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‘मुझे किसी ने गिरफ्तार नहीं किया, झूठ बोल रहे हैं CM भगवंत मान’: गोल्डी बराड़ का वीडियो, सिद्धू मूसेवाला की हत्या का है आरोपित

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शुक्रवार (2 दिसंबर, 2022) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया था कि गायक और कॉन्ग्रेस के नेता सिद्धू मूसेवाला की हत्या के मास्टरमाइंड गोल्डी बराड़ को संयुक्त राज्य अमेरिका में हिरासत में लिया गया है। हालाँकि, अब बराड़ ने दावा किया है कि उसे किसी ने गिरफ्तार नहीं किया है। बराड़ ने कथित तौर पर एक यूट्यूब इंटरव्यू में यह दावा किया है।

रिपोर्ट के अनुसार, उसने दावा किया कि उसके = समूह ने बहुत पहले अमेरिका और कनाडा छोड़ दिया था और उसकी गिरफ्तारी के बारे में सभी रिपोर्ट फर्जी हैं। इस बीच, ऐसी रिपोर्ट है कि पंजाब सरकार बराड़ को भारत लाने पर काम कर रही है।

एक स्वतंत्र पत्रकार के साथ साक्षात्कार में बराड़ ने कहा कि उसे अमेरिकी पुलिस द्वारा गिरफ्तार या हिरासत में नहीं लिया गया है। हालाँकि, ऑपइंडिया स्वतंत्र रूप से इन दावों को सत्यापित नहीं कर सका। बराड़ ने कहा कि सीएम मान ने जो कुछ भी कहा है वह गलत है। 2 दिसंबर, 2022 को सीएम मान ने गुजरात में दावा किया था कि गोल्डी बराड़ को अमेरिका में हिरासत में लिया गया है। उन्होंने आगे दावा किया था कि पंजाब में गैंगस्टरों और बदमाशों पर अंकुश लगाने पर बड़े पैमाने पर काम किया गया है। ‘रोजाना स्पोक्समैन’ के अनुसार, बराड़ ने कहा कि वह पुलिस द्वारा गिरफ्तार होने की बजाए मरना पसंद करेगा।

यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि जब विदेशी भूमि पर वांछित अपराधियों से जुड़े मामलों से निपटने की बात आती है, तो केंद्र सरकार और एजेंसियाँ मामलों को संभालती हैं। सीएम मान ने गिरफ्तारी के बारे में लंबे-चौड़े दावे किए हैं और अगर यह गलत हो जाता है, तो यह AAP के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार के लिए अपमानजनक होगा।

इस बीच, शिरोमणि अकाली दल (SAD) के नेता बिक्रम मजीठिया ने रविवार (4 दिसंबर, 2022)  को आरोप लगाया कि मान ने बराड़ की गिरफ्तारी के बारे में जो कुछ भी कहा था, वह झूठा था। एक वीडियो बयान में, मजीठिया ने कहा कि अगर उन्हें यह जानकारी मिल सकती है कि गोल्डी को अमेरिकी पुलिस ने गिरफ्तार नहीं किया है तो पंजाब सरकार इन दावों को सत्यापित क्यों नहीं कर सकी।

मजीठिया ने ट्वीट्स की एक श्रृंखला में कहा, “पंजाब सीएम भगवंत मान को पंजाबियों को बताना चाहिए कि उन्होंने अमेरिकी एजेंसियों द्वारा गैंगस्टर गोल्डी बरार को हिरासत में लेने के बारे में झूठ क्यों बोला। यह दावा करने के बाद 48 घंटे से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन गोल्डी को हिरासत में लेने का कोई फोटो या वीडियो सार्वजनिक रूप से अब तक सामने नहीं आया है।”

उन्होंने कहा, “सीएम स्पष्ट करें कि गोल्डी को संयुक्त राज्य अमेरिका में हिरासत में लेने की जानकारी उन्हें कैसे मिली। क्या गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें सूचित किया था, क्या अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन या अन्य अमेरिकी अधिकारियों या सीधे एफबीआई ने उन्हें इस मुद्दे पर सूचना दी थी या उनके कोई और सोर्स थे जिन्होंने उन्हें सूचित किया था।”

उन्होंने कहा कि पंजाब में बीएमडब्ल्यू (BMW) प्लांट के बारे में सीएम मान ने कथित झूठे दावे किए थे। उन्होंने कहा, “विडंबना यह है कि डीजीपी, पंजाब पुलिस और केंद्रीय एजेंसियाँ सीएम के इस दावे की पुष्टि करने से परहेज कर रही हैं। ऐसा लगता है कि यह दावा अन्य झूठे दावों के अनुरूप है, जो उन्होंने अतीत में किए थे। लेकिन उन्हें एहसास होना चाहिए कि इस झूठ ने पीड़ित परिवार को बहुत दर्द दिया है।” यहाँ यह उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने अब तक अमेरिका में गोल्डी की कथित गिरफ्तारी की कोई पुष्टि नहीं की है, हालाँकि उसके खिलाफ एक रेड कॉर्नर नोटिस मौजूद है।

पंजाब में बीएमडब्ल्यू प्लांट के बारे में सीएम मान ने ‘झूठ बोला’ था

बीएमडब्ल्यू ने 14 सितंबर 2022 को पंजाब सीएम द्वारा किए गए दावों से इनकार कर दिया था जिसमें दावा किया गया था कि कंपनी राज्य में एक संयंत्र स्थापित करने की योजना बना रही है। एक प्रेस विज्ञप्ति में, बीएमडब्ल्यू ने कहा था, “बीएमडब्ल्यू ग्रुप इंडिया के पास पंजाब में अतिरिक्त विनिर्माण संचालन स्थापित करने की कोई योजना नहीं है।”

पंजाब सरकार द्वारा एक बयान में दावा करने के बाद बीएमडब्ल्यू ने इससे इनकार किया था। पंजाब सरकार ने दावा किया था कि जर्मनी की यात्रा के दौरान, सीएम भगवंत मान ने बीएमडब्ल्यू से एक निवेश हासिल किया है। यह दावा किया गया था कि 13 सितंबर ,2022 को म्यूनिख में बीएमडब्ल्यू मुख्यालय में मान की यात्रा के दौरान इस निवेश के लिए एक निर्णय लिया गया था। कंपनी के इस संबंध में इनकार के बावजूद सीएम मान का ट्वीट अभी भी ट्विटर पर मौजूद है।

उल्लेखनीय है कि इस साल मई में, गोल्डी बराड़ ने अपने फेसबुक पोस्ट में कहा था कि मूसेवाला उसके कई सहयोगियों की हत्या के लिए जिम्मेदार था और जब से पुलिस ने कुछ नहीं किया तो उसने गायक/रैपर की हत्या कर दी। लॉरेंस बिश्नोई गैंगस्टर ग्रुप ने भी एक फेसबुक पोस्ट में दावा किया गया था कि उन्होंने इस हत्या को अंजाम दिया था।

‘मुझे कभी भी मारी जा सकती है गोली, खुली कार में नहीं घूम सकता’: एलन मस्क ने जताया जान का खतरा, किम कार्दशियन के हिटलर समर्थक पूर्व पति बोले – ये आधा चायनीज

अमेरिकन रैपर और किम कार्दशियन के पूर्व पति कान्ये वेस्ट (Kanye West) अपना ट्विटर अकाउंड सस्पेंड होने के कारण इन दिनों सुर्खियों में हैं। उन्होंने सोमवार (5 दिसंबर 2022) को ट्विटर के नए मालिक एलन मस्क (Elon Musk) पर जमकर हमला बोला और उन्हें ‘हाफ चाइनीज’ कहा। वहीं, दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलन मस्क ने एक ऑडियो चैट में अपनी जान का खतरा जताया है। उन्होंने दावा किया है कि उनकी हत्या का जोखिम काफी ज्यादा है। इसलिए वह किसी ओपन-एयर कार में परेड नहीं कर सकते हैं।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर के सीईओ एलन मस्क ने कहा, “मुझे ऐसे ही रहने दें। मेरे साथ कुछ बुरा होने की आशंका काफी ज्यादा है। यहाँ तक कि मुझे गोली मारी जा सकती है।”

अपना ट्विटर अकाउंड सस्पेंड होने के बाद कान्ये वेस्ट ने एलन मस्क पर तंज कसते हुए आज अपने इंस्टाग्राम पर लिखा, “क्या मैं अकेला हूँ, जो ये सोचता हूँ कि एलन हाफ चाइनीज हैं? क्या आपने कभी उनकी बचपन की फोटोज देखी है? एक चाइनीज जीनियस को लें और उन्हें साउथ अफ्रीकन सुपर मॉडल के साथ मिला दें, तो हमारे पास एक एलन है।”

कान्ये वेस्ट Kanye West आगे लिखते हैं, “मैं एक एलन कहता हूँ क्योंकि उन्होंने शायद 10 से 30 एलन बनाए हैं। वो पहले जेनेटिक हाइब्रिड हैं, जो अटक गए हैं… चलो ओबामा के बारे में मत भूलना।” उन्होंने आगे कहा, “मुझे चर्च में अपशब्द का इस्तेमाल करने का खेद है, लेकिन मेरे पास ओबामा के लिए अभी तक दूसरा शब्द नहीं है। YE24 आइए एकजुट हों और LUAFO का पता लगाएँ।”

कान्ये के ‘हाफ चाइनीज जेनेटिक हाइब्रिड’ वाले बयान पर एलन मस्क ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने रैपर पर पलटवार करते हुए ट्वीट किया, “मैं इसे कॉम्प्लिमेंट की तरह लेता ।हूँ।”

वहीं , कान्ये ने भी इस पोस्ट को इंस्टाग्राम पर शेयर करते हुए फिर से एलन मस्क पर तंस कसते हुए लिखा, “ये एक तारीफ के रूप में ही था मेरे दोस्त, अब दूसरी ओर ओबामा…।”

बता दें कि इन दोनों के बीच विवाद तब शुरू हुआ, जब हाल ही में कान्ये ने अपने ट्वीट में ईसाई हेकनक्रेज (हुक्ड क्रॉस) की तस्वीर शेयर करते हुए जर्मनी के तानाशाह हिटलर की तारीफ की। इसे भड़काऊ करार देते हुए कान्ये के ट्विटर अकाउंड को सस्पेंड कर दिया गया। इसके बाद लोगों ने ईसाई हेकनक्रेज को हिन्दू स्वस्तिक बताना शुरू कर दिया, जबकि दोनों बिलकुल अलग हैं। हिन्दू स्वस्तिक शुभ-लाभ का प्रतीक है, जबकि हेकनक्रेज हिटलर के कारण रक्तपात का।

‘Meidas Touch’ नामक संस्था ने हेकनक्रेज को स्वस्तिक बताते हुए लिखा था कि ये घृणित और खतरनाक है। उसने कहा कि ये यहूदियों के नरसंहार का प्रतीक है। लोगों ने संस्था को समझाया कि कान्ये वेस्ट ने जो शेयर किया था वो हेकनक्रेज है, स्वस्तिक नहीं।

बुलेट बाइक धीमी चलाने को कहा तो दलित पत्रकार को घेर कर पीटा, लाठी-डंडे और हथौड़ी से लैस थे मुस्लिम दुकानदार: जाति पूछ कर हमला

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में एक मनीष नाम के दलित युवक ने आरोप लगाया है कि कुछ मुस्लिमों ने घेर तक उसकी पिटाई की। पीड़ित के मुताबिक, बाइक तेज चलाने से रोकने पर उसकी पिटाई की गई है। मनीष ने जानकारी दी कि हमलावर दुकानदार थे, जिन्होंने उसकी पिटाई के लिए लाठी-डंडे का इस्तेमाल किया। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर FIR दर्ज कर के आरोपितों की तलाश शुरू कर दी है। घटना रविवार (4 दिसम्बर, 2022) की है।

पीड़ित युवक पेशे से पत्रकार बताया जा रहा है, जो गाँव शेखपुरा का रहने वाला है। मनीष ने वीडियो जारी कर के अपने साथ हुए घटनाक्रम की जानकारी दी है। मामला सदर बाजार थानाक्षेत्र के फतेहपुर बाजार का है। पीड़ित के मुताबिक, वह अपने दोस्त सूर्या के साथ एक शादी से वापस आ रहा था। जैसे ही वो फतेहपुर बाजार पहुँचा, एक व्यक्ति बुलेट बाइक पर बेतहाशा तेज गति से चलाता हुआ सामने आ गया। पीड़ित ने उसे स्पीड में चलाने से मना करते हुए देख कर गाड़ी चलाने की सलाह दी।

मनीष का आरोप है कि इस बात से बाइक सवार काफी नाराज हो गया। उसने अपने तो खुद अभद्रता की और बाद में आसपास के लोगों को जमा करना शुरू कर दिया। पीड़ित के अनुसार, उसे पीटने के लिए जमा हुए दुकानदार मुस्लिम समुदाय के थे, जिन्होंने पहले उनके दोस्त को मारा। बाद में हमलावरों ने पीड़ित को जातिसूचक शब्द बोलते हुए पीटना शुरू किया। मनीष के मुताबिक, हमलावरों के पास धारदार हथियार और लाठी-डंडे थे। पीड़ित का आरोप है कि उसकी जाति को जान कर उसे और मारा गया।

पीड़ित ने आगे बताया कि लगभग 6 घंटे बाद पुलिस ने उसका मेडिकल करवाया। बाद में केस दर्ज कर के जाँच का आश्वासन दिया गया है। पीड़ित ने पुलिस प्रशासन से आरोपितों पर कार्रवाई की माँग की है। एक अन्य वीडियो में मनीष को पुलिस स्टेशन के अंदर उसके परिचितों के साथ देखा जा सकता है। मनीष की शर्ट को ऊपर उठाया गया है जिसमें पिटाई के कई निशान दिखाई दे रहे हैं। मौके पर मौजूद लोग इस घटना पर नाराजगी जताते भी सुनाई दे रहे हैं।

मनीष पर हुए हमले का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ हमलावरों के हाथ में डंडे और कुछ के हाथों में हथौड़ीनुमा चीज दिखाई दे रही है।

56 कश्मीरी हिंदुओं के नाम, कहाँ पढ़ा रहे यह भी बताया… लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े TRF ने जारी की सूची, हमले की धमकी

कश्मीरी हिंदुओं को एक बार फिर आतंकियों से धमकी मिली है। बताया जा रहा है कि कि आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े एक ग्रुप द रेसिस्टेंस फ्रंट ने हिंदुओं की लिस्ट जारी की है जिन्हें वो निशाना बनाने वाले हैं। उनका धमकी वाला पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

द कश्मीर फाइल्स के डायरेक्टर विवेक रंजन अग्निहोत्री ने भी इस पोस्ट को शेयर किया है। विवेक ने ट्वीट करते हुए कहा, “एक हफ्ते से भी कम में जब भारतीय सरकार के मंच IFFI 2022 से इस्लामी आतंकियों को समर्थन मिला, द रेसिस्टेंस फ्रंट (लश्कर ए तैयबा की ईकाई) ने लिस्ट जारी की है कि वो किन कश्मीरी हिंदुओं को निशाना बनाने वाले हैं।”

56 कश्मीरी पंडितों की पोस्टिंग की जानकारी साझा करते हुए अपनी चेतावनी में आतंकी संगठन ने कहा, “एक तरफ तो ये फासीवादी सरकार स्थानीयों की संपत्ति जब्त कर रही है और दूसरी ओर गैर कश्मीरियों को जमीन और नौकरी दी जा रही है। ये लिस्ट कुछ चंद तथाकथित कश्मीरी पंडितों की है जिन्हें पीएम स्कीम के तहत रोजगार दिया गया। इनमें वो लोग हैं जिन्हें दिल्ली का नैरेटिव और हिंदुत्व का एजेंडा फैलाने के लिए भेजा गया है।”

आगे पोस्ट में लिखा गया, “रेसिस्टेंस के लड़ाकों को उन कश्मीरी पंडितों और स्थानीय/विदेशियों की जानकारी मिल गई है जो फासीवादी हिंदूवादी विचारधारा फैलाकर घाटी का माहौल बिगाड़ रहे हैं। हमने अपने बिंदु और कारण बता दिए हैं कि ऐसे लोगों पर हम क्यों हमले करते हैं और ये जारी रखेंगे। हम ऐसे लोगों को एक दफा फिर से चेतावनी देते हैं कि दिल्ली के गुलाम न बनें और उनके एजेंडे के वाहक न बनें। रेसिस्टेंस के लड़ाके अपने हमलों के लिए स्पष्ट हैं।”

गौरतलब है कि कश्मीर में हिंदुओं को निशाना बनाने का सिलसिला जारी है। यही वजह है कि हिंदू अपनी सुरक्षा को लेकर लगातार माँग कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में उनकी जानकारियाँ टीआरएफ तक पहुँचने के बाद लोग सवाल उठ रहे हैं कि आखिर ये जानकारी वहाँ तक लीक कैसे हुई? भाजपा ने इस संबंध में जाँच की माँग की है। उनकी भी डिमांड है कि आखिर सोसल मीडिया पर कश्मीरी हिंदुओं की लिस्ट लीक कैसे हुई।

जिस आतंकी हमले में 160 मौतें, उसकी झलक भी मुस्लिमों को बर्दाश्त नहीं: अमेरिका में 26/11 की बरसी पर प्रदर्शन, ‘डर-मस्जिद’ का राग अलाप रहे इस्लामवादी

अमेरिका में रह रहे भारतीयों ने 26/11 के आतंकी हमले की बरसी पर पाकिस्तान के दूतावास पर प्रदर्शन किया गया था। इस दौरान पाकिस्तान के तमाम वाणिज्यिक सेंटरों पर 26/11 आतंकी हमले का डिस्प्ले दिखाया गया। इस डिस्प्ले को दिखाने के लिए भारतीयों ने एक ट्रक भी बनाया था। प्रदर्शनकारियों ने इस दौरान आतंकवाद और पाकिस्तान के खिलाफ नारेबाजी भी की।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जिस ट्रक में मुंबई में 26/11 के आतंकी हमलों का डिस्प्ले चलाया गया था, वह अमेरिका में कौतूहल का विषय बना रहा। ट्रक पर उन तमाम तस्वीरों के पोस्टर छपे थे जो आतंकी हमले के दौरान सार्वजानिक हुए थे। इसमें एक हिस्से पर लिखा था, “मुंबई 26/11 हम नहीं भूले हैं।” वहीं दूसरे हिस्से पर भी एक बड़ा पोस्टर छपा था। इस पोस्टर में लिखा था, “यह आतंकी हमला सिर्फ मुंबई ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया पर हुआ था। हत्या के लिए नागरिकों और देशों का चयन किया गया था।”

इस ट्रक के साथ कई लोग हाथों में पोस्टर लिए हुए थे। इन पोस्टरों में आतंकी हमले से लड़ कर बलिदान हुए जवानों की तस्वीरें और पाकिस्तान को आतंकवाद प्रायोजक बताते हुए चित्र दिखाई दे रहे हैं। यह ट्रक ह्यूस्टन, शिकागो और न्यूजर्सी स्थित पाकिस्तानी वाणिज्यिक सेंटरों के आस-पास काफी देर तक घूमी।

मुस्लिम संगठनों ने की कार्रवाई की माँग

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका के मुस्लिम संगठनों ने इसे एक संदिग्ध हरकत बताते हुए जाँच और कार्रवाई की माँग की है। काउंसिल फॉर अमेरिकन इस्लामिक रिलेशन के मुताबिक, इस ट्रक को न्यूजर्सी की मस्जिद के आगे भी रोका गया और विस्फोट के विजुअल चलाए गए। उनके साथ अमेरिकी सीनेटर बॉब मेनेंडेज ने इसे एंटी इस्लामिक और कट्टरता वाली हरकत बताते हुए खुद को मुस्लिमों के साथ खड़ा बताया है। जानकारी के मुताबिक, मामले की जाँच FBI कर रही है।

गौरतलब है कि 26 नवम्बर, 2008 को पाकिस्तान समर्थित लश्कर ए तैय्यबा के आतंकियों ने मुंबई के विभिन्न हिस्सों में अचानक ही हमला बोला था। इसमें होटल और रेलवे स्टेशन भी शामिल थे। इन हमलों में सुरक्षा बलों के जवानों सहित विभिन्न देशों के कुल 160 से ज्यादा लोग मारे गए थे और 300 के आस-पास संख्या में लोग घायल हुए थे। मृतकों में महिलाएँ और बच्चे भी शामिल थे। हमले में शामिल आतंकियों को मार गिराया गया था। एक आतंकी अजमल कसाब को गिरफ्तार किया गया था, जिसे बाद में फाँसी दे दी गई थी।

खान सर के पीछे पड़ी लिबरल जमात, ‘सुरेश-अब्दुल’ के बीच का फर्क नहीं आ रहा रास: पुराना Video वायरल, गिरफ्तारी की माँग

अपने पढ़ाने के अंदाज और सरनेम के कारण मशहूर हुए खान सर वामपंथियों के निशाने पर आ गए है। कारण है कि उन्होंने समास पढ़ाते-पढ़ाते अब्दुल नाम का जिक्र कर दिया। अब वामपंथी बुद्धिजीवी और कुछ राजनेता चाहते हैं कि उन्हें जेल हो जाए। 

अब इस वीडियो क्लिप में ऐसा है क्या? तो बता दें कि वीडियो में खान सर समाज और द्वंद समास पढ़ा रहे हैं। पीछे हेलीकॉप्टर का बैकग्राउंड हैं। वह कहते हैं, अब्दुल भाई चलिए। कुछ संधि समास में ऐसी होती हैं कि एक ही बात के दो अर्थ होते हैं- उसे द्वंद समास कहते हैं। जैसे सुरेश ने जहाज उड़ाया। इसका मतलब है कि जहाज उड़ाया। लेकिन अगर नाम बदल दें कि अब्दुल ने जहाज उड़ाया तो अंतर हो जाएगा। शब्द वहीं है लेकिन नाम बदल देने पर अर्थ में अंतर आ जाएगा। सुरेश ने जहाज उड़ाया मतलब वो उड़ाया, लेकिन अब्दुल ने जहाज उड़ाया मतलब भड़काया।”

कश्मीरनामा के लेखक अशोक कुमार पांडे ने इस वीडियो क्लिप को देखने के बाद इसे ट्विटर पर शेयर किया है। वह लिखते हैं, “इसे नीचता की हद कहते हैं। ऐसे लोग शिक्षा का धंधा करते हुए समाज में नफरत फैलाने वाले घटिया धंधेबाज हैं। इस आदमी को तुरंत गिरफ्तार होना चाहिए।”

कॉन्ग्रेस की सुप्रिया श्रीनेथ ने रिप्लाई देते हुए कहा, “घटिया निहायत ही घटिया – इसे गिरफ़्तार करना चाहिए। और जो अट्टहास कर रहे हैं इनकी भद्दी बेहूदा बातें सुन कर उनको सोचना चाहिए – कि क्या बन रहे हैं हम?”

एक यूजर यासीर लिखता है, “बिहार पुलिस इस आदमी के खिलाफ कार्रवाई करो। इसे मुस्लिमों पर आपत्तिजनक टिप्पणी के लिए गिरफ्तार होना चाहिए। इस आदमी ने सिर्फ पॉपुलेरिटी के लिए अपना नाम खान रखा हुआ है। ये मेरे समुदाय को बदनाम कर रहा है। “

एक यूजर लिखा, “केवल कुछ हजार रुपयों के लिए, ये आदमी पूरे मुस्लिम समुदाय को बदनाम कर रहा है। ये खान नाम और सर नाम पर धब्बा है।”

गौरतलब है कि एक ओर जहाँ वामपंथी और मुस्लिम समुदाय के लोग खान सर की इस वीडियो क्लिप पर कार्रवाई की माँग कर रहे हैं। वहीं कुछ लोग हैं जिनका कहना है कि ये व्यवहारिक उदाहरण दिया गया है। वो इस तरह की हिम्मत दिखाने के लिए खान सर की तारीफ कर रहे हैं। 

यूट्यूब सर्च और अन्य पड़ताल से पता चलता है कि खान सर की यह वीडियो हाल-फिलहाल की नहीं, बल्कि 1 साल पहले की है। कंधार हाईजैक के बारे में पढ़ाने के दौरान उन्होंने अपनी यह टिप्पणी की थी। यूट्यूब पर देख सकते हैं कि यह क्लिप एक-एक साल पहले भी कई अकॉउंट्स से शेयर हो चुकी है। 

धर्म बदलकर बन गया अकबर, जाति का लाभ देने से हाई कोर्ट का इनकार: जातीय रैली पर भी नोटिस, पूछा- क्यों न लगे रोक

धर्मांतरण के बाद भी जाति का लाभ लेने को लेकर मद्रास हाई कोर्ट का एक अहम फैसला आया है। अदालत ने कहा है कि जब तक राज्य सरकार की ओर से स्पष्ट अनुमति न हो, कोई भी व्यक्ति धर्मांतरण के बाद अपनी जाति का लाभ नहीं ले सकता है। दूसरी ओर इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने जाति के नाम पर होने वाली रैलियों को लेकर नोटिस जारी कर पूछा है कि क्यों नहीं इस पर स्थायी रोक लगा देनी चाहिए।

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने इस संबंध में उत्तर प्रदेश की 4 प्रमुख राजनैतिक पार्टियों को नोटिस जारी किया है। इन दलों के नाम हैं- भाजपा, कॉन्ग्रेस, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी यानी बसपा हैं। नोटिस में पूछा गया है कि जातियों के नाम पर होने वाली रैलियों पर हमेशा के लिए रोक क्यों न लगा दी जाए? साथ ही यह भी पूछा गया है कि इस नियम को तोड़ने वालों पर चुनाव आयोग क्यों न कार्रवाई करे?

मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल और न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह की पीठ ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए नोटिस जारी किया है। याचिकाकर्ता एडवोकेट मोतीलाल यादव ने जाति आधारित रैलियों को अलोकतांत्रिक बताते हुए रोक की माँग की है। 11 जुलाई 2013 के एक आदेश में हाई कोर्ट ने ऐसी रैलियों पर अंतरिम रोक लगाई थी। लेकिन इतने साल बीतने के बावजूद उस समय जारी नोटिस पर न तो किसी राजनीतिक दल ने और न ही चुनाव आयोग ने कोई प्रतिक्रिया दी है।

धर्मांतरण के बाद जाति का लाभ नहीं

वहीं मद्रास हाईकोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया है कि धर्म परिवर्तन कर चुका व्यक्ति अपनी पुरानी जाति के आधार पर लाभ का दावा नहीं कर सकता। यह आदेश उस व्यक्ति की याचिका पर आया है जिसने 2008 में इस्लाम कबूल कर लिया। धर्मांतरण से पहले वह अति पिछड़ी जाति से संबद्ध था। तमिलनाडु लोक सेवा आयोग ने उसे उसकी पिछली जाति का लाभ देने से इनकार कर दिया था। इसके खिलाफ उसने अदालत का दरवाजा खटखटाया था।

लाइव लॉ के मुताबिक तमिलनाडु लोक सेवा आयोग के फैसले को यू अकबर अली ने हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। जस्टिस जीआर स्वामीनाथन ने तमिलनाडु लोक सेवा आयोग के निर्णय को सही ठहराया। उन्होंने इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट के सामने लंबित याचिका का जिक्र भी किया। साथ ही तमिलनाडु सरकार के उन आदेशों का भी हवाला दिया, जिनके मुताबिक धर्मांतरण कर इस्लाम कबूलने वाले व्यक्ति को ‘अन्य श्रेणी’ में माना जाएगा।

गाँव जा रही थी नीलम, बीच रास्ते में रोक मोहम्मद शकील ने हाथ-स्तन-कान काटे: तड़पता छोड़ भागा, मरते-मरते बता गई नाम

बिहार के भागलपुर में एक महिला की निर्मम हत्या कर दी गई है। मृतका का नाम नीलम यादव है। आरोप है कि खुद से दूरी बनाने से नाराज मोहम्मद शकील ने नीलम के कान, हाथ और स्तन काट डाले। हत्या के बाद शकील फरार हो गया है जिसकी तलाश में लगातार छापेमारी चल रही है। पुलिस ने शकील के भाई को गिरफ्तार कर लिया है। घटना शनिवार (3 दिसम्बर 2022) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना पीरपैंती थानाक्षेत्र की है। यहाँ के गाँव दिलौरी की रहने वाली 42 वर्षीया विवाहिता नीलम यादव और मोहम्मद शकील में पहले से नजदीकी बताई जा रही है। दोनों के खेत बगल-बगल थे। शकील का नीलम के घर पहले से आना-जाना भी था। इसी के चलते शकील नीलम के परिवार के बाकी सदस्यों के साथ भी घुल-मिल चुका था। कुछ दिनों बाद नीलम के परिवार वालों को शकील की नीलम पर बिगड़ी नीयत का शक हुआ। परिजनों ने उसके घर आने पर रोक लगा दी। नीलम को भी शकील से दूर रहने की हिदायत दी गई।

बताया जा रहा है कि घर वालों की सख्ती के बाद नीलम ने शकील से मिलना-जुलना बंद कर दिया। इस बात से शकील काफी नाराज रहने लगा। उसने बीच में कई बार नीलम यादव से मिलने का प्रयास किया लेकिन उसे अनदेखा कर दिया गया। घटना के दिन नीलम बाजार गई थी। वहाँ से लौटने के दौरान शकील ने रास्ते में उन पर धारदार हथियार से हमला किया। आरोप है कि इस दौरान उसने 20 से 25 वार किए। आरोपित ने नीलम के स्तनों के अलावा कानों और हाथ पर भी घाव दिए।

बेहद गंभीर रूप से घायल नीलम को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया जहाँ उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। मृतका ने मृत्यु पूर्व अपने बयान में शकील मियाँ का नाम भी लिया है। मृतका के पति अशोक यादव ने मामले की तहरीर थाने में दी है। उन्होंने पुलिस पर लीपापोती का भी आरोप लगाया है। बताया जा रहा है कि शकील की तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। वहीं उसके भाई को गिरफ्तार कर के भी पूछताछ की जा रही है।

भाजपा ने उठाए सवाल

भाजपा ने इस घटना के बाद बिहार सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। बीजेपी के OBC मोर्चा महासचिव निखिल आनंद ने तेस्जवी और नीतीश से सवाल किया है कि वो इस घटना को सामान्य घटना मानते हैं या साम्प्रदायिक घटना ?

93 सीट, 833 प्रत्याशी, 2.5 करोड़ मतदाता: गुजरात में शुरू हुआ दूसरे चरण का मतदान, PM मोदी ने की बड़ी संख्या में वोट देने की अपील

गुजरात विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में आज 5 दिसंबर को 14 जिले की 93 सीटों के लिए मतदान शुरू हो चुके हैं। यहाँ 61 राजनीतिक दलों के 833 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनके अलावा 285 निर्दलीय प्रत्याशी भी चुनाव लड़ रहे हैं। इन सबकी किस्मत का फैसला 2.5 करोड़ के करीब मतदाता करने वाले हैं। इनमें 1.29 करोड़ पुरुष हैं और 1.22 करोड़ महिलाएँ हैं।

वोटर्स को सुविधा रहे इसके लिए 14, 975 बूथ बनाए गए हैं। वहीं ये मतदान प्रक्रिया अच्छे से संपन्न हो सके इसके लिए 1.13 लाख चुनाव कर्मचारियों को दूसरे चरण के चुनावों के लिए तैनात किया गया है। इस चरण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपना वोट डालेंगे। उन्होंने देश के विभिन्न हिस्सों में हो रहे उपचुनावों में लोगों से बड़ी संख्या में मतदान करने का आग्रह किया है। उन्होंने जनता को जानकारी दी है कि वो खुद भी अहमदाबाद से लगभग 9 बजे अपना वोट डालेंगे।

गुजरात में पहले चरण की वोटिंग

इससे पहले 182 विधानसभा सीट वाले गुजरात में प्रथम चरण में 89 सीटों के लिए 1 दिसंबर को 63.31 फीसद वोटिंग हुई थी। तब, 19 जिलों की 89 सीटों पर मतदान हुआ था जिसमें 788 प्रत्याशियों ने अपनी किस्मत आजमाई थी। वहीं मतदान केंद्रों की बात करें तो पहले चरण के लिए 25, 434 मतदान केंद्र बनाए गए थे।

गुजरात विधानसभा चुनाव

उल्लेखनीय है कि गुजरात विधानसभा चुनावों में दो चरणों में वोटिंग हुईं। पहले चरण के वोट 1 दिसंबर 2022 को पड़े और दूसरे चरण की वोटिंग आज अहमदाबाद, वडोदरा, गाँधी नगर और अन्य जिले में फैले 93 विधानसभा क्षेत्रों में हो रही है। 5 बजे वोटिंग संपन्न होने के बाद 8 दिसंबर को वोटों की गिनती शुरू होगी और 10 दिसंबर तक चुनाव पूरे हो जाएँगे।

चुनाव की तारीखों का ऐलान करते समय चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने जानकारी दी थी कि गुजरात में इस बार 4.9 करोड़ वोटर्स अपना वोट देंगे। इसमें 4.6 लाख नए वोटर होंगे। 51782 मतदान केंद्रों पर मतदान होगा। वहीं दिव्यांगों के लिए 182 और महिलाओं के लिए 1274 स्पेशन पोलिंग स्टेशन होंगे।

तटबंध के निर्माण में लगे हुए थे भारतीय मजदूर, उस पार से पत्थरबाजी में कई घायल: भारत-नेपाल सीमा पर फिर बढ़ा तनाव, देखते रहे नेपाली सुरक्षाकर्मी

भारत-नेपाल सीमा पर फिर से तनाव बढ़ने की खबर आई है। ताज़ा मामला पत्थरबाजी का है। नेपाल से सटे उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में काली नदी के तटबंध का निर्माण कर रहे मजदूरों पर नेपाल की ओर से पत्थरबाजी हुई है। नेपाली युवकों द्वारा किए गए पथराव में कुछ मजदूरों के घायल होने की खबर है। वहीं, इस पथराव को रोकने के लिए किए गए लाठी चार्ज में भी कुछ लोग घायल हुए हैं। घटना के बाद से दोनों देशों के बीच तनाव बना हुआ है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नेपाल सीमा से सटे पिथौरागढ़ जिले के धारचूला में काली नदी के तट पर भारतीय मजदूर तटबंध का निर्माण कर रहे हैं। ये मजदूर जिस क्षेत्र में तटबंध बना रहे हैं, वह भारतीय सीमा के अंतर्गत आता है। हालाँकि, इसके बाद भी नेपाली नागरिक इस पर विरोध जता रहे हैं।

नेपाल की ओर से बीते कई दिनों से पथराव किया जा रहा था। लेकिन, रविवार (4 दिसंबर, 2022) को पथराव की घटना तेज हो गई। इस पथराव में, 3-4 मजदूरों के घायल होने व एक पोकलैंड मशीन के नुकसान होने की खबर है। कहा जा रहा है कि जिस वक्त नेपाल की ओर से पथराव किया जा रहा था, उस वक्त नेपाली सुरक्षाकर्मी मूकदर्शक बने हुए थे।

हालाँकि बाद में, नेपाली पुलिस और एसएसबी (सीमा सशस्त्र बल) के जवानों ने मौके पर पहुँचकर मामला शांत कराया। लेकिन, इसके बाद नेपाली युवकों ने भारत-नेपाल सीमा पर बने पुल पर ताला जड़ दिया, जिससे दोनों तरफ सैकड़ों लोग फँस गए। मामला शांत न होता देख नेपाल पुलिस की ओर लाठी चार्ज की गई है। लाठीचार्ज में कुछ भारतीयों के घायल होने की खबर है।

भारत-नेपाल बॉर्डर पर हुए पथराव के दौरान मौके पर मौजूद सिंचाई विभाग के इंजीनियर पंकज महरा ने कहा है कि यहाँ मजदूर काम कर रहे थे, तभी अचानक नेपाल की ओर से पत्थरबाजी शुरू हो गई। इससे मजदूरों में अफरा तफरी मच गई और सभी लोग काम छोड़ भाग गए। पथराव के दौरान एक मजदूर के सिर पर पत्थर लगा है, उसे गंभीर चोटें आईं हैं। घायल मजबूर नेपाल का बताया जा रहा है।

इस मामले में, पिथौरागढ़ की कलेक्टर रीना जोशी ने कहा है काली नदी के किनारे भारतीय क्षेत्र में तटबंध बनाने को लेकर नेपाल के अधिकारियों के साथ बात की गई है। नेपाल के जिलाधिकारी स्तर पर जल्द ही एक बैठक होनी है। उन्होंने भरोसा दिया कि दोनों देशों के बीच मित्रता है और आपसी संबंध मधुर बने हुए हैं। साथही बातचीत से समन्वय पूर्वक समाधान निकालने का दावा भी किया। वहीं, नेपाल की ओर से सीडीओ दीर्घराज उपाध्याय ने कहा है कि इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जाँच की जाएगी।