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मुस्लिम लड़की को हिंदू बता करवा दिया विवाह, जब बच्चे हो गए तो खतना करवा इस्लाम कबूलने का दबाव और धमकी

मध्य प्रदेश के उज्जैन में एक हिन्दू युवक ने अपने और अपने बच्चों के ऊपर धर्मान्तरण का दबाव बताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। युवक का आरोप है कि धोखे में रख कर उसकी शादी एक मुस्लिम लड़की से करवा दी गई है। पुलिस को दी गई शिकायत में पीड़ित ने खतना न करवाने पर अपनी पत्नी द्वारा रेप के झूठे केस में फँसाने की धमकी का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला जीवाजी गंज थानाक्षेत्र के श्रीकृष्ण कॉलोनी का है। यहाँ रहने वाले 34 वर्षीय विजय सिंह ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। उन्होंने बताया कि साल 2019 में उनकी शादी भगवती प्रसाद नाम के एक बिचौलिए के जरिए उज्जैन के ही अब्दुल रज्जाक की बेटी मुस्कान से करवाई गई थी। पीड़ित के अनुसार तब उसे धोखे में रख कर लड़की को हिन्दू बताया गया था। बाद में इस विवाह से 2 संताने हुईं।

विजय सिंह के मुताबिक बच्चों के जन्म के बाद से ही उनकी सास और खुद पत्नी द्वारा दोनों बच्चों को इस्लाम कबूलने करवाने का दबाव बनाया जाने लगा। शिकायत में आगे बताया गया है कि खुद विजय सिंह को खतना करवाने के लिए मजबूर किया जा रहा है।

पीड़ित विजय सिंह जब धर्मान्तरण का विरोध किए तो उनकी पत्नी मुस्कान द्वारा उन्हें दुष्कर्म के केस में फँसाने की धमकी दी गई। पीड़ित का यह भी आरोप है कि इस दौरान उनसे धमका कर तलाक के स्टाम्प पर दस्तखत भी करवा लिए गए हैं।

विजय सिंह ने अपनी पत्नी और उनके परिवार द्वारा कुछ अन्य हिन्दू युवाओं को भी धर्मपरिवर्तन के लिए फँसाने का आरोप लगाया है। अपनी शिकायत में विजय सिंह ने मुस्कान और उसकी माँ पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है।

ऑपइंडिया ने इस घटना की पुष्टि के लिए जीवाजी गंज थाने से सम्पर्क किया। थाने के टेलीफोन ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ ने हमें बताया कि थाना प्रभारी एक मीटिंग में हैं। जब हमने विजय सिंह द्वारा दी गई शिकायत पर सवाल किया तब उन्होंने बताया कि शिकायत सीनियर अधिकारियों को दी गई है, जिस पर जाँच की जाएगी।

राजस्थान की मंत्री जाहिदा खान को फूलों की नहीं… नोटों की माला चाहिए: वीडियो वायरल होने पर कहा – मजाक में बोला था

राजस्थान की गहलोत सरकार में मंत्री जाहिदा खान ने अपना स्वागत नोटों की माला से नहीं करने पर नाखुशी जताई। बाद में उन्हें नोटों की माला पहनाई गई, जिसको 500 रुपए मूल्य के नोटों से बनाया गया था। माला में प्रयोग नोटों का मूल्य लगभग 51 हजार रुपए है।

यह मामला राजस्थान के भरतपुर का है। इस बातचीत का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बाद में मंत्री जाहिदा खान की तरफ से आई सफाई में इसे मजाक में बोला गया शब्द बताया गया।

मंत्री जाहिदा खान कामां विधानसभा से निर्वाचित विधायक हैं। वायरल वीडियो में उन्हें कहते सुना जा सकता है, “फूलन सूं ताै काम ना चलेगाै, आज हम पक्काे काम करके जांगा।” मौके पर लोगों को हँसते भी देखा और सुना जा सकता है। मंत्री की भाषा मेवाती कही जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला कामां विधानसभा की पहाड़ी कृषि मंडी के चुनाव से संबंधित है। यहाँ जब पहले दिन मंत्री जाहिदा खान गईं तो उनका स्वागत फूलों की माला से हुआ। इस दौरान उन्होंने अपने स्वागतकर्ताओं से कहा था कि फूलों की माला से काम नहीं चलने वाला।

इसके अगले दिन एक अन्य तस्वीर वायरल हुई, जिसमें चुनाव के बाद मंत्री जाहिदा खान को नोटों की माला पहने देखा जा सकता है। नोटों की माला का भी फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

भाजपा ने बताया भ्रष्टाचार

राजस्थान सरकार में मंत्री जाहिदा खान के इस वीडियो और तस्वीरों को भाजपा ने भ्रष्टाचार का नाम दिया है। केंद्रीय मंत्री और जैसलमेर से भाजपा सांसद कैलाश चौधरी ने लिखा, “नोटों पर फिदा, कॉन्ग्रेस सरकार की मंत्री जाहिदा! राजस्थान कॉन्ग्रेस सरकार की शिक्षा मंत्री जाहिदा खान द्वारा व्यापारी से इस प्रकार की बात कर सरेआम नोटों की माला स्वीकार करना कॉन्ग्रेस की भ्रष्ट छवि एवं तंत्र को दर्शाता है।”

सफाई में मज़ाक की दुहाई

एक रिपोर्ट के मुताबिक बाद में जाहिदा खान के शौहर जलीश खान ने इस पूरे मामले पर सफाई दी है। उन्होंने बताया कि वीडियो में दिख रहे राममोहन और मंत्री जाहिदा भाई-बहन जैसे हैं। जलीश के मुताबिक मंत्री ने ये शब्द मजाक में कहे थे। वहीं इस वीडियो पर कृषि मंडी समिति के उपाध्यक्ष राममोहन ने भी इसे मंत्री जाहिदा खान द्वारा मजाक में बोले गए शब्द बताया है।

AAP मंत्री सत्येंद्र जैन को जेल में मसाज, पूरी दिल्ली में तेल-मालिश की माँग: केजरीवाल मसाज सेंटर का लगा बोर्ड

दिल्ली सरकार में मंत्री और आम आदमी पार्टी नेता सत्येंद्र जैन जेल में बंद हैं। जेल से ही उनका हैरान करने वाला वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में सत्येंद्र जैन जेल के अंदर मसाज करवाते नजर आ रहे हैं। जेल के सेल में लगे CCTV कैमरे में सत्येंद्र जैन की मसाज की तस्वीरें/वीडियो कैद हैं।

वीडियो में साफ दिख रहा है कि वह बड़े आराम से एक बिस्तर पर लेटे हुए हैं। सत्येंद्र जैन के हाथ में कुछ कागज हैं, जिसको वह पढ़ रहे हैं। उनके हाथों और पैरों में मसाज की जा रही है और इस दौरान सत्येंद्र जैन लोगों से बातचीत भी कर रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि ये अलग-अलग दिनों की तस्वीरें हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि वीडियो में वे अलग-अलग कपड़ों में दिखाई दे रहे हैं।

सत्येंद्र जैन को जेल में वीवीआईपी ट्रीटमेंट: ED

जो वीडियो सामने आया है, वह 13 सितंबर 2022 का बताया जा रहा है। सीसीटीवी वीडियो तिहाड़ जेल के सेल-4 ब्लॉक A का है। इससे पहले ईडी ने भी दावा किया था कि जेल में सत्येंद्र जैन को वीवीआईपी ट्रीटमेंट मिल रहा है।

ED ने अपने हलफनामे में आम आदमी पार्टी नेता सत्येंद्र जैन को मसाज की सुविधा मिलने का आरोप लगाया था। ईडी ने कहा था कि सत्येंद्र जैन को समय-समय पर हेड मसाज, फुट मसाज और बैक मसाज मिलता है। यही नहीं, ED के अनुसार सत्येंद्र जैन को अन्य तरह की सुविधाएँ भी दी जा रही हैं।

ईडी ने बताया था कि चूँकि सत्येंद्र जैन जेल मंत्री हैं, इस वजह से वह अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं। अब जो तस्वीरें/वीडियो सामने आई हैं, उससे यह साबित भी हो रहा है। ED ने तिहाड़ जेल से सत्येंद्र जैन को मसाज दिए जाने वाली फुटेज ली थी, जो अब सार्वजनिक हो चुका है। खबर यह भी है कि जैन ने कोर्ट से मसाज कराते फुटेज को रोकने की अपील की थी।

सजा की जगह वीवीआईपी मजा

वीडियो सामने आने के बाद से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। भाजपा एक बार फिर आम आदमी पार्टी पर हमलावर हो गई है। वीडियो के वायरल होने के बाद भाजपा ने आरोप लगाया है कि सत्येंद्र जैन को जेल में ही वीआईपी ट्रीटमेंट मिल रहा है। बीजेपी के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने ट्वीट किया। उन्होंने लिखा:

“तो सजा की जगह सत्येंद्र जैन को मिल रहा था पूरा वीवीआईपी मजा? तिहाड़ जेल में मसाज? पाँच महीने से जमानत नहीं पाने वाले हवालाबाज के सिर की मालिश! आप सरकार द्वारा संचालित जेल में नियमों का उल्लंघन। इस तरह वसूली और मसाज के लिए आधिकारिक पद का दुरुपयोग किया गया, केजरीवाल को धन्यवाद।”

बीजेपी के इस आरोप पर दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इसे राजनीति करार दिया। मनीष सिसोदिया के अनुसार सत्येंद्र जैन को डॉक्टरों ने मसाज करने की सलाह दी है क्योंकि उनका 2 ऑपरेशन किया गया था।

दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के जवाबों से हालाँकि सोशल मीडिया यूजर्स संतुष्ट नहीं हैं। लोग फोटो में गोला बना कर रिमोट कंट्रोल और मिनरल वॉटर की बोतलों पर सवाल खड़े कर रहे।

दिल्ली में जेल के भीतर अगर किसी मंत्री को मसाज का मजा मिल रहा है तो जनता भी मसाज की डिमांड करने लगी है। राम मनोहर लोहिया अस्पताल के सामने ही ‘केजरीवाल मसाज सेंटर’ का बोर्ड लगा दिया गया है। जनता पूरी दिल्ली में ऐसे मसाज सेंटर की माँग कर रही है।

सत्येंद्र जैन पर क्या हैं आरोप?

आपको बता दें कि दिल्ली सरकार में मंत्री सत्येंद्र जैन को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में 30 मई 2022 को गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले ईडी ने जैन के परिवार और कंपनियों की 4.81 करोड़ रुपए की अचल संपत्तियाँ कुर्क की थीं। जैन पर आरोप है कि उन्होंने दिल्ली में कई शेल कंपनियाँ बनाईं और कोलकाता के तीन हवाला ऑपरेटरों की 54 शेल कंपनियों के माध्यम से 16.39 करोड़ रुपए के काले धन को सफेद किया।

चीन बॉर्डर पर अरुणाचल प्रदेश में पहला ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा: PM मोदी ने किया उद्घाटन, सभी मौसम में संचालन के लिए उपयुक्त

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार (19 नवंबर 2022) को चीन की सीमा से लगे राज्य अरुणाचल प्रदेश मेें डोनी पोलो हवाई अड्डे का उद्घाटन किया। यह राज्य का पहला ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री मोदी ने 8,450 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से बनी 600 मेगावॉट का कामेंग जलविद्युत परियोजना को भी देश को समर्पित किया। 

बता दें कि कामेंग पनबिजली परियोजना को पश्चिम कामेंग जिले में विकसित किया गया है। इसका दायरा 80 किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में है। वहीं, डोनी पोलो हवाई अड्डे को 690 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैला है। इसका रनवे 2,300 मीटर लंबा है और यह हवाई अड्डा सभी मौसम के संचालन के लिए उपयुक्त है।

आधिकारिक बयान में कहा गया है कि होलोंगी में बने टर्मिनल का निर्माण लगभग 955 करोड़ रुपए की लागत से किया गया है। इसका कुल क्षेत्रफल 4100 वर्ग मीटर है। वहीं, इसकी अधिकतम क्षमता प्रति घंटे 200 यात्रियों को सँभालने की है। हवाई अड्डा टर्मिनल एक आधुनिक इमारत है। यहाँ ऊर्जा दक्षता, नवीकरणीय ऊर्जा और संसाधनों के रिसाइकल को बढ़ावा दिया गया है।

इस हवाई अड्डे को बनाने में 640 करोड़ रुपए से अधिक की राशि खर्च की गई है। डोनी पोलो एयरपोर्ट अरुणाचल प्रदेश का तीसरा परिचालन हवाई अड्डा होगा। बता देें कि साल 2019 में पीएम मोदी ने इस ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे के निर्माण की आधारशिला रखी थी।

इसके साथ ही देश के उत्तर-पूर्वी भारत में हवाई अड्डों की कुल संख्या को 16 हो गई। साल 1947 से 2014 तक उत्तर-पूर्व में केवल नौ हवाई अड्डे बनाए गए थे। तब से आठ सालों में मोदी सरकार ने पूर्वोत्तर में सात नए हवाई अड्डे बनाए हैं।इसके साथ ही यहाँ उड़ानों की संख्या में भी वृद्धि हुई है।

पूर्वोत्तर के पाँच राज्यों- मिजोरम, मेघालय, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड के हवाई अड्डों ने 75 सालों में पहली बार उड़ानें शुरू की हैं। उत्तर-पूर्व में विमानों की आवाजाही में भी 2014 के बाद से 113 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है। यह 2014 में 852 प्रति सप्ताह से बढ़कर 2022 में 1817 प्रति सप्ताह हो गई है।

डोनी पोलो का अर्थ है- सूर्य-चंद्रमा। अरुणाचल प्रदेश की संस्कृति में सूर्य को डोनी और चंद्रमा को पोलो कहा जाता है। हवाई अड्डे का नाम अरुणाचल प्रदेश की परंपराओं और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाता है। इस दौरान प्रधानमंत्री ने एक जनसभा को भी संबोधित किया।

लोगों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “आप जानते हैं कि हम एक कार्य संस्कृति लेकर आए हैं, जहाँ जिन परियोजनाओं का हमने शिलान्यास किया है, उनका उद्घाटन करते हैं। आजादी के बाद पूर्वोत्तर एक अलग युग का गवाह बना है। दशकों तक क्षेत्र उपेक्षा का शिकार रहा। अटकाना, लटकाना, भटकाना का युग चला गया है। साल में 365 दिन, चौबीसों घंटे, हम देश के विकास के लिए ही काम करते हैं।”

उन्होंने कहा, “मैं जब भी अरुणाचल आता हूँ, एक नई उमंग, ऊर्जा और नया उत्साह लेकर जाता हूँ। अरुणाचल के लोगों के चेहरे पर कभी भी उदासीनता और निराशा नहीं झलकती है। अनुशासन क्या होता है, ये यहाँ के हर व्यक्ति और घर में नजर आता है।”

पीएम मोदी ने कहा, “जब मैंने 2019 में इसका शिलान्यास किया था, तब चुनाव होने वाले थे। उस समय राजनीतिक टिप्पणीकारों ने शोर मचाया कि हवाई अड्डा नहीं बनने जा रहा है। मोदी मतदान के कारण पत्थर खड़ा कर रहे हैं। आज का उद्घाटन उनके मुँह पर तमाचा है।” 

गैर-धर्म में शादी करने से पहले DM को बताने की जरूरत नहीं, हाईकोर्ट ने आदेश में कहा – बालिगों को परेशान करने वाला कानून

मध्य प्रदेश में अब किसी और धर्म की प्रेमी-प्रेमिका से शादी करने के लिए होने वाले धर्म परिवर्तन की सूचना अधिकारियों को नहीं देनी पड़ेगी। प्रदेश की जबलपुर हाईकोर्ट ने किसी और धर्म में शादी करने से पहले जिलाधिकारी को सूचना देने की बाध्यता खत्म करते हुए इस कानून को संवैधानिक तौर पर गलत माना है।

उच्च न्यायालय के मुताबिक बालिग युवा अपनी मर्जी से न सिर्फ शादी करने बल्कि धर्म भी चुनने के लिए स्वतंत्र हैं। निर्णय देने वाले न्यायाधीशों ने राज्य सरकार के इस कानून को युवाओं को परेशान करने वाला नियम बताया है। हाईकोर्ट से यह आदेश सोमवार (14 नवम्बर 2022) को जारी हुआ है।

जबलपुर हाईकोर्ट से यह आदेश न्यायमूर्ति सुजॉय पॉल और न्यायमूर्ति पीसी गुप्ता की खंडपीठ ने दिया। दोनों जजों ने अंतर्धामिक शादी में जिलाधिकारी को पहले सूचना देने के नियम को बालिगों के संवैधानिक अधिकारों का हनन माना है। उच्च न्यायालय ने अगले आदेश तक मामले में सरकार को कोई कड़ी कार्रवाई न करने के आदेश दिए हैं। फिलहाल कोर्ट ने सभी 7 याचिकाकर्ताओं को अंतरिम राहत दे दी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जबलपुर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को इस मामले में अपना पक्ष रखने के लिए 3 सप्ताह का समय दिया है। यह बहस मध्य प्रदेश शासन द्वारा लागू फ्रीडम ऑफ़ रिलिजन एक्ट- 2021 की धारा 10 पर हुई। इस कानून को तोड़ने वालों पर 1 लाख रुपए का जुर्माना और 10 साल की सजा का प्रावधान है।

मध्य प्रदेश शासन द्वारा लागू फ्रीडम ऑफ़ रिलिजन एक्ट- 2021 के खिलाफ कुल 7 याचिकाएँ दायर हुईं थीं। ये 7 याचिकाएँ अमृतांश नेमा, सुरेश कार्लटन, एलएस हार्डेनिया, आज़म खान, रिचर्ज जेम्स, आराधना भार्गव और सैमुअल डेनियल द्वारा लगाई गई हैं। इन याचिकाकर्ताओं के वकील मनोज शर्मा, काजी फर्ख़रूद्दीन, संध्या रजक और हिमांशु मिश्रा हैं। अगली सुनवाई पर कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को भी पूरी तैयारी के साथ आने के लिए कहा है।

पैसा, घर, नौकरी का लालच दे उइगर मुस्लिम लड़कियों की शादी चीनी मर्दों से… इनकार करने पर उनके अम्मी-अब्बू को सजा

चीन (China) उइगुर मुस्लिम (Uyghur Muslim) समुदाय को पूरी तरह खत्म करने के लिए कई तरह की वित्तीय प्रोत्साहन रहा है। चीन की बहुसंख्यक हान समुदाय से शादी करने वाले उइगुर मुस्लिमों को सरकार की ओर से वित्तीय, शिक्षा और करियर में प्राथमिकता दी जा रही है। बता दें कि चीन के शिनजियांग प्रांत में उइगुर मुस्लिमों की बड़ी आबादी है और यह चीन का सबसे अशांत प्रांत है।

इसका बात का खुलासा उइगुर मुस्लिमों पर काम करने वाली संस्था ने किया है। The Uyghur Human Rights Project ने साल 2014 से उइगुर मुस्लिमों की स्थिति पर गहन अध्ययन के बाद रिपोर्ट जारी है। इसमें कहा गया है कि चीन की सरकार का उइगुर मुस्लिमों को जबरदस्ती लगातार बढ़ती जा रही है। यह NGO अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन में स्थित है।

चीनी मीडिया, सरकारी दस्तावेजों, सरकार द्वारा स्वीकृत विवाह पत्र, उइगुर प्रवासी में महिलाओं के खातों के विश्लेषण के आधार पर तैयार इस रिपोर्ट में कहा गया है कि इसमें सरकार और वहाँ की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी शामिल है। रिपोर्ट में कहा गया है, “चीनी की पार्टी और सरकार मिश्रित विवाह के माध्यम से उइगुरों को चीनी हान समाज में जबरन पूरी तरह मिला देने के लिए चलाए जा रहे अभियान में सक्रिय रूप से शामिल हैं।”

इसके पहले संयुक्त राष्ट्र (UN) ने भी माना था कि शिनजियांग में चीन की नीतियाँ नरसंहार या मानवता के खिलाफ हैं और ये इससे कहीं बढ़कर हो सकती हैं। इसके पहले खबर आई थी कि उइगुरों से जबरन काम कराया जाता है, उन्हें शिविरों में कैद किया जा रहा है और उनके पुरुषों की जबरन नसबंदी की जा रही है। इसको ध्यान में रखते हुए ब्रिटेन, कनाडा, यूरोपीय संघ और संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा प्रतिबंध लगाए गए हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने साल 2014 में शिनजियांग वर्क फोरम में ‘नए युग’ की घोषणा की थी। इसके बाद अंतर्जातीय विवाह नीतियों को तेज किया गया। इसके पीछे दोनों समुदायों के बीच संपर्क और मिलन को बढ़ावा देना बताया गया था।

इसे बढ़ावा देने के लिए चीन की सरकार नकद भुगतान, आवासीय सहायता, चिकित्सा देखभाल, सरकारी नौकरी और ट्यूशन आदि में छूट दे रही है। इसके जरिए उइगुरों को प्रलोभन दिया जा रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर उइगुर महिलाएँ ऐसी शादी से इनकार करती हैं तो उन महिलाओं और उनके माता-पिता को सजा दी जाती है।

साल 2019 में हान पार्टी के युवकों कहा गया था कि जो पुरुष उइगर महिलाओं से प्यार करते हैं और शादी करना चाहते हैं, वे उन महिलाओं को बताएँ कि मातृभूमि से प्यार करना चाहिए, पार्टी से प्यार करना चाहिए और शिनजियांग के लिए जुनून होना चाहिए। रिपोर्ट के लेखकों का कहना है कि इसके जरिए चीन की सरकार उइगुरों की संस्कृति खत्म कर रही है।

19 साल की मॉडल से 45 मिनट तक गैंगरेप, सड़क पर दौड़ती महिंद्रा थार: केरल में 1 महिला सहित 4 गिरफ्तार

केरल के कोच्चि में 19 वर्षीय मॉडल के साथ गैंगरेप की खबर है। आरोप है कि पीड़िता का रेप चलता थार वाहन में किया गया, जो शहर में 45 मिनट तक घूमती रही। पुलिस ने इस मामले में 1 महिला सहित कुल 4 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पीड़िता को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। घटना गुरुवार (17 नवम्बर 2022) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना एर्नाकुलम दक्षिणी पुलिस थानाक्षेत्र की है। पीड़िता की जान पहचान 3 आरोपितों से पहले से थी। वो एक दूसरे से रविपुरम के एक बार में मिले थे। तीनों आरोपितों के साथ जो महिला गिरफ्तार की गई है, वो मूल रूप से राजस्थान की है। इन सभी ने महिला को विश्वास में लेकर बार से अपनी कार में बिठाया और सड़क पर 45 मिनट तक चलती कार में रेप किया। महिला आरोपित पर रेप में इन तीनों की मदद करने का आरोप है।

बताया जा रहा है कि गैंगरेप के बाद तीनों आरोपित पीड़िता को उसके आवास पर छोड़ कर चले गए। इस दौरान महिला की तबियत काफी खराब होने लगी। महिला ने अपने एक दोस्त को पूरी बात बताई। इसी दोस्त ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पीड़िता को अस्पताल में भर्ती करवाया गया।

एक रिपोर्ट के मुताबिक पीड़िता रात से सुबह 5 बजे तक बेसुध हालत में पड़ी रही थी। पुलिस ने उसे कक्कानड अस्पताल में भर्ती करवाया था, जहाँ से हालत गंभीर होने के चलते उसे कलमस्सेरी मेडिकल कॉलेज रिफर कर दिया गया था।

इस दौरान पीड़िता ने आरोपितों के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई, जिस पर एक्शन लेते हुए सभी चारों आरोपित गिरफ्तार कर लिए गए हैं। मामले की पहले शिकायत कासरगोड थाने में हुई थी, जिसे बाद में दक्षिणी एर्नाकुलम में ट्रांसफर कर दिया गया।

पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त थार जीप को भी बरामद कर लिया है। केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने इस घटना को चौंकाने वाली और निंदनीय बताया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने पीड़िता का बेहतर इलाज करवाने के साथ आरोपितों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

‘मुस्लिम प्रेमिका और घरवालों ने जबरन खतना कराया, ₹11 लाख वसूले’: महाराष्ट्र के दलित युवक पर इस्लाम अपनाने का दबाव, AIMIM सांसद जलील पर भी आरोप

श्रद्धा वॉकर की हत्या (Shraddha Walker Murder Case) से पूरा देस सन्न है। इसी बीच शुक्रवार (18 नवंबर 2022) को एक ऐसा मामला सामने आया, जिसमें पीड़ित एक दलित लड़का है। मुस्लिम प्रेमिका होने के कारण इस युवक को तरह-तरह की प्रताड़ना दी जा रही है। इसमें उसकी प्रेमिका का भी हाथ है। इस मामले में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के एक नेता का नाम भी सामने आया है।

दलित युवक दीपक सोनवणे महाराष्ट्र के संभाजीनगर में स्थित मराठवाड़ा प्रौद्योगिकी संस्थान (MIT) में पढ़ाई करता है। यहाँ उसकी एक मुस्लिम लड़की सना फरहीन शाहमीर शेख से दोस्ती हुई, जो बाद में प्रेम संबंधों में बदल गई। अब दीपक को सना के परिवार से लगातार प्रताड़ना मिल रही है और उससे जबरन वसूली की जा रही है। यहाँ तक कि उसका जबरन खतना भी कर दिया गया।

दीपक सोनवणे ने संभाजीनगर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपना दर्द साझा किया। दीपक ने बताया कि उसकी मुस्लिम प्रेमिका के परिवार में इस्लामवादियों को इस मामले में हर कदम पर प्रभावशाली स्थानीय सांसद इम्तियाज जलील का लगातार समर्थन मिल रहा है। इम्तियाज जलील AIMIM का सांसद हैं।

दीपक सोनवणे ने अपनी गर्लफ्रेंड सना फरहीन शाहमीर शेख के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस आयुक्त, संभाजीनगर को संबोधित शिकायत में शाहमीर शमशुद्दीन शेख, ख्वाजा सैय्यद, शबाना बेगम शेख, साजिया सदफ शाहमीर शेख, AIMIM के सांसद इम्तियाज जलील और उनके अंगरक्षकों के नाम हैं।

कॉलेज में शुरू हुआ लव अफेयर

दीपक सोनवणे ने संभाजीनगर के मराठवाड़ा प्रौद्योगिकी संस्थान से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। सना उसकी सहपाठी थी। दोनों पहले दोस्त बने और फिर दोनों के बीच प्यार हो गया। दीपक सोनवणे ने अपनी शिकायत में कहा, “सना शेख और मैं एमआईटी कॉलेज में साल 2018 से हम सहपाठी थे। सना और मैं परिचित हो गए। उसके बाद हमारा यह प्रेम प्रसंग हुआ। सना ने मुझे शादी का लालच दिया और कहा, ‘मैं तुमसे शादी करना चाहता हूँ। तुम इस्लाम कबूल कर लो। नमाज पढ़ो, कुरान पढ़ो’।”

दीपक सोनवणे ने अपनी शिकायत में आगे लिखा, “मैंने उसे माता-पिता (अब्बू शाहमीर शमशुद्दीन शेख और अम्मी शबाना बेगम शेख) से यह बात कही। उन्होंने मुझे आश्वासन दिया कि वे अपनी बेटी को ठीक से समझाएँगे और मुझे चिंता नहीं करनी चाहिए।”

प्रताड़ना की हुई शुरुआत

दीपक सोनवणे ने बताया कि उन्हें किस तरह की यातनाओं से होकर गुजरना पड़ा। उन्होंने कहा, “मार्च 2021 में उसके अम्मी-अब्बू, चाचा और बहन ने मुझे गुलमंडी इलाके में मिलने के लिए बुलाया। जब मैं वहाँ गया तो उन्होंने मुझे अपनी बाइक वहीं खड़ी करने को कहा और कहा कि ‘हम सभी को कहीं बाहर जाने की जरूरत है। जैसे ही मैंने उन्हें मना किया, ख्वाजा सैय्यद और शाहमीर शेख मुझे जबरन अपने घर ले गए। वहां उन्होंने मुझे कमरे में बंद कर दिया।”

दीपक सोनवणे ने आगे बताया, “शाहमीर शेख और ख्वाजा सैय्यद ने मेरे कपड़े उतार दिए। शबाना बेगम और साजिया सदफ ने मेरे हाथ-पैर बाँधकर मेरे मुँह में कपड़ा डाल दिया। इसके बाद शाहमीर शेख ने मेरे शरीर पर पेशाब कर दिया। इसका वीडियो सना और शाहमीर शेख के मोबाइल पर शूट किया गया था। इसके बाद उन्होंने मुझे इस्लाम में धर्मांतरित करने का दबाव बनाने के लिए पीटना शुरू कर दिया।”

जबरन कराया खतना

दीपक सोनवणे ने आगे कहा, “उसके बाद सना और उसकी माँ एवं बहन मुझे सिटी चौक थाने के पीछे की गली में एक अस्पताल ले गए और कहा कि हम यहाँ तुम्हें मुस्लिम बनने के लिए लाए हैं। हम यहाँ तुम्हारा खतना करा रहे हैं। अगर आप यहाँ किसी से कुछ कहोगे तो हम तुम्हारा वीडियो वायरल कर देंगे और समाज में तुम्हें बदनाम करेंगे।”

दीपक ने बताया कि इस दौरान आरोपितों ने उसे और उसके परिवार को मारने की धमकी भी दी। दीपक ने आगे कहा, “हम तुम्हें और तुम्हारे परिवार को भी मार डालेंगे। उनकी बात सुनकर मैं बहुत डरा हुआ था, क्योंकि मेरी और मेरे परिवार की जान खतरे में थी। अगर मेरा वीडियो वायरल हुआ तो मैं बदनाम हो जाऊँगा।”

दीपक ने आगे बताया, “उन्होंने इसका फायदा उठाया और मेरा खतना कार दिया। इसके बाद मुझसे कहा कि तुम अब एक सच्चे मुसलमान हो। अगर तुमने किसी को बताया कि क्या हुआ है तो याद रखना, तुम्हें इसका पछतावा होगा। इसके बाद वे लोग मुझे वापस गुलमंडी ले आए। मैं वहाँ से अपने घर आया और फिर मैंने सना से दूर रहने का फैसला कर लिया।”

11 लाख रुपए भी वसूले गए

दीपक के खिलाफ प्रताड़ना यहीं नहीं रूका। उससे लगातार वसूली की जाती रही। उन्होंने अपनी शिकायत में कहा, “सना और उसकी माँ मेरे घर आए और पैसे की माँग करते हुए धमकी दी कि हम दीपक का वीडियो वायरल करेंगे। दीपक के खिलाफ गंभीर मामला दर्ज करेंगे और उसकी जिंदगी बर्बाद कर देंगे। मैंने उसे समय-समय पर 7 लाख रुपए नकद और 4 लाख रुपए ऑनलाइन दिए। मैंने कुल 11 लाख रुपए भेजे, लेकिन उन्होंने मुझसे 25 लाख रुपए की माँग की। इसके बाद मैंने उन्हें मना कर दिया, क्योंकि उस समय मेरे पास पैसे नहीं थे।”

उन्होंने आगे कहा, “तब सना ने मेरे खिलाफ 29-09-2021 को एमआईडीसी सिडको थाने में शिकायत दर्ज कराई। IPC की धारा 354 के तहत मामला दर्ज कराया है। मामला दर्ज करने के बाद सना ने मुझे फोन किया और कहा कि मैंने तुमसे कहा था। तुमने मेरी बात नहीं मानी। मेरे अम्मी-अब्बू तुम्हारे खिलाफ मामला दर्ज कराया है, लेकिन मैं सँभाल लूँगी। उसके बाद 19-12-2021 को मैं सना और उसके माता-पिता से जिला सत्र न्यायालय में मिला और उस समय उन्होंने कहा कि 25 लाख दो या इस्लाम स्वीकार करो, फिर हम केस वापस ले लेंगे।”

जाकिर नाइक का वीडियो दिखाया, जातिसूचक गालियाँ दीं

दीपक सोनवणे ने अपनी शिकायत में आगे कहा, “12-08-2022 को सना शाहमीर शेख और ख्वाजा सैय्यद ने मुझे क्लाउड कैंपस में आने के लिए मजबूर किया। वहाँ उन्होंने मुझे एक प्रोजेक्टर पर मुस्लिम धर्मगुरु जाकिर नाइक के वीडियो दिखाए और मुझे नमाज अदा करने के लिए मजबूर किया।”

दीपक ने कहा, “अगर मैं उनका विरोध करता तो वे मुझे पीटते और जातिसूचक गालियाँ देते। उन्होंने कहा कि तुम महार जाति के हो। महार जाति नीची जाति है। तुम लोग गंदगी खाने वाले लोग हो। तुम महार नहीं, बल्कि वेश्या समुदाय से हो। वे निचले स्तर पर जाकर मुझे जातिवादी अपमान किया।”

AIMIM सांसद जलील कर रहा मदद

संभाजीनगर मुस्लिम बहुल सीट है। AIMIM नेता इम्तियाज जलील इस सीट से लोकसभा सांसद हैं। मुस्लिम सांसद स्थानीय मुस्लिमों के प्रति नरम रुख अपनाने के लिए जाने जाते हैं। इस मामले में उनका नाम इस्लामवादियों के प्रमुख संरक्षक के तौर पर सामने आया है। दिलचस्प बात यह है कि जलील ने दलित जाति के लोगों के सहारे अपनी सीट जीती है, लेकिन अब उन पर एक दलित व्यक्ति को प्रताड़ित करने वाले इस्लामवादियों को बचाने का आरोप लगाया गया है।

दीपक सोनवणे ने अपनी शिकायत में आगे कहा है, “20-08-2022 को दोपहर 2.00 बजे नामित व्यक्तियों ने मुझे पैठण गेट के पास एक कार में अपने साथ बैठने के लिए मजबूर किया और मुझे सत्यविष्णु अस्पताल रोड पर ‘क्लाउड कैंपस’ के पास ले गए। रोजाबाग इलाके में सांसद इम्तियाज जलील का घर है। वहाँ सांसद इम्तियाज जलील की मौजूदगी में उन्होंने मुझे एक हॉल में बंद कर दिया।”

दीपक ने बताया, “उसके बाद उनके अंगरक्षकों ने मेरे साथ मारपीट की और नामजद लोगों ने रुपए छीन लिए। मेरी ओर से 1,50,000 नकद, एक लैपटॉप और एक प्लस कंपनी का मोबाइल फोन। मुझे वहां पीटा गया, उन्होंने मुझे जान से मारने की धमकी दी और पैसे की माँग की। इसके साथ ही मुझे जातिवादी गालियाँ दीं। यह सब पिछले दो साल से चल रहा है।”

दीपक ने बताया कि इन सबकी शिकायतें उन्होंने पुलिस से कीं। उन्होंने सीपी कार्यालय को कई शिकायतें भेजी, लेकिन किसी ने उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया। दीपक सोनवणे और उनके साथियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “क्या सीपी ऑफिस से ही कोई लिंक है? यह किसके इशारे पर किया गया?”

आफताब पर पुलिस थर्ड डिग्री प्रयोग नहीं कर सकती, कोर्ट ने आदेश दिया: श्रद्धा खोज रही थी अपने ‘पार्टनर’ का गुस्सा कम करने की दवा

दिल्ली की महरौली में हुए श्रद्धा मर्डर केस में आफ़ताब की कस्टडी रिमांड देते हुए कोर्ट ने पुलिस को सख्त हिदायतें दी हैं। इन हिदायतों में आरोपित पर थर्ड डिग्री प्रयोग न करना भी शामिल है। पुलिस को इन्हीं 5 दिनों के अंदर ही आफताब का नार्को टेस्ट भी करवाना होगा। इसी के साथ पुलिस को आफ़ताब का मेडिको लीगल केस (MLC) भी नियमों के मुताबिक बनाना होगा।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 18 नवम्बर 2022 (शुक्रवार) को आफ़ताब का और 5 दिनों का कस्टडी रिमांड स्वीकृत करते हुए मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट विजयश्री राठौर ने ये दिशा निर्देश दिए। उन्होंने केस के जाँच अधिकारी के साथ रोहिणी की फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला को भी आदेश जारी करते हुए 5 दिनों के भीतर ही आफ़ताब का नार्को टेस्ट करने के लिए कहा।

बेल बजाने से नाराज होता था आफताब

सामने आ रही एक नई जानकारी के मुताबिक आरोपित आफताब को घर में लगी बेल (घंटी) बजने से दिक्कत होती थी। सुदर्शन न्यूज़ के पत्रकार प्रेम कश्यप की एक ग्राउंड रिपोर्ट में आफ़ताब के एक पड़ोसी मिथलेश कुमार ने इस बात का खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि वो आफताब के ही फ़्लैट में 1 माह पहले किराएदार के तौर पर आए थे। मिथलेश ने आगे बताया कि जब उन्होंने पहली बार घर की बेल बजाई थी, तब आफ़ताब काफी नाराज हुआ था।

मिथलेश का दावा है कि घंटी बजने से नाराज हो कर आफ़ताब नीचे उत्तर आया था और दुबारा उन्हें ऐसा न करने की नसीहत दी थी। इसके अलावा मिथलेश का दावा है कि आरोपित काफी रिजर्व रहता था और रात में अपना खाना आदि लेने के लिए घर से बाहर निकलता था। जिस घर में आफताब किराए पर रहता था, वो हरे रंग में रंगा गया है। मिल रही जानकारी के मुताबिक यहाँ के मकान मालिक से भी पूछताछ चल रही है। ऑपइंडिया के पास वीडियो बयान मौजूद हैं।

आफ़ताब के गुस्से की दवा खोज रही थी श्रद्धा

मुंबई के एक डॉक्टर प्रणव काबरा का दावा है कि श्रद्धा आफ़ताब के गुस्से की दवा खोज रही थी। उन्होंने दावा किया है कि फरवरी 2021 में श्रद्धा ने उन्हें फोन करके बताया था कि उनका पार्टनर काफी गुस्से वाला है, जिसके लिए वो दवा चाहती हैं। डॉक्टर के मुताबिक वो इस बात को भूल चुके थे लेकिन TV पर न्यूज़ चलती देख कर उन्हें सब याद आ गया।

नाच रहे कोहली के फैंस, शेयर कर रहे Memes… निशाने पर हैं 2 शर्मा और 1 गांगुली

टी20 वर्ल्ड कप में इंडियन क्रिकेट टीम ने देश और फैंस को निराश किया। इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में हार गए और वो भी 10 विकेट से। अब BCCI ने एक्शन लिया है। चेतन शर्मा सहित पूरी राष्ट्रीय चयन समिति को बर्खास्त कर दिया गया। गलत या सही का पता नहीं लेकिन कोहली के फैंस के लिए यह जश्न के जैसा है, सोशल मीडिया पर दबा कर memes शेयर किया जा रहा है।

इंडियन क्रिकेट टीम की राष्ट्रीय चयन समिति के लिए BCCI ने लोगों से नए आवेदन मँगवाए हैं। 28 नवंबर 2022 तक नए-पुराने खिलाड़ी लोग यहाँ खुद को सेलेक्ट होने की प्रक्रिया में शामिल हो सकते हैं, अपना-अपना रेज्यूमे भेज सकते हैं।

वर्ल्ड कप जैसे बड़े प्लेटफॉर्म पर शर्मनाक परफॉर्मेंस के बाद एक्शन लिया जाना एक आम प्रक्रिया है। आम प्रक्रिया लेकिन BCCI जैसे संस्थान के लिए है। सोशल मीडिया के दौर में यह फैंस के लिए ट्रोलिंग और मीम का जरिया बन जाता है। विराट कोहली के फैंस के लिए यह कुछ ऐसा ही रहा।

भले ही इंडियन क्रिकेट टीम का परफॉर्मेंस टी20 वर्ल्ड कप में बहुत शानदार नहीं रहा लेकिन विराट कोहली के फैंस उनके परफॉर्मेंस से खुश हैं। इसलिए जब चेतन शर्मा सहित पूरी राष्ट्रीय चयन समिति को बर्खास्त किया गया तो वो खुशियाँ मनाने लगे, पुरानी बातों को जोड़ कर मीम शेयर करने लगे।

विराट कोहली के फैंस यह याद दिलाने में जुट गए कि 18 नवंबर 2011 को इंडियन क्रिकेट टीम की राष्ट्रीय चयन समिति ने उन्हें एकदिवसीय क्रिकेट टीम की कप्तानी से हटा दिया था। उसके ठीक एक साल बाद BCCI ने पूरी चयन समिति को ही बर्खास्त कर दिया।

चेतन शर्मा के साथ-साथ सौरभ गांगुली से लेकर रोहित शर्मा तक को ट्रोल किया जा रहा है।

कुछ सोशल मीडिया यूजर्स एक कदम आगे जाकर कोहली को फिर से कप्तान बनाए जाने की भविष्यवाणी भी कर दिए हैं।

विराट कोहली के कुछ पुराने डांस करते, मस्ती करते वीडियो को शेयर करके मजे ले रहे।