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श्रद्धा के आंतों का बना दिया ‘कीमा’, आइसक्रीम-कोल्ड ड्रिंक के साथ रखे लाश के टुकड़े: रोज सिर निहारता आफताब, उसी घर में सेक्स भी करता

आफताब अमीन पूनावाला (Aftab Amin Poonawalla) मुंबई के एक होटल में शेफ की नौकरी कर चुका है। इस दौरान उसने मुर्गा और बकरा काटने की ट्रेनिंग ली थी। मीडिया रिपोर्टों में जो तथ्य सामने आ रहे हैं उससे लगता है कि अपने इस ‘हुनर’ का इस्तेमाल उसने दिल्ली में श्रद्धा वाकर (Shraddha Walker) की हत्या कर लाश को ठिकाने लगाने में भरपूर किया। कथित तौर पर 27 साल की श्रद्धा के आंतों का उसने कीमा बना दिया था।

द प्रिंट ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि सबसे पहले आफताब ने आंतों को ही फेंका था। रिपोर्ट में पुलिस सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि शव को छोटे-छोटे हिस्सों में काट फ्रिज में स्टोर किया गया। शव के टुकड़ों के साथ आइसक्रीम और कोल्ड ड्रिंक्स भी रखी थी। शव के टुकड़े करने के लिए उसने एक फुट लंबी आरी का इस्तेमाल किया था।

न्यूज 18 की रिपोर्ट के अनुसार श्रद्धा की हत्या के बाद भी आफताब सामान्य जीवन जी रहा था। उसने कई महिलाओं से शारीरिक संबंध बनाए। इस हत्या के बाद डेटिंग एप के जरिए संपर्क में आई एक लड़की को भी वह दिल्ली के महरौली की उस फ्लैट में लेकर आया था, जिसमें श्रद्धा के शव के कटे हुए टुकड़े रखे थे।

उसने हत्या करने के बाद श्रद्धा के शव के 35 टुकड़े किए थे। इन्हें वह करीब 18 दिनों तक एक-एक कर फेंकता रहा। श्रद्धा के कटे सिर को वह रोज देखता था। शव के टुकड़ों को आफताब काली पन्नी में रखकर ठिकाने लगाता था।

ताजा जानकारी में यह भी सामने आया है कि आरोपित ने श्रद्धा के क़त्ल के दौरान बिखरे खून की सफाई के लिए केमिकल गूगल पर सर्च किया था। इन केमिकल को मँगवा लेने के बाद उसने श्रद्धा की लाश बाथरूम में रख दी थी। बाद में उसने लाश के छोटे-छोटे पीस काटे और उसे फ्रिज में रखा। बाद में उसने केमिकल से बाकायदा फर्श और फ्रिज को धोया। आफ़ताब उसी कमरे में सोता भी था, जहाँ उसने श्रद्धा की लाश को काट कर रखा था।

एक रिपोर्ट के मुताबिक आफ़ताब श्रद्धा की लाश के साथ कुल 22 दिनों तक रहा था। सबसे पहले उसने श्रद्धा के हाथों को काटा था फिर पैरों को। इसके बाद उसने बाकी अंग भी काटे। कटे हुए अंगों को वो फ्रिज में रखने से पहले बोरिक एसिड से धोता था। जिस फ्रिज के एक हिस्से में उसने श्रद्धा की लाश रखी थी, उसी फ्रिज के दूसरे हिस्से में वो बिस्किट, दूध, मक्खन और कोल्डड्रिंक आदि रखता था।

कहा जा रहा 18 मई 2022 को श्रद्धा की हत्या करने के बाद आफ़ताब 10 जून तक उसका इंस्टाग्राम चला रहा था। ऐसा करने के पीछे उसका मकसद श्रद्धा को जिन्दा दिखाना था। इस दौरान वो आने वाले मैसेजों का श्रद्धा बनकर जवाब भी देता था। श्रद्धा की लाश को ठिकाने लगाने के बाद आफताब ने फ़्लैट चेंज कर लिया था।

AAP विधायक ने शहजाद पूनावाला के साथ जोड़ा श्रद्धा के हत्यारे का नाम, भाजपा प्रवक्ता ने भेजी कानूनी नोटिस: जानिए ‘पूनावाला’ सरनेम के बारे में

AAP विधायक नरेश बाल्यान (AAP MLA Naresh Balyan) ने मंगलवार (15 नवंबर, 2022) को ट्वीट कर भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला को श्रद्धा वाकर के हत्यारे के साथ जोड़ने की कोशिश की। आरोपित का पूरा नाम मीडिया में आफताब अमीन पूनावाला बताया गया है। बाल्यान ने पूछा कि शहजाद का आफताब से क्या रिश्ता है और भाजपा प्रवक्ता सवालों का जवाब दिए बिना क्यों भाग रहे हैं?

AAP विधायक नरेश बाल्यान का ट्वीट

बाल्यान ने ट्वीट किया, “श्रद्धा वाकर की हत्या कर उसे 35 टुकड़े में काटने वाला आफताब पूनावाला और भाजपा नेता शहजाद पूनावाला में क्या रिश्ता है? लोग सोशल मीडिया पर आवाज उठा रहे हैं। लोग जानना चाहते हैं, अगर कोई रिश्ता नहीं है तो शहजाद पूनावाला भाग क्यों रहे हैं। मीडिया में आकर सफाई दें।” उल्लेखनीय है कि शहजाद के भाई तहसीन पूनावाला की शादी रॉबर्ट वाड्रा की कजन सिस्टर मोनिका वाड्रा से हुई है।

सिर्फ इसलिए कि हत्यारे का सरनेम एक जैसा है, AAP विधायक ने भाजपा प्रवक्ता को कातिल आफताब से जोड़ने की कोशिश की। नरेश बाल्यान द्वारा लगाए गए आरोपों का जवाब देते हुए शहजाद पूनावाला ने ट्विटर पर जानकारी दी कि उनके वकील ने AAP विधायक के खिलाफ उनके ‘बेबुनियाद और मानहानि वाले बयानों’ के लिए आपराधिक और कानूनी कार्यवाही शुरू की है।

शहजाद ने आगे बताया कि वह इस झूठ को फैलाने वाले और हत्यारे के साथ उनका नाम जोड़ने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति को नहीं बख्शेंगे। उनके खिलाफ भी इसी तरह की कार्रवाई करेंगे।

नरेश बाल्यान ने फिर किया झूठा दावा

शहजाद पूनावाला के नाम को आरोपित के साथ जोड़ने की कोशिश करने के बाद, AAP विधायक ने शहजाद के कानूनी नोटिस पर प्रतिक्रिया दी और बिना किसी तर्क के यह दावा किया कि वह (शहजाद) अब आरोपित आफताब का बचाव करने की कोशिश कर रहे हैं। बाल्यान ने दावा किया कि वह श्रद्धा के लिए न्याय की माँग करना जारी रखेंगे।

बाल्यान ने ट्वीट किया, “बिटिया श्रद्धा के हत्यारे आफताब पूनावाला के समर्थन में उतरा भाजपा नेता शहजाद पूनावाला। श्रद्धा के लिए आवाज उठाने पर मुझे दे रहा मुकदमे की धमकी। सुनो शहजाद चुनावला, मैं तुम्हारे इस मुकदमे से डरने वाला नहीं। मैंने तो लोगों की आवाज उठाई। मैं आवाज उठाऊँगा श्रद्धा बिटिया के न्याय के लिए।”

बता दें कि ‘पूनावाला’ सरनेम अक्सर पारसियों या बोहरा मुस्लिमों द्वारा लगाया जाता है। ये मूलत: पुणे के रहने वाले होते हैं। शहजाद भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता हैं, जबकि उनके भाई तहसीन को अक्सर टीवी डिबेट में कॉन्ग्रेस पार्टी का पक्ष रखते हुए देखा जाता है। साइरस पूनावाला और उनके बेटे अदार पूनावाला को भारत के वैक्सीन किंग के तौर पर भी जाना जाता है। ये पारसी समुदाय से हैं। वहीं, सोशल मीडिया के एक खास वर्ग ने हत्यारे आफताब के मज़हब को छिपाने की कोशिश शुरू कर दी।

उस समूह ने यह अफवाह उड़ानी शुरू कर दी है कि श्रद्धा का कातिल आफताब मुस्लिम नहीं बल्कि पारसी है।

बात न किया तो जलाया, निकाह से इनकार पर गोली मारी, साथ रहना चाहा तो टुकड़े-टुकड़े हुए: कब तक शाहरुख-तौसीफ-आफताब की शिकार बनेंगी अंकिता-निकिता-श्रद्धा

श्रद्धा वाकर (Shraddha Walker) की निर्मम हत्या ने पूरे देश को झकझोर दिया है। हालाँकि, यह कोई पहली घटना नहीं है जब किसी हिंदू लड़की के साथ ऐसी बर्बरता को अंजाम दिया गया है। ज्यादा दिन नहीं हुए जब झारखंड में एकतरफा प्यार में हिंदू लड़की को जिंदा जला दिया गया था।

नाम बदलकर हिंदू लड़कियों को प्यार के जाल में फँसाना, उनका शारीरिक शोषण करना, उन पर धर्मांतरण का दबाव बनाना, जबरन निकाह करना आम हो गया है। आए दिन इस तरह के मामले सुर्खियों में रहते हैं। कभी बात नहीं करने पर उनकी हत्या होती है। कभी निकाह से इनकार करने पर। लेकिन श्रद्धा के 35 टुकड़े तो तब भी कर दिए गए जब वह आफताब के साथ रहना चाहती थी।

अंकिता को जिंदा जलाया

अगस्त 2022 में झारखंड के दुमका में शाहरुख ने 12वीं की छात्रा अंकिता पर पेट्रोल डाल कर उसे जिंदा जला डाला था। अंकिता का कसूर केवल इतना था कि उसने शाहरुख का प्रस्ताव ठुकरा दिया था। वह उससे बात नहीं करना चाहती थी। शाहरुख का एक वीडियो भी वायरल हुआ था। वीडियो में ​देखा गया था कि जब पुलिस उसे पकड़कर ले रही थी, तो वह मुस्कुरा रहा था। उसे इस बात का कोई पछतावा नहीं था कि उसने एक लड़की को जिंदा जलाकर मार डाला। ठीक उसी तरह आफताब के चेहरे पर भी किए का कोई पछतावा नहीं है। वह जेल में चैन की नींद लेते देखा गया है।

निकिता तोमर को मारी गोली

इसी तरह हरियाणा के फरीदाबाद स्थित बल्लभगढ़ में दिनदहाड़े निकिता तोमर की तौसीफ (Tauseef) ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। निकिता तोमर (Nikita Tomar) को सड़क पर गोली मारने के CCTV फुटेज भी सामने आया था। निकिता के घरवालों ने आरोप लगाया था कि तौसीफ धर्म परिवर्तन का दबाव बना रहा था। वह निकिता को कहता था ‘मुस्लिम बन जा हम निकाह कर लेंगे’। जब वह नहीं मानी तो गोली मार कर हत्या कर दी।

शर्मनाक यह भी है कि जब भी हिंदू लड़कियाँ मजहबी दरिंदों की शिकार होती हैं तो एक वर्ग मजहब पर पर्दा डालने में लग जाता है। श्रद्धा के मामले में भी यही हुआ है। आफताब को शुरुआत में पारसी बताने की कोशिश हो रही थी।

जिस अभिनेत्री के साथ आमिर खान के तीसरे निकाह की थी चर्चा, उसे पड़ते हैं मिर्गी के दौरे: बदबूदार जूता भी सूँघाया गया, दवाइयों के हो गए साइड इफ़ेक्ट

बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान (Aamir khan) के किरन राव से तलाक के बाद जिस अभिनेत्री के साथ तीसरे की निकाह चर्चा हो रही थी, वह इन दिनों एपिलेप्सी (मिर्गी) की बीमारी से जूझ रही हैं। दरअसल, ‘दंगल’ फिल्म की एक्ट्रेस फातिमा सना शेख (Fatima Sana Shaikh) दवाइयों और वर्कआउट के जरिए खुद को ठीक करने की कोशिश कर रही हैं। इस बात का खुलासा फातिमा सना शेख ने इंस्टाग्राम पर अपने फैंस से बातचीत के दौरान किया।

इसके साथ ही उन्होंने बताया कि किस तरह एपिलेप्सी की बीमारी ने उनकी पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ को प्रभावित किया है। उन्होंने सोमवार (14 नवंबर, 2022) अपने इंस्टाग्राम पर एपिलेप्सी से जुड़े कई सवालों के जवाब दिए। फातिमा सना शेख ने पहलवार महावीर सिंह फोगट और उनकी बेटियों पर बनी फिल्म ‘दंगल’ में आमिर खान की बेटी का किरदार अदा कर के शोहरत बटोरी थी। उन्होंने रेसलर गीता फोगट का रोल अदा किया था।

फातिमा से पूछा गया कैसे एपिलेप्सी ने उन्हें प्रोफेशनली इफेक्ट किया है? जवाब में फातिमा कहती हैं कि बाकी लोगों की तुलना में उन्हें थोड़ा :धीमा चलना पड़ता है, लेकिन वह सब कुछ कर सकती हैं। कुछ अजीब और मुश्किल दिन होते हैं, उन्हें इस दौरान स्लो कर देते हैं। हालाँकि, सना खुद को खुशकिस्मत मानती हैं कि वह उन लोगों के साथ काम कर पा रही हैं, जिनके साथ वह काम करना चाहती थीं। उन्होंने कहा, “इसने मेरे जूनून को कम नहीं किया है और ना ही कभी मुझे मेरा बेस्ट देने से रोका है। वास्तव में इसने मुझे और मेहनत करने के लिए उत्साहित भी किया है। फातिमा ने बताया कि उनका डॉगी बिजली उनके लिए थेरेपी की तरह है।”

फोटो साभार: फातिमा का इंस्टाग्राम

उनसे सवाल किया गया कि एपिलेप्सी के मरीजों को बदबूदार जूता सूँघने के लिए मजबूर किया जाता है। इस बात को गलत ठहराते हुए एक्ट्रेस ने कहा, “ये मिथ है। प्लीज ऐसा मत करना। इससे बाहर निकलना वैसे भी इतना भयानक है। सबसे आखिरी चीज जो आप चाहोगे वो है बदबूदार जूता सूँघना। हाहाहा। लोगों ने ये मेरे साथ किया था। ये भयावह था।” फातिमा सना शेख ने आगे बताया कि वो इस बीमारी को कंट्रोल रखने के लिए वर्कआउट करती हैं। दवाइयों की वजह से साइड इफेक्ट भी हुए थे, लेकिन अब वो नॉर्मल और स्टेबल हैं।”

फोटो साभार: फातिमा का इंस्टाग्राम

बता दें कि फातिमा ने फिल्म ‘दंगल’ से बॉलीवुड में अपना डेब्यू किया था। इस फिल्म में उन्होंने आमिर खान की बेटी का किरदार निभाया था। लेकिन, इस साल जुलाई में आमिर खान और उनकी दूसरी बीवी किरण राव का तलाक होने के बाद सोशल मीडिया पर ‘दंगल’ फेम अभिनेत्री फातिमा सना शेख ट्रेंड होने लगीं। लोग आमिर खान के साथ उनका नाम जोड़ने लगे। लोगों ने तो फातिमा सना शेख को आमिर खान और किरण राव की तलाक की वजह तक बता दिया।

वहीं एक सोशल मीडिया यूजर ने तो फातिमा सना शेख और आमिर खान को बधाई देते हुए ये कामना तक कर डाली थी कि उनका रिश्ता लंबा चलेगा।

Yes I killed her: अंग्रेजी में गुनाह कबूल रहा है आफताब, श्रद्धा मर्डर केस में 7 चौंकाने वाले खुलासे; जंगल से मिले 10 बॉडी पार्ट्स

दिल्ली पुलिस श्रद्धा वाकर (Shraddha Walker) के शव के अवशेषों की तलाश में जुटी है। इसके लिए वह आफताब अमीन पूनावाला (Aftab Amin Poonawalla) को उस जंगल में लेकर गई थी, जहाँ शव के टुकड़े फेंके गए थे। हत्या के बाद श्रद्धा के शव के 35 टुकड़े करने वाले आफताब के चेहरे पर कोई पछतावा नहीं दिख रहा।

पुलिस ने बताया है कि आफताब पूछे गए सवाल का जवाब अंग्रेजी में देता है। उसने हत्या की बात कबूल करते हुए कहा- यस आई किल्ड हर (Yes i killed her)। पुलिस की जाँच में हत्याकांड से जुड़ी कई बड़ी बातें सामने आई हैं। जानते हैं अब तक इस मामले से जुड़े 7 बड़े खुलासे क्या हैं;

1. हत्या के बाद दूसरी महिला को कमरे पर लाया था आफताब

मिली जानकारी के मुताबिक, श्रद्धा वाकर की हत्या के बाद आफताब ने अपनी एक अन्य गर्लफ्रेंड को कमरे पर लेकर आया था। हैरत की बात यह है कि इसी कमरे में आफताब ने श्रद्धा वाकर के शवों के टुकड़ों को फ्रिज में छिपाकर रखा था।

2. हत्या के बाद रोज देखता था श्रद्धा का चेहरा

श्रद्धा हत्याकांड में एक चौंकाने वाली जानकारी यह भी मिली है कि आफताब उसी कमरे में सोता था, जहाँ उसने श्रद्धा की हत्या कर शव को टुकड़ों में काटा था। फ्रीज में रखने के बाद वह उसका चेहरा रोज देखता था। हर रात वह उसके एक-एक अंग को ठिकाने लगाता था।

3. 18 दिनों तक फ्रिज में रखे थे शरीर के टुकड़े

आफताब ने शरीर के अंगों को ठिकाने लगाने के बाद फ्रिज की सफाई भी की थी। वह लगभग 18 दिनों तक इन टुकड़ों के साथ रहा। हैरान करने वाली बात यह है कि आफताब उसी फ्रिज से ही खाने-पीने का सामान भी निकालता और रखता था, जिसमें श्रद्धा की लाश के टुकड़े थे।

4. दिल्ली पहुँचने के 10 दिन बाद ही क़त्ल

आफताब और श्रद्धा मुंबई से दिल्ली 8 मई 2022 को आए थे। उन्होंने महरौली के जंगल के पास फ्लैट लिया था। दिल्ली पहुँचने के 10 दिन बाद यानी 18 मई को आफताब ने श्रद्धा का मर्डर कर दिया।

5. फ्लैट दिलाने वाला गिरफ्तार

श्रद्धा हत्याकांड में बद्री नाम के शख्स की एंट्री हुई है। यही वो शख्स है, जिसने आफताब को महरौली इलाके में फ्लैट दिलाया। पुलिस अब उससे पूछताछ कर रही है।

6. आफताब मुझे मार डालेगा

महाराष्ट्र के पालघर की रहने वाले श्रद्धा के दोस्तों का कहना है कि शुरुआत में यह जोड़ा खुशी-खुशी रहता था। लेकिन कुछ ही दिनों में उनके बीच बातें बिगड़ गईं और श्रद्धा रिश्ता तोड़ना चाहती थी। एक बार हालात इतने बिगड़ गए थे कि श्रद्धा ने अपने एक दोस्त को फोन करके कहा था कि ‘मुझे यहाँ से ले जाओ वरना आफताब मुझे मार डालेगा।’

7. श्रद्दा के साथ मारपीट करता था आफताब

एक और दोस्त के मुताबिक, आफताब उसे लगातार मारता था। वह उसे छोड़ना चाहती थी, लेकिन ऐसा नहीं कर सकी। आफताब उसे मारता था फिर भी उसे छोड़ नहीं पा रही थी।

आफताब के साथ महरौली के जंगल पहुँची पुलिस

मामले की जाँच कर रही दिल्ली पुलिस मंगलवार को श्रद्धा मर्डर केस के आरोपित आफताब अमीन पूनावाला को लेकर महरौली के जंगल पहुँची। पुलिस श्रद्धा के शरीर के टुकड़ों की तलाश कर रही है। जानकारी के मुताबिक अब तक 10 बॉडी पार्ट्स मिलने की बात सामने आई है। जो बॉडी पार्ट्स मिले हैं उसकी फोरेंसिक जाँच की जाएगी और DNA टेस्ट होगा।

जिस संगठन का टारगेट हर साल भारत में 25000 ईसाई बनाना, उसे फंडिंग कर रहा Amazon: आर्गेनाइजर का दावा, कंपनी ने किया खंडन

‘राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS)’ की पत्रिका ‘द ऑर्गनाइजर’ (The Organiser)’ ने ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन (Amazon) पर देश में धर्मांतरण को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। पत्रिका ने दावा किया है कि अमेजन ‘अमेरिकन बैप्टिस्ट चर्च’ नामक संगठन को फंडिंग कर रहा है। आरोप है कि यह संगठन पूर्वोत्तर भारत में 25,000 से अधिक लोगों का धर्मांतरण चुका है। हालाँकि, अमेजन ने इन आरोपों को खारिज किया है।

दरअसल, ‘द ऑर्गनाइजर’ ने एक कवर स्टोरी की है, जिसे ‘अमेजिंग क्रॉस कनेक्शन’ टाइटल दिया गया है। इस कवर स्टोरी में कहा गया है कि अमेजन द्वारा ‘अमेरिकी बैप्टिस्ट चर्च’ (ABM) द्वारा चलाए जा रहे क्रिश्चन कनवर्जन मॉड्यूल को फंडिंग किया जा रहा है। इसके अलावा, ‘अमेरिकन बैप्टिस्ट चर्च’ भारत में ऑल इंडिया मिशन (AIM) नामक एक कार्यक्रम चला रहा है। इसकी वेबसाइट में खुले तौर पर यह दावा किया गया है कि उसने पूर्वोत्तर भारत में 25 हजार लोगों को धर्मांतरित कर ईसाई बनाया है।

‘द ऑर्गनाइजर’ ने कहा है, “ई-कॉमर्स की दिग्गज कंपनी अमेजन ‘अमेरिकन बैपटिस्ट चर्च (ABM)’ द्वारा संचालित ‘ईसाई धर्मांतरण मॉड्यूल’ को फंडिंग कर रही है। भारत के बड़े मिशनरी धर्मांतरण मिशन को फंडिंग करने के लिए बहुराष्ट्रीय कंपनियों और एबीएम द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग रिंग चलाए जाने की आशंका भी है।”

पत्रिका में यह भी दावा किया गया है, “यह उसका मुखौटा संगठन है, जिसने अपनी वेबसाइट पर खुले तौर पर दावा किया है कि उसने पूर्वोत्तर भारत में 25 हजार लोगों को ईसाई मजहब में परिवर्तित किया है। अमेजन एक भारतीय द्वारा प्रत्येक खरीद पर पैसे दान करके ऑल इंडिया मिशन के धर्मांतरण मॉड्यूल का समर्थन कर रहा है।”

हालाँकि, ऑपइंडिया ने जब ‘ऑल इंडिया मिशन’ के बारे में खँगाला तो इसका वेबसाइट नहीं मिला। लेकिन, इसके ‘लिंक्डइन’ अकाउंट में कहा गया है, “ऑल इंडिया मिशन में हमारा विजन हर साल 25,000 लोगों को येशु मसीह की ओर ले जाना है।” इसका सीधा मतलब है कि यह ईसाई संगठन हिंदुस्तान में बड़े पैमाने पर धर्मांतरण के मिशन से काम कर रहा है।

(फोटो साभार: ऑल इंडिया मिशन के लिंक्डइन अकाउंट का स्क्रीनशॉट)

हालाँकि, इस मामले में ‘टाइम्स नाउ नवभारत’ ने अमेजन के प्रवक्ता के हवाले से कहा है कि कंपनी इन सभी आरोपों का खंडन करती है। अमेजन के एक प्रवक्ता ने कहा है कि अमेजन इंडिया का ‘ऑल इंडिया मिशन’ के साथ कोई संबंध नहीं है। प्रवक्ता ने कहा, “अमेज़ॅन इंडिया का ऑल इंडिया मिशन या उसके सहयोगियों के साथ कोई संबंध नहीं है और न ही अमेजन स्माइल (AmazonSmile) कार्यक्रम, अमेजन इंडिया मार्केटप्लेस पर काम करता है।

कंपनी ने कहा कि जहाँ यह कार्यक्रम चल रहा है वहाँ लोग इस बात का चुनाव स्वयं कर सकते हैं कि वह किसे दान कर रहे हैं। साथ ही दावा किया कि ‘अमेजन स्माइल’, इसमें भाग लेने वाले किसी भी चैरिटी के विचारों का समर्थन नहीं करता है।

द ऑर्गनाइजर ने यह भी दावा किया है कि ‘राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR)’ ने भी उनकी एक रिपोर्ट पर संज्ञान लेते कार्रवाई की बात कही थी। इस मामले में NCPCR के अध्यक्ष प्रियांक कानूनगो का कहना है कि उन्हें सितंबर में अरुणाचल प्रदेश के कुछ अनाथालयों के माध्यम से धर्मांतरण होने की शिकायत मिली थी। इस शिकायत पर उन्होंने संज्ञान लिया और अमेजन को नोटिस भेजा था।

इसके बाद, 1 नवंबर को अमेजन के तीन प्रतिनिधि NCPCR के कार्यालय आए थे और दावा किया था कि ‘ऑल इंडिया मिशन’ को फंडिंग अमेजन अमेरिका द्वारा दी जाती है। उन्होंने कहा कि आयोग द्वारा माँगी गई जानकारियाँ अमेजन इंडिया के पास उपलब्ध नहीं हैं। अमेरिका से आवश्यक जानकारी उपलब्ध करवाने हेतु उनके निवेदन को स्वीकार कर 10 दिन का समय दिया गया है।

‘शाहिद अंसारी दोस्तों के साथ आया, जबरन मेरी बेटी ले गया’: हजारीबाग से अगवा हिंदू लड़की बेंगलुरु में मिली, निकाह-धर्मांतरण का आरोप

झारखंड के हजारीबाग से अगवा नाबालिग हिंदू लड़की बेंगलुरु से बरामद हुई है। लड़की की माँ ने जबरन निकाह और धर्मांतरण की नीयत से अपनी बेटी को अगवा करने का आरोप लगाया था।

पीड़ित माँ ने पुलिस को दी शिकायत में शाहिद अंसारी, अरबाज अंसारी और मुस्लिम अंजुमन कमेटी के सदस्य का नाम लिया था। महिला ने कहा था कि 6 महीने पहले उसकी बेटी का अपहरण की धमकी दी थी। पीड़ित माँ के अनुसार, “4 नवंबर 2022 को शाहिद अंसारी अपने दोस्तों के साथ आया और हमको डराने, धमकाने लगा। अरबाज और शाहिद अंसारी जबरन मेरी बेटी को मोटरसाइकिल पर बैठाकर ले गए।” रिपोर्ट के मुताबिक महिला का कहना था कि आरोपित छह महीने से उसकी बेटी को अगवा करने की धमकी दे रहे थे।

पुलिस ने बेंगलुरु से लड़की को बरामद किया है। यह जानकारी हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक मनोज रतन चौथे ने दी है। पुलिस अधीक्षक ने कहा है कि लड़की के हजारीबाग पहुँचने और न्यायालय में उसका बयान दर्ज होने के बाद मामले से जुड़ी अन्य जानकारी साझा की जाएगी। उन्होंने बताया कि लड़की 6 माह पूर्व भी घर से चली गई थी। थाने में शिकायत के बाद लड़की को वापस लाया गया था। उस समय लड़की ने यह नहीं बताया कि वह किसके साथ गई थी।

वहीं हजारीबाग सदर के भाजपा विधायक मनीष जायसवाल ने राज्य सरकार पर तुष्टिकरण का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि हिंदू समुदाय की बहन-बेटियों के साथ लगातार ऐसी घटनाएँ सामने आ रही है। लेकिन सरकार कार्रवाई के नाम पर केवल दिखावा कर रही है। हिंदू संगठनों का कहना है कि लड़की जब तक परिजनों नहीं सौंपी जाती है आमरण अनशन जारी रहेगा। 

आफताब को कोई शिकन नहीं, जेल में भी ली चैन की नींद: जिस फ्लैट में हुए श्रद्धा के 35 टुकड़े, वहाँ के लोग बोले- लिव इन जिम्मेदार

दिल्ली के श्रद्धा हत्याकांड ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है। श्रद्धा ने जिस आफ़ताब से प्यार किया, उस पर विश्वास किया और यहाँ तक कि जिसके लिए अपने रिश्तेदारों से भी नाता तोड़ लिया, उसी ने हत्या कर निर्ममता से उसके शव के 35 टुकड़े कर दिए। यह बात सोचकर ही सभी स्तब्ध हैं, ऐसे में उसके परिजनों की हालत का अंदाजा लगाना भी मुश्किल है।

पत्रकार सोनू कुमार ने आरोपित आफ़ताब का चौंकाने वाला वीडियो शेयर किया है, जिसमें वह आराम से सोता नजर आ रहा है। ये वीडियो देख कर लोग कह रहे हैं कि आफताब को इस निर्मम कृत्य का जरा भी पछतावा नहीं है।

इस हत्याकांड के बाद रोज नए चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। आरोपित ने बड़े ही शातिर ढंग से हत्या कर बच निकालने की कोशिश की थी। इतना ही नहीं, फ्रिज में श्रद्धा के कटे अंग होने के बावजूद वह अपनी अन्य किसी महिला मित्र से उसी कमरे में मिलता था। बहरहाल, आरोपित जहाँ महरौली में रहता था, वहाँ आसपास के लोग भी घटना से आश्चर्यचकित हैं। उन्होंने घटना को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार ने लिव-इन रिलेशनशिप का जो नियम बनाया है, उसकी वजह से इस तरह की हत्याएँ हो रही हैं। लोगों को कहना है कि सरकार ने यह समझ के नियम बनाया था कि रेप और हत्या की घटनाएँ नहीं होंगी, लेकिन इसके बाद भी इस तरह की घटनाएँ बदस्तूर जारी है।

वहीं पुलिस का कहना है कि श्रद्धा के शरीर के अंगों को काटने के लिए सिर्फ एक हथियार का इस्तेमाल किया गया था। आफताब ने शरीर के अंगों को काटने के लिए मिनी आरी का इस्तेमाल किया था। मिनी आरी अभी तक बरामद नहीं हुई है। अब तक की जांच में पता चला है कि आरोपी आफ़ताब महरौली के मकान में पहले 15 मई को खुद शिफ्ट हुआ, फिर अगले दिन श्रद्धा को मकान पर लाया और 18 मई को उसकी हत्या कर दी।

उसने 18 मई को श्रद्धा के शव को बाथरूम में रख दिया। अगले दिन वह बाजार गया और बड़ा वाला फ्रिज, चापड़, पाउडर, फ्रेशनर और अन्य सामान लेकर आया। अगले दिन, यानी 19 मई को उसने श्रद्धा के शव के टुकड़े करने शुरू किए। पुलिस ने मामले में एक और खुलासा किया है। पुलिस का कहना है कि श्रद्धा की हत्या के बाद आफताब श्रद्धा के इंस्टाग्राम अकाउंट से उसके कुछ दोस्तों से बातचीत करता था। जून तक उसने श्रद्धा का इंस्टाग्राम यूज किया।

दरअसल वह यह दिखाना चाहता था कि श्रद्धा जिंदा है। फिलहाल पुलिस इस एंगल पर आफताब से और पूछताछ करेगी।

भगवान बिरसा मुंडा के गाँव में पहली बार राष्ट्रपति, बोलीं द्रौपदी मुर्मू- यह मेरे लिए तीर्थयात्रा समान: उलिहातु को बदहाली दूर होने की उम्मीद

‘जनजातीय गौरव दिवस’ के अवसर पर मंगलवार (15 नवंबर 2022) को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भगवान बिरसा मुंडा की जन्मस्थली ‘उलिहातु’ पहुँची। झारखंड के इस गाँव में पहुँचने वाली वे पहली राष्ट्रपति हैं। इस दौरान उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा के परिजनों से भी मुलाकात की।

2021 में मोदी सरकार ने बिरसा मुंडा की जयंती को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के तौर पर मनाने का फैसला किया था। वैसे तो ‘उलिहातु’ में मूलभूत सुविधाओं की कमी है। लेकिन राष्ट्रपति के अगवानी में यह पूरी तरह सजधज कर तैयार था। ग्रामीणों को उम्मीद है कि इस यात्रा से उनके दिन बदल जाएँगे।

राष्ट्रपति ने ट्वीट कर कहा है, “भगवान बिरसा मुंडा के गाँव उलिहातू में जाकर उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करने का आज मुझे सौभाग्य मिला। भगवान बिरसा की जयंती के दिन, उनकी प्रतिमा का दर्शन करके, मैं स्वयं को धन्य महसूस कर रही हूँ। उनके जन्म और कर्म से जुड़े स्थानों पर जाना मेरे लिए तीर्थयात्रा के समान है।”

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक उलिहातू के ग्रामीण बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। इन्हें पक्का मकान, शिक्षा और बिजली नसीब नहीं हुई है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू उनके रहने के लिए घर और पीने के पानी का इंतजाम करवाएँगी।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट का स्क्रीनशॉट

‘गाँव में पीने का पानी भी नहीं ‘

रिपोर्ट के अनुसार, उलिहातु की स्थिति बदतर है। यहाँ बिजली, पानी, सिंचाई, स्वास्थ्य और सरकारी योजनाओं की हालत खस्ता है। 5 साल पहले यानी 2017 में उलिहातु के विकास के लिए शहीद ग्राम विकास योजना की शुरुआत की गई थी। उस वक्त भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने शिलान्यास किया था। इस गाँव में 164 पक्के मकान बनने थे, पर अब तक एक भी नहीं बना।

‘सड़क पर मिड डे मील खाने को मजबूर’

बिरसा मुंडा के गाँव में शुद्ध पेयजल, बिजली, शिक्षा और आधारभूत संरचना का पूरा विकास होना था, लेकिन 5 साल बाद भी यहाँ कोई बदलाव देखने को नहीं मिल रहा है। स्कूलों में पानी नहीं है। बच्चे सड़क पर मिड डे मील खाने को मजबूर हैं। प्राचार्य कार्तिक सिंह मुंडा कहते हैं, “स्कूल में पानी का संकट है। एक साल में दो बोरिंग फेल हो गया है। चापाकल सूख गया है। बच्चों को बाहर से पानी लाना पड़ता है।”

बिरसा के वंशज खपरैल के मकान में रह रहे

बिरसा मुंडा के पोते सुखराम मुंडा के अनुसार, उनका परिवार खपरैल के मकान में रहता है। सुखराम मुंडा ने कहा, “शहीद ग्राम विकास योजना के तहत गाँव में सबका मकान पक्का बनना है, लेकिन मेरे पास उतनी जमीन ही नहीं है। मेरी बेटी जौनी कुमारी खूंटी कॉलेज से पीजी कर रही है। बेटी को नौकरी मिले, इसके लिए राष्ट्रपति से बोलूँगा।”

गौरतलब है कि भगवान बिरसा मुंडा के परिजनों की बदहाली को लेकर पहली बार ऐसी खबरें सामने नहीं आई हैं। इससे पहले भी कई रिपोर्ट्स सामने आ चुकी हैं, जिसमें उनकी हालत के बारे में बताया गया है। राँची का उलिहातु जो बिरसा मुंडा का जन्मस्थान है वहाँ आज भी उनका परिवार कुएँ का पानी पीने को मजबूर है। उनके परपोते की बहू गांगी मुंडा बताती है कि नल से पानी नहीं आता। बिरसा मुंडा की परपोती गांव की बदतर हालत के लिए सीएम को खुला पत्र भी लिख चुकी हैं।

पानी के टब में सिर, गमछे से बँधे पाँव… चेले के घर में मिला भोजपुरी गीतकार का शव: राष्ट्रपति ने किया था सम्मानित, शारदा सिन्हा ने दी थी आवाज

पटना में भोजपुरी लोकगायक व लेखक ब्रज किशोर दुबे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। उनका शव पाटलिपुत्र थाना क्षेत्र के केसरीनगर स्थित अंजना कालोनी के एक मकान के बाथरूम में मिला। उनका सिर पानी भरे टब में था और शरीर का आधा हिस्सा कुर्सी पर था। उनके दोनों पैर तीन से चार गमछों से बँधे थे। जिस मकान में ब्रज किशोर दुबे की लाश मिली है, वहाँ ब्रज किशोर अपने शिष्य रवींद्र कुमार मिश्रा के साथ ‘संगीताश्रम’ चलाते थे।

मकान किराए पर लिया गया था। रिपोर्ट्स के अनुसार, ब्रज किशोर खुद अपनी पत्नी और बच्चों (एक बेटी और एक बेटा) के साथ दीघा के पोल्सन रोड स्थित एलएच मेंसन अपार्टमेंट के एक फ्लैट में रहते थे। लोकगायिका शारदा सिन्हा के कई चर्चित गीत भी ब्रज किशोर दुबे ने लिखे हैं।

रवींद्र से ली थी मकान की चाबी

बताया जा रहा है कि ब्रज किशोर दुबे ने एकांत में गीत लिखने की बात कह कर अपने शिष्य रवींद्र से मकान की चाबी ली थी। चाबी देने के बाद रवींद्र सोनपुर चले गए। शनिवार (12 नवंबर, 2022) को ही ब्रज किशोर रवींद्र के घर पहुँचे। हालाँकि, अगले दिन रविवार को ब्रज किशोर अपने घर लौटे और भोजन करने के बाद दोबारा अंजना कालोनी स्थित रवींद्र के किराए के मकान में पहुँचे। परिजनों के अनुसार, ब्रज किशोर से उनका अंतिम संपर्क रविवार की रात को हुआ था।

फोन पर हुई बातचीत के दौरान ब्रज किशोर दुबे ने घर न लौट पाने की बात कही थी। अगले दिन सुबह (सोमवार) परिवार वालों ने उनके मोबाइल पर व्हाट्सएप मैसेज भेजा, जो सीन तो हुआ लेकिन प्रतिउत्तर नहीं मिला। थोड़ी देर बाद जब परिवार वालों ने कॉल किया तो कॉल भी किसी ने रिसीव नहीं किया और बाद में मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। बहुत देर तक जब उनका फोन नहीं आया और वह घर नहीं पहुँचे तो परिजनों ने शिष्य रवींद्र कुमार मिश्रा को फोन किया। उन्होंने कहा कि वो सोनपुर में हैं और आ रहे हैं।

इसके बाद परिवार के लोग रवींद्र कुमार मिश्रा के साथ उसी मकान में पहुँचे। काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बाद भी जब दरवाजा नहीं खुला तो दरवाजा तोड़ दिया गया। बाथरूम में उनकी लाश मिली।

परिवार वालों को हत्या की आशंका

ब्रज किशोर दुबे की मौत की सूचना मिलते ही डीएसपी (लॉ एंड ऑर्डर) संजय कुमार और स्थानीय पुलिस की टीम मौके पर पहुँची। कमरे की तलाशी के दौरान एक सुसाइड नोट मिलने की बात भी कही जा रही है, जिसमें लिखा हुआ है – “मेरी मौत में रवींद्र कुमार मिश्रा का कोई हाथ नहीं है, मैं खुद से आत्महत्या कर रहा हूँ।” हालाँकि, परिवार वाले आत्महत्या वाली बात मानने से इनकार कर रहे हैं। उन्होंने पुलिस के सामने हत्या की आशंका जाहिर की है और मामले की सीबीआई जाँच कराने की अपील की है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने गहनता से जाँच की बात कही है। डीएसपी ने जाँच के लिए एफएसएल की टीम भी बुलायी। टीम ने कमरे से गमछा, बाल्टी, सुसाइड नोट और मोबाइल को कब्जे में ले लिया है। कमरे के दीवारों और फर्श से भी सैंपल लिए गए हैं। डीएसपी संजय कुमार स्थानीय मीडिया को जानकारी दी कि मामले की हर पहलू से जाँच की जा रही है, शुरुआती इन्वेस्टीगेशन में यह आत्महत्या का मामला लग रहा है। उन्होंने कहा कि तहकीकात पूरी होने के बाद ही पूरी जानकारी सामने आ सकेगी।

राष्ट्रपति द्वारा मिला था संगीत नाटक अकादमी सम्मान

ब्रज किशोर दुबे मूल रूप से रोहतास जिला के रहने वाले थे। जो परिवार के साथ दीघा के पोल्सन मोड स्थित एलएच मेंसन अपार्टमेंट में रह रहे थे। ब्रज किशोर लोक गायक होने के साथ ही गीत भी लिखा करते थे। उन्होंने ‘बिहारी बाबू’ और ‘माई’ जैसी कई भोजपुरी फिल्मों के लिए गीत भी लिखा था। ब्रज किशोर दुबे को लोक संगीत बिहार के क्षेत्र में योगदान के लिए 2017 में राष्ट्रपति द्वारा संगीत नाटक अकादमी अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है। ब्रज किशोर भोजपुरी अकादमी में सहायक निदेशक पद पर भी रहे।