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केरल में अरबी पढ़ाने वाला टीचर फैजल गिरफ्तार, छठी-सातवीं की छात्राओं ने लगाया यौन शोषण का इल्जाम: काउंसलिंग में बताए दर्दनाक अनुभव

केरल के कन्नूर में सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल के टीचर पर छात्राओं ने यौन शोषण का आरोप लगाया है। कक्षा 6 और 7 में पढ़ने वाली बच्चियों ने अरबी पढ़ाने वाले टीचर फैजल पर ये संगीन इल्ज़ाम लगाए हैं। पुलिस का कहना है कि पीड़ित लड़कियों की संख्या बढ़ सकती है। स्कूल के दूसरी बच्चियों के बयान लिए जा रहे हैं।

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कन्नूर के तालीपरम्बा के एक सरकारी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के 5 बच्चियों ने अपने ही स्कूल के शिक्षक फैजल (52) पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। फैजल स्कूल में अरबी की तालीम देता है। पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार आरोपित शिक्षक साल भर से लड़कियों का यौन उत्पीड़न कर रहा है। पुलिस का कहना है कि फिलहाल पाँच शिकायतें मिली हैं लेकिन पीड़ित लड़कियों की संख्या बढ़ सकती है। इसे लेकर स्कूल की दूसरी छात्राओं से भी पूछताछ की जा रही है।

स्कूल में आयोजित एक नियमित काउंसलिंग सत्र के दौरान छात्राओं ने काउंसलर से अपने दर्दनाक अनुभव साझा किए। छात्राओं की बात सुनने के बाद काउंसलर ने पुलिस की मदद ली और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया गया। पुलिस इस बात की भी जाँच कर रही है कि स्कूल प्रशासन ने समय पर पुलिस की मदद ली या नहीं।स्कूल प्रशासन की तरफ से कोई लापरवाही तो नहीं हुई।

आरोपित फैजल केरल के मलप्पुरम ज़िले के कोन्दोट्टी का रहने वाला है। जो सरकारी हायर सेकेंडरी सकूल में अरबी की तालीम देता है। फिलहाल पुलिस ने आरोपित फैजल को गिरफ्तार कर लिया है। फैजल से भी हिरासत में पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फैजल ने अब तक कितने बच्चियों का यौन शोषण किया है।

‘मैंने नहीं, महिला ने खुद ही पेशाब किया है’: एयर इंडिया फ्लाइट में बुजुर्ग महिला से बदलसूकी पर आरोपित ने दी कोर्ट में दी सफाई, बेल खारिज

इंटरनेशनल फ्लाइट में एक बुजुर्ग महिला पर नशे में पेशाब करने के आरोपित शंकर मिश्रा ने कोर्ट में कहा कि उसने महिला पर पेशाब नहीं किया, बल्कि महिला ने खुद ही पेशाब किया है। मिश्रा ने दावा कि महिला यूरीनरी इंकॉन्टिनेंस (मूत्राशय का कंट्रोल नहीं रहने की बीमारी) से पीड़ित है।

बता दें कि अमेरिकी कंपनी में वाइस प्रेसिडेंट (इंडिया) के पद पर तैनात शंकर मिश्रा ने 26 नवंबर 2022 को न्यूयॉर्क से दिल्ली आने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट में बगल में बैठी महिला पर पेशाब कर दिया था। कहा जा रहा है कि उस वक्त मिश्रा नशे में था। घटना सामने आने के बाद वेल्स फार्गो ने उसे कंपनी ने निकाल दिया था।

इन घटना को लेकर खूब फजीहत हुई थी। यह भी खबर आई थी कि इस घटना के बाद शंकर मिश्रा ने 72 वर्षीय महिला से अपने बीवी-बच्चों का वास्ता देकर रोते हुए माफी माँगी थी। हालाँकि बाद में महिला ने शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने 34 वर्षीय मिश्रा को 7 जनवरी 2023 को गिरफ्तार कर लिया था। उसके बाद से वह न्यायिक हिरासत में है।

आज शुक्रवार (13 जनवरी 2023) को दिल्ली के सेशन कोर्ट में सुनवाई के दौरान शंकर मिश्रा के वकील ने कोर्ट में बताया, “शिकायतकर्ता महिला की सीट ब्लॉक कर दी गई थी। उनके (मिश्रा) के लिए वहाँ जाना संभव नहीं था। महिला को ‘असंयम’ की समस्या है। उसने खुद पर पेशाब किया। वह एक कथक नर्तकी है और 80% कथक नर्तकियों को यह समस्या है।”

मिश्रा के बचाव में उनके वकील रमेश गुप्ता ने आगे तर्क दिया, “उनकी (महिला की) सीट पर केवल पीछे से ही जाया जा सकता था, और किसी भी हालत में मूत्र सीट के सामने वाले हिस्से तक नहीं पहुँच सकता था। साथ ही, शिकायतकर्ता के पीछे बैठे यात्री ने ऐसी कोई शिकायत नहीं की थी।”

वकील ने इस पूरी जाँच प्रक्रिया को ‘मजाक’ बताया। गुप्ता ने पुलिस और मीडिया को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि पुलिस और मीडिया ने मामले का मजाक बनाया था। वकील गुप्ता ने आगे कहा कि प्राथमिकी में कहा गया है कि शिकायतकर्ता ने बताया है कि सीट नंबर 8A पर बैठे व्यक्ति ने उस पर पेशाब किया और मिश्रा 8A पर नहीं बैठे थे।

हालाँकि, मिश्रा के वकील का तर्क सुनने के बाद जज ने कहा कि फ्लाइट के एक तरफ से दूसरी तरफ जाना नामुमकिन नहीं है। जज ने कहा कि उन्होंने भी यात्रा की है और कोई भी व्यक्ति किसी भी पंक्ति से आ सकता है और किसी भी सीट पर जा सकता है। कोर्ट ने मिश्रा को जमानत देने से इनकार कर दिया। जज ने फ्लाइट सीटिंग का डायग्राम भी माँगा।

दिल्ली पुलिस ने मिश्रा के खिलाफ IPC की धारा 294 (सार्वजनिक स्थान पर अश्लील हरकत), 354 (महिला का शील भंग करने के इरादे से हमला या आपराधिक इरादा), 509 (शब्द, हावभाव या कृत्य से महिला के अपमान का इरादा), 510 (शराबी व्यक्ति द्वारा सार्वजनिक तौर पर दुराचार) के साथ-साथ विमानन नियमों के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

एयर इंडिया ने उस घटना की पुष्टि की थी, जिसमें शंकर मिश्रा नशे की हालत में महिला यात्री पर पेशाब कर दिया था। मिश्रा महिला की सीट के सामने खड़ा होकर अपनी पतलून की जिप खोली और अपने शिश्न को निकाल कर उस पर पेशाब करने लगा। इतना ही नहीं, पेशाब करने के बाद भी उसी अवस्था में महिला की सीट के पास खड़ा रहा। इसके बाद दूसरे यात्री ने उसे जाने के लिए कहा।

बुजुर्ग महिला ने इस घटना को लेकर टाटा समूह को पत्र भी लिखा। उसने पत्र में कहा गया कि पेशाब से भीगे उसके कपड़े को बदलने के लिए एयर इंडिया के चालक दल के सदस्यों ने उसे एक जोड़ी पजामा और चप्पल दी। इतना ही नहीं, चालक दल के सदस्यों ने मिश्रा को सामने लाकर उस महिला से बातचीत करने के लिए मजबूर भी किया। महिला का कहना है कि यह उसके लिए सदमे जैसी स्थिति थी।

पेशाब करने के बाद मिश्रा को जैसे ही कुछ होश आया, उसने अपने बगल में बैठे यात्री से कहा, ‘भाई लगता है कि मैं किसी समस्या में फँस गया हूँ’। मिश्रा के सीट के बगल में बैठे अमेरिका में डॉक्टर सुगत भट्टाचार्य ने बताया कि खाना खाने के दौरान ही वह चार ग्लास सिंगल माल्ट ह्विस्की पी गया था। भट्टाचार्य ने यह भी कहा कि वह पियक्कड़ लग रहा था और इससे पहले भी उसने जरूर पी रखी होगी।

महज 12 दिनों में 5.4 सेंटीमीटर धँसा जोशीमठ : ISRO ने जारी की सैटेलाइट तस्वीर, सेना के हैलीपैड और नरसिंह मंदिर भी असुरक्षित

उत्तराखंड के जोशीमठ में लोगों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। घरों में बढ़ती दरारों के साथ वहाँ रहने की उम्मीद भी धूमिल होती जा रही है। इसबीच इसरो की रिपोर्ट भी वहाँ आने वाले समय एक बड़ी आपदा का संकेत दे रही है। जोशीमठ में जमीन धँसने की घटना को लेकर जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि महज 12 दिन के अंदर यहाँ की 5.4 सेंटीमीटर जमीन धँस गई है। इसरो के नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर (NRSC) ने इस संबंध में तस्वीर जारी की है। यह तस्वीरें कार्टोसेट-2एस (Cartosat-2S) सैटेलाइट से ली गई हैं। 

वहीं इसरो ने तस्वीर के माध्यम से अपनी रिपोर्ट में बताया है कि 27 दिसम्बर 2022 और 8 जनवरी 2023 के बीच जोशीमठ की जमीन 5.4 सेंटीमीटर धँस गई है। जोशीमठ में जमीन धँसने की रफ्तार में अब तेजी आई है। इसके पहले की आँकड़ों की अगर बात करें तो अप्रैल 2022 से नवंबर 2022 तक यहाँ केवल 9 सेंटीमीटर ही जमीन धँसी थी। जमीन धँसने की तेजी से यह अनुमान लगाया जा सकता है कि शहर को आने वाले समय में बड़ी आपदा का सामना करना पड़ सकता है।

रिपोर्ट के मुताबिक अबतक जमीन धँसने की घटनाओं की वजह से करीब 700 घरों में दरार आ चुकी है और इनमे से अधिकांश घरों को रहने के लिए असुरक्षित घोषित किया जा चुका है। वहीं इसरो की रिपोर्ट के मुताबिक सबसिडेंस जोन यानि जमीन धँसने की संभावना वाला क्षेत्र जोशीमठ-औली रोड के पास 2180 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है। इसरो की तस्वीर में इसी क्षेत्र में आर्मी हैलीपेड और नरसिंह मंदिर को चिन्हित किया गया है। जमीन धँसने से सबसे ज्यादा प्रभावित सेंट्रल जोशीमठ का क्षेत्र है।

आर्मी हैलीपेड और नरसिंह मंदिर को इसरो ने चिन्हित किया है

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार (12 जनवरी 2023) को कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस आपदा से दुखी हैं और इसपर निगरानी रख रहें हैं। वहीं उन्होंने कहा था कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी लगातार स्थिति पर नज़र बनाए हुए हैं। इसके आलावा केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी जोशीमठ के लिए हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया है।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले ऑपइंडिया ने अपनी एक रिपोर्ट में आपको बताया था कि आखिर जोशीमठ के पहाड़ क्यों दरक रहे हैं। कई वैज्ञानिकों का मानना है कि जोशीमठ के पहाड़ों की भौगोलिक संरचना भी ऐसी है कि वे अब बहुत दिनों तक एक जगह मजबूती से नहीं रह सकते दूसरी और लगातार हो रहे विकास कार्यों ने भी स्थिति चिंताजनक बनाई है।

भारत में शुरू हुआ हॉकी वर्ल्ड कप, लेकिन मेनस्ट्रीम मीडिया का फोकस अब भी क्रिकेट पर: कवरेज न होने पर पूर्व कप्तान बोले – हताश हूँ

भारत में जो स्थान क्रिकेट को मिला, वो स्थान आज तक किसी अन्य खेल को नहीं मिला। इसमें मीडिया की भी बड़ी भूमिका रही है। क्रिकेट में अथाह पैसे के कारण मीडिया इसे खूब प्रचारित किया, जिसके कारण यह आम लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय हो गया है। वहीं, हॉकी जैसे भारत के लोकप्रिय खेल भी हाशिए पर नजर आ रहे हैं।

क्रिकेट की तरह हॉकी एवं अन्य खेलों को मीडिया कवरेज नहीं मिलता। मेनस्ट्रीम मीडिया भी इससे जुड़ी खबरें दिखाने में हिचकती है। सबसे बड़ी बात यह है कि देश में हॉकी विश्वकप का आयोजन हो रहा है, लेकिन यह मेनस्ट्रीम मीडिया से गायब है। इस पर पूर्व कप्तान ने हताशा जाहिर की है।

BCCI के सचिव ने भी हॉकी विश्वकप को लेकर ट्वीट किया। ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर के कलिंग स्टेडियम में शुक्रवार (13 जनवरी 2023) से एफआईएच पुरुष हॉकी विश्व कप 2023 का आगाज हुआ। इसमें अर्जेंटीना ने पहले मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका को 1-0 से हरा दिया।

जय शाह ने लिखा, “भारत भुवनेश्वर और राउरकेला में आयोजित #FIHMensHockeyWorldCup के लिए तैयार है! सबसे बड़े मंच पर घरेलू दर्शकों के सामने स्वर्ण जीतना एक शानदार उपलब्धि होगी। पूरा देश आप पर विश्वास करता है और आपकी जय-जयकार करेगा! गुड लक, #टीमइंडिया।”

वहीं, भारत में आयोजित होने के बावजूद मेनस्ट्रीम मीडिया में हॉकी विश्वकप को पर्याप्त कवरेज नहीं मिलने पर सोशल मीडिया के यूजर भड़के हुए हैं। सिद्धार्थ घोष नाम के यूजर ने लिखा, “हॉकी विश्व कप की मेजबानी करना भारत और हमारे प्यारे राज्य ओडिशा के लिए बहुत गर्व का क्षण है। भारतीय टीम के लिए पूर्ण समर्थन। रियलिटी चेक कोई मेन स्ट्रीम मीडिया इस घटना को कवर नहीं कर रहा है। #HockeyWorldCup2023 #HockeyIndia”

रामनिवास चौधरी ने लिखा, “हॉकी विश्व कप आज से ओडिशा में शुरू हो रहा है। मीडिया केवल क्रिकेट में व्यस्त है। आइए अपना राष्ट्रीय खेल मनाते हैं। #हॉकी वर्ल्ड कप।”

अनिरुद्ध गर्ग ने लिखा, “हॉकी कवरेज की कमी पर मुख्यधारा के मीडिया और शीर्ष भारतीय समाचार पत्रों से बेहद निराशा। हॉकी विश्व कप कल से शुरू हो रहा है। भारत इसकी मेजबानी कर रहा है। हमारे अपने खिलाड़ियों पर भी बमुश्किल कोई लेख लिखा गया।”

सनातनी वैदिक नामक यूजर लिखता है, “हॉकी विश्व कप का मीडिया में कोई कवरेज नहीं है… फीफा को वहाँ बेहतर कवरेज मिली, जहाँ भारत न तो मेजबानी कर रहा था और न ही भाग ले रहा था… कल भारत-स्पेन का मैच है… हॉकी हमारा राष्ट्रीय खेल है…इस मीडिया को सिर्फ क्रिकेट दीवानी मीडिया मत बनने दीजिए… अपना उत्साह दिखाइए और समर्थन कीजिए…।”

आकाशदीप नाम के यूजर लिखते हैं, “हॉकी विश्व कप शुरू हो रहा है और पूरा राष्ट्रीय मीडिया और यहाँ तक कि प्रिंट अखबार भी शांत है, टीवी पर एक भी शो या टीम इंडिया के बारे में लेख नहीं लिखा जा रहा है। सभी सार्वजनिक मामलों में व्यस्त हैं, लेकिन WC की कीमत पर और उस हॉकी पर जो हमारा गौरव है।”

घर में धमाके के बाद घायल हुआ शख्स, बना रहा था देसी बम: केरल के कन्नूर में ही RSS कार्यकर्ता के घर के पास भी हुआ था धमाका

केरल के कन्नूर जिले के थालास्सेरी के पास एक घर में बम धमाका हुआ है। धमाके में एक व्यक्ति के घायल होने की खबर है। गुरुवार (12 जनवरी, 2023) को हुए धमाके की जानकारी पुलिस ने शुक्रवार (13 जनवरी, 2023) को दी। कन्नूर पुलिस ने घटनास्थल के पास और भी बम होने की आशंका जताई है। पुलिस का कहना है कि मामले की जाँच की जा रही है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, गुरुवार को थालास्सेरी के लोटस टॉकीज के पास जितिन नादम्मल के घर पर धमाका हुआ। धमाके में जितिन घायल हो गया। जिसके बाद उसे पास के अस्पताल ले जाया गया। बाद में बेहतर इलाज के लिए उसे कन्नूर के सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया। पुलिस कमिश्नर अजीत कुमार ने स्थानीय मीडिया से घर में एक से अधिक बम होने की संभावना जताई है।

शुरुआती जाँच में यह सामने आया है कि जितिन के घर के अंदर एक देसी बम फटा था। पुलिस कमिश्नर अजीत कुमार ने आशंका जताई है कि इसे जितिन ने अपने घर में ही बनाया हो सकता है। पुलिस के मुताबिक पहले भी वह देसी बम बनाकर अपने घर में रखता रहा है। हो सकता है लंबे समय से रखे होने और गर्मी की वजह से धमाका हुआ हो। अजीत कुमार ने कहा है कि जितिन हिरासत में है और ठीक होने के बाद उसकी गिरफ्तारी की जाएगी।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, धमाके की वजह से घर का एक कमरा पूरी तरह से तबाह हो गया है। धमाके के वक्त जितिन घर पर अकेला था। उसका पैर बुरी तरह जख्मी हुआ है। फिलहाल पुलिस ने पुलिस ने विस्फोटक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फोरेंसिक टीम ने भी मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। डॉग स्क्वायड ने भी मौके का मुआयना किया है। इसके पहले भी कन्नूर के चावासेरी इलाके में इसी तरह की घटना सामने आई थी। सितंबर 2022 में आरएसएस कार्यकर्ता के घर से कुछ ही दूरी पर बम धमाका हुआ था।

‘पहले नादिर शाह ने लूटा, अब AAP लूट रही’: दिल्ली BJP की माँग – जब तक न हो विज्ञापनों पर उड़ाए गए ₹163 करोड़ की वसूली, तब तक सीज रहें AAP के बैंक खाते

दिल्ली के ‘सूचना एवं प्रचार निदेशालय (DIP)’ ने ‘आम आदमी पार्टी (AAP)’ के खिलाफ 163.62 करोड़ रुपए की वसूली का नोटिस जारी किया था। यह वसूली विज्ञापनों में मनमाने ढंग से किए गए खर्च को लेकर होनी है। विज्ञापन में करोड़ों रुपए खर्च करने को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अरविंद केजरीवाल सरकार की जमकर आलोचना की है।

गुरुवार (12 जनवरी, 2022) को हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा नेता मनोज तिवारी ने माँग करते हुए कहा है कि वसूली पूरी होने तक आम आदमी पार्टी (AAP) के बैंक खातों को सीज कर देना चाहिए। उन्होंने कहा है, “दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने अपना और ‘आम आदमी पार्टी’ का चेहरा चमकाने के लिए जनता का पैसा पानी की तरह बहाया है। हम चाहते हैं कि, जब तक यह पैसा वापस नहीं आता, तब तक AAP के अकाउंट को तत्काल प्रभाव से फ्रीज किया जाना चाहिए।”

मनोज तिवारी ने कहा है, “आम आदमी पार्टी की सरकार विज्ञापनों पर दिल्लीवासियों की गाढ़ी कमाई बर्बाद कर रही है। हम लंबे समय से कह रहे हैं कि यह सरकार फर्जी विज्ञापनों की सरकार है। AAP को अब 163 करोड़ रुपए देने होंगे। उन्हें विज्ञापनों पर इतना पैसा खर्च करने की अनुमति किसने दी?”

मनोज तिवारी ने यह भी कहा है कि एक समय दिल्ली को नादिर शाह ने लूटा था। अब आम आदमी पार्टी लूट रही है। आज 163 करोड़ रुपए वापस करने की बात आई तो ये लोग छटपटा गए। मनीष सिसोदिया कह रहे हैं कि अधिकारियों के ऊपर दवाब बनाकर ये नोटिस भेजा है। ये अराजकता का परिचय है। AAP ने अपनी पार्टी का चेहरा चमकाया, इसमें सरकार या सरकार की योजनाओं का कोई लेना देना नहीं। केजरीवाल और सिसोदिया की बौखलाहट से ये माफ नहीं हो सकता।

दरअसल इससे पहले DPI द्वारा 163 करोड़ रुपए की वसूली का नोटिस जारी किए जाने के बाद, दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया था कि भाजपा अरविंद केजरीवाल के खिलाफ सरकारी अधिकारियों का उपयोग कर रही है। 

सिसोदिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाते हुए कहा था, “दिल्ली में अफसरों पर असंवैधानिक नियंत्रण का नाजायज इस्तेमाल देखिए, बीजेपी ने दिल्ली सरकार की सूचना विभाग सचिव ऐलिस वाज (IAS) से नोटिस दिलवाया है कि वर्ष 2017 से दिल्ली से बाहर राज्यों में दिये गए विज्ञापनों का खर्चा मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से वसूला जाएगा।”

गौरतलब है कि दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना के निर्देश पर सूचना और प्रचार निदेशालय (DPI) ने आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल को 163 करोड़ रुपए का नोटिस जारी किया था। यह रकम जमा करने के लिए केजरीवाल को 10 दिन का समय दिया गया है। 163 करोड़ रुपए की इस कुल राशि में 99.31 करोड़ रुपए मूलधन व 64.31 करोड़ रुपए पेनाल्टी इंटरेस्ट के रूप में वसूल होना है।

बता दें कि यह पूरी कार्रवाई उप-राज्यपाल वीके सक्सेना के निर्देश पर हो रही है। उन्होंने दिल्ली के मुख्य सचिव को कहा था कि राजनीतिक विज्ञापनों को सरकारी विज्ञापनों के तौर पर प्रकाशित करने के लिए आम आदमी पार्टी से 97 करोड़ रुपए की रिकवरी की जाए।

‘इसे अडानी नहीं खरीद सके, क्योंकि ये पहले से ही इटली वालों को बिका हुआ है’: ‘भारत जोड़ो यात्रा’ में राहुल गाँधी के साथ रवीश, लोगों ने पूछा- ये न्यूट्रल हैं?

NDTV छोड़कर ट्यूबर (Youtuber) बने कथित पत्रकार रवीश कुमार (Ravish Kumar) भले ही वे कितना भी निष्पक्ष दिखाने की कोशिश करें, दूसरे मीडिया हाउस को गोदी मीडिया कहीं, लेकिन समय-समय पर उनकी निष्पक्षता सामने आ ही जाती है। भारत जोड़ो यात्रा में राहुल गाँधी के साथ उनकी तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।

रवीश कुमार ने कहा था कि वे भारत जोड़ो यात्रा में वो जरूर शामिल होंगे, लेकिन यात्रा को कवर करने के लिए। हालाँकि, यात्रा को उन्होंने कवर भी किया, लेकिन व्यक्तिगत स्तर पर राहुल गाँधी को समर्थन देकर अपनी निष्पक्षता जाहिर भी कर दी।

रवीश अक्सर मीडिया को गोदी मीडिया, तो बिकाऊ मीडिया तो कभी कॉरपोरेट मीडिया कहकर खुद को पाक-साफ दिखाने की कोशिश करते हैं। इस दौरान वे भाजपा पर जरूर निशाना साधते हैं। लेकिन, मौका मिलते ही कभी वे मायावती के साथ फोटो खिंचवाते हैं, तो कभी अखिलेश यादव के साथ तो राहुल गाँधी के साथ यात्रा करते हैं।

बता दें कि कॉन्ग्रेस के साथ रवीश कुमार का जुड़ाव बहुत व्यक्तिगत, लेकिन कंफ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट है। एक तरफ वे पत्रकार होकर निष्पक्षता का दावा करते हैं तो दूसरी तरफ अपने बड़े भाई और कॉन्ग्रेस नेता ब्रजेश पांडेय के साथ रिश्तों पर चुप्पी साधे रखते हैं।

हालाँकि, जो भी भारत जोड़ो यात्रा में रवीश कुमार ने राहुल गाँधी के संघर्षों के साथ-साथ अपनी नौकरी जाने की पीड़ा का भी परोक्ष रूप से बयान किया। उन्होंने ये तो कहा कि आज की मीडिया प्रधानमंत्री मोदी से सवाल नहीं करती है, साथ ही ये भी कहा कि आजकल के पत्रकार कॉरपोरेट द्वारा मीडिया के अधिग्रहण पर सवाल नहीं उठाए जाते हैं।

उन्होंने गौतम अडानी के प्रति अपने पूर्वग्रह को भी दिखाया। साथ ही गौतम अडानी के बहाने मीडिया को निशाने पर लिया। इस दौरान उन्होंने राहुल गाँधी और कॉन्ग्रेस की जमकर तारीफ की। जाहिर है कि वे परोक्ष रूप से अपने भाई ब्रजश पांडेय की मदद ही कर रहे हैं। आप भी सुनिए क्या कह रहे हैं रवीश कुमार।

रवीश कुमार के इस दोमुँहानेपन की सोशल मीडिया पर खूब आलोचना हो रही है। वहीं, कुछ यूजर रवीश कुमार और कॉन्ग्रेस के रिश्तों को लेकर कटाक्ष भी कर रहे हैं। ‘कह के पहनो’ नाम के ट्विटर हैंडल ने रवीश कुमार को लेकर खूब खिंचाई की।

ट्विटर हैंडल ने लिखा, “श्री राहुल गाँधी जी के साथ पैदल यात्रा कर के रवीश कुमार जी ने ये दिखा दिया है कि उनके जैसे कट्टर कॉन्ग्रेसी को अडानी/अम्बानी तो क्या, एलन मस्क/बिल गेट्स भी नहीं खरीद सकते! कॉन्ग्रेस के प्रति उनके निष्पक्ष सेवा भाव पर किसी को संदेह करने का कोई अधिकार नहीं है। वो एक पत्रकार भी हैं।”

राहुल कुमार सीनियर नाम का हैंडल लिखता है, “मुझे नहीं पता कि लोग हैरान क्यों हैं। रवीश कुमार के भाई ब्रजेश कुमार पांडेय कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं। उन पर एक नाबालिग दलित लड़की से दुष्कर्म का भी आरोप है।”

डॉक्टर ब्लैकपिल नाम के यूजर ने लिखा, “रवीश अगर निजी हैसियत से किसी राजनीतिक रैली में शामिल होते हैं तो उन्हें तटस्थ या गैर-गोदी या रीढ़ की हड्डी वाला रिपोर्टर कैसे कहा जा सकता है? भारत जोड़ो यात्रा ने जितना सोचा था उससे कहीं ज्यादा एक्सपोज किया है।”

मिस्टर सिन्हा नाम के यूजर ने लिखा, “अडानी रवीश कुमार को इसलिए नहीं खरीद सके, क्योंकि वह पहले ही इतालवी परिवार को बेच दिए गए थे…।”

समित ठक्कर लिखते हैं, “रघुराम राजन, एएस दुलत और अब रवीश कुमार। यह भारत जोड़ो यात्रा नहीं, ऐंटी नेशनल जोड़ो यात्रा है।”

51 दिन की यात्रा का ₹25 लाख किराया: PM मोदी ने दुनिया के सबसे लंबे रिवर क्रूज को दिखाई हरी झंडी, यात्रियों को 5 स्टार से ज्यादा मिलेगी सुविधा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने शुक्रवार (13 जनवरी 2023) को लोहड़ी के मौके पर देश को कई सौगात दी। पीएम मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सबसे लम्बा जलमार्ग तय करने वाले भव्य ‘एमवी गंगा विलास’ क्रूज को हरी झंडी दिखाई। इसके साथ ही यह क्रूज वाराणसी से अपनी पहली यात्रा के लिए रवाना हो गया। प्रधानमंत्री ने इसके साथ ही वाराणसी में ही टेंट सिटी का उद्घाटन किया। इसका उद्देश्य पर्यटकों को सात्विकता के साथ गंगा किनारे लग्जरी सुविधाएँ उपलब्ध कराने का है।

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा, ”आज काशी से डिब्रूगढ़ के बीच दुनिया की सबसे लंबी नदी जलयात्रा के लिए गंगा विलास क्रूज का शुभारंभ किया गया है। इससे पूर्वी भारत के अनेक पर्यटन स्थल वर्ल्ड मैप में और प्रमुखता से आने वाले हैं। काशी में गंगा पार अद्भुत टेंट सिटी का उद्घाटन किया गया है। इससे देश दुनिया से वाराणसी आने वालों को वहाँ आने का एक और बड़ा कारण मिला है। इसके साथ ही आज पश्चिम बंगाल मेंमल्टी मॉडल टर्मिनल, यूपी और बिहार में फ्लोटिंग जेट्टी, असम में मेरीटाइम्स स्किल सेंटर, टर्मिनल कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट, पोतों के निर्माण केंद्र का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। ये प्रोजेक्ट करीब 1 हजार करोड़ रुपए की लागत के हैं।”

उन्होंने आगे कहा, ”ये परियोजनाएँ पूर्वी भारत में व्यापार और पर्यटन की संभावनाओं का विस्तार करने वाले हैं। रोजगार के नए अवसर बनाने वाले हैं। गंगा नदी हमारे लिए केवल जलधारा भर नहीं है। बल्कि ये प्राचीन काल से इस महान भारत भूमि की तप-तपस्या की साक्षी रही है। भारत की स्थितियां कैसी भी रही हो, माँ गंगे ने हमेशा कोटि कोटि भारतीयों को पोषित किया है, प्रेरित किया है। लेकिन यह दुर्भाग्य रहा है कि आजादी के बाद गंगा किनारे की पूरी पट्टी पिछडती चली गई। इस वजह से गंगा किनारे से लाखों लागों का पलायन भी हुआ। इसलिए हमने गंगा की निर्मलता बरकरार रखने के लिए नमामि गंगे जैसी परियोजनाओं की शुरुआत की थी तो दूसरी ओर ‘अर्थ गंगा’ परियोजना की भी शुरुआत की। ‘अर्थ गंगा’ का मतलब गंगा किनारे बसे लोगों की आर्थिंक उन्नति से है। गंगा विलास क्रूज ‘अर्थ गंगा’ को एक नई ताकत देगा।”

उन्होंने कहा, ”यह क्रूज यात्रा एक साथ अनेक नए अनुभव लेकर आने वाल है। जो लोग आध्यात्म की खोज में हैं। उन्हें वाराणसी, बोधगया, विक्रमशिला, पटना साहिब और माजुली की यात्रा करने का सौभाग्य मिलेगा। जो मल्टी नेशनल क्रूज का अनुभव लेना चाहते हैं, उन्हें ढाका से गुजरने का मौका मिलेगा। जो लोग भारत की प्राकृतिक विविधता को देखना चाहते हैं, उन्हें यह क्रूज सुंदरवन और असम की जंगलों की सैर कराएगा।” इसके साथ ही उन्होंने कहा कि यह क्रूज 25 अलग-अलग नदी या जलधारा से होकर गुजरेगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जो लोग भारतीय खान-पान का अनुभव लेना चाहते है, उनके लिए भी यह बेहतरीन अवसर है।

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जिस गंगा विलास क्रूज को हरी झंडी दिखाई गई है उस क्रूज की यात्रा का हर दिन का किराया 50,000 रुपए का है। पूरी यात्रा 51 दिन की है यानी अगर किसी को इस क्रूज में सफर करना है तो 25 लाख रुपए देने होंगे। इस क्रूज में जिम, स्पा सेंटर, लेक्चर हाउस, लाइब्रेरी समेत जैसी कई सुविधाएँ हैं। इसके अलावा बताया जा रहा है कि यहाँ पर यात्रियों को फाइव स्टार से ज्यादा सुविधा मिलेगी और यह क्रूज 50 से ज्यादा जगहों से होकर गुजरेगा। पीएम मोदी ने इसे शुरू करते हुए इसकी तमाम विशेषताओं पर बात की।

अधम जाति मैं बिद्या पाएँ… 3 मुकदमे वाले करोड़पति मंत्री चंद्रशेखर यादव ने कर दिया अर्थ का अनर्थ! ये तुलसीदास के बोल हैं ही नहीं, सनातन में तो ‘काग’ भी ऋषि

बिहार के शिक्षा मंत्री प्रोफेसर चंद्रशेखर ने रामचरितमानस के उलटे-पुलटे अर्थ लगाते हुए तुलसीदास रचित इस ग्रन्थ को ‘नफरत फैलाने वाला’ करार दिया। उन्होंने ये बयान ‘नालंदा ओपन यूनिवर्सिटी’ के दीक्षांत। स्पष्ट है कि एक बड़े समूह पर इसका प्रभाव पड़ा है। आश्चर्य न हो कि मनुस्मृति को जलाने वाली जमात कुछ दिनों बाद रामचरितमानस को भी जलाने लगे और फिर ये सब इतना सामान्य हो जाए कि कल को वेद-पुराण भी जलाए जाने लगे।

ये अलग बात है कि कुरान-हदीस के बारे में एक शब्द भी कह देने पर ‘सर तन से जुदा’ हो जाता है और बाइबिल के किसी शब्द पर मजाक भर कर देने से बिशप के सामने लिखित माफ़ी माँगनी पड़ती है, चाहे आप कितनी भी बड़ी हस्ती क्यों न हों। मधेपुरा से राजद के टिकट पर 3 बार जीत चुके चंद्रशेखर यादव 2015 की महागठबंधन सरकार में आपदा प्रबंधन मंत्री बने थे, अब उनके पास शिक्षा विभाग है। सवा दो करोड़ की उनकी घोषित संपत्ति है और 3 आपराधिक मामले भी उन पर चल रहे हैं।

अब हिन्दू समाज में सबसे बड़ी खामी है कि हम अपने ही धर्मग्रंथों को नहीं पढ़ते हैं। जिसने कभी किसी ग्रन्थ को छुआ तक न हो, वो उसके किसी एक चौपाई को रट कर ये ज़रूर ज्ञान देता फिरता है कि देखो इसमें गलत लिखा है। रामचरितमानस घर-घर में है, लोग पढ़ते भी हैं, लेकिन हमारे आगे की जनरेशन के कितने बच्चों को हमने ये पढ़ाया है? आजकल तो चलन है कि ‘कूल’ बनने के लिए कह दिया जाता है, “अरे, हमारे बच्चे तो अंग्रेजी के अलावा कुछ समझते ही नहीं, पूजा-पाठ थोड़े करेंगे आजकल के बच्चे।

3 मुकदमों वाले करोड़पति मंत्री चंद्रशेखर ने ये भी झूठ बोला कि वो अपना सरनेम नहीं लगाते हैं, क्योंकि 2005 में बतौर निर्दलीय प्रत्याशी जब वो उतरे थे तो उनके पोस्टरों पर उनका सरनेम ‘यादव’ लिखा हुआ था। मतलब, वोट की राजनीति करनी हो तो सरनेम लगाओ और हिन्दू धर्म को गाली देना हो तो हटा लो। सनातन धर्म में इसीलिए गुरु-परंपरा का चलन रहा है, ताकि कोई हमारे ग्रंथों को पढ़ कर अर्थ का अनर्थ न कर डाले।

चौपाइयों का गलत अर्थ लगा कर लोगों को भरमाते बिहार के शिक्षा मंत्री

बिहार के शिक्षा मंत्री ने रामचरितमानस की जिस चौपाइयों का उदाहरण दिया, उनमें से एक ये है – “अधम जाति मैं बिद्या पाएँ। भयउँ जथा अहि दूध पिआएँ॥” बिहार के प्रोफेसर मंत्री ने इस चौपाई का अर्थ लगाया – “नीच जाति में विद्या पाने का अधिकार नहीं था। अधम मतलब नीच। इसमें कहा गया है कि नीच जाति का व्यक्ति विद्या पाकर ऐसा हो जाता है, जैसे दूध पिलाने से साँप।” हम इस चौपाई का अर्थ बताएँगे, लेकिन उससे पहले एक चीज जाननी आवश्यक है।

जब कोई कहानी कही जाती है, किसी सत्य घटना को बताया जाता है या कोई उपन्यास-नाटक ही लिखा जाता है तो उसमें कई किरदार होते हैं। स्पष्ट है, हर किरदार की अलग-अलग राय होती है और उनके स्वभाव से लेकर हाव-भाव अलग-अलग होते हैं। उनकी बुद्धिमत्ता का स्तर, उनकी आर्थिक स्थिति और उनका रंग-रूप – सब बिलकुल वैसे ही अलग-अलग होता है जैसे कि आम जीवन में लोगों का। अब हर किरदार जब अपनी बात करेगा, उनमें कुछ चर्चा होगी और वो बोलेंगे – तो वो अपने अनुभव बताएँगे और अपनी राय रखेंगे।

ऐसे में, ‘ढोल गँवार सूद्र पसु नारी। सकल ताड़ना के अधिकारी॥‘ वाली चौपाई को लेकर भी समय-समय पर हंगामा मचाया जा चुका है, जबकि ये चौपाई समुद्र कह रहा होता है। भगवान राम इन्तजार करते-करते थक कर जब समुद्र द्वारा रास्ता न दिए जाने पर उसे दंड देने का निर्णय लेते हैं, तब वो प्रकार होकर क्षमा माँगते हुए ऐसा कहते हैं। ज़रूरी नहीं कि किरदार की सोच लेखक की सोच हो। और यहाँ ‘ताड़ना’ का अर्थ ‘शिक्षा’ है, जिसे बार-बार गलत अर्थ में पेश किया जाता रहा है।

इसी तरह, जिस चौपाई का जिक्र चंद्रशेखर यादव ने किया, उसे काकभुशुण्डि कह रहे होते हैं, एक ऋषि जो काग (कौवा) के रूप में रहा करते थे। उनके बारे में बताया गया है कि उन्हें इच्छानुसार कई जन्म लेने और सदियों तक जीवित रहने का वरदान है और वो बड़े रामभक्त रहे हैं। उन्होंने भगवान विष्णु के वाहन गरुड़ को रामायण सुनाई थी, वाल्मीकि से काफी पहले। कथा है कि महर्षि लोमस की शिक्षाओं का मजाक उड़ाने के कारण उन्हें कौवे के रूप में प्राप्त होने का श्राप मिला था।

गरुड़ को अपनी पिछली बात बताते हुए काकभुशुण्डि कह रहे हैं कि दुष्ट प्रवृत्ति का मैं विद्या पाकर ऐसा हो गया, जैसे दूध पिलाने से साँप। यहाँ जाति या वर्ण-व्यवस्था का कुछ लेना-देना है ही नहीं, तो फिर इसमें कहा से घुसेड़ दिया गया? ‘अधम’ का अर्थ होता है पापी या नीचतापूर्ण कार्य करने वाला। काकभुशुण्डि इस प्रसंग में ‘खल परिहरिअ स्वान की नाईं‘ भी कहते हैं, अर्थात दुष्ट को त्याग देना चाहिए। वो ये भी कहते हैं – “बुध नहिं करहिं अधम कर संगा” भी कहते हैं, अर्थात बुद्धिमान व्यक्ति दुष्टों की संगत नहीं करते हैं।

यहाँ स्पष्ट है कि एक तरफ बुद्धिमान, अर्थात समझदार व्यक्ति होते हैं और दूसरी तरफ अधम, अर्थात दुष्ट व्यक्ति। इसमें काकभुशुण्डि अपनी ही पुरानी प्रवृत्ति बता रहे हैं कि कैसे उन्होंने बार-बार गुरु की अवहेलना की और उन्हें ‘अधम गति’ में जाने का श्राप मिला। यहाँ अधम का अर्थ है ‘निम्न’। पशु-पक्षियों और कीट-पतंगों का जीवन दुःख भरा होता है और मनुष्य का जीवन सबसे उच्च कोटि का माना गया है, यहाँ अधम का अर्थ इस संदर्भ में भी लगा सकते हैं।

रामचरितमानस का अपमान: तुलसीदास नहीं, निशाना सीधे भगवान श्रीराम हैं

हर लेखक को अपनी सोच प्रदर्शित करने का अधिकार है और दुनिया भर में कवि-उपन्यासकार स्वच्छंद रूप से ऐसा करते आ रहे हैं, फिर तुलसीदास को कैसे वंचित किया जा सकता है? आप देखिए, हमारा धर्म तो ऐसा है कि अच्छा कार्य करने पर एक काग की भी प्रतिष्ठा ऋषि के रूप में हुई। अगर उस समय इतना ही छुआछूत होता तो भला काकभुशुण्डि को कोई गुरु कैसे मिलते? भला उनकी उद्दंडता को बार-बार बर्दाश्त कैसे करते?

जानने वाली बात तो ये भी है कि हमारे धर्मग्रंथों में समय-समय पर छेड़छाड़ की गई है। मुगलों के समय उनमें कई चीजें जोड़ी-हटाई गईं तो अंग्रेजों के समय उनका गलत अनुवाद हुआ। अगर जातिभेद सनातन का अंग होता तो क्या निषाद समाज के नल राजा होते? भगवान श्रीराम शबरी के जूठे बेर खाते और नाविक केवट को गले लगाते? अब अलग-अलग काल में लोगों की अलग-अलग सोच रही है, समाज बदलता रहा है।

खुद तुलसीदास ने खुद को भी कई बार ‘तुच्छ’ कहा है, तो क्या इसका मतलब वो स्वयं से भी नफरत करते थे? उन्होंने वानर-भालू की सेना को भी ‘विप्र’ अर्थात, ब्राह्मण कहा है। इससे सीधा अर्थ निकलता है कि जो भगवान की भक्ति करेगा और अच्छे कार्य करेगा, वो उनकी नज़र में ब्राह्मण था। और हाँ, लोग ये क्यों भूल जाते हैं कि वानर-भालू सेना के साथ श्रीराम ने जिस रावण और उसके खानदान का वध किया, वो ब्राह्मण था?

31 घातक हथियार लेकर परवेज अजमेर से आ रहा था महाराष्ट्र, पुलिस ने बीच रास्ते में पकड़ा: 8 तलवारें, 10 बड़े चाकू बरामद

महाराष्ट्र के मालेगाँव में घातक हथियार का जखीरा बरामद हुआ है। इस सिलसिले में पुलिस ने परवेज आलम नाम के शख्स को गिरफ्तार किया गया है। परवेज अजमेर से आ रही बस में हथियारों के साथ सफर कर रहा था। पुलिस मामले की जाँच कर रही है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलिस ने अजमेर से मालेगाँव लाए जा रहे घातक हथियारों की खेप को शहर में प्रवेश करने से पहले ही बरामद कर लिया। जानकारी के मुताबिक पवारवाडी पुलिस ने मुंबई-आगरा हाईवे पर नाका लगाकर अजमेर से आ रही बस की तलाशी ली। इस दौरान बस से घातक हथियार बरामद किए गए। पुलिस ने हथियारों को जब्त कर परवेज आलम (29साल) नाम के शख्स को गिरफ्तार कर लिया। आरोपित परवेज के खिलाफ मामला दर्ज कर उससे पूछताछ की जा रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक परवेज मालेगाँव के रसूलपुरा का रहने वाला है।

पुलिस अधीक्षक अनिकेत भारती ने जानकारी दी है कि 10 जनवरी, 2023 को गुप्त सूचना के आधार पर पवारवाडी पुलिस ने यह कार्रवाई की। दरअसल, पवारवाडी थाने को सूचना मिली थी कि अजमेर से घातक हथियारों की खेप मालेगाँव पहुँचाई जा रही है। सूचना मिलते ही निरीक्षक सुधीर पाटिल ने अपनी टीम के साथ मुंबई-आगरा हाईवे पर नाकेबंदी कर दी। जैसे ही अजमेर से नासिक जा रही ट्रेवल बस मालदे शिवार पहुँची, पुलिस ने उसे तलाशी के लिए रोक लिया। इस दौरान एक बैग से आठ तलवारें, आठ दस्ताने, दस बड़े चाकू समेत 31 तरह के धारदार हथियार मिले।

हथियार जब्त कर पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन हथियारों को मालेगाँव में किस स्थान पर पहुँचाया जा रहा था। जब्त किए गए हथियार लगभग 17,400 रुपए के बताए जा रहे हैं। टाइम्स नाउ के एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में महाराष्ट्र के सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील इलाकों जैसे नांदेड़, औरंगाबाद और जलगाँव से कई हथियार और गोला-बारूद बरामद किए गए हैं।