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कुत्ता-बिल्ली-पेड़-तालाब… सारे युवा कॉन्ग्रेस के कार्यकर्ता: दिल्ली में ‘हाथ मरोड़ो-शर्ट फाड़ो’ स्टंट, छत्तीसगढ़ में 9 लाख मेंबर साफ

5 अगस्त वह तारीख है, जिस दिन अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भूमि पूजन की। इसी तारीख को आर्टिकल 370 से जम्मू-कश्मीर को मुक्ति मिली। लेकिन 2022 की 5 तारीख को कॉन्ग्रेस ने काले कपड़ों में प्रदर्शन के लिए चुना।

इस प्रदर्शन की दो तस्वीरें काफी वायरल हैं। इनमें से एक में कॉन्ग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी किसी का हाथ पकड़े नजर आ रही हैं। इसको लेकर दावा किया जा रहा है कि प्रियंका पुलिसकर्मी का हाथ मरोड़ रहीं थीं। दूसरी तस्वीर में पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी और सांसद दीपेंद्र हुड्डा दिख रहे हैं। इसको लेकर दावा किया जा रहा है कि राहुल ने हुड्डा का शर्ट फाड़ने की कोशिश की ताकि पुलिस पर आरोप लगा सकें। बीजेपी ने इन तस्वीरों को लेकर कॉन्ग्रेस पर निशाना साधा है और भाई-बहन की पर तमाशे की राजनीति का आरोप लगाया है।

लेकिन कॉन्ग्रेस की यह स्टंटबाजी केवल दिल्ली तक ही सीमित नहीं है। राज्यों में भी इसका प्रसार हो रहा है। इसका असर तब देखने को मिला जब हिमाचल प्रदेश के नाहन में ‘रोजगार संघर्ष यात्रा’ के दौरान कॉन्ग्रेसी आपस में ही भिड़ गए। इसी तरह छत्तीसगढ़ में युवक कॉन्ग्रेस के सदस्यों की संख्या आधे से भी कम हो गई है। वजह जानवर से लेकर पेड़-पौधों तक संगठन के सदस्य बन गए थे। ऐसी करीब 9 लाख सदस्यता रद्द की गई है। सदस्यता अभियान के दौरान छत्तीसगढ़ में युवक कॉन्ग्रेस ने 17 लाख के करीब मेंबर बनाए थे।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार छत्तीसगढ़ में युवक कॉन्ग्रेस के सदस्यता अभियान में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा किया गया। सदस्यता एप के जरिए नौ लाख ऐसे सदस्य बनाए गए, जिनका अस्तित्व ही नहीं था। कुत्ते, बिल्ली, पेड़, तालाब वगैरह के फोटो अपडेट कर इनको मेंबरशिप दी गई। जब यह बात मीडिया में आ गई तो पार्टी ने सदस्यता अभियान की स्क्रूटनी करवाई। इसके बाद अब तक 9 लाख सदस्यता रद्द की जा चुकी है। उल्लेखनीय है कि युवक कॉन्ग्रेस की सदस्यता अभियान के दौरान छोटे से राज्य छत्तीसगढ़ ने बड़े-बड़े प्रदेशों को पीछे छोड़ दिया था। नई दुनिया की रिपोर्ट के अनुसार राज्य के एक जिले में एक लाख 22 हजार सदस्य बनाए गए थे। अब जाँच के बाद इनमें से 84 हजार की सदस्यता अब तक समाप्त की जा चुकी है।

निकाह के बाद केरल की दलीला गई मस्जिद के अंदर, खिंचवाए ढेर सारे फोटो: नाराज मुस्लिम संगठन ने दोबारा ऐसा न करने की दी चेतावनी

केरल के कोझिकोड (Kozhikode, Kerala) में निकाह के लिए एक मुस्लिम दुल्हन को मस्जिद में प्रवेश की अनुमति देने के कुछ दिन बाद मुस्लिम संगठन ने अपने फैसले पर यू-टर्न ले लिया है। केरल के मुस्लिमों की संस्था पलेरी-परक्कडवु महल समिति ने कहा कि निकाह के लिए किसी मस्जिद में महिला को घुसने देना स्वीकार्य नहीं है।

महल समिति ने शुक्रवार (5 अगस्त 2022) को कहा कि निकाह के लिए दुल्हे के साथ-साथ दुल्हन को गलती से मस्जिद के अंदर जाने दिया गया था। भविष्य में इस तरह के व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

दरअसल कोझिकोड के परक्कडवु जुमा मस्जिद ने कुट्टयदी के रहने वाले केएस उमर को मस्जिद परिसर में अपनी बेटी के निकाह की अनुमति दी थी। उमर की बेटी का नाम बहजा दलीला है, जिसकी निकाह 30 जुलाई 2022 को फहद कासिम से हुई थी।

निकाह के बाद दुल्हन दलीला मस्जिद के अंदर गई थी। दुल्हन को इसकी अनुमति मस्जिद के सचिव ने दी थी। अब महल समिति ने मस्जिद के सचिव पर ये फैसला बिना सलाह मशविरा के ही लेने का आरोप लगाया है। बता दें कि महल समिति न सिर्फ मस्जिदों, बल्कि उसमें काम करने वाले लोगों का भी ध्यान रखती है।

महल समिति ने अपनी नाराजगी जताते हुए आगे कहा, “अनुमति मस्जिद के बाहर शादी करने की मिली थी। हालाँकि, पदाधिकारियों में से एक ने इसे दुल्हन के मस्जिद में जाने की अनुमति के रूप में गलत समझा। ऐसा करने वाले ने माफ़ी माँग ली है। दुल्हन न सिर्फ अपने परिवार वालों के साथ मस्जिद के अंदर गई थी, बल्कि उसने मस्जिद के अंदर कई फोटो भी खींचे जो मस्जिद के कायदे और कानूनों का उल्लंघन है।”

इस शादी के तौर-तरीकों पर सवाल उठाते हुए महल समिति ने पूरी गलती दुल्हन के परिवार वालों पर थोप दी है। समिति के सदस्यों के मुताबिक, वो जल्द ही लड़की के घर वालों से मुलाक़ात भी करेंगे। महल समिति ने यह भी एलान किया कि भविष्य में मस्जिद के अंदर होने वाली शादियों पर एक नियमावली बनाई जाएगी और महल समिति के सदस्यों को इसकी जानकारी भी दी जाएगी।

मस्जिद परिसर में दुल्हन के जाने पर नाराजगी जताते हुए सुन्नी युवजन संघ (SYM) के कार्यकारी सचिव अब्दुल हमीद फ़ैज़ी ने इसे इस्लाम का एक नया रूप बताया, जिसे जमात-ए-इस्लामी और मुजाहिदों ने स्थापित किया है।

वहीं, महल समिति की नाराजगी पर हैरानी जताते हुए दूल्हे के चाचा सनूप सीएच ने कहा, “हमने सोचा कि दुल्हन के मस्जिद में जाने से इस्लामी समुदाय में प्रगति होगी। हम इसे सार्थक और सकारात्मक बदलाव मान कर चल रहे थे। शादी के आयोजन के लिए हमने हर तरह की अनुमति ली थी। अगर महल समिति अपने फैसले पर एक बार फिर से विचार करे तो बेहतर होगा।”

दुल्हन के पिता के एस उमर ने भी गैर-जरूरी परम्पराओं को त्यागने की अपील की है। उन्होंने कहा, “दोनों परिवार चाहते थे कि बेटी मस्जिद में अपनी निकाह की साक्षी बने। ऐसा हमारे इलाके में पहला कार्यक्रम था। मेरी बेटी सहित बाकी अन्य दुल्हनों को भी अपना निकाह देखने का हक है।” गौरतलब है कि इस्लाम में मस्जिदों के अंदर औरतों के प्रवेश की पाबंदी है।

CWG में ‘बेईमानी’ पर बोले सहवाग- जल्दी हॉकी में भी सुपरपावर बनेंगे, भारत की महिला टीम का समर्थन करने पर मुस्लिम नाम वाले गाली पर उतरे

बर्मिंघम में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स में कल भारतीय महिला हॉकी टीम के साथ ऑस्ट्रेलिया का सेमीफाइनल मैच हुआ। इस मैच में दोनों टीमों द्वारा बराबर गोल किए जाने पर खेल पेनल्टी शूटआउट तक पहुँचा। लेकिन इस चरण में जैसे ही भारत ने ऑस्ट्रेलिया के पहले गोल को रोका, तभी अंपायर ने भारत के साथ बेईमानी कर दी।

खेल की वीडियो में देख सकते हैं कि साफ तौर पर गोल रोके जाने के बावजूद अंपायर ने भारत को आकर कहा कि घड़ी तो चालू ही नहीं हुई थी। भारतीय कोच ने इस बात पर बहस भी की। मगर कोई फायदा नहीं हुआ। इस धोखेबाजी का असर टीम पर ऐसा हुआ कि अगले तीनों गोल न वे रोक पाए और न कर पाए। इस तरह भारतीय टीम पर पेनल्टी शूट आउट में 3-0 से हार गई।

सहवाग ने बताया क्रिकेट में भी था ऐसा भेदभाव

कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय महिला टीम के साथ हुई नाइंसाफी को देख तमाम भारतीय आगबबूला हुए। इसी क्रम में पूर्व क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग ने भी अपना गुस्सा उतारा। उन्होंने बताया कि ऐसा क्रिकेट में भी होता था।

सहवाग ने ट्वीट किया, “पेनल्टी मिस हुआ ऑस्ट्रेलिया से, और अंपायर ने कहा कि सॉरी क्लॉक स्टार्ट नहीं हुआ। इस तरह का भेदभाव क्रिकेट में भी होता था, जब तक हम सुपरपावर नहीं बने थे। हॉकी में भी हम जल्द बनेंगे और फिर सभी क्लॉक समय पर शुरू होंगे, मुझे अपनी लड़कियों पर गर्व है।”

भारत के लिए सुपरपावर शब्द पढ़ भड़के कट्टरपंथी

सहवाग के इस ट्वीट पर कई भारतीयों ने सहमति जताई। लेकिन भारत देश से जुड़ी हर उपलब्धि का मजाक बनाने वाले पाकिस्तानी और कट्टरपंथी यहाँ पर भी बाज नहीं आए।

सहवाग के ट्वीट पर मुजम्मिल इकबाल का रिप्लाई देखिए।इकबाल सुपरपावर शब्द का मजाक उड़ाते हुए कहता है, “सुपरपावर। अंपायरों को खरीदना इसका मतलब ये नहीं है कि आप सुपरपावर हो गए। हद्द हो गई।

इसी तरह अहतेशाम उल हक कहता है, “सुपरपावर? हाहाहाहा।”

खान नाम का यूजर लिखता है, “कैसी सुपरपावर है। हर बार नॉकआउट में कोई मारकर चला जाता है। एक ट्रॉफी तो लाए नहीं 10 साल में और सुपरपावर बनते हैं पेटीएम ट्रॉफी के नाम पर।

पाकिस्तान के फरहाद बरकत अली ने लिखा, “इंडिया सुपरपावर %$&^”

16 मार्च को पंजाब के CM बने भगवंत मान, 13 मार्च को AAP के जश्न पर हुआ खर्च भी सरकारी खजाने से दिया: ‘विजय यात्रा’ पर लगे ₹14.63 लाख, RTI से खुलासा

कभी सरकारी गाड़ी और बंगला नहीं लेने का दिखावा करने वाले अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) की आम आदमी पार्टी (Aam Aadami Party) पंजाब में खुलकर जनता के पैसे उड़ा रही है। अपने नेताओं को गुलदस्ता से लेकर तलवार देकर सम्मानित करने से लेकर उनके होटल में ठहरने तक का खर्च पंजाब सरकार सरकारी खजाने से दे रही है।

एक RTI में खुलासा हुआ है कि अपने वरिष्ठ नेताओं को सम्मानित करने और पाँच सितारा होटलों में उनके ठहरने की व्यवस्था करने से लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) की जीत पर सड़कों को फूलों से सजाने तक में पंजाब सरकार ने 14.63 लाख रुपए खर्च किए हैं।

RTI से मिले जवाब में बताया गया है कि 13 मार्च को आम आदमी पार्टी की जीत बाद निकाले गए भव्य रोड शो के बाद अमृतसर के जिला प्रशासन को 19 बिल दिए गए, जिसकी कुल राशि 14,63,129 रुपए थी।

अमृतसर जिला प्रशासन ने पाँच सितारा होटल ताज स्वर्ण के चार बिलों के लिए 1,51,851 रुपए का भुगतान किया। ताजे फूलों से सड़कों को सजाने के लिए 4,83,800 रुपए का भुगतान किया, जबकि स्वागत द्वार तैयार करने के लिए ₹75,000 का बिल पे किया।

RTI में खुलासा हुआ कि टेंट की व्यवस्था करने के लिए 5,56,424 रुपए दिए गए। कुर्सियाँ और ढोल बजाने वालों को ₹54,500 रुपए, गुलाब के गुलदस्ते के लिए 16,800 रुपए, फुलकारी खरीदने के लिए 18,000 रुपए का भुगतान किया गया।

वहीं, सोने की परत वाली चार तलवारें खरीदने के लिए 34,000 रुपए, फ्लेक्स बोर्ड के लिए ₹45,398 रुपए, वीडियोग्राफरों-फोटोग्राफरों को 17,500 रुपए और कन्फेक्शनरी व्यवस्था के लिए 9,856 रुपए का भुगतान किया गया। वहीं, सरकारी बसों से लोगों को अमृतसर के विभिन्न हिस्सों से लाया गया।

यह शोभा यात्रा पंजाब में पार्टी की जीत के बाद निकाली गई थी। इस शोभा यात्रा में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी मौजूद थे। बता दें कि इस साल हुए पंजाब विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी ने कुल 117 सीटों में से 92 सीटें जीती थीं। इसके बाद इस ‘विजय यात्रा’ का आयोजन किया गया था।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, यहाँ ध्यान देने वाली बात यह है कि 13 मार्च तक भगवंत मान पंजाब के मुख्यमंत्री नहीं बने थे। उन्हें सिर्फ पार्टी के विधायक दल का नेता चुना गया था। RTI ऐक्टिविस्ट मानिक गोयल के अनुसार, भगवंत मान ने 16 मार्च को मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लिया था।

आम आदमी पार्टी ने विधानसभा चुनावों में पंजाब पर बढ़ते कर्ज का मुद्दा भी खूब उछाला था। यह सच भी है कि पंजाब गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है। भगवंत मान के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी ने 25 जून को विधानसभा में श्वेत पत्र पेश कर राजकोषीय घाटों के लिए पिछली सरकारों की लापरवाह, खर्च और कुप्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया था।

हालाँकि, भगवंत मान ने इस बात का जिक्र नहीं किया कि जब आम आदमी पार्टी की सरकार प्रदेश में बनी नहीं थी, तब उसके निजी शो के खर्चे के लिए पंजाब के सरकारी खजाने का इस्तेमाल कैसे किया गया।

मस्जिद के पास हो हिंदू का मकान तो क्या होता है, मनीष शुक्ला से पूछिएः दावा- मुस्लिम बहुल इलाके से पलायन की दी चेतावनी, फिर जागी पुलिस

उत्तर प्रदेश के कानपुर में है, रावतपुर। इसी इलाके के रहमत नगर की मस्जिद के सामने मनीष शुक्ला अपने परिवार के साथ रहते हैं। शुक्ला की माने तो इस मुस्लिम बहुल इलाके में उन्हें परेशान किया जा रहा। शुरुआत में पुलिस ने भी कथित तौर पर उनकी फरियाद अनसुनी कर दी। लेकिन जब उन्होंने पलायन की धमकी दी तो पुलिस हरकत में आई।

शुक्ला का आरोप है कि घर के बाहर खड़ी उनकी कार का शीशा 1 अगस्त 2022 को मुस्लिम समुदाय के लोगों ने तोड़ दिया। उसके पहले भी उनके घर पर पथराव किया गया था। उनकी शिकायत पर मामला दर्ज कर पुलिस जाँच कर रही है। लेकिन मनीष का आरोप है कि घटना के बाद जब वे अपनी शिकायत लेकर पहुँचे तो पुलिस ने उसे गंभीरता से नहीं लिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलिस के रवैए को देख मनीष ने शुक्रवार को न्याय नहीं मिलने पर परिवार सहित इलाके से पलायन की चेतावनी दी। बताया जाता है कि इस इलाके में अब वे इकलौते हिंदू परिवार बचे हैं। मनीष के परिवार में भाई, माँ, पिता, पत्नी और 2 बच्चे हैं। उनका घर रहमत नगर की मस्जिद के सामने बना हुआ है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक कल्याणपुर के पुलिस क्षेत्राधिकारी दिनेश शुक्ला ने कहा, “मनीष के घर के आसपास कोई CCTV कैमरा न होने के चलते आरोपितों की पहचान में दिक्कत आ रही है। उनकी शिकायत पर FIR दर्ज कर लोगों से पूछताछ की जा रही है। जाँच में आरोप सही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।”

बताया जाता है कि इस मामले में मनीष ने 1 अगस्त को ही पुलिस से शिकायत की थी। लेकिन FIR दर्ज नहीं की गई। न ही किसी आरोपित पर कार्रवाई हुई। ऐसे में मनीष को मजबूर होकर पलायन की चेतावनी देनी पड़ी।

ऑपइंडिया ने इस घटना पर SHO रावतपुर से बात की। उन्होंने बताया, “पलायन जैसी कोई बात नहीं है। पीड़ित ने घर के बाहर कार खड़ी की थी जिसका शीशा चटक गया था। FIR दर्ज कर हम आरोपित की तलाश कर रहे हैं। मैं खुद पीड़ित परिवार के सम्पर्क में हूँ और क्षेत्र में पुलिस मुस्तैदी से गश्त भी कर रही है। पीड़ित परिवार को खतरे जैसी कोई बात नहीं है। इलाके में उनका तमाम लोगों के घर आना-जाना भी लगा रहता है।”

हिरासत में फरार श्रीकांत त्यागी की पत्नी, लग्जरी गाड़ियाँ जब्तः NCW भी सख्त, महिला के साथ गाली-गलौच वाला Video आने के बाद से तलाश रही नोएडा पुलिस

उत्तर प्रदेश के नोएडा की एक सोसाइटी में एक महिला के साथ गाली-गलौच करने वाले श्रीकांत त्यागी के खिलाफ उत्तर प्रदेश पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने त्यागी की पत्नी सहित पाँच लोगों को हिरासत में लिया है। इसके साथ ही उसकी तीन लग्जरी गाड़ियाँ जब्त की हैं। वहीं, श्रीकांत को पकड़ने के लिए पुलिस ने कई टीमें बनाई हैं।

वहीं, राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) को लिखे पत्र में त्यागी की गिरफ्तारी की माँग की है। उन्होंने पत्र में कहा है कि मामले की त्वरित और निष्पक्ष जाँच सुनिश्चित करने के लिए पुलिस को निर्देश दें।

उधर वीडियो वायरल होने के बाद त्यागी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। नोएडा सेंट्रल की ADCP अंकिता शर्मा ने कहा कि जाँच के दौरान अगर जरूरी हुआ तो आरोपित के खिलाफ और भी धाराएँ जोड़ी जाएँगी।

नोएडा पुलिस ने त्यागी की गिरफ्तारी के लिए उसके फ्लैट पर छापा मारा, लेकिन वह परिवार सहित फरार बताया जा रहा है। वहीं, पुलिस तलाशी में कई जगहों पर छापेमारी कर रही है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने श्रीकांत त्यागी की तीन लक्जरी गाड़ियाँ जब्त की है। उसने अपनी एक गाड़ी पर MLA लिखवाया हुआ था।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यह वही श्रीकांत त्यागी है, जिसकी पत्नी ने फरवरी 2020 में एक महिला के साथ रंगरेलियाँ मनाते हुए उसे लखनऊ के फ्लैट में रंगों हाथ पकड़ा था। वह अपने बच्चों के साथ वहाँ पहुँच गई थी और जमकर हंगामा मचाया था। पत्नी ने त्यागी के खिलाफ गोमती नगर थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया था।

बताया जा रहा है कि श्रीकांत त्यागी को पहले पुलिस की सुरक्षा भी मिली हुई थी, लेकिन दो साल पहले उसे हटा लिया गया था। पुलिस सुरक्षा के अलावा वह फर्जी तरीके से अपने साथ एस्कॉर्ट भी रखता था।

इधर, भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और फतेहपुर सीकरी से सांसद राजकुमार चाहर ने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा है कि त्यागी न किसान मोर्चा की राष्ट्रीयकारिणी का कभी सदस्य रहा है और ना ही अभी है।

दरअसल, शुक्रवार (5 जुलाई 2022) को नोएडा के सेक्टर 93 स्थित ओमेक्स सोसायटी का एक वीडियो वायरल हो गया। इस वीडियो में त्यागी एक जगह पेड़ लगाते हुए दिख रहा है। इस पर महिला जब सवाल उठाती है को वह महिला के साथ गाली-गलौच करता है और फिर धक्का देता है। इस दौरान किसी ने वीडियो बनाकर वायरल कर दिया।

बताया जा रहा है कि त्यागी ने सोसायटी के पार्क पर अवैध कब्जा कर रखा है। इसको लेकर उसे नोटिस दिया गया था, लेकिन त्यागी ने इसे छोड़ने से इनकार कर दिया। त्यागी द्वारा पेड़ लगाने के दौरान महिला उससे इसी विषय पर बात करने की कोशिश कर रही थी।

‘9 साल में RCP सिंह ने खरीदी 40 बीघा जमीन’: जिस IAS को नीतीश कुमार ने बनाया नेता, उससे अब JDU ने माँगा हिसाब-किताब

जनता यूनाइटिड दल (जदयू) ने अपने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व आईएएस आरसीपी सिंह को अकूत संपत्ति मामले के मद्देनजर नोटिस भेजा है। इस नोटिस में कहा गया है कि आरसीपी सिंह ने साल 2013 से साल 2022 के बीच अपने व अपने परिवार के नाम अकूत संपत्तियों को खरीदा, जिनमें अनिमयमितताएँ पाई गई हैं।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, 2013-2022 के बीच खरीदी गई ज्यादातर जमीनें आरसीपी सिंह की पत्नी (गिरजा सिंह) और दोनों बेटियों (लिपि सिंह और लता सिंह) के नाम पर हैं। आरसीपी सिंह पर आरोप है कि उन्होंने अपने चुनावी हलफनामे में इनका जिक्र तक नहीं किया था।

कथिततौर पर आरसीपी सिंह और उनके घरवालों ने साल 2013 से अब तक नालंदा जिले के सिर्फ दो प्रखंड- अस्थावां और इस्लामपुर में करीब 40 बीघा जमीन को खरीदा। इसके अलावा कई और जिलों में भी उनकी संपत्ति होने की बात सामने आई। इस्लामपुर अंचल के सैफाबाद मौजा में 12 प्लॉट और केवाली अंचल में 12 प्लॉट खरीदे गए थे। ये खरीद 2013-2016 के बीच लिपि सिंह और लता सिंह के नाम पर हुई थी।

इसके बाद सितंबर 2014 को भी नालंदा के सिलाव में लता और लिपि के नाम 2 प्लॉट की खरीद हुई। फिर अस्थावां के शेरपुर में 34 प्लॉट खरीदे गए जिनमें से 4 प्लॉट 2011-2013 में लता-लिपि के नाम पर थे। बाकी 12 प्लॉट गिरजा सिंह के नाम पर लिए गए और 18 प्लॉट फिर लता के नाम पर हुए।

उल्लेखनीय है कि पार्टी ने इन्हीं संपत्तियों से जुड़े सवालों पर आरसीपी सिंग से उनका जवाब माँगा है। नोटिस में लिखा गया कि मुख्यमंत्री नीतिश कुमार भ्रष्टाचार के जीरो टॉसरेंस पर काम करते रहे हैं और इतने लंबे सार्वजनिक जीवन के बावजूद नेता पर कभी कोई दाग नहीं लगा और न ही उन्होंने संपत्ति बनाई।

पार्टी ने आरसीपी सिंह को याद दिलाया कि कैसे उन्हें नीतिश कुमार ने 2 बार राज्यसभा सदस्य, पार्टी का राष्ट्रीय महासचिव, राष्ट्रीय अध्य और केंद्र मंत्री के तौर पर काम करने का मौका दिया। मगर बावजूद इसके उन्होंने ऐसा भ्रष्टाचार किया। पार्टी ने आरसीपी सिंह को कहा कि वो पूछे गए सवालों पर अपनी स्पष्ट राय दें और पार्टी को बताएँ कि ऐसा क्यों हुआ।

इस पूरे मामले पर जदयू नेता उपेंद्र कुशवाहा का भी बयान आया है। उन्होंने बताया कि मामला भ्रष्टाचार का लग रहा है और वह लोग आरसीपी सिंह के जवाब का इंतजार कर रहे हैं।

उन्होंने आरसीपी सिंह के पार्टी में होने के सवाल पर कहा, “RCP सिंह जिस तरीके का व्यवहार कर रहें हैं उसको देखकर आपको लगता है कि वो पार्टी में हैं? खुद ही उन्होंने अपना ऐसा रास्ता तैयार कर लिया है जिससे उन्होंने मान लिया है कि वे पार्टी में नहीं हैं।”

लद्दाख से लक्षद्वीप तक 5 दिन चला भारतीय सेना का ऑपरेशन: ‘स्काईलाइट’ से सैटेलाइट कम्‍युनिकेशन सिस्टम का हुआ टेस्ट, जानिए क्यों आई इसकी नौबत

भारतीय सेना (Indian Army) ने हाल ही में एक ऑपरेशन को अंजाम दिया है। 25 से 29 जुलाई तक चले इस ऑपरेशन का नाम ‘स्काईलाइट (Skylight)’ रखा गया था। इस दौरान अंडमान और लक्षद्वीप से लेकर लद्दाख तक भारतीय सेना के सारे सैटेलाइट कम्‍युनिकेशन सिस्‍टम्‍स एक्टिव थे। इसका मकसद सिस्टम की मजबूती परखना और विभिन्न परिस्थितियों में यह कितना कारगर है, यह परखना था।

जानकारी के मुताबिक इस ऑपरेशन के दौरान 280 सैटेलाइट प्लेटफॉर्म पर सेना ने अपने सभी उपग्रह संचार सैन्य संसाधनों को 100 प्रतिशत सक्रिय कर रखा था। इनमें स्टैटिक टर्मिनल, परिवहन योग्य वाहन माउंटेड टर्मिनल, मैन-पोर्टेबल और छोटे फार्म फैक्टर मैन-पैक संचार टर्मिनल शामिल हैं। सेना के साथ इसमें इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (ISRO) और अंतरिक्ष तथा जमीनी क्षेत्रों में संचार प्रणालियों से जुड़ी कई एजेंसियों ने भी हिस्सा लिया।

इन टर्मिनल से सेना को सिक्योर वॉयस, वीडियो और डाटा कनेक्टिवेटी मिल सकती है। इन्हें एक जगह से दूसरी जगह आसानी से मूव किया जा सकता है और किसी भी तरह के इलाकों में इस्तेमाल किया जा सकता है।

भारत के लिए चीन से लगी उत्तरी सीमा हमेशा संवदेनशील रही है। जानकारी के मुताबिक इसके मद्देनजर उत्तरी सीमा के सैटेलाइट आधारित सैन्य संसाधनों की तैयारियों को विशेष रूप से परखा गया। इसके अलावा भारतीय सेना रूस-यूक्रेन युद्ध में सैटेलाइट से लेकर हाइटेक हथियारों के इस्तेमाल का भी अध्ययन कर रही है। रक्षा सूत्रों के अनुसार, उपग्रह संचार अभ्यास का मकसद भारतीय सेना की सैटेलाइट आधारित संचालन तैयारियों को परखना था। सेना ने सैटेलाइट संचार प्रणालियों को गतिशील कर अंतरिक्ष में सैन्य खतरों के कई आयामों को रखते हुए उनका मुकाबला करने की तकनीकी और ऑपरेशनल क्षमताओं का सफल परीक्षण किया।

बता दें कि वायुसेना और नौसेना की तरह टहल सेना के पास इस समय अपना सैटेलाइट नहीं है। फिलहाल वह नौसेना की जीसैट-7ए सैटेलाइट का ही इस्तेमाल करती है। दिसंबर 2025 तक सेना का मल्टीबैंड सेटेलाइट जीसैट-7बी लॉन्च हो जाएगा। इसी साल मार्च के महीने में रक्षा मंत्रालय ने थलसेना के लिए अलग से एक कम्युनिकेशन सैटेलाइट को मँजूरी दी थी। इस सैटेलाइट से न केवल अग्रिम मोर्चे पर तैनात सैनिकों के लिए सामरिक संचार की जरूरतें पूरी होंगी, बल्कि दूर से संचालित विमान, हथियारों और अन्य महत्वपूर्ण मिशनों में भी इसका फायदा मिलेगा।

कार से आए, चौकीदार को बंधक बना गोदाम से ले गए 42 बोरा ‘विमल’ गुटखा: सूरत में ‘जुबाँ केसरी’ के शौकीन चोर CCTV में कैद

गुजरात के सूरत शहर में चौकीदार को बंधक बनाकर एक गोदाम से साढ़े 10 लाख रुपए मूल्य के विमल गुटखे की चोरी का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि चोरों की संख्या लगभग 8 थी। घटना गोदाम के CCTV में भी रिकॉर्ड हो गई है। पुलिस ने FIR दर्ज कर आरोपितों की तलाश शुरू कर दी है। घटना 6 अगस्त 2022 (शनिवार) की बताई जा रही है।

इस घटना का CCTV फुटेज सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ आरोपित सिर पर पगड़ी और कुछ मुँह पर मास्क लगाए दिखाई दे रहे हैं। वे बोरों में भरकर रखे गए जुबाँ केसरी को लादकर बाहर ले जाते दिखाई दे रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना सूरत के बारडोली इलाके की है। यहाँ कडोदरा चार रास्ते के पास जय अंबे ट्रेडर्स का गोदाम है। गोदाम मालिक का नाम नितिन कुमार है। इस गोदाम में लगभग 8 चोर कार से पहुँचे और वहीं पर अपनी कार खड़ी कर दी। चौकीदार ने जब गोदाम के पास कार खड़ी करने पर आपत्ति जताई तो उसे बंधक बना लिया। बाद में सभी आरोपित गोदाम में घुस गुटखा चुराने लगे।

जानकारी के मुताबिक इस दौरान विमल गुटखा के 42 बंद बोरी और 25 खुले पैकेट चोरी हुए हैं। गोदाम में लगे CCTV कैमरों को भी आरोपितों ने तोड़ दिया है। चोरी करने के बाद आरोपितों ने बंधक बनाए गए गार्ड को बाहरी इलाके में फेंक दिया था। मामले की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुँची। CCTV के आधार पर आरोपितों को चिन्हित करने की प्रक्रिया चल रही है।

नगमा ने नरेंद्र से कर ली शादी, गर्भवती हुई तो अब्बा इस्लाम खान ने की कुचल कर मारने की कोशिशः Video वायरल, राजस्थान की घटना

राजस्थान के भरतपुर में एक बाप पर अपनी ही गर्भवती बेटी को कुचलने की कोशिश का आरोप लगा है। वजह बेटी का हिंदू युवक से शादी करना बताया जा रहा। आरोपित पिता की पहचान इस्लाम खान के रूप में हुई है। उसके खिलाफ भरतपुर के मथुरा गेट पुलिस स्टेशन में बेटी नगमा खान और दामाद नरेंद्र सैनी ने मामला दर्ज कराया है।

नगमा और नरेंद्र ने इसी साल फरवरी में शादी की थी। दंपती ने शिकायत में कहा है कि इस्लाम खान उनके रिश्ते के खिलाफ था, क्योंकि नरेंद्र हिंदू है। शादी के बाद से ही वह उन्हें धमकी दे रहा था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस्लाम ने 28 जुलाई 2022 बेटी-दामाद को कुचलने की कोशिश की। उसने अपने ऑटो से उस बाइक को टक्कर मारी जिस पर नरेंद्र और नगमा सवार थे। फिर ऑटो उनके ऊपर चढ़ाने की कोशिश की। दोनों को जान बचाने के लिए भागना पड़ा। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

घटना वाले दिन नरेंद्र तीन महीने की गर्भवती पत्नी नगमा को लेकर अस्पताल जा रहा था। वायरल वीडियो में महिला और उसके पति को जान बचाने के लिए भागते देखा जा सकता है। पीड़ित नरेंद्र ने कहा, “उन्होंने अपने ऑटो से हमें मारने का प्रयास किया।” नरेंद्र ने सुरक्षा की भी माँग की है। 

गौरतलब है कि भरतपुर के कटरा क्षेत्र के निवासी नगमा और नरेंद्र का रिश्ता लड़की के परिवार को शुरू से ही कबूल नहीं था। ऐसे में एक दिन नरेंद्र के साथ नगमा भाग गई। दोनों ने 22 फरवरी को आर्य समाज मंदिर में शादी कर ली और बाद में भरतपुर लौट आए।

रिपोर्टों में बताया गया है कि इस्लाम ने नरेंद्र के खिलाफ अपनी बेटी का अपहरण कर उसे शादी के लिए मजबूर करने को लेकर शिकायत भी दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया था। जाँच के दौरान अधिकारियों ने नगमा का बयान दर्ज किया। इसमें उसने अपने अब्बा के आरोपों को झूठा बताया। उसने कहा कि वह नरेंद्र से प्यार करती है और अपनी मर्जी से उसके साथ भागी थी। कोर्ट ने भी उसे नरेंद्र के साथ रहने का आदेश दिया था, क्योंकि दोनों वयस्क थे और अपने फैसले खुद ले सकते थे।

रिपोर्ट्स के मुताबिक नगमा का परिवार कोर्ट के फैसले से नाराज था। दोनों को जान से मारने की धमकी दे रहा था। धमकियों के बाद नरेंद्र और नगमा मथुरा शिफ्ट हो गए और वहाँ लगभग दो महीने तक रहे। इस दौरान नगमा गर्भवती हो गई।

इसक बाद दोनों भरतपुर लौट आए और भरतपुर के रंजीत नगर में एक किराए के घर में रहने लगे। 28 जुलाई को जब नगमा को चेकअप के लिए लेकर नरेंद्र अस्पताल जा रहा था तो इस्लाम ने उन्हें कुचलकर मारने की कोशिश की। इस दौरान भीड़ जमा हो गई और पुलिस भी मौके पर पहुँच गई। इस बीच इस्लाम फरार हो गया।

पुलिस दोनों को थाने लाई। भरतपुर की अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट बीना महावर ने अदालत में सीआरपीसी की धारा 122 के तहत कार्रवाई पहले से ही चलने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा, “हमने SP और संबंधित SHO से मामले को देखने और दंपती की सुरक्षा के निर्देश दिए हैं।”