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सपा प्रवक्ता ने स्वामी प्रसाद मौर्य पर कार्रवाई की माँग की, बताया धर्मद्रोही: रामचरितमानस का समर्थन करने पर अपनी ही नेता को भला-बुरा बोल रहे सपाई

रामचरितमानस के खिलाफ लगातार बयान दे रहे समाजवादी पार्टी के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ उन्हीं की पार्टी की नेता खड़ी हो गई हैं। सपा प्रवक्ता डॉक्टर रोली तिवारी मिश्रा ने स्वामी प्रसाद मौर्य पर रासुका लगाने की माँग तक कर दी है। डॉक्टर रोली ने एक के बाद एक ट्वीट कर स्वामी प्रसाद मौर्य पर निशाना साधा। उन्होंने योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ कार्रवाई की अपील की।

सपा प्रवक्ता रोली तिवारी ने ट्विटर पर अपनी ही पार्टी के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। रोली तिवारी ने शुक्रवार (3 फरवरी, 2023) की सुबह स्वामी प्रसाद मौर्य पर धार्मिक उन्माद और जातीय संघर्ष फैलाने की कोशिश का आरोप लगाया। उन्होंने स्वामी प्रसाद को धर्मद्रोही करार देते हुए राष्ट्र के लिए खतरा बताया। रोली तिवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ को टैग करते हुए स्वामी प्रसाद मौर्य पर रासुका लगाकर कार्रवाई की माँग की।

एक अन्य ट्वीट में उन्होंने पूछा कि सनातन धर्म के खिलाफ़ साजिश कर हिंदू जातियों को बाँटकर क्या देश में गृहयुद्ध जैसी भूमिका रची जा रही है?

रोली तिवारी कई दिनों से सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ हमलावर हैं। गुरुवार (2 फरवरी, 2023) को अपने एक ट्वीट में रोली तिवारी ने स्वामी प्रसाद मौर्य को रामचरितमानस पर शास्त्रार्थ का चैलेंज दिया था। उन्होंने लिखा, “मैं अपनी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव श्री स्वामी प्रसाद मौर्य को श्रीरामचरितमानस पर जनता के सामने Live शास्त्रार्थ के लिए आमंत्रित करती हूँ। अगर मैं उनसे हार गई तो राजनीति छोड़ दूँगी।”

एक गुरुवार (2 फरवरी, 2022) को हीं एक अन्य ट्वीट में रोली यह कह रही थीं कि यदि उन्हें राजनीतिक भविष्य और सनातन धर्म में से उन्हें किसी एक को चुनना पड़ा तो वे सनातन धर्म को चुनेंगी। ठीक एक दिन बाद शुक्रवार (3 फरवरी) को वे लिखती हैं कि एक तरफ राजनीतिक पद लाभ थे दूसरी तरफ प्रभु श्रीराम और रामचरितमानस मैंने प्रभु श्रीराम को चुना। उनकी इन ट्वीट्स के समाजवादी पार्टी के समर्थक ही उन पर हमला कर रहे हैं।

रोली तिवारी के ट्वीट का स्क्रीन शॉट

बता दें कि सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने रामचरितमानस को बकवास बताते हुए प्रतिबंध की माँग की थी। इसके बाद उन्हें साधु-संतो और महंतों की नाराजगी का सामना करना पड़ा था। इसके बाद मौर्य ने हिंदू संतों और महंतों को ‘आतंकवादी’ व ‘जल्लाद’ कहा था।

हादसे के वक्त नशे में धुत थी अंजलि: विसरा रिपोर्ट में सच निकली सहेली निधि की बात, कंझावला में कार से घसीटे जाने के कारण हुई थी मौत

दिल्ली के कंझावला केस में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। इस मामले की जाँच कर रहे अधिकारियों ने शुक्रवार (3 फरवरी, 2023) को कहा कि दिल्ली पुलिस को भयानक कार एक्सीडेंट में जान गँवाने वाली 20 वर्षीय अंजलि की विसरा रिपोर्ट मिल गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि जिस वक्त अंजलि का एक्सीडेंट हुआ उस समय वह ‘हाइली ड्रंक’ (काफी नशे में) थी।

विशेष पुलिस आयुक्त (लॉ एंड ऑर्डर) सागर प्रीत हुड्डा (Sagar Preet Hooda) के अनुसार, अंजलि की विसरा रिपोर्ट 24 जनवरी 2023 को दिल्ली के रोहिणी स्थित फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी द्वारा तैयार की गई। अंजलि की विसरा की रिपोर्ट अब पुलिस के जाँच का हिस्सा है। इस मामले में आगे की जाँच जारी है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, विसरा रिपोर्ट में अंजलि की दोस्त निधि की बात सही साबित हुई है कि वह भयानक सड़क हादसे वाली रात काफी नशे में थी। हादसे के वक्त अंजलि की दोस्त निधि भी स्कूटी पर बैठी हुई थी, जो कार से टक्कर होने के बाद वहाँ से भाग गई थी। निधि ने बताया था कि उसने 31 दिसंबर 2022 की रात बहुत शराब पी हुई थी। इसके बावजूद वह स्कूटी चला रही थी।

मृतका की सहेली ने अपने बयान में बताया था कि 31 दिसंबर की रात वो लोग OYO होटल में पार्टी के लिए गए थे। होटल में अंजलि का पुरुष मित्र और अन्य दोस्त भी थे। निधि ने कहा था कि शाम को 8 बजे होटल में दाखिल होने के बाद वे देर रात करीब 1.30 बजे वहाँ से निकले। बकौल निधि, अंजलि ने काफी शराब पी हुई थी। अंजलि शराब सेवन के बाद भी स्कूटी चलाने की जिद कर रही थी। इस बात को लेकर दोनों के बीच झगड़ा भी हुआ था।

हालाँकि, अंजलि के परिवारवालों ने दोस्त निधि के दावों को खारिज कर दिया था। उन्होंने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के हवाले से दावा किया था कि अंजलि ने शराब नहीं पी थी।

कंझावला केस

गौरतलब है कि 1 जनवरी 2023 को दिल्ली के सुल्तानपुरी में अंजलि स्कूटी से अपने घर लौट रही थी। तभी, एक कार से उसका भयानक एक्सीडेंट हुआ। एक्सीडेंट में अंजलि कार के निचले हिस्से में फँस गई। आरोपित उसे कार से निकालने के बजाए 12 किलोमीटर तक लगातार घसीटते रहे। इससे उसके पैर तक कट गए थे। बाद में, सूचना पाकर घटनास्थल पर पहुँची पुलिस ने दिल्ली के कंझावला थाना क्षेत्र से लड़की का शव नग्नावस्था में बरामद किया था। अजंलि अपने घर में कमाने वाली इकलौती थी।

इस मामले में पुलिस ने दीपक खन्ना, अमित खन्ना, कृष्ण, मिथुन, मनोज मित्तल को गिरफ्तार किया था। इसके बाद पुलिस को गुमराह करने वाले आशुतोष और अंकुश खन्ना को भी इस मामले में आरोपित बनाया था।

कराची की मस्जिद पर मुस्लिम भीड़ का हमला, तोड़फोड़ करते रहे लोग-देखती रही पुलिस: कंगाल हो रहे पाकिस्तान का ये वीडियो भी देखिए

पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हिंदुओं और मंदिरों पर हमले की घटना होती रहतीं हैं। अब कट्टरपंथी मुस्लिमों ने अहमदिया समुदाय की मस्जिद को निशाना बनाया है। मस्जिद में तोड़फोड़ करने वाले लोग इस्लामी पार्टी ‘तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (TLP)’ के सदस्य बताए जा रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अहमदिया समुदाय की यह मस्जिद कराची में है। इसे कादियानी मस्जिद कहा जाता है।जहाँ कुछ कट्टरपंथी हमलावरों ने मस्जिद में चढ़कर मीनारों और छज्जे में तोड़फोड़ की है। इसका एक वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में 4 हमलावर हथौड़े से तोड़फोड़ करते नजर आ रहे हैं। इसके अलावा कई स्थानीय लोग भी नजर आ रहे हैं।

रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से यह भी कहा जा रहा है कि अहमदिया मस्जिद में हुई तोड़फोड़ के समय पुलिसकर्मी भी मौके पर मौजूद थे। हालाँकि, किसी ने भी इन इस्लामिक कट्टरपंथियों को रोकने की कोशिश नहीं की। मस्जिद में हमला करने वाले लोगों को पाकिस्तान की कट्टरपंथी इस्लामिक पार्टी ‘तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (TLP)’ का सदस्य बताया जा रहा है। हमलवार फिलहाल फरार हैं। पुलिस मामले की जाँच करने की बात कह रही है।

बीते एक महीने में अहमदिया मुस्लिमों से जुड़े मजहबी स्थल पर यह दूसरा हमला है। इससे पहले, कराची के ही जमशेद रोड में स्थित अहमदी जमात खाने पर हमला हुआ था। इस हमले में जमात खाने की मीनारें टूट गई थीं। बता दें कि साल 1974 में तत्कालीन प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो ने संविधान में संशोधन कर अहमदिया मुस्लिमों को गैर मुस्लिम घोषित करार दिया था। इसके बाद से अहमदिया मुस्लिमों को भेदभाव, उत्पीड़न और हमलों का सामना कर रहा है।

गौरतलब है कि इससे पहले पाकिस्तान के पेशावर शहर में सोमवार (30 जनवरी, 2023) को एक मस्जिद में आत्मघाती बम धमाका हुआ था। इस फिदायीन हमले में 100 से अधिक लोगों की जान चली गई थी। वहीं करीब 200 लोग घायल हुए थे। बम धमाके के वक्त नमाज पढ़ने के लिए मस्जिद में करीब 400 लोग मौजूद थे। ‘तहरीक-ए-तालिबान (TTP)’ ने हमले की जिम्मेदारी ली।

’48 घंटे में हटाओ ईशनिंदा वाले कंटेंट, वरना कर देंगे बैन’: कंगाल हो रहे पाकिस्तान ने Wikipedia को धमकाया, समन के बावजूद पेश नहीं हुई कंपनी

‘पाकिस्तान टेलिकम्युनिकेशन अथॉरिटी (PTA)’ ने बुधवार (1 फरवरी, 2023) को कहा कि अगर विकिपीडिया 48 घंटे के अंदर ईश निंदा वाले कंटेंट (Blasphemous Content) को हटाने में विफल रहता है तो उसे ब्लॉक कर दिया जाएगा। हालाँकि, PTA ने यह नहीं बताया कि वह किस विकिपीडिया कंटेंट को ‘ईशनिंदा’ के रूप में देखता है। विकिपीडिया ने न तो कथित ईशनिंदा वाले कंटेंट को हटाया है और न ही पाकिस्तानी दूरसंचार प्राधिकरण के सामने पेश हुआ।

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, “विकिपीडिया से इस संबंध में संपर्क किया गया था और कानून और अदालती आदेशों के तहत नोटिस जारी करके उक्त कंटेंट को ब्लॉक करने/हटाने के लिए कहा गया था। उसे सुनवाई का अवसर भी प्रदान किया गया था। हालाँकि प्लेटफॉर्म  ने न तो ईशनिंदा कंटेंट को हटाने के आदेश पालन किया और न ही प्राधिकरण के सामने पेश हुआ। विकिपीडिया ने जानबूझकर PTA के निर्देशों का पालन नहीं किया है इसलिए उसकी सेवाओं को 48 घंटों के लिए अवरुद्ध/बंद किया गया है। पीटीए ने विकिपीडिया को चेतावनी दी है कि अगर उसके निर्देशों का पालन नहीं किया गया तो पाकिस्तान में उसकी सेवाओं को ब्लॉक कर दिया जाएगा।

PTA द्वारा जारी प्रेस रिलीज

इंटरनेट सेवा प्रदाता नयाटेल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी वहाज-उस-सिराज के अनुसार, “विकिपीडिया की सेवाएँ स्लो हो गई हैं और निश्चित रूप से यह उन लोगों को प्रभावित करेगा जो शिक्षा और सूचना उद्देश्यों के लिए विकिपीडिया का उपयोग करते हैं।”

पाकिस्तान में ईशनिंदा कानून

पाकिस्तान में चल रहे आर्थिक संकट के और गंभीर बिजली कटौती के बीच, देश की संसद ने हाल ही में देश के क्रूर ईशनिंदा कानून को और कड़ा कर दिया है। जनवरी 2023 में पाकिस्तानी संसद ने पाकिस्तान के सख्त ईशनिंदा कानूनों को और कड़ा कर दिया है, जिसे अल्पसंख्यकों को सताने के लिए नियमित रूप से लागू किया जाता हैं।

पाकिस्तान में कानून के तहत इस्लाम या पैगंबर मुहम्मद का अपमान करने के लिए दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के लिए मौत की सजा देने का प्रावधान करता है। अब इस कानून के तहत उन लोगों को दंडित किया जा सकता है जो ईशनिंदा करने वालों से जुड़े हों। पाकिस्तान नेशनल असेंबली में बीते सप्ताह ही आपराधिक कानून (संशोधन) अधिनियम 2023, को सर्वसम्मति से पारित किया गया है। इसके तहत इस्लाम का अनादर करने वाले व्यक्तियों के लिए न्यूनतम सजा बढ़ा दी गई है।

आतंकियों की टारगेट किलिंग से परेशान जम्मू के हिंदुओं ने निकाली पुरानी बंदूकें, निशाना साधने की कर रहे प्रैक्टिस: 20 साल पहले पुलिस ने दिए थे 71 हथियार

जम्मू-कश्मीर में इस्लामी आतंकियों द्वारा गैर-मुस्लिम लोगों को निशाना बनाने की बढ़ती घटनाओं के बाद लोगों ने अपनी सुरक्षा की तैयारी करनी शुरू कर दी है। स्थानीय हिंदू और सिख अपने 20 साल पुराने हथियार निकाल लिए हैं और निशाना लगाने का अभ्यास कर रहे हैं।

जम्मू के राजौरी का अपर डांगरी गाँव जम्मू-कश्मीर में मिसाल के तौर पर उभर रहा है। हिंदुओं ने टारगेटेड आतंकी हमलों का जवाब देने की तैयारी कर ली है। गाँव के लोगों ने 71 राइफलें निकाल ली हैं। ये हथियार 20 साल पहले पुलिस ने इन्हें सुरक्षा के लिए दिया था।

जम्मू से करीब 150 किलोमीटर दूर बसे इस गाँव में 1 जनवरी 2023 को दो अनजान लोग घुस आए और लोगों से पूछ-पूछकर गोली मारी थी। एके-47 से किए गए इस हमले में 5 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके द्वारा लगाए IED ब्लास्ट से दो और बच्चों की मौत हो गई थी।

इस दौरान गाँव के ही रहने वाले बालकृष्ण शर्मा ने आतंकियों पर फायरिंग की थी। इसके बाद आतंकी भागने को मजबूर हुए थे। बालकृष्ण को उन लोगों में से एक हैं, जिन्हें पुलिस ने 1998 से 2001 के बीच सुरक्षा के लिए हथियार दिए थे।

भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, 5000 हिंदू और 2100 मुस्लिम जनसंख्या की मिश्रित आबादी वाले इस गाँव में उस दौरान आतंकियों को रोकने के लिए विलेज डिफेंस कमेटी बनी थी। उस दौरान 71 लोगों को बंदूक और राइफल दी गई थीं।

1 जनवरी को हुए हमले के बाद गाँव के लोगों में गुस्सा है। वे अपने लोगों की मौत से विचलित हैं और आतंकियों से बदला लेना चाहते हैं। आगे इस तरह के हमले ना हों, इसलिए गाँव के लोग निशाना लगाने की लगातार प्रैक्टिस कर रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने BBC की डॉक्यूमेंट्री पर से तुरंत बैन हटाने से इनकार किया, केंद्र सरकार को जारी किया नोटिस: याचिका डालने वालों में प्रशांत भूषण-महुआ मोइत्रा

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने BBC की प्रोपेगेंडा डॉक्यूमेंट्री ‘इंडिया: द मोदी क्वेश्चन’ को बैन करने के केंद्र सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली देने वाली याचिकाओं पर केंद्र को नोटिस जारी किया है। शीर्ष न्यायालय ने शुक्रवार (3 फरवरी, 2023) को इस मामले में केंद्र से तीन हफ्ते में जवाब माँगा है। जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस एमएम सुंदरेश की खंडपीठ ने केंद्र को सुनवाई की अगली तारीख पर अपने फैसले से संबंधित ऑरिजिनल रिकॉर्ड पेश करने को कहा है। अगली सुनवाई अप्रैल 2023 को होगी।

सुप्रीम कोर्ट ने पत्रकार एन राम, एडवोकेट प्रशांत भूषण और टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा की ओर से दायर याचिका पर कोई भी अंतरिम आदेश देने से साफ इनकार कर दिया है। याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील सीयू सिंह ने अगली सुनवाई पहले की जानी की माँग की, लेकिन पीठ ने मना कर दिया।

कोर्ट ने यह भी कहा कि वह केंद्र सरकार की बात सुने बिना कोई अंतरिम आदेश पारित नहीं कर सकते हैं। इसलिए उन्हें अगली सुनवाई की तारीख पर सभी रिकॉर्ड पेश करने का आदेश दिया गया है। दरअसल, अदालत इस मामले में दो याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है। एक अधिवक्ता एमएल शर्मा द्वारा दायर की गई है और दूसरी तृणमूल कॉन्ग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा, पत्रकार एन राम और अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने दायर की है।

शर्मा ने अपनी याचिका में दावा किया है कि डॉक्यूमेंट्री पर प्रतिबंध लगाना मनमाना और असंवैधानिक रवैया है। प्रतिबंध हटाने की माँग के अलावा, शर्मा ने दंगों को रोकने में विफल रहने के लिए जिम्मेदार लोगों की जाँच की माँग भी की।

गौरतलब है कि बीबीसी ने ‘इंडिया : द मोदी क्वेश्चन’ शीर्षक से दो पार्ट में बनाई गई विवादित डॉक्यूमेंट्री सीरीज में गुजरात दंगों को लेकर पीएम मोदी के कार्यकाल पर हमला किया है। इसको लेकर बीते दिनों केंद्र सरकार ने ट्विटर और यूट्यूब से डॉक्यूमेंट्री से संबंधित लिंक हटाने का आदेश जारी किया था। एक रिपोर्ट के मुताबिक, यूट्यूब वीडियो के लिंक वाले 50 से ज्यादा ट्वीट्स को ब्लॉक किया गया था। विदेश मंत्रालय ने इसे भारत के खिलाफ दुष्प्रचार करने की कोशिश करार दिया था।

दरअसल, इस डॉक्यूमेंट्री में गोधरा कांड में इस्लामवादियों की भूमिका पर पर्दा डालने की कोशिश की गई है। गोधरा कांड में 59 हिंदू मारे गए थे।

BBC की प्रोपेगेंडा डॉक्यूमेंट्री में पीएम मोदी और भारत की छवि खराब करने का प्रयास किया गया है। विवादित डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग को लेकर दिल्ली की जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी और ‘जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU)’ में काफी बवाल भी हुआ था। बीबीसी की विवादास्पद डॉक्यूमेंट्री को लेकर हाल ही में बीजेपी सांसद और सीनियर एडवोकेट महेश जेठमलानी (Mahesh Jethmalani) ने बड़ा दावा किया था। उन्होंने बीबीसी पर चीनी कंपनी से पैसा लेकर भारत के खिलाफ दुष्प्रचार करने का आरोप लगाया था। साथ ही बीबीसी को भारत विरोधी और बिकाऊ बताया था।

‘शॉर्ट सेल’ कर के कमाने वाली अमेरिकी कंपनी पर कार्रवाई हो, निवेशकों को मिले मुआवजा: सुप्रीम कोर्ट पहुँचा अडानी-Hindenburg मामला

अडानी ग्रुप (Adani Group) को लेकर अमेरिकी शॉर्ट सेलर हिंडेनबर्ग रिसर्च (Hindenburg Research) की रिपोर्ट के बाद देश भर में बवाल मचा हुआ है। अडानी समूह के शेयरों में बिकवाली से निवेशकों के लाखों करोड़ रुपए डूब गए। अब अमेरिकी कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की माँग उठ रही है। अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में पहुँच गया है।

एमएल शर्मा नाम के एक वकील ने शुक्रवार (3 फरवरी 2023) को सुप्रीम में एक जनहित याचिका (PIL) दायर कर हिंडेनबर्ग और उसके संस्थापक नाथन एंडरसन (Nathan Anderson) के खिलाफ जाँच की माँग की है।

शर्मा ने अपनी याचिका में माँग की है कि एंडरसन के खिलाफ कार्रवाई की जाए और जिन लोगों ने अडानी ग्रुप में निवेश किया है, उन्हें इस हानि के लिए क्षतिपूर्ति दी जाए। याचिका में रिपोर्ट को निर्दोष निवेशकों के साथ धोखा बताया गया है। इसके साथ ही शॉर्ट सेलिंग को धोखाधड़ी बताने की भी माँग की।

रिपोर्ट के बाद बिकवाली की शिकार अडानी ग्रुप को अमेरिका के एसएंडपी डॉव जोन्स इंडेक्स (S&P Dow Jones Index) ने अडानी एंटरप्राइजेज को 7 फरवरी 2023 से स्थिरता सूचकांकों से हटाने की घोषणा की है। उधर, बांग्लादेश ने अडानी समूह के साथ बिजली को लेकर हुई द्विपक्षीय समझौते पर पुनर्विचार करने के लिए कहा है।

देश के महशूर वकील हरीश साल्वे ने भी अमेरिकी शॉर्ट सेलर कंपनी हिंडेनबर्ग की रिपोर्ट पर सवाल उठाया है। उन्होंने हिंडेनबर्ग की रिपोर्ट को भारत और भारतीय व्यापारियों पर एक तरह का हमला बताया। उन्होंने कहा कि भारत के विकास को प्रभावित करने की यह कोशिश है।

दरअसल, हिंडेनबर्ग रिसर्च अपनी रिपोर्ट के जरिए कंपनियों पर वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाती है और जब उसके शेयर गिरने लगने हैं तो शॉर्ट सेल कर फायदा कमाती है। कंपनी के शेयर जितने गिरेंगे, कंपनी को उतना ही फायदा होगा। इस मामले में हिंडेनबर्ग अमेरिका में जाँच के घेरे में भी है।

ईसाई धर्मांतरण को अंजाम देने के लिए यूनिवर्सिटी में बड़े पैमाने पर फर्जी नियुक्तियाँ: जम कर हुई फंड्स की बंदरबाँट, फतेहपुर में FIR दर्ज

फतेहपुर ईसाई धर्मांतरण मामले में जारी जाँच के बीच सैम हिग्गिनबॉटम यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर टेक्नालॉजी एंड साइंस (SHUATS) में नियुक्ति और फंडिंग में घपलेबाजी का मामला भी खुल गया है। इसे लेकर प्रयागराज के रहने वाले दिवाकर नाथ त्रिपाठी ने शिकायत दी थी। शिकायत मिलने के बाद की गई जाँच में यह साबित हो गया है कि SHUATS में शिक्षकों और अन्य पदाधिकारियों की नियुक्ति में गड़बड़ी हुई है। संस्थान की फंडिंग में भी घपलेबाजी की गई है।

प्रयागराज STF ने दोनों ही मामलों में 12 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करा दी है। ऑपइंडिया के पास भी एफआईआर की कॉपी उपलब्ध है।

मामले में STF की तरफ से शुआट्स के कुलपति राजेन्द्र बी लाल,कुलाधिपति (chancellor) जे ऐ ऑलिवर, समेत नियुक्ति और अवैध लेन देन में शामिल 12 पदाधिकारियों के खिलाफ धारा 419, 420, 467, 468, 471, 120बी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत धारा 7 और 13(1)(बी) के तहत नैनी थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। इसके अलावा केस से जुड़े तीन बड़े मामलों की जाँच STF अभी कर रही ,है जिससे साफ है कि यूनिवर्सिटी के इन अधिकारियों की मुश्किलें और बढ़ने वाली हैं।

इस मामले की जाँच कर रहे एसटीएफ प्रभारी एसआई नवेंन्दु कुमार की तरफ से दर्ज FIR के अनुसार, शुआट्स में चांसलर और वॉइस चासंलर सहित तमाम बड़े पद पर बैठे लोगों ने नियमों को ताक पर रखकर यूनिवर्सिटी के पदों पर अवैध नियुक्तियाँ की। वर्ष 1984 से वर्ष 2017 के बीच कुल 69 प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर की नियुक्ति बिना भर्ती प्रक्रिया का पालन किए की गई। उनके वेतन भी नियम से अलग तय किए गए। जाँच में नियुक्त सभी लोग अयोग्य पाए गए हैं।

नियुक्ति के लिए किन नियमों की अनदेखी की गई?

एसआईटी के मुताबिक, चयन प्रक्रिया में गवर्मेंट पे रोल पर नियुक्ति के लिए कई मानकों की अनदेखी की गई। पदों पर नियुक्ति के लिए कम से कम 2 समाचार पत्रों में विज्ञापन नहीं दिया गया। साक्षातकार के लिए बुलावा पत्र और चयन के बाद नियुक्ति पत्र प्रसारित नहीं किया गया। बिना आवेदन पत्र के ही चयन किया गया। चुने गए लोगों के वेतन व भत्तों के भुगतान में भी नियमों की अनदेखी की गई है।

मामले में सर्वजीत हावर्ड और अशोक सिंह को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। आरोप है कि धर्मांतरण को बढ़ावा देने और इससे होने वाली आमदनी की बंदरबाँट के लिए कुलपति समेत बड़े पदाधिकारियों ने सुविधानुसार अयोग्य लोगों की नियुक्ति विवि के प्रोफेसर समेत अलग अलग पदों पर की।

‘मुंबई में होगा बम धमाका, तालिबानी नेता हक्कानी का है आदेश’: अयोध्या के बाद महाराष्ट्र की राजधानी को उड़ाने की धमकी, जाँच एजेंसियाँ अलर्ट पर

‘राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA)’ को धमकी भरा मेल मिला है। इस मेल में, मुंबई में आतंकी हमला करने की बात कही गई है। ईमेल करने वाले ने खुद को तालिबानी बताया है। साथ ही दावा किया है कि यह हमला तालिबानी नेता सिराजुद्दीन हक्कानी के आदेश पर होगा। इससे पहले, अयोध्या में बन रहे राम मंदिर को लेकर भी धमकी सामने आई थी।

इस धमकी भरे मेल की जानकारी सामने आने के बाद जाँच व इंटेलिजेंस एजेंसियाँ अलर्ट पर हैं। साथ ही मुंबई पुलिस को भी सूचित किया गया है। यही नहीं, इस मामले में मुंबई के अलावा अन्य शहरों को भी अलर्ट पर रखा गया है। फिलहाल मुंबई पुलिस समेत तमाम जाँच एजेंसियाँ मामले की जाँच कर ईमेल भेजने वाले का पता तलाशने में जुटी हुईं हैं।

बता दें कि सिराजुद्दीन हक्कानी तालिबान के हक्कानी गुट का प्रमुख है। उसे सबसे खतरनाक तालिबानी नेताओं में से एक माना जाता है। फिलहाल वह अफगानिस्तान की तालिबानी सरकार में गृह मंत्री है। अमेरिकी जाँच एजेंसी FBI ने उसकी लोकेशन बताने वाले को 1 करोड़ डॉलर (82.25 करोड़ रुपए) का इनाम रखा है। इससे पहले गुरुवार (2 फरवरी, 2023) को एक अज्ञात व्यक्ति ने अयोध्या में बन रहे भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर को उड़ाने की धमकी दी थी। यह धमकी अयोध्या के रामकोट में रहने वालेमनोज नामक व्यक्ति को फोन पर मिली थी। उसने पुलिस को बताया था कि धमकी देने वाले शख्स ने सुबह 10 बजे तक मंदिर को उड़ाने की धमकी दी है।

उल्लेखनीय है कि 7 जनवरी को भी मुंबई में आतंकी हमला करने की धमकी सामने आई थी। इस धमकी मुंबई पुलिस के कंट्रोल रूम में फोन करके दी गई थी। धमकी देने वाले व्यक्ति ने कहा था कि दो महीने के अंदर मुंबई में 1993 बम धमाके जैसे सीरियल ब्लास्ट होंगे। धमकी के साथ कहा गया था कि ये धमाके मुंबई के माहिम, भिंडी बाजार, नागपाड़ा और मदनपुरा इलाके में होंगें।

इसके अलावा, आरोपित ने दावा किया था कि मुंबई में निर्भया गैंगरेप जैसे कांड व भीषण दंगे होने वाले हैं। इन सभी कामों के लिए दूसरे राज्य से लोगों को बुलाया जा चुका है। फोन कर धमकी देने वाले आरोपित ने यह भी दावा किया था कि इस पूरी घटना में कॉन्ग्रेस का एक विधायक भी शामिल है। हालाँकि, बाद में जाँच एजेंसी ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया था। आरोपित की पहचान नबी याहया खान उर्फ ​​केजीएन उर्फ ​​लाला के रूप में हुई। उस पर लूट और छेड़खानी समेत कुल 12 आपराधिक मामले दर्ज हैं।

फिल्म में रोल देने को तैयार था डायरेक्टर, बदले में माँगे… साउथ की ‘लेडी सुपरस्टार’ के साथ भी हो चुकी है कास्टिंग काउच की घटना, बताया अनुभव

साउथ इंडियन फिल्मों की ‘लेडी सुपरस्टार’ नयनतारा (Nayanthara) इन दिनों कास्टिंग काउच को लेकर किए गए खुलासे के बाद से चर्चा में हैं। हाल ही में नयनतारा ने एक इंटरव्यू के दौरान खुलासा किया है कि उन्हें भी करियर के शुरुआती दिनों में कास्टिंग काउच का शिकार होना पड़ा था। एक्ट्रेस ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि एक फिल्म में लीड रोल देने के बदले प्रोड्यूसर ने उनके सामने अपनी कुछ माँगे रखी थीं।

लेकिन, उन्होंने इस रोल के साथ किसी भी माँग को पूरा करने के लिए साफ इनकार कर दिया, क्योंकि उन्हें अपनी काबिलियत पर पूरा भरोसा था। वह इंडस्ट्री में अपने बेहतर काम के दम पर बढ़ने में यकीन रखती हैं। हालाँकि, बातचीत के दौरान अभिनेत्री ने फिल्म और प्रोड्यूसर के नाम का खुलासा नहीं किया।

नयनतारा जल्द ही शाहरुख खान के साथ फिल्म ‘जवान’ से बॉलीवुड में अपना डेब्यू करने जा रही हैं। इसमें कोई शक नहीं कि नयनतारा ने अपने टैलेंट और स्किल्स की बदौलत साउथ फिल्म इंडस्ट्री में खुद को स्थापित किया है। हालाँकि, यह पहली बार नहीं है जब किसी कलाकार ने अपने साथ हुए कास्टिंग काउच के अनुभव पर खुलकर बात की है। फिल्म इंडस्ट्री के काले सच से पर्दा उठाने के लिए इससे पहले भी कई लोग सामने आ चुके हैं।

कंगना रनौत से लेकर रणवीर सिंह तक, बॉलीवुड के कई स्टार्स कास्टिंग काउच के बारे में अपने अनुभव बता चुके हैं। इनके अलावा ‘बिग बॉस 1’6 फेम अंकित गुप्ता और टीवी एक्ट्रेस पँखुरी अवस्थी ने भी इंडस्ट्री में कास्टिंग काउच को लेकर खुलासे किए हैं।

गौरतलब है कि नयनतारा ने जून 2022 में अपने ब्वॉयफ्रेंड विग्नेश शिवन के साथ शादी की थी। शादी के बाद वो आंध्र प्रदेश में तिरुपति मंदिर (Tirupati Temple) में भगवान बालाजी का आशीर्वाद लेने के लिए पहुँचे थे। फिलहाल अभी वह एक ब्रेक पर हैं और अपने जुड़वा बेटों के साथ क्वालिटी टाइम बिता रही हैं। नयनतारा ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत बहुत कम उम्र में कर दी थी। वर्ष 2005 में एक्शन ड्रामा फिल्म ‘अय्या’ में अभिनय करने के बाद उन्हें ‘चंद्रमुखी’ में सुपरस्टार रजनीकांत के साथ काम करने का अवसर मिला था।