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अब अलीगढ़ के मकानों में आने लगी दरार, लोगों को किया जा रहा शिफ्ट: इधर जोशीमठ में रात गुजारेंगे CM धामी, पीड़ितों से मिलेंगे और राहत कार्य की करेंगे निगरानी

उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी जोशीमठ पहुँच चुके हैं। सीएम धामी बुधवार (11 दिसंबर, 2022) की रात जोशीमठ में हीं ठहरेंगे। इस दौरान सीएम प्रभावित परिवारों को उपलब्ध कराई जा रही सहायता और किए गए राहत व बचाव कार्यों का जायजा लेंगे। जोशीमठ पहुँचने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रभावित लोगों से मुलाकात की और प्रभावित इलाकों का दौरा किया।

जोशीमठ पहुँचे सीएम पुष्कर धामी ने साफ किया कि इलाके की सभी इमारतों को नहीं तोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि सिर्फ 2 होटलों के तोड़े जाने की बात थी उस पर भी सभी की सहमति के बाद ही कार्रवाई होगी। सीएम धामी ने कहा कि प्रभावित लोगों को उचित मुआवजा देने के लिए कमेटी का गठन कर दिया गया है। प्रभावित लोगों को फिलहाल डेढ़ लाख रुपए की मदद दी जाएगी। शिफ्टिंग में आने वाले खर्च के लिए 50 हजार रुपए और मुआवजे के एडवांस के तौर पर एक लाख रुपए दिए जाएँगे। फाइनल मुआवजा बाद में तय किया जाएगा।

सीएम ने पत्रकारों से कहा कि पारिस्थितिकी और अर्थव्यवस्था के बीच संतुलन बनाया जाएगा। तेज गति से हो रहे विकास कार्यों को धीमा किया जाएगा। साथ ही शहरों के धारण क्षमता का अनुमान लगाया जाएगा। क्षमता से अधिक हुए निर्माण कार्यों को तत्काल रोका जाएगा। अपने सारे कार्यक्रम रद्द कर जोशीमठ पहुँचे सीएम धामी ने कहा कि यह कहा जाना कि पूरे उत्तराखंड पर खतरा है यह सही नहीं है। सीएम ने पत्रकारों को जानकारी दी कि जेपी कॉलोनी में फूटे पानी के फव्वारे की रफ्तार धीमी पड़ी है। जो अच्छा संकेत है। बता दें कि 2 जनवरी, 2023 को जोशीमठ के इस हिस्से में मटमैले पानी की एक जलधारा फूट पड़ी थी।

आपको बता दें कि जोशीमठ पर केंद्रीय नेतृत्व नजर बनाए हुए हैं। गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री पुष्कर धामी से फोन पर जोशीमठ में जारी राहत और बचाव काम व ताजा हालात की जानकारी ली। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी मुख्यमंत्री धामी से बातचीत की है।

साधु संतों ने भी मदद का आश्वासन दिया

जोशीमठ पर आए संकट को लेकर साधु-संतो ने भी मदद का आश्वासन दिया है। इस बात की जानकारी उत्तराखंड वन विकास निगम के अध्यक्ष कैलाश गहतोड़ी ने दी। दरअसल कैलाश गहतोड़ी ने हरिद्वार के गरीबदास आश्रम पहुँचकर साधु-संतो से मुलाकात की। इस दौरान साधु संतों ने यथासंभव मदद का आश्वासन दिया। इसके पहले अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की तरफ से भी कहा गया था कि अखाड़ा परिषद और संत समाज अपनी ओर से प्रभावितों की यथासंभव मदद करेगा।

टिहरी और अलीगढ़ के घरों में भी पड़ी दरार

जोशीमठ के बाद कर्णप्रयाग और टिहरी में भी मकानों में दरारें देखी जा रही हैं। कर्णप्रयाग से 27 भवनों में दरारें पड़ने की खबरें सामने आई हैं। प्रशासन और आईआईटी रुड़की की टीम दरारों की जाँच कर रही है। प्रशासन को सर्वे की रिपोर्ट का भी इंतजार है। उधर टिहरी के चंबा इलाके में बने घरों और इमारतों में दरारें देखी गई हैं। दरार पड़ने से स्थानीय लोग परेशान हैं। उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से भी ऐसा ही मामला सामने आया है। अलीगढ़ के कनवरीगंज के 5 मकानों में दरार आई है।

अलीगढ़ नगर निगम की टीम मौके पर पहुँच चुकी है और प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा गया है। नगर निगम के चीफ इंजीनियर सतीश चंद्र ने जानकारी दी है कि हम लोग घरों में आई दरारों की जाँच कर रहे हैं।

अमेरिका में 3700 फ्लाइट्स में देरी से भगदड़ की स्थिति, जमीन पर पड़े रहे कई विमान: जानिए क्या होता है NOTAM, जिसके फेल होने से ठप्प हुआ एयर ट्रैफिक

अमेरिका के ‘Federal Aviation Administration (FAA)’ के सर्वर आउटेज के कारण लगभग 3700 फ्लाइट्स देरी का शिकार हुए हैं। व्हाइट हाउस ने किसी प्रकार के साइबर हमले के सबूत होने से फ़िलहाल इनकार किया है। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बायडेन को इस समस्या के बारे में बताया गया है। ट्रांसपोर्टेशन सेक्रेटरी ने उन्हें पूरी घटना से अवगत कराया। इसके बाद उन्होंने FAA को नियमित अपडेट देने के साथ-साथ ट्रांसपोर्टेशन विभाग को मामले की गहन जाँच करने के आदेश दिए।

हालाँकि, अब FAA ने कहा है कि कुछ घंटों के आउटेज के बाद धीरे-धीरे सामान्य ट्रैफिक संचालन को पूरे अमेरिका में फिर से शुरू किया जा रहा है। इस समस्या का कारण क्या था, इसकी अभी भी जाँच चल रही है। वहीं अब सारे फ्लाइट्स को ग्राउंड पर रखने के निर्णय को वापस ले लिया गया है। ‘नोटिस टू एयर मिशन सिस्टम्स’ (NOTAM) डाउन होने के कारण फ्लाइट्स में देरी हुई। इसके बाद सारे फ्लाइट्स को ग्राउंड पर रहने के निर्देश दिए गए थे।

अब पूरे अमेरिका में और देश से गुजरने वाले फ्लाइट्स के कई टिकट्स कैंसल हुए हैं। इससे यात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पूरे अमेरिका में इससे भगदड़ की स्थिति सी बन गई। ‘एयर इंडिया’ ने भी जानकारी दी है कि वो अमेरिकी प्रशासन से संपर्क में है। NOTAM असल में के फेल होने से ये समस्या आई, लेकिन उससे पहले जारी किए गए NOTAMs को देखा जा सकता था। असल में ये एक प्रकार का नोटिस होता है, जो विमान में उपस्थित क्रू को दिया जाता है।

इस सिस्टम के तहत किसी भी प्रकार की स्थिति की रियल टाइम सूचना दी जाती है। इसके तहत संचार व्यवस्था को और सटीक बनाने के लिए एक विशेष प्रकार के लैंग्वेज का इस्तेमाल किया जाता है। फ्लाइट संचालन में किसी भी प्रकार की देरी हो या फिर कोई बदलाव हो, तो उसकी सूचना इसी के माध्यम से आती है। एयर ट्रैफिक कंट्रोल या रनवे संबंधित जानकारियाँ इसमें हो सकती हैं। इसके जारी होने से मुसीबत को लेकर फ्लाइट के क्रू तैयार रहते हैं।

‘फातिमा’ बन राखी सावंत ने किया निकाह, पर शौहर होने से इनकार कर रहा आदिल: बोली अभिनेत्री- उसका किसी और से चक्कर…

‘बिग बॉस’ फेम और अपने बयानों के लिए सुर्खियाँ बटोरने वाली राखी सावंत की शादी एक बार फिर से मुश्किल में है। बताया जा रहा है कि उन्होंने जुलाई 2022 में अपने बॉयफ्रेंड आदिल खान दुर्रानी से निकाह किया था। सोशल मीडिया पर अब दोनों की एक तस्वीर वायरल हो रही है, जिसमें राखी अपने ब्वॉयफ्रेंड आदिल खान दुर्रानी के साथ नज़र आ रही हैं। तस्वीर में देखा जा सकता है कि राखी और दुर्रानी के गले में माला है और दोनों कोर्ट मैरिज से संबंधित दस्तावेज पकड़े हुए हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, अब आदिल ने निकाह वाली बात से इनकार कर दिया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, राखी ने निकाह की बात खुद कबूल की है। राखी का कहना है कि सात महीने पहले ही उन्होंने आदिल से कोर्ट मैरिज और निकाह किया था। बकौल राखी, उनकी शादी ठीक नहीं चल रही है और उन्हें शक है कि आदिल का चक्कर ‘बिग बॉस’ मराठी की किसी प्रतिभागी से चल रहा है। राखी का कहना है कि एक तरफ उनकी माँ ब्रेन ट्यूमर से जूझ रही है, इस वजह से भी वह काफी परेशान है। राखी का यह भी कहना है कि आदिल ने उन्हें निकाह की बात को छिपा कर रखने को कहा था।

इससे पहले बॉलीवुड के फोटोग्राफर ‘विरल भयानी’ ने राखी सावंत और आदिल की फोटो इंस्टाग्राम पर डाली थी और दोनों को शादी की बधाई दी थी। इसके साथ ही उन्होंने कहा फोटो के कैप्शन में लिखा था कि दोनों ने गुपचुप तरीके से शादी कर ली है। तस्वीर देखकर पता लगता है कि दोनों ने शादी के लिए भारी-भड़कम ड्रेस नहीं पहने हैं। राखी ने लाल सूट पहनी है। वहीं आदिल ने ब्लैक शर्ट और ब्लू जींस पहनी हुई है।

एक अन्य तस्वीर में राखी वेडिंग सर्टिफिकेट साइन करती नजर आ रही हैं। हालाँकि, दूसरी तस्वीर देखकर लगता है कि शादी का रजिस्ट्रेशन दोनों ने पिछले साल ही करवा लिया था और तस्वीरें अब ऑनलाइन सामने आई हैं। प्रमाण पत्र में दोनों की शादी की तारीख 2 जुलाई, 2022 है। साथ ही इसमें राखी सावंत का नाम ‘फातिमा’ दिख रहा है। इस्लामी निकाह में लड़की दूसरे धर्म की हो तो धर्मांतरण ज़रूरी होता है और उसे नया उर्दू नाम दिया जाता है – ऐसा सामान्यतः देखा जाता है।

राखी मैरेज सर्टिफिकेट साइन करते हुए

आपको बता दें कि राखी सावंत ने इससे पहले बिजनेसमैन रितेश से शादी की थी और राखी ने उस शादी को भी बहुत दिनों तक छिपा कर रखा था। राखी सावंत गायक मीका सिंह के साथ अपने विवाद के बाद सुर्ख़ियों में आई थीं। तब से, अपने व्यवहार और कई मुद्दों पर अपनी राय रखने के लिए सुर्खियों में बनी रहती हैं।

राखी ‘NDTV इमेजिन’ पर प्रसारित होने वाले रियलिटी शो ‘राखी का स्वयंवर’ का भी हिस्सा थीं। इसके फिनाले में, राखी सावंत ने टोरंटो के एक कनाडाई व्यवसायी इलेश परुजनवाला (Elesh Parujanwala) को तीन फाइनलिस्टों में से अपने भावी दूल्हे के रूप में चुना था। वहीं राखी ‘बिग बॉस’ के सीजंस में भी नज़र आ चुकी हैं और अपने विवादित बयानों की वजह से सुर्खियाँ भी बटोर चुकी हैं।

कहने को किसान, कर रहे वसूली: पंजाब के 13 टोल प्लाजा पर कब्जा, NHAI ने HC से लगाई सुरक्षा की गुहार, बताया- रोज हो रहा ₹1.33 करोड़ का नुकसान

पंजाब के कथित किसान प्रदर्शनकारियों से अपने कर्मचारियों की सुरक्षा की गुहार भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने लगाई है। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट को बताया है कि उसके 13 टोल प्लाजा पर प्रदर्शनकारियों ने कब्जा कर रखा है। वे वसूली कर रहे हैं। इससे रोजाना करीब 1.33 करोड़ रुपए का नुकसान होने की बात कही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रदर्शनकारियों ने अमृतसर, जालंधर, फिरोजपुर, तरनतारन, होशियारपुर, पठानकोट, कपूरथला और बरनाला के टोल प्लाजों को बंद करवा रखा है। याचिका में NHAI ने कहा है कि कई जगहों पर प्रदर्शनकारी आने-जाने वालों से अवैध वसूली कर रहे हैं। इस संबंध में प्रशासनिक अधिकारियों से कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई फायदा होने की बात कही है। इसके चलते याचिका में NHAI ने पंजाब के DGP सहित 8 जिलों कमिश्नरों को भी प्रतिवादी बनाया है।

याचिका में NHAI ने इस प्रदर्शन से हो रहे नुकसान का भी आँकड़ा पेश किया है। प्राधिकरण के मुताबिक 17 दिसम्बर 2022 से 4 जनवरी 2023 तक 13 टोल प्लाजा बंद होने के कारण उसे लगभग 26 करोड़ 60 लाख रुपए का नुकसान हो चुका है। विरोध प्रदर्शन के चलते उसे हर दिन 1.33 करोड़ रुपए का नुकसान उठाना पड़ रहा है। NHAI की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता चेतन मित्तल पेश हुए। प्राधिकरण ने आर्थिक नुकसान रोकने और कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए उच्च न्यायालय से दखल की अपील की।

सुनवाई के दौरान जस्टिस विनोद भारद्वाज ने इसे जनहित का बड़ा और गंभीर मुद्दा माना है। उन्होंने कहा कि अपनी माँगों को मनवाने के लिए अब रेल मार्ग, सड़क मार्ग और टोल को रोकना एक चलन जैसा बन गया है। इसे व्यापक जनहित का मसला बताते हुए उन्होंने याचिका इसे मुख्य न्यायाधीश की अदालत में रेफर कर दिया।

गौरतलब है कि यह धरना किसान संघर्ष कमेटी के बैनर तले चल रहा है। विरोध की वजह बताते हुए कमेटी के महासचिव सरवन सिंह पंढेर ने कहा है कि पंजाब सरकार ने फसलों का नुकसान होने पर 17 हजार रुपए प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा देने का ऐलान किया था। लेकिन अब वह इससे पीछे हट रही है। उन्होंने राज्य सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया है।

72 बैंक अकाउंट, दुनिया भर से आ रहे थे पैसे, UP में खुल रहे थे ‘यीशु दरबार’: नैनी एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी से भी जुड़े ईसाइयत की प्रचार के तार

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में ईसाई धर्मांतरण के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। बताया जा रहा है कि धर्म-परिवर्तन के लिए न सिर्फ अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा बल्कि पाकिस्तान से भी पैसे भेजे गए हैं। इन पैसों से न सिर्फ जिले और प्रदेश बल्कि देश के कई हिस्सों में ‘येशु दरबार’ खोले गए हैं। पुलिस ने अब तक 72 बैंक खातों का भी पता लगाया है जिसमें पैसे भेजे जा रहे थे। इस नेटवर्क के तार प्रयागराज के नैनी एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी से जुड़े पाए गए हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘नैनी एग्रिकल्चर यूनिवर्सिटी’ के बोर्ड मेंबर डॉ आईज़क फ्रेंक ने केस की जाँच कर रहे इंस्पेक्टर अमित मिश्रा के आगे अपने बयान दर्ज करवाए हैं। उन्होंने कबूल किया है कि यूनिवर्सिटी के कुलपति, उप कुलपति के साथ मैनेजिंग डॉयरेक्टर ने भी ईसाईयत के प्रचार के लिए विदेशों से पैसे मँगवाए हैं। इन सभी को अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा और पाकिस्तान से अब तक 60 करोड़ रुपए से ज्यादा फंडिंग की जानकारी सामने आई है।

दरअसल, इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब 15 अप्रैल, 2022 को फतेहपुर के हरिहरगंज इवेंजलिकल चर्च में एक सामूहिक धर्मांतरण के बारे में पता चला था। इस मामले में कुल 56 लोगों पर FIR दर्ज हुई थी। बाद में इसकी जाँच उत्तर प्रदेश की ATS को मिली थी, जिसने अपनी जाँच में पाया कि धर्मांतरण के तार प्रयागराज नैनी सैम हिग्गिनबॉटम यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर टेक्नालॉजी एंड साइंस (शुआट्स) से जुड़े थे। जाँच में यूनिवर्सिटी के सीनियर लेवल के अधिकारी शामिल पाए गए थे।

पुलिस ने अपनी कार्रवाई को गति देते हुए यूनिवर्सिटी के कुलपति जॉटी आलिवर, उप कुलपति आरबी लाल और मैनेजिंग डायरेक्टर विनोद बी लाल सहित कुल 4 लोगो को नोटिस जारी किया था। इन सभी के बयान पुलिस को संतोषजनक नहीं लगे जिसके बाद चारों को धर्मांतरण के इस केस में आरोपित किया गया। इसी यूनिवर्सिटी के बोर्ड मेंबर डॉ आईज़क फ्रेंक स्वतंत्र गवाह बन गए। उन्होंने पुलिस के आगे अपने बयान दर्ज करवाए।

फ्रेंक ने पुलिस को बताया कि 5 साल पहले एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के निदेशक विलसन किसपोटा थे जिनके बैंक खाते में 24 करोड़ रुपए जमा थे। इस पैसे को वाइस चांसलर के साथ सोसाइटी के डायरेक्टर रंजन जान और स्टीफन दास ने धोखाधड़ी से हड़प लिया था। मामले की शिकायत तब पुलिस में हुई थी और तीनों आरोपित 31 अक्टूबर, 2018 को जेल भी गए थे। गवाह बने डॉ आईज़क फ्रेंक ने पुलिस को यह भी बताया कि अमेरिका से आए 5 लाख डॉलर से लखनऊ, मिर्जापुर, बंगलूर, रुड़की, अजमेर और इटावा में ‘येशु दरबार’ खोले गए थे।

पुलिस ने विदेशों से पैसे मँगाने वाले 72 बैंक खातों की जानकारी अब तक जुटा ली है। इसमें कनाडा के बिशप फिल की पत्नी डायना द्वारा लगभग 5 करोड़ रुपए भेजा जाना पाया गया। इन पैसों से रायबरेली जिले में थिथियोलॉजी का एक संस्थान खोला गया। बताया जा रहा इस संस्थान का मकसद ईसाईयत का प्रचार-प्रसार था। इसके अलावा पाकिस्तान के सियालकोट से भी पैसे आने की जानकारी सामने आई है। विदेशी पैसे मँगाने के लिए IDBI बैंक, बैंक ऑफ़ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक आदि के खातों का प्रयोग हुआ है।

जानकारी यह भी सामने आई है कि प्रयागराज की एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी में चंगाई सभाएँ भी आयोजित करवाई जाती रहीं हैं।

लाल किले में ‘जय हिंद’ के दौरान लहराया भगवा, दिखी भारतीयता और वीरता: बोले अमित शाह- इतिहास से सीखे बिना महान राष्ट्र की रचना संभव नहीं

दिल्ली के लाल किले में ‘जय हिंद’ नाम से लाइट और साउंड शो का आयो​जन किया गया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार (10 जनवरी 2022) को इसका उद्धाटन किया। इस दौरान लाल किले में भगवा लहराता दिखा। इस शो में भारतीय इतिहास और ​वीरता को प्रदर्शित किया गया।

शो का उद्घाटन करने के बाद केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि देश के इतिहास को नई तकनीकों के माध्यम से युवा पीढ़ी के सामने रखने का संस्कृति मंत्रालय का यह प्रयास सराहनीय है। यह शो देश के समृद्ध इतिहास की जानकारी देने के साथ देशवासियों में राष्ट्रप्रेम की भावना को और मजबूत करेगा।

इस दौरान शाह ने कहा कि जो इतिहास से नहीं सीखते वे महान देश की रचना नहीं कर सकते। ‘जय हिंद’ लाल किले के इतिहास से लेकर 17वीं सदी से आजादी तक के संघर्षों व वीरता की कहानियों से लोगों को परिचित करवाता है। उन्होंने कहा, “इस शो में एक घंटे से भी कम के समय में शानदार तरीके से भारत का इतिहास समेटा गया। आजादी के अमृतवर्ष में ये कार्यक्रम हुआ। इस तरह के कार्यक्रम को देशभर में करना चाहिए।”

शाह ने स्वतंत्रता मिलने के बाद 75 वर्षों में देश द्वारा हासिल की गई उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि अगले 25 साल भारत के 130 करोड़ लोगों के सामूहिक प्रयासों ये भारत को दुनिया में शीर्ष पर देखने का है।

उन्होंने कहा, “यह देश सोने की चिड़िया रहा है। पूरी दुनिया के लोग यहाँ कला, विज्ञान, मेडिकल साइंस, अनेक भाषाएँ, यहाँ पर शासन की विधाएँ हर चीज को सीखने के लिए आते थे। तक्षशिला हो, नालंदा हो, वि​क्रमादित्य हो अनेक विद्यापीठ विश्वभर के विद्यार्थियों के लिए आकर्षण का केंद्र बने। मुझे लगता है कि अब ज्यादा समय बिगाड़ने की जरूरत नहीं है। मोदी जी ने आजादी के अमृत महोत्सव से आजादी की शताब्दी तक एक 25 साल के कालखंड को अमृतकाल के नाम से हम सबके सामने सं​कल्पित कराया है। विश्व में सर्वप्रथम बनाने का लक्ष्य मोदीजी ने रखा है। ऊर्जा से देश आगे बढ़ रहा है। भारत सर्वप्रथम और भारत सबसे प्रथम का लक्ष्य है। देश भर के ऐतिहासिक स्थानों को लाल किले की तरह प्रेरणा स्थान होना चाहिए।”

इस कार्यक्रम के माध्यम से मराठों के उदय, 1857 का स्वतंत्रता संग्राम, भारतीय राष्ट्रीय सेना का उदय, आईएनए के परीक्षणों समेत भारत के इतिहास के प्रमुख प्रसंगों को जीवंत किया गया। लाइट और साउंड शो में अंत में 400 साल के इतिहास को बेहतर तरीके से बताया और दिखाया गया है। यह भी बताया गया कि आज से 5000 साल पहले यहाँ कुछ दूर पांडवों की राजधानी थी।

हिंदू बन महिला के करीब आया शोएब खान, दावा- गोमांस खिलाया, दो महीने बंधक बनाकर रखा: दिल्ली का मामला

दिल्ली पुलिस ने शोएब खान नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। उस पर एक हिंदू महिला ने शीनू बनकर झाँसा देने, रेप और गोमांस खिला दो महीने तक बंधक बनाकर रखने का आरोप लगाया है। रविवार (8 जनवरी 2023) को महिला ने पुलिस से इस संबंध में शिकायत की थी। शोएब के परिजनों पर केस वापस लेने के लिए पीड़िता को धमकी देने का भी आरोप है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला दिल्ली के सुल्तानपुरी का है। यहाँ रहने वाली पीड़िता ने मूल रूप से मुरादाबाद निवासी शोएब खान के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है। पीड़िता की शादी साल 2005 में हो गई थी। वह 2 बच्चों की माँ है। साल 2018 में पीड़िता पति के साथ हैदराबाद से दिल्ली आई थी। लेकिन आपसी विवाद के कारण मामला तलाक तक पहुँच गया।

इसी दौरान पीड़िता एक दिन दिल्ली की एक क्लिनिक में दवा लेने गई। वहीं उसकी मुलाक़ात क्लिनिक के सफाई कर्मचारी शोएब से हुई। मौके पर डॉक्टर नहीं था तो शोएब ने ही पीड़िता को दवा दी। इस दौरान उसने खुद को शीनू बताया था। उसने वकीलों और पुलिस से जान पहचान का दावा कर तलाक केस में मदद का भी भरोसा दिया। महिला उसकी बातों में आ गई।

कथित तौर पर भरोसा जीतने के बाद शोएब बने शीनू ने एक दिन पीड़िता को दिल्ली की कई जगहों पर घुमाया। अंत में अपने घर ले गया। यहाँ पहले उसने खाना खाने का ऑफर दिया। महिला ने मना कर दिया तो उसे कोल्ड ड्रिंक पीने को दी।

महिला ने शिकायत में कहा है कि शोएब ने कोल्ड ड्रिंक में कुछ मिला दिया था। इसके कारण वह करीब 2 घंटे बेसुध रही। इस दौरान शोएब ने रेप कर वीडियो बना ली। इसके बाद वीडियो के नाम पर ब्लैकमेल कर उसने कई बार रेप किया। महिला से 4 लाख रुपए भी लिए। बावजूद उसने महिला को प्रताड़ित करना नहीं छोड़ा। महिला का दावा है कि शोएब ने उसे गोमांस खिलाकर एक कमरे में दो महीने तक बंद रखा था।

आखिरकार महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने शोएब को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पीड़िता का आरोप है कि शोएब के जेल जाने के बाद उसका परिवार केस वापस लेने का दबाव बना रहा है।

निजामों के वफादार थे जो ‘पैगाह’, उनके मकबरों का संरक्षण करेगा अमेरिका: ₹2 करोड़ खर्च करने का ऐलान, कहा – हैदराबाद में हमारा 5वाँ ऐसा प्रोजेक्ट

अमेरिकी सरकार (United States Government) ने मंगलवार (10 जनवरी, 2023 ) को हैदराबाद के संतोष नगर स्थित 6 ‘पैगाह’ मकबरों (Paigah Tombs) के लिए बड़ी घोषणा की। अमेरिकी सरकार ने इन मकबरों के संरक्षण और जीर्णोद्धार के लिए 2,50,000 डॉलर (2.04 करोड़ रुपए) की वित्तीय सहायता की घोषणा की।

इन मकबरों को 18वीं और 19वीं शताब्दी में बनाया गया था। भारत में अमेरिका की अंतरिम प्रभारी राजदूत एलिजाबेथ जोन्स (Elizabeth Jones) ने इस संबंध में घोषणा की। हैदराबाद में अमेरिकी महावाणिज्यदूत जेनिफर लार्सन (US Consul General Jennifer Larson) ने ट्वीट कर यह जानकारी दी। उन्होंने ट्वीट कर कहा, “एंबेसडर जोन्स ने ऐतिहासिक पैगाह मकबरों के संरक्षण और जीर्णोद्धार में सहायता के लिए अमेरिकी सरकार द्वारा वित्तपोषित परियोजना की घोषणा की। सांस्कृतिक संरक्षण के लिए राजदूत कोष द्वारा वित्त पोषित, यह हैदराबाद में हमारी पाँचवीं ऐसी परियोजना है।”

इन मकबरों को शम्स अल-उमरा के रूप में भी जाना जाता है। ये मकबरे ‘पैगाह’ के परिवार से संबंधित हैं, जो हैदराबाद के निजाम की सेवा करते थे। पैगाह परिवार उस समय कथित तौर पर सबसे प्रभावशाली और शक्तिशाली लोगों में से एक था। पैगाह परिवार की कई पीढ़ियों के मकबरे परिसर में स्थित हैं। ये मकबरे चूने और संगमरमर से बने हैं और शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक माने जाते हैं।

तेलंगाना सरकार की वेबसाइट के अनुसार, पैगाह परिवार इस्लाम के दूसरे खलीफा हज़रत उमर बिन अल-खत्ताब के वंशज होने का दावा करते थे। पैगाहों को उस समय देश के औसत महाराजाओं की तुलना में ज्यादा धनवान माना जाता था और उन्हें अपने दरबार, महलों और निजी सेनाओं को बनाए रखने सहित कई विशेषाधिकार प्राप्त थे। वेबसाइट पर लिखा है, “मकबरे मोहक इंडो-इस्लामिक वास्तुकला का बेहतरीन उदाहरण हैं, जो आसफ जाही (हैदराबाद का मुस्लिम राजवंश) और राजपूताना शैली दोनों की विशेषताओं का मिश्रण है।”

अपने बयान में राजदूत जोन्स ने कहा कि यह पाँचवीं ऐसी परियोजना है जो अमेरिकी राजदूत के ‘फंड फॉर कल्चरल प्रिजर्वेशन (AFCP)’ द्वारा समर्थित है। अमेरिकी वाणिज्य दूतावास इसे हैदराबाद में वित्तपोषित करेगा। उन्होंने बताया कि ‘आगा खान ट्रस्ट फॉर कल्चर’ परियोजना को लागू करने जा रहा है। उन्होंने कहा, “यह हैदराबाद की मेरी पहली यात्रा है, लेकिन यह पहली बार नहीं है जब अमेरिकी सरकार ने शहर में महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण और बहाली का समर्थन किया है। हमें इन शानदार स्मारकों के संरक्षण के लिए तेलंगाना सरकार के प्रयासों का हिस्सा बनने पर गर्व है। मैं यहाँ और पूरे भारत में आगा खान ट्रस्ट फॉर कल्चर के सभी प्रयासों के लिए आभारी हूँ।”

‘आगा खान ट्रस्ट फॉर कल्चर’ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रतीश नंदा पैगाह परिसर के दौरे के दौरान राजदूत जोन्स और महावाणिज्यदूत लार्सन के साथ थे। इससे पहले, महावाणिज्यदूत लार्सन ने हैदराबाद में कुतुब शाही मकबरे में एक और AFCP परियोजना का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा, “आगा खान ट्रस्ट फॉर कल्चर और तेलंगाना राज्य के साथ काम करके, हम आने वाली पीढ़ियों के लिए इन अद्वितीय सांस्कृतिक स्थलों की अखंडता सुनिश्चित कर सकते हैं।”

अमेरिकी विदेश विभाग ने वर्ष 2001 में AFCP बनाया था। इसके निर्माण के बाद से, इसने 133 देशों में 1100 परियोजनाओं को वित्त पोषित किया है। AFCP ने बीते दो दशकों में भारत में 23 ऐसे स्थलों के संरक्षण और बहाली से संबंधित परियोजनाओं में 2 मिलियन डॉलर (16.33 करोड़ रुपए) का निवेश किया है।

आधी रात में सोते किसानों के घरों में घुसी बिहार पुलिस, महिलाओं-बच्चों के सामने पीटा: जो सामने पड़ा उस पर बरसाई लाठियाँ, जमीन के बदले माँग रहे थे मुआवजा

बिहार के बक्सर में पुलिस की बर्बरता के बाद शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन कर रहे किसान उग्र हो उठे हैं। पुलिस की प्रताड़ना से नाराज किसान सड़क पर उतर आए। किसानों ने बसों व पुलिस की गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। जानकारी मिली है कि कई किसानों को हिरासत में लिया गया है। चौसा में पावर प्लांट के लिए ली गई भूमि के मुआवजे को लेकर किसान काफी समय से धरना दे रहे हैं।

क्यों भड़के किसान?

मुआवजे को लेकर कई दिनों से किसान धरना दे रहे थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस ने आधी रात को धरना दे रहे किसानों के घरों में घुसकर उनके साथ मारपीट की। दावा है कि पुलिस रात 12:00 बजे के करीब किसानों के घरों में दाखिल हुई और सोते हुए किसानों पर लाठीचार्ज किया। जो भी सामने दिखा, उस पर जमकर लाठियाँ तोड़ी गईं। किसानों का दावा है कि उन्होंने पुलिस की बर्बरता अपने स्मार्टफोन में रिकॉर्ड कर ली है। बेरहमी से लाठियाँ बरसाते बिहार पुलिस के जवानों के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल भी हो रहे हैं।

लाठी चर्ज पर पुलिस का पक्ष

आधी रात को किसानों के घर में घुसकर लाठीचार्ज पर पुलिस का कहना है कि पावर प्लांट कंपनी एसजेवीएन ने कुछ किसानों पर एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस रात्रि में उन्हें पकड़ने गई थी। पुलिस का कहना है कि पहले किसानों ने हमला किया, जिसके जवाब में पुलिस ने लाठीचार्ज किया। किसानों को परिवार (महिलाओं-बच्चों) के सामने ही पीटा गया।

ताज़ा हालात क्या हैं?

पुलिस की पिटाई के खिलाफ किसान सड़कों पर उतर आए। नाराज किसानों ने कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया है। आक्रोशित किसानों ने पावर प्लांट में भी बवाल काटा। किसानों ने पावर प्लांट में जमकर तोड़-फोड़ की और आग लगा दिया। खबर है कि किसानों ने पुलिस पर भी हमला किया है। हमले में कुछ पुलिसकर्मियों के घायल होने की खबर है। साथ ही जानकारी मिली है कि पुलिस ने कुछ किसानों को हिरासत में लिया है। पुलिस का दावा है कि प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा जा रहा है और जल्द ही हालात काबू में कर लिए जाएँगे।

क्या है मामला ?

दरअसल, चौसा में वर्ष 2010-11 से पहले ही बनारपुर गाँव में पावर प्लांट बनाने के लिए किसानों का भूमि अधिग्रहण किया गया था। किसानों को 2010-11 के सर्किल रेट के अनुसार मुआवजा दिया गया। कंपनी ने वर्ष 2022 में जमीन अधिग्रहित करने का काम शुरू किया। किसान अब वर्तमान दर से जमीन का मुआवजा माँग रहे हैं। किसानों का आरोप है कि पावर प्लांट बनाने वाली कम्पनी एसजेवीएन पुराने दर पर ही मुआवजा देकर जमीन हथिया रही है। इसे लेकर किसान तकरीबन 2 महीनों से धरना दे रहे हैं।

गलत तरीके से जुटाया धन, फिर दंगे फैलाने के लिए लगा दिया: पूर्व AAP पार्षद ताहिर हुसैन के विरुद्ध आरोप तय, ‘मनी लॉन्ड्रिंग’ का भी चल रहा मामला

दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने साल 2020 में हुए हिन्दू विरोधी दंगों में आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं। आरोपों के मुताबिक, ताहिर हुसैन ने दंगे फैलाने के लिए पैसे जुटाए थे। ये पैसे भी गलत तरीके से जुटाए गए थे। फ़िलहाल ताहिर हुसैन ने अब तक अपना गुनाह कबूल नहीं किया है। कोर्ट ने ये आरोप बुधवार (11 जनवरी 2023) को तय किए हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ताहिर हुसैन पर दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग केस के मामले में आज बुधवार को कड़कड़डूमा कोर्ट में सुनवाई थी। 3 दिन पहले 8 जनवरी को ताहिर हुसैन ने एक प्राइवेट अस्पताल में इलाज के लिए पैरोल माँगा था। कोर्ट में ताहिर ने खुद को बीमार बताया था। ताहिर की इस याचिका पर न्यायाधीश अमिताभ रावत ने तिहाड़ जेल से ताहिर की मेडिकल रिपोर्ट मँगवाई थी। जेल प्रशासन को यह रिपोर्ट बुधवार (11 जनवरी) तक भेजनी थी। इस रिपोर्ट के आधार पर ही ताहिर के पैरोल पर फैसला होना है।

बताया जा रहा है कि दिल्ली दंगों के ही मामले में जेल में बंद एक अन्य आरोपित अतहर खान ने जेल के एक अधिकारी पर मानसिक रूप से उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। याचिका में अतहर ने कोर्ट से संरक्षण की माँग की है। एक अन्य आरोपित उमर खालिद ने भी जेल प्रशासन से इलेक्ट्रिक केतली और पढ़ने के लिए किताबें मँगवाई थीं। हालाँकि, इस याचिका के निस्तारण की जिम्मेदारी कोर्ट ने जेल प्रशासन को सौंपी है।

गौरतलब है कि साल 2020 के हिन्दू विरोधी दंगों में मुख्य आरोपित किया गया ताहिर हुसैन आम आदमी पार्टी से पार्षद था। पुलिस जाँच में यह भी खुलासा हुआ है कि ताहिर हुसैन ने अपने घर को एक रणनीतिक बेस के तौर पर दंगाइयों के साथ प्रयोग किया था। आम आदमी पार्टी ने ताहिर हुसैन पर दंगे का आरोप लगने के बाद उन्हें पार्टी ने निलंबित कर दिया था।