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लखनऊ-मेरठ के बाद अब भोपाल के DB मॉल में पढ़ी गई नमाज, विरोध में हिन्दू संगठनों ने किया भजन: कहा – अब ऐसा हुआ तो होगा सुंदरकांड का पाठ

लखनऊ और मेरठ के बाद अब मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित DB मॉल में नमाज पढ़ें जाने का वीडियो वायरल हुआ है, जिसके बाद हिन्दू संगठन आक्रोशित हैं। इस मॉल को भोपाल का सबसे बड़ा मॉल बताया जाता है। वीडियो में मॉल के भीतर कुछ लोगों को नमाज पढ़ते हुए देखा जा सकता है, जिसके बाद ‘बजरंग दल’ ने आक्रोश व्यक्त किया। मॉल प्रबंधन ने भी शुरू में नमाज पढ़ने की इस घटना को हल्के में लिया, लेकिन हिन्दुओं ने भी जवाब में कार्यक्रम शुरू कर दिया।

हिन्दू कार्यकर्ताओं ने भोपाल के DB मॉल में नमाज की घटना के बाद वहाँ भजन शुरू कर दिया। सूचना मिलने के बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुँची और किसी तरह नाराज़ लोगों को समझा-बुझा कर वापस भेजा गया। अभी तक ये पता नहीं चल पाया है कि मॉल के भीतर नमाज पढ़ने वाले कौन लोग हैं। इस मामले में किसी ने पुलिस में कोई शिकायत नहीं दी है, लेकिन ‘बजरंग दल’ ने कार्रवाई न होने की सूरत में मॉल में सुंदरकांड के पाठ की चेतावनी दी है।

शनिवार (27 अगस्त, 2022) को भी विरोध कर रहे लोगों ने मॉल के भीतर भजन किया। निकासी द्वार के पास ‘जय श्री राम’ के नारे भी लगाए गए। ‘बजरंग दल’ ने कहा है कि अगर आगे नमाज वाली हरकत हुई तो मॉल के भीतर सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ किया जाएगा। नमाज वाला वीडियो शनिवार की दोपहर मॉल के एग्जिट गेट के पास का है। हिन्दू नेता चंद्रशेखर तिवारी ने कहा है कि मॉल को व्यवसायिक प्रतिष्ठान ही रहने दिया जाए, इसमें मजहब न घुसाया जाए।

मॉल प्रबंधन ने इस घटना पर चुप्पी साध रखी है। वहीं ये भी सामने आया है कि मॉल में नमाज पढ़ने वाले वहाँ काम करने वाले कर्मचारी ही हैं। मॉल प्रबंधन के सूत्र कह रहे हैं कि ये लोग पहले भी नमाज पढ़ते रहे हैं। सार्वजनिक जगहों पर बिना अनुमति धार्मिक कार्यक्रम नहीं किए जा सकते, इसीलिए आशंका है कि जानबूझ कर नमाज पढ़ी जा रही है। मॉल प्रबंधन और कर्मचारियों ने हिन्दू संगठनों को समझाने की कोशिश की। पुलिस ने बताया कि कोई शिकायत नहीं मिली है, हंगामे की सूचना पर वो वहाँ गए थे।

बता दें कि उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के लुलु मॉल के बाद मेरठ के एक मॉल में नमाज पढ़ने का मामला सामने आया था। 24 जुलाई, 2022 को मेरठ के मॉल में नमाज पढ़े जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। ये वीडियो मेरठ के सोहराब गेट स्थित मॉल का था। इसमें एक युवक नमाज पढ़ते हुए दिखाई दे रहा था। वीडियो वायरल होने के बाद डीजीपी ने पूरे मामले पर मेरठ पुलिस से जवाब तलब किया था।

‘कन्हैया लाल की तरह गला काट देंगे’: उदयपुर में मछली पकड़ने वाले युवक को धमकी, उधर मुजफ्फरनगर के टेलर को भी मिला धमकी भरा पत्र

राजस्थान के उदयपुर में कन्हैयालाल की तरह हत्या करने की धमकी का मामला सामने आया है। इसमें शहर के एक मछली पकड़ने वाले युवक को मुस्लिम समुदाय के 3 युवकों ने कन्हैयालाल के जैसे सिर कलम करने की धमकी दी है। धमकी के बाद पुलिस जाँच में जुट चुकी हैं।

‘दैनिक भास्कर’ की खबर के अनुसार, उदयपुर के हाथिपोल थाना क्षेत्र के यूआईटी पुलिया के पास मछली पकड़ने को लेकर दो पक्षों के बीच कहासुनी हुई। पुलिस ने बताया कि अलीपुरा के रहने वाले ब्रह्मानंद नामक व्यक्ति ने इस मामले में शिकायत दर्ज करवाई है। उसके बेटे को कुछ शरारती तत्वों ने जान से मारने की धमकी दी है।

उदयपुर के युवक को मिली कन्हैयालाल के जैसे गला काटने की धमकी

अपनी शिकायत में उसने बताया कि कुछ दिनों पहले उसका बेटा (विक्रम सिंह) यूआईटी पुलिया के पास मछली पकड़ने गया और उसने कुछ मछलियाँ भी पकड़ लीं। इसके बाद वहाँ लोहार कॉलोनी, आयड़ के रहने वाले अल्ताफ, सिजु और मुश्ताक उससे उसकी मछलियाँ छीनने के लिए मारपीट करने लगे। विक्रम वहाँ से जान बचाकर किसी तरह घर आ गया, लेकिन तीनों आरोपित उसके पीछे-पीछे घर तक आ गए और उसे कन्हैयालाल के जैसे गला काटने की धमकी भी देकर गए।

यूपी के मुजफ्फरनगर के एक हिंदू टेलर को भी मिली धमकी

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के एक टेलर को उदयपुर के कथित तौर दर्जी कन्हैयाल के जैसा हाल करने वाली धमकी मिली है। टेलर का नाम नरेंद्र बताया जा रहा है और उन्हें अपनी ही दुकान में बुधवार (24 अगस्त, 2022) की सुबह एक धमकी भरा पत्र प्राप्त हुआ। पत्र में लाल रंग वाले कलम या स्याही से धमकी वाला मैसेज लिखा गया था।

इस पत्र में लिखा था, “तू बहुत बड़ा देशभक्त बनता है। नूपुर शर्मा तो बहाना होगा, कन्हैया की तरह निशाना होगा। बचेगा नहीं, भाग सकता है तो भाग।” धमकी वाला पत्र मिलने के बाद नरेंद्र ने पुलिस में इसकी सूचना दी। पुलिस ने भी मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर पहुँच कर जाँच-पड़ताल के बाद अज्ञात शख्स के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

9000 छेद, 3700 किलो बारूद, 950 फ्लैट: 12 सेकेंड में जमींदोज हुआ कुतुब मीनार से ऊँचा ट्विन टावर, मलबा बटोरने में लगेंगे 3 महीने

नोएडा के सुपरटेक ट्विन टावर को आज (28 अगस्त 2022 ) जमींदोज कर दिया गया। बिल्डिंग ध्वस्त करने के लिए कुल 3700 किलो बारूद इस्तेमाल किया गया। इसके बाद एक धमाके में पूरी बिल्डिंग 12 सेकेंड में नीचे गिर गई। अनुमान है कि इस ध्वस्तीकारण में 80 हजार टन मलबा निकला। ये मलबा तीन माह के भीतर हटाया जाएगा। करीब 15 करोड़ में इस मलबे का सौदा होगा।

बिल्डिंग के ध्वस्तीकरण की कई वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आई है। वीडियो में चंद सेकेंडों में बिल्डिंग को धराशायी होते देखा जा सकता है। इसके बाद इलाके में धूल-धूल दिख रही है।

जानकारी के मुताबिक, 73 मीटर लंबे कुतुब मीनार से भी ऊँचे 102 मीटर के ट्विन टावर को बारूद भरके धमाके के साथ गिराया गया, जिसकी वजह से धूल 3 किलोमीटर तक फैली दिखाई दी। लेकिन प्रशासन ने धूल का प्रभाव जल्द से जल्द कम करने के लिए पानी की व्यवस्था कर रखी थी। प्रदूषण को रोकने के लिए मौके पर एंटी फॉगिंग गन और 75 वाटर टैंक बिलकुल तैयार थे।

यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने ट्विन टावर के नजदीक 6 से ज्यादा अस्थायी मशीन लगाई थीं। इन्हीं की मदद से 31 अगस्त तक वायु प्रदूषण पर निगरानी होगी। रोजाना वायु प्रदूषण के आँकड़े देखे जाएँगे। हवा की गुणवत्ता सूचकांक भी देखा जाएगा। प्रशासन ने बिल्डिंग के आसपास क्षेत्रों में निवासियों से एहतियात के तौर पर मास्क लगाने की अपील की है। आज शाम आसपास के लोग अपने घरों में वापस लौट पाएँगे।

बिल्डिंग के ध्वस्तीकरण पर अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने कहा कि इन अवैध ट्विन टावरों को ध्वस्तीकरण का आदेश सुप्रीम कोर्ट ने दिया था। जिससे यह साबित हुआ कि देश में कानून का राज है। इससे यह संदेश जाएगा कि राज्य में अवैध काम बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

क्यों हुई ट्विन टावर पर कार्रवाई?

बता दें कि सुपरटेक की दोनों बिल्डिंग्स नोएडा सेक्टर 93 यानी एक्सप्रेस-वे की तरफ स्थित थी। इनका नाम- एमरल्ड कोर्ट ट्विन टावर्स था। इन टावर्स में 950 से ज्यादा फ्लैट थे और एक टॉवर 40 मंजिल का था। इनमें सैकड़ों फ्लैट बुक हो चुके थे। पर चूँकि यह एक अवैध कंस्ट्रक्शन था, इसलिए टावर्स को तोड़ने के आदेश  दिए गए थे।

ये कंस्ट्रक्शन सुपरटेक बिल्डर और नोएडा अथॉरिटी की मिलीभगत से किया गया था। जिस जमीन पर दोनों टावर खड़े किए गए थे, वो जगह सुपरटेक की ही थी लेकिन वहाँ पार्क बनना था और सुपरटेक ने 300 करोड़ रुपए लगाकर उस पर 2 बड़े टावर खड़े कर दिए।

साल 2012 में इस अवैध बिल्डिंग का मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट में गया। साल 2014 में इसे अवैध करार दिया गया। 31 अगस्त 2021 को सुप्रीम कोर्ट ने इमारत गिराने का आदेश दिया। 28 अगस्त 2022 को यह बिल्डिंग जमींदोज हुई।

शाकाहारी भोजन के लिए आरक्षित था IIT रुड़की का जो हॉस्टल, अब वहाँ भी नॉनवेज खाना: छात्रों ने किया विरोध, बोले डीन – सबको मनपसंद खाने की छूट

उत्तराखंड में स्थित IIT रुड़की के ‘आजाद भवन’ नामक हॉस्टल की मेस में सप्ताह में दो दिन नॉनवेज भोजन शुरू कर दिया गया। इसके खिलाफ छात्रों ने हॉस्टल के मेस के बाहर 2 दिनों तक बैठ कर धरना दिया। इस संस्थान में जितने भी हॉस्टल हैं, उनमें से केवल इसी के मेस में अब तक मांसाहारी भोजन नहीं बनाया जाता था। ये शुद्ध शाकाहारियों के लिए था।

अमर उजाला’ में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, हॉस्टल के तकरीबन 50 छात्रों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए इस मेस में बनने वाला खाना खाने से इनकार कर दिया। इन सभी छात्रों ने ‘डीन ऑफ स्टूडेंट वेलफेयर (DSW)’ को इस मामले की शिकायत भी की है। संस्थान प्रबंधन ने सभी छात्रों को दोनों तरह का खाना खाने की छूट होने की बात कही है।

IIT रुड़की में 2015 तक छात्रों को सभी मेस में शाकाहारी भोजन ही मिलता था। हालाँकि, कुछ छात्रों ने मांसाहारी भोजन की माँग की और उनके आगे झुकते हुए कॉलेज प्रबंधन ने हॉस्टलों में नॉनवेज खाने का बंदोबस्त किया। लेकिन, ता भी ‘आज़ाद भवन’ हॉस्टल के मेस में शाकाहारी भोजन ही बन रहा था।

असल में शाकाहारी भोजन करने वाले छात्रों ने भी नॉनवेज खाने का विरोध शुरू कर दिया था, जिसके बाद मामले को शांत कराने के लिए ‘आजाद भवन’ हॉस्टल की मेस को सिर्फ शाकाहारी भोजन के लिए आरक्षित किया गया था। तभी से इस हॉस्टल की मेस में केवल वेज खाना बन रहा था, लेकिन अब छात्रों का कहना है कि मेस में नॉनवेज खाने को भी शामिल कर दिया गया है।

यहाँ से शुरू हुआ था पूरा मामला

आईआईटी रुड़की के ‘आजाद भवन’ हॉस्टल के छात्रों को पहली बार रविवार (21 अगस्त, 2022) को नॉनवेज परोसा गया, जिसका उन्होंने विरोध किया। इसके बाद उन्हें बताया गया कि मालूम चला कि बुधवार को भी मेस में नॉनवेज ही परोसा जाएगा। फिर छात्रों ने विरोध को तेज करते हुए, मंगलवार और बुधवार को भी मेस के गेट के बाहर हाथों में थाली लेकर विरोध किया तथा खाना भी नहीं खाया।

छात्रों ने गुरुवार (25 अगस्त, 2022) को नॉनवेज परोसे जाने के विरोध में ‘डीन ऑफ स्टूडेंट वेलफेयर’ को एक लिखित में शिकायत भी सौंपी है। छात्रों की माँग है कि यदि संस्थान कुछ चुनिंदा हॉस्टलों के मेस में ही मांसाहारी भोजन की व्यवस्था करे, ताकि नॉनवेज खाने वाले छात्र वहाँ जाकर खा सकें। छात्र सभी हॉस्टलों के मेस में मांसाहारी भोजन परोसे जाने के खिलाफ हैं।

प्रोफेसर ने विरोध शांत होने की बात कही

IIT रुड़की के DSW प्रोफेसर एमके बरुआ ने कहा, “जो छात्र जिस प्रकार का खाना खाना चाहता है, उसे उसकी छूट मिलनी चाहिए। मेस में नॉनवेज और वेज – दोनों प्रकार के खाने की व्यवस्था है। यदि कोई छात्र वेज खाना चाहता है तो वह वेज ले सकता है। कुछ छात्र शिकायत लेकर आए थे, लेकिन सभी को समझा दिया गया है। अब विरोध जैसी कोई बात नहीं है।”

राजस्थान के छात्र संघ चुनाव में NSUI की बुरी हार, किसी भी यूनिवर्सिटी में नहीं खुला खाता: 16 मंत्रियों के गढ़ में शिकस्त, अगले साल होने हैं विधानसभा चुनाव

राजस्थान के छात्र संघ चुनावों में कॉन्ग्रेस के संगठन NSUI की करारी फजीहत हुई है। ABVP और निर्दलीयों के खाते में ही अधिकतर सीटें गईं। राजस्थान के 11 बड़े शहर तो ऐसे रहे, जहाँ NSUI का खाता तक नहीं खुला। जोधपुर के ‘जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय में’ में SFI के अरविंद सिंह भाटी की जीत हुई, लेकिन इसके लिए भी 8 घंटे का ड्रामा चला। यहाँ NSUI उम्मीदवार हरेंद्र चौधरी के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे वैभव ने चुनाव प्रचार किया था।

जयपुर की ‘राजस्थान यूनिवर्सिटी’ में निर्दलीय निर्मल चौधरी की जीत हुई। दौसा विधायक और कृषि विपणन मंत्री मुरारी लाल मीणा की बेटी निहारिका जोरवाल को हार का सामना करना पड़ा। टिकट कटने के बाद निहारिका निर्दलीय चुनाव लड़ रही थीं, लेकिन उनकी हार हुई। NSUI चौथे स्थान पर रही। उदयपुर के मोहनलाल सुखाडिया यूनिवर्सिटी में सभी पद ABVP के पास चले गए। बीकानेर महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय और अजमेर की महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी में भी ABVP के खाते में ही अध्यक्ष पद गए।

अजमेर भी भी सभी पद ABVP के पास ही गए। भरतपुर के महाराजा सूरजमल यूनिवर्सिटी में भी ABVP का झंडा फहरा। हालाँकि, सीकर के दीन दयाल उपाध्याय यूनिवर्सिटी में SFI का दबदबा रहा। कुल मिला कर राजस्थान की 14 विश्वविद्यालयों में 5 पर ABVP, 2 पर SFI और बाकी 7 पर निर्दलीयों की जीत हुई। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के गृह जिले जोधपुर और सचिन पायलट के निर्वाचन क्षेत्र टोंक में भी NSUI की हार हुई।

कॉन्ग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के इलाके टोंक में भी NSUI की करारी हार हुई। अशोक गहलोत के 16 मंत्रियों के इलाकों में NSUI को जीत नसीब नहीं हुई। इन मंत्रियों का इन विश्वविद्यालयों से सम्बन्ध भी रहा है। छात्र संघ चुनावों में टिकट वितरण को लेकर असंतोष भी जल्द सड़क पर आ सकता है। आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू होने के बाद कॉन्ग्रेस की और फजीहत हो सकती है। अगले साल राजस्थान में विधानसभा चुनाव भी होने हैं।

‘उधर आपदा से निपट रहा था गुजरात, इधर शुरू था साजिशों का दौर’: PM मोदी ने कच्छ को दी ₹4400 करोड़ की सौगात, 470 एकड़ में ‘स्मृति वन’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (28 अगस्त, 2022) को गुजरात के कच्छ में कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने भुज में ‘स्मृति वन’ का भी उद्घाटन किया। 4400 करोड़ रुपए की परियोजनाओं के शुभारंभ के साथ-साथ उन्होंने 3 किलोमीटर का रोडशो भी किया। 2001 में आए भूकंप के मृतकों की याद में 470 एकड़ में ‘स्मृति वन’ बनाया गया है। 948 गाँवों और 10 कस्बों को सिंचाई की सुविधा भी मिली।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरहद डेयरी के एक नए स्वचालित दूध प्रसंस्करण और पैकिंग संयंत्र, भुज में एक क्षेत्रीय विज्ञान केंद्र, गांधीधाम में डॉ बाबासाहेब अंबेडकर कन्वेंशन सेंटर, अंजार में वीर बाल स्मारक और नखतराना में भुज 2 सबस्टेशन का भी उद्घाटन भी किया। सुजुकी के एक कार्यक्रम को भी उन्होंने सम्बोधित किया, जहाँ इलेक्ट्रिक गाड़ियों के निर्माण पर जोर दिया गया। उन्होंने इस दौरान जनसभा को भी सम्बोधित किया।

पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि आज मन बहुत सारी भावनाओं से भरा हुआ है, क्योंकि भुजियो डूंगर में स्मृतिवन मेमोरियल, अंजार में वीर बाल स्मारक का लोकार्पण कच्छ की, गुजरात की, पूरे देश की साझी वेदना का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि इनके निर्माण में सिर्फ पसीना ही नहीं लगा, बल्कि कितने ही परिवारों के आँसुओं ने इसके ईंट-पत्थरों को सींचा है। पीएम मोदी ने कहा कि उन्हें याद है, भूकंप जब आया था तो उसके दूसरे दिन ही वो यहाँ पहुँच गए थे।

उन्होंने याद किया, “तब मैं मुख्यमंत्री नहीं था, साधारण सा कार्यकर्ता था। मुझे नहीं पता था कि मैं कैसे और कितने लोगों की मदद कर पाऊँगा। लेकिन, मैंने ये तय किया कि मैं यहाँ आप सबके बीच में रहूँगा। कच्छ की एक विशेषता तो हमेशा से रही है, जिसकी चर्चा मैं अक्सर करता हूँ। यहाँ रास्ते में चलते-चलते भी कोई व्यक्ति एक सपना बो जाए तो पूरा कच्छ उसको वटवृक्ष बनाने में जुट जाता है। कच्छ के इन्हीं संस्कारों ने हर आशंका, हर आकलन को गलत सिद्ध किया। ऐसा कहने वाले बहुत थे कि अब कच्छ कभी अपने पैरों पर खड़ा नहीं हो पाएगा। लेकिन आज कच्छ के लोगों ने यहाँ की तस्वीर पूरी तरह बदल दी है।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि 2001 में पूरी तरह तबाह होने के बाद से कच्छ में जो काम हुए हैं, वो अकल्पनीय हैं। उन्होंने बताया कि कच्छ में 2003 में क्रांतिगुरु श्यामजी कृष्णवर्मा यूनिवर्सिटी बनी तो वहीं 35 से भी ज्यादा नए कॉलेजों की भी स्थापना की गई है। पीएम ने याद किया कि एक दौर था जब गुजरात पर एक के बाद एक संकट आ रहे थे और प्राकृतिक आपदा से गुजरात निपट ही रहा था, कि साजिशों का दौर शुरू हो गया।

पीएम मोदी ने कहा कि देश और दुनिया में गुजरात को बदनाम करने के लिए, यहाँ निवेश को रोकने के लिए एक के बाद एक साजिशें की गईं। उन्होंने बताया कि कैसे ऐसी स्थिति में भी एक तरफ गुजरात देश में डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट बनाने वाला पहला राज्य बना और इसी एक्ट की प्रेरणा से पूरे देश के लिए भी ऐसा ही कानून बना। पीएम मोदी ने कहा कि देश में आज जो ग्रीन हाउस अभियान चल रहा है, उसमें गुजरात की बहुत बड़ी भूमिका है। उन्होंने कहा कि जब गुजरात, दुनिया भर में ग्रीन हाउस कैपिटल के रूप में अपनी पहचान बनाएगा, तो उसमें कच्छ का बहुत बड़ा योगदान होगा।

पीएम मोदी ने कच्छ की जनता से आगे कहा, “हमारे कच्छ में क्या नहीं है। नगर निर्माण को लेकर हमारी विशेषज्ञता धौलावीरा में दिखती है। पिछले वर्ष ही धौलावीरा को वर्ल्ड हैरिटेज साइट का दर्जा दिया गया है। धौलावीरा की एक-एक ईंट हमारे पूर्वजों के कौशल, उनके ज्ञान-विज्ञान को दर्शाती है। कच्छ का विकास, सबका प्रयास से सार्थक परिवर्तन का एक उत्तम उदाहरण है। कच्छ सिर्फ एक स्थान नहीं है, बल्कि ये एक स्पिरिट है, एक जीती-जागती भावना है। ये वो भावना है, जो हमें आज़ादी के अमृतकाल के विराट संकल्पों की सिद्धि का रास्ता दिखाती है।”

‘सोनम अली ने धमकी देकर बीफ खिलाया, भाई मुख्तार के साथ किया प्रताड़ित’ : तंग आकर लिव-इन पार्टनर राहुल सिंह ने लगाई फाँसी, FB पोस्ट देख हुई गिरफ्तारी

गुजरात के सूरत में पुलिस ने एक मुस्लिम युवती और उसके भाई को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किया है। युवती की पहचान सोनम अली और उसके भाई की पहचान मुख्तार अली के तौर पर हुई है। युवती पर आरोप है कि उसने मुख्तार के साथ मिल अपने लिव-इन पार्टनर राहुल सिंह को प्रताड़ित किया और बीफ खिलाय़ा, जिसके कारण राहुल सिंह ने जून में आत्महत्या की।

इस मामले में शिकायत राहुल की माँ वीना देवी ने दायर की है। इससे पहले सोनम अली ने 27 जून 2022 को पुलिस को बताया था कि उसके लिव इन पार्टनर ने फाँसी लगा ली। शिकायत के मुताबिक वो सोनम के दुपट्टे से पंखे पर लटका। इसके बाद प्राथमिक जाँच हुई और पुलिस ने इसे एक्सिडेंटल डेथ का मामला घोषित कर दिया। मगर अब इस संबंध में राहुल की माँ ने शिकायत दी है।

राहुल सिंह की माँ ने जानकारी दी कि उनका बेटा राहुल, सोनम अली से शादी करना चाहता था, लेकिन वो लोग इसके खिलाफ थे। इसलिए उनके बेटे ने सबकुछ छोड़ सोनम के संग रहना शुरू कर दिया। एक साल पहले से वो सोनम के साथ रहने लगा था और परिवार से किसी प्रकार से कोई संपर्क नहीं करता था। परिवार को ये तक नहीं मालूम था कि सोनम अली और राहुल की शादी हुई है या नहीं।

वीना देवी ने बताया कि वह लोग यूपी के प्रतापगढ़ के रहने वाले हैं। वहीं के कुछ लोग राहुल की फ्रेंड लिस्ट में थे। उन्हीं के जरिए सबको राहुल की सुसाइड का पता चला। इसके साथ वो फेसबुक नोट भी मिला जिसमें आत्महत्या की वजह थी। वीना देवी ने यह पोस्ट और सारी जानकारी पुलिस को दे दी।

पुलिस ने बताया, “परिवार ने हमें फेसबुक पेज की जानकारी दी। हम और अधिक जानकारी इकट्ठा करने की कोशिश कर रहे हैं। सुसाइड नोट में लिखा है कि सोनम अली और मुख्तार ने राहुल सिंह को धमकी दी थी कि अगर वो खाने में बीफ नहीं खाता है तो उसे मार दिया जाएगा। राहुल ने नोट में बताया हुआ है कि वो इन्हीं प्रताड़नाओं के चलते आत्महत्या कर रहा है। उसने नोट में अन्य प्रताड़नाओं का जिक्र नहीं किया है।”

मृतक की माँ ने बताया कि वो अपने बेटे से संपर्क न हो पाने के कारण सारी चीजों से अंजान थीं। वह लोग कुछ ही समय पहले प्रदेश में आए थे और एक मिल में काम करते थे। सोनम को लेकर राहुल के घरवाले बताते हैं कि उनकी मुलाकात ऑफिस में हुई थी। इसके बाद से वो सोनम से शादी करना चाहता था। पुलिस के मुताबिक सोनम और राहुल साथ जरूर रहते थे लेकिन दोनों की शादी के दस्तावेज उन्हें नहीं मिले हैं।

‘कार्तिकेय 2’ के हीरो ने ‘सोशल मीडिया वॉरियर्स’ का किया धन्यवाद, हिंदी भाषी दर्शकों के नाम सन्देश: प्रोड्यूसर अभिषेक अग्रवाल की भी हो रही तारीफ़

निखिल सिद्धार्थ अभिनीत फिल्म ‘कार्तिकेय 2’ भले ही अपने तीसरे हफ्ते में प्रवेश कर गई हो, लेकिन इसकी कमाई का सिलसिला अब भी जारी है। फिल्म 100 करोड़ रुपए की कमाई के करीब पहुँच गई है, जिसके बाद टीम ने कुर्नूल में जनता के बीच जश्न भी मनाया। वहीं अब फिल्म के लीड एक्टर निखिल सिद्धार्थ ने हिंदी बेल्ट में इसकी कमाई को लेकर दर्शकों को धन्यवाद दिया है। उन्होंने एक वीडियो के जरिए हिन्दीभाषी दर्शकों को शुक्रिया कहा। हाल ही में प्रभाष और पवन कल्याण के बाद तेलुगु अभिनेता राम चरण ने भी फिल्म की तारीफ़ की है।

वीडियो में निखिल सिद्धार्थ ने कहा, “मैं आप सभी को एक चीज बोलना चाहता हूँ। साल में मैं आप सबका धन्यवाद करना चाहता हूँ। आप सब ने ‘कार्तिकेय 2’ को इतना सारा प्यार दिया। हमने मात्र 50 स्क्रीन्स से शुरू किया है, लेकिन आज पूरे भारत में 1000 से अधिक थिएटरों में फिल्म चल रही है। ये हमारे लिए बहुत ख़ुशी की बात है। हम गुजरात आ रहे हैं, वहाँ फिल्म काफी अच्छी चल रही है। पूरे देश में अच्छी चल रही है। दिल्ली, पटना और यहाँ तक कि उत्तर-पूर्व में भी।”

हिंदी भाषा में ‘कार्तिकेय 2’ ने 20 करोड़ रुपए की नेट कमाई का आँकड़ा पार कर लिया है। इस पर भी निखिल सिद्धार्थ ने ख़ुशी जताई। उन्होंने सोशल मीडिया वॉरियर्स को भी धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने इस फिल्म का अपनी फिल्म की तरह प्रचार-प्रसार किया। उन्होंने ऐसे लोगों को सलाम करते हुए कहा कि हमारा समर्थन करते रहिए। उन्होंने कहा कि ये फिल्म भगवान श्रीकृष्ण के ऊपर है, जिसमें अपनी संस्कृति के बारे में बताते हुए सच्चाई दिखाई गई।

निखिल सिद्धार्थ ने कहा कि उन सभी लोगों का धन्यवाद, जो इस फिल्म को थिएटरों में देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि हर भारतवासी को इस फिल्म को देखना चाहिए। अभिनेता ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि वो अपने परिवार और बच्चों के साथ जाकर इस फिल्म को देखें। उन्होंने खासकर हिंदी भाषा के दर्शकों के नाम ये सन्देश जारी किया। 37 वर्षीय निखिल सिद्धार्थ के अलावा इस फिल्म में श्रीनिवास रेड्डी और अनुपम खेर भी हैं।

वहीं लोग इस फिल्म के निर्माता अभिषेक अग्रवाल की भी तारीफ़ कर रहे हैं, जो ‘द कश्मीर फाइल्स’ के प्रोड्यूसर भी थे। ‘रैपर पंडित’ नामक ट्विटर हैंडल ने लिखा, “धर्म को आगे बढ़ाने में वैश्य समाज हमेशा से आगे रहा है। चाहे ‘गीताप्रेस गोरखपुर’ की स्थापना करना हो या फिर स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेना। मैं वैश्य समुदाय को सलाम करता हूँ।” अभिषेक अग्रवाल ने इस ट्वीट को कोट करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया। लोगों ने कहा कि सभी समाज के साथ मिल कर इसी तरह हिन्दू धर्म को आगे बढ़ाते रहें।

प्रेमिका हुई फेल तो प्रेमी ने स्कूल ही फूँक डाला, सारे कागजात जल कर हुए खाक: घर में पता लगने पर शादी टूटने का था डर

मिस्र से एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। यहाँ एक शख्स ने अपनी मंगेतर के फेल होने पर उसके स्कूल को आग के हवाले कर दिया है। इस घटना में स्कूल में रखे सारे कागजात जल गए। पुलिस ने इस युवक को गिरफ्तार कर लिया है।

दरअसल मिस्र के मेनोफिया राज्य में एक शख्स का एक एक लड़की से शादी तय हुई थी। जिस लड़की की शादी होने वाली वह परीक्षा में फेल हो गई। इसके बाद लड़का हताश हो गया। उसे लगा कि यदि लड़की के फेल होने की जानकारी घर वालों को लगेगी तो उसकी शादी टूट जाएगी।

ये सोचकर उसने एक हैरतअंगेज उपाय निकाला। उसने उस स्कूल को ही आग लगाकर जला डाला, जिसमें उसकी मंगेतर पढ़ती थी। लड़का और लड़की एक स्कूल के साथ पढ़ते थे। दोनों के बीच प्रेम संबंध था और परीक्षा के बाद दोनों की शादी होने वाली थी।

इस घटना की जानकारी तब लोगों को हुई, जब लगाने के बाद भागते हुए 21 वर्षीय लड़के को लोगों ने देखा। घटनास्थल से भागने के बाद लड़का अपने गाँव में जाकर छिप गया। लोगों की निशानदेही पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। लड़के ने भी अपना गुनाह कबूल कर लिया है।

आगजनी की इस घटना में स्कूल के प्रिंसिपल का कार्यालय और प्रशासन ब्लॉक क्षतिग्रस्त हो गया है। वहीं, आग में विद्यार्थियों का पूरा रिकॉर्ड जलकर राख हो गया। हालाँकि, इस घटना में किसी व्यक्ति को कोई नुकसान नहीं हुआ है।

सोशल मीडिया पर इस घटना की खूब चर्चा हो रही है और लोग कह रहे हैं कि वाकई प्यार अंधा होता है।

जिस हिंदू लड़की को शाहरुख हुसैन ने पेट्रोल फेंक जलाया, उसने इलाज के वक्त दम तोड़ा: बार-बार कह रही थी – बता दो बचूँगी या नहीं

झारखंड में जिस अंकिता कुमारी के ऊपर शाहरुख हुसैन नाम के लड़के ने पेट्रोल छिड़कर आग लगाई थी, उस अंकिता ने बीती रात अस्पताल में इलाज के दौरान अपनी अंतिम साँस ली। स्वराज्य की पत्रकार स्वाति गोयल शर्मा ने यह जानकारी अपने ट्वीट में दी।

स्वाति गोयल शर्मा ने अंकिता की चंद तस्वीरें साझा कर बताया, “झारखंड की लड़की अंकिता जिसपर उसके पड़ोसी शाहरुख ने पेट्रोल छिड़क कर आग लगाई ती, उसने बीती रात दम तोड़ दिया। उसके पिता संजीव सिंह ने बताया कि 2:30 बजे अंकिता ने अपनी अंतिम साँस ली थी। शाम तक वह यही पूछ रही थी, ‘मुझे ईमानदारी से बता दो मैं जिंदा बचूँगी या नहीं।’ “

रिम्स अस्पताल में अंकिता के दम तोड़ने के बाद उसके माता-पिता का रो रोकर बुरा हाल है। वहीं घटना से पूरे दुमका जिले में आक्रोश है। हिंदू संगठनों ने विरोध मार्च और बंदी का ऐलान किया है। शाहरुख को फास्ट ट्रैक में लेकर फाँसी दी जाए, ये माँग हर जगह हो रही है।

सोते में शाहरुख हुसैन ने फेंका था पेट्रोल

बता दें कि झारखंड के दुमका में अंकिता के ऊपर हमला मंगलवार (23 अगस्त) की सुबह हुआ था। अंकिता ने गंभीर अवस्था में पुलिस को यह जानकारी दी थी कि बगल वाला शाहरुख उसे आए दिन तंग करता था। उसे दोस्ती के लिए कहता था। लेकिन अंकिता ने जब बात नहीं मानी, उसे डाँटा, तो उसने उसे जान से मारने की धमकी दी।

अंकिता ने इस बारे में सोमवार को अपने पिता से कहा। इसके बाद वह सोने चली गई। अगली सुबह जब वह उठी तो उसने पाया कि उसकी पीठ जल रही थी। वह दौड़ते हुए अपने पिता के कमरे में गई, सबने बड़ी मुश्किल से आग को बुझाया और अस्पताल लेकर गए।

अस्पताल में मालूम चला कि अंकिता 90 फीसदी जल चुकी थी। तस्वीरों में देखा जा सकता था कि कैसे उसके हाथ-पाँव जल गए थे। अधिकारियों ने अंकिता और उसके परिजनों का बयान लेकर शाहरुख को उसी दिन गिरफ्तार कर लिया था। घरवालों को उम्मीद थी कि शायद अंकिता बच जाए। लेकिन शरीर ज्यादा जल जाने की वजह से वो रिकवर नहीं कर पाई और 2:30 बजे देहांत हो गया।