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‘हत्या से पहले BJP की महिला नेता का हुआ बलात्कार, फार्महाउस से लैपटॉप-मोबाइल गायब’: परिवार ने की शिकायत, PA पर घूमी शक की सूई

भाजपा नेता और टिकटॉक स्टार सोनाली फोगाट (Sonali Phogat) की मौत के मामले में नया खुलासा हुआ है। सोनाली फोगाट के फार्म हाउस से उनका लैपटॉप, मोबाइल और सीसीटीवी की हार्ड डिस्क चोरी हो गई है। इसके साथ ही मीडिया रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि गोवा पुलिस ने सोनाली फोगाट के पीए सुधीर सांगवान को हिरासत में ले लिया है। सुधीर ने ही सबसे पहले परिवार को सोनाली की मौत की सूचना दी थी।

सोनाली के परिजनों ने आरोप लगाया है कि PA सुधीर सांगवान बार-बार अपना बयान बदल रहा है। कभी वह कह रहा है कि रात 2 बजे सोनाली की तबीयत खराब हुई। कभी कह रहा है कि सुबह वो बीमार पड़ीं। वहीं, गोवा पुलिस ने पीए को हिरासत में लेने की बात से इनकार किया है। डीएसपी दलवी ने कहा कि ऐसा नहीं है, वे इस मामले में जाँच कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अभी तक सुधीर को कस्‍टडी में नहीं लिया गया है, इसीलिए वायरल खबर सही नहीं है।

परिवार ने चौंकाने वाला दावा किया है कि हत्या से पहले सोनाली फोगाट के साथ बलात्कार भी किया गया था। सोनाली फोगाट के छोटे भाई फतेहाबाद के भूथनकलाँ गाँव निवासी रिंकू ने आरोप लगाया है कि सुधीर और सोनाली फोगाट के दोस्त सुखविंदर ने खाने में नशीली वस्तु देकर सोनाली फोगाट के साथ रेप किया। परिवार का आरोप है कि ये दोनों वीडियो बना कर ब्लैकमेल भी कर रहे थे। उन्होंने पुलिस को लिखी शिकायत में सुधीर पर सोनाली की संपत्ति हड़पने के लिए साजिश करने का आरोप भी लगाया है।

इस शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 3 साल पहले भी सुधीर ने खाने में नशीला पदार्थ मिला कर खिला दिया था और सोनाली का रेप किया था। बताया गया है कि दिंवगत अभिनेत्री ने अपने जीजा को कॉल कर के बात बताई थी। घर में 2016 में हुई एक चोरी के बाद सुधीर ही खाने-पीने के इंतजाम देखता था। आरोप है कि ये चोरी उसने ही कराई थी। घर की चाबियाँ भी उसके पास ही रहती थीं। साथ ही सारे लेनदेन और कागजी दस्तावेज भी वही देखता था।

सुधीर सांगवान बीते करीब चार से पाँच सालों से सोनाली फोगाट का सारा काम संभालते आ रहा है। सोनाली के भांजे एडवोकेट विकास ने भी ‘बिग बॉस’ की एक्स कंटेस्टेंट की मौत का जिम्मेदार सुधीर सांगवान को ठहराया है। विकास ने पीए पर आरोप लगाते हुए कहा है कि उसने ही सोनाली फोगाट की मौत की साजिश रची। वह उनके साथ गोवा में मौजूद था। एडवोकेट ने यह भी कहा कि सुधीर सांगवान के कहने पर फार्म हाउस से लैपटॉप और जरूरी सामान उठा लिया गया है, जिसमें सारे डाटा, जमीन और प्रॉपर्टी के कागजात भी सेव थे।

सोनाली की मौत 22 अगस्त, 2022 की रात हुई थी। उन्हें नॉर्थ गोवा स्थित अंजुना के सेंट एंथोनी हॉस्पिटल लाया गया था। उन्होंने बेचैनी की शिकायत की थी, जहाँ उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

गौरतलब है कि सोनाली फोगाट की गोवा में संदिग्ध मौत को उनकी बहन ने साजिश करार दिया था। बहन रूपेश ने मंगलवार (23 अगस्त, 2022) को बताया था कि सोनाली फोगाट ने 22 अगस्त 2022 की सुबह माँ से बात की थी। उन्होंने माँ से कहा था, “मुझे कुछ गड़बड़ लग रही है। ऐसा लग रहा है कि मेरे खिलाफ कोई साजिश हो रही है।” रूपेश ने यह भी बताया, “सोनाली ने माँ को खाने में गड़बड़ी होने की बात भी बताई थी। उसने कहा था कि खाने का असर उसके शरीर पर पड़ रहा है। इसलिए परिवार को शक है कि उसकी हत्या की गई है। इस मामले में CBI जाँच होनी चाहिए।”

थाईलैंड बीच पर ‘सिर कटी लाश’, पर्यटकों ने घबराकर रेस्क्यू टीम को कॉल किया: पुलिस ने देखा तो निकली ₹44161 की सेक्स डॉल

थाईलैंड के छोनबुरी प्रांत के बैंग सेन बीच (Bang Saen Beach) पर बीते दिनों एक सिर कटी नंगी बॉडी मिली थी, जिसे देख लोग इतना डर गए थे कि कोई आगे जाने को तैयार भी नहीं था। सामने आई तस्वीर भी ऐसी ही थी जैसे किसी ने हत्या करके उस लाश को बीच किनारे फेंक दिया है।

हालाँकि अब इस लाश का रहस्या खुलासा है और ये बात पता चली है कि वो कोई इंसानी शरीर नहीं बल्कि पूरी इंसान जैसी दिखने वाली सेक्स डॉल थी। बता दें कि बीच के पास इस सेक्स डॉल को देख कई लोग घबराहट से भर गए थे। उन्होंने खुद जाकर देखने की बजाय पुलिस को इसकी सूचना दी थी।

जब पुलिस ने इसे देखा तो पाया कि ये सेक्स डॉल बहुत ज्यादा असली दिख रही थी। इसी कारण लोग धोखा खा गए। पुलिस ने आश्वस्त किया कि बीच पर लोगों को कोई खतरा नहीं हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया से सामने आई तस्वीरों से पता चला है कि ये सेक्स डॉल एक जापानी सेक्स डॉल थी। जिसे-एवी आइडल कहा जाता है। इसकी कीमत 500 डॉलर यानी कि 44,161.31 रुपया है। नेटीजन्स भी इस फोटो को देख हैरान हैं कि निर्जीव डॉल इतना ह्यूमन बॉडी जैसे कैसे दिख सकती है।

बता दें कि पुलिस ने बताया 18 अगस्त को बीच पर मौजूद लोगों ने रेस्क्यू टीम को बताया था कि वहाँ एक शव नंगा पड़ा है। अधिकारियों ने उसे देखा तो वो बॉडी औरत की लगी। पास जाने पर पता चला कि वो एवी डॉल है। उसका सिर गायब था और नीचे का हिस्सा खुला था। पुलिस ने कहा,

“हमें लगता है कि समुद्र में आने से पहले डॉल को नदी या किसी झरने में फेंका गया जो किनारे आकर मिट्टी पर रुक गई थी। अब उसे किनारे से हटा दिया गया है ताकि पर्यटक डरें न। अगर कोई व्यक्ति दावा करता है कि ये गुड़िया उसकी है तो वो इसे रेस्क्यू टीम स्टेशन से ले जा सकता है।”

बिहार से लेकर गुरुग्राम तक CBI की रेड, बोले तेजस्वी यादव- जिस मॉल पर पड़ा छापा वो मेरा नहीं: जमीन के बदले रेलवे में नौकरी देने का मामला

जमीन के बदले नौकरी देेने के मामले में बिहार और हरियाणा के 25 ठिकानों पर सीबीआई (CBI) ने बुधवार (24 अगस्त 2022) को छापेमारी की। ये ठिकाने बिहार के उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव (Bihar Deputy CM Tejaswi Yadav) और उनसे जुड़े लोगों के बताए जा रहे हैं।

हरियाणा के गुरुग्राम (Gurugram) में CBI ने तीन ठिकानों पर रेड की। इनमें से एक अर्बन क्यूब्स मॉल (Urban Cubes Mall) भी शामिल है। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि गुरुग्राम के सेक्टर-71 स्थित यह मॉल तेजस्वी यादव का है। हालाँकि, तेजस्वी ने इससे इनकार किया है।

अर्बन क्यूब्स मॉल के अलावा के अन्य दो जगह भी CBI के निशाने पर है। इनमें से एक लोकेशन सेक्टर 65 का है, जहाँ तेस्वी की कंपनी मेडवास का ऑफिस बताया जा रहा है। वहीं, तीसरा लेकेशन सेक्टर 42 में स्थित गोल्फ व्यू कॉरपोरेट टावर के 7वीं मंजिल पर स्थित लैंडबेस प्राइवेट लिमिटेड। ये दोनों भी तेजस्वी से जुड़े बताए जा रहे हैं।

हालाँकि, अर्बन क्यूब्स मॉल (Urban Cubes Mall) का मालिक होने से तेजस्वी ने इनकार किया है। तेजस्वी ने कहा, “गुरुग्राम के जिस मॉल में सीबीआई ने छापा मारा है, वह मेरा नहीं है। इसका उद्घाटन बीजेपी सांसद ने किया था।”

सीबीआई ने यह छापेमारी जमीन के बदले नौकरी घोटाला मामले में की है। एजेंसी ने 23 सितंबर 2021 को इस मामले में FIR की थी। इस घोटाले को बहुत ही शातिर तरीके से अंजाम दिया गया था। जिन उम्मीदवारों से जमीनें ली गई थीं, उन्हें नौकरी देने के लिए रेलवे अधिकारियों ने अनुचित तरीके से जल्दबाजी में आवेदन मँगाए और तीन दिनों के भीतर समूह ‘डी’ पदों पर स्थानापन्न के रूप में नियुक्त कर दिया। बाद में उनकी नौकरी को नियमित कर दिया गया था।

जिस समय पर इस घोटाले को अंजाम दिया गया, उस समय रेल मंत्री लालू यादव थे। लालू यादव के करीबी भोला यादव उनके OSD हुआ करते थे और वही इन सब चीजों को मैनेज करते थे। बाद में सीबीआई ने भोला यादव को अरेस्ट कर लिया था।

इतना ही नहीं, इस मामले में लालू यादव की पत्नी और तेजस्वी यादव की माँ राबड़ी देवी के पटना स्थित आवास पर भी सीबीआई ने छापेमारी की थी। उस दौरान तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव के कमरों की भी तलाशी ली गई थी। वहाँ कई दस्तावेज बरामद करने की बात सामने आई थी।

2600 बेड, 500 ICU, ₹6000 करोड़ की लागत: PM मोदी ने किया एशिया के सबसे बड़े प्राइवेट हॉस्पिटल ‘अमृता’ का उद्घाटन, जानें क्या है ख़ास

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज बुधवार (24 अगस्त, 2022) को हरियाणा के फरीदाबाद में ‘अमृता हॉस्पिटल’ का उद्घाटन किया जिसे देश का सबसे बड़ा प्राइवेट हॉस्पिटल माना जा रहा है। माता अमृतानंदमयी देवी ने इसे स्थापित किया है, जिन्हें प्यार से अम्मा के नाम से जाना जाता है। राष्ट्रीय राजधानी के बाहरी इलाके फरीदाबाद में 133 एकड़ में बने इस अस्पताल में 2600 बेड हैं। जिसका निर्माण अंतिम चरण में है। इस अस्पताल को बनाने पर करीब 6000 करोड़ रुपए खर्च होंगे। यहाँ 500 ICU बेड होंगे, 81 स्पेशिलिटीज़ और 8 सेंटर ऑफ एक्सिलेंस होंगे। इसमें 64 फुल नेटवर्क वाले मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर और 534 क्रिटिकल केयर बेड भी होंगे।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इलाज की अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस इस अस्पताल का प्रबंधन माता अमृतानन्दमयी मठ द्वारा किया जाएगा। इस मौके पर PM मोदी ने कहा, “अमृता अस्पताल के रूप में माँ अमृतानंदमयी ने हमें आशीर्वाद दिया है। कुछ दिन पहले ही देश ने आजादी के अमृतकाल में प्रवेश किया है। मुझे खुशी है कि अमृतकाल की प्रथम बेला में देश को माँ अमृतानंदमयी के आशीर्वाद का अमृत मिला है।”

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “आधुनिकता और आध्यात्मिकता का समागम यह अस्पताल गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों की सेवा, सुलभ और प्रभावी इलाज का माध्यम बनेगा। अम्मा प्रेम, करूणा, सेवा और त्याग की प्रतिमूर्ति हैं। वह भारत की आध्यात्मिक परंपरा की वाहक हैं। उनका जीवन संदेश हमें महाउपनिषदों में मिलता है।”

इस अवसर पर PM मोदी ने कहा, “अम्मा ने स्वच्छ भारत और नमामि गंगे अभियान में भी अहम योगदान दिया है।” पीएम मोदी ने कहा, “यह भी पुरातन समय के जैसे एक तरह का PPP मॉडल है। मैं पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप नहीं, इसे परस्पर प्रयास के तौर पर देखता हूँ। पीएम ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए प्रभावी PPP मॉडल तैयार किया जा रहा है।”

गौरतलब है कि अब तक इस अस्पताल में कुल 4,000 करोड़ रुपए खर्च क‍िए जा चुके हैं। इसमें एक फोर स्‍टार होटल, एक मेडिकल कॉलेज, एक नर्सिंग कॉलेज, संबद्ध स्वास्थ्य विज्ञान के लिए एक कॉलेज, एक पुनर्वास केंद्र, रोगियों के लिए एक हेलीपैड और कई अन्य सुविधाओं के साथ रोगियों के परिवार के लोगों के लिए 498 कमरों वाला गेस्टहाउस भी बन रहा है।

वहीं पहले चरण में अस्पताल का लक्ष्य 550 बिस्तरों को लॉन्च करना है और फिर अगले 18 महीनों में इसे 750 में अपग्रेड करना है। अस्पताल 2027-2029 के बीच अपने तय लक्ष्य को पूर्णता में हासिल करेगा। बता दें कि उद्धाटन के मौके पर हरियाणा के गवर्नर बंडारू दत्तात्रेय, मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्‌टर, उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला, केंद्रीय मंत्री और फरीदाबाद से सांसद कृष्ण पाल गुर्जर, गुरु माता अमृतानंदमयी भी उनके साथ मौजूद रहीं।

झारखंड में ED के हाथ लगे 2 AK-47, आलमारी में सजाकर रखे हुए थे: CM हेमंत सोरेन के करीबियों के 17 ठिकानों पर रेड

झारखंड (Jharkhand) से एक बड़ी खबर आ रही है। प्रदेश के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नजदीकी और दलाल प्रेम प्रकाश उर्फ पीपी के घर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छापेमारी की है। सूत्रों के हवाले से मीडिया रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि प्रेम प्रकाश के राँची के हरमू स्थित घर पर छापेमारी में ED को दो AK-47 मिले हैं।

इसके अलावा, प्रेम प्रकाश के सासाराम स्थित बैंक कालोनी के गोरक्षणी मुहल्ला स्थित आवास में भी सुबह से ही ईडी की छापेमारी चल रही है। वहीं, प्रेम प्रकाश के मामा रतन श्रीवास्तव के यहाँ भी छापेमारी हो रही है। इसके अलावा, प्रेम प्रकाश के करीबी और कोयला व्यापारी एमके झा के आवास पर रेड डाली गई है।

दो AK-47 की बरामदगी के बाद ED सहित विभिन्न एजेेंसियाँ इन हथियारों की जानकारी जुटा रही है। एजेेंसियाँ यह भी जानने का प्रयास कर रही हैं कि ये घातक हथियार रखने का क्या उद्देशय हो सकता है। वहीं, प्रतिबंधित माओवादियों से से संबंधों की भी जाँच की जा सकती है। बता दें कि भारत में आम लोगों को AK-47 राइफल रखना प्रतिबंधित है।

बता देें कि अवैध खनन पट्टा के मामले में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जाँच के घेरे में है। उनके कई करीबी भी छापेमारी के दायरे में आ चुके हैं। इसके पहले सोरेन की करीबी IAS पूजा सिंघल के घर छापेमारी हो चुकी है और वहाँ से करोड़ों की नकदी बरामद की जा चुकी है। वहीं, साधारण मेडिकल दुकानदार से राँची में हॉस्पिटल के मालिक बने पूजा के दूसरे पति अभिषेक झा के घर भी ED छापेमारी कर चुकी है।

प्रेम प्रकाश नेताओं और अधिकारियों का करीबी बताया जाता है। उससे जुड़े 17 ठिकानों पर ED की छापेमारी चल रही है। ये ठिकाने झारखंड, बिहार, दिल्ली व तमिलनाडु के बताए जा रहे हैं। अवैध खनन और मनरेगा घोटाले में जाँच के दौरान प्रेम प्रकाश का नाम सामने आया था। इसके बाद ED ने लंबे समय तक उससे पूछताछ की थी ।

पूछताछ के आधार पर ED ने उससे जुड़े लगभग दर्जन भर ठिकानों पर छापेमारी भी की थी। तब ED को विदेशी नस्ल का कछुआ और करोड़ों रुपए के लेनदेन से संबंधित दस्तावेज मिले थे। वहीं, इस बार जारी छापेमारी में दो AK-47 मिलने की बात कही जा रही है। प्रेम प्रकाश राजनेताओं और नौकरशाहों की मिलीभगत से ट्रांसफर-पोस्टिंग कराने से लेकर ठेका दिलाने तक की दलाली का काम करता था।

निलंबित IAS पूजा सिंघल की जाँच के दौरान नाम आया था सामने

राँची के खूंटी में हुए मनरेगा घोटाले में ED ने IAS पूजा सिंघल और चार्टर्ड अकाउंटेंट सुमन कुमार को गिरफ्तार किया था। कभी रिम्स के आगे दवा की दुकान चलाने वाले ने पूजा सिंघल से नजदीकी बढ़ाई और पूजा सिंघल से शादी कर ली। इसके बाद झा ने सिंघल की मदद से करोड़ों रुपए के हेरफेर कर पल्स हॉस्पिटल खड़ा कर लिया।

पूजा सिंघल और उनके चार्टर्ड अकाउंटेंट को रिमांड पर लेकर ED ने जब पूछताछ की थी। उसके बाद एक अन्य बिचौलिया पंकज मिश्रा को अवैध खनन मामले में ED ने 19 जुलाई 2022 को गिरफ्तार किया था। मिश्रा से ही प्रेम प्रकाश के नाम का खुलासा हुआ। ED को जानकारी मिली कि पांडेय सत्ता के करीब रहता है और दलाली का काम करता है।

अंडा सप्लाई से ट्रांसफर-पोस्टिंग तक

प्रेम प्रकाश के दलाल बनने की भी एक अलग कहानी है। प्रेम प्रकाश छोटा-मोटा पेटी कॉन्ट्रैक्टर था। साल 2015 में झारखंड के सचिव स्तर के एक अधिकारी ने प्रेम प्रकाश को मिड-डे मील योजना में अंडा सप्लाई का काम दिया। इसके बाद उसकी हैसियत बढ़ती चली गई। वह आधा दर्जन IAS अधिकारियों से संपर्क बना लिया।

साल 2019 में हेमंत सोरेन की सरकार बदलने के साथ ही प्रेम प्रकाश की किस्मत भी बदल गई। अब वह सत्ता का करीबी बन गया और बड़े-बड़े अधिकारियों का ट्रांसफर-पोस्टिंग कराने लगा। अंडे का सप्लाई करने वाला प्रेम प्रकाश अब पीपी के नाम से पहचाना जाने लगा।

‘मेरे लिए पार्टी से पहले धर्म रक्षा जरूरी’: BJP से निलंबित MLA टी राजा सिंह बोले- हमेशा मोदी का विश्वस्त रहूँगा, बेल दिलाने वाले वकील को भी मिल रही धमकी

हैदराबाद में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के निलंबित विधायक टी राजा सिंह बेल मिलने के बाद रिहा हैं। कट्टरपंथी दोबारा वीडियो के आधार पर उनकी गिरफ्तारी की माँग कर रहे हैं। वहीं इस बीच उनका कहना है कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं कहा। वह हमेशा नरेंद्र मोदी और अमित शाह के सच्चे सैनिक रहेंगे। लेकिन उनके लिए धर्म की रक्षा पहले है।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा, “मेरे लिए पार्टी से ज्यादा, धर्म को बचाना जरूरी है।” उन्होंने विवादित वीडियो के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से हटाए जाने पर कहा कि वो उस वीडियो का पार्ट-2 भी लेकर आएँगे जिसमें और भी बातें होंगी।

टी राजा सिंह की वीडियो, गिरफ्तारी और बेल

बता दें कि टी राजा सिंह पहले मुनव्वर फारूकी के शो के विरोध में आवाज उठा रहे थे। इसी क्रम में उन्होंने अपनी वीडियो बनाई और उसमें इस्लाम व बुजुर्ग व्यक्ति के बारे में बात करने लगे। इसी वीडियो को देख मुस्लिमों ने आरोप लगाया कि उन्होंने पैगंबर मोहम्मद पर अपमानजनक टिप्पणी की। इसके बाद वह सभी सैंकड़ों की भीड़ जुटाकर सड़कों पर आ गए

टी राजा सिंह के खिलाफ दबीरापुरा और मंगलहाट पुलिस थानों में अलग-अलग केस दर्ज हुआ। उनपर दो संप्रदाय को भड़काने के आरोप लगे। मंगलवार की सुबह उनकी गिरफ्तारी हुई, दोपहर में बीजेपी ने उन्हें पार्टी से निलंबित किया और फिर कोर्ट ने उन्हें 14 दिन न्यायिक हिरासत में भेजा।

मंगलवार की शाम में ही राजा सिंह के वकील ने उनकी रिहाई के लिए बेल याचिका दी। इसमें बताया गया कि कैसे उनको बिन नोटिस दिए गिरफ्तार किया गया है। कोर्ट ने दलील को स्वीकारा और बेल मंजूर की।

टी राजा सिंह के रिहा होने के बाद राज्य में बवाल, वकील को भी UAE से धमकी मिली

राजा सिंह के रिहा होते ही हैदराबाद में चारों ओर दोबारा विरोध शुरू हो गया। कट्टरपंथी बाहर सड़कों पर आए और दोबारा हर जगह ‘सर तन से जुदा गूँजने लगा।’ इसी दौरान राजा सिंह के वकील को यूएई के नंबरों से 3 बार जान से मारने की धमकी आई

हैदराबाद के शालीबांदा में तो पुलिस के साथ प्रदर्शनकारियों की हिंसक झड़प की घटना घटी। पुलिस वैन में भी कथिततौर पर प्रदर्शनकारियों ने तोड़फोड़ की। इसके अलावा बाजारों से दुकानें जबरन बंद कराने की, राजा सिंह के पोस्टर्स पर चप्पल मारने की, उनका पुतला जलाने की घटना भी प्रकाश में आई।

‘इतिहास में जनजातीय वीरों का नहीं किया गया ठीक से वर्णन’: 125 विश्वविद्यालयों में NCST के कार्यक्रम, बताया जा रहा जनजातीय नायकों का योगदान

स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय नायकों के योगदान पर छत्तीसगढ़ के बस्तर स्थित शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय से कार्यक्रमों की शुरुआत हुई। देश भर के 125 विश्विद्यालयों में इसके तहत कार्यक्रम आयोजित किए जाने का निर्णय लिया गया है। ‘राष्‍ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST)’ आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत ऐसे कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। बस्तर में हुए कार्यक्रम में 300 से ज्‍यादा छात्रों ने हिस्सा लिया।

कई विद्वानों, प्रोफेसरों और जनजातीय विषयों के इतिहासकार व बुद्धिजीवी इसमें शामिल हुए। ‘आजादी के अमृत महोत्‍सव’ के तहत ‘राष्‍ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग’ देश भर के 125 विश्वविद्यालयों के साथ मिल कर स्‍वतंत्रता संग्राम में जनजातीय नायकों के योगदान पर कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। इस श्रृंखला के तहत मंगलवार (23 अगस्त, 2022) से बस्‍तर स्थित शहीद महेंद्र कर्मा विश्‍व‍विद्यालय में कार्यक्रम की शुरुआत हुई।

यूनिवर्सिटी के ‘स्‍वामी आत्‍मानंद सभागार’ में हुए कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य अनंत नायक ने स्‍वतंत्रता संग्राम में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाने वाले जनजातीय योद्धाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज से आने वाले हमारे नायकों के बारे में इतिहास में न्याय नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि सिद्धू कान्हू, बुद्धु भगत, शंकर शाह और तिलका माँझी जैसे वीरों ने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी, लेकिन इतिहास में जिस तरह से उसका वर्णन किया जाना चाहिए था वैसा नहीं किया गया।

उन्होंने आरोप लगाया कि अंग्रेजों ने साजिश के तहत जनजाति समाज की गौरवशाली परंपरा को झुठला कर उन्हें आपराधिक जनजाति घोषि‍त कर दिया। उन्होंने कहा, “दरअसल ऐसा इसलिए था, क्‍योंकि जनजातीय समाज ने कभी उनकी गुलामी को स्‍वीकार ही नहीं किया। वि‍श्‍वविद्यालयों के साथ मिलकर ऐसे कार्यक्रमों को करने का उद्देश्य भी यही है कि समाज को स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय समाज के योगदान का पता चल सके।

साथ ही विश्वविद्यालयों में जनजातीय विषयों से जुड़े विषयों पर अनुसंधान को बढ़ावा मिले और जनजाति समाज से आने वाले छात्र भी ज्यादा से ज्यादा अनुसंधान में शामिल हों, ये भी इसका उद्देश्य है। कार्यक्रम में विश्‍व‍विद्यालय के कुलपति प्रोफेसर शैलेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि ‘आजादी के अमृत महोत्सव’ के तहत NCST ने स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय नायकों के योगदान पर कार्यक्रमों की जो श्रृंखला शुरू की है, उसकी शुरुआत हमारे विश्‍व‍विद्यालय से हो रही है – यह हमारे लिए गौरव की बात है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में हमारे विश्‍व‍विद्यालय से इस तरह के कार्यक्रम की शुरुआत होने से देश भर में एक सकारात्‍मक संदेश जाएगा। कार्यक्रम में मुख्य वक्त के तौर पर आमंत्रित नागपुर के RTMN विश्वविद्यालय में इतिहास के प्रोफेसर श्‍यामराव कुरेटी ने जनजातीय नायकों के इतिहास पर प्रकाश डाला। उन्होंने छत्तीसगढ़ के जनजातीय समाज के क्रांतिकारियों वीर नारायण सिंह, वीर गुण्डाधुर आदि के बारे में लोगों को जानकारी दी।

राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग में उप-निदेशक राकेश दुबे ने सभागार में मौजूद लोगों को आयोग द्वारा किए जाने वाले कार्यों, आयोग की शक्तियों व जनजातीय समाज के लिए आयोग कैसे काम करता है, इसकी जानकारी दी।

‘महिला दलित है, कौन उसे छुएगा’ कहकर यौन शोषण के आरोपित को जमानत देने वाले केरल के जज का लेबर कोर्ट में तबादला, कपड़ों पर भी की थी आपत्तिजनक टिप्पणी

यौन शोषण के दो मामलों में एक आरोपित को जमानत देते हुए विवादास्पद टिप्पणी करने वाले केरल के कोझीकोड जिला एवं सत्र न्यायालय के जज एस कृष्णकुमार का तबादला कोल्लम की लेबर कोर्ट में पीठासीन अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्होंने यौन उत्पीड़न के मामलों के आरोपित को जमानत देते हुए अपनी टिप्पणी में कहा था कि महिला अनुसूचित जाति की है कौन उसे छुएगा।

बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार, केरल हाई कोर्ट की ओर से जारी ट्रांसफर आदेश के अनुसार, मंजरी के जिला एवं सत्र न्यायाधीश मुरली कृष्ण एस, कोझिकोड के नए जिला एवं सत्र न्यायाधीश होंगे। बता दें कि जज कृष्ण कुमार की विवादित टिप्पणियों व फैसले के खिलाफ केरल सरकार हाईकोर्ट गई थी। वहीं हाईकोर्ट द्वारा जारी तबादला आदेश में कहा गया है कि ये तबादले नियमित प्रक्रिया के तहत किए गए हैं। क्योंकि दो अन्य जजों के भी तबादले किए गए हैं।

बता दें कि यौन शोषण के दो मामलों में आरोपित सिविक चंद्रन की अग्रिम जमानत याचिकाओं पर पीड़िताओं के संबंध में कृष्ण कुमार की ओर से की गई टिप्पणी से विवाद पैदा हो गया था। लेखक और सोशल एक्टिविस्ट चंद्रन पर एक दलित महिला के यौन शोषण का आरोप है।

सेशन कोर्ट द्वारा चंद्रन को दी गई अग्रिम जमानत खारिज करने का अनुरोध करते हुए केरल सरकार ने हाई कोर्ट का रुख किया है। सरकार ने दलील दी है कि निचली अदालत का फैसला अवैध और त्रुटिपूर्ण है तथा हाईकोर्ट को इसमें हस्तक्षेप करना चाहिए।

गौरतलब है कि पीड़िता के कपड़ों पर भी जज ने आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। आरोपित चंद्रन को जमानत देते हुए न्यायाधीश कृष्ण कुमार ने दो अगस्त को सुनाए फैसले में कहा था कि आरोपित समाज सुधारक है और जातिप्रथा का विरोधी है इसलिए यह मानना कठिन है कि उसने अनुसूचित जाति की पीड़िता का यौन शोषण किया होगा। उन्होंने कहा था कि जातीय व्यवस्था को देखते हुए यह अविश्वसनीय है कि वह अनुसूचित जाति की महिला को छु भी सकता है।

वहीं चंद्रन को जमानत देते हुए जज ने पीड़िता के कपड़ों पर भी टिप्पणी करते हुए कहा था कि महिला ने खुद ऐसे कपड़े पहने थे जो यौन उत्तेजक थे। बता दें कि चंद्रन ने जमानत याचिका के साथ महिला की तस्वीरें भी अदालत में पेश की थीं। जिला कोर्ट ने जमानत आदेश में कहा था कि जमानत याचिका के साथ पेश की गई तस्वीरों से पता चलता है कि शिकायतकर्ता खुद ऐसे कपड़े पहने हुए थी, जो उत्तेजक थे। इसलिए आरोपित के खिलाफ धारा-354 A का केस नहीं बनता।

आमिर खान बनने वाले थे ‘मुग़ल’, लेकिन ‘लाल सिंह चड्ढा’ का हश्र देख T-Series ने बंद कर दी फिल्म: फिलहाल हाथ में नहीं है कोई फिल्म

देश की सबसे बड़ी म्यूजिक कंपनी टी-सीरीज को स्थापित करने वाले गुलशन कुमार की बायोपिक ‘मुगल’ (Mogul) बंद हो गई है। आमिर खान की फिल्म ‘लाल सिंह चड्ढा’ का हश्र देखने के बाद ‘मुगल’ को बंद करने का फैसला लिया गया है। फिल्म में गुलशन कुमार (Gulshan Kumar) का किरदार आमिर खान निभाने वाले थे। लेकिन, ‘लाल सिंह चड्ढा’ (Laal Singh Chaddha) के बॉक्स ऑफिस पर धराशायी होने के बाद ‘मुगल’ के निर्देशक सुभाष कपूर ने अपनी अगली फिल्म ‘जॉली एलएलबी 3’ शुरू करने का मन बना लिया है।

दरअसल, टी-सीरीज के संस्थापक गुलशन कुमार के बेटे भूषण कुमार अपने पिता के म्यूजिक मुगल बनने की कहानी पूरी दुनिया को दिखाना चाहते थे। बताया जाता है कि गुलशन कुमार भी खुद को म्यूजिक मुगल कहलाना पसंद करते थे। इस बायोपिक की स्क्रिप्ट डायरेक्टर सुभाष कपूर ने तैयार की है। वह इस फिल्म में सबसे पहले अक्षय कुमार को लेकर आए। फिल्म का पहला पोस्टर 15 मार्च, 2017 को जारी किया गया था।

अमर उजाला‘ के मुताबिक, फिल्म ‘मुगल’ के प्रोफिट के बँटवारे को लेकर अक्षय और भूषण के बीच बात नहीं बन पाई। इसके बाद अक्षय कुमार (Akshay Kumar) ने ‘मुगल’ में काम करने से इनकार कर दिया। उस वक्त यह बात भूषण कुमार को काफी बुरी लगी, इसलिए उन्होंने इस फिल्म में अक्षय कुमार से बड़े सितारे को लेने की ठानी। इसके बाद फिल्म में गुलशन कुमार के किरदार के लिए आमिर खान (Aamir Khan) ने भी हामी भर दी।

फिल्म को लेकर आमिर की टीम का कहना था कि वह ‘लाल सिंह चड्ढा’ का काम खत्म करने के बाद ‘मुगल’ पर काम शुरू करने वाले थे। लेकिन, इस फिल्म में पैसा लगा रही कंपनी टी-सीरीज ने इसकी शूटिंग अनिश्चित काल के लिए टाल दी है। मालूम हो कि देश में ‘लाल सिंह चड्ढा’ के बायकॉट के आह्वान के बाद बॉक्स ऑफिस पर फिल्म का बहुत बुरा हाल हुआ। थिएटर में लोगों की अनुपस्थिति को देखते हुए देश भर के कई सिनेमाघर में शुक्रवार के लिए इसके 1300 शो को रद्द कर दिए गए थे।

बता दें कि टी-सीरीज के संस्थापक गुलशन कुमार की बायोपिक को लेकर कंपनी का उत्साह अब खत्म हो चुका है। इस साल और अगले साल की टी-सीरीज की फिल्मों की स्लेट से ‘मुगल’ का नाम भी हटा दिया गया है।

नेशनल हाइवे से हटाए जाएँगे टोल प्लाजा, कैमरे रिकॉर्ड करेंगे गाड़ियों के नंबर और खाते से कटेंगे पैसे: नितिन गडकरी ने बताया मोदी सरकार का फ्यूचर प्लान

देश भर के राष्ट्रीय राजमार्गों पर बने टोल प्लाजा को हटाया जाएगा। हालाँकि, टोल टैक्स में किसी तरह की राहत नहीं मिलेगी। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार नेशनल हाईवे (NHAI) से टोल हटाकर ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकॉनाइजेशन कैमरे से टोल वसूली होगी। ये कैमरे गाड़ियों के नंबर रिकॉर्ड करेंगे और गाड़ी के मालिक के खाते से टैक्स के पैसे कट जाएँगे।

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि इसका पायलट प्रोजेक्ट जारी है। उन्होंने यह भी कहा इसे सुविधाजनक बनाने के लिए कानूनी संशोधन की जरूरत है। हालाँकि, इसके इसको लेकर अभी भी कई तरह की शंकाएँ हैं, जिनका निवारण केंद्र को करना है।

गडकरी ने कहा कि साल 2019 में एक नियम बनाया गया था कि कारें कंपनी द्वारा फिट की हुई नंबर प्लेटों के साथ आएँगी। पिछले चार वर्षों में जो भी गाड़ियाँ आई हैं, वे इसी नंबर प्लेट के साथ आई हैं। उन्होंने कहा कि अब टोल प्लाजा हटाकर कैमरे लगाने की योजना है। कैमरे इन नंबर प्लेट को आसानी से पढ़ लेगा और सीधे खाते से टोल काट लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिन गाड़ियों में यह नंबर प्लेट नहीं है, उन्हें इसे लगवाना होगा।

गडकरी ने कहा कि अभी एक दिक्कत जो सामने आ रही है, वह है कि टोल नहीं देने वाले को दंडित कैसे किया जाए। वाहन मालिक को दंडित करने का कोई प्रावधान नहीं है। उन्होंने कहा कि इसे कानूनी दायरे में लाने की जरूरत है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश में सड़कों और राजमार्गों को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम किए जा रहे हैं। ऐसे एक्सप्रेस बनाए जा रहे हैं, जिनमें सफर के दौरान समय की बचत हो। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार साल 2024 तक देश में 26 ग्रीन एक्सप्रेस-वे का निर्माण करेगी, जिनसे प्रमुख शहरों के बीच का यात्रा समय घट जाएगा।

बता दें कि इस समय लगभग 40,000 करोड़ रुपए टोल टैक्स के रुप में इकट्ठा किए जाते हैं, जिनमें 97 प्रतिशत के आसपास FASTag के माध्यम से होता है। FASTag वाले एक वाहन से टोल टैक्स वसूलने में लगभग 47 सेकेंड का समय लगता है। इस एक घंटे में मैनुअल तरीके से 112 वाहनों के टोल टैक्स किए जाते हैं, वहीं इलेक्ट्रॉनिक इलेक्ट्रॉनिक तरीके से 260 से अधिक वाहनों से टोल वसूल किए जाते हैं।