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भीख में गेहूँ-तेल माँगते हैं, पीने का पानी तक नहीं है… जब दिलीप कुमार ने नेहरू के सामने ही उनकी बेटी की कर दी थी बोलती बंद, वीडियो से समझिए क्या थे देश के हालात

बॉलीवुड के ‘ट्रेजडी किंग’ के नाम से मशहूर दिवंगत अभिनेता दिलीप कुमार (Dilip Kumar) का सोशल मीडिया पर एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है। इस वीडियो में, दिलीप कुमार भारत के पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और उनकी बेटी इंदिरा गाँधी के साथ हुई एक मुलाकात को याद करते हुए लोगों के समक्ष उस दौरान हुई बातों का जिक्र करते हुए नजर आ रहे हैं। इसमें वह बताते हैं कि किस तरह इंदिरा गाँधी (Indira Gandhi) ने उनके सामने बॉलीवुड फिल्मों की तुलना अन्य देशों की फिल्मों से की और भारतीय सिनेमा को कमतर आँका।

भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के सबसे बड़े स्टार में से एक ने उस वाकया को याद करते हुए कहा था, “एक बार मैं जवाहरलाल नेहरू के साथ नाश्ता कर रहा था। उस समय हमारी चर्चा में इंदिरा गाँधी ने हस्तक्षेप किया और मुझे पूछा कि आप लोग कैसी फिल्में बनाते हैं? मैं पेरिस में थी, मास्को गई, मैंने लंदन के सिम्फोनिक आर्केस्ट्रा सुने है, नाटक देखे, वहाँ की फिल्में देखीं। वो कितनी खूबसूरत और उम्दा हैं, ये आपकी हिंदुस्तानी पिक्चरों को क्या होता है? ये हिंदुस्तानी फिल्में इतनी पीछे क्यों हैं?”

इस पर अभिनेता ने कहा था कि हमारे प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के इतने बड़ी शख्सियत होने के बावजूद उनकी बेटी अपनी हद से आगे बढ़ रही थी। कहती है कि तुम्हारी हिंदुस्तानी पिक्चरों में हिंदुस्तानियत ही नहीं है। ये किस किस्म की इंडस्ट्री है। पूछ डाला था कि भारतीय सिनेमा इतना पीछे क्यों है? दिलीप कुमार ने कहा कि उन्होंने करीब 10-15 मिनट तक उनकी बातों को सुना। इसके बाद उन्होंने इंदिरा गाँधी की आलोचनाओं का सटीक जवाब देना जरूरी समझा।

‘नया दौर’ फिल्म के अभिनेता ने इंदिरा से कहा था, “10-15 मिनट तक आपने बहुत कुछ कहा, जो वाकई सच था। उससे इनकार करना एक हिमाकत होगी। बेवकूफी होगी कि अगर हम कहें कि हमारा इंडियन सिनेमा उम्दा है, बहुत अच्छा है, बड़ी तरक्की कर रहा है। मैं आपसे यह कहना चाहता हूँ कि आप कह रही हैं कि हमारी फिल्मों में हिंदुस्तानियत नहीं है, लेकिन आप जो 12 मिनट से गुफ्तगू कर रही हैं उसमें एक लफ्ज भी हिंदुस्तानी जबान का नहीं है। आप अंग्रेजी में बोल रही हैं। आज सड़कों को सुधारने की जरूरत है। आज हम अपनी सड़कें, सिंचाई, शिक्षा, अस्पताल आदि का विकास कर रहे हैं। अन्य देशों से अपने अच्छे संबंध बनाने की कोशिश कर रहे हैं।”

‘ट्रेजेडी किंग’ कहे जाने वाले दिलीप कुमार ने उनसे (इंदिरा) आगे कहा, “हम हर साल भीख माँगने के लिए दामन फैलाकर निकल जाते हैं, कभी गल्ले के लिए, कभी गेहूँ के लिए, कभी चावल के लिए, कभी तेल के लिए कभी सूखा पड़ता है। अभी तक हमारे लोगों के पास पीने के लिए साफ पानी नहीं है। हमारे पास अच्छी शिक्षा नहीं है। हाँ, हमारी फिल्में खराब हैं। लेकिन केवल हमारी फिल्म इंडस्ट्री ही खराब नहीं है, बल्कि हमारे पास खराब शिक्षा भी है। हमारी सड़कें भी बदतर हैं। मैं आपको बता दूँ, आपके शासन में भी बहुत सारी चीजें भद्दी और कमजोर हैं।”

दिलीप कुमार ने आगे कहा कि पहले उन्होंने सोचा कि जवाहरलाल नेहरू उनकी इन बातों से नाराज होंगे, लेकिन कुछ पल की चुप्पी के बाद वह (नेहरू) कहते हैं कि अगर वो उनकी (अभिनेता) जगह होते तो इतने विनम्र नहीं होते।

दिवंगत अभिनेता का यह भाषण बताता है कि भारत के स्वतंत्रता होने बाद के पहले कुछ दशकों में कॉन्ग्रेस शासन के दौरान बनी फिल्मों में गरीबी को क्यों उजागर किया गया था। जैसा कि दिलीप कुमार ने बताया, इसका मुख्य कारण यह है कि उन दिनों भारत में जीवन के हर क्षेत्र में व्याप्त गरीबी थी। यह आज नए भारत के बिल्कुल विपरीत थी, जहाँ बुनियादी ढाँचे और उद्योगों पर सरकार विशेष ध्यान दे रही है। जन धन योजना, उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन, सभी के लिए शौचालय, और जल जीवन योजना जैसी योजनाएँ हर भारतीय की बुनियादी आवश्कताओं पूरा कर रही हैं, जिससे वे अब तक वंचित थे। यही नहीं आज की फिल्में भी उस दौर में बनी फिल्मों से कहीं अधिक प्रभावशाली हैं।

अब्दुल की गाड़ी से टक्कर में मर गया गो तस्कर वारिस, गो रक्षकों की पिटाई से मौत कहकर कर रहे प्रचारित: पुलिस ने भी बताया एक्सीडेंट

हरियाणा के मेवात में सड़क हादसे में एक गो तस्कर की मौत हो गई। उसके दो साथी घायल हो गए। लेकिन कुछ लोग इस मामले को गो रक्षकों की पिटाई से मौत के तौर पर प्रचारित कर रहे हैं। पुलिस ने भी इसका खंडन किया है और बताया है कि मौत एक्सीडेंट में हुई है।

मरने वाले गो तस्कर की पहचान वारिस के तौर पर हुई है। उसके जख्मी साथी नफीस और शौकीन हैं। शनिवार (28 जनवरी 2023) को एक कार में गोवंश को ठूँसकर ये ले जा रहे थे। पुलिस से डरकर भागते वक्त इनकी कार अब्दुल करीम के टाटा एस टेंपो से भिड़ गई। दुर्घटना में कार सवार गो तस्कर गंभीर रूप से घायल हो गए और बाद में वारिस की मौत हो गई।

परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना भिवाड़ी-तावडू मार्ग पर मौजूद खोरी कलां गाँव की है। लेकिन वारिस की मौत के बाद उसके परिजनों ने हादसे को हत्या बताना शुरू कर दिया। इस दौरान मृतक के परिजनों ने मोनू मानेसर नाम के एक गोरक्षक पर वारिस की पिटाई का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की माँग की।

इसके बाद सोशल मीडिया में इस घटना का हत्या के तौर पर प्रचार किया जाने लगा। मेवात में वारिस के परिजनों ने प्रदर्शन भी किया। प्रदर्शन में शामिल लोग एक वीडियो की चर्चा कर रहे थे, जिसमें वारिस से कुछ लोग पूछताछ कर रहे थे। हालाँकि वह वीडियो कब का है, किसने बनाया और कहाँ का है इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है।

सोशल मीडिया पर इस मामले को ज़ाकिर अली त्यागी, मिल्लत टाइम्स, मोहम्मद सैफी, मोहम्मद तनवीर जैसे कई अन्य लोग तूल देते नजर आए।

जिसकी गाड़ी से हुई टक्कर उसने भी मारपीट को किया खारिज

जिस टाटा ऐस से वारिस की कार भिड़ी थी, उसका मालिक अब्दुल करीम है। करीम ने पुलिस को बताया है कि घटना के दिन वह अपने बेटे के साथ वाहन से मंडी में सब्ज़ी लेने जा रहा था। तभी सामने से आ रही सेंट्रो कार से गाड़ी की भिंड़त हो गई। करीम ने घटना की वजह कार चालकों की लापरवाही बताया है। अब्दुल करीम द्वारा पुलिस में दी गई शिकायत में बताया गया है कि सेंट्रो में गाय बेरहमी से ठूँसी हुई थी। शिकायत के मुताबिक घटना के कुछ देर बाद पुलिस और गोरक्षक मौके पर पहुँचे थे। बाद में तीनों गोतस्करों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।

जिस वाहन से मृतक वारिस की सेंट्रो टकराई थी, उसमें सवार रहीस ने ऑपइंडिया से बात की। रहीस ने हमें बताया कि उनके आगे किसी भी प्रकार की कोई मारपीट नहीं हुई थी और पुलिस ने लगभग 15 मिनट बाद पहुँच कर तीनों कार सवारों को अपनी कस्टडी में लिया था।

पुलिस ने अब्दुल करीम की शिकायत पर वारिस, शौक़ीन और नफीस पर IPC की धारा 279, 337, 304 A, 427, 429 के साथ पशु क्रूरता अधिनियम की धारा 11 और गोवंश संरक्ष्ण व संवर्धन अधिनियम की धारा 13 (2) के तहत FIR दर्ज कर ली। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है। फ़िलहाल शौक़ीन और नफीस का पुलिस कस्टडी में इलाज चल रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नूंह जिले के पुलिस अधीक्षक IPS वरुण सिंगला ने वारिस की मौत की वजह एक्सीडेंट में घायल होना बताया है। SP नूंह के अनुसार दुर्घटना में कार की हैंडल वारिस के पेट और छाती में धँस गई थी। इससे उसे गंभीर आंतरिक चोटें आईं थीं। सिंगला के अनुसार इलाज में देरी की वजह से उसकी जान चली गई।

गोरक्षा के कारण साजिश

इस मामले में मृतक के परिजनों के आरोपों का सामना कर रहे गोरक्षक मोनू ने ऑपइंडिया से बात की। मोनू ने हमें बताया कि उन पर लगाए जा रहे आरोप निराधार और झूठे हैं। मोनू के मुताबिक वो इलाके में तस्करों से अक्सर गायों की रक्षा करते रहते हैं और यही वजह है कि वे निशाने पर हैं।

मस्जिद में जमा थे 400 पाकिस्तानी, आत्मघाती हमलावर ने खुद को उड़ाया: पेशावर की घटना, तालिबान ने ली जिम्मेदारी

पाकिस्तान के पेशावर में एक मस्जिद में सोमवार (30 जनवरी 2023) को आत्मघाती धमाका हुआ। खबर लिखे जाने तक 28 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई थी। करीब 150 लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों में कई की हालत गंभीर है। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है। तहरीक-ए-तालिबान (TTP) ने हमले की जिम्मेदारी ली है।

जिस मस्जिद में धमाका हुआ वह पुलिस लाइन के अंदर है। डॉन की रिपोर्ट के अनुसार धमाके वक्त में मस्जिद में तीन से चार सौ लोग मौजूद थे। सीबीएस न्यूज ने बताया है कि इनमें ज्यादातर पुलिसकर्मी थे। जियो टीवी की रिपोर्ट में सुरक्षा अधिकारियों के हवाले से बताया गया है, “आत्मघाती हमलावर नमाज़ के दौरान अग्रिम पंक्ति में मौजूद था और उसने खुद को उड़ा लिया। घायलों को पेशावर के लेडी रीडिंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है।”

अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि 30 से अधिक घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है। अस्पताल ने नागरिकों से पीड़ितों के लिए रक्तदान करने की अपील की है। धमाका इतना जोरदार था कि मस्जिद की एक तरफ की दीवार ढह गई। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स घटना के बाद मस्जिद का वीडियो शेयर कर रहे हैं। वीडियो में साफ़ देखा जा सकता है कि आत्मघाती विस्फोट से मस्जिद की एक तरफ की दीवार ढह चुकी है और मस्जिद में अफरातफरी मची हुई है। लोग इधर-उधर भाग रहे हैं।

एक प्रत्यक्षदर्शी ने मीडिया को बताया कि जब धमाका हुआ तो वह मस्जिद जा रहा था। उसने कहा, “यह एक शक्तिशाली विस्फोट था। विस्फोट के बाद हर जगह सिर्फ धुआँ था। यह एक आत्मघाती विस्फोट था क्योंकि हमलावर मस्जिद के भीतर था। विस्फोट के समय नमाज़ शुरू ही हुई थी। घायलों में ज्यादातर पुलिसकर्मी हैं।”

वहीं प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक बयान जारी कर कहा है कि इस घटना के जिम्मेदार लोगों का ‘इस्लाम से कोई लेना-देना’ नहीं है। उन्होंने कहा, “आतंकवादी उन लोगों को निशाना बनाकर डर पैदा करना चाहते हैं जो पाकिस्तान की रक्षा करने का कर्तव्य निभाते हैं। पूरा देश आतंकवाद के खतरे के खिलाफ एकजुट खड़ा है।” प्रधानमंत्री ने मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की और वादा किया कि उनकी शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी।

वहीं पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने ट्वीट का कहा, “पेशावर की पुलिस लाइन मस्जिद में नमाज के दौरान हुए आतंकी आत्मघाती हमले की कड़ी निंदा करता हूँ। मेरी प्रार्थना और संवेदना पीड़ित परिवारों के साथ हैं। यह जरूरी है कि हम अपनी खुफिया जानकारी जुटाने में सुधार करें और आतंकवाद के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए अपने पुलिस बलों को उचित रूप से तैयार करें।”

पहले सुनाई MP की 3 लड़कियाँ, अब वे हो गए कन्याकुमारी के कुछ बच्चे: कश्मीर की बर्फबारी में राहुल गाँधी का मेमोरी लॉस

अपने अजीबोगरीब बयानों से सुर्खियाँ बटोरने वाले कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी (Rahul Gandhi) की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ सोमवार (30 जनवरी, 2023) को श्रीनगर में खत्म हो गई। इस दौरान वह जैकेट पहने हुए नजर आए। उन्होंने कहा, “जब मैं कन्याकुमारी से आगे बढ़ रहा था, तब मुझे ठंड लग रही थी। मैंने कुछ बच्चे देखे। वे गरीब थे, उन्हें ठंड लग रही थी, वे मजदूरी कर रहे थे और काँप रहे थे। मैंने सोचा ठंड में ये बच्चे स्वेटर-जैकेट नहीं पहन पा रहे हैं तो मुझे भी नहीं पहनना चाहिए।”

इसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह पर हमला बोला। उन्होंने ​कहा कि पीएम मोदी, अमित शाह और आरएसएस के लोगों ने हिंसा नहीं देखी है, वे डरते हैं। बकौल राहुल गाँधी, भाजपा का कोई नेता यहाँ पैदल ऐसे नहीं चल सकता, इसलिए नहीं कि जम्मू-कश्मीर के लोग उन्हें चलने नहीं देंगे, बल्कि इसलिए क्योंकि वो डरते हैं।

वायनाड से कॉन्ग्रेस सांसद के श्रीनगर में दिए गए बयान के बाद सोशल मीडिया पर उनका पुराना बयान वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने ठंड में टी-शर्ट पहनने और स्वेटर नहीं पहनने का कारण केरल की तीन लड़कियों को बताया था। यह वीडियो 9 जनवरी 2023 का है।

इसमें वह कहते हैं, “सब लोग मेरी टी-शर्ट के पीछे पड़ गए। इनको अभी तक ये बात समझ नहीं आ रही है। कह रहे हैं कि टी-शर्ट क्यों पहना है? ये सफेद टी-शर्ट क्यों पहना है? इसको सर्दी नहीं लगती। सबसे पहले में आपको ये बता दूँ कि मैं टी-शर्ट क्यों पहनता हूँ। यात्रा शुरू हुई। केरल में भयंकर गर्मी, ऐसा लग रहा था कि टी-शर्ट उतार दो। उस वक्त पसीने आ रहे थे। ह्यूमिडिटी अधिक थी। केरल में काफी गर्मी लगी। फिर हम मध्य प्रदेश की ओर बढ़े, वहाँ ठंड लगने लगी।”

राहुल गाँधी ने अपनी बात को जारी रखते हुए आगे कहा, “सुबह-सुबह 6 बजे, जब हम यात्रा के लिए निकलते हैं, तीन गरीब बच्चे मेरे पास आ गए। फटी हुई टी-शर्ट थी और जब मैंने उन्हें पकड़ा, हाथ लगाया फोटो के लिए, क्योंकि वो फोटो लेना चाहते थे। वो लड़कियाँ थीं। एक इस साइड और एक उस साइड। जैसे मैंने उनको पकड़ा वो ठंड से काँप रही थीं। मैंने उन्हें देखा तो उन्होंने पतली सी टी-शर्ट पहनी हुई थी। उस दिन मैंने निर्णय ले लिया कि जब तक मैं नहीं कापूँगा, तब तक मैं टी-शर्ट नहीं पहनूँगा। जब काँपना शुरू हो जाएगा, जब जबरदस्त कठिनाई होगी, तब जाकर मैं स्वेटर पहनने का सोचूँगा, मगर उससे पहले नहीं करूँगा। मैं उन तीन लड़कियों को मैसेज देना चाहता हूँ कि आपको ठंड लग रही है, तो फिर राहुल गाँधी को भी ठंड लग रही है। जिस दिन आपने स्वेटर पहन लिया, उस दिन राहुल गाँधी ने भी स्वेटर पहन लिया।”

गौरतलब है कि कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी 7 सितंबर, 2022 से ही भारत जोड़ो यात्रा पर हैं। इस दौरान राहुल ज्यादातर समय टी-शर्ट में ही दिखे हैं। यहाँ तक कि ठंड के दौरान भी वह टी-शर्ट पहने हुए दिखाई दिए। पहले कॉन्ग्रेस वालों ने इसके लिए उन्हें ‘महामानव’ प्रदर्शित किया, उसके बाद जब पत्रकारों ने सवाल पूछा तो वायनाड के सांसद ने उलटे पूछ दिया कि आपने स्वेटर क्यों पहना है? जब पत्रकार ने ठंड को कारण बताया तो राहुल गाँधी बोले, “नहीं, इसका कारण यह नहीं है कि सर्दी है। इसका कारण यह है कि आप सर्दी से डरते हो। मैं सर्दी से डरता नहीं हूँ।”

गोवा के होटल में शूट किया नहाने का वीडियो, मंगेतर को भेज दिया… शादी टूटने के बाद सुशांत सिंह राजपूत की दोस्त ने की थी आत्महत्या, एक्स बॉयफ्रेंड की बीवी भी आरोपित

टीवी एक्ट्रेस वैशाली ठक्कर (Vaishali Thakkar) की आत्महत्या मामले में नया खुलासा हुआ है। मामले में पहले से ही आरोपित राहुल नवलानी की वजह से ही वैशाली यह कदम उठाने को मजबूर हुई थी। पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक, राहुल ने गोवा में छुट्टियों के दौरान वैशाली की आपत्तिजनक वीडियो शूट कर ली थी और इस वीडियो को उसने वैशाली के मंगेतर को भेज दिया था। इस वजह से उसकी शादी टूट गई थी। शादी टूटने की वजह से वैशाली काफी डिप्रेशन में थी और उसने आत्महत्या कर ली।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने अपनी चार्जशीट में बताया कि वैशाली अपने दोस्त राहुल के साथ अगस्त 2021 में गोवा में छुट्टियाँ मनाने गई थीं। दोनों 23 अगस्त से 25 अगस्त, 2023 तक गोवा के कासा बुटीक होटल के रूम नंबर 9 में रुके थे। दोनों इस दौरान काफी नजदीक आ गए और एक-दूसरे से शादी के वादे भी किए। चार्जशीट के मुताबिक, इस बीच राहुल ने चुपके से वैशाली का नहाने का वीडियो शूट कर लिया और आपत्तिजनक फोटो खींच लिया।

रिपोर्ट के मुताबिक, राहुल ने वैशाली से शादी नहीं की और जब वह वर्ष 2022 में किसी दूसरे लड़के से शादी करने की तैयारी करने लगी तो राहुल उसे परेशान करने लगा। इतना ही नहीं, राहुल पर आरोप है कि उसने वैशाली के अमेरिका में रहने वाले मंगेतर मितेश को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम से उसकी आपत्तिजनक वीडियो भेज दी। इसके बाद मितेश ने कथित तौर पर यह शादी तोड़ दी ।

वहीं पुलिस ने इस बाबत कैलिफोर्निया में रहने वाले मितेश से संपर्क किया। मितेश ने पुलिस को इंस्टाग्राम से भेजे गए वीडियो, बातचीत के स्क्रीनशॉट और तस्वीर को भेज दिया। आरोपित राहुल को जमानत मिल चुकी है और राहुल की पत्नी और मामले में सह-आरोपित दिशा पहले से ही जमानत पर है। वहीं राहुल के वकील का कहना है कि पुलिस बस काल्पनिक कहानी बना रही है। उनका कहना है कि 90 दिन बीत गए और अब तक फॉरेंसिक लैब से जब्त किए गए मोबाइल, लैपटॉप का डाटा भी रिकवर नहीं हुआ है। 

उल्लेखनीय है कि टीवी सीरियल की मशहूर एक्ट्रेस वैशाली ठक्कर ने रविवार (16 अक्टूबर, 2022) को मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित अपने घर में आत्महत्या कर ली थी। पुलिस को वैशाली की डायरी में सुसाइड नोट भी मिला था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वैशाली ने सुसाइड नोट में राहुल नवलानी और उसकी पत्नी दिशा नवलानी पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था। 

आपको बता दें कि वैशाली ठक्कर दिवंगत एक्टर सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) की अच्छी दोस्त थीं। जब सुशांत सिंह के आत्महत्या की बात सामने आई थी, तब वैशाली ने आवाज उठाई थी और इसे मर्डर बताया था। वैशाली ने कहा था कि सुशांत के असली हत्यारे रिया चक्रवर्ती के पीछे छुपे हुए हैं।

‘मन की बात’ सुन घर लौट रहे लोगों पर बंगाल में TMC गुंडों का हमला, बीजेपी MLA ने कहा- गाजी, अब्दुल… की अगुआई में रॉड-डंडों से अटैक

पश्चिम बंगाल (West Bengal) में तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) से जुड़े गुंडों ने कथित तौर पर रविवार (29 जनवरी 2023) को भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमला किया। भाजपा कार्यकर्ताओं पर यह हमला तब किया गया, जब वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) के ‘मन की बात (Mann Ki Baat)’ कार्यक्रम के 97 वें एपिसोड को सुनने के बाद अपने घर लौट रहे थे।

घटना पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के कुलतली ब्लॉक के किसोरी मोहनपुर इलाके की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भाजपा कार्यकर्ता रविवार (29 जनवरी 2023)  को परेश दास नाम के व्यक्ति के घर पर प्रधानमंत्री के मासिक रेडियो कार्यक्रम को सुनने इकट्ठा हुए थे। घर लौटते समय पंचमठ जंक्शन पर तृणमूल कॉन्ग्रेस से जुड़े गुंडों ने घेरकर उन पर हमला कर दिया।

भाजपा विधायक (आसनसोल दक्षिण) अग्निमित्रा पॉल (Agnimitra Paul) के अनुसार, रेजाउल गाजी, अब्दुल ढाली और जुदैल मोल्ला के नेतृत्व में TMC के गुंडों ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर लोहे की छड़ों और डंडों से हमला किया। पॉल द्वारा साझा किए गए एक वीडियो में दो भाजपा कार्यकर्ताओं को सड़क पर घायल अवस्था में देखा जा सकता है। उनमें से एक की पहचान बहादुर दास के रूप में हुई है। वहीं एक व्यक्ति को मदद माँगते और घायल को पानी पिलाने के लिए कहते हुए सुना जा सकता है।

एक अन्य व्यक्ति को वीडियो में यह कहते सुना जा सकता है कि पुलिस ने मौके पर आने के बाद TMC के गुंडों से पैसे लिए और आरोपितों को जाने दिया। इस बीच, तृणमूल कॉन्ग्रेस ने भाजपा पर जवाबी कार्रवाई के रूप में उनकी पार्टी के दो कार्यकर्ताओं की पिटाई करने का आरोप लगाया है। घटना के बारे में बोलते हुए भाजपा के जयनगर जिला सचिव विकास सरदार ने कहा, ”पुलिस ने तृणमूल कॉन्ग्रेस को अपना जमीर बेच दिया है। यहाँ कोई कानून का राज नहीं है।”

बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। बरुईपुर एसडीपीओ आतिश विश्वास ने कहा कि मामले की जाँच शुरू कर दी गई है। इस महीने की शुरुआत में, स्थानीय TMC नेता शिवम रॉय भाजपा के मंडल अध्यक्ष सागर बिस्वास को थप्पड़ मारते हुए कैमरे में कैद हुए थे। घटना के समय पश्चिम बंगाल के खाद्य मंत्री रथीन घोष (Rathin Ghosh) मौजूद थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, घोष ग्रामीणों की शिकायतों को सुन रहे थे, तभी भाजपा के सागर बिस्वास एक आम ग्रामीण के रूप में आए और मंत्री को अपनी शिकायत बताईं। रॉय ने फिर अज्ञात कारणों से बिस्वास को थप्पड़ मार दिया।

‘The Hindu’ के पत्रकार को हिंदू घृणा पर लताड़: जयशंकर को टारगेट करने में हिंदुओं को दिखाया नीचा, श्रीकृष्ण और हनुमान का किया अपमान

‘द हिंदू’ मीडिया ग्रुप की चेयरपर्सन मालिनी पार्थसारथी (Malini Parthasarathy) ने विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर पर तंज कसने के लिए भगवान श्री कृष्ण और हनुमान जी का मजाक उड़ाने वाले अपने पत्रकार एस आनंदन को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर पर फटकार लगाई है।

मालिनी पार्थसारथी के ट्वीट का स्क्रीनशॉट

‘द हिंदू’ के पत्रकार एस. आनंदन ने रविवार (29 जनवरी 2023) को ट्वीट कर डॉ. जयशंकर के बयान का मजाक उड़ाया, जिसमें विदेश मंत्री ने कहा था कैसे उन्होंने हिंदू महाकाव्य महाभारत और रामायण से विदेश नीति के गुण सीखे। एस जयशंकर ने दुनिया का सबसे बड़ा डिप्लोमेट भगवान श्री कृष्ण और हनुमान जी (Hanumanji) को बताया था।सोशल मीडिया पर इसका वीडियो भी वायरल हुआ था।

इसमें उन्होंने कहा था, “दुनिया में सबसे बड़े डिप्लोमेट एक भगवान श्री कृष्ण थे और दूसरे हनुमान जी थे। मैं ​आपको बहुत सीरियस उत्तर दे रहा हूँ। अगर आप उनको कूटनीति के परिप्रेक्ष्य से देखें कि वो किस सिचुएशन में थे, उन्हें क्या मिशन दिया गया था, किस तरीके से उन्होंने इसे हैंडल किया था। हनुमान जी तो खुद की इंटेलिजेंस का परिचय देते हुए टारगेट से आगे बढ़ गए और सीता जी से मिले फिर लंका को भी जला दिया।”

एस जयशंकर ने यह भी कहा था, “हनुमान जी तो मल्टी-पर्पस डिप्लोमेट थे। इतना ही नहीं, मैं आपसे कहूँगा कि दुनिया के 10 स्ट्रैटिजिक कॉन्सेप्ट आज के जो हैं, मैं उसका महाभारत से एक-एक उदाहरण दे सकता हूँ।”

इस बयान के बाद ‘द हिंदू’ के पत्रकार एस. आनंदन ने डॉ जयशंकर का अपमान करने के लिए उनसे ट्विटर पर पूछा था कि ‘आईएफएस के किस बैच से ये हिंदू देवता रहे हैं सर? इसके बाद एस. आनंदन के ट्​वीट का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए पार्थसारथी ने सोमवार (30 जनवरी, 2023) को कहा कि इस अपमानजनक ट्वीट का ‘द हिंदू’ समर्थन नहीं करता है।

आप इस लिंक पर क्लिक करके हिंदू महाकाव्यों से ली गई प्रेरणा पर डॉ. जयशंकर द्वारा लिखी गई पुस्तक के बारे में और अधिक पढ़ सकते हैं।

रामचरितमानस जलाने वालों में सलीम भी, अब अखिलेश यादव को भी हिन्दू ग्रन्थ से समस्या: यूपी पुलिस ने 5 को गिरफ्तार किया, स्वामी प्रसाद मौर्य बयान पर कायम

समाजवादी पार्टी महासचिव स्वामी प्रसाद मौर्य के बयान के समर्थन में लखनऊ में रामचरितमानस की प्रतियाँ जलाने के आरोप में लखनऊ पुलिस ने FIR दर्ज की है। इस केस में स्वामी प्रसाद सहित 10 लोगों को नामजद किया गया है। FIR में कुछ अज्ञात लोग भी शामिल हैं। अब तक 5 आरोपितों की गिरफ्तारी की भी खबर है। इधर स्वामी प्रसाद मौर्य ने खुद को अपने बयान पर कायम बताया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नामजद आरोपितों में स्वामी प्रसाद के अलावा यशपाल सिंह लोधी, देवेंद्र यादव, महेंद्र प्रताप यादव, नरेश सिंह, एसएस यादव, सुजीत ,संतोष वर्मा और सलीम हैं। वहीं स्वामी प्रसाद मौर्य के बयान पर बोलते हुए अखिलेश यादव ने योगी आदित्यनाथ से अपील की है कि वो एक धार्मिक स्थल से जुड़े होने के नाते मौर्य द्वारा कही गई चौपाई को एक बार सुना दें। अखिलेश यादव ने लखनऊ के एक मंदिर में अपना विरोध करने वाले लोगों को भाजपा और संघ के गुंडे कह कर सम्बोधित किया।

वहीं, रविवार को एक बार फिर से इसी मुद्दे पर बोलते हुए स्वामी प्रसाद मौर्य ने खुद को अपने बयान पर कायम बताया है।

क्या है FIR में

यह FIR लवी उर्फ़ सतनाम सिंह द्वारा दर्ज करवाई गई है। शिकायत में बताया गया है कि 29 जनवरी 2023 को PGI थानाक्षेत्र में आवास विकास ऑफिस के पास देवेन्द्र प्रताप यादव, यशपाल सिंह लोधी, सतेन्द्र कुशवाह, महेन्द्र प्रताप यादव, सुजीत यादव, नरेश सिंह, एस एस यादव, सन्तोष वर्मा, सलीम व अन्य कुछ अज्ञात लोगों ने भीड़ के आगे रामचरितमानस फाड़ कर उसे जला दिया। शिकायतकर्ता के मुताबिक उसने आरोपितों को रोकने की कोशिश की लेकिन वो नहीं माने। शिकायत में आरोपितों के कृत्य को जानबूझ कर और दंगा भड़काने की नीयत से किया गया बताया है।

पुलिस ने इस केस में IPC की धारा 120 B, 142, 143, 153 A, 295, 295 A, 298, 504, 505 (2) और 506 के तहत कार्रवाई की गई है। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है। बताया जा रहा है कि अब तक देवेंद्र प्रताप यादव, सत्येंद्र कुशवाहा और संतोष वर्मा व 2 अन्य की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस बाकी आरोपितों की तलाश करने के साथ वीडियो में दिख रहे अन्य लोगों को चिन्हित करने का प्रयास कर रही है।

कठघरे में किरेन रिजिजू, सवाल- आप अदालत को कंट्रोल करना चाहते हैं: जवाब में जज-कोर्ट पर मोदी सरकार के काम बताए, ₹9000 करोड़ का फंड भी

सालों से एक अदालत टीवी पर भी लगती है। नाम है- आप की अदालत। इंडिया टीवी पर प्रसारित पत्रकार रजत शर्मा के इस शो में इस बार केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू कठघरे में बैठे थे। इस दौरान उन्होंने बताया कि अदालतों और जजों के लिए जो काम मोदी सरकार ने किए हैं वे पहले कभी नहीं हुए। फिर भी न्यायपालिका को हाईजैक करने के आरोप उन पर लगाए जाते हैं।

रिजिजू ने कहा है कि जो लोग न्यायपालिका पर कंट्रोल का आरोप लगा रहे हैं, उनकी सोच में दिक्कत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अदालतों और न्यायाधीशों की सुविधाओं में सुधार के लिए बहुत काम किया है। शर्मा ने उनसे सवाल किया था कि आप अदालत को कंट्रोल करना चाहते हैं।

जवाब में केंद्रीय कानून मंत्री ने कहा, “अदालतों को कंट्रोल नहीं कर सकते। इस बारे में सोचना भी नहीं चाहिए। मोदी जी ने साढ़े आठ साल में अदालतों और जजों की सुविधाओं को बढ़ाया है। कोर्ट हॉल, वकीलों के चैंबर आदि बनाने के लिए मुश्किल से 1000-2000 करोड़ रुपए मिलते थे। मोदी सरकार ने अगले 4 सालों में अदालतों में अलग-अलग सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए 9,000 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं।” आप 14 मिनट के बाद इस बातचीत को सुन सकते हैं।

रिजिजू ने कहा, “मोदी सरकार ने अदालतों के लिए जो काम किया है, उसका आधा भी किसी और सरकार ने नहीं किया। हमने न्यायपालिका के लिए इतना कुछ किया है, इसके बाद भी हम पर आरोप लगाया जा रहा है कि हम न्यायपालिका पर कब्जा करना चाह रहे हैं। यह सोचना भी गलत है। अगर कोई ऐसा कहता है तो उसकी सोच में दिक्कत है।”

कानून मंत्री ने यह भी कहा है कि न्यायपालिका पर नियंत्रण करने की चर्चा पहली बार इंदिरा गाँधी के समय में हुई थी। उस समय सीनियर जजों की वरिष्ठता को नजरअंदाज करते हुए एक जूनियर को सीनियर जज बनाया गया था। उसी समय आपातकाल भी घोषित किया गया था। अदालतों पर पूरी तरह से कंट्रोल था। वो लोग अब आरोप लगा रहे हैं कि सरकार अदालतों पर कंट्रोल करना चाहते हैं।

रजत शर्मा ने कहा कि अरविंद केजरीवाल आरोप लगाते हैं कि बीजेपी ने सभी संस्थानों सीबीआई, ईडी पर कब्जा कर लिया है। अब न्यायपालिका पर भी कब्जा करना चाहते हैं। इस पर रिजिजू ने कहा है, “अरविंद केजरीवाल को सीरियस न लें। वह ऐसे ही कुछ भी कह देते हैं। उन्हें याद भी नहीं रहता होगा कि उन्होंने क्या कहा है।”

रजत शर्मा ने राहुल गाँधी का जिक्र करते हुए पूछा कि वे आरोप लगाते हैं कि अदालत सभी फैसले आपके फेवर में देती है। इस पर केंद्रीय मंत्री ने कहा, “राहुल गाँधी को बातें कहने के लिए चिट दी जाती हैं। उनके सलाहकार जैसा कहते हैं, राहुल गाँधी वैसा ही बोल देते हैं। अगर वहाँ से भटक गए तो फँस जाते हैं। उनकी पार्टी उन्हें बचाने में 24 घंटे लगी रहती है। उनकी बातों से भाजपा को नहीं, बल्कि देश को नुकसान होता है।”

कानून मंत्री ने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम को जजशिप के लिए अनुशंसित उम्मीदवारों के बारे में खुफिया एजेंसियों द्वारा दी गई गोपनीय जानकारी का खुलासा नहीं करना चाहिए था। कॉलेजियम ने हाल ही में सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) और रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) द्वारा बताए गए बयानों को प्रकाशित किया था। इसमें, यह बताया गया था कि सरकार जजशिप के लिए कुछ व्यक्तियों की उम्मीदवारी का विरोध क्यों कर रही है।

इसको लेकर रजत शर्मा ने कहा कि न्यायाधीशों ने इसे सार्वजनिक किया है। न्यायाधीशों का कहना है कि यह पारदर्शिता के लिए है। इस पर रिजिजू ने जवाब दिया, “पारदर्शिता का पैमाना हमेशा अलग होता है। कुछ चीजें राष्ट्रीय हित में होती हैं, जिन्हें सार्वजनिक नहीं किया जाना चाहिए और कुछ ऐसी चीजें हैं, जिन्हें सार्वजनिक तौर पर कहा जाना चाहिए। यह नियम स्पष्ट है।”

उन्होंने यह भी कहा कि वह इस मुद्दे पर अब कोई टिप्पणी नहीं करना चाहेंगे। उचित मंच पर इसका समाधान करेंगे। उन्होंने जजों की छुट्टियों की वकालत करते हुए कहा है कि भारत के जजों की तुलना विदेश के जजों से नहीं की जा सकती। भारतीय जजों पर काम का बोझ कई गुना ज्यादा होता है।

रजनीकांत की आवाज़, तस्वीर और नाम के गलत इस्तेमाल पर हो सकती है जेल: सुपरस्टार ने जारी किया नोटिस, अमिताभ बच्चन भी HC से जारी करवा चुके हैं ऐसा आदेश

सुपरस्टार रजनीकांत (Rajinikanth) के वकील एस इलामभारती ने अभिनेता के नाम, फोटो और उनकी आवाज का दुरुपयोग करने वालों को सार्वजनिक नोटिस जारी किया है। नोटिस में चेताया गया है कि एक्टर की पहचान, पब्लिसिटी और सेलिब्रिटी राइट्स का उल्लंघन करने वालों को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। शनिवार (28 जनवरी, 2023) को जारी किए गए नोटिस में कहा गया है केवल रजनीकांत को ही अपनी पहचान, नाम, आवाज, फोटो समेत अन्य चीजों का इस्तेमाल करने का अधिकार है।

नोटिस में कहा गया है कि सिर्फ रजनीकांत की ही आवाज, नाम या इमेज का इस्तेमाल न करने के लिए मना नहीं किया जा रहा, बल्कि दूसरे सितारों की नकल करने को भी उल्लंघन माना जाएगा। बिना सहमति के एक्टर की प्रतिष्ठा या व्यक्तित्व का इस्तेमाल करना उनके अधिकारों का उल्लंघन होगा और इससे उनको काफी नुकसान होगा, जिसका असर कई क्षेत्रों पर पड़ेगा। ऐसा करने वालों के खिलाफ दीवानी और आपराधिक कार्रवाई होगी।

इस नोटिस को मशहूर लेखक, स्तंभकार श्रीधर पिल्लई (Sreedhar Pillai) ने भी अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर शेयर किया है। इसमें यह भी कहा गया है कि कई प्लेटफॉर्म, विज्ञापन बनाने वाले उनके नाम का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। उनके जैसे चलने और बोलने की नकल भी उतारते हैं। यही नहीं, वे अपने उत्पादों को बेचने के लिए अभिनेता की फोटो, आवाज, कैरिकेचर फोटो और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जेनेरेटेड इमेज का इस्तेमाल कर जनता को गुमराह भी करते हैं।

‘थलाइवा’ के नाम से मशहूर रजनीकांत (Rajinikanth) को उनके फैंस दक्षिण भारत में पूजते भी हैं। हर तीज-त्योहार पर वहाँ उनके जबरा फैंस एक्टर की पूजा-अर्चना करते हैं। उनकी फिल्म की रिलीज पर उन्हें दूध चढ़ाते हैं और तमाम तरह के पकवानों का भोग भी लगाते हैं। दुनिया भर में उनके करोड़ों चाहने वाले हैं। बॉलीवुड और साउथ फिल्म इंडस्ट्री में उनका बड़ा नाम है। नोटिस में इन सभी बातों का जिक्र करते हुए आगे कहा गया है कि उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाने वालों और उनके व्यक्तिगत अधिकारों का उल्लंघन करने वालों की वजह से उनकी छवि खराब होगी।

वर्क फ्रंट की बात करें तो रजनीकांत इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्म ‘जेलर’ की शूटिंग कर रहे हैं। इस फिल्म का निर्देशन नेल्सन दिलीप कुमार ने किया और सन पिक्चर्स ने प्रोड्यूस किया है। फिल्म में रजनीकांत के अलावा राम्या कृष्णन, तमन्ना भाटिया और शिव राजकुमार जैसे बड़े सितारे भी हैं। यह फिल्म 14 अप्रैल, 2023 को रिलीज हो सकती है। पिछले साल रजनीकांत की फिल्म ‘जेलर’ का फर्स्ट लुक रिलीज किया गया था, जिसे दर्शकों ने काफी पसंद किया।

इसी तरह का एक फैसला अमिताभ बच्चन की अपील पर दिल्ली हाईकोर्ट ने भी दिया था। हिंदी सिनेमा के वयोवृद्ध अभिनेता ने दिल्ली उच्च-न्यायालय से ये निवेदन कर के ये आदेश जारी करवाया था कि उनके नाम, पहचान या आवाज़ कमर्शियल इस्तेमाल उनकी अनुमति के बिना न किया जाए। ‘कौन बनेगा करोड़पति’ के नाम पर उनकी तस्वीर लगा कर हो रहे फर्जीवाड़े पर उन्होंने कानून का सहारा लिया था। वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे उनकी तरफ से अदालत में पेश हुआ थे।