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फोटो, नंबर, पैसा… NIA को कॉल कर इन 4 आतंकियों की दीजिए जानकारी: घर लौटते वक्त BJP नेता प्रवीण नेट्टारू को कुल्हाड़ी से काटने का मामला

कर्नाटक के प्रवीण नेट्टारू हत्याकांड में NIA (राष्ट्रीय जाँच एजेंसी) को चार लोगों की तलाश है। एजेंसी ने इन पर इनाम की घोषणा की है। इनकी जानकारी देने के लिए दो नंबर जारी किए हैं। जिनकी तलाश की जा रही है वे प्रतिबंधित पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया (PFI) से जुड़े हैं। इनके नाम हैं- मोहम्मद मुस्तफा, तुफैल, उमर फारुख और अबू बकर सिद्दीक।

सूचना देने के लिए जो नंबर जारी किए हैं, वे हैं- 080- 29510900 और 8904241100। पत्र द्वारा सूचना के लिए NIA ने अपने बेंगलुरु स्थित ऑफिस का पता दिया है। यह पता पुलिस अधीक्षक NIA के कार्यालय का है जो डोमलूर इलाके के सर एम विश्वेश्वरैया केंद्रीय भवन के 8वें फ्लोर पर स्थित है।

NIA ने कहा है कि इनाम के हक़दार वही होंगे जिनकी सूचना पुख्ता और आरोपितों की गिरफ्तारी में मददगार साबित होगी। राष्ट्रीय जाँच एजेंसी ने सूचना देने वाले की पहचान को भी गुप्त रखने का भरोसा दिया है।

मोहम्मद मुस्तफा पर 5 लाख रुपए का इनाम रखा गया है। इसके अब्बा का नाम उमर है जो कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ जिले के सुल्लिया तालुका का रहने वाला है। तुफैल पर भी 5 लाख रुपए का इनाम घोषित किया गया है। उसके अब्बा का नाम हमीद है, जिसका घर कर्नाटक के कोडागु जिले के मदिकेरी बाजार की मस्जिद के पास है।

उमर फारुख पर 2 लाख का इनाम है। उमर के अब्बा का नाम रफीक है जो कर्नाटक के ही दक्षिण कन्नड़ जिले का रहने वाला है। इस तरह अबू बकर सिद्दीक पर भी इनाम रखा गया है। वह अली कुन्ही का बेटा है। मोहम्मद मुस्तफा के ही गाँव के रहने वाले हैं। NIA के मुताबिक अबू बकर का नाम पेंटर सिद्दीक भी है।

गौरतलब है कि 26 जुलाई 2022 को बेल्लारे में हमलावरों ने भाजपा नेता प्रवीण नेट्टारू को कुल्हाड़ी से उस वक़्त काट दिया था, जब वे दुकान बंद कर अपने घर जा रहे थे। इस मामले में पुलिस ने 28 जुलाई को जाकिर और शफीक को गिरफ्तार किया था। इन दोनों पर हत्या की साजिश रचने का आरोप है। आरोपितों के लिंक पीएफआई और एसडीपीआई से मिले हैं। बाद में इस मामले की जाँच स्टेट पुलिस से NIA को सौंप दी गई थी। प्रवीण नेट्टारू की हत्या उदयपुर में कन्हैयालाल की हत्या का विरोध करने की वजह से हुई थी।

BHU में बीफ पर पूछा गया सवाल; भड़के छात्रों ने गौशाला में जा कर की गाय की सेवा… बताया- यूनिवर्सिटी के संस्थापक महामना भी थे गोभक्त

बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के एक प्रश्न पत्र में 20 अक्टूबर 2022 को बीफ को लेकर पूछे गए सवाल पर विवाद जारी है। BHU के छात्रों ने गोपाष्टमी के दिन मंगलवार (1 नवम्बर 2022) को यूनिवर्सिटी की गौशाला में जाकर गायों की पूजा की है। छात्रों ने विश्वविद्यालय का माहौल संस्थापक महामना मदन मोहन मालवीय से अनुसार न होना बताया है। छात्रों के विरोध का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल भी हो रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गोपाष्टमी के दिन छात्रों के समूह ने गौशाला जाकर जारी किए अपने वीडियो में महामना मदन मोहन मालवीय को गोभक्त बताया। उन्होंने कहा कि बैचलर ऑफ वोकेशनल कोर्स के केटरिंग टेक्नोलॉजी एंड होटल मैनेजमेंट के पेपर में बीफ को लेकर पूछा गया सवाल उनकी भावनाओं को आहत करने वाला है। इस प्रश्न पत्र में 3 सवाल बीफ के वर्गीकरण पर आधारित थे।

छात्रों ने यूनिवर्सिटी प्रशासन से माफ़ी की माँग की है। एक छात्र नेता का आरोप है कि बीफ वाले मुद्दे पर विश्वविद्यालय का सहायक जनसूचना अधिकारी का बयान भी धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला है। इसके साथ ही वे इस कोर्स में खुद गेस्ट टीचर हैं। छात्रों ने उस कर्मचारी की बर्खास्तगी की भी माँग की है। छात्रों ने बीफ से जुड़े सिलेबस को अविलम्ब हटाने और ऐसा न करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।

BHU में पहले भी हुए हैं विवाद

BHU में उठा यह विवाद कोई नया मामला नहीं है। इससे पहले भी यहाँ कई विवाद उठ चुके हैं। इसी साल अप्रैल महीने में यहाँ कुलपति द्वारा इफ्तार पार्टी के आयोजन के विरोध में कुछ छात्रों ने सिर मुंडवा लिए थे। तब आंदोलित छात्रों द्वारा गंगाजल से कुलपति आवास को धुलवा कर वहाँ हनुमान चालीसा का पाठ किया गया था। इफ्तार का विरोध करने वाले छात्रों का आरोप था कि BHU की दीवालों पर ब्राह्मणों की कब्र खुदने जैसे स्लोगन लिखे हुए थे।

फरवरी 2022 में BHU के कला संकाय के असिस्टेंट प्रोफेसर अमरेश कुमार ने अपने विभाग की चित्र प्रदर्शनी (Exbition) में भगवान राम की जगह खुद और माँ सीता की जगह अपनी पत्नी की तस्वीर रख दी थी। तब छात्रों ने विरोध-प्रदर्शन करते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन सहित लंका थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी। इसके अलावा नवम्बर 2021 में इसी यूनिवर्सिटी के उर्दू विभाग के पोस्टरों पर महामना मदन मोहन मालवीय के बदले अल्लामा इक़बाल की तस्वीरें छपी मिली थीं। इस मामले में भी छात्रों ने विरोध दर्ज करवाया था।

6 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में हिन्दुओं को मिलेगा अल्पसंख्यक का दर्जा? मोदी सरकार ने विचार-विमर्श के लिए सुप्रीम कोर्ट से माँगा समय

केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से उन राज्यों में हिंदुओं को अल्पसंख्यक का दर्जा देने की माँगों पर विचार-विमर्श पूरा करने के लिए समय माँगा है, जहाँ उनकी संख्या दूसरों (धर्म या मजहब) से कम हो गई है। केंद्र का कहना है कि मामला संवेदनशील है और इसके दूरगामी प्रभाव होंगे। ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के अनुसार, एडवोकेट अश्विनी कुमार उपाध्याय और अन्य की याचिकाओं के जवाब में सोमवार ( 31 अक्टूबर, 2022) को दायर अपने चौथे हलफनामे में, केंद्र ने कहा कि उसे इस मुद्दे पर अब तक 14 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों से टिप्पणियाँ मिली हैं, और अन्य राज्यों को जल्द से जल्द मामले में उनके विचार भेजने के लिए रिमाइंडर भेजा है ।

याचिकाकर्ताओं ने परामर्श प्रक्रिया की कानूनी पवित्रता पर संदेह व्यक्त करते हुए कहा है कि इस मामले में फैसले के बाद केंद्र किसी को भी अल्पसंख्यक के रूप में अधिसूचित नहीं कर सकता है। याचिकाकर्ताओं ने कहा कि राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग अधिनियम, 1992 के तहत जो भी विचार-विमर्श किया जा रहा है, वह किसी राज्य में किसी को भी अल्पसंख्यक दर्जा की पुष्टि नहीं कर सकता।

दरअसल, याचिकाकर्ताओं ने टीएमए पई मामले में सुप्रीम कोर्ट के 2002 के ऐतिहासिक फैसले पर भरोसा जताया है। टीएमए पई मामले में, सुप्रीम कोर्ट ने यह निर्धारित किया कि अनुच्छेद 30 के प्रयोजनों के लिए धार्मिक और भाषाई अल्पसंख्यकों को राज्य स्तर पर पहचानना होगा। अनुच्छेद 30 अल्पसंख्यकों के शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना और प्रशासन के अधिकारों से संबंधित है। उपाध्याय की याचिका में कहा गया है कि 2002 के टीएमए पई फैसले के बाद 23 अक्टूबर, 1993 की अधिसूचना के द्वारा केंद्र सरकार ने मुस्लिमों, ईसाइयों, सिखों, बौद्धों और पारसियों को अल्पसंख्यक के रूप में अधिसूचित किया था। 2014 में केंद्र सरकार ने जैनियों को इस सूची में जोड़ा था।

केंद्र ने अपने हलफनामे में कहा कि 14 राज्य सरकारें जैसे पंजाब, मिजोरम, मेघालय, मणिपुर, ओडिशा, उत्तराखंड, नागालैंड, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, गोवा, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु और 3 केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख, दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव और चंडीगढ़ ने अपने विचार प्रस्तुत किए हैं। सुनवाई के बाद कोर्ट ने केंद्र सरकार को मामले में छह माह की मोहलत दे दी।

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि धार्मिक या भाषाई अल्पसंख्यकों का निर्धारण जिला स्तर पर नहीं किया जा सकता, ये राज्य स्तर पर होना चाहिए। 1993 की एक अधिसूचना में केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय स्तर पर मुस्लिम, सिख, जैन और बौद्ध और पारसी समाज को अल्पसंख्यक घोषित किया था। याचिका में इसे जिला स्तर पर तय किए जाने की माँग की गई थी।

याचिकाकर्ता ने बताया था कि लद्दाख में जहाँ 1% हिन्दू हैं, मिजोरम में 2.75%, लक्षद्वीप में 2.77%, कश्मीर में 4%, नागालैंड में 8.74%, मेघालय में 11.52%, अरुणाचल प्रदेश में 29%, पंजाब में 38.49% और मणिपुर में 41.29% हिन्दू हैं।

थैंक यू केजरीवाल! AAP की एक डील से भारतीयों की बल्ले-बल्ले: यूँ ही एलन मस्क ने भारतीयों को नहीं दी ट्विटर ब्लूटिक पर बंपर छूट

स्वागत, अभिनंदन, आभार! दिल्ली के खुजलीवाल, माफ कीजिएगा माननीय मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) का। भारतीय सैनिकों के सर्जिकल स्ट्राइक करने के साहस पर सवाल उठाने वाले आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल का यह ‘अदम्य साहस’ ही है कि ट्विटर ब्लूटिक (Twitter Blue Tick) के मासिक चार्ज के मामले में एलन मस्क (Elon Musk) के मन की न चली। उन्हें भारत में धंधा करने के लिए समझौता करना ही पड़ा। इसलिए कहते हैं कि 56 इंच की छाती से कुछ नहीं होता। होता है ‘प्रोटेक्शन मनी’ वाली डील से।

सुकेश चंद्रशेखर से भले आप के मंत्री सत्येंद्र जैन ने प्रोटेक्शन मनी ली हो! लेकिन इस बार आप ने भारतीयों के लिए प्रोटेक्शन मनी दिया है। इसके एवज में भारतीय यूजर्स को ब्लूटिक का भुगतान 8 डॉलर प्रतिमाह के भाव से नहीं करना होगा।

मस्क ने कहा कि ट्विटर ब्लूटिक के लिए यूजर्स को 8 डॉलर हर महीने देने होंगे। भारतीय मुद्रा के हिसाब से यह करीब 661 रुपए होता है। लेकिन अब कहा जा रहा है कि भारतीय यूजर्स को इसके लिए 150 से 200 रुपए ही देने होंगे। गोदी मीडिया का दावा है कि भाव हर देश के लिए अलग-अलग होगा। पर्चेजिंग पावर पर तय होगा। इसलिए भारतीयों को 661 रुपए नहीं लगेंगे।

लेकिन जो गोदी मीडिया ने नहीं बताया, जो सच आप पाठकों से छिपा लिया गया, वह द वायर वाले सिद्धार्थ वरदाजन सामने लेकर आए हैं। उन्होंने विश्वस्त सूत्रों के हवाले से बताया है, सूत्र का भेजा हुआ मेल भी दिखाया है, जिससे पता चलता है कि यह केजरीवाल और आप का ही प्रताप है कि त्योहारी सीजन बीतने के बाद भी मस्क ने भारतीय यूजर्स को ब्लूटिक पर बंपर डिस्काउंट दिया है।

इस रिपोर्ट के अनुसार आप और ट्विटर के बीच एक डील हुई है। इसके अनुसार आप की दिल्ली और पंजाब सरकार उसी तरह ट्विटर का खर्च उठाएगी, जैसे भारत के कई मीडिया संस्थानों का वे उठा रहे हैं। यानी की दिल्ली और पंजाब की जनता से जो टैक्स आएगा, वह प्रोटेक्शन मनी के तौर पर ट्विटर को जाएगा।

इस खबर की पुष्टि खुद केजरीवाल जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके की है। उन्होंने बताया है कि दिल्ली की हवा साफ-सुथरी है, इसलिए प्रदूषण से निपटने के लिए मोदी सरकार ने जो फंड भेजा है वह रखे-रखे सड़ रही है। इस पैसे को भी अब ट्विटर की तरफ डायवर्ट किया जाएगा। मोदी सरकार की बदले वाली राजनीति से डरकर जो शराब नीति वापस ली गई थी, वह अब ट्विटर पर चलेगी। मतलब दिल्ली सरकार ने शराब की होम डिलिवरी का ठेका भी ट्विटर को दिया है। यमुना जी स्वच्छ हो गई हैं। वे चाहते हैं कि उनके तट पर आरती का लाभ पूरी दुनिया को मिले। इसलिए घाट की बजाए आरती भी अब ट्विटर पर होगी। इतना ही दिल्ली की शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था भी चरम सुख भोग रही है, इसलिए इन दोनों क्षेत्रों में लग रहा पैसा भी मस्क के पास जाएगा। ​केजरीवाल जी ने अपने बच्चों को साक्षी मानकर यह भी बताया है कि यदि गुजरात की जनता उन पर भरोसा जताती है तो मस्क ने वादा किया है आने वाले दिनों में भारत में ब्लू टिक फ्री हो सकता है, जैसे दिल्ली में बिजली-पानी फ्री है। भारत में ब्लूटिक का स्तर भी उसी तरह वैश्विक हो सकता है, जैसे दिल्ली के सरकारी स्कूल हैं।

एनडीटीवी के रिपोर्टरों ने बताया है कि केजरीवाल के इस ऐलान के बाद गली-गली में खुशी की लहर है। पंजाब में पराली जलाकर जश्न मन रहा है। दिल्ली में फ्री वाई-फाई से ब्लूटिक धड़ाधड़ डाउनलोड हो रहे हैं। आम जनता का यह उत्साह देखकर देवलोक में भी हर्षोल्लास है। स्वयं इंद्रदेव पुष्पवर्षा कर रहे हैं। रवीश कुमार गरीब रथ की छत पर बैठकर बिहार से उड़ते हुए दिल्ली आ रहे हैं ताकि प्राइमटाइम में भी यशगान की कमी न रहे।

1 वीडियो, 1 पत्र, जंग लगी केबल और 141 (47 बच्चे) मौतें: कोर्ट में ओरेवा के मैनेजर ने मोरबी पुल हादसे को बताया- भगवान की इच्छा

गुजरात के मोरबी में सस्पेंशन ब्रिज का रखरखाव ठीक तरीके से नहीं हो रहा था। मोरबी पुल हादसे की जाँच कर रहे DSP पीए झाला का यह मानना है। उन्होंने स्थानीय अदालत को बताया है कि पुल के केबल में जंग लगी हुई थी। वहीं इस पुल का रखरखाव करने वाली कंपनी ओरेवा के मैनेजर ने कोर्ट में हादसे को ‘भगवान की इच्छा’ बताया है।

मोरबी में 30 अक्टूबर 2022 को ब्रिज टूट गया था। हादसे में अब तक 141 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट औश्र एडिशनल सीनियर सिविल जज एमजे खान की अदालत को दीपक पारेख ने बताया कि भगवान की इच्छा से इतना दुर्भाग्यपूर्ण हादसा हुआ है। पारेख उन नौ लोगों में एक हैं जिन्हें इस हादसे के बाद गिरफ्तार किया गया है।

हादसे का एक और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में कई लोगों को पुल के टूटे हिस्से में बँधी रस्सी के सहारे लटके हुए देखा जा सकता है। ये लोग अपनी जान बचाने के लिए मदद की गुहार लगा रहे हैं। चारों तरफ लोगों के चीखने की आवाज सुनाई दे रही है।

मोरबी हादसे में अब तक 141 लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें 16 साल से कम उम्र के 47 बच्चों के मरने की पुष्टि की गई है। इनमें 31 लड़के और 16 लड़कियाँ शामिल हैं। मरने वालों में सबसे कम उम्र की दो साल की बच्ची दुरुकु झाला है। स्थानीय अस्पताल के मुताबिक, मृतकों में 58 पुरुष और 27 महिलाएँ हैं। पुल पर हादसे से ठीक पहले का वीडियो भी सामने आ चुका है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट से पुल हादसे की न्यायिक जाँच की माँग की गई है। इस पर अदालत 14 नवंबर 2022 को सुनवाई करेगी। पुल का रखरखाव करने वाली ओरेवा कंपनी के 2 मैनेजर, ब्रिज की रिपेयरिंग करने वाले दो कॉन्ट्रैक्टर, दो टिकट क्लर्क और तीन सिक्योरिटी गार्ड्स को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, मोरबी हादसे को देखते हुए अहमदाबाद के अटल ब्रिज के लिए अलर्ट जारी किया गया है। यहाँ 1 घंटे में 3,000 लोग ही जा सकेंगे, जबकि इसे बनाने वाली कंपनी ने दावा किया है कि ब्रिज की क्षमता 12 हजार है।

ओरेवा ग्रुप स्थायी अनुबंध की माँग पर अड़ा था

पुल के रखरखाव और मरम्मत का काम देखने वाली ओरेवा कंपनी का जनवरी, 2020 का एक पत्र सामने आया है। यह पत्र ओरेवा ग्रुप ने मोरबी के जिला कलेक्टर को जनवरी 2020 में लिखा था। पत्र में कहा गया है, “हम केवल अस्थायी मरम्मत करके पुल को फिर से खोल रहे हैं।” हालाँकि इस पत्र में ऐसी चीजें सामने आई हैं, जिनसे पता चलता है कि पुल के ठेके को लेकर कंपनी ने अपनी शर्तें रखी थीं। पत्र से पता चलता है कि ओरेवा ग्रुप पुल के रखरखाव के लिए एक स्थायी अनुबंध चाहता था। समूह ने कहा था कि जब तक उन्हें स्थायी ठेका नहीं दिया जाता, तब तक वे पुल पर अस्थायी मरम्मत का काम ही करते रहेंगे। इसमें यह भी कहा गया है कि ओरेवा फर्म पुल की मरम्मत के लिए सामग्री का ऑर्डर नहीं देगी और वे अपनी माँग पूरी होने के बाद ही पूरा काम करेंगे।

इन लापरवाहियों के बाद भी जिला प्रशासन की ओर से ओरेवा ग्रुप को ही स्थायी टेंडर दिया गया। जनवरी 2020 में जारी पत्र के बाद भी पुल के संचालन और इसके रखरखाव के लिए 15 साल के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए थे। मार्च 2022 में मोरबी नगर निगम और अजंता ओरेवा कंपनी के बीच अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए थे और यह 2037 तक वैध था।

पुल की मरम्मत पर काम नहीं हुआ

मोरबी के पुलिस उपाधीक्षक पीए झाला ल ढहने के मामले की जाँच कर रहे हैं। उन्होंने मंगलवार 1 नंवबर को एक स्थानीय अदालत को बताया कि पुल की केबल में जंग लगा हुआ था। इसकी ठीक ढ़ंग से मरम्मत भी नहीं की गई थी। अगर केबल की मरम्मत की गई होती, तो यह घटना नहीं हुई होती।

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने मंगलवार (1 नवंबर, 2022) को गुजरात के मोरबी पहुँचकर अस्पताल में घायल लोगों से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। इस दौरान पीएम मोदी ने मोरबी में चल रहे रेस्क्यू अभियान की भी जानकारी ली। इसके अलावा पीएम मोदी ने मोरबी हादसे पर हाई लेवल मीटिंग की। मीटिंग में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस मामले की एक विस्तृत जाँच होनी चाहिए।

गुजरात के मंत्री के साथ PM मोदी, कॉन्ग्रेसियों ने ‘मोरबी पुल का ठेकेदार’ बता फैलाया झूठ: पोल खुलने के बाद भी डिलीट नहीं किए पोस्ट

गुजरात के मोरबी में हुए पुल हादसे के बाद सोशल मीडिया में एक तस्वीर वायरल की गई। इस तस्वीर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक व्यक्ति के कंधे पर हाथ रखे नजर आ रहे हैं और वह व्यक्ति हाथ जोड़े हुए खड़े हैं। कॉन्ग्रेस से जुड़े सोशल मीडिया हैंडल्स से दावा किया गया कि पीएम के साथ दिख रहे शख्स ‘मोरबी पुल के ठेकेदार’ हैं। कई वेरिफाइड हैंडल ने भी इस दावे के साथ तस्वीर शेयर की।

इस फोटो को राजस्थान युवा कॉन्ग्रेस के हैंडल से सोमवार (31 अक्टूबर 2022) शाम 6:23 पर शेयर किया है। इस तस्वीर के ऊपर कैप्शन में ‘मोरबी ब्रिज के ठेकेदार’ लिखा है।

उड़ीसा युवा कॉन्ग्रेस के साथ उत्तर प्रदेश कॉन्ग्रेस नेता सत्यनारायण पटेल ने भी इसी फोटो को अपने फेसबुक पेज पर शेयर किया।

चित्र साभार- deshgujarat.com

इस फोटो को शेयर करने वालों में कई अन्य लोगों के साथ कोलकाता के फारुख मोहम्मद भी शामिल हैं। उन्होंने भी अपने ट्विटर पर यही फोटो 31 अक्टूबर को ही शेयर की है।

तस्वीर में मोदी के साथ गुजरात सरकार के मंत्री

दरअसल कॉन्ग्रेस पार्टी और उनसे जुड़े लोगों ने जिस फोटो को शेयर कर झूठ फैलाया, उसमें PM मोदी के साथ दिख रहे शख्स गुजरात सरकार के मंत्री हैं। इनका नाम राघव जी पटेल है। वे गुजरात के कृषि और पशुपालन मंत्री हैं।

राघवजी पटेल के ऑफिस फेसबुक पेज से इस तस्वीर के साथ किए जा रहे दावे का भी खंडन किया गया है। फेसबुक पेज पर ऐसे दावों के स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए कहा गया है कि अफवाह में शामिल न हों। इस तस्वीर को खुद राघव जी पटेल ने 4 सितम्बर 2022 को अपने फेसबुक पर पोस्ट किया था।

खंडन के बाद भी नहीं डिलीट किया पोस्ट

लेकिन कॉन्ग्रेस और उससे जुड़े लोगों की निर्लज्जता देखिए। झूठ पकड़े जाने के बाद भी इन हैंडल्स ने अपने पोस्ट डिलीट नहीं किए हैं। राजस्थान और उड़ीसा युवा कॉन्ग्रेस के सोशल मीडिया हैंडल पर अभी भी झूठे दावों के साथ यह तस्वीर बनी हुई है।

ब्लूटिक के पैसे लेगा ट्विटर, भारतीय यूजर्स को लग सकते हैं हर महीने ₹200: रिपोर्ट में दावा- कर्मचारियों को सातों दिन 12 घंटे काम करने का आदेश

जब से एलन मस्क (Elon Musk) ने ट्विटर को खरीदा है, धड़ाधड़ बदलाव हो रहे हैं। ताजा फैसला ब्लूटिक (Twitter Blue Tick) से जुड़ा हुआ है। ब्लूटिक के बदले ट्विटर अब यूजर से हर महीने 8 डॉलर लेगा। भारतीय मुद्रा के मौजूदा भाव के हिसाब से यह करीब 661 रुपए होता है। लेकिन हर देश में ब्लूटिक का रेट अलग-अलग होगा। यह वहाँ के लोगों के पर्चेजिंग पावर (Purchasing power) के आधार पर तय होगा।

पर्चेजिंग पावर का मोटा मतलब होता है, पैसे खर्च करने की क्षमता। भारतीय यूजर्स से ब्लूटिक के बदले 150 से 200 रुपए प्रतिमाह लिए जाने का अनुमान लगाया जा रहा है। ब्‍लूटिक के बदले चार्ज लेने से जुड़ा ट्वीट मस्क ने मंगलवार (1 नवंबर 2022) को किया। उन्होंने लिखा, “ट्विटर पर ब्लूटिक किसके पास है, किसके पास नहीं, इसका मौजूदा तरीका बकवास और सामंतवादी है। लोगों के हाथों में ताकत होनी चाहिए। ट्विटर पर ब्लूटिक के लिए अब हर महीने 8 डॉलर चुकाने होंगे।”

मस्क ने एक और ट्वीट में बताया कि भुगतान करने वाले यूजर को कई सुविधा दी जाएगी। उन्होंने कहा, “ब्लूटिक वालों को रिप्लाई, सर्च और मेंशन में प्राथमिकता दी जाएगी, जो स्पैम/फर्जीवाड़े से निपटने के लिए जरूरी है। उन्हें लंबे वीडियो और ऑडियो पोस्ट करने की सुविधा दी जाएगी। विज्ञापन भी पहले के मुकाबले आधे ही होंगे।”

उल्लेखनीय है कि शुरुआत में ब्लूटिक के बदले यूजर्स से हर महीने 19.99 डॉलर (1651.45 रुपए) चार्ज करने की खबर सामने आई थी। इसे लेकर सोशल मीडिया पर कई मीम बनाए गए और ब्लूटिक यूजर्स ने आपत्ति भी जताई थी। इसके बाद मस्क का 8 डॉलर चार्ज किए जाने वाला ट्ववीट आया है।

ट्विटर में 12 घंटे की वर्किंग शिफ्ट

सीएनबीसी ने एक रिपोर्ट में बताया है कि मस्क ने सबस्क्रिप्शन और वेरिफिकेशन सिस्टम को एक सप्ताह के भीतर रिडिजाइन करने के निर्देश कर्मचारियों को दिए हैं। इसके लिए कथित तौर पर कुछ इंजीनियरों को दिन में 12 घंटे और सप्ताह के सातों दिन काम करने को कहा गया है। रिपोर्ट के अनुसार ट्विटर मैनेजर्स ने कुछ कर्मचारियों को मेल भेज कर इस संबंध में निर्देश दिए हैं। समय सीमा के भीतर काम पूरा नहीं होने पर इन कर्मचारियों की नौकरी जा सकती है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सीएनबीसी वही मीडिया संस्थान है, जो ट्विटर के मस्क के हाथों में ​जाने के बाद प्रैंक का शिकार हुआ था। कुछ अनजान लोगों के दावे पर संस्थान ने ट्विटर से इंजीनियरों के सफाए को लेकर रिपोर्ट प्रकाशित कर दी थी। सीएनबीसी की इस रिपोर्ट के बाद एलन मस्क ने भी मजे लिए थे। उन्होंने मजाक उड़ाते हुए कहा था- सर्वश्रेष्ठ रिपोर्टिंग।

गौरतलब है कि एलन मस्क ने 27 अक्टूबर 2022 को 44 बिलियन डॉलर करीब (362461220000 रुपए) में ट्विटर को खरीदने के तुरंत बाद कंपनी के CEO पराग अग्रवाल, CFO नेड सेगल और लीगल अफेयर-पॉलिसी हेड विजया गाड्डे को टर्मिनेट कर दिया था। इसके बाद उन्होंने बोर्ड डायरेक्टर्स मार्था लेन फॉक्स, ओमिड कोर्डेस्टानी, डेविड रोसेनब्लैट, पैट्रिक पिचेट, एगॉन डरबन, फी-फी ली और मिमी अलेमायेहौ की भी छुट्टी कर दी और अब वह ट्विटर के इकलौते बॉस बन गए हैं।

‘अंग प्रदर्शन के कारण हुआ यौन शोषण’: साजिद खान के समर्थन में उतरी राखी सावंत पर फूटा शर्लिन चोपड़ा का गुस्सा, कहा- हर 6 महीने में पति बदलती है

बॉलीवुड के प्रोड्यूसर-डायरेक्टर और अब बिग बॉस-16 (Bigg Boss) के प्रतिभागी साजिद खान (Sajid Khan) पर अभिनेत्री शर्लिन चोपड़ा ने एक बार फिर हमला बोला है। साजिद खान पर ‘मी टू’ (MeeToo) कैंपेन के दौरान 9 महिलाओं ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। उन महिलाओं में शर्लिन चोपड़ा भी थीं।

इतना ही नहीं, शर्लिन चोपड़ा ने साजिद खान के खिलाफ पुलिस स्टेशन में शिकायत भी दर्ज कराई थी। उस दौरान कई सितारे साजिद खान के समर्थन में आ गए थे। उनमें से एक राखी सावंत (Rakhi Sawant) भी थीं। बिग बॉस में साजिद के जाने के बाद MeToo का आरोप फिर से मुखर हो गया है। राखी ने एक बार फिर साजिद का समर्थन किया है।

राखी सावंत को लेकर शर्लिन चोपड़ा ने कहा, “31 किलो मेकअप लगाती है, अपने गंजे सर को छुपाने के लिए। हेयर एक्सटेंशन और बिग का इस्तेमाल करती है। हर तीन-चार महीने में अपने बॉयफ्रेंड्स बदलती है। हर 6 महीने में अपना पति बदलती है। हमने कभी पूछा कि आप ऐसा क्यों करती हैं? नहीं… क्यों नहीं पूछा, क्योंकि उसकी लाईफ है, उसकी मर्जी। लेकिन, जब कोई पीड़ित महिला पुलिस चौकी जाती है, साजिद खान के खिलाफ शिकायत दर्ज करने तो दिक्कत होती है।”

शर्लिन चोपड़ा ने आगे कहा, “बात यहाँ सिर्फ शर्लिन चोपड़ा की नहीं हो रही है। बात उन तमाम पीड़ित महिलाओं की हो रही है, जिन्होंने हिम्मत करके मीडिया के सामने आकर अपना बयान दिया। सयोनी चोपड़ा, सिमरन सूरी, मिचेल ह्वाइट, मंदाना करीमी, अहाना कुमरा, करिश्मा उपाध्याय, जिया खान, डिंपल पॉल, रानी चटर्जी, कनिष्का सोनी… ये कुछ नाम हैं जो मैं आपको सुना रही हूँ। ऐसी कई महिलाएँ हैं जिन्होंने डर के मारे, शर्मिंदगी से सामने आकर अपना अनुभव साझा नहीं किया।”

एक अन्य वीडियो में राखी पर हमला करते हुए शर्लिन कहती हैं, “राखी नौटंकी करती है, नॉनसेंस। जिम के अंदर जाओ डोले-शोले बनाओ, लेकिन मेहनत नहीं करनी है उनको। बस 24 घंटे मीडिया-मीडिया, पैपराजी-पैपराजी करती रहती हैं। जब मीडिया उनके सामने आता है तो वह कहती है कि आदिल से पहले मेरे जितने भी बॉयफ्रेंड्स थे और पति थे, वह सब टाइम पास थे, लेकिन आदिल मेरे दिल में रहता है।”

दरअसल, शिकायत दर्ज कराने के बाद शर्लिन चोपड़ा ने हाल में ही कहा था कि साजिद खान के ऊपर सलमान खान का हाथ है। घटना के 17 साल शिकायत कराने को लेकर शर्लिन चोपड़ा ने कहा था कि तीन लोगों की वजह से वह इतने समय से यह कदम नहीं उठा रही थीं। शर्लिन चोपड़ा ने शाहरुख खान, सलमान खान और साजिद खान की बहन फराह खान का नाम लेते हुए कहा था कि ये पावरफुल लोग हैं। वे साजिद खान को कुछ नहीं होने देंगे। शर्लिन चोपड़ा मीडिया से बात करते हुए रोने भी लगी थीं।

इस बारे में जब राखी सावंत से पूछा गया तो वह शर्लिन चोपड़ा पर भड़क गईं और उन्हें बहुत खरी-खोटी सुनाई। राखी सावंत ने कहा था कि अंग प्रदर्शन के कारण यौन शोषण हुआ था। राखी ने कहा, “आपका करियर नहीं बन रहा तो आप रो रही हो, पुलिस स्टेशन में आपका केस नहीं बन रहा तो आप मीडिया में आकर रो रही हो और मेरे सलमान भाई का नाम ले रही हो। अपने सड़े हुए मुँह से सलमान खान का नाम मत ले।”

इस दौरान राखी ने शर्लिन के रोने का मजाक भी बनाया। राखी सावंत ने आगे कहा था, “ये (शर्लिन चोपड़ा) कभी मेरे भाई राज कुंद्रा पर आरोप लगाती है तो कभी मेरे भाई साजिद पर। पुलिस समझ चुकी है कि इस केस में कोई दम ही नहीं है और साजिद खान बेकसूर हैं। उनके खिलाफ पुलिस में किसी ने गवाही नहीं दी।”

शिकायत दर्ज करवाने के बाद शर्लिन चोपड़ा ने कहा था, “मैंने हाल ही में MeToo के आरोपित साजिद खान के खिलाफ यौन शोषण और धमकी देने की शिकायत दर्ज करवाई है। इस दौरान पुलिस ने मुझसे पूछा कि यह घटना कब हुई थी। इस पर मैंने जवाब दिया कि यह 2005 में हुई थी। उन्होंने मुझसे आगे पूछा कि मुझे उन तक पहुँचने में इतना समय क्यों लगा? मैंने कहा कि तब मुझमें साजिद खान जैसे बड़े नाम के खिलाफ यौन शोषण की शिकायत दर्ज कराने की हिम्मत नहीं थी।” उन्होंने कहा, “2018 में मीटू कैंपन के बाद मुझे ये हिम्मत मिली, जब मैंने महिलाओं को अपना अनुभव साझा करते हुए देखा और सुना।”

अभिनेत्री के शब्दों में, “कोई भी उन मीडिया इंटरव्यू को पढ़ सकता है या सोशल मीडिया पर जाकर यह जान सकता है कि MeToo आरोपित साजिद खान ने उन महिलाओं के साथ कितनी गंदी-गंदी बातें कीं। इनमें से कुछ महिलाओं से उसने पूछा कि आप दिन में कितनी बार सेक्स करती हैं, उनके कितने बॉयफ्रेंड हैं। मुझे उसने अपना प्राइवेट पार्ट दिखाया और उसे टच करवाया। सवाल यह उठता है कि क्या एक महिला घटना के सालों बाद भी अपना दर्द साझा नहीं कर सकती? जाहिर है वह कर सकती है। तब मुझमें हिम्मत नहीं थी, लेकिन आज है। आज मुझे लगता है कि साजिद खान हो या राज कुंद्रा, अगर उन्होंने गलत किया है तो मैं उनके खिलाफ आवाज उठा सकती हूँ।”

उन्होंने खान के खिलाफ सबूत होने के सवाल पर कहा था, “वह मेरे लिए एक प्रोफेशनल मीटिंग थी। मैं एक डायरेक्टर के साथ प्रोफेशनल मीटिंग करने के लिए हिडेन कैमरा लेकर नहीं जाती। लेकिन उसके लिए यह एक प्रोफेशनल मीटिंग नहीं थी। वह फराह खान का भाई है, जो शाहरुख खान और सलमान खान की चहेती है। तो इनके सामने मेरी क्या औकात है? मैं सिर्फ एक आउटसाइडर हूँ और उनके लिए कुछ नहीं हूँ। हम अपनी सच्चाई कैसे साबित करें?”

नौकरी देने में भारत का रक्षा मंत्रालय पूरी दुनिया में No.1, अमेरिका भी इससे पीछे: जर्मनी की रिसर्च से मिली जानकारी – 29.2 लाख को देता है रोजगार

विभिन्न प्रकार के आँकड़े इकट्ठे करने वाली जर्मनी की संस्था स्टेटिस्टा इन्फोग्राफिक ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया है कि दुनिया भर में नौकरी देने के मामले में भारतीय रक्षा मंत्रालय सबसे अव्वल है। स्टेटिस्टा ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि भारतीय रक्षा मंत्रालय में 29.2 लाख कर्मचारी हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, नौकरी देने के मामले में भारतीय सेना अमेरिका और चीन से भी आगे है। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय नौकरी देने के मामले में नंबर 2 पर है जबकि चीन तीसरे नंबर पर है। एक ओर जहाँ अमेरिकी रक्षा मंत्रालय 29.1 लाख लोगों को नौकरी दे रहा है वहीं चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी में 25.5 लाख कर्मचारी हैं।

हालाँकि, स्टेटिस्टा की रिपोर्ट के अनुसार, चीन की सेंट्रल मिलिट्री कमीशन में करीब 68 लाख कर्मचारी हो सकते हैं। लेकिन, चीन से जुड़ा कोई भी आँकड़ा विश्वसनीय हो – ऐसा कहना बेहद कठिन है। इसलिए, चीन को सेंट्रल मिलिट्री कमीशन को इस सूची में शामिल नहीं किया गया है।

यदि सेना पर खर्च करने की बात की जाए तो भारतीय सेना तीसरे नंबर है जबकि चीन दूसरे और अमेरिका पहले नंबर पर है। स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट  (SIPRI) की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने अपनी सेना पर साल 2021 में 801 अरब डॉलर खर्च किए। जबकि, चीन ने 293 अरब डॉलर खर्च किए थे। वहीं, भारत ने अपनी सेना पर 76.6 अरब डॉलर खर्च किया था।

वॉलमार्ट है दुनिया की सबसे अधिक कर्मचारी वाली कंपनी..

इसके अलावा, रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया में सबसे अधिक कर्मचारी अमेरिका की दिग्गज रिटेल कंपनी वॉलमार्ट में हैं। रेवेन्यू के हिसाब से भी वॉलमार्ट दुनिया का सबसे बड़ी कंपनी है। इसमें 23 लाख कर्मचारी काम करते हैं। इसके बाद दूसरे नंबर पर अमेरिका की ही कंपनी अमेजॉन है जिसमें करीब 16 लाख लोग काम करते हैं।

तमिलनाडु में BJP के प्रदेश अध्यक्ष समेत महिला मोर्चा की कई कार्यकर्ताएँ हिरासत में: DMK नेता सादिक ने की थी महिला विरोधी टिप्पणी, हो रहा है विरोध

तमिलनाडु पुलिस ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अन्नामलाई (Annamalai) समेत पार्टी के कई नेताओं और भाजपा महिला मोर्चा की कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है। ये सभी भाजपा नेता, डीएमके प्रवक्ता सैदाई सादिक के भाजपा की महिला नेताओं के बारे में दिए गए बयानों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। कहा जा रहा है कि भाजपा नेताओं को हिरासत में इसलिए लिया गया है क्योंकि उनके पास प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं थी।

दरअसल, डीएमके प्रवक्ता सैदाई सादिक ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए भाजपा नेता खुशबू सुंदर, नमिता, गौतमी और गायत्री रघुराम को लेकर विवादित बयान दिया था। सैदाई सादिक ने कहा था, “तुम अपने आप को क्या समझते हो? क्या आप सभी जानते हैं कि मेरे भाई इल्या अरुणा ने कितनी बार खुशबू की थी? मेरा मतलब है कि खुशबू जब द्रमुक में थीं, तब उन्होंने उनसे मुलाकात की थी। वह खुशबू को छह बार मीटिंग के लिए लेकर आया था।”

सादिक ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को निशाने पर लेते हुए आगे कहा था, “खुशबू कहती हैं कि तमिलनाडु में कमल खिलेगा। मैं कहता हूँ कि अमित शाह के सिर पर बाल वापस उग आएँगे लेकिन तमिलनाडु में कमल के खिलने की कोई संभावना नहीं है।”

हिरासत के बाद, अन्नामलाई ने कहा, “महिलाओं के बारे में गलत बात करने वाले व्यक्ति को गिरफ्तार करने और उसके खिलाफ कार्रवाई करने की बजाए भाजपा के महिला मोर्चा के नेताओं को गिरफ्तार किया जा रहा है। यह सत्ता में डीएमके के शासन को दर्शाता है।”

गौरतलब है कि सैदई सादिक के बयान का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद अभिनेत्री खुशबू सुंदर ने डीएमके नेता और पार्टी की महिला विंग की सचिव कनिमोझी को टैग करते हुए कहा था, “जब पुरुष महिलाओं को गाली देते हैं, तो यह दर्शाता है कि उन्हें किस तरह की परवरिश मिली है और किस जहरीले वातावरण में उनका पालन-पोषण हुआ है। ऐसे लोग महिला की कोख का अपमान करते हैं। ऐसे लोग खुद को कलैगनार का अनुयायी कहते हैं। क्या यह मुख्यमंत्री स्टालिन के शासन का नया द्रविड़ मॉडल है?”

इसके बाद पार्टी की ओर से कनिमोझी को माफी माँगनी पड़ी थी। उन्होंने कहा था, “जो कुछ कहा गया उसके लिए मैं एक महिला और इंसान के रूप में माफी माँगती हूँ। इसे कभी भी बर्दाश्त नहीं किया जा सकता, चाहे किसी ने भी ऐसा किया हो – जिस स्थान पर यह कहा गया हो या जिस पार्टी का वे पालन करते हैं। मैं इसके लिए खुले तौर पर माफी माँगती हूँ क्योंकि मेरे नेता एमके स्टालिन और मेरी पार्टी इसे कभी बर्दाश्त नहीं करेगी।”