रहे हैं, राजनीतिक क्रियाकलापों में भी रहे हैं, मुकदमेबाजी में फँसे हैं, जेल भी गए हैं। लेकिन, आश्रम का ये भी कहना है कि यह उनका अतीत था, तब वे सामान्य मनुष्य के रूप में भदौरिया थे, आज असामान्य रूप से गुरु जी हैं। बकौल आश्रम, भदौरिया से लेकर गुरु जी तक की यात्रा उन्होंने साधना के बल पर की है, उनकी पुस्तक ईश्वरीय चिकित्सा, एक अनुसंधान में इस पर सब कुछ स्पष्ट लिखा गया है।

आश्रम ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया कि अभी जो लोग उनकी इस साधना के बारे में अनभिज्ञ हैं, वे उन्हें भदौरिया मानकर ही चल रहे हैं, जिनके बहुत सारे व्यक्तिगत मित्र भी रहे हैं और शत्रु भी। जबकि मध्यस्थ दर्शन के प्रतिपादक संत अग्रहार नागराज का एक तथ्य है कि कोई भी मनुष्य अपनी संकल्प शक्ति से कब कितना बदल जाएगा, इसका अनुमान भी नहीं लगाया जा सकता। दावा किया गया है कि भदौरिया इतना ही बदले हैं, लेकिन कुछ लोगों को भदौरिया जी का गुरुजी बनना नहीं पच रहा है, इसलिए यह व्यक्तिगत ईर्ष्या-द्वेष और आरोप-प्रत्यारोप हैं, जो कि पूर्वाग्रहों से ग्रसित है।

बताया गया है कि वर्तमान में प्रतिदिन हजारों पीडि़त लोग आश्रम पहुँच रहे हैं। ये भी कहा गया है कि चूँकि यहाँ जीवन और आत्मा से जुड़े मन के क्रियाकलापों का भी प्राचीन वैदिक विज्ञान के तरीके से उपचार होता है, इसलिए बड़ी संख्या में मनोरोगी भी दरबार आते हैं। चूँकि आश्रम में साधन सीमित हैं, इसलिए उन्हें संभालने की पूरी जिम्मेदारी उनके परिजनों की ही होती है। संख्या अधिक होने के कारण कुछ लोगों से ‘करौली सरकार’ मिल पाते हैं, कुछ से नहीं मिल पाते हैं।

आश्रम ने कहा कि इसी कारण हजारों में एक दो लोग दुखी हो जाते हैं, आहत या आक्रोशित भी हो जाते हैं। कोई आश्रम की व्यवस्था मनोकूल न होने के कारण नाराज हो जाता है तो कोई अपेक्षानुसार लाभ न मिलने के कारण रुष्ट हो जाता है। कोई रहस्य या चमत्कार न दिख पाने के दरबार पर प्रश्न उठाने लगता है, जबकि सभी को बार-बार स्पष्ट किया जाता है कि यहाँ कोई रहस्य या चमत्कार नहीं है, न ही कोई जादू-टोना या झाड़-फूँक होती है। ‘लवकुश आश्रम’ ने कहा कि वास्तव में जो लोग सनातन या वैदिक ज्ञान से परिचित नहीं होते हैं या आधे-अधूरे परिचित होते हैं, वे ही लोग प्रश्न उठाते हैं।

‘करौली सरकार’ पर लगे आरोपों का भी आश्रम ने दिया जवाब

नोएडा के चिकित्सक महोदय सिद्वार्थ चौधरी ने आरोप लगाया था कि आश्रम में उन्हें ‘चमत्कार’ नहीं दिखा और ये कहने पर बाबा के समर्थकों ने उनकी पिटाई की। हालाँकि, ‘लवकुश आश्रम’ ने बताया है कि उनका आचरण काफी आक्रामक व अमानवीय रहा है, फिर भी आश्रम अपनी जिम्मेदारी को स्वीकारता है, उनके हितों की कामना करता है। वहीं उनके आरोपों के संबंध में आश्रम ने कहा कि पुलिस इसकी जाँच कर रही है, जाँच में जो भी निष्कर्ष निकलेंगे, उसका स्वागत किया जाएगा।

तब उचित रूप से अपना पक्ष प्रस्तुत किए जाने की बात भी कही गई है। इसी प्रकार दूसरा आरोप एक व्यक्ति का बच्चा खो जाने का है। इस पर आश्रम प्रशासन ने कहा कि ये पहले ही स्पष्ट किया जा चुका है, कि यहाँ आने वाले हर बीमार व्यक्ति की जिम्मेदारी उसके परिजनों की है। उनकी तरफ से बताया गया कि आश्रम में साधन सीमित हैं और निःशुल्क हैं, इसलिए सभी की सुरक्षा या देखभाल के लिए कर्मचारी तैनात नहीं किए जाते हैं।

‘लवकुश आश्रम’ ने कहा कि यह मंदिर परिसर है, जिसमें हजारों भक्त आते हैं, दूसरे मंदिरों की तरह ही, इसलिए कोई व्यक्ति यह कहे कि उसका बेटा मंदिर गया था, गायब हो गया और यह मंदिर प्रशासन की जिम्मेदारी है, तो यह कहना न तर्कसंगत है, न न्यायोचित। एक पूर्व सुरक्षा कर्मचारी द्वारा भी आरोप लगाया गया है कि उसके साथ आश्रम के वर्तमान सुरक्षाकर्मियों ने मारपीट की है। आश्रम ने कहा कि इस संबंध में केवल इतना कहना है कि ये सभी सुरक्षाकर्मी साथ-साथ ड्यूटी करते रहे थे।

स्पष्टीकरण में कहा गया है कि उनका दूसरे कर्मचारी से कुछ व्यक्तिगत ईर्ष्या द्वेष हो सकता है, इसके लिए आश्रम को जिम्मेदार ठहराना न्यायोचित नहीं है। वहीं जहाँ घटनास्थल बताया गया है, उसे दूसरे गाँव के एक गेस्टहाउस का मामला करार दिया गया है। इसके लिए ‘करौली सरकार’ को जिम्मेदार ठहराए जाने को उनके आश्रम ने केवल उनकी हताशा का प्रदर्शन बताया है। आश्रम ने कहा कि लोकतंत्र में विचारों और पद्धतियों से सहमति-असहमति चलती रहती है।

आश्रम ने कहा, “एक-दो लोगों के प्रचार या दुष्प्रचार के कारण पूरी वैदिक पद्धितियों या सनातन व्यवस्था पर सवाल खड़ा करना कतई भी उचित नहीं कहा जा सकता है, क्योंकि उनके कारण बाकी के जो हजारों लोग हैं, वे लाभ से वंचित रह सकते हैं। उनकी आस्था आहत होती है। दुर्भाग्यजनक यह है कि कुछ लोग ऐसा करके नकारात्मक तरीके से स्वयं को प्रसिद्ध करना चाहते हैं, ब्लैकमेल करना चाहते हैं। उनका यह कृत्य न केवल सनातन संस्कृति के लिए घातक है, बल्कि एक तरह से हमला है।”

पंजाब में ‘जेल ब्रेक’ की आशंका: कैदियों का ब्रेनवॉश कर रहे खालिस्तानी, भीड़ जुटा कर साथियों को छुड़ाने की साजिश

फरार चल रहे अमृतपाल सिंह के गिरफ्तार समर्थकों को पंजाब के बाहर शिफ्ट किया गया है। खुफिया एजेंसियों को अजनाला जैसी घटना की पुनरावृत्ति की आशंका थी। इसी वजह से यह कदम उठाया गया है। रिपोर्टों के मुताबिक खालिस्तानी समर्थक गिरफ्तार आरोपितों को छुड़ाने के लिए जेल पर हमले कर सकते हैं।

न्यूज एजेंसी एएनआई ने खुफिया सूत्रों के हवाले से जानकारी दी है कि खुफिया एजेंसी के ऑफिसर और पंजाब पुलिस के बीच मीटिंग के दौरान संभावित हमले की आशंका जाहिर की गई। एजेंसियों ने इनपुट्स के आधार पर पंजाब पुलिस को जानकारी दी कि एनएसए के तहत गिरफ्तार वारिस पंजाब दे के सदस्यों और खालिस्तानी समर्थकों को छुड़ाने के प्रयास हो सकते हैं। ऐसे में उन्हें पंजाब के बाहर शिफ्ट कर देना चाहिए।

इसके साथ-साथ खुफिया एजेंसियों को इनपुट्स मिले हैं कि जेल में बंद खालिस्तानी समर्थक अन्य कैदियों का ब्रेन वॉश कर उन्हें आनंदपुर खालसा फौज (AKF) में शामिल करा सकते हैं। कैदियों को उकसा कर जेल ब्रेक जैसी घटनाओं को भी अंजाम दिया जा सकता है। अर्थात खुफिया एजेंसियों को जेल के अंदर व जेल के बाहर से हमले के इनपुट्स मिले हैं। जिसके आधार पर कुछ कैदियों को शिफ्ट करने का फैसला लिया गया।

खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक, खालिस्तानी समर्थक भीड़ जमा कर अजनाला जैसी घटना अंजाम देने की साजिश रच सकते हैं। या पंजाब के जेलों से ही आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दिया जा सकता है। रिपोर्टों में दावा है कि गिरफ्तार खालिस्तानी समर्थकों पर एनएसए लगाया गया है क्योंकि वे लोग खालिस्तान के नाम पर युवाओं के बीच हिंसा और गन कल्चर को बढ़ावा दे रहे थे। एकेएफ जैसे संगठनों को तैयार कर मजबूत करने की कोशिश हो रही थी। जो देश की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते थे।

एजेंसियों का दावा है कि वारिस पंजाब दे संगठन के लोगों का लिंक ‘सिख फॉर जस्टिस’ जैसे प्रतिबंधित संगठनों से है। जो राज्य में आगे भी हिंसक घटनाओं को अंजाम दे सकते हैं। एसएफजे अब खुलकर ‘वारिस पंजाब दे’ के समर्थन में आ चुका है। बता दें कि पिछले दिनों अमृतपाल के चाचा और ड्राइवर ने सरेंडर कर दिया था। सुरक्षा कारणों से अमृतपाल सिंह के चाचा और 5 अन्य खालिस्तानी समर्थकों को असम के डिब्रूगढ़ जेल शिफ्ट कर दिया गया था।

अजनाला में क्या हुआ था?

हथियारों से लैश खालिस्तान समर्थकों ने 23 फरवरी 2023 को अमृतसर स्थित अजनाला थाने पर हमला कर दिया था। हजारों की संख्या में जुटे निहंग सिखों ने तलवार और बंदूक आदि हथियारों के साथ थाने पर धावा बोल दिया था। खालिस्तान समर्थक ‘वारिस पंजाब दे’ के चीफ अमृतपाल सिंह के खिलाफ FIR और उसके करीबी लवप्रीत तूफान की गिरफ्तारी का विरोध कर रहे थे। इतना ही नहीं, इसके बाद पंजाब पुलिस को विवश होकर लवप्रीत तूफान को छोड़ना पड़ा था। जिसके बाद पुलिस की जमकर आलोचना हुई थी।

स्टेशन- सीवान, ट्रेन- बरौनी मेल, मिला- 28 किलो विस्फोट… बिहार में शराब की थी तलाश, मिल गया बारूद का डब्बा: धमाका होता तो ट्रेन सहित उड़ जाता पूरा स्टेशन

ग्वालियर-बरौनी मेल बुधवार (22 मार्च 2023) को जब बिहार के सीवान रेलवे स्टेशन पर पहुँची तो ट्रेन में शराब की तलाशी का अभियान चलाया गया। इस दौरान GRP के हाथ विस्फोटक का जखीरा लग गया। एक जनरल कोच के शौचालय के पास पड़े जिस लावारिस डब्बे में शराब होने का अंदेशा था, उसमें करीब 28 किलो विस्फोटक थे। इस विस्फोटक की ताकत आप इस बात से समझ सकते हैं कि यदि धमाका होता तो ट्रेन सहित पूरा स्टेशन ही उड़ जाता।

उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार के कई स्टेशनों से होती हुई यह ट्रेन सीवान पहुँची थी। दो नंबर प्लेटाफाॅर्म पर खड़ी थी। जाँच के दौरान जनरल कोच के शौचालय के पास जीआरपी जवान शब्बीर खान को एक बड़ा सा डब्बा मिला। इस लेकर वे जीआरपी थाने आ गए और अपने सीनियर्स को इसकी जानकारी दी। डब्बा खोलने के बाद जीआरपी अधिकारियों को इसमें विस्फोटक होने का शक हुआ। इसके बाद पटना बम निरोधक दस्ते से संपर्क किया गया।

मिली जानकारी के अनुसार एएसआई नन्हेलाल पासवान, हवलदार हरि उराँव और हेड कांस्टेबल शब्बीर खान समेत जीआरपी की एक टीम ग्वालियर-बरौनी एक्सप्रेस के डब्बों में नियमित सर्च पर थी। इस दौरान ट्रेन के एक जनरल कोच के शौचालय के पास शब्बीर खान को प्लास्टिक के डब्बे में संदिग्ध सामान रखा मिला। शब्बीर ने यात्रियों से इसके बारे में जानकारी माँगी। किसी भी यात्री की तरफ से जवाब नहीं मिला। जीआरपी के जवानों को डब्बे में शराब होने का शक हुआ और वे उसे लेकर जीआरपी थाने पहुँच गए।

विस्फोटक मिलने की सूचना के बाद बम निरोधक दस्ते की टीम सीवान पहुँची। बताया जा रहा है कि बैग के अंदर 13 अलग-अलग पैकेटों में लगभग 28 किलो विस्फोटक भरे हुए थे। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार जाँच में पता चला कि विस्फोटक इतना शक्तिशाली था कि इससे ट्रेन समेत पूरे स्टेशन को उड़ाया जा सकता था। बम निरोधक दस्ते ने विस्फोटक को जीआरपी स्टेशन से सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया। बम निरोधक दस्ता विस्फोटक को निष्क्रिय कर आगे की जाँच कर रहा है।

जीआरपी ने भी केस दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। पता लगाने की कोशिश हो रही है कि ट्रेन के कोच में विस्फोटक कैसे पहुँचाया गया और इसे कहाँ ले जाया जा रहा था। बता दें कि ग्वालियर-बरौनी एक्सप्रेस मध्य प्रदेश के ग्वालियर से बिहार के बेगूसराय जिले के बरौनी के तक चलती है। सीवान तक पहुँचने से पहले ट्रेन कुल 34 स्टेशनों पर ठहरती है। जीआरपी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ट्रेन में विस्फोटक किस स्टेशन पर और किसने रखा।

कोठियाँ, लग्जरी गाड़ियाँ और अकूत संपत्ति: बसपा के पूर्व मंत्री हाजी याकूब की ₹9 करोड़ की संपत्ति जब्त, अलीगढ़ में जहीर के ठिकानों पर 150 अधिकारियों का छापा

उत्तर प्रदेश में मीट कारोबारियों पर यूपी सरकार का ऐक्शन जारी है। बसपा नेता और मीट माफिया हाजी याकूब कुरैशी की 9 करोड़ रुपए की संपत्ति को कुर्क किया गया है। इसके साथ ही 31 करोड़ की अन्य अवैध संपत्ति को भी चिह्नित किया गया है। वहीं, अलीगढ़ के मीट कारोबारी हाजी जहीर के घर आयकर विभाग का छापा तीसरे दिन भी जारी है, जहाँ से करोड़ों रुपए की संपत्ति मिलने की बात कही जा रही है।

पहले बात करते हैं हाजी याकूब की। हाजी याकूब बसपा के नेता और पूर्व मंत्री रह चुके हैं। इसके साथ ही वह मीट कारोबारी हैं। मेरठ पुलिस ने गुरुवार (23 मार्च 2023) छातरपुर में याकूब के खेतों पर कुर्की की। ये दोनों याकूब की बीवी संजीदा बेगम के नाम पर है। इन खेतों की कीमत 9 करोड़ रुपए बताई जा रही है।

जेल में बंद याकूब की 31 करोड़ 77 लाख रुपए की अन्य अवैध संपत्तियाँ भी चिह्नित की गई हैं। इन पर भी जल्द ही कार्रवाई की जाएगी। सीओ किठौर रुपाली रॉय के अनुसार, याकूब की संपत्तियों का जो ब्योरा जुटाया गया है, उनमें 26 संपत्तियाँ जमीन और इमारत के रूप में हैं। 32 वाहन हैं। इसमें 24 से ज्यादा चार पहिया लग्जरी गाड़ियाँ हैं। बाकी दो पहिया वाहन हैं।

जो 26 संपत्तियाँ जमीन और इमारत के रूप में चिह्नित की गई हैं, उनमें 7 आलीशान कोठियाँ शामिल हैं। ये कोठियाँ मेरठ में अलग-अलग जगह पर हैं।पुलिस ने याकूब का हापुड़ रोड का स्कूल, अस्पताल, मीट फैक्टरी, प्लॉट, सराय बहलीम स्थित दो मकान समेत अन्य जगहों पर अवैध संपत्ति को चिह्नित किया है।

याकूब कुरैशी की 10 गाँवों में जमीन मिली है। इन जगहों पर कुछ जगह निर्माण भी किया गया है। सराय बहलीम कोतवाली में 2 कोठियाँ संजीदा बेगम के नाम पर हैं। जाहिदपुर में एक कोठी और 6 जगह भवन मिले हैं।

याकूब और उनके बेटे इमरान एवं फिरोज के नाम पर मर्सिडीज, जैगुवार, रेंजर रोवर जैसी लग्जरी एवं महंगी गाड़ियों के साथ स्पोर्ट्स बाइकें मिली हैं। अलफहीम मीटेक्स कंपनी के नाम 23 गाड़ियाँ हैं, जिनमें इनोवा, पजेरो, बलेरो और 5 स्कॉर्पियो शामिल हैं।

हाजी याकूब कुरैशी 7 जनवरी 2023 से सोनभद्र जेल में बंद हैं। उनके बेटे इमरान और फिरोज इस वक्त जमानत हैं। याकूब कुरैशी और उनके बेटों पर अवैध ढंग से अकूत कमाई करने और संपत्ति इकट्ठा करने का आरोप है। हाजी याकूब 1989 तक ठेले पर नींबू बेचते थे। फिर गुड़ के धंधे में हाथा लगाया। प्रॉपर्टी का काम किया। बाद में बसपा में शामिल होकर मायावती सरकार में मंत्री बन गए।

हाजी मोहम्मद जहीर

उधर अलीगढ़ के रहने वाले मीट कारोबारी हाजी मोहम्मद जहीर के खिलाफ पिछले तीन दिनों से आयकर विभाग की रेड जारी है। तीसरे दिन गुरुवार (23 मार्च 2023) को जहीर के गुरुग्राम स्थित मीट फैक्ट्रियों, कोठी और संबंधियों के ठिकानों पर यह छापेमारी की कार्रवाई की गई। इसमें 150 अधिकारियों की 5 टीमें लगी हुई हैं।

इसके पहले जहीर के दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के ठि‍कानों पर छापेमारी हुई। इस छापेमारी में जहीर की कंपनी का दुबई कनेक्शन सामने आया है। इसके साथ ही अवैध तौर पर और आय से अधिक संपत्ति जमा करने का मामला सामने आया है। अलीगढ़ में जहीर की पाँच मीट फैक्ट्रियाँ हैं।

यह भी कहा जा रहा है कि जहीर ने अवैध तौर पर करोड़ों रुपए मनी लॉड्र‍िंग करके दुबई में काफी प्रॉपर्टी खरीदी है। यह नकदी के बजाय मीट देकर खरीदी गई हैं। अल हमद नाम की मीट निर्यातक कम्पनी जहीर की है और इसके कई निेदेशकों का दुबई से कनेक्शन सामने आया है।

कहा जा रहा है कि छापेमारी में पुलिस को भारी मात्रा में नकदी और आभूषण मिले हैं। इनकी चर्चा हर तरफ हो रही है। बुधवार (22 मार्च 2023) को हाजी जहीर के घर पर मिले नोट को गिनने के लिए आयकर विभाग को 10 मशीनें मँगवानी पड़ी थीं। यहाँ तक दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं।

हाजी जहीर का मीट के अलावा रीयल एस्टेट का भी कारोबार बताया जा रहा है। कहा जा रहा है कि जहीर के अलावा उसकी बीवी और बेटों के नाम पर भी कंपनियाँ हैं, जो मनी लॉन्ड्रिंग के काम में लगी हुई हैं। हाल ही में जहीर की फैक्ट्री में गैस रिसाव के चलते 50 से ज्यादा मजदूर बेहोश हो गए थे।

‘भीड़ ने बनाया हिंदुओं को निशाना…’ : AAP के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन समेत 11 पर दिल्ली कोर्ट ने किए आरोप तय, IB के अंकित शर्मा की हत्या का मामला

साल 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए हिंदू विरोधी दंगों के दौरान आईबी स्टाफ अंकित शर्मा की निर्मम हत्या के मामले में आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन समेत 11 लोगों के खिलाफ आज (23 मार्च 2023) कड़कड़डूबा कोर्ट में आरोप तय हुए। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पुलस्त्य प्रमाचल ने कहा कि गवाहों के बयानों से स्पष्ट पता चलता है कि सभी आरोपित घटनास्थल पर मौजूद थे।

न्यायाधीश ने अंकित शर्मा हत्या केस में आरोप तय करते हुए माना, “ताहिर भीड़ पर निगरानी रखने और उन्हें प्रेरित करने के लिए लगातार काम कर रहा था। ये सभी चीजें हिंदुओं को निशाना बनाने के लिए की गई थीं।”

जानकारी के मुताबिक, ताहिर हुसैन और अन्य के खिलाफ आईपीसी की धारा 147, 148, 153 ए, 302, 365, 120बी, 149, 188 और 153ए के तहत आरोप तय किए गए हैं। अन्य आरोपितों का नाम हसीन, नाजिम, कासिम, समीर खान, अनस फिरोज, जावेद, गुलफाम, शोएब आलम और मुंतजिम है। हुसैन के खिलाफ आईपीसी की धारा 505, 109 और 114 के तहत भी केस आरोप तय किए गए हैं।

अदालत ने कहा, “भीड़ के इन कृत्यों से यह स्पष्ट होता है कि उनका उद्देश्य हिंदुओं को उनके शरीर और संपत्ति को अधिक से अधिक नुकसान पहुँचाना था। यह भी स्पष्ट रूप से दिख रहा है कि यह भीड़ जानबूझकर हिंदुओं को भी मारना चाहती थी। यह नहीं कहा जा सकता है कि इस भीड़ का हिस्सा होने के बावजूद वो ऐसे उद्देश्य से बेखबर थे। जाहिर तौर पर, यह एक गैरकानूनी भीड़ थी, जो उस उद्देश्य के लिए काम कर रही थी।” इससे पहले ताहिर हुसैन पर कड़कड़डूमा कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोप तय किए थे। इसके अलावा ये भी कहा था कि उत्तर पूर्वी दंगों में उसने फंडिंग की थी।

बता दें कि आरोपित पर जिस हत्या केस में आरोप तय हुए हैं वो मामला अंकित शर्मा मर्डर का है। अंकित को दिल्ली के हिंदू विरोधी दंगों के वक्त मारा गया था। पोस्टमार्टम में  शर्मा के शरीर पर 51 चोट के निशान पाए गए थे। चार्जशीट में ताहिर हुसैन का नाम भी आया था।

जींस-टीशर्ट पहन छाता लेकर घूम रहा भगोड़ा अमृतपाल, CCTV फुटेज सामने आई: कुरुक्षेत्र में 4 दिन पहले मिली थी पनाह, महिला गिरफ्तार

गिरफ्तारी के डर से ‘वारिस पंजाब दे’ का मुखिया और खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह भगा फिर रहा है। पुलिस और NIA उसे पकड़ने के लिए जगह-जगह दबिश दे रही है। वहीं, पुलिस को एक मजबूत सबूत हाथ लगा है। 19 मार्च की रात अमृतपाल हरियाणा के कुरुक्षेत्र स्थित शाहबाद के जिस घर में ठहरा था उसका CCTV फुटेज सामने आया है।

पंजाब के IGP सुखचैन सिंह का कहना है कि अमृतपाल 19 तारीख की रात यहाँ रुका था और अगले दिन चला गया। जिस महिला ने अमृतपाल को शरण दी थी, उसे भी पंजाब पुलिस गिरफ्तार करके लाई है। महिला की पहचान बलजीत कौर के रूप में हुई है। 

बलजीत कौर का घर कुरुक्षेत्र जिले के शाहाबाद स्थित सिद्धार्थ कॉलोनी में है। यहीं पर अमृतपाल और उसके साथी पपलप्रीत सिंह ने शरण ली थी। दोनों स्कूटी से शाहाबाद पहुँचे थे। बलजीत के घर के बाहर के सामने आए CCTV फुटेज में दिख रहा है कि अमृतपाल छाता लेकर जा रहा है। वह सफेद शर्ट और जींस पहने हुए है।

कहा जा रहा है कि MBA पास बलजीत कौर पपलप्रीत को पिछले 2 साल से जानती थी। पपलप्रीत कई बार बलजीत के घर पर ठहर चुका है। पंजाब आईजीपी सुखचैन सिंह गिल ने बताया, “गुरपेज जो हमारी हिरासत में है, उसने हमें उस महिला के बारे में भी बताया कि अमृतपाल उसके पास शरण लेने जा सकता है।”

पंजाब पुलिस अमृतपाल को लेकर बताया कि जगह-जगह सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। सेखोवाल गाँव में एक गुरुद्वारा है, जहाँ दोनों ने बाइक बदली और नदी पार करने के लिए नाव देखा। जब नाव नहीं मिली दोनों ने नदी पार करने के लिए एक पुराने पुल का इस्तेमाल किया। बाद में उन्होंने एक ऑटो किया। इसके बाद कुरुक्षेत्र में उनकी मूवमेंट की जानकारी मिली।

हालाँकि, यह भी कहा जा रहा है कि बलजीत कौर के भाई ने हरियाणा पुलिस को जानकारी दी कि अमृतपाल और पपलप्रीत उसकी बहन के घर में शरण लिए हुए हैं। अमृतपाल का हरियाणा में ठहरना और फिर वहाँ से निकलना, इस बात का संकेत दे रहा है कि वह पंजाब से भाग चुका है।

पुलिस को अंदेशा है कि अमृतपाल राजस्थान, यूपी, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश या फिर जम्मू-कश्मीर में हो सकता है। उसके नेपाल और पाकिस्तान भागने की भी आशंका जताई जा रही है। इसलिए पाकिस्तान और नेपाल से लगती सीमा पर BSF को सतर्क कर दिया गया है।

वहीं, पंजाब पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है। पंजाब पुलिस ने गुरुवार (23 मार्च 2023) को अमृतपाल के गनर तेजिंदर सिंह गिल को गिरफ्तार कर लिया। खन्ना के पुलिस उपाधीक्षक (पायल) हरसिमरत सिंह ने कहा कि लुधियाना जिले के खन्ना क्षेत्र के मंगेवाल गाँव निवासी तेजिंदर सिंह गिल को अमृतपाल की सुरक्षा में तैनात किया गया था।

पुलिस का कहना है कि तेजिंदर सिंह गिल कई तरह के हथियारों के साथ सोशल मीडिया पर फोटो डालता था। उसके पास हथियार का कोई लाइसेंस भी नहीं है। यही नहीं, अजनाला थाने पर अटैक में भी उसे नामजद किया गया है। पुलिस अमृतपाल के अब तक 30 सहयोगियों को गिरफ्तार किया है, जबकि 177 लोगों को हिरासत में लिया गया है।

शराब पीकर हवा में उछाली बोतल, क्रू मेंबर को गाली बकी: दुबई- मुंबई इंडिगो फ्लाइट में 2 यात्रियों ने की बदसलूकी, दोनों गिरफ्तार

फ्लाइट्स में हंगामा करने और बदसलूकी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ताजा मामला दुबई से मुंबई आ रही एक इंडिगो फ्लाइट (Indigo Flight Rucks) का है। बुधवार (22 मार्च 2023) को दुबई से काम करके भारत लौट रहे 2 यात्रियों ने फ्लाइट में शराब पीकर जमकर हंगामा किया। नशे में धुत दोनों लोगों ने फ्लाइट के क्रू मेंबर (Crew Member) और सह यात्रियों के साथ गाली गलौज भी की। एयरलाइंस की शिकायत पर मुंबई पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुंबई में उतरने के बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। हालाँकि, उन्हें जमानत मिल गई है। आरोपितों की पहचान जॉन जी डिसूजा और दत्तात्रेय बापरडेकर के रूप में हुई है। फ्लाइट ने दुबई से मुंबई के लिए जैसे ही उड़ान भरी, दोनों ने शराब पीना शुरू कर दिया। पुलिस के अनुसार, फ्लाइट में मौजूद दूसरे यात्रियों और क्रू मेंबर ने जब इस पर आपत्ति जताई तो दोनों उन पर गुस्सा हो गए और उन्हें गालियाँ देने लगे। यही नहीं उन्होंने जश्न मनाने के लिए हवा में शराब की बोतल भी उछाली थी। पुलिस ने कहा कि चालक दल को उनसे बोतलें छीननी पड़ी थीं।

मुंबई पुलिस ने इस मामले गंभीरता से लेते हुए आरोपितों के खिलाफ आईपीसी की धारा 336 (दूसरों के जीवन को और सुरक्षा को खतरे में डालने) और 21, 22 व 25 (विमान नियमों का उल्लंघन करने) के तहत मामला दर्ज किया था।

एयरलाइन ने अपनी शिकायत में कहा, “दुबई से मुंबई जाने वाली फ्लाइट 6E 1088 में दो यात्रियों को नशे की हालत में पाया गया। कई बार चेतावनी देने के बावजूद उन्होंने शराब पीना जारी रखा। जब एक केबिन क्रू मेंबर ने उनकी बोतलें ले लीं, तो दोनों ने उसके साथ गाली-गलौज की।”

बता दें कि इससे पहले 11 मार्च 2023 को लंदन-मुंबई फ्लाइट में धूम्रपान की एक घटना सामने आई थी। 37 वर्षीय अमेरिकी नागरिक रमाकांत को एयर इंडिया की लंदन-मुंबई फ्लाइट में बाथरूम में धूम्रपान करते और अन्य यात्रियों के साथ दुर्व्यवहार करते हुए पकड़ा गया था। इसी तरह 30 जनवरी 2023 को मुंबई आ रही विस्तारा की एक फ्लाइट में इटली की महिला यात्री ने नशे में धुत होकर हंगामा मचा दिया था। उसने केबिन क्रू के सदस्यों पर हमला किया। उन पर थूका। गाली दी। रोकने की कोशिश करने पर चिल्लाने लगी। फिर कपड़े उतारकर अर्धनग्न अवस्था में विमान में ही चलने लगी। विमान के मुंबई में लैंड करने के बाद महिला को गिरफ्तार कर लिया था।