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दिल्ली में नहीं होगा मुनव्वर फारूकी का शो, पुलिस ने कहा- खराब हो सकता है माहौल: कॉमेडी के नाम पर फैलाता रहा है हिंदू घृणा

हिंदू देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाला कथित स्टैंडअप कॉमेडियन मुनव्वर फारूकी (Munawar Faruqui) 28 अगस्त को दिल्ली में अपना शो नहीं कर पाएगा। दिल्ली पुलिस की लाइसेंसिंग यूनिट ने उसके शो के लिए अनुमति देने से मना कर दिया है।

बता दें कि शुक्रवार (25 अगस्त 2022) को विश्व हिंदू परिषद ने दिल्ली पुलिस को पत्र लिखकर फारूकी के शो को रद्द करने की माँग की थी।ऐसा नहीं होने पर विरोध-प्रदर्शन की चेतावनी दी थी। पिछले दिनों फारूकी के शो के लिए तेलंगाना सरकार ने अनुमति दी थी और हैदराबाद में शो में सुरक्षा के लिए 100 से अधिक पुलिस वालों को तैनात किया गया था।

विश्व हिंदू परिषद सहित तमाम संगठनों के विरोध को देखते हुए दिल्ली पुलिस की केंद्रीय जिला पुलिस ने लाइसेंसिंग यूनिट को एक रिपोर्ट भेजा था। इस रिपोर्ट में कहा गया था कि ‘शो क्षेत्र में सांप्रदायिक सद्भाव को प्रभावित करेगा’। इसलिए इसे रद्द किया जाए।

बात दें कि हिंदू भावनाओं का ध्यान रखते हुए फारूकी के हैदराबाद शो को रद्द करने की माँग की गई थी, लेकिन वहाँ के प्रशासन ने पूरी सुरक्षा के साथ शो करवाया। इसके विरोध में बीजेपी के निलंबित विधायक टी राजा सिंह ने एक वीडियो बनाया, जिसे कट्टरपंथी ईशनिंदा बता रहे हैं। उसके बाद हैदराबाद की सड़कों पर दिखा इस्लामी उन्माद और ‘सर तन से जुदा’ के नारे वाले वीडियो पूरे देश ने देखा है।

दिल्ली के शो को कैंसिल करने के लिए VHP के प्रांत मंत्री सुरेंद्र गुप्ता ने दिल्ली पुलिस के कमिश्नर को पत्र लिखा था। इस पत्र में कहा था, “मुनव्वर फारूकी दिल्ली के सिविक सेंटर में केदारनाथ स्टेडियम में 28 अगस्त को एक शो आयोजित करने जा रहा है। यह व्यक्ति अपने शो में हिंदू देवी-देवताओं का मजाक उड़ाता है, जिसके कारण अभी हाल में भाग्यनगर (हैदराबाद) में साम्प्रदायिक तनाव भड़क गया था। इसका शो तुरंत रद्द करें। अन्यथा विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता शो के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन करेंगे।”

बता दें कि कथित कॉमेडी के जरिए हिंदू भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाले मुनव्वर फारूकी का पिछले साल भी देश के कई हिस्सों में शो कैंसिल हुए थे। हिंदू संगठनों बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद ने गोवा, गुजरात और छत्तीसगढ़ में उसके शो का कड़ा विरोध किया था।

कॉमेडी के नाम पर फारूकी उन कारसेवकों का भी मजाक उड़ा चुका है. जिन्हें गोधरा में जलाकर मार डाला गया था। उसने 59 लोगों की निर्मम हत्या के लिए आरएसएस और अमित शाह को जिम्मेदार ठहराया था। इतना ही नहीं बॉलीवुड के एक गाने का जिक्र करते हुए वह राम-सीता का मजाक बना चुका है।

घर से बाहर तक PM मोदी का डंका: विश्व के सबसे लोकप्रिय नेता चुने गए-अप्रूवल रेटिंग 75%, 11वें पायदान पर अमेरिकी राष्ट्रपति

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) एक बार फिर दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता बनकर उभरे हैं। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन (Joe Biden) सहित दुनिया के तमाम नेताओं को पीछे छोड़ दिया है। इसके पहले भी पीएम मोदी दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता चुने जा चुके हैं।

अमेरिकी डेटा इंटेलिजेंस फर्म ‘द मॉर्निंग कंसल्ट’ की सर्वे के अनुसार, PM मोदी की अप्रूवल रेटिंग 75% है। पिछले दो साल से वे इस रेटिंग में टॉप पर बने हुए हैं। इस लिस्ट में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन की रेटिंग सिर्फ 41% है और वे विश्व रैंकिंग में 11वें नंबर पर हैं। पिछली बार बाइडेन छठवें नंबर पर थे।

17 अगस्त से 23 अगस्त के बीच किए गए इस सर्वे में दूसरे नंबर पर मेक्सिको के राष्‍ट्रपति आंद्रेस मेनुएल लोपेज ओब्राडोर हैं। उन्हें 63% लोगों ने वोट दिया है। तीसरे नंबर पर ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बेनेस हैं। अल्बेनेस को 58% मिले हैं।।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस लिस्ट में पिछले दो साल से शीर्ष पर बने हुए हैं। इस साल 13 से 19 जनवरी के बीच कराए गए पिछले सर्वे में उनकी अप्रूवल रेटिंग 71% थी और दुनिया भर के नेताओं में टॉप पर थे। इससे पहले सितंबर 2021 में कराए गए सर्वे में भी पीएम मोदी सबसे लोकप्रिय नेता चुने गए थे। मई 2020 में उनकी लोकप्रियता रेटिंग 84% थी।

इंडिया टुडे-सी वोटर सर्वे में भी ऊपर

हाल ही में इंडिया टुडे और सी वोटर द्वारा कराए गए सर्वे में प्रधानमंत्री देश के सबसे लोकप्रिय प्रधानमंत्री के रूप में उभरे थे। 53 प्रतिशत भारतीय लोगों ने कहा था कि वे नरेंद्र मोदी को अगले प्रधानमंत्री के तौर पर भी देखना चाहते हैं।

इस सर्वे में सिर्फ 9 फीसदी भारतीय लोगों ने कहा था कि वे राहुल गाँधी को अगले प्रधानमंत्री के तौर पर देखना चाहते हैं। वहीं, आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल 7 फीसदी लोगों की पसंद थे। 

यह सर्वे इस साल फरवरी से 10 अगस्त के बीच किया गया था। इस दौरान 1,22,016 लोगों से उनकी राय पूछी गई। सर्वे के अनुसार, अगर आज चुनाव होते हैं तो एनडीए की सरकार का वापसी करना तय है।

पीएम मोदी के नेतृत्व में BJP की जड़ें गहरी

मेहता स्कूल ऑफ मॉडर्न मीडिया, UPES के डीन प्रोफेसर नलिन मेहता ने हाल में अपने लेख में कहा था कि भारतीय राजनीति में बीजेपी की जड़ें इतनी गहरी हो चुकी हैं कि 2047 तक उसका वर्चस्व बना रह सकता है।

अपने लेख में उन्होंने रजनी कोठारी के एक लेख का जिक्र करते हुए यह भी कहा है कि भारतीय राजनीतिक व्यवस्था में कभी जो प्रभुत्व कॉन्ग्रेस का था, उस जगह पर अब बीजेपी आसीन है। कोठारी ने ‘भारत में कॉन्ग्रेस सिस्टम’ नाम से यह लेख 1964 में जवाहर लाल नेहरू की मृत्यु के कुछ महीने बाद लिखा था। 

लेख में कहा गया था कि बहुदलवादी लोकतंत्र होने के बावजूद भारतीय राजनीतिक व्यवस्था में एक पार्टी का दबदबा है। कॉन्ग्रेस के दबदबे के कारण दूसरी पार्टियाँ मजबूत नहीं हो पाईं हैं। लेकिन मेहता के अनुसार देश की स्वतंत्रता के 50वाँ वर्ष आते-आते यह धारणा काफी हद तक ध्वस्त हो गई। 

इसमें उन्होंने बताया है कि कैसे समय के साथ भाजपा का वोट शेयर देश में बढ़ रहा है। साल 2009 में भाजपा का वोट शेयर नॉर्थ ईस्ट भारत में 12.8% था, लेकिन 2019 में उसका वोट शेयर वहाँ 33.7% हो गया है। पूर्वी भारत में ये 9.3% से 39.7 % बढ़ा है। इसी तरह पश्चिमी भारत में ये वोट शेयर 27.6% से 39.8% हो गया है और दक्षिण भारत में यह 11.9% से 17.9% हो गया है।

उन्होंने 2047 तक भारत में हिंदुत्व के प्रभाव की चर्चा करते हुए अनुमान लगाया कि संभवत: तब तक तेलंगाना, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और हो सकता है कि तमिलनाडु में भी भाजपा का कोई न कोई मुख्यमंत्री बन जाए। उन्होंने कहा कि किसी जमाने में जब कॉन्ग्रेस का दबदबा था जब ये हिंदुत्व भाजपा के विस्तार में रोड़ा था, लेकिन आज ये उनका ब्रांड हो गया है।

मेहता कहते हैं कि ऐसी उम्मीद है कि भाजपा अगले दो दशक में हिंदुत्व के साथ आगे बढ़ेगी और इस तरह योगी मॉडल कई महत्वाकांक्षी भाजपा नेताओं के लिए एक मिसाल होगा।

‘हर नुक्कड़ पर मस्जिद जरूरी नहीं’ : बिल्डिंग को मजहबी स्थल बनाना चाहता था ‘नुरुल इस्लाम’, केरल HC ने कुरान का हवाला देकर याचिका खारिज की

केरल हाईकोर्ट ने शुक्रवार (26 अगस्त 2022) को केरल के एक इलाके में नई मस्जिद बनाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने इस मामले में कहा कि राज्य में पहले से ही कई मजहबी स्थल हैं जो कि राज्य की जनसंख्या के अनुपात से बहुत अधिक हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, केरल हाईकोर्ट में नुरुल इस्लाम संस्कारिका संगम द्वारा दायर की गई याचिका पर सुनवाई हो रही थी। इस याचिका में एक व्यावसायिक बिल्डिंग को मस्जिद में बदलने की माँग की गई थी। याचिका में दावा किया गया था कि यहाँ मस्जिद बनने के बाद इसके आसपास के मुसलमान दिन में पाँच बार नमाज अदा करने के लिए मस्जिद पहुँच सकेंगे।

इससे पहले कलेक्टर ने इस मामले की जाँच करते हुए इस माँग को निरस्त कर दिया था। क्योंकि, जाँच में यह पाया गया था कि जिस बिल्डिंग की जगह मस्जिद बनाने की बात कही जा रही थी उसके आसपास के 5 किलोमीटर क्षेत्र में 36 मस्जिदें थीं।

न्यायमूर्ति पीवी कुन्हीकृष्णन ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि यहाँ की भौगोलिक स्थिति के कारण केरल राज्य को ‘भगवान का अपना देश’ कहा जाता है और यह धार्मिक स्थलों से भरा हुआ है।

हाईकोर्ट की ओर से कहा गया, “केरल में धार्मिक संस्थानों और प्रार्थना कक्षों की संख्या पर्याप्त है। यदि हिंदू, ईसाई, मुस्लिम, यहूदी, पारसी आदि का प्रत्येक भक्त अपने निवास के पास धार्मिक स्थान और प्रार्थना कक्ष बनाना शुरू कर देता है, तो राज्य को सांप्रदायिक विद्वेष सहित गंभीर परिणाम का सामना करना पड़ेगा।”

न्यायमूर्ति पीवी कुन्हीकृष्णन की बेंच ने यह भी कहा, “इस मामले में खुफिया रिपोर्ट और पुलिस रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि व्यावसायिक बिल्डिंग को धार्मिक प्रार्थना कक्ष में बदलने की अनुमति दी जाती है, तो सांप्रदायिक विद्वेष की स्थिति उत्पन्न होने की संभावना है। यह एक संवेदनशील मुद्दा है।”

कुरान में नहीं लिखा हर नुक्कड़ पर मस्जिद हो: केरल हाईकोर्ट

यही नहीं, जस्टिस ने कुरान का भी जिक्र किया और कहा कि कुरान में कहीं भी यह नहीं लिखा है कि इलाके के हर नुक्कड़ पर मुस्लिम समुदाय के लिए एक मस्जिद होनी चाहिए।

केरल हाईकोर्ट ने कहा, “कुरान की आयतें मुस्लिम समुदाय के लिए मस्जिद के महत्व को स्पष्ट रूप से उजागर करती हैं। लेकिन कुरान की आयतों में यह नहीं कहा गया है कि मस्जिद हर नुक्कड़ पर जरूरी है। हदीस या कुरान में यह नहीं कहा गया है कि मस्जिद हर मुस्लिम के घर के बगल में होनी चाहिए। दूरी कोई मापदंड नहीं है।”

सुनवाई में यह भी कहा गया, “यह सच है कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 26 (अ) में कहा गया है कि सार्वजनिक व्यवस्था, नैतिकता और स्वास्थ्य के अधीन, प्रत्येक धार्मिक संप्रदाय या उसके किसी भी वर्ग को धार्मिक और धर्मार्थ उद्देश्यों के लिए धार्मिक स्थान बनाने का अधिकार होगा। इसका मतलब यह नहीं है कि वे देश के कोने-कोने में धार्मिक स्थलों का निर्माण कर सकते हैं। केरल एक बहुत छोटा राज्य है।”

न्यायमूर्ति कुन्हीकृष्णन ने दिवंगत प्रसिद्ध कवि स्वर्गीय वायलार रामवर्मा के एक फिल्मी गाने का भी हवाला दिया। इस गाने में यह बताया गया है कि कैसे मनुष्य ने धर्मों का निर्माण किया, धर्मों ने ईश्वर का निर्माण किया फिर धर्मों और ईश्वर ने दुनिया और मानवता को विभाजित किया।

सुनवाई के दौरान फैसला देते हुए जस्टिस ने कहा “नागरिकों को एक-दूसरे से प्यार करने दें और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अपने धार्मिक प्रथाओं का पालन करें। हर कोई धर्म का पालन अपने घर से कर सकता है और यदि उनके धर्म में यह कहा गया है कि प्रार्थना एक साथ की जानी चाहिए। ऐसे में वे अपने पड़ोस में एक और मस्जिद या प्रार्थना कक्ष बनाने की जगह पास की किसी मस्जिद में जा सकते हैं।”

हेमंत सोरेन की मुख्यमंत्री की कुर्सी पर खतरा: झारखंड के राज्यपाल ने विधानसभा की सदस्यता की रद्द, रिपोर्ट्स में दावा- पत्नी बन सकती हैं CM

खनन लीज मामले में चुनाव आयोग की अनुशंसा पर राज्यपाल ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Jharkhand CM Hemant Soren) की विधानसभा सदस्यता रद्द कर दी है। हालाँकि, उनके चुनाव लड़ने पर रोक नहीं लगाई गई है। इसके बाद हेमंत सोरेन को अब मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़नी होगी।

मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि राज्यपाल रमेश बैस ने कार्रवाई का आदेश दे दिया है। बता दें कि ऑफिस फॉर प्रॉफिट मामले में चुनाव आयोग ने गुरुवार (25 अगस्त 2022) को झारखंड के राज्यपाल से हेमंत सोरेन की विधानसभा सदस्यता रद्द करने की सिफारिश की थी।

कहा जा रहा है कि चुनाव आयोग से सिफारिश मिलने के बाद राज्यपाल रमेश बैस ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता, राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी और आयोग के कानूनी विशेषज्ञों से सलाह-मशविरा करने के बाद उन्होंने यह फैसला लिया है। उम्मीद है कि चुनाव आयोग इस संबंध में शनिवार (27 अगस्त 2022) को इसकी अधिसूचना जारी करेगा।

उधर सोरेन की विधायकी रद्द होने की खबर आने के बाद उनके आवास पर मंत्रियों और विधायकों के पहुँचने का सिलसिला शुरू हो गया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री भवन में आज महागठबंधन के विधायक दल की बैठक भी हुई। इस बैठक में सोरेन की पार्टी जेएमएम, कॉन्ग्रेस और राजद के विधायक शामिल हुए।

इसमें निर्णय में हेमंत सोरेन के चुनाव लड़ने पर रोक नहीं लगाई है। संभवत: इसके पीछे आरोपों का अभी सिद्ध होना बाकी है। इस आधार पर हेमंत सोरेन कुछ समय बाद चुनाव लड़कर फिर से विधायक चुने जा सकते हैं।

हेमंत सोरेन की कुर्सी जाने के बाद वे अपनी पत्नी कल्पना सोरेन को मुख्यमंत्री बना सकते हैं। इसको लेकर पिछले कई दिनों से मीडिया में चर्चा हो रही है। कहा जा रहा है कि इस संबंध में महागठबंधन के सहयोगी दलों से भी चर्चा हो चुकी है और वे इस पर सहमत भी हैं।

दरअसल, खनन लीज मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की कुर्सी को लेकर चुनाव आयोग ने अपनी रिपोर्ट दी है। सोरेन पर विभागीय मंत्री होते हुए अपने नाम से खनन लीज लेने का आरोप है। मामला राज्यपाल कार्यालय से होते हुए चुनाव आयोग तक पहुँचा और आयोग ने इस पर कई दिनों तक सुनवाई की। 

आध्यात्म की राह पर जैकलीन फर्नांडिस, परेशानियों से निकलने के लिए कर रहीं जाप: जबरन वसूली के मामले में ED ने बनाया है आरोपित

बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस (Jacqueline Fernandez) इन दिनों ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े मनी लॉन्‍ड्र‍िंग केस को लेकर परेशानियों में घिरी हुई हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन्हें 215 करोड़ रुपए की जबरन वसूली के मामले में आरोपित बनाया है। ऐसे समय में वह परेशानियों से बाहर आने के लिए आध्यात्म का सहारा ले रहीं हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार जैकलीन फर्नांडिस गुरु मंत्र का जाप कर रही है हैं। उन्होंने गुरुजी निर्मल सिंह का एक कंगन भी धारण किया है। रिपोर्ट के अनुसार हाल ही में जैकलीन ने दिल्ली के छतरपुर स्थित गुरुजी द्वारा स्थापित मंदिर में दर्शन भी किए थे।

22 अगस्त को उन्होंने मुंबई के जुहू स्थित मुक्तेश्वर मंदिर में भी भगवान भोलेनाथ के दर्शन किए थे। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया था। जैकलीन फर्नांडिस के एक करीबी सूत्र ने पिंकविला को बताया कि उन्होंने जुलाई महीने में गुरुजी के आश्रम का दौरा किया था। गुरुजी द्वारा स्थापित भगवान शिव के मंदिर में आशीर्वाद भी लिया। अभिनेत्री को उनके एक करीबी ने छतरपुर में गुरुजी के आश्रम जाने की सलाह दी थी।

बता दें कि मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED ने जैकलीन फर्नांडिस के कई फिक्स्ड डिपॉजिट जब्त किए हैं। उनके द्वारा किए गए निवेशों को भी जाँच एजेंसी ने अटैच किया है। जाँच एजेंसी को जैकलीन फर्नांडिस ने बताया है कि इन फिक्स्ड डिपॉजिट का किसी भी अपराध से कोई लेनादेना नहीं है और न ही इन्हें अवैध तरीके से खोला गया है। उन्होंने कहा कि ये मेरी तभी की कमाई से खोला गया था, जब उन्हें पता भी नहीं था कि इस दुनिया में सुकेश चंद्रशेखर नाम का कोई व्यक्ति अस्तित्व में भी है। बताया जाता है कि जैकलीन को इस बात की जानकारी थी कि सुकेश एक अपराधी और वह जबरन वसूली करने वाला है। एक्ट्रेस को कॉनमैन ने 10 करोड़ रुपए का सामान गिफ्ट किया था।

MLA टी राजा सिंह को माँ की गालियाँ, समर्थकों को भी धमकी: ‘सर तन से जुदा’ वालों ने video से सरकार को ललकारा

सोशल मीडिया पर इस्लामी कट्टरपंथियों के दो वीडियो सामने आए हैं। इन वीडियो में वे भाजपा से निलंबित विधायक राजा सिंह को पैगंबर मुहम्मद के खिलाफ उनकी कथित ‘ईशनिंदा’ टिप्पणी के लिए धमकाते हुए बेहद अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए दिखाई दे रहे हैं।

सैकड़ों इस्लामवादियों द्वारा हैदराबाद की सड़कों पर ‘अल्लाह-हू-अकबर’, ‘गुस्ताख-ए-रसूल की एक सज़ा, सर तन से जुदा… सर तन से जुदा’ जैसे नारे लगाने के बाद ये वीडियो सामने आए हैं। इन वीडियो में राजा सिंह की गिरफ्तारी और उनका सिर काटने की माँग की गई है। कट्टरपंथियों ने ‘राजा सिंह मुर्दाबाद, मुर्दाबाद’ जैसे नारे भी लगाए और दोहराया कि भाजपा विधायक ने कथित तौर पर मुस्लिम समुदाय और उनके पैगंबर का अपमान किया है।

दोनों वीडियो को तेलुगु लाइव टीवी चैनल तेलंगाना माता ने शुक्रवार (26 अगस्त 2022) को साझा किया। पहले वीडियो में एक मुस्लिम विधायक कहता है कि यदि हैदराबाद के आयुक्त और गृह मंत्री ने विधायक राजा सिंह के खिलाफ त्वरित कार्रवाई नहीं की तो विधायक को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

वीडियो में मुस्लिम युवक राजा सिंह को परोक्ष रूप से धमकी देता है और निलंबित भाजपा नेता के लिए ‘ह*मी और कु** की औलाद’ जैसे अभद्र शब्दों का इस्तेमाल करता। विधायक के साथ-साथ उनके समर्थकों को भी धमकी देता है।

इस कट्टरपंथी युवक ने न केवल निलंबित भाजपा नेता को गाली और सिर काटने की धमकी दी, बल्कि उनकी माँ के खिलाफ अपशब्द कहे। उसने राजा सिंह के समर्थकों के को धमकाया और कहा कि यदि तेलंगाना पुलिस उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं करती है तो इनका हश्र भी राजा सिंह जैसा ही होगा।

धमकी देते हुए यह युवक कहता है, “तुम्हारा हैदराबाद में जीना हराम कर देंगे। हम सभी मुस्लिमों से अपील करते हैं कि इस ह**मी को जहाँ भी देखे उसे सबक सिखाए।” इसके अलावा, वह वीडियो में विधायक राजा सिंह, उनकी माँ और उनके समर्थकों के लगातार गालियों का प्रयोग करता है।

दूसरे वीडियो में खुद आयशा फरहीन बताने वाली बुर्का पहनी एक मुस्लिम महिला ने विधायक राजा सिंह को पैगंबर को कथित तौर पर गाली देने के लिए मौत की धमकी दी। उसने ‘सुअर’ और ‘जाहिल’ कहकर संवैधानिक पद पर बैठे विधायक राजा सिंह का अपमान किया। उसने इस्लाम का अपमान करने पर जान से मारने की धमकी दी।

महिला ने आगे कहा कि राजा सिंह ने पैगंबर के बारे में जो कुछ भी कहा वह इसलिए था, क्योंकि उन्हें तेलंगाना की सत्ताधारी टीआरएस पार्टी का समर्थन प्राप्त था। उसने दावा किया कि अगर TRS का मदद नहीं होता तो राजा सिंह राज्य में इस तरह का भाषण खुले तौर पर नहीं दे पाते। उसने दावा किया कि तेलंगाना सरकार राज्य के सांप्रदायिक संघर्ष से लाभ ले रही है।

बीवी की पिटाई से खौफ खाए पति ने 100 फीट ऊँचे पेड़ पर बनाया घर: 1 महीने से रहना-खाना सब वहीं, लोगों को मारता है ईंट-पत्थर, औरतों के घर में झाँकता है

उत्तर प्रदेश के मऊ जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ के राम प्रवेश नामक व्यक्ति को अपनी ही पत्नी से पिटाई का डर सता रहा है। इसी खौफ के कारण वह ताड़ के 100 फीट ऊँचे पेड़ पर जाकर बस गया है। अब उसी पेड़ पर राम प्रवेश का रहना, खाना और सोना होता है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह विचित्र मामला यूपी के मऊ जिले के कोपागंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत बसारथपुर ग्रामसभा का बताया जा रहा है। यहाँ के रहने वाले व्यक्ति राम प्रवेश और उसकी पत्नी के बीच अक्सर मारपीट होती रहती थी। लेकिन एक रोज राम प्रवेश अपनी पत्नी से पिटाई खाने से बचने के लिए पास के ताड़ के पेड़ पर चढ़ गया।

आपको बताते चलें कि ताड़ के जिस पेड़ पर ये व्यक्ति चढ़ा है, उसकी ऊँचाई लगभग 100 फीट बताई जा रही है। जब से राम प्रवेश पेड़ पर चढ़ा है, तब से उसका वहीं रहना, खाना और सोना होता है।

इसके अलावा वो रात के समय पेड़ से उतरकर अन्य क्रियाकलाप करके वापस पेड़ के ऊपर चढ़ जाता है। वहाँ रहने वाले लोगों ने बताया कि जब राम प्रवेश को कोई समझाने या फिर से उतारने की कोशिश करता है तो वह पेड़ पर रखे ईट-पत्थरों से उन लोगों पर हमला कर देता है। राम प्रवेश के पेड़ पर रहने से स्थानीय महिलाओं में भी उसको लेकर आक्रोश है।

बता दें पेड़ की ऊँचाई ज्यादा होने के कारण राम प्रवेश को दूसरे घरों के आँगन और उसमें महिलाओं द्वारा किए गए क्रियाकलाप दिखाई देते हैं। इसी कारण गाँव की महिलाएँ भी यही चाहती है कि जल्द से जल्द उसे उस पेड़ से नीचे उतारा जाए। इसको लेकर महिलाओं ने ग्राम प्रधान से शिकायत भी की है।

राम प्रवेश के पिता ने लगाया अपनी बहु पर आरोप

गौरतलब है कि इस मामले में राम प्रवेश के पिता विष्णुराम ने अपनी ही बहू पर इस घटना का आरोप लगाया है। विष्णुराम ने बताया कि उसकी बहू अक्सर उसके बेटे के साथ मारपीट और लड़ाई झगड़ा करती। इसी लड़ाई-झगड़े से परेशान होकर उसका बेटा पेड़ पर जाकर रहने लगा है। बताया जा रहा है कि लगभग पिछले एक महीने से राम प्रवेश उसी पेड़ पर गुजारा कर रहा है।

वहीं इस मामले में बसारथपुर के ग्राम प्रधान दीपक ने बताया कि राम प्रवेश और उसके परिवार में किसी बात की लड़ाई चल रही है। इसी कारण वह ताड़ के ऊपर चढ़ कर रह रहा है। गाँव वालों ने बताया कि राम प्रवेश के कारण उनकी निजता पर प्रभाव पड़ रहा है। जब इस घटना की जानकारी पुलिस को दी गई तो पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की वीडियो बनाकर ले गई है।

झारखंड के हजारीबाग का पीड़ित हिंदू परिवार मुस्लिम बहुल गाँव से पलायन को हुआ मजबूर: घर की महिलाओं से पंचायत में की गई थी मारपीट

झारखंड में कुछ जिलों में हिंदुओं के लिए मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। हजारीबाग (Hazaribagh, Jharkhand) जिले के मुस्लिम बहुल सिरमा गाँव में रहने वाले वाले एक हिंदू परिवार ने प्रताड़ना तंग आकर अपने घर पर ताला लगा दिया है।

यह हिंदू परिवार बड़कागाँव के नापोखुर्द पंचायत अंतर्गत बरवनिया गाँव में अपने रिश्तेदार हीरालाल साव के घर रह रहा है। घटना के बाद से परिवार काफी डरा हुआ है। यहाँ तक पीड़ित लडकी ने स्कूल तक जाना भी बंद कर दिया है। हालाँकि, मुखिया के बेटे मोहम्मद वसीम अंसारी ने 23 अगस्त को पॉस्को कोर्ट में सरेंडर कर दिया। इसके बाद भी पीड़ित परिवार वापस अपने गाँव नहीं जाना चाहता है।

दरअसल, इस गाँव की हिंदू परिवार की महिलाओं को मुस्लिमों ने कान पकड़वाकर बीते दिनों उठक-बैठक कराया था। इतना ही नहीं, परिवार वालों पर इस्लाम अपनाने (Religious Conversion in Islam) का भी दबाव बनाया गया। गाँव की विधवा महिला और लड़की की माँ किरण देवी का आरोप है कि 10 अगस्त की रात को मुखिया इशरत जहाँ का बेटा वसीम दर्जनों लोगों के जबरन उनके घर में घुस गया और उनकी बेटियों को अगवा करके ले गया।

किरण देवी ने यह भी आरोप लगाया था कि बाहर बारिश में भरी पंचायत में उनकी दोनों नाबालिग बेटियों के साथ गाली-गलौच और अश्लीलता की गई। उन्हें थप्पड़ मारे गए और कान पकड़वाकर सबके सामने उठक-बैठक कराई गई। इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर भी वायरल कर दिया गया।

दरअसल, आरोपितों ने पीड़िता पर आरोप लगाया था कि जब वे पाकिस्तान का झंडा लहरा रहे थे तब उसने वीडियो बना लिया था और उसे वायरल कर दिया था। इसके बाद से वे हिंदू परिवार को प्रताड़ित करने लगे। आरोपितों ने पीड़ित परिवार को धमकी दी थी कि उनका पूजा-पाठ बंद करवा दिया जाएगा।

पीड़िता और उसकी माँ ने थाने में शिकायत कर मोहम्मद वसीम समेत अन्य पर मामला दर्ज करवाया था। इसके बाद हिंदू लड़की को अपनी बहन और विधवा माँ के साथ अपना घर छोड़ने और फूफा के घर रहने के लिए मजबूर किया गया है।

वहीं, हिंदू संगठनों ने जब इस मामले का विरोध किया तो 21 अगस्त को कॉन्ग्रेस की विधायक अंबा प्रसाद पीड़िता के घर पहुँचे। आरोप है कि उन्होंने जबरन पीड़िता से मुस्लिम युवकों को राखी बँधवाई और कहा कि ‘प्रशासन कब तक तुम्हारे साथ रहेगा। तुम्हें इन्हीं लोगों के साथ रहना है’।

पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि कॉन्ग्रेस विधायक ने उन्हें धमकी दी कि अगर वे इस मामले को पुलिस के पास ले गए तो उन्हीं लोगों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं, कुछ स्थानीय लोगों ने भी पीड़ित परिवार को इस केस में आरोपितों के साथ ‘सहयोग’ करने के लिए धमकाया।

बता दें कि आरोपितों में मुखिया इशरत जहाँ के पुत्र मोहम्मद वसीम, शजीबुल्ला, मोहम्मद नाजिम, मोहम्मद तकिब, मोहम्मद आसिफ समेत 5 अज्ञात लोगों का नाम शामिल है। पुलिस ने इनमें मोहम्मद नदीम और मोहम्मद साकिब को गिरफ्तार कर लिया है।

सिरमा गाँव में हिंदुओं के दो-तीन परिवार ही रहते हैं। जिस परिवार को प्रताड़ित किया जा रहा है उसमें दो नाबालिग लड़कियाँ, एक छोटा भाई और उनकी विधवा माँ है। उनके पिता की मौत हो चुकी है।

योगी आदित्यनाथ पर नहीं चलेगा हेट स्पीच का केस: सुप्रीम कोर्ट ने भी HC के आदेश पर लगाई मुहर, परवेज की याचिका खारिज

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को हेट स्पीच मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (26 अगस्त 2022) को इस मामले की सुनवाई करते हुए योगी आदित्यनाथ के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने के आरोप में मुकदमा चलाने की अनुमति देने से इनकार दिया है।

दरअसल, इस मामले में परवेज परवाज नामक व्यक्ति ने आरोप लगाया था कि 27 जनवरी, 2007 को गोरखपुर में ‘हिंदू युवा वाहिनी’ के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने मुस्लिम विरोधी अभद्र टिप्पणी की थी। हालाँकि जाँच हुई तो योगी आदित्यनाथ के खिलाफ केस चलाने के पर्याप्त सबूत नहीं मिले।

इससे पहले, राज्य सरकार ने मई, 2017 में हेट स्पीच मामले में योगी आदित्यनाथ पर मुकदमा दर्ज करने की अनुमति देने से मना कर दिया था। इसके बाद, परवेज ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। मगर, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी फरवरी, 2018 में इस याचिका को खारिज कर दिया था।

इसके बाद, याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट ने भी हेट स्पीच मामले में योगी आदित्यनाथ पर मुकदमा दर्ज करने की अनुमति देने वाली याचिका को आरोपों और पेश किए गए तथ्यों को कमजोर मानते हुए खारिज कर दिया है।

इस मामले में फैसला सुनाते हुए भारत के चीफ जस्टिस एनवी रमना, जस्टिस हिमा कोहली और जस्टिस सीटी रविकुमार की बेंच की ओर से कहा गया है, “उपरोक्त परिस्थितियों में, हमें नहीं लगता कि मंजूरी देने से संबंधित कानूनी सवालों में जाना आवश्यक है। नतीजतन, अपील खारिज की जाती है।”

क्या है पूरा मामला

दरअसल, 27 जनवरी 2007 को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में साम्प्रदायिक हिंसा भड़की थी। इस हिंसा में 2 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य घायल हुए थे। इस दंगे के बाद तत्कालीन सांसद योगी आदित्यनाथ, विधायक राधा मोहन दास अग्रवाल, गोरखपुर की मेयर अंजू चौधरी पर भड़काऊ भाषण देने का आरोप लगाया गया था।

इस मामले में यह कहा गया था कि इन नेताओं के भड़काऊ भाषण के कारण ही गोरखपुर में दंगा भड़का था। इसके बाद, योगी आदित्यनाथ समेत विधायक व मेयर पर धारा 153, 153ए, 153बी, 295, 295बी, 147, 143, 395, 436, 435, 302, 427, 452 आईपीसी के तहत मामला दर्ज किया गया था।

सोनाली फोगाट को पानी में मिलाकर दी गई थी ड्रग्स, मौत से पहले का CCTV फुटेज सामने आयाः गोवा पुलिस का दावा- पीए ने कबूला जुर्म

भाजपा नेता व TikTok स्टार सोनाली फोगाट (Sonali Phogat) का अंतिम संस्कार हो गया है। उनकी बेटी यशोधरा ने शुक्रवार (26 अगस्त 2022) को उन्हें मुखाग्नि दी। सोनाली फोगाट की मौत के मामले में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। इस मामले की जाँच कर रही गोवा पुलिस ने दावा किया है कि सोनाली को जबरन ड्रग्स दिए गए थे। यह ड्रग उनके PA सुधीर सांगवान और सुखविंदर ने उनको दिए थे। इन दोनों ने गोवा पुलिस के सामने अपना जुर्म कबूला है।

गोवा के आईजीपी ओमवीर सिंह बिश्नोई ने मीडियाकर्मियों को बताया कि सीसीटीवी फुटेज में दोनों आरोपितों में से कोई एक उसे जबरदस्ती लिक्विड पिलाते हुए नजर आ रहा है। लिक्विड पीने के बाद सोनाली से खुद को संभला नहीं जा रहा। वह लड़खड़ाते और गिरते देखी जा सकती हैं। इसके बाद सुधीर और सुखविंदर सोनाली को संभालते नजर आ रहे हैं। कुछ समय बाद एक अन्य कैमरे की फुटेज में दिखा कि दोनों सोनाली को वॉशरूम ले जाते हैं और 2 घंटे तक वहीं रहते हैं। पूछताछ में आरोपित सुखविंदर सिंह और सुधीर सांगवान ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।

आईजीपी ने बताया कि सोनाली फोगाट सुबह 4:30 बजे तक कंट्रोल में नहीं थी तो आरोपित उसे शौचालय में ले गए। 2 घंटे तक आरोपितों ने सोनाली फोगाट के साथ शौचालय में क्या किया? इसका जवाब उन्होंने नहीं दिया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दोनों आरोपितों सुधीर सांगवान और सुखविंदर गिरफ्तार कर लिया है।

आईजी ओमवीर सिंह ने आगे कहा, “आरोपितों से पूछताछ की जा रही है। हमें लगता है कि जो ड्रग उन्हें (सोनाली) जबरदस्ती पिलाया गया था, उससे ही उनकी मौत हुई है, उस पार्टी में दो और लड़कियाँ भी थीं, जिनकी पहचान कर ली गई है और उन्हें भी पूछताछ के लिए बुलाया है। मामले की जाँच जारी है। पुलिस एफएसएल टीम को साथ लेकर आरोपितों के खिलाफ सबूत जुटाएगी। दोनों को 24 घंटे में कोर्ट में पेश किया जाएगा।”

पुलिस के मुताबिक, रात 12 बजे के करीब सोनाली को ड्रग्स दिए गए। हालाँकि, पुलिस ने इस बात का पता लगा लिया है कि सोनाली को कौन सा ड्रग्स दिया गया था, लेकिन वह अभी इसका खुलासा नहीं करेगी।

परिजनों ने जताई बलात्कार और हत्या की आशंका

जब सोनाली फोगाट (Sonali Phogat) की मौत की खबर सामने आई, तभी परिजनों ने उनके पीए पर हत्या के आरोप लगाए थे। इसके साथ-साथ परिजनों ने यह भी दावा किया कि हत्या से पहले सोनाली फोगाट के साथ बलात्कार भी किया गया था। परिजनों के मुताबिक सोनाली का अश्लील वीडियो बनाकर सुधीर और सुखविंदर उसे ब्लैकमेल भी करते थे।

फतेहाबाद के भूथनकलाँ गाँव निवासी व सोनाली के भाई रिंकू ने यह आरोप लगाया कि सुधीर और सोनाली फोगाट के दोस्त सुखविंदर ने खाने में नशीली वस्तु देकर सोनाली फोगाट के साथ रेप किया। ये दोनों वीडियो बना कर ब्लैकमेल भी कर रहे थे। एक लिखित शिकायत में परिजनों ने आरोप लगाया कि 3 साल पहले भी सुधीर ने खाने में नशीला पदार्थ मिला कर खिला दिया था और सोनाली का रेप किया था।