Wednesday, January 27, 2021
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शारदा चिट फंड: 28 पॉइंट में जानें 2009 से 2019 तक का घोटाला-चक्र

शारदा चिटफंड घोटाले में क़रीब 10 लाख लोगों से निवेश कराया गया और जब पैसा लौटाने की बारी आई तो कंपनी पर ताला लगा दिया गया।

पश्चिम बंगाल की चिटफंड कंपनी शारदा ग्रुप द्वारा लोगों को ठगने के लिए कई लुभावने अवसर दिए गए। कुछ ही महीनों में रक़म दोगुनी करने का सब्ज़बाग दिखाया। क़रीब 10 लाख लोगों से पैसे लिए गए और जब लौटाने की बारी आई तो कंपनी पर ताला लगा दिया। चलिए आपको इस घोटाले को शुरुआत से बताते हैं…

  • शुरुआत में, शारदा ग्रुप ने सुरक्षित डिबेंचर और रिडीमेबल अधिमान्य बॉन्ड जारी करके लोगों से धन इकट्ठा किया।
  • इसके बाद साल 2009 में बाज़ार नियामक सेबी का ध्यान शारदा ग्रुप पर गया। इसके बाद इसने कई निवेश योजनाओं को बढ़ावा देकर पैसा इक्ट्ठा करना शुरू किया, जिसमें पर्यटन पैकेज, फॉरवर्ड ट्रैवल, होटल बुकिंग, क्रेडिट ट्रांसफर, रियस एस्टेट, इन्फ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस और मोटरसाइकिल निर्माण से जुड़ी कई योजनाएँ शामिल थीं।
  • साल 2009 में ही तत्कालीन सांसदों, सोमेंद्र नाथ मित्रा और अबू हसीम खान चौधरी और तत्कालीन राज्य उपभोक्ता मामलों के मंत्री साधना पांडे की ओर से चेतावनी दी गई थी।
  • बंगाली फिल्म उद्योग में निवेश किया: स्थानीय टेलीविज़न चैनलों और समाचार पत्रों का अधिग्रहण और उसकी स्थापना की।
  • 2011 में, ग्लोबल ऑटो, लैंडमार्क सीमेंट कम्पनी ख़रीदी। इसके अलावा कई टीवी चैनल जिनमें तारा न्यूज़, म्यूज़िक बांग्ला, पंजाबी, टीवी साउथ ईस्ट एशिया, चैनल 10, एक एफएम स्टेशन शामिल थे।  
  • दिसंबर 2012 में ग्रुप द्वारा निवेश योजनाएँ शुरू की गई।
  • 2013 में एक पोंजी योजना का पता चला जो 239 से अधिक कंपनियों के सहयोग से शारदा ग्रुप के द्वारा चलाई जा रही थी।
  • शारदा ग्रुप ने अप्रैल 2013 में ध्वस्त होने से पहले जमाकर्ताओं द्वारा 1.7 मीलियन से अधिक धनराशि इकट्ठी की।
  • शारदा ग्रुप ने कई स्कीम चलाईं और अपनी पंजीकृत 239 कंपनियों में से 4 कंपनी जिसमें शारदा टूर एंड ट्रैवल्स , शारदा रॉयल्टी, शारदा हाउसिंग और शारदा गार्डन रिज़ार्टस के माध्यम से लोगों का पैसा इकट्ठा किया।  
  • 2013 तक अपने ख़ुद के मीडिया डिवीज़न में लगभग 988 करोड़ रुपए का निवेश किया। इसमें लगभग 1500 पत्रकार और 8 अख़बार शामिल थे।
  • 17 अप्रैल 2013 को 600 शारदा कलेक्शन एजेंट तृणमूल कॉन्ग्रेस के कार्यालय के सामने इकट्ठे हुए और घोटाले पर कार्रवाई की माँग की।
  • 18 अप्रैल 2013 को सुदीप्तो सेन को गिरफ़्तार करने के लिए वारंट जारी किया गया। घोटाला सामने आने पर सुदीप्तो सेन लापता हो गए।
  • 22 अप्रैल 2014 शारदा ग्रुप के ख़िलाफ़ 222 मामले दर्ज किए गए। सेबी के एक अधिकारी ने शारदा ग्रुप से कहा कि वह किसी भी तरह की जमा धनराशि इक्ट्ठा करने पर विराम लगाए और तीन महीने के अंदर जमा किया गया धन लोगों को वापस करे।
  • 23 अप्रैल 2013 को जम्मू-कश्मीर से सुदीप्तो सेन और उनकी राइट-हैंड कहलाने वाली देबजानी मुखर्जी को गिरफ़्तार किया गया।
  • फरवरी 2014 में शारदा ग्रुप के मालिक सुदीप्तो सेन को पीएफ बकाया भुगतान न करने के लिए दोषी ठहराया गया।
  • अप्रैल 2014 में शारदा चिट फंट घोटाला मामला सुप्रीम कोर्ट पहुँचा।
  • मई 2014 में सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को पूरे घोटाले के मामले की जाँच के आदेश दिए।
  • 2014 में ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) में पीएमएलए के तहत, फ़र्म और उसके अध्यक्ष गौतम कुंडू समेत अन्य के ख़िलाफ़ प्राथमिकी दर्ज की।
  • 2015 में सीबीआई ने सुदीप्तो सेन के ख़िलाफ़ एक अन्य चार्जशीट फाइल की।
  • 11 फरवरी 2015 को तृणमूल कॉन्ग्रेस के मंत्री मदन मित्रा की जमानत याचिका ख़ारिज हुई। परिवहन मंत्री रहे मदन मित्रा पर सीबीआई ने शारदा ग्रुप के क़रीबी होने का अंदेशा जताया था।
  • मार्च 2016 में ईडी ने शारदा चिट फंड मामले में पहली चार्जशीट फाइल की।
  • सितंबर 2016 में सीबीआई द्वारा 90 दिनों के भीतर आरोप पत्र दाखिल न किए जाने की वजह से कोलकाता हाईकोर्ट ने शारदा ग्रुप के मालिक सुदीप्तो सेन को ज़मानत दी।
  • 9 सितंबर 2016 कोलकाता हाईकोर्ट ने मतंग सिंह और मनोरंजना सिंह की जमानत याचिका ख़ारिज की। बता दें कि मतंग सिंह और मनोरंजना सिंह के ख़िलाफ़ चिट फंड घोटाले के तहत पैसों के गबन का आरोप लगा था। इसके अलावा सीबीआई द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब मनोरंजना ने ठीक प्रकार से नहीं दिया था।
  • 21 अक्टूबर 2016 को न्यायमूर्ति जगदीश सिंह केहर और न्यायमूर्ति अरुण कुमार मिश्रा की अध्यक्षता वाली शीर्ष अदालत की एक खंडपीठ ने मतंग सिंह और मनोरंजना सिंह के ज़मानत संबंधी आवेदन पर ईडी और पश्चिम बंगाल सरकार को नोटिस जारी किया।
  • 2017 में टीएमसी के सांसद कुणाल घोष को शारदा घोटाले में संलिप्तता के चलते पार्टी से निलंबित किया गया।
  • 11 जनवरी 2019 को सीबीआई ने शारदा घोटाले में पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता पी चिदंबरम की पत्नी नलिनी चिदंबरम के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया गया।
  • 31 जनवरी 2019 को सीबीआई ने ममता सरकार द्वारा शारदा चिट फंड घोटाले की जाँच में बाधा उत्पन्न करने का आरोप लगाया।
  • 3 फरवरी 2019 की रात, प.बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी शारदा चिट फंड मामले पर कोलकाता के पुलिस कमिश्नर से पूछताछ करने संबंधी सीबीआई की कार्रवाई के ख़िलाफ़ धरना दिया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

 

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