Thursday, July 25, 2024
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पैसा, घर, नौकरी का लालच दे उइगर मुस्लिम लड़कियों की शादी चीनी मर्दों से… इनकार करने पर उनके अम्मी-अब्बू को सजा

साल 2019 में हान पार्टी के युवकों कहा गया था कि जो पुरुष उइगर महिलाओं से प्यार करते हैं और शादी करना चाहते हैं, वे उन महिलाओं को बताएँ कि मातृभूमि से प्यार करना चाहिए, पार्टी से प्यार करना चाहिए और शिनजियांग के लिए जुनून होना चाहिए। रिपोर्ट के लेखकों का कहना है कि इसके जरिए चीन की सरकार उइगुरों की संस्कृति खत्म कर रही है।

चीन (China) उइगुर मुस्लिम (Uyghur Muslim) समुदाय को पूरी तरह खत्म करने के लिए कई तरह की वित्तीय प्रोत्साहन रहा है। चीन की बहुसंख्यक हान समुदाय से शादी करने वाले उइगुर मुस्लिमों को सरकार की ओर से वित्तीय, शिक्षा और करियर में प्राथमिकता दी जा रही है। बता दें कि चीन के शिनजियांग प्रांत में उइगुर मुस्लिमों की बड़ी आबादी है और यह चीन का सबसे अशांत प्रांत है।

इसका बात का खुलासा उइगुर मुस्लिमों पर काम करने वाली संस्था ने किया है। The Uyghur Human Rights Project ने साल 2014 से उइगुर मुस्लिमों की स्थिति पर गहन अध्ययन के बाद रिपोर्ट जारी है। इसमें कहा गया है कि चीन की सरकार का उइगुर मुस्लिमों को जबरदस्ती लगातार बढ़ती जा रही है। यह NGO अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन में स्थित है।

चीनी मीडिया, सरकारी दस्तावेजों, सरकार द्वारा स्वीकृत विवाह पत्र, उइगुर प्रवासी में महिलाओं के खातों के विश्लेषण के आधार पर तैयार इस रिपोर्ट में कहा गया है कि इसमें सरकार और वहाँ की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी शामिल है। रिपोर्ट में कहा गया है, “चीनी की पार्टी और सरकार मिश्रित विवाह के माध्यम से उइगुरों को चीनी हान समाज में जबरन पूरी तरह मिला देने के लिए चलाए जा रहे अभियान में सक्रिय रूप से शामिल हैं।”

इसके पहले संयुक्त राष्ट्र (UN) ने भी माना था कि शिनजियांग में चीन की नीतियाँ नरसंहार या मानवता के खिलाफ हैं और ये इससे कहीं बढ़कर हो सकती हैं। इसके पहले खबर आई थी कि उइगुरों से जबरन काम कराया जाता है, उन्हें शिविरों में कैद किया जा रहा है और उनके पुरुषों की जबरन नसबंदी की जा रही है। इसको ध्यान में रखते हुए ब्रिटेन, कनाडा, यूरोपीय संघ और संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा प्रतिबंध लगाए गए हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने साल 2014 में शिनजियांग वर्क फोरम में ‘नए युग’ की घोषणा की थी। इसके बाद अंतर्जातीय विवाह नीतियों को तेज किया गया। इसके पीछे दोनों समुदायों के बीच संपर्क और मिलन को बढ़ावा देना बताया गया था।

इसे बढ़ावा देने के लिए चीन की सरकार नकद भुगतान, आवासीय सहायता, चिकित्सा देखभाल, सरकारी नौकरी और ट्यूशन आदि में छूट दे रही है। इसके जरिए उइगुरों को प्रलोभन दिया जा रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर उइगुर महिलाएँ ऐसी शादी से इनकार करती हैं तो उन महिलाओं और उनके माता-पिता को सजा दी जाती है।

साल 2019 में हान पार्टी के युवकों कहा गया था कि जो पुरुष उइगर महिलाओं से प्यार करते हैं और शादी करना चाहते हैं, वे उन महिलाओं को बताएँ कि मातृभूमि से प्यार करना चाहिए, पार्टी से प्यार करना चाहिए और शिनजियांग के लिए जुनून होना चाहिए। रिपोर्ट के लेखकों का कहना है कि इसके जरिए चीन की सरकार उइगुरों की संस्कृति खत्म कर रही है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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