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‘वो गली का गुंडा है, हाथापाई कर मेरी आवाज़ दबाने की कोशिश की थी’: केरल के राज्यपाल ने वामपंथी इतिहासकार को लताड़ा

केरल (Kerala) के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान (Arif Mohammad Khan) ने तथाकथित इतिहासकार इरफान हबीब (Irfan Habib) पर निशाना साधा है। उन्होंने हबीब को ‘गली का गुंडा’ बताते हुए आरोप लगाया कि उसने हाथापाई करके उनकी आवाज दबाने की कोशिश की थी।

राज्यपाल ने नई दिल्ली में मंगलवार (23 अगस्त, 2022) को दिसंबर 2019 में हुई उस घटना का उल्लेख किया, जब वह कन्नूर विश्वविद्यालय (Kannur University) द्वारा आयोजित भारतीय इतिहास कॉन्ग्रेस का उद्घाटन करने गए थे। वहाँ इरफ़ान हबीब भी एक वक्ता थे। खान ने आरोप लगाया कि इतिहासकार सीधे उनके पास हाथापाई करने पहुँच गया था। जब इस कार्यक्रम में राज्यपाल अपना संबोधन शुरू करने वाले थे, उस वक्त ज्यादातर प्रतिनिधि अपनी सीट से खड़े हो गए थे और नागरिकता संशोधन कानून (CAA) पर उनके रुख के खिलाफ अपना विरोध जताने लगे थे, जो उस समय एक ज्वलंत मुद्दा था।

दरअसल, केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने नई दिल्ली में मीडिया के एक सवाल के जवाब में यह बातें कही। उन्होंने कहा, “क्या किसी अकादमिक विद्वान का काम झगड़ना है। इरफान हबीब ‘गली का गुंडा’ है। जब मैंने जवाब देने की कोशिश की तब उन्होंने हाथापाई करके मेरी आवाज दबाने की कोशिश।” बीते दिनों खान ने इस मुद्दे पर कन्नूर विश्वविद्यालय के कुलपति गोपीनाथ रवींद्रन की भी तीखी आलोचना की थी और उन्हें अपराधी करार दिया था।

राज्यपाल ने आरोप लगाया था कि कुलपति ने 90 वर्षीय हबीब और अन्य को उनकी आलोचना करते हुए भाषण देने के लिए लंबा वक्त दिया, लेकिन जब वह सवालों का जवाब देने के लिए खड़े हुए तब उन पर हमला करने का प्रयास किया गया। कुलपति पर ‘अपराधी’ वाली टिप्पणी को लेकर खान ने कहा, “आप सभी ने देखा कि कैसे मेरे एडीसी (Aide-de-camp) साथ धक्का-मुक्की की गई। उनकी कमीज फाड़ दी गई। हबीब सीधे मेरे पास भिड़ने आ गए।” राज्यपाल के आरोपों पर हबीब की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने आगे यह भी कहा, “कुलपति रवींद्रन भी मुझ पर हमला करने वालों की साजिश का हिस्सा थे। वह राजनीतिक कारणों से कुलपति के पद पर हैं। मुझे कुलपति ने 21 अगस्त को वहाँ आमंत्रित किया था। जब मुझ पर हमला किया गया, तो उनका कर्तव्य क्या था? क्या उन्हें इसकी रिपोर्ट पुलिस को नहीं करनी चाहिए थी? लेकिन उसने ऐसा नहीं किया।”

लालू के करीबी सहित कई राजद नेताओं के ठिकानों पर CBI की छापेमारी, नौकरी के बदले जमीन घोटाले का मामला: स्पीकर के इस्तीफे से अटका बहुमत परीक्षण

केंद्रीय जाँच एजेंसी (CBI) ने बुधवार (24 अगस्त, 2022) की सुबह बिहार की राजधानी पटना में नौकरी के बदले जमीन घोटाले में राजद नेता अशफाक करीम, सुनील सिंह, सुबोध राय और फैयाज अहमद के आवास पर रेड मारी। राजद विधान पार्षद और बिस्कोमान (कोऑपरेटिव संस्था) पटना के अध्यक्ष सुनील सिंह ने अपने आवास पर सीबीआई की छापेमारी पर कहा, “यह जानबूझकर किया जा रहा है। इसका कोई मतलब नहीं है। वे यह सोचकर ऐसा कर रहे हैं कि डर से विधायक उनके पक्ष में आ जाएँगे।”

सुनील सिंह लालू प्रसाद यादव के करीबी नेताओं में में से एक हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, नौकरी के बदले जमीन घोटाले के सिलसिले में पटना में राजद के पूर्व एमएलसी सुबोध राय और राजद सांसद फैयाज अहमद के आवास पर भी सीबीआई की छापेमारी चल रही है।

वहीं, बिहार विधानसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र आज (24 अगस्‍त, 2022) से शुरू होने जा रहा है। विधानसभा में फ्लोर टेस्ट का काउंटडाउन शुरू हो गया है। सत्ता पक्ष के अनुरोध पर विधानसभा स्पीकर विजय सिन्हा ने आज सुबह 11 बजे सदन का विशेष सत्र बुलाया था। इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की महागठबंधन सरकार का बहुमत परीक्षण भी होना है। दूसरी तरफ, विधानसभा अध्‍यक्ष विजय सिन्‍हा (Vijay Sinha) ने सत्र बुलाने के बाद इस्तीफा दे दिया है। इससे पहले उन्होंने कहा था कि उन्हें जो नोटिस दिया गया है, वह नियमों और प्रावधान के खिलाफ है।

इससे पहले विधानसभा सचिवालय की तरफ से जो नोटिस भेजा गया, उसे विजय सिन्हा ने लेने से इनकार कर दिया था। अब उन्होंने कहा है कि बहुमत का सम्मान करते हुए वो इस्तीफा दे रहे हैं। इसके बाद उपाध्यक्ष महेश्वर हजारी अध्यक्ष वाली कुर्सी पर बैठे।

गौरतलब है कि केंद्रीय जाँच एजेंसी (CBI) ने पिछले महीने (27 जुलाई, 2022) बड़ी कार्रवाई करते हुए राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रमुख और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के पूर्व OSD भोला यादव को गिरफ्तार किया था। ये गिरफ्तारी रेलवे में नौकरी के बदले जमीन घोटाले को लेकर हुई थी। भोला यादव इस मामले में आरोपित था। वह 2004 से 2009 तक लालू यादव के ओएसडी रहे। लालू यादव उस वक्त केंद्रीय रेल मंत्री थे। उसी समय रेलवे भर्ती घोटाला हुआ था। आरोप है कि भोला यादव ही घोटाले का कथित सरगना है। भोला राजद से विधायक और विधान पार्षद भी रह चुका है।

झूठे निकले ओपीइंडिया के सूत्र, रवीश कुमार ने इस्तीफे से मना किया: जीरो टीआरपी एंकर ने कहा- अडानी की नौकरी मुझे मंजूर

भारत की मेनस्ट्रीम मीडिया के सूत्र जन्म से झूठे रहे हैं। ओपीइंडिया के भी सूत्र झूठे ही निकले हैं। एनडीटीवी (NDTV) वाले रवीश कुमार (Ravish Kumar) ने इस्तीफा नहीं दिया है। यह बात उन्होंने खुद ही कही। ट्वीट भी किया और फेसबुक पोस्ट भी। इसे आप नीचे पढ़ सकते हैं। हमने ट्वीट एम्बेड कर दिया है।

आश्चर्यजनक बात यह है कि इस बार जीरो टीआरपी एंकर का 3 लाइन की पोस्ट में ही दम फूल गया है। शायद कंपनी के नए पप्पा अडानी के 29 टका का असर हो। पिछली बार ‘इस्तीफा नहीं दिया है’ इस पर शोध-पत्र लिखने में काफी मेहनत की गई थी। नीचे उसका भी स्क्रीनशॉट लगा है। लंबाई-चौड़ाई आप नाप लीजिए।

रवीश कुमार के इस्तीफे पर उनका ‘शोध-पत्र’

सोशल मीडिया में यह भी दावा है कि रवीश कुमार ने इस्तीफा देने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा है कि उन्हें अडानी की नौकरी भी मंजूर है। इससे पहले सोशल मीडिया में यह दावा किया जा रहा था कि प्रणब और राधिका रॉय से उनका पंगा हो गया है और उन्हें धक्के मारकर बाहर निकालते हुए अर्चना कॉम्प्लेक्स के गार्ड ने अपनी नंगी आँखों से देखा है।

लेकिन ये दावे भी प्राइम टाइम की तरह ढकोसले ही साबित हुए हैं। पहले खबर आई कि राधिका और प्रणब रॉय को खबर भी नहीं लगी और अडानी ने 29 टका ले लिया। अब रवीश कुमार इस्तीफा देने से मना कर रहे हैं।

NDTV-अडानी डील के बाद इस्तीफे पर 3 लाइन में हाँफे रवीश

हमने उनके इस्तीफे की अफवाह फैलाने वाले सूत्र का पता लगाने के लिए आपीइंडिया के एडिटर को फोन किया। उन्होंने फोन नहीं उठाया। हमने मेल किया। उन्होंने जवाब नहीं दिया। हमने भी जिद ठानी कि सच्चाई पता लगाकर ही रहेंगे। हमने फॉल्टन्यूज वाले मदरसा छाप जुब्बू फैक्टचेकर से संपर्क किया। उसने रातभर लेंस जूम इन, जूम आउट किया। सुबह बताया कि सूत्र ने टोपी पहन रखी है। हाथ से कान छिपा रखा है। ऐसा हार्डकोर आतंकी ही करते हैं। सूत्र कुवैत का भी हो सकता है।

आखिर में सच्चाई का पता हमें अनारकली ऑफ आरा से चला। उन्होंने हमें एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में बताया है, “मुझे पता नहीं यह तुलना सही है या नहीं। लेकिन रवीश कुमार के साथ भी राहुल गाँधी जैसा ही हुआ है। जैसे राहुल गाँधी को पप्पू-पप्पू बोल उनका ‘पप्पूकरण’ किया गया, वैसे ही इस्तीफा-इस्तीफा बोल रवीश कुमार का ‘इस्तीफाकरण’ किया गया। मैं रवीश कुमार से मिली हूँ। वे बड़े ढीठ हैं। अपना ही थूका वे भले एक बार चाट लें, लेकिन इस्तीफा कभी नहीं दे सकते।”

जिनको खोजी पत्रकारिता की चुल हो उनके लिए खास खबर यह है कि रवीश कुमार के इस्तीफे की तरह यह भी सटायर ही है।

चप्पल मारी, पुतले फूँके, लगे ‘सर तन से जुदा’ के नारे: हैदराबाद में टी राजा सिंह को बेल मिलते ही कट्टरपंथी भड़के, 4 पुलिसकर्मी घायल, गाड़ी में भी तोड़फोड़

हैदराबाद में भाजपा के निलंबित विधायक टी राजा सिंह को बेल मिलने से कट्टरपंथी भड़क गए हैं। उन्होंने इसके विरोध में पूरी रात प्रदर्शन किया। हर जगह ‘सर तन से जुदा’ के नारे गूँजते रहे। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन खबर है कि इन सबके बीच में सब इंस्पेक्टर समेत 4 पुलिसकर्मी घायल हो गए।

बता दें कि टी राजा सिंह के वकील ने बेल याचिका में दलील दी थी कि विधायक को सीआरपीसी की धारा 41 (ए) के तहत कोई नोटिस नहीं दिया गया। कोर्ट ने वकील की यह दलील मानी और टी राजा सिंह को बेल दे दी। इसके बाद राज्य भर में प्रदर्शन चालू हो गए। भीड़ और नारेबाजी इतनी बढ़ गई कि पुलिस को लाठी चार्ज करके, आँसू गोले छोड़कर भीड़ को तितर-बितर करना पड़ा।

खबरों के अनुसार अंबरपेट, तल्लबकट्‌टा, मोगलपुरा, खिलवत, बहादुरपुरा और चंचलगुडा में राजा सिंह के विरोध में प्रदर्शन हुए हैं। वहीं बरकस से चंद्रयानगुट्टा तक सैंकड़ों प्रदर्शनकारियों ने मार्च किया।

हैदराबाद के शालीबांदा में तो पुलिस के साथ प्रदर्शनकारियों की हिंसक झड़प की घटना घटी। पुलिस वैन में भी कथिततौर पर प्रदर्शनकारियों ने तोड़फोड़ की। इसके अलावा बाजारों से दुकानें जबरन बंद कराने की, राजा सिंह के पोस्टर्स पर चप्पल मारने की, उनका पुतला जलाने की घटना भी प्रकाश में आई है।

हैदराबाद में टी राजा सिंह के बयान के बाद बवाल

उल्लेखनीय है कि सोमवार को राजा सिंह ने मुनव्वर फारूकी के विरुद्ध एक वीडियो बनाया था। इसमें उन्होंने इस्लाम पर बात करते हुए एक बुजुर्ग पर बात की थी, जिस पर मुस्लिमों ने कहा कि वो पैगंबर पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी है। हालाँकि, राजा सिंह ने उसे मजाक बताया। इसके बाद शहर भर में प्रदर्शन हुए। मंगलवार सुबह पुलिस ने टी राजा को गिरफ्तार किया। दोपहर में बीजेपी ने उन्हें पार्टी से सस्पेंड किया और फिर कोर्ट ने उन्हें 14 दिन न्यायिक हिरासत में भेजा।

भाजपा ने टी राजा सिंह को निलंबित किया।

इस बीच मुस्लिम संगठन जहाँ टी राजा सिंह की टिप्पणी को शर्मनाक, हैरान करने, दंगे भड़काने वाला बताते रहे। वहीं टी राजा के समर्थकों ने उनकी रिहाई की माँग की। देर रात कोर्ट ने उनकी बेल याचिका मंजूर की। लेकिन इसके बाद फिर शहर का माहौल बिगड़ गया। कट्टरपंथी भारी तादाद में सड़क पर आ गए। अब राज्य में तनाव की स्थिति बनी हुई है। लगातार निलंबित भाजपा विधायक पर कार्रवाई की माँग हो रही है। सर तन से जुदा के नारे लग रहे हैं।

मेडिकल चेकअप के लिए विदेश जा रहीं सोनिया गाँधी, अपनी माँ से भी करेंगी मुलाकात: साथ होंगे राहुल और प्रियंका भी

कॉन्गेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गाँधी (Sonia Gandhi) मेडिकल चेकअप के लिए विदेश जाएँगी। इस दौरान उनके साथ राहुल गाँधी ( Rahul Gandhi) और प्रियंका गाँधी वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra) भी होंगे। कॉन्गेस महासचिव जयराम रमेश (Jairam Ramesh) ने मंगलवार (23 अगस्त 2022) को ट्वीट कर इसकी जानकारी दी।

साथ ही उन्होंने बताया है कि वायनाड के सांसद राहुल गाँधी 4 सितंबर को दिल्ली में ‘महँगाई पर हल्ला बोल’ रैली को संबोधित करेंगे। हालाँकि, जयराम रमेश ने इसकी जानकारी नहीं दी है कि सोनिया मेडिकल जाँच के लिए कब और कहाँ जाएँगी। हालाँकि यह बताया है कि नई दिल्ली लौटने से पहले सोनिया अपनी बीमार माँ से भी मिलने जाएँगी।

कॉन्गेस की ‘भारत जोड़ो यात्रा’

देश की सबसे पुरानी पार्टी 7 सितंबर से ‘भारत जोड़ो यात्रा’ शुरू करने जा रही है। कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी ‘भारत जोड़ो यात्रा’ की तैयारी में जुटे हुए हैं। इसकी तैयारियों को लेकर राहुल ने 22 अगस्त, 2022 को सामाजिक एवं गैर सरकारी संगठनों (NGO) के अलावा ‘स्वराज इंडिया’ के योगेंद्र यादव से भी मुलाकात की। योगेंद्र यादव अन्ना हजारे सत्याग्रह, किसान आंदोलन और शाहीन बाग से लेकर कई प्रकार के प्रदर्शनों में शामिल रहे हैं।

वहीं, दिल्ली में मंगलवार (23 अगस्त 2022) को कॉन्गेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश और दिग्विजय सिंह ने ‘भारत जोड़ो यात्रा’ का लोगो, टैगलाइन और पैम्फलेट भी लॉन्च किया। इस दौरान जयराम रमेश ने कहा कि हमने इसके साथ एक वेबसाइट भी लॉन्च की है। ‘भारत जोड़ो यात्रा’ कश्मीर से कन्याकुमारी तक होगी। सात सितंबर से शुरू हो रही यात्रा 3500 किमी की होगी, जो लगभग 12 राज्यों से होकर गुजरेगी। इस दौरान कॉन्गेस पदयात्रा और रैलियाँ करेगी।

इस यात्रा में कॉन्गेस नेता राहुल गाँधी के साथ पार्टी के शीर्ष नेता भी शामिल होंगे। वेबसाइट लॉन्च करते हुए कॉन्गेस ने यात्रा में भाग लेने के इच्छुक लोगों से इस पर अपना रजिस्ट्रेशन कराने का आग्रह किया है। राहुल ने यात्रा की टैगलाइन को भी ट्वीट किया। इसमें लिखा है- एक तेरा कदम, एक मेरा कदम, मिल जाए तो जुड़ जाए अपना वतन, आओ साथ मिलकर भारत जोड़ें।

बता दें कि सोनिया गाँधी पहले भी इलाज के लिए विदेश जाती रही हैं। इस दौरान राहुल गाँधी भी उनके साथ रहे हैं। 2018 में राहुल गाँधी ने खुद ट्वीट कर बताया था, “सोनिया जी के मेडिकल चेकअप के लिए मैं कुछ दिनों देश से बाहर रहूँगा। ऐसे में बीजेपी सोशल मीडिया ट्रोल आर्मी के दोस्तों से मैं कहना चाहूँगा कि आप ज्यादा काम मत करना… मैं जल्द ही वापस आऊँगा।”

झारखंड में एकतरफा प्यार में हिंदू लड़की को जलाया: घर में सोई हुई थी अंकिता, खिड़की से पेट्रोल फेंक शाहरुख हुसैन ने लगाई आग

झारखंड के दुमका जिले में शाहरुख हुसैन नाम के कंस्ट्रक्शन मजदूर ने एक तरफा प्यार में एक हिंदू युवती को पेट्रोल डाल जलाकर मारने की कोशिश की। लड़की उसके घर के पड़ोस में रहती थी। उसकी पहचान अंकिता कुमारी के तौर पर हुई है। वह 12 वीं की छात्रा है।

घटना के बाद गंभीर अवस्था में अंकिता को फूलो झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती करवाया गया। प्रशासन अधिकारियों ने पीड़िता से मुलाकात के बाद बताया कि घटना में अंकिता के शरीर के कई अंग जल गए हैं। जो तस्वीरें सामने आई हैं उसमें भी अंकिता का हाथ-चेहरा बुरी तरह जला दिख रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मंगलवार सुबह अंकिता अपने घर पर सोई हुई थी। तभी शाहरुख हुसैन उसके घर आया और खिड़की से उसके ऊपर पेट्रोल डालकर माचिस से आग लगा दी।

इससे पहले वो अंकिता को आते-जाते परेशान करता था। उसने कहीं से अंकिता का नंबर भी ले लिया था, जिसके बाद वह उसे फोन करके दोस्ती करने को कहता था। अंकिता ने जब लगातार फोन आने पर उसे डांट लगाई तो शाहरुख ने उसे धमकाया और कहा कि अगर अंकिता ने बात नहीं मानी तो वो उसे जान से मार देगा।

अंकिता के अनुसार,

“सोमवार (23 अगस्त 2022) रात करीब 8 बजे शाहरुख ने फिर मुझको फोन किया। शाहरुख ने कहा था कि अगर मैंने उससे बातचीच हीं की तो वो मुझे मार देगा। मैंने अपने पापा को इस धमकी के बारे में बताया। उन्होंने मुझसे कहा कि वो अगले दिन यानी मंगलवार को शाहरुख के घरवालों से बातचीत करेंगे।”

अंकिता बताती है कि अपने पापा को फोन कॉल्स पर धमकी की जानकारी देने के बाद वह अपने कमरे में सोने गई लेकिन सुबह आँख खुली तो जलने की बू आ रही थी और पीठ दर्द था। देखा तो सामने आग थी। वह झुलस रही थी। घबराकर वह अपने पिता के कमरे में गई। जहाँ परिजनों ने आग बुझाई और उसे अस्पताल लेकर गए। डॉक्टरों ने वहाँ बताया कि अंकिता का शरीर 90 फीसदी जल गया है। पुलिस ने इस मामले में फौरन एक्शन लेते हुए शाहरुख हुसैन को गिरफ्तार कर लिया है।

अदालत ने दिया विधायक राजा सिंह की रिहाई का आदेश, तेलंगाना पुलिस ने किया था गिरफ्तार: पैगंबर मुहम्मद पर टिप्पणी का मामला

पैगम्बर मुहम्मद पर कथित विवादित टिप्पणी के मामले में कोर्ट ने विधायक टी राजा सिंह को चेतावनी देते हुए गिरफ्तारी के कुछ घंटों के भीतर ही जमानत दे दी है। हालाँकि, कोर्ट ने पहले टी राजा को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया था लेकिन बाद कोर्ट ने रिमांड ऑर्डर वापस लेते हुए उन्हें जमानत दे दी।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, गिरफ्तारी के दौरान दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 41 का पालन नहीं किए जाने के बाद अदालत ने टी राजा की रिहाई का आदेश दिया है। उन्हें मंगलवार (23 अगस्त, 2022) की सुबह पुलिस ने गिरफ्तार किया था। पुलिस ने टी राजा को हैदराबाद के नामपल्ली कोर्ट में पेश किया था।

टी. राजा सिंह हैदराबाद की गोशामहल सीट से विधायक हैं। वहीं बीजेपी ने उन्हें गिरफ़्तारी के बाद पार्टी से निलंबित करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी कर यह भी पूछा है कि क्यों ना उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया जाए। पार्टी ने इस मामले में उन्हें जवाब देने के लिए 10 दिन का समय दिया है।

गौरतलब है कि टी. राजा ने पैगम्बर मुहम्मद के मामले ने टिप्पणी ने उस वक्त तूल पकड़ लिया जब उनकी गिरफ्तारी की माँग को लेकर मुस्लिम समुदाय के हजारों लोगों ने हैदराबाद में धरना-प्रदर्शन किया। उनके खिलाफ ‘सर तन से जुदा’ के नारे लगाए गए। वहीं इस मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया था।

बीजेपी विधायक ने स्टैंड-अप कॉमेडियन मुनव्वर फारुकी और मुस्लिमों की आलोचना करते हुए सोमवार को एक वीडियो जारी किया था। इसमें उन्होंने पैगम्बर मुहम्मद को लेकर नूपुर शर्मा का समर्थन करते हुए टिप्पणी की थी। जिसके बाद उनका वीडियो वायरल होने के बाद पैगम्बर मोहम्मद पर कथित टिप्पणी को लेकर उनके खिलाफ कई शिकायतें दर्ज कराई गई थीं। इस मामले में दबीरपुरा, भवानी नगर, रेनबाजार, मीरचौक पुलिस थानों के बाहर भारी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग शिकायत दर्ज कराने पहुँचे थे।

तेलंगाना में कल रात से ही जगह-जगह ‘सर तन से जुदा’ के नारे लग रहे थे। इसी बीच कॉन्ग्रेस नेता राशिद खान का एक भड़काऊ बयान भी सामने आया है। ये भाषण गिरफ्तारी होने से पहले का बताया जा रहा है। इसमें राशिद खान सड़कों पर आकर आग लगाने की धमकी दे रहे हैं। उन्होंने कहा है कि अगर टी राजा सिंह के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं हुई तो वह कानून व्यवस्था को खराब कर देंगे। शहर में आग लगा देंगे।

‘प्रणय और राधिका रॉय को अडानी डील की जानकारी नहीं, उनसे पूछा तक नहीं गया’: बोलीं NDTV की CEO – हम कानूनी कदम उठाएँगे

NDTV में 29.18% स्टेक्स खरीदने के अडानी समूह के फैसले पर चैनल की CEO सुपर्णा सिंह ने कहा कि प्रणय और राधिका रॉय की सहमति के बिना ये डील हुई। उन्होंने दावा किया कि 32% हिस्सेदारी के साथ पति-पत्नी NDTV में सबसे बड़े शेयरधारक बने रहेंगे। उन्होंने यहाँ तक कहा कि प्रणय रॉय और राधिका रॉय को इस डील की जानकारी ही नहीं थी। कर्मचारियों को भेजे गए इंटरनल सन्देश में CEO ने आगे रेगुलेटरी और कानूनी कदम उठाने की बात भी कही है।

CEO ने अपने सन्देश में कहा, “ये घटनाक्रम प्रणय रॉय और राधिका रॉय के लिए पूरी तरह अप्रत्याशित है। NDTV ने हाल ही में स्टॉक एक्सचेंज को जानकारी दी है कि हमने अपने फाउंडर्स ग्रुप में कुछ बदलाव किया है। एक लेनदेन को छोड़ कर कहीं कोई ऐसी चर्चा नहीं हुई, जिससे NDTV की हिस्सेदारी पर असर पड़े। VCPL ने RRPRH का अधिग्रहण किया है, जो प्रणय रॉय और राधिका रॉय के मालिकाना हक़ वाली कंपनी है।”

CEO ने अपने सन्देश में ये भी कहा कि अडानी की ताज़ा डील का आधार 2009 का एक लोन है। उन्होंने बताया कि इस मामले में आगे की प्रक्रिया की जानकारी ली जा रही है। साथ ही उन्होंने ये भी बताया कि इसमें कानूनी और रेगुलेटरी कदम भी उठाए जा सकते हैं। उन्होंने कर्मचारियों से ये भी कहा कि कर्मचारियों के सवालों का जवाब देने के लिए वो दफ्तर में मौजूद रहेंगी। उन्होंने दावा किया कि मूल पत्रकारिता के साथ NDTV ने कभी समझौता नहीं किया है और इसके साथ खड़े रहेंगे।

अडानी समूह ने NDTV में 29.18% की हिस्सेदारी खरीदी, जानिए क्या है मामला

एएमजी मीडिया नेटवर्क लिमिटेड (AMNL) ने NDTV में अप्रत्यक्ष रूप से 29.18% शेयर्स खरीदे हैं। ये सौदा ‘विश्वप्रधान कमर्शियल प्राइवेट लिमिटेड (VCPL)’ और ‘RRPR होल्डिंग प्राइवेट लिमिटेड’ के जरिए हुआ है। जहाँ VCPL पूरी तरह से AMNL की 100% सब्सिडियरी कंपनी है, वहीं RRPR एनडीटीवी की प्रमोटर कंपनी में। इस कंपनी में AMGNL ने 99.5% इक्विटी ख़रीदने का निर्णय लिया है। NDTV के पास 3 राष्ट्रीय चैनल हैं।

अडानी समूह ने एक प्रेस रिलीज के जरिए इसकी जानकारी दी है। इस अधिग्रहण के बाद RRPR का नियंत्रण पूरी तरह VCPL के पास आ जाएगा। इस कंपनी के पास NDTV में 29.18% शेयर्स हैं। इसके अलावा AMNL और AEL एक ओपन ऑफर भी लॉन्च करेंगे, जिसके तहत NDTV में 26% स्टेक्स उनके पास होंगे। कंपनी ने बताया है कि अधिग्रहण को लेकर नियामक संस्था SEBI द्वारा बनाए गए कानून के तहत ऐसा हो रहा है।

अडानी समूह ने अपनी प्रेस रिलीज में NDTV को एक प्रमुख मीडिया हाउस बताते हुए कहा है कि इसके पास 3 दशकों से विश्वसनीय ख़बरें देने का अनुभव है। इसके पास NDTV 24×7, NDTV India और NDTV प्रॉफिट नाम के 3 न्यूज़ चैनल हैं। अडानी समूह ने कहा कि NDTV की ऑनलाइन उपस्थिति भी दमदार है, जहाँ वो विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर 3.5 करोड़ फॉलोवर्स के साथ सबसे ज्यादा फॉलो किए जाने वाले चैनलों में से एक है।

AMNL सभी प्लेटफॉर्म्स ‘न्यू एज मीडिया’ की स्थापना का लक्ष्य लेकर चल रहा है और इसके CEO संजय पुगलिया का कहना है कि इस दिशा में ये एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि कंपनी भारतीय नागरिकों को और जो भारत में रुचि रखते हैं उन्हें सशक्त करना चाहती है। उन्होंने कहा कि हमारे विजन को लोगों तक पहुँचाने के लिए NDTV एक अच्छा माध्यम है। कंपनी ने NDTV की न्यूज़ डिलीवरी और लीडरशिप को मजबूत करने की बात भी कही है।

मालदीव के मंत्री पर हमला, कुरान की आयतें पढ़ते हुए हमलावर ने धारदार हथियार से किया वार: सामने आया वीडियो

मालदीव (Maldives) के पर्यावरण मंत्री अली सोलिह (Ali Solih) पर जानलेवा हमला हुआ है। यह हमला सोमवार (22 अगस्त, 2022) को एक कट्टरपंथी ने राजधानी माले (Male) में किया। अली सोलिह के बाएँ हाथ में चोटें आई हैं। वहीं हमलावर को गिरफ्तार कर लिया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मालदीव के मंत्री अली सोलिह पर हमला करने से पहले कट्टरपंथी ने कुरान की आयतें पढ़ी थीं। मंत्री अपने स्कूटर से घर जा रहे थे। तभी हमलावर बीच सड़क में उनके स्कूटर के सामने आ गया। इस वजह से मंत्री को अपना स्कूटर रोकना पड़ा। इसके बाद हमलावर ने कुरान की आयतें पढ़कर अली सोलिह पर धारदार हथियार से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। अचानक किए गए हमले में सोलिह को बचाव का मौका भी नहीं मिला।

इस हमले में मंत्री के हाथ और चेहरे पर कई चोटें आई हैं। उन्होंने किसी तरह स्कूटर को छोड़ सड़क पर भागकर अपनी जान बचाई। इस हिंसक घटना के तुरंत बाद हमलावर को गिरफ्तार कर लिया गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

वायरल वीडियो में आप देख सकते हैं कि हमलावर दिनदहाड़े बेखौफ सड़क पर धारदार हथियार लेकर खड़ा है। घटनास्थल पर मौजूद एक शख्स ने उसे रोकने की भी कोशिश की। इस बीच मौका पाकर अली सोलिह अपना स्कूटर छोड़कर भाग निकले। इस दौरान हमलावर घटनास्थल पर ही खड़ा रहा और निशाना चूकने के बाद स्थानीय भाषा में लोगों से बात करने लगा। मंत्री पर हमले की जानकारी मिलते ही माले पुलिस ने तुरंत घटनास्थल से हमलावर को गिरफ्तार कर लिया। हालाँकि, अभी तक हमला करने के कारणों का पता नहीं चल सका है।

बताया जा रहा है कि हमलावर को 15 दिन की पुलिस रिमांड पर सौंपा गया है। यह वही हमलावर है, जिसने बीते दिनों माले में किंग सलमान मस्जिद में जुमे की नमाज के बाद की तकरीर को बाधित किया था। आज उसे हुलहुमले मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया, जहाँ उसे 15 दिन की पुलिस रिमांड में भेज दिया गया है।

बता दें कि अली सोलिह मालदीव सरकार में पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री हैं। वह जुम्हूरी पार्टी (जेपी) के प्रवक्ता भी हैं, जो राष्ट्रपति इब्राहिम सोलिह की सत्तारूढ़ मालदीवियन डेमोक्रेटिक पार्टी (एमडीपी) की गठबंधन सहयोगी है।

यूपी पुलिस ने जब्त की मुख़्तार अंसारी के करीबी हाजी की इमारत, ₹13 करोड़ का है ‘फातिमा कॉम्प्लेक्स’: ढोल बजा कर हुई कार्रवाई

उत्तर प्रदेश पुलिस ने मंगलवार (23 अगस्त 2022) को माफिया मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) के करीबी हाजी मुख्तार का करोड़ों का कॉम्प्लेक्स कुर्क किया। ‘गैंगस्टर एक्ट’ के तहत यह कार्रवाई की गई। जहाँगीराबाद स्थित दो मंजिला फातिमा कॉम्प्लेक्स की कीमत करीब 12 करोड़ 96 लाख रुपए बताई जा रही है। एएसपी त्रिभुवन नाथ त्रिपाठी की अगुवाई में पहुँची पुलिस और प्रशासन की टीम ने ढोल बजवाकर इसकी सूचना दी। उसके बाद कुर्की की कार्रवाई की गई।

एएसपी त्रिभुवन नाथ त्रिपाठी ने बताया कि हाजी मुख्तार पर गैंगस्टर एक्ट की धारा 14 ए के तहत संपत्ति कुर्क की कार्रवाई की गई है। हाजी मुख्तार ने यह संपत्ति अवैध रूप से अर्जित की थी। दरअसल, प्रवर्तन निदेशालय (ED) गैंगस्टर मुख्तार अंसारी और उसके करीबी सहयोगियों से जुड़े परिसरों पर शिकंजा कसने के लिए छापेमारी कर रहा है। इसके तहत दिल्ली और उत्तर प्रदेश के लखनऊ, गाजीपुर और मऊ जिलों में छापेमारी की जा रही है।

बता दें कि 22 अगस्त को यूपी पुलिस ने मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी ( Abbas Ansari) के लखनऊ स्थित घर पर छापेमारी की थी। लखनऊ पुलिस ने अब्बास अंसारी की गिरफ्तारी के लिए 8 टीमें बनाई हैं, जो देश भर में कई लोकेशन पर रेड मार रही हैं। 12 अक्टूबर 2019 को लखनऊ के महानगर थाने में अब्बास अंसारी के खिलाफ पुलिस की तरफ से एफआईआर दर्ज की गई थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि मेट्रो सिटी निवासी अब्बास अंसारी ने 2012 में डीबीडीएल गन का लाइसेंस लिया था। मुख्तार अंसारी के बेटे पर आरोप है कि उसने शूटिंग के बहाने नियम के खिलाफ कई असलहे और कारतूस खरीदे थे।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि आरोपित ने लखनऊ पुलिस को बिना जानकारी दिए और अनुमति लिए धोखाधड़ी कर लाइसेंस को दिल्ली स्थानांतरित करवाया और उस पर कई हथियार लिए। जाँच-पड़ताल के दौरान लखनऊ पुलिस ने अब्बास अंसारी के आवास से 6 असलहे और अलग-अलग बोर के 4431 कारतूस बरामद किए थे। इसके बाद महानगर पुलिस ने थाने में आईपीसी की धारा 467, 468, 471, 420 और आर्म्स एक्ट की धारा 30 के तहत आरोप पत्र दाखिल किया था।