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15000 नौकरी, ₹25000 करोड़ का निवेश: भागलपुर में 2400 MW का ‘अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट’ लगाएगी अडानी पावर, बिहार सरकार से हुआ 25 साल का समझौता

बिहार की बिजली व्यवस्था को बड़ा सहारा मिलने वाला है। अडानी पावर ने बिहार स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड (BSPGCL) के साथ 25 साल का पावर सप्लाई एग्रीमेंट (PSA) किया है। इस समझौते के तहत कंपनी भागलपुर जिले के पीरपैंती में 2400 मेगावाट की क्षमता वाला अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट स्थापित करेगी।

इस परियोजना की लागत करीब 3 अरब डॉलर (लगभग 25 हजार करोड़ रुपए) आंकी जा रही है। यहाँ से उत्तर बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (NBPDCL) और दक्षिण बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (SBPDCL) को 2274 मेगावाट बिजली मिलेगी।

अडानी पावर ने यह अनुबंध प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के जरिए जीता है और सबसे कम टैरिफ ₹6.075 प्रति यूनिट (किलोवाट-घंटा) ऑफर किया। इस प्रोजेक्ट को डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ओन और ऑपरेट (DBFOO) मॉडल पर विकसित किया जाएगा। इस प्लांट में आधुनिक, कम उत्सर्जन वाली तकनीक का इस्तेमाल होगा। कोयले की आपूर्ति सरकार की SHAKTI नीति के तहत की जाएगी, ताकि उत्पादन सुचारु रूप से हो सके।

समय सीमा और रोजगार

योजना के मुताबिक, परियोजना का पहला 800 मेगावाट यूनिट 48 महीनों के भीतर शुरू हो जाएगा, जबकि 60 महीनों के भीतर पूरी क्षमता के साथ तीनों यूनिट चालू कर दिए जाएँगे।

निर्माण के दौरान इस प्रोजेक्ट से लगभग 12,000 लोगों को रोजगार मिलेगा और संचालन के समय करीब 3,000 स्थायी रोजगार पैदा होंगे। यह सौदा बिहार की ऊर्जा जरूरतों को लंबे समय तक पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगा और स्थानीय स्तर पर रोज़गार के नए अवसर भी उपलब्ध कराएगा।

गौरतलब है कि अडानी पावर, अरबपति गौतम अडानी के नेतृत्व वाले समूह का एक हिस्सा है और यह भारत में सबसे बड़ा प्राइवेट थर्मल पावर प्रोड्यूसर है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसकी थर्मल पावर क्षमता 18,110 मेगावाट है।

‘रूस से तेल खरीदने वालों पर ठोकें हाई टैरिफ’: G7 देशों पर अमेरिका डाल रहा दबाव, EU-भारत के FTA वार्ता पर भी ट्रंप की पैनी नजर

भारत के रूस से कच्चा तेल खरीदने को लेकर अमेरिका लगातार कोई न कोई नया बखेड़ा खड़ा कर रहा है। पहले अमेरिका ने भारतीय सामानों के आयात पर 50% तक का शुल्क (25% रूसी तेल पर और 25% भारत के ऊँचे आयात शुल्क पर) लगा रखा है। इसके बाद अब वॉशिंगटन अपने G7 साझेदारों पर दबाव बना रहा है कि वे भी भारत और चीन जैसे उन देशों पर हाई टैरिफ लगाएँ, जो अभी भी मास्को से ऊर्जा खरीद रहे हैं।

शुक्रवार (12 सितम्बर 2025) को अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट और व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीयर ने G7 देशों के वित्त मंत्रियों से बात की। उनका कहना था कि अगर दुनिया को सच में रूस की आय कम करनी है और यूक्रेन युद्ध खत्म करना है तो एकजुट होकर कदम उठाने होंगे। अमेरिकी ट्रेज़री प्रवक्ता ने तो और आगे बढ़ते हुए कहा ‘भारत और चीन से आने वाले सामान पर सार्थक टैरिफ लगाया जाए।’

गौरतलब है कि 2022 से भारत रूस का सबसे बड़ा कच्चा तेल खरीदार बन चुका है। इससे वैश्विक तेल बाजार स्थिर तो रहा है, लेकिन वॉशिंगटन को नई दिल्ली का यह रुख रास नहीं आया। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही भारतीय उत्पादों पर दोगुना शुल्क लगा चुके हैं, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार वार्ता ठप हो गई है।

चौंकाने वाली बात यह है कि चीन पर अभी तक ऐसे कदम नहीं उठाए गए। ट्रंप का तर्क है कि बीजिंग के साथ उनकी वार्ता चल रही है, इसलिए वहाँ अतिरिक्त दबाव नहीं बनाया जा सकता। इससे अमेरिकी रणनीति पर सवाल उठ रहे हैं।

उधर यूरोप की स्थिति भी विरोधाभासी है। वहाँ अब भी रूसी गैस की भारी खपत हो रही है। हाल ही में यूक्रेन द्वारा गैस पाइपलाइन पर हमले से आपूर्ति बाधित हुई तो ट्रंप ने कीव पर नाराजगी जताई। यूरोपीय देश भले ही रूस पर निर्भरता घटाने की बातें कर रहे हों, लेकिन वे अब भी रूसी LNG (Liquefied Natural Gas) का बड़ा आयात कर रहे हैं।

इस बीच, ट्रंप लगातार EU पर दबाव बना रहे हैं कि भारत पर भी भारी शुल्क लगाया जाए। लेकिन यूरोपीय संघ ऐसा करने से हिचक रहा है, क्योंकि भारत–EU मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर बातचीत तेजी से आगे बढ़ रही है और इसे इस साल के अंत तक फाइनल करने की योजना है।

कनाडाई वित्त मंत्री फ्रांस्वा-फिलिप शैंपेन की मेजबानी में हुई G7 बैठक में रूस के जमे हुए संसाधनों को यूक्रेन की मदद के लिए इस्तेमाल करने और नए प्रतिबंध लगाने पर भी चर्चा हुई। वहीं बेसेंट अब मैड्रिड में चीनी उप-प्रधानमंत्री हे लीफेंग से मिलने वाले हैं, जहाँ TikTok और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे मुद्दे भी उठेंगे।

ट्रंप ने फ़ॉक्स न्यूज से बातचीत में कहा कि उनकी ‘रूस के राष्ट्रपति पुतिन के साथ धैर्य की सीमा अब खत्म हो रही है।’ उन्होंने संकेत दिया कि रूसी बैंकों और तेल पर और कड़े प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं, लेकिन इस बात पर जोर दिया कि ऐसे हर कदम में यूरोपीय सहयोग आवश्यक है।

ट्रंप ने साफ कहा, “हमें अब बेहद सख्ती से कदम उठाने होंगे।” अमेरिकी ट्रेजरी प्रवक्ता ने भी यही दोहराया कि G7 साझेदारों को रूस पर और दबाव डालना होगा। ‘राष्ट्रपति ट्रंप की Peace and Prosperity Administration तैयार है और अब समय है कि हमारे G7 साझेदार भी आगे बढ़ें।’

2.5 लाख बेघरों को UP में मिलेगी छत, योगी सरकार ने दी PM आवास योजना 2.0 के लिए ₹735 करोड़ की मंजूरी: 195 दिनों में घर बनाकर रच रहे इतिहास

उत्तर प्रदेश सरकार ने 2.5 लाख आवासों की निर्माण राशि को हरी झंडी दे दी है। योगी सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में 735.94 करोड़ रुपए की राशि मंजूर की है। इसमें केंद्र और राज्य सरकार दोनों का अंश शामिल है।

इसके साथ ही हर आवास की जियो टैगिंग, फोटो और वीडियो रिकॉर्डिंग अनिवार्य की गई है। वहीं, निर्माण कार्य में राष्ट्रीय भवन संहिता व आपदा-रोधी मानकों का पालन करना भी जरूरी होगा।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अगर राशि का गलत इस्तेमाल हुआ तो पूरा पैसा ब्याज सहित भारत सरकार को लौटाना होगा। इस योजना के लिए किसी अन्य स्रोत से फंड न मिलने की पुष्टि राज्य नगरीय विकास अभिकरण (सूडा) और जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) को करनी होगी। नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव अमृत अभिजात के अनुसार, इस राशि से योजना के लक्ष्य पूरे करने में मदद मिलेगी।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश को शहरी योजना के तहत 2,52,605 आवास आवंटित हुए हैं। खास बात ये है कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में उत्तर प्रदेश ने शानदार प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय औसत 299 दिन के मुकाबले सिर्फ 195 दिन में आवास बनाकर मिसाल पेश की है।

2016-17 से 2024-25 तक 36.57 लाख आवासों के लक्ष्य में से 36.34 लाख आवास पूरे किए जा चुके हैं और बाकी निर्माण कार्य तेजी से जारी है। मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में 3.73 लाख के लक्ष्य के मुकाबले 3.51 लाख घर पूरे हो चुके हैं, जबकि 22 हजार पर काम चल रहा है।

इसके साथ ही, यूपी 99.37% उपलब्धि के साथ देश में दूसरे नंबर पर है जबकि सिक्किम पहले स्थान पर है, हालाँकि उसका लक्ष्य सिर्फ 1,399 घरों का था। भारत सरकार के परफॉर्मेंस इंडेक्स में यूपी कई मापदंडों पर पहले स्थान पर है, जैसे राजमिस्त्री प्रशिक्षण, सोशल ऑडिट, एरिया ऑफिसर ऐप पर निरीक्षण, पात्र लाभार्थियों को भूमि पट्टा देना और आवास पूर्णता।

तैयार घरों को कन्वर्जेन्स के जरिए 99.39% शौचालय, 93.31% बिजली, 94.42% गैस और 80.02% पेयजल कनेक्शन से जोड़ दिया गया है, जिससे अब प्रधानमंत्री आवास सिर्फ छत नहीं बल्कि पूरी सुविधाओं से युक्त घर बन गए हैं। मुख्य सचिव एसपी गोयल ने कुछ समय पहले हुई एक बैठक में निर्देश दिए थे कि शेष घरों का निर्माण जल्दी और गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए और लाभार्थियों को पेंशन व अन्य योजनाओं से भी जोड़ा जाए।

इसी क्रम में प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत बिजनौर की बोक्सा जनजाति के 145 आवासों में से 123 पूरे हो चुके हैं और प्रधानमंत्री मॉडल आवास योजना के तहत 587 मॉडल हाउस बन चुके हैं, जबकि 190 निर्माणाधीन हैं। साथ ही 2025-26 में 25 हजार महिला राजमिस्त्रियों को आरसेटी के माध्यम से प्रशिक्षित किया गया है, जिससे उन्हें रोजगार और आत्मनिर्भरता का अवसर मिला है।

इस तरह, उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत न सिर्फ घर बनाए हैं, बल्कि उन्हें सुविधाओं से युक्त कर लाभार्थियों को बेहतर जीवन देने की दिशा में मजबूत कदम उठाए हैं।

अब किया 20 साल की सिख लड़की का बलात्कार, पहले बुजुर्गों की पगड़ी गिरा-गिराकर लगाई थी मार: UK में नस्लीय हमले जारी, संसद में हुई कड़ी निंदा

ब्रिटेन के ओल्डबरी में बीस साल की एक सिख युवती के साथ न सिर्फ बलात्कार किया गया, बल्कि उस पर नस्लवादी टिप्पणियाँ भी की गईं। हमलावरों ने युवती से ‘अपने देश वापस जाओ’ कहा और उसे इस आधार पर निशाना बनाया कि वह भारतीय मूल की है।

यह हमला पिछले मंगलवार (9 सितम्बर 2025) की सुबह करीब 8:30 बजे टेम रोड के पास हुआ। पुलिस ने इसे ‘नस्लीय रूप से प्रेरित’ अपराध माना है और आरोपितों की तलाश में जुटी है।

पुलिस के मुताबिक, पीड़िता ने बताया कि दोनों हमलावर श्वेत पुरुष थे। इनमें से एक ने अपना सिर मुड़वाया हुआ था और उसने काले रंग की स्वेटशर्ट पहनी हुई थी, जबकि दूसरा ग्रे टी-शर्ट में था। इस समय सीसीटीवी फुटेज और फोरेंसिक जाँच जारी है। पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि संदिग्धों की पहचान में मदद करें।

इस घटना ने स्थानीय सिख समुदाय को गहरे आक्रोश में ला दिया है। समुदाय के नेताओं ने इसे जानबूझ कर किया गया हमला बताया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि लोगों का गुस्सा पूरी तरह से जायज है और इलाके में गश्त बढ़ा दी गई है ताकि लोगों में सुरक्षा की भावना बनी रहे।

ब्रिटिश संसद में भी इस मामले की गूँज सुनाई दी। बर्मिंघम एजबेस्टन की सांसद प्रीत कौर गिल ने घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में खुले तौर पर नस्लवाद बढ़ा है और यह बेहद चिंताजनक है।

गिल ने साफ कहा, “यह युवती यहीं की है और हमारे समाज के हर सदस्य को सुरक्षित और सम्मानित महसूस करने का अधिकार है।” वहीं, इलफोर्ड साउथ के सांसद जस अठवाल ने इसे ‘घृणित, नस्लवादी और स्त्री-विरोधी हमला’ बताया और कहा कि इस पर बेहद गंभीरता से कार्रवाई होनी चाहिए।

गौर करने वाली बात यह है कि यह कोई अकेली घटना नहीं है। महज एक महीने पहले ही वॉल्वरहैम्प्टन में रेलवे स्टेशन के बाहर तीन किशोरों ने दो बुजुर्ग सिख पुरुषों पर हमला कर दिया था। हमलावरों ने उन्हें जमीन पर गिराकर बेरहमी से लात-घूँसे मारे थे। इस दौरान उनकी पगड़ियाँ भी उतर गई थीं। लगातार हो रही ऐसी घटनाएँ न सिर्फ पीड़ित परिवारों को, बल्कि पूरे प्रवासी और अल्पसंख्यक समुदाय को असुरक्षित महसूस करवा रही हैं।

‘शांति के रास्ते पर आगे बढ़ें, मैं आपके साथ हूँ’: PM मोदी ने मणिपुर में की हिंसा पीड़ितों से मुलाकात, राज्य को ₹7300 करोड़ का दिया उपहार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने तीन दिवसीय दौरे में मणिपुर का दौरा किया। मिजोरम के बाद, पीएम मोदी हिंसा प्रभावित चुराचांदपुर पहुँचे, जहाँ उन्होंने 7300 करोड़ रुपए से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इसके बाद वे राजधानी इंफाल गए, जहाँ 1200 करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन किया।

इस दौरान उन्होंने हिंसा से प्रभावित विस्थापितों से मुलाकात की और लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि मणिपुर की धरती हौसलों और हिम्मत की धरती है।

मणिपुर के लोगों की तारीफ

पीएम मोदी ने कहा, “मणिपुर की ये धरती हौसलों और हिम्मत की धरती है। ये हिल्स… प्रकृति का अनमोल उपहार हैं और साथ ही ये हिल्स आप सभी लोगों की निरंतर मेहनत का भी प्रतीक हैं। मैं मणिपुर के लोगों के जज्बे को सैल्यूट करता हूँ। इतनी भारी बारिश में भी आप इतनी बड़ी संख्या में यहाँ आए, मैं आपके इस प्यार के लिए आपका आभार व्यक्त करता हूँ।”

उन्होंने कहा, “जब खराब मौसम की वजह से मेरा हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर सका, तो मैंने सड़क मार्ग से यात्रा करने का फैसला किया। सड़क किनारे लोगों ने हाथों में तिरंगा लेकर मेरा स्वागत किया। मुझे जो गर्मजोशी और प्यार मिला, उसे मैं कभी नहीं भूल पाऊँगा। मैं मणिपुर के लोगों के प्रति सम्मान में अपनाइ सिर झुकाता हूँ।”

विकास परियोजनाओं पर जोर

आगे प्रधानमंत्री ने कहा, “मणिपुर के नाम में ही मणि है, ये वो मणि है जो आने वाले समय में पूरे नॉर्थ-ईस्ट की चमक को बढ़ाने वाली है। भारत सरकार का निरंतर प्रयास रहा है कि मणिपुर को विकास के रास्ते पर तेजी से आगे ले जाएँ। इसी कड़ी में मैं आज यहाँ आप सभी के बीच आया हूँ। थोड़ी देर पहले इसी मंच से करीब 7 हजार करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास हुआ है।

ये प्रोजेक्ट्स मणिपुर के लोगों की, यहाँ हिल्स पर रहने वाले ट्राइबल समाज की जिंदगी को और बेहतर बनाएँगे। भारत सरकार मणिपुर की विकास यात्रा को गति देने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। इसी भावना से, मैं आज आपके बीच आया हूँ।

कुछ समय पहले, इसी मंच से, लगभग ₹7,000 करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया। ये परियोजनाएँ मणिपुर के लोगों और हमारे जनजातीय समुदायों के जीवन में महत्वपूर्ण सुधार लाएँगी।

पहले यहाँ गाँवों में पहुँचना कितना मुश्किल था, आप सभी जानते हैं। अब सैकड़ों गाँवों में यहाँ रोड कनेक्टिविटी पहुँचाई गई है। इसका बहुत अधिक लाभ पहाड़ी लोगों को, ट्राइबल गाँवों को हुआ है। हमारी सरकार के दौरान ही मणिपुर में रेल कनेक्टिविटी का विस्तार हो रहा है। जीरीबाम-इंफाल रेलवे लाइन बहुत जल्द राजधानी इंफाल को नेशनल रेल नेटवर्क से जोड़ देगी।

बेहतर कनेक्टिविटी और सुविधाओं का वादा

मणिपुर की सीमा अन्य देशों से लगती है और यहाँ कनेक्टिविटी हमेशा से एक चुनौती रही है। मैं समझता हूँ कि खराब कनेक्टिविटी के कारण आपको किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसलिए, 2014 से, मैंने मणिपुर में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने पर बहुत ज़ोर दिया है।

इसके लिए, भारत सरकार ने दो स्तरों पर काम किया है। पहला, हमने रेल और सड़क परियोजनाओं के लिए बजट में कई गुना वृद्धि की है। दूसरा, हमने शहरों से गाँवों तक सड़कें बनाने पर ध्यान केंद्रित किया है। हाल के वर्षों में, यहाँ राष्ट्रीय राजमार्गों पर ₹3700 करोड़ खर्च किए गए हैं और ₹8700 करोड़ के इंवेस्ट से नए राजमार्गों पर काम चल रहा है।

आज भारत बहुत तेजी से विकसित हो रहा है। हम बहुत जल्द दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने वाले हैं। हमने देशभर में गरीबों के लिए पक्के घर बनाने की योजना शुरू की। इसका फायदा मणिपुर के भी हजारों परिवारों को मिला।

बीते सालों में 15 करोड़ से अधिक देशवासियों को नल से जल की सुविधा मिल चुकी है। मणिपुर में 7-8 साल पहले तक सिर्फ 25-30 हजार घरों में ही पाइप से पानी आता था। आज यहाँ साढ़े 3 लाख से अधिक घरों में नल से जल की सुविधा मिल रही है।

शांति और विकास की अपील

एक समय था जब दिल्ली में लिए गए फैसलों को यहाँ तक पहुँचने में दशकों लग जाते थे। आज, हमारा चुराचांदपुर, हमारा मणिपुर, देश के बाकी हिस्सों के साथ मिलकर प्रगति कर रहा है। जैसे हमने देश भर के गरीबों के लिए पक्के मकान बनाने की घोषणा की, मणिपुर को भी इसका लाभ मिला है।

यहाँ लगभग 60,000 घर पहले ही बन चुके हैं, जिससे हज़ारों परिवारों को सम्मान और सुरक्षा का जीवन मिल रहा है। हमें संतोष है कि हाल ही में Hills और Valley में अलग-अलग ग्रुप्स के साथ समझौतों के लिए बातचीत हुई है।

ये भारत सरकार के उन प्रयासों का हिस्सा है… जिसमें संवाद, सम्मान और आपसी समझ को महत्व देते हुए शांति की स्थापना के लिए काम किया जा रहा है। मैं सभी संगठनों से अपील करूँगा कि शांति के रास्ते पर आगे बढ़कर अपने सपनों को पूरा करें। मैं आपके साथ हूँ… भारत सरकार मणिपुर के लोगों के साथ है।

स्वास्थ्य और शिक्षा पर ध्यान

पहले पहाड़ी और जनजातीय इलाकों में अच्छे स्कूल और अस्पताल बस एक सपना ही थे। आज भारत सरकार के प्रयासों से यह स्थिति बदल रही है। चुराचांदपुर में अब एक मेडिकल कॉलेज स्थापित हो गया है। आज़ादी के दशकों बाद भी, मणिपुर के पहाड़ी इलाकों में एक भी मेडिकल कॉलेज नहीं था।

हमारी सरकार ने इस जरूरत को पूरा किया है। पीएम-देवाइन योजना के तहत, हमारी सरकार पाँच पहाड़ी ज़िलों में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का विकास कर रही है। आयुष्मान भारत योजना के जरिए भारत सरकार गरीबों को ₹5 लाख तक का मुफ़्त इलाज मुहैया करा रही है। अकेले मणिपुर में ही इस योजना के जरिए 2.5 लाख से ज़्यादा मरीज़ों को मुफ़्त इलाज मिल चुका है।

मणिपुर की धरती आशा और आकांक्षाओं की धरती है। दुर्भाग्य से, हिंसा ने इस खूबसूरत क्षेत्र पर अपनी छाया डाल दी है। कुछ समय पहले, मैं राहत शिविरों में रह रहे प्रभावित लोगों से मिला। उनसे मिलने के बाद, मैं विश्वास के साथ कह सकता हूँ कि मणिपुर में आशा और विश्वास का एक नया सवेरा उग रहा है।

किसी भी जगह विकास की जड़ें जमाने के लिए शांति आवश्यक है। पिछले ग्यारह वर्षों में, पूर्वोत्तर में कई संघर्ष और विवाद सुलझ गए हैं। लोगों ने शांति का मार्ग चुना है और विकास को प्राथमिकता दी है।

सरकार वर्किंग वूमेन हॉस्टल का निर्माण कर रही है। मैं विश्वास दिलाता हूँ, मणिपुर के विकास के लिए सरकार ऐसे ही सहयोग करती रहेगी। आप सभी को विकास परियोजनाओं की बहुत-बहुत बधाई। आपके प्यार-सम्मान का दिल से धन्यवाद। भारत माता की जय, भारत माता की जय, भारत माता की जय।

प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा विशेष रूप से उन क्षेत्रों में विकास को प्राथमिकता देने के लिए है, जो पिछले कुछ सालों में संघर्ष और विकास की चुनौतियों से गुजर रहे थे। उनकी योजनाओं में प्रमुख परियोजनाओं के अलावा, राज्यों के सामाजिक और आर्थिक बुनियादी ढाँचे को भी मजबूत करने का उद्देश्य है।

पीएम मोदी के इस दौरे से इन क्षेत्रों में न केवल बुनियादी ढाँचे का विकास होगा, बल्कि रोजगार के अवसर और क्षेत्रीय विकास में भी एक नया अध्याय जुड़ने की संभावना है।

गणेश विसर्जन के जुलूस में घुसा ट्रक, श्रद्धालुओं को रौंदा: 8 की मौत-22 घायल, कर्नाटक के हासन की घटना

कर्नाटक के हासन जिले के मोसलेहोसहल्ली गाँव में शुक्रवार (13 सितंबर 2025) को गणेश विसर्जन के लिए निकली एक शोभायात्रा में दर्दनाक हादसा हो गया। एक तेज रफ्तार ट्रक ने जुलूस को टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में 8 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और करीब 22 लोग घायल हो गए।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हासन की डिप्टी कमिश्नर केएस लता कुमारी ने बताया कि घायलों को इलाज के लिए केआईएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया है, वहीं 7 लोगों का इलाज एक निजी अस्पताल में हो रहा है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

उन्होंने कहा कि हादसे के कारण की जाँच चल रही है, लेकिन प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ट्रक डिवाइडर से टकराया और फिर जुलूस में घुस गया। ये भी कहा जा रहा है कि इस जुलूस में बड़ी संख्या में युवा, खासकर इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्र शामिल थे, लेकिन इसकी पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इस घटना पर गहरा शोक जताया है और मृतकों के परिवारों को 5 लाख की सहायता राशि देने की घोषणा की है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “यह घटना बेहद दुखद है। मैं प्रार्थना करता हूँ कि मृतकों की आत्मा को शांति मिले और घायल लोग जल्द ठीक हों। सरकार घायलों के इलाज का पूरा खर्च वहन करेगी।”

वहीं पूर्व मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी ने भी हादसे पर दुख जताते हुए कहा, “गणपति विसर्जन के दौरान हुए इस दर्दनाक हादसे में कई लोगों की जान चली गई और कई लोग घायल हो गए। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। ईश्वर से प्रार्थना है कि मृतकों की आत्मा को शांति मिले और उनके परिवारों को इस दुख को सहने की शक्ति मिले।”

हासन के सांसद श्रेयस पटेल ने भी घटना पर दुख व्यक्त करते हुए सरकार से घायलों को बेहतर इलाज मुफ्त में उपलब्ध कराने की अपील की है।

48 सुरंगे, 142 पुल और 51km लंबी रेल लाइन: PM मोदी ने मिजोरम को दी ₹9000 करोड़ की सौगात, 3 एक्सप्रेस ट्रेनों की भी शुरुआत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने तीन दिवसीय दौरे पर हैं, जिसकी शुरुआत उन्होंने मिजोरम से की। यहाँ उन्होंने ₹9000 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया, जिनमें तीन नई एक्सप्रेस ट्रेनों की शुरुआत भी शामिल है।

पीएम मोदी ने मिजोरम की जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, “मिज़ोरम के अद्भुत लोगों को नमस्कार। मैं सर्वोच्च देवता पथियन को नमन करता हूँ, जो नीले पहाड़ों की इस खूबसूरत धरती पर नजर रखते हैं। मैं मिज़ोरम हवाई अड्डे पर पहुँच गया हूँ। दुर्भाग्य से, खराब मौसम के कारण, मैं आइज़ोल में आपसे मिलने नहीं आ पा रहा हूँ। फिर भी, मैं यहाँ से आपके स्नेह को सचमुच महसूस कर सकता हूँ।”

मिजोरम अब रेलवे मैप पर

पीएम मोदी ने कहा, “आज मिज़ोरम भारत की विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह राष्ट्र के लिए, विशेषकर मिज़ोरम के लोगों के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। आज से (13 सितंबर 2025) आइज़ोल भारत के रेलवे मानचित्र पर होगा।”

पीएम मोदी ने आगे कहा, “कुछ वर्ष पहले, मुझे आइज़ोल रेलवे लाइन की आधारशिला रखने का अवसर मिला था और आज (13 सितंबर 2025) हम इसे देशवासियों को समर्पित करते हुए गर्व महसूस करते हैं। दुर्गम भूभाग सहित कई चुनौतियों को पार करते हुए, बैराबी-सैरांग रेलवे लाइन एक वास्तविकता बन गई है। हमारे इंजीनियरों के कौशल और हमारे कार्यकर्ताओं के उत्साह ने इसे संभव बनाया है।”

सैरांग से दिल्ली तक सीधी ट्रेन, आएगा बड़ा बदलाव

पीएम मोदी ने बताया कि पहली बार मिज़ोरम का सैरांग राजधानी एक्सप्रेस द्वारा दिल्ली से सीधे जुड़ेगा। यह सिर्फ़ एक रेलवे नहीं है, बल्कि परिवर्तन की जीवनरेखा है। यह मिज़ोरम के लोगों के जीवन और आजीविका में क्रांति लाएगी। मिज़ोरम के किसान और व्यवसाय देश भर के ज़्यादा बाज़ारों तक पहुँच पाएँगे। लोगों को शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा के बेहतर अवसर भी मिलेंगे। इस विकास से कई क्षेत्रों में रोज़गार के अवसर पैदा होंगे।

पूर्वोत्तर अब बना भारत का विकास इंजन

पीएम मोदी ने कहा, “पिछले ग्यारह सालों से हम पूर्वोत्तर के विकास के लिए काम कर रहे हैं। यह क्षेत्र भारत का विकास इंजन बन रहा है। पिछले कुछ सालों में पूर्वोत्तर के कई राज्यों ने भारत के रेल मैप पर अपनी जगह बनाई है। पहली बार, ग्रामीण सड़कों और राजमार्गों, मोबाइल कनेक्टिविटी, इंटरनेट कनेक्टिविटी, बिजली, नल का पानी और LPG कनेक्शन का विस्तार किया गया है।”

पीएम मोदी ने आगे बताया, “भारत सरकार ने सभी प्रकार की कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए कड़ी मेहनत की है। मिज़ोरम को हवाई यात्रा के लिए उड़ान योजना का भी लाभ मिलेगा। बहुत जल्द, यहाँ हेलीकॉप्टर सेवाएँ शुरू होंगी। इससे मिज़ोरम के दूरदराज के इलाकों तक पहुँच बेहतर होगी।”

पूर्वोत्तर की संस्कृति का गर्व से प्रचार

पीएम मोदी ने कहा कि चाहे देश में हो या विदेश में, मुझे अपनी खूबसूरत संस्कृति के दूत की भूमिका निभाने और पूर्वोत्तर की अपार संभावनाओं को प्रदर्शित करने में बहुत खुशी हो रही है। कुछ महीने पहले, मुझे दिल्ली में अष्टलक्ष्मी महोत्सव में भाग लेने का अवसर मिला।

पीएम मोदी ने नॉर्थ ईस्ट के वस्त्र, पर्यटन और कई अन्य खूबियों पर प्रकाश डालते हुए कहा, “मैंने इंवेस्टर को इस क्षेत्र की अपार संभावनाओं का पता लगाने और उनका उपयोग करने के लिए भी प्रोत्साहित किया।”

पीएम मोदी मणिपुर और असम में हजारों करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे। गुवाहाटी में भूपेन हजारिका की 100वीं जयंती समारोह और कोलकाता में संयुक्त कमांडर सम्मेलन-2025 का उद्घाटन भी करेंगे।

अल्पसंख्यकों की बस्तियों के विकास पर ₹398 करोड़ खर्च करेगी कर्नाटक की सिद्धारमैया सरकार, नेटिजन्स ने ‘मुस्लिम तुष्टिकरण’ पर कॉन्ग्रेस को घेरा

कर्नाटक में सिद्धारमैया के नेतृत्व में चल रही कॉन्ग्रेस सरकार ने अल्पसंख्यकों की बस्तियों के कथित विकास पर ₹398 करोड़ खर्च करने का फैसला लिया है। नेटिजन्स ने इसे राज्य सरकार की’मुस्लिम तुष्टिकरण’ नीति का हिस्सा बताया है। पूछा है कि इसी तरह हिंदुओं की बस्तियों के विकास के लिए बजट क्यों नहीं आवंटित किया जाता है।

सिद्धारमैया सरकार ने शहरी इलाकों में बेहद पिछड़ी अल्पसंख्यक बस्तियों के विकास के लिए 398 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। खासतौर पर राज्य के उन 22 विधानसभा क्षेत्रों में जो मुस्लिम बाहुल्य इलाके हैं। इन क्षेत्रों में पिछड़ी और मुस्लिम कॉलोनियों को मॉडल कॉलोनियों के रूप में विकसित करने के लिए यह धनराशि जारी की गई है।

साथ ही, पानी और झीलों के विकास पर भी बड़ा खर्च किया गया है। शिगगाँव की नगनूर झील के लिए 105.19 करोड़, बांकापुर की तेवरमल्लीहल्ली झील के लिए 92.84 करोड़ और सावनूर के मोती तालाब के लिए 153.20 करोड़ मंजूर किए गए हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इसके अलावा उत्तर कन्नड़ के येल्लापुर में गंगावली नदी पर एक नया पुल बनाया जाएगा, जिस पर 35 करोड़ खर्च रुपए खर्च होगा। वहीं बीजापुर एयरपोर्ट के लिए 618.75 करोड़ की मंजूरी पर विचार हो रहा है और मुख्य सचिव से रिपोर्ट माँगी गई है।

बागलकोट जिले के लोकापुर में कॉन्ग्रेस भवन बनाने के लिए सरकार ने 400.63 वर्ग मीटर जमीन 30 साल के लीज पर देने का फैसला किया है। मंड्या जिले के मलवली और मड्डूर तालुका में नहरों के विकास पर 293.47 करोड़, बेलगावी जिले के खानापुर तालुक में मल्लप्रभा नदी पर बैराज के लिए 50 करोड़ और मंसी तालुक में तुंगभद्रा नदी से सिंचाई परियोजना के लिए 109 करोड़ मंजूर किए गए हैं।

इसके अलावा सरकार की ओर से 35 मोबाइल हेल्थ यूनिट्स को अपग्रेड करने के लिए 12.25 करोड़ और बेंगलुरु के विक्टोरिया अस्पताल में 1,000-बेड वार्ड्स के फर्नीचर के लिए 20.05 करोड़ मंजूर हुए हैं।

कर्नाटक सरकार के इस फैसले पर लोगों का कहना है कि मुस्लिम वोट बैंक को साधने के लिए कॉन्ग्रेस सरकार धार्मिक आधार पर पक्षपात कर रही है, क्योंकि कॉन्ग्रेस सरकार को हिंदू बस्तियों के विकास के लिए पहले कभी इतने पैसे खर्च कर योजनाओं पे चर्चा करते नहीं देखा गया है।

नेटिजन्स ने कॉन्ग्रेस पर निशाना साधते हुए सीधे कहा कि हिंदू करदाताओं के टैक्स की रकम का इस्तेमाल उन्हीं पर पत्थर मारने वालों के मकान बनाने पर किया जा रहा है।

थाना घेरा, अल्लाहु अकबर के नारे, देवी-देवताओं पर गंदी बातें… शाहजहाँपुर में पैगंबर मुहम्मद-कुरान पर आपत्तिजनक टिप्पणी का आरोप लगा मुस्लिम भीड़ का हंगामा

उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर में शुक्रवार (12 सितंबर 2025) की शाम कथित तौर पर एक विवादित सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर भारी हंगामा खड़ा हो गया। जानकारी के अनुसार, एक व्यक्ति ने पैगंबर मुहम्मद और कुरान पर कुछ अभद्र टिप्पणी की थी, जिसके बाद इस्लामी कट्टरपंथियों की भीड़ ने थाने को घेर लिया। भीड़ थाने के बाहर ‘आरोपित सौंप दो’ और अल्लाह-हू-अकबर के नारे लगाने लगी, जिससे माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया।

हालाँकि, पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए आरोपित को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन इसके बावजूद हंगामा तीन घंटे तक चलता रहा। कुछ असामाजिक तत्वों ने भीड़ का फायदा उठाकर माहौल को और भी बिगाड़ने की कोशिश की। जब समझाने की कोशिशें नाकाम हो गईं और भीड़ ने अपना उपद्रव जारी रखा, तो पुलिस को मजबूरन लाठीचार्ज करना पड़ा।

बवाल का कारण

शुक्रवार (12 सितंबर 2025) शाम करीब साढ़े छह बजे केके दीक्षित नाम के एक व्यक्ति ने सोशल मीडिया पर पैगंबर मुहम्मद और कुरान के खिलाफ अभद्र टिप्पणी कर दी। यह टिप्पणी एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दी गई थी, जिसमें आरोपित ने गालियाँ दी थीं। इस पोस्ट के बाद मुस्लिम समाज का गुस्सा फूटा और बदला लेने के लिए कुछ मुस्लिम युवकों ने भी देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी।

इस पर स्थानीय ईदगाह कमेटी के सदस्य कासिम रजा ने मामले की सूचना पुलिस को दी। घटना के बाद लोगों में गुस्सा था और स्थिति ज्यादा बिगड़ी, जब कुछ असमाजिक तत्व भीड़ में घुसकर माहौल को और खराब करने लगे। थाने के बाहर ‘आरोपित को सौंप दो-सौंप दो’ के नारे लगने लगे। इतने में भीड़ और उग्र हो गई और आरोपित को पकड़ने के लिए थाने के अंदर घुसने लगी।

पुलिस की कार्रवाई

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपित के खिलाफ FIR दर्ज की और उसे गिरफ्तार कर लिया। बावजूद इसके, स्थिति शांत नहीं हुई और भीड़ ने थाना घेर लिया। पुलिस ने स्थिति को काबू करने के लिए पहले समझाने की कोशिश की और मुस्लिम समाज के मौलानाओं को बुलाकर माहौल नियंत्रण करने को कहा, लेकिन लोग नहीं माने। इसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद भगदड़ मच गई और लोग इधर-उधर भागने लगे। तीन घंटे के बाद स्थिति शांत हुई।

घटना के बाद जिला प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील की है। डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि प्रशासन ने इस मुद्दे को सख्ती से लिया है और आरोपित के खिलाफ कार्रवाई की है। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है और कहा कि माहौल बिगाड़ने का प्रयास करने वाले कुछ असमाजिक तत्वों को कानून के दायरे में लाया जाएगा।

वहीं, एसपी राजेश द्विवेदी ने भी कहा कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और स्थिति को काबू में किया है। साथ ही, उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

फ्लैग मार्च और स्थिति नियंत्रण

स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए 7 थानों की पुलिस बल और क्यूआरटी के साथ डीएम-एसपी ने फ्लैग मार्च किया। इसके बाद पुलिस ने रोड पर बैठे कुछ लोगों को समझाने की कोशिश की। डीएम ने यह भी साफ किया कि पत्थरबाजी की कोई सूचना नहीं मिली है और पुलिस पूरी तरह से स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

यह घटना शाहजहाँपुर में तनाव का कारण बनी, लेकिन प्रशासन और पुलिस की तत्परता से स्थिति को काबू में किया गया। प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील की है और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की गुजारिश की है।

नेपाल की अंतरिम प्रधानमंत्री बनीं सुशीला कार्की, राष्ट्रपति के सामने ली पद की शपथ: संसद भंग करने की रखी थी शर्त, जानें-पूर्व चीफ जस्टिस के बारे में सब कुछ

नेपाल में राजनीतिक उथल-पुथल के बीच बड़ी खबर आ गई है। पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की ने शुक्रवार (12 सितंबर 2024) की रात करीब 9.30 बजे शीतल निवास में शपथ ग्रहण कर ली है और वे अंतरिम प्रधानमंत्री बन गई हैं। राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने संसद भंग करने का फैसला लिया और कार्की को अंतरिम सरकार का नेतृत्व सौंप दिया। संविधान की धारा 61 के तहत यह नियुक्ति की गई है, जो राष्ट्रपति के अधिकारों से जुड़ी है।

राष्ट्रपति पौडेल ने सेना प्रमुख जनरल अशोक राज सिग्देल के साथ कई दौर की बैठकों के बाद यह फैसला लिया। पौडेल निवास पर हुई आखिरी मीटिंग में कार्की को बुलाया गया और उन्होंने जिम्मेदारी स्वीकार कर ली। जेन-जेड कोर कमेटी ने कहा कि वे कैबिनेट में जगह नहीं लेंगे, बल्कि सरकार की निगरानी करेंगे।

शपथग्रहण समारोह में उपराष्ट्रपति रामसहाय यादव, प्रधान न्यायाधीश प्रकाश सिंह रावत मौजूद रहे। वहाँ पर पूर्व प्रधानमंत्री डॉ बाबूराम भट्टराई, प्रधान सेनापति जनरल अशोक राज सिग्देल, मुख्य सचिव एकनारायण अर्याल भी मौजूद रहे। इसके अलावा काठमांडू के मेयर बालेन शाह भी शपथग्रहण समारोह में उपस्थित रहे।

सुशीला कार्की नेपाल की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश रह चुकी हैं। 2016 में उन्होंने यह पद संभाला था और अपने छोटे से कार्यकाल में भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया था। वे ईमानदार और निष्पक्ष न्याय के लिए जानी जाती हैं। बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से राजनीति शास्त्र में पोस्ट ग्रेजुएट करने वाली कार्की को सभी प्रमुख राजनीतिक दलों और जेन-जेड समूहों की सहमति से चुना गया।

जानिए- PM मोदी से प्रभावित सुशीला कार्की को, जिसे GenZ ने बनाया नेपाल का प्रधानमंत्री

नई अंतरिम सरकार से भारत-नेपाल रिश्ते मजबूत होने की उम्मीद है। रात 12 बजे से इमरजेंसी लगाने की घोषणा हो सकती है। जेन-जेड ने 6 महीने में चुनाव कराने की माँग की है, जिसे स्वीकार किया गया। नेपाल में स्थिरता लौटने की उम्मीद है, लेकिन हिंसा और विदेशी साजिशों की आशंका बनी हुई है।

गौरतलब है कि जेन-जेड युवा प्रदर्शनकारियों ने भ्रष्टाचार, सोशल मीडिया बैन और बेरोजगारी के खिलाफ 8-9 सितंबर को हिंसक विरोध प्रदर्शन किए थे। इन प्रदर्शनों में संसद भवन, राष्ट्रपति भवन और पूर्व पीएम केपी शर्मा ओली के आवास पर आग लगा दी गई थी। अब तक 51 लोगों की मौत हो चुकी है और 1000 से ज्यादा लोग घायल हैं। जेल ब्रेक में 15,000 कैदी फरार हो गए हैं, जिससे काठमांडू में कर्फ्यू लगा हुआ है।

इस बीच, पूर्व पीएम ओली की कम्युनिस्ट पार्टी ने संसद भंग का विरोध किया है। पार्टी महासचिव शंकर पोखरेल ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया और समर्थकों से सड़कों पर उतरने की अपील की।