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हिन्दू महिला से रेप, जबरन धर्मांतरण, निकाह… कफील की करतूत में अम्मी भी साथ, अब्बा ने नाबालिग से किया था कुकर्म: पीड़िता की भाभी कर चुकी है आत्महत्या

उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर जिले में धर्मांतरण और जबरन निकाह का मामला सामने आया है। यहाँ पर एक महिला ने अपनी बेटी के एक मुस्लिम व्यक्ति द्वारा जबरन निकाह कर लेने और धर्म-परिवर्तन करवाने की शिकायत दर्ज करवाई गई है। आरोपित का नाम कफील अहमद है, जिस पर मारपीट, रेप और अप्राकृतिक संबंध बनाने का भी आरोप लगाया गया है। शिकायत में यह भी आरोप है कि कफील की ब्लैकमेलिंग के कारण पीड़िता की भाभी पहले ही आत्महत्या कर चुकी है। पुलिस ने केस दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है।

FIR शनिवार (5 नवम्बर, 2022) को दर्ज हुई है। मुख्य आरोपित कफील अहमद को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। इस केस में नामजद अन्य आरोपितों की तलाश के साथ-साथ मामले की जाँच पुलिस द्वारा की जा रही है। घटना सदर बाजार थाना क्षेत्र की है। पुलिस को दी गई शिकायत में पीड़िता की माँ ने बताया है कि उसके पर पर कफील अहमद एक रिश्तेदार के दोस्त के तौर पर आया करता था। पीड़िता का आरोप है कि उसने सबसे पहले अश्लील वीडियो बना कर उनकी बेटी को ब्लैकमेल करने की शुरुआत की, जिसमें घर आने वाले अन्य रिश्तेदार ने भी कफील का साथ दिया।

इसी अश्लील वीडियो को हथियार बना कर कफील 31 अगस्त, 2020 को पीड़िता की बेटी को लखनऊ ले कर गया। बाद में 5 सितम्बर, 2022 को कफील ने पीड़िता से जबरन इस्लाम कबूल करवाया और नया इस्लामी नाम दे दिया। शिकायत में आगे बताया गया है कि कफील ने हिन्दू लड़की को मुस्लिम बनाने के बाद उस से जबरन निकाह भी किया। बाद में जोर-जबरदस्ती कर के कई बार रेप किया और अप्राकृतिक संबंध बनाने की कोशिश की। इन सबसे मना करने पर लड़की को 4 नवम्बर, 2022 को बेरहमी से मारा-पीटा गया।

पुलिस को दी गई शिकायत में महिला ने कफील अहमद के साथ उसकी अम्मी जाहिदा बेगम और भाई फरीद अहमद पर भी अपनी बेटी की प्रताड़ना में कफील का साथ देने का आरोप लगाया है।

पीड़िता के शरीर पर चोट के निशान

शिकायत में आगे पीड़िता की माँ ने एक और बड़ा आरोप लगाते हुए कफील को अपनी बहू की आत्महत्या का जिम्मेदार बताया है। शिकायतकर्ता महिला के मुताबिक, कफील ने उनकी बेटी को ब्लैकमेल कर के उनकी बहू का नहाते हुए अश्लील वीडियो बनवा लिया था। बाद में कफील उसी अश्लील वीडियो को वायरल करने की धमकी देते हुए महिला की बहू को भी ब्लैकमेल करने लगा। इस प्रताड़ना से तंग आ कर शिकायतकर्ता महिला की बहू ने आखिरकार 5 नवम्बर, 2021 छत से कूद कर आत्महत्या कर ली थी।

पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने कफील अहमद, कफील की अम्मी जाहिदा और कफील के भाई फरीद के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। पुलिस ने चौथे आरोपित के तौर पर कफील को पीड़िता के घर लाने वाले रिश्तेदार डिम्पल सक्सेना को भी कफील के सहयोगी के तौर पर नामजद किया है। इन सभी पर IPC की धारा 376 (2)(n), 377, 323, 120- B, 306 और ‘उत्तर प्रदेश धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम’ की धारा 3 और 5(1) के तहत FIR दर्ज कर ली है। ऑपइंडिया के पास इस केस की FIR मौजूद है।

धर्म-परिवर्तन के बाद अख़बार में दिए गए इश्तेहार

ऑपइंडिया ने इस मामले में पीड़िता से बात की। धर्म-परिवर्तन की शिकार हुई लड़की ने हमें बताया कि वो लगभग 2 वर्षों से लगातार प्रताड़ना का शिकार हुई है। इसी के साथ लड़की ने हमें बताया कि आरोपित कफील एक नामी नेता और पूर्व चेयरमैन के करीबियों में से आता है जो प्रभाव और दबाव के साथ पैसे के दम पर बचता आ रहा है। हमसे बात करते हुए पीड़िता रो पड़ी और कहा कि इस घटना से न सिर्फ उनको शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना मिली है बल्कि उनके पूरे परिवार की इज्जत भी चली गई है। अंत में पीड़िता ने पुलिस प्रशासन के आरोपितों पर कठोर कार्रवाई की माँग की है।

पहले भी हो चुका है केस

ऑपइंडिया द्वारा जुटाई गई जानकारी के मुताबिक, 1 साल पहले भी पीड़ित लड़की ने आरोपित पर केस दर्ज करवाया था। तब पुलिस ने त्वरित एक्शन लेते हुए पीड़िता का कोर्ट में 164 का बयान दर्ज करवाया था। जानकारी के मुताबिक, उस समय पीड़िता कोर्ट में मुकर गई थी, जिसका फायदा आरोपित कफील को मिला था। ऑपइंडिया ने पीड़िता से इस बाबत बात की। पीड़िता ने बताया कि मामला अप्रैल 2021 है और तब पुलिस के ही एक सब-इंस्पेक्टर ने उन्हें डरा दिया था कि समझौता कर लो तो बेहतर होगा।

पीड़िता ने हमें आगे बताया कि ललित नाम के एक दरोगा ने यह भी कहा था कि अगर न मानी तो शायद उनके भाई को फर्जी केस में फँसा दिया जाए। पीड़िता ने हमें आगे बताया कि इस बार पूरी हिम्मत कर के वो कफील और उसके पूरे परिवार को सज़ा दिलाना चाहती है।

शाहजहाँपुर की पीड़िता, जिसे धर्म-परिवर्तन और रेप का बनाया गया शिकार

कफील का अब्बा कबीर है नाबालिग बच्चे से कुकर्म का आरोपित

धर्मांतरण के आरोपित कफील के बारे में और जानकारी जुटाने के दौरान हमें पता चला कि कफील का अब्बा कबीर एक नाबालिग बच्चे से कुकर्म का आरोपित है। उस पर 10 अप्रैल, 2021 को शाहजहाँपुर जिले में अपने एक साथी के साथ 8 साल के बच्चे के साथ जबरन अप्राकृतिक कुकर्म का आरोप लगा था। तब पीड़ित परिवार ने शिकायत में बताया था कि जिस लड़के के साथ कुकर्म हुआ था, उसके मलद्वार से खून निकल आया था।

इस शिकायत पर सदर बाजर पुलिस ने कबीर अहमद व एक अन्य पर IPC की धारा 377 और पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की थी, जिसमें आरोपित को जेल भी जाना पड़ा था। फ़िलहाल कबीर अहमद उस केस में जमानत पर चल रहा है। ऑपइंडिया के पास इस केस की FIR कॉपी भी मौजूद है।

कफील के भाई पर भी हिन्दू लड़की के अपहरण का आरोप

पीड़िता ने ऑपइंडिया से बात करते हए आरोप लगाया कि साल 2010 में कफील के भाई फरीद पर भी एक नाबालिग हिन्दू लड़की के अपहरण का आरोप है। पीड़िता ने हमें बताया कि 2010 के उस केस में भी कफील और उनकी अम्मी नामजद थीं और उन सभी को पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ा था। पीड़िता ने कहा कि आरोपित का परिवार हिन्दू लड़कियों को टारगेट करने का आदी है।

चार धाम यात्रा के लिए 889 km का ‘ऑल वेदर रोड’, कर्णप्रयाग तक रेलवे लाइन, हजारों करोड़ के पुल: 22 साल का हुआ उत्तराखंड, ‘डबल इंजन’ सरकार ने गिनाए काम

उत्तराखंड सरकार ने राज्य के 22वें स्थापना दिवस के अवसर पर तैयारियाँ तेज कर दी हैं। एक अलग राज्य की माँग को लेकर कई वर्षों तक चले आंदोलन के बाद 9 नवंबर, 2000 को उत्तराखंड को देश के 27वें राज्य के रूप में शामिल किया गया था। शुरुआत में इसे उत्तरांचल के रूप में जाना जाता था। हालाँकि, साल 2007 में इसका नाम बदलकर उत्तराखंड कर दिया गया। उत्तराखंड की 22वीं वर्षगाँठ से पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वीडियो जारी कर राज्य सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों के बारे में बताया है।

मुख्यमंत्री धामी ने वीडियो जारी करते हुए ट्वीट में कहा है, “हमारी सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यशस्वी नेतृत्व में विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से विकास के नए कीर्तिमान स्थापित करते हुए वर्ष 2025 तक उत्तराखंड को अग्रणी राज्यों की श्रेणी में लाने हेतु सतत क्रियाशील हैं।”

उत्तराखंड में डबल इंजन (केंद्र और राज्य) सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों को बताते हुए वीडियो में बताया गया है कि आधारभूत संरचना के विकास से उत्तराखंड की प्रगति को मजबूत आधार मिल रहा है। वीडियो में बताया गया है कि ऑल वेदर रोड, भारत माला परियोजना और डाट काली टनल से उत्तराखंड के लोगों और वहाँ आने वाले पर्यटकों के लिए यातायात की सुविधा बढ़ी है।

‘ऑल वेदर रोड’ चार धाम यात्रा को ध्यान में रखते हुए बनाई गई है। 12 हजार करोड़ रुपए की लागत से बनी 889 किलोमीटर लंबी इस सड़क का काम 85 प्रतिशत से अधिक पूरा हो चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पुष्कर सिंह धामी की इस महत्वाकांक्षी परियोजना के 2024 तक पूरे होने की उम्मीद है।

‘भारत माला परियोजना‘ की बात करें तो इसके तहत 65,000 किमी नेशनल हाइवे बनाया जा रहा है। इसके तहत पंजाब लेकर मणिपुर तक को नेशनल हाईवे से जोड़ा जाना है। इस परियोजना को दो भागों में बाँटा गया है, जिसमें से पहले चरण में 34,800 किमी सड़क का निर्माण किया जा रहा है। इस सड़क के निर्माण से लॉजिस्टिक लागत में बड़ी कमी सामने आएगी। इसके अलावा डाट काली टनल की बात करें तो दिल्ली-देहरादून के रास्ते में बन रही 340 मीटर लंबी टनल के निर्माण से वाहनों की आवाजाही आसान होगी और जाम से भी निजात मिल जाएगी। इस साल के अंत तक इस टनल के शुरू होने के अनुमान है।

यही नहीं, वीडियो में ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन की भी बात की गई है। 125 किलोमीटर लंबी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के अंतर्गत सुदूर पहाड़ों में रहने वाले लोगों के लिए विशेष रेलेवे ट्रैक बिछाया गया है। इससे पहाड़ों में रहने वाले उत्तराखंड वासियों का जीवन सुगम होगा।

साथ ही, डोबरा चांठी पुल, रानीबाग पुल, रानीपोखरी के निर्माण से भी राज्य के लोगों के लिए यातायात व्यवस्था आसान हुई है। 1.35 अरब रुपए से अधिक की लागत से बने इस पुल से सीधे तौर पर करीब 2 लाख लोगों को लाभ हो रहा है। कुमाऊँ में रानीबाग पुल का निर्माण 7 करोड़ 17 लाख रुपए की लागत से हुआ है। वहीं, पुल के शुरू हो जाने से कुमाऊँ की जनता समेत भीमताल, भवाली, रामगढ़, मुक्तेश्वर आने वाले पर्यटकों को इसका लाभ मिलेगा। इसके अलावा, करीब 2000 करोड़ रुपए की लागत से बने रानीपोखरी पुल से ऋषिकेश-देहरादून आने जाने वाले लोगों को लाभ होगा।

केदरानाथ व हेमकुंड साहिब में रोपवे के निर्माण से भी राज्य की जनता व यहाँ आने वाले पर्यटकों को भी भारी सुविधाएँ मिलेंगी। केदारनाथ-सोनप्रयाग रोपवे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वकांक्षी परियोजना का हिस्सा है। 9.7 किमी लंबे इस रोपवे के निर्माण में 1268 करोड़ रुपए खर्च हो रहे हैं। इस रोपवे के निर्माण से 6-7 घंटे से का सफर लगभग 30 मिनट का रह जाएगा।

दुनिया के सबसे ऊँचे गुरुद्वारे हेमकुंड साहिब में बन रहे रोपवे को दुनिया का सबसे ऊँचा रोपवे माना जाता है। सिख धर्म के प्रमुख धर्म स्थलों में से एक हेमकुंड साहिब में बन रहे रोपवे की लंबाई करीब 12.4 किमी है। अब तक हेमकुंड साहिब तक पहुँचने के लिए 19 किमी पैदल चढ़ाई करनी पड़ती है। लेकिन, रोपवे के निर्माण से यह यात्रा महज 45 मिनट में पूरा हो जाएगा।

‘नौटंकीबाज… होटल में प्राइवेट इवेंट करती है’: राखी सावंत के मानहानि केस के बाद शर्लिन चोपड़ा ने ठोकी FIR, साजिद खान पर छिड़ी थी दोनों में जंग

बिग बॉस कंटेस्टेंट और मीटू के आरोपित साजिद खान के कारण राखी सावंत और शर्लिन चोपड़ा में विवाद बढ़ता ही जा रहा है। हाल में साजिद खान के ऊपर इल्जाम लगाने के कारण राखी सावंत ने शर्लिन पर मानहानि का मुकदमा ठोका था। अब खबर है कि शर्लिन ने भी राखी सावंत के खिलाफ आईपीसी की कई धाराओं के तहत केस दर्ज करवाया है।

शर्लिन चोपड़ा ने इस केस की जानकारी अपने ट्विटर पर शेयर की। उन्होंने लिखा, “नौटंकीबाज राखी सावंत तैयार हो जा गिरफ्तार होने के लिए।” आईपीसी की धारा 354, 354A, 499, 500, 509,503, आईटी एक्ट 67A के तहत दर्ज करवाया है। अपनी शिकायत में शर्लिन के वकील ने कहा है कि राखी सावंत लगातार उनकी मुअक्किल शर्लिन की छवि बिगाड़ने में लगी हैं और जान की धमकियाँ दे रही हैं।

बता दें कि इससे पहले राखी सावंत ने शर्लिन के खिलाफ मानहानि केस दर्ज करवाया था। उनका कहना था कि शर्लिन की उनके ऊपर बयानबाजी से उनका जीवन प्रभावित हुआ है। उनके बॉयफ्रेंड ने उनसे सवाल करने शुरू कर दिए हैं। राखी का कहना था कि अगर वाकई उनके साथ गलत हुआ है तो उन्हें सबूत पेश करके केस लड़ना चाहिए। देश का कानून अच्छा है उन्हें न्याय देगा। लेकिन इस तरह ब्लैकमेलिंग उचित नहीं है।

राखी सावंत ने शर्लिन चोपड़ा को लेकर कहा था, “तू एक पोर्न स्टार है, तू एक नंगी है। तू कितनी बार वेश्यावृत्ति में पकड़ गई है।” वहीं शर्लिन चोपड़ा ने भी राखी सावंत पर निशाना साधते हुए कहा था, “राखी सावंत क्या करती है। वो लग्जरी होटल्स में जाकर प्राइवेट इवेंट्स करती है और करवाती है। वो सब्सक्रिप्शन पर बॉयफ्रेंड और हस्बैंड बनाती है। एक या दो साल में वो उन भाड़े के बॉयफ्रेंड और हस्बैंड को इतना चूस-चूस के कंगाल करती है कि बेचारे भाग जाते हैं। ये है राखी सावंत की असलीयत।”

शर्लिन चोपड़ा ने क्या कहा था

उल्लेखनीय है कि राखी सावंत साजिद खान की बड़ी समर्थकों में से एक हैं। वह लगातार उन लोगों पर सवाल खड़ा कर रहीं थीं जिन्होंने उनपर मीटू के इल्जाम लगाए। ऐसे में शर्लिन ने भड़कते हुए कहा था, “ वह 31 किलो मेकअप लगाती है, अपने गंजे सर को छुपाने के लिए। हेयर एक्सटेंशन और बिग का इस्तेमाल करती है। हर तीन-चार महीने में अपने बॉयफ्रेंड्स बदलती है। हर 6 महीने में अपना पति बदलती है। हमने कभी पूछा कि आप ऐसा क्यों करती हैं? नहीं… क्यों नहीं पूछा, क्योंकि उसकी लाईफ है, उसकी मर्जी। लेकिन, जब कोई पीड़ित महिला पुलिस चौकी जाती है, साजिद खान के खिलाफ शिकायत दर्ज करने तो दिक्कत होती है।”

शर्लिन चोपड़ा ने आगे कहा था, “बात यहाँ सिर्फ शर्लिन चोपड़ा की नहीं हो रही है। बात उन तमाम पीड़ित महिलाओं की हो रही है, जिन्होंने हिम्मत करके मीडिया के सामने आकर अपना बयान दिया। सयोनी चोपड़ा, सिमरन सूरी, मिचेल ह्वाइट, मंदाना करीमी, अहाना कुमरा, करिश्मा उपाध्याय, जिया खान, डिंपल पॉल, रानी चटर्जी, कनिष्का सोनी… ये कुछ नाम हैं जो मैं आपको सुना रही हूँ। ऐसी कई महिलाएँ हैं जिन्होंने डर के मारे, शर्मिंदगी से सामने आकर अपना अनुभव साझा नहीं किया।”

टहलने निकले पूर्व IB अधिकारी की हत्या, किताब लिख कर जिहाद की खोली थी पोल: 35 साल एजेंसी के लिए काम किया था, CCTV वीडियो आया सामने

कर्नाटक के मैसूर में IB अधिकारी आरएन कुलकर्णी की मौत को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। असल में ये एक दुर्घटना नहीं, बल्कि हत्या थी। पुलिस ने भी पाया है कि गाड़ी ने उन्हें जानबूझ कर टक्कर मारी थी। वो शुक्रवार (4 नवंबर,2022) की शाम मैसूर यूनिवर्सिटी (गंगोत्री) स्थित कम्प्यूटर साइंस डिपार्टमेंट के पास टहलने निकले थे, तभी एक अज्ञात गाड़ी ने उन्हें पीछे से धक्का मार दिया। उन्हें एक नजदीकी अस्पताल में ले जाया गया, जहाँ उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

इस घटना को अंजाम देने वाले अज्ञात लोग इसके बाद भाग खड़े हुए। पुलिस ने पहले इस मामले में ‘हिट एंड रन’ का केस दर्ज किया था। लेकिन, जब पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज देखा तो पाया कि ये जानबूझ कर अंजाम दी गई वारदात है। जयलक्ष्मीपुरम पुलिस थाने में इसके बाद हत्या का मामला भी दर्ज कर लिया गया है। हत्या के समय वो टहल नहीं रहे थे, बल्कि सड़क किनारे खड़े हुए थे। कार की कोई नंबर प्लेट भी नहीं थी।

मैसूर के सिटी पुलिस कमिश्नर डॉक्टर चन्द्रगुप्त ने कहा कि आरोपितों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस ने जाँच शुरू कर दी है। जाँच के लिए तीन वरिष्ठ अधिकारियों की एक टीम बनाई गई है। आरएन कुलकर्णी 23 वर्ष पहले ही रिटायर हो गए थे। ये हत्या व्यक्तिगत दुश्मनी के कारण हुई है या उनके प्रोफेशनल जीवन से कुछ जुड़ा हुआ है, ये अभी पता नहीं चला है। मनसागंगोत्री में ये घटना शाम के 5:30 बजे हुई। आरएन कुलकर्णी ने 35 साल ‘इन्वेस्टीगेशन ब्यूरो’ में सेवा दी थी।

उन्होंने जिहाद की पोल खोलते हुए ‘Facets of terrorism in India’ सहित 3 पुस्तकें भी लिखी हैं। इस पुस्तक को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लॉन्च किया था। अपने शुरुआती दिनों में वो बतौर शिक्षक कार्य करते थे। वो RAW ‘(रिसर्च एंड एनालिसिस विंग)’ के साथ भी काम कर चुके थे। वो मैसूर के शारदादेवी नगर में रहते थे। घर बनाने को लेकर पड़ोसी के साथ उनका एक विवाद भी चल रहा था। उनके दामाद ने इस सम्बन्ध में FIR दर्ज कराई है।

सोशल मीडिया के जरिए ‘कट्टरपंथी’ बना था हिंदू नेता का हत्यारा: पुलिस बोली- हेट क्राइम की जाँच जारी, SFJ का पन्नू ₹10 लाख देने की कर चुका है घोषणा

पंजाब के अमृतसर (Amritsar, Punjab) में हिंदू नेता सुधीर सूरी की हत्या के आरोपित संदीप सनी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बताया कि वह सोशल मीडिया के जरिए कट्टरपंथी बना था और हेट क्राइम में शामिल था।

अमृतसर के पुलिस कमिश्नर ने बताया, “आरोपित संदीप सनी को घटना वाले दिन ही गिरफ्तार किया गया था। वह सोशल मीडिया पर कट्टरपंथी बना और घृणा अपराध किया। हालाँकि, यह पूरा हिस्सा नहीं है और आगे की तकनीकी जाँच की जरूरत है। एसआईटी आगे जाँच करेगी।”

बता दें कि आरोपित संदीप का कट्टरपंथी संगठन वारिस पंजाब दे (WPD) के साथ कनेक्शन भी सामने आया है। इस संगठन का नेतृत्व दुबई से लौटे विवादास्पद नेता अमृतपाल सिंह कर रहे हैं। WPD की स्थापना पंजाबी अभिनेता दीप सिद्धू ने की थी। इस साल के शुरुआत में हरियाणा में एक सड़क दुर्घटना में मारे गए सिद्धू सांसद सिमरनजीत सिंह मान के समर्थक थे।

संदीप अमृतसर के सुल्तानविंड स्थित कश्मीर एवेन्यू WPD का सदस्य है। कहा जा रहा है कि जिस सुजुकी स्विफ्ट कार से वह गोपाल मंदिर के घटना स्थल पर पहुँचा था, उसके विंडस्क्रीन पर WPD का स्टिकर लगा हुआ था। उसका एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें आरोपित संदीप अपने बेटे को अमृतपाल सिंह से मिलवाता दिख रहा है।

उधर, खालिस्तानी अलगाववादी संगठन सिख फॉर जस्टिस (SFJ) ने 10 लाख रुपए देने की घोषणा की है। SFJ का आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू (Gurpatwant Singh Pannu) ने एक वीडियो के जरिए कहा कि यह पैसा संदीप को कानूनी कार्रवाई में मददगार होगा।

आतंकी पन्नू ने कहा है कि SFJ संदीप के साथ खड़ा है। उसने कहा कि 2% सिखों को मसलने की बात करने वाले हिंदू नेता को मारना गलत नहीं है। इसलिए संदीप को इंसाफ दिलाने के लिए SFJ उसकी मदद करेगी। पन्नू ने कहा कि वह संदीप को 10 लाख रुपए देगा, ताकि वह कानूनी लड़ाई लड़ सके।

खालिस्तानी आतंकी पन्नू ने कहा है सूरी की हत्या को आतंकवाद नहीं, कत्ल बताया। उसने कहा कि संदीप कोई आतंकवादी नहीं है। उसने किसी सार्वजनिक जगह पर बम नहीं मारा है। पन्नू ने कहा कि किसी राजनीतिक व्यक्ति का कत्ल करने का मतलब आतंकवाद नहीं होता। संदीप ने पाँच गोलियाँ मारीं, जो हिंदू नेता सुधीर सूरी को लगी।

‘लेस्टर हिंसा का RSS से कोई संबंध नहीं’: UK के थिंक टैंक ने भी माना- मुस्लिम इन्फ्लुएंसर्स ने गढ़ा ‘हिन्दू आतंकी’ का झूठा नैरेटिव, मीडिया ने फैलाया

इस साल सितंबर में ब्रिटेन के लेस्टर में हुए हिंदू विरोधी दंगों (Leicester communal clashes) की रिपोर्ट में कहा गया है कि सोशल मीडिया इंफ्लुएंसरों के एक समूह की साजिश के कारण शहर में हिंदू-मुस्लिम दंगे हुए थे। रिपोर्ट में कहा गया कि इन सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर में कुछ संबंध आतंकियों से भी हैं।

ब्रिटेन स्थित हेनरी जैक्सन सोसाइटी के शार्लोट लिटिलवुड ने अपनी रिपोर्ट में का है कि हिंसा भड़काने के लिए संगठित हिंदुत्व चरमपंथ और आतंकवाद का एक झूठा नैरेटिव बनाया गया था। हिंदुत्व चरमपंथ का नैरेटिव गढ़ने वालों में एक सजायाफ्ता आतंकी भी है। इसने तालिबान और ISIS आतंकियों के लिए दुआ माँगी थी।

रिपोर्ट में इन सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर पर फर्जी खबरें फैलाकर सामुदायिक तनाव को भड़काने का आरोप लगाया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि राजनीतिक नेताओं के सहयोग से मुख्यधारा के मीडिया द्वारा सहानुभूति हासिल करने के लिए फर्जी नैरेटिव गढ़ा गया, जिसका परिणाम ये हुआ कि उनके पूजा स्थलों पर हमले बढ़े और हिंदू समुदाय की सुरक्षा को खतरा पैदा हो गया था।

रिपोर्ट में कहा गया है कि मुख्यधारा की मीडिया ने घटनाओं का सही एवं तथ्यात्मक विश्लेषण करने के बजाए हिंदुत्व और भारत की राजनीति पर इन इंफ्लुएंसर के बयानों को अपनी रिपोर्ट में शामिल करके मुद्दे को और उलझा दिया।

इसके अलावा, थिंक-टैंक ने अपनी जाँच रिपोर्ट में कहा है कि जिन लोगों पर ‘राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के आतंकवादी‘ होने का आरोप लगाया गया था, उनका न तो दक्षिणपंथी संगठन से कोई संबंध था और न ही उसके बारे में उन्हें पता था।

रिपोर्ट में आगे कहा गया है, “ब्रिटेन में सक्रिय आरएसएस के आतंकवादियों और हिंदुत्व चरमपंथी संगठनों के झूठे आरोपों ने हिंदू समुदाय को व्यापक नफरत, हमले और बर्बरता के खतरे में डाल दिया है।” दरअसल, इन सोशल मीडिया इंफ्लुएंसरों ने आतंकी RSS का झूठा नैरेटिव गढ़ा था।

इनमें से एक इंफ्लुएंसर ने एक रैली की अगुआई करते हुए एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसके कैप्शन में लिखा था, ‘मुस्लिम पेट्रोल इन लेस्टर’ और मुस्लिमों को बाहर आकर ‘हिंदू फासीवादियों’ का मुकाबला करने के लिए उकसाया था। इस इंफ्लुएंसर के सोशल मीडिया पर 8 लाख फॉलोअर्स हैं।

इनमें से 1.5 लाख वाले एक इंफ्लुएंसर ने एक मुस्लिम लड़की और हिंदू लड़के के मामले के दौरान फर्जी खबरें फैलाई थीं। इसके पहले यह खुद को पाकिस्तान में D कंपनी से जुड़ा हुआ बताया था और दाऊद इब्राहिम की जमकर तारीफ की थी।

शार्लोट के अनुसार, यह मुद्दा दमन और दीव के एक हिंदू और उसके मुस्लिम पड़ोसियों के बीच टकराव से उपजा है। यह हिंदू हाल ही में वहाँ गया था। पूर्वी लेस्टर के LE5 पोस्टकोड क्षेत्र मुस्लिम बहुल है, और वहाँ हाल ही में गए हिंदू परिवार ने अपने त्योहारों पर उत्सव मनाया था। इससे उसके मुस्लिम पड़ोसी नाराज हो गए थे।

इसके बाद उस हिंदू व्यक्ति ने 17 सितंबर को ‘हिंदू सेफ्टी मार्च’ निकालकर हिंदुओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाया था। इसके बाद इन इंफ्लुएंसरों ने फेक फोटोग्राफ के जरिए उसे संघ का आतंकी बताया और हाथ में तलवार लिए हुए उसकी फोटो वायरल कर दी।

इस हिंसा में ब्रिटेन का सजयाफ्ता कट्टरपंथी मौलाना अंजेम चौधरी और इस्लामी खिलाफत का ख्वाब देखने वाला प्रतिबंधित आतंकी संगठन हिज्ब-उर-तहरीर की भूमिका भी सामने आई है। इसके बाद से मामला बिगड़ता चला गया और हिंसा की चिंगारी भड़क उठी।

शादीशुदा हिंदू महिला की मुन्ना मियाँ ने चापड़ से की हत्या, अब्बू और भाई संग लाश में लगाई आग: 2 महीने बाद गिरफ्तार, दुमका की घटना

झारखंड के दुमका में इसी साल 31 अगस्त को झाड़ियों में मिले एक महिला के अधजले शव की पहचान हो गई है। मृतका शादीशुदा हिंदू महिला थी जिसकी हत्या मुन्ना मियाँ ने कर दी थी। पुलिस द्वारा किए गए खुलासे में हत्या में मुन्ना के साथ उसका भाई और अब्बा भी शामिल मिले। कत्ल से पहले महिला का गला दबा कर उसके ऊपर चापड़ से वार भी किए गए थे। 2 नवम्बर 2022 को पुलिस ने मुन्ना मियाँ को गिरफ्तार कर लिया और शुक्रवार (4 नवम्बर 2022) को जेल भेज दिया गया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 31 अगस्त 2022 पहाड़पुर की झाड़ियों में एक महिला की अधजली लाश मिली थी। पुलिस के काफी प्रयास के बाद भी लाश की शिनाख्त नहीं हो पाई थी। बाद में जाँच के दौरान पुलिस ने खुलासा करते हुए बताया कि वो लाश हंसडीहा के नोनीहाट पंचायत के चंपातरी गाँव की रहने वाली हिंदू महिला थी। पुलिस ने खुलासा करते हुए बताया कि उसकी हत्या तालझारी के सकटिया गाँव के शादीशुदा मुन्ना मियाँ ने अपने भाई सुलेमान मियाँ और अब्बा जुमरति मियाँ की संलिप्तता से की है।

जानकारी के मुताबिक, आरोपित 30 वर्षीय मुन्ना चौथी क्लास तक पढ़ा है। वह मजदूरी के साथ खेती-बाड़ी का काम करता है। इसके अलावा वो चित्रानंद शाह नाम के एक व्यक्ति का आटोरिक्शा 250 दिहाड़ी के हिसाब से चलाता था। मृतका शाह के ही घर पर अपने बच्चे के साथ रहते हुए साफ-सफाई का काम करती थी। एक दिन वो चित्रानन्द के कहने पर महिला का इलाज करवाने अस्पताल ले गया। इसी दौरान मुन्ना मियाँ ने उससे उसका नंबर ले लिया और दोनों में लगातार बातें होने लगीं।

महिला शादीशुदा थी जिसका ससुराल पश्चिम बंगाल के रानीगंज में था। जब उसके ससुराल वाले उसे को लेने आए तो उसने मना कर दिया और लड़-झगड़ कर हावड़ा चली गई। हावड़ा में उसने मुन्ना मियाँ को फोन कर के पैसे न होने की बात कह कर बुलाया। मुन्ना मियाँ हावड़ा पहुँचा और वहाँ से उसको अपने साथ ले कर गुजरात चला गया। कुछ दिनों बाद मुन्ना महिला को वहीं छोड़ कर वापस लौट आया। इस दौरान महिला भी गुजरात से बंगलुरु चली गई। मुन्ना मियाँ ये जान कर खुद भी बंगलुरु चला आया।

बताया जा रहा है कि बंगलुरु में मुन्ना मियाँ को शक हुआ कि महिला के कई अन्य लोगों से भी संबंध हैं। बताया जा रहा है कि एक बार मुन्ना ने उसको किसी और के साथ आपत्तिजनक हालत में देख भी लिया था। इसके बाद दोनों में काफी लड़ाई हुई थी और मुन्ना वापस झारखंड लौट आया था। झारखंड लौट कर उसने अपने भाई सुलेमान और अब्बा जुमराति मियाँ के साथ महिला की हत्या की प्लानिंग की। इस हत्या को अंजाम देने के लिए उन्होंने महिला को आधार कार्ड वाला बन कर झारखंड के देवघर बुलाया।

28 अगस्त को महिला अपने बच्चे के साथ देवघर आ गई। मुन्ना ने उसको यहाँ एक किराए के मकान में रखा। 29 अगस्त को मुन्ना और वह एक साथ रहे। बाद में 30 अगस्त को मुन्ना अपने भाई सुलेमान के साथ चापड़ और माचिस खरीद कर लाया। इसी दौरान हत्या की जगह भी तय कर ली गई। हथियार को उन्हीं झाड़ियों में छिपा दिया गया। शाम 4 बजे मुन्ना उसको अपने साथ आधार कार्ड बनवाने के बहाने बाइक पर बिठाया और घटनास्थल की तरफ बढ़ गया।

आधार कार्ड वाले को फोन करने के बहाने मुन्ना ने अपने भाई और अब्बा को बुलाया। इसी दौरान वो बाइक पहाड़पुर की पहाड़ी की तरफ ले गया। वहाँ पर मुन्ना के अब्बा व भाई ने मिल कर महिला को पकड़ लिया और चापड़ मार कर हत्या कर दी। हत्या के बाद महिला की लाश को झाड़ियों में छिपा दिया गया। इसी दौरान सबूत मिटाने के लिए आरोपितों ने बाइक से पेट्रोल निकाल कर उसके शव को जला दिया। अगले दिन मुन्ना ने घटनास्थल पर जा कर पुलिस द्वारा की जा रही शव शिनाख्त की कार्रवाई भी देखी।

इस दौरान मुन्ना ने नहिला बच्चे को अपने रिश्तेदार के घर दुर्गापुर में रख दिया था। कुछ दिनों तक सभी आरोपितों ने पुलिस की हरकतों पर नजर रखी। बाद में केस लम्बे समय तक न खुलने के चलते वो सभी शांत हो गए थे। हालाँकि पुलिस खोजबीन में लगी रही और अंत में सभी आरोपित पकड़े गए। पुलिस ने आरोपितों से महिला की हत्या में प्रयोग हुए हथियार भी बरमाद कर लिए हैं।

गौरतलब है कि इसी साल अगस्त में दुमका में शाहरुख नाम के लड़के ने एकतरफा प्यार में अंकिता नाम की एक लड़की को जिंदा जला दिया था। उसने सोती हुई अंकिता के कमरे में खिड़की से पेट्रोल फेंका था। कुछ दिन बाद इलाज दौरान 12वीं में पढ़ने वाली 19 साल की उस युवती की मौत हो गई थी।

‘हिन्दू थे दंगाइयों का निशाना’: AAP के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन पर कोर्ट की सख्त टिप्पणी, कहा – हिन्दुओं को मार रहे थे, उनकी ही संपत्ति को पहुँचाया नुकसान

‘नागरिकता संशोधन कानून (CAA)’ के विरोध में दिल्ली में हुए दंगों को लेकर दिल्ली की कड़कड़डूमा अदालत ने ‘आम आदमी पार्टी (AAP)’ के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन समेत 8 लोगों के खिलाफ आरोप तय किए हैं। शनिवार (5 नवंबर 2022) को हुई सुनवाई में कोर्ट ने माना है कि ताहिर हुसैन और अन्य आरोपित हिंदुओं को टारगेट करते हुए अधिक से अधिक नुकसान पहुँचाना चाहते थे।

दरअसल, कड़कड़डूमा कोर्ट में दिल्ली दंगों के दौरान गोली लगने से घायल हुए शिकायतकर्ता अजय गोस्वामी के एक बयान के आधार पर मामले की सुनवाई कर रही थी। इस मामले में सुनवाई करते हुए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पुलस्त्य प्रमचला ने ताहिर हुसैन, शाह आलम तनवीर मलिक, गुलफाम, नाजिम, कासिम, रियासत अली और लियाकत अली के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 307, 120 बी और धारा 149 के तहत आरोप तय किए हैं।

इस दौरान कोर्ट ने कहा है कि सभी आरोपित हिंदुओं को मारने और उन्हें नुकसान पहुँचाने के उद्देश्य से काम कर रहे थे। साथ ही, इस बात के भी सबूत हैं कि ताहिर हुसैन, शाह आलम, नाजिम, कासिम, रियासत और लियाकत ‘हिंदुओं को सबक सिखाने’ के लिए लोगों को उकसा रहे थे। इस तरह यह आईपीसी की धारा 505 के तहत एक दंडनीय अपराध है। अदालत ने कहा कि वो सभी आरोपियों पर लगाए गए आरोपों के लिए मुकदमा चलाने का निर्देश देती है।

अदालत ने यह भी कहा है कि सबूतों से यह सामने आया है कि सभी आरोपित हिंदुओं को निशाना बनाने, उन्हें मारने और संपत्तियों को अधिक से अधिक नुकसान पहुँचाने में शामिल थे। हिंदुओं पर अंधाधुंध गोलीबारी यह स्पष्ट करती है कि यह भीड़ जानबूझकर हिंदुओं को मारना चाहती थी। इनके ये कृत्य मुस्लिम और हिंदुओं के बीच सद्भाव के खिलाफ था। ताहिर हुसैन के घर के आसपास कई लोग इकट्ठे हुए। उनमें से कुछ हथियारों, एसिड, पेट्रोल बम से लैस थे। ताहिर हुसैन ने घर में इन हथियारों को जमा करके रखने की व्यवस्था की थी।

बता दें, दिल्ली दंगों के पीड़ित अजय गोस्वामी ने खजूरी खास पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराते हुए कहा था कि मुख्य करावल नगर रोड पर पथराव और फायरिंग में शामिल भीड़ ने उन्हें गोली मारी दी थी। उन्होंने यह भी कहा था कि गुलफाम और तनवीर उन पर अंधाधुंध फायरिंग कर रहे थे।

गौरतलब है कि नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में फरवरी 2020 में दिल्ली में दंगे भड़क उठे थे। दंगे में मुस्लिमों ने मुख्य रूप से हिंदुओं को निशाना बनाते हुए गोलीबारी, पेट्रोल बम, चाकू, तलवार, पत्थरबाजी समेत अन्य तरह से हमले किए थे। इस दंगे में कई पुलिसकर्मियों सहित 53 लोग मारे गए थे। जबकि 700 से अधिक लोग घायल हुए थे।

‘T Series’ के गाने में बिकनी पहनी लड़कियाँ, बोल – हरे राम, हरे कृष्ण: साउथ के म्यूजिक डायरेक्टर के खिलाफ FIR दर्ज, बताया भजन का अपमान

तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री के संगीत निर्देशक देवी श्री प्रसाद के नए गाने ‘ओ परी’ पर हिन्दू भावनाओं को ठेस पहुँचाने के आरोप लगे हैं। गाने में बिकनी पहनी लड़कियों को दिखाया गया है, साथ ही इसके बोल में ‘रामा, बोलो रामा हरे, कृष्णा, बोलो कृष्णा हरे’ का उपयोग किया गया है। सामाजिक कार्यकर्ता और अभिनेत्री कराटे कल्याणी ने ये मामला दर्ज कराया है। इस गाने को भूषण कुमार की ‘T Series’ ने रिलीज किया है।

YouTube पर अब तक इस गाने को 2 करोड़ से भी अधिक बार देखा जा चुका है। कल्याणी ने अपनी शिकायत में कहा है कि ‘हरे कृष्णा, हरे रामा’ हिन्दुओं के लिए एक पवित्र भजन है और कम कपड़े पहनी हुई लड़कियों को इस वीडियो में इस बोल के साथ दिखाना गंभीर रूप से आपत्तिजनक है और हिन्दुओं की भावनाओं को आहत करने वाला है। उन्होंने कहा कि भगवद्गीता या अन्य पवित्र साहित्यों को जो रोज-रोज नहीं पढ़ सकता, उन्हें ‘हरे राम, हरे कृष्ण’ कहने के लिए कहा जाता है।

उन्होंने कहा कि प्राचीन हिन्दू साहित्यों और सनातन संस्कृति इतनी समृद्ध है कि ये भजन काफी महत्वपूर्ण और शक्तिशाली है। उन्होंने न सिर्फ इस गाने को यूट्यूब से हटाने, बल्कि देवी श्री प्रसाद से माफीनामा जारी करने की माँग भी की है। पुलिस ने इस मामले में IPC (भारतीय दंड संहिता) की धारा-153A (किसी समुदाय की भावनाओं को आहत करना) और 295A (जानबूझ कर किसी धर्म का अपमान करना) के तहत मामला दर्ज किया है।

उक्त गाने में एक विदेशी लड़की को बिकनी पहन कर मंत्र जपते हुए भी देखा जा सकता है। शिकायतकर्ता अभिनेत्री ने पूछा कि गाना बनाने वालों ने एक बार भी ये सोचा कि दर्शकों को इसे देखना-सुन्ना कितना खराब लगेगा? उन्होंने कहा कि हिन्दू धर्म में जो बचा है, उसे भी बर्बाद करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि वो स्टूडियो में जाकर बातचीत को भी तैयार हैं। आंध्र प्रदेश में भाजपा के जनरल सेक्रेटरी एस विष्णुवर्धन रेड्डी ने भी इस गाने पर आपत्ति जताई है।

‘हिन्दुओं के कारण भारत सेक्युलर, काशी-मथुरा में गलती सुधारने का वक्त’: अयोध्या पर बोले आर्कियोलॉजिस्ट केके मुहम्मद- विरोध के कारण मैं फैक्ट नहीं बदल सकता

अयोध्या में खुदाई कर मंदिर का सबूत जुटाने वाले पुरातत्वविद् केके मुहम्मद (Archeologist KK Mohammad) का कहना है कि बाबरी की तरह देश में अभी कई मुद्दे हैं और अगर सभी पक्षों ने इसका हल नहीं निकाला तो ये बड़ी समस्या बन जाएँगी। उन्होंने कहा कि देश में कई मंदिर हैं, जिन्हें तोड़कर मस्जिद बनाया गया है। उन्होंने कहा कि देश में धर्मनिरपेक्षता हिंदुओं के कारण है।

केके मुहम्मद ने कहा कि मथुरा और काशी के ज्ञानवापी मामले को जल्द हल करना चाहिए। यहाँ प्रमाण की कमी नहीं है। बस सच को स्वीकार करने की जरूरत है। उन्होंने कहा, “मैं हमेशा मुसलमानों से कहता हूँ कि पाकिस्तान से अलग होने के बावजूद भारत सेक्युलर है, क्योंकि यहाँ हिंदुओं की मैजॉरिटी है।”

दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने कहा कि जब बात साइंटिफिक रिसर्च की हो तो उस पर विश्वास करना चाहिए। उन्होंने कहा, “मैं कहता हूँ कि भारत जैसे देश में मंदिरों को तोड़कर मस्जिद बनाए जाने पर कई मामले सामने आएँगे। ऐसे में पहले जो गलती की है, उसे सुधारने के पक्ष में सोचना चाहिए।”

देश में आर्कियोलॉजिस्ट के भविष्य के सवाल पर उन्होंने कहा कि भात में इनका कोई भविष्य नहीं है। इसके लिए ना स्टूडेंट्स आगे आ रहे हैं और न ही सरकार सपोर्ट कर रही है। बीजेपी गवर्नमेंट से कुछ उम्मीद थी, लेकिन उन्होंने ऐसा कुछ नहीं किया। उन्होंने कहा, मैं कहता हूँ कि आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ASI) का सबसे खराब समय BJP के राज में ही है।”

अयोध्या मामले में हिंदू मंदिर की बात रखने के कारण केके मुहम्मद को मुस्लिम समुदाय का विरोध झेलना पड़ता। उन्होंने कहा, “लोगों के विरोध को फेस न करना पड़े, इसके लिए मैं अपने प्रोफेशन से धोखा नहीं कर सकता। खुदाई में मंदिर के अवशेष मिले। ये फैक्ट था। इतिहास के तथ्यों को रखना ही मेरा धर्म है।”

बता दें कि केके मुहम्मद ने कहा था कि 27 मंदिरों को तोड़कर दिल्ली के कुतुब मीनार परिसर में स्थित कुव्वत उल इस्लाम मस्जिद बनाई गई है। उन्होंने कहा था कि मंदिरों को तोड़कर निकाले गए और उन पत्थरों से ही यह मस्जिद बनी है। उन्होंने कहा था कि उस जगह पर अरबी में लिखे अभिलेखों और ताजूर मासिर नामक किताब में इसका जिक्र है।

गौरतलब है कि केके मुहम्मद 1976-77 में पहली बार अयोध्या में जाकर राम मंदिर और बाबरी मस्जिद वाली विवादित जगह पर खुदाई की थी। उन्होंने बाबरी के नीचे मंदिर के अवशेषों का पता लगाने वाले पहले व्यक्ति थे। उन्होंने कहा था कि मंदिर के खंम्भों पर मस्जिद बनाई गई थी।