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ईरान की गोला-बारूद फैक्ट्री में ड्रोन हमले से हुआ जोरदार धमाका, इस्लामी मुल्क और इजरायल की चलती है दुश्मनी

ईरान के इस्फहान शहर में स्थित गोला बारूद की फैक्ट्री में जोरदार धमाका हुआ। यह धमाका ड्रोन हमले के कारण हुआ। ईरान के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि हमले में 3 ड्रोन शामिल थे। इसमें से 2 ड्रोन एयर डिफेंस सिस्टम में फँस गए। वहीं, 1 को मार गिराया गया। इस हमले में किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान होने की पुष्टि नहीं हुई।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस्फान में यह हमला शनिवार (28 जनवरी, 2023) को स्थानीय समयानुसार करीब साढ़े दस बजे हुआ। इस हमले को लेकर ईरान इंटरनेशनल ने रक्षा मंत्रालय के हवाले से कहा है कि ड्रोन हमला असफल रहा। इसमें किसी की जान नहीं गई। गोला-बारूद बनाने वाली फैक्ट्री की छत को थोड़ा-बहुत नुकसान हुआ है। इस हमले में फैक्ट्री में चल रहे काम में किसी प्रकार की रुकावट पैदा नहीं हुई। सभी उपकरण भी सुरक्षित हैं।

ईरान इंटरनेशनल ने एक अन्य ट्वीट में कहा है, “ईरान के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि इस्फहान में गोला-बारूद की फैक्ट्री को तीन ड्रोन द्वारा टारगेट किया किया गया था। इसमें से एक ड्रोन सेना ने गोली मारकर गिरा दिया। वहीं, दो अन्य एयर डिफेंस सिस्टम में फँस गए, जिससे इनमें विस्फोट हो गया।”

ऐसा ही दावा इस्फहान प्रांत के सुरक्षा उप प्रमुख मोहम्मद रजा जन-नेसारी भी किया है। उन्होंने कहा है, “रक्षा मंत्रालय से जुड़े सैन्य केंद्र में एक में विस्फोट हुआ है। हालाँकि विस्फोट से कुछ नुकसान हुआ है। लेकिन इसमें कोई हताहत नहीं हुआ।”

न्यूज एजेंसी एएनआई ने ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी आईआरएनए के हवाले से कहा है कि हमले में इस्तेमाल किए गए ड्रोन काफी छोटे थे। ईरान के सैन्य ठिकाने पर यह हमला ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका और इजरायल के साथ उसके संबंध तनावपूर्ण बने हुए हैं। यही नहीं, इजरायल ने साल 2015 के परमाणु समझौते के उल्लंघन पर ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की धमकी भी दी है। हालाँकि, न तो ईरान ने इस हमले के इजरायल को जिम्मेदार ठहराया है और ना ही इजरायल ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है।

फैज सैयद ने सिख लड़की का किया अपहरण, धर्मांतरण की आशंका: NCPCR को करना पड़ा हस्तक्षेप, पीड़ित परिवार ने PM मोदी से लगाई गुहार

महाराष्ट्र के धुले जिले से ‘लव जिहाद’ का मामला सामने आया है। यहाँ फैज़ सैयद नाम के व्यक्ति पर सिख समाज की नाबालिग लड़की के अपहरण का आरोप है। हालाँकि, केंद्रीय बल संरक्षण आयोग (NCPCR) के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने पीड़िता को बरामद कर लिया है लेकिन पीड़ित परिवार ने कार्रवाई पर असंतोष जताया है। लड़की के परिजनों ने वीडियो जारी कर के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हस्तक्षेप की माँग की है। घटना 16 जनवरी, 2023 की है।

जानकारी के मुताबिक, मामला धुले सिटी पुलिस स्टेशन का है। यहाँ की रहने वाले सिख समाज की एक नाबालिग 17 साल की लड़की 15 जनवरी, 2023 को अपने घर से गायब हो गई। पीड़िता के परिजनों ने पुलिस में दर्ज शिकायत में बताया था कि उसे अंतिम बार फैज़ सैयद नाम ले लड़के के साथ देखा गया था। इस शिकायत पर धुले पुलिस ने 16 जनवरी, 2023 को FIR दर्ज कर के पीड़िता की तलाश शुरू कर दी। 25 जनवरी को इस घटना का संज्ञान राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग (NCPCR) अध्यक्ष प्रियांक कानूनगो ने लिया और पत्र लिख कर धुले पुलिस से मामले में कड़ी कार्रवाई की अपेक्षा जताई।

NCPCR ने इस मामले में पुलिस से 3 दिनों के अंदर जाँच रिपोर्ट भी तलब की। बताया जा रहा है कि पुलिस ने पीड़िता को बरामद कर लिया है लेकिन पीड़ित सिख परिवार इस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है। पीड़ित परिवार ने एक वीडियो जारी करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मामले में हस्तक्षेप करने को कहा है। वीडियो जारी करने वालों ने बताया कि फैज़ की हरकत से इलाके में तनाव फ़ैल सकता है और पंजाब व नांदेड़ से सरदारों के जत्थे आ सकते हैं।

सिख परिवार ने इस घटना को ‘लव जिहाद’ बताया है। वीडियो में दिख रहे सिखों ने कहा कि सैयद फैज़ ने 15 दिनों तक लड़की के साथ क्या-क्या किया और कहीं उसका धर्म परिवर्तन तो नहीं करवाया गया इसकी भी जाँच की जानी चाहिए। वीडियो में दिख रहे लोगों ने फैज़ पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की भी माँग की।

पत्रकार शुभी विश्वकर्मा के मुताबिक, लड़की नाबालिग है पुलिस ने गिरफ्तार आरोपित फैज़ पर पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई नहीं की है।

ऑपइंडिया से बात करते हुए धुले पुलिस स्टेशन की महिला स्टाफ ने बताया कि आरोपित फैज़ गिरफ्तार कर लिया गया है। पॉक्सो एक्ट न लगने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस बाबत केस के विवेचक ही सही जवाब दे सकते हैं।

ओडिशा के स्वास्थ्य मंत्री पर ASI ने दागी 5 गोलियाँ, सीने के हुईं आर-पार

ओडिशा के स्वास्थ्य मंत्री नब किशोर दास उर्फ नाबा दास (Odisha Health Minister Naba Das) को झारसुगुड़ा जिले के ब्रजराजनगर इलाके में रविवार (29 जनवरी 2023) को गोली मार दी गई।हमलावर पुलिस की वर्दी में था। हमलावर ओडिशा पुलिस का ASI है और मंत्री की सुरक्षा में तैनात था।

ब्रजराजनगर के एसडीपीओ गुप्तेश्वर भोई ने कहा कि गाँधी चौक पुलिस अधिकारी गोपाल दास ने स्वास्थ्य मंत्री नव किशोर दास को गोली मारी है। आरोपित ASI को गिरफ्तार कर लिया गया है। SDPO भोई के अनुसार, ASI ने सरकारी रिवॉल्वर से गोली मारी है। इस हमले में एक और व्यक्ति के घायल होने की खबर है।

नाबा दास रविवार (29 जनवरी 2023) को ब्रजराजनगर नगरपालिका के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के दो नए कार्यालय भवनों का उद्घाटन करने पहुँचे थे। जब वे अपनी गाड़ी से उतर रहे थे, उसी वक्त पास में खड़े ASI गोपाल दास ने उन पर गोलियाँ चलानी शुरू कर दीं। गोलियाँ उनके सीने से सटाकर चलाई गईं।

SDPO भोई के अनुसार, आरोपित गोपाल दास ने नाबा दास पर 6 राउंड गोलियाँ चलाईं, जिनमें से उन्हें पाँच गोली लगी है। दो गोली उनके सीने में लगने की बात सामने आ रही है और वे सीने से आर-पार हो गई है। गोली गलते ही वे वहीं गिर पड़े। उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अब बड़े अस्पताल में भर्ती करने की व्यवस्था की जा रही है।

हमले के पीछे की वजह का अभी खुलासा नहीं हुआ है। आरोपित पुलिस अधिकारी को हिरासत में लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है। यह हमला सुनियोजित माना जा रहा है। इसके पीछे कौन है, यह पुलिस और अन्य एजेंसियाँ पता लगाने की कोशिश कर रही हैं। मामले की जाँच की जिम्मेदारी क्राइम ब्रांच को सौंपी गई है।

यह प्रदेश में मंत्री पर हमला करने का पहला मामला नहीं है। इसके पहले कानून मंत्री पर भी हमला हो चुका है। ओडिशा के तत्कालीन कानून मंत्री महेश्वर मोहंती पर 21 फरवरी 2014 को पुरी में दो गोली मारी गई थी। हालाँकि, वे इस हमले में बाल-बाल बच गए थे।

झारसुगुड़ा से बीजू जनता दल (BJD) के नेता और मुख्यमंत्री बीजू पटनायक (CM Biju Patnayak) के करीबी नव किशोर दास पिछले दिनों खबरों में थे। उन्होंने कथित तौर पर महाराष्ट्र के शनि शिंगणापुर मंदिर को 1.7 किलोग्राम सोने और 5 किलोग्राम चाँदी से बने कलश का दान किया था।

नव किशोर दास ने झारसुगुड़ा विधानसभा क्षेत्र से 2004 में पहली बार कॉन्ग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़े थे, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद 2009 में वे फिर कॉन्ग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़े और जीते। साल 2014 के चुनाव में भी दास कॉन्ग्रेस प्रत्याशी के रूप में जीत दर्ज की। साल 2019 के चुनाव से पहले वे बीजेडी विधायक चुने गए।

बीजेडी के वरिष्ठ नेता प्रसन्ना आचार्य ने कहा, “फोन पर खबर मिलने के बाद हम स्तब्ध हैं। इस हमले में कौन शामिल है और ऐसा क्यों हुआ, अभी यह कहना जल्दबाजी होगी। हम उनके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हैं। हम इस घटना की निंदा करते हैं और पुलिस विस्तृत जाँच करेगी।’

शांति से तिरंगा यात्रा निकाल रहे थे हिंदू, खालिस्तानियों ने तलवार लेकर किया हमला: ऑस्ट्रेलिया में बढ़ रहीं हिंदू विरोधी गतिविधियाँ, मंदिरों पर हुए थे हमले

ऑस्ट्रेलिया में खालिस्तानी गतिविधियाँ बढ़ती जा रहीं हैं। रविवार (29 जनवरी 2023) को मेलबर्न शहर के फेडरेशन चौक में खलिस्तान के समर्थन में जनमत संग्रह का आयोजन किया गया। इस जनमत संग्रह का विरोध करने के लिए भारतीयों ने तिरंगा लहराते हुए यात्रा निकाली। इस यात्रा में, खालिस्तान समर्थक हिंदुओं की ओर तलवार लेकर दौड़ते दिखाई दिए।

ऑस्ट्रेलियाई हिंदू मीडिया द्वारा शेयर किए गए वीडियो में देखा जा सकता है कि हिंदू शांतिपूर्ण ढंग से तिरंगा यात्रा निकाल रहे हैं। इस दौरान खलिस्तान समर्थक पहले तो खालिस्तानी झंडा लहराते हैं। लेकिन बाद में तलवार लेकर उनके पीछे दौड़ते दिखाई दिए।

ऑस्ट्रेलियाई हिंदू मीडिया ने एक अन्य ट्वीट में दावा किया है कि खालिस्तान समर्थकों ने भारतीयों पर हमला किया है। ट्वीट में कहा गया है, “विशेष तौर पर डिजाइन किए गए हथियार लेकर 30-40 खलोस्तानियों ने तिरंगे लेकर शांति पूर्ण रूप से चल रहे निहत्थे हिंदुओं पर हमला किया। हमला फेडरेशन चौक पर हुआ। विक्टोरिया पुलिस, आतंक से जुड़े इस पंथ को हिंसा के अपने ब्रांड का प्रदर्शन रोकने में असफल रही।”

बता दें कि ऑस्ट्रेलिया में हिंदू लगातार खालिस्तानियों के निशाने पर रहा है। बीते 20 दिनों के भीतर ही खालिस्तानियों ने 3 हिंदू मंदिरों में तोड़फोड़ करते हुए देश विरोधी और खलिस्तान के समर्थन में नारे लिख दिए थे।

खालिस्तानियों ने हिंदू मंदिर में पहला हमला 12 जनवरी को किया था। यह हमला मेलबर्न के BAPS स्वामीनारायण मंदिर में हुआ था। मंदिर में तोड़फोड़ करने के बाद खालिस्तानियों ने मंदिर की दीवार पर ‘हिंदुस्तान मुर्दाबाद’, ‘मोदी हिटलर है’ और ‘भिंडरावाले जिंदाबाद’ जैसे नारे लिखे थे।

इसके बाद खालिस्तानियों ने 16 जनवरी 2023 को मेलबर्न के ही कैरम डाउन्स में स्थित ऐतिहासिक श्री शिव विष्णु मंदिर (Shri Shiva Vishnu Temple) पर हमला किया था। तोड़फोड़ के बाद, मंदिर की दीवारों पर ‘टारगेट मोदी (मोदी को बनाओ निशाना)’, ‘मोदी हिटलर’ और ‘हिंदुस्तान मुर्दाबाद’ के नारे लिखे गए थे।

वहीं, तीसरा हमला मेलबर्न के ही अल्बर्ट पार्क इलाके में स्थित श्रीश्री राधा बल्लभ मंदिर में 22 जनवरी 2023 को हमला हुआ। इस मंदिर को इस्कॉन मंदिर भी कहा जाता है। हमले के बाद, मंदिर की दीवारों में ‘खालिस्तान जिंदाबाद’, ‘हिन्दुस्तान मुर्दाबाद’ के नारे लिखे गए। इसके अलावा, खालिस्तानी आतंकी भिंडरवाले को शहीद बताते हुए भी नारा लिखा गया।

बता दें कि जरनैल सिंह भिंडरांवाले एक खूँखार खालिस्तानी आतंकी था। वह 20,000 से अधिक हिंदू और सिखों की हत्या के लिए जिम्मेदार था। हालाँकि, अलगाववादी खालिस्तानी भिंडरांवाले को संत बताकर उसका महिमामंडन करते रहते हैं।

NCC कैडेट था अंकित, विदेश जाने का था सपना… मुस्लिम कट्टरपंथियों ने मार डाला: 6 हिरासत में, गोपालगंज में ड्रोन से निगरानी

बिहार के गोपालगंज जिले के बसडीला गाँव में कट्टरपंथी मुस्लिम भीड़ ने सब्जी खरीदने गए अंकित नाम के युवक की शुक्रवार (27 जनवरी, 2023) शाम को चाकू मार कर हत्या कर दी थी। मृतक के पिताजी के अनुसार, मस्जिद के पास तीन अन्य युवकों से उनके गाँव का नाम पूछकर तेज हथियारों से जानलेवा हमला कर दिया था। इनमें से एक हालत नाजुक है।

मृतक अंकित डीएवी स्कूल में पढ़ता था और वह NCC का कैडेट था। फरवरी में उसकी इंटरमीडिएट बोर्ड की परीक्षा थी। अंकित का सपना था कि वह इंटरमीडिएट की परीक्षा पास करने के बाद ITI करके विदेश कमाने जाएगा।

इस मामले में अंकित के पिता मोहन प्रसाद ने शहादत मियाँ, समशेर मियाँ, सोनू मियाँ, आरिफ मियाँ, मुन्ना मियाँ, सोनू मियाँ, आदिल अली, सुभान अहमद, अहमद अली और दिलशाद अली पर एफआईआर दर्ज करवाया है। उन्होंने हमले में महिलाओं समेत 30-35 लोगों के शामिल होने की बात कही है।

घटना के बाद शनिवार (28 जनवरी 2023) को पोस्टमार्टम कराकर शव जैसे ही गाँव में पहुँचा लोग आक्रोशित होकर हंगामा करने लगे। मृतक के परिजन शव को सड़क पर रखकर कर प्रदर्शन करने लगे। इस दौरान आरोपित पक्ष द्वारा मृतक के परिजनों और पुलिस पर पथराव कर दिया गया। हमले में कुछ पुलिस वालों को चोट लगी है। स्थिति को सँभालने के लिए पुलिस को बल का प्रयोग और हवाई फायरिंग करनी पड़ी।

पथराव में तीन पुलिसकर्मियों को चोट आई थी। डीएम नवल किशोर चौधरी और एसपी स्वर्ण प्रभात ने इलाके में फ्लैग मार्च कर लोगों से शांति रखने की अपील की है। डीएम ने कहा कि पुलिस दोषियों को भी लगातार कार्रवाई के लिए छापेमारी कर रही है। गाँव में जो बाहरी लोग हैं, उन्हें 15 मिनट के अंदर खाली करने का आदेश दिया गया।

स्थिति को देखते हुए गाँव के ज्यादातर संदिग्ध भूमिगत हो गए हैं। वहीं, उनके घर की महिलाएँ भी गायब हो गई हैं और माना जा रहा है कि वे अपने रिश्तेदारों के यहाँ चली गई हैं। हालात को देखते हुए इलाके में कई थानों की पुलिस फोर्स को तैनात किया गया है। निगरानी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस मामले में पुलिस ने 6 लोगों को हिरासत में लिया है। 

मीडिया रिपोर्ट की मानें तो कुछ दिन पहले क्रिकेट खेलने के दौरान पसरमा गाँव के अंकित कुमार और उनके दोस्तों का बसडीला गाँव के मुस्लिम युवकों के साथ विवाद हुआ था। हालाँकि, विवाद पंचायत स्तर पर सुलझा लिया गया था। शुक्रवार (27 जनवरी 2023) को अपने दोस्तों के साथ बसडीला बाजार से लौट रहा था।

अंकित और उसके दोस्तों को देखकर बसडीला गाँव के मुस्लिम युवकों ने मस्जिद के पास उन्हें घेर लिया और गाली-गलौज करने लगे। देखते-देखते विवाद बढ़ गया और चाकूबाजी होने लगी। आरोप है कि कट्टरपंथी मुस्लिम भीड़ ने दोस्तों के गाँव का नाम पूछ कर उन पर हमला कर दिया। इस हमले में अंकित और उसके दोस्त बुरी तरह घायल हो गए। इलाज के दौरान अंकित की मौत हो गई।

पसरमा गाँव के ही हरिओम, चंदन कुमार और शिवम कुमार इस हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। हरिओम की हालत नाजुक बताई जा रही है। उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद यूपी के गोरखपुर रेफर कर दिया गया है।

‘ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स में 80वें से 40वें स्थान पर कूदा भारत’: PM मोदी ने इस साल पहली बार की ‘मन की बात’, कहा – कश्मीर में पर्यटन के लिए जाइए, बदल गए हैं हालात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (29 जनवरी, 2023) एक बार फिर से देश की जनता से अपने ‘मन की बात’ (Mann Ki Baat) की। यह साल 2023 की पहली और कुल 97वीं मन की बात थी। इस एपिसोड में उन्होंने गणत्रंत दिवस, पद्म पुरस्कार, संस्कृति, कृषि और होने वाले जी-20 सम्मेलन की चर्चा की। इसी के साथ उन्होंने ई कचरे के समाधान की तरफ सोचने के लिए भी लोगों का ध्यान दिलाया। इस बार की ‘मन की बात’ में कश्मीर भी चर्चा के मुख्य केंद्र में रहा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से कश्मीर में पर्यटन के लिए जाने की अपील की। उन्होंने कहा कि कश्मीर में तेजी से बदलाव हुआ है और अब वहाँ युवाओं का खेलों और देश का नाम रोशन करने की होड़ मची हुई है।

PM नरेंद्र मोदी ने लोगों से भारत के गणतंत्र को मजबूत करने की अपील करते हुए हर किसी से इसमें अपनी भागीदारी तय करने की अपील की। उन्होंने मन की बात कार्यक्रम को गणतंत्र को मजबूती दे रहे सेनानियों की बुलंद आवाज बताया।

आगामी 2 फरवरी को ‘वर्ल्ड वेटलैंड्स डे’ की याद दिलाते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से इस दिन पशु-पक्षियों के लिए भी सोचने को कहा। इसी सम्बोधन में उन्होंने वेटलैंड्स को रामसर साइट्स घोषित करने लिए जरूरी मापदंडों को बताते हुए भारत में वेटलैंड्स के विस्तार का प्रयास कर रहे लोगों की तारीफ की। वेटलैंडस साइट उन जगहों को कहते हैं जहाँ दलदली मिट्टी जैसी जमीन पर साल-भर पानी जमा रहता है। यह जगह जलीय और जमीन पर रहने वाले दोनों जीवों के लिए जरूरी होती है।

PM मोदी ने ई कचरे के खतरे से लोगों को आगाह करते हुए हुए इसके समाधान की तरफ सोचने की जरूरत पर बल दिया। संयुक्त राष्ट्र संघ के आँकड़े पेश करते हुए मोदी ने बताया कि हर साल 50 मिलियन टन ई कचरा पैदा होता है ऐसे में ‘कचरे से कंचन’ की सोच के साथ इसका सदुपयोग करने की दिशा में सोचना चाहिए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कि साल 2015 में भारत गलोबल इनोवेशन की सूची में दुनिया में 80वें नंबर पर था जो वर्तमान में 40 अंकों के सुधार के साथ 40वें नंबर पर है। प्रधानमंत्री ने अपने ही देश में विश्वस्तरीय टेक्नोलॉजी विकसित करने की जरूरत पर बल दिया।

इन सभी बातों के अलावा मोदी ने मोटे अनाज के उत्पादक किसानों की तारीफ करते हुए कहा कि अब दुनिया इसका महत्व जानने लगी है। मोदी के मुताबिक मोटे अनाजों और योग दिवस में काफी समानताएँ हैं।

‘जुमे की नमाज के बाद पूरे शहर को जला देंगे’: मुस्लिम भीड़ ने खुलेआम धमकाया, हिन्दुओं को बताया ‘सूअर’ – MP के वीडियो पर कार्रवाई की माँग

मध्य प्रदेश के इंदौर में भड़काऊ नारे लगा कर साम्प्रदायिक हिंसा भड़काने की साजिश का मामला सामने आया है। आरोप है कि ये भड़काऊ नारे ‘सिर तन से जुदा’ गैंग ने लगाए हैं। वायरल हो रहे एक वीडियो में मुस्लिमों की भीड़ इंदौर को जला देने और कुछ लोगों के लिए सूअर शब्द का इस्तेमाल कर रही है। वीडियो में हिंसा के लिए जुमे की नमाज़ के बाद का समय खुलेआम तय किया जा रहा है। ‘विश्व हिन्दू परिषद (VHP)’ राष्ट्रीय प्रवक्ता ने वीडियो में दिखाई दे रहे आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है।

शनिवार (29 जनवरी, 2023) को विहिप प्रवक्ता विनोद बंसल ने 2 मिनट 2 सेकेंड का एक वीडियो ट्वीट किया है। इंदौर के बताए जा रहे इस वीडियो में भीड़ में एक व्यक्ति खुलेआम इंदौर को जलाने की धमकी दे रहा है। वहीं दूसरा व्यक्ति इसके लिए जुमे की नमाज़ का समय मुकर्रर कर रहा है। वीडियो बना रही सामने खड़ी भीड़ में किसी ने भी उन्हें रोकने या समझाने की कोशिश नहीं की उलटे उनकी बयानबाजी का उत्तेजक नारे लगा कर समर्थन किया। इस दौरान दूसरे धर्म के लोगों को सुअर और खुद को शेर जैसे शब्द भी बोले गए।

विनोद बंसल ने मध्य प्रदेश के गृहमंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा को टैग करते हुए भड़काऊ बयान दे रहे लोगों पर रासुका के तहत कार्रवाई की माँग की है। उनके इस पोस्ट पर कई अन्य यूजर भी वीडियो में दिख रहे लोगों पर एक्शन की माँग कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलिस ने इस वीडियो का संज्ञान लेते हुए केस दर्ज कर लिया है। मामले में 2 लोगों को आरोपित किया गया है जिन पर IPC की धारा 505,295 और 34 के तहत FIR दर्ज की है।

केस दर्ज होने के बाद दोनों आरोपित फरार हैं जिसमें से एक की लोकेशन अजमेर और दूसरे की रतलाम में मिलना बताया जा रहा है। पुलिस दोनों की तलाश कर रही है।

क्या है पूरा मामला

बताया जा रहा है कि 25 जनवरी, 2023 को हिन्दू संगठन के सदस्य इंदौर के कस्तूरी सिनेमा के आगे पठान फिल्म का विरोध कर रहे थे। इस दौरान आरोप है कि किसी व्यक्ति ने मुस्लिमों के पैगम्बर के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगाए। इस नारेबाजी का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो के आधार पर मुफ़्ती सैयद साबिर अली ने छत्रीपुरा थाने में तन्नू शर्मा नाम के व्यक्ति को मुख्य आरोपित करते हुए FIR दर्ज करवाई। पुलिस ने केस दर्ज कर के हिन्दू संगठन से जुड़े 7 आरोपितों को गिरफ्तार कर के जेल भेज दिया। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है।

इस नारेबाजी के विरोध में मुस्लिम समुदाय से जुड़े लोगों ने मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में हिंसक प्रदर्शन किया है। इस हिंसा में शामिल लोगों को पुलिस चिह्नित कर के गिरफ्तार भी कर रही है। इंदौर का वायरल वीडियो इसी हिंसक विरोध प्रदर्शन का हिस्सा बताया जा रहा है।

‘संविधान पीठ का फैसला मानने के लिए सरकार बाध्य’: सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज नरीमन ने कहा- जवाब के लिए दी जाए समय सीमा, फिर कर दी जाए नियुक्ति

जजों की नियुक्ति को लेकर कॉलेजियम और सरकार के बीच खींचतान जारी है। सरकार द्वारा बार-बारी अनुशंसित नामों को खारिज करने के बाद भी सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम उन्हीं नामों को भेज रहा है। हालाँकि, 11 दिन बीत जाने के बाद भी मोदी सरकार ने कॉलेजियम द्वारा भेजे गए नामों को स्वीकृत नहीं किया है। उधर, सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज ने कहा कि कॉलेजियम के नामों को स्वीकार करने के लिए सरकार बाध्य है।

दरअसल, ये सरकार और कॉलेजियम का मसला पाँच वकीलों के नाम को लेकर है, जिसे सुप्रीम कोर्ट जज बनाने पर अड़ा हुआ है, लेकिन सरकार इसके लिए तैयार नहीं है। इसके लिए सरकार ने रॉ (R&AW) और इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) का भी हवाला दिया, लेकिन कॉलेजियम सरकार के तर्क को मानने को तैयार नहीं है।

सरकार ने खुफिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा था कि वकील सौरभ कृपाल को जज नहीं बनाया जा सकता, क्योंकि वे गे हैं और उनका पार्टनर विदेशी है। सरकार ने कहा कि गे राइट को लेकर वे मुखर रहे हैं। ऐसे में उनके फैसलों में पूर्वाग्रह दिख सकता है।

कॉलेजियम जिन नामों को बार-बार भेज रहा है, इनमें सौरभ कृपाल भी शामिल हैं। कृपाल सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश बीएन कृपाल के बेटे हैं। इसके अलावा, इस सूची में अमितेष बनर्जी, शाक्य सेन, एस सुदरसन और आर जॉन साथ्यन शामिल हैं।

अमितेष जस्टिस यूसी बनर्जी के बेटे हैं। यूसी बनर्जी ने गोधरा ट्रेन अग्निकांड की जाँच की थी। बनर्जी ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि ट्रेन जलाने में किसी तरह की साजिश नहीं की गई। वहीं, शाक्य सेन इलाहाबाद हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश के बेटे हैं। सेन ने शारदा चिट फंड घोटाले की जाँच की थी।

कॉलेजियम द्वारा भेेजे गए इन नामों पर सरकार बार-बार आपत्ति दे रही है, लेकिन कॉलेजियम बार-बार इन्हीं नामों को भेज रहा है। इसके देखते हुए सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश रोहिंटन एफ नरीमन ने कहा कि कॉलेजियम सिस्टम की सिफारिशों पर सरकार द्वारा जवाब देने की समय-सीमा तय होनी चाहिए।

नरीमन ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट को एक संविधान पीठ का गठन करना चाहिए। यह पीठ सरकार को कॉलेजियम की सिफारिश पर जवाब देने की 30 दिन की समय सीमा तय करेगी। वर्तमान में कॉलेजियम की सिफारिश पर किसी आपत्ति की स्थिति में सरकार के जवाब देने की समय सीमा तय नहीं की गई है।

जस्टिस नरीमन ने कहा कि यदि एक बार कॉलेजियम द्वारा सरकार को नाम भेज दे और तय समय सीमा में सरकार कोई जवाब ना तो मान लिया जाना चाहिए कि सरकार को आपत्ति नहीं है। कानून मंत्री पर कटाक्ष करते हुए जस्टिस नरीमन ने कहा, “एक बार पाँच या उससे अधिक जजों ने संविधान की व्याख्या कर ली, तो यह अनुच्छेद 144 के तहत एक प्राधिकरण के रूप में आपका कर्तव्य है कि आप उस निर्णय का पालन करें।”

गौरतलब है कि 1993 के सेकेंड जजेज केस, जिससे कॉलेजियम सिस्टम की शुरुआत हुई, उसमें कहा गया है कि यदि कॉलेजियम नामों को दोहराता है तो सरकार को उसे मानना होगा। हालाँकि, इसे सरकार इसे फैसला भर मानती है, जबकि नियुक्ति को प्रशासनिक मामला।

कानून मंत्री जजों की नियुक्ति और कॉलेजियम सिस्टम में सुधार की लगातार वकालत करते रहे हैं। उनका तर्क है कि जजों की नियुक्ति प्रशासनिक काम है और यह सरकार के जिम्मे है। कॉलेजियम पर भाई-भतीजावाद का भी आरोप है। इस संबंध में रिजिजू ने कुछ दिन पहले सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड को पत्र भी लिखा था। हालाँकि, CJI ने इसे खतरनाक प्रक्रिया बताया था।

बता दें कि साल 2015 में नेशनल ज्यूडिशियल अपॉइंटमेंट कमीशन एक्ट (NJAC) लाया गया था। इसमें जजों की नियुक्ति को लेकर कई बदलावों की बात थी। इसके मुताबिक NJAC की अगुआई सीजेआई को करनी थी। इनके अलावा 2 सबसे वरिष्ठ जजों को रखा जाना था और साथ में कानून मंत्री और प्रतिष्ठित लोगों को इसमें शामिल करने का सिस्टम इस एक्ट में दिया गया था। 

ऐसे ही NJAC में प्रतिष्ठित लोगों का चयन प्रधानमंत्री, नेता विपक्ष और CJI के पैनल को करने की व्यवस्था थी। मगर अक्टूबर 2015 में सुप्रीम कोर्ट की 5 जजों ने इसे असंवैधानिक करार दे दिया। अब सीजेआई को लिखे गए पत्र को नए NJAC के तौर पर देखा जा रहा है।

64 साल के बॉयफ्रेंड से खर्च कराए ₹2 लाख, फिर बूढ़ा बता शादी से किया इनकार: कोर्ट ने लड़की से कहा – लौटाओ ₹2 लाख 28 हजार

अफ्रीकी देश युगांडा की एक अदालत ने अपने बॉयफ्रेंड से ब्रेकअप करने वाली लड़की को जुर्माना भरने की सजा सुनाई है। जुर्माने के तौर पर लड़की को अपने पूर्व प्रेमी को $2,800 (2800 अमेरिकी डॉलर, लगभग 2 लाख 28 हजार रुपए) देने के लिए कहा गया है।

कोर्ट ने अपने आदेश में यह माना है कि लड़की द्वारा पूर्व प्रेमी से रिश्ता तोड़ने के बाद उसे मनोवैज्ञानिक पीड़ा और जीवन जीने में असुविधा हुई। यह फैसला बुधवार (25 जनवरी 2023) को सुनाया गया है। हालाँकि युगांडा में महिला अधिकारों का समर्थक गुट कोर्ट इस इस फैसले को गलत बता रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला पश्चिमी युगांडा के कानूनगु का है। यहाँ मजिस्ट्रेट चार्ल्स मुकोबी की अदालत में 64 साल के रिटायर्ड टीचर रिचर्ड तुम्विन ने केस दायर करते हुए खुद से लगभग 30 साल छोटी क्यारीकुंडा नाम की लड़की पर खुद को धोखा देने का आरोप लगाया था। पीड़ित ने कोर्ट में बताया था कि क्यारीकुंडा उसकी पूर्व मंगेतर थी। आरोपों में इस बात का भी जिक्र था कि रिचर्ड तुम्विन ने क्यारीकुंडा की डिप्लोमा इन लॉ की पढ़ाई के लिए अपने पास से 2,560 अमेरिकी डॉलर (लगभग 2 लाख 8 हजार रुपए) खर्च किए थे।

रिचर्ड ने अपनी शिकायत में आगे बताया कि उसे पहले रिश्तेदारों और दोस्तों द्वारा धोखा मिला और बाद में उसकी मंगेतर ने भी वही किया। दोनों की पहली मुलाकत साल 2015 में उस स्कूल में हुई थी, जहाँ रिचर्ड टीचर थे।

बताया गया है कि साल 2018 तक दोनों शादी के लिए तैयार थे। फरवरी 2022 में दोनों की शादी भी तय थी। लेकिन ऐन मौके पर लड़की ने अपने प्रेमी को बूढ़ा बताते हुए शादी से इंकार कर दिया। कोर्ट में रिचर्ड ने बताया है कि उनकी मंगेतर के इस व्यवहार से उनके दिल में कभी न खत्म होने वाली चोट लगी है। रिचर्ड के अनुसार इस धोखे के बाद उनका जीवन थम सा गया है।

पूरी सुनवाई के दौरान रिचर्ड की पूर्व प्रेमिका फॉर्च्यूनेट क्यारीकुंडा मौजूद नहीं रहीं। क्यारीकुंडा ने कोर्ट में अपना पक्ष भी नहीं रखा। कोर्ट ने सुनवाई के बाद आदेश दिया है कि आरोपित की गईं फॉर्च्यूनेट क्यारीकुंडा पीड़ित रिचर्ड तुम्विन को 2,800 अमेरिकी डॉलर जुर्माने के तौर पर लौटाए। इस जुर्माने में पीड़ित रिचर्ड को हुई मानसिक पीड़ा के लिए भी $ 271 (271 अमेरिकी डॉलर) जोड़ लिया गया है।

कोर्ट के इस फैसले का युगांडा में ही विरोध हो रहा है। वहाँ की पूर्व मंत्री और महिला अधिकारों की प्रमुख कार्यकर्ता मिरिया माटेम्बे ने इसे एकतरफा फैसला बताते हुए पुरुषवादी आदेश कहा है।

नाच मेरी बुलबुल तो खाना मिलेगा: राशन के बदले किन्नर को सरकारी ऑफिस में नचाया, पाकिस्तान में गैस सिलिंडर 10000 रुपए में

मजहब के नाम पर भारत से अलग मुल्क बना पाकिस्तान (Pakistan) अपनी नीतियों और कर्मों से कंगाली के कगार पर पहुँच गया है। हालात ये गए हैं कि आम जनता वहाँ दाने-दाने के लिए मोहताज हो गई है। वहीं, भ्रष्ट सरकारी अधिकारी इसका भी फायदा उठाने से बाज नहीं आ रहे हैं।

पाकिस्तान का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें एक किन्नर को राशन देने के बदलने वहाँ के सरकारी अधिकारी अपने ऑफिस में उससे नाच करा रहे हैं। यह वीडियो गुजरावालां का बताया जा रहा है। किन्नर ने बताया कि राशन के बदले उसे नाचने के लिए मजबूर किया गया। वीडियो वायरल होने के बाद जाँच के आदेश दे दिए गए हैं। हालाँकि, जिस अधिकारी पर यह आरोप लगा है, वह इससे इनकार कर रहा है।

हालाँकि, पाकिस्तान की बदहाल अर्थव्यवस्था का यह पहला नमूना नहीं है। इसका नमूना वहाँ खाने-पीने के सामान से लेकर अन्य घरेलू चीजों की आसमान छूती कीमतों से देखने को मिल रहा है। सोना तो वहाँ के लिए सपना बन गया है। पाकिस्तान में अब 2 लाख रुपए प्रति तोला मिल रहा है। यानी 10 ग्राम सोना लेने के लिए 2 लाख पाकिस्तानी रुपए से ज्यादा देने होंगे।

सोना तो सोना, आटा-दाल तक लोगों की बस के बाहर होते जा रहे हैं। पाकिस्तान में सरसों का तेल 553 रुपए लीटर, दूध 150 रुपए लीटर, आटा 150 रुपए किलो और चावल 147 रुपए किलो मिल रहा है। वहीं, कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत 10,000 रुपए तक पहुँच गई है।

पिछले सप्ताह तक पाकिस्तान में महंगाई की दर लगभग 32 प्रतिशत तक पहुँच गई है। पिछले साल के मुकाबले इस साल पाकिस्तान में प्याज 482 प्रतिशत महंगा हो गया है। चाय पत्ती 65 फीसदी महंगी, अंडे 64 फीसदी और नमक तक 50 फीसदी महंगा हो चुका है। चिकेन की कीमत दोगुनी से भी अधिक पहुँच गई है।पाकिस्तानी रुपया एक डॉलर के मुकाबले 268.50 रुपए के सर्वकालिक निम्न स्तर पर है।

पिछले साल प्याज 35 रुपए किलो मिलता था, अब 225 रुपए किलो मिल रहा है। बीते साल 210 रुपए किलो मिलने वाला चिकन 390 रुपए किलो तक पहुँच गया। नमक भी 33 रुपए से बढ़कर 50 रुपए पहुँच गया है।

पाकिस्तान में अब लोगों के लिए पेट भरना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में हर तरफ अफरा-तफरी और मारा-मारी मची हुई है। अब लूट-मार और छीना-छपटी की स्थिति पहुँच गई है। सेना के अड्डे भी सुरक्षित नहीं रह गए हैं। हाल ही में कुछ लोगों ने सेना के हेडक्वार्टर की पोल्ट्री फार्म को लूट लिया। करीब 12 लोग हथियारों से लैस होकर आए और कर्मचारियों को बंधक बना लिया। इसके बाद 30 लाख रुपए की 5,000 मुर्गियाँ लूट लिए।

कहा जा रहा है कि पाकिस्तान को अगर कहीं से मदद नहीं मिली तो वह मई 2023 तक दिवालिया हो जाएगा। विदेशी एजेेेंसियों ने भी मदद के बदले पाकिस्तान से अपनी नीतियों में आवश्यक सुधार करने के लिए कहा है। पाकिस्तान में हालात ये हो गए हैं कि पेमेंट के लिए उसके पास अब विदेशी मुद्रा नहीं है। बंदरगाहों पर विदेशी कंटेनर पड़े हैं, लेकिन उनका पेमेंट करने के लिए उसके पास पैसे नहीं है।

बिजली और ऊर्जा संकट के कारण पाकिस्तान पहले ही संकटों में है। उसने बाजारों और मॉल को रात 8 बजे बंद करने का आदेश जारी किया है। चाय की खपत को रोकने के लिए वहाँ के मंत्री आग्रह कर चुके हैं। यही नहीं, अब तो वित्त मंत्री को अल्लाह का भरोसा रह गया है। उन्होंने कहा कि मजहब के आधार पर अल्लाह ने पाकिस्तान को बनाया है और अब वही इसे पालेगा।