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‘घूरता था, पीछा करता था, गंदे मैसेज भेजता था’: हमीरपुर में वकील मोहम्मद हारून के खिलाफ महिला जज ने की शिकायत, छेड़छाड़ का भी आरोप

एफआईआर में महिला जज ने बताया कि हारून न केवल उनको आपत्तिजनक संदेश भेजता था, बल्कि उन्हें घूरता भी था और ईवनिंग वॉक के दौरान उनका पीछा भी करता था।

उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में एक महिला सिविल जज से बदसलूकी का मामला सामने आया है। आरोपित की पहचान अधिवक्ता मोहम्मद हारून के तौर पर हुई है। हारून पर आरोप है कि उसने महिला जज हर्षिता सचान के ऊपर भद्दे-भद्दे कमेंट किए और उनसे बदसलूकी भी की।

महिला जज ने इस संबंध में हमीरपुर कोतवाली में आईपीसी की धारा 354 (क) और 354 (ख) के तहत केस दर्ज करवाया है। सामने आई जानकारी के मुताबिक, मोहम्मद हारून हमीरपुर की जिला अदालत में नियुक्त महिला जज को गंदे मैसेज भेजता था। काम के दौरान उनको घूरता था और शाम में उनका पीछा करता था।

महिला जज ने इस तरह मैसेज भेजे जाने पर कई बार आपत्ति भी जताई थी और हारून को चेतावनी भी दी थी। लेकिन, अधिवक्ता ने कोई बात नहीं सुनी और महिला जज को परेशान करना जारी रखा। जब चीजें बर्दाश्त से पार हो गईं तब महिला जज ने हमीरपुर थाने में एफआईआर दी।

एफआईआर में बताया गया कि हारून उनको आपत्तिजनक संदेश तो भेजता ही था। साथ में उन्हें घूरता भी था और ईवनिंग वॉक के दौरान उनका पीछा भी करता था। उन्होंने अपनी शिकायत के साथ पुलिस को हारून के मैसेजों के स्क्रीनशॉट भी दिए हैं।

बता दें कि पुलिस में ये केस दर्ज होने के बाद इस केस में जाँच शुरू हो गई है। शिकायत के आधार पर पूरी पड़ताल आगे बढ़ाई जा रही है। जाँच पूरी होने पर अधिवक्ता के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

इस बीच हमीरपुर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश शर्मा ने कहा, “हर्षिता मैडम ने छेड़खानी की रिपोर्ट दर्ज करवाई है। हारून ने जो किया हम उसका विरोध करते हैं, उसकी निंदा करते हैं। हम ऐसे अधिवक्ता के विरुद्ध कठोर से कठोर कार्रवाई की माँग करते हैं। अगर एफआईआर सच्ची घटना पर है तो हम बार काउंसिल को लिखकर हारून का लाइसेंस को कैंसिल करवाने की माँग करेंगे। ऐसे व्यक्ति और अधिवक्ता समाज में कलंक हैं।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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