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फुलवारी शरीफ में पकड़े गए PFI के आतंकियों पर NIA ने दर्ज की 2 FIR, PM मोदी के बिहार दौरे में हमले की थी साजिश

इन सभी को मोदी के दौरे में गड़बड़ी फैलाने के निर्देश थे। NIA उन आरोपितों की तलाश में बिहार के कई हिस्सों में छापेमारी कर रही है।

केंद्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने बिहार के फुलवारी शरीफ से पकड़े गए आतंकियों पर दो अलग-अलग FIR दर्ज करवाई है। पहली FIR में 26 संदिग्धों का नाम है जबकि दूसरी FIR में एक आरोपित नामजद है। पहली FIR के मुताबिक कुछ संदिग्ध बिहार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित दौरे में गड़बड़ी करना चाह रहे थे। वहीं दूसरी FIR गिरफ्तार हुए आरोपित मरगूब अहमद के विरुद्ध दर्ज है। ये सभी आरोपित पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया (PFI) के सदस्य बताए जा रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रधानमंत्री के बिहार के प्रस्तावित दौरे से पहले 11 जुलाई को कुछ संदिग्ध लोगों को फुलवारी शरीफ में शिफ्ट किया गया था। इन सभी को मोदी के दौरे में गड़बड़ी फैलाने के निर्देश थे। NIA उन आरोपितों की तलाश में बिहार के कई हिस्सों में छापेमारी कर रही है। वहीं मरगूब अहमद दानिश उर्फ़ ताहिर के कारनामों की नए सिरे से जाँच के लिए NIA ने अपनी तरफ से केस दर्ज करवाया है। मरगूब अहमद दानिश फ़िलहाल जेल में है।

28 जुलाई को जारी NIA की प्रेसनोट के मुताबिक फुलवारी शरीफ केस से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में लगातार जाँच और छापेमारी की जा रही है। इस दौरान NIA ने पटना, दरभंगा, पूर्वी चम्पारण, नालंदा और मधुबनी जिलों में कुल 10 ठिकानों पर छापेमारी की है। इस मामले में बिहार पुलिस द्वारा 12 जुलाई 2022 को FIR दर्ज की गई थी लेकिन NIA ने 22 जुलाई 2022 को एक बार फिर से FIR दर्ज करवाई है जिसमें IPC की धारा 120, 120- बी, 121, 121-A, 153-A, 153-बी और 34 लगाई गईं है।

NIA के मुताबिक छापेमारी के दौरान कई डिजिटल उपकरण और अन्य सामान बरामद किए गए हैं जिनकी जाँच करवाई जा रही है। गौरतलब है कि पटना पुलिस द्वारा पकड़े गए आरोपित भारत में गज़वा-ए-हिन्द की तैयारी कर रहे थे। इसके लिए इन सभी ने 2023 से काम शुरू करने और 2047 तक भारत में इस्लामी शासन लाने का टारगेट तय किया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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