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‘सिगरेट से जलाया’: सलमान खान की ‘गुलाब फूल’ वाली फोटो शेयर कर लिखा- सूअर, कायर… पूर्व GF ने औरतों को पीटने वाला बता डिलीट किया पोस्ट

बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता सलमान खान के ऊपर उनकी पूर्व गर्लफ्रेंड और पाकिस्तानी एक्ट्रेस सोमी अली ने एक बार फिर से शारीरिक शोषण का इल्जाम लगाया। इस पोस्ट में उन्होंने सलमान को कई अपशब्द कहे और बाद में अपना पोस्ट भी डिलीट कर दिया।

पुरानी फिल्म की तस्वीर साझा करते हुए सोमी ने पोस्ट में बताया कि कैसे उसे भारत में प्रतिबंधित किया गया था और कैसे उसे कानून की धमकी दी गई थी। अपना गुस्सा जाहिर करने के लिए सोमी ने कुछ अपशब्द भी कहे और सलमान खान पर शारीरिक शोषण के साथ अप्राकृतिक यौनाचार का भी आरोप मढ़ा।

उन्होंने कहा, “अभी बहुत कुछ होने वाला है। मेरे शो को भारत में बैन कर दिया गया और फिर वकीलों ने मुझे धमकाया। तुम कायर आदमी हो। मुझे प्रोटेक्ट करने के लिए 50 वकील खड़े हो जाएँगे, जो मुझे सिगरेट से जलने और फिजिकल एब्यूज से बचाएँगे जो मेरे साथ वर्षों तक तुमने किया है।”

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सोमी ने सलमान को महिला से ऊपर समझने वाला ‘सूअर’ कहा। उन्हें महिलाओं को पीटने वाला कहा। साथ ही उन लोगों को भी लताड़ा जो सलमान के समर्थन में आ जाते हैं। सोमी ने सलमान की लंबाई का मजाक उड़ाते हुए अपने पोस्ट के अंत में लिखा ‘अब जंग छेड़ने का समय आ गया है।’

सोमी अली का यह पोस्ट अब डिलीट हो चुका है पर सोशल मीडिया में इसका स्क्रीनशॉट शेयर हो रहा है। इससे पहले वह अपने पोस्टों में ऐशवर्या राय बच्चन को टैग करके कह चुकी हैं, “बॉलीवुड के हार्वे विंस्टन तेरी पोल खुलेगी। जिन औरतों को तूने सताया वो एक दिन सच बोलेंगी। जैसे ऐशवर्या राय बच्चन।”

इसी साल अगस्त में भी उनके नाम से एक पोस्ट हुआ था। जिसमें उन्होंने मैंने प्यार किया का एक पोस्टर साझा करते हुए कहा था, “ये शख्स महिलाओं के साथ मारपीट करता है। इसने न सिर्फ मुझे, बल्कि कई महिलाओं को पीटा है। इसे पूजना बंद करो प्लीज। ये मानसिक रूप से बीमार है।”

बता दें कि सोमी अली और सलमान खान की कहानी बहुत पुरानी है। आज सोमी 45 वर्ष की हैं। मगर जब वो 16 साल की थीं तब उन्होंने सलमान खान से शादी करने के सपने सजा लिए थे। सोमी ने अपना बैग पैक कर लिया था और अपनी अम्मी से कहा था कि वह भारत जाएँगी और सलमान से शादी करेंगी। इसके बाद वह भारत आईं भी और सलमान के साथ रिश्ते में रहीं भी, लेकिन चीजें वैसी नहीं हुईं जो उन्होंने सोची। नतीजतन उन्हें वापस मियामी लौटना पड़ा।

कैलिफोर्निया में पकड़ा गया गोल्डी बराड़, मूसेवाला मर्डर का है मास्टरमाइंड: आतंकी हरप्रीत सिंह को NIA ने दिल्ली एयरपोर्ट से दबोचा

सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड का मास्टरमाइंड गोल्डी बराड़ पकड़ा गया है। गैंगस्टर गोल्डी बराड़ (Goldy Brar) को अमेरिकी आतंकवाद विरोधी कानून के तहत कैलिफोर्निया से हिरासत में लिया गया है। वहीं, राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने गुरुवार (1 दिसंबर 2022) को मोस्ट वांटेड आतंकवादी और 2021 लुधियाना कोर्ट बम ब्लास्ट मामले के मुख्य साजिशकर्ता हरप्रीत सिंह को मलेशिया के कुआलालंपुर से लैंड करते ही दिल्ली एयरपोर्ट पर गिरफ्तार कर लिया।

एनआईए ने बताया है कि हरप्रीत पाकिस्तान स्थित इंटरनेशल सिख यूथ फेडरेशन (ISYF) के प्रमुख लखबीर सिंह रोडे का सहयोगी है। वह रोडे के साथ दिसंबर 2021 लुधियाना कोर्ट बिल्डिंग ब्लास्ट के साजिशकर्ताओं में से एक है। उस विस्फोट में एक की व्यक्ति की मौत हो गई थी और कई घायल हुए थे।

एनआईए के मुता​बिक, रोडे के निर्देश पर हरप्रीत ने विशेष रूप से निर्मित आईईडी (IED) की डिलीवरी को कॉर्डिनेट किया, जिसे पाकिस्तान से उसके भारत स्थित सहयोगियों को भेजा गया था। उसका इस्तेमाल लुधियाना कोर्ट कॉम्प्लेक्स में विस्फोट के लिए किया गया था। एनआईए ने हरप्रीत सिंह पर 10 लाख रुपए का इनाम घोषित किया था। उसके खिलाफ विशेष एनआईए अदालत से गैर-जमानती वारंट और लुक आउट सर्कुलर भी जारी किया गया था।

कनाडा से कैलिफोर्निया भागा था गोल्डी बराड़

रिपोर्ट्स के मुताबिक, गोल्डी को 20 नवंबर या इससे पहले हिरासत में लिया गया है। इस बारे में अभी तक कैलिफोर्निया पुलिस ने कोई औपचारिक बयान नहीं दिया है। वह कुछ दिन पहले ही कनाडा से राजनीतिक शरण के लिए कैलिफोर्निया भागा था।

गोल्डी बराड़ के पकड़े जाने की खबर पर सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा है कि अगर उसे हिरासत में लिया गया है तो यह बड़ा अचीवमेंट है। साथ ही उन्होंने गोल्डी बराड़ को भारत लाने और उसे जल्द से जल्द सख्त सजा देने की माँग की है। उन्होंने न्यूज 18 को बताया, “सरकार इस खबर को हल्के में ले रही है। यह अकेले मेरे बेटे की मौत का सवाल नहीं है। लॉरेंस और गोल्डी जैसे लोगों से लोग डरे और सहमे हुए हैं। इनसे लोग काफी परेशान हैं। सरकार को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि लोग क्या चाहते हैं। सरकार गोल्डी को भारत लाकर नार्को टेस्ट करे। मुझे इस बात का पूरी तरह विश्वास नहीं हो पा रहा है कि उसे भारत लाया जा सकता है। क्योंकि यह काफी पेचीदा कार्रवाई है।”

बता दें कि सिद्धू मूसेवाला की 29 मई 2022 को पंजाब के मनसा के एक गाँव में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। कथित तौर पर, पंजाब सरकार ने 28 मई को उनकी सुरक्षा हटा दी थी।

‘पॉर्न सबसे पुराना धंधा, हटे बैन’: मिया खलीफा को जादू-टोने में रूचि, किसान आंदोलन में कूद भारतीय लिबरलों की बनी थी ‘स्टार’

पॉर्न इंडस्ट्री की सबसे मशहूर पॉर्न स्टार मिया खलीफा (Porn Star Mia Khalifa) ने हाल में एडल्ट फिल्म जगत में बदलाव लाने की पैरवी की है। हाई लो विथ एमराटा (HighLow With Emrata) नाम से हुए एप्पल पॉडकास्ट पर बात करते हुए मिया खलीफा ने बताया कि ये दुनिया का सबसे पुराना धंधा है। साथ ही उन्होंने ये भी बताया कि आखिर इस उद्योग में आने के लिए उम्र क्या होनी चाहिए।

हिजाब पहन पॉर्न इंडस्ट्री में आई थीं मिया खलीफा

29 वर्षीय मिया खलीफा ने हिजाब पहनकर पॉर्न इंडस्ट्री पॉर्नहब में एंट्री की थी। इसके बाद वह सबसे हाई रैंक वाली पॉर्न स्टार बनीं। उनके हिजाब पहनने के कारण जहाँ उनका दुनिया भर में विरोध हुआ। वहीं उनके इस कारनामे से वह तेजी से मशहूर भी हुईं। आज अपने ऐसे ही अनुभवों को लेकर वह कहती हैं कि वह पॉर्न के बिजनेस की विशेषज्ञ बन चुकी हैं।

एडल्ट इंडस्ट्री- पुराना धंधा

मिया ने कहा, “मुझे लगता है कि एक एडल्ट कंटेंट बनाने वाली प्रोडक्शन कंपनी के लिए कम से कम 21 साल की उम्र बढ़ा दी जानी चाहिए। यदि आप सेक्स वर्क उद्योग में प्रवेश करना चाहते हैं, तो हर तरह से इसे 18 वर्ष के बाद करें। यह कानूनी उम्र है, इसे कभी भी चैलेंज नहीं किया जाएगा।”

मिया ने पॉर्न जगत को दुनिया का सबसे पुराना धंधा बताया और कहा कि इस पर जितना प्रतिबंध लगेगा लोग उतना ही उन प्रतिबंधों से बचने के उपाय खोज निकालेंगे। इसे इंडस्ट्री को रेगुलेट करने की जरूरत है। इस पर प्रतिबंध लगाने की नहीं।

जादू-टोने में है दिलचस्पी

मिया ने इस पॉडकास्ट के दौरान बताया कि वो अपने उम्र के दोस्तों से बातें नहीं करती हैं। उन्होंने कहा कि ये ये कहना बहुत आसान होता है कि ‘तुम एक ^%$% हो। तुम बहुत डंब थीं तुमने ये 21 साल की उम्र में से सब किया।’ उन्होंने कहा कि उन्हें लगता था कि उन्हें आदमियों की अटेंशन तभी मिल पाएगी जब वो खूबसूरत दिखेंगी वरना नहीं। उन्होंने इस पॉडकास्ट में बताया कि उनका झुकाव अध्यात्म की ओर है। उन्हें जादू वगैरह पसंद है और वह इसे कोशिश करती हैं।

बता दें कि पॉर्नहब को छोड़ने के बाद मिया खलीफा आजकल ओनलीफैन्स पर सक्रिय हैं। वह कहती हैं कि जो कंटेंट वो यहाँ डालती हैं वो न्यूड नहीं होता। अगर वो इसे इंस्टा पर भी डालें तो भी कोई दिक्कत न हो। उन्होंने कहा कि वो जो कर रही है उसमें सहज हैं। अपनी तस्वीरें साझा करती हैं जो कि वो हैं। न कि वो जो इंटरनेट पर उन्हें दिखाया जाता है।

विदेशी मुद्दों में मिया खलीफा की राय

उल्लेखनीय है कि मिया खलीफा अक्सर अपने बयानों के कारण विवादों में रहती हैं। कुछ समय पहले (शरीर बेचने के धंधे को) सैनिक होने की तुलना में ज्यादा सही बताया था। उन्होंने कहा था कि एक सैनिक अपने शरीर को सबसे बुरे ढंग से बेचता है।

किसान आंदोलन के वक्त भी मिया खलीफा भारत के मुद्दों में घुसती दिखीं थीं। उन्होंने दावा किया था कि  मोदी सरकार ने दिल्ली में इंटरनेट भी बंद कर दिया है। साथ ही उन्होंने आंदोलन में शामिल बुजुर्ग महिलाओं की एक तस्वीर भी शेयर की थी, जिसमें लहराए जा रहे पोस्टर पर लिखा था – ‘किसानों की हत्या करना बंद करो’। 

इसी तरह इजरायल और फिलिस्तानी आतंकियों के बीच हुए संघर्ष के दौरान भी ट्वीट किए थे। जिन्हें देख सोशल मीडिया यूजर्स ने कहा था कि मिया के ट्वीट “वेल प्लान्ड ट्वीटस्टॉर्म” का हिस्सा हो सकता है।

लव जिहाद-धर्मांतरण के खिलाफ VHP का अभियान, 400+ केस की सूची जारी की: कहा- जुबान काबू में रखें मुस्लिम कट्टरपंथी, केंद्र बनाए कड़े कानून

विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने लव जिहाद और जबरन धर्मांतरण के विरोध में राष्ट्रव्यापी अभियान की घोषणा की है। केंद्र सरकार से इसके खिलाफ कड़े कानून बनाने की माँग की है। साथ ही लव जिहाद के 400 से अधिक मामलों की सूची भी जारी की है।

VHP ने ‘लव जिहाद’ को जिहाद के विभिन्न स्वरूपों में सबसे वीभत्स, क्रूर और अमानवीय बताया है। विहिप के संयुक्त महामंत्री डॉ. सुरेंद्र जैन ने गुरुवार (1 दिसंबर 2022) को केंद्र सरकार से लव जिहाद और अवैध धर्मातरण को रोकने के लिए कड़े कानून बनाने की माँग की। जैन ने कहा, “सामाजिक असंतोष और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए लव जिहाद एक बहुत बड़ा खतरा है। ऐसे में अवैध धर्मांतरण को रोकने के लिए एक सशक्त केंद्रीय कानून की प्रबल आवश्यकता है। श्रद्धा हत्या मामले में इसका वीभत्स स्वरूप सामने आया है।”

डॉ. जैन ने मुस्लिम कट्टरपंथियों को चेताते हुए कहा कि वे अपनी जुबान और अपने जवान दोनों पर नियंत्रण रखें। भारत में मुस्लिम समाज को विकास के लिए हिंदुओं से भी ज्यादा अधिकार हैं, लेकिन हर मुद्दे पर भड़काने का प्रयास मुस्लिम समाज को विकास नहीं, विनाश के मार्ग पर धकेलेगा।

उन्होंने धर्मांतरण के विरुद्ध बिगुल फूँकते हुए राष्ट्रव्यापी जन जागरण अभियान की घोषणा की। विहिप के संयुक्त महामंत्री ने बताया कि इस दौरान बजरंग दल 1 से 10 दिसंबर तक हर प्रखंड में शौर्य यात्रा निकालेगा। वहीं विश्व हिंदू परिषद 21 से 31 दिसंबर तक धर्म रक्षा अभियान चलाएगी।

जैन के अनुसार, केरल हाई कोर्ट ने भी 2010 में लव जिहाद को धर्मांतरण का सबसे वीभत्स स्वरूप बताया था। उन्होंने कहा कि इसको कुछ विकृत मानसिकता वाले जिहादी युवकों की क्रूरता कहकर टाला नहीं जा सकता। इसके पीछे मुल्ला-मौलवी व कट्टरपंथी मुस्लिम नेताओं की प्रेरणा और टुकड़े-टुकड़े गैंग का संरक्षण काम करता है।

डॉ. जैन के मुताबिक, पिछले दिनों सर तन से जुदा गैंग भी काफी तेजी से सक्रिय हुआ था। ऐसे में अवैध धर्मांतरण, लव जिहाद के आतंकी गठजोड़ और इसके अंतरराष्ट्रीय स्वरूप को केवल कुछ राज्यों में कानून बनाकर नहीं रोका जा सकता। इसके लिए एक राष्ट्रव्यापी संकल्प जरूरी है, जो एक सशक्त राष्ट्रीय कानून से ही संभव होगा।

मैड्रिड के US एंबेसी-स्पेन के राष्ट्रपति को भेजा लेटर बम, लिफाफा खोलते ही यूक्रेन दूतावास में हो गया था ब्लास्ट

यूक्रेनी दूतावास में धमाके के बाद स्पेन की राजधानी मैड्रिड में स्थित अमेरिकी दूतावास में भी विस्फोटकों से भरा एक संदिग्ध लिफाफा मिला है। पुलिस के मुताबिक विस्फोटकों से भरे कई लिफाफों को मैड्रिड के अलग-अलग पतों पर भेजा गया है। इसी तरह के एक लिफाफे से यूक्रेनी दूतावास में विस्फोट हुआ था। इस तरह का एक लेटर बम स्पेन के राष्ट्रपति को भी भेजा गया था, जिसे समय रहते नष्ट कर दिया गया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी दूतावास से बरामद विस्फोटकों से भरे पैकेट को भी नष्ट कर दिया गया है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि पिछले दो दिनों में पोस्टल पैकेट में छुपाए गए इसी तरह के विस्फोटक कई अहम लोकेशन पर भेजे गए, जिसमें स्पेन का रक्षा मंत्रालय, स्पेन स्थित यूरोपीय यूनियन का सेटेलाइट सेंटर और उत्तरी स्पेन के जारगोजा शहर के ग्रेनेड बनाने वाली फैक्टरी शामिल है। जानकारी के मुताबिक इस कारखाने में ग्रेनेड लांचर बनाया जाता है। जिनका निर्यात यूक्रेन को भी किया गया है।

स्पेन के रक्षा राज्य मंत्री राफेल पेरेज़ ने कहा है कि मामले की शुरुआती जाँच से संकेत मिला है कि पहले पाँच लेटर बम स्पेन के भीतर से ही भेजे गए थे। पुलिस ने कहा कि एक लेटर बम को छोड़कर बाकी सभी को नष्ट कर दिया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक जारागोजा और दूतावास में मिले दोनों लेटर बम पर भेजने वाले का एक ही ई-मेल एड्रेस दर्ज था। स्पेनिश अधिकारियों ने अभी तक यह साफ नहीं किया है कि बरामद किए गए लेटर बमों के लिए कौन जिम्मेदार है। उन्होंने बताया कि मामले में आगे की जाँच की जा रही है।

आपको बता दें कि स्पेन के मैड्रिड स्थित यूक्रेनी दूतावास में उस समय धमाका हुआ जब एक कर्मचारी ने राजदूत के नाम से आए पत्र को खोला। हालाँकि, इस घटना में कर्मचारी को गंभीर चोट नहीं आई है। घटना के तुरंत बाद यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा ने यूक्रेन के सभी दूतावासों की सुरक्षा बढ़ाने का निर्देश दिया। उन्होंने अपने स्पेनी समकक्ष से भी तत्काल जाँच के लिए कदम उठाने का अनुरोध किया। स्पेन की राष्ट्रीय अदालत इस घटना की जाँच आतंकवादी घटना मानकर कर रही है।

तमिलनाडु के ऐतिहासिक अरुणाचलेश्वर मंदिर में देवता के मुख पर ठोका CCTV: BJP बोली- अल्पसंख्यकों को खुश करने के लिए ऐसा कर रही DMK सरकार

तमिलनाडु (Tamil Nadu) के एक मंदिर में देवता के चेहरे पर ही सीसीटीवी (CCTV) कैमरा लगाने का मामला सामने आया है। भाजपा (BJP) ने इसकी आलोचना करते हुए राज्य की डीएमके सरकार (DMK Government) को कठघरे में खड़ा किया है।

मामला तमिलनाडु के तिरुवन्नामलाई जिले (Tiruvannamalai District) के अरुणाचलेश्वर मंदिर (Arunachaleshwara Temple) का है। इस मंदिर में स्थित एक मूर्ति के चेहरे पर कैमरा लगा दिया गया था। तमिलनाडु के भाजपा अध्यक्ष ने इसकी आलोचना की है।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अन्नामलाई ने कहा कि राज्य की सत्तारूढ़ डीएमके सरकार में मूर्तियों के लिए कोई सम्मान नहीं है। उन्होंने कहा, “एक देवता के चेहरे पर कील ठोक कर एक कैमरा लगा दिया गया, क्योंकि नास्तिक हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती विभाग का प्रबंधन कर रहे हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “सही दिमाग का कोई भी व्यक्ति ऐसा नहीं करेगा। यह डीएमके की एक सुनियोजित कार्रवाई है, क्योंकि वे बहुमत के लिए मुद्दे बनाकर अल्पसंख्यक समुदाय को खुश करना चाहते हैं। इस बर्बरता की जिम्मेदारी कौन लेगा?”

राज्य के बंदोबस्ती विभाग में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा, “देवताओं के प्राचीन आभूषणों और गहनों को पिघलाकर सोने की छड़ों में बदला जा रहा है। इससे भ्रष्टाचार का मार्ग प्रशस्त हो रहा है। डीएमके आध्यात्मिक मान्यताओं का लगातार अनादर कर रही है। इसे न तो लोग माफ करेंगे और न ही देवता।”

अन्नामलाई ने आरोप लगाया कि मंदिर के पुजारियों के लिए प्रशिक्षण की अवधि को भी पाँच साल से घटाकर एक साल कर दी गई है। यह बेहद निंदनीय है। डीएमके अपनी विचारधारा को परंपराओं और आध्यात्मिक मठों पर थोपने की कोशिश कर रही है।

भाजपा के राज्य प्रमुख ने कहा कि यह सरकार की जिम्मेदारी है कि वह नास्तिक होने के बावजूद भी लोगों की संस्कृति, परंपरा, विश्वास और अगम नियमों को संरक्षित करे और उसके साथ किसी तरह की छेड़छाड़ ना करे।

बता दें कि कार्तिगई दीपम उत्सव के मद्देनजर पुलिस द्वारा मंदिर के अंदर कुल 55 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। कोविड-19 महामारी के बाद पहली बार आयोजित इस उत्सव में लगभग 30 लाख भक्तों के आने की उम्मीद है। इसको ध्यान में रखकर सुरक्षा के लिए कैमरे लगाए गए हैं।

दीपम उत्सव 5 और 6 दिसंबर को होगा। 6 दिसंबर को अयोध्या के बाबरी ढाँचा गिराए जाने की भी बरसी है। पुलिस का कहना है कि यह सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त सावधानी बरती जा रही है कि किसी भी तरह की कोई अनहोनी ना हो।

सावधानी के मद्देनजर इस पाँच मंजिला ऐतिहासिक मंदिर के अंदर 70 फुट ऊँचे कट्टई गोपुरम पर द्वारपाल (संरक्षक देवता) के चेहरे पर एक सीसीटीवी कैमरा लगाया गया था। मंदिर में चार मुख्य गोपुरम और 5 छोटे गोपुरम हैं।

जब भक्तों ने द्वारपाल के चेहरे पर सीसीटीवी कैमरा देखा तो हंगामा कर दिया। कैमरा लगाने से वहाँ का प्लास्टर हट गया और मूर्ति का चेहरा क्षतिग्रस्त हो गया। हंगामे को देखते हुए अधिकारियों ने मंदिर का निरीक्षण किया और वहाँ से कैमरा हटाने के लिए कहा। इसके साथ ही क्षतिग्रस्त चेहरे का भी मरम्मत कर दिया गया है।

FIFA World Cup: कतर में नोरा फतेही ने किया तिरंगे का अपमान, हरा ऊपर-भगवा नीचे करके लहराया, Video देख नेटीजन्स भड़के

नोरा फतेही (Nora fatehi) अपने धमाकेदार डांस और ग्लैमर की वजह से इंटरनेट पर छाई रहती हैं। इसी शोहरत की वजह से नोरा को कतर में चल रहे फीफा वर्ल्ड कप 2022 (FIFA World Cup 2022) में परफॉर्म करने का मौका मिला। फीफा वर्ल्ड कप 2022 के फैन फेस्टिवल में नोरा ने अपनी जबरदस्त अदाओं से हर किसी का दिल जीत लिया। उनकी कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। इन्हीं में से एक में वो स्टेज पर जय हिंद का नारा लगाते हुए भारतीय तिरंगा लहरा रही हैं। इसी वीडियो की वजह से नेटीजन्स ने नोरा की क्लास भी लगा दी है।

फीफा वर्ल्ड कप फैन फेस्टिवल के इस वीडियो को अर्शिन के मधु (Arshin k madhu) नाम के इंस्टा पेज पर अपलोड किया गया है। इस वीडियो में तिरंगे को लेकर नोरा फतेही पहले कई बार माइक पर जय हिंद के नारे लगाती हैं। उसके बाद नोरा कहती हैं, “इंडिया चाहे फीफा वर्ल्ड कप में नहीं है, लेकिन हम हमारे म्यूजिक और डांस से इस फेस्ट का हिस्सा हैं। नोरा की ये बातें सुनकर वहाँ मौजूद लोग हूटिंग करने लगते हैं। नोरा के साथ लोग जय हिंद के नारे लगाने लगते हैं। स्टेडियम में इंडिया, इंडिया का नारा गूँजने लगता है।

इसी बीच जोश-जोश में नोरा से कई गलतियाँ हुईं। नोरा पर तिरंगे को गलत तरीके से पकड़ने, लहराने और इसका अपमान करने का आरोप लग रहा है। सबसे पहले तो नोरा को स्टेज पर फेंककर तिरंगा दिया गया। जो लोगों को नागवार गुजर रहा है। स्टेज पर गिरे राष्ट्रीय ध्वज को नोरा ऐसे लहरा रही थीं जैसे वह तिरंगा नहीं कोई दुपट्टा हो। नोरा ने तिरंगे को दुपट्टे की तरह खुद पर लपेटा। हद तो तब हुई जब नोरा ने तिरंगे को उल्टा लहरा दिया। नोरा ने जिस तरह स्टेज से तिरंगे को नीचे खड़े शख्स को लौटाया, उसकी भी आलोचना हो रही है।

नोरा के वीडियो पर यूजर्स के कमेंट (साभार इंस्टाग्राम अर्शिन के मधु)

उसी वीडियो पर यूजर्स नोरा फतेही को तिरंगे के सम्मान का पाठ पढ़ा रहे हैं। एक यूजर ने कमेंट किया,”तिरंगे को गलत तरह से पकड़ा गया है। ग्रीन रंग ऊपर की तरफ नहीं होना चाहिए। यह ऑरेंज होता है।” दूसरे यूजर ने लिखा, “इंडियन फ्लैग जो देने का तरीका था वह बहुत ही खराब था, यह देश के झंडे के अपमान करने के जैसा था।” अन्य यूजर ने लिखा, “ओह माय गॉड अपने देश के तिरंगे के लिए कोई आदर ही नहीं है। एक्टिंग करना और परफॉर्म करना सब कुछ नहीं होता, जिस तरह से वह फ्लैग फेंक रहे हैं वह बहुत ही अनादर पूर्ण है।” एक दूसरे यूजर ने कमेंट में लिखा, “वह भारतीय ध्वज का सम्मान नहीं कर रही हैं, वह उसका अपमान कर रही हैं।”

‘PM मोदी की मोरबी यात्रा में ₹30 करोड़ खर्च किए गए’: TMC प्रवक्ता साकेत गोखले ने फर्जी न्यूज क्लिपिंग से फैलाई फेक न्यूज, BJP ने रिपोर्ट को नकारा

पूर्व आरटीआई कार्यकर्ता और वर्तमान में तृणमूल कॉन्ग्रेस के नेता साकेत गोखले (TMC Leader Saket Gokhale) पर एक आरटीआई क्वेरी और उसके जवाब के बारे में एक मनगढ़ंत समाचार रिपोर्ट साझा करने का आरोप लगाया गया है। उन्होंने दावा किया था कि पीएम मोदी की मोरबी यात्रा पर ₹30 करोड़ खर्च किए गए थे।

इसके लिए उन्होंने एक अनाम गुजराती समाचार पत्र की क्लिपिंग साझा किया था, जिसे गुजरात समाचार होने का दावा किया गया था। वहीं, बीजेपी ने कहा है कि यह मनगढ़ंत है और ऐसी कोई रिपोर्ट प्रकाशित नहीं हुई है और ऐसा कोई आरटीआई नहीं आया था। वहीं, गुजरात समाचार ने भी कहा है कि उसने ऐसी कोई रिपोर्ट प्रकाशित नहीं की है।

टीएमसी के प्रवक्ता साकेत गोखले ने 1 दिसंबर 2022 को दावा किया कि पुल ढहने की त्रासदी के बाद गुजरात में पीएम मोदी की मोरबी यात्रा की व्यवस्था पर ₹30 करोड़ खर्च किए गए थे। गोखले ने ट्विटर पर एक गुजराती अखबार की क्लिपिंग पोस्ट की, जिसमें दावा किया गया कि एक आरटीआई के जवाब में कहा गया है कि पीएम की मोरबी यात्रा के लिए सिर्फ कुछ घंटों के लिए 30 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे।

इस तथाकथित रिपोर्ट का हवाला देते हुए गोखले ने दावा किया कि ₹5.5 करोड़ विशुद्ध रूप से ‘स्वागत, कार्यक्रम प्रबंधन और फोटोग्राफी’ के लिए थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि ‘मोदी के इवेंट मैनेजमेंट और पीआर की लागत 135 लोगों के जीवन से अधिक है’, क्योंकि त्रासदी के 135 पीड़ितों के परिवारों में से प्रत्येक को ₹4 लाख की अनुग्रह राशि दी गई, जो कुल ₹5 करोड़ रुपए है।

इस खबर को पोस्ट करने वाले साकेत गोखले अकेले नहीं थे। उनसे पहले डैक्स पटेल नाम के एक ट्विटर यूजर ने कल यही क्लिपिंग पोस्ट की थी। कथित समाचार रिपोर्ट में कहा गया है कि यह खुलासा मोरबी जिला कलेक्टर के कार्यालय ने दीपक पटेल की आरटीआई अर्जी पर किया था। कथित खर्च का ब्रेकअप देते हुए रिपोर्ट में दावा किया गया कि ₹8 करोड़ अस्पताल की पेंटिंग, सफाई, नए बेड और वाटर कूलर पर खर्च किए गए, ₹11 करोड़ नई सड़कों के लिए, ₹3 करोड़ पीएम मोदी के स्वागत के लिए, ₹2.5 करोड़ पीएम की सुरक्षा में, ₹2 करोड़ इवेंट मैनेजमेंट के लिए और ₹50 लाख फोटोग्राफी के लिए खर्च किए गए।

इसके बाद कई ट्विटर यूजर ने इस क्लिप को साझा किया। हालाँकि, गुजरात भाजपा ने कहा है कि यह फेक न्यूज है और इस तरह की कोई आरटीआई दाखिल नहीं की गई और न ही किसी आरटीआई का ऐसा कोई जवाब दिया गया। गुजरात भाजपा ने ट्विटर पर पोस्ट किया कि नई क्लिपिंग मनगढ़ंत है और वास्तव में ऐसी कोई रिपोर्ट कहीं भी प्रकाशित नहीं हुई थी।

गुजरात भाजपा ने कहा, “टीएमसी झूठों की पार्टी है। यह @MamataOfficial से शुरू होकर आप जैसे नीचे के प्रवक्ताओं तक है।” इस ट्वीट में गुजरात भाजपा ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भी टैग किया है। वहीं, पश्चिम बंगाल बीजेपी ने भी कहा कि गोखले फर्जी खबरें फैला रहे हैं। ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं है और न ही ऐसा कोई आरटीआई जवाब है।

कई अन्य सोशल मीडिया यूजर्स ने भी क्लिपिंग पर संदेह जताया और कहा कि यह फर्जी है। खास बात यह है कि ऑनलाइन सर्च करने पर ऐसी कोई गुजराती रिपोर्ट नहीं मिली। हालाँकि, कई क्षेत्रीय समाचार पत्रों की ऑनलाइन उपस्थिति नहीं होती है और कुछ केवल अपने मुद्रित पत्रों की फोटो को समाचार पत्रों के रूप में प्रकाशित करते हैं। इसलिए उन्हें ऑनलाइन खोजा नहीं जा सकता है। हालाँकि, गोखले द्वारा साझा की गई गुजराती समाचार क्लिपिंग में अखबार का नाम और रिपोर्ट की तारीख नहीं है, जिससे ‘रिपोर्ट’ का पता लगाना और उसे सत्यापित करना मुश्किल हो जाता है।

मूल रूप से इस क्लिपिंग को पोस्ट करने वाले डैक्स पटेल ने दावा किया है कि यह गुजरात समाचार की क्लिपिंग है। एक ट्विटर यूजर द्वारा अखबार का नाम और रिपोर्ट के लिंक के बारे में पूछने पर, डैक्स पटेल ने बिना किसी लिंक के सिर्फ ‘गुजरात समाचार’ कहकर जवाब दिया।

जैसा कि इस रिपोर्ट के लिए कोई लिंक नहीं दिया गया है, इसलिए ऑपइंडिया ने गुजरात समाचार वेबसाइट पर रिपोर्ट के बारे में पता लगाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं मिली। हमने पिछले हफ्ते के गुजरात समाचार अख़बार के ई-संस्करणों को पढ़ा, लेकिन अख़बार में ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं देखी गई।

उसके बाद ऑपइंडिया की टीम ने गुजरात समाचार के वेब विभाग से बात की कि क्या यह क्लिपिंग वास्तव में उनके अखबार की है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि उनके द्वारा ऐसी कोई रिपोर्ट प्रकाशित नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि क्लिपिंग गुजरात समाचार की तरह दिखती है, लेकिन उन्होंने इसे प्रकाशित नहीं किया है।

उल्लेखनीय है कि क्लिपिंग का फ़ॉन्ट और लेआउट गुजरात समाचार के जैसा है, लेकिन ‘रिपोर्ट’ का प्रारूप वास्तविक रिपोर्ट से मेल नहीं खाता है। गुजरात समाचार हमेशा रिपोर्ट की शुरुआत में तारीख या दिन, शहर का नाम और रिपोर्ट के स्रोत को प्रिंट करता है। ये सारी चीजेें इस क्लिपिंग में नहीं हैं।

तथाकथित रिपोर्ट में बताए गए ‘आरटीआई कार्यकर्ता दीपक पटेल’ के बारे में पूछताछ करने के लिए ऑपइंडिया की टीम ने मोरबी के कुछ निवासियों से भी बात की, लेकिन किसी ने ऐसे व्यक्ति के बारे में नहीं सुना। इसलिए, भाजपा का यह दावा कि यह मनगढ़ंत रिपोर्ट है, सच प्रतीत होता है।

ऑपइंडिया ने मोरबी कलेक्टर कार्यालय और गुजरात विभाग के सूचना विभाग से संपर्क किया है और मामले के बारे में और जानकारी माँगी है कि क्या इस तरह का कोई आरटीआई जवाब जारी किया गया था। जवाब मिलने के बाद रिपोर्ट को अपडेट किया जाएगा।

‘एक से ज्यादा क्यों करे कोई शादी, एक देश में क्यों चले दो विधान’: MP में UCC लाने का मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया ऐलान, कहा- कमेटी बन रही है

उत्तराखंड (Uttarakhand) और गुजरात (Gujarat) के बाद अब मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में भी ‘समान नागरिक संहिता’ (Uniform Civil Code) लागू होगी। इसकी घोषणा प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chouhan) ने गुरुवार को की और कहा कि राज्य सरकार इसके लिए एक कमिटी बनाएगी।

सीएम चौहान ने कहा कि देश में अब समान नागरिक संहिता लागू होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बार बड़े खेल हो जाते हैं। खुद जमीन नहीं ले सकते तो किसी आदिवासी के नाम से जमीन ले ली जाती है। कई बदमाश तो आदिवासी बेटी से शादी करके जमीन उसके नाम से ले लेते हैं।

बड़वानी के सेंधवा में आयोजित एक रैली में बोलते हुए मुख्यमंत्री चौहान ने कहा, “मैं अलख जगाने आया हूँ। बेटी से शादी की और जमीन ले ली। एक से ज्यादा शादी क्यों? एक देश में दो विधान क्यों चले? नियम एक ही होना चाहिए। इसलिए अब देश भर में समान नागरिक संहिता लागू होना चाहिए।”

उन्होंने कहा कि राज्य की भाजपा सरकार समान नागरिक संहिता के लिए एक कमिटी बना रही है। उन्होंने कहा कि अगर समान नागरिक संहिता में एक पत्नी का अधिकार है तो यह सबके लिए लागू होना चाहिए।

बता दें कि इससे पहले उत्तराखंड और गुजरात ने भी एक कमिटी की घोषणा की है। उत्तराखंड में तो इसका फाइनल ड्राफ्ट तैयार किया जा रहा है। इसकी जानकारी प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) ने खुद दी थी।

वहीं, राज्य में वनवासी महिलाओं से दूसरी-तीसरी शादी और धर्मांतरण को रोकने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने हाल ही में PESA कानून लागू करने की घोषणा की थी। इसमें वनवासी समुदाय की ग्राम सभा को सशक्त बनाया गया है।

PESA कानून को लेकर मुख्यमंत्री चौहान ने कहा था, “कई बार धोखे से, छल-कपट से, हमारी जनजातीय बहनों-बेटियों को लालच देकर विवाह कर लिया जाता है, उनके नाम पर जमीन दे दी जाती है और वह जनजातीय भूमि कहलाती है। कभी-कभी धर्मांतरण का भी उपयोग किया जाता है। अब हम मध्य प्रदेश में ऐसा नहीं दिया जाएगा।”

क्या है समान नागरिक संहिता

समान नागरिक संहिता को सरल शब्दों में समझा जाए तो यह एक ऐसा कानून है, जो देश के हर समुदाय पर समुदाय लागू होता है। व्यक्ति चाहे किसी भी धर्म का हो, जाति का हो या समुदाय का हो, उसके लिए एक ही कानून होगा। अंग्रेजों ने आपराधिक और राजस्व से जुड़े कानूनों को भारतीय दंड संहिता 1860 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम 1872, भारतीय अनुबंध अधिनियम 1872, विशिष्ट राहत अधिनियम 1877 आदि के माध्यम से सब पर लागू किया, लेकिन शादी, विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, संपत्ति आदि से जुड़े मसलों को सभी धार्मिक समूहों के लिए उनकी मान्यताओं के आधार पर छोड़ दिया।

इन्हीं सिविल कानूनों को में से हिंदुओं वाले पर्सनल कानूनों को पंडित जवाहरलाल नेहरू ने खत्म किया और मुस्लिमों को इससे अलग रखा। हिंदुओं की धार्मिक प्रथाओं के तहत जारी कानूनों को निरस्त कर हिंदू कोड बिल के जरिए हिंदू विवाह अधिनियम 1955, हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम 1956, हिंदू नाबालिग एवं अभिभावक अधिनियम 1956, हिंदू दत्तक ग्रहण और रखरखाव अधिनियम 1956 लागू कर दिया गया।

वहीं, मुस्लिमों के लिए उनके पर्सनल लॉ को बना रखा, जिसको लेकर विवाद जारी है। इसकी वजह से न्यायालयों में मुस्लिम आरोपितों या अभियोजकों के मामले में कुरान और इस्लामिक रीति-रिवाजों का हवाला सुनवाई के दौरान देना पड़ता है।

इन्हीं कानूनों को सभी धर्मों के लिए एक समान बनाने की जब माँग होती है तो मुस्लिम इसका विरोध करते हैं। मुस्लिमों का कहना है कि उनका कानून कुरान और हदीसों पर आधारित है, इसलिए वे इसकी को मानेंगे और उसमें किसी तरह के बदलाव का विरोध करेंगे। इन कानूनों में मुस्लिमों द्वारा चार शादियाँ करने की छूट सबसे बड़ा विवाद की वजह है। मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड भी समान नागरिक संहिता का खुलकर विरोध करता रहा है।

बिन बुलाए शादी में खाना खाने पहुँचा MBA छात्र, पकड़े जाने पर धुलवाए गए बर्तन: Video वायरल होने पर की कार्रवाई की माँग

भोपाल में एमबीए के एक छात्र का बर्तन धोते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक वह बिना बुलाए एक शादी में दावत उड़ाने पहुँच गया था और पकड़ा गया। पकड़े जाने के बाद उसे बर्तन धोने की सजा दी गई। साथ ही उस छात्र से बातचीत करते हुए वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। वीडियो वायरल होने के बाद छात्र सामने आया है और उसने पुलिस से वीडियो वायरल करने वालों पर सख़्त कार्रवाई की माँग की है।

बिना बुलाए विवाह समारोह में पहुँच गया था सम्राट

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एमबीए कर रहा एक युवक शादी समारोह में पहुँच गया। बिन बुलाए मेहमान की तरह खाना खाने के लिए पहुँचे छात्र को लोगों ने पकड़ लिया। शादी में फ्री का खाना खाने के लिए उसे बर्तन धोने की सजा दी। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है वीडियो में युवक बर्तन साफ करते दिख रहा है और उससे एक दूसरा व्यक्ति बातचीत भी कर रहा है। वीडियो में एमबीए छात्र अपना नाम सम्राट कुमार बता रहा है। जो जबलपुर का रहने वाला है।

बर्तन धोते छात्र का इंटरव्यू

वीडियो बनाने वाले ने छात्र का बर्तन धोते हुए ही इंटरव्यू किया। वीडियो बनाने वाला शख्स पूछता है कि दावत में कैसे आए थे? जवाब में छात्र कहता है कि ऐसे ही खाना खाने आ गए थे। पूछा गया कि किसी ने तुम्हें कहा था क्या ऐसा करने को, तो छात्र जवाब देता है कि नहीं। इस पर वीडियो बनाने वाला शख्स कहता है कि यह फ्री में खाना खाने की सजा है। बर्तन धोइए। जब यह पूछा गया कि कैसा लग रहा है तो प्लेट धोते हुए छात्र जवाब देता है कि फ्री में खाना खाया है तो कुछ तो करना ही पड़ेगा।

छात्र ने वीडियो बनाने और वायरल करने वालों के खिलाफ शिकायत की

वीडियो में हो रही बातचीत के आधार पर समझा जा सकता है कि युवक अच्छा खाना खाने के लिए भोपाल के एक भव्य शादी समारोह में पहुँचा था, लेकिन पकड़ा लिया गया। फिर उसके साथ गलत व्यवहार करते हुए उसका वीडियो भी बना लिया गया। वीडियो वायरल होने के बाद एमबीए स्टूडेंट सम्राट कुमार ने इसकी शिकायत पुलिस से की है। सम्राट ने पुलिस से वीडियो वायरल करने वालों पर कार्रवाई की माँग की है।