Home Blog Page 2121

सुनील शेट्टी साहब, एक सेब नहीं, पूरा बागान ही सड़ा हुआ है… मोदी-योगी के सामने रोने से नहीं, खुद को बदलने से होगा काम: हिन्दुओं को बदनाम करना बंद कर दे बॉलीवुड

हाल ही में जब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जब अपने राज्य के लिए निवेश जुटाने हेतु मुंबई पहुँचे तो उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री के लोगों से भी मुलाकात की, जहाँ ‘बॉयकॉट बॉलीवुड’ का मुद्दा भी गूँजा। अभिनेता सुनील शेट्टी ने उनसे गुहार लगाई कि इसे रोका जाए। सीएम योगी ने कई फ़िल्मी हस्तियों से मुलाकात की, ताकि यूपी को फिल्म फ्रेंडली स्टेट बनाया जा सके और वहाँ ज्यादा से ज्यादा फिल्मों व सीरीज की शूटिंग हो। नोएडा में विशाल ‘फिल्म सिटी’ भी बन रही है।

2022 में बॉलीवुड का रहा बुरा हाल, दक्षिण की डब फिल्मों ने किया कमाल

साल 2022 में एक के बाद एक कई फ़िल्में फ्लॉप हुईं। आमिर खान जैसे बड़े अभिनेता की ‘लाल सिंह चड्ढा’ तमाम प्रोमोशंस के बावजूद बॉक्स ऑफिस पर धड़ाम हो गई। रणबीर कपूर की ‘शमशेरा’ और अक्षय कुमार की ‘सम्राट पृथ्वीराज’ से YRF को जबरदस्त घाटा हुआ। साल का अंत होते-होते रणवीर सिंह की ‘सर्कस’ के पिटने से निर्देशक रोहित शेट्टी का हिट स्ट्रीक भी टूट गया। ऋतिक रोशन-सैफ अली खान की ‘विक्रम वेदा’ और वरुण धवन की ‘भेड़िया’ का भी हाल अच्छा नहीं रहा।

यहाँ हम ‘ब्रह्मास्त्र’ की बात नहीं करेंगे, क्योंकि इसका बॉक्स ऑफिस कलेक्शन आज भी संदेह के दायरे में है। खाली थिएटरों और भारी-भरकम बजट के बावजूद इसे फिल्म इंडस्ट्री ने हिट बता डाला। इन फिल्मों के फ्लॉप होने का सबसे बड़ा कारण रहा ‘बॉयकॉट बॉलीवुड’ का ट्रेंड, जो उन्हीं दर्शकों ने चलाया जो कभी सिनेमाघरों में इन फिल्मों का आनंद लेने जाते थे। हालाँकि, दक्षिण भारत की फिल्मों ने लगातार कमाल किया और हिंदी बेल्ट में भी अच्छी कमाई की।

उदाहरण के तौर पर तेलुगु फिल्म ‘RRR’ और कन्नड़ मूवी ‘KGF 2’ को देख लीजिए। दोनों ही फिल्मों ने 1200 करोड़ रुपए के आसपास का कारोबार दुनिया भर में किया। तमिल फ़िल्में ‘विक्रम’ और ‘PS 1’ के अलावा कन्नड़ फिल्म ‘कांतारा’ ने भी 500 करोड़ रुपए के आँकड़े को छुआ। तेलुगु फिल्म ‘कार्तिकेय 2’ भी 120 करोड़ रुपए से अधिक कमा कर सरप्राइज हिट रही। बॉलीवुड में सिर्फ ‘द कश्मीर फाइल्स’ ही बड़ी हिट रही।

कश्मीरी पंडितों के घाटी में नरसंहार पर बनी विवेक अग्निहोत्री निर्देशित इस फिल्म ने दुनिया भर में 350 करोड़ रुपए बटोरे। फिल्म असली इतिहास पर बनी थी, इसने ‘पॉलिटिकली करेक्ट’ होने की जगह सच्चाई दिखाई। जबकि बॉलीवुड की फिल्मों में तो इस्लामी आक्रांताओं का गुणगान होता आया है। ‘बॉयकॉट बॉलीवुड’ के ट्रेंड के पीछे कोई साजिश या संगठन नहीं है, बल्कि लोगों ने खुद इंडस्ट्री की हस्तियों के रवैये को देख कर इसे चलाया।

‘बॉयकॉट बॉलीवुड’ पर सुनील शेट्टी की चिंता

सुनील शेट्टी ने मुंबई की बैठक में सीएम योगी के सामने कहा, “सब्सिडी की तकलीफ नहीं हो रही है, ऑडिएंस की तकलीफ हो रही है। दर्शकों को सिनेमाघरों में बुलाना बहुत ज़रूरी है। ये एक हैशटैग जो चल रहा है ‘बॉयकॉट बॉलीवुड’ का, आपके कहने से ये रुक भी सकता है। लोगों तक ये पहुँचाना बहुत ज़रूरी है कि हम सब अच्छा काम भी बहुत कर चुके हैं। एक सड़ा हुआ सेब तो हर जगह होता ही है, लेकिन हम सबको आप उसमें नहीं गिन सकते।”

सुनील शेट्टी ने माना कि दर्शकों के बीच ये बात घर कर गई है कि बॉलीवुड या हिंदी फिल्म इंडस्ट्री का मतलब है कि यहाँ अच्छे लोग नहीं हैं। उन्होंने ‘बॉर्डर’ का उदाहरण देते हुए कहा कि बॉलीवुड में अच्छी फ़िल्में भी बनी हैं। बकौल सुनील शेट्टी, ‘बॉयकॉट बॉलीवुड’ ट्रेंड को रोकने की ज़रूरत है और इस पर मंथन करना होगा कि इसे कैसे हटाया जा सकता है। उन्होंने याद दिलाया कि कैसे पहले शुक्रवार को थिएटरों के बाहर भीड़ लगती थी तो लोग कहते थे कि ये फिल्म चलेगी।

उन्होंने इस लेबल को हटाने के लिए योगी आदित्यनाथ को नेतृत्व करने की अपील की और कहा कि बॉलीवुड में 99% लोग ऐसे नहीं हैं और सब दिन भर ड्रग्स नहीं लेते। उन्होंने दावा किया कि भारत को दुनिया भर से जोड़ने में भारत की फिल्मों और संगीत का खासा योगदान रहा है। उन्होंने सीएम योगी से ये भी गुहार लगाई कि वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक भी ये बात पहुँचाएँ। बकौल सुनील शेट्टी, बॉलीवुड के अधिकतर लोग अच्छे काम से भी जुड़े हैं।

सुनील शेट्टी का ये कहना बिलकुल जायज है कि कुछ लोगों के गलत काम करने से पूरी की पूरी इंडस्ट्री गलत नहीं हो जाती, लेकिन क्या इस बात को उन्होंने अपने फ़िल्मी साथियों को समझाया? एक अपराध की घटना के बाद पूरा का पूरा भारत फिर बुरा कैसे हो जाता है? कठुआ की घटना के बाद शिल्पा शेट्टी, करीना कपूर, विशाल डडलानी, स्वरा भास्कर, सोनम कपूर, कल्कि कोचलिन और कोंकणा सेन शर्मा जैसे लोग पूरे भारत के लिए ‘I am Hindustan, I am Ashamed’ किए लिख सकते हैं? क्या बॉलीवुड की गंदगी सामने आने पर इन्होंने ‘Bollywood Is Ashamed’ वाला प्लाकार्ड लहराया कभी?

‘बॉयकॉट बॉलीवुड’ से बचना है तो इंडस्ट्री को खुद पहल करनी होगी, दूसरा कोई कुछ नहीं कर सकता

सुनील शेट्टी ने अगर पहले अपनी ही इंडस्ट्री के लोगों से ये सवाल पूछा होता तो आज ये नौबत ही नहीं आती। बॉलीवुड में ‘रेप कल्चर’ का महिमामंडन, मुस्लिम अपराधियों को हिन्दू बना देना, इस्लामी आक्रांताओं का गुणगान करना, ब्राह्मण को जोकर, बनिया को सूदखोर और ठाकुरों को बलात्कारी बताना, हिन्दुवादिओं को गुंडा दिखाना – ये सब कई दशकों से चला आ रहा था तब किसी ने सवाल क्यों नहीं उठाए? इंडस्ट्री अब भी बच सकती है, बस ये बदलाव करे:

  1. इस्लामी आक्रांताओं का महिमामंडन करना बंद कीजिए: कभी मुगलों का गुणगान तो कभी मुस्लिम गुंडों का जायज बताना – बॉलीवुड को ये बंद करना पड़ेगा। साथ ही जिस ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती को अजमेर में गरीब हिन्दुओं का धर्मांतरण कर पृथ्वीराज चौहान के खिलाफ माहौल बनाने के लिए भेजा गया था, जिसके शागिर्दों ने मंदिर में गाय काटी, जिसके वंशजों ने कई लड़कियों का बलात्कार किया और जिस दरगाह से कन्हैया लाल के हत्यारों के तार जुड़े – वहाँ मत्था टेकना बंद करना पड़ेगा।
  2. हिन्दुओं को बदनाम करना बंद कीजिए: अब तक न जाने कितनी ही फिल्मों में हमने ‘Hindu Goons’ वाल कॉन्सेप्ट देखा होगा। यानी, मारपीट करने वालों को भगवा कपड़े पहना दो। मेन विलेन को भगवान का भक्त बताओ, आरती-पूजा करते दिखाओ और हीरो को ‘सेक्युलर’, जो 786 में विश्वास रखता हो और मंदिर जाना उसे आधुनिक न लगता हो। रामनामी कपड़ों में अश्लील डांस भी इसका एक उदाहरण है। पंडितों-बनियों को एक खास प्रकार के रोल में दिखाना इसका उदाहरण है।
  3. भारतीय संस्कृति और परंपरा को प्रमोट कीजिए: दक्षिण भारत की फिल्मों में अक्सर वहाँ की परंपरा और संस्कृति को आगे बढ़ाया जाता है, जबकि बॉलीवुड विदेशी चीजों के प्रति लोगों में आकर्षण पैदा करता है और हमेशा दिखाता है कि हमारी स्थानीय चीजें महत्व विहीन हैं। क्या मंदिरों, ऋषि-मुनियों, हमारे समृद्ध इतिहास और परंपराओं की बातें करना हिंदी फिल्म इंडस्ट्री का काम नहीं? लेकिन नहीं, ये लोग उनके प्रति हीन भावनाएँ पैदा करते हैं।
  4. अति-आत्मविश्वास में लोगों को अपने जूते के नीचे समझना खत्म करें बॉलीवुड वाले: करीना कपूर कहती हैं कि जिन्हें नहीं देखना है वो उनकी फ़िल्में न देखें। इसी तरह हिंदी फिल्म इंडस्ट्री से घमंड भरे बयान आते रहते हैं, जिससे ऐसा लगता है कि जनता उनके जूतों के तले में रहती है। दक्षिण भारत में रजनीकांत, चिरंजीवी, मोहनलाल या शिवा राजकुमार जैसे अभिनेताओं से उन्हें सीखना चाहिए कि विनम्र कैसे रहा जाता है, बड़ी फैन फॉलोविंग के बावजूद।
  5. नेपोटिज्म को खत्म कर के सुदूर इलाकों की प्रतिभाओं को भी मौका मिले: सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद सामने आया कि किस कदर यूपी-बिहार की प्रतिभाओं के साथ हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में अन्याय होता है। आज के अधिकतर बड़े अभिनेता-अभिनेत्री किसी न किसी फ़िल्मी खानदान से ताल्लुक रखते हैं। अगर आप बाहरी प्रतिभाओं की कदर नहीं कीजिएगा तो आपका मिटना तय है। भारत एक विशाल देश है और फिल्म इंडस्ट्री सबकी है, चंद लोग इसे अपनी बपौती नहीं समझ सकते।

इस तरह, बॉलीवुड खुद इन 5 मुख्य चीजों का ध्यान रख कर खुद को बचा सकता है। ऐसे में उसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने गिड़गिड़ाना नहीं पड़ेगा। बॉलीवुड को अगर कोई बचा सकता है तो वो है बॉलीवुड। अगर किसी ने इंडस्ट्री में गलत किया है तो बाकियों के पास साहस भी होना चाहिए गलत को गलत बोलने का। सुनील शेट्टी जाकर अपने उन साथियों से पूछे – ‘भारत में किसी अपराध के होने पर भारतीय होने में शर्म आती है तो बॉलीवुड के कारनामों पर कभी बॉलीवुड से होने में शर्म क्यों नहीं आती?’

आपस में लड़ रहे शार्क: अशनीर ग्रोवर बोले- मैंने हिट कराया Shark Tank, नमिता-अनुपम ने कहा- टॉक्सिक लोग बाहर रहें

सोनी टीवी (Sony TV) का प्रसिद्ध शो शार्क टैंक के सीजन-2 (Shark Tank 2) में BharatPe के पूर्व प्रबंध निदेशक अशनीर ग्रोवर (Ashneer Grover) नहीं हैं। हालाँकि, उन्हें छोड़कर सारे पुराने शार्क हैं। हालाँकि, इस सीजन में वापस आने वाले शार्क का कहना है कि शो में कोई किसी को मिस नहीं कर रहा है और ना ही आगे करेगा।

हालाँकि, अनुपम मित्तल और नमिता थापर ने अशनीर ग्रोवर को रिप्लेस करने को लेकर कहा कि अच्छा है कि ऐसे टॉक्सिक लोगों को शो से बाहर रखा जाए। वहीं, अनुपम मित्तल ने अशनीर पर चुटकी लेते हुए कहा कि पिछले सीज़न में संस्थापकों का अपमान होते देखना दुर्भाग्यपूर्ण था।

उन्होंने कहा, “आखिरी बार जो हुआ था… उद्यमियों की काफी बेइज्जती हुई थी।” बता दें कि शार्क टैंक के पहले सीजन में अशनीर ग्रोवर ने सबसे ज्यादा सुर्खियाँ बटोरी थीं। वे शो के दौरान कई बार अनफ़िल्टर्ड, स्ट्रॉन्ग और कभी-कभी असभ्य शार्क बन जाते थे। उनकी फेमस लाइन थी, ‘यह सब दोगलापन है’। इस कारण सीजन-2 में लोग उन्हें मिस कर रहे हैं।

कुछ दिन पहले एक साक्षात्कार में अशनीर ग्रोवर ने कहा था कि उन्होंने ही शो के पहले सीजन को हिट कराया था और सोनी को 10 करोड़ रुपए की फ्रैंचाइजी बना दिया। अशनीर के इस पुराने बयान पर अनुपम ने कहा कि इस शो को ना तो किसी ने बनाया है और ना ही इसके इमेज को कोई बिगाड़ सकता है।

अनुपम ने कहा, “मैजिक सिर्फ एक चीज में है कि हम लोग किस तरह मिलकर शो को आगे बढ़ाते हैं। यहाँ आकर जिस तरह से लोग पिच करेंगे, वही ऑडियंस को पसंद आएगा। यह शो किसी शार्क के बारे में नहीं है, यह शो इंडिया के बारे में है जहाँ हर कोने में टैलेंट पनप रहा है।”

हालाँकि, “हाल ही में एक पॉडकास्ट में बात करते हुए अशनीर ग्रोवर ने कहा, “हालाँकि, मैं ये नहीं बोल रहा हूँ कि बाकी लोग कोई कम हैं, लेकिन मैं ज्यादा था। क्या करें? मैंने डोमिनेट कर दिया शो।” उन्होंने यह भी कहा था कि बाकी अन्य जजों को उन्होंने सोशल मीडिया पर भी अनफॉलो कर दिया है।

Shark Tank 2 में अशनीर ग्रोवर को अमित जैन से रिप्लेस किया गया है। इनमें शादी डॉट कॉम के संस्थापक अनुपम मित्तल, एमक्योर फर्मास्यूटिकल कंपनी की मालकिन नमिता थापर, शुगर कॉस्मेटिक्स की फाउंडर विनीता सिंह, लेंसकार्ट के पीयूष बंसल और boAT के को-फाउंडर अमन गुप्ता, कारदेखो के सह-संस्थापक अमित जैन शामिल हैं।

10 महीने में ही पंजाब की AAP सरकार का दूसरा विकेट गिरा: भगवंत मान के मंत्री फौजा सिंह का इस्तीफा, वायरल हुआ था जबरन वसूली का ऑडियो

पंजाब में फौजा सिंह सरारी ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। 10 महीने पुरानी आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार से विदा होने वाले सरारी दूसरे कैबिनेट मंत्री हैं। इससे पहले विजय सिंगला को बर्खास्त किया गया था। सरारी की जगह डॉक्टर बलबीर सिंह को कैबिनेट में जगह मिली है। मुख्यमंत्री भगवत सिंह मान की मौजूदगी में राज्यपाल ने शनिवार (7 जनवरी 2023) को राजभवन में उन्हें शपथ दिलाई।

फौजा सिंह के पास खाद्य और बागवानी मंत्रालय था। इस्तीफा देते हुए उन्होंने कहा है कि वे आप के वफादार सिपाही बने रहेंगे। उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे। इससे संबंधित उनका एक ऑडियो भी वायरल हुआ था।

सितंबर 2022 में यह ऑडियो वायरल हुआ था। उस समय मुख्यमंत्री विदेश दौरे पर थे। दावा किया गया था कि ऑडियो में सरारी ठेकेदारों से वसूली की प्लानिंग कर रहे थे। ऑडियो बाहर आने के बाद विपक्ष ने सरकार पर सवाल उठाए थे। इसके बाद आम आदमी पार्टी ने फौजा सिंह को शो कॉज नोटिस जारी किया था। इस नोटिस का उन्होंने क्या जवाब दिया, जवाब दिया भी या नहीं, यह स्पष्ट नहीं है।

उस वक्त फौजा सिंह ने अपने ऊपर लगे आरोपों को बेबुनियाद करार दिया था। उन्होंने लीक ऑडियो के खिलाफ शिकायत दर्ज करते हुए इसे अपने खिलाफ साजिश करार दिया था। अब उन्होंने निजी कारणों से इस्तीफा देने की बात कही है।

इसके पहले भष्टाचार के आरोपों की वजह से स्वास्थ्य मंत्री विजय सिंगला को बर्खास्त किया गया था। सिंगला पर विभाग द्वारा जारी टेंडर में कमीशन लेने के इल्ज़ाम लगे थे। इसके बाद सिंगला को जेल में भी रहना पड़ा था। हालाँकि सिंगला को आम आदमी पार्टी से बर्खास्त नहीं किया गया। गौरतलब है कि पंजाब के अलावा दिल्ली की आप सरकार के मंत्रियों पर भी भष्टाचार के आरोप हैं। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में केजरीवाल सरकार में मंत्री सत्येंद्र जैन महीनों से सलाखों के पीछे हैं। पार्टी ने उनका भी इस्तीफा नहीं लिया है।

‘यदि नाम में खान होता तो’: एयर इंडिया की फ्लाइट में पेशाब पर राजदीप सरदेसाई कर रहे थे प्रोपेगेंडा, विवेक अग्निहोत्री ने लताड़ा

हाल ही में ‘एयर इंडिया’ की फ्लाइट में एक व्यक्ति द्वारा महिला पर पेशाब करने का मामला सामने आया था। फिलहाल, आरोपित गिरफ्तार हो चुका है। उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही जा रही है। वहीं, इस मामले पर धर्म की राजनीति भी शुरू हो गई है।

दरअसल, टीवी एंकर और ‘गिद्ध पत्रकारिता’ के लिए मशहूर राजदीप सरदेसाई ने आरोपित के धर्म को लेकर ट्वीट किया था। उन्होंने लिखा था कि यदि आरोपित मिश्रा की जगह खान होता तो क्या होता। इस ट्वीट पर, ‘द कश्मीर फाइल्स’ के डायरेक्टर विवेक रंजन अग्निहोत्री ने राजदीप सरदेसाई को करारा जवाब दिया है।

विवेक अग्निहोत्री ने कहा है कि देश में कानून सबके लिए बराबर है। उन्होंने ट्वीट किया, “प्रिय राजदीप, कानून सबके लिए समान है। चाहे वह आरफा हो या राजदीप। यह मीडिया (आपके अनुसार, गिद्ध मीडिया) है जो भेदभाव करता है। मुझे यकीन है कि अगर यह (आरोपित) एक खान होता, तो आप अब तक उसे पीड़ित बता चुके होते। प्लीज सोचें और जवाब दें।”

बता दें कि टीवी एंकर राजदीप सरदेसाई ने ट्वीट कर कहा था, “बहुत अधिक नशे में धुत जिस व्यवसायी को विमान में सह-यात्री पर पेशाब करते पाया गया, वह शेखर मिश्रा है। क्या होता अगर उसका नाम खान होता? अंदाजा लगाइए कि प्राइम टाइम और सोशल मीडिया पर आक्रोश का रथ कौन चला रहा होगा? मिश्रा या खान… कानून और प्रतिक्रिया सभी के लिए बराबर होनी चाहिए। सहमत?”

गौरतलब है कि राजदीप सरदेसाई ने 13 दिसंबर, 2001 को भारतीय संसद पर हुए हमले को ‘अ ग्रेट डे (एक महान दिन)’ कहा था। सरदेसाई ने संसद भवन पर हुए हमले पर बात करते हुए बताया था कि जब आतंकी पार्लियामेंट पर हमला कर रहे थे तब वह संसद के बगीचे में पिकनिक मना रहे थे।

इससे जुड़ा राजदीप सरदेसाई का एक वीडियो वायरल हुआ था। इसमें उन्हें कहते हुए सुना गया था कि पत्रकार गिद्धों की तरह व्यवहार करते हैं। उन्होंने बताया था कि कैसे संसद पर हमले की एक्सक्लुसिव स्टोरी ने टीम को उस शराब और कबाब को भुला दिया, जिसे लेकर वह पिकनिक मनाने की प्लानिंग कर रहे थे। उन्होंने कहा था, “यह एक महान दिन था। हम गिद्धों की तरह हैं। हम इन पलों को भुनाते हैं।” 

उल्लेखनीय है कि 26 नवंबर 2022 को न्यूयॉर्क से दिल्ली आ रही फ्लाइट में शंकर मिश्रा नामक व्यक्ति ने शराब के नशे में धुत होकर 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला पर पेशाब कर दिया था। मामला हाल ही में उजागर हुआ था। इसके बाद से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। फिलहाल, उसे बेंगलुरु से गिरफ्तार किए जाने की बात सामने आई है। इस मामले में, पुलिस से लेकर नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) तक सख्त नजर आ रहे हैं। आरोपित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की बात कही जा रही है।

ज्योतिर्मठ के शिवलिंग में भी दरार, माँ भगवती का पौराणिक मंदिर गिरा: जोशीमठ पहुँच CM धामी पीड़ितों से मिले, कहा- जान बचाना प्राथमिकता

उत्तराखंड में भूमि धँसने (Uttarakhand Landslide) की घटनाओं के बीच प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (CM Pushkar Singh Dhami) शनिवार (7 जनवरी 2023) को जोशीमठ पहुँचे। शहर में जाकर लोगों से मिलने से पहले उन्होंने इलाके का हवाई सर्वेक्षण भी किया। उन्होंने कहा कि लोगों की जान बचाना प्राथमिकता है। इसी बीच ज्योतिर्मठ के शिवलिंग में दरार और एक पौराणिक मंदिर के गिरने की भी खबर है।

जोशीमठ में किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए NDRF की टीम को तैनात किया गया है। वहीं, वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञों की टीम घर-घर जाकर सर्वे का काम कर रही है। यहाँ के 700 से अधिक घरों में बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं। वहीं, खतरनाक हालत में हालत में पहुँच गए घरों के परिवारों को निकाल कर सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा रहा है।

राज्य सरकार 600 परिवारों को तत्काल वहाँ से हटाने का आदेश दिया है। इसके लिए सरकार ने NTPC और HCC में प्रत्येक को 2000 घर अस्थायी घर बनाने के लिए कहा है, ताकि लोगों को उसमें अस्थायी तौर पर रखा जा सके। वहीं, जो लोग किराए पर अन्य जगह रहना चाह रहे हैं, उन्हें 4,000 रुपए प्रतिमाह देने की घोषणा की गई है। यह किराया अगले 6 महीने तक दिया जाएगा। 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जोशीमठ पहुँचकर प्रभावित हिस्सों के लोगों से मुलाकात की। यहाँ पहुँचने से पहले उन्होंने शुक्रवार (6 जनवरी 2023) को वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों से लेकर विशेषज्ञों से राय-मशविरा किया, ताकि समस्या का जल्द से जल्द हल निकाला जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार इस तरह की आपदाओं से निपटने के लिए एक दीर्घकालीन योजना बना रही है।

उन्होंने कहा, “जोशीमठ हमारा पौराणिक शहर है। उत्तराखंड सरकार इस मामले को लेकर अलर्ट पर है। हमारा मकसद सबको बचाना है। प्रभावितों के विस्‍थापन के लिए वैकल्पिक जगह की तलाश जारी है।” इस बीच जमीन धँसने के कारण माँ भगवती का एक पौराणिक मंदिर भरभरा कर एक मकान के ऊपर गिर गया, जिससे मकान की छत पर दरारें आ गई।

भू-धंसाव की चपेट में ज्योतिर्मठ परिसर के बाद शंकराचार्य माधव आश्रम मंदिर के शिवलिंग में दरार आ गई है। परिसर के लक्ष्मी नारायण मंदिर के आसपास बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई हैं। मठ के प्रभारी ब्रह्मचारी मुकुंदानंद ने बताया कि मठ के प्रवेश द्वार, लक्ष्मी नारायण मंदिर और सभागार में दरारें आई हैं। इसी परिसर में टोटकाचार्य गुफा, त्रिपुरसुंदरी राजराजेश्वरी मंदिर और ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य का गद्दीस्थल है। 

कहा जा रहा है कि वैज्ञानिकों की समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि जोशीमठ में भू-धँसाव और घरों में दरारें पड़ने की क्रिया तेज हुई है। इसको देखते हुए पूरे शहर को विस्थापित करने के बाद ही उपचारात्मक कदम उठाए जाने चाहिए। वैज्ञानिकों की समिति ने पिछले वर्ष अगस्त में जोशीमठ का दौरा किया था। इस समिति ने सितंबर 2022 में अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी।

जोशीमठ की तरह ही कर्णप्रयाग और उत्तरकाशी में भी घरों में दरार आने की घटनाएँ सामने आई हैं। इन घटनाओं ने सरकारी की चिंता बढ़ा दी है। हालात को देखते हुए पूरे चमोली जिले में सभी निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। हेलंग बाईपास निर्माण कार्य, एनटीपीसी तपोवन विष्णुगाड जल विद्युत परियोजना के के तहत जारी निर्माण कार्य तथा नगरपालिका क्षेत्र के अंतर्गत निर्माण कार्यों रोक दिया गया है। इसके साथ ही प्रशासन द्वारा जोशीमठ-औली रोपवे का संचालन भी रोक दिया है।

उधर, केंद्र की मोदी सरकार (Modi Government) ने शुक्रवार (6 जनवकी 2023) को जोशीमठ में भू-धंसाव का तेजी से अध्ययन करने के लिए एक पैनल का गठन किया। इस पैनल में पर्यावरण और वन मंत्रालय, केंद्रीय जल आयोग, भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण और स्वच्छ गंगा के लिए राष्ट्रीय मिशन के प्रतिनिधि शामिल हैं।

कड़ाके की ठंड में बच्चे को नंगे बदन घुमाया, जनेऊ भी पहनाया तो उल्टा: राहुल गाँधी की ‘हिंदुत्व वाली राजनीति’, लताड़ के बाद कॉन्ग्रेस ने डिलीट की तस्वीर

कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ शुरुआत से ही विवादों में रही है। इस यात्रा को लेकर नया विवाद एक बच्चे को जनेऊ पहनाकर घुमाने में हुआ है। इस विवाद का कारण एक तो यह है कि भयंकर ठंड के बाद भी बच्चे ने कपड़ा नहीं पहना हुआ है। वहीं, दूसरा यह कि बच्चे ने उल्टा जनेऊ पहना हुआ है। इस कारण लोग राहुल गाँधी को ट्रोल कर रहे हैं।

दरअसल, कॉन्ग्रेस के ऑफिशियल सोशल मीडिया अकाउंट्स से राहुल गाँधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान की तस्वीरें लगातार शेयर की जाती रहीं हैं। पार्टी के ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट से हाल ही में एक फोटो ट्वीट की गई थी। इस फोटो में जहाँ सभी ने ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़े पहन रखे हैं, यहाँ तक कि राहुल गाँधी ने भी टीशर्ट पहन रखी है। वहीं, करीब 7-8 साल की उम्र का नजर आ रहा बच्चा सिर्फ एक पायजामे में दिखाई दे रहा है।

वहीं दूसरी ओर, उक्त बच्चे को उल्टा जनेऊ पहनाया गया है। सनातन धर्म संस्कृति के अनुसार, किसी भी व्यक्ति को जनेऊ बाएँ कंधे से जनेऊ पहनाया जाता है जो दाईं कमर पर होता है। साथ ही, किसी परिजन के अंतिम संस्कार के समय ही उल्टा जनेऊ पहनाया जाता है।

कॉन्ग्रेस के ट्विटर अकाउंट द्वारा शेयर की इस फोटो को लेकर राहुल गाँधी को लगातार ट्रोल किया जा रहा था। इस कारण, ट्वीट करने के कुछ घंटे बाद ही, इसे डिलीट कर दिया गया। हालाँकि, अब भी कई कॉन्ग्रेस नेताओं के सोशल मीडिया अकाउंट पर यह फोटो देखी जा सकती है।

बहरहाल, इस फोटो को लेकर सोशल मीडिया पर रिएक्शन्स की बाढ़ आई हुई है। लोग इसे राजनीतिक हथकंडा बताते हुए लगातार ट्रोल कर रहे हैं। भाजपा नेता तजिंदर पाल सिंह बग्गा ने इस फोटो को शेयर करते हुए लिखा है, “4 डिग्री तापमान में राजनीति के लिए एक बच्चे को कपड़े उतार के घुमाना एक बेशर्म ही कर सकता है।”

प्रवीण सिंह नामक यूजर ने लिखा, “भाई नकल करके हिन्दू नही बन सकते। जनेऊ उल्टी दिशा से पहना है, जो कि अंतिम संस्कार के समय करते है। वाह रे ढोंगी पोंगा पंडित।”

सचिन मोरे नामक यूजर ने लिखा, “ठंड में बच्चे के नाम पर राजनीति और उस में भी जनेऊ उल्टा।”

गोलू श्रीवास्तव नामक ट्विटर यूजर ने लिखा, “ये लड़के के साथ सोशल अत्याचार है। इसके साथ ही राहुल गाँधी हिन्दुत्व को दिखा रहे हैं, लेकिन क्या करें आप 70 साल पहले ही हिन्दुत्व छोड़ चुके हैं। कम से कम जनेऊ तो ठीक से पहना देते।”

सुधीर कुमार नामक यूजर ने लिखा, “राहुल बाबा, आप कितने बड़े मूर्ख हो। उल्टा जनेऊ व्यक्ति अंतिम संस्कार के समय पहनते हैं। क्या तुम कॉन्ग्रेस की अंत्येष्टि करने जा रहे हो? कॉन्ग्रेसी कितने पागल हैं जो तुमको नेता मानते हैं। ठंड में एक बच्चे को नंग-धरंग केवल जनेऊ दिखाने के लिए लेकर निकले हो? इससे तुम हिन्दू नहीं हो जाओगे।”

तैमूर का जीजा नामक यूजर ने लिखा, “जेनेऊ उल्टा पहना दिया ठीक है। इन्हें क्या ही पता हिंदू संस्कारों का। लेकिन, अपनी राजनीति चमकाने की खातिर इस कड़ाके की ठंड में एक मासूम बच्चे को बिना कपड़ों के नहीं घुमाना था। जुल्म है ये।”

प्रभा उपाध्याय नामक ट्विटर यूजर ने लिखा, “मूर्ख पप्पू राहुल गाँधी अपनी भारत तोड़ो यात्रा के लिए छोटे बच्चे का उपयोग कर रहा है। दिल्ली के इस सर्द मौसम में उस बच्चे को कपड़े के बिना घुमा रहा है बच्चे ने गलत दिशा में जनेऊ पहना है। उल्टा जनेऊ श्राद्ध, तर्पण हो या अंतिम संस्कार करने के दौरान पहना जाता है।”

गौतम तिवारी नामक यूजर ने ट्वीट कर कहा, “कॉन्ग्रेस का श्राद्ध कार्यक्रम ही तो चल रहा है, तभी तो उल्टा जनेऊ पहना रखें हैं बच्चे को।

कार में फँसी अंजलि को छोड़ भागी जो सहेली, वह गाँजा सप्लाई में जा चुकी है जेल: दोस्त ने कहा – एक्सीडेंट से पहले होटल में पैसे के लिए लड़ी थी

दिल्ली कंझावला केस में अंजलि के दोस्त ने अहम खुलासा किया है। अंजलि का दोस्त भी उस पार्टी वाली रात होटल में बाकी लोगों के साथ मौजूद था। अंजलि के दोस्त नवीन का कहना है कि अंजलि और निधि के बीच पैसों को लेकर झगड़ा हुआ था। दोस्त के मुताबिक, दोनों के बीच हाथापाई भी हुई थी। इसके बाद दोनों होटल से बाहर निकल गए थे।

समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, अंजलि के दोस्त नवीन ने घटना वाली रात की कहानी बताई है। नवीन ने बताया कि वहाँ 2 कमरे बुक किए गए थे। एक में नवीन और कुछ दोस्त व दूसरे में निधि और अंजलि थे। सभी बीयर पी रहे थे। फिर निधि और अंजली के बीच पैसों को लेकर बहस शुरू हो गई। दोस्त की मानें तो निधि ने अंजलि से पैसे माँगे और अंजलि ने निधि से अपनी चाबी माँगी। इसके बाद उनमें हाथापाई होने लगी। दोस्तों ने मिलकर दोनों को रोका। इसके बाद निधि नीचे जाकर हंगामा करने लगी।

दोस्त का कहना है कि निधि को शांत करने के लिए अंजलि भी नीचे गई, जहाँ दोबारा दोनों के बीच बहस हुई। नवीन ने जानकारी दी कि जब तक बाकी के लोग नीचे पहुँच पाते, तब तक निधि और अंजलि जा चुके थे। नवीन ने बताया कि मुझे अंजलि की मौत की जानकारी मीडिया के जरिए मिली।

निधि गाँजा तस्करी में जा चुकी है जेल

पुलिस अंजलि के एक्सीडेंट को लेकर निधि से लगातार पूछताछ कर रही है। इन सब के बीच निधि को लेकर एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, निधि दो साल पहले (2020 में) आगरा में 10 किलोग्राम गाँजे के साथ पकड़ी जा चुकी है। जीआरपी ने उसके साथ रेलवे स्टेशन से दो लड़कों को भी पकड़ा था। लड़कों के पास से भी 10-10 किलोग्राम गाँजा मिला था। तीनों को तस्करी के मामले में जेल भेजा गया था।

जेल जाने से पहले उन्होंने जिसके लिए तस्करी करने की बात कबूली थी, उसे अब तक नहीं पकड़ा जा सका है। आपको बता दें कि दिल्ली के कंझावला में अंजलि को बलेनो कार से कई किलोमीटर तक घसीटा गया था। जिससे उसकी दर्दनाक मौत हो गई थी। दिल्ली पुलिस की जाँच में यह सामने आया था कि हादसे के वक्त अंजलि स्कूटी पर अकेली नहीं थी बल्कि उसकी दोस्त निधि भी उसके साथ मौजूद थी। जिसके बाद निधि की तलाश की गई।

पुलिस ने निधि को इस केस में चश्मदीद बनाया हुआ है। हादसे के बाद निधि अपनी दोस्त को छोड़कर फरार हो गई थी। दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने निधि को भी आरोपित बनाने की माँग की थी। उन्होंने केस की जाँच सीबीआई से कराए जाने की भी माँग की है।

6 साल के छात्र ने शिक्षिका को मार दी गोली: अमेरिका के स्कूल की घटना, ‘गन कल्चर’ वहाँ पहले ही बन चुका है गले की फाँस

अमेरिका के वर्जीनिया शहर के एक स्कूल में 6 साल के बच्चे ने क्लास रूम में टीचर पर गोली चला दी। घायल टीचर को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गोली चलाने वाले छात्र को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। घटना में किसी छात्र के घायल होने की खबर नहीं है।

घटना वर्जीनिया के न्यूपोर्ट न्यूज़ इलाके में स्थित रिचनेक एलीमेंट्री स्कूल की बताई जा रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फर्स्ट ग्रेड में पढ़ने वाले एक 6 साल के बच्चे ने शुक्रवार (6 जनवरी, 2023) दोपहर एक टीचर पर गोली चला दी। पुलिस ने गोली चलाने वाले बच्चे को हिरासत में ले लिया है। गोली चलने के बाद स्कूल में अफरा-तफरी मच गई और पुलिस को घटना की जानकारी दी गई।

न्यूपोर्ट न्यूज़ पुलिस डिपार्टमेंट के चीफ स्टीव ड्रू ने जानकारी दी है कि 30 साल की शिक्षिका और आरोपित छात्र के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। कहासुनी के बीच बच्चे ने शिक्षिका पर फायरिंग कर दी। उसने टीचर पर एक राउंड फायर किया। ड्रू ने कहा कि घटना की जाँच की जा रही है शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इस घटना में कोई दूसरा छात्र शामिल नहीं है। पुलिस अब यह जानने की कोशिश कर रही है कि 6 साल के बच्चे के पास बंदूक कहाँ से आई और किन हालात में छात्र ने गोली चलाई।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, घटना के बाद स्कूल प्रशासन के तरफ से प्रेस कॉन्फ्रेस कर इसके बारे में सूचना दी गई। स्कूल के सुपरिटेंडेंट डॉ. जॉर्ज पार्कर ने जानकारी दी कि स्कूल सोमवार को बंद रहेगा। स्कूल के स्टाफ सदमें में हैं। हम स्कूल स्टाफ और बच्चों के मानसिक स्थिति को सामान्य होने के लिए कुछ वक्त देना चाहते हैं। पार्कर ने कहा कि हमें अपने युवाओं के हाथों से बंदूकें दूर रखने की जरूरत है। पार्कर ने कहा कि हमें बच्चों को शिक्षित करने और उन्हें सुरक्षित रखने की जरूरत है। हमें अमेरिका के गन कल्चर को बदलने की जरूरत है।

न्यूपोर्ट न्यूज के मेयर फिलिप जॉन्स ने पत्रकारों से कहा कि आगे इस तरह की घटना न हो हम इस दिशा में कदम उठाने जा रहे हैं। आपको बता दें कि अमेरिकी में हथियार खरीदने को लेकर कोई सख्त कानून या नियम नहीं है। वहाँ हथियार खरीदना दुकान से सामान खरीदकर घर लाने जैसा है। अमेरिका के अलग-अलग राज्यों में आए दिन मास शूटिंग या गोलीबारी की ऐसी घटनाओं के लिए यहाँ के गन कल्चर को जिम्मेदार ठहराया जाता है।

मायावती सरकार में मंत्री रहा इनामी याकूब कुरैशी बेटा समेत गिरफ्तार, ₹100 करोड़ की संपत्ति हो चुकी है कुर्क: अवैध मांस के कारोबार में था पूरा परिवार

उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के करीबी और बसपा सरकार में मंत्री रहे याकूब कुरैशी और उसके बेटे को गिरफ्तार किया गया है। दोनों बीते 9 महीने से फरार थे। अवैध मांस का व्यापार करने के आरोप में याकूब और उसके बेटे पर 50-50 हजार का इनाम घोषित था।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मेरठ की खरखौदा पुलिस ने दिल्ली के चाँदनी महल थाना क्षेत्र से दोनों को गिरफ्तार किया है। याकूब कुरैशी अपने बेटे के साथ एक फ्लैट में किराए पर रह रहा था। पुलिस ने शनिवार (7 जनवरी, 2022) को रात करीब 2 बजे छापेमार कार्रवाई करते हुए यह गिरफ्तारी की है।

अवैध मांस व्यापार मामले में परिवार सहित आरोपित है याकूब..

उत्तर प्रदेश पुलिस ने अन्य विभागों के साथ मिलकर 31 मार्च, 2022 को याकूब की अवैध मांस फैक्ट्री में छापा मारा था। इस कार्रवाई में पुलिस ने पाँच करोड़ रुपए की कीमत का अवैध मांस पकड़ा था। यही नहीं, पुलिस ने अवैध मांस की पैकेजिंग करते हुए 10 लोगों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया था।

इस मामले में पुलिस ने याकूब कुरैशी, उसकी पत्नी संजीदा बेगम, दोनों बेटे इमरान और फिरोज समेत 17 लोगों को नामजद आरोपी बनाया था। इसके बाद, कोर्ट में पेश न होने के कारण पुलिस ने याकूब और उसके परिवार पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। साथ ही उसके घर पर कुर्की वॉरंट चस्पा कर अदालत में पेश होने का आदेश जारी किया गया था।

इसके बाद भी, ये कोर्ट में पेश नहीं हुआ। इस दौरान, कोर्ट के आदेश के बाद 100 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति भी कुर्क की गई थी। बता दें कि याकूब कुरैशी का एक बेटा फिरोज पहले ही गिरफ्तार हो चुका है। वहीं, फरार आरोपितों पर 50 हजार रुपए का इनाम रखने के साथ ही, गैंगेस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में, अब पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए याकूब और उसके बेटे को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं, उसकी पत्नी संजीदा बेगम की गिरफ्तारी पर हाई कोर्ट ने रोक लगा रखी है।

हैदराबाद का वह 6 साल का बच्चा, मोदी के मंत्री कौशल किशोर और पत्रकार रवि प्रकाश…

एक पिता का सबसे बड़ा दुख क्या होता होगा? शायद, अपने ही जवान बेटे को कंधा देना। एक 6 साल का बच्चा क्या चाहता होगा? शायद माँ-बाप का लाड़ या फिर पसंदीदा खिलौना। एक हँसते-खेलते आदमी को क्या तोड़ देता होगा? शायद, यह पता चलना कि उसके शरीर में कैंसर ने घर कर लिया है।

पर हैदराबाद के उस 6 साल के बच्चे को जब पता चला कि उसकी जिंदगी 6 महीने की ही बची है तो भी वह आत्मविश्वास से भरा था। उसके चेहरे पर मुस्कान थी। मोदी के मंत्री कौशल किशोर ने सार्वजनिक तौर पर भूल का पाश्चाताप किया और यह सुनिश्चित करने की यात्रा पर निकल पड़े कि कोई उनके बेटे की मौत न मरे। कोई बेटी उनकी बहू की तरह विधवा न हो। खबरों की खोज में जमीन नापने वाले पत्रकार रवि प्रकाश (हम जैसों के रवि भैया) कैंसर के अंतिम स्टेज में प्रकाश बिखेर रहे हैं, मानों जीजिविषा कोई शब्द है तो रवि प्रकाश उसका पर्यायवाची।

हैदराबाद के उस अनाम बच्चे की कहानी ट्विटर पर डॉक्टर सुधीर कुमार ने साझा की है, क्योंकि वह बच्चा अब जीवित नहीं है। हैदराबाद के अपोलो हॉस्पिटल में कार्यरत डॉ. कुमार ने बताया है कि चेहरे पर मुस्कान लिए वह बच्चा नहीं चाहता था कि उसके कैंसर की खबर उसके माता-पिता को भी हो। यह दूसरी बात है कि रोग की संवेदनशीलता को देख डॉक्टर ने इसे उसके माता-पिता से नहीं छिपाया। सब कुछ बताया यह कहते हुए कि उसके पास जो भी समय बचा है, उसके साथ बिताइए। उसे खूब खुशियाँ दीजिए।

डॉ. सुधीर ने दुनिया को यह कहानी बताने के लिए उस बच्चे को काल्पिनक नाम मनु दिया है। उन्होंने बताया कि जिस दिन वे उस बच्चे से मिले वह ओपीडी में काफी व्यस्त दिन था। जब मनु अंदर आया तो आत्मविश्वास से भरा था। अपने माता-पिता से कहा कि वह डॉक्टर से अकेले बात करना चाहता है। फिर डॉक्टर से कहा, “मैंने आईपैड पर सब कुछ पढ़ा है। मुझे पता है कि मैं छह महीने ही जीवित रहूँगा। मैंने इसे अपने माता-पिता को नहीं बताया है, क्योंकि वे परेशान होंगे। वे मुझे बहुत प्यार करते हैं। कृपया इसके बारे उन्हें न बताएँ।”

लकवाग्रस्त मनु आठ महीने बाद कैंसर से मर गया। जैसा कि डॉक्टर सुधीर ने बताया है उसकी बात सुन वह अंदर तक हिल गए थे। आज उसी तरह उसकी कहानी ने उस समाज को भीतर तक हिला दिया है, जिसने इसी नए साल पर देखा कि एक लड़की कार में फँसकर दिल्ली की सड़कों पर कई किलोमीटर तक घिसटती रही और उसकी दोस्त उसे छोड़ भाग खड़ी हुई। किसी को बताया तक नहीं।

कौशल किशोर उत्तर प्रदेश के मोहनलालगंज से बीजेपी के सांसद हैं। भारत सरकार में राज्यमंत्री हैं। उनका बेटा नशाबाज था। इस देश के उन लाखों माँ-बाप की तरह (जो सोचते हैं कि बिगड़ैल बेटा ब्याह से सही हो जाएगा) कौशल किशोर ने भी बेटे की शादी करवा दी। 2020 में बेटे की मौत हो गई। लेकिन कौशल किशोर इससे टूटे नहीं। नशा मुक्त भारत के संकल्प पर निकल पड़े हैं।

उन्होंने 31 दिसंबर 2022 को एक ट्वीट कर अपनी गलती पर पाश्चाताप तक ​किया। उन्होंने लिखा, “मैंने एक गलती करके अपने नशा करने वाले लड़के की शादी कर दी, जिसकी वजह से आज मेरी बहू विधवा हो गई। अब कोई और लड़की विधवा ना हो इसलिए अपनी लड़कियों की शादी किसी भी नशा करने वाले व्यक्ति से न करें चाहे वह कितने बड़े पद, पोस्ट पर हो और चाहे कितना ही वह अमीर हो।”

जो देश दुनिया की करीब आधी व्हिस्की पी जाता हो, जिस देश की राजधानी में नए साल पर लोग 45 करोड़ रुपए से अधिक की शराब गटक जाते हों, जिस देश में सेलिब्रिटी के लिए नशा उत्पादों का प्रचार नैतिकता का मसला न हो, जिस देश में नेताओं पर नशा माफियाओं को संरक्षण देने का आरोप लगता हो, मुझे नहीं पता नशामुक्ति का कौशल किशोर का अभियान कितना कामयाब होगा। लेकिन जिस दौर में राजनीतिक संकीर्णता सामान्य हो चली है, जिस समयकाल में एक मुख्यमंत्री अपने राज में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों का दाग धोने को कहता है कि ‘जो पिएगा वो मरेगा’, उस दौर में एक मंत्री की यह स्वीकारोक्ति एक सुखद जिद तो है ही।

यही जिद रवि प्रकाश की पहचान है। पत्रकार रहे तो खबर की तह तक पहुँचने की जिद। जब अंतिम स्टेज में कैंसर का पता चला तो उससे हार न मानने की जिद। जिद भी ऐसी कि 21 कीमोथेरेपी के बाद कैंसर के नाम पत्र लिख दिया। लेकिन कैंसर से कोई शिकायत नहीं की। कैंसर को भी प्रिय कहकर संबोधित किया, गोया कैंसर न होकर ठग्गू के लड्डू हो। लिखा, “तुम्हारे साथ रहते हुए करीब सवा साल गुजर गए। कुछ दिनों के असहनीय कष्टों को भूल जाएँ, तो बाकी के महीने शानदार रहे… तुम कितने अच्छे हो। तुम्हारा शुक्रिया। तुमने मेरी जिंदगी बदल दी है।”

अब 33वीं कीमोथेरेपी के बाद ट्वीट कर कहा है, “मुंबई से राँची वापसी में हम जिंदगी की लीज कम-से कम तीन महीने और बढ़ाने वाली ख़ुशी के साथ झोला भर दवाइयाँ भी अपने साथ लाते हैं। ताकि, जिंदगी की गाड़ी इत्मीनान से चलती रही। जिंदाबाद जिंदगी। जिंदाबाद मेरे डॉक्टर्स।”

मनु हो, कौशल किशोर या रवि प्रकाश ये द्योतक हैं जिंदगी की पवित्रता के। यह पवित्रता ही इस समाज का संबल है। हमारे भीतर के मानवता का बोध है।