Wednesday, July 24, 2024
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सीटें कम हुईं, लेकिन पिछले MCD चुनाव के मुकाबले 3% बढ़ गया BJP का वोट शेयर: देखें 2017, 2020 और 2022 चुनावों में कैसे बदले आँकड़े

साल 2017 में MCD तीन हिस्सों में थी। इसमें कुल वार्ड की संख्या 272 थी। इनमें से बीजेपी ने 181, आम आदमी पार्टी ने 49 और कॉन्ग्रेस ने 31 सीटों पर जीत हासिल की थी। इस बार भाजपा 104 सीटें मिली है, जबकि AAP को 134 सीटें मिली हैं। वहीं कॉन्ग्रेस को 9 और अन्य को 3 सीटें मिली हैं।

साल 2022 के दिल्ली MCD चुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP) ने बहुमत के आँकड़े को पार कर भाजपा (BJP) को सत्ता से बेदखल कर दिया है। भाजपा की सीटें भी कम हुई हैं, लेकिन अगर वोट प्रतिशत की बात करें तो इसमें बहुत बड़ा बदलाव नहीं दिख रहा है।

साल 2022 के MCD चुनावों में आम आदमी पार्टी को 42.10 प्रतिशत वोट मिले हैं। वहीं भाजपा को 39.07 प्रतिशत और कॉन्ग्रेस को 11.65 प्रतिशत वोट मिले हैं। बहुजन समाज पार्टी से 2 प्रतिशत अधिक निर्दलीय उम्मीदवारों को वोट मिले हैं। निर्दलीय उम्मीदवारों को 3.46 प्रतिशत वोट मिले हैं।

AAP ने 42.10 प्रतिशत वोटों के साथ MCD में 15 सालों से काबिज भाजपा को हटा दिया है। हालाँकि, उसे विधानसभा के मुकाबले वोटों के गिरे प्रतिशत उसे चिंतित कर रहा है। पिछले विधानसभा चुनावों में AAP को 53.57 प्रतिशत वोट मिले थे। ऐसे में लगभग 11 प्रतिशत वोटों का उसे नुकसान हुआ है। यह AAP के लिए खुशी के साथ-साथ सतर्कता की घंटी भी है।

साल 2020 में हुए दिल्ली विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी को 53.57 प्रतिशत वोट मिले थे। भाजपा को 38.51 प्रतिशत वोट मिले थे, जबकि कॉन्ग्रेस को 4.26 प्रतिशत वोट हासिल हुए थे। इस तरह भाजपा को इस बार के MCD चुनाव में पिछले विधानसभा चुनावों के मुकाबले थोड़ा अधिक ही वोट मिला है।

हालाँकि, सबसे अधिक फायदा कॉन्ग्रेस को नजर आ रहा है। पिछले विधानसभा चुनाव में कॉन्ग्रेस को सिर्फ 4.26 प्रतिशत वोट मिले थे, जबकि इस बार के MCD चुनाव में उसे 11.65 प्रतिशत वोट मिले हैं। इसका मतलब यह हुआ कि AAP से जो 11 प्रतिशत वोट छिटका है, उसका बहुत बड़ा हिस्सा कॉन्ग्रेस में शिफ्ट हुआ है। यानी इस बार कॉन्ग्रेस को वोट में लगभग 8 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

MCD चुनावों में AAP को कई ऐसे इलाकों में हार का मुँह देखना पड़ा है, जहाँ मुस्लिम वोट बड़ी संख्या निर्णायक स्थिति में हैं। इसका सीधा अर्थ यही लगाया जा रहा है कि पिछले विधानसभा चुनावों में AAP का वोटर रहा मुस्लिमों का एक बड़ा वर्ग MCD में कॉन्ग्रेस के पक्ष में मतदान किया है।

अगल पिछले MCD चुनाव की बात करें तो भी तस्वीर कुछ अलग है। साल 2017 में हुए MCD चुनाव की अपेक्षा इस बार के MCD चुनाव में AAP का वोट प्रतिशत लगभग 17 प्रतिशत बढ़ा है। पिछले एमसीडी चुनावों में आम आदमी पार्टी को लगभग 26 प्रतिशत वोट मिले थे।

इस बार के एमसीडी चुनावों में भाजपा का वोट शेयर लगभग 3 प्रतिशत बढ़ा है। पिछले MCD चुनाव में भाजपा को लगभग 36 प्रतिशत वोट मिले थे। वहीं, कॉन्ग्रेस को पिछले MCD चुनाव की अपेक्षा 9 प्रतिशत वोट का नुकसान हुआ है। पिछले एमसीडी चुनाव में कॉन्ग्रेस को लगभग 21 प्रतिशत वोट मिले थे।

साल 2017 में MCD तीन हिस्सों में थी। इसमें कुल वार्ड की संख्या 272 थी। इनमें से बीजेपी ने 181, आम आदमी पार्टी ने 49 और कॉन्ग्रेस ने 31 सीटों पर जीत हासिल की थी। इस बार भाजपा 104 सीटें मिली है, जबकि AAP को 134 सीटें मिली हैं। वहीं कॉन्ग्रेस को 9 और अन्य को 3 सीटें मिली हैं। हालाँकि, स्टोरी लिखे जाने तक मतगणना का अंतिम चरण पूरा नहीं हुआ है और इसमें कुछ बदलाव संभव हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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