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अंकिता की मौत से उबला दुमका, धारा 144 लागू: पेट्रोल डाल शाहरुख ने हिंदू युवती को जलाया था, बड़ा भाई पीड़ित परिवार को दे रहा धमकी

झारखंड के दुमका में धारा 144 लागू कर दी गई है। 16 वर्षीय छात्रा अंकिता कुमारी सिंह की मौत के बाद हुए प्रदर्शनों को देख ऐसा किया गया है। 23 अगस्त 2022 को शाहरुख ने पेट्रोल छिड़क अंकिता को आग लगा दी थी। इलाज के दौरान हिंदू युवती ने 27 अगस्त को दम तोड़ दिया था।

मौत की खबर मिलने के बाद से स्थानीय लोगों में काफी आक्रोश है। घटना के विरोध में जगह-जगह प्रदर्शन किए जा रहे हैं। दुमका में दुकानें बंद हो गई। रिपोर्टों के अनुसार इलाके में तनाव व्याप्त है। प्रभात खबर में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार अंकिता के परिजनों को शाहरुख के बड़े भाई की ओर से धमकी मिल रही है। पीड़ित परिवार ने यह दावा करते हुए सुरक्षा की माँग की है। रिपोर्ट में बताया गया है कि मौत से पहले अंकिता ने भी शाहरुख के परिजनों से अपने घरवालों को धमकी मिलने की बात कही थी।

अंकिता की मौत के बाद दुमका में प्रदर्शन

अंकिता की मौत के बाद भाजपा, विहिप और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के साथ आम लोगों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। दुमका बाजार बंद करवा दिया। ये सभी फास्ट टैक कोर्ट में मामले की सुनवाई कराने, हत्यारोपी को फाँसी की सजा देने, पीड़ित परिवार को मुआवजे की माँग कर रहे हैं। दुमका एसपी रविवार शाम (28 अगस्त 2022) अंकिता के घर पहुँचे। उन्होंने परिजनों को आश्वासन दिलाया कि कि मामले की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई करवाई जाएगी।

एसडीओ महेश्वर महतो ने अंकिता की मौत के बाद दुमका में प्रदर्शन और तेज होने की आशंकाओं के मद्देनजर अगले आदेश तक धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है। इसके तहत 5 या उससे अधिक लोगों का जमावड़ा पूर्णतः निषेद्य रहेगा। बिना किसी अनुमति के किसी भी प्रकार का धरना-प्रदर्शन, सार्वजनिक रूप से सामूहिक भोज, जूलूस और रैली का आयोजन प्रतिबंधित रहेगा।

बता दें कि झारखंड के दुमका में अंकिता के ऊपर हमला मंगलवार (23 अगस्त) की सुबह हुआ था। अंकिता ने मरने से पहले पुलिस को बताया था कि शाहरुख उसे आए दिन तंग करता था। उसे दोस्ती के लिए कहता था। लेकिन अंकिता ने जब बात नहीं मानी तो उसने उसे जान से मारने की धमकी दी। अधिकारियों ने अंकिता और उसके परिजनों के बयान के बाद घटना वाले दिन ही शाहरुख को गिरफ्तार कर लिया था।

‘कुएँ में कूद जान दे दूँगा पर कॉन्ग्रेस में नहीं आऊँगा’: जब ‘दोस्त’ के ऑफर को नितिन गडकरी ने ठुकराया, कहा- मुझे उनकी विचारधारा पसंद नहीं

केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने हाल में एक बैठक के दौरान बताया कि वो कॉन्ग्रेस के बारे में क्या सोचते हैं। 27 अगस्त 2022 को उद्यमियों के साथ हुई एक चर्चा में उन्होंने याद किया कि एक बार उन्हें भी किसी दोस्त ने भाजपा छोड़ कॉन्ग्रेस में शामिल होने को कहा था, लेकिन वो जानते थे कि उन्हें कॉन्ग्रेस का हाथ किसी हाल में नहीं थामना।

गडकरी ने कहा,

“मैं नागपुर में छात्रनेता के तौर पर काम करता था। तब कॉन्ग्रेस नेता श्रीकांत जिचकर ने मुझे एक दिन कहा- यार नितिन तुम अच्छे इंसान हो, तुम्हारा राजनीतिक भविष्य सुनहरा है। लेकिन तुम गलत पार्टी में हो। कॉन्ग्रेस में आ जाओ। तब मैंने जवाब दिया था- श्रीकांत मैं कुएँ में जान दे दूँगा लेकिन कॉन्ग्रेस में नहीं आऊँगा क्योंकि मुझे कॉन्ग्रेस की विचारधारा पसंद नहीं है। वो बोले तुम्हारी पार्टी का कोई भविष्य नहीं है। मैंने कह दिया- नहीं है तो नहीं है।”

नितिन गडकरी ने बैठक में शामिल लोगों को प्रेरणा देने के लिए एक और किस्सा बताया। उन्होंने कहा कि जब उनकी पार्टी लगातार हार रही थी तब उनके आईआईटी वाले दोस्त ने एक बार उनको रिचर्ड डिक्सन की एक किताब दी थी। इस किताब में रिचर्ड ने कहा था कि व्यक्ति तब नहीं खत्म होता जब वो हारता है, व्यक्ति तब खत्म होता है जब वो हार को मानता है।

बैठक में शामिल उद्यमियों से बात करते हुए नितिन गडकरी ने कहा कि जो कोई भी व्यवसाय, सामाजिक कार्य या राजनीति में है, उसके लिए मानवीय संबंध सबसे बड़ी ताकत हैं। उन्होंने कहा कि कभी भी यूज एंड थ्रो की नीति नहीं अपनानी चाहिए। अच्छा समय हो या फिर बुरा। अगर किसी का हाथ थाम लिया है तो उसे थामें रखें।

नितिन गडकरी ने सफलता का असली अर्थ समझाते हुए कहा कि जब आपको सक्सेस मिलती है तो उसकी खुशी अगर आपको अकेले को होती है, तो वो अर्थहीन है। मगर जब आपके साथ वालों को आपकी कामयाबी से प्रसन्नता हो तो वो कामयाबी का असली अर्थ है।

उन्होंने कहा, हमेशा स्थिति से लड़ना चाहिए। अहंकार और आत्मविश्वास दो अलग शब्द हैं। आत्मविश्वास हर व्यक्ति में होना चाहिए लेकिन अहंकार किसी में नहीं होना चाहिए। छोटे-छोटे लोगों से भी बहुत बातें सीखने को मिलती हैं। अगर वो बातें व्यक्ति व्यक्तित्व में ले आए तो उससे खुद में सुधार हो सकता है।

‘कम्युनिस्ट सरकार ने हर जगह कर लिया हिंदू मंदिरों पर कब्जा’ : SC की पूर्व जस्टिस इंदु मल्होत्रा का Video वायरल, वामपंथी बोले- ‘ये जज हिंदू जहर’

सुप्रीम कोर्ट से रिटायर जस्टिस इंदु मल्होत्रा का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। इस वीडियो में वह दावा कर रही हैं कि वामपंथी सरकारों ने हर जगह हिंदू मंदिरों पर कब्जा कर लिया है।

वीडियो में पूर्व जस्टिस को ये कहते सुना जा सकता है कि उन्होंने और न्यायमूर्ति यूयू ललित ने केरल के तिरुवनंतपुरम स्थित श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर से जुड़े ऐसे ही एक आदेश पर रोक लगवाई थी।

वीडियो संभवत: मंदिर परिसर के बाहर का है, जिसे इस समय कई लोग शेयर कर रहे हैं और पूर्व जस्टिस की तारीफ हो रही है। इसमें वह कहती हैं, 

“इन वामपंथी सरकारों के साथ ऐसा ही है। ये लोग सिर्फ राजस्व को हड़पना चाहते हैं। वे सिर्फ राजस्व के कारण कब्जा करना चाहते हैं। उनकी समस्या राजस्व है। सभी पर उन्होंने कब्जा कर लिया है। सब कुछ पर। लेकिन केवल हिंदू मंदिर पर। इसलिए न्यायमूर्ति ललित और मैंने ऐसा होने से रोक दिया था।”

इस वीडियो के वायरल होने के बाद जहाँ कुछ लोग पूर्व जस्टिस की हिम्मत को सलाम कर रहे हैं। वहीं कुछ वामपंथी इसे देख विचलित हैं। उनका कहना है कि सोचिए जब इंदु मल्होत्रा के पास केस आता होगा तो वो कितना पक्षपात करती होंगी। कुछ लोग उन्हें हिंदुत्व का जहर बता रहे हैं

पद्मनाभस्वामी मंदिर से जुड़ा ऐतिहासिक फैसला

गौरतलब है कि पूर्व जस्टिस केरल के जिस श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर के बारे में बात कर रही हैं, उसके प्रशासन और उसकी संपत्तियों के अधिकार को लेकर जुलाई 13, 2020 को सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया था। कोर्ट ने श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर के प्रशासन में त्रावणकोर राजपरिवार के अधिकार को बरकरार रखा था। 

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि मंदिर के मामलों के प्रबंधन वाली प्रशासनिक समिति की अध्यक्षता तिरुवनंतपुरम के जिला न्यायाधीश करेंगे और मुख्य कमिटी के गठन तक यही व्यवस्था रहेगी। कोर्ट ने आदेश में यह स्पष्ट कहा था कि मुख्य कमिटी में राजपरिवार की अहम भूमिका रहेगी।

कौन हैं पूर्व जस्टिस इंदु मल्होत्रा?

बता दें कि रिटायर जस्टिस इंदु मल्होत्रा पहली एक ऐसी महिला अधिवक्ता रहीं, जो वकील से सुप्रीम कोर्ट की जज बनाई गईं थीं। वह सबरीमाला मामले में फैसले के समय पीठ की अकेली ऐसी जज थीं जिन्होंने मंदिर के भीतर महिलाओं के प्रवेश को अनुमति देने से ज्यादा धार्मिक हितों की सुरक्षा का समर्थन किया था। 

इसके अलावा वह समलैंगिक यौन संबंध मामले में फैसला सुनाने वाली पीठ का भी हिस्सा थीं। उस फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने आपसी सहमति से दो वयस्कों के बीच बनाए गए समलैंगिक संबंधों को अपराध की श्रेणी से हटा दिया था।

पूर्व जस्टिस इंदु मल्होत्रा 31 अक्टूबर 2021 को अपने पद से सेवानिवृत्त हुई थीं और इस वर्ष पंजाब में चुनाव से पहले जो नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में चूक का मामला आया था उसकी जाँच भी इंदु मल्होत्रा को दी गई थी। 

एशिया कप के बड़े मुकाबले में पाकिस्तान को भारत ने दी मात, अंतिम ओवर तक चला हाई वोल्टेज ड्रामा: भुवी-पंड्या ने दिखाया दम

‘एशिया कप’ में रविवार (28 अगस्त, 2022) को भारत और पाकिस्तान की भिड़ंत हुई, जिसमें भारत ने टॉस जीत कर पहले गेंदबाजी का फैसला चुना। भारत ने इस मैच में रवींद्र जडेजा के 35 रन और हार्दिक पंड्या के 33 रनों की बदौलत पाकिस्तान को 5 विकेट से मात दे दी। पाकिस्तान के 147 रनों का पीछा करने के लिए केएल राहुल और रोहित शर्मा बतौर सलामी बल्लेबाज क्रीज पर उतरे। भारत की शुरुआत बिलकुल भी अच्छी नहीं रही और राहुल को पारी की दूसरी ही गेंद पर नसीम शाह ने चलता किया। लेकिन, इसके बाद पूर्व कप्तान विराट कोहली ने पारी को सँभाल लिया।

कप्तान रोहित शर्मा 8वें ओवर में एक छक्का लगा कर चलते बने। उन्होंने 18 गेंदों पर 12 रनों की धीमी पारी खेली। 50 रन पर भारत के 2 विकेट गिर गए थे। विराट कोहली ने 34 गेंदों पर 35 रनों की पारी खेली, जिसमें उन्होंने 3 चौके और 1 छक्का लगाया। दोनों का विकेट मोहम्मद नवाज ने लिया। T-20 बल्लेबाजों की सूची में नंबर-2 पर काबिज सूर्यकुमार यादव ने शुरुआत अच्छी की, लेकिन वो 18 गेंदों पर 18 रन बना कर केएल राहुल का विकेट लेने वाले नसीम शाह के ही शिकार बने।

इसके बाद रवींद्र जडेजा के साथ मिल कर हार्दिक पंड्या ने भारतीय पारी को सँभाला। जडेजा को अप्रत्याशित रूप से इस मैच में चौथे नंबर पर भेजा गया था। हार्दिक पंड्या ने धुआँधार पारी खेलते हुए 17 गेंदों में 4 चौके और एक छक्के की मदद से 33 रन मारे।

पाकिस्तान की शुरुआत अच्छी नहीं रही और T-20 बल्लेबाजों की तालिका में फ़िलहाल विश्व में नंबर-1 पर काबिज पाकिस्तानी सलामी बल्लेबाज बाबर आजम को तीसरे ही ओवर में भारतीय तेज़ गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने चलता कर दिया। बाबर के साथ उतरे मोहम्मद रिजवान ज़रूर टिक कर खेले और 42 गेंदों पर 43 रन बनाए, लेकिन 15वें ओवर में भारतीय ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या ने उन्हें अपने जाल में फँसा लिया।

भारतीय गेंदबाजों की बात करें तो भुवी ही सबसे ज्यादा सफल रहे, जिन्होंने 4 ओवर में 26 रन देकर 4 विकेट झटके। हार्दिक पंड्या में 4 ओवर में 25 रन देकर 3 महत्वपूर्ण विकेट अपने नाम किया। फिर भी पाकिस्तान 147 के सम्मानजनक स्कोर पर पहुँचने में कामयाब रहा। इसका कारण रहा शाहनवाज धानी द्वारा अंत में खेली गई 6 गेंदों पर 16 रनों की पारी, जिसमें उन्होंने 2 छक्के जड़े। अर्शदीप ने उन्हें चलता किया। पाकिस्तान की टीम 120 गेंदें नहीं खेल पाई और 1 गेंद पहले ही चित हो गई।

पंजाब मुख्यमंत्री के पोस्टर पर ‘खालिस्तान जिंदाबाद’ के नारे, पूर्व CM बेअंत सिंह की तरह बम से उड़ाने की धमकी: जालंधर दौरे से पहले की घटना

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के जालंधर पहुँचने से एक दिन पहले वहाँ खालिस्तानी नारे लगने का मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री भगवंत मान और पूर्व सीएम बेअंत सिंह की फोटो पर यह ‘खालिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लिखे गए थे जिसकी सूचना पुलिस को सुबह के समय मिली।

पुलिस ने मौके पर पहुँचकर स्प्रे पेंट से लिखे स्लोगन को मिटाया और संविधान चौक के आसपास लगे सीसीटीवी चेक करके आरोपितों की तलाश शुरू कर दी। कथिततौर पर इन पोस्टर्स पर भगवंत मान और अन्य को सार्वजनिक रूप से बम से उड़ाने की धमकी दी गई।

उल्लेखनीय है कि एक ओर 31 अगस्त को पूर्व सीएम बेअंत सिंह की पुण्यतिथि है और दूसरी ओर कल (29 अगस्त 2022) पंजाब सीएम ‘खेला वतन पंजाब दिया’ का उद्घाटन करने जालंधर के गुरु गोविंद सिंह स्टेडियम जा रहे हैं। ऐसे में अज्ञात लोगों ने इनके पोस्टर्स पर खालिस्तानी नारे लिखे और धमकी दी। बताया जा रहा है कि भगवंत मान के पोस्ट पर “नेक्स्ट” लिखा हुआ था।

अब पुलिस ने हर चौक हर रास्ते में और सुरक्षाबल को तैनात कर दिया है। बेअंत सिंह के पोते लुधियाना के सांसद रवनीत सिंह बिट्टू ने सिख फॉर जस्टिस के गुरपतवंत सिंह पन्नू को धमकी दी है कि अगर उसमें हिम्मत है तो वो सामने आकर बात करे।

बता दें कि कुछ दिन पहले भगवंत मान दिल्ली सीएम के साथ वोल्वो बसों को हरी झंडी देने के लिए जालंधर बस स्टैंड दए थे। उस दिन भी श्री देवी के मंदिर के सामने खालिस्तानी नारे लिखे थे। इसके अलावा पुलिस ने 6 जुलाई 2022 को खालिस्तानी नारे लिखने पर पटियाला के एक आदमी को गिरफ्तार किया था। उसने शैक्षिक संस्थानों की दीवारों के बाहर ये नारे लिखे थे। पुलिस ने बताया कि उसे ऐसा करने पर 1000 डॉलर देने का वादा हुआ था। मंजीत को बाद में पड़ताल के लिए पुलिस हिरासत में भेजा गया था।

‘TMC को लूट कर खा रहीं मिमी और नुसरत जहां’: ममता के मंत्री ने अपने ही पार्टी के नेताओं पर मढ़ा इल्जाम, बोले- ‘इनकी वजह से लोग हमें चोर समझते हैं’

पश्चिम बंगाल की ममता सरकार में उपभोक्ता मामलों के राज्य मंत्री व तृणमूल कॉन्ग्रेस के नेता श्रीकांत महाता का वीडियो सामने आया है। इसमें वह अपने अपनी ही पार्टी की सांसद मिमी चक्रवर्ती और नुसरत जहां समेत कुछ अन्य नेताओं पर पार्टी को लूटने का आरोप लगा रहे हैं। उनकी शिकायत कि पार्टी के शीर्ष नेता इमानदार कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर रहे हैं और ऐसे लोगों को करीबी बना रहे हैं जो पार्टी की छवि बिगड़वा रहे हैं।

वायरल वीडियो सालबोनी के विधायक पश्चिम मेदिनीपुर में कहते हैं,

“हमें अपनी नागरिकता को बचाने के लिए उसी अनुसार योजना बनानी होगी। जरूरत पड़ने पर हमें बीडीओ, पुलिस और अन्य अधिकारियों को प्रतिनियुक्ति देनी चाहिए, उनसे पूछना होगा कि हमारे पास नागरिकता है या नहीं। हमारी नागरिकता बचाने के लिए बुद्धिजीवी समाज और किसान संघर्ष कर रहे हैं। और अगर जरूरत पड़ी तो हम ममता बनर्जी के पास जाएँगे।”

उन्होंने आगे कहा,

“इससे पहले हम अभिषेक बनर्जी, सुब्रत बख्शी को भी समझाना चाहते थे लेकिन वह समझना नहीं चाहते। वे जिन लोगों को अच्छे साथी के रूप में समझ रहे हैं। फिर हम कैसे बचेंगे। उन्हें कहना चाहिए कि बुरे लोग बुरे होते हैं। महादेव से लेकर संध्या रॉय, सयानी, सयंतिता, मिमी, नुसरत, नेपाल सिंह, संजीव सिंह तक पार्टी के अजीज बन गए हैं, फिर हम इस पार्टी का हिस्सा नहीं हो सकते।”

उन्होंने कहा,

“अगर ये नेता पैसे लूटकर पार्टी के अजीज बन रहे हैं तो हम मंत्री नहीं बनना चाहते। लोग कह रहे हैं कि इस कैबिनेट के सभी मंत्री चोर हैं। पार्टी उन चोरों की सुनेगी। हमें नया रास्ता ढूँढना होगा। हमें इसके खिलाफ जनआंदोलन छेड़ना होगा।”

उल्लेखनीय है कि बंगाल में एसएससी घोटाले में पार्थ चटर्जी और अनुब्रत मंडल की गिरफ्तारी के बाद टीएमसी नेता महाता की यह टिप्पणी अन्य पार्टी नेताओं के ऊपर आई है। उन्होंने सब पर पार्टी को लूटने का इल्जाम लगाया है। इससे पहले पार्टी के नेताओं के खिलाफ राज्य में कई जगह प्रदर्शन देखे गए थे। लोगों ने चोर-चोर के नारे भी लगाए थे।

बाढ़ से पाकिस्तान को अब तक ₹44000 करोड़ का नुकसान, 1030 की मौत: 500 रुपए के पार पहुँचा 1 Kg टमाटर का दाम, साफ़ हुए गाँव के गाँव

पाकिस्तान फ़िलहाल भयंकर बाढ़ से जूझ रहा है और मृतकों की संख्या 1030 के पार हो गई है। इससे फल-सब्जियों के दाम भी आसमान छू रहे हैं। जून के मध्य से ही इस्लामी मुल्क बाढ़ से जूझ रहा है, लेकिन अब तक वहाँ की सरकारें और प्रशासन इसे नियंत्रित करने व राहत कार्य में पूरी तरह विफल रहा है। पिछले 1 दिन में ही 100 से अधिक लोग मौत के गाल में समा हैं। दक्षिण-पूर्वी प्रांत सिंध और उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र खैबर पख्तूनख्वा में सबसे ज्यादा तबाही मच रही है।

आने वाले समय में सिंध में और भारी तबाही मच सकती है, क्योंकि पानी की नई लहर आने की आशंका है। सिंधु नदी के कारण लोगों को सबसे ज्यादा खतरे का सामना करना पड़ रहा है। कई वर्षों से पाकिस्तान में नहरों की मरम्मत नहीं हुई है, जिसके बाद उन्होंने जवाब दे दिया है और पानी की धार को झेल नहीं पा रहे। लाखों घर ध्वस्त हो गए हैं और गाँव के गाँव साफ़ हो गए हैं। खैबर पख्तूनख्वा में हजारों लोग सरकारी राहत कैंपों में रहने को मजबूर हैं।

ये क्षेत्र पूरी तरह बाकी के पाकिस्तान से कट ही चुका है। हजारों लोग पैदल ही वहाँ से बाहर निकल पड़े हैं। ये वो क्षेत्र है, जो पहले ही गर्मी में लू से लेकर जंगलों में आग तक को झेल चुका है। सरकार कह रही है कि कुछ देशों ने मदद का भरोसा दिया है और वो राहत सामग्री भेज रहे हैं। अमेरिका, यूके और चीन ने मदद का वादा किया है। पोप ने भी पाकिस्तान की सहायता की अपील की है। खैबर पख्तूनख्वा की राजधानी रावलपिंडी में राहत सामग्रियाँ पहुँच रही है।

बाढ़ का दंश पाकिस्तान के वो लोग भी झेल रहे हैं जो बाढ़ग्रस्त इलाकों में नहीं हैं, क्योंकि इस कारण सब्जियों की महँगाई चरम पर है। टमाटर 500 रुपए किलो बिक रहा है (पाकिस्तान मुद्रा में)। वहीं प्याज 300 रुपए किलो और नींबू 400 रुपए किलो के भाव से बिक रहा है, क्योंकि सप्लाई चेन पूरी तरह टूटा हुआ है। प्याज के दाम 100 रुपए से अब तक पार नहीं गए थे। अब तक 44,000 करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है।

‘मेरे जीवन पर सेक्स का राज था, इसीलिए 700 पुरुषों के साथ सोई’: TV स्टार का खुलासा – रोज रात को ढूँढने निकल पड़ती थी

रेलिटी टीवी स्टार बेलिंडा रायगियर ने खुलासा किया है कि उन्हें सेक्स की ऐसी लत लग गई थी कि वो 700 पुरुषों के साथ सो चुकी हैं। हालाँकि, उन्होंने ये भी कहा कि उन्हें इसका किसी प्रकार का पछतावा नहीं है। 2017 में ‘The Bachelor Australia’ नामक शो का हिस्सा रह चुकीं बेलिंडा ‘लव’ रायगियर ने कहा कि वो एक ऐसा समय था, जब सेक्स का ही उनके जीवन पर राज चलता था। इसी कारण उन्हें 700 पुरुषों के साथ सोना पड़ा।

बेलिंडा ने कहा कि एक समय ऐसा आ गया था, जब सप्ताह के 7 दिनों में से 6 दिन वो रात के समय सेक्स ढूँढने के लिए निकल पड़ती थीं। हालाँकि, उन्होंने ये भी बताया कि पिछले 8 वर्षों से उनकी हालत में सुधार हो रही है और पिछले 15 महीनों से उन्होंने किसी के साथ भी सेक्स नहीं किया है। उन्होंने You’re a Grub Mate! नामक रेडियो शो में कहा कि उन्हें तब तक नहीं पता चला कि ये एक समस्या है, जब तक वो इससे ठीक नहीं होने लगीं।

बेलिंडा रायगियर ने कहा कि ठीक होने के बाद उन्हें इसका एहसास हुआ कि उनके जीवन में पहले कभी कोई हादसा हुआ था, जिसके कारण उन्हें ये समस्या आई थी। उन्होंने कहा कि वो इसकी गिनती ही भूल गई हैं कि वो कितने पुरुषों के साथ सो चुकी हैं, लेकिन ये 700 से अधिक ही होगा। उन्होंने कहा कि अब भी उनके अंदर तीव्र ‘सेक्स ड्राइव’ है और उन्हें इसे लेकर कोई शर्मिंदगी नहीं। उन्होंने कहा कि पुरुषों की अच्छी बात ये है कि वो वही कहते हैं, जो वो सुनना चाहती हैं।

उनके मुताबिक, इस समस्या का सेक्स से ज्यादा इस बात से लेनादेना था कि उनकी तारीफ़ हो और उन्हें सबसे प्रमुखता मिले। उन्होंने कहा कि समाज सेक्स का इस्तेमाल गलत चीजें के लिए कर रहा है। उन्होंने कहा कि वो फिर से सेक्स करेंगी, लेकिन अब जिसके साथ कनेक्शन होगा उससे ही। अब बेलिंडा रायगियर खुद को ‘लव गुरु’ कहलाना पसंद करती हैं। वो इंस्टाग्राम पर अक्सर सक्रिय रहती हैं, जहाँ उनके 9800 से भी अधिक फॉलोवर्स हैं।

‘सनातन धर्म फर्जी, शिव काल्पनिक’: हिंदू देवी-देवताओं और ग्रंथों को भला-बुरा कहने वाला झारखंड का मौलाना, FIR के बावजूद खुला घूमता है

झारखंड के राजमहल के साहिबगंज में एक कट्टरपंथी मौलाना पर खुलेआम हिंदू देवी-देवताओं का अपमान करने का आरोप लगा है। मौलाना का नाम नवाब शेख है। उसने कृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर हिंदुओं से अल्लाह की इबादत करने को कहा था। साथ ही अपील की थी कि योगी आदित्यनाथ, अमित शाह, मोहन भागवत और आरएसएस के सभी लोग इस्लाम कबूल कर लें क्योंकि हिंदू धर्म फर्जी है और इसमें रहना अधर्म है।

संदेश में यह भी लिखा था कि कालीदास, तुलसीदास, वाल्मिकी आदि रामायण, महाभारत जैसे ग्रंथ लिख लोगों को अधर्म के रास्ते पर ले गए, ये सारी किताबें और इसमें कहीं बातें तो इस्लाम से ली गई हैं।

विहिप नेता को भेजा संदेश, पुलिस में शिकायत

नवाब शेख पर गंभीर इल्जाम होने के बावजूद वह अभी पकड़ा नहीं गया है। राजमहल थाना की पुलिस को विहिप नेता कालीचरण मंडल इस संबंध में शिकायत दे चुके हैं। शिकायत में आरोप है कि उसने ये संदेश विहिप नेता कालीचरण मंडल को जानबूझकर भेजा, ताकि वह गुस्से में उस संदेश पर कोई टिप्पणी करें, शहर का माहौल बिगड़े, और उन पर हमले हों।

हालाँकि कालीचरण ने नवाब की मंशा को समझते हुए इस संदेश पर कोई टिप्पणी नहीं की। उन्होंने मैसेज का प्रिंट और अपनी शिकायत पुलिस में देकर माँग की कि हिंदू आस्था को ठेस पहुँचाने के मामले में नवाब को गिरफ्तार किया जाए। 

शिकायत में कालीचरण मंडल ने बताया कि 19 अगस्त 2022 को 8:40 पर उन्हें नवाब के नंबर से यह संदेश मिला था। इसमें जन्माष्टमी पर अल्लाह की इबादत और नमाज पढ़ने की बात कही गई थी। इसके अलावा श्रीकृष्ण को नकली भगवान और हिंदू धर्म को गलत बताया गया था। उनके मुताबिक ये संदेश हिंदुओं की भावना आहत करने वाला था जिसमें हिंदू देवताओं को काल्पनिक या फिर इस्लाम से लिया कोई कैरेक्टर कहा गया था।

अपनी शिकायत में कालीचरण ने ध्यान दिलवाया कि मजहबी टिप्पणी करने पर लोग दूसरे धर्म के लोगों का सर तन से जुदा कर रहे हैं, चाकू से जानलेवा हमले कर रहे हैं, खुले में जान से मारने की धमकी दे रहे हैं… ऐसे में कालीचरण को भी यह संदेश इसीलिए भेजा गया ताकि वो प्रतिक्रिया दें और उनके हमला हो। उन्होंने माँग की है कि नवाब शेख के ऊपर माहौल बिगाड़ने के आरोप में कार्रवाई की जाए।

गिरफ्तारी से पुलिस की टाल-मटोल

उल्लेखनीय है कि नवाब शेख ने हिंदू धर्म के प्रति इतनी घृणा का प्रसार किया, लेकिन पुलिस प्रशासन उसे पकड़ने में असमर्थ कही जा रही है। ईवोक टीवी के दावे के मुताबिक, पुलिस अधिकारी ने तो यहाँ तक कहा कि अगर उन्होंने नवाब को पकड़ा तो नौकरी चली जाएगी।

ईवोक के पत्रकार ने जब नवाब की गिरफ्तारी के बारे में डीएसपी से पूछा तो उन्होंने कहा कि उन्होंने थाना प्रभारी को गिरफ्तारी के आदेश दे दिए हैं। वहीं जाँच अधिकारी से जब इस संबंध में पूछताछ हुई तो वो गिरफ्तारी पर स्पष्ट बयान देने की बजाय ये कहते सुनाई पड़े कि उन्हें अपने आला अधिकारियों से राय लेनी है। इसके बाद गिरफ्तारी होगी।

नवाब शेख का पुराना वीडियो- हिंदू देवताओं को बताया काल्पनिक

बता दें कि जिस नवाब शेख के ऊपर कालीचरण मंडल ने हिंदू धर्म के अपमान का आरोप लगाया है, उस पर पहले भी अक्सर हिंदू धर्म के खिलाफ घृणा फैलाने के आरोप लगते रहे हैं।

साल 2019 से पहले उसने एक वीडियो बनाया था, जिसमें वह कहता नजर आया था कि 2019 तक पूरी दुनिया इस्लामिक हो जाएगी। उसने वीडियो में कहा था, 

“दुनिया में एक अल्लाह, एक ईश्वर, एक गॉड है। लेकिन ये अनेक कैसे बने ये रहस्य हमारी वीडियो से खुलेगा। वीडियो को देखने के बाद 2019 तक दुनिया में हर कोई मुस्लिम बनने की कोशिश करेगा और लगभग लोग इसमें आ रहे हैं। चाहे ट्रंप हों, मोदी हों, योगी हों, मोहन भागवत हों, उद्धव ठाकरे हों या जितने भी कट्टरपंथी हों, ये सारे लोग ठग के शिकार हैं। ये लोग नहीं जानते कि ये जितने भी धर्म बने हैं। इनकी किताबें बनी हैं, ये सब इस्लाम से बने हैं।”

शेख आगे कहता है,

“हमारी कुरान से ये बात साफ होती है कि हर एक इंसान जो पैदा हो रहा है, जो पैदा होगा, वो इस्लाम में होगा और मुसलमान होगा। तो फिर ये लोग अलग कैसे बने, ये खुलासा हमारी वीडियो में होता है। सारे लोग ठग का शिकार है। सनातन धर्म जैसे धर्म काल्पनिक हैं। शंकर भगवान का भी सारा वर्णन काल्पनिक है। यहूदी कौम में भी जितने अवतारों का जिक्र है वो काल्पनिक है।”

जिसे फारसी इतिहासकार ने कहा था रोम से भी सुंदर और समृद्ध, उसे इस्लामी आक्रांताओं ने बना डाला ‘खंडहरों का शहर’: मंदिरों के नगर को बर्बरता से लूटा

कर्नाटक का हम्पी (Humpi, Karnataka) को कभी ‘मंदिरों का नगर’ (City of Temple) कहा जाता था, आज इसे ‘खंडहरों का शहर’ (City of Ruins) कहा जाता है। यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची (UNESCO World Heritage Sites) में शामिल इस स्थान को देखकर इसके अतीत के वैभव का अंदाजा लग सकता है।

समय परिवर्तनशील होता है और उसकी अपनी गति होती है। समय ने कुछ ऐसी गति पकड़ी कि यह शहर मुस्लिम आक्रमणकारियों के निशाने पर आ गया और इसे लूटने के बाद शहर का पूरी तरह विध्वंस कर दिया गया। आज हम्पी में भव्य मंदिरों एवं प्रासादों के अवशेष हैं।

हम्पी का इतिहास हजारों वर्ष पुराना है। इसका वर्णन रामायण और पुराणों में ‘पम्पा देवी तीर्थ क्षेत्र’ के रूप में किया गया है। इसे ‘किष्किंधा’ भी कहा गया है। यहाँ ईसा पूर्व तीसरी शताब्दी के अशोक महान के समय के प्रमाण मिल चुके हैं। 15वीं शताब्दी में यह शहर कर्नाटक के विजयनगर के अंतिम प्रमुख हिंदू साम्राज्य का अभिन्न अंग था।

तुंगभद्रा नदी के तट पर बसा हम्पी आज 1,600 से अधिक जीवंत अवशेषों का साक्षी है, जिनमें दुर्ग, राजमहल, राजप्रासाद, मंदिर, स्तंभ, मंडप, स्मारक, जल संरचनाएँ आदि शामिल हैं। इन खंडहरों में भी भव्यता है, जो गौरवशाली इतिहास के चमकते पृष्ठ हैं।

रोम से भी खूबसूरत और समृद्ध था हम्पी

विजयनगर साम्राज्य पर 1509-29 तक कृष्णदेव राय का शासन था। उस साम्राज्य के अधीन वर्तमान कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र के भूभाग आते थे। हम्पी विजयनगर साम्राज्य का प्रमुख केंद्र था। यहाँ रोम से लेकर पुर्तगाल के व्यापारी आते थे। कहा जाता है कि विजयनगर साम्राज्य में हम्पी अपने वैभव के चरमोत्कर्ष पर था और उसे रोम से भी सुंदर शहर कहा जाता था।

15वीं शताब्दी में विजयनगर का दौरा करने वाले फ़ारसी यात्री अब्दुर रज्जाक ने अपने संस्मरणों में हम्पी और विजयनगर का वर्णन किया है। रज्जाक ने लिखा है, “यह देश इतनी आबादी वाला है कि एक इसके बारे में एक विचार व्यक्त करना असंभव है।ठ

वह आगे लिखता है, “राजा के खजाने में कई कक्ष हैं, जिनमें पिघलाए हुए सोने से भरा हुआ है। देश के सभी निवासी, चाहे उच्च हों या नीच, यहाँ तक कि बाज़ार के कारीगर तक अपने गले, हाथ, कलाई, उंगलियों और कानों में आभूषण पहनते हैं।”

अब्दुर रज्जाक ने राजधानी की भव्यता को लेकर कहा था, “विजयनगर के समान दुनिया में कोई शहर नहीं है। यह ऐसा है कि आँख की पुतली ने कभी इस तरह की जगह नहीं देखी और ना ही बुद्धि के कान को कभी यह सूचित गया है कि पूरी दुनिया में इसके बराबर भी कुछ मौजूद है।”

हम्पी का विध्वंस

कृष्णदेव राय की मृत्यु के बाद विजयनगर साम्राज्य के शासक आलिया राम राय बने। आलिया राम राय के शासनकाल में सन 1565 में बीदर, बीजापुर, गोलकुंडा, अहमदनगर और बरार के मुस्लिम शासकों की संयुक्त सेनाओं ने विजयनगर पर आक्रमण कर दिया।

ये पाँचों राज्य कभी दिल्ली सल्तनत मुहम्मद बिन तुगलक के अधीन थे, लेकिन बाद में खुद को स्वतंत्र घोषित कर दिया था। विजयनगर साम्राज्य और दक्कन सल्तनत की सेनाओं के बीच भयानक लड़ाई हुई, जिसे ‘तालिकोटा की लड़ाई’ के नाम से जाना जाता है।

युद्ध के दौरान राम राय के दो मुस्लिम सेनापतियों ने अचानक पक्ष बदल लिया और वे मुस्लिम हमलावरों से जा मिले। इन दोनों ने राम राय को पकड़ लिया और युद्ध के मैदान में ही उनका सिर काट कर हत्या कर दी गई। इसके बाद विजयनगर की सेना में भगदड़ मच गई और हार हुई।

हार के बाद सल्तनत की सेना ने हम्पी को खूब लूटा और इसे खंडहर में बदल दिया। अपनी पुस्तक ‘द फॉरगॉटेन एम्पायरट‘ में रॉबर्ट सेवेल ने लिखा है, “आग और तलवार के साथ वे (मुस्लिम) विनाश को अंजाम दे रहे थे। शायद दुनिया के इतिहास में ऐसा कहर कभी नहीं ढाया गया। इस तरह एक समृद्ध शहर का लूटने के बाद नष्ट कर दिया गया और वहाँ के लोगों का बर्बर तरीके से नरसंहार कर दिया गया।”

शहर के प्रमुख ऐतिहासिक केंद्र

हम्पी में लगभग 1600 हिंदू, बौद्ध और जैन मंदिर थे। ये वास्तुकला के उत्कृष्ट नमूना थे। इसकी झलक आज भी इनके अवशेषों में मिलती है। ग्रेनाइट के पत्थरों को काटकर दिए गए रूप शिल्पकला की अद्भुत समृद्धता का बखान करती हैं यहाँ की मूर्तियाँ। इनमें कुछ मंदिर बेहद महत्वपूर्ण हैं।

विट्ठल मंदिर: शहर के सबसे भव्य एव प्रभावशाली मंदिरों में से एक विठ्ठल मंदिर है। इसे 16वीं शताब्दी में बनाया गया था। उसकी बनावट अद्भुत और समृद्ध वास्तुकला के सौंदर्य को उजागर करता है।इसके आगे एक विशाल प्रांगण एवं मंदिर का केंद्र है। इसे हम्पी रथ भी कहा जाता है।

विरुपाक्ष मंदिर: विरुपाक्ष मंदिर भगवना विष्णु को समर्पित है। इसे राजा कृष्णदेव राय ने 1509 में अपने अभिषेक के दौरान बनवाया था। हेमकुटा पहाड़ियों के नीचे बसे हम्पी में अनेक छोटे-छोटे मंदिर हैं।

इसके पूर्व में पत्थर का एक विशाल नंदी है और दक्षिण में भगवान गणेश की प्रतिमा है। यहाँ अर्ध सिंह और अर्ध मनुष्य की देह धारण किए नरसिंह की 6.7 मीटर ऊँची मूर्ति है। इन्हें उग्र नरसिंह भी कहा जाता है।

लक्ष्मी नरसिम्हा मंदिर, विशाल शिवलिंग, मूपवित्र केंद्र, अच्युत राय के मंदिर, ससिवेकलु गणेश, महानवमी, ग्रनारीस, हरिहर पैलेस, रिवरसाइड खंडहर, जज्जल मंडप, पुरंदरदास मंडप, तालरिगट्टा गेट सहित सैकड़ों दर्शनीय स्थल हैं।