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बरी हुआ शरजील इमाम, जामिया हिंसा मामले में अदालत से राहत: CAA के खिलाफ भड़के थे दंगे

दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्विद्यालय में हुई हिंसा मामले में शरजील इमाम और आसिफ इकबाल तन्हा को बरी हो गए। हालाँकि, शरजील को अब भी जेल में रहना होगा। वह दिल्ली में हुए दंगों के अन्य मामले में आरोपित है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दिल्ली की साकेत कोर्ट में शनिवार (4 फरवरी, 2023) को सुनवाई हुई। इसमें अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अरुल वर्मा ने शरजील इमाम और आसिफ इकबाल को बरी करने का आदेश दिया। इस मामले में दोनों को पहले ही जमानत मिल चुकी है। आसिफ इकबाल जमानत पर बाहर है। वहीं, शरजील को अब भी जेल में रहना होगा।

नागरिक संशोधन कानून को लेकर दिसंबर 2019 में दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में दंगे भड़क उठे थे। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने शरजील और उसके साथियों के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने और गैर कानूनी तरीके से भीड़ इकट्ठा करने का आरोप लगाया था।

इस मामले में पुलिस ने आईपीसी की धारा 143, 147, 148, 149, 186, 353, 332, 333, 308, 427, 435, 323, 341, 120B और 34 के तहत मामला दर्ज किया था।

जामिया मिल्लिया इस्लामिया हिंसा

बता दें कि नागरिकता संसोधन कानून (CAA) के विरोध में दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्विद्यालय में आंदोलन चल रहा था। इस आंदोलन की आड़ में जम कर भड़काऊ भाषण दिए गए थे। इसके बाद दंगे भड़क उठे थे। साथ ही आगजनी और पत्थरबाजी जैसी घटनाएँ भी सामने आई थीं।

जेल में ही रहेगा शरजील इमाम

जामिया हिंसा मामले में बरी होने के बाद भी शरजील इमाम को जेल में रहना होगा। वह साल 2020 में हुए दिल्ली दंगों के मामले में आरोपित है। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में 24 फरवरी, 2020 को दिल्ली के उत्तर-पूर्वी इलाके में दंगे भड़क उठे थे। दंगे में मुस्लिमों ने मुख्य रूप से हिंदुओं को निशाना बनाते हुए गोलीबारी, पेट्रोल बम, चाकू, तलवार, पत्थरबाजी समेत अन्य तरह से हमले किए थे। इस दंगे में कई पुलिसकर्मियों सहित 53 लोग मारे गए थे, जबकि 700 से अधिक लोग घायल हुए थे।

70 साल की महिला को शौहर मुंशिफ अली ने दिया तीन तलाक: कॉन्ग्रेसी बेटी ने बुरी तरह पीटा, रोते-बिलखते PM मोदी-CM योगी से लगाई गुहार

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में बुजुर्ग महिला को तीन तलाक देने और उसके साथ मारपीट का मामला सामने आया है। 70 साल की महिला का आरोप है कि उन्होंने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन पुलिस की तरफ से कार्रवाई नहीं की गई है। पीड़िता ने मारपीट का आरोप अपनी बड़ी बेटी पर लगाया है। उनका कहना है कि कॉन्ग्रेस की नेत्री होने की वजह से पुलिस मारपीट करने वाली बेटी पर कार्रवाई नहीं कर रही है।

पुलिस द्वारा कार्रवाई न किए जाने का आरोप लगाते हुए पीड़िता शुक्रवार (3 फरवरी, 2023) को एसएसपी कार्यालय पहुँची और न्याय की माँग करने लगी। मीडिया के सामने भी महिला रोते-बिलखते हुए अपनी बात रख रही थीं। महिला का आरोप है कि 10 जनवरी, 2023 को उसके शौहर मुंशिफ अली और बेटी उसके घर पहुँचे। दोनों ने महिला के साथ मारपीट की। शौहर ने इस बीच महिला को तीन तलाक दे दिया। बेटी रूही खान ने कॉन्ग्रेस नेता होने का धौंस दिखाया।

महिला ने बताया कि उनकी बेटी ने बुरी तरह पिटाई की है। उनके पास घटना का वीडियो भी है। महिला का आरोप है कि घर की बिजली काट दी गई है। उनकी बेटी रात को गुंडो को लेकर आती है और धमकी देती है। महिला ने उत्तर प्रदेश के सीएम योगी और प्रधानमंत्री मोदी से न्याय की गुहार लगाई है।

पुलिस का कहना है कि महिला 20 सालों से अपने शौहर से अलग रह रही है। परिवार में संपत्ति विवाद चल रहा है। इसे लेकर महिला के साथ मारपीट हुई थी। महिला ने पिटाई और तीन तलाक का मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस की टीम जाँच कर रही है। पुलिस का कहना है कि जाँच में जो तथ्य सामने आएँगे, उनके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

अंकुर के प्यार में सबा बन गई सोनी: घर से भागकर मंदिर में लिए सात फेरे, बोली – ‘मुझे हिंदू धर्म बहुत पसंद है, पूजा करना अच्छा लगता है’

उत्तर प्रदेश के बरेली (Bareilly, Uttar Pradesh) में सबा बी नामक लड़की ने हिंदू लड़के अंकुर देवल से शादी करने के लिए घर वापसी की। अब वह सोनी देवल के नाम से जानी जाएगी। दोनों के बीच पिछले 6 साल से अफेयर था। सबा उर्फ सोनी देवल के घरवाले शादी के लिए तैयार नहीं थे। इसके बाद दोनों ने मंदिर में शादी कर ली।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सबा बी बरेली के अलीगंज क्षेत्र के गैनी की रहने वाली है। वहीं, अंकुर देवल भी बरेली के बिशारतगंज का रहने वाला है। दरअसल, सबा और अंकुर के पिता की बिशारतगंज में कपड़े की दुकान है। सबा इस दुकान में अपने पिता के पास आती थी। यहीं, उसकी मुलाकात अंकुर से हुई थी।

शुरुआती मुलाकात के बाद वे दोनों आपस में मिलने लगे। धीरे-धीरे दोस्ती हुई और फिर दोस्ती प्यार में बदल गई। इसके बाद अंकुर और सबा ने एक होने का फैसला कर लिया। इस बीच सबा ने अपने घरवालों के सामने अंकुर और अपने रिश्ते को लेकर बात की, लेकिन उसके घरवाले नहीं माने। उन्होंने सबा और अंकुर के बीच बातचीत बंद करवा दी। यही नहीं, सबा का घर से बाहर निकलना भी बंद करवा दिया।

बुधवार (1 फरवरी 2023) को सबा अपने घर पर अकेली थी। इस दौरान मौका पाकर वह घर से भागकर अंकुर के पास आ गई। इसके बाद गुरूवार (2 फरवरी 2023) को दोनों मणिनाथ इलाके में स्थित अगस्त्य मुनि आश्रम पहुँचे। वहाँ पुजारी ने सबा ने मंदिर में शुद्धिकरण के बाद सोनी नाम रख लिया। इसके बाद दोनों ने हिंदू रीति रिवाज से शादी करा दी गई। इस दौरान साध्वी प्राची ने भी आश्रम पहुँचकर दोनों को आशीर्वाद दिया।

इस शादी को लेकर सबा बी उर्फ सोनी का कहना है कि उसने अपनी मर्जी से घर वापसी की है। इसके लिए शपथ पत्र भी बनवाया है, जिसमें उसने अपना नाम सोनी देवल लिखा है। यही नहीं, उसने कलेक्टर कार्यालय में भी आवेदन देकर अपने घरवापसी और शादी की जानकारी दी है।

वहीं, सबा के पिता जहीर अहमद ने अंकुर और उसके भाई मोहित के खिलाफ बेटी को बहला ले जाने का आरोप लगाते हुए FIR दर्ज करवाई है। एफआईआर में सबा की उम्र 16 साल बताई गई है। आधार कार्ड और हाईस्कूल की मार्कशीट के अनुसार उसकी उम्र 21 साल से अधिक है।

सबा ने बताया कि उसे अपने परिजनों से जान का खतरा है। उसने कहा कि उसे हिंदू धर्म बहुत पसंद है। उसे पूजा करना अच्छा लगता है। इसके साथ ही इसमें तीन तलाक भी नहीं होता। उसने कहा कि अब वह जीवन भर हिंदू बनकर रहेगी।

‘बॉलीवुड को जनभावनाओं का रखना होगा ख्याल’: बॉयकॉट पर बोले यूपी सीएम, कहा- नरम या सख्त हिंदुत्व जैसा कुछ नहीं, खुद को बताया योगी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) अपने काम की वजह से राज्य की तस्वीर बदल रहे हैं। हाल ही में सामने आए सर्वे में सीएम योगी को भारत का सबसे पसंदीदा मुख्यमंत्री बताया गया है। सीएम योगी ने प्रधानमंत्री पद और बॉलीवुड के बॉयकॉट (Bollywood Boycott) को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है।

पिछले कुछ महीनों से सोशल मीडिया पर बॉलीवुड का बॉयकॉट किया जा रहा है। इसके पीछे लोग बॉलीवुड को हिंदू विरोधी होने का तर्क दे रहे हैं। इस ट्रेंड के कारण पिछले एक साल में बॉलीवुड की कई फिल्मे बॉक्स ऑफिस पर धाराशाई हो गईं। कुछ दिन पहले अभिनेता सुनील शेट्टी ने सीएम योगी से बॉलीवुड का बॉयकॉट रोकने के लिए लोगों से अपील करने का आग्रह किया था।

बॉलीवुड बॉयकॉट को लेकर सीएम योगी ने कहा कि अभिनेताओं और कलाकारों का सम्मान किया जाना चाहिए, लेकिन फिल्म निर्माताओं को भी जनता की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि नोएडा में बनने वाला विश्वस्तरीय फिल्म सिटी सबको साथ जोड़ने का काम करेगा।

सीएम योगी को भाजपा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) के बाद दूसरे सबसे लोकप्रिय नेता के तौर पर देखा जा रहा है। नरेंद्र मोदी के बाद उन्हें प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार भी बताया जा रहा है। आजतक को दिए इंटरव्यू में सीएम योगी से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वह किसी पद की चाह नहीं रखते हैं।

इंटरव्यू के 36:24 मिनट पर वह कहते है, ”मैं किसी पद का दावेदार नहीं हूँ। मैं एक योगी हूँ और योगी के रूप में ही अपना जीवन आगे बढ़ाना चाहता हूँ। मैं उत्तर प्रदेश की जनता की सेवा कर रहा हूँ। मेरी इच्छा उत्तर प्रदेश में ही रहने की है और बाकी कोई इच्छा नहीं है।”

सीएम योगी ने आगे कहा, “पीएम मोदी के नेतृत्व में देश की एक नई पहचान बनी है। पिछले नौ साल में मोदी सरकार की नीतियों से समाज के हर वर्ग को फायदा हुआ है। भाजपा ने जनता से किए गए वादों को पूरा किया है। अब समय आ गया है कि इन कार्यों के लिए प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद दिया जाए।”

उन्होंने कहा कि आजादी के बाद पहली बार प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश की जनभावनाओं को सम्मान मिला है। उन्होंने कहा कि पिछले 9 सालों में देश के हर तबके को लाभ मिला है। ऐसी सरकार की नीतियों के कारण संभव हो पाया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में भाजपा एक बार फिर 2024 में सरकार बनाएगी।

हिंदुत्व के पोस्टर ब्वॉय के सवाल पर उन्होंने कहा कि वह न तो नरम हिंदू हैं और ना ही सख्त हिंदू। उन्होंने कहा कि हिंदुत्व कभी कठोर या नरम नहीं होता, यह सिर्फ हिंदुत्व है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म भारत की आत्मा और पहचान है। यही भारत का राष्ट्रीय धर्म है।

‘मुझे शादीशुदा या बच्चे वाली महिलाएँ पसंद नहीं’: ठग सुकेश ने चाहत खन्ना को बताया पैसों के लिए रिश्ते रखने वाली ऐक्ट्रेस, बोला- मैंने प्रपोज नहीं किया

जेल में बंद महाठग सुकेश चंद्रशेखर (Sukesh Chandrashekhar) ने एक नया पत्र जारी किया है। इस पत्र में सुकेश ने दावा किया है कि उसने टीवी एक्ट्रेस चाहत खन्ना (TV Actress Chahat Khanna) को प्रपोज नहीं किया था। दरअसल, चाहत खन्ना ने एक इंटरव्यू में कहा था कि जब वह सुकेश से मिलने तिहाड़ जेल गई थीं, तब उसने घुटने पर बैठकर प्रपोज किया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सुकेश चंद्रशेखर ने मीडिया को भेजे गए एक पत्र में दावा किया है कि उसे शादीशुदा महिलाओं के साथ संबंध रखने में कोई रुचि नहीं है। इसलिए उसने चाहत खन्ना को प्रपोज नहीं किया था। वह फिल्म बनाने का प्रस्ताव लेकर आई थीं। यह सब ED (प्रवर्तन निदेशालय) को दिए बयान में भी दर्ज है।

सुकेश ने पत्र में कहा, “मुझे उन महिलाओं को डेट करने या उनके साथ रहने में कोई दिलचस्पी नहीं है, जो पहले से ही शादीशुदा हैं या फिर जिनके बच्चे हैं। मैं चाहत जैसी हताश गोल्ड डिगर (जो पैसों के लिए संपन्न लोगों से रिश्ते रखे) नहीं हूँ। चाहत, निक्की के साथ मेरा जुड़ाव केवल प्रोफेशनल कारणों से रहा है। इसके लिए मीटिंग हुई और एडवांस पेमेंट किया।”

महाठग सुकेश ने यह भी कहा, “चाहत खन्ना का कहना है कि उन्हें एहसास नहीं हुआ कि वह तिहाड़ जेल में हैं ! आखिर यह कैसे हो सकता है कि कोई जेल के अंदर आए और उसे पता न चले कि वह जेल में है। क्या वह 10 साल की थीं? वास्तव में 10 साल की बच्ची को भी पता होगा कि जेल कैसा दिखाई देता है।”

सुकेश चंद्रशेखर ने आगे कहा, “चाहत खन्ना ने दावा किया है कि उसे पिंकी ईरानी (चंद्रशेखर की सहयोगी) ने धोखा दिया था। इसलिए मैं पूछना चाहता हूँ कि जिस एक्ट्रेस ने बहुत सारे प्रोजेक्ट में काम किया हो और जिसके बहुत सारे संपर्क हों, वह किसी पर भी आँख बंद कर भरोसा कैसे कर सकती है? वह दिल्ली की यात्रा कर अकेले तिहाड़ जेल कैसे आ सकती है? उसे झूठ बोलना अच्छी तरह से आता है।”

सुकेश चंद्रशेखर ने कहा, “अगर चाहत खन्ना मुझसे मिलने तिहाड़ आई थीं या फिर जैसा कि उसने दावा किया है कि मैं उसे फोन कर रहा था, तो उसने साल 2018 के बाद इसकी सूचना पुलिस को क्यों नहीं दी। शिकायत करने के लिए इतने सालों से उसे कौन रोक रहा था?”

दरअसल, ईटाइम्स को दिए इंटरव्यू में चाहत खन्ना ने सुकेश चंद्रशेखर से अपनी मुलाकात को लेकर बात की थी। इस दौरान चाहत ने दावा किया था कि सुकेश ने खुद को दक्षिण भारत के टीवी चैनल का मालिक और तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता का भतीजा बताया था।

चाहत ने कहा था, “सुकेश ने मुझसे कहा था कि वह मेरा फैन है और मेरा टीवी शो ‘बड़े अच्छे लगते हैं’ देखा है। वह मुझसे मिलना चाहता है। मैंने उससे पूछा था, तुमने मुझे यहाँ क्यों बुलाया है? मैं अपने छह महीने के बच्चे को घर पर छोड़कर मिलने आई हूँ। मुझे लगा था कि किसी इवेंट के लिए बुलाया गया है।”

चाहत खन्ना ने आगे कहा, “मैं कुछ समझ पाती इससे पहले ही सुकेश घुटने पर बैठ गया और कहा कि वह मुझसे शादी करना चाहता है। मैंने उसे चिल्लाते हुए कहा था कि मैं शादीशुदा हूँ और मेरे दो बच्चे हैं। लेकिन सुकेश ने मुझसे कहा कि तुम्हारा पति तुम्हारे लिए सही आदमी नहीं है। वह मेरे बच्चों का पिता बनने के लिए तैयार था। मैं बहुत डर गई थी फिर मैंने रोना शुरू कर दिया।”

चाहत खन्ना ने इंटरव्यू में यह भी दावा किया था कि उसे सुकेश चंद्रशेखर की सच्चाई का तब पता चला जब एक साल पहले जबरन वसूली के मामले में ईडी ने उन्हें समन जारी किया था। बता दें कि सुकेश मामले में जैकलीन फर्नांडिस, नोरा फतेही सहित कई अभिनेत्रियों से पूछताछ हो चुकी है।

जिस रास्ते से अयोध्या आया शालिग्राम शिला, वहाँ NIA ने रेड में 8 को दबोचा: इनमें PFI सरगना रियाज भी शामिल, मंदिर को उड़ाने की मिली थी धमकी

अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण कार्य तेजी से हो रहा है। नेपाल से दो शालिग्राम शिला भी अयोध्या पहुँच चुकी है। शिला की पूजा-अर्चना के बाद श्रीराम मंदिर न्यास को सौंपा जा चुका है। इस बीच राम मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियाँ अलर्ट मोड पर है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, राम मंदिर को उड़ाने की साजिश के बीच NIA ने शनिवार (4 फरवरी 2023) को बिहार में छापेमारी कर 8 संदिग्ध लोगों को पकड़ा है। इस दौरान प्रतिबंधित चरमपंथी इस्लामी संगठन PFI से जुड़े रियाज मारुफ़ को भी गिरफ्तार किया गया है। हालाँकि, अधिकारी दो लोगों की हिरासत की बात कह रहे हैं।

NIA की टीम ने मोतिहारी के चकिया थाना के कुंअवा गाँव में इस छापेमारी की। ये वही इलाका है, जहाँ से होकर शालिग्राम शिला नेपाल से अयोध्या पहुँचा था। बता दें कि रियाज का नाम पिछले साल फुलवारी शरीफ में PFI ट्रेनिंग सेन्टर चलाने में सामने आया था। उस दौरान भी NIA ने इस गाँव में छापेमारी की थी, लेकिन रियाज उससे पहले ही फरार हो गया था।

बता दें कि PFI ने साल 2047 तक भारत तो इस्लामी राष्ट्र बनाने का एजेंडा सेट किया है। पिछले साल पटना के फुलवारी शरीफ में छापेमारी के बाद इसका टूलकीट सामने आया था। इसमें अयोध्या में बन रहे राम मंदिर की जगह फिर से मस्जिद बनाने की भी बात कही गई थी।

इससे पहले गुरुवार (2 फरवरी 2023) को अयोध्या के रहने वाले मनोज कुमार तिवारी नाम को एक अज्ञात व्यक्ति ने काॅल करके मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी दी थी। एक रिपोर्ट के मुताबिक धमकी देने वाले के तार राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से भी जुड़े सामने आ रहे हैं। 

मामले के संबंध में पुलिस ने बताया, ”एक अज्ञात व्यक्ति ने अयोध्या के रहने वाले मनोज कुमार को यह धमकी भरा फोन किया था। फोन कॉल में राम जन्म भूमि परिसर को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। मनोज ने इस फोन कॉल की जानकारी पुलिस को दी।” बकौल पुलिस, फोन कॉल करने वाले ने गुरुवार सुबह 10 बजे मंदिर उड़ाने की धमकी दी थी।

पुलिस ने बताया कि राम मंदिर को उड़ाने की धमकी भरा कॉल आते ही सभी महत्वपूर्ण स्थानों पर तैनात जवानों को अलर्ट कर दिया गया है। वहीं, इस संबंध में राम जन्म भूमि पुलिस स्टेशन के एसएचओ संजीव सिंह ने बताया कि मामला दर्ज कर जाँच की जा रही है। फोन करने वाले शख्स की तलाश की जा रही है।

पुलिस ने इस संबंध में दो टीमों का गठन किया है। इसमें सर्विलांस सेल भी शामिल है। रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस को मामले में कुछ महत्वपूर्ण जानकारी भी हासिल हुई है। इस संबंध में एक टीम को दिल्ली भेजा गया है। 

अयोध्या निवासी मनोज ने बताया कि गुरुवार सुबह 5 बजे उन्हें कॉल आया। कॉल करने वाले ने बताया कि गुरुवार को 10 बजे तक राम मंदिर को उड़ा देगा। उसने कहा कि वह दिल्ली से बोल रहा है। नाम पूछे जाने पर व्यक्ति ने कॉल काट दिया। 

मोतिहारी पुलिस ने गिरफ़्तारी के संबंध में जानकारी देते हुए कहा, “कतिपय मीडिया चैनल्स और सोशल मीडिया पर आज सुबह एनआईए द्वारा मोतिहारी पुलिस के सक्रिय सहयोग से 3 पीएफआई संदिग्धों को गिरफ्तार करने की कार्रवाई को कथित राम मंदिर उड़ाने की धमकी से संबंधित घटना से जोड़कर दिखाया जा रहा है। इस संबंध में यह सुस्पष्ट किया जाता है कि पुलिस द्वारा अब तक के अनुसंधान में इस बात की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस द्वारा विधिवत अनुसंधान जारी है तथा सभी सुसंगत तथ्य पुलिस द्वारा ससमय साझा किए जाएँगे।”

बांग्लादेश में परिवार के सामने हिंदू व्यापारी की हत्या, मोहम्मद आलमगीर और रोनी मल्लिक ने पीट-पीट कर मार डाला

बांग्लादेश में एक हिंदू की हत्या कर दी गई है। वहाँ के मगुरा जिले में हिंदू व्यापारी की पीट-पीटकर हत्या करने का मामला सामने आया। आरोप है कि मोहम्मद आलमगीर और रोनी मल्लिक समेत अन्य लोगों ने मिलकर हिंदू व्यापारी की हत्या की है। घटना रविवार (29 जनवरी 2023) की है।

हिंदू वाइस द्वारा शेयर किए वीडियो के अनुसार, मगुरा जिले के मुहम्मदपुर उपजिला अंतर्गत राजापुर गाँव के रहने वाले रतन बसु फल के व्यापारी थे। आरोप है कि व्यापार को लेकर शुरू हुए विवाद के बाद मोहम्मद आलमगीर और रोनी मल्लिक ने अपने साथियों से साथ मिलकर रतन बसु को इतना मारा कि उनकी मौत हो गई।

मुख्य आरोपित मोहम्मद आलमगीर और रोनी मल्लिक भी फल व्यापारी बताए जा रहे हैं। रतन बसु की हत्या उनके परिवार के सामने ही हुई। इस मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। सभी आरोपित फरार बताए जा रहे हैं।

बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा का यह पहला मामला नहीं है। वहाँ आए दिन हिंदुओं और उनके धार्मिक स्थलों पर हमले होते रहते हैं। गत 26 जनवरी 2023 की रात इस्लामी कट्टरपंथियों ने मोहनगंज के नाराइच गाँव में माँ सरस्वती पूजा पंडाल पर हमला कर प्रतिमा को खंडित कर दिया था।

ऐसी ही एक घटना 15 जनवरी 2023 को सामने आई थी। इस्लामिक कट्टरपंथियों की भीड़ ने हिंदुओं के घरों में तोड़फोड़ की थी। घटना बांग्लादेश के ढाका डिवीजन में गोपालगंज जिले के कोटालीपारा उपजिला के उत्तर कांडी गाँव की है। एक हिंदू लड़के पर फेसबुक पोस्ट द्वारा ईशनिंदा करने का आरोप लगाया गया था।

फेसबुक पोस्ट सामने आने के बाद 400-500 लोगों की हिंसक भीड़ ने हिंदू लड़के के रिश्तेदारों के घर पर हमला कर दिया। हमले के दौरान 8 दुकानें और 4 घर बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए। इस तरह की घटनाएँ पाकिस्तान और बांग्लादेश में आम-सी हो गई हैं।

अंकित की हत्या का विरोध कर रहे लोगों पर बिहार पुलिस की FIR: भाजपा नेता ने कहा ‘समझौते के दबाव’ की साजिश, मस्जिद के इमाम से पूछताछ की माँग

बिहार के गोपालगंज (Gopalganj, Bihar) के बसडीला गाँव में कट्टरपंथी मुस्लिम भीड़ ने सब्जी खरीदने गए अंकित नाम के युवक की 27 जनवरी 2023 को चाकू घोंप कर हत्या कर दी थी। इस हमले में हरिओम नाम का एक अन्य युवक घायल हुआ था। इस मामले में कुल 17 आरोपित नामजद किए गए थे, जिसमें से 12 गिरफ्तार हो चुके हैं। वहीं, 3 आरोपितों ने अदालत में सरेंडर कर दिया है। बाकी के 4 आरोपित फरार हैं।

बिहार पुलिस ने सिर्फ आरोपितों पर ही नहीं, बल्कि पीड़ितों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया है। अंकित की हत्या के बाद लोग भड़क गए थे और प्रशासन की लापरवाही को लेकर लोगों ने शव रखकर उग्र प्रदर्शन किया था। इसको लेकर पुलिस ने 39 नामजद सहित सैकड़ों प्रदर्शनकारियों पर FIR दर्ज की है।

विरोध प्रदर्शन करने पर FIR

जानकारी के मुताबिक बसडीला बाजार के गाँव पसरमा अंकित कुशवाहा की हत्या के बाद भीड़ हिंसक हो उठी थी। इस दौरान प्रदर्शनकारियों से पुलिस की झड़प भी हुई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठियाँ भाँजी थी। प्रदर्शनकारी आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की माँग कर रहे थे।

अब पुलिस ने इस मामले में 39 नामजद सहित कुल 211 लोगों को आरोपित किया है। पुलिस का दावा है कि ये केस वीडियो फुटेज देखकर दर्ज किया गया है। वहीं, गोपालगंज के पुलिस अधीक्षक के मुताबिक केस से अपना नाम कटवाने के लिए किसी भी आरोपित को अपनी बेगुनाही का सबूत देना पड़ेगा।

नाराज व्यपारियों द्वारा बाजार बंद

पुलिस द्वारा उलटे केस किए जाने से नाराज व्यापारियों ने बसडीला बाजार बंद रखा। कहा जा रहा है कि इस FIR में दिव्यांग, महिलाओं और बुर्जुगों का भी नाम डाला गया है। लोगों ने पुलिस की कार्रवाई को गलत और असंतोषजनक बताया।

इस दौरान बाजार में भारी पुलिस बल तैनात रहा। मौके पर रैपिड एक्शन फ़ोर्स भी लगाई गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई लोगों के नाम इस केस में बेवजह डाले गए हैं।

अंकित के परिजनों पर समझौते का दबाव है ये FIR

ऑपइंडिया ने इस FIR के बारे में गोपालगंज भाजपा के जिला उपाध्यक्ष रवि प्रकाश मणि त्रिपाठी से बात की। उन्होंने बताया कि प्रशासन द्वारा उलटे हिन्दुओं पर की गई FIR असल में अंकित के परिवार वालों पर दबाव के लिए है।

रवि प्रकाश के मुताबिक, संभव है कि मुस्लिम पक्ष द्वारा अकेले खुद को जेल भेजे जाने पर नाराजगी जताते हुए दबाव बनाया गया है। इसके बाद दोनों पक्षों पर FIR दर्ज की गई। उन्होंने कहा कि इस बात की भी आशंका है कि भविष्य में प्रशासन हिन्दू पक्ष पर दर्ज इस नई FIR का बहाना लेकर अंकित हत्याकांड में समझौते का दबाव बनाए।

एक युवक को पीट कर दी थी बाजार में न दिखने की चेतावनी

ऑपइंडिया से बात करते हुए भाजपा नेता रवि प्रकाश ने आगे बताया कि हरिओम को पिटने से बचाने पर अंकित की हत्या हुई। इससे पहले भी मुस्लिमों द्वारा पसरमा गाँव के ही एक अन्य युवक को पीट कर बसडीला बाजार में न घुसने की धमकी दी गई थी।

भाजपा नेता के मुताबिक, हरिओम से पहले पिटने वाला युवक हिन्दुओं के महादलित समुदाय से है। इसकी पिटाई के बाद भी मुस्लिम हमलावर हरिओम को बाजार में देखकर आग-बबूला हो गए थे। हालाँकि, रवि प्रकाश ने सुरक्षा के चलते उस युवक का नाम उजागर नहीं किया और उसे बेहद डरा हुआ बताया।

जब हमने भाजपा नेता से इस पिटाई की वजह पूछी तब उन्होने कहा कि मृतक अंकित का गाँव पसरमा है, जो कि हिन्दू बहुल है। वहीं, बसडीला बाजार में हिन्दू-मुस्लिम आबादी लगभग बराबर-बराबर है। बसडीला के मुस्लिमों द्वारा हिंदू युवकों की पिटाई की वजह भाजपा नेता ने महज रंगबाजी में की गई हरकत बताया।

बहुत-सी छोटी मस्जिदें ले चुकी हैं विशाल रूप

भाजपा नेता रवि प्रकाश ने बताया कि जिस मस्जिद के आगे विवाद हुआ वह उनके बचपन में काफी छोटी थी, लेकिन अब वो विशाल रूप ले चुकी है। उन्होंने कहा कि मस्जिद का एक बड़ा हिस्सा सरकारी जमीन पर बना हुआ है, जिसका विरोध किसी ने नहीं किया है।

ब्राह्मण समाज के स्थानीय मुखिया पर मुस्लिमों का सपोर्ट करने के आरोप लग रहे हैं। इस आरोप पर रवि प्रकाश ने बताया कि बिना मुस्लिम वोटों के मुखिया का चुनाव जीतना असम्भव है। इसलिए मुखिया जो कर रहे हा वो उसकी मजबूरी है।

रवि प्रकाश के अनुसार, मस्जिद के अंदर ही मदरसा भी भी है, जहाँ मुस्लिम बच्चों की पढ़ाई होती है। मृतक अंकित के गाँव के उपेंद्र के मुताबिक, इस मस्जिद में आसपास के कई गाँवों के लोग जमा होकर नमाज़ पढ़ते हैं।

गाँवों में आ रहे बाहरी मुस्लिम

ऑपइंडिया से बात करते हए भाजपा नेता रवि प्रकाश ने बताया कि पिछले 2 वर्षों से गाँवों में तकरीर के लिए बाहरी लोग आ रहे हैं। उनका कहना था कि ये लोग कौन हैं, कहाँ से आते हैं और फिर कहाँ चले जाते हैं, ये किसी को नहीं पता। जब हमने इस मामले में प्रशासन की सक्रियता पूछी तब रवि प्रकाश ने कहा कि प्रशासन इस तरफ ध्यान ही नहीं देता।

मस्जिद के इमाम से हो पूछताछ

ऑपइंडिया ने इस मामले में गोपालगंज के बजरंग दल पदाधिकारी रंजीत मिश्रा से बात की। रंजीत के मुताबिक, हमले के लिए जान-बूझ कर मस्जिद के पास वाली जगह चुनी गई थी। उन्होंने बताया कि अगर सही से जाँच हो तो सामने आएगा कि मस्जिद के इमाम को इस मामले में सब पता है।

हमें रोक रहा है प्रशासन

रंजीत ने बताया कि प्रशासन मामले को दबाने की हर सम्भव कोशिश कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार प्रयास करने के बाद भी उन्हें मृतक के घर जाने नहीं दिया गया। गाँव को छावनी बनाकर रखा गया है। रंजीत का कहना है कि प्रशासन मीडिया को भी मृतक के परिजनों से मिलने से रोक रहा है।

‘मुस्लिम बनो नहीं तो श्रद्धा की तरह काट दूँगा’: हापुड़ में अली खान ने अमन बन नाबालिग को फाँसा, वीडियो बना करने लगा ब्लैकमेल

उत्तर प्रदेश के हापुड़ में लव जिहाद का मामला सामने आया है। यहाँ अली खान ने अमन बनकर 11वीं की एक नाबालिग छात्रा को प्रेम जाल में फँसा लिया। इसके बाद लड़की का अश्लील वीडियो बनाकर उसे 6 महीनों तक ब्लैकमेल करता रहा। वह छात्रा को अगवा भी कर लिया था।

इतना ही नहीं, वह नाबालिग लड़की पर धर्म परिवर्तन करके इस्लाम अपनाने का भी दबाव बनाता था। मना करने पर अली खान उसके साथ मारपीट करता था। लड़की जब धर्म परिवर्तन से मना करती तो अली खान उसे श्रद्धा वालकर की तरह टुकड़े कर देने की धमकी देता था।

अली खान के अत्याचार से परेशान लड़की के परिजनों ने शुक्रवार (03 फरवरी 2023) को हापुड़ के गढ़़मुक्तेश्वर कोतवाली में तहरीर दी है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले में जाँच शुरू कर दी है।

शिकायत के मुताबिक, 6 महीने पहले छात्रा के पास एक अज्ञात नंबर से कॉल आया था। फोन पर शख्स ने छात्रा को अपना नाम अमन बताया और बातें करने लगा। इतना ही नहीं, वह स्कूल आते-जाते छात्रा का पीछा भी करने लगा और किसी तरह उसे अपने प्रेम जाल में फँसा लिया।

अली खान ने छात्रा को मिलने के बहाने गौतमबुद्ध नगर स्थित एक कमरे में ले गया। इस दौरान नशीला पदार्थ खिलाकर छात्रा के साथ दुष्कर्म किया और उसका वीडियो बना लिया। जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक, वीडियो दिखाकर वह छात्रा को ब्लैकमेल करने लगा और शारीरिक संबंध बनाता रहा।

इस बीच छात्रा को अमन के अली खान होने के बारे में पता चला। छात्रा ने अपने परिवारवालों को आपबीती सुना दी। लोक-लाज के डर से परिवार पुलिस तक नहीं पहुँचा। रिपोर्ट के मुताबिक, इसके बाद आरोपित अली खान का मनोबल बढ़ गया और अपनी हरकतें जारी रखीं।

स्कूल जा रही छात्रा को अली खान ने 23 जनवरी 2023 को अगवा कर लिया और उसके साथ फिर दुष्कर्म किया। आरोप है कि इस दौरान अली खान ने छात्रा से अप्राकृतिक यौन संबंध भी बनाए। छात्रा पर धर्म बदलकर इस्लाम कबूलने का दबाव भी बनाया। धर्म परिवर्तन न करने पर छात्रा को श्रद्धा वालकर की तरह टुकड़े-टुकड़े कर देने की धमकी दी।

स्थानीय एएसपी मुकेश चंद्र मिश्र ने जानकारी दी है कि आरोपित फरार है और उसकी तलाश की जा रही है। जल्दी ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। छात्रा का मेडिकल कराया जा रहा है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Pfizer की वैक्सीन से महिलाओं का पीरियड हो सकता है प्रभावित: कंपनी के डायरेक्टर ने वीडियो में उगला सब, कहा – ‘बवाल मच जाएगा’

कोरोना काल में फाइजर ने अपनी वैक्सीन पूरी दुनिया में मनमाने दामों पर बेची और मोटा पैसा कमाया। अब फाइजर की वैक्सीन को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। शुक्रवार (03 फरवरी, 2023) को प्रोजेक्ट वेरिटास (Project Veritas) की तरफ से जारी एक स्टिंग वीडियो से खुलासा हुआ है कि फाइजर कंपनी कोविड-19 वायरस के म्यूटेंट में बदलाव कर नए-नए वैक्सीन बनानी चाहती थी ताकि कंपनी की कमाई चलती रहे। इतना ही नहीं स्टिंग ऑपरेशन में फाइजर के रिसर्च एंड डेवलपमेंट डायरेक्टर जॉर्डन ट्रिशटन वॉकर (Jordon Trishton Walker) ने खुलासा किया कि वे वैक्सीन लेने वाली महिलाओं के प्रजनन क्षमता को लेकर फिक्रमंद थे।

प्रोजेक्ट वेरिटास के स्टिंग ऑपरेशन का वीडियो अमेरिका समेत पूरी दुनिया में वायरल हो रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद फाइजर कंपनी की तरफ से इसे लेकर स्पष्टीकरण आया है और कंपनी ने वीडियो में किए गए दावों से इनकार कर दिया है। वायरल वीडियो में फाइजर के रिसर्च एंड डेवलपमेंट डायरेक्टर जॉर्डन ट्रिशटन वॉकर फाइजर वैक्सीन पर खुलकर बात कर रहे। उन्हें इस बात का अंदाजा भी नहीं है कि उनका वीडियो रिकॉर्ड किया जा रहा है।

प्रोजेक्ट वेरिटास द्वारा ट्वीट किए गए वीडियो में अंडरकवर पत्रकार से बातचीत करते हुए जॉर्डन ट्रिशटन वॉकर बड़े घोटाले की चर्चा कर रहे हैं। मजाकिया लहजे में पत्रकार ने पूछा कि इस वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स से किसी के तीन पैर या इस तरह का तो नहीं बढ़ रहा? इसका जवाब देते हुए जॉर्डन वॉकर ने कहा, “हाँ और अगर ऐसा हुआ तो पूरी अगली पीढ़ी सुपर गड़बड़ होगी। इसके आगे जॉर्डन कहते हैं, “क्या आप घोटाले की कल्पना कर सकते हैं? अरे बाप रे। मैं अपने रिज्यूमे से फाइजर का नाम हटा दूँगा।”

वीडियो में जॉर्डन आगे कहते हैं कि महिलाओं के मासिक धर्म चक्र में कुछ अनियमितताएँ देखने को मिली हैं। हमें इसकी जाँच करनी होगी। जॉर्डन ने यहाँ वैक्सीन के कारण महिलाओं पर पड़ रहे प्रभाव की ओर संकेत किया। आगे उन्हें यह कहते सुना गया कि कुछ तो गड़बड़ हो रहा है। लेकिन वो हमेशा इसका पता नहीं लगा पाते हैं। उन्होंने कहा कि यह सब अजीब है। उनके अनुसार उन्हें नहीं पता कि क्या चल रहा है और उम्मीद जताई कि आगे सब अच्छा होगा।

जॉर्डन कहते हैं कि वो यह नहीं चाहेंगे कि mRNA (Messenger RNA) किसी तरह शरीर में रहे और महिलाओं की प्रजनन क्षमता प्रभावित करने का कारण बने। उन्होंने समझाया कि मासिक धर्म चक्र को प्रभावित करने के लिए इसे हार्मोन्स को प्रभावित करना पड़ता है। जॉर्डन ने बताया कि संभव है वैक्सीन किसी तरह एचपीजी (हाइपोथैलेमस, पिट्यूटरी और गोनाड्स) अक्ष के साथ इंटरैक्ट कर रहा है, जिससे मासिक धर्म चक्र के साथ समस्या हो सकती है।

जॉर्डन ने कहा कि यदि लोगों को वैक्सीन में गड़बड़ी की बात पता चली तो बवाल मच जाएगा। यह पूछे जाने पर कि क्या कोविड-19 फाइजर के टीके महिलाओं में प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर रहे हैं, उन्होंने कहा:

“हाँ, वे महिलाओं के मासिक चक्र को नियंत्रित कर सकते हैं। अगर यह उस पर प्रभाव डाल रहा है, तो यह किसी न किसी तरह इन हार्मोनों को प्रभावित कर रहा होगा।”

फाइजर के रिसर्च एंड डेवलॉपमेंट डायरेक्टर वीडियो में कहते हैं कि यदि कुछ बुरा होता है तो घोटाले का पैमाना बहुत बड़ा होगा। यह पूछे जाने पर कि क्या दवा कंपनी इसके लिए उत्तरदायी होगी, जॉर्डन ने कहा, “मुझे ऐसा नहीं लगता।” जॉर्डन वॉकर ने कहा, “क्योंकि आमतौर पर जब आप लोगों को दवा देते हैं और साइड इफेक्ट ज्ञात होता है, तो यह एफडीए (FDA) स्तर पर सांकेतिक (Encoded) होता है। फिर भी यह एक घोटाला हो सकता है।”

बता दें कि अपनी खूफिया रिपोर्ट्स के लिए मशहूर प्रोजेक्ट वेरिटास के अंडरकवर रिपोर्टर ने फाइजर के रिसर्च एंड डेवलॉपमेंट डायरेक्टर जॉर्डन के साथ मिलकर उनसे दवा कंपनी फाइजर और उसकी वैक्सीन को लेकर सवाल जवाब किए। प्रोजेक्ट वेरिटास ने बातचीत से जुड़ा पहला वीडियो 26 जनवरी, 2023 को जारी किया था। 26 जनवरी को जारी वीडियो में जॉर्डन यह कहते सुने जा सकते हैं कि नए टीके डेवलप करने के लिए दवा कंपनी कोविड के म्यूटेंट तैयार करने पर विचार कर रहा है।

जॉर्डन ने यह भी स्वीकार किया कि कोरोना महामारी फाइजर के लिए सोने का अंडा देने वाली मुर्गी साबित हुई है। आने वाले दिनों में भी कोरोना कंपनी के लिए फायदेमंद रहेगी। इसके पहले मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा था कि फाइजर वैक्सीन ज्यादा प्रभावी नहीं है और दुनियाभर में लोग इसके साइड इफेक्ट से मर रहे हैं।