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बाबा रामदेव तो कुछ नहीं पहनते… लल्लनटॉप ने उस इरा त्रिवेदी से ली योग की क्लास, जिसके लिए कुरान प्रोग्रेसिव-हिंदू धर्म दकियानूसी

इंडिया टुडे समूह का एक लहंगरा पोर्टल है। नाम है- द लल्लनटॉप (The Lallantop)। इस पोर्टल की पहचान ‘हिटलर का लिंग’ नापने वाली वेबसाइट के तौर पर भी है। लल्लनटॉप ने हाल ही में अपने यूट्यूब चैनल पर एक नया कार्यक्रम शुरू किया है। नाम है- गेस्ट इन द न्यूजरूम (Guest in the Newsroom)।

इस कार्यक्रम में आने वाले मेहमान से सवाल-जवाब किए जाते हैं। कुछ उनकी जीवन यात्रा को लेकर। कुछ उनके काम को लेकर। कुछ उनके अनुभवों को लेकर। वगैरह वगैरह। इस कार्यक्रम के हालिया एपिसोड में इरा त्रिवेदी (Ira Trivedi) मेहमान बनकर आईं थी। इरा त्रिवेदी वही कुख्यात योग इंस्ट्रक्टर हैं, जो बीफ सेवन के लिए लोगों को प्रोत्साहित करने के मकसद से उसे प्रोटीन का सस्ता स्रोत बता चुकी हैं।

अमूमन ‘गेस्ट इन द न्यूजरूम’ को सौरव द्विवेदी (Saurabh Dwivedi) होस्ट करते हैं। वे संपादक हैं। ब्रा, पैंटी, योनि, सेक्स, लिंग, वीर्य से करियर बनाने वाले संपादक के तौर पर पहचान रखते हैं। एक बार अपने ही पिता की पार्टी को कंडोम बाँटते भी धराए थे। लेकिन इरा त्रिवेदी वाला एपिसोड हर्षिता ने होस्ट किया है। बकायदा बताया है कि कैसे सौरव ने उनको इसका मौका प्रदान किया है।

इरा त्रिवेदी वाले एपिसोड का वीडियो 29 अक्टूबर 2022 को अपलोड किया गया है। आप नीचे इसे देख सकते हैं। इस दौरान इरा ‘द लल्लनटॉप’ के न्यूजरूम में योगा टिप्स बाँटती और वहाँ मौजूद लोगों को योग करवाती भी दिख रही हैं।

कार्यक्रम के दौरान वह कहती हैं कि जब अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत हुई तो युवाओं को जोड़ने की पहल की गई। उस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इसमें रूचि दिखाई। फिर दूरदर्शन से अपने जुड़ाव का जिक्र करते हुए कहती हैं, “दूरदर्शन पर योग कार्यक्रम शुरू हुआ। सबसे पहले यह धीरेन्द्र ब्रह्मचारी के साथ शुरू हुआ। उसके बाद आए बाबा रामदेव। फिर मैं आई। अब कितना कल्चर चेंज हुआ होगा दूरदर्शन में। वो मुझसे कहते थे कि आप स्लीवलेस मत पहनिए। थोड़ा सा आप… अब बाबा रामदेव तो कुछ भी नहीं पहनते हैं, और आप मुझको स्लीवलेस का बोल रहे हो।” इतना कहकर वह जोड़ से खिलखिला पड़ती हैं।

इस दौरान इरा ने यह नहीं बताया कि दूरदर्शन से उनकी छुट्टी क्यों हुई थी। न लल्लनटॉप ने इसकी वजह जानने की दिलचस्पी दिखाई, क्योंकि इससे उसके गेस्ट की हिंदू घृणा सामने आने का डर जो था।

उल्लेखनीय है कि इरा त्रिवेदी वामपंथी और लिबरल गिरोह को खुश करने का कोई मौका नहीं छोड़तीं। एक झूठे आँकड़े को आधार बनाकर उन्होंने बताया था कि गाय का माँस प्रोटीन का सबसे बेहतर स्रोत होता है। इसको लेकर सोशल मीडिया पर नाराजगी के बाद ही उनकी दूरदर्शन से छुट्टी हुई थी। इस प्रकरण के बाद वो ट्विटर पर माफ़ी माँगती भी नजर आईं थी। वह हिन्दू धर्म को पिछड़ा और दकियानूसी सोच वाला, जबकि कुरान को प्रोग्रेसिव भी बता चुकी हैं।

वैसे फेक न्यूज और हिंदूफोबिया लल्लनटॉप के लिए नई बात नहीं है। हाल ही में मोरबी पुल हादसे के बाद संस्थान इसे छठ से जोड़कर झूठ फैलाते पकड़ा गया था। शायद यही कारण है कि नेटिजन्स इस संस्थान को दल्लनटॉप भी कहते हैं।

एलन मस्क की राह पर चली फेसबुक की Meta कंपनी, हो सकते हैं हजारों कर्मचारी बर्खास्त: ट्विटर में कुछ स्टाफ की वापसी, कहा- गलती से निकाला था

ट्विटर के बाद अब फेसबुक को लेकर खबर है कि यह कंपनी भी अपने कई कर्मचारियों की छंटनी शुरू कर रही है। अभी इस कंपनी में 87000 से ज्यादा कर्मचारी काम कर रहे हैं। अनुमान है कि कम से कम 12000 को कंपनी निकालने वाली है। इससे पहले ट्विटर ने अपने 50 फीसद कर्मचारियों की छुट्टी की थी। हालाँकि अब खबर है कि इनमें से कुछ को वापस काम करने के लिए बुलाया जा रहा है।

फेसबुक ने शुरू की छंटनी

जानकारी के मुताबिक फेसबुक में बुधवार से छंटनी प्रक्रिया चालू हो रही है। दरअसल टिकटॉक और यूट्यूब से कंपनी को काफी टक्कर मिली, जिसकी वजह से कंपनी के शेयर में 73 फीसद गिरावट आई है और कंपनी के रेवेन्यू पर भारी असर पड़ा। यही वजह है कि कंपनी में छंटनी शुरू होने जा रही है।

कंपनी के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग भी कभी अमीर व्यक्तियों की लिस्ट में तीसरे स्थान पर थे, पर अब उनकी जगह 29वें स्थान पर है। उनकी आय में 90.3 अरब डॉलर की गिरावट आई है और यह 35.2 अरब डॉलर रह गई है। कंपनी ने इंजीनियरों और डेटा साइंटिस्टों की हायरिंग को बंद कर दिया है। कंपनी के हालात देखते हुए जुकरबर्ग वे कहा था कि उनके लिए 18 से 24 महीने चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। उन्होंने अपने मैनेजर्स से कम पर्फॉर्म करने वाले कर्मचारियों की पहचान करने को कहा था और अब खबर है कि वे उनकी छंटनी करेंगे।

ट्विटर वापस बुलाएगा कर्मचारी

एलन मस्क के नेतृत्व में पिछले दिनों ट्विटर ने 3500 के करीब कर्मचारियों के कंपनी से चलता किया था। हालाँकि अब खबरें आ रही हैं कि ट्विटर ने दर्जनों लोगों से वापस लौटने को कहा है। उन्हें कहा गया है कि उन्हें गलती से निकाल दिया गया था। वहीं कुछ की जरूरत मैनेजमेंट को महसूस हुई और उन्हें लगा कि कुछ सेवाओं के लिए पुराने कर्मचारियों की जरूरत है। ऐसे में उन्हें वापस आने को कहा गया। याद दिला दें कि कंपनी ने अपने 3700 कर्मचारियों को निकाला था।

20 अगस्त से गायब हैं अरुणाचल के 2 युवक, आशंका – चीनी फ़ौज ने कर लिया अपहरण: परिजनों ने मोदी सरकार से लगाई गुहार, जड़ी-बूटी लेने गए थे

अरुणाचल प्रदेश के अंजॉ (Anjaw) जिले से पिछले ढाई महीने दो युवक लापता हैं। लापता युवकों का नाम बेतेलम टिकरो (33) और और बेइंग्सो मन्यु (31) बताया जा रहा है। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है। लापता युवकों में से एक के बड़े भाई ने समाचार एजेंसी एएनआई से बताया, “हमें संदेह है कि उन्होंने भारतीय सीमा पार की और चीन ने उनका अपहरण कर लिया। हम केंद्र सरकार से उन्हें ढूँढने में मदद करने की अपील करते हैं।”

दरअसल, अरुणाचल का अंजॉ क्षेत्र भारत-चीन सीमा से जुड़ा हुआ है। इस मामले पर भाजपा विधायक दासंगलू का कहना है कि दोनों युवक 20 अगस्त से लापता हैं। वो स्थानीय जंगल से वे जड़ी-बूटियाँ लेने गए थे। इस मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। उन्होंने आगे कहा, “हमने इस मामले में पूर्वी अरुणाचल प्रदेश के सांसद तापिर गाओ, सीएम, डिप्टी सीएम और केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से बात की है। प्रशासन और सेना द्वारा बचाव अभियान चलाया जा रहा है।”

इससे पहले इस साल अगस्त में अंजॉ जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) राईके कामसी ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया था कि दोनों युवक भारत-चीन बॉर्डर से जुड़े अंजॉ जिले के चगलगाम से 19 अगस्त को निकले थे। उनके परिवार के सदस्यों ने 9 अक्टूबर, 2022 को पुलिस थाने में उनकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। कामसी ने कहा, “हमने सेना से संपर्क किया है। उन्हें ढूँढ निकालने के लिए हमारा बचाव अभियान जारी है।”

गौरलतब है कि इस साल जनवरी में चीनी सेना ने अरुणाचल प्रदेश के एक 17 वर्षीय किशोर को अगवा कर लिया था। बीजेपी सांसद तापिर गाओ (Tapir Gao) ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी थी। अगवा किए गए किशोर की पहचान मीरम तरोन (Miram Taron) के रूप में की गई थी। वह जीडो गाँव का रहने वाला बताया गया था।

सांसद ने बताया था कि तरोन को उसके दोस्त जॉनी यइयिंग (Johny Yaiying) के साथ चीन की सेना ने अगवा कर लिया था। लेकिन वह किसी तरह चीनी सेना के कब्जे से भागने में सफल रहा। इसके बाद तरोन के अपहरण की बात सामने आई थी। सांसद ने तरोन की फोटो भी शेयर की थी।

आलू के बोरे, कच्चा रास्ता, अल्ताफ-यूनुस सरगना… नेपाल से भारत में आ रहे जाली नोट: रिपोर्ट में दावा- नकली नोट माँगे तो तस्कर ने पटकी 500 की गड्डियाँ

ऑपइंडिया ने हाल ही में भारत-नेपाल सीमा (India Nepal Border) पर बदलती डेमोग्राफी को लेकर सिलसिलेवार रिपोर्ट किया था। बताया था कि कैसे जनसंख्या में बदलाव का असर जमीन पर दिख रहा है। सीमा पर हो रही तस्करी, कानून व्यवस्था के लिए पैदा चुनौतियों और भारत की आंतरिक सुरक्षा को खतरे को लेकर भी हमने रिपोर्ट की थी।

अब दैनिक भास्कर ने नेपाली सीमा से हो रहे जाली नोट के कारोबार को लेकर चौंकाने वाले दावे किए हैं। एक रिपोर्ट में बताया है कि जब उसके रिपोर्टर इस कारोबार में संलिप्त लोगों तक पहुँचे और जाली नोट माँगे तो उन्होंने नकली भारतीय नोट के 500 की गड्डियाँ पटक दी। इस रिपोर्ट की माने तो भारतीय जाली नोटों के कारोबार में दुबई, मलेशिया, बांग्लादेश और पाकिस्तान के लोग शामिल हैं। नेपाल का परसा और बारा जिला इसका अड्डा है। सरगना दुबई में है। रिपोर्ट में 80 करोड़ रुपए के नकली नोट नेपाल पहुँचने और उसे होली तक भारत के बाजार में खपाने का लक्ष्य तय किए जाने की बात भी कही गई है।

दैनिक भास्कर के मुताबिक नेपाल में नकली नोटों के सबसे बड़े तस्कर अल्ताफ मियाँ और यूनुस अंसारी हैं। दोनों ISI के एजेंट बताए जाते हैं। पूर्व सांसद मिर्जा दिलशाद बेग के उत्तराधिकारी के तौर पर काम कर रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि नोटों के अलावा अल्ताफ और यूनुस सोने और ड्रग्स की भी तस्करी में शामिल हैं। दोनों फ़िलहाल जेल में हैं और वहीं से अपने सिंडिकेट को संचालित करते हैं।

जानकारी के मुताबिक नकली नोटों को सीमा के आर-पार ले जाने के लिए आलू के बोरे और लकड़ी के गट्ठरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इन नकली नोटों में डॉलर सहित कुछ विदेशी मुद्राएँ भी शामिल हैं। साइकिल से खेतों और कच्चे रास्तों से नोट भारत में लाए जाते हैं। इस काम में बच्चों और महिलाओं का भी इस्तेमाल हो रहा है।

ज्यादातर तस्करी वीरगंज, रुपनदेही, सोनौली और सिद्धार्थनगर के बढ़नी बाॅर्डर से होती है। डील सेट होने से पहले वीडियो कॉल पर माल दिखाया जाता है। उसके बाद फोन पर रेट तय किया जाता है। दैनिक भास्कर के रिपोर्टर दिग्विजय कुमार और अलोक द्विवेदी ने रिपोर्ट में बताया है कि नेपाल पुलिस इस तस्करी को रोकने में कोई रूचि नहीं लेती।

गौरतलब है कि इसी साल सितम्बर में बिहार की सीतामढ़ी पुलिस ने मेजरगंज और बैरगनिया में नकली नोटों की तस्करी के आरोप में नेपाल के पति-पत्नी सहित 5 आरोपितों को गिरफ्तार किया था। इनके पास से भारतीय और नेपाली नकली नोटों के साथ अवैध हथियार भी बरामद हुए थे। अक्टूबर 2022 में भी गोरखपुर के गगहा क्षेत्र से नकली नोटों की खेप पकड़ी गई थी। अगस्त 2019 में दिल्ली पुलिस ने नेपाल से नकली नोटों की तस्करी करने वाले आलम अंसारी को गिरफ्तार किया था। उसके पास से ₹ 5.50 लाख रुपये के नकली नोट बरामद हुए थे। तब स्पेशल सेल ने खुलासा किया था कि नकली नोट भारत में नेपाल के रास्ते पाकिस्तान से भेज जाता था।

बंगाल के खिर्दीपुर में वापस नहीं लौटे हैं हिंदू, जिनके घर जले उन्होंने नहीं मनाई दीवाली: रिपोर्ट में बताया, हिंसा के 1 माह बाद कैसे हैं हालात

पश्चिम बंगाल के मुस्लिम बहुल खिर्दीपुर में अक्टूबर में हुई हिंदू विरोधी हिंसा के बाद वहाँ हालात अब भी ठीक नहीं हुए हैं। NIA हिंसा की जाँच कर रही है जबकि शांति बनी रहे इसके लिए इलाके में 9 अक्टूबर से ही रैपिड एक्शन फोर्स को तैनात किया गया है। हालात ऐसे हैं कि कट्टरपंथियों के डर से जिन हिंदुओं ने घर छोड़ा था वो अब तक लौटकर नहीं आए हैं।

दैनिक भास्कर में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार वह घटना के एक महीने बाद प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति देखने के गए थे। वहाँ उन्हें पता चला कि इलाके में फोटो लेना बिलकुल बना है। ऐसे में उन्होंने कुछ स्थानीयों से बात की और पाया कि 8-9 अक्टूबर को हिंसा हुई उसमें ज्यादा शिकार हिंदू थे जिनके न घर छोड़े गए, न वाहन… सबमें आग लगा दी गई।

एक रवि कुमार और शंभू कुमार ने पत्रकारों को बताया कि वो लोग वार्ड नंबर 13 में रहते हैं। जहाँ उनके जानने वाले 4-5 हिंदू परिवार अब तक घर नहीं लौटे हैं। 9 अक्टूबर को कोजागरी लक्ष्मी पूजा थी। तभी, हिंदुओं के घरों पर अचानक हमला किया गया। वो लोग कौन थे, ये किसी को नहीं पता चला। बस ये पता था कि वो दूसरे समुदाय के थे।

स्थानीयों ने बताया कि हिंसा के दौरान बिजली चली गई थी। न पुलिस आ रही थी और न बिजली। लोग गाड़ी तोड़ रहे थे। गोले फेंके जा रहे थे। बम की आवाज आ रही थी। हालत ऐसी थी कि डर से घर छोड़ गए और अब तक नहीं लौटे। जिनके घर जले उन्होंने दिवाली तक नहीं मनाई। फिलहाल इलाके में पुलिस तैनात है। कैंप लगे हैं। कुछ जवान यूनिफॉर्म में घूमते हैं कुछ सादे कपड़ो में।

नेशनल बॉक्सर मेहराजुद्दीन अहमद ने कहा कि एक भाजपा नेता ने नबी का फ्लैग खींचा था जिससे हिंसा भड़की। वहीं भाजपा का कहना है कि वो जब हिंसा के बाद इलाके में जाना चाहते थे तो उन्हें रोका गया। पुलिस बताती है कि पहले मयूरभंज और भूकैलाश रोड पर हिंसा हुई फिर इकबाल पुर स्टेशन को घेरा गया। मामले की जाँच में उन्हें कई बम और हथियार मिले। सरकार ने एसआईटी बनाई। 63 लोग गिरफ्तार हुए।

उल्लेखनीय है कि बंगाल में अक्टूबर में हुई हिंदू विरोधी हिंसा कोई नई बात नहीं थी। साल 2021 में चुनाव के दौरान भी हिंदुओं पर जानबूझकर टारगेट बनाया गया था। भाजपा को वोट देने वालों के साथ जहाँ मारपीट हुई थी, वहीं औरतों के साथ रेप की घटनाएँ घटी थी। भाजपा कार्यकर्ताओं को तो जगह-जगह मारा गया था।

जहाँगीरपुरी में जहाँ मना अंसार की जमानत का ‘जश्न’, वहीं से दिल्ली पुलिस ने ‘जुलूस’ निकाल किया भीतर: हिंदुओं पर हमले का है मास्टरमाइंड

दिल्ली के जहाँगीरपुरी में हिंदुओं पर हमले (2022 Jahangirpuri violence) का मुख्य आरोपित अंसार शेख फिर से गिरफ्तार कर लिया गया है। दिल्ली पुलिस ने बताया है कि जेल से निकलते ही माहौल खराब करने की कोशिश में अंसार सहित चार गिरफ्तार किए गए हैं। रोहिणी कोर्ट ने 4 नवम्बर 2022 को अंसार को जमानत दी थी। उसके बाद जहाँगीरपुरी में उसकी जमानत का जश्न मना था। इसके वीडियो भी सामने आए थे।

जमानत के बाद जेल से निकलने के बाद अंसार ने दोपहिया और चार पहिया गाड़ियों के साथ जुलूस निकाला था। इस दौरान समुदाय के कई लोगों ने उसका ‘हीरो’ की तरह स्वागत किया। उसके स्वागत में सोशल मीडिया पर पोस्ट और स्टेट्स डाले। लेकिन रविवार (6 नवम्बर 2022) को उसी रास्ते पर जुलूस निकाल दिल्ली पुलिस ने उसे फिर से सलाखों के पीछे डाल दिया।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में अंसार ने जेल से निकलते ही पुष्पा फिल्म का स्टाइल दिखाया। यही अंदाज़ उसने जेल जाने के दौरान दिखाया था। जेल से उसको घर ले जाने के लिए कई वाहन आए थे। रास्ते में नारेबाजी करता जुलूस जहाँगीरपुरी पहुँचा। वीडियो में सड़क किनारे खड़े कई लोगों ने हाथ हिलाकर उसका स्वागत करते दिख रहे हैं।

कुछ लोगों के स्क्रीनशॉट भी वायरल हो रहे हैं। उन्होंने अंसार के साथ फिल्म पुष्पा स्टाइल में सेल्फी ले कर पोस्ट की है। कई एकाउंट पर ‘वेलकम अंसार भाई’ भी लिखा हुआ था। VHP नेता उमाशंकर दुबे ने अंसार की रिहाई के बाद हुए जश्न और दोबारा गिरफ्तारी की वीडियो शेयर की है।

अंसार दोबारा गिरफ्तार

सोशल मीडिया पर दंगे के आरोपित अंसार का वीडियो वायरल होने के बाद दिल्ली पुलिस हरकत में आ गई। पुलिस ने अंसार और उसके 3 अन्य साथियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने अंसार का जहाँगीरपुरी में ही जुलूस निकाला। पुलिस ने अंसार के साथ अरबाज़, जुनैल व एक अन्य पर शान्ति भंग की धाराओं में कार्रवाई की है।

गौरतलब है कि दिल्ली के जहाँगीरपुरी में अप्रैल 2022 में हनुमान जयंती शोभायात्रा के दौरान हिंसा K ब्लॉक में हिंसा भड़क गई थी। आरोप है कि मस्जिद की छतों से शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालुओं पर पथराव किया गया था। हिंसा को काबू करने के प्रयास में दिल्ली पुलिस के एक सब इंस्पेक्टर मेंदलाल के हाथ में दंगाइयों द्वारा मारी गई गोली भी लग गई थी। बाद में जाँच के दौरान अंसार और तबरेज इस हिंसा के मास्टरमाइंड के तौर पर निकल कर सामने आए थे।

नाम बदला तो ब्लू टिक जाएगा, वार्निंग के बिना ही अकाउंट होंगे सस्पेंड: एलन मस्क का सपना- ट्विटर मतलब विश्वसनीयता

ट्विटर का मालिक बदलने के बाद उसमें लगातार बदलाव किए जा रहे हैं। इसी क्रम में एलन मस्क ने एक बड़ा फैसला लिया है। एलन ने ऐलान किया है कि अब से अगर कोई भी शख्स किसी और के नाम से अकॉउंट चलाते पाया गया, वो भी बिन इस बात को साफ किए कि वो अकॉउंट पैरोडी है तो उसे हमेशा के लिए सस्पेंड कर दिया जाएगा। मस्क ने कहा है कि अब से ट्विटर अकॉउंट सस्पेंड करने से पहले कोई चेतावनी नहीं देगा।

उन्होंने फर्जी अकॉउंट वालों को चेतावनी देते हुए बताया, “पहले हम लोगों ने वॉर्निंग दी थी कि हम अकॉउंट सस्पेंड कर रहे हैं लेकिन अब हम व्यापक सत्यापन को शुरू कर रहे हैं। इसके अनुसार कोई चेतावनी नहीं होगी। ये स्पष्ट तौर पर ट्विटर पर साइन इन करने की शर्त है।” इसके अलावा मस्क ने यह भी बताया कि अगर कोई व्यक्ति अपना नाम बदलता है तो भी वो अपना वेरीफाइड चेकमार्क गवा सकता है।

मस्क ने ट्वीट किया, “बड़े स्तर पर सत्यापन पत्रकारिता का लोकतंत्रीकरण करेगा और लोगों की आवाज को सशक्त करेगा।” वह कहते हैं कि ट्विटर दुनिया के बारे में सबसे सटीक जानकारी देने का विश्वसनीय सूत्र बने, यही उनकी सबसे ज्यादा कोशिश है।

बता दें कि इससे पहले एलन मस्क ने ट्विटर यूजर्स को जानकारी दी थी कि वो जल्द ही ट्विटर को इस लायक बनाएँगे कि वहाँ लंबे-लंबे टेक्स्ट लिखे जा सकें ताकि नोटपैड के स्क्रीनशॉट आदि शेयर करने की जरूरत न पड़े।

उल्लेखनीय है कि पैरोडी अकॉउंट्स को लेकर जो एलन मस्क का सख्त फैसला आया वो एक ट्विटर अकॉउंट के संज्ञान में आने के बाद आया। उस ट्वीट पर साफ तौर पर एलन का नाम लिखा हुआ था। वहीं आईडी इयान वुलफॉर्ड के नाम से थी। उस पर कई हिंदी और भोजपुरी में ट्वीट थे। जिसके ट्वीट वायरल होने के बाद उस अकॉउंट को सस्पेंड कर दिया गया है। ट्विटर ने फैसला लिया है कि वो जल्द ही अपने प्लेटफॉर्म पर ब्लू टिक के बदले पैसे चार्ज करना शुरू कर देंगे। कई देशों के लिए यह नियम आ भी गया है और कई देशों में जल्द लागू हो जाएगा।

देश तोड़ने की बात करने वाले के साथ ‘भारत जोड़’ रहे राहुल गाँधी: यात्रा में प्रशांत भूषण का लिया साथ, भारतीय सेना को कह चुके हैं भला-बुरा

देश के दो राज्यों हिमाचल प्रदेश और गुजरात में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। लेकिन, कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी इन दो राज्यों का दौरा करने की बजाए ‘भारत जोड़ो’ यात्रा कर रहे हैं। कॉन्ग्रेस की ‘भारत जोड़ो’ यात्रा रविवार (6 नवंबर, 2022) को तेलंगाना में थी। इस दौरान, राहुल गाँधी के साथ ‘आम आदमी पार्टी (AAP)’ के पूर्व नेता प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव भी शामिल हुए।

इस यात्रा में शामिल होने के बाद प्रशांत भूषण ने ट्वीट कर कहा, “आज भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुआ, क्योंकि मुझे लगता है कि इसमें भाजपा और उसके सहयोगियों द्वारा बनाए जा रहे नफरत के माहौल को सकारात्मक रूप से बदलने की क्षमता है। उम्मीद है कि यह बेरोजगारी, कीमतों, भाई-भतीजावाद आदि की वास्तविक समस्याओं की ओर भी ध्यान आकर्षित करेगा।”

प्रशांत भूषण आज भले ही कॉन्ग्रेस की ‘भारत जोड़ो’ यात्रा में शामिल होकर तथाकथित ‘नफरत के माहौल’ के खिलाफ आवाज़ उठाने की बातें कर रहे हों, लेकिन यह वही प्रशांत भूषण हैं जिन्होंने देश के अभिन्न अंग कश्मीर को लेकर जनमत संग्रह की बात कही थी।

प्रशांत भूषण ने एक इंटरव्यू में कहा था, “यह अत्यंत जरूरी है कि हम लोगों के दिलों और मन को जीतें और अलगाव की भावना को उभरने से रोकें। इसके लिए जो पहली चीज किए जाने की जरूरत है, वह आर्म फोर्सेज स्पेशल पावर्स एक्ट (AFSPA) को हटाने की है जो सेना को मानवाधिकार के उल्लंघन के मामलों में छूट प्रदान करता है। आंतरिक सुरक्षा के मामलों में सेना की तैनाती लोगों की मंजूरी के बाद ही प्रभावी होनी चाहिए ,सिवाय ऐसे स्थानों पर जहाँ अल्पसंख्यकों के हितों की सुरक्षा जरूरी हो।”

उल्लेखनीय है कि सभी राजनीतिक पार्टियाँ गुजरात और हिमाचल प्रदेश के चुनाव में जुटी हुई हैं, लेकिन कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी सिर्फ अपनी ‘भारत जोड़ो’ यात्रा कर रहे हैं। इसलिए, यह कहा जा रहा है कि यह यात्रा कॉन्ग्रेस की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ न होकर राहुल गाँधी की व्यक्तिगत यात्रा बनकर रह गई है।

फोटो देख कर लड़की चुनी, सेक्स करने होटल भी पहुँचा, लेकिन फिर… दिल्ली के क्रिकेटर को हनीट्रैप में फँसाने वाले 3 गिरफ्तार, वीडियो बना कर रहे थे ब्लैकमेल

पश्चिम बंगाल पुलिस ने शनिवार (5 नवंबर, 2022) को दिल्ली के एक क्रिकेटर को हनीट्रैप में फँसा कर ब्लैकमेलिंग और जबरन वसूली के आरोप में 3 लोगों को गिरफ्तार किया है। हालाँकि, पुलिस ने हनी ट्रैप का शिकार हुए क्रिकेटर के नाम का खुलासा नहीं किया है।

इस मामले में पुलिस ने कहा है कि क्रिकेटर की शिकायत के आधार पर जाँच कर तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान ऋषभ चंदा, सुभोनकर विश्वास और शिव सिंह के रूप में हुई है। जबकि, हनीट्रैपिंग रैकेट का मुख्य मास्टरमाइंड अब भी फरार बताया जा रहा है। पुलिस ने फरार आरोपित की जल्द-जल्द से गिरफ्तारी की बात कही है।


एबीपी बांग्ला की रिपोर्ट के अनुसार, हनीट्रैप का शिकार हुआ क्रिकेटर अक्टूबर के अंत में मुश्ताक अली ट्रॉफी (SMAT) के मैच खेलने के लिए दिल्ली से कोलकाता आया था। वहाँ वह सॉल्ट लेक इलाके के एक होटल में रुका था। इस दौरान वह एक डेटिंग ऐप के जरिए आरोपितों के संपर्क में आया।

इसके बाद, मंगलवार (1 नवंबर, 2022) को वह बिधाननगर सिटी थाना अंतर्गत अंतर्गत आने वाले बागुईआटी इलाके के एक बस-स्टॉप पर चारों आरोपितों से मिला। इस मुलाकात के दौरान, क्रिकेटर को कुछ तस्वीरें दिखाई गईं और उसे इन फोटोज में से एक चुनने के लिए कहा गया। जब, उसने उन फोटोज में से एक को पसंद कर लिया तब उसे उस लड़की मिलवाया भी गया। फिर, जब वह लड़की के साथ होटल में रुका, तब आरोपितों ने उसका वीडियो रिकॉर्ड कर लिया।

पीड़ित क्रिकेटर इस बात से अनजान था कि वह हनीट्रैप का शिकार हो गया है। हालाँकि, कुछ समय बाद आरोपितों ने उसे संपर्क किया और वीडियो वायरल करने की धमकी देते हुए पैसे की माँग की। पीड़ित ने तत्काल ही आरोपितों को नेट बैंकिंग के माध्यम से 60,000 रुपये ट्रांसफर कर दिए। यही नहीं, उसे अपनी सोने की चेन और कीमती मोबाइल फोन भी आरोपितों को देना पड़ा।

हालाँकि, आरोपित यहीं नहीं रुके और उसे ब्लैकमेल करने के लिए और कॉल आने लगे। इससे परेशान होकर बुधवार (2 नवंबर 2022) को उसने स्थानीय बागुईआटी थाने में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने पीड़ित क्रिकेटर के बयान के आधार पर जाँच शुरू की। इसके बाद, शनिवार (5 नवंबर, 2022) को बागुईआटी इलाके से ही तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है, जबकि चौथा आरोपित जिसे इस हनीट्रैप रैकेट का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है – वह अब भी फरार है।

पश्चिम बंगाल से अलकायदा का आतंकी मोनिरुद्दीन खान गिरफ्तार, फर्जी आइकार्ड्स बनाने में है एक्सपर्ट: AQIS में करवा रहा था भर्तियाँ

पश्चिम बंगाल के साउथ 24 परगना से अलकायदा से जुड़ा संदिग्ध आतंकी मोनिरुद्दीन खान गिरफ्तार किया गया है। STF (स्पेशल टास्क फोर्स) ने रविवार (6 नवंबर, 2022) को ये कार्रवाई की है। मोनिरुद्दीन खान खूँखार अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन में भर्तियाँ करवा रहा था। साथ ही वो अलकायदा को साजो-सामान भी मुहैया करा रहा था। साथ ही वो फर्जी भारतीय आईडी कार्ड्स बना कर मुहैया कराता था। उसकी उम्र 20 साल है।

उसे गिरफ्तार कर के STF ने अदालत में पेश किया, जहाँ से उसे 14 नवंबर तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है। वो अलकायदा के भारतीय उप-महाद्वीप में सक्रिय हिस्से AQIS (अलकायदा इंडियन सबकॉन्टिनेंट) के साथ जुड़ा हुआ था। कोलकाता पुलिस ने इस संबंध में आगे की जाँच भी शुरू कर दी है। इससे पहले अगस्त 2022 में भी पश्चिम बंगाल में अलकायदा के एक आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया गया था।

उत्तरी 24 परगना जिले के सासन के खारीबाड़ी इलाके से STF ने अलकायदा के 2 आतंकियों को गिरफ्तार किया था। दोनों आतंकी देश में बड़ी साजिश को अंजाम देने की फिराक में थे। लेकिन इससे पहले ये कुछ कांड करते, इन्हें STF ने धर लिया।  हिरासत में लिए गए लोगों की पहचान गंगारामपुर, जिला दक्षिण दिनाजपुर निवासी अब्दुर रकीब सरकार और हुगली जिले के आरामबाग निवासी काजी अहसानुल्लाह के रूप में हुई थी।

पश्चिम बंगाल के अलावा असम में भी अलकायदा की सक्रियता की खबर आती रहती है, जहाँ मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की सरकार संगठन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रही है। अगस्त 2022 में गोलपाड़ा से दो इमामों को गिरफ्तार किया गया था, जो अलकायदा से जुड़े थे। इससे पहले असम में 28 जुलाई को 11 संदिग्धों को असम पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इनके संबंध भी AQIS और ABT से पाए गए थे। कई ऐसे मदरसों पर बुलडोजर भी चला है।