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BJP सरकार ने अपने ही नेता का 5 मंजिला होटल डायनामाइट से उड़ाया, निष्कासित भी किया: THAR से कुचल कर की थी युवक की हत्या

मध्य प्रदेश में हत्या के आरोपित एक शख्स को भाजपा ने न सिर्फ पार्टी से निकाला, बल्कि उस पर कार्रवाई करते हुए उसके पाँच मंजिला होटल को ढहा दिया है। इस होटल को ध्वस्त करने के लिए एक विशेष टीम को बुलाया गया था और 12 घंटे की कोशिश के बाद इसे 5 सेकेंड में गिरा दिया गया।

प्रशासन का कहना है कि इस जगह पर दो मंजिला शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाने की इजाजत ली गई थी, लेकिन यहाँ पाँच मंजिला होटल बना दिया गया। प्रशासन ने इस बिल्डिंग को अवैध बताते हुए ध्वस्त करने की कार्रवाई की।

इस बिल्डिंग को गिराने के लिए इंदौर से टीम को बुलाया गया था। इसे गिराने के लिए 80 किलोग्राम विस्फोटक और जिलेटिन की 50 रॉड्स का इस्तेमाल किया गया। इसके बाद इसमें दो बार विस्फोट किया गया और होटल को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया।

बता दें कि यह मामला सागर का है। सागर के भाजपा नेता मिश्रीचंद गुप्ता के भाई और भतीजे ने 23 दिसंबर 2022 को जगदीश यादव नाम के एक शख्स की अपनी थार गाड़ी से कुचल कर हत्या कर दी थी। सागर जिले के कोरेगाँव का करने वाले 30 वर्षीय जगदीश यादव डेयरी फार्म का काम करते थे।

मामला चुनावी रंजिश से जुड़ा था। सागर के मकरोनिया थाना अंतर्गत निकाय चुनाव में रंजिश को लेकर यह हत्या की गई। जगदीश यादव निर्दलीय पार्षद किरण यादव के भतीजे थे। नगर निकाय चुनाव में किरण यादव ने मिश्रीचंद गुप्ता की पत्नी मीना गुप्ता को 83 मतों से हराया था।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जगदीश यादव डेयरी फार्म से कार लेने गए थे। वहाँ पर उनका भाजपा नेता एवं पूर्व सांसद प्रतिनिधि मिश्रीचंद गुप्ता के परिवार के सदस्यों से एक पुराने मामले को लेकर विवाद हो गया। बाद में कहासुनी ने तूल पकड़ लिया और आरोपित ने उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी। इसके बाद आरोपित चार पहिया वाहन थार को मृतक के ऊपर चढ़ाकर फरार हो गए।

इसके बाद पुलिस घटना स्थल पर पहुँची और पीड़िता को पास के अस्पताल ले गई। वहाँ डॉक्टरों ने जगदीश यादव को मृत घोषित कर दिया। आरोप है कि  पुलिस को इस मामले का CCTV फुटेज भी मिला, जिसमें आरोपित गाड़ी चढ़ाते हुए दिख रहा था। हत्या के बाद सागर में बवाल हो गया। लोग विरोध में सड़कों पर उतर आए।

भाजपा ने मिश्रीचंद गुप्ता को पार्टी से निकाल दिया। उधर लोग गुप्ता के अवैध होटल को गिराने की माँग भी करने लगे। इसके बाद प्रशासन ने इस होटल पर भी कार्रवाई की। उसकी हत्याकांड में मुख्य आरोपित लवी गुप्ता सहित 5 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। वहीं, भाजपा से निष्कासित गुप्ता और उनके दो भाई फरार हैं।

एयरपोर्ट पर शर्ट उतरवाकर अंडरगारमेंट में खड़ा रखा: महिला संगीतकार ने ट्वीट कर डिलीट किया हैंडल, CISF ने कहा- ये झूठ, होगी कानूनी कार्रवाई

कर्नाटक की राजधानी बंगलुरु स्थित कैंपागौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक महिला म्यूजिशियन ने सुरक्षा जाँच के दौरान सुरक्षाकर्मियों पर शर्ट उतरवाने का आरोप लगाया है। इसको लेकर महिला ने एक ट्वीट किया था। हालाँकि, जब मामला झूठा साबित हुआ तो महिला ने ट्वीट को डिलीट कर दिया।

इतना ही नहीं, महिला ने इस अनुभव को बेहद अपमानजनक बताया और ट्विटर पर पूरी कहानी शेयर की। अब, महिला ने ना सिर्फ ट्वीट को डिलीट कर दिया है, बल्कि अपने ट्विटर हैंडल को भी डिएक्टिवेट कर दिया है। वहीं, महिला के आरोप के बाद एयरपोर्ट के अधिकारियों ने मामले की जाँच के आदेश दिए थे।

आरोप लगाने वाली महिला ने अपने ट्वीट में कहा था, “बंगलुरु एयरपोर्ट पर सुरक्षा जाँच के दौरान मुझसे अपना शर्ट उतारने को कहा गया। वहाँ सिक्योरिटी चेक प्वॉइंट पर सिर्फ कैमिसोल (अंगिया) पहन कर खड़े होना वाकई अपमानजनक था और इस एक महिला के रूप में इस तरह का ध्यानाकर्षण आप कभी नहीं चाहेंगे। बंगलुरु एयपोर्ट, एक महिला को ऐसा करने के लिए आपको जरूरत क्यों है?”

न्यूज 18 ने CISF के सोर्स के हवाले से कहा है कि महिला द्वारा लगाया आरोप झूठ है। महिला बैज और बीडिंग के साथ डेनिम का जैकेट पहनी हुई थी। महिला की तलाशी पर्दे के पीछे महिला सुरक्षाकर्मी द्वारा ली गई थी। उसे सुरक्षाकर्मी ने तब तक पर्दे में रहने के लिए कहा था, जब तक कि उसके कपड़े स्कैनर से बाहर नहीं आ जाते। इस महिला ने कहा कि इस कपड़े में भी उसे बाहर जाने में कोई परेशानी नहीं है।

महिला ने मंगलवार (3 जनवरी 2023) की देर शाम को ट्विटर पर यह आरोप लगाया था। उसके ट्वीट का जवाब देते हुए बंगलुरु एयरपोर्ट के आधिकारिक ट्विटर हैंडल ने इस परेशानी के लिए क्षमा माँगी और कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए। इस हैंडल से महिला से उसका कॉन्टैक्ट नंबर भी माँगा था।

बंगलुरु एयरपोर्ट ने अपने ट्वीट ने आगे कहा कि यह मामला हवाईअड्डे के ऑपरेशन टीम के सामने रखा जाएगा। इसके साथ ही केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के साथ भी साझा किया जाएगा। CISF का कहना है कि महिला का आरोप झूठा पाया गया है।

वहीं, ToI के एक रिपोर्टर के मुताबिक, बंगलुरु CISF इस महिला के खिलाफ यह कानूनी कार्रवाई करने पर विचार कर रही है। उस पर केंद्रीय एजेंसी के खिलाफ झूठे आरोप लगाने के लिए यह कार्रवाई की जा सकती है। बता दें कि महिला इंडिगो की फ्लाइट से बंगलुरु से अहमदाबाद जा रही थी।

धँस रहे मकान, जमीन-दीवारों में दरारे, सड़क फोड़ निकल रहा पानी… जोशीमठ में क्या होने वाला है? 35 घर कराए गए खाली, पलायन कर रहे लोग

उत्तराखंड के जोशीमठ में क्या कोई बड़ी तबाही आने वाली है? – ये सवाल कई लोगों के जेहन में गूँज रहा है। ताज़ा घटना के हुई है कि Jaypee कंपनी के परिसर में भू-धँसाव से बड़ी तबाही आई है, जिससे 25 घर रहने लायक नहीं रहे हैं। 16 परिवारों को अलग जगह पर शिफ्ट किया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वो आपदा प्रबंधन विभाग के साथ मिल कर लगातार मामले की निगरानी कर रहे हैं। चमोली जिले का ये पूरा इलाका तबाह होने की कगार पर है।

शहर में दहशत फैली हुई है और लोग पलायन कर रहे हैं। सभी 16 वार्डों में स्थिति खराब है। मारवाड़ी भूमि में पानी का बहाव भी नहीं रुक रहा है, जिससे निचले हिस्सों में स्थित घर तबाह हो रहे हैं। सिंहधार में स्थित बीएसएनएल के कार्यालय और आवासीय भवनों में भी दरार आ गई है। जेपी कंपनी के परिसर में जमीन के साथ-साथ घरों की दीवारों से भी पानी का रिसाव हो रहा है। खेतों की दरार में ये पानी घुस रहा है। डाकघर को भी शिफ्ट करना पड़ा।

‘माउंट व्यू’ नामक होटल तो ऐसा धँस गया कि इसकी पूरी संरचना ही तिरछी हो गई है। होटल को खाली करना पड़ा है। ज्योतिर्मठ परिसर, जो कि ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य की गद्दी है, वहाँ के मंदिरों के आसपास भी दरारें आ रही हैं। शंकराचार्य से सरकार से इस पर ध्यान देने की अपील करते हुए आसपास चल रहे विद्युत्-जल परियोजनाओं को रोकने की माँग की है। उन्होंने कहा कि तकनीकी विशेषज्ञ इलाके का निरीक्षण करें।

जोशीमठ को बद्रीनाथ का प्रवेश द्वार कहा जाता है। धरती फाड़ कर जगह-जगह पानी निकल रहा है। प्रशासन ने 35 घरों को खाली कराया है। कई मकान 2-3 फ़ीट तक जमीन के अंदर धँस गए हैं। जहाँ-जहाँ से पानी निकल रहा है, वहाँ सीवर से कोई लीकेज नहीं है। प्राकृतिक आपदाओं के हिसाब से ये जमीन वैसे भी संवेदनशील है। यहाँ के लोग भी डरे हुए हैं और लगातार आवाज़ उठा रहे हैं। सड़कों की दरारें लगातार चौड़ी होती जा रही हैं। कई घरों के काँच चटक रहे हैं।

‘पवन सिंह ने गलत काम करने को कहा, इसलिए छोड़नी पड़ी फिल्म’: भोजपुरी अभिनेत्री का खुलासा, कहा- पहले नहीं जानती थी उनकी सच्चाई

भोजपुरी फिल्मों के सुपरस्टार पवन सिंह का विवाद पीछा नहीं छोड़ रहा है। अब एक अभिनेत्री ने अभिनेता पर आरोप लगाया है। यामिनी सिंह नाम की अभिनेत्री का कहना है कि वह पवन सिंह के साथ इसलिए काम नहीं करतीं, क्योंकि उन्होंने अभिनेत्री से काम के बदले कंप्रोमाइज करने के लिए कहा था।

बता दें कि इसी अभिनेत्री ने पहले एक साक्षात्कार में कहा था कि वह पवन सिंह के साथ इसलिए काम नहीं करतीं, क्योंकि उनकी फिल्मों में स्पेस नहीं मिलता है। अब अभिनेत्री ने काम नहीं करने का कारण कुछ अलग बताया है।

यामिनी ने एक इंटरव्यू में कहा, “मैं यह बताना चाहती हूँ कि लोगों को लगता है कि मुझे पहली फिल्म पवन सिंह ने दी थी, लेकिन ऐसा नहीं है। मुझे मेरी पहली फिल्म डायरेक्टर अरविंद चौबे ने ऑफर की थी। उस फिल्म का नाम ‘बॉस’ था। मुझे निकालने वाले न पवन सिंह थे और न ही कोई डायरेक्टर। मैंने इस फिल्म को खुद छोड़ा था।”

उस अनुभव को साझा करते हुए अभिनेत्री ने कहा, “जब मैं सेट पर गई थी तो मैंने पवन सिंह की तारीफ की थी। मैं यही जानती थी कि वे अच्छे व्यक्ति हैं और अच्छा स्टार हैं। वे मेरे फेवरेट सिंगर भी हैं। हालाँकि, तब मैं उनकी सच्चाई नहीं जानती थी। साथ काम करने के लिए पवन सिंह ने मुझे समझौता करने के लिए कहा था।”

एक चैनल से बात करते हुए यामिनी ने आगे बताया, “इस अनुभव के बाद मैंने ठान लिया कि मैं इंडस्ट्री में रहूँगी और सबके साथ काम करूँगी, लेकिन पवन सिंह के साथ नहीं करूँगी। मुझे गलत करना होगा तो मैं हॉलीवुड न जाऊँ? वहाँ गलत करके आगे ना बढ़ जाऊँ!”

‘गलत काम’ को लेकर जब यामिनी से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि यह किसी फिल्म के सीन से संबंधित नहीं था, बल्कि यह अलग लेवल का मामला था। उन्होंने आगे कहा, “मैं इस विषय पर और ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहती। मैं किसी के साथ किसी भी तरह का विवाद नहीं चाहती हूँ, क्योंकि इससे कहीं ना कहीं हमारी लाइफ प्रभावित होती है।”

सरकारी जमीन पर कब्जे में कॉन्ग्रेसी हाथ: विधायक माँ ने ‘गफूर बस्ती’ को दी थी सुविधाएँ, अब MLA बेटा पहुँचा सुप्रीम कोर्ट

उत्तराखंड के हल्द्वानी में दूसरा शाहीन बाग़ शुरू करने की साजिश चल रही है, जिसे कॉन्ग्रेस का पूरा समर्थन है। अब सुप्रीम कोर्ट में इस मामले पर सुनवाई हो रही है और इसमें अतिक्रमणकारियों का साथ कॉन्ग्रेस नेता दे रहे हैं। हल्द्वानी के विधायक सुमित हृदयेश भी दिल्ली पहुँच चुके हैं, ताकि वो इस मामले में अधिवक्ता व वरिष्ठ कॉन्ग्रेस नेता सलमान खुर्शीद की मदद कर सकें। शायर और कॉन्ग्रेस नेता इमरान प्रतापगढ़ी भी लगातार लगे हुए हैं।

सोशल मीडिया पर अभिषेक सेमवाल नामक यूजर ने अपने एक थ्रेड में काफी अच्छे से इस पक्ष को उभारा है और कॉन्ग्रेस नेताओं पर सवाल उठाए हैं। जिस जगह से अतिक्रमण हटाया जाना है, वहाँ पर करीब 20 इबादतगाह बना दिए गए हैं – ऐसा मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है। यहाँ रेलवे के क्षेत्र में कई वर्षों के क्रम में हजारों लोग बस गए। ये एक पूरी साजिश के तहत हुआ, क्योंकि अचानक से तो कहीं हजारों लोग नहीं बस जाएँगे।

करीब 47 वर्षों तक इसका क्रम चला, जो कॉन्ग्रेस के समर्थन के बिना संभव नहीं था। क्योंकि, ज्यादातर वर्षों तक इसी पार्टी का केंद्र और राज्य में राज रहा। अभिषेक मेघवाल ने बताया है कि कैसे इंदिरा हृदयेश ने इसमें बड़ी भूमिका निभाई। उनका कहना था कि वो हर वो कोशिश करती हैं, जिससे ये बस्ती न उजड़े। यहाँ तक कि जब गफूर बस्ती के सीमांकन का काम होता था, तब भी यहाँ के लोग इसका विरोध करते थे और इंदिरा हृदयेश भी इसमें साथ रहती थीं।

पार्षद लईक कुरैशी जैसे लोग भी इसमें उनके साथ रहे, जो मुस्लिमों के बीच से चुन-चुन कर आते रहे और कहते रहे कि बस्ती कोई नहीं उजाड़ पाएगा। इस तरह, अतिक्रमणकारियों का समर्थन कर-कर के हृदयेश परिवार ने उनके बीच खुद के लिए सहानुभूति बनाई और उनके वोटों से जीतते रहे। क्योंकि, बस्ती की जनसंख्या बढ़ने का अर्थ था उनका समर्थन करने वाले नेता के वोट्स बढ़ना। जनप्रतिनिधि बदले में उन्हें सारी सुविधाएँ देते थे, उनके आइकार्ड्स बनाए गए होंगे।

आसपास के इलाकों में भी मुस्लिम जनसंख्या बढ़ने से कॉन्ग्रेस को इसका फायदा हुआ और कॉन्ग्रेस ने बदले में इनको फायदा पहुँचाया। हालाँकि, अंत में काम निकल जाने के बाद और मुस्लिमों की माँगें बढ़ने के बाद इंदिरा हृदयेश ने भी इन्हें भाव देना बंद कर दिया। मुस्लिम भी समझने लगे थे कि उनका इस्तेमाल वोट बैंक के रूप में किया जा रहा है। अब गफूर बस्ती अपने खुद को नियमित किए जाने की माँग करने लगे, और ज्यादा माँगने लगे, जिस कारण कॉन्ग्रेस का वोट बैंक उनके ही गले की फाँस बन गया।

अंत में इंदिरा हृदयेश खुद दिसंबर 2016 में कह चुकी थीं कि हल लाठी-डंडों से नहीं, बल्कि न्यायालय से निकलेगा। अब जब उत्तराखंड हाईकोर्ट ने अतिक्रमण खाली करने के आदेश दे दिए हैं, फिर अब इतना ड्रामा क्यों? उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और करण माहरा जैसे कॉन्ग्रेस नेता कैंडल मार्च निकाल कर अवैध अतिक्रमणकारियों के समर्थन में लगे हैं। खुद MLA सुमित हृदयेश यहाँ फ्लाईओवर बनने जैसे विकास कार्यों का विरोध कर चुके हैं। यानी, अवैध अतिक्रमण के कारण कॉन्ग्रेस इलाके के विकास की भी विरोधी है।

जिस शाहरुख़ ने हिन्दू लड़की को ज़िंदा जला डाला, उसका बचाव करने वाले सीमाब अख्तर जुड़ा HeadlinesBihar से: AIMIM का रह चुका है नेता

झारखंड में अंकिता हत्याकांड को अंजाम देेने वाले आरोपित शाहरुख हुसैन के बचाव में आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाला पटना के न्यूज4नेशन का पूर्व पत्रकार सीमाब अख्तर अब नया ठिकाना खोज लिया है। वह Headlines Bihar नाम के एक मीडिया हाउस से जुड़ा हुआ है।

इसकी जानकारी सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर में गुस्सा फैल गया है। लोगों ने हेडलाइन्स बिहार के इस निर्णय का विरोध किया है। इस हाउस से लोगों ने ऐसे कट्टरपंथी को अपने यहाँ नौकरी नहीं देने की अपील की है।

टीम सुभाष यादव यादव नाम के एक यूजर ने लिखा, “पिछले वर्ष झारखंड में अंकिता नामक एक हिन्दू लड़की की इस्लामिक लव जिहादी द्वारा तेजाब डालकर हत्या कर दिया गया था और उस हत्या को तथाकथित पत्रकार इस्लामिक जिहादी सीमाब अख्तर ने जायज ठहराया था और हत्या का जश्न मनाया था। उसे अब #HeadlinesBihar ने रख लिया है।”

इस ट्वीट में यूजर ने हेडलाइन्स बिहार का एक पोस्ट शेयर किया है, जिसमें सीमाब बिहार के AIMIM नेता आदिल हसन से फोन पर बात कर उस पार्टी के लिए प्रोपगेंडा फैला रहा है। हेडलाइन्स बिहार ने इस पोस्ट को शेयर कर इसमें लिखा है, ‘Bihar News: Nitish को सताने का ओवैसी का डर, सुनकर AIMIM नेता बोले अच्छा लगा।’

अगर भास्कर की पाँच साल पुरानी रिपोर्ट की मानें तो पटना विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव के दौरान AIMIM ने अपने उम्मीदवार खड़ा करने की घोषणा की थी। उस वक्त AIMIM के प्रदेश युवा अध्यक्ष आदिल हसन ने सीमाब अख्तर को AIMIM का पटना विश्वविद्यालय अध्यक्ष बनाया था।

दरअसल, अंकिता हत्याकांड को लेकर सीमाब अख्तर ने एक फेसबुक पोस्ट में आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए कहा कि ‘जला-जलौवल चलता ही रहता है’। उसके पोस्ट का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था। इसमें सीमाब अख्तर ने लिख रखा है, “ज्यादा बिलकुल नहीं होना चाहिए। जला जलौवल तो चलता ही रहता है।”

इस कमेंट को पढ़ने के बाद एक यूजर ने उससे पूछा, “पत्रकारिता कहाँ से सीख ली है, सीमाब अख्तर साहब? भाषा तो आपकी बिलकुल अच्छी नहीं है।” इस पर सीमाब ने आरोपित शाहरुख हुसैन को दोषी ठहराने या अपनी गलती मानने की बजाय फिर लिखा, “साहब, उसने धोखा दिया और जला दिया। जहाँ हवस हो वहाँ हमदर्दी…।”

जब सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा उबलने लगा तो वह एकदम से ठंडा पड़ गया। उसने माफी माँगते हुए लिखा था, “अंकिता के लिए मुझसे अमर्यादित टिप्पणी हो गई थी जिसके लिए मैं बहुत शर्मिंदा हूँ और आप सभी से क्षमा माँगता हूँ। बहन अंकिता का हत्या करने वाला शाहरुख को फाँसी की सजा मिले। समाज में ऐसे कृत्य करने वाले अपराधियों का कोई जगह नहीं है।”

लकड़ी की दुकान से जलावन चुरा कर ले गए पुलिस वाले: बिहार पुलिस ने आरोप का किया खंडन, कहा – असामाजिक तत्व फैला रहे झूठ

बिहार के बेगूसराय में पुलिस के जवानों द्वारा लकड़ी की एक दुकान से जलावन चुराए जाने का झूठा दावा किया गया था। इस संबंध में एक सीसीटीवी कैमरे में कैद वीडियो भी वायरल हुआ। वायरल वीडियो में पुलिस के जवान जलावन उठाकर गाड़ी में रखते नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर इसे लेकर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएँ भी सामने आईं। वीडियो वायरल होने के बाद बिहार पुलिस ने वीडियो को भ्रामक करार दिया।

बिहार समेत पूरे उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। सर्दी का सितम इतना अधिक है कि पुलिस वालों को पेट्रोलिंग के बाद अलाव जलाने के लिए लकड़ी की आवश्यकता पड़ रही है। बिहार के बेगूसराय से वायरल वीडियो में पुलिस वाले लकड़े ले जाते हुए देखे जा रहे हैं। बखरी थाना क्षेत्र का यह मामला पास के सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गया।

वायरल हो रहे इस वीडियो में स्पष्ट तौर पर देखा जा सकता है कि रात के अंधेरे में पुलिस की गाड़ी एक लकड़ी की दुकान के पास ठहरती है। फिर उसमें से एक पुलिस का जवान बाहर निकलता है। जवान जलावन की लकड़ियों की कई खेप उठाकर गाड़ी में डाल देता है। इसके बाद गाड़ी आगे बढ़ जाती है। वीडियो को यह कहकर वायरल किया गया कि बेगूसराय पुलिस लकड़ी चुरा रही है।

बिहार पुलिस ने किया खंडन

फोटो साभार: बिहार पुलिस ट्विटर

वीडियो वायरल होने के कुछ देर बाद बिहार पुलिस की तरफ से इस संबंध में प्रेस नोट जारी किया गया। बिहार पुलिस ने जानकारी दी कि असामाजिक तत्वों ने बेगूसराय पुलिस के संबंध में भ्रामक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की चेष्टा की। पुलिस की तरफ से कहा गया कि वीडियो वायरल करते हुए दावा किया जा रहा है कि पुलिस किसी व्यक्ति के घर से बिना अनुमति जलावन उठा कर ले गई है।

इस संबंध में पुलिस ने अनुमंडल पदाधिकारी से जाँच कराई। स्थानीय पुलिस ने मुक्ति नाथ शर्मा नाम के निवासी से 280 रुपए का भुगतान कर 5 किलो लकड़ी खरीदी थी। जिसका बिल भी पुलिस के पास है। बिहार पुलिस ने बिना पुष्टि के इस तरह के भ्रामक वीडियो शेयर न करने की अपील की है।

अंजलि ने नहीं पी थी शराब, पेट में सिर्फ खाना था: डॉक्टर ने खारिज किए मौके से भागने वाली ‘सहेली’ के दावे, कहा- उसे तड़पा-तड़पाकर मारा गया

दिल्ली के कंझावला हादसा मामले में अंजलि के परिवारवालों ने दोस्त निधि के दावों को खारिज कर दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के हवाले से अंजलि के परिजानों ने यह भी दावा किया है कि अंजलि ने शराब नहीं पी थी। परिजनों ने दावा किया कि अंजलि का ब्रेन नहीं मिल रहा है। उन्होंने अंजलि की हत्या का आरोप लगाया है।

बुधवार (4 जनवरी 2022) को अंजलि के परिजनों की तरफ से भूपेंद्र चौरसिया मीडिया के सामने आए और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मामले में कई बड़े दावे किए। भूपेंद्र ने कहा कि घटना के बाद से ही वे परिवार की मदद कर रहे हैं। उन्होंने परिजनों की तरफ से दावा किया कि अंजलि को जानबूझकर घसीटकर मारा गया।

खुद को डॉक्टर बता रहे भूपेंद्र ने अंजलि की सहेली के आरोपों को भी गलत करार दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के हवाले से उन्होंने बताया कि अंजलि के पेट में फूड पार्टिकल होने की बात कही गई है। इसका मतलब है अल्कोहल कहीं भी नहीं था। भूपेंद्र ने आगे कहा कि मर्डर करने के दो तरीके हैं एक होती है एक झटके में मार देना और दूसरा उसे धीरे-धीरे तड़पाकर मारना। अंजलि को धीरे-धीरे तड़पाकर मारा गया है।

परिजनों ने इस मामले में हत्या का मामला दर्ज करने की माँग की है। परिजनों के अलावा दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल भी अंजलि की सहेली निधि पर सवाल खड़े कर रही हैं। स्‍वाति मालीवाल का एक वीडियो सामने आया है। जिसमें उन्होंने निधि द्वारा अंजलि को हादसे का जिम्मेदार ठहराए जाने पर सवाल उठाया है।

उन्होंने कहा, “अंजलि की दोस्‍त टीवी पर बार बार यही कह रही है कि अंजलि की ही गलती थी, तो मैं जानना चाहती हूँ कि यह कैसी दोस्‍त है, जिसकी दोस्‍त उसके सामने गाड़ी के नीचे आ गई, वह रो रही थी, चिल्‍ला रही थी और यह लड़की वहाँ से भाग खड़ी होती है। घर में आकर सो जाती है।”

स्वाति मालीवाल आगे कहती हैं कि निधि ने घटना को लेकर किसी को जानकारी देना जरूरी नहीं समझा? हादसे के बाद न पुलिस को बताया और न ही अंजलि के माता-पिता को बताया। उस समय ये स्‍कूटी उठाकर गाड़ी का पीछा भी कर सकती थी। कम से कम कोशिश तो कर सकती थी। एक तो इस लड़की ने कुछ किया नहीं। ऊपर से जब से पुलिस इसके पास गई है ये बार-बार अंजलि को बदनाम करने में लगी है।

स्वाति मालीवाल ने अंजलि के दोस्त के भूमिका की जाँच की माँग की है। उन्होंने कहा है कि जो अपनी दोस्त की नहीं हुई उसकी बात पर यकीन करना मुश्किल है।

आपको बता दें 1 जनवरी, 2023 को अंजलि हादसे का शिकार हो गई थी। उसकी स्कूटी को टक्कर मारते हुए एक कार उसे कई किलोमीटर तक घसीटती रही। रिपोर्ट्स की मानें तो पुलिस ने कार सवार आरोपितों पर गैर-इरादतन हत्या, लापरवाही से मौत और आपराधिक साजिश रचने के आरोप में मामला दर्ज किया है।

‘पठान’ के गाने ‘बेशर्म रंग’ को सोशल मीडिया से हटाया जाए: यूपी की बाल कल्याण समिति ने DGP को लिखा पत्र, कहा – किशोरों पर पड़ रहा नकारात्मक प्रभाव

शाहरुख़ खान (Shahrukh Khan) की आने वाली फिल्म ‘पठान’ का गाना ‘बेशर्म रंग’ रिलीज के बाद से ही विवादों में हैं। गानों में कलाकारों द्वारा पहने गए कपड़ों और अश्लील डांस स्टेप्स को लेकर काफी विरोध देखा गया था। इसी को लेकर अब उत्तरप्रदेश के बहराइच में बाल कल्याण समिति (CWC) ने यूपी के पुलिस महानिदेशक (DGP) से फिल्म के गाने ‘बेशरम रंग’ को सोशल मीडिया से हटाने के लिए कहा है। समिति का मानना है कि इससे किशोरों के मन पर ‘नकारात्मक प्रभाव’ पड़ सकता है।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे गाने पर बाल कल्याण समिति (CWC) बहराइच (मजिस्ट्रेट बेंच) ने किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम 2015 की धारा 30 (xii) के तहत शक्तियों का प्रयोग करते हुए संज्ञान लिया और डीजीपी को पत्र लिखा। CWC ने लिखे पत्र में सोशल मीडिया पर अश्लील कंटेंट को लेकर आपत्ति जताई है। समिति ने खासतौर पर पठान फिल्म के गाने बेशर्म रंग का नाम लिया है।

समिति ने पत्र में कहा, “हमने गहन चिंतन-मनन किया और मामले को लेकर स्वतः संज्ञान लिया। ‘बेशर्म रंग’ में जिस तरह से अश्लील दृश्य फिल्माया गया है, वह आपत्तिजनक है। किशोर इसे मोबाइल पर देख रहे हैं और उनके मन पर इसका विकृत प्रभाव पड़ सकता है। ऐसी स्थिति में सोशल मीडिया पर इस तरह के अश्लील कंटेंट अत्यंत घातक हैं। हमारे लोकप्रिय उत्तरप्रदेश सरकार ने किशोरों के सर्वांगीण विकास के लिए मोबाइल फोन उपलब्ध कराया है। इसके आलावा अधिकांश किशोर मोबाइल का प्रयोग करते हैं।”

पत्र में आगे कहा गया है कि ऐसे में बच्चों को मोबाइल पर कुछ भी देखने से रोक पाना आसान नहीं है। इसलिए उचित होगा कि सोशल मीडिया से ऐसे अश्लील कंटेंट को हटा दिया जाए। CWC बहराइच पीठ के प्रमुख सतीश कुमार श्रीवास्तव और दीपमाला प्रधान, अर्चना पांडे और नवनीत मिश्रा की तीन सदस्यीय पीठ ने इस पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं।

उल्लेखनीय है कि पठान फिल्म के गाने को ‘बेशर्म रंग’ की सोशल मीडिया पर काफी आलोचना हुई थी। गाने में दीपिका ने भगवा रंग की बिकनी पहनी है। इसको लेकर काफी विरोध हुआ था। साथ ही दीपिका ने फिल्म में काफी अश्लील स्टेप्स किए हैं। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने तो इस गाने को सॉफ्ट पोर्न तक करार दे दिया है।

कंगाल पाकिस्तान में अब छाया अँधेरा: रात को बाजार-मॉल सब बंद करने के आदेश, व्यापारियों में आक्रोश

पाकिस्तान गंभीर आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहा है। इससे उबरने के लिए वहाँ कि सरकार कभी कम चाय पीने की सलाह दे रही है तो भैंस बेच रही है, तो कभी गधा। कभी विदेश में स्थित दूतावास की जमीन बेच रही है तो कभी पुरानी गाड़ियाँ। पैसे की कमी के कारण पाकिस्तान में ऊर्जा संकट भी उत्पन्न हो गया है।

बिजली बचाने के लिए पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार ने सभी बाजारों, मॉल, को रात 8:30 बजे बंद करने का आदेश दिया है। वहीं, बारात घर और रेस्टोरेंट रात 10 बजे बंद होंगे। सरकार का कहना है कि इस 62 अरब पाकिस्तानी रुपए की बचत होगी।

इस बारे में घोषणा करते हुए पाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान के विभिन्न जगहों से इस बारे में एक प्रतिनिधिमंडल आया और बाजार बंद करने को लेकर अपने अलग-अलग सुझाव दिए। उन्होंने कहा, “किसी ने 8 बजे कहा, किसी ने 8:30 बजे तो किसी ने 9 बजे। हमने इसे 8:30 बजे कर दिया है।”

इतना ही नहीं, शहबाज शरीफ ने सरकारी विभागों को ऊर्जा को 30 प्रतिशत तक घटाने के लिए कहा है। सरकार ने रेस्टोरेंट और मैरेज हॉल को बंद का समय 10 बजे रात निर्धारित किया है। पाकिस्तान सरकार के इस फैसले का दुकानदारों ने विरोध किया है। जाहिर है कि इससे उनके व्यवसाय पर सीधा प्रभाव पड़ेगा।

ऑल पाकिस्तान ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहम्मद अजमल बलोच का कहना है कि ऊर्जा संरक्षण से संबंधित कमिटी के अध्यक्ष ख्वाजा आसिफ ने व्यापार संघ से सुझाव माँगे थे और कहा था कि इसे वे प्रधानमंत्री के सामने रखेंगे। अध्यक्ष का कहना है कि आसिफ ने अचानक बाजार को 8:30 बजे बंद करने की घोषणा कर दी।

एसोसिएशन के अध्यक्ष अजमल बलोच का कहना है कि व्यापारी संघ अपनी दुकानों को इस समय पर बंद करने के लिए तैयार नहीं है और वे सरकार के इस फैसले को नहीं मानेंगे। उन्होंने कहा कि अगर सरकार जबरदस्ती करेगी तो इसका विरोध किया जाएगा।

बता दें कि पाकिस्तान के पास एक सप्ताह से कम के विदेशी मुद्रा भंडार बचे हैं। वह अंतरराष्ट्रीय बाजार में ही नहीं, बल्कि घरेलू बाजार में भी दिवालिया होने के कगार पर खड़ा है। वित्तीय संकट और भी गहरा हो गया है, जब IMF ने अपने लोन के इंस्टॉलमेंट देने में देर कर दी।

बता दें कि IMF द्वारा पाकिस्तान को दिए गए 1.1 अरब डॉलर (लगभग 82.5 अरब रुपए) के बेलआउट पैकेज को हाल ही रोक दिया गया है। इसकी वजह यह है कि इसको लेकर हुई 9वीं समीक्षा बैठक में लोगों के मत अलग-अलग रहे।

उधर इमरान खान से सत्ता हथियाने वाले प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ पर लोगों का दबाव बढ़ता जा रहा है। शहबाज शरीफ के पास सीमित विकल्प हैं और इसी में वह मुल्क को बचाने के लिए हाथ-पाँव मार रहे हैं।

बता दें कि जून 2022 में पंजाब और सिंध के बाद इस्लामाबाद में भी 9 बजे के बाद मार्केट और शॉपिंग मॉल को बंद करने का सरकार ने ऐलान किया था। उस दौरान इस्लामाबाद के उपायुक्त ने अपने आदेश में कहा था कि सभी दुकानें, शॉपिंग मॉल, बेकरी और कन्फेक्शनरी, कार्यालय, स्टोर रूम, गोदाम और पशु बाजार रात 9 बजे बंद हो जाएँगे। इसके अलावा, मैरिज हॉल, मार्की और प्रदर्शनी हॉल का समय रात 10:00 बजे तक सीमित रहेगा।

इसमें आगे कहा गया थी कि सभी वाणिज्यिक या औद्योगिक प्रतिष्ठान, रेस्तरां, क्लब, तंदूर, भोजनालय, कैफे, सिनेमा, थिएटर या सार्वजनिक मनोरंजन के अन्य स्थान और सार्वजनिक पार्क रात 11:30 बजे बंद हो जाएँगे। हालाँकि, अस्पताल, प्रयोगशाला, क्लीनिक, फार्मेसी एवं मेडिकल स्टोर, पेट्रोल पंप, दूध की दुकानों और अन्य आवश्यक व्यवसायों को इससे छूट दी गई थी।

एक मंत्री ने लोगों से कम चाय पीने के लिए कहा था, ताकि विदेशी मुद्रा की बचत की जा सके। देश के योजना एवं विकास मंत्री अहसान इकबाल ने कहा था कि पाकिस्तानी अपनी चाय की खपत को प्रति दिन ‘एक या दो कप’ कम कर सकते हैं, क्योंकि इसका आयात सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव डाल रहा है।

इसके पहले एक एयरपोर्ट कर्मचारी ने देश में बढ़ते पेट्रोल के दामों को लेकर गधा गाड़ी से ऑफिस पहुँचने की अनुमति माँगी थी। दरअसल, सरकार ने रेल मंत्री ने ईंधन की कीमतों में वृद्धि का बहाना बनाकर एक्सप्रेस ट्रेनों के किराए में 10 प्रतिशत और मालवाहक ट्रेनों के किराए में 15 प्रतिशत की वृद्धि की घोषणा की थी।