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जब चाहकर भी मंदिर नहीं तोड़ पाया टीपू सुल्तान, शुरू कराई अपने सम्मान में ‘सलाम आरती’: BJP सरकार ने गुलामी वाले नामों को बदला

कर्नाटक में ‘सलाम आरती’ के रिवाज का नाम भारतीय जनता पार्टी अब ‘नमस्कारा’ करने जा रही है। कहा जाता है कि ये आरती टीपू सुल्तान के दौर में शुरू की गई थी। टीपू सुल्तान चाहता था कि मंदिर के पुजारी उसके ‘सम्मान’ में मंदिरों की आरती को करें। इसी के बाद कोल्लूर के मंदिरों मे ये रिवाज शुरू हुआ। बाद में उसकी मौत हो गई, लेकिन चलन खत्म नहीं हुआ। कुछ दिन पहले इस सलाम आरती का नाम बदलने की माँग उठी और अब खबर है कि ये नाम बदलकर ‘नमस्कार’ किया जा रहा है।

टाइम्स नाऊ की रिपोर्ट के मुताबिक, ये रिवाज कोल्लूर के सुब्रमण्या में पुत्तुर के मंदिरों में किया जाता था। इसे बदलने की घोषणा कर्नाटक धर्मिका परिषद द्वारा की गई, जो हिंदू धार्मिक संस्थानों और धर्मार्थ बंदोबस्ती विभाग के अंतर्गत आता है।

परिषद के सदस्य काशेकोडी सूर्यनारायण भट ने कहा कि पहले राज्य प्रशासन के भले के लिए इस रिवाज को किया जाता था, अब यह लोगों के कल्याण के लिए होगा। अनुष्ठान को ‘नमस्कार’ नाम दिया जाएगा।

हिंदू संगठनों के अनुसार, ‘सलाम आरती’ गुलामी का प्रतीक थी और वही वर्चस्व कायम करने के लिए इसका अभ्यास किया जाता था। इसलिए उन्होंने इस रिवाज को समाप्त करने की माँग की। इस बीच बुद्धिजीवियों ने कहा भी कि इस परंपरा को खत्म नहीं किया जाना चाहिए, ये हिंदू और मुस्लिमों के संबंध और उनके बीच सद्भाव को दर्शाती है। लेकिन अंतत: फैसला हिंदू संगठनों के पक्ष में हुआ।

याद दिला दें कि मेलकोटे चालुवनारायण मंदिर प्रशासन ने कर्नाटक मुजरई विभाग से इस सलाम आरती का नाम संध्या आरती करने की माँग की थी। इस संबंध में एक ज्ञापन भी सौंपा गया था।

मूकाम्बिका मंदिर के पुजारी 2018 के बयान के अनुसार, सलाम आरती के पीछे कहानी है कि जब टीपू सुल्तान टीपू सुल्तान मैसूर क्षेत्र पर शासन कर रहा था, तब वह मंदिर को नष्ट करने के लिए आया था, लेकिन दैवीय शक्तियों के कारण प्रवेश नहीं कर सका। इसके बाद वह मंदिर में पूजा करने गया और तब से उस आरती को सलाम आरती कहा जाने लगा।

खालिस्तानी आतंकी पन्नू ने ली पंजाब के थाने पर रॉकेट हमले की जिम्मेदारी, ISI का भी हो सकता है हाथ! IB के अलर्ट के बावजूद लापरवाह रही पंजाब पुलिस

पंजाब में खालिस्तान लगातार पैर पसारता जा रहा है। यहाँ के तरनतारन जिले के थाने में रॉकेट लॉन्चर से हमला होने की घटना सामने आई है। इस हमले की जिम्मेदारी खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू (खालिस्तानी आतंकी संगठन सिख फॉर जस्टिस) ने ली है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह हमला तरनतारन जिले के सरहाली थाने में शुक्रवार (9 दिसंबर, 2022) को रात करीब 11:22 बजे किया गया है। कहा जा रहा है कि सरहाली में ही खालिस्तान समर्थक आतंकी हरविंदर सिंह उर्फ रिंदा का पैतृक घर है। बीते दिनों खबर आई थी कि रिंदा की पाकिस्तान में मौत हो गई है। रिंदा की मौत के बात हुए इस हमले को लेकर कहा जा रहा है कि खालिस्तानी आतंकियों ने यह हमला पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के निशाने पर किया है। माना जा रहा है कि ISI रिंदा के आतंक को कायम रखना चाहती है। इसलिए, उसने यह हमला करवाया है।

‘जी न्यूज’ की रिपोर्ट के अनुसार, इस हमले से पहले ही इंटेलीजेंस ब्यूरो (IB) ने हमले को लेकर अलर्ट जारी किया था। इस अलर्ट में कहा गया था कि आतंकवादी और गैंगस्टर पुलिस इंस्टॉलेशंस पर हमला कर सकते हैं। हालाँकि, इनपुट के बाद भी पंजाब पुलिस ने न तो सजगता बरती और ना ही कोई कार्रवाई की। इससे पंजाब सरकार और वहाँ की पुलिस के रवैये पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

इस हमले को लेकर पंजाब डीजीपी गौरव यादव ने कहा है कि इस साल करीब 200 ड्रोन क्रासिंग हुई हैं। बीते महीने भी कई ड्रोन को रोका गया है। साथ ही, हेरोइन और हथियार भी जब्त किए गए हैं। उन्होंने कहा, मेरा मानना है कि दुश्मन देश डरा हुआ है और ध्यान भटकाने के लिए रात में कायरतापूर्ण हमला कर रहा है।”

डीजीपी ने यह भी कहा है कि प्रारंभिक जाँच में खुलासा हुआ है कि शुक्रवार रात करीब 11 बजकर 22 मिनट पर आरपीजी (RPG) का इस्तेमाल कर हाईवे से ग्रेनेड दागा गया था। यह ग्रेनेड सरहाली थाने के सुविधा केंद्र से टकराया। इस मामले में, UAPA की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। सेना के दस्ते में शामिल फॉरेंसिक टीम भी जाँच में जुटी हुई हैं।

उन्होंने यह भी कहा है कि जाँच में पता चला है कि पाकिस्तान में मौजूद हैंडलर और ऑपरेटर यूरोप और उत्तरी अमेरिका में भी एक्टिव हैं। उनके लिंक की भी जाँच करने के साथ ही एसएफजे (खालिस्तानी आतंकी संगठन सिख फॉर जस्टिस) के दावे की भी जाँच कर रहे हैं। स्पष्ट संकेत हैं कि यह पड़ोसी देश की करतूत है। वह भारत को लगातार घाव देने की कोशिश कर रहा है।

इस हमले को लेकर भाजपा आम आदमी पार्टी सरकार पर हमलावर है। भाजपा नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा है “गाँधी परिवार की तरह केजरीवाल भी पंजाब में अराजकता फैलाकर देश की सत्ता हथियाना चाहते है तरन तारन पुलिस स्टेशन पर आतंकी हमला प्रदेश की सुरक्षा को दरकिनार कर रही पंजाब की AAP सरकार की नाकामी का सबूत है। केजरीवाल के कठपुतली बनकर मुख्यमंत्री भगवंत मान पूरे देश की सुरक्षा को खतरे में डाल रहे है।”

मोहाली इंटेलिजेंस विभाग में भी हो चुका है ब्लास्ट

गौरतलब है कि इस साल मई में मोहाली पुलिस के इंटेलिजेंस विभाग में में भी एक विस्फोट हुआ था। यह ब्लास्ट कम क्षमता का था जिस से किसी के जान-माल का कोई नुकसान नहीं हुआ था। इस ब्लास्ट में भी रॉकेट लॉन्चर का प्रयोग हुआ था।

‘मुझे जानवर बहुत पसंद हैं’: पाकिस्तानी यूट्यूबर अज़लान शाह ने नई-नवेली बीवी को तोहफे में दिया गदहे का बच्चा

शादी के मौके पर दोस्तों और रिश्तेदारों की तरफ से दुल्हन को ढेरों तोहफे मिलते हैं। उनमें सबसे खास होता है वह तोहफा, जो दूल्हा अपनी दुल्हन को देता है। क्या आपने कभी किसी शादी में दुल्हन को तोहफे में गधा मिलते देखा है? यह कोई मजाक नहीं है, बल्कि ऐसा पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में हुआ है। दूल्हे का यह अजीब गिफ्ट देखकर हर कोई हैरान रह गया।

पाकिस्तानी यूट्यूबर अजलान शाह ने अपनी दुल्हन वरीशा को नायाब तोहफे के तौर पर गधे का बच्चा दिया है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर तोहफे की तस्वीर शेयर करते हुए एक पोस्ट कर लिखा, “मैं हमेशा से जानता था कि वारिशा को गधे के बच्चे बहुत पसंद हैं, इसलिए ये मेरी तरफ से शादी का तोहफा है। उन्होंने आगे यह भी सफाई दी कि गधे के बच्चे को उसकी माँ से अलग से नहीं किया गया है, इसीलिए वो उसे भी साथ लाए हैं।

दरअसल, पिछले दिनों पाकिस्तानी यूट्यूबर अजलान शाह और वरीशा जावेद खान का निकाह हुआ था। निकाह के बाद दावत-ए-वलीमा (शादी की दावत) हुई। इस रिसेप्शन पार्टी में अजलान ने अपनी बीवी को गधे का बच्चा (बेबी डंकी) गिफ्ट किया। तस्वीरों के अलावा अजलान ने एक वीडियो भी शेयर किया है। वीडियो में अजलान ने अपने तोहफे के बारे में तफसील (विस्तार) से जानकारी दी है। अजलान कह रहे हैं, “सवाल यह है कि तोहफे में गधा ही क्यों? तो इसका जवाब यह है कि एक तो यह (गधे) आपको पसंद है और दूसरा यह कि दुनिया का सबसे मेहनती और प्यार करने वाला जानवर है।”

इस मौके पर दुल्हन भी पीछे नहीं रहीं। वरीशा कहती नजर आईं कि, “मैं तुम्हें गधा नहीं बनने दूँगी।” अजलान ने इस तोहफे के बारे में आगे कहा , “मुझे जानवर बहुत पसंद हैं, लोग चाहें जो भी कहें, गधा मेरा स्प्रिट एनिमल है, मुझे गधे से प्यार है, ये मेरी तरफ से वरीशा के लिए तोहफा है।”

इसके बाद अजलान हँसते हुए कहते हैं, “प्लीज इस बात का मजाक नहीं बनाना।” इस मौके पर अजलान शाह ने लोगों को यह भी बताया कि उन्होंने गधे के बच्चे को उसकी माँ से अलग नहीं किया है और वो भी उसके साथ आई है।

पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि अज़लान और वरीशा की शादी में कई यूट्यूबर्स, टिकटॉकर्स और पाकिस्तानी हस्तियाँ मौजूद थीं। सोशल मीडिया पर यह वीडियो खूब वायरल हो रहा है। साथ ही इसे लेकर एक बहस भी छिड़ गई है। कुछ लोग अजलान के गिफ्ट की तारीफ कर रहे हैं तो कुछ नाराजगी भी जता रहे हैं।

रिपोर्ट्स की मानें तो पाकिस्तान में डॉक्टरों और इंजीनियर्स की तुलना में यूट्यूबर्स की शादी ज्यादा भव्य तरीके से आयोजित होती है। कारण यह है कि वहाँ डॉक्टरों और इंजीनियरों से ज्यादा कमाई यूट्यूबर्स की होती है। बताया जा रहा है कि अजलान और वरीशा की शादी भी पाकिस्तान की खर्चीली शादियों में शुमार थी।

‘कैश में दो पैसे – गालियाँ बकते हुए Ola ड्राइवर परवेज ने पीटा, हाथ में फ्रैक्चर-निकलने लगा खून’: मुंबई पुलिस ने दर्ज की FIR, वीडियो आया सामने

‘Square Feat India’ के संस्थापक व पत्रकार वरुण सिंह ने एक ओला बाईक ड्राइवर पर अपने साथ मारपीट का आरोप लगाया है। आरोपित ड्राइवर का नाम परवेज बताया जा रहा है। वरुण सिंह ने घटनाक्रम का वीडियो भी अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर करते हुए मुंबई पुलिस से शिकायत की है। पुलिस ने FIR दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है। ओला कंपनी ने भी इस मामले में ड्राइवर के व्यवहार को गलत बताते वरुण से माफ़ी माँगी है। घटना शुक्रवार (9 दिसंबर, 2022) की है।

वरुण द्वारा शेयर किए गए एक वीडियो में ओला ड्राइवर परवेज उनकी वीडियो बना रहा है। 29 सेकेंड के उस वीडियो में वरुण ड्राइवर पर ओला मनी के बजाए कैश पेमेंट देने के लिए कहे जाने का आरोप लगा रहे हैं। वरुण ड्राइवर से ओला मनी से पेमेंट न किए जाने की वजह पूछ रहे हैं लेकिन ड्राइवर सिर्फ उनकी वीडियो बना रहा है। वीडियो में परवेज की स्कूटी भी दिखाई दे रही है।

वरुण का कहना है कि उन्होंने फीनिक्स मॉल से कहीं जाने के लिए ओला बुक की थी। इस दौरान परवेज ने कैश में जाने की बात कही तो उन्होंने उसका फोटो खींच लिया। अपने ट्वीट में वरुण ने बुकिंग लोकेशन भी शेयर की है। वरुण द्वारा बुक की गई गाडी का नंबर MH 03 CF 4420 है। उसके 84 रुपए भाड़ा दिखाई दे रहा है।

1:43 मिनट के एक अन्य वीडियो में वरुण ने आरोपित ड्राइवर परवेज पर 5 बार अपनी पिटाई का आरोप लगाया है। एक राहगीर महिला ने हस्तक्षेप की भी कोशिश की। वरुण ने वीडियो में कहा कि उनके हाथों में फैक्चर हो गया है और खून भी निकल रहा है। आस-पास के लोगों ने पुलिस को बुलाने की सलाह भी दी। इस पूरी वीडियो में परवेज लगातार बहस करता सुनाई दे रहा है। इस पूरी बहस में आरोपित परवेज वरुण सिंह से किसी को भी बुलाने और बिलकुल भी न डरने का ताव दे रहा है।

वरुण सिंह ने अपने अन्य ट्वीट में जानकारी दी है कि परवेज द्वारा किए गए हमले के बाद वो अस्पताल गए। वहाँ उन्होंने इलाज करवाने के बाद पुलिस स्टेशन का रुख किया। एक ट्वीट में उन्होंने जानकारी दी है कि उनका केस पुलिस ने दर्ज कर लिया। वरुण सिंह ने यह भी कहा कि उन पर ओला ड्राइवर परवेज उन पर गाली देने का आरोप लगा रहा था जो सरासर गलत है।

कश्मीरी पंडितों के नरसंहार की नहीं होगी जाँच: सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी याचिका, कहा- अब सबूत जुटाना मुश्किल

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने कश्मीर घाटी में 1990 के दशक में हुए हिंदुओं के नरसंहार की जाँच की CBI/NIA या फिर कोर्ट द्वारा नियुक्त एजेंसी से कराने की माँग वाली क्यूरेटिव पिटीशन को खारिज कर दिया। ‘रूट्स इन कश्मीर’ नाम की NGO द्वारा दायर याचिका में नए सिरे से प्राथमिकी दर्ज जाँच कराने की माँग की गई थी।

दरअसल, हिंदुओं के नरसंहार के मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए निर्देश को लेकर अक्टूबर 2022 में पुनर्विचार याचिका दायर की गई थी। 24 जुलाई 2017 में तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश जेएस खेहर और न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने याचिका पर सुनवाई से इनकार करते हुए कहा था कि इतने सालों बाद इस केस में सबूत जुटाना मुश्किल है।

कोर्ट ने यह भी कहा था कि कश्मीरी पंडितों के साथ जो कुछ हुआ वो हृदय विदारक है, लेकिन 27 साल बीत जाने के बाद याचिका पर विचार करने से कोई उपयोगी उद्देश्य सामने नहीं आएगा। इसलिए इसकी जाँच का आदेश नहीं दिया जा सका।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा सुनवाई से इनकार करने के बाद ‘रूट्स इन कश्मीर’ नाम की NGO ने क्यूरेटिव याचिका दाखिल की थी। याचिका में कहा गया था कि देरी को आधार बताकर याचिका खारिज करना ठीक नहीं है। सिख विरोधी दंगों की नए सिरे से हो रही जाँच का हवाला देते हुए याचिका में कहा गया कि इंसानियत के खिलाफ अपराध और नरसंहार जैसे मामलों में समय सीमा का नियम लागू नहीं होता।

याचिका में यह कहा गया कि न्यायालय यह मानने में विफल रहा कि 1989 और 1998 के बीच 700 से अधिक कश्मीरी पंडितों की हत्या कर दी गई। इससे जुड़े 200 से अधिक मामलों में प्राथमिकी दर्ज की गई, लेकिन एक भी प्राथमिकी में चार्जशीट नहीं दाखिल की गई या मामला दोषसिद्धि तक नहीं पहुँचा।

नए सिरे से प्राथमिकी दर्ज करने, फिर से जाँच करने और लंबित मामलों को तेजी से निपटाने की माँग वाली याचिका को खारिज करते हुए भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस संजय किशन कौल और एस अब्दुल नज़ीर की पीठ ने कहा कि इसमें कोई मामला नहीं बनता।

पीठ ने कहा, “हमने क्यूरेटिव पिटीशन और इससे जुड़े दस्तावेजों को देखा। हमारी राय में रूपा अशोक हुर्रा बनाम अशोक हुर्रा मामले में इस अदालत के फैसले में बताए गए मापदंडों के भीतर कोई मामला नहीं बनता है।”

नाबालिग हिन्दू लड़की को लेकर नेपाल भाग रहा था वसीउल्लाह खान, SSB ने दबोचा: यूपी की रहने वाली है पीड़िता

सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने भारत-नेपाल सीमा के बढ़नी बॉर्डर से एक नाबालिग हिन्दू लड़की को सही-सलामत बचा लिया है। इस लड़की को वसीउल्लाह शफी खान नाम का एक आरोपित अपने साथ नेपाल ले जा रहा था। आरोपित मूल रूप से गुजरात का रहने वाला है, जबकि लड़की उत्तर प्रदेश की बताई जा रही है। पीड़िता और आरोपित को जिला सिद्धार्थनगर पुलिस के हवाले कर दिया गया है। घटना शुक्रवार (9 दिसंबर 2022) की है।

जानकारी के मुताबिक, हर दिन की तरह शुक्रवार को भी SSB के जवान सीमा पर चौकसी रखे हुए थे। इस बीच दोपहर लगभग 10:30 पर भारत से नेपाल की सीमा में घुस रहे एक लड़के और लड़की पर जवानों की नजर पड़ी। दोनों के हाथों में सामान थे, जिस से जवानों को उनके कहीं दूर सफर से आने का शक हुआ। दोनों को रोक कर सशस्त्र सीमा बल के जवानों ने सवाल शुरू किए तो लड़का संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया।

बताया जा रहा है कि कुछ ही देर बाद SSB के जवानों ने सारा सच निकलवा लिया। लड़के का नाम वसीउल्लाह सफी खान निकला। वह मूल रूप से गुजरात प्रदेश के वापी जिले में बल्लम नगर क्षेत्र का रहने वाला निकला। वसीयल्लाह की उम्र लगभग 23 साल है। वहीं लड़की उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात के थाना क्षेत्र के स्वरूपनगर की रहने वाली निकली। वह नाबालिग बताई जा रही है, जो हिन्दू धर्म से है। लड़की की उम्र लगभग 17 बताई जा रही है।

शक होने के बाद SSB के जवानों ने दोनों को कस्टडी में ले लिया। तत्काल ही जिला पुलिस सिद्धार्थनगर को सूचना दी गई। मौके पर पहुँची पुलिस वसीउल्लाह सफी खान और लड़की को अपने साथ ले गई। पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है। दोनों के परिवार को संपर्क साधा गया है। आशंका इस बात की भी जताई जा रही है कि वसीउल्लाह शफी खान लड़की को नेपाल के रास्ते किसी और देश ले जाने की फिराक में था। दोनों संपर्क में कैसे आए इसकी भी जानकारी पुलिस जुटा रही है। आरोपितों के पास मिले कागजातों की भी जाँच करवाई जा रही है।

100 नकाबपोशों की भीड़ ने महिला डॉक्टर को घर से उठा लिया: तेलंगाना में थाने के बगल में ही घटना, बचाने आए लोगों को भी पीटा

तेलंगाना (Telangana) में पुलिस स्टेशन के बगल से दर्जनों लोगों द्वारा दिन-दहाड़े एक महिला का उसके घर से अपहरण करने का मामला सामने आया है। रंगारेड्डी जिले में 24 वर्षीय महिला के अपहरण के मामले में अभी तक 16 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, महिला को भी पुलिस ने छुड़ा लिया है।

राजधानी हैदराबाद से सटे रंगारेड्डी जिले के आदिबटला इलाके में शुक्रवार (9 दिसंबर 2022) को करीब 16 लोगों ने अपहरण का दुस्साहसिक कांड किया। सामने आए वीडियो में दिख रहा है कि नकाबपोश लोग एक घर में और पार्क की गई गाड़ियों में तोड़फोड़ करते और लड़की के परिवार को पीटते दिखाई दे रहे हैं। इसके बाद वे लड़की का अपहरण कर लेते हैं।

लड़की के माता-पिता ने आरोप लगाया है कि लगभग 100 लोग उनके घर में घुस आए और उनकी 24 वर्षीया बेटी वैशाली को जबरन उठा ले गए। इसके साथ ही उन्होंने घर और गाड़ियों में तोड़फोड़ की। उधर पुलिस का कहना है कि मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की कार्रवाई जारी है।

पुलिस का कहना है कि इस मामले में सभी 16 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इसके साथ ही घटना के 6 घंटे के अंदर लड़की को भी छुड़वा लिया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपितों पर हत्या का प्रयास और अपहरण का चार्ज लगाया गया है। हालाँकि, इस घटना को लेकर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।

पीड़ित महिला दंत चिकित्सक बताई जा रही है। राचकोंडा के पुलिस आयुक्त महेश बागवाथ ने कहा, “अब तक कुल 16 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। छह घंटे के भीतर महिला को बचा लिया गया। बाकी अपराधियों की भी जल्दी गिरफ्तारी की जाएगी और मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया जाएगा। गिरफ्तार लोगों के आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाले जाएँगे।”

इस घटना का मुख्य आरोपित 26 वर्षीय के नवीन रेड्डी है। नवीन चाय की दुकानों की एक श्रृंखला का प्रमोटर है। कहा जा रहा है कि नवीन ने पुलिस को बताया कि वे दोनों पहले ही शादी कर चुके हैं। बाद में जब लड़की डेंटिस्ट बन गई तो उसके माता-पिता ने अपना विचार बदल दिया और शादी से इनकार कर दिया।

वहीं, उसके माता-पिता का कहना है कि नवीन ने उनकी बेटी को प्रपोज किया था। जब उसने मना किया था तो उसे घर से अपहरण करके ले गए। इस दौरान जब उसके रिश्तेदारों और पड़ोसियों ने रोकने की कोशिश की तो उनके साथ भी मारपीट की गई।

बुर्के में ‘रामायण वाली सीता’, धर्मांतरण वाले पोस्ट … ज़ाकिर नाइक का फैन निकला यूपी पुलिस का कॉन्स्टेबल मुशीर खान, पोल खुलने पर बंद किया फेसबुक

उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले में पदस्थापित पुलिस के एक कॉन्स्टेबल पर भगोड़े आतंकी ज़ाकिर नाईक के समर्थन का आरोप लगा है। सिपाही का नाम मुशीर खान है, जो जिले के महिला थाना में तैनात है। कॉन्स्टेबल का फेसबुक स्क्रीनशॉट भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इन वायरल स्क्रीनशॉट में सिपाही धर्मांतरण वाली पोस्ट भी शेयर करता दिखाई दे रहा है।

सीतापुर के एक मंदिर के महंत बजरंग मुनि उदासीन ने मुशीर खान की फेसबुक के स्क्रीनशॉट्स शेयर किए हैं। इन स्क्रीनशॉट्स में मुशीर नाम की ID से ज़ाकिर नाईक के वीडियो शेयर किए जा रहे हैं। स्क्रीनशॉट के मुताबिक कॉन्स्टेबल मुशीर फेसबुक के जिस ग्रुप से जुड़ा हुआ है, उसका नाम ‘डॉक्टर ज़ाकिर नाईक के चाहने वालों का ग्रुप’ है। इस ग्रुप के एडमिन का नाम आमिर खान है। ग्रुप में लगभग 4 लाख 15 हजार मेंबर जुड़े हुए हैं जिसका एक सदस्य सिपाही मुशीर भी है।

मिल रही जानकारी के मुताबिक, सिपाही मुशीर ललितपुर के महिला थाने में पोस्टेड है। वह महिला थाने की SHO की सरकारी गाड़ी चलाता है। विभाग में किसी को उसकी हरकतों की जानकारी नहीं थी। एक अन्य स्क्रीनशॉट में वह रामायण में माँ सीता का रोल करने वाली अभिनेत्री दीपिका को बुर्के में दिखाने वाला लिंक शेयर किया है।

महंत बजरंग मुनि उदासीन ने अपने ट्वीट में सिपाही मुशीर की आतंकी नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका जताई है। उन्होंने कहा है कि वो NIA से सिपाही के नेटवर्क की जाँच की माँग करेंगे। बजरंग मुनि की शिकायत पर ललितपुर पुलिस ने मामले की जाँच करवाने और कार्रवाई करने की जानकारी साझा की है।

ज़ाकिर नाईक के समर्थन वाले इस ग्रुप में इस्लाम की तमाम दीनी बातों के अलावा अक्सर आतंकी ज़ाकिर के कई वीडियो पोस्ट किए जाते हैं। मूल रूप से बिहार के गोपालगंज का रहने वाला ग्रुप एडमिन आमिर खान अपनी फेसबुक प्रोफ़ाइल के मुताबिक, फिलहाल सऊदी अरब के रियाद शहर में रहता है। उसके द्वारा शेयर किए जाने वाले वीडियो पर हजारों लाइक और कमेंट आते हैं। कॉन्स्टेबल मुशीर जैसे कई अन्य ग्रुप मेंबर ज़ाकिर की तकरीरों को लगातार शेयर भी कर रहे थे।

बताया जा रहा है कि मामले में हंगामा हो जाने के बाद सिपाही मुशीर खान ने अपने फेसबुक को बंद कर दिया है।

स्टेडियम से बाहर निकाला, क़तर पुलिस ने पकड़ा, गिर कर मर गए… क़तर में पत्रकार को भारी पड़ा समलैंगिकों के समर्थन वाली शर्ट पहनना

इस्लामी मुल्क कतर (Islamic Country Qatar) में हो रहे FIFA विश्व कप 2022 शुरू से ही विवादों में रहा है। आतंकियों से संबंधों वाला भगोड़ा कट्टरपंथी जाकिर नाइक को इस्लाम पर तकरीर देने के लिए बुलाने से लेकर मानवाधिकारों के दमन तक के कारण यह खेल आयोजन सुर्खियों में रहा। वहीं, खेल के दौरान समलैंगिक समुदाय का समर्थन करने पर जिस अंतरराष्ट्रीय पत्रकार को हिरासत में लिया गया था, उनकी अचानक मौत हो गई है।

कतर इस्लामी शरिया कानून पर आधारित है और यहाँ समलैंगिकता को लेकर सख्त कानून है। कतर में आयोजित FIFA वर्ल्ड विश्व कप के दौरान अमेरिकी पत्रकार ग्रांट वहल ने समलैंगिक समुदाय का समर्थन करने वाली शर्ट पहनी थी। इसके बाद कतर की पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया था। लगभग 30 मिनट तक हिरासत में रखने के बाद पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया था। इस घटना के कुछ दिन बाद उनकी मौत हो गई है।

ग्रांट शनिवार (10 दिसंबर 2022) को तड़के अर्जेंटीना और नीदरलैंड के बीच विश्व कप मैच को कवर कर रहे थे। वे लुसैल आइकॉनिक स्टेडियम में मीडिया ट्रिब्यून में अपनी सीट पर बैठे थे। अचानक वहाँ गिर गए। इसके बाद आपातकालीन सेवा को फोन किया गया। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। यूएस शॉकर फेडरेशन ने उनकी मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया है।

सोमवार को ग्रांट को कुछ तकलीफ हुई थी, जिसका जिक्र उन्होंने अपने आर्टिकल में किया था और कहा था कि काम, नींद की कमी और तनाव के कारण उनका शरीर टूट रहा है। उन्होंने बताया कि यूएस-नीदरलैंड मैच दौरान उनकी छाती में दबाव और एक अलग तरह की बेचैनी महसूस हो रही थी। इसके बाद वे मेन मीडिया सेंटर की क्लिनिक में दिखाने गए। वहाँ उनकी कोविड रिपोर्ट निगेटिव मिली। उन्होंने कहा कि संभवत: उन्हें ब्रोनकाइटिस है। इसलिए कुछ ऐंटीबयोटिक और हेवी ड्रग दिए गए। अब वे थोड़ा बेहतर महसूस कर रहे हैं।

अमेरिका के फुटबॉल पत्रकार ग्रांट की मौत पर कई तरह की आशंकाएँ व्यक्त की जा रही हैं। स्नैपबैक स्पोर्ट्स के सीईओ जैक सेटलमैन ने ट्वीट किया, “भयावह! फ़ुटबॉल पत्रकार ग्रांट वहल, जिन्हें इस शर्ट के लिए क़तर के एक स्टेडियम से बाहर निकाल दिया गया था, आज अर्जेंटीना के खेल के दौरान वे कथित तौर पर गिर गए और उनका निधन हो गया। उनके भाई ने इंस्टाग्राम पर कहा कि ग्रांट पूरी तरह से स्वस्थ थे और उनका मानना है कि इसमें कुछ गड़बड़ है।” 

ग्रांट की पत्नी का कहना है कि इस घटना से उन्हें बहुत बड़ा झटका लगा है और अभी तक यह खुलासा नहीं हुआ है कि ग्रांट की मौत कैसे हुई है। बता दें कि इंग्लैंड के स्टार खिलाड़ी डेविड बेकहम के अमेरिका में स्टार बनने पर ग्रांट ने एक किताब लिखी थी। ‘द बेकहम एक्सपेरिमेंट’ नाम की यह किताब काफी लोकप्रिय हुई थी। 

पंजाब के पुलिस थाने पर रॉकेट लॉन्चर से हमला, बाल-बाल बचे पुलिसकर्मी: इमारत को पहुँचा नुकसान, मोहाली में भी हुआ था ब्लास्ट

पंजाब के तरनतारन जिले में एक धमाके की खबर है। बताया जा रहा है कि यहाँ रॉकेट लांचर से एक पुलिस स्टेशन को निशाना बनाया गया है। हमले में थाने में मौजूद पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गए हैं। थाने की बिल्डिंग को नुकसान पहुँचा है। पुलिस ने यह हरकत को करने वालों की तलाश शुरू कर दी है। घटना 9-10 दिसंबर 2022 रात लगभग 1 बजे की बताई जा रही है। इस मामले में NIA और IB की टीनें भी जाँच के लिए निकल चुकी हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना सरहाली पुलिस थाने की है। बताया जा रहा है कि रात में अचानक ही थाने की बिल्डिंग से लॉन्चर टकराने से अफरा-तफरी का माहौल हो गया। अभी तक मिली जानकारी के मुताबिक़, रॉकेट लॉन्चर से हमला कहीं और किया गया था। किसी और टारगेट से डाइवर्ट हो कर लॉन्चर पहले थाने के गेट से टकराया फिर पिलर से। विषेशज्ञों की भाषा में इसे RPG हमला बोलते हैं, जिसे काफी खतरनाक माना जाता है।

एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक, सरहाली थाना पाकिस्तान की सीमा से सटा हुआ है। काफी रात होने के चलते थाने में स्टाफ और आम जनता न के बराबर थी। हमला भारतीय सीमा के अंदर से ही होना बताया जा रहा है। इस हमले में प्रयोग हथियार पाकिस्तान से मिलने की आशंका जताई जा रही है। सामने आ रहे वीडियो में पुलिस स्टेशन के शीशे टूट गए हैं। आशंका यह भी जताई जा रही है कि हमलावर पुलिस स्टेशन को उड़ाने की नीयत रख कर आया था जिसमें वो सफल नहीं हुआ।

2 दिन पहले गिरफ्तार हुआ था बिक्रमजीत

गौरतलब है कि राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने 2 दिन पहले 8 दिसंबर, 2022 को फरार आतंकी बिक्रमजीत सिंह उर्फ़ बिक्कर को दिल्ली से गिरफ्तार किया था। बिक्कर ऑस्ट्रेलिया में रहता था जो साल 2019 में तरनतारन जिले में हुए ब्लास्ट में आरोपित था। बिक्रमजीत पर अन्य आतंकी समूहों से भी साँठ-गाँठ का आरोप है। उसके खिलाफ NIA कोर्ट मोहाली से गैरजामंती वारंट भी जारी था।

मोहाली इंटेलिजेंस विभाग में भी हो चुका है ब्लास्ट

गौरतलब है कि इस साल मई में मोहाली पुलिस के इंटेलिजेंस विभाग में में भी एक विस्फोट हुआ था। यह ब्लास्ट कम क्षमता का था जिस से किसी के जान-माल का कोई नुकसान नहीं हुआ था। इस ब्लास्ट में भी रॉकेट लॉन्चर का प्रयोग हुआ था।