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मेले में बहन से छेड़छाड़ कर रहे थे मुस्लिम युवक, भाई ने विरोध किया तो हुई मॉब लिंचिंग: MP में नगर निगम ने आरोपितों के घर पर बुलडोजर चलाया

मध्य प्रदेश के उज्जैन में बहन से हुई छेड़छाड़ का विरोध करने पर भाई की हत्या करने का मामला सामने आया था। इस मामले में, उज्जैन नगर निगम ने कार्रवाई करते हुए आरोपितों के घर पर बुलडोजर चलाया है। छेड़छाड़ और हत्या करने वाले सभी आरोपित मुस्लिम हैं। मामले में, 6 आरोपित गिरफ्तार हो चुके हैं जबकि तीन अन्य फरार बताए जा रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उज्जैन में आयोजित हुए कार्तिक मेले में झूला झूल रही एक युवती से मुस्लिम युवक छेड़छाड़ कर रहे थे। इस पर उसके भाई ने विरोध किया तो उन लोगों ने अपने अन्य साथियों को बुलाकर चाकू से हमला कर दिया था। इससे युवक की मौके पर ही मौत हो गई थी। मृतक की पहचान, दीपक उर्फ दीपू जादम के रूप में हुई है।

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने घटना स्थल पर पहुँचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया था। साथ ही, पुलिस आरोपितों की तलाश में जुट गई थी। फिलहाल पुलिस ने 6 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। वहीं, 3 अन्य आरोपित फरार बताए जा रहे हैं।

आरोपितों की पहचान सलमान, जीशान, इशराक, सलीम उर्फ सद्दाम, उस्मान के रूप में हुई है। एक अन्य आरोपित नाबालिग है, जिसे पुलिस हिरासत में रखा गया है। फरार आरोपितों की पहचान यासिर, शकील और अकील के रूप में हुई है।

युवती से छेड़छाड़ और हत्या के आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनके घरों पर बुलडोजर चलाया गया है। उज्जैन नगर निगम, राजस्व व पुलिस विभाग की मौजूदगी में मामले में संलिप्त 3 आरोपितों के घर ही गिराए गए हैं। वहीं, अन्य आरोपितों के घरों को वेरिफाइ कर उन पर भी कार्रवाई करने की बात कही जा रही है। गिरफ्तार आरोपितों में से एक आरोपित का परिवार किराए के मकान में रह रहा था। उपरोक्त मकान को भी खाली कराया जा रहा है।

इस पूरे घटनाक्रम पर उज्जैन एसडीएम कल्याणी पांडे का कहना है, “कार्तिक मेले में हुई हत्या में शामिल आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद उनके घरों की जाँच की गई थी। इस जाँच में नगर निगम ने पाया कि तीन घर बिना अनुमति लिए बनाए गए थे। इसके बाद नगर निगम ने आरोपितों के परिजनों को सूचना देकर अवैध कब्जे पर बुलडोजर चलाकर कार्रवाई की है। अन्य आरोपितों के घर भी चिन्हित किए जा रहे हैं। सभी पर कार्रवाई होगी।”

‘हिंदू सड़कों पर काँवड़ निकाल सकते हैं, लेकिन मुस्लिम नमाज नहीं पढ़ सकते’: हिंदुओं की शादी की ‘रखैल’ से तुलना करने वाले AIMIM नेता शौकत अली ने फिर जहर उगला

उत्तर प्रदेश AIMIM के अध्यक्ष शौकत अली मुरादाबाद जिले के निकाय चुनाव के लिए जनसभाओं विवादित और भड़काऊ बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर सड़क जाम करके काँवड़ यात्रा निकाल सकते हैं तो मुस्लिम सड़कों पर नमाज क्यों नहीं पढ़ सकते। उनके कई वीडियो सामने आए हैं।

अपने विवादित बयानों के लिए कुख्यात शौकत अली वीडियो में कहते नजर आ रहे हैं कि मुरादाबाद में 1980 में ईद के दिन ईदगाह मैदान में गोली चलवाई गई। मुस्लिमों का कत्लेआम किया गया। 1984 में प्रधानमंत्री राजीव गाँधी ने बाबरी मस्जिद का ताला खुलवा था, तब भी फसाद हुए थे।

लोगों को भड़काते हुए उन्होंने आगे कहा कि मेरठ के हाशिमपुरा को भूल मत जाना, जहाँ 47 नौजवानों को रात के 12 बजे घरों से निकाला गया। वे सभी 35 साल से कम उम्र के थे। उन्हें पीएसी के ट्रक डाला कर ले गए और गाजियाबाद में नहर के किनारे ले जाकर सबको गोली मार दी गई थी।

वहीं, एक अन्य वीडियो में शौकत अली ने कहा कि एक महीने तक नेशनल हाइवे बंद रहा और पुलिस के अधिकारी काँवड़ियों के पैर दबाए और उनकी मसाज की। उन्होंने कहा कि अगर हिन्दू सड़क जाम करके काँवड़ यात्रा निकाल सकते हैं तो मुस्लिम सड़क पर नमाज क्यो नहीं पढ़ सकते हैं।

उन्होंने कहा, “काँवड़ के दौरान हमने तो कोई एतराज नहीं किया, लेकिन अगर हम किसी मॉल में या सड़क पर नमाज पढ़ लें तो हंगामा खड़ा हो जाता है। कुछ लोगों को तो हमारी अजान से भी तकलीफ हो रही है। आए दिन कोई न कोई जोकर आकर नमाज पर अंगुली उठाता है।”

इस साल अक्टूबर में शौकत अली हिंदुओं की शादी को लेकर घृणा से भरे बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि हिंदू एक महिला से शादी करते हैं और तीन रखैल रखते हैं। इस मामले में शौकत अली पर IPC की धारा 153A, 295A और 188 के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था।

राज्य में एक रैली को संबोधित करते हुए शौकत अली ने कहा, “लोग कहते हैं कि हमने तीन शादियाँ की हैं। दो शादियाँ होने पर भी हम समाज में दोनों पत्नियों को सम्मान देते हैं, लेकिन आप (हिंदू) एक से शादी करते हैं और तीन रखैल रखते हैं।”

औवेसी के करीबियों में शामिल शौकत अली ने आगे कहा, “आप (हिंदू) न तो अपनी पत्नी का सम्मान करते हैं और न ही रखैलों का। अगर हमारी दो शादियाँ होती हैं तो हम उन्हें सम्मान के साथ रखते हैं और हमारे बच्चों के नाम भी राशन कार्ड में होते हैं।”

इतना ही नहीं, संभल में एक जनसभा में बोलते हुए शौकत अली ने कहा था कि मुस्लिमों ने 832 सालों तक हिंदुस्तान पर शासन किया है और हिन्दू लोग मुस्लिम बादशाहों के सामने हाथ जोड़ कर जी-हुजूरी किया करते थे। 

’60 निर्दोषों को ब्राह्मणों की भीड़ ने जिंदा जलाया’ : ऑस्ट्रेलिया में खालिस्तानियों ने प्रोपेगेंडा फैलाना शुरू किया, ट्रॉली पर हिंदू विरोधी पोस्टर

ब्रिटेन और कनाडा में हिंदुओं के विरुद्ध झूठ फैलाने के बाद अब खालिस्तानियों ने ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में अपना हिंदूविरोधी प्रोपेगेंडा फैलाना शुरू किया है। ये लोग 1984 में हुए सिख नरसंहार में कॉन्ग्रेसियों को क्लिन चिट देकर केवल हिंदू और ब्राह्मणों को निशाना बना रहे हैं। सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें सामने आई हैं जिनमें एक बड़ी ट्रॉली दिख रही है और उसके पीछे लिखा गया है कि हिंदू ब्राह्मणों की भीड़ ने 60 से ज्यादा निर्दोष सिखों को जलाकर मार डाला।

फोटो में देख सकते हैं कि ट्रॉली के आसपास कुछ सिख हैं जिन्होंने भारत के नक्शे के ऊपर “होंद चिल्लर” के साथ 1984 सिख नरसंहार लिखा हुआ है। साथ ही दोनों तरफ लिखा गया है, “60 से अधिक निर्दोष लोगों को ब्राह्मण हिंदुओं की भीड़ ने जिंदा जलाया।”

ऑस्ट्रेलिया हिंदू मीडिया के ट्विटर से इस फोटो को शेयर करते हुए लिखा गया, “मेलबर्न में खालिस्तान की रैली के जरिए झूठी खबर फैलाकर खालिस्तान सिर्फ ऑस्ट्रेलियाई हिंदुओं के खिलाफ नफरत बढ़ाने का काम कर रहा है। अगर ये सब इतना शांतिपूर्ण है तो फिर कार्यक्रम के एक भी आयोजक ने अपनी पहचान का खुलासा क्यों नहीं किया? इसमें ये क्यों नहीं लिखा गया कि कैसे तुम लोगों के आदर्श भिंडरावाले ने 20 हजार हिंदुओं को मारा था।”

उल्लेखनीय है कि ऑस्ट्रेलिया में खालिस्तानी अपना एजेंडा फैलाने के लिए कुछ समय से काफी सक्रिय हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया में नगर कीर्तन के वक्त खालिस्तानी झंडे, टीशर्ट और बुकलेट आदि भी बाँटने की घटना प्रकाश में आई है। ये कीर्तन विक्टोरिया सिख गुरुद्वारा काउंसिल द्वारा करवाया जाता है।

गौर देने वाली बात है कि ऑस्ट्रेलिया में ऐसी घटनाएँ तभी देखने को मिली हैं जब कुछ दिन पहले गुरपतवंत सिंह पन्नू द्वारा जनमत संग्रह की बात ऑस्ट्रेलिया के कैनबरा में कराने की, की गई थी। इससे पहले कनाडा और ब्रिटेन में ऐसा ही हिंदूविरोधी प्रोपेगेंडा फैलाते हुए खालिस्तानियों को देखा जा चुका है।

‘सिख फॉर जस्टिस’ के कई ट्वीट में देख सकते हैं कि कैसे बताया जा रहा है कि मेलबर्न में आखिरी युद्ध, 29 जनवरी को किया जाएगा। पिछले महीने की बात करें तो कई खालिस्तानी, खालिस्तान का झंडा लेकर ऑस्ट्रेलिया की सड़कों पर भी देखे गए थे। एक यूजर ने इन वीडियोज को शेयर करते हुए कहा था कि ऑस्ट्रेलिया के लोग तो यह भी नहीं जानते हैं कि ऑस्ट्रेलिया के कुछ सिख समूह कट्टरपंथी समूह से जुड़े हुए हैं।

हिन्दुओं का धर्मांतरण कराने वाले मौलाना पर ब्रिटेन ने लगाया बैन, बच्चियों का अपहरण कर करा देता है जबरन निकाह: ऋषि सुनक की सरकार का बड़ा फैसला

ब्रिटेन ने अंतरराष्ट्रीय भ्रष्टाचार रोधी व मानवाधिकार दिवस के मौके पर कुल 30 व्यक्तियों और संस्थानों पर बैन लगा दिया है। इन सभी लोगों पर दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में मानवाधिकार के उल्लंघन का आरोप है। इसमें पाकिस्तान में हिन्दुओं का जबरन धर्मांतरण करवाने वाला मौलाना अब्दुल हक भी शामिल है। ब्रिटिश शासन ने अपने द्वारा उठाए गए इस कदम के पीछे स्वतंत्र और मुक्त समाज की सोच को बताया है। प्रतिबंधित लोगों व समूहों की यह सूची शुक्रवार (9 दिसंबर, 2022) को जारी की गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बिर्टिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक के मंत्रिमंडल में विदेश मंत्री जेम्स क्लेवरली ने यह लिस्ट जारी की है। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन दुनिया भर में मानवाधिकार के मूल्यों की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध है। क्लेवरली के मुताबिक, लिस्ट में शामिल प्रतिबंधित लोग या समूह दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में मानवाधिकार के हनन में शामिल थे। उन्होंने आगे कहा कि ब्रिटेन डर और स्वतंत्रता के मूल्यों को बचाने के लिए अपने पास उपलब्ध हर विकल्प का इस्तेमाल करेगा।

ब्रिटिश शासन ने मौलाना अब्दुल हक को मियाँ अब्दुल हक नाम से संबोधित किया है। उस पर पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के जबरन धर्मांतरण और लड़कियों के जबरन निकाह का आरोप है। मौलाना अब्दुल हक इस लिस्ट में एकलौता पाकिस्तानी है। उसके अलावा उगांडा, निकारगुआ, रूस, क्रीमिया आदि देशों के अन्य लोग शामिल हैं। सबसे अधिक प्रतिबंधित संख्या रूस के लोगों की है।

कौन है मौलाना अब्दुल हक

गौरतलब है कि मौलाना अब्दुल हक पाकिस्तान के शीर्ष कट्टरपंथियों में गिना जाता है। उसका प्रभाव क्षेत्र सिंध प्रान्त में अधिक है। वह कई वर्षों में पाकिस्तान में हिन्दुओं के जबरन धर्मांतरण के मुद्दे पर विवादों में रहा है। मौलाना पर हिन्दू समाज की नाबालिग लड़कियों के भी अपहरण और अधिक उम्र के मुस्लिमों से जबरन निकाह के आरोप लगते आए हैं। आरोप यह भी है कि पाकिस्तान की पुलिस द्वारा उस पर कभी ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

पंजाब में थाने पर हमले में इस्तेमाल RPG रॉकेट लॉन्चर रूस में बना, पाकिस्तान से तस्करी कर लाया गया: आतंकी रिंदा के गाँव में NIA की छापेमारी, 10 हिरासत में

पंजाब के तरनतारन (Tarantaran, Punjab) के सरहाली कलां पुलिस स्टेशन को शुक्रवार (9 दिसंबर 2022) की देर रात करीब 12 बजे रॉकेट लॉन्चर से हमला किया गया था। इस मामले में बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉड (BDDS) के सदस्य पुलिस स्टेशन पहुँचे और जाँच की। इस दौरान एक अहम जानकारी सामने आई है। पता चला कि हमले में रूस में बने आरपीजी-22 का इस्तेमाल किया गया है।

इस आतंकी हमले में पुलिस ने 10 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है और पूछताछ के लिए उन्हें अपने साथ लेकर गई है। पुलिस ने जिन लोगों को हिरासत में लिया है, उनमें से तीन अमृतसर से और दो को तरनतारन से पकड़ा गया है। इसके साथ ही गोविंदवाल जेल में बंद एक कैदी समेत 9 अन्य लोगों से पूछताछ की गई है।

आतंकी गतिविधियों को देखते हुए राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) भी इस मामले में ऐक्टिव हो गई है। NIA ने जिस थाने पर हमला किया गया था, उससे करीब 15 किलोमीटर की दूर हरिके पाटन स्थित आतंकी हरविंदर सिंह रिंदा के करीबी लखवीर सिंह लांडा के घर और ट्यूबवेल पर छापेमारी की। इस दौरान लांडा के घर पर कोई नहीं मिला।

थाने पर हमला करने वाले संदिग्धों की संख्या पाँच बताई जा रही है। कहा जा रहा है कि संदिग्ध दो बाइक और एक ब्रेजा SUV में सवार थे। हमलावरों के हरिके पाटन और सरहाली के बीच एक ढाबे पर रूकने की बात भी कही जा रही है। इस दौरान हमलावरों ने ढाबा मालिक से खाना भी माँगा था।

कहा जा रहा है कि पाँच में से चार संदिग्ध हिंदी में बात कर रहे थे। इनमें से एक बीमार और शारीरिक रूप से अक्षम था। बता दें कि हमले की जिम्मेवारी आतंकी संगठन ‘सिख फॉर जस्टिस’ के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू (Gurpatwant Singh Pannu) ने ली है। घटना में UAPA के तहत मामला दर्ज कर मामले की जाँच की जा रही है।

घटना की जाँच के लिए इलाके के सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है। हमले में इस्तेमाल RPG सेना में इस्तेमाल किया जाता है, जिसे रॉकेट लॉन्चर से दागा गया था। इसे पाकिस्तान से तस्करी कर लाया गया है। हमले की शुरुआती जाँच में पुलिस ने रॉकेट लांचर और प्रोपेलर बरामद कर लिया है। पुलिस के हाथ एक सीसीटीवी फुटेज भी लगी है।

यह पिछले सात महीने में दूसरा हमला है। RPG का इस्तेमाल कर हाईवे से ग्रेनेड दागा गया था, जो सरहाली थाने के सुविधा केंद्र से टकराया था। जिस वक्त हमला किया गया, उस समय SHO समेत करीब 10 पुलिसकर्मी थाने में मौजूद थे। हालाँकि, हमले में कोई हताहत नहीं हुआ है। इस मामले में सरहाली कलां थाने के SHO प्रकाश सिंह को हटाकर सुखबीर सिंह को भी प्रभार दिया गया है।

दिल्ली में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदेश कुमार गुप्ता का इस्तीफा, MCD चुनावों में पार्टी की हार के बाद उठाया कदम: अब किसे मिलेगी कमान?

दिल्ली में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदेश कुमार गुप्ता ने इस्तीफा दे दिया है। MCD चुनावों में पार्टी की हार के बाद उन्होंने ये कदम उठाया है। बता दें कि पिछले 15 वर्षों से भाजपा दिल्ली महानगरपालिका की सत्ता में थी, लेकिन ताज़ा चुनावों में AAP ने 134 सीटें जीत कर अपने नाम बहुमत कर लिया। हालाँकि, भाजपा भी एंटी-इंकम्बेंसी के बावजूद शतक का आँकड़ा पार करने में कामयाब रही। दिल्ली की तीनों नगरपालिकाओं को मिलाने के बाद का ये पहले चुनाव था।

आदेश गुप्ता मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कन्नौज में स्थित गुरसहायगंज से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कानपुर स्थित छत्रपति शाहूजी महाराज यूनिवर्सिटी से विज्ञान में स्नातक किया है। 1994 में जब वो दिल्ली आए थे, तब उन्होंने ट्यूशन पढ़ा कर अपना गुजरा चलाया था। PWD में कॉन्ट्रैक्टर के रूप में कार्य करने के बाद उन्होंने कारोबार और राजनीति में सफलता प्राप्त की। वो अप्रैल 2018 में NDMC के मेयर बने और जून 2020 में उन्हें दिल्ली भाजपा का अध्यक्ष नियुक्त किया गया।

फ़िलहाल भाजपा ने वीरेंद्र सचदेवा को दिल्ली में पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया है, जो अब तक प्रदेश उपाध्यक्ष के पद पर थे। वो ‘दिल्ली ओलंपिक्स’ के उपाध्यक्ष होने के साथ-साथ DDCA सदस्य भी हैं। खेल प्रशासन में अब तक उनकी रुचि रही है। हाल ही में कई लोगों ने पूर्व क्रिकेटर गौतम गंभीर को भी दिल्ली भाजपा की कमान देने की वकालत की थी, क्योंकि उनके लोकसभा क्षेत्र पूर्वी दिल्ली की 61% सीटों पर भाजपा ने कब्ज़ा जमाया था।

कुछ ही सप्ताह बाद एमसीडी में मेयर का चुनाव भी होना है, ऐसे में नए भाजपा अध्यक्ष की रणनीति पर सभी की निगाहें रहेंगी। आदेश गुप्ता ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को अपना इस्तीफा भेजा, जिन्होंने इसे स्वीकार भी कर लिया है। उन्होंने एमसीडी चुनावों में हार की जिम्मेदारी भी ली है। राजेंद्र नगर के जिस वार्ड संख्या 141 में आदेश गुप्ता रहते हैं, वहाँ भी AAP की आरती चावला ने जीत दर्ज की थी और भाजपा की हार हुई थी।

FIFA में इस्लामी मुल्क की जीत के बाद पूरे फ्रांस में दंगे, गोलीबारी-पत्थरबाजी के साथ पुलिस को भी पीटा: दुकानों में आगजनी, सड़कों पर बिखरे ईंट-पत्थर

इस्लामी देश कतर (Qatar) में आयोजित FIFA World Cup 2022 में मोरक्को ने पुर्तगाल को 1-0 से हरा दिया। इसके बाद फ्रांस के कई जगहों पर दंगे भड़क उठे। फ्रांस के शहर लिली, चैप्स एलिस और एविग्नन के साथ-साथ राजधानी पेरिश में भी दंगे भड़क उठे। पेरिस में दंगों के दौरान मोरक्को के समर्थकों ने पुलिस पर हमले किए।

इस्लामी मुल्क मोरक्को की पुर्तगाल पर जीत के बाद पेरिस में मोरक्को समर्थकों द्वारा पुलिस पर किए जा रहे हमले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। सामने आए वीडियो में दिख रहा है कि हजारों की भीड़ पुलिस पर पत्थरबाजी कर रही है। पत्थर के साथ-साथ पुलिस पर डंडे भी चलाए जा रहे हैं। इस दौरान फायरिंग की लगातार आवाजें आ रही हैं।

दंगाइयों द्वारा किए गए हमलों में भारी नुकसान की खबरें हैं। इस दौरान कट्टरपंथी भीड़ ने वाहनों में तोड़फोड़ भी की। सड़कों पर ईंट-पत्थर भारी मात्रा में बिखरे दिखे। पुलिस इन्हें रोकने के लिए लगातार प्रयास करती दिखी, लेकिन भारी भीड़ की वजह से वह बैकफुट पर नजर आई।

दरअसल, मोरक्को के हजारों समर्थक जीत के बाद सड़कों पर निकल आए और पेरिस के प्रसिद्ध पेरिसियन चौक पर इकट्ठा हो गए। इस दौरान वे मोरक्को के झंडे लहराते रहे, नारेबाजी करते रहे। इतना ही नहीं गाड़ियों के हॉर्न से इलाके को परेशान कर दिया। इसके बाद भीड़ ने उत्पात करना शुरू कर दिया। वाहनों के साथ-साथ भीड़ ने अगल-बगल की दुकानों में तोड़फोड़ शुरू कर दी।

कहा जा रहा है कि इस दौरान इंग्लैंड पर फ्रांस की जीत के बाद फ्रांस समर्थक भी सड़कों पर उतर आए। देखते ही देखते भीड़ बढ़ती गई और सड़कों पर अराजकता भी। पुलिस ने जब रोकने की कोशिश की थी तो उस पर हमले शुरू कर दिए गए। इसके बाद पुलिस को आँसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।

फीफा विश्वकप में पहली बार सेमीफाइनल में पहुँचकर मोरक्को ने इतिहास रचा है। मोरक्को पहला अरब और अफ्रीकन देश है जो सेमी फाइनल में पहुँचा है। सेमीफाइनल मुकाबले 14 और 15 दिसंबर को होगा, जबकि फाइनल मुकाबला 18 दिसंबर को खेला जाएगा। दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में फ्रांस का सामना मोरक्को से होगा।

हिन्दू लड़की को उठा कर ले गए, अहमद से करवाया जाने लगा निकाह और इस्लामी धर्मांतरण: विरोध करने पर माँ को पीटा, मौलवी भी गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में एक हिन्दू महिला का अपहरण कर के इस्लामी धर्मांतरण किए जाने की खबर है। बताया जा रहा है कि पीड़िता का जबरन निकाह करवाया जा रहा था, जहाँ पुलिस पहुँच गई। इस दौरान कुल 10 आरोपितों पर FIR दर्ज कर ली गई है। निकाह करवा रहे मौलवी और मुख्य आरोपित अहमद अंसारी को गिरफ्तार कर लिया गया है। घटना गुरुवार (8 दिसंबर, 2022) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना असोथर थाना क्षेत्र की है। जानकारी के मुताबिक, कुछ समय पहले सिटी कोतवाली थानाक्षेत्र में एक 21 वर्षीया लड़की की गुमशुदगी की रिपोर्ट उसके परिजनों ने दर्ज करवाई थी। पुलिस पीड़िता को खोजने की कोशिश में लगी थी। इस दौरान पीड़िता की माँ को अपनी बेटी के गाँव सातोंपति में रहने वाले अहमद अंसारी नाम के युवक से निकाह होने की जानकारी मिली। लड़की की माँ वहाँ पहुँच गई। लड़की की माँ ने वहाँ मौलवी को भी देखा, जो निकाह पढ़ा रहा था।

बताया जा रहा है कि पीड़िता की माँ ने अंसारी परिवार से निकाह रोकने की गुजारिश की। इस पर अंसारी परिवार ने लड़की की माँ को जम कर मारा-पीटा। मामले की सूचना पुलिस को मिली तो वो फ़ौरन ही घटनास्थल पर पहुँची। लड़की की माँ ने पुलिस से बताया कि उनकी बेटी का जबरन निकाह करवाया जा रहा है। इसी के साथ मुख्य आरोपित अहमद अंसारी, उनकी माँ सहरुन निशा, भाई नौशाद व दिलशाद अली, भाभी सोनी बानो व याशमीन, बहन तहखन निशा के साथ अन्य सहयोगी भोला मसूद व मौलवी लल्लू के खिलाफ तहरीर दी गई।

पुलिस ने सभी आरोपितों के खिलाफ अपहरण, छेड़खानी, धर्मांतरण, मारपीट, गली-गलौज व धमकी के साथ-साथ हंगामा करने की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। मौके से मौलवी लल्लू और मुख्य आरोपित अहमद अंसारी को गिरफ्तार कर लिया गया। फतेहपुर पुलिस थरियाँव क्षेत्र के सर्किल ऑफिसर दिनेश चंद्र मिश्रा के मुताबिक, 2 आरोपितों को गिरफ्तार कर के मामले की जाँच करवाई जा रही है।

बाल ठाकरे के नाम पर 700 km लंबा एक्सप्रेसवे, AIIMS, देश का छठा ‘वन्दे भारत’ ट्रेन, मेट्रो… नागपुर में PM मोदी ने महाराष्ट्र को दिए कई सौगात, छात्रों से भी मिले

महाराष्ट्र दौरे पर नागपुर पहुँचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (11 दिसंबर, 2022) को राज्य को एक से बढ़ कर एक कई विकास परियोजनाओं की सौगात दी। इस दौरान उन्होंने नागपुर और शिरडी को जोड़ने वाले 520 किलोमीटर लंबे ‘हिंदू हृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे महाराष्ट्र समृद्धि महामार्ग’ के पहले चरण का भी उद्घाटन किया। 10 जिलों से होकर गुजरने वाला ये महामार्ग कुल मिला कर 701 किलोमीटर का है, जिसे 55,000 करोड़ रुपए की लागत से बनाया जा रहा है।

अमरावती, औरंगाबाद और नासिक जैसे शहरों के अलावा पूरे महाराष्ट्र और आसपास के इलाकों को इस एक्सप्रेसवे से फायदा मिलेगा। साथ ही प्रधानमंत्री ने देश के छठे ‘वन्दे भारत’ ट्रेन को भी हरी झंडी दिखा कर रवाना किया। ये ट्रेन नागपुर और बिलासपुर के बीच चलेगी। पीएम मोदी ने 590 करोड़ रुपए की लागत से पुनर्विकास किए जाने वाले नागपुर रेलवे स्टेशन और और 360 करोड़ रुपए में बन रहे अजनी रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास की आधारशिला भी रखी।

पीएम मोदी ने नागपुर में इस दौरान फ्रीडम पार्क से खपरी तक मेट्रो की भी सवारी की। उन्होंने खुद अपने टिकट खरीदा और फिर मेट्रो पर सवार हुए। उन्होंने वहाँ मौजूद छात्रों से भी बातचीत की। पीएम मोदी ने जिस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया, वो सीधे तौर पर महाराष्ट्र के 14 जिलों की तस्वीर बदल कर रख देने वाला है। साथ ही 24 जिलों के विकास में इससे मदद मिलेगी। समृद्धि महामार्ग दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट और अजंता एलोरा गुफाओं, शिरडी, वेरुल, लोनार आदि जैसे पर्यटन स्थलों से जुड़ेगा

पीएम मोदी ने नागपुर मेट्रो के जिस पहले चरण का उद्घाटन किया है, उसके निर्माण में 8650 करोड़ रुपए की लागत आई है। इसके साथ ही पीएम मोदी ने दूसरे चरण के मेट्रो के कार्यों का शिलान्यास भी कर दिया, जो 6700 करोड़ रुपए की लागत से बन रहा है। पीएम मोदी ने जिन AIIMS का जुलाई 2017 में शिलान्यास किया था, उन्होंने उसका भी उद्घाटन किया। इसे 1575 करोड़ रुपए में बनाया गया है। इसमें फ़िलहाल 38 विभाग होंगे और कई सुपरस्पेशलिटी सुविधाएँ होंगी। पीएम मोदी का गोवा दौरा भी होना है।

बुर्का पहन कर ‘फेविकॉल से’ वाले गाने पर डांस: जिन छात्रों को हिन्दू बता कर गाया जा रहा था इस्लामोफोबिया का राग, वो निकले मुस्लिम, कॉलेज ने किया सस्पेंड

मंगलुरु के एक कॉलेज में छात्रों द्वारा बुर्का पहन कर डांस करने का वीडियो वायरल हुआ है। इस वीडियो में एक स्टेज पर 4 छात्र दिखाई दे रहे हैं और नीचे कई दर्शक बैठे हुए हैं। वीडियो सेंट जोसेफ इंजीनियरिंग कॉलेज का है। कॉलेज मैनेजमेंट के मुताबिक, बुर्के में डाँस करने वाले सभी छात्र मुस्लिम समुदाय से हैं, जिन्हें सस्पेंड कर दिया गया है। कॉलेज प्रशासन ने इसे सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली हरकत करार दिया है। निलंबन का आदेश गुरुवार (8 दिसंबर, 2022) को जारी हुआ है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला वामनजूर इलाके का है। वीडियो कॉलेज में हुए स्टूडेंट एसोसिएशन के अनौपचारिक इवेंट का है। इसमें फ़िल्मी गानों पर प्रतिभागी छात्रों को अपनी-अपनी प्रस्तुति देनी थी। कुछ ही देर बाद बुर्का पहन कर 4 छात्र स्टेज पर चढ़ गए। वो सलमान खान-सोनाक्षी सिन्हा की ‘दबंग 2’ फिल्म के गाने ‘फेविकोल से’ पर नाचने लगे। इस दौरान किसी ने इस डांस का वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

वायरल वीडियो का संज्ञान खुद कॉलेज प्रशासन ने लिया और जाँच शुरू की। जाँच में वहाँ मौजूद तमाम लोगों के बयानों के साथ खुद बुर्के में डांस करने वाले छात्रों से भी बात की गई। बाद में एक प्रेस नोट जारी करते हुए ‘सेंट जोसेफ इंजीनियरिंग कॉलेज’ के प्रशासन ने बताया कि बुर्के में किया गया डांस तय किए गए कार्यक्रम का हिस्सा नहीं था और उसे किसी भी रूप में समर्थन नहीं दिया जा सकता है। प्रेसनोट कॉलेज के इंचार्ज प्रिंसिपल सुधीर की तरफ से जारी हुई है।

इंचार्ज प्रिंसिपल के मुताबिक, चारों छात्रों को सस्पेंड कर दिया गया है और इस बात की भी जाँच करवाई जा रही है कि आरोपित छात्रों ने ऐसा क्यों किया। सुधीर ने स्पष्ट किया कि जो कार्य सामाजिक सामाजिक सौहार्द बिगाड़े, उसे किसी भी रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

फैलाई गई थी हिन्दू छात्र होने की अफवाह

इस वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने बुर्क़े में डांस करने वाले छात्रों के हिन्दू होने की अफवाह उड़ाई थी। इस दौरान इस्लामोबोफिया जैसे शब्द भी प्रयोग में लाए गए थे।

हालाँकि, कॉलेज प्रशासन की आंतरिक जाँच में आरोपित छात्रों के मुस्लिम समुदाय से होना पाया गया। अभी तक कई हैंडलों ने अपने ट्वीट को डिलीट नहीं किया है।