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अन्नू है अनवर यह जानते ही हिंदू छात्रा ने तोड़ लिए रिश्ते, फिर भी नहीं माना: ब्लैकमेल कर रेप, इस्लाम कबूलने का डाला दबाव

मध्य प्रदेश के इंदौर से लव जिहाद का मामला सामने आया है। अनवर खान पर पहचान छिपाकर हिंदू छात्रा से जान पहचान करने और फिर ब्लैकमेल कर रेप का आरोप है। वह पीड़ित छात्रा पर धर्म परिवर्तन के लिए भी दबाव डाल रहा था। पुलिस ने केस दर्ज कर अनवर को गिरफ्तार कर लिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पीड़ित छात्रा ने पुलिस को बताया है कि अनवर से उसकी दोस्ती करीब 8 साल पहले सोशल मीडिया के जरिए हुई थी। अनवर खान ने सोशल मीडिया पर अपना नाम अन्नू रखा हुआ था। संपर्क में आने के बाद दोनों का मिलना-जुलना भी हुआ। 5 साल पहले छात्रा को पता चला कि अन्नू का असली नाम अनवर है। वह एक मुस्लिम है। इसके बाद पीड़िता ने उससे दोस्ती तोड़ दी। मिलना और बात करना बंद कर दिया।

छात्रा के अनुसार इसके बाद भी अनवर बाज नहीं आया। जब उसे लड़की की सगाई होने की जानकारी मिली तो उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। छात्रा के घर पहुँचकर उसने सगाई तोड़ने की धमकी दी और इस्लाम कबूल कर निकाह का दबाव बनाया। आरोप है कि इसी दौरान अनवर ने छात्रा के साथ दुष्कर्म भी किया। छात्रा ने गुरुवार (01 दिसंबर, 2022) को यह बात अपने परिवारवालों को बताई। इसके बाद परिजनों ने हिंदूवादी संगठनों से संपर्क कर मदद माँगी और थाने पहुँचे।

मामला संज्ञान में आने के बाद बजरंग दल के कार्यकर्ता थाने पहुँचे और आरोपित की गिरफ्तारी की माँग की। इसके बाद छात्रा की शिकायत पर पुलिस ने रेप, धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने समेत कई अन्य धाराओं में अनवर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की।

इंदौर के सरकारी लॉ कॉलेज में लव जिहाद को बढ़ावा: ABVP का दावा, 6 शिक्षकों के पढ़ाने पर लगी रोक-जाँच रिटायर्ड जज से कराने का भरोसा

मध्य प्रदेश के इंदौर के एक सरकारी लॉ कॉलेज ने छह शिक्षकों के क्लास लेने पर रोक लगा दी है। इन पर लव जिहाद और मजहबी कट्टरता को बढ़ावा देने, देश और सेना के खिलाफ दुष्प्रचार करने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के आरोपों के बाद कॉलेज प्रबंधन ने यह कार्रवाई की है। साथ ही मामले की जाँच किसी रिटायर्ड जज से कराने का भरोसा भी दिलाया है।

मामला इंदौर के शासकीय नवीन विधि महाविद्यालय का है। गुरुवार (01 दिसंबर, 2022) को आरोपित प्रोफेसर्स के खिलाफ छात्रों ने जमकर हंगामा भी किया। ABVP के नेतृत्व में महाविद्यालय प्रबंधन को शिकायत दी गई। शिकायत मिलने के बाद महाविद्यालय प्रबंधन ने जिला न्यायालय के किसी अवकाश प्राप्त न्यायाधीश से इन आरोपों की जाँच कराने का आश्वासन दिया है। साथ ही जाँच होने तक आरोपित शिक्षकों को कार्यमुक्त कर दिया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक महाविद्यालय में एबीवीपी इकाई के अध्यक्ष दीपेंद्र ठाकुर ने महाविद्यालय के प्राचार्य इनामुर्रहमान को अमीक खोखर, मिर्जा मोजीज बेग, फिरोज अहमद मीर, सुहैल अहमद वानी, मिलिंद कुमार गौतम और पूर्णिमा बिसे के खिलाफ शिकायत सौंपी है। प्रोफेसर्स पर मजहबी कट्टरता फैलाने, लव जिहाद को बढ़ावा देने और देश विरोधी दुष्प्रचार को बढ़ावा देने जैसे आरोप हैं। एबीवीपी का आरोप है कि छात्रों के अलग-अलग मैसेजिंग ग्रुप बनाए गए है जिनका इस्तेमाल नफरत फैलाने वाले संदेशों को अग्रेषित करने के लिए किया जाता है। आरोप है कि शिक्षक कॉलेज के नए छात्र-छात्राओं के बीच मजहबी कट्टरता को बढ़ावा देते हैं। उनके मन में भारत की सरकार तथा सेना को लेकर नकारात्मक विचार डालते हैं।

प्रोफेसर्स के खिलाफ प्रदर्शन करते छात्र (फोटो साभार नेटवर्क 18)

शिकायत में यह आरोप भी लगाया गया है कि हर शुक्रवार को महाविद्यालय के प्राचार्य मुस्लिम शिक्षक और मुस्लिम समुदाय के छात्र-छात्रा मस्जिद में नमाज पढ़ने जाते हैं। इस वक्त कक्षाएँ नहीं लगती हैं। शिकायत में महाविद्यालय परिसर में मांस खाए जाने का आरोप भी लगाया गया है। आरोप यह भी है कि शिक्षक नई शिक्षा नीति के खिलाफ भी छात्रों को भड़काते हैं। शिकायत में यह भी कहा गया है कि कुछ शिक्षक छात्राओं को बाहर चलने और अकेले में कैफे में मिलने के लिए भी बुलाते हैं। इंटरनल मार्क्स का हवाला देकर छात्राओं पर दबाव बनाया जाता है। 

रिपोर्ट्स के मुताबिक प्राचार्य इनामुर्रहमान ने कहा है कि महाविद्यालय का माहौल वैसा नहीं है, जैसे आरोप लगाए गए हैं। एबीवीपी की शिकायत गंभीर है और मैंने जिला न्यायालय के किसी रिटायर्ड जज से इसकी जाँच कराने का निर्णय लिया है। प्राचार्य ने बताया कि शैक्षणिक कार्य से अस्थायी तौर पर हटाए गए लोगों में दो हिंदू शिक्षक भी हैं, जिनके खिलाफ एबीवीपी ने मनमर्जी से काम करने, विद्यार्थियों से दुर्व्यवहार और अनुशासनहीनता के आरोप लगाए हैं।

ब्रेकिंग न्यूज! रवीश कुमार के जाते ही NDTV पर एंकरिंग करने लगे संबित पात्रा, निष्पक्ष रहने की खाई कसम: वायरल Video का क्या है सच

एनडीटीवी (NDTV) से रवीश कुमार (Ravish Kumar) के इस्तीफे के बाद सोशल मीडिया पर संबित पात्रा (Sambit Patra) की एक वीडियो वायरल हो रही है। वीडियो शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि वो एनडीटीवी के नए प्राइम टाइम होस्ट हैं।

देख सकते हैं कि इस वीडियो में एडीटीवी के लोगो हैं। ऊपर गुजरात चुनाव की तस्वीरें हैं। नीचे संबित पात्रा की वीडियो है। इस वीडियो में संबित पात्र कसम खाते दिख रहे हैं कि वो एंकर सीट पर बैठकर कोई पक्षपात नहीं करेंगे किसी पार्टी का पक्ष नहीं लेंगे।

सचिन नाम के यूजर इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखते हैं, “गौतम अडानी ने प्राइम टाइम के लिए रवीश कुमार की रिप्लेसमेंट ढूँढ निकाली है।”

आशिक अपने ट्वीट में कहते हैं, “रवीश के इस्तीफे के बाद संबित पात्रा एनडीटीवी पर होस्ट करेंगे।”

अबूशहमा खान लिखते हैं, “संबित पात्रा एनडीटीवी के प्राइमटाइम पर आधिकारिक तौर पर होस्ट बना दिए गए हैं।”

अब संबित पात्रा की इस वीडियो का सच क्या है आइए जानते हैं।

जैसा कि सोशल मीडिया पर शेयर हो रही वीडियो देखने से ही पता चल रहा है ये एक एडिट हुई क्लिप है। संबित पात्रा एनडीटीवी के लिए बल्कि टीवी टुडे के लिए ‘टू द प्वाइंट’ शो कर रहे हैं। इस वीडियो को 2018 में पोस्ट किया गया था। उस समय संबित को टीवी टुडे ने गेस्ट एंकर बनाकर बुलाया था।

देख सकते हैं कि गेस्ट के तौ पर जीवीएल नरसिम्हा, प्रियंका चतुर्वेदी और सपा प्रतिनिधि मौजूद हैं। वीडियो में संबित प्रियंका को कॉन्ग्रेस का बता रहे हैं जबकि हाल में बीते चुनावों के वक्त प्रियंका शिवसेना से जुड़ी थीं और तब से इसी पार्टी में है।

‘पेट से बाहर आने से पहले पूछेगा बच्चा…’: आजम खान पर FIR, बोलीं शहनाज बेगम- बहुत गंदा बोला, औरतों को किया लज्जित

समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के सजायाफ्ता नेता आजम खान (Azam Khan) की मुश्किलें कम कहाँ से होंगी, वे और बढ़ती ही जा रही है। उनकी मुश्किलों को बढ़ाने में उनकी जबान का खास योगदान है। आजम खान ने एक बार फिर महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुँचाने वाला बयान दिया है। इसको लेकर उनके खिलाफ FIR दर्ज कराई गई है।

दरअसल, 28 नवंबर 2022 को रामपुर विधानसभा उपचुनाव में पार्टी के उम्मीदवार असीम रजा के पक्ष में चुनाव प्रचार करने के लिए आजम खान गंज थाना के शुतुरखाना मुहल्ले में पहुँचे थे। यहाँ सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने विवादास्पद बात कह दी।

आजम खान ने कहा, “बहुत कम अकल है। अगर अकल होती तो जो लोग आज दावा कर रहे हैं कि 35 बरस बाद हमें छोड़ा है तो ये हमें छोड़ देते, इस काबिल मैं छोड़ देता इन्हें? जो आज तुम्हारे और हमारे साथ हुआ है, चार सरकारों में रहते हुए मैंने ऐसा किया होता तो बच्चों तुम्हारी मुस्कुराहट की कसम खाकर कहता हूँ, माँ से पेट से पैदा होने से पहले बच्चा कहता कि पूछ लो आजम खान से कि बाहर निकलना भी है या नहीं।”

दरअसल, आजम खान भाजपा सरकार पर इंतकाम लेने का आरोप लगा रहे थे। उन्होंने कहा था, “आज जो मेरे और हमारे लोगों के साथ हो रहा है, उसका इंतकाम लेने के लिए कोई जरूर पैदा होगा। भले ही मैं उस दिन रहूँ या न रहूँ, लेकिन आप तो रहेंगे ही।”

आज खान के इन बयानों पर शुतुरखाना की एक महिला शहनाज बेगम की गंज थाने में तहरीर दी। इसके आधार पर उनके खिलाफ IPC की धारा 294(b), 354(क)1(iv), 504, 505(2), 509, 153-A(1) और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 125 के तहत मुक़दमा दर्ज किया गया है।

शहनाज बेगम ने कहा कि मोहम्मद आजम खान का बयान बहुत गंदा था और उन्हें बहुत बुरा लगा। इसलिए उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज देकर मुकदमा दर्ज कराया है। अपने शिकायत में शहनाज ने लिखा है, “आजम खान ने पूरे महिला समाज/मातृत्व को अमर्यादित भाषा इस्तेमाल कर लज्जित और अपमानित किया है।”

अपनी शिकायत में आजम खान ने कहा, “रामपुर के गंज थाना के मुहल्ला खजान खां के कुआं में जनसभा को संबोधित करते हुए मोहम्मद आजम खान ने एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी की ओर इंगित करते हुए कहा कि ‘ऐ बेगैरत आवाज और बता क्या देना चाहता है तू, ऐ जमाने के कैंसर-ए-जिल्लत और खबानी के लंबरदार और बता इस शहर को क्या देना चाहता है तू, ऐ बेहया अपनी माँ की कोख से जने हुए और बता क्या देना चाहता है तू’।”

आजम खान का एक और वीडियो सामने आया है, जिसमें वे चंद्रशेखर आजाद जिंदाबाद बोलने के बाद ‘एसपी साहब जिंदाबाद, सीओ साहब जिंदाबाद, पुलिसवालों जिंदाबाद, तुम्हारे डंडे जिंदाबाद’ के नारे लगा रहे थे। दरअसल, आजम खान चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा के साथ-साथ पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों पर भी अपनी झल्लाहट और खुन्नस निकाल रहे हैं। इसलिए कभी शायरी के अंदाज में गाली तो जिंदाबाद के नारे के साथ उन पर कटाक्ष कर रहे हैं।

इससे पहले भी आजम खान ने विवादित बयान देते हुए कहा था, “मेरी मौत चाहते हो तो मुझे यहाँ गोली मार दो। खुदा की कसम वो मौत मेरी जिंदगी की तकलीफों से सस्ती होगी। तुम्हें मालूम है, हम जुल्म के कितने पहाड़ सह रहे हैं। हम पर हँसो, बेच दो अपना जमीर, बेच डालो इनके टके के लिए और बता डालो उन अफसरों को जो हमारी बर्बादी चाहते हैं।”

बता दें कि अमर्यादित भाषा और भड़काऊ बयान देने के कारण ही सपा नेता आजम खान को 3 साल की कैद की सजा हुई है। इसके कारण उनकी विधानसभा की सदस्यता भी रद्द कर दी गई और मतदान करने पर भी रोक लगा दिया गया। आजम की सदस्यता रद्द होने के कारण ही रामपुर में विधानसभा उपचुनाव हो रहे हैं, जहाँ वे आसिम रजा का प्रचार कर रहे हैं।

जरा सँभलकर! कहीं उस दुकान में भी तो नहीं कोई फरमान खान, जहाँ गईं थी आप: कोटा में दवा लेने गई 18 साल की छात्रा, गंदे मैसेज भेजने लगा

राजस्थान की कोटा पुलिस ने 32 साल के फरमान खान को गिरफ्तार किया है। अपोलो फार्मेसी की जिस दुकान में 18 साल की एक छात्रा दवा लेने गई थी, फरमान वहीं काम करता था। वह लड़की के पीछे पड़ा हुआ था। उसे अश्लील मैसेज भेजता था।

कोटा पुलिस ने ट्वीट कर उसकी गिरफ्तारी की जानकारी दी है। सोशल मीडिया पर पीड़ित छात्रा का वीडियो भी वायरल है। इसमें वह अपनी आपबीती बता रही है। उसने बताया है कि इस घटना के बाद से वह काफी डरी हुई है और कोटा में असुरक्षित महसूस कर रही है।

यह घटना कोटा के जवाहर नगर की बताई जा रही है। यहाँ मेडिकल की तैयारी कर रही 18 साल की छात्रा ने अपोलो फार्मेसी से दवाई ली और बिल के लिए अपनी डिटेल दी। उसके बाद फरमान खान बार-बार फोन कर और व्हाट्सएप पर अश्लील मैसेज भेजकर परेशान करने लगा। कोचिंग में पढ़ने वाली छात्रा कोटा में अकेले रहती है। वह फरमान की हरकतों से काफी डरी हुई और तनाव में है।

लड़की ने गुरुवार (1 दिसंबर 2022) को वीडियो में बताया, “अपोलो फार्मेसी के स्टाफ मेंबर्स ने मेरी डिटेल का मिस यूज किया। बिना किसी काम के कैसे एक व्यक्ति मुझे मेरे पर्सनल नंबर पर मैसेज कर सकता है। कोई भी इस जगह (कोटा) पर कैसे सुरक्षित रह सकता है। मेरे माता-पिता कोटा में मेरे साथ नहीं हैं। मैं यहाँ अकेली रहती हूँ। ऐसे में मैं यहाँ पर खुद को कैसे सुरक्षित मान सकती हूँ।”

वह व्हाट्सएप मैसेज भी सामने आया है जो फरमान ने भेजे थे। लड़की उससे बार-बार पूछती है कि आप कौन हैं, लेकिन वह उसे अपने बारे में कुछ भी नहीं बताता है। कहता है पहले मेरा फोन रिसीव करो।

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने कोटा पुलिस से इस मामले पर संज्ञान लेने और आरोपित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की माँग की। कोटा पुलिस ने अपराधी को गिरफ्तार कर लिया है। लेकिन उसकी तस्वीर जारी नहीं की है।

इसके बाद लोगों ने पुलिस से अपराधी की तस्वीर जारी करने को कहा ताकि पूरा राजस्थान और कोटा लड़की को परेशान करने वाले फरमान खान को देख सके और उससे सतर्क हो सके।

‘ये टुकड़े-टुकड़े गैंग के ही मेंबर’: JNU ने ‘खून बहेगा… ब्राह्मणों वापस जाओ’ की जाँच के लिए बनाई कमेटी, वकील ने कराई FIR

दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) की दिवारों पर जातिसूचक नारे लिखे जाने के मामले को यूनिवर्सिटी प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज एंड ग्रेविएंस के डीन वाली कमेटी को जल्द से जल्द पूछताछ करने और कुलपति को रिपोर्ट जमा करने के लिए कहा गया है।

बता दें कि गुरुवार (1 दिसंबर 2022) को विश्वविद्यालय परिसर में स्थित इमारतों की दिवारों पर जातिसूचक एवं विवादास्पद नारे लिखे गए थे। भाजपा की छात्र शाखा ABVP ने इसके लिए कैंपस के ही वामपंथी छात्र संगठनों पर आरोप लगाया था।

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के वकील विनीत जिंदल ने DCP साउथ वेस्ट और SHO वसंत कुंज को शिकायत दी है। वकील द्वारा दर्ज की गई शिकायत IPC की धारा 153A और B, 505, 506 और 34 के तहत आरोप लगाए गए हैं। शिकायत में वैश्य एवं ब्राह्मण समुदाय के खिलाफ जातिवादी टिप्पणी करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है।

जिंदल ने कहा, जेएनयू में देश विरोधी, समाज विरोधी कार्यों का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। ऐसी विचारधारा, जो देश में अराजकता फैलाना चाहती है, के लोग जेएनयू में बड़े पैमाने पर हैं। जेएनयू में जाति को लेकर जान से मारने की धमकी देने वालो पर सख़्त कारवाही की ज़रूरत है। ये टुकड़े-टुकड़े गैंग के सदस्य ही हैं।”

विश्वविद्यालय परिसर में स्थित कई इमारतों की दीवारों पर विवादास्पद नारे लिखे गए Ls। इसके साथ ही कुछ प्रोफेसरों के चैंबरों के गेट पर विश्वविद्यालय के बजाए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) में जाने के लिए कहा गया था। इसका फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था।

स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज- II भवन की दीवारों पर ब्राह्मण और वैश्य समुदायों के खिलाफ नारे लिखे गए। दिवारों पर ‘ब्राह्मण-बनिया, हम आ रहे हैं बदला लेने’, ‘ब्राह्मण परिसर छोड़ो, ब्राह्मण भारत छोड़ो’, ‘अब खून बहेगा’ जैसे नारे लिखे हुए थे। वहीं, तीन प्रोफसरों के चैंबर के गेट पर भी ‘शाखा में जाओ’ लिखा गया।

दिल्ली के चिड़ियाघर में कुत्तों की घुसपैठ, बाड़े में जाकर हिरणों को नोच डाला: तीन की मौत के बाद बाउंड्रीवाल की बढ़ेगी हाइट

देश की राजधानी दिल्ली के चिड़ियाघर में आवारा कुत्तों ने तीन हिरणों को मार दिया। अधिकारियों ने जानकारी दी है कि आवारा कुत्तों ने दो विलुप्तप्राय ‘हॉग हिरण’ और एक ‘सिका’ यानी जापानी हिरण पर हमला कर उन्हें मार डाला। अधिकारियों ने बताया कि घटना 12 नवंबर 2022 के रात की है।

जानकारी के मुताबिक कुत्ते आठ फीट ऊँची दीवार फाँदकर हिरणों के बाड़े में घुस गए। हमले से बेखबर गार्ड्स को अगली सुबह 2 ‘हॉग हिरणों’ के क्षत-विक्षत शव मिले, जबकि ‘सिका’ घायल अवस्था में पड़ा मिला। इलाज के दौरान ‘सिका’ हिरण ने भी दम तोड़ दिया। चिड़ियाघर के अधिकारियों का मानना है कि चारदीवारी के पास लगे कचरे और मलबे के ढेर से होकर कुत्ते घुसे होंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना की आंतरिक जाँच के आदेश दिए गए हैं।

चिड़ियाघर की निदेशक आकांक्षा महाजन ने कहा है कि चिड़ियाघर के चारदीवारी के पास कचरा डंप किए जाने की वजह से कचरे के ढेर की ऊँचाई बाउंड्रीवाल के बराबर हो गई है। जिससे आवारा कुत्तों के लिए चिड़ियाघर में दाखिल होना आसान हो गया है। उन्होंने बताया कि कचरे के ढेर को हटवाने के लिए एमसीडी को खत लिखा गया है। चिड़ियाघर की चारदीवारी की ऊँचाई बढ़ाने के लिए टेंडर जारी किया है। फिलहाल चिड़ियाघर के उन कंटीले तारों की मरम्मत कर दी गई है, जिसे कुत्तों ने नुकसान पहुँचाया था।

रिपोर्ट्स की मानें तो यह पहली बार नहीं है जब आवारा कुत्तों ने चिड़ियाघर के जानवरों को मार दिया हो। इसके पहले साल 2012 में भी आवारा कुत्तों ने चिंकारा हिरण को अपना शिकार बनाया था। चिंकारा हिरणों के शव भी अगले दिन बरामद हुए थे। उनके गर्दन और सिर पर गहरे घाव पाए गए थे।

दिल्ली के आवारा कुत्ते कचरे या शिकार द्वारा ही अपना भोजन प्राप्त करते हैं। उनका मानव बस्तियों से कम ही संपर्क होता है। ऐसे कुत्ते अभयारण्यों, वेटलैंड्स के आसपास पाए जाने वाले कई प्रजातियों के लिए खतरा बन चुके हैं। खासकर पक्षियों की प्रजातियों को इनसे बड़ा खतरा है।

‘कुछ ऐसा करूँगा जन्नत में हूरें मिलेंगी’: मंगलुरु में ब्लास्ट करने वाले मोहम्मद शरीक ने 40 लड़कों को किया ट्रेंड, लड़कियों से कहता- हिंदुओं से बात मत करो

कर्नाटक के मंगलुरु में हुए कुकर ब्लास्ट की जाँच NIA के हाथों में है। पड़ताल में पता चला है कि आरोपित मोहम्मद शरीक एक ओर मंगलुरु में आतंकी हमले की साजिश रच रहा था। वहीं दूसरी ओर वो ISIS की मदद से देश में खलीफा का शासन लाने के प्रयास कर रहा था। उसने अपने जैसे 40 लोगों को ट्रेंड किया था।

जानकारी के मुताबिक, वह शिमोगा जिले के तिर्थाली कस्बे के शोपूगुड्डे का रहने वाला है। शोपूगुड्डे एक छोटा सा गाँव है। लेकिन मात्र 100 मीटर के दायरे में यहाँ 5 संदिग्ध आतंकियों का घर है। इन आतंकियों के नाम मोहम्मद शरीक, अब्दुल मतीन है, माज मुनीर, सैयद यासीन और अराफात अली है। शरीक के पकड़े जाने के बाद इस इलाके में तनाव का माहौल है।

घर की लड़कियों को टोंकता, दीवारों पर ISIS के नारे लिखता

दैनिक भास्कर में प्रकाशित आशीष राय की रिपोर्ट के मुताबिक, शरीक के बारे में जानकारी जुटाने वह शोपूगुड्डे तक पहुँचे। यहाँ उन्हें शरीक की मौसी मिलीं। मौसी ने बातचीत में बताया कि कैसे शरीक हमेशा घर की औरतों पर रोकटोक करता था। उन्हें हिंदुओं से बातें नहीं करने देता था। उन्होंने जानकारी दी कि फरवरी 2020 में जो शिवमोगा की दीवारों पर लश्कर और ISIS के समर्थन में नारे लिखे गए थे उसमें शरीक और उसके साथियों का हाथ था। उस समय उसके अब्बा ने उसे जमानत पर बाहर कराया था और उसे बेंगलुरु और उडुपी भेजा गया था।

शरीक की मौसी कहती हैं कि वहाँ से लौटने के बाद नमाज, इबादत और अल्लाह की बातें करता था। पहले दाढ़ी छोटी थी पर उसने वो भी बढ़ानी शुरू कर दी थी। उसे जब शादी के लिए कहा जाता तो वह हमेशा कहता, “मेरा तो सब कुछ अल्लाह है। कुछ ऐसा करूँगा कि जन्नत में 72 हूरें मिलेंगी, वही मेरी असली दुनिया है।” 

वह घर की लड़कियों को मेकअप करने, टीवी देखने, गाने सुनने, हिंदुओं से बात नहीं करने को कहना था। उसने बहनों का स्कूल तक छुड़वा दिया था। शरीक की मौसी कहती हैं, “हमें लगता था दीन में ज्यादा है। ये सब कर देगा ये नहीं पता था। हमें तो समाज में सबके साथ रहना है, इसने ऐसा कर दिया है कि हम किसी को मुँह दिखाने लायक भी नहीं रहे। इस्लाम में किसी की जान लेने की बात कहीं नहीं है, ये गुनाह है। किसी-किसी का सुनकर उसने ये सब किया है।”

शरीक के परिजन सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद मानते हैं कि पुलिस ने उसे गिरफ्तार करके उसकी जान बचाई है, वरना उसकी हरकत देख उसे मारा भी जा सकता था। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि शरीक ISIS के आतंकी अब्दुल मतीन के संपर्क में काफी समय से था। मगर दोनों साथ में क्या करते थे ये किसी को नहीं पता था।

हिंदू का आधार कार्ड चुराया, जाकिर नाइक की वीडियो देखी

शरीक ने आतंकी घटना को अंजाम देने के लिए एक हिंदू नाम प्रेम राज हटगी का आधार कार्ड भी चुराया था। उसने कुकर में इतना विस्फोटक भरा था कि रिपोर्ट में बताया जा रहा है कि उससे पूरी बस उड़ाई जा सकती थी। कथिततौर पर उसके ठिकानों की छानबीन में हिंदू मंदिर और चिल्ड्रन फेस्टिवल के नक्शे बरामद हुए हैं। वहीं मोबाइल में जाकिर नाइक की वीडियो मिली थी।

तिहाड़ में सत्येंद्र जैन को VVIP सुविधा के लिए कैदियों को मजबूर किया गया: जाँच समिति को रेप कैदी ने बताया- अधिकारियों ने मालिश के लिए कहा, अब मिल रही धमकी

अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) की नेतृत्व वाली दिल्ली की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार में मंत्री सत्येंद्र जैन (Satyendra Jain) को तिहाड़ जेल VVIP सुविधा उपलब्ध कराने को लेकर जाँच पैनल ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। पैनल का कहना है कि जेल प्रशासन ने 5 कैदियों को सत्येंद्र जैन की सेवा करने के लिए बाध्य किया था। इन कैदियों में दो नाबालिग से रेप के आरोपित भी हैं।

जाँच पैनल ने कहा कि सत्येंद्र जैन की सेवा में जेल अधिकारियों का एक सहयोगी भी शामिल था। पॉक्सो केस का आरोपित रिंकू ने जाँच समिति को बताया, “मैंने जेल अधिकारियों के निर्देश पर उन्हें मालिश किया था। अब मुझे धमकी दी जा रही है। मैंने मालिश करने के लिए सत्येंद्र जैन के सेल से पानी की एक बूंद भी नहीं ली है।”

बता दें कि मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जेल में बंद सत्येंद्र जैन को उनकी सेल में मालिश करने का एक वीडियो कुछ दिन पहले सामने आया था। वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया था। कहा गया कि सत्येंद्र जैन को जो शख्स मालिश कर रहा था, वह नाबालिग से बलात्कार का आरोपित है और उसका नाम रिंकू है।

वीडियो सामने आने के बाद आम आदमी पार्टी ने दावा किया था कि सत्येंद्र जैन को स्वास्थ्य संबंधी कारणों की वजह से फिजियोथेरेपी का उपचार दिया जा रहा था। हालाँकि, रिंकू नाम के इस कैदी ने बताया कि उसने फिजियोथैरेपी की कभी ट्रेनिंग नहीं ली है। उसका काम विवाह समारोहों में घोड़ी उपलब्ध कराना था।

समिति ने कहा, “यह मालिश स्वेच्छा या स्नेह से नहीं किया गया था, जैसा कि तत्कालीन अधीक्षक जेल ने दावा किया था। यह सत्येंद्र जैन द्वारा जेल में शानदार जीवन शैली का आनंद लेने के लिए था।” इस बीच POCSO के एक अन्य आरोपित मनीष फल और बाहर का खाना सत्येंद्र जैन को उपलब्ध कराता था। “जेल वार्डन मेरे जेल खाता कार्ड में पैसे जमा करता था।

मनीष ने बताया, “मैं अपने कार्ड से सत्येंद्र जैन के लिए जेल की कैंटीन से फल खरीदता था। जेल के वॉर्डन ने मेरे जेल खाते के कार्ड में 3-4 बार पैसे जमा किए और हर बार उसने 6,900 रुपए जमा किए। मैंने सत्येंद्र जैन को स्वेच्छा से सेवाएँ नहीं दीं।”

जाँच समिति ने जेल अधिकारियों पर अपने पद के दुरुपयोग का आरोप लगाया है और कहा कि यहाँ जेल के नियमों एवं कायदों का उल्लंघन किया गया। मामला सामने आने के बाद दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना के निर्देश पर जाँच कमिटी का गठन किया गया था।

जाँच कमिटी में प्रधान सचिव (राजस्व), प्रधान सचिव (कानून) और सचिव (विजिलेंस) शामिल थे। कमिटी के सदस्यों ने जेल के सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण और जेल के कई अधिकारियों एवं कैदियों से पूछताछ की। पैनल ने जेल के अधीक्षक, वॉर्डन और मुंशी को दोषी पाया है।

‘मूर्तियों की पूजा करता है, यह इस्लाम में सबसे बड़ा पाप’: शाहरुख खान का मक्का में उमराह कट्टरपंथियों को नहीं कबूल, कहा- यह आधा हिंदू, आधा मुस्लिम

बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान (Shahrukh Khan) ने हाल ही में सऊदी अरब (Saudi Arab) में अपनी फिल्म ‘डंकी’ की शूटिंग खत्म की। एक्टर ने गुरुवार (1 दिसंबर 2022) को अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर कर इसकी जानकारी दी। इसके बाद शाहरुख खान की मक्का में उमराह (Umrah) करते हुए कई तस्वीरें सामने आई है।

इन तस्वीरों को टीम शाहरुख खान नाम के इंस्टाग्राम हैंडल पर साझा किया गया है।

सऊदी अरब के पत्रकार सईद हाफिज ने भी बॉलीवुड अभिनेता के मक्का में उमराह करते हुए तस्वीरें साझा की हैं। उन्होंने ट्वीट किया, “बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान ने मक्का में उमराह किया। अल्लाह तआला उनके उमराह को कुबूल करे, आमीन।” इन तस्वीरों में वह कई लोगों से घिरे हुए नजर आ रहे हैं। उन्होंने सफेद रंग की पोशाक पहनी हुई है। साथ ही मास्क भी लगा रखा है।

कहा जाता है कि उमराह हज की तरह ही है। हज के लिए एक निश्चित समय होता है, लेकिन उमराह कभी भी किया जा सकता है। शरीयत (इस्लाम के कानून) के अनुसार, हज और उमराह के लिए सबसे पहले मुस्लिमों को पाक किया जाता है। इसके लिए उन्हें विशेष पोशाक दी जाती है। उमराह इस्लाम में हज की तरह फर्ज नहीं, बल्कि सुन्नत है। यानी हज को जाना एक मुस्लिम के लिए जरूरी होता है लेकिन उमराह पर जाना उसकी इच्छा और हैसियत पर निर्भर करता है। वहीं हज की तुलना में उमराह कुछ ही घंटों में पूरा किया जाता है।

जैसे ही मक्का में उमराह करते शाहरुख खान की तस्वीरें सोशल मीडिया पर आईं मुस्लिम कट्टरपंथियों ने बॉलीवुड अभिनेता को गाली देना और उन पर सवाल उठाना शुरू कर दिया। अमाल कहता है, “शाहरुख मूर्तियों की पूजा करता है। वह अपने घर में हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियाँ रखता है। इस्लाम में यह सबसे बड़ा पाप माना जाता है।”

रिज नाम के ट्विटर अकाउंट ने कहा कि शाहरुख खान की बॉलीवुड से कमाई इस्लाम के अनुसार हराम है, ऐसे में उसका उमराह कैसे कबूल किया जाएगा।

एक अन्य ने कहा कि इसकी शादी एक हिंदू से हुई है। वह अपने घर में मूर्तियाँ रखता है। नियमित रूप से उसके घर में मूर्ति पूजा होती है। सिर्फ इसलिए कि उसे एक मुस्लिम नाम मिला है, इसका मतलब यह नहीं है कि मुस्लिम उसे अपना लें।

मारूफ अहमद ने कहा, “आधा मुस्लिम आधा हिंदू। शाहरुख पूरी तरह से मुस्लिम नहीं है कि वह उमराह कर सकें।”

इसके अलावा इंस्टाग्राम और ट्विटर पर इस्लामी कट्टरपंथियों ने शाहरुख खान को जमकर गालियाँ दीं। उनके मुताबिक, वह उमराह करने के काबिल नहीं हैं, क्योंकि वे शाहरुख को पूरी तरह से मुस्लिम नहीं मानते हैं। एक हिंदू से शादी, घर में हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियाँ रखने और उनके पूजा करने पर शाहरुख को पापी कहा जा रहा है। हालाँकि, यह पहली बार नहीं है जब शाहरुख खान को अपने घर में मूर्तियाँ रखने और गौरी खान से शादी करने के लिए ट्रोल किया गया है।

बता दें कि अगस्त 2022 में बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान ने गणेश चतुर्थी के अवसर पर भगवान की मूर्ति की तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की थी। साथ ही सभी को गणेश चतुर्थी की बधाई दी थी। इस पोस्ट पर उनके मजहब के कुछ लोग भड़क उठे और उन्हें खरी-खोटी सुनाने लगे। तैमूर उल हसन नामक एक यूजर ने लिखा था, “मुस्लिमों के लिए कितनी शर्म की बात है सर। आपको मुस्लिम या हिंदू होने के लिए किसी एक धर्म को चुनना चाहिए। आपको पता होना चाहिए कि मुसलमान केवल अल्लाह की इबादत करते हैं और पैगंबर मुहम्मद मानवता के जीवन को बदलने के लिए आए थे। पैगंबर ने हमें सुंदर मजहब दिया।”