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‘पार हो गई ओवरएक्टिंग की सीमा, VFX भी घटिया’: रणवीर सिंह-रोहित शेट्टी की ‘Cirkus’ के ट्रेलर से बोर हुए लोग, पूछा – कॉमेडी कहाँ है?

बॉलीवुड फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी की फिल्म ‘सर्कस’ का ट्रेलर रिलीज हो गया है। इस फिल्म में रणवीर सिंह, वरुण शर्मा, पूजा हेगड़े, जॉनी लीवर, जैकलीन फर्नांडिस सहित कई सारे स्टार कास्ट हैं। फिल्म इसी महीने 23 तारीख को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्म का ट्रेलर देखने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों के रिएक्शन सामने आए हैं।

रोहित शेट्टी की दूसरी फिल्मों की तरह सर्कस को लेकर सोशल मीडिया यूजर्स बहुत आशान्वित नहीं हैं। अधिकांश यूजर्स को फिल्म का ट्रेलर पसंद नहीं आया। फिल्म में गोलमाल ‘गोलमाल अगेन’ और ‘जुड़वा 2’ की मिक्स्चर करके रायता फैला दिया गया है।

उमैर संधू नाम के ट्विटर यूजर ने फिल्म के ट्रेलर को लेकर लिखा, “पहली बार रोहित शेट्टी की फिल्म को जनता से नकारात्मक प्रतिक्रिया मिली! पब्लिक ने Cirkus ट्रेलर को बुरी तरह रिजेक्ट कर दिया है !!! सब कुछ बहुत खराब है, खासकर हरियाली वाला VFX।”

शिवा नाम के यूजर ने कहा कि तथाकथित मास सर्कस ट्रेलर में अब तक का सबसे अधिक ओवर ऐक्टिंग है।

मेजर नाम के ट्विटर यूजर ने मजाकिया अंदाज में लिखा, “CirkusTrailer देखने के बाद। ले ऑडियंस*।”

नवनीत मुंद्रा नाम के यूजर ने लिखा, “ईमानदारी से कहूँ तो मुझे #CirkusTrailer पसंद नहीं आया !!! रोहित शेट्टी और रणवीर सिंह के कॉम्बिनेशन से बहुत अधिक उम्मीद कर रहा था। सेट आश्चर्यजनक रूप से कृत्रिम दिखते हैं, सीजीआई औसत दर्जे का है और ट्रेलर पेचीदा और लय विहीन है। आपके विचार क्या हैं?”

मनोज कुमार नाम के ट्विटर यूजर ने लिखा, “मीडिया और कुछ #SamosaSeller अनावश्यक हाइपिंग कर रहे थे। Cirkus TRAILER उनके मुखर ट्वीट से निचले दर्जे का है। रणवीर सिंह एक शानदार अभिनेता होने के बावजूद एक सीन में भी हमें हंसाने में नाकाम रहे हैं । हर पिक्चर में दीपिका को घुसेड़ना जरूरी है?”

कॉन्ग्रेस पार्टी ने ‘रावण’ के बाद अब PM मोदी को बताया ‘भस्मासुर’, ‘औकात’ पर भी सवाल उठा चुकी है पार्टी

कर्नाटक कॉन्ग्रेस नेता और पूर्व सांसद वीएस उग्रप्पा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आपत्तिजनक बयान दिया है। उन्होंने पीएम मोदी की तुलना राक्षस भस्मासुर से की है। शुक्रवार (2 दिसम्बर, 2022) को कन्नड़ भाषा में एक बयान के दौरान पूर्व सांसद उग्रप्पा ने PM मोदी पर बच्चों से भविष्य से भी खेलने का आरोप लगाया है। इस से पहले कॉन्ग्रेस के ही मल्लिकार्जुन खड़गे ने पीएम मोदी को रावण कहा था, जिस पर प्रधानमंत्री ने पलटवार भी किया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उग्रप्पा ने अपने एक बयान में कहा, “मैं पहले ही बता चुका हूँ कि मोदी आधुनिक भस्मासुर की तरह है। भाजपा सरकार बच्चों के भविष्य के साथ खेल रही है।” इस दौरान उग्रप्पा आर्टिकल 21- A, शिक्षा के संवैधानिक अधिकार और बच्चों को मिलने वाली छात्रवृत्ति का जिक्र कर रहे थे।

पहले भी बोले गए अमर्यादित शब्द

प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ कॉन्ग्रेस की तरफ से ऐसी टिप्पणी पहली बार नहीं हुई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस से पहले कॉन्ग्रेस के नए अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मोदी को रावण कहा था। एक भाषण के दौरान उन्होंने कहा था कि क्या पीएम मोदी के रावण की तरह 100 मुँह हैं। हालाँकि, नरेंद्र मोदी ने इस बयान पर पलटवार करते हुए कहा था कि कॉन्ग्रेस न ही राम पर विश्वास करती है और न ही रामभक्तों पर। उन्होंने गुजरात को रामभक्तों का प्रदेश बताया था।

इस से पहले सोनिया गाँधी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मौत का सौदागर और मणिशंकर अय्यर उन्हें नीच शब्द से संबोधित कर चुके हैं। वीएस उग्रप्पा के भस्मासुर वाले बयान पर अभी तक भाजपा की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

गौरतलब है कि सभी पार्टियों ने गुजरात विधानसभा चुनाव में अपनी जीत के लिए ताकत झोंक दी दी है। इस बार अरविंद केजरीवाल के उतरने से मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। यहाँ पहले चरण में 89 सीटों पर एक दिसंबर को मतदान हो चुका है। दूसरे चरण में 93 सीटों पर 5 दिसंबर को वोट डाले जाएँगे। 182 सीटों पर हुए चुनाव के परिणाम 8 दिसंबर,2022 को घोषित किए जाएँगे।

‘भारत मेरे दिल में, इस देश ने ही मुझे तराशा’: अमेरिका में ‘पद्म भूषण’ से सम्मानित हुए Google के सीईओ सुन्दर पिचाई, ‘डिजिटल इंडिया’ के हुए कायल

गूगल और अल्फाबेट (Google and Alphabet) कंपनी के CEO सुंदर पिचाई (Sundar Pichai) ने कहा है कि भारत उनके दिल में बसता है और वे जहाँ भी जाते हैं, उसे ले जाते हैं। पिचाई ने यह बात उस वक्त कही, जब भारतीय राजदूत ने उन्हें अमेरिका में प्रतिष्ठित पद्म भूषण पुरस्कार दिया।

भारतीय-अमेरिकी नागरिक पिचाई को व्यापार और उद्योग श्रेणी में साल 2022 के पद्म भूषण से सम्मानित किया गया है। तमिलनाडु के मदुरै में जन्मे पिचाई इस वर्ष की शुरुआत में घोषित 17 पुरस्कार विजेताओं में से एक हैं। उन्हें शुक्रवार (2 नवंबर 2022) को सैन फ्रांसिस्को में अपने करीबी परिवार के सदस्यों की उपस्थिति में यह पुरस्कार लिया।

अमेरिका में भारत के राजदूत तरणजीत सिंह संधू से पुरस्कार स्वीकार करते हुए 50 वर्षीय पिचाई ने कहा, “मैं इस अपार सम्मान के लिए भारत सरकार और भारत के लोगों का बहुत आभारी हूँ। मुझे तराशने वाले देश द्वारा इस तरह से सम्मानित किया जाना अविश्वसनीय रूप से सार्थक है।”

उन्होंने कहा, “भारत मेरे दिल में बसता है। मैं जहाँ भी जाता हूँ, इसे अपने साथ ले जाता हूँ। मैं भाग्यशाली था कि मैं एक ऐसे परिवार में पला-बढ़ा, जिसने सीखने और ज्ञान को पोषित किया। माता-पिता के साथ इस परिवार ने यह सुनिश्चित करने के लिए बहुत त्याग किया कि मुझे अपनी रुचियों का पता लगाने का अवसर मिले।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिजिटल इंडिया की प्रशंसा करते हुए पिचाई ने कहा, “डिजिटल इंडिया निश्चित रूप से उस प्रगति को बढ़ा रहा है। मुझे गर्व है कि Google दो परिवर्तनकारी दशकों में सरकारों, व्यवसायों और समुदायों के साथ भागीदारी करते हुए भारत में निवेश करना जारी रखा है।”

उन्होंने कहा, “हमने हाल ही में घोषणा की थी कि हम भारत के डिजिटल भविष्य में $10 बिलियन का निवेश करेंगे। किफायती इंटरनेट उपलब्ध कराने के लिए काम करेंगे, भारत की अनूठी जरूरतों के लिए उत्पादों का निर्माण करेंगे, उनके डिजिटल परिवर्तन में सभी आकारों के व्यवसायों की मदद करेंगे और बड़ी सामाजिक चुनौतियों से निपटने के लिए एआई का उपयोग करेंगे।”

उन्होंने आगे कहा, “हम डिजिटल स्किलिंग में भी गहरा निवेश कर रहे हैं, और अपने वीमेनविल एंटरप्रेन्योरशिप प्रोग्राम के माध्यम से 10 लाख से अधिक महिलाओं को प्रशिक्षित किया है और सरकार और स्थानीय संगठनों के साथ साझेदारी में 55,000 से अधिक शिक्षकों को प्रशिक्षित किया है। हमने NASSCOM Foundation और Tata स्ट्राइव के सहयोग से 1,00,000 से अधिक Google कैरियर प्रमाणपत्र प्रायोजित किए हैं।”

धर्मांतरण कर परिवार सहित बन गया मुस्लिम, फिर पूर्व जाति के आधार पर चाहता था सरकारी नौकरी: HC ने रद्द की याचिका, कहा – वापस लौटने पर ही…

क्या कोई व्यक्ति हिन्दू धर्म से इस्लाम या ईसाई मजहब में धर्मांतरण करने के बावजूद अपनी जाति बरकरार रख सकता है और उसके आधार पर आरक्षण इत्यादि के फायदे उठता रह सकता है? मद्रास हाईकोर्ट के एक फैसले से इस संबंध में चीजें स्पष्ट हुई है। इस्लाम अपनाने वाला एक व्यक्ति अपनी याचिका लेकर मद्रास हाईकोर्ट पहुँचा था। जस्टिस जीआर स्वामीनाथन ने स्पष्ट किया कि जिस जाति में उसका जन्म हुआ, उसे वो धर्मांतरण के बाद भी अपनी पहचान के रूप में इस्तेमाल नहीं कर सकता।

इस दौरान मद्रास उच्च-न्यायालय ने ये भी टिप्पणी की कि जब हिन्दू धर्म का कोई व्यक्ति किसी अन्य मजहब में धर्मांतरण करता है तो उसकी जाति नेपथ्य में चली जाती है। जैसे ही वो अपने धर्म में वापस लौटता है, उसकी जाति वाली पहचान भी फिर से वापस आ जाती है और वो उसका इस्तेमाल कर सकता है। जिस व्यक्ति इ याचिका दायर की थी, वो 2008 में परिवार के साथ मुस्लिम बन गया था। उसने अपना नाम बदल लिया था और गैजेट में ये नहीं दिखाया था।

रामनाथपुरम के जोनल डिप्टी तहसीलदार ने 28 अक्टूबर, 2015 को कम्युनिटी सर्टिफिकेट जारी किया था। इसमें बताया गया था कि याचिकाकर्ता ‘लब्बैस समाज’ से ताल्लुक रखता है। जाति प्रमाण-पत्र का मामला तब संज्ञान में आया था जब उक्त व्यक्ति ‘तमिलनाडु पब्लिक सर्विस कमिशन (TNPSC)’ की परीक्षा में बैठा। उसने ग्रुप-2 के लिए प्रिलिमिनरी एग्जाम क्लियर कर लिया और मेंस में बैठा। लेकिन, अंतिम सिलेक्शन की सूची में उसे शामिल नहीं किया गया।

उसने जब RTI के माध्यम से इसका कारण पता किया तो हुए बताया गया कि उसे ‘बैकवॉर्ड क्लास (BC) मुस्लिम’ में शामिल नहीं किया गया, इसीलिए ऐसा हुआ है। उसे ‘सामान्य (General)’ कैटेगरी के अंतर्गत ही माना गया। इसके बाद वो हाईकोर्ट पहुँचा। 25 दिसंबर, 2012 को काजी द्वारा जारी किए गए प्रमाण-पत्र में ये लिखा है कि वो मुस्लिम जमात में शामिल हुआ है। चूँकि धर्मांतरण के बाद आरक्षण के दावे पर सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई चल रही है, इसीलिए मद्रास हाईकोर्ट ने इस पर अधिक टिप्पणी करने से इनकार करते हुए याचिकाकर्ता की याचिका रद्द कर दी।

मौलाना ने APJ अब्दुल कलाम और PM मोदी को कहे अपशब्द, ‘दारुल उलूम अलामिया’ में पढ़ाता है: ऑडियो हुआ वायरल, होली को बताया ‘काफिरों का त्योहार’

उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में मदरसा में पढ़ाने वाले एक मौलाना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, दिवंगत पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) पर अभद्र टिप्पणी का आरोप है। हिन्दू संगठनों ने अख्तर हुसैन नाम के इस मौलाना पर देश विरोधी विदेशी ताकतों से संपर्क में होने और क्षेत्र में जिहाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। पुलिस ने आरोपित मौलाना पर FIR दर्ज ली है। मौलाना का आपराधिक इतिहास भी बताया जा रहा है।

मौलाना का ऑडियो भी वायरल हो रहा है। इसी ऑडियो में वो पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम पर किसी मदनी को पैसा दे कर मुस्लिमों को दीन से भटकाने की साजिश रचने का आरोप लगा रहा है। अपने ऑडियो में मौलाना आगे वर्तमान सरकार की बुराई करता है। वो कहता है कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) और मोदी मिल कर मुस्लिमों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। ऑडियो में कथित मौलाना के मुताबिक, सरकार की साजिश के तहत ही मुस्लिमों की बाराबंकी स्थित दरगाह में होली का त्यौहार मनाया जा रहा है।

साथ ही मौलाना को ये कहते भी सुना जा सकता है कि होली ‘काफिरों का त्योहार’ है।

मदरसे का नाम ‘दारुल उलूम अलामिया’ है। यह बस्ती के वॉल्टरगंज थाना क्षेत्र में पड़ता है। इस वायरल ऑडियो पर बस्ती पुलिस के DSP सदर ने कहा कि मामले में केस दर्ज कर के जाँच की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, मामला मदरसे का है इसलिए अतिरिक्त कार्रवाई के लिए संबंधित विभाग को सूचित किया गया है।

विदेशों से कनेक्शन का आरोप

हिन्दू संगठनों ने मौलाना अख्तर हुसैन के इस वायरल ऑडियो पर कड़ी नाराजगी जताई है। प्रशासन को दिए गए ज्ञापन में विश्व हिन्दू महासंघ ने लिखा है कि मौलाना विदेशी ताकतों का एजेंट है, जो क्षेत्र में जिहाद को बढ़ावा दे रहा है। इसी के साथ ज्ञापन में मौलाना के अन्य जिलों में आपराधिक इतिहास की जानकारी देते हुए उसकी चल-अचल संपत्ति की जाँच की भी माँग की गई है।

ऑपइंडिया ने इस बाबत बस्ती पुलिस के सर्किल ऑफिसर सिटी अलोक प्रसाद से बात की। उन्होंने बताया कि आरोपित को गिरफ्तार कर के SDM कोर्ट में पेश किया गया था, जहाँ से उसकी जमानत हो गई थी।

पश्चिमी UP में दो बुजुर्ग साधुओं की हत्या: अलीगढ़ में ट्यूबवेल पर सोने गए 70 साल के पुजारी को ईंट-पत्थर से कूचकर मारा गया, पिछले 6 महीने में 8 का मर्डर

उत्तर प्रदेश में साधु अब अपराधियों के निशाने पर हैं। अलीगढ़ में एक बार फिर एक साधु की निर्मम तरीके से हत्या कर दी गई है। 70 वर्षीय साधु बुद्धसेन रात में ट्यूबवेल पर सो रहे थे। इसी दौरान आए अज्ञात अपराधियों ने ईंट और पत्थर से कूच-कूचकर उनकी हत्या कर दी। इसके पहले जिले के एक मंदिर के साधु और उसके साथी की हत्या कर दी गई थी।

ग्रामीणों के अनुसार, दोपहर के बाद कुछ लोग खेतों की ओर चारा लेने गए तो बुद्धसेन को घायल अवस्था में पड़े हुए देखा। इसके बाद घटनास्थल पर लोग जुट गए और पुलिस को सूचना दी गई। घायल साधु को इलाज के लिए अकराबाद सीएचसी भेजा गया, जहाँ उनकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए अलीगढ़ भेज दिया है।

मामला जिले के विजयगढ़ थाना क्षेत्र के लाला का नगला गाँव की है। मृतक के परिजनों का कहना है कि बुद्धसेन ने बहुत पहले ही पारिवारिक जिंदगी छोड़ दी थी। वे पिछले 7 सालों से राहुल गुप्ता की ट्यूबल पर सोने के लिए जाते थे। घटना के दिन भी वे सोने गए थे, लेकिन गाँव के ही कुछ अन्य लोगों ने उनकी लाठी-डंडों और ईंट-पत्थरों से पीट-पीटकर हत्या कर दी।

पुलिस ने तहरीर के आधार पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि आरोपितों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। तहरीर के आधार पर IPC की धारा 302 के तहत केस दर्ज किया गया है। सीओ का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

वहीं, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बरेला इलाके के परोरा गाँव में भी एक साधु की हत्या कर दी गई है। कहा जा रहा है कि साधु कुँवरपाल का शव खेत में मिला है। बता दें कि पिछले कुछ समय से देश भर में मंदिरों में चोरी और साधुओं की हत्या की घटनाओं में वृद्धि हुई है।

इससे पहले यूपी में 13 अगस्त को अलीगढ़ के मंदिर में 75 वर्षीय एक साधु और उसके साथी की हत्या कर दी गई थी। 16 अगस्त को ओरैया के मंदिर में तीन साधुओं की हत्या कर दी गई थी। 19 अगस्त को करनाल मंदिर में 1 पुजारी, 1 साधु व 2 सेवादारों की हत्या कर दी गई। वहीं, 20 अगस्त को प्रयागराज में एक साधु की हत्या कर दी गई थी।

पिछले दो वर्षों में यूपी में 20 से अधिक साधुओं की हत्या हो चुकी है। अकेले पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पिछले 6 महीने में 8 साधुओं की हत्या हो चुकी है। लगातार हो रही हत्याओं से साधु समाज में डर का माहौल है। उन्होंने प्रशासन से आरोपितों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के लिए कहा है।

हिटलर का निशान शेयर करने पर किम कार्दशियन के पूर्व पति का ट्विटर हैंडल सस्पेंड: फिर से ईसाई हेकनक्रेज को हिन्दू स्वस्तिक बता रहे लोग, नहीं समझ रहे अंतर

अमेरिकी रैपर कान्ये वेस्ट एक बार फिर विवादों में फँस गए हैं। असल में उन्होंने ईसाई हेकनक्रेज (हुक्ड क्रॉस) की तस्वीर शेयर करते हुए जर्मनी के तानाशाह हिटलर की तारीफ़ की, जिसके बाद ट्विटर पर उनका हैंडल ही सस्पेंड कर दिया गया। कान्ये वेस्ट के बारे में बता दें कि वो अमेरिकी मॉडल और कारोबारी किम कार्दशियन के पूर्व पति हैं। किम कार्दशियन अकसर अपने कपड़ों की वजह से चर्चा में रहती हैं और दोनों के तलाक का मुद्दा मीडिया में काफी दिनों तक गर्म रहा है।

आइए, देखते हैं किस तरह लोगों ने फिर से एक ईसाई प्रतीक हेकनक्रेज को हिन्दू स्वस्तिक बताना शुरू कर दिया है, जबकि दोनों बिलकुल अलग हैं। हिन्दू स्वस्तिक शुभ-लाभ का प्रतीक है, जबकि हेकनक्रेज हिटलर के कारण रक्तपात का। ‘Meidas Touch’ नामक संस्था ने हेकनक्रेज को स्वस्तिक बताते हुए लिखा कि ये घृणित और खतरनाक है। उसने कहा कि ये यहूदियों के नरसंहार का प्रतीक है। लोगों ने संस्था को समझाया कि कान्ये वेस्ट ने जो शेयर किया था वो हेकनक्रेज है, स्वस्तिक नहीं।

लेखक आभास ने समझाया कि कैसे हिटलर जब 19वीं सदी में ऑस्ट्रिया के लांबच स्थित ‘बेनेडिक्टिन मोनेस्ट्री’ में पढ़ता था, तब उसने रोज इस ईसाई प्रतीक को देखा था। साथ ही उन्होंने चर्च के भीतर से एक चिह्न की तस्वीर भी शेयर की। अमेरिका की राजनीतिक विश्लेषक लिंडी ली ने भी दावा किया कि कान्ये वेस्ट ने स्वस्तिक की तस्वीर साझा की है। इससे लाखों लोगों के बीच ये सन्देश जा रहा है कि स्वस्तिक और हेकनक्रेज एक ही हैं।

एडम कींजिंगर नामक यूजर ने दावा कर दिया कि जब ट्विटर पर स्वस्तिक ट्रेंड हो रहा है तो एक देश के रूप में हमें आत्म-विश्लेषण करने की ज़रूरत है। बता दें कि ट्विटर पर 1 लाख से भी अधिक बार ट्वीट किया जा चुका है। शर्मिंदगी ईसाई हेकनक्रेज के ट्रेंड होने पर होनी चाहिए, स्वस्तिक पर नहीं। ट्विटर को हाल में खरीदने वाले एलन मस्क ने भी कहा है कि कान्ये वेस्ट ने नियमों का उल्लंघन किया, जिसके बाद उनका हैंडल निलंबित किया गया।

बता दें कि पश्चिमी मीडिया नाजियों के हुक्ड क्रॉस को हिंदू धर्म के शुभ प्रतीक स्वस्तिक बताकर प्रोपेगेंडा फैलाते रहे हैं। इससे विश्व भर में हिंदुओं के खिलाफ और उनके धर्मस्थलों पर हमले बढ़ रहे हैं। कनाडा, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, ब्रिटेन में हिंदुओं पर हमले हाल के दिनों में कई गुना बढ़े हैं। इन हमलों को लेकर भारत सरकार को विदेशों में रहने वाले हिंदुओं को लेकर चेतावनी जारी करनी पड़ी। कैलिफोर्निया के एक विधेयक में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि हेकनक्रेज जैसा दिखता है, लेकिन यह बिल हिंदू धर्म, बौद्ध धर्म और जैन धर्म से जुड़े स्वस्तिक के प्रदर्शन को अपराधीकरण नहीं करता।

जिस बैंक में था मैनेजर, वहीं से गायब कर दिया 15 करोड़ रुपए… ऑनलाइन गेम्स में उड़ाए ₹8 करोड़: केरल पुलिस कर रही तलाश

केरल के कोझिकोड से करोड़ों रुपए के बैंक फ्रॉड का मामला सामने आया है। कोझिकोड नगर निगम के 7 खातों से लगभग 15 करोड़ रुपए की ठगी सामने आई है। सारी ठगी निगम के पंजाब नेशनल बैंक के खातों के साथ की गई है।

निगम के मुताबिक इसके कुदुम्बश्री योजना खाते से 10 करोड़ 50 लाख रुपए उड़ाए गए। इसके अलावा एमपी-एमएलए फंड, एएमआरयूटी ऑफिस नवीनीकरण फंड और गैर-बायोडिग्रेडेबल अपशिष्ट निपटान निधि के तीन खातों से 1.89 करोड़ रुपए गायब कर दिए गए।

हैरानी की बात तो यह है कि निगम की जानकारी के बिना ही खातों से रुपए गायब होते गए। रुपए की चोरी का पता विभिन्न खातों के विवरणों की छानबीन के दौरान चला। पंजाब नेशनल बैंक ने फिलहाल नगर निकाय को 2.53 करोड़ रुपए वापस कर दिए हैं। बैंक ने 3 दिनों में बाकी की राशि लौटाने का वादा किया है।

स्थानीय मेयर बीना फिलिप के मुताबिक कोझिकोड निगम के 7 खातों से 15 करोड़ 24 लाख रुपए गायब हुए हैं। धोखाधड़ी का आरोप पंजाब नेशनल बैंक के एरंजीपलम शाखा के मैनेजर एम पी रिजिल पर लगा है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर एम पी रिजिल को गिरफ्तार करने की कोशिश तेज कर दी है।

मिली जानकारी के मुताबिक रिजिल ने ऑनलाइन गेम और स्टॉक्स में रुपए खर्च किए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रिजिल ने 8 करोड़ रुपए ऑनलाइन गेम्स में खर्च किए। पुलिस ने जाँच में पाया है कि रिजिल ने चोरी छिपाने के लिए अपने पद का दुरुपयोग कर बैंक के दस्तावेज के साथ छेड़-छाड़ किया।

पुलिस के मुताबिक रिजिल ने छोटे-छोटे किस्तों में रुपए अपने पिता के अकाउंट में भेजे और फिर अपने निजी खाते में ट्रांसफर कर लिए। पूरे मामले की जाँच जिला क्राइम ब्राँच को सौंपी गई है। पुलिस के मुताबिक रिजिल अब भी फरार है और उसे गिरफ्तार करने की कोशिश की जा रही है।

श्रीराम और सीताराम का अंतर बता बुरे फँसे राहुल गाँधी: BJP-RSS पर साध रहे थे निशाना, उड़वा लिया अपना मजाक

‘भारत जोड़ो यात्रा’ पर निकले कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गाँधी (Rahul Gandhi) रह-रहकर ऐसे तर्क दे देते हैं, जिसके कारण लोग उनकी खिल्ली उड़ाने लगते हैं। हिंदूवाद बनाम हिंदुत्व के बाद अब उन्होंने श्रीराम बनाम सियाराम का तर्क पेश किया है। इस तर्क पर लोग राहुल गाँधी का मजाक उड़ा रहे हैं।

राहुल गाँधी ने कहा कि राम और सीता अलग नहीं हैं। इसलिए जब भी राम का नाम लिया जाए तो जय श्रीराम की जगह जय सीताराम या जय सियाराम कहा जाए। उन्होंने परोक्ष रूप से भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) वार करते हुए कहा सियाराम कहने के बजाए आजकल श्रीराम कहा जा रहा है।

राजस्थान के आगर में राहुल गाँधी ने कहा कि यात्रा के दौरान उन्हें एक पंडित मिले थे और उन्होंने हे राम, जय सियाराम और जय श्रीराम में अंतर बताया था। उन्होंने कहा कि पंडित ने यह भी कहा कि अपनी स्पीच में पूछिएगा कि भाजपा के लोग जय सियाराम क्यों नहीं कहते, सिर्फ जय श्रीराम क्यों कहते हैं।

राहुल गाँधी ने कहा, “जय सियाराम… जय सियाराम का मतलब है जय सीता, जय राम। ये सीता और राम एक ही हैं। इसलिए नारा है- जय सियाराम या जय सीताराम। …राम का जो जीने का तरीका था या जो उन्होंने सीता के लिए किया… वे लड़े। जब हम जय सियाराम कहते हैं तो सीता को भी याद करते हैं और समाज में जो सीता की जगह होनी चाहिए उसका आदर करते हैं।”

BJP और RSS पर निशाना साधते हुए उन्होंने आगे कहा, “बीजेपी के लोग जय श्रीराम कहते हैं। वे जय सियाराम या हे राम क्यों नहीं कहते? … इस संगठन में महिला नहीं है। वो जय सियाराम का संगठन ही नहीं है, क्योंकि उनके संगठन में महिला तो आ ही नहीं सकती, सीता तो आ ही नहीं सकती। सीता को तो बाहर कर दिया।”

इस तरह का बयान देकर राहुल गाँधी ने अपने विरोधियों को एक बार फिर मौका दे दिया है। राहुल गाँधी ने शास्त्रों का अध्ययन नहीं किया है, ये तो उनके पुराने बयानों को देख-सुनकर समझा जा सकता है, लेकिन उनके जिस भी सलाहकार ने इस तरह का बयान देने के लिए कहा होगा, संभवत: उसने भी शास्त्रों का अध्ययन नहीं किया होगा।

शास्त्रों में देवी को श्री कहा गया है। श्री का मतलब ही लक्ष्मी, सरस्वती, शक्ति, श्रद्धा, सौंदर्य, ऐश्वर्य, शुभ आदि है। विष्णु को भी श्रीपति कहा गया है, यानी लक्ष्मी के पति। श्री को ब्रह्मांड की प्राण-शक्ति भी कहा जाता है। इस तरह अगर जय श्रीराम कहा जाता है तो इसका मतलब ही है- जय सीताराम या जय सियाराम। हालाँकि, राहुल गाँधी ने इसे हिंदू पुरुषों के नाम के आगे लगाया जाने वाला एक विशेषण मात्र है।

राहुल गाँधी जिस श्री को नए रूप में परिभाषित कर रहे हैं, उस विषय पर ISKCON भी अपनी राय दे चुका है। इस्कॉन ने साल 2019 में कहा था, “जय श्रीराम और जय सीताराम दोनों का अर्थ एक ही है और यह शास्त्र सम्मत है। संस्कृत शब्दकोश के अनुसार संज्ञा के रूप में “श्री” का अर्थ है श्रीमती राधारानी, लक्ष्मी देवी, सीता माता, धन, ऐश्वर्य, सौंदर्य, प्रसिद्धि, ज्ञान, शक्ति, कोई गुण या उत्कृष्टता आदि है।”

संस्कृत के जानकार बताए जाने वाले ट्विटर यूजर नित्यानंद मिश्रा कहते हैं, “जय श्री राम (3 शब्द) हिंदी में सही है, लेकिन संस्कृत में नहीं। इसका अर्थ है ‘श्री (= सीता) और राम की जय’। जय श्रीराम (2 शब्द) हिंदी और संस्कृत दोनों में सही है। हिंदी में, इसका अर्थ है ‘श्रीराम (= सीता के साथ राम) की जय’। संस्कृत में, इसका अर्थ है ‘हे श्रीराम! आप जीतें’!”

राहुल गाँधी की इस व्याख्या के बाद सोशल मीडिया पर उनका मजाक उड़ा रहे हैं। विपक्षी दल भाजपा को कोसने के चक्कर में राहुल गाँधी ने ऐसी बात कह दी है, जिसका कोई तुक नहीं है। यह बात विद्वान और धर्मार्थ संस्थान भी मान रहे हैं।

‘श्रद्धा के 35 टुकड़े किए, तुम्हारे 70 कर देंगे’ – अरशद ने हिंदू नाम रख फँसाया, बाप सलीम से रेप भी करवाया… विरोध करने पर मौत की धमकी

महाराष्ट्र के धुले जिले से लव जिहाद का मामला सामने आया है। धुले के देवपुर थाने में अरशद मलिक और उसके पिता सलीम मलिक के खिलाफ एक हिंदू महिला को पहचान छुपाकर फँसाने और 2 सालों तक उसका यौन उत्पीड़न करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 376(2)(एन), 377, 327, 504, 506, 34 और 323 के तहत मामला दर्ज कर मामले की जाँच शुरू कर दी गई है।

24 साल की पीड़िता हिंदू युवती ने गुरूवार (1 दिसंबर 2022) को पश्चिम देवपूर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता की मानें तो आरोपित अरशद मलिक ने खुद को हर्षद माली नाम का एक हिंदू व्यक्ति बताया था और फिर पीड़िता को शादी करने के लिए राजी किया। शिकायत में कहा गया है कि पीड़िता के साथ अरशद के पिता सलीम मलिक ने भी कई बार उनका बलात्कार किया। सलीम इस मामले में दूसरा आरोपित है।

एफआईआर की कॉपी

पीड़िता के मुताबिक 4 अप्रैल, 2016 को उसकी पहली शादी गौरव नाम के युवक के साथ हुई थी। 2017 में उसने बेटे को जन्म दिया था। 2019 में एक सड़क हादसे में गौरव की मौत हो गई। इसके बाद पीड़िता ने सरकारी नौकरी प्राप्त करने के लिए महाराष्ट्र पुलिस भर्ती क्लासेस में दाखिला लिया। यहाँ उसकी मुलाकात अरशद मलिक से हुई, जिसने पीड़िता को अपना नाम हर्षल माली बताया। दोनों के बीच दोस्ती हो गई। पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार अरशद घूमने के बहाने पीड़िता को पास के जंगलों में ले गया, जहाँ उसने पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया और वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने लगा।

इस घटना के बाद से पीड़िता ने हर्षल बने अरशद से दूरी बनानी शुरू कर दी। अरशद ने पीड़िता को यकीन दिलाया कि वह उससे बहुत प्यार करता है। उसने दोस्ती तोड़ने पर वीडियो वायरल कर देने की धमकी भी दी। मजबूरन पीड़िता ने अरशद के साथ रहने का फैसला किया।

जुलाई 2021 में पीड़िता को पता चला कि उसका दोस्त दरअसल हर्षल माली नहीं बल्कि अरशद मलिक है। सच्चाई पता चलने के बाद अरशद ने पीड़िता से कहा कि प्यार में नाम और मजहब मायने नहीं रखता। इसके बाद पीड़िता अपने बेटे विवेक और लिव इन पार्टनर अरशद के साथ अमलनेर और उल्हासनगर शहरों में रहने के लिए चली गई।

एफआईआर की कॉपी में आरोपितों के नाम

इस दौरान अरशद ने पीड़िता से उनके पहले पति से प्राप्त जमा पूँजी 2.5 लाख रुपए भी हड़प लिए। इतना ही नहीं, अरशद की नजर पीड़िता के सोने की उस चेन पर भी थी, जो पहले पति गौरव ने उसे तोहफे के रूप में दिया था। अरशद ने वह चेन भी उससे छीन ली। इसके बाद अरशद ने साजिश के तहत अपने परिवारवालों को पीड़िता के साथ रिश्ते की जानकारी दी। तब पीड़िता अपने बेटे विवेक और अरशद के साथ उल्हासनगर पहुँची।

इसके कुछ दिनों के बाद अरशद का पिता सलीम मलिक उल्हासनगर पहुँचता है। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार सलीम ने बेटे अरशद की इजाजत के बाद पीड़िता के साथ न सिर्फ बलात्कार किया बल्कि अप्राकृतिक यातनाएँ भी दीं। इसके चार महीने बाद अरशद उसे धुले शहर के विटा भट्टी इलाके में अपने घर ले आया। दोनों की इस्लामिक रिवाज के साथ निकाह पढ़ाई गई।

पीड़िता के मुताबिक इस बीच वह गर्भवती हो गई। गर्भावस्था में भी अरशद और उसके पिता सलीम दोनों उसके साथ जबरदस्ती करते थे। 26 अगस्त 2022 को पीड़िता ने दूसरे बेटे को जन्म दिया। इसके बाद भी सलीम पीड़िता के साथ बार-बार अप्राकृतिक दुर्व्यवहार करता रहा।

पीड़िता की शिकायत के अनुसार उसे नया इस्लामिक नाम देकर जबरन धर्म परिवर्तन करा दिया गया। साथ ही उसके पहले पति से हुए बेटे का भी धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश की गई। अरशद के घरवाले उसके बेटे विवेक का खतना करना चाहते थे। तब पीड़िता ने विवेक को अपने दादी के पास भेज दिया।

पीड़िता की तरफ से दी गई शिकायत

विरोध करने पर दिल्ली की श्रद्धा वालकर हत्याकांड के बाद से अरशद और उसके घरवाले पीड़िता को जान से मारने की धमकी देने लगे। उन लोगों ने पीड़िता को यह कह कर धमकाया, “श्रद्धा के सिर्फ 35 टुकड़े किए थे, तुम्हारे 70 टुकड़े कर देंगे।”

जान से मारने की धमकी मिलने के बाद पीड़िता किसी तरह अरशद के घर से फरार हो गई। वह अपने पहले पति के घर पहुँची और अपनी सास से मदद माँगी। इस मामले में अरशद और उसके पिता सलीम दोनों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है और दोनों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस इस संबंध में आगे की जाँच कर रही है।