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‘मोहिन सिसोदिया’ बन कर मोईनुद्दीन ने लिया ‘पुनर्जन्म’ और सेना में हो गया भर्ती, अब्बा ने सरपंच संग मिल किया फर्जीवाड़ा: छोटा भाई पहले से आर्मी में

राजस्थान के अजमेर जिले में भारतीय सेना में नौकरी पाने के लिए फर्जीवाड़ा करने का मामला सामने आया है। दरअसल, मोइनुद्दीन नामक युवक ने आर्मी में भर्ती होने के लिए खुद को मरा घोषित करते हुए अपना डेथ सार्टिफिकेट बनवा लिया। यही नहीं, आधार कार्ड में अपना नाम मोहिन सिसोदिया कराते हुए सेना में भर्ती भी हो गया था। हालाँकि, अब उसके इस फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ हो चुका है और मामले की जाँच की जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अजमेर जिले के बांदरसिंदरी थाना क्षेत्र अंतर्गत काकनियावास गाँव निवासी मोइनुद्दीन का छोटा भाई आसिफ साल 2018 में सेना में भर्ती हो चुका है। मोइनुद्दीन भी इंडियन आर्मी में शामिल होना चाहता था। लेकिन, वह ओवरएज हो चुका था। इसलिए, उसके अब्बा मोहम्मद नूर ने सरपंच से साठगाँठ करते हुए उसका डेथ सार्टिफिकेट बनवा दिया। मोइनुद्दीन के डेथ सार्टिफिकेट में लिखा था, मोइनुद्दीन की 18 अगस्त 2019 को मौत हो चुकी है।

इसके बाद मोइनुद्दीन ने अपने नजदीकी गाँव नुलू में स्थित बाल कृष्णा भारती स्कूल में मोहिन सिसोदिया के नाम से 9वीं कक्षा में एडमिशन ले लिया। उसका यह एडमिशन मोहिन सिसोदिया नाम से हुआ जिसमें जन्मतिथि 6 नवंबर, 2001 थी। इसके बाद इसी स्कूल से उनसे साल 2019 में दसवीं और साल 2021 में 12वीं पास कर ली।

दसवीं की मार्कशीट के आधार पर मोइनुद्दीन ने आधार कार्ड में भी अपना नाम मोहिन सिसोदिया करवा लिया। इसके बाद, आधार कार्ड के ही सहारे अन्य दस्तावेजों में भी नाम बदलवा लिया। हालाँकि, उसने आधार कार्ड में अपना नाम और जन्मतिथि तो बदल ली थी। लेकिन, आधार नंबर वही रहा।

मोइनुद्दीन के भाई की भूमिका भी संदिग्ध

इस पूरे मामले में मोइनुद्दीन के छोटे भाई की भूमिका भी संदिग्ध है। मोइनुद्दीन का छोटा भाई आसिफ सेना में है और वह अपने बड़े भाई को नौकरी दिलाने की कोशिश में लगा हुआ था। इसलिए, उसने आर्मी के रिलेशनशिप कोटे में मोइनुद्दीन को अपना छोटा भाई बताते हुए आसिफ ने उसकी सिफारिश कर दी। इस सिफारिश के आधार पर मोइनुद्दीन इंडियन आर्मी में भर्ती हो गया और उसकी ट्रेनिंग चल रही थी। इससे पहले की उसकी जॉइनिंग होती इस फर्जीवाड़े मामले का खुलासा हो गया है।

सेना के लेटर से हुआ खुलासा

मोइनुद्दीन सेना में भर्ती हो गया था और वह जैसा चाहता था वैसा ही हो रहा था। हालाँकि, उसकी आर्मी ट्रेनिंग के दौरान साली गाँव निवासी गफूर खान ने मोइनुद्दीन के फर्जीवाड़े की जानकारी सेना को दे दी। इस जानकारी के आधार पर जाँच हुई तो फर्जीवाड़ा खुलकर सामने आ गया। फिलहाल, मोइनुद्दीन को इंडियन आर्मी से बर्खास्त कर दिया गया है और सेना के लेटर के आधार पर उसके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज हो गई है।

चूँकि, यह पूरा मामला भारतीय सेना और देश की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। इसलिए, इस मामले की गहनता से जाँच होना निश्चित है। साथ ही, मामले के आरोपित मोइनुद्दीन व इसमें संलिप्त उसके पिता, भाई और गाँव के सरपंच व स्कूल प्रशासन की भूमिका संदिग्ध दिखाई दे रही है। ऐसे में, इन सबके खिलाफ भी जाँच होने की संभावना है।

हिन्दू देवी-देवताओं का अपमान, कहा – उनकी तस्वीरें फेंक दो: पादरी के खिलाफ हिन्दू संगठनों का प्रदर्शन, सभा बुला कर रहा था धर्मांतरण

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में अवैध तौर पर ईसाई धर्मांतरण का मामला सामने आया है। आरोप है कि रवि फ्रांसिस नाम का पादरी इस इलाके में प्रार्थना के नाम पर भोले-भाले हिन्दुओं का धर्म परिवर्तन करवाता है। इस घटना के विरोध में हिन्दू संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया। मामले की जानकारी होते ही पुलिस मौके पर पहुँची और पादरी को अपने साथ थाने ले आई। बताया जा रहा है कि बाद में पादरी को छोड़ दिया गया है, लेकिन इस मामले में केस दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी गई है। घटना रविवार (20 नवंबर, 2022) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला ईसी रोड का है। यहाँ आरोपित पादरी रवि फ्रांसिस का घर है। घटना की शिकायत देहरादून के ही छत्रपाल सिंह ने दी है। उन्होंने पादरी पर आरोप लगाते हुए बताया कि उसके घर पर अक्सर ईसाइयों का कार्यक्रम चलता रहता है। शिकायत में आगे बताया गया है कि रविवार को देहरादून के बाहर के भी लोगों को कार्यक्रम में बुलाया गया था जिसमें पौड़ी गढ़वाल तक के हिन्दू शामिल थे।

अपनी शिकायत में छत्रपाल सिंह ने आरोप लगाया है कि इस सभा में हिन्दू देवी-देवताओं के बारे में अशोभनीय बातें बोली जा रहीं थी। शिकायतकर्ता के मुताबिक वो खुद उस कार्यक्रम में मौजूद थे जहाँ हिन्दू समाज के लोगों के धर्म परिवर्तन की कोशिश की जा रही थी। शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया है कि पादरी पानी का लोटा ले कर सभा में मौजूद लोगों पर छिड़क रहा था। इस दौरान वो हिन्दू देवी-देवताओं की तस्वीरों को घर से बाहर फेंक देने के लिए भी कह रहा था।

छत्रपाल के अनुसार, जब उन्होंने रवि फ्रांसिस की इस हरकत का विरोध किया तब उनकी पिटाई भी की गई। उनका आरोप है कि अभी तक पादरी रवि फ्रांसिस लगभग 50 से 60 लोगों को ईसाई बना चुका है। अपने ऊपर लगे आरोपों की सफाई में रवि फ्रांसिस ने बताया कि वो किसी को बुलावा नहीं भेजता, बल्कि लोग खुद ही उसके पास प्रार्थना के लिए आते हैं। पादरी ने खुद पर लगाए धर्मांतरण के आरोपों से भी इंकार कर दिया।

इस घटना की जानकारी हिन्दू संगठनों को हुई तो उन्होंने हंगामा करना शुरू कर दिया। जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और लोगों को समझा-बुझा कर शांत करवाया। पुलिस पादरी को भी अपने साथ ले गई थी जिसे थोड़ी देर की पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया था। बाद में सीनियर अधिकारियों के निर्देश पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी गई है। देहरादून की पुलिस अधीक्षक सरिता डोभाल के मुताबिक जो भी धर्मांतरण के अपराध में लिप्त पाया जाएगा उस पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

जब PornHub ने AAP के ‘मंत्री’ को बताया अपना कर्मचारी… सत्येंद्र जैन बलात्कारी से ले रहे मसाज, राशन के बदले यौन शोषण में फँसे थे संदीप

दिल्ली की सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) के मंत्री सत्येंद्र जैन (Satyendra Jain) भ्रष्टाचार के आरोप में जेल में बंद हैं। वह आए दिन जेल में अपनी विलासिता के लिए खूब सुर्खियाँ बटोरते हैं। हाल ही में उनका एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें वह जेल के अपने सेल में मसाज करवाते दिख रहे हैं। सोशल मीडिया पर इस वीडियो की खूब चर्चा हुई। आप नेताओं की कारस्तानी का यह बस नमूना भर है। इससे पहले आप के मंत्री संदीप कुमार पर राशन कार्ड के बदले यौन शोषण करने के आरोप लग चुके हैं।

संदीप कुमार आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार में महिला एवं बाल विकास मंत्री थे। 2016 में, आप के कैबिनेट स्तर के मंत्री का नौ मिनट के एक कथित वीडियो सामने आने के बाद हंगामा खड़ा हो गया था, जिसमें उन्हें एक महिला के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देखा गया था।

रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया था कि सेक्स टेप में दिखाई देने वाली महिला ने संदीप कुमार पर राशन कार्ड दिलाने के बहाने उसका यौन शोषण करने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के बाद, पुलिस ने 3 सितंबर 2016 को आरोपित को गिरफ्तार किया था और उसे 3 दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया था।

संदीप कुमार पर आईपीसी की धारा 376 (बलात्कार), 328 (अपराध करने के इरादे से जहर से हानि पहुँचाना), आईटी अधिनियम की धारा 67 ए (यौन सामग्री को प्रकाशित या प्रसारित करने) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया था।

सितंबर 2016 में, इस सीडी को किसी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के घर भेज दिया था। आधे घंटे बाद, केजरीवाल ने ट्वीट किया कि वह अपने मंत्रिमंडल में सबसे कम उम्र के मंत्री संदीप कुमार को बर्खास्त कर रहे हैं। केजरीवाल ने तब कहा था कि संदीप कुमार ने आप समर्थकों के साथ विश्वासघात किया है और इसलिए वह बर्खास्त किए जाने के योग्य हैं।

बलात्कार के आरोपों के अलावा, संदीप कुमार पर एक और विवाद से घिरे हुए थे। उन पर अपने नवजात बेटे के लिए अमेरिकी नागरिकता सुनिश्चित करने के लिए अपने आधिकारिक पद का दुरूपयोग करने का आरोप था।

विधायक ने तब बलात्कार के आरोपों के खिलाफ अपना बचाव करते हुए कहा था कि दलित होने के कारण उन्हें निशाना बनाया गया है। कुमार की पत्नी भी अपने पति के समर्थन में सामने आई थीं, उन्होंने दावा किया था कि उन्हें ‘झूठा फँसाया’ गया है।

आप के सेक्स टेप पर खबर वायरल होने के बाद, सबसे बड़ी एडल्ट वीडियो वेबसाइट ‘पोर्नहब’ ने भी इस स्कैंडल पर अपनी प्रतिक्रिया दी थी। वेबसाइट ने आप मंत्री को ‘अपना कर्मचारी’ बताकर उनका मजाक उड़ाया था।

2019 में, संदीप कुमार को लोकसभा चुनाव में बसपा का समर्थन करने के लिए पार्टी से अयोग्य घोषित कर दिया गया था। सुल्तानपुर माजरा निर्वाचन क्षेत्र के विधायक पर बसपा को समर्थन देकर 2019 के लोकसभा चुनाव में पार्टी की संभावनाओं को नुकसान पहुँचाने का आरोप लगाया गया था।

बच गई आवारा कुत्ते के हमले में घायल 1 साल की बच्ची, लेकिन चेहरे पर लग गए 115 टाँके: 36 घंटे तक चला मैराथन ऑपरेशन

आवारा कुत्तों के हमलों का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है। इन कुत्तों के हमलों का शिकार अक्सर छोटे बच्चे बनते हैं। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले से इसी तरह की एक और भयानक घटना सामने आई। यहाँ एक साल की बच्ची रिया पर आवारा कुत्ते ने बेरहमी से हमला कर दिया। कुत्ते के हमले में बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई थी। 36 घंटे तक चले ऑपरेशन में पीड़िता को 115 टाँके लगे हैं।

घटना शहर के विजयनगर इलाके की है। एमएमजी जिला अस्पताल में रिया नाम की बच्ची का ऑपरेशन किया गया। रविवार (20 नवंबर, 2022) को घर के बाहर खेल रही बच्ची पर कुत्ते ने हमला कर दिया था। कुत्ते ने हमले के दौरान लड़की के चेहरे से मांस तक नोच लिया था। चेहरे पर जख्म इतने गहरे थे कि बच्ची के दाँत भी बाहर से दिखने लगे थे।

‘अमर उजाला’ की रिपोर्ट के मुताबिक, एमएमजी के ईएनटी विशेषज्ञ डॉक्टर राकेश ने बताया कि लड़की के चेहरे पर कई चोटें थीं, जिसके लिए बहुत छोटे टाँके लगाने पड़े। डॉ महेंद्र और ईएनटी स्पेशलिस्ट ने मिलकर प्राथमिक सर्जरी की। बच्ची को चेहरे पर लगभग सवा सौ टांके लगे हैं। ईएनटी स्पेशलिस्ट डॉक्टर राकेश ने बताया कि बच्ची के चेहरे, नाक कान के पास कई स्थानों पर टेढ़े-मेढ़े घाव थे, जिन पर टाँके लगाने पड़े हैं।

बच्चे की हालत अब स्थिर है। डॉक्टरों का कहना है कि बच्ची अगले 14-15 दिनों में सामान्य हो जाएगी। सीएमएस डॉ मनोज चतुर्वेदी ने बताया कि इस तरह की सर्जरी के लिए सीरम और एंटी-रेबीज जैसे इंजेक्शन की जरूरत होती है जो सर्जरी के दौरान दिए जाने होते हैं। ये इंजेक्शन काफी महँगे होते हैं और बाहर से मँगवाए जाते हैं। इनकी आपूर्ति सरकार द्वारा नहीं की जाती है।

दूसरी ओर बच्ची के पिता ने आरोप लगाया है कि बच्ची को नोएडा के चाइल्ड पीजीआई अस्पताल ने भर्ती करने से मना कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि वहाँ के डॉक्टरों ने पीड़िता को किसी अन्य अस्पताल में रेफर भी नहीं किया। बच्ची के पिता का कहना है निजी अस्पताल ऑपरेशन के लिए बहुत पैसे माँग रहे थे, लेकिन एमजीएम में बेहतर इलाज हो गया। हालाँकि बच्ची के चेहरे पर घाव के निशान रह जाने का खतरा है।

राजस्थान में अब कॉन्ग्रेसी भी सुरक्षित नहीं: पूर्व मंत्री की बेटी अगवा, पिता को कॉल कर कहा था- कुछ लड़के पीछा कर रहे

अशोक गहलोत के शासनकाल में राजस्थान की कानून-व्यवस्था दिनोंदिन बिगड़ती जा रही है। अब राजधानी जयपुर से कॉन्ग्रेस नेता और पूर्व मंत्री गोपाल केसावत की बेटी को अगवा करने की खबर आ रही है। बताया जा रहा है कि लड़की ने पिता को कॉल कर अपना पीछा किए जाने की जानकारी भी दी थी। घटना सोमवार (21 नवंबर 2022) की है। खबर लिखे जाने तक लड़की का सुराग नहीं लगा था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पूर्व मंत्री गोपाल केसावत की 21 वर्षीया बेटी अभिलाषा घटना के दिन सब्ज़ी लेने घर से बाहर निकली थी। शाम को लगभग 5 बजे उसने पापा को कॉल कर बताया कि कुछ लड़के उसका पीछा कर रहे हैं। उसने पिता से जल्दी आने को कहा। पुलिस को दी गई शिकायत में केसावत ने कहा है कि जब वे बेटी की बताई जगह पर बेटे को लेकर पहुँचे तो वह वहाँ नहीं मिली।

पूर्व मंत्री के अनुसार उन्होंने बेटी को कई जगहों पर तलाशा। लेकिन वो नहीं मिली। आखिरकार प्रताप नगर थाने जाकर उन्होंने बेटी के अपहरण का केस दर्ज करवाया। इस मामले में SHO प्रताप नगर भजनलाल के मुताबिक केस दर्ज कर के पुलिस CCTV फुटेज खँगाल रही है। इस दौरान पूर्व मंत्री ने बेटी की तलाश जारी रखी। इस खोजबीन के दौरान उन्हें मंगलवार (22 नवम्बर 2022) को बेटी की स्कूटी जयपुर एयरपोर्ट के पास लावारिस हालत में मिली।

पूर्व मंत्री का कहना है कि बेटी ने उन्हें अंतिम बार सोमवार शाम 6;05 पर कॉल किया था। उसके बाद से उसका फोन लगातार स्विच ऑफ बता रहा है। इस घटना के बाद भाजपा ने राजस्थान के लॉ एन्ड ऑर्डर पर सवाल खड़ा किया है। भाजपा नेता लक्ष्मीकांत भरद्वाज ने राजस्थान मॉडल में सरकार के ही लोगों के असुरक्षित होने की बात कही है।

बिटकॉइन में डील करता था मंगलुरु में धमाका करने वाला आतंकी मोहम्मद शरीक, साथियों को क्रिप्टो में भेजता था पैसे: ‘प्रेम राज’ बन सीख रहा था मोबाइल रिपेयरिंग

कर्नाटक के मंगलुरु में शनिवार (19 नवंबर, 2022) को हुए बम ब्लास्ट मामले में एक के बाद कई खुलासे होते जा रहे हैं। जाँच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपित मोहम्मद शरीक मैसूर में एक मोबाइल रिपेयरिंग ट्रेनिंग सेंटर में रिपेयरिंग का काम सीख रहा था। साथ ही, यह भी खुलासा हुआ है कि वह बिटकॉइन ट्रेडिंग करता था और अपने साथियों को क्रिप्टो करेंसी भेजता था।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शुरुआती जाँच में सामने आया है कि मोहम्मद शरीक मैसूर में फर्जी आधार कार्ड के आधार पर किराए के मकान में रह रहा था। इस मामले में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक आलोक कुमार ने कहा है कि सितंबर 2022 में शरीक के दो सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद वह शिवमोग्गा से भाग कर मैसूर में किराए पर घर लेकर रह रहा था। जहाँ वह एक मोबाइल रिपेयरिंग ट्रेनिंग सेंटर में काम सीख रहा था।

वहीं, रिपेयरिंग सेंटर के मालिक का कहना है कि उनके ट्रेनिंग सेंटर में शरीक ने खुद को ‘प्रेम राज’ बताया था। इसके लिए उसने आधार कार्ड भी दिखाया था। उन्होंने आगे कहा है कि मोहम्मद शरीक ने उन्हें बताया था कि उसकी नौकरी एक कॉल सेंटर में लग गई है। लेकिन, उनकी जॉइनिंग होने में 28 दिन का समय है। इसलिए, वह घर में खाली बैठने की जगह मोबाइल रिपेयरिंग सीखना चाहता है।

रिपेयरिंग सेंटर के मालिक ने यह भी कहा है कि उनके संस्थान में 45 दिनों का रिपेयरिंग कोर्स होता है। लेकिन, शरीक 20-21 दिन ही उनके यहाँ आया होगा। इस दौरान भी वह ट्रेनिंग सेंटर एक दिन आता था और फिर उसके अगले 1 या दो दिन नहीं आता था।

मोबाइल रिपेयरिंग सेंटर के मालिक के इस बयान के आधार पर फिलहाल यह अंदाजा लगाया जाना बेहद आसान है कि बम धमाके का आरोपित मोहम्मद शरीक बम बनाने के लिए उपयोग किए जाने वाले सर्किट व अन्य साधनों में होने वाली सोल्डरिंग (टाँका) सीखने के लिए ही रिपेयरिंग सेंटर जाता था। हालाँकि, पूरे मामले का खुलासा गिरफ्तार आरोपित मोहम्मद शरीक व उसके अन्य सहयोगियों से पूछताछ और पुलिस की जाँच के बाद ही हो सकेगा।

वहीं एक अन्य रिपोर्ट में पुलिस के हवाले से कहा गया है कि मोहम्मद शरीक बिटकॉइन में ट्रेडिंग करता था और इससे कमाए हुए पैसे को क्रिप्टो करेंसी के द्वारा अपने सहयोगियों को भेजता था। इसका सीधा मतलब है कि आतंकी गतिविधियों में क्रिप्टो करेंसी का उपयोग हो रहा है। इससे पहले मंगलुरु बम ब्लास्ट में गिरफ्तार आरोपित मोहम्मद शरीक को लेकर कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री के सुधाकर ने बड़ा दावा किया था। उन्होंने कहा था कि शरीक ऑटो में बैठने के बाद खुद को हिंदू बता रहा था, ताकि उस पर किसी को शक न हो। इसके लिए, उसने एक आधार कार्ड दिखाया था, जिस पर हिंदू नाम था। यह आधार कार्ड उसने रेलवे कर्मचारी से चुराया था।

के. सुधाकर ने यह भी कहा था कि पुलिस हर एंगल से मामले की जाँच कर रही है। यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि मोहम्मद शरीक के संबंध अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठनों, बैन किए गए संगठनों या स्लीपर सेल से तो नहीं है। उन्होंने कहा है कि कर्नाटक की सीमा केरल से लगती है। इसलिए, स्लीपर सेल से जुड़े होने की भी आशंका है।

उन्होंने यह भी कहा था कि बीते महीने तमिलनाडु के कोयंबटूर में भी ऐसा ही बम धमाका हुआ था। तब भी आतंकियों ने मंदिर के पास ब्लास्ट करने की साजिश रची थी। पुलिस ने मोहम्मद शरीक के मूवमेंट को ट्रेस किया है जिसमें सामने आया है कि उसने कोयंबटूर में एक व्यक्ति से मुलाकात की थी।

इस मामले में पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपित मोहम्मद शरीक ऑटो में बैठकर पंपवेल एरिया में जाना चाहता था, जहाँ वह अपने साथ लिए हुए कुकर बम (विस्फोटक) को नगौरी के भीड़-भाड़ इलाके में प्लांट करना चाहता था। हालाँकि, ऑटो में बैठने के थोड़ा देर बाद ही विस्फोट हो गया।

यही नहीं, शुरुआती जाँच के बाद पुलिस ने कहा है कि शरीक ने कोयंबटूर से किसी और के नाम पर एक सिम खरीदा था। इस सिम कार्ड के टावर लोकेशन की जाँच से सामने आया है कि वह तमिलनाडु के इलाकों में घूम रहा था। शरीक की फोन डिटेल निकाली जा रही है, जिससे उसके साथियों के बारे में जानकारी सामने आ सकेगी।

खाड़ी देशों से आ रहा था PFI को धन, ‘चंदे’ के लिए संगठित ढाँचा तैयार था: ED की चार्जशीट में खुलासा, कोर्ट ने लिया संज्ञान

प्रतिबंधित कट्टर इस्लामिक संगठन पीएफआई (PFI) को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। ईडी के अनुसार प्रतिबंधित संगठन को फंड का जुगाड़ करने में खाड़ी देशों से मदद मिल रही थी। इस मामले को लेकर ईडी ने पिछले हफ्ते पटियाला हाउस कोर्ट में मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) की विशेष अदालत के सामने चार्जशीट दायर की थी। ईडी के इस आरोप पत्र पर अब अपर कोर्ट ने संज्ञान लिया है, जिसके बाद ईडी ने अदालत को जानकारी दी कि प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) ने चंदा एकत्र करने के लिए खाड़ी देशों में ‘संगठित’ ढाँचा तैयार किया है।

ईडी ने कोर्ट को जानकारी दी कि पीएफआई ने देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए देश से विदेश तक कई संस्थाओं और व्यक्तियों के साथ साझेदारी की थी। उनके माध्यम से प्रतिबंधित संगठन गैर कानूनी तरीके से धन जुटाता था और जुटाई गई रकम पीएफआई के बैंक खातों में चंदे के रूप में दिखा कर जमा की जाती थी। बाद में इस धन का इस्तेमाल भारत विरोधी गतिविधियों में किया जाता था।

ईडी ने किनके खिलाफ दायर किया था आरोप पत्र

ईडी ने परवेज अहमद, मोहम्मद इलियास और अब्दुल मुकीत के खिलाफ सुनवाई शुरू करने के लिए 19 नवंबर 2022 को आरोप पत्र दायर किया। इन आरोपितों को 22 सितंबर को राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA), प्रवर्तन निदेशालय (ED) और विभिन्न राज्य पुलिस इकाइयों की मदद से देश भर में बड़े स्तर पर हुई छापेमारी के बाद गिरफ्तार किया गया था। उस छापेमारी में पीएफआई से जुड़े 100 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया था। फिलहाल तीनों आरोपित तिहाड़ जेल में न्यायिक हिरासत में हैं।

अहमद, इलियास और मुकीत पर क्या हैं आरोप ?

ईडी ने जानकारी दी है कि अहमद पीएफआई की दिल्ली इकाई का अध्यक्ष था और वह संगठन के लिए धन उगाही करने वाली गतिविधियों की निगरानी करता था। इसके अलावा वह जनसंपर्क का काम भी देखता था। वहीं मोहम्मद इलियास दिल्ली पीएफआई का महासचिव था। वह दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में पीएफआई और संबंधित संगठनों के लिए धन जुटाने का काम करता था। इलियास ने सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) के उम्मीदवार के रूप में दिल्ली विधानसभा का चुनाव भी लड़ा था।

आपको बता दें कि परवेज अहमद और मोहम्मद इलियास दोनों को दिल्ली पुलिस ने फरवरी, 2020 के एंटी हिन्दू दिल्ली दंगों से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया था। वहीं अब्दुल मुकीत, दिल्ली पीएफआई का कार्यालय सचिव था और पीएफआई के धन जुटाने की गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल था। वह फर्जी नकद दान पर्ची भी तैयार करता था।

बैन किया जा चुका है कट्टरपंथी इस्लामिक संगठन

भारत सरकार ने हाल ही में आतंकवादियों से संबंध होने और सांप्रदायिक घृणा फैलाने के आरोप में पीएफआई को प्रतिबंधित कर दिया था। पीएचआई की संबद्ध संस्थाओं- रिहैब इंडिया फाउंडेशन, कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया, ऑल इंडिया इमाम काउंसिल, नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स ऑर्गनाइजेशन, नेशनल वीमेंस फ्रंट, जूनियर फ्रंट, एम्पॉवर इंडिया फाउंडेशन और रिहैब फाउंडेशन-केरल को भी प्रतिबंधित संगठनों की सूची में रखा गया है।

भगवा पिच पर ‘सर जडेजा’ की बैटिंग, सोशल मीडिया में घृणा की बॉलिंग: पत्नी BJP से लड़ रही है चुनाव, रवींद्र को ट्रॉल कर रहे मुस्लिमों को फैंस ने लताड़ा

भारतीय क्रिकेटर रवींद्र जडेजा (Ravindra Jadeja) की पत्नी रिवाबा जडेजा (Rivaba Jadeja) को भाजपा ने गुजरात विधानसभा चुनाव (Gujarat Assembly Election 2022) में जामनगर (उत्तर) से अपना उम्मीदवार बनाया है। रवींद्र जडेजा भी पूरे दमखम के साथ भगवा पिच पर उतरकर लोगों से पत्नी रिवाबा के लिए वोट माँग रहे हैं। वहीं, सोशल मीडिया ट्रेंड देख कर ऐसा लगता है कि इस वजह से वामपंथी और इस्लामवादी जडेजा से नफरत करने लग गए हैं।

अज़ीम ने लिखा, “यही कारण है कि भाजपा और कॉन्ग्रेस के कार्यकर्ता भी अब आम आदमी पार्टी का समर्थन कर रहे हैं। क्योंकि AAP एकमात्र पार्टी है, जिसमें कार्यकर्ताओं को केवल दरी बिछाने जिंदाबाद-मुर्दाबाद के नारे लगाने के लिए नहीं रखा जाता है। इस पर स्वप्नील मिश्रा लिखते हैं कि AAP गुजरात में 10 सीट भी नहीं जीत रही है लोल।

शेख लिखता है, “देख रहे हो बिनोद, कैसे क्रिकेटर्स को भी राजनीति में उतारा जा रहा है क्रिकेट ग्राउंड से।” इस पर एक यूजर ने कहा कि रवींद्र जडेजा नहीं, बल्कि उनकी पत्नी राजनीति में आई हैं।

सोशल मीडिया पर जडेजा के फैंस ने उन्हें और उनकी पत्नी को घेरने वालों को करारा जवाब दिया। जडेजा का विरोध करने वालों में राहुल गाँधी के समर्थक भी थे। एक ने राहुल गाँधी की डीपी लगाने वाले ट्रॉल को कहा कि जब उनकी पत्नी बड़े अंतर से जीतेंग, तब अब जाकर एक कोने में रोओगे।

बता दें कि गुजरात की जामनगर उत्तर सीट से बीजेपी ने क्रिकेटर रवींद्र जडेजा (Ravindra Jadeja) की पत्नी रिवाबा को उम्मीदवार बनाया है। वहीं रिवाबा (Rivaba Jadeja) की ननद नैना जडेजा कॉन्ग्रेस की तरफ से चुनाव प्रचार कर रही हैं। 14 नवंबर, 2022 को रिवाबा ने नामांकन भरा था। इस दौरान रवींद्र जडेजा भी उनके साथ थे। नामांकन के बाद से ही मुस्लिम ट्रॉल्स सोशल मीडिया पर रवींद्र जडेजा को घेर रहे हैं। जबकि वह नहीं, उनकी पत्नी चुनावी राजनीति की पिच पर उतरी हैं।

मुस्लिम ट्रॉल्स कह रहे हैं कि आप ग्राउंड में अच्छा खेलते हो, लेकिन पॉलिटिक्स ग्राउंड में आपकी हार पक्की है। गुजरात विधानसभा चुनाव में दो चरणों में 1 और 5 दिसंबर को मतदान होगा और मतगणना 8 दिसंबर 2022 को होगी। दो चरणों में 33 जिलों की सभी 182 सीटों पर वोट डाले जाएँगे।

‘मैं ब्रह्मा, विष्णु, महेश और गणेश को नहीं मानूँगा…’: सामूहिक विवाह​ समारोह में धर्मांतरण, नवविवाहित जोड़ों को दिलाई हिंदू विरोधी शपथ

राजस्थान में सामूहिक विवाह सम्मेलन में नए जोड़ों को हिंदू विरोधी शपथ दिलाने का मामला सामने आया है। यह विवाह सम्मेलन भरतपुर में हुआ बताया जा रहा है। इसका वीडियो वायरल हो रहा है।

वीडियो में 11 नवविवाहित जोड़ों को शपथ दिलाई जा रही है। इसमें कहा जा रहा है, “मैं ब्रह्मा, विष्णु, महेश और गणेश को नहीं मानूँगा और ना ही उनकी पूजा करूँगा।” इस दौरान कई अधिकारी भी मौजूद थे। विश्व हिंदू परिषद ने इस शपथ पर आपत्ति जताते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, भरतपुर के कुम्हेर कस्बे में रविवार (20 नवंबर 2022) को संत रविदास सेवा समिति की ओर से सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित किया गया था। समिति की ओर से यह पाँचवाँ आयोजन था। सबसे पहले 11 जोड़ों का बौद्ध धर्म में कन्वर्ट करवाया गया। फिर इसके बाद सभी विवाहित जोड़ों को शपथ दिलाई गई।

शपथ में कहा गया, “मैं ब्रह्मा, विष्णु और महेश को ईश्वर नहीं मानूँगा। उनकी पूजा नहीं करूँगा। राम और कृष्ण को ईश्वर नहीं मानूँगा। उनकी पूजा नहीं करूँगा। गौरी-गणपति आदि हिंदू धर्म के किसी देवी-देवता को नहीं मानूँगा और ना ही उनकी पूजा करूँगा। ईश्वर ने अवतार लिया है इस पर मेरा विश्वास नहीं है। मैं ऐसा कभी नहीं मानूँगा कि भगवान बुद्ध विष्णु के अवतार हैं। ऐसे प्रचार को मैं पागलपन और झूठा समझता हूँ। मैं बौद्ध धर्म के विरोध में कभी कोई बात नहीं करूँगा।”

मुहिम चलाकर कार्रवाई करेंगे: विहिप

इसको लेकर विश्व हिंदू परिषद के भरतपुर जिला अध्यक्ष लाखन सिंह ने कहा कि यह बहुत ही गंभीर मामला है। इस कार्यक्रम में कुम्हेर डीग के अधिकारी भी मौजूद थे। उनके जाने के बाद सार्वजनिक कार्यक्रम में खुले मंच से विवादित शपथ दिलवाई गई। यह गलत है। यह देश की अखंडता के लिए खतरा है। कड़े शब्दों में इसका विरोध करते हैं। उन्होंने कहा, “विश्व हिंदू परिषद का अध्यक्ष होने के नाते मैं अपील करता हूँ कि प्रशासन इस तरफ ध्यान दे। वरना हम मुहिम चलाकर कार्रवाई करेंगे, विरोध करेंगे तो ऐसे लोग ही जिम्मेदार होंगे।”

भरतपुर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष यशवंत सिंह फौजदार ने इस विवादित शपथ को कानून के खिलाफ बताया है। उनके मुताबिक यह हिंदू मैरिज एक्ट और हिंदू मेंटेनेंस एंड सक्सेशन एक्ट के खिलाफ है। यह असंवैधानिक है। ऐसी शपथ का संविधान में कोई भी उल्लेख नहीं है।

गौरतलब है कि अक्टूबर में हिंदू विरोधी शपथ इसी तरह दिल्ली में दिलाई गई थी। उस कार्यक्रम में आप नेता राजेंद्र पाल गौतम भी शामिल थे। इसका वीडियो वायरल होने के बाद उन्हें केजरीवाल सरकार से इस्तीफा देना पड़ा था। इसी तरह नवंबर में छत्तीसगढ़ के राजनंदगाँव की कॉन्ग्रेस मेयर हेमा देशमुख भी इसी तरह के एक कार्यक्रम में शामिल हुईं थी।

गुजरात में कॉन्ग्रेस को झटका: BJP में शामिल हुईं पूर्व MLA, बताया- टिकट के बदले माँग रहे थे ₹1 करोड़

गुजरात विधानसभा चुनाव से पहले कॉन्ग्रेस को तगड़ा झटका लगा है। देहगाम सीट से पूर्व विधायक कामिनी बा राठौड़ ने मंगलवार (22 नवंबर 2022) को कॉन्ग्रेस से इस्तीफा देकर बीजेपी का दामन थाम लिया। इसके साथ ही कामिनी बा (Kamini Ba Rathod) ने कॉन्ग्रेस के खिलाफ गंभीर आरोप भी लगाए हैं।

देहगाम की पूर्व विधायक ने आरोप लगाया है कि चुनाव में टिकट देने के लिए उनसे पैसे माँगे गए थे। गुजरात प्रदेश कॉन्ग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जगदीश ठाकोर को लिखे पत्र में कामिनी ने कहा कि उन्होंने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है।

अपनी राजनीतिक पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कामिनी बा ने रिपब्लिक टीवी को बताया कि गुजरात प्रदेश कॉन्ग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जगदीश ठाकोर के एक एजेंट ने उन्हें फोन किया और पार्टी टिकट के लिए 1 करोड़ रुपए की माँग की। पूर्व विधायक ने आगे दावा किया कि उन्हें यह भी कहा गया था कि अगर वह कीमत नहीं चुकाती हैं तो वह दहेगाम सीट से चुनाव नहीं लड़ पाएँगी। कामिनी बा ने 2012 के विधानसभा चुनाव में दहेगाम सीट पर 2297 मतों के मामूली अंतर से जीत हासिल की थी। इसके बाद 2017 के चुनाव में उन्हें भाजपा के बलराजसिंह चौहान से करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा था।

उन्होंने कहा, “11 नवंबर को मुझे फोन आया। एक व्यक्ति ने मुझसे गुजराती में पूछा- कहाँ हो? कहाँ जा रही हो? क्यों भाग रही हो? टेंशन मत लो। टिकट मिल जाएगा। आपका सर्वे ठीक है। सभी स्थानीय पार्षद आपके साथ हैं। इस पर मैंने उनसे कहा कि मुझे पता चला है कि गुजरात प्रदेश कॉन्ग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जगदीश ठाकोर अलग तरह से सोचते हैं और वो मुझे टिकट नहीं देना चाहते। सभी नेताओं ने मुझसे कहा था कि हर कोई आपके साथ है और आपको टिकट जरूर मिलेगा।”

कॉन्ग्रेस की पूर्व नेता ने आगे कहा, “इसके बाद मुझे 12 नवंबर को फोन आया कि आपको टिकट देने में दिक्कत आ रही है। उन्होंने मुझसे कहा कि अगर आपको टिकट चाहिए तो इसके लिए आपको एक करोड़ रुपए देने होंगे। बाद में, जो व्यक्ति मुझसे गुजराती में बात कर रहा था, वह व्हाट्सएप कॉल कर रहा था और मुझे अपना फैसला जल्दी बताने के लिए कह रहा था।”

बता दें कि गुजरात विधानसभा चुनाव में दो चरणों में 1 और 5 दिसंबर को मतदान होगा और मतगणना 8 दिसंबर 2022 को होगी। दो चरणों में 33 जिलों की सभी 182 सीटों पर वोट डाले जाएँगे।