Homeदेश-समाजजिस हिंदू लड़की को शाहरुख हुसैन ने पेट्रोल फेंक जलाया, उसने इलाज के वक्त...

जिस हिंदू लड़की को शाहरुख हुसैन ने पेट्रोल फेंक जलाया, उसने इलाज के वक्त दम तोड़ा: बार-बार कह रही थी – बता दो बचूँगी या नहीं

अंकिता के पिता संजीव कुमार ने जानकारी दी कि उनकी बेटी ने बीती रात 2:30 बजे अंतिम साँस ली। वह शाम तक लोगों से पूछ रही थी, "मुझे सच बताओ मैं बचूँगी या नहीं।"

झारखंड में जिस अंकिता कुमारी के ऊपर शाहरुख हुसैन नाम के लड़के ने पेट्रोल छिड़कर आग लगाई थी, उस अंकिता ने बीती रात अस्पताल में इलाज के दौरान अपनी अंतिम साँस ली। स्वराज्य की पत्रकार स्वाति गोयल शर्मा ने यह जानकारी अपने ट्वीट में दी।

स्वाति गोयल शर्मा ने अंकिता की चंद तस्वीरें साझा कर बताया, “झारखंड की लड़की अंकिता जिसपर उसके पड़ोसी शाहरुख ने पेट्रोल छिड़क कर आग लगाई ती, उसने बीती रात दम तोड़ दिया। उसके पिता संजीव सिंह ने बताया कि 2:30 बजे अंकिता ने अपनी अंतिम साँस ली थी। शाम तक वह यही पूछ रही थी, ‘मुझे ईमानदारी से बता दो मैं जिंदा बचूँगी या नहीं।’ “

रिम्स अस्पताल में अंकिता के दम तोड़ने के बाद उसके माता-पिता का रो रोकर बुरा हाल है। वहीं घटना से पूरे दुमका जिले में आक्रोश है। हिंदू संगठनों ने विरोध मार्च और बंदी का ऐलान किया है। शाहरुख को फास्ट ट्रैक में लेकर फाँसी दी जाए, ये माँग हर जगह हो रही है।

सोते में शाहरुख हुसैन ने फेंका था पेट्रोल

बता दें कि झारखंड के दुमका में अंकिता के ऊपर हमला मंगलवार (23 अगस्त) की सुबह हुआ था। अंकिता ने गंभीर अवस्था में पुलिस को यह जानकारी दी थी कि बगल वाला शाहरुख उसे आए दिन तंग करता था। उसे दोस्ती के लिए कहता था। लेकिन अंकिता ने जब बात नहीं मानी, उसे डाँटा, तो उसने उसे जान से मारने की धमकी दी।

अंकिता ने इस बारे में सोमवार को अपने पिता से कहा। इसके बाद वह सोने चली गई। अगली सुबह जब वह उठी तो उसने पाया कि उसकी पीठ जल रही थी। वह दौड़ते हुए अपने पिता के कमरे में गई, सबने बड़ी मुश्किल से आग को बुझाया और अस्पताल लेकर गए।

अस्पताल में मालूम चला कि अंकिता 90 फीसदी जल चुकी थी। तस्वीरों में देखा जा सकता था कि कैसे उसके हाथ-पाँव जल गए थे। अधिकारियों ने अंकिता और उसके परिजनों का बयान लेकर शाहरुख को उसी दिन गिरफ्तार कर लिया था। घरवालों को उम्मीद थी कि शायद अंकिता बच जाए। लेकिन शरीर ज्यादा जल जाने की वजह से वो रिकवर नहीं कर पाई और 2:30 बजे देहांत हो गया।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘मोदी जी की सीता कौन हैं’: संसद में सनातन का मखौल बना नहीं भरा कॉन्ग्रेस का मन तो अब माता सीता का कर रही...

राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा से दूरी, राहुल गाँधी के बयान और प्रमोद तिवारी के 'मोदी की सीता' वाले बयान तक। पढ़िए कॉन्ग्रेस पर उठते सवाल।

जूडो में पहली बार गोल्ड, बॉक्सिंग में रिकॉर्ड 7 स्वर्ण और पैरा खिलाड़ियों का धमाका: ग्लासगो में भारत के 39 पदकों की पूरी कहानी

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने 13 स्वर्ण सहित 39 पदक जीतकर चौथा स्थान हासिल किया। कई खेलों में ऐतिहासिक प्रदर्शन दर्ज किया।
- विज्ञापन -