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5G पर ₹2 लाख करोड़ खर्च करेगी Jio, दीवाली से DMKC में सर्विस: रिलायंस का रिटेल कारोबार ईशा अंबानी के हवाले, न्यू एनर्जी देखेंगे अनंत

जियो (Jio) की 5जी सेवा इस साल दीवाली से शुरू हो जाएगी। शुरुआत दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई से होगी। पूरे देश को कवर करने के लिए दिसंबर 2023 तक कस्बों तक इसका विस्तार होगा। यह घोषणा रिलायंस इंडस्ट्रीज की वार्षिक आमसभा की बैठक (AGM) में कंपनी के मुखिया मुकेश अंबानी ने की।

मुकेश अंबानी ने सोमवार (29 अगस्त 2022) को 45वीं AGM को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित किया। इस दौरान जियो के 5जी नेटवर्क को मजबूती और विस्तार देने के लिए 2 लाख करोड़ रुपए का निवेश करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।

इसके साथ ही मुकेश अंबानी ने रिलायंस के भविष्य का भी खाका खींच दिया है। रिलायंस का रिटेल कारोबार उनकी बेटी ईशा अंबानी देखेंगी। एजीएम में ईशा को बोलने के लिए आमंत्रित करते वक्त उनका परिचय समूह के खुदरा कारोबार के प्रमुख के तौर पर कराया गया। बड़े बेटे आकाश को वे पहले ही जियो का चेयरमैन नामित कर चुके हैं। छोटे बेटे अनंत को न्यू एनर्जी बिजनेस की जिम्मेदारी दी गई है।

इससे पहले मुकेश अंबानी ने अपने संबोधन की शुरुआत ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ पर चर्चा के साथ की। उन्होंने अगले 25 साल के लिए देश की प्रगति का खाका तैयार करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अभी पूरी दुनिया की निगाहें भारत की ओर है। संकट में फँसी दुनिया के लिए भारत उम्मीद की किरण बनकर उभरा है।

क्या है 5जी

5जी बहुत तेज इंटरनेट स्पीड (मल्टी-Gbps पीक स्पीड) वाला नेटवर्क है। इसमें यूजर को पहले के मुकाबले ज्यादा भरोसेमंद नेटवर्क स्पीड मिलती है। 4जी के मुकाबले 5जी टेक्नोलॉजी ज्यादा बेहतर इंटरफेस के साथ आएगी। जहाँ 4जी में 150Mbps तक की अधिकतम स्पीड मिलती है, वहीं 5जी में 10Gbps तक डाउनलोड स्पीड होने के बारे में कहा जा रहा है। आसान शब्दों में इसे समझें तो यूजर्स 5जी स्पीड के साथ एक पूरी HD फिल्म को महज कुछ सेकेंड में डाउनलोड कर सकेंगे। हालाँकि, इसका इस्तेमाल महज वीडियो डाउनलोड करने से कहीं बड़ा है। 5जी टेक्नोलॉजी आने से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस काफी बेहतर हो जाएगा और इससे तमाम मशीनें जैसे स्मार्ट TV, वाशिंग मशीन, होम स्पीकर और रोबोट्स काफी तेज और ऑटोमेटिक फीचर्स से लैस होंगे।

‘गौतम गंभीर को इंडियन टीम पसंद नहीं करती’: जहर उगल रहा था अफरीदी, हँस रहे थे हरभजन और आज तक का पत्रकार

भारत के पूर्व क्रिकेटर और आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद हरभजन सिंह तथा आज तक (AajTak) के पत्रकार विक्रांत गुप्ता नेटिजन्स के निशाने पर हैं। वजह एक वीडियो है जो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में शाहिद अफरीदी भारत के पूर्व क्रिकेटर और बीजेपी सांसद गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) का मजाक उड़ाते दिख रहा है।

पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर अफरीदी (Shahid Afridi) की इस हरकत पर इन दोनों ने जो व्यवहार दिखाया, वह नेटिजन्स को रास नहीं आया। ऐसे मौके पर भी हरभजन और गुप्ता हँस रहे थे, जिसको लेकर उनकी आलोचना हो रही है।

वीडियो में शाहिद अफरीदी यह कहते दिखाई दे रहे हैं, “मेरा ऐसा कुछ नहीं है कि मेरी किसी से लड़ाई हुई हो। एक सोशल मीडिया पर बहुत चलती है मेरी और गौतम की। गौतम एक ऐसा कैरेक्टर है जिसे मेरे ख्याल में पूरी इंडियन टीम ही पसंद नहीं करती है।”

ट्विटर के चर्चित पैरोडी अकाउंट यो यो फनी सिंह ने इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा है, “यह बहुत शर्म की बात है कि जब शाहिद अफरीदी गौतम गंभीर का मजाक उड़ा रहे थे, तब जवाब देने की जगह विक्रांत गुप्ता और हरभजन सिंह हँस रहे थे। आप अफरीदी के सामने किसी पाकिस्तानी के लिए ऐसा ही मजाक करके देखें।”

एक ट्विटर यूजर ने लिखा है, “हरभजन भाई, हम उम्मीद करते हैं कि जब कोई बाहरी व्यक्ति आपके पुराने साथियों को निशाना बनाए तो आप कुछ बोलें। ऐसा ही विक्रांत गुप्ता से भी चाहते हैं। आप दोनों से ऐसी उम्मीद नहीं थी।”

एक अन्य यूजर ने हरभजन और गौतम गंभीर के बीच राजनीतिक विरोध की ओर इशारा किया। उन्होंने लिखा, “विक्रांत गुप्ता आप पर शर्म आती है। हम भज्जी की राजनीति को समझ सकते हैं, उनकी पार्टी की मजबूरी है। एक पत्रकार के तौर पर आपसे ऐसी उम्मीद नहीं थी…”

एक अन्य यूजर ने लिखा कि हरभजन सिंह ने पीओके क्रिकेट लीग के लिए अफरीदी को लाखों रुपए का दान दिया और बाद में माफी माँग मांग ली। विक्रांत शायद सबसे खराब खेल पत्रकार हैं, जिन्हें मैंने देखा या सुना है।

वायरल वीडियो 28 अगस्त को दुबई में एशिया कप टूर्नामेंट में भारत-पाकिस्तान मैच से पहले स्पोर्ट्स तक यूट्यूब चैनल पर हुए एक चर्चा का है। इस चर्चा में हरभजन सिंह, विक्रांत गुप्ता और पाकिस्तान के समा टीवी से शाहिद अफरीदी मौजूद थे।

गौरतलब है कि दुबई में 28 अगस्त हुए एशिया कप के दूसरे मैच में भारत ने हार्दिक पांड्या के ऑलराउंड प्रदर्शन की बदौलत पाकिस्तान को 5 विकेट से मात दी थी। हार्दिक पांड्या ने आखिरी ओवर में छक्का जड़कर 2 गेंद शेष रहते यह मैच भारत के नाम किया था।

अंकिता सिंह को जलाने वाले शाहरुख़ हुसैन को ‘इंडिया टुडे’ ने बताया ‘अभिषेक’, पकड़ी गई चोरी तो बदला: मुस्लिम हत्यारे को क्यों बताया हिन्दू?

जिस शाहरुख़ ने अंकिता पर पेट्रोल छिड़क कर आग लगा दी, ‘इंडिया टुडे’ ने उसका असली नाम छिपा कर उसे ‘अभिषेक’ बताते हुए खबर चला दी। हालाँकि, अब ‘इंडिया टुडे’ ने विरोध के बाद शाहरुख़ का असली नाम लिख दिया है, लेकिन आर्काइव लिंक में देखा जा सकता है कि किस तरह उसने शाहरुख़ को ‘अभिषेक’ बताते हुए खबर चला दी। इतना ही नहीं, मीडिया संस्थान ने ये लिखने की जहमत भी नहीं उठाई कि ये बदला हुआ नाम है।

अब तक आपने सुना होगा कि बलात्कार और यौन शोषण जैसे मामलों में पीड़िता या नाबालिग की पहचान छिपा ली जाती है या कभी-कभी बदला हुआ नाम लिखा जाता है। लेकिन, यहाँ ‘इंडिया टुडे’ हत्यारे को ही बचाने में लगा हुआ है। एक मुस्लिम को इसके लिए हिन्दू बता दिया गया। आर्काइव लिंक के स्क्रीनशॉट में आप देख सकते हैं। मीडिया संस्थान ने न सिर्फ फोटो के कैप्शन में, बल्कि खबर की कॉपी में भी शाहरुख़ का नाम ‘अभिषेक’ ही दिखाया।

फोटो कैप्शन में शाहरुख़ हुसैन को ‘इंडिया टुडे’ ने बता दिया ‘अभिषेक’

‘इंडिया टुडे’ ने अब अभी अपनी हेडिंग से शाहरुख़ हुसैन का नाम छिपा रखा है और सीधा लिखा है कि झारखंड के दुमका में जिस ‘व्यक्ति ने’ लड़की के शरीर में आग लगा दी, वो पुलिस की हिरासत में हँसता हुआ पाया गया। वहीं फोटो कैप्शन में ‘इंडिया टुडे’ ने लिखा था, “आरोपित अभिषेक को पुलिस की कस्टडी में हँसते हुए देखा जा सकता है।” कंटेंट में मीडिया संस्थान ने लिखा था, “आरोपित अभिषेक को हँसते हुए देखा गया, जब उसे हथकड़ी पहना कर पुलिस की गाड़ी से ले जाया जा रहा था।”

हत्यारे शाहरुख़ को खबर में भी ‘इंडिया टुडे’ ने ‘अभिषेक’ बताया

आखिर मीडिया संस्थान ने शाहरुख़ हुसैन को बचाने के लिए उसे ‘अभिषेक’ क्यों बना दिया? उसने 5 साल तक एक लड़की को प्रताड़ित करने के बाद उसे ज़िंदा जला डाला है, जिसके बाद हिन्दू छात्रा की मौत हो गई। वो पुलिस की हिरासत में हँस रहा है। उसने कई बार लड़की से छेड़खानी की थी, घर में घुस जाता था और फोन कर के भी परेशान करता था। क्या अपराधी या आतंकवादी मुस्लिम होगा तो उसे हिन्दू बना कर मीडिया दिखाएगी?

कश्मीर से तेलंगाना तक ‘आजाद’ हो रहे पुराने कॉन्ग्रेसी: 19 अक्टूबर को मिलेगा नया अध्यक्ष, लेकिन चुनाव से पहले पार्टी के वोटर लिस्ट पर आनंद शर्मा ने उठाए सवाल

गुलाम नबी आजाद के इस्तीफे के बाद शुरू हुआ कॉन्ग्रेस छोड़ने का सिलसिला थमता नहीं दिख रहा है। जम्मू-कश्मीर के नेताओं के बाद अब तेलंगाना कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता एमए खान ने भी इस्तीफा दे दिया है। राज्यसभा सांसद रहे खान भी ‘G-23’ से आते हैं। इसी समूह के एक और नेता आनंद शर्मा ने कॉन्ग्रेस की उस मतदाता सूची पर सवाल उठाए हैं जो नए अध्यक्ष का चुनाव करेगी।

‘G-23’ ऐसे कॉन्ग्रेसियों का समूह है जिन्होंने करीब 2 साल पहले पार्टी की स्थिति पर सवाल उठाते हुए कॉन्ग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गॉंधी को पत्र लिखा था। इस समूह में शामिल रहे आजाद ने इस्तीफा देते हुए नई पार्टी का गठन करने की बात कही है। उन्होंने इस्तीफे देते हुए सोनिया गाँधी को 5 पन्नों की चिट्ठी लिखते हुए राहुल गाँधी पर गंभीर आरोप लगाए थे। अब एमए खान ने भी कहा है, “उनका (राहुल गाँधी) पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ व्यवहार सही नहीं है। उनके काम करने का तरीका अलग है। पार्टी ऐसी स्थिति में पहुँच गई है, जहाँ दशकों से पार्टी के लिए जी जान लगाने वाले वरिष्ठ नेता कॉन्ग्रेस छोड़ने को मजबूर हैं।”

एमए खान ने सोनिया गाँधी को पत्र में आगे लिखा, “कॉन्ग्रेस देश की जनता को यह समझाने में नाकाम रही कि पार्टी बदलाव कर रही है और देश को आगे ले जाना चाहती है। जब तक आप सक्रिय थीं, तब तक पार्टी में सीनियर नेताओं से सुझाव लिया जाता था। लेकिन अब यह प्रक्रिया खत्म हो चुकी है। कॉन्ग्रेस पार्टी में 40 साल की इस यात्रा को अब मैं अब समाप्त कर रहा हूँ। मेरे पास इसके अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।”

फोटो साभार: @Spirit Of Congress

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद ने 25 अगस्त 2022 को कॉन्ग्रेस छोड़ दी थी। उन्होंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता सहित सभी पदों से इस्तीफा दे दिया था। सोनिया गाँधी को भेजे पत्र में उन्होंने जवाहर लाल नेहरू से लेकर संजय गॉंधी तक का जिक्र किया था। वायनाड के सांसद राहुल गॉंधी को पार्टी की हालत के लिए कोसते हुए सोनिया को ‘रबर स्टांप’ बताया था।

आजाद ने लिखा था, “बड़े अफसोस और बेहद भावुक दिल के साथ मैंने भारतीय राष्ट्रीय कॉन्ग्रेस से अपना आधा सदी पुराना नाता तोड़ने का फैसला किया है। राहुल गाँधी अनुभवहीन लोगों से घिरे हुए हैं। उन्होंने 2013 में पार्टी उपाध्यक्ष बनने के बाद पुरानी कॉन्ग्रेस को खत्म कर दिया, जिसके कारण धीरे-धीरे पार्टी के जमीनी नेता दूर हो गए।” गौरतलब है कि कॉन्ग्रेस अध्यक्ष पद के लिए चुनाव 17 अक्टूबर को जाना है। इसके दो दिन बाद नतीजे आएँगे। लेकिन जिस तरह इस्तीफों का सिलसिला शुरू हुआ है उससे कयास लग रहे हैं कि चुनाव से पहले कई और वरिष्ठ नेता कॉन्ग्रेस से नाता तोड़ सकते हैं।

‘मैंने खुद को नेगेटिविटी से दूर कर लिया’: सलमान खान के भाई से तलाक पर बोलीं फैशन डिजाइनर – अब किसी की परवाह नहीं

‘फैबुलस लाइव्स ऑफ बॉलीवुड वाइव्स’ (Fabulous Lives of Bollywood Wives) में नजर आने वाली फैशन डिजाइनर सीमा किरण सजदेह (Seema Kiran Sajdeh) ने अपने पूर्व शौहर सोहेल खान (Sohail Khan) से अलग होने वजह बताई है। उन्होंने और सोहेल ने इस साल मई में कोर्ट में तलाक के लिए अर्जी दी थी। सीमा ने ‘बॉलीवुड बबल‘ को दिए इंटरव्यू में बताया कि शादी के करीब 24 साल बाद कैसे उन्होंने अपनी लाइफ का एक बड़ा फैसला लिया है।

शो ‘डियर बडी’ (Dear Buddy) में वह कहती हैं, “अगर आप ऐसी जगह हैं, जहाँ एक गहरी खाई है और वहाँ आप आसानी से गिर सकते हैं, तो मैं दूसरी तरफ रहना चाहूँगी। मैंने अपनी लाइफ को एक पॉजिटिव एंगल से देखा है। मैंने खुद को नेगेटिविटी से दूर कर लिया है। अब मैं इस मोड़ पर हूँ, जहाँ मुझे किसी की कोई परवाह नहीं।” उन्होंने कहा, “जो ये जानते हैं कि मैं कौन हूँ, वो मेरी फैमिली है, मेरे पैरंट्स हैं, मेरे बच्चे हैं और मेरे भाई-बहन हैं।”

‘Fabulous Lives Of Bollywood Wives’ शो के पहले सीजन में नजर आ चुकी सीमा ने बातचीत ने अपने एक्स हसबैंड सोहेल के बारे में कहा, “सोहेल और मेरा रिश्ता भले ही औपचारिक न हो, लेकिन अब भी हम एक फैमिली हैं। बस हम दोनों के रास्ते अलग-अलग हो गए हैं, लेकिन हमारा रिलेशनशिप काफी अच्छा रहा है। मुझे इस बारे में कोई सफाई नहीं देनी है, क्योंकि हम खुश हैं और हमारे बच्चे भी खुश हैं।”

‘फैबुलस लाइव्स ऑफ बॉलीवुड वाइव्स’ का दूसरा सीजन नेटफ्लिक्स पर इस साम 2 सितंबर से शुरू होने जा रहा है। इस शो में एक बार फिर सीमा किरण सजदेह, महीप कपूर (संजय कपूर की पत्नी), भावना पांडे (चंकी पांडे की पत्नी) और नीलम कोठारी सोनी नजर आने वाली हैं।

बता दें कि सोहेल खान और सीमा सजदेह का निकाह साल 1998 में हुआ था। दोनों साल 2017 से ही अलग रह रहे थे। इन दोनों के 2 बच्चे निर्वाण और योहान हैं। बड़ा बेटा निर्वाण 22 साल और छोटा योहान 11 साल का है। तलाक के बाद सीमा सजदेह ने अपना नाम से खान हटा दिया था।

CM हेमंत सोरेन के गृह जिले में जलाई गई अंकिता, माँस-भात खाती रही ‘सरकार’: पत्थरबाज नदीम को एयर एंबुलेस, हिन्दुओं की आवाज पर 144 का पहरा

झारखंड के दुमका में शाहरुख़ हुसैन 5 वर्षों से एक हिन्दू छात्रा को परेशान कर रहा था। अंततः उसने पेट्रोल छिड़क कर उसे ज़िंदा जला डाला। इलाज के दौरान अंकिता सिंह की मौत हो गई। जहाँ की ये घटना है, वो जिला राज्य की सत्ताधारी पार्टी और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के परिवार का गढ़ रहा है। दुमका से वो खुद विधायक रहे हैं। उनके पिता शिबू सोरेन यहाँ से 7 बार सांसद रह चुके हैं। ऐसे में इस क्षेत्र में इस तरह की घटना होना सीधे सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े करता है, क्योंकि ये उनका गृह जिला है।

अंकिता सिंह की हो गई मौत, उधर पिकनिक मनाती रही ‘सरकार’

सबसे पहले आपको ताज़ा घटना के बारे में बता देते हैं। 17 वर्ष की अंकिता सिंह 12वीं की छात्रा थी। पिता किराना दुकान चला कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। शाहरुख फोन पर अंकिता को परेशान करता था। स्कूल जाते वक्त रास्ते में छेड़खानी करता था, जिस कारण अंकिता को स्कूल जाना छोड़ना पड़ा। घर में घुस जाता था। तड़के 4 बजे उसने सोती हुई अंकिता पर खिड़की से पेट्रोल छिड़क आग लगा दी। एक सप्ताह तक ज़िन्दगी और मौत से जूझने के बाद हिन्दू छात्रा की मौत हो गई।

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने आक्रोशित होकर विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस की हिरासत में शाहरुख़ के हँसते हुए चेहरे ने आग में घी का काम किया। ये सोशल मीडिया का जमाना है, इसीलिए अब पुराने हथकंडों से न्याय की आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता। यही कारण है कि पुलिस-प्रशासन ने लोगों को अपनी आवाज़ उठाने से रोकने के लिए धारा-144 लागू कर दिया। लेकिन, अंकिता की अंतिम यात्रा में लोगों ने शाहरुख़ को फाँसी देने के साथ-साथ प्रशासन विरोध नारेबाजी भी की।

आपको जान कर आश्चर्य होगा कि फ़िलहाल पुलिस-प्रशासन का ध्यान इस पर कम है कि शाहरुख़ हुसैन को सज़ा कैसे दिलाया जाए, और इस पर ज़्यादा है कि ‘सरकार’ की पिकनिक में इस घटना से कोई खलल न पड़े। क्या ‘झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM)’ द्वारा शासित राज्य में न्याय माँगने पर भी प्रतिबंध है? न कोई हिंसा, न कोई आगजनी, लेकिन फिर भी धारा-144 लगाने की चूल क्यों? ऐसा पहली बार नहीं, जब हिन्दुओं की आवाज़ दबाने के लिए ऐसा किया गया।

और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन कहाँ हैं? वो लतरातू में अपने विधायकों के साथ पिकनिक मना रहे हैं। खुद को ही कोयला खान आवंटित करने के मामले में उन पर हितों के टकराव का आरोप है और उनकी विधानसभा सदस्यता भी जा सकती है। इधर झारखंड का सत्ताधारी गठबंधन अपने विधायकों के साथ ‘रिसॉर्ट पॉलिटिक्स’ में व्यस्त है। 3 बसों में भर कर 43 विधायक पिकनिक के लिए ले जाए गए। खूँटी में ‘सरकार’ मटन-भात खा रही है, उधर अंकिता सिंह का गरीब परिवार अपनी बेटी की मौत के दुःख में है।

झारखंड में हिन्दुओं की हत्याओं के बाद आवाज़ दबाने का ये पहला मामला नहीं

आपको रूपेश पांडेय की हत्या याद है? हजारीबाग में सरस्वती पूजा के समय रूपेश पांडेय की मुस्लिमों ने हत्या कर दी थी। जब हिन्दुओं ने इस मामले में न्याय की माँग की तो बरही में फरवरी 2022 में धारा-144 लागू कर दी गई थी। सरस्वती पूजा के विसर्जन के दौरान 17 साल के रूपेश पांडेय की पीट-पीट कर हत्या के बाद इलाके में सांप्रदायिक तनाव भड़क गया था। धार्मिक स्थलों को भी नुकसान पहुँचाया गया था। सरकार ने क्या किया? धारा-144 लगा दी।

इसी तरह लोहरदगा में CAA समर्थक जुलूस पर ‘पाकिस्तान ज़िंदाबाद’ चिल्लाती भीड़ ने जब हमला किया, उसमें नीरज प्रजापति नामक मूर्तिकार की जनवरी 2020 में मौत हो गई थी। उनके द्वारा बनाई गई माँ सरस्वती की प्रतिमा खरीददारों की बाट जोहती रह गई। उस समय सरकार ने सिर्फ धारा-144 ही नहीं, कर्फ्यू ही लगा दिया। लेकिन, देश भर के लोगों ने गरीब पीड़ित परिवार के लिए चंदा जमा किया। उधर सरकारी कर्फ्यू के कारण लोगों के पास खाने के लिए दाल-सब्जी तक नहीं थी।

अब याद कीजिए झारखंड की राजधानी राँची में गोली मार कर VHP नेता मुकेश सोनी की हत्या का मामला। वो जेवर व्यवसायी थे, दिसंबर 2021 में जिनकी हत्या के बाद आक्रोशित हिन्दू सड़क पर उतरे थे। साजिश के तहत हुए इस हत्याकांड के बाद सरकार ने भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात कर हिन्दुओं को न्याय के लिए आवाज़ उठाने से रोका। खलारी इलाके में रहने वाले मुकेश सोनी मैक्लुस्कीगंज में दुकान चलाते थे। तब भी हिन्दू संगठनों ने राज्य में हिन्दुओं के सुरक्षित न होने की आवाज़ उठाई थी।

पत्थरबाज नदीम के लिए एयर एंबुलेंस, उधर इलाज के लिए पैसे का जुगाड़ करते रहे अंकिता के पिता

आखिर झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार क्यों चाहती है हिन्दू मरते रहें लेकिन आवाज़ न उठाएँ? वहीं मुस्लिमों के सम्बन्ध में JMM सरकार का क्या रुख रहता है? जून 2022 में जब राँची में हुए उपद्रव में पत्थरबाज नदीम अंसारी घायल हुआ, तो उसका सरकारी खर्चे से इलाज किया गया। उसके लिए एयर एंबुलेंस की व्यवस्था की गई। नदीम को एयर एंबुलेंस से दिल्ली भेजा गया, लेकिन अंकिता सिंह को जब रिम्स रेफर किया गया तो परिवार दिन भर पैसों का जुगाड़ करता था और रात को ही ये संभव हो पाया।

एयर एंबुलेंस न सही, अगर साधारण एंबुलेंस भी समय पर मिल जाती और रिम्स में शुरू से अंकिता सिंह का इलाज होता तो शायद वो बच सकती थीं। लेकिन, पत्थरबाज नदीम की किस्मत में एम्स का इलाज था, मासूम अंकिता की किस्मत में मौत। और झारखंड सरकार के अधिकारियों पर अब भी इस मामले में लीपापोती के आरोप लग रहे हैं। जितने दिन अंकिता अस्पताल में रहीं, कोई भी मंत्री-विधायक उसकी या परिवार की सुध तक लेने नहीं गया।

चेहरे पर हँसी, सीना चौड़ा, मूँछों पर ताव: हिन्दू लड़की को जलाने वाले शाहरुख का Video देख बौखलाए लोग, ट्रेंड में #JusticeForAnkita

झारखंड के दुमका में अंकिता सिंह नामक युवती की मौत के बाद लोग जहाँ आरोपित शाहरुख हुसैन के लिए फाँसी माँग रहे हैं। वहीं दूसरी ओर शाहरुख का एक हँसता हुआ वीडियो सामने आया है। ये वीडियो तब का है जब पुलिस ने उसे अपनी हिरासत में ले लिया और वह ‘बेशर्म हँसी’ के साथ सीना चौड़ा करके गाड़ी में बैठता दिखा। उसकी ऐसी बेशर्मी और अंकिता पर हुए अत्याचार को देख अब नेटीजन्स ने सोशल मीडिया पर ‘जस्टिस फॉर अंकिता’ ट्रेंड करवाया है।

अंकिता सिंह के हत्यारे शाहरुख का वीडियो देखने के बाद ऐसा लग रहा है जैसे उसे अपनी करतूत पर कोई पछतावा ही नहीं है। इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि जब पुलिस उसे गाड़ी में बैठाने के लिए ले जा रही थी तब वह हँस रहा था। यही नहीं, गाड़ी में बैठने के बाद भी वह अपने चेहरे और मूँछों पर हाथ फेरता हुआ दिखाई दे रहा है।

आग लगाने से पहले शाहरुख देता था धमकी

बता दें, शाहरुख ने 23 अगस्त की सुबह खिड़की से अंकिता सिंह पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी थी। अंकिता का शरीर काफी जल गया था। इसके बाद भी वह 5 दिन तक जिंदगी और मौत के बीच जूझती रही। लेकिन अंततः 28 अगस्त को उसकी मौत हो गई।

अंकिता ने मौत से पहले हत्यारोपित शाहरुख को लेकर बताया था कि वह उसे आए दिन तंग करते हुए दोस्ती करने को कहता था। लेकिन, अंकिता ने उसकी यह बात नहीं मानी तो जान से मारने की धमकी देने लगा। इसके अलावा, शाहरुख के परिजनों की ओर से भी अंकिता के घरवालों को धमकी दी गई थी।

अंकिता की मौत के बाद से पूरे इलाके का माहौल गरमाया हुआ है। इस दौरान विश्व हिन्दू परिषद, बजरंग दल और भाजपा के कार्यकर्ताओं के साथ-साथ आम जनता ने भी सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करते हुए अंकिता के लिए न्याय की माँग की है। हालाँकि, बढ़ते प्रदर्शन और माहौल खराब होने के डर से एसडीओ महेश्वर महतो ने धारा 144 लागू कर दी है।

ट्विटर पर माँगा जा रहा अंकिता के लिए इंसाफ

चूँकि, मुस्लिमों द्वारा हिंदुओं को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है। साथ ही दुमका जैसी घटनाएँ पहले भी हो चुकी हैं। ऐसे में, आम जनता न केवल सड़कों पर बल्कि सोशल मीडिया में भी न्याय की माँग कर रही है।

अंकिता सिंह को न्याय दिलाने को लेकर ट्विटर पर लगातार ट्वीट किए जा रहे हैं। ट्वीट के चलते ही जस्टिस फॉर अंकिता (#JusticeForAnkita) ट्विटर पर लगातार ट्रेंड कर रहा है। ट्वीट के साथ लोग अपनी राय रखते हुए फास्टट्रैक कोर्ट में सुनवाई व शाहरुख को कड़ी से कड़ी सजा देने की माँग कर रहे हैं।

ट्विटर पर पर लोग शाहरुख को नरभक्षी से लेकर दानव तक बताते हुए यह पूछ रहे हैं कि आखिर इस दरिंदे को फाँसी कब होगी। इन्हीं में से एक एंटी रेप एक्टिविस्ट योगिता भयाना ने ट्वीट कर कहा “यह नरभक्षी,दानव कैसे मुस्करा रहा है जैसे कोई मेडल जीत कर लाया हो,इसने झारखंड दुमका की एक लड़की को ज़िंदा जलाने का गुनाह किया है। इस दरिंदें को फाँसी कब होगी ?”

इसके अलावा, जस्टिस फॉर अंकिता को लेकर लोगों ने हजारों ट्वीट किए हैं। इन सबमें यही बताया जा रहा है कि कैसे लव जिहाद आदि चीजें एक हकीकत हैं लेकिन समाज इसे स्वीकारता नहीं है और बाद में उसका भुगतान अंकिता जैसी निर्दोषों को करना पड़ता है।

इरफान-इरशाद ने अंकित को घर बुलाया, बाद में गन्ने के खेत में मिली लाश: अमीना से अफेयर के चलते दलित युवक की हत्या का आरोप

उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में 27 अगस्त 2022 को 18 साल के दलित युवक अंकित का शव गन्ने के खेत से बरामद किया गया। उसके शरीर पर चोट के निशान थे। आरोप है कि अमीना नाम की मुस्लिम युवती से अफेयर के चलते उसकी हत्या की गई है। अमीना की मौत भी संदेहास्पद परिस्थितियों में होने की बात सामने आई है।

अंकित का शव मिलने के बाद अमीना को कब्रिस्तान में दफनाने की बात सामने आई थी। उसके शव को भी बाहर निकालकर पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। यह घटना रुधौली थाना क्षेत्र में गाँव पड़रिया चेत सिंह की है।

अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) दीपेंद्र चौधरी ने बताया कि रुधौली चेत सिंह में युवक और युवती के शव मिले हैं। इस मामले में प्रेम-प्रसंग की बात सामने आ रही है। दोनों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए हैं। पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।

बस्ती के ASP के हवाले से समाचार एजेंसी एएनआई को बताया, “खेत में मिले शव की पहचान अंकित के तौर पर हुई है। उसके भाई संदीप ने बताया है कि अंकित को 26 अगस्त की शाम इरफान और इरशाद ने अपने घर बुलाया था। उसके बाद वह रात को घर नहीं लौटा।” इरफान और इरशाद उस युवती अमीना के भाई हैं जिससे अंकित का प्रेम प्रसंग चलने की बात कही जा रही।

ASP के अनुसार अमीना की मौत भी रहस्यमय परिस्थितियों में हुई है। उसे दफना दिया गया था। अंकित के परिजनों ने इरशाद, इरफान और अमीना के परिवार वालों पर हत्या का आरोप लगाया है। गाँव में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अंकित गाँव के ही मुजीबुल्‍लाह के यहाँ ट्रैक्‍टर चलाता था। इसी दौरान मुजीबुल्‍लाह की बेटी अमीना खातून और वह एक-दूसरे के करीब आ गए। कथित तौर पर 26 अगस्त को युवती के भाई ने दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। इसके बाद हत्या कर बहन के शव को गाँव के बाहर कब्रिस्तान में दफन कर दिया और अंकित की लाश गन्‍ने के खेत में फेंक दी।

पुलिस को दी गई शिकायत में अंकित के पिता ने बताया है कि बेटे का शव मिलने के बाद वे मुजीबुल्लाह के घर पर गए। वहाँ उन्हें अमीना की मौत की जानकारी मिली। इसके बाद उच्‍च अधिकारियों की मौजूदगी में पुलिस ने कब्र से युवती का शव निकलवाया और दोनों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने इरशाद, उसके सगे भाई इरफान और चचेरे भाई इसरार के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 (हत्या), 201 (साक्ष्‍य छिपाना) और अनुसूचित जाति जनजाति निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की है।

‘तुम हिंदू गौमूत्र में नहाते हो…’: अमेरिका में अब भारतीय पुरुष से गाली-गलौच, मुँह पर फेंके डॉलर, जगह-जगह थूका

कैलिफोर्निया के शहर फ्रीमोन्ट से एक हिंदुओं से नफरत करने वाले व्यक्ति की वीडियो सामने आई है। इस वीडियो में एक विदेशी न केवल भारतीय व्यक्ति को गंदी-गंदी गालियाँ दे रहा है, बल्कि हिंदू धर्म को नीचा दिखा रहा है और बार-बार पूरे भारत का मखौल उड़ा रहा है।

घटना 21 अगस्त 2022 की है। कृष्णन जयारमन, फ्रीमोन्ट के एक रेस्टोरेंट में बैठकर अपने खाने का इंतजार कर रहे थे कि तभी एक अन्य व्यक्ति आया और उनसे गाली-गलौच शुरू कर दी।

उसने जयारमन को बिन मोजे में देखा तो कहा, “अपने घटिया पाँव नंगे लेकर क्यों आए। ये भारत नहीं है। तुम लोगों ने भारत को बर्बाद किया और अब अमेरिका को भी बर्बाद कर रहे हो।”

8.5 मिनट की वीडियो में लगातार व्यक्ति को हिंदुओं के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग करते देखा जा सकता है। जयारमन कहते हैं कि उस आदमी ने उन्हें कहा था, “तुम हिंदू हो गौमूत्र में नहाते हो।” उसने जयारमन को कहा, “भारतीय लोग मजाक होते हैं। इसी गंदी ट%^& को देख लो।”

हिंदी-पंजाबी बोल रहा था गालीबाज

जयारमन के अनुसार, “वो आदमी मेरे मुँह के सामने आकर अनाप-शनाप बोल रहा था। उसने मेरे मुँह पर डॉलर फेंके और हर जगह थूकने लगा।” जयारमन को सबसे ज्यादा हैरानी तब हुई तब उन्होंने उस आदमी को हिंदी और पंजाबी बोलते सुना।

जयारमन को गाली देते हुए उस आदमी ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी का नाम लिया और बम फेंकने की बातें कीं। तब जयारमन को एहसास हुआ कि शायद वो आदमी भारतीय हो सकता है जिसका संबंध खालिस्तानी संगठनों से हो।

गालीबाज आदमी ने जयारमन को ये भी कहा, “तुम ही वो लोग हो जिन्होंने ईस्ट इंडिया के सामने सबसे पहले घुटने टेके। तुम वो लोग हो जिन्होंने अपने सिरों को झुकाया।”

जयारमन कहते हैं कि उनके साथ ये सब जिस समय पे हो रहा था उस वक्त टाको बेल के कई कर्मचारी वहाँ पर थे। लेकिन किसी ने उस व्यक्ति को वहाँ से जाने को नहीं कहा, वो सब लोग सब कुछ सुनते हुए अपने कामों में लगे रहे। इसके बाद वहाँ के सुपरवाइजर ने पुलिस को कॉल की और तब जाकर वह व्यक्ति शांत हुआ।

हर समुदाय का सम्मान करते हैं, इस मामले की जाँच होगी: भारतीय पर हमले के बाद पुलिस

बता दें कि पुलिस ने इस संबंध में बयान जारी करते हुए कहा कि वो इस तरह हेट क्राइम अपराधों को गंभीरता से लेते हैं और समझते हैं कि ऐसी बातों का असर समुदाय पर कितना पड़ता है। इस मामले में वह अपने सारे संसाधन का प्रयोग जाँच में लाएँगे। पुलिस ने कहा, “फ्रीमॉन्ट विभिन्न समुदायों से बना राष्ट्र है। हम हर समुदाय और हर संस्कृति व उनकी पृष्ठभूमि के आभारी हैं। जैसे ही इस मामले की जाँच में कोई आगे डेवलपमेंट होगा उसके बारे में सूचना दी जाएगी।”

हमारा धर्म सबको समान मानता है: जयारमन

उल्लेखनीय है कि 21 अगस्त 2022, रविवार के दिन हुई इस घटना का वीडियो यूट्यूब पर है। इसे हजारों लोगों ने देखा है। वहीं मीडिया से बात करते हुए जयारमन ने बताया कि उस व्यक्ति ने उनके उस धर्म को गाली दी जो ये बताता है कि दुनिया में साँस लेने वाला हर व्यक्ति बराबर है। इस हिसाब में वह व्यक्ति भी समान है। जयारमन इतना भला-बुरा सुनने के बाद भी कहते हैं कि शायद उस रात उस व्यक्ति के साथ कुछ बुरा हुआ होगा, इसलिए उसने ऐसा बर्ताव किया। उन्होंने अपने साथ हुई घटना को वीभत्स बताया।

महिला ने किया था भारतीयों पर हमला

इससे पहले अमेरिका के टेक्सास के डेल्लास शहर के प्लानो में भारतीय महिलाओं पर नस्लीय हमले की घटना हुई थी। डिनर के लिए एक होटल में आईं चार भारतीय-अमेरिकी महिलाएँ आपस में भारतीय लहजे (Accent) में बात कर रही थीं। यह देख एक मेक्सिकन-अमेरिकन महिला ने उन पर नस्लीय टिप्पणियाँ और मारपीट की थी। उसने कहा था कि वो भारतीयों से नफरत करती है। उसकी वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने उसको गिरफ्तार कर लिया था।

2 सालों से अंकिता सिंह के पीछे पड़ा था शाहरुख़ हुसैन, घर में भी घुस जाता था: हिन्दू छात्रा को बंद करना पड़ा था स्कूल जाना, दादा ने दी मुखाग्नि

झारखंड के दुमका में शाहरुख़ नाम के युवक ने 12वीं की छात्रा अंकिता पर पेट्रोल डाल कर उसे ज़िंदा जला डाला, जिसके बाद अस्पताल में इलाज के क्रम में हिन्दू लड़की की मौत हो गई। अंकिता ने शाहरुख़ का प्रस्ताव ठुकरा दिया था, जिसके बाद उसने इस अपराध को अंजाम दिया। मंगलवार (23 अगस्त, 2022) को शाहरुख़ हुसैन को गिरफ्तार किया गया था। वहीं अब परिजनों और परिचितों की मौजूदगी में अंकिता का अंतिम संस्कार हुआ।

कड़ी सुरक्षा के बीच अंकिता सिंह की अंतिम यात्रा निकाली गई, जिसमें लोगों ने प्रशासन के विरोध में नारे भी लगाए। 17 वर्षीय मृतका के दादा ने उसे मुखाग्नि दी। स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए दुमका-भागलपुर रोड को जाम कर दिया। दुमका में बंद भी बुलाया गया है। पुलिस ने धारा-144 लागू कर दी है। जरुवाडीह मोहल्ले की अंकिता के हत्यारे शाहरुख़ को पुलिस कस्टडी में हँसते हुए देखा गया, जिससे पता चलता है कि उसे अपने किए का कोई पछतावा नहीं।

अब ये भी सामने आया है कि शाहरुख़ पिछले 2 वर्षों से अंकिता को प्रताड़ित कर रहा था। एकतरफा सनक में सन चुका शाहरुख़ एक तरह से अंकिता के लिए आतंक सा बन गया था। फूलो झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कार्यकारी मजिस्ट्रेट के समक्ष मौत से 5 दिनों पहले अंकिता ने बयान दर्ज कराया था। इसमें छात्रा ने बताया था कि उसकी ही एक सहेली से उसका फोन नंबर लेने में शाहरुख़ कामयाब हो गया था।

इसके बाद फोन कर के उसने दोस्ती के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया। अंकिता उससे बात तक करना पसंद नहीं करती थी। जब अंकिता स्कूल जाती थी, तब भी शाहरुख़ उसका पीछा करता था। वो न सिर्फ फोन पर परेशान करता था, बल्कि रास्ते में भी छेड़खानी करता था। तंग आकर अंकिता ने स्कूल जाना ही बंद कर दिया था। वो अपने पिता के साथ ट्यूशन जाती थी। शाहरुख़ ने अंकिता के घर पर पत्थरबाजी तक की थी।

इतना ही नहीं, शाहरुख़ अक्सर अंकिता के घर में चोरी-छिपे घुस जाता था। एक बार लोगों ने चोर समझ कर उसकी धुनाई भी की थी। हालाँकि, इसके बावजूद वो अपनी करतूतों से बाज नहीं आया। एक दिन तो उसने अंकिता के घर के दरवाजे पर लगी ग्रिल को लोहे की खंती से उखाड़ने की कोशिश की। लोक-लाज के भय से परिवार ने पुलिस का रुख नहीं किया। जब शाहरुख़ की हरकतें हद से आगे बढ़ने लगीं तो पिता ने थाने जाने की ठानी।

हालाँकि, तब शाहरुख़ के बड़े भाई ने उनसे माफ़ी माँगते हुए थाने न जाने को कहा। अब वही परिवार को धमका रहा। कुछ दिनों पहले शहर में डिज्नीलैंड मेला लगा था, जहाँ अंकिता अपने पिता के साथ ही गई थी। अंकिता का परिवार आर्थिक तंगी का शिकार है। पिता संजीव सिंह किराना व्यवसायी हैं। 1 साल पहले अंकिता की माँ कैंसर के कारण चल बसी थीं। अंकिता की बड़ी बहन का विवाह हो चुका है। एक 12 साल का छोटा भाई है घर में। साथ ही दादा-दादी भी हैं। शाहरुख़ हुसैन के बारे में अंकिता ने ये भी बताया था कि वो दूसरी लड़कियों को भी परेशान किया करता था।

घटना से 1 दिन पहले भी शाहरुख़ ने अंकिता को फोन पर धमकी दी थी कि वो उसे जान से मार डालेगा। तड़के 4 बजे उसने अंकिता के घर पहुँच कर खिड़की से पेट्रोल छिड़का और आग लगा दी। अंकिता उस वक्त सोई हुई थी। रिम्स राँची में उसे रेफर किया गया। अंकिता की पीठ, दोनों हाथ, दोनों पैर और पेट के हिस्से जल गए थे। अब प्रशासन शांति की अपील करते हुए फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की बात कर रहा है। दुमका के सांसद सुनील सोरेन ने परिजनों को सुरक्षा, मुआवजा और नौकरी देने की माँग की है।