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बच्चों को सुधारने के लिए अगर टीचर मारपीट करे तो वो अपराध नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट ने महिला शिक्षक को छोड़ा, कहा- अनुशासन जरूरी

बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा पीठ ने कहा कि एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि स्कूली बच्चों को सुधारने के लिए दिया गया शारीरिक दंड अपराध नहीं है। कोर्ट ने कहा कि गुरुवार (2 फरवरी 2023) को एक स्कूल टीचर को रिहा करते हुए कहा कि उसका इरादा गलत नहीं था। वह बच्चे को सुधारना चाहता था।

जस्टिस भरत पी देशपांडे ने स्कूल टीचर के खिलाफ लगाए गए आरोपों को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि बच्चे को सुधारने की कोशिश आईपीसी की धारा 324 या गोवा बाल अधिनियम, 2005 की धारा 2 (एम) के तहत अपराध की श्रेणी में नहीं आता है।

कोर्ट ने कहा कि शिक्षक शिक्षा प्रणाली की रीढ़ की हड्डी हैं। ऐसे में उन्हें डर के साये में जीना पड़ा तो स्कूल में अनुशासन को बनाए रखना मुश्किल हो जाएगा। इससे शिक्षा भी प्रभावित होगा। इसके आधार पर कोर्ट ने दो छात्रों के हाथ पर बेंत से मारने वाली महिला शिक्षक रेखा फलदेसाई को राहत दी।

कोर्ट ने पाया कि दोनों बच्चों के बयानों में अंतर है। इसके साथ ही कोर्ट ने यह भी पाया कि महिला शिक्षक ने बच्चों को पीटने के लिए छड़ी का इस्तेमाल नहीं किया था। कोर्ट ने कहा कि स्कूल सिर्फ अकादमिक से संबंधित शिक्षा लेने वाली जगह नहीं है, बल्कि यहाँ जीवन के विभिन्न आयामों से संबंधित अनुशासन सीखने की भी जगह है।

गोवा बाल न्यायालय ने इस शिक्षक को 6 साल और 9 साल के दो छात्रों को पीटने के आरोप में IPC की धारा 324 और गोवा बाल अधिनियम, 2005 की धारा 2 (एम) के तहत दोषी माना था। IPC के तहत कोर्ट ने महिला शिक्षक को 10,000 रुपए का जुर्माना और गोवा बाल अधिनियम के तहत एक दिन की जेल एवं 1 लाख रुपए का जुर्माना लगाया था।

इसके बाद महिला टीचर ने हाईकोर्ट में अपील की थी। दरअसल, स्कूल की दो छात्राओं में से एक ने दूसरे की बोतल से पानी पी लिया था। इस पर शिक्षक ने डाँटते हुए कहा कि वह अपने घर से पर्याप्त पानी लेकर आए।

कोर्ट ने कहा कि गोवा बाल अधिनियम का उद्देश्य बच्चों को किसी तरह की शारीरिक या मानसिक क्रूरता से बचाना है। अगर स्कूल आवर में इस तरह की घटनाएँ आती भी हैं तो पुलिस को बाल एवं महिला कल्याण जैसे विभागों से प्राथमिक जाँच करानी चाहिए।

PM मोदी फिर बने दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता: अमेरिका, इंग्लैंड, फ्रांस… सबके लीडर टॉप-5 से भी बाहर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता सातवें आसमान पर है। वह एक बार फिर दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता चुने गए हैं। मॉर्निंग कंसल्ट द्वारा जारी ताजा सर्वे के अनुसार पीएम मोदी को 78 फीसदी ग्लोबल लीडर अप्रूवल रेटिंग मिली है। इस तरह वह दुनिया भर के 21 नेताओं को पीछे छोड़ते हुए इस लिस्ट में टॉप पर हैं।

रिसर्च कंपनी मॉर्निंग कंसल्ट ने यह रेटिंग रिपोर्ट 26 जनवरी से लेकर 31 जनवरी 2023 के बीच सर्वे कर जारी की है। इस लिस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले नंबर पर हैं। उन्हें 78% अप्रूवल रेटिंग मिली है। वहीं, दूसरे नंबर पर मेक्सिको के राष्ट्रपति एंड्रेस मैनुअल लोपेज ओब्रेडोर हैं। उन्हें 68% अप्रूवल रेटिंग मिली है।

अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी से 10% आगे PM मोदी

इस सूची में तीसरे नंबर पर स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति एलेन बर्सेट हैं। उन्हें 62% अप्रूवल रेटिंग मिली। ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज 58% रेटिंग के साथ चौथे और ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डी सिल्वा 50% रेटिंग के साथ पाँचवें स्थान पर हैं।

मॉर्निग कंसल्ट की इस रिपोर्ट में सुपर पावर अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक तथा फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की रेटिंग चौंकाने वाली रही। एक ओर जहाँ जो बाइडेन 40% रेटिंग के साथ 7वें स्थान पर रहे। वहीं, ऋषि सुनक टॉप 10 में भी जगह नहीं बना सके। वह 30% रेटिंग के साथ 13वें स्थान पर रहे। वहीं, इमैनुएल मैक्रों 29% रेटिंग के साथ 17वें स्थान पर रहे।

कैसे होता है सर्वे…

सर्वे रिपोर्ट तैयार करने के लिए मॉर्निंग कंसल्ट प्रतिदिन 20000 से अधिक लोगों से बातचीत करता है। इस बातचीत में मिले जवाबों के आधार पर ग्लोबल लीडर का डेटा तैयार किया जाता है। इस सर्वे के लिए अमेरिका में 45000 लोगों की राय ली गई है। वहीं अन्य देशों में 500 से 5000 के बीच लोगों से बात की गई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ग्लोबल लीडर लिस्ट में सबसे अधिक रेटिंग हासिल करने को लेकर केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने ट्वीट कर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने लिखा, “माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी एक बार फिर दुनिया के सबसे लोकप्रिय जन नेता बने। वैश्विक नेताओं की तुलना में 78% ग्लोबल लीडर अप्रूवल रेटिंग के साथ पहले पायदान पर हैं। मोदी जी के नेतृत्व में देश समृद्ध, सशक्त व सुरक्षित बन रहा है। आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से अग्रसर है।”

भाजपा नेता नवीन जिंदल ने ट्वीट कर कहा, “विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को 78% ग्लोबल लीडर अप्रूवल रेटिंग के साथ एक बार पुनः दुनिया का सबसे लोकप्रिय जन नेता चुना गया है।”

उपराष्ट्रपति को पद से हटवा देंगे जज-वकील: जानिए क्या है प्रक्रिया, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम को लेकर पागलपन किस हद तक?

जजों की नियुक्ति को लेकर केंद्र और सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम के बीच खींचतान जारी है। इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की गई थी। इस पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को कड़ा कदम उठाने की चेतावनी दी। इसके बाद केंद्र ने हलफनामा देकर जजों की नियुक्ति वाली सिफारिशों को ‘शीघ्र’ ही मंजूरी देने की बात कही।

जजों की नियुक्ति को लेकर केंद्र के रूख के बाद बेंगलुरु के एडवोकेट्स एसोसिएशन अवमानना की याचिका लगाई थी। जजों की नियुक्ति को लेकर केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृति दिए जाने में देरी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई। कोर्ट ने कहा, “यह बेहद गंभीर मामला है। हमें ऐसा स्टैंड लेने पर मजबूर न करें, जिससे परेशानी हो।”

दूसरी तरफ कॉलेजियम सिस्टम की आलोचना करने पर देश के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और कानून मंत्री किरेन रिजिजू के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में दाखिल की गई है। बॉम्बे लॉयर्स एसोसिएशन द्वारा दाखिल याचिका में धनखड़ और रिजिजू को उनके पद से हटाने की माँग की है।

कड़ा स्टैंड लेने की चेतावनी के बाद केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को कह दिया कि कॉलेजियम द्वारा भेजी गई सिफारिशों को वह जल्दी ही मंजूरी दे देगी। हालाँकि, केंद्र ने कोई समयसीमा नहीं दी। ऐसे में बॉम्बे हाईकोर्ट में दाखिल उपराष्ट्रपति और कानून मंत्री को हटाने की याचिका पर हाईकोर्ट ऐसा कोई निर्णय ले सकता है, यह लोगों के मन में जिज्ञासा है। सबसे पहले हम उपराष्ट्रपति के चुनाव को समझते हैं और फिर उन्हें हटाने की प्रक्रिया को जानेंगे।

उपराष्ट्रपति का चुनाव?

उपराष्ट्रपति का पद संवैधानिक पद होता है। राष्ट्रपति के बाद यह देश का दूसरा सर्वोच्च पद होता है। उपराष्ट्रपति का कार्यकाल 5 वर्ष का होता है, लेकिन कार्यकाल की समाप्ति के बावजूद वह पद पर तब तक रह सकता है, जब तक कि उत्तराधिकारी द्वारा पद ग्रहण नहीं कर लिया जाता।

राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव अधिनियम 1952 तथा राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव नियम 1974 के साथ संविधान के अनुच्छेद 324 में उपराष्ट्रपति के चुनाव का वर्णन है। उपराष्ट्रपति के चुनाव का संचालन, निर्देशन और नियंत्रण भारत निर्वाचन आयोग द्वारा किया जाता है।  

वर्तमान उपराष्ट्रपति के कार्यकाल के समाप्त होने के 60 दिन पहले उपराष्ट्रपति पद के चुनाव की अधिसूचना जारी की जाती है। इसके बाद केंद्र सरकार से परामर्श के बाद चुनाव आयोग लोकसभा और राज्यसभा के महासचिव को बारी-बारी से निर्वाचन अधिकारी (रिटर्निंग ऑफिसर) के रूप में नियुक्त करता है।

इसके बाद राष्ट्रपति और उप-राष्ट्रपति चुनाव नियम 1974 के नियम 8 के तहत चुनाव के लिए मतदान संसद भवन में आयोजित किया जाता है। इस चुनाव में संसद के दोनों सदनों के प्रतिनिधि भाग लेते हैं।

भारत के संविधान के अनुच्छेद 66 के अनुसार, उपराष्ट्रपति का चुनाव निर्वाचन मंडल के सदस्यों द्वारा किया जाता है। निर्वाचन मंडल में राज्यसभा के निर्वाचित सदस्य, राज्यसभा के मनोनीत सदस्य और लोकसभा के निर्वाचित सदस्य शामिल होते हैं।

उपराष्ट्रपति को हटाने की प्रक्रिया

उपराष्ट्रपति संसद के सर्वोच्च सदन यानी राज्यसभा का पदेन सभापति होता है। उपराष्ट्रपति के पास लाभ का कोई पद नहीं होता है। उपराष्ट्रपति भारत के राष्ट्रपति को अपना त्यागपत्र देकर पद देकर अपने पद से मुक्त हो सकता है। जिस दिन राष्ट्रपति त्यागपत्र को स्वीकार करेंगे, उस दिन से यह प्रभावी हो जाता है।

अगर उपराष्ट्रपति को हटाने की बात करें तो उन्हें राज्यसभा के एक प्रस्ताव द्वारा पद से हटाने के लिए महाभियोग की प्रक्रिया शुरू की जाती है। यह प्रस्ताव सदन में उपस्थित सदस्यों के बहुमत से पारित होना चाहिए।

राज्यसभा में पास होने के बाद महाभियोग का प्रस्ताव संसद के निचले सदन यानी लोकसभा में जाता है, जहाँ बहुमत द्वारा उसे स्वीकृति दी जाती है। प्रस्ताव पेश करने के पहले कम-से-कम 14 दिनों का नोटिस दिया जाना जरूरी है।

इस तरह हाईकोर्ट अथवा सुप्रीम कोर्ट द्वारा उपराष्ट्रपति को नहीं हटाया जा सकता है। उपराष्ट्रपति को हटाने की प्रक्रिया संसद लेती है और संविधान में वर्णित नियमों के अनुसार ही उन्हें हटाया जा सकता है।

हालाँकि, संविधान के अनुच्छेद 71(1) के तहत उपराष्ट्रपति के चुनाव से संबंधित निर्वाचन अनाचार के आधार पर या फिर अनुच्छेद 71(3) के तहत किसी कारण से अयोग्य घोषित होने पर उपराष्ट्रपति को उनके पद से मुक्त किया जा सकता है।

मंत्री की नियुक्ति और हटाने की प्रक्रिया

मंत्रीमंडल प्रधानमंत्री के अंतर्गत निहित होता है। ऐसे में किसी मंत्री को राष्ट्रपति हटा सकता है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री की सलाह पर किसी भी मंत्री को उसके पद से हटाया जा सकता है। इसके अलावा, अगर कोर्ट से मंत्री किसी मामले में अयोग्य घोषित हो जाता है तो उसे पद से मुक्त किया जा सकता है।

करोड़ों के शारदा घोटाले का कॉन्ग्रेसी-वामपंथी कनेक्शन: पी चिदंबरम की पत्नी, पूर्व माकपा MLA, पूर्व कॉन्ग्रेसी मंत्री सबकी संपत्ति जब्त

शारदा मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एक नई जानकारी सामने आई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार (3 फरवरी 2023) को पूर्व केंद्रीय मंत्री व कॉन्ग्रेस नेता पी चिदंबरम (P. Chidambaram) की पत्नी नलिनी चिदंबरम (Nalini Chidambaram) की संपत्ति सहित कई लोगों की संपत्तियाँ जब्त की।

ईडी ने अपने बयान में कहा, ”शारदा मनी लॉन्ड्रिंग मामले में नलिनी चिदंबरम, माकपा के पूर्व विधायक देवेन्द्रनाथ विश्वास और असम के पूर्व मंत्री अंजन दत्ता की कंपनी ‘अनुभूति प्रिंटर और पब्लिकेशन’ जैसे लाभार्थियों के 6 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति जब्त की गई है।”

एजेंसी ने अपने बयान में कहा कि धनशोधन निवारक अधिनियम (PMLA: Prevention of Money Laundering Act) के तहत इन लाभार्थियों की 3.30 करोड़ की चल संपत्ति और 3 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति जब्त करने का अस्थायी आदेश जारी किया गया है। यह मामला शारदा चिटफंड घोटाले से जुड़ा हुआ है। ईडी इस मामले में अब तक 600 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त कर चुका है। ईडी ने कहा:

“इस समूह की कंपनी ने कुल 2,459 करोड़ रुपए जुटाए थे, जिसमें से ब्याज को छोड़कर 1,983 करोड़ रुपए अब तक जमाकर्ताओं को लौटाए गए हैं।”

उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल की चिटफंड कंपनी शारदा ग्रुप ने लोगों को ठगने के लिए कई लुभावने अवसर दिए थे। कुछ ही महीनों में रकम दोगुनी करने का सब्ज़बाग दिखाया गया था। करीब 10 लाख लोगों से पैसे लिए गए और जब लौटाने की बारी आई तो कंपनी ताला लगा कर भाग चुकी थी।

शारदा ग्रुप ने कई निवेश योजनाओं को बढ़ावा देकर पैसा इकट्ठा करना शुरू किया, जिसमें पर्यटन पैकेज, फॉरवर्ड ट्रैवल, होटल बुकिंग, क्रेडिट ट्रांसफर, रियस एस्टेट, इन्फ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस और मोटरसाइकिल निर्माण से जुड़ी कई योजनाएँ शामिल थीं। साल 2009 में बाज़ार नियामक सेबी का ध्यान शारदा ग्रुप पर गया था।

Almost Pyaar with DJ Mohabbat: अनुराग कश्यप की फिल्म, लोगों ने पहले ही दिन दिया झटका… 20 लाख रुपए से भी कम कमाई?

बॉलीवुड डायरेक्टर अनुराग कश्यप की फिल्म ‘ऑलमोस्ट प्यार विद डीजे मोहब्बत (Almost Pyaar with DJ Mohabbat)’ शुक्रवार (03 फरवरी, 2023) को सिनेमा घरों में रिलीज हुई। पहले ही दिन फिल्म को दर्शकों का रिस्पॉन्स नहीं मिला। किसी को भी यह फिल्म पसंद नहीं आ रही है। फिल्म ट्रेड एनालिस्ट भी मान चुके हैं कि फिल्म पहले ही दिन पिट चुकी है।

‘ऑलमोस्ट प्यार विद डीजे मोहब्बत (Almost Pyaar with DJ Mohabbat)’ प्रेम कहानी बताई जा रही। पहले की ही तरह अनुराग कश्यप की इस कहानी में लोगों ने कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। फिल्म ट्रेड एनालिस्ट सुमित कडेल की मानें तो पहले दिन फिल्म की कमाई 20 लाख रुपए से भी कम रहने वाली है। ऐसे में फिल्म की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।

कडेल ने लिखा कि अनुराग कश्यप की फिल्म ‘ऑलमोस्ट प्यार विद डीजे मोहब्बत’ पहले ही दिन वॉश आउट हो गई है। यदि शाम और रात के शो में कोई चमत्कार नहीं होता तो पहले दिन फिल्म की कमाई ₹20 लाख से नीचे रहने की संभावना है।

फिल्म की कहानी दो कालखंडों में समांतर चलती है और दोनों जगह घटनाएँ भी लगभग एक जैसी ही होती है। इन दो कहानियों की बीच की कड़ी बने हैं विक्की कौशल, जो फिल्म में डीजे मोहब्बत का किरदार निभा रहे हैं। फिल्म देखने के बाद इस निष्कर्ष पर पहुँचना मुश्किल हो जाता है कि फिल्म लव जिहाद पर बनी है या किसी आम प्रेम कहानी पर।

वैसे यह पहला मौका नहीं है जब अनुराग कश्यप की फिल्म को दर्शकों ने नकार दिया हो। दरअसल अपने पूरे करियर में आज तक उन्होंने एक भी हिट फिल्म नहीं दी है। बॉक्स ऑफिस इंडिया डॉट कॉम पर उनकी 14 फिल्मों की लिस्ट और कमाई का ब्योरा दिया हुआ है। बॉक्स ऑफिस इंडिया डॉट कॉम के मुताबिक अनुराग की फिल्म देव डी (2009) का प्रदर्शन औसत और गैंग्स ऑफ वासेपुर 1 (2012) का प्रदर्शन औसत से कम रहा था। इसके अलावे सारी फिल्में फ्लॉप और डिजास्टर कैटेगरी में शामिल हैं।

2024 में नरेंद्र मोदी ही बनेंगे PM, गौवध को बंद करवाना है: धर्म गुरु रामभद्राचार्य की भविष्यवाणी, वीडियो वायरल

हिंदू धर्म गुरु रामभद्राचार्य ने 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) को लेकर एक भविष्यवाणी की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीसरी बार फिर पीएम बनेंगे और बड़े-बड़े काम करेंगे। यह वीडियो एक सप्ताह पुराना है, लेकिन सोशल मीडिया पर अभी खूब वायरल हो रहा है।

वायरल वीडियो में हिंदू धर्म गुरु रामभद्राचार्य कहते हैं, “आपके बस में जो था, आपने वो सब करवाया। कोई कसर नहीं छोड़ी। आपमें मेरे प्राण बस गए। भाजपा ने पद्म विभूषण जैसा पुरस्कार देकर मेरी योग्यता का सम्मान किया। मेरी बात मान कर राम मंदिर बना। आप जान लिजिए, मैं फिर भविष्यवाणी कर रहा हूँ, तीसरी बार भी मोदी आएँगे और अबकी बार बहुत बड़े-बड़े काम होने हैं। गौवध को बंद करवाना है और हिंदी को राष्ट्रभाषा बनवाना है।”

उन्होंने आगे कहा, “रामचरितमानस को बैन करने की जो वकालत कर रहा है, एक मूर्ख नेता है, वो सठिया गया है धूमकेतु स्वामी प्रसाद मौर्या। मौर्या महोदय और बिहार का शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर, मैं आप लोगों को खुली चुनौती दे रहा हूँ। आइए मेरे सामने। मेरे सामने आकर मुझसे चर्चा कीजिए। कौन से पृष्ठ और किस चौपाई से आपको आपत्ति है, मैं उसका समाधान करूँगा।”

सोशल मीडिया पर यह वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। वे गुरु रामभद्राचार्य की भविष्यवाणी से काफी खुश नजर आ रहे हैं और जय श्रीराम लिख रहे हैं। बृजलाल त्रिपाठी लिखते हैं, “निश्चित हो गया गुरु जी का आशीर्वाद मिल गया।”

अमित शर्मा लिखते हैं, “जय हो। हर हर मोदी, घर घर मोदी… नमो नम: जय जय श्रीराम।”

ज्ञानमूर्ति शर्मा लिखते हैं कि आज सवेरे ही पूज्यनीय स्वामी रामभद्राचार्य जी को सुना। मोदी जी तीसरी बार PM बनेंगे, यह भविष्यवाणी सुन के मन भाव विभोर हो गया। साथ ही महाराज जी ने रावण की नाजायज औलाद स्वामी प्रसाद मौर्या और चंद्रशेखर को चैलेंज दिया… मन गौरवान्वित हो गया।

ट्विटर पर एक अन्य यूजर ने लिखा कि पूज्य रामभद्राचार्य जी महाराज की भविष्यवाणी से तीसरी बार भी नरेन्द्र मोदी ही प्रधानमंत्री बनेंगे।

इससे पहले गुरु रामभद्राचार्य ने रामचरितमानस विवाद को लेकर कहा था कि सस्ती लोकप्रियता और हिंदुओं को बाँटने के लिए सब हो रहा है। स्वामी प्रसाद मौर्या की गिरफ्तारी होनी चाहिए और उन्हें कठोर से कठोर दंड दिया जाना चाहिए।

कॉन्ग्रेस ने कैप्टन अमरिंद सिंह की पत्नी और पटियाला से सांसद परनीत कौर को किया सस्पेंड, पार्टी विरोधी गतिविधियों का लगाया आरोप

कॉन्ग्रेस (Congress) छोड़कर कर भाजपा (BJP) में शामिल हुए पंजाब (Punjab) के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह (Captain Amarinder Singh) की पत्नी परनीत कौर (Preneet Kaur) को कॉन्ग्रेस ने पार्टी से निलंबित कर दिया है। कॉन्ग्रेस ने उन पर पार्टी विरोधी गतिविधियों का आरोप लगाया है।

पंजाब कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने कॉन्ग्रेस अध्यक्ष को चिट्ठी लिखकर परनीत कौर की शिकायत की थी। चिट्ठी में कहा गया था कि पटियाला से कॉन्ग्रेस की लोकसभा सांसद परनीत कौर भाजपा की मदद करने के लिए पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल हैं।

प्रदेश अध्यक्ष का कहना है कि पंजाब के कई वरिष्ठ कॉन्ग्रेस नेताओं को भी लगता है कि परनीत कौर ऐसा कर रही हैं। शिकायत मिलने के बाद आवश्यक कार्रवाई के लिए कॉन्ग्रेस पार्टी की अनुशासनात्मक समिति को भेजा गया था। इसके बाद समिति ने यह निर्णय लिया है।

पार्टी ने परनीत कौर को नोटिस जारी करते हुए उनसे जवाब भी माँगा है। पार्टी ने परनीत कौर ने पार्टी से सस्पेंड करते हुए कहा कि वे तीन दिन में जवाब दें कि उन्हें क्यों ना पार्टी से निकाला जाए।

निलंबन के बारे में बोलते हुए अनुशासनात्मक समिति के सदस्य तारिक अनवर ने कहा, “पार्टी को परनीत कौर के बारे में लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि वह पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त हैं। पार्टी की अनुशासन समिति ने उन्हें निलंबित करने का फैसला किया। उन्हें कारण बताओ नोटिस भेज दिया गया है।”

बता दें कि अमरिंदर सिंह के कॉन्ग्रेस छोड़ने के बाद वह कॉन्ग्रेस के भीतर निशाने पर थीं। परनीत कौर के कई करीबी भी भाजपा में शामिल हो गए थे। इतना ही नहीं, विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने भाजपा कैंडिडेट के लिए चुनाव प्रचार किया था। इसके बाद प्रदेश कॉन्ग्रेस के नेताओं ने परनीत को भी पार्टी से बाहर निकालने की सलाह दी थी।

हाल ही में सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा था कि परनीत कौर कॉन्ग्रेस का हिस्सा नहीं हैं। कुछ तकनीकी कारणों और लोकसभा सदस्या रद्द होने के डर से वह पार्टी नहीं छोड़ रही हैं। उन्होंने कहा था कि परनीत कौर में अगर थोड़ा सा भी अत्मसम्मान बचा है तो उन्हें खुद पार्टी छोड़ देनी चाहिए।

परनीत कौर चौथी बार लोकसभा सदस्य बनी हैं। साल 1999 में उन्होंने पटियाला से पहली बार चुनाव लड़कर जीत हासिल की थी। इसके बाद वह 2004 और 2009 के लोकसभा चुनावों में इस सीट का प्रतिनिधित्व किया। वह मनमोहन सिंह सरकार में केंद्रीय मंत्री भी रहीं।

साल 2014 के लोकसभा चुनावों में परनीत कौर आम आदमी पार्टी (AAP) के धर्मवीर गाँधी से चुनाव हार गईं। इसके बाद वे साल 2019 के लोकसभा चुनावों में एक बार फिर जीतकर लोकसभा पहुँची हैं। 

दुनिया भर में मंदी, लेकिन भारत में रिकॉर्ड तोड़ कमाई: भारतीय बाजार के कायल हुए Apple के CEO टिम कुक, कहा – उपलब्ध कराएँगे किफायती प्रोडक्ट्स

दिग्गज टेक कंपनी एप्पल के सीईओ टिम कुक ने कहा है कि कंपनी ने भारत में दिसंबर तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) में अब तक की सबसे अधिक कमाई की है। उन्होंने कहा है कि भारत में एप्पल साल दर साल मजबूत होता जा रहा है। इसलिए वह कंपनी के व्यापार को लेकर काफी आशान्वित हैं।

टिम कुक ने शुक्रवार (3 फरवरी 2023) को जारी एक बयान में कहा है, “हमने कनाडा, इंडोनेशिया, मेक्सिको, स्पेन तुर्की और वियतनाम समेत कई बाजारों में रिकॉर्ड कमाई की है। साथ ही, ब्राजील और भारत में दिसंबर तिमाही में रिकॉर्ड कमाई की है।”

उन्होंने यह भी कहा है, “एप्पल ने भारत में दहाई के अंकों में वृद्धि की है। हमने जिस तरह का प्रदर्शन किया है, उससे काफी अच्छा महसूस कर रहे हैं। एप्पल के लिए भारत एक रोमांचक बाजार है। हमने साल 2020 में भारत में ऑनलाइन स्टोर स्थापित किए थे। अब जल्द ही एप्पल रिटेल भी स्थापित करेंगे।”

उन्होंने यह भी कहा, “एप्पल ने भारत की तरफ काफी ध्यान और जोर दिया है। एप्पल लोगों को खरीददारी के अधिक ऑप्शन देने पर भी विचार कर रही है। इसके लिए हम प्रोडक्ट को अधिक किफायती बनाएँगे। इससे लोगो को प्रोडक्ट खरीदने के लिए अधिक ऑप्शन मिल सकें।” टिम कुक ने यह भी कहा है, “एप्पल ने कोविड के बाद भी यह प्रदर्शन जारी है। यही कारण है कि हम भारत में रिटेल लाकर निवेश कर रहे हैं। वहाँ ऑनलाइन स्टोर ला रहे हैं। मैं भारत को लेकर बहुत आशान्वित हूँ।”

बता दें कि एप्पल ने साल 2022 की आखिरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) की रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट के अनुसार, एप्पल ने आखिरी तिमाही में 117.2 बिलियन डॉलर की कमाई है। हालाँकि, यह कमाई पिछले साल की तुलना में 5 फीसदी कम है। यही नहीं, बीते 4 सालों में एप्पल की कमाई में पहली बात गिरावट देखने को मिली है। वैश्विक बाजार में इस गिरावट के बाद भी भारत जैसे बड़े व्यापारिक देश में रिकॉर्ड कमाई यह दर्शाती है कि भारतीय बाजार दुनिया भर के तमाम विकसित देशों से कहीं आगे है।

जम्मू-कश्मीर के डोडा में भी उत्तराखंड के जोशीमठ जैसी दरारें, लोगों में डर का माहौल: 20 परिवारों को सुरक्षित जगह भेजा गया, घरों के ढहने की भी खबरें

केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) के डोडा जिले के 7 घरों में दरार आने की खबर सामने आई है। उत्तराखंड के जोशीमठ के बाद यहाँ के घरों में आई दरारों से स्थानीय नागरिकों में डर का माहौल है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, डोडा जिले के घरों में आई दरारें जोशीमठ के घरों में आई दरारें जैसी ही हैं।

ये दरारें डोडा के थाथरी शहर के बस्ती इलाके में आई है। ‘इंडिया टुडे’ की रिपोर्ट के अनुसार, लोग अपने घरों को छोड़ कर पड़ोसी या रिश्तेदारों के घरों में रहने चले गए हैं। भू-वैज्ञानिकों की एक टीम और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा किया है और दरारों के कारणों का पता लगाया जा रहा है।

डोडा जिले के सबडिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM) अतहर अमीन जरगर ने बताया, “दिसंबर में यहाँ के एक घर में दरार आने की बात सामने आई थी। गुरुवार (2 फरवरी, 2023) तक यहाँ के छह इमारतों में दरार आने की सूचना मिली थी। अब यह दरार बढ़ने लगी है। यह क्षेत्र धीरे-धीरे डूब रहा है। सरकार दूसरी ओर जल्द से जल्द इसका समाधान निकालने की कोशिश कर रही है।”

वहीं ‘टाइम्स नाउ’ की रिपोर्ट के अनुसार, यहाँ के कम से कम 20 परिवारोंं को सुरक्षित जगहों पर भेजा गया है। यह क्षेत्र लगभग 50 से 60 घरों वाला है। गुरुवार (2 फरवरी, 2023) देर रात करीब 12.30 बजे गाँव के नीचे एक बड़ा भूस्खलन आया था और इस वजह से कुछ घर ढह गए। इसके बाद से यहाँ के निवासियों में दहशत का माहौल है।

रिपोर्ट के मुताबिक, सड़कों के निर्माण में मशीनरी का उपयोग हो रहा है और पानी के रिसाव समेत कई कारण हैं, जिससे यहाँ जोशीमठ जैसी हालात पैदा हो गए हैं। उल्लेखनीय है कि जोशीमठ में भी कई घरों में दरार आने के बाद वहाँ के निवासियों को सुरक्षित जगह भेजा गया है। इसके साथ ही सरकार ने मुआवजे का ऐलान किया था। वहीं गुरुवार को जोशीमठ के सवाल पर केन्द्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्री जितेन्द्र सिंह ने संसद में बताया था कि जोशीमठ में अबतक 296 परिवारों को सुरक्षित क्षेत्र में पहुँचाया गया है।

‘आदिल 4 बीवियाँ रखने की बात कर रहा, मैं फ्रिज में पैक होना नहीं चाहती’: राखी सावंत बोली- दूसरी लड़की से है शौहर के अफेयर, आदमी तो होता ही कुत्ता है

सुर्खियों में रहने के लिए हर तरह के हथकंडे अपनाने वाली टीवी एक्ट्रेस राखी सावंत (Rakhi Sawant) एक बार फिर अपनी निकाह को लेकर रोना रोई है। राखी ने कहा कि उसके शौहर आदिल दुर्रानी पर एक्ट्रा मैरिटल का आरोप लगाते हुए कहा कि वह फ्रिज में नहीं जाना चाहती।

पत्रकारों को देखते हुए राखी सावंत रोने लगीं। उन्होंने कहा, “आदिल मुझे धमकी दे रहा है कि मैं तीन शादियाँ और कर सकता हूँ, वो भी बिना तुम्हें तलाक दिए। मैंने उसके लिए धर्म भी बदला, फिर भी ये किसी और लड़की के प्यार में पड़ा हुआ है।”

राखी सावंत ने अपने जीवन पर खतरा बताते हुए कहा, “मेरे शादीशुदा जीवन पर खतरा मंडरा रहा है कि कब मुझे आदिल तलाक दे देगा। वो मुझे कहता है कि तुम मीडिया में जाकर सारी बातें क्यों करती हो। अगर मैं ऐसा ना करूँ तो शायद मैं भी फ्रिज में मिलूँगी।”

एक लड़की चेतावनी देते हुए राखी ने कहा कि वह आदिल से दूर रहे। राखी ने कहा, “आदमी तो होता ही कुत्ता है। उसके पास जाओगी तो वह… करेगा ही। तुम एक शादीशुदा औरत की जिंदगी खराब कर रही हो। शुक्र करो कि अभी मैं तुम्हारा नाम नहीं ले रही हूँ। आगे फोटो-वीडियो जारी करूँगी।”

राखी ने कहा कि आदिल खान ने उन्हें 8 महीने तक निकाह के बारे में ना बताने के लिए इसलिए कहा, क्योंकि उनका अफेयर है। एक्ट्रेस ने कहा, “मैं अल्लाह से दुआ करूँगी। 30 रोजे रखूँगी।मैं उमराह के लिए जाऊँगी। मेरा खुदा सच्चा है। मैं एक सच्ची बीवी हूँ। मुझे बच्चों की माँ बनना है। आदिल तुम मुझे तलाक नहीं दे सकते। अल्लाह के कोर्ट में जाऊँगी।”

हालाँकि, इतना सब कहने के बाद राखी ने फिर यू-टर्न ले लिया है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर करके कहा कि मीडिया गलत खबरें दिखा रही है। वह आदिल के साथ खुश हैं और किसी भी हाल में तलाक नहीं ले रहे हैं। इसलिए अफवाह नहीं फैलाएँ। राखी ने कहा कि दोनों एक साथ शादीशुदा जिंदगी गुजार रही हैं।