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चीजें हमारे नियंत्रण से बाहर… इस्लामी मुल्क के शाही परिवार के सामने झुका FIFA: जिस वर्ल्ड कप की स्पॉन्सर ही बियर कंपनी, उसमें शराब पर लगाना पड़ा बैन

कतर में रविवार (20 नवंबर, 2022) से शुरू हो रहे फीफा वर्ल्ड कप (FIFA WORLD CUP 2022) में फुटबॉल प्रेमियों को स्टेडियम में ठंडी बियर या किसी और तरह के अल्कोहल वाल पेय का मजा उठाने का मौका नहीं मिलेगा। टूर्नामेंट से दो दिन पहले आयोजकों ने बियर पीने या बेचने के मामले में यू-टर्न ले लिया है। आयोजकों ने इस वर्ल्ड कप में स्टेडियमों के अंदर बियर की बिक्री पर रोक लगा दी है।

पहले कतर ने नियमों में ढील देने की कही थी बात

फीफा वर्ल्ड कप इस्लामी मुल्क कतर में कराए जाने को लेकर पहले से ही सवाल उठ रहे थे। फैन्स को आशंका थी कि इस्लामी मुल्क में उन्हें दूसरे देशों की तरह वर्ल्ड कप का लुत्फ उठाने के लिए पूरी आजादी नहीं मिलेगी। हालाँकि, पहले कतर ने अपने मेहमानों के लिए नियमों में ढील देने की बात की थी। साथ ही तय हुआ था कि मैच से तीन घंटे पहले और मैच के एक घंटे बाद स्टेडियम में कुछ स्टॉल पर बीयर बेचा जा सकता है। लेकिन, वर्ल्ड कप शुरू होने से ठीक पहले फैसला बदल दिया गया।

बता दें कि कतर में शराब बेचने और पीने पर पूर्ण प्रतिबंध है, लेकिन फीफा वर्ल्ड कप के आयोजन को ध्यान में रखते हुए नियमों में नरमी बरतने की बात कही गई थी। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो कतर का शाही परिवार स्टेडियमों के अंदर बियर पर पाबंदी चाहता था। खबरें हैं कि शाही परिवार के दबाव की वजह से आयोजकों को फैसले से यू-टर्न लेना पड़ा है। फीफा का कहना है कि इस मामले में चीजें उसके नियंत्रण से बाहर है, इसीलिए ये फैसला लेना पड़ा।

स्टेडियम में बिकेगी ‘अल्कोहल मुक्त बियर’

नए फैसले के तहत, देश में होने वाले 64 मैचों के दौरान स्टेडियमों में ‘अल्कोहल मुक्त बियर’ बेची जायेगी। फीफा ने जारी किए गए एक बयान में कहा, “मेजबान देश के अधिकारियों और फीफा के बीच चर्चा के बाद स्टेडियम के परिसर से बियर की बिक्री को हटा दिया गया है। फैन फेस्टिवल और प्रशंसकों के एकत्र होने वाले अन्य स्थलों पर बियर की बिक्री पर रोक रहेगी। सभी 64 मैचों के दौरान स्टेडियमों में ‘अल्काहोल रहित बियर’ की ही बिक्री की जा सकेगी। शैम्पेन, वाइन, व्हिस्की सिर्फ तय किए गए स्थानों में ही परोसी जाएगी।”

बियर पर प्रतिबंध के ऐलान के बाद से प्रशंसकों में मायूसी है। स्टेडियम में बियर और शराब पर प्रतिबंध की घोषणा के बाद से फुटबॉल प्रशंसकों ने विश्व कप आयोजकों से रिफंड की माँग शुरू कर दी है। उनका कहना है कि कतर को विश्वकप की मेजबानी सौंपा जाना गलत फैसला था जिससे टूर्नामेंट ‘बर्बाद’ हो गया है। रविवार से शुरू हो रहे टूर्नामेंट का लुत्फ उठाने के लिए पूरी दुनिया से फुटबॉल प्रशंसकों का कतर पहुँचना शुरू हो चुका है। कतर में पहले से मौजूद इंग्लैंड के प्रशंसकों ने इस प्रतिबंध को फीफा का अपमान करार दे दिया। इस साल इंग्लैंड से कुछ सौ प्रशंसक ही दोहा पहुँचे हैं।

फीफा के लिए परेशानी की बात यह भी है कि बियर बनाने वाली कंपनी बडवाइज़र इस वर्ल्ड कप के स्पॉन्सर में से एक है, जिसने फीफा वर्ल्ड कप 2022 की स्पॉन्सरशिप के लिए 75 मिलियन डॉलर (611.40 करोड़ रुपए) की राशि दी है। कंपनी ने प्रशंसकों के लिए काफी स्टॉक ब्रिटेन से कतर भेज दी थी। इसके अलावा स्टेडियम में मैच देखने वाले विदेशी प्रशंसकों की संख्या भी कम हो सकती है।

आमिर-हृतिक पर भारी पड़े अजय देवगन, जानें पहले दिन कितनी रही ‘दृश्यम 2’ की कमाई: साल की दूसरी सबसे बड़ी बॉलीवुड ओपनिंग

अजय देवगन (Ajay Devgn) की मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘दृश्यम 2’ (Drishyam 2) सिनेमाघरों में रिलीज हो गई। फिल्म का ट्रेलर और टीजर देखने के बाद फैंस फिल्म का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। शुक्रवार (18 नवंबर, 2022) को ‘दृश्यम 2’ के रिलीज होते ही सिनेमाघरों में फैंस की भीड़ देखने को मिली। यही वजह है कि फिल्म ने आमिर खान और अक्षय कुमार से लेकर ऋतिक रोशन, कार्तिक आर्यन व आलिया भट्ट की फिल्मों को पीछे छोड़ दिया है।

अजय देवगन, तब्बू और श्रिया सरन स्टारर ‘दृश्यम 2’ साल 2015 में आई ‘दृश्यम’ का सीक्वल है। फिल्म की एडवांस बुकिंग को देखते हुए अनुमान लगाए जा रहे थे कि ओपनिंग डे पर ‘दृश्यम 2’ की कमाई 10-12 करोड़ के आसपास रहेगी। हालाँकि, अनुमानों को ध्वस्त करते हुए फिल्म ने न सिर्फ 15.38 करोड़ रुपए की कमाई की, बल्कि इस साल की दूसरी सबसे बड़ी बॉलीवुड ओपनिंग के रूप में सामने आई। वहीं, पूरे भारत की फिल्मों की बात करें तो यह साल की छठी सबसे बड़ी ओपनिंग है।

दरअसल, ‘दृश्यम 2’ से पहले सिर्फ ‘ब्रह्मास्त्र’ ने पहले दिन 36 करोड़ रुपए की कमाई की थी। इस साल सबसे ज्यादा ओपनिंग लेने वाली मूवीज में दक्षिण भारतीय फिल्म ‘केजीएफ 2 (KGF 2)’ ने 53.95 करोड़, बॉलीवुड फिल्म ‘ब्रह्मास्त्र’ ने 36 करोड़, हॉलीवुड फिल्म ‘डॉक्टर स्ट्रेंज 2’ ने 28.25 करोड़ रुपए, साउथ इंडियन फिल्म ‘आरआरआर (RRR)’ ने 20.07 करोड़ रुपए और हॉलीवुड फिल्म ‘थॉर’ ने 18.20 करोड़ रुपए की कमाई की थी।

सीधे तौर पर देखें तो इस लिस्ट में दो फिल्में हॉलीवुड की और दो साउथ इंडियन फिल्में हैं। वहीं, बॉलीवुड की एक मात्र फिल्म ‘ब्रह्मास्त्र’ ही है, जिसने ‘दृश्यम 2’ से अधिक कमाई की थी। ‘दृश्यम 2’ की इस कमाई ने यह भी साबित कर दिया है कि अच्छी एक्टिंग के बल पर साउथ इंडियन फिल्मों के रीमेक भी बॉलीवुड में हिट हो सकते हैं।

दरअसल, अजय देवगन स्टारर ‘दृश्यम 2’ को लेकर फैंस और क्रिटिक शुरुआत से ही पॉजिटिव रिस्पॉन्स दे रहे थे। ऐसे में, फिल्म की कमाई ने लोगों को अधिक हैरान नहीं किया है। हालाँकि फिल्म ने पहले दिन की कमाई के मामले में, आमिर खान की ‘लाल सिंह चड्ढा’, अक्षय कुमार की ‘राम सेतु, ‘सम्राट पृथ्वीराज’, ‘बच्चन पांडे’ और ‘रक्षा बंधन’ वहीं कार्तिक आर्यन की ‘भूल भुलैया 2’, सैफ अली खान और ऋतिक रोशन की ‘विक्रम वेधा’ और आलिया भट्ट की ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ और रणबीर कपूर की ‘शमशेरा’ को पीछे छोड़ दिया है।

‘शिक्षित महिलाओं के दोहरे मानदंड होते हैं’: जया बच्चन ने बेटी श्वेता और नातिन नव्या नवेली से कहा- महिलाएँ अपनी दुश्मन खुद होती हैं

बॉलीवुड की पूर्व अभिनेत्री और राज्यसभा सांसद जया बच्चन (Jaya Bachchan) ने अपनी नातिन नव्या नवेली (Navya Naveli) के साथ पॉडकास्ट का नया एपिसोड जारी किया है। इसमें जया बच्चन की कहा कि पढ़ी-लिखी महिलाओं के दोहरे मानदंड होने हैं। उन्होंने कहा कि महिलाएँ अपनी दुश्मन खुद होती हैं।

नव्या नवेली नंदा का पॉडकास्ट ‘What is Hell (व्हाट द हेल)’ हर शनिवार को एक नया एपिसोड लेकर आता है। इसमें अमिताभ बच्चन की पत्नी जया बच्चन, बेटी श्वेता बच्चन और नातिन नव्या नवेली नंदा विभिन्न विषयों जैसे कि वित्त, पालन-पोषण, रिश्ते और बहुत कुछ के बारे में खुलकर बात करती हैं।

‘वन क्राउन, कई शूज’ नाम के शीर्षक वाले हालिया एपिसोड में बच्चन परिवार की महिलाओं ने सामने आने वाली चुनौतियों के बारे में बात की। शो के अंतिम सेगमेंट में नव्या ने भेदभाव पर सवाल उठाया और बेटियों की तुलना में बेटों को अलग तरह से पाले जाने की बात कही। तब जया बच्चन ने कहा कि शिक्षित महिलाओं के भी दोहरे मानदंड होते हैं। उन्होंने कहा कि महिलाएँ अपनी दुश्मन खुद हैं।

पॉडकास्ट में नव्या ने कहा कि जिस तरह लोग अपनी बेटियों की परवरिश करते हैं, उसी तरह बेटों की परवरिश कैसे करनी चाहिए। इस बीच जया बच्चन ने कहा कि यह देखना दुखद है कि शिक्षित महिलाओं के भी दोहरे मापदंड होते हैं और ये महिलाएँ अपनी ही दुश्मन हैं।

उन्होंने कहा, “शिक्षित महिलाओं के भी दोहरे मापदंड होते हैं, जो बहुत दुखद है। मैं इसे कभी-कभी कहना चाहती हूँ, लेकिन यह कहना अच्छा नहीं लगता। लेकिन, महिलाएँ अपनी खुद की दुश्मन हैं।” उन्होंने कहा कि बच्चों की परवरिश सिर्फ एक माँ की ही नहीं, बल्कि पिता की भी जिम्मेदारी होती है।

इस एपिसोड के शुरू में श्वेता बच्चन ने कहा कि महिलाओं को अन्य महिलाओं के लिए अच्छा और अधिक सहायक होने की आवश्यकता है। जया बच्चन ने कहा कि वह नव्या के लिए बहुत अच्छी हैं। उन्होंने कहा, “मैं हमेशा दूसरी महिलाओं की मदद करती हूँ और हमेशा उनके लिए बोलती हूँ। अब माँ-बेटी के बारे में बात नहीं करते हैं।”

श्वेता ने कहा, “मेडेलीन के अलब्राइट एक उदाहरण हैं। नरक में उन महिलाओं के लिए एक विशेष स्थान है, जो अन्य महिलाओं की मदद नहीं करती हैं। दान घर से शुरू होना चाहिए, माँ!” इसके बाद नव्या ने अपनी माँ श्वेता से कहा, “तुम्हारे साथ भी ऐसा ही है।” जया बच्चन ने कहा कि श्वेता नव्या को अपना ‘पंचिंग बैग’ मानती हैं। श्वेता ने कहा कि नव्या को नहीं पता कि कब चुप रहना है या कब किसी का मूड खराब है।

इस दौरान नव्या नवेली नंदा ने भारत की महिलाओं के फैशन सेंस पर भी अपनी बात रखी। जया बच्चन ने कहा है कि उन्हें समझ में नहीं आता कि भारतीय कपड़ों की जगह वेस्टर्न कपड़ों को लोग तवज्जो क्यों देते हैं।

जया बच्चन ने कहा, “मुझे लगता है कि हमने शायद ऐसा मान चुके हैं कि विदेशी कपड़े महिलाओं को पुरुषों के समान अधिकार देते हैं, जबकि मैं चाहती हूँ कि महिला नारीशक्ति का प्रदर्शन करें। मैं यह नहीं कहती कि जाइए साड़ी पहनिए, लेकिन विदेशों में भी महिलाएँ ड्रेस पहनती हैं। यह सारा बदलाव तब आया, जबसे महिलाओं ने पैंट पहनना शुरू किया है।”

इस पर जया बच्चन की बेटी श्वेता बच्चन कहती हैं, “पैंट पहनने से महिलाओं को आने-जाने में सुविधा होती हैं और कामकाज करने में भी सुगमता होती है। हम सरलता से कहीं भी आ-जा सकती हैं। यह बहुत ही सरल होता है कि आप पैंट और टी-शर्ट पहन लें, बजाय इसके की आप साड़ी का पल्लू ठीक करती रहे।”

इस दौरान नव्या नवेली नंदा ने कई महिला सीईओ के बारे में बात कीं, जो साड़ी पहनना पसंद करती हैं। इस पर जया बच्चन ने कहा कि वे इसलिए ऐसा करती हैं, क्योंकि वे सब अपने दम पर बनी हैं और उन्हें अपने ऊपर पूरा विश्वास है। 

‘उनके पदचिह्नों पर चलना मेरे लिए सौभाग्य की बात’: अटल बिहारी वाजपेयी के किरदार में दिखेंगे पंकज त्रिपाठी, अगले साल जयंती पर रिलीज होगी फिल्म

देश के सबसे लोकप्रिय नेता और तीन बार प्रधानमंत्री पद की शोभा बढ़ाने वाले अटल बिहारी वाजपेयी पर बायोपिक बनने जा रही है। इसमें अटल बिहारी वाजपेयी की भूमिका अभिनेता पंकज त्रिपाठी निभाने वाले हैं। पंकज त्रिपाठी ने इस बात की जानकारी अपने ट्विटर हैंडल पर दी। फिल्म की घोषणा करते हुए पंकज त्रिपाठी ने लिखा, “भारत जमीन का टुकड़ा नहीं, जीता-जागता राष्ट्रपुरुष है – ये पंक्तियाँ लिखने वाले महान नेता अटल बिहारी वाजपेयी की भूमिका मुझे बड़े पर्दे पर साकार करने का मौका मिल रहा है। इसे मैं अपना सौभाग्य मानता हूँ। अटल जल्द है।”

फिल्म को लेकर पंकज त्रिपाठी ने ‘इंडिया टुडे’ से बातचीत के दौरान कहा, “यह मेरे लिए सम्मान की बात है कि मैं इतनी बड़ी व्यक्तित्व की भूमिका निभाने जा रहा हूँ। अटल जी एक राजनेता होने के साथ-साथ उम्दा लेखक और चर्चित कवि भी थे। उनके पदचिह्नों पर चलना मुझ जैसे अभिनेता के लिए सौभाग्य से कम नहीं है।”

रवि जाधव बना रहे हैं फिल्म

अटल बिहारी वाजपेयी की जीवनी पर बन रही इस फिल्म के निर्देशक रवि जाधव हैं। रवि मराठी फिल्मों के प्रसिद्ध निर्देशक हैं। उन्हें 3 बार राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। यह फिल्म उल्लेख एनपी की किताब ‘द अनटोल्ड वाजपेयी: पॉलिटिशियन एंड पैराडॉक्स’ पर आधारित होगी। फिल्म को लेकर निर्देशक रवि जाधव ने कहा है कि वे लोगों की उम्मीदों पर खरे उतरेंगे।

25 दिसंबर 2023 को रिलीज हो सकती है फिल्म

अटल बिहारी वाजपेयी पर बायोपिक की घोषणा इसी साल 28 जून को हुई थी। लेकिन, उस समय फिल्म की स्टारकास्ट की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई थी। बताया जा रहा है कि रवि जाधव के निर्देशन में बन रही यह फिल्म अगले साल 25 दिसंबर पर रिलीज हो सकती है। बता दें कि 25 दिसंबर, 2023 को भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की 99वीं जयंती भी है।

मुस्लिम लड़की को हिंदू बता करवा दिया विवाह, जब बच्चे हो गए तो खतना करवा इस्लाम कबूलने का दबाव और धमकी

मध्य प्रदेश के उज्जैन में एक हिन्दू युवक ने अपने और अपने बच्चों के ऊपर धर्मान्तरण का दबाव बताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। युवक का आरोप है कि धोखे में रख कर उसकी शादी एक मुस्लिम लड़की से करवा दी गई है। पुलिस को दी गई शिकायत में पीड़ित ने खतना न करवाने पर अपनी पत्नी द्वारा रेप के झूठे केस में फँसाने की धमकी का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला जीवाजी गंज थानाक्षेत्र के श्रीकृष्ण कॉलोनी का है। यहाँ रहने वाले 34 वर्षीय विजय सिंह ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। उन्होंने बताया कि साल 2019 में उनकी शादी भगवती प्रसाद नाम के एक बिचौलिए के जरिए उज्जैन के ही अब्दुल रज्जाक की बेटी मुस्कान से करवाई गई थी। पीड़ित के अनुसार तब उसे धोखे में रख कर लड़की को हिन्दू बताया गया था। बाद में इस विवाह से 2 संताने हुईं।

विजय सिंह के मुताबिक बच्चों के जन्म के बाद से ही उनकी सास और खुद पत्नी द्वारा दोनों बच्चों को इस्लाम कबूलने करवाने का दबाव बनाया जाने लगा। शिकायत में आगे बताया गया है कि खुद विजय सिंह को खतना करवाने के लिए मजबूर किया जा रहा है।

पीड़ित विजय सिंह जब धर्मान्तरण का विरोध किए तो उनकी पत्नी मुस्कान द्वारा उन्हें दुष्कर्म के केस में फँसाने की धमकी दी गई। पीड़ित का यह भी आरोप है कि इस दौरान उनसे धमका कर तलाक के स्टाम्प पर दस्तखत भी करवा लिए गए हैं।

विजय सिंह ने अपनी पत्नी और उनके परिवार द्वारा कुछ अन्य हिन्दू युवाओं को भी धर्मपरिवर्तन के लिए फँसाने का आरोप लगाया है। अपनी शिकायत में विजय सिंह ने मुस्कान और उसकी माँ पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है।

ऑपइंडिया ने इस घटना की पुष्टि के लिए जीवाजी गंज थाने से सम्पर्क किया। थाने के टेलीफोन ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ ने हमें बताया कि थाना प्रभारी एक मीटिंग में हैं। जब हमने विजय सिंह द्वारा दी गई शिकायत पर सवाल किया तब उन्होंने बताया कि शिकायत सीनियर अधिकारियों को दी गई है, जिस पर जाँच की जाएगी।

राजस्थान की मंत्री जाहिदा खान को फूलों की नहीं… नोटों की माला चाहिए: वीडियो वायरल होने पर कहा – मजाक में बोला था

राजस्थान की गहलोत सरकार में मंत्री जाहिदा खान ने अपना स्वागत नोटों की माला से नहीं करने पर नाखुशी जताई। बाद में उन्हें नोटों की माला पहनाई गई, जिसको 500 रुपए मूल्य के नोटों से बनाया गया था। माला में प्रयोग नोटों का मूल्य लगभग 51 हजार रुपए है।

यह मामला राजस्थान के भरतपुर का है। इस बातचीत का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बाद में मंत्री जाहिदा खान की तरफ से आई सफाई में इसे मजाक में बोला गया शब्द बताया गया।

मंत्री जाहिदा खान कामां विधानसभा से निर्वाचित विधायक हैं। वायरल वीडियो में उन्हें कहते सुना जा सकता है, “फूलन सूं ताै काम ना चलेगाै, आज हम पक्काे काम करके जांगा।” मौके पर लोगों को हँसते भी देखा और सुना जा सकता है। मंत्री की भाषा मेवाती कही जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला कामां विधानसभा की पहाड़ी कृषि मंडी के चुनाव से संबंधित है। यहाँ जब पहले दिन मंत्री जाहिदा खान गईं तो उनका स्वागत फूलों की माला से हुआ। इस दौरान उन्होंने अपने स्वागतकर्ताओं से कहा था कि फूलों की माला से काम नहीं चलने वाला।

इसके अगले दिन एक अन्य तस्वीर वायरल हुई, जिसमें चुनाव के बाद मंत्री जाहिदा खान को नोटों की माला पहने देखा जा सकता है। नोटों की माला का भी फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

भाजपा ने बताया भ्रष्टाचार

राजस्थान सरकार में मंत्री जाहिदा खान के इस वीडियो और तस्वीरों को भाजपा ने भ्रष्टाचार का नाम दिया है। केंद्रीय मंत्री और जैसलमेर से भाजपा सांसद कैलाश चौधरी ने लिखा, “नोटों पर फिदा, कॉन्ग्रेस सरकार की मंत्री जाहिदा! राजस्थान कॉन्ग्रेस सरकार की शिक्षा मंत्री जाहिदा खान द्वारा व्यापारी से इस प्रकार की बात कर सरेआम नोटों की माला स्वीकार करना कॉन्ग्रेस की भ्रष्ट छवि एवं तंत्र को दर्शाता है।”

सफाई में मज़ाक की दुहाई

एक रिपोर्ट के मुताबिक बाद में जाहिदा खान के शौहर जलीश खान ने इस पूरे मामले पर सफाई दी है। उन्होंने बताया कि वीडियो में दिख रहे राममोहन और मंत्री जाहिदा भाई-बहन जैसे हैं। जलीश के मुताबिक मंत्री ने ये शब्द मजाक में कहे थे। वहीं इस वीडियो पर कृषि मंडी समिति के उपाध्यक्ष राममोहन ने भी इसे मंत्री जाहिदा खान द्वारा मजाक में बोले गए शब्द बताया है।

AAP मंत्री सत्येंद्र जैन को जेल में मसाज, पूरी दिल्ली में तेल-मालिश की माँग: केजरीवाल मसाज सेंटर का लगा बोर्ड

दिल्ली सरकार में मंत्री और आम आदमी पार्टी नेता सत्येंद्र जैन जेल में बंद हैं। जेल से ही उनका हैरान करने वाला वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में सत्येंद्र जैन जेल के अंदर मसाज करवाते नजर आ रहे हैं। जेल के सेल में लगे CCTV कैमरे में सत्येंद्र जैन की मसाज की तस्वीरें/वीडियो कैद हैं।

वीडियो में साफ दिख रहा है कि वह बड़े आराम से एक बिस्तर पर लेटे हुए हैं। सत्येंद्र जैन के हाथ में कुछ कागज हैं, जिसको वह पढ़ रहे हैं। उनके हाथों और पैरों में मसाज की जा रही है और इस दौरान सत्येंद्र जैन लोगों से बातचीत भी कर रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि ये अलग-अलग दिनों की तस्वीरें हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि वीडियो में वे अलग-अलग कपड़ों में दिखाई दे रहे हैं।

सत्येंद्र जैन को जेल में वीवीआईपी ट्रीटमेंट: ED

जो वीडियो सामने आया है, वह 13 सितंबर 2022 का बताया जा रहा है। सीसीटीवी वीडियो तिहाड़ जेल के सेल-4 ब्लॉक A का है। इससे पहले ईडी ने भी दावा किया था कि जेल में सत्येंद्र जैन को वीवीआईपी ट्रीटमेंट मिल रहा है।

ED ने अपने हलफनामे में आम आदमी पार्टी नेता सत्येंद्र जैन को मसाज की सुविधा मिलने का आरोप लगाया था। ईडी ने कहा था कि सत्येंद्र जैन को समय-समय पर हेड मसाज, फुट मसाज और बैक मसाज मिलता है। यही नहीं, ED के अनुसार सत्येंद्र जैन को अन्य तरह की सुविधाएँ भी दी जा रही हैं।

ईडी ने बताया था कि चूँकि सत्येंद्र जैन जेल मंत्री हैं, इस वजह से वह अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं। अब जो तस्वीरें/वीडियो सामने आई हैं, उससे यह साबित भी हो रहा है। ED ने तिहाड़ जेल से सत्येंद्र जैन को मसाज दिए जाने वाली फुटेज ली थी, जो अब सार्वजनिक हो चुका है। खबर यह भी है कि जैन ने कोर्ट से मसाज कराते फुटेज को रोकने की अपील की थी।

सजा की जगह वीवीआईपी मजा

वीडियो सामने आने के बाद से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। भाजपा एक बार फिर आम आदमी पार्टी पर हमलावर हो गई है। वीडियो के वायरल होने के बाद भाजपा ने आरोप लगाया है कि सत्येंद्र जैन को जेल में ही वीआईपी ट्रीटमेंट मिल रहा है। बीजेपी के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने ट्वीट किया। उन्होंने लिखा:

“तो सजा की जगह सत्येंद्र जैन को मिल रहा था पूरा वीवीआईपी मजा? तिहाड़ जेल में मसाज? पाँच महीने से जमानत नहीं पाने वाले हवालाबाज के सिर की मालिश! आप सरकार द्वारा संचालित जेल में नियमों का उल्लंघन। इस तरह वसूली और मसाज के लिए आधिकारिक पद का दुरुपयोग किया गया, केजरीवाल को धन्यवाद।”

बीजेपी के इस आरोप पर दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इसे राजनीति करार दिया। मनीष सिसोदिया के अनुसार सत्येंद्र जैन को डॉक्टरों ने मसाज करने की सलाह दी है क्योंकि उनका 2 ऑपरेशन किया गया था।

दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के जवाबों से हालाँकि सोशल मीडिया यूजर्स संतुष्ट नहीं हैं। लोग फोटो में गोला बना कर रिमोट कंट्रोल और मिनरल वॉटर की बोतलों पर सवाल खड़े कर रहे।

दिल्ली में जेल के भीतर अगर किसी मंत्री को मसाज का मजा मिल रहा है तो जनता भी मसाज की डिमांड करने लगी है। राम मनोहर लोहिया अस्पताल के सामने ही ‘केजरीवाल मसाज सेंटर’ का बोर्ड लगा दिया गया है। जनता पूरी दिल्ली में ऐसे मसाज सेंटर की माँग कर रही है।

सत्येंद्र जैन पर क्या हैं आरोप?

आपको बता दें कि दिल्ली सरकार में मंत्री सत्येंद्र जैन को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में 30 मई 2022 को गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले ईडी ने जैन के परिवार और कंपनियों की 4.81 करोड़ रुपए की अचल संपत्तियाँ कुर्क की थीं। जैन पर आरोप है कि उन्होंने दिल्ली में कई शेल कंपनियाँ बनाईं और कोलकाता के तीन हवाला ऑपरेटरों की 54 शेल कंपनियों के माध्यम से 16.39 करोड़ रुपए के काले धन को सफेद किया।

चीन बॉर्डर पर अरुणाचल प्रदेश में पहला ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा: PM मोदी ने किया उद्घाटन, सभी मौसम में संचालन के लिए उपयुक्त

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार (19 नवंबर 2022) को चीन की सीमा से लगे राज्य अरुणाचल प्रदेश मेें डोनी पोलो हवाई अड्डे का उद्घाटन किया। यह राज्य का पहला ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री मोदी ने 8,450 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से बनी 600 मेगावॉट का कामेंग जलविद्युत परियोजना को भी देश को समर्पित किया। 

बता दें कि कामेंग पनबिजली परियोजना को पश्चिम कामेंग जिले में विकसित किया गया है। इसका दायरा 80 किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में है। वहीं, डोनी पोलो हवाई अड्डे को 690 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैला है। इसका रनवे 2,300 मीटर लंबा है और यह हवाई अड्डा सभी मौसम के संचालन के लिए उपयुक्त है।

आधिकारिक बयान में कहा गया है कि होलोंगी में बने टर्मिनल का निर्माण लगभग 955 करोड़ रुपए की लागत से किया गया है। इसका कुल क्षेत्रफल 4100 वर्ग मीटर है। वहीं, इसकी अधिकतम क्षमता प्रति घंटे 200 यात्रियों को सँभालने की है। हवाई अड्डा टर्मिनल एक आधुनिक इमारत है। यहाँ ऊर्जा दक्षता, नवीकरणीय ऊर्जा और संसाधनों के रिसाइकल को बढ़ावा दिया गया है।

इस हवाई अड्डे को बनाने में 640 करोड़ रुपए से अधिक की राशि खर्च की गई है। डोनी पोलो एयरपोर्ट अरुणाचल प्रदेश का तीसरा परिचालन हवाई अड्डा होगा। बता देें कि साल 2019 में पीएम मोदी ने इस ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे के निर्माण की आधारशिला रखी थी।

इसके साथ ही देश के उत्तर-पूर्वी भारत में हवाई अड्डों की कुल संख्या को 16 हो गई। साल 1947 से 2014 तक उत्तर-पूर्व में केवल नौ हवाई अड्डे बनाए गए थे। तब से आठ सालों में मोदी सरकार ने पूर्वोत्तर में सात नए हवाई अड्डे बनाए हैं।इसके साथ ही यहाँ उड़ानों की संख्या में भी वृद्धि हुई है।

पूर्वोत्तर के पाँच राज्यों- मिजोरम, मेघालय, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड के हवाई अड्डों ने 75 सालों में पहली बार उड़ानें शुरू की हैं। उत्तर-पूर्व में विमानों की आवाजाही में भी 2014 के बाद से 113 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है। यह 2014 में 852 प्रति सप्ताह से बढ़कर 2022 में 1817 प्रति सप्ताह हो गई है।

डोनी पोलो का अर्थ है- सूर्य-चंद्रमा। अरुणाचल प्रदेश की संस्कृति में सूर्य को डोनी और चंद्रमा को पोलो कहा जाता है। हवाई अड्डे का नाम अरुणाचल प्रदेश की परंपराओं और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाता है। इस दौरान प्रधानमंत्री ने एक जनसभा को भी संबोधित किया।

लोगों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “आप जानते हैं कि हम एक कार्य संस्कृति लेकर आए हैं, जहाँ जिन परियोजनाओं का हमने शिलान्यास किया है, उनका उद्घाटन करते हैं। आजादी के बाद पूर्वोत्तर एक अलग युग का गवाह बना है। दशकों तक क्षेत्र उपेक्षा का शिकार रहा। अटकाना, लटकाना, भटकाना का युग चला गया है। साल में 365 दिन, चौबीसों घंटे, हम देश के विकास के लिए ही काम करते हैं।”

उन्होंने कहा, “मैं जब भी अरुणाचल आता हूँ, एक नई उमंग, ऊर्जा और नया उत्साह लेकर जाता हूँ। अरुणाचल के लोगों के चेहरे पर कभी भी उदासीनता और निराशा नहीं झलकती है। अनुशासन क्या होता है, ये यहाँ के हर व्यक्ति और घर में नजर आता है।”

पीएम मोदी ने कहा, “जब मैंने 2019 में इसका शिलान्यास किया था, तब चुनाव होने वाले थे। उस समय राजनीतिक टिप्पणीकारों ने शोर मचाया कि हवाई अड्डा नहीं बनने जा रहा है। मोदी मतदान के कारण पत्थर खड़ा कर रहे हैं। आज का उद्घाटन उनके मुँह पर तमाचा है।” 

गैर-धर्म में शादी करने से पहले DM को बताने की जरूरत नहीं, हाईकोर्ट ने आदेश में कहा – बालिगों को परेशान करने वाला कानून

मध्य प्रदेश में अब किसी और धर्म की प्रेमी-प्रेमिका से शादी करने के लिए होने वाले धर्म परिवर्तन की सूचना अधिकारियों को नहीं देनी पड़ेगी। प्रदेश की जबलपुर हाईकोर्ट ने किसी और धर्म में शादी करने से पहले जिलाधिकारी को सूचना देने की बाध्यता खत्म करते हुए इस कानून को संवैधानिक तौर पर गलत माना है।

उच्च न्यायालय के मुताबिक बालिग युवा अपनी मर्जी से न सिर्फ शादी करने बल्कि धर्म भी चुनने के लिए स्वतंत्र हैं। निर्णय देने वाले न्यायाधीशों ने राज्य सरकार के इस कानून को युवाओं को परेशान करने वाला नियम बताया है। हाईकोर्ट से यह आदेश सोमवार (14 नवम्बर 2022) को जारी हुआ है।

जबलपुर हाईकोर्ट से यह आदेश न्यायमूर्ति सुजॉय पॉल और न्यायमूर्ति पीसी गुप्ता की खंडपीठ ने दिया। दोनों जजों ने अंतर्धामिक शादी में जिलाधिकारी को पहले सूचना देने के नियम को बालिगों के संवैधानिक अधिकारों का हनन माना है। उच्च न्यायालय ने अगले आदेश तक मामले में सरकार को कोई कड़ी कार्रवाई न करने के आदेश दिए हैं। फिलहाल कोर्ट ने सभी 7 याचिकाकर्ताओं को अंतरिम राहत दे दी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जबलपुर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को इस मामले में अपना पक्ष रखने के लिए 3 सप्ताह का समय दिया है। यह बहस मध्य प्रदेश शासन द्वारा लागू फ्रीडम ऑफ़ रिलिजन एक्ट- 2021 की धारा 10 पर हुई। इस कानून को तोड़ने वालों पर 1 लाख रुपए का जुर्माना और 10 साल की सजा का प्रावधान है।

मध्य प्रदेश शासन द्वारा लागू फ्रीडम ऑफ़ रिलिजन एक्ट- 2021 के खिलाफ कुल 7 याचिकाएँ दायर हुईं थीं। ये 7 याचिकाएँ अमृतांश नेमा, सुरेश कार्लटन, एलएस हार्डेनिया, आज़म खान, रिचर्ज जेम्स, आराधना भार्गव और सैमुअल डेनियल द्वारा लगाई गई हैं। इन याचिकाकर्ताओं के वकील मनोज शर्मा, काजी फर्ख़रूद्दीन, संध्या रजक और हिमांशु मिश्रा हैं। अगली सुनवाई पर कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को भी पूरी तैयारी के साथ आने के लिए कहा है।

पैसा, घर, नौकरी का लालच दे उइगर मुस्लिम लड़कियों की शादी चीनी मर्दों से… इनकार करने पर उनके अम्मी-अब्बू को सजा

चीन (China) उइगुर मुस्लिम (Uyghur Muslim) समुदाय को पूरी तरह खत्म करने के लिए कई तरह की वित्तीय प्रोत्साहन रहा है। चीन की बहुसंख्यक हान समुदाय से शादी करने वाले उइगुर मुस्लिमों को सरकार की ओर से वित्तीय, शिक्षा और करियर में प्राथमिकता दी जा रही है। बता दें कि चीन के शिनजियांग प्रांत में उइगुर मुस्लिमों की बड़ी आबादी है और यह चीन का सबसे अशांत प्रांत है।

इसका बात का खुलासा उइगुर मुस्लिमों पर काम करने वाली संस्था ने किया है। The Uyghur Human Rights Project ने साल 2014 से उइगुर मुस्लिमों की स्थिति पर गहन अध्ययन के बाद रिपोर्ट जारी है। इसमें कहा गया है कि चीन की सरकार का उइगुर मुस्लिमों को जबरदस्ती लगातार बढ़ती जा रही है। यह NGO अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन में स्थित है।

चीनी मीडिया, सरकारी दस्तावेजों, सरकार द्वारा स्वीकृत विवाह पत्र, उइगुर प्रवासी में महिलाओं के खातों के विश्लेषण के आधार पर तैयार इस रिपोर्ट में कहा गया है कि इसमें सरकार और वहाँ की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी शामिल है। रिपोर्ट में कहा गया है, “चीनी की पार्टी और सरकार मिश्रित विवाह के माध्यम से उइगुरों को चीनी हान समाज में जबरन पूरी तरह मिला देने के लिए चलाए जा रहे अभियान में सक्रिय रूप से शामिल हैं।”

इसके पहले संयुक्त राष्ट्र (UN) ने भी माना था कि शिनजियांग में चीन की नीतियाँ नरसंहार या मानवता के खिलाफ हैं और ये इससे कहीं बढ़कर हो सकती हैं। इसके पहले खबर आई थी कि उइगुरों से जबरन काम कराया जाता है, उन्हें शिविरों में कैद किया जा रहा है और उनके पुरुषों की जबरन नसबंदी की जा रही है। इसको ध्यान में रखते हुए ब्रिटेन, कनाडा, यूरोपीय संघ और संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा प्रतिबंध लगाए गए हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने साल 2014 में शिनजियांग वर्क फोरम में ‘नए युग’ की घोषणा की थी। इसके बाद अंतर्जातीय विवाह नीतियों को तेज किया गया। इसके पीछे दोनों समुदायों के बीच संपर्क और मिलन को बढ़ावा देना बताया गया था।

इसे बढ़ावा देने के लिए चीन की सरकार नकद भुगतान, आवासीय सहायता, चिकित्सा देखभाल, सरकारी नौकरी और ट्यूशन आदि में छूट दे रही है। इसके जरिए उइगुरों को प्रलोभन दिया जा रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर उइगुर महिलाएँ ऐसी शादी से इनकार करती हैं तो उन महिलाओं और उनके माता-पिता को सजा दी जाती है।

साल 2019 में हान पार्टी के युवकों कहा गया था कि जो पुरुष उइगर महिलाओं से प्यार करते हैं और शादी करना चाहते हैं, वे उन महिलाओं को बताएँ कि मातृभूमि से प्यार करना चाहिए, पार्टी से प्यार करना चाहिए और शिनजियांग के लिए जुनून होना चाहिए। रिपोर्ट के लेखकों का कहना है कि इसके जरिए चीन की सरकार उइगुरों की संस्कृति खत्म कर रही है।