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‘हिन्दुओं की सम्पत्ति को नुकसान पहुँचाना था भीड़ का मकसद’: दिल्ली की कोर्ट में शमीम और कफील पर आरोप तय, स्कूल में लगा दी थी आग

दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार (24 जनवरी 2023) को फरवरी 2020 में हुए हिन्दू विरोधी दंगों में शामिल बताए जा रहे 2 आरोपितों के खिलाफ आरोप तय कर दिए। इन आरोपितों के नाम शमीम अहमद और मोहम्मद कफील फैज़ान हैं। दोनों पर दंगों के दौरान दिल्ली के बृजपुरी स्थित एक स्कूल पर हमले और आगजनी का आरोप है। कोर्ट में तय हुए आरोपों में एक आरोप यह भी है कि दोनों हमलावरों का मकसद जानबूझकर हिन्दू की सम्पत्ति को नुकसान पहुँचाना था।

रिपोर्ट के मुताबिक, शमीम और कफील पर आरोप तय करते हुए कोर्ट ने कहा कि उन्होंने अपने साथ 5 से ज्यादा अज्ञात लोगों की गैर-कानूनी भीड़ एक खास मकसद के लिए जुटाई थी। कोर्ट के अनुसार, इस भीड़ ने अरुण मॉडर्न पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल में तोड़फोड़ और आगजनी इसलिए की, क्योंकि वो एक हिन्दू का स्कूल था। आरोप पत्र में इस बात का भी जिक्र है कि हमलावरों का मकसद हिन्दुओं की सम्पत्तियों को अधिक से अधिक नुकसान पहुँचाने का था।

इस मामले की सुनवाई कड़कड़डूमा कोर्ट के ACJ 3 पुलत्स्य प्रमाचला की अदालत में हुई। अदालत में तय हुए आरोप में इस बात का भी जिक्र है कि हमलावर भीड़ तमाम तरह के हथियारों से लैस थी। दंगे पर आमादा इस भीड़ ने स्कूल के कम्प्यूटर लैब, लाईब्रेरी, दस्तावेज, जेनरेटर से लेकर कैंपस में खड़े वाहनों तक को जला दिया। घटना में पुलिस के रोल पर कोर्ट ने माना कि उस समय पुलिस लॉ एंड ऑर्डर को बनाए रखने में व्यस्त थी इस वजह से फ़ौरन एक्शन नहीं ले पाई थी।

हालाँकि, बचाव पक्ष ने पुलिस के गवाह, पीड़ितों और पुलिस की FIR में भिन्नता और FIR में देरी जैसे तर्क दिए, जिसका अभियोजन पक्ष ने विरोध किया। कोर्ट ने अभियोजन पक्ष की बातों पर सहमति जताई और आरोप करने पर सहमति दी। ऑपइंडिया के पास आदेश की कॉपी मौजूद है।

क्या था पूरा मामला

25 फरवरी 2020 को शाम 4 बजे लगभग 150 से 200 हमलावरों की भीड़ ने बृजपुरी स्थित अरुण मॉडर्न पब्लिक सेकेंडरी स्कूल में जबरन घुसने का प्रयास किया था। इस दौरान स्कूल कैम्पस में तोड़फोड़ करते हुए आगजनी की गई। इस हमले की सूचना थाना दयालपुर को एक फोन कॉल से दी गई। आरोप है कि जब तक पुलिस मौके पर पहुँची तब तक स्कूल को तहस-नहस कर दिया गया था और वहाँ मौजूद वाहनों को आग लगा दी गई थी। घटना के अगले दिन 26 फरवरी को स्कूल की प्रिंसिपल ज्योति रानी ने पुलिस में हमले की लिखित शिकायत दी थी।

शिकायत में हमले से लगभग सवा करोड़ रुपए का नुकसान होना बताया गया। जब यह केस दर्ज हुआ तब पुलिस को इस घटना से संबंधित कुछ अन्य शिकायतें भी मिलीं। 2 हिन्दुओं और 1 मुस्लिम ने अपने दोपहिया वाहन दंगाइयों द्वारा जलाए जाने की शिकायत पुलिस में दी। ये वो वाहन थे, जो हमले के दौरान स्कूल के आस-पास खड़े थे और हिंसा की चपेट में आ गए थे।

जाँच के दौरान हिंसा के समय उसी इलाके में ड्यूटी कर रहे पुलिस अधिकारी ने हिंसा में शामिल शमीम, कफील और फैज़ान की पहचान की। इन तीनों की पहचान का सत्यापन अन्य गवाहों के बयान से भी किया गया। इसमें तीसरा आरोपी फैजान फरार है और वह घोषित अपराधी है। पुलिस ने तीनों आरोपितों से संबंधित चार्जशीट 13 जून 2020 को ही दाखिल कर दी थी। तीनों आरोपितों पर भारतीय दंड संहिता। (IPC) की धारा 147, 148, 427, 435, 188 व 436 की धारा 149 के तहत केस दर्ज हैं।

हिंदू संत और महंत हैं आतंकी-जल्लाद: सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य के बोल, रामचरित मानस को बताया था बकवास

समाजवादी पार्टी नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने हिंदू संतों और महंतों को ‘आतंकवादी’ व ‘जल्लाद’ कहा है। उनके इस बयान से एक बार फिर विवाद बढ़ता दिख रहा है। इससे पहले, स्वामी प्रसाद मौर्य ने रामचरितमानस को बकवास बताते हुए प्रतिबंध लगाने की माँग की थी।

स्वामी प्रसाद मौर्य ने शुक्रवार (27 जनवरी 2023) को ट्वीट कर कहा है, “हाल ही में मेरे द्वारा दिए गए बयान पर कुछ धर्म के ठेकेदारों ने मेरी जीभ काटने एवं सिर काटने वालों को इनाम घोषित किया है। अगर यही बात कोई और कहता तो यही ठेकेदार उसे आतंकवादी कहते। किंतु अब इन संतों, महंतों, धर्माचार्यों व जाति विशेष लोगों को क्या कहा जाए आतंकवादी, महाशैतान या जल्लाद।”

स्वामी प्रसाद ने इससे पहले बुधवार (25 जनवरी 2023) को भी साधु, संतों का अपमान किया था। उन्होंने रामचरित मानस को लेकर दिए गए बयान के बचाव में कहा था कि उनके कहने पर जनजाति, दलित, पिछड़े, और महिलाएँ मंदिर में आना बंद कर दें तो चढ़ावा बंद हो जाएगा। इससे उनकी पेट पूजा बंद हो जाएगी। इसलिए, वे (संत) पागलों की तरह भौंक रहे हैं।

बता दें कि समाजवादी पार्टी नेता स्वामी प्रसाद ने हिंदू संतों पर यह टिप्पणी अखिल भारतीय हिंदू महासभा के स्थानीय नेता सौरभ शर्मा के बयान के बाद की। दरअसल सौरभ शर्मा ने कहा था, “कोई भी साहसी व्यक्ति, अगर सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य की जीभ काट देता है, तो उसे 51,000 रुपए का चेक दिया जाएगा। उन्होंने हमारे धार्मिक ग्रंथ का अपमान किया है और हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुँचाई है।”

इससे पहले, सोमवार (22 जनवरी 2023) को स्वामी प्रसाद ने कहा था कि अब करोड़ों लोग रामचरित मानस को नहीं पढ़ते, इसमें सब बकवास है। स्वामी प्रसाद ने सरकार से रामचरितमानस में कुछ अंश को आपत्तिजनक बताते हुए उसे हटाने की माँग की थी। उन्होंने कहा था कि अगर वो अंश न हट पाए तो पूरी किताब को ही बैन कर देना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा था कि वो रामचरितमानस को धर्म ग्रंथ नहीं मानते क्योकि इस किताब को तुलसीदास ने अपनी खुद की खुशी के लिए लिखा था। स्वामी प्रसाद ने आरोप लगाया कि रामचरितमानस में कुछ ऐसी चौपाइयाँ हैं, जिनमें शूद्रों को अधम होने का सर्टिफिकेट दिया गया है। उन्होंने उन चौपाइयों को एक वर्ग के लिए गाली जैसे बताया। उन्होंने कहा था रामचरितमानस के हिसाब से ब्राह्मण भले ही कितना गलत करे वो सही और शूद्र कितना भी सही करे वो गलत होता है। मौर्य के अनुसार, अगर उसे ही धर्म कहते हैं वो ऐसे धर्म का सत्यानाश हो और ऐसे धर्म को वो दूर से नमस्कार करते हैं।

इस बयान के बाद शिवेंद्र मिश्रा नामक व्यक्ति ने सोमवार (24 जनवरी 2023) को समाजवादी पार्टी नेता स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। स्वामी प्रसाद के खिलाफ आईपीसी की धारा 153 ए, 295 ए, 298, 504 505 (2) के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था।

महिला शिक्षक ने कराई सरस्वती पूजा, स्कूल ने कर दिया निलंबित: दिल्ली का यह स्कूल चलता है गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी के फंड से

माँ सरस्वती की पूजा करने के आरोप में महिला शिक्षक को निलंबित करने का मामला सामने आया। घटना दिल्ली के एक स्कूल की है। महिला शिक्षक ने बुधवार (25 जनवरी 2023) को सरस्वती पूजन का आयोजन किया था। मामले की जाँच के लिए गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने समिति गठित की।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दिल्ली के वसंत विहार इलाके में स्थित गुरु हरकिशन सिंह पब्लिक स्कूल में संगीत सिखाने के लिए नियुक्त महिला शिक्षक ने सरस्वती पूजन का कार्यक्रम आयोजित किया था। यह जानकारी सामने आने के बाद सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने इसका विरोध किया था।

इस स्कूल का प्रबंधन गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा किया जाता है। आपत्ति जताने जाए जाने के बाद स्कूल के प्रधानाचार्य ने महिला शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे निलंबित कर दिया। यही नहीं, सिख नेताओं द्वारा नाराजगी जताए जाने के बाद मामले की जाँच करने के लिए 3 सदस्यीय कमेटी का भी गठन किया गया।

दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका का कहना है, “स्कूल में नियुक्त संगीत विषय की महिला शिक्षक ने स्कूल के अंदर मूर्ति रखकर सरस्वती पूजन किया था। इसकी जानकारी सामने आने पर हमने आपत्ति जताई थी। इसको लेकर शुक्रवार (27 जनवरी 2023) को प्रधानाचार्य ने महिला शिक्षक को नोटिस भेजा। नोटिस के जवाब में शिक्षिका ने कहा था कि वह हर साल इसी तरह सरस्वती पूजा करती है। इसके बाद प्रधानाचार्य ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।”

कालका ने इस मामले में संगीत शिक्षक को दोषी ठहराया और कहा कि यह कार्यक्रम स्कूल प्रबंधन द्वारा नहीं, बल्कि संगीत शिक्षक द्वारा अपने स्तर पर आयोजित किया गया था। उन्होंने कहा, “समिति से जुड़े शिक्षण और अन्य संस्थानों में सिख मर्यादा का पूरा ख्याल रखा जाता है।”

कालका ने आगे कहा, “इस मामले की जाँच के लिए कमेटी बनाई गई है। यह कमेटी जाँच करेगी कि कहीं इसके पीछे कोई राजनीतिक साजिश तो नहीं है। यदि स्कूल में इस तरह से मूर्ति रखकर पूजा की जाती है तो विरोधी दल हमें निशाना बना सकते हैं।”

दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व अध्यक्ष हरविंदर सिंह सरना ने सहित कई नेताओं ने स्कूल में सरस्वती पूजा के आयोजन का विरोध किया। सरना ने कहा, “कमेटी द्वारा संचालित शिक्षण संस्थानों में मूर्ति पूजा की कोई परंपरा नहीं है। सिखों की मर्यादा को चुनौती देने वाले कई मामले सामने आ चुके हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “स्कूल प्रबंधन के पैसे से चलता है, लेकिन इसमें हर धर्म के लोग पढ़ते हैं। सिख प्रबंधन से प्राप्त राशि को सिखों और उनके गुरुओं के उपदेशों पर खर्च किया जाना चाहिए। गुरुद्वारा कमेटी सिख आचार संहिता का पालन करने में विफल रही है।”

भारतीय सेना के 3 प्लेन के साथ हादसा: MP के मुरैना में 2 लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त, राजस्थान के भरतपुर में एक विमान क्रैश

यह खबर सुखद नहीं है। भारतीय सेना के विमान दो स्थानों पर दुर्घटनाग्रस्त हुए हैं। शनिवार (28 जनवरी, 2023) की सुबह पहला हादसा मध्य प्रदेश के मुरैना में हुआ। एएनआई की खबर के मुताबिक लड़ाकू विमान सुखोई-30 और मिराज-2000 क्रैश हो गए हैं। रिपोर्टों के मुताबिक एक अभ्यास के दौरान यह हादसा हुआ। हादसे में एक शख्स के मौत की खबर है जबकि दो पायलट सुरक्षित बताए जा रहे हैं। वहीं दूसरा हादसा राजस्थान के भरतपुर में हुआ।

मुरैना में दुर्घटना की सूचना प्राप्त होते ही मौके पर राहत बचाव कर्मी पहुँच गए। रिपोर्टों के मुताबिक दोनों विमानों ने मध्य प्रदेश के ग्वालियर एयरबेस से उड़ान भरी थी। अभ्यास के दौरान मुरैना के पहाड़गढ़ से करीब पाँच किलोमीटर दूर निरार रोड पर दोनों विमान क्रैश हुए। बताया जा रहा है कि पहाड़गढ़ इलाके के लोगों ने जंगल में धमाके की तेज आवाज सुनी। धमाके के बाद स्थानीय लोग मौके पर पहुँचे। प्रत्यक्षदर्शीयों के मुताबिक जब वे हादसे वाली जगह पर पहुँचे तो विमान का मलबा पड़ा हुआ था और उसमें आग लगी हुई थी।

मुरैना के कलेक्टर ने जानकारी दी है कि हादसा सुबह 5.30 बजे हुआ। बताया जा रहा है कि हादसे में दो पायलट सुरक्षित बाहर निकल आए थे। दुर्घटना के दौरान सुखोई-30 में 2 पायलट थे जबकि मिराज 2000 में एक पायलट था। प्रारंभिक रिपोर्टों के मुताबिक 2 पायलट सुरक्षित बताए जा रहे हैं जबकि एयरफोर्स का हेलिकॉप्टर तीसरे पायलट की तलाश कर रहा है।

स्थानीय पुलिस की मानें तो हादसे में एक शख्स की मौत हुई है और 2 घायल हुए हैं। एएनआई ने हादसे के बाद का वीडियो जारी किया है। इसमें विमान का मलवा जलता नजर आ रहा है। राहत और बचाव दल के लोग मौके पर पहुँच चुके हैं।

उधर राजस्थान के भरतपुर के उच्चैन में भी शनिवार की सुबह तकरीबन 10 बजे सेना का एक विमान क्रैश हो गया। भरतपुर के कलेक्टर आलोक रंजन ने जानकारी दी कि पुलिस और बचाव कर्मी दुर्घटना वाले स्थल पर पहुँच चुके हैं। हादसे के बाद भारी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर पहुँच गए। शुरुआती जानकारी के मुताबिक विमान के क्रैश होने की वजह तकनीकी खराबी बताई जा रही है। हादसे के वक्त विमान में कितने लोग सवार थे और उनके सुरक्षित होने के बारे में फिलहाल जानकारी नहीं मिल सकी है।

‘शिवाजी महाराज की धरती पर टीपू सुल्तान का नाम बर्दाश्त नहीं’: महाराष्ट्र सरकार बदलेगी पार्क का नाम, सपा के अबू आजमी बोले- ये इतिहास मिटाने की कोशिश

महाराष्ट्र (Mumbai, Maharashtra) की भाजपा से गठबंधन वाली एकनाथ शिंदे सरकार (CM Eknath Shide) ने राजधानी मुंबई में स्थित टीपू सुल्तान पार्क (Tipu Sultan Park) का नाम बदलने का ऐलान किया है। इस घोषणा के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच विवाद खड़ा होता दिखाई दे रहा है।

सत्ताधारी भाजपा छत्रपति शिवाजी महाराज की जमीन पर किसी भी हाल में टीपू सुल्तान के नाम पर पार्क बर्दाश्त करने को तैयार नहीं है। वहीं, विपक्ष इसका विरोध करते हुए इसे वोटों के ध्रुवीकरण की राजनीति और इतिहास मिटाने की साजिश बताया है। हालाँकि, शिवसेना के उद्धव गुट का दावा यह भी है कि पार्क का नाम पहले ही क्रांतिकारी अशफाक उल्लाह खान के नाम पर किया जा चुका है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह पार्क मुंबई के मलाड इलाके में स्थित है। महाराष्ट्र के पर्यटन मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने शुक्रवार (27 जनवरी 2023) को टीपू सुल्तान पार्क का नाम बदलने का एलान किया था। उन्होंने कहा था कि छत्रपति शिवाजी महाराज की धरती पर टीपू सुल्तान के नाम पर पार्क किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा। भाजपा नेता मंगल प्रभात ने पार्क का नाम बदलना दक्षिणपंथियों की जीत बताते हुए कहा था कि यह निर्णय सकल हिन्दू समाज के विरोध और सांसद गोपाल शेट्टी की माँग के बाद लिया गया है।

भाजपा-शिवसेना (शिंदे गुट) गठबंधन सरकार के इस फैसले का विपक्ष ने विरोध किया। विपक्ष के कुछ नेताओं ने तो इसे आने वाले BMC चुनावों में वोटों का ध्रुवीकरण करने की चाल कहा। महाराष्ट्र के सपा नेता अबू आज़मी ने इसे इतिहास मिटाने की साजिश बताते हुए टीपू सुल्तान की शान में कसीदे पढ़े। आज़मी ने टीपू सुल्तान को आज़ादी की लड़ाई लड़ने वाला योद्धा बताते हुए ‘हजरत रहमतुल्लाह अलैहि’ जैसे शब्दों से भी नवाजा।

इस मामले में शिवसेना उद्धव ग्रुप ने भी इंट्री की है। उद्धव गुट का कहना है कि टीपू सुल्तान पार्क का नाम उनकी सरकार में बदला गया था। शिवसेना उद्धव प्रवक्ता आनंद दुबे ने कहा कि वो बाला साहब ठाकरे के आदर्शों पर चलने वाले लोग हैं और कोई भी उन्हें मराठी अस्मिता का पाठ न पढ़ाए।

ABP न्यूज़ का दावा है कि उनकी ग्राउंड रिपोर्ट में पार्क में गेट पर पहले से ही अशफाक उल्लाह खान का नाम दर्ज है। इस नाम के साथ वहाँ महाराष्ट्र के पूर्व कैबिनेट मंत्री और कॉन्ग्रेस के नेता असलम शेख की फोटो भी लगी है।

दाने-दाने को मोहताज पाकिस्तान अब अल्लाह भरोसे: वित्त मंत्री बोले – ‘अल्लाह मुल्क बना सकता है तो अमीर भी बना सकता है’

पाकिस्तान (Pakistan) गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा है। वहाँ के लोगों को खाने के लिए रोटी और उसे बनाने के लिए LPG गैस नहीं मिल पा रही है। संकट की इस स्थिति में पाकिस्तान के वित्त मंत्री को अब अल्लाह पर भरोसा है। उन्होंने कहा है कि अगर अल्लाह पाकिस्तान बना सकता है तो वह इस्लाम के नाम पर बने इस मुल्क की तरक्की और विकास के साथ इसे अमीर भी बना सकता है।

इस्लामाबाद में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पाकिस्तानी वित्त मंत्री इशाक डार ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि उनका देश तरक्की करेगा, क्योंकि यह इस्लाम के नाम पर बनाया गया था। उन्होंने कहा कि अगर अल्लाह पाकिस्तान बना सकता है तो वह उसकी रक्षा, विकास और समृद्धि भी कर सकता है।

इशाक डार ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की आलोचना करते हुए कहा कि मौजूदा सरकार को पिछली सरकार से कई समस्याएँ विरासत में मिली हैं। उन्होंने आगे कहा है कि अब वह प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के नेतृत्व में पाकिस्तान की स्थिति को सुधारने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।

उन्होंने यह भी कहा है कि पाकिस्तान पिछली सरकार की करतूतों और करीब पाँच साल पहले शुरू किए गए ‘नाटक’ का खामियाजा भुगत रहा है। साल 2013 से 2017 के बीच नवाज शरीफ के नेतृत्व में पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था मजबूत थी। पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज दक्षिण एशिया में सबसे अच्छा पूँजी बाजार था। नवाज शरीफ के कार्यकाल में स्टॉक एक्सचेंज पाँचवे स्थान पर था।

पाकिस्तानी वित्त मंत्री ने कहा है कि नवाज शरीफ के कार्यकाल में पाकिस्तान विकास की राह पर था, लेकिन फिर पटरी से उतर गया। उन्होंने कहा कि लोग देख सकते हैं कि देश ने पिछले पाँच सालों में कितनी तबाही झेली है। लोग जानते हैं कि यह सब किसने किया है, इसके लिए कौन जिम्मेदार है।

बता दें कि पाकिस्तान बेहद गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा है। विदेशी कर्ज और विश्व बैंक की सहायता से अब तक गुजारा चलाने वाले पाकिस्तान में लोग भोजन के लिए मोहताज नजर आ रहे हैं। पाकिस्तान में सरसों का तेल 553 रुपए लीटर, दूध 150 रुपए लीटर, आटा 150 रुपए किलो और चावल 147 रुपए किलो मिल रहा है। वहीं, कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत 10,000 रुपए तक पहुँच गई है।

राष्ट्रगान बजाकर अश्लील डांस करने लगा रुहुल, केस दर्ज होते ही हुआ फरार: Video वायरल होने पर मेरठ पुलिस ने अदनान को दबोचा

उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले (Meerut, Uttar Pradesh) में राष्ट्रगान के अपमान का मामला सामने आया है। यहाँ राष्ट्रगान पर अदनान और रुहुल नामक व्यक्ति द्वारा हँसने और अश्लील डांस करने का वीडियो सामने आया है। पुलिस ने इस वीडियो का स्वतः संज्ञान लेते हुए केस दर्ज कर के अदनान को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं रुहुल फरार हो गया है जिसकी तलाश की जा रही है। हिन्दू संगठनों ने रुहुल और अदनान पर कठोर कार्रवाई की माँग की है। घटना गणतंत्र दिवस यानि गुरुवार (26 जनवरी 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला रेलवे रोड थाना क्षेत्र का है। 26 जनवरी को ईदगाह इलाके में रहने वाले 2 मुस्लिम युवक- रुहुल और अदनान ने एक छत पर DJ लगवाया था। इस दौरान दोनों ने 29 सेकेंड का एक वीडियो बनाया। वीडियो में राष्ट्रगान बजाकर जहाँ अदनान हँसता रहा, वहीं रुहुल शुरुआत में सैल्यूट करने के बाद कुछ ही सेकेंडों में अश्लील डांस करने लगा। कोई तीसरा व्यक्ति इस करतूत का वीडियो बनाता रहा।

जब यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो मेरठ के हिंदूवादी कार्यकर्ताओं ने आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की माँग शुरू कर दी। हिन्दू जागरण मंच के पूर्व महानगर अध्यक्ष सचिन सिरोही ने आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए रेलवे रोड थाने पहुँच कर कार्रवाई की माँग की। इस दौरान भारत माता की जय और वन्दे मातरम के नारे लगे। पुलिस ने आरोपित रुहुल और अदनान पर राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम 1971 की धारा 2 के तहत केस दर्ज कर लिया।

इस घटना और कार्रवाई की मेरठ पुलिस ने भी पुष्टि है।

जिस लव जिहाद को इस्लामी-वामपंथी बताते थे कल्पना, उसे देश ने माना सच: सर्वे में 53% लोगों ने कहा- मुस्लिम पुरुष इसमें लिप्त हैं

देश में लव जिहाद (Love Jehad) की बढ़ती घटनाओं के बीच एक सर्वे रिपोर्ट सामने आई है। इस सर्वे में देश भर के 1.40 लाख से अधिक लोगों से राय ली गई। इस सर्वे के अनुसार, 53% लोगों का मानना है कि मुस्लिम पुरुष लव जिहाद में लिप्त रहते हैं।

दरअसल, इंडिया टुडे-सीवोटर ने ‘मूड ऑफ द नेशन’ के तहत सर्वे किया है। इस सर्वे में लव जिहाद को लेकर लोगों से राय ली गई। सर्वे में देश भर के 1,40,917 (एक लाख 40 हजार 9 सौ 17) लोगों से सवाल पूछे गए। यही नहीं, सीवोटर ने 105008 (1 लाख 5 हजार 8) इंटरव्‍यू का भी विश्लेषण किया है।

सर्वे के बाद जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि सर्वे में भाग लेने वाले 53% लोगों का कहना है कि मुस्लिम युवक लव जिहाद में संलिप्त होते हैं। बता दें कि लव जिहाद के लिए मुस्लिमों द्वारा हिंदू लड़कियों को टारगेट किया जाता है। इसके लिए मुस्लिम अपना नाम व धर्म छिपाकर लड़कियों से दोस्ती करते हैं। फिर प्यार के जाल में फँसाते हैं।

(फोटो साभार : इंडिया टुडे)

इसके बाद, दवाब डालकर हिंदू लड़कियों का धर्म परिवर्तन कराया जाता है। यही नहीं, उन्हें बलात्कार और मारपीट जैसी घटनाओं का भी सामना करना पड़ता है। हालाँकि, इसके बाद भी उनकी जिंदगी किसी अभिशाप की तरह हो जाती है। क्योंकि, ज्यादातर मामलों में या तो मुस्लिम हिंदू लड़कियों को छोड़ देते हैं या फिर मार डालते हैं।

गौरतलब है कि वामपंथी, लिबरल और तथाकथित बुद्धिजीवी व इस्लामिक मौलवियों ने हमेशा ही लव जिहाद को कोरी कल्पना कहा है। हालाँकि, इस रिपोर्ट से इस बात की पुष्टि होती है कि लव जिहाद कल्पना नहीं, बल्कि इस्लामवादियों की सच्चाई है।

लव जिहाद के गंभीर खतरे से निपटने के लिए उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा और कर्नाटक सहित कई राज्यों ने कड़े कानून बनाए हैं। हालाँकि, इसके बाद भी आए दिन लव जिहाद की घटनाएँ सामने आती रहतीं हैं।

ऑपइंडिया लव जिहाद और हिंदू लड़कियों के साथ हो रही ऐसी घटनाओं को लगातार सामने लाता रहा है। साल 2022 में ही ऑपइंडिया ने ‘लव जिहाद’ और ‘ग्रूमिंग जिहाद’ की 153 घटनाएँ कवर की थीं।

मुस्लिम फंड के पैसे से प्रॉपर्टी डीलिंग और कालाधन सफेद करने का खेल, विदेश से जुड़े तार: रज्जाक सहित 3 को हरिद्वार पुलिस ने दबोचा

उत्तराखंड की हरिद्वार पुलिस (Haridwar Police, Uttarakhand) ने लोगों के करोड़ों रुपए लेकर फरार हुए मुस्लिम फंड के संचालक अब्दुल रज़्ज़ाक सहित 3 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए 2 अन्य आरोपित प्रॉपर्टी डीलर बताए जा रहे हैं। इन आरोपितों पर काले धन को सफेद करने की साजिश का आरोप लगा है।

बताया जा रहा है कि पकड़े गए आरोपितों के तार विदेशों से भी जुड़े हैं, जहाँ से इन्हें मोटी रकम मिलने का भरोसा दिया गया था। इस केस में पुलिस की जाँच अभी जारी है और मामले से जुड़े बाकी आरोपितों की तलाश की जा रही है। पुलिस ने इस पूरे मामले का खुलासा शुक्रवार (27 फरवरी 2023) को किया है।

हरिद्वार पुलिस के मुताबिक, मामले की शिकायत 22 जनवरी 2023 को कोतवाली ज्वालापुर में की गई थी। शिकायतकर्ता का नाम वसीम राव है, जो इसी थाना क्षेत्र के इब्राहिमपुर का रहने वाला है। वसीम राव ने ज्वालापुर के ही सराय क्षेत्र में रहने वाले अब्दुर रज्जाक पर 2.81 लाख रुपए हड़पने आरोप लगाया था। राव ने कहा था कि रज्जाक ने और भी कई लोगों के पैसे हड़प लिए हैं।

पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद रज़्ज़ाक के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 406 और 420 में FIR दर्ज कर अब्दुल रज़्ज़ाक को गिरफ्तार कर लिया। रज़्ज़ाक ने पूछताछ में अपने साथियों- नसीम उर्फ मुन्ना और मशरूर का भी नाम लिया। नसीम और मशरूर प्रॉपर्टी डीलर बताए जा रहे हैं। पुलिस ने इस दोनों को भी गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने गिरफ्तार तीनों आरोपितों से पूछताछ की। इन तीनों ने अपने रैकेट का खुलासा किया, जिसके आधार पर अन्य आरोपितों को भी चिन्हित कर लिया गया है। बाकी आरोपित फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास चल रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुख्य आरोपित अब्दुल रज़्ज़ाक कबीर म्यूचुअल बेनिफिट निधि लिमिटेड (मुस्लिम फंड) का संचालक था। वह मुस्लिमों के पैसे म्युचुअल फंड में लगाकर उन्हें फायदा देने का वादा किया करता था।

रज़्ज़ाक साल 1998 से मुस्लिम फंड चला रहा था। उसके कबीर म्यूूचुअल बेनिफिट निधि लिमिटेड को साल 2020 में कारपोरेट विभाग से मान्यता भी मिल गई थी। आरोपित के मुस्लिम फंड में 13,382 खाते चल रहे थे। इन एकाउंट में 8716 खाते ऐसे भी थे, जिसमें 500 से कम रुपए जमा थे। कुल मिलाकर रज़्ज़ाक के मुस्लिम फंड में लगभग 7.5 करोड़ रुपए जमा थे। इसके अलावा कुछ लोगों का सोना गिरवी रख कर रज़्ज़ाक ने लगभग डेढ़ करोड़ रुपए 12% सालाना ब्याज पर बाँट रखा था। पुलिस का यह भी कहना था कि उसके फंड में लोग बिना ब्याज़ लिए पैसे जमा करते थे। गौरतलब है कि इस्लामी जानकार ब्याज पर पैसे लेना या देना हराम मानते हैं।

आरोप है कि रज़्ज़ाक ने साल 2013 में मुस्लिम फंड से हुई कमाई से अपने साथियों नज़्म और मशरूर के साथ मिलकर हरिद्वार में प्रॉपर्टी खरीदी। वह मुस्लिम फंड के अलावा प्रॉपर्टी डिलिंग भी कर रहा था। इस बीच रज़्ज़ाक के साथियों नसीम और मशरूर को उसके मुस्लिम फंड में अच्छे खासे पैसे होने की भनक लग गई।

इन दोनों ने साल 2020 में रज़्ज़ाक को संभल जिले के अंसार से मिलवाया। अंसार ने अपने एक साथी साजिद के मुंबई में होने की जानकारी दी। अंसार ने रज़्ज़ाक को बताया कि साजिद का एक साथी लंदन में रहता है, जो 100 करोड़ रुपए के काले धन को किसी रजिस्टर्ड संस्था को डोनेट कर के उसे सफ़ेद करना चाहता है।

अंसार ने रज़्ज़ाक को झाँसा देते हुए यह भी कहा कि वह लंदन का पैसा मुस्लिम फंड वाले खाते में मंगवा ले, जिसकी एवज में उसे 20 करोड़ रुपए मिलेंगे और 80 करोड़ रुपए वापस करने होंगे। अंसार ने रज़्ज़ाक को मिलने वाले 20 करोड़ रुपए से थोड़ा पैसा दिखाने के लिए सामाजिक कार्यों में लगाने और बचा पैसा आपस में बाँट लेने की जानकारी दी। अंसार ने लंदन के काले धन के अलावा रज़्ज़ाक को 1 हजार करोड़ रुपए की पुरानी नोट बदलवाने का भी काम देने का झाँसा दिया।

रज़्ज़ाक पूरी तरह से अंसार के झाँसे में आ गया। उसने लंदन का काला धन मंगवाने की एवज में 3.5 करोड़ रुपए व पुराने नोट बदलने के नाम पर 2 करोड़ रुपए कमीशन एडवांस के तौर पर अंसार को दे दिए। पैसे जुटाने के लिए रज़्ज़ाक ने 4 करोड़ रुपए की खरीदी जमीन को महज 2 करोड़ रूपयों में बेच दिया। 5 करोड़ रुपए से ज्यादा पैसा पाकर साजिद का फोन बंद हो गया। इधर अंसार लगातार रज़्ज़ाक को झाँसा देता रहा और गाजियाबाद ले जाकर उस से लोनी की एक जमीन उसके नाम करने के नाम पर 2 करोड़ रुपए और माँगे। आख़िरकार तब जाकर रज़्ज़ाक को अपने साथ हुई धोखाधड़ी का एहसास हुआ।

वहीं दूसरी तरफ उसके मुस्लिम फंड के खाताधारक अपने पैसे की माँग करने लगे। रज़्ज़ाक ने उन्हें बहुत दिनों तक टालने और इधर-उधर भटकाने की कोशिश की। आखिरकार वसीम राव नाम के एक खाताधारक ने पुलिस ने रज़्ज़ाक की शिकायत कर दी। उत्तराखंड पुलिस के 15 जवानों ने 6 टीमें बना कर इस मामले का पर्दाफाश किया। बाकी रज़्ज़ाक, नसीम, मशरूर की गिरफ्तारी के साथ बाकी आरोपितों की तलाश की जा रही है।

माँ सरस्वती की मूर्ति विसर्जन करने जा रहे थे हिंदू, छतों से पथराव करने लगे कट्टरपंथी मुस्लिम: कई घायल, लोगों ने बताया सुनियोजित घटना

झारखंड के जामताड़ा (Jharkhand) में माँ सरस्वती की मूर्ति विसर्जन (Saraswati Puja 2023) के दौरान शुक्रवार (27 जनवरी 2023) को कट्टरपंथी मुस्लिमों ने पथराव कर दिया। इससे 2 पुलिसकर्मी समेत कई लोग घायल हो गए। हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस को 15 राउंड फायरिंग करनी पड़ी। फिलहाल पुलिस आरोपितों की तलाश कर रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जामताड़ा जिले के नारायणपुर थाना अंतर्गत डोकीडीह गाँव में हिंदू युवक माँ सरस्वती की मूर्ति विसर्जन करने जा रहे थे। विसर्जन के रास्ते में कुछ मुस्लिमों के घर हैं। विसर्जन जुलूस जैसे ही मुस्लिम बस्ती के पास पहुँचा, वहाँ के लोगों ने विरोध करना शुरू कर दिया। हिंदू पक्ष ने इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी।

पुलिस प्रशासन ने मौके पर पहुँचकर दोनों पक्षों को समझाया। इस पर हिंदू बिना डीजे के मूर्ति विसर्जन करने को राजी हो गए। इसी दौरान कट्टरपंथी मुस्लिमों ने अचानक हल्ला मचाना शुरू कर दिया। इसके तुरंत बाद उन्होंने मूर्ति और हिंदुओं पर पत्थरबाजी भी शुरू कर दी। पत्थरबाजी घर की छतों से भी की गई।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस तरह से पत्थरबाजी हुई है, उससे कहा जा सकता है कि यह सुनियोजित घटना है। इतने अधिक पत्थर घरों में पहले ही इकट्ठे किए गए थे। अचानक हुए इस हमले से पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। यही नहीं, उपद्रवियों ने लोगों के घरों में घुसकर महिलाओं और बच्चों से मारपीट भी की।

इस पत्थरबाजी में मूर्ति विसर्जन करने जा रहे हिंदुओं समेत 2 पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। शुरू में पुलिस ने समझाइश देकर हालात में काबू पाने की कोशिश की, लेकिन हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस को 15 राउंड फायरिंग तक करनी पड़ी।

इस घटना के बाद रात करीब 9 बजे पुलिस अधिकारी एसपी, एसडीओ, एसडीपीओ, जामताड़ा, करमाटांड़ और नारायणपुर थाने की पुलिस तथा आईआरबी के जवानों की मौजूदगी में माँ सरस्वती की प्रतिमा विसर्जन हुआ। विसर्जन के दौरान भी मुस्लिम समुदाय के लोग इसका विरोध करते रहे।

जामताड़ा के डीसी फैज अहमद मुमताज ने कहा है कि कुछ असामाजिक तत्वों ने सामाजिक सौहार्द्र बिगाड़ने की कोशिश की है। किसी भी उपद्रवी को बख्शा नहीं जाएगा। आरोपितों को चिह्नित किया जा रहा है। सभी को गिरफ्तार कर शांति बहाल की जाएगी।