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दिल्ली पुलिस से आमिर खान की शिकायत, वकील ने बताया- लाल सिंह चड्ढा में सेना और हिंदू भावनाओं को किया आहत: रणवीर सिंह को नंगई पर मुंबई पुलिस ने बुलाया

‘लाल सिंह चड्ढा’ को लेकर आमिर खान की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। एक वकील ने दिल्ली पुलिस से आमिर खान, इस फिल्म के डायरेक्टर और इसे रिलीज करने वाली कंपनी की शिकायत की है। फिल्म की स्क्रीनिंग को भारत में बैन करने की भी माँग की है। वहीं न्यूड फोटोशूट के मामले में मुंबई पुलिस ने बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह को 22 अगस्त को पेश होने का आदेश दिया है।

वकील विनीत जिंदल ने 12 अगस्त 2022 (शुक्रवार) को ‘लाल सिंह चड्ढा’ को लेकर पुलिस से शिकायत की। उन्होंने फिल्म में भारतीय सेना और हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत किए जाने की बात कही है। जिंदल ने एक वीडियो में कहा है, “फिल्म में आमिर खान ने हिंदुओं की आस्था से जुड़े पूजा-पाठ को दंगा भड़काने वाला बताया है। उसकी तुलना मलेरिया जैसी बीमारी से की है। इसके अलावा फिल्म के डायरेक्टर ने सेना में भर्ती होने वाले अफसरों को मानसिक रूप से सही नहीं बताया है जो कारगिल युद्ध तक लड़े हैं। ये सेना के बलिदानियों का अपमान है।”

जिंदल ने आगे कहा है, “मैंने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को एक शिकायत भेजी है। इसमें आमिर खान, लाल सिंह चड्ढा के डॉयरेक्टर और इसे रिलीज करने वाली कंपनी के खिलाफ आपराधिक धाराओं में FIR दर्ज करने की माँग की है। साथ ही इस फिल्म की स्क्रीनिंग को पूरे देश में रोकने की माँग की है, क्योंकि फिल्म से धार्मिक भावनाएँ भड़क सकती हैं।” मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वकील विनीत जिंदल फिल्म अभिनेता आमिर खान, फिल्म डॉयरेक्टर अद्वैत चंदन और फिल्म को रिलीज करने वाली कम्पनी पैरमाऊंट पिक्चर्स प्रॉडक्शन हाउस पर IPC की धारा 153, 153-A, 298 और 505 के तहत कार्रवाई चाहते हैं।

मुश्किल में रणवीर सिंह भी

मुंबई पुलिस ने न्यूड फोटोशूट के मामले में अभिनेता रणवीर सिंह को नोटिस भेजा है। 22 अगस्त को हाजिर होने को कहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चेम्बूर थाने ने यह नोटिस शुक्रवार (12 अगस्त) को रणवीर सिंह के घर पर तामील करवाई। हालाँकि उस समय रणवीर सिंह घर पर नहीं थे। रणवीर सिंह के खिलाफ दर्ज FIR मेंमहिलाओं की भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाया गया है।

‘रक्षाबंधन’ से भी बुरा हुआ ‘लाल सिंह चड्ढा’ का हाल, जुमे पर केवल ₹7 करोड़ कमाईः कलेक्शन 40% गिरा, आमिर खान की सबसे खराब रेटिंग वाली फिल्मों से बनी एक

रिलीज के दूसरे दिन शुक्रवार (12 अगस्त 2022) को आमिर खान और करीना कपूर खान (Aamir Khan & Kareena Kapoor Khan) अभिनीत फिल्म ‘लाल सिंह चड्ढा’ (Laal Singh Chaddha) के व्यवसाय में भारी गिरावट दर्ज की गई है। दूसरे की कमाई में वह रक्षाबंधन से भी पिछड़ गई है।

शुक्रवार को फिल्म का व्यवसाय 6.50-7.00 करोड़ रुपए के बीच सिमट कर रह गया। पहले दिन लाल सिंह चड्ढा का व्यवसाय 12 करोड़ रुपए था। इस तरह पहले दिन की अपेक्षा दूसरे दिन के व्यवसाय में 40 प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखी गई। वहीं, फिल्म रक्षाबंधन की कमाई में दूसरे दिन 30 प्रतिशत की गिरावट आई

अगर पिछले दो दिनों का कुल बॉक्स ऑफिस कलेक्शन देखा जाए तो यह 18 करोड़ रुपए के आसपास सिमट कर रह गया है। दूसरी तरह लाल सिंह चड्ढा आमिर खान की लाल सिंह चड्ढा IMBD पर उनकी सबसे कम रेटिंग वाली फिल्म बन गई है। इसकी रेटिंग फिल्म ‘मेला’ और ‘धूम 3’ से भी नीचे है। लोगों ने इस फिल्म को औसत दर्जे का पाया है।

बता दें कि आमिर खान के पूर्व के बयानों और करीना कपूर की अकड़ को लेकर इस फिल्म का सोशल मीडिया के जरिए बॉयकाट का मुहिम चलाया जा रहा है। संभवत: इसका सीधा असर फिल्म के व्यवसाय और उसकी रेटिंग पर दिख रहा है।

थियेटर में लोगों की अनुपस्थिति को देखते हुए देश भर के कई सिनेमाघर के मालिकों ने शुक्रवार के लिए इसके 1300 शो को रद्द कर दिया था। वहीं, फिल्म रिलीज के दूसरे दिन यानी शुक्रवार को दोपहर से पहले वाले कई शो में दर्शक नहीं जुटे। पहले दिन कुछ ऐसे भी शो रहे जिन में सिर्फ 10-12 दर्शक ही फिल्म देखने पहुँचे।

फिल्म के प्रदर्शन को देखते हुए करीना कपूर ने एक इंटरव्यू में लोगों से इस फिल्म का बॉयकाट नहीं करने की विनती की थी। उन्होंने कहा था, “कृपया इस फिल्म का बहिष्कार न करें, क्योंकि यह वास्तव में अच्छे सिनेमा का बहिष्कार करने जैसा है। और लोगों ने इस पर बहुत मेहनत की है। ढाई साल से इस फिल्म पर 250 लोगों ने काम किया है।”

उन्होंने लाल सिंह चड्ढा को एक खूबसूरत फिल्म बताते हुए कहा, “मैं चाहती हूँ कि लोग मुझे और आमिर (खान) को पर्दे पर देखें। तीन साल हो गए हैं, हमने बहुत लंबा इंतजार किया है। लोगों को इस फिल्म का बहिष्कार नहीं करना चाहिए।”

आमिर और करीना के बयान को लेकर दर्शकों में गुस्सा

फिल्म के प्रमोशन के दौरान करीना कपूर खान ने कहा था कि अगर फिल्म अच्छी होगी तो इसे अच्छी प्रतिक्रिया मिलेगी और ये सभी उम्मीदों के पार चली जाएगी। उन्होंने कहा था कि बॉयकाट जैसी चीजों का अच्छी फिल्म पर असर नहीं होता और वो इसे गंभीरता से भी नहीं लेतीं। एक अन्य इंटरव्यू में करीना कहा था कि विवादों पर सफाई देना वो जरूरी नहीं समझतीं।

इसके पहले उन्होंने दर्शकों को दोयम दर्जे का समझते हुए उन्होंने कहा था कि जिसे नहीं देखना है मत देखे, कोई जबरदस्ती है क्या। दरअसल, इंडस्ट्री में नेपोटिज्म (भाई-भतीजावाद) के सवाल में उन्होंने कहा था, “ऑडियन्स ने ही नेपोटिज्म से जुड़े एक्टर्स को स्टार्स बनाया है। आप नहीं जा रहे हो फिल्में देखने तो मत जाओ। किसी ने आपके साथ जोर-जबरदस्ती नहीं की है।”

दूसरी तरफ, आमिर खान लोगों से अपील कर रहे थे कि वो ‘लाल सिंह चड्ढा’ का बॉयकॉट न करें और इसे थिएटर में जाकर देखें। आमिर खान ने कहा कि कुछ लोगों को लगता है कि उन्हें देश से प्यार नहीं, लेकिन वो गलत हैं।

बता दें कि आमिर खान ने केंद्र में सरकार बदलते ही साल 2015 में कहा था कि भारत में असहिष्णुता बढ़ रही है। उनकी पूर्व पत्नी किरण राव को देश में डर लगता है। आमिर के इस बयान पर काफी विवाद हुआ था। हालाँकि, आमिर उस बयान को लेकर अब बहाने बना रहे हैं।

जीवित रहे सलमान रुश्दी तो जा सकती है एक आँख, लीवर को भी खतरा: काले कपड़ों में आए हादी मतार ने न्यूयॉर्क में चाकू से गोद दिया था

अमेरिका के न्यूयॉर्क (New Yok, America) में एक लेक्चर के दौरान प्रसिद्ध लेखक सलमान रुश्दी (Salman Rushdie) पर हमला कर उनका गला काटने की कोशिश की गई है। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया है और उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। हमले के संदिग्ध को हिरासत में ले लिया गया है।

रुश्दी के एजेंट एंड्रयू वायली के अनुसार, मुंबई में जन्मे लेखक रुश्दी वेंटिलेटर पर हैं और वे बोल नहीं सकते हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए एक बयान में उन्होंने कहा, “खबर अच्छी नहीं है। सलमान की एक आँख खोने की संभावना है। उनकी बाँह की नसें कट गई हैं और उनका लीवर खराब हो गया है।”

न्यूयॉर्क राज्य पुलिस के मेजर यूजीन स्टैनिज़ेव्स्की के अनुसार, हमलावर की पहचान न्यूजर्सी स्थित फेयरव्यू के 24 वर्षीय हादी मतार के रूप में की गई है। हालाँकि, वह किस देश से ताल्लुक रखता है, इसका अभी पता नहीं चला है।

भारतीय समयानुसार, शुक्रवार (12 अगस्त 2022) की रात को मतार ने सलमान रुश्दी को चाकू तब मारा, जब 75 वर्षीय लेखक चौटाउक्वा इंस्टीट्यूशन में मंच पर बैठे थे। काला कपड़ा पहना मतार पीछे से आया और लोगों के बीच बैठे रुश्दी पर चाकू से ताबड़-तोड़ हमला कर दिया।

हमले के दौरान लोगों को लगा कि हमलावर ने उन्हें चाँटा मारा है, लेकिन अचानक उनके चेहरे पर बहता खून देखकर लोगों को घटना की गंभीरता का अंदाजा हो गया। इसी दौरान ऑडियंश में बैठी एक डॉक्टर मंच के पास आई और रुश्दी की मदद करने लगी।

रीटा लैंडमैन नाम की एंडोक्रिनोलॉजिस्ट ने कहा कि रुश्दी के दाहिने गले सहित कई घाव थे और वे खून से लथपथ होकर नीचे गिरे हुए थे। उस महिला डॉक्टर ने कहा कि वे अभी जीवित लग रहे हैं। इसके बाद कुछ लोगो ने उनकी नब्ज देखी और चिल्लाने लगे के यह चल रही है।

घटना के कुछ ही पल में पुलिस पहुँच गई और कुछ देर बाद उन्हें हेलिकॉप्टर से अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ उनके कई ऑपरेशन किए गए। पुलिस FBI और स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर हमलावर के उद्देश्य को जानने की कोशिश कर रही है। पुलिस इस बात की भी जाँच कर रही है कि हमलावर अकेला था या और भी लोग थे उसके साथ।

मुस्लिमों पर मढ़ा जा सकता है दोष: अमेरिकी इस्लामी संस्था

अमेरिका के सबसे बड़े मुस्लिम नागरिक अधिकार समूह ‘काउंसिल ऑन अमेरिकन-इस्लामिक रिलेशंस’ के प्रवक्ता इब्राहिम हूपर ने विक्टिम कार्ड खेलना अभी से शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की चिंता है कि हमलावर की पहचान सामने आने से पहले ही लोग मुस्लिमों या इस्लाम को छुरा घोंपने के लिए दोषी ठहरा सकते हैं।

उन्होंने कहा, “सभी अमेरिकियों की तरह अमेरिकी मुस्लिम भी समाज में किसी को भी निशाना बनाने वाली हिंसा की निंदा करते हैं।” 14 उपन्यासों के लेखक और 2007 में नाइट की उपाधि से सम्मानित रुश्दी पर हमले को लेकर दुनिया भर में रोष है।

कट्टरपंथियों के निशाने पर थे रुश्दी

मुंबई के एक सफल मुस्लिम व्यवसायी के घर जन्मे रुश्दी ने एक किताब लिखकर दुनिया में सनसनी मचा दी थी। साल 1988 में लिखी गई उनकी पुस्तक ‘द सैटेनिक वर्सेज’ (The Satanic Verses) को लेकर ईरानी क्रांति के नेता अयातुल्ला रूहोल्लाह खुमैनी ने उनकी हत्या के लिए फतवा जारी करते हुए लगभग 28 करोड़ रुपए घोषणा की थी।

इस्लामवादियों का कहना था कि इस पुस्तक में इस्लाम के पैगंबर मुहम्मद का अपमान किया गया है। इसके बाद उन्हें दुनिया भर में कई जगहों से हत्या की धमकी मिली। उनकी किताब को भी कई देशों ने प्रतिबंधित कर दिया। इनमें से एक देश भारत भी है।

खतरे के देखते हुए अल्लाह में विश्वास नहीं करने वाले रुश्दी इसके बाद भूमिगत हो गए। भारत से वे ब्रिटेन चले गए। वहाँ उन्हें किस प्रकार से सुरक्षा दी गई। रुश्दी सार्वजनिक जीवन साल 1990 के अंत में आए, जब ईरान ने घोषणा की कि वह रुश्दी की हत्या का समर्थन नहीं करता। हालाँकि, उन पर खतरा बरकरार रहा और विवाद के 34 साल बाद उन पर जानलेवा हमला कर दिया गया।

करीना को घर के बाहर से उठाया, जबरन इस्लाम कबूल करवा खलील से निकाह: पीड़िता ने कहा- पिता के पास भेज दें, कोर्ट ने महिला केंद्र भेजा

पाकिस्तान से एक और हिन्दू लड़की के अपहरण और जबरन धर्मान्तरण का मामला सामने आया है। पीड़िता सिंध प्रान्त की करीना कुमारी है, उसे इसी साल 6 जून को अगवा किया गया था। शुक्रवार (12 अगस्त 2022) को उसने कोर्ट में बताया कि अगवा करने के बाद उससे जबरन इस्लाम कबूल करवाया गया। फिर खलील से उसका निकाह करवा दिया। उसने कोर्ट से गुहार लगाई कि उसे उसके पिता के पास भेज दिया जाए। अदालत ने फिलहाल उसे महिला केंद्र में रखने के निर्देश दिए हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक करीना कुमारी शहीदाबाद की रहने वाली है। 6 जून 2022 को घर के बाहर से उसे अगवा किया गया था। पिता सुंदरमल ने उसे खोजने की बहुत कोशिश की। लेकिन सफलता नहीं मिली। आख़िरकार करीना को बरामद करने के बाद नवाबशाह की एक कोर्ट में वीडियो के जरिए उसकी पेशी करवाई गई।

करीना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। इसमें वह खुद को जबरन मुस्लिम बनाने और खलील के साथ निकाह करवाने के बारे में बता रही है। वीडियो में वह कह रही है, “मुझे बंद कर टॉर्चर किया गया। मैं अपने माता-पिता के साथ रहना चाहती हूँ।” वहीं पीड़िता के पिता के मुताबिक, “हम बहुत गरीब हैं। हमारे पास कोर्ट आने-जाने के लिए बस का भाड़ा भी नहीं है। मेरी बेटी के बयान के बाद अब अदालत को उसे हमारे साथ भेज देना चाहिए। अदालत लड़कियों का अपहरण कर के दुष्कर्म करने वालों को सज़ा भी दे, क्योंकि ये लड़कियों को बेच भी देते हैं।” करीना के साथ हुई इस घटना के विरोध में पाकिस्तान में हिन्दुओं ने प्रदर्शन भी किया है।

सुंदरमल के वकील दिलीप कुमार मंगलानी के मुताबिक, “पीड़िता करीना नाबालिग है। जबरन निकाह और धर्मान्तरण से हिन्दू लड़कियों और उनके घर वालों को खतरा है जो सिंध के अंदर काफी ज्यादा है। अधिकतर कम उम्र की लड़कियों को निशाना बनाया जाता है, जिसमें पुलिस भी मदद नहीं करती। आरोपित कोर्ट में फर्जी कागजात पेश कर देते हैं। इसी साल मार्च में 3 हिन्दू लड़कियों का अपहरण कर जबरन इस्लाम कबूल करवाया गया और उनका निकाह मुस्लिम लड़कों से करवा दिया गया। उनमें से एक भी लड़की को पुलिस अब तक नहीं खोज पाई है।”

‘प्लीज, लाल सिंह चड्ढा का बहिष्कार मत करो’: गायब हुई करीना कपूर की हेकड़ी, कभी कहा था- मत देखो हमारी फिल्म, जबरदस्ती थोड़े है

आमिर खान और करीना कपूर खान (Aamir Khan & Karina Kapoor Khan) अभिनीत फिल्म ‘लाल सिंह चड्ढा’ (Laal Singh Chaddha) की दुर्गति हो गई है। हालात को देखते हुए रिलीज के दूसरे यानी शुक्रवार (12 अगस्त 2022) को देश के सिनेमाघरों में हजारों शो रद्द कर दिए गए। अब करीना कपूर की भी हेकड़ी निकल गई है।

फिल्म की अभिनेत्री करीना कपूर खान ने अब लोगों से इस फिल्म को बॉयकाट नहीं करने की विनती की है। उन्होंने लोगों से अपील है कि वे फिल्म को पर्दे पर देखें, क्योंकि इसके लिए आमिर खान और उन्होंने तीन साल का लंबा इंतजार किया है।

बता दें कि बॉक्स ऑफिस पर यह फिल्म धराशायी हो गई है। फिल्म विश्लेषक तरण आदर्श के आँकड़ों के अनुसार, पहले दिन इसकी कमाई सिर्फ 12 करोड़ रुपए रही है, जो इस साल रिलीज हुई अन्य फिल्मों से पहले दिन की कमाई में पीछे है।

वहीं, थियेटर में लोगों की अनुपस्थिति को देखते हुए देश भर के कई सिनेमाघर के मालिकों ने शुक्रवार के लिए इसके 1300 शो को रद्द कर दिया है। वहीं, फिल्म रिलीज के दूसरे दिन यानी शुक्रवार को दोपहर से पहले वाले कई शो में दर्शक नहीं जुटे। वहीं, पहले दिन कुछ ऐसे भी शो रहे जिन में सिर्फ 10-12 दर्शक ही फिल्म देखने पहुँचे।

फिल्म विश्लेषकों का कहना है कि आमिर खान की इस फिल्म को लेकर जो हालात हैं, उसकी उम्मीद उन्हें नहीं थी। इसके पीछे सोशल मीडिया लोगों द्वारा आमिर खान की फिल्म का बॉयकाट एक प्रमुख वजह बताई जा रही है।

अब जबकि फिल्म के लिए हालात हालात बदतर हो गए हैं, कभी टशन में दर्शकों को झिड़कने वाली करीना कपूर लोगों से बहिष्कार नहीं करने का आग्रह कर रही हैं। उन्होंने कहा, “कृपया इस फिल्म का बहिष्कार न करें, क्योंकि यह वास्तव में अच्छे सिनेमा का बहिष्कार करने जैसा है। और लोगों ने इस पर बहुत मेहनत की है। ढाई साल से इस फिल्म पर 250 लोगों ने काम किया है।”

उन्होंने लाल सिंह चड्ढा को एक खूबसूरत फिल्म बताया। उन्होंने आगे कहा, “मैं चाहती हूँ कि लोग मुझे और आमिर (खान) को पर्दे पर देखें। तीन साल हो गए हैं, हमने बहुत लंबा इंतजार किया है। लोगों को इस फिल्म का बहिष्कार नहीं करना चाहिए।”

हालाँकि, उन्होंने फिल्म के बहिष्कार को लेकर यह भी कहा, “मुझे लगता है कि यह केवल लोगों का एक वर्ग है, जो ट्रोलिंग कर रहा है। ये सिर्फ उन लोगों का एक वर्ग है जो शायद आपके सोशल मीडिया पर हैं, जो शायद 1% के बराबर है। लेकिन, सच में मुझे लगता है कि फिल्म को जो प्यार मिल रहा है वह बहुत अलग है।”

फिल्म के प्रमोशन के दौरान करीना कपूर खान ने कहा था कि अगर फिल्म अच्छी होगी तो इसे अच्छी प्रतिक्रिया मिलेगी और ये सभी उम्मीदों के पार चली जाएगी। उन्होंने कहा था कि बॉयकाट जैसी चीजों का अच्छी फिल्म पर असर नहीं होता और वो इसे गंभीरता से भी नहीं लेतीं। एक अन्य इंटरव्यू में करीना कहा था कि विवादों पर सफाई देना वो जरूरी नहीं समझतीं।

इसके पहले उन्होंने दर्शकों को दोयम दर्जे का समझते हुए उन्होंने कहा था कि जिसे नहीं देखना है मत देखे, कोई जबरदस्ती है क्या। दरअसल, इंडस्ट्री में नेपोटिज्म (भाई-भतीजावाद) के सवाल में उन्होंने कहा था, “ऑडियन्स ने ही नेपोटिज्म से जुड़े एक्टर्स को स्टार्स बनाया है। आप नहीं जा रहे हो फिल्में देखने तो मत जाओ। किसी ने आपके साथ जोर-जबरदस्ती नहीं की है।”

दूसरी तरफ, आमिर खान लोगों से अपील कर रहे थे कि वो ‘लाल सिंह चड्ढा’ का बॉयकॉट न करें और इसे थिएटर में जाकर देखें। आमिर खान ने कहा कि कुछ लोगों को लगता है कि उन्हें देश से प्यार नहीं, लेकिन वो गलत हैं।

बता दें कि आमिर खान ने केंद्र में सरकार बदलते ही साल 2015 में कहा था कि भारत में असहिष्णुता बढ़ रही है। उनकी पूर्व पत्नी किरण राव को देश में डर लगता है। आमिर के इस बयान पर काफी विवाद हुआ था। हालाँकि, आमिर उस बयान को लेकर अब बहाने बना रहे हैं।

‘द सैटेनिक वर्सेज’ के लेखक सलमान रुश्दी पर जुमे के दिन चाकू से गर्दन पर हमला, न्यूयॉर्क में हुई वारदात

‘द सैटेनिक वर्सेज’ के लेखक उपन्यासकार सलमान रुश्दी को न्यूयॉर्क में भाषण देने से पहले पर चाकू से हमला किया गया है। सलमान रुश्दी को 1980 के दशक में ही ईरान से जान से मारने की धमकी मिली थी, वहीं आज शुक्रवार (12 अगस्त, 2022) को उन पर उस समय हमला किया गया जब वह पश्चिमी न्यूयॉर्क में एक व्याख्यान देने वाले थे।

एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, एक व्यक्ति ने न्यूयॉर्क के चौटाउका (Chautauqua) संस्थान में मंच पर उस समय धावा बोल दिया और जब सलमान रुश्दी स्पीच देने वाले थे। रुश्दी पर चाकू से गर्दन पर हमला किया गया जिससे वह वहीं जमीन पर गिर गए। हमलावर को गिरफ्तार कर लिया गया है। रुश्दी को हेलीकॉप्टर से अस्पताल ले जाया गया है। स्टेट पुलिस ने बताया कि उन्हें हेड इंजरी भी आई है। वहीं उनकी अभी के हालत के बारे कोई अपडेट नहीं है।

बता दें कि रुश्दी की किताब “द सैटेनिक वर्सेज” को ईरान में 1988 से प्रतिबंधित कर दिया गया था, क्योंकि कई मुस्लिम इसे ईशनिंदा मानते हैं। वहीं इस किताब के पब्लिश होने के एक साल बाद, ईरान के दिवंगत नेता अयातुल्ला रूहोल्लाह खुमैनी ने एक फ़तवा जारी किया था, जिसमें रुश्दी की मौत की अपील की गई थी। ईरान ने रुश्दी को मारने वाले को 30 लाख डॉलर से अधिक का इनाम देने की भी घोषणा की थी।

गौरतलब है कि ईरान की सरकार ने लंबे समय से चले आ रहे खुमैनी के फरमान से खुद को अलग कर लिया है, लेकिन रुश्दी विरोधी भावना बनी रही। वहीं 2012 में, एक अर्ध-आधिकारिक ईरानी मजहबी फाउंडेशन ने रुश्दी के लिए इनाम को 2.8 मिलियन डॉलर से बढ़ाकर 3.3 मिलियन डॉलर कर दिया था।

हालाँकि रिपोर्ट के अनुसार, यह कहा जाता है कि रुश्दी ने उस समय उस धमकी को खारिज करते हुए कहा था कि इनाम में लोगों की बिलकुल भी दिलचस्पी नहीं है। बता दें कि उस वर्ष, रुश्दी ने फतवे के बारे में एक संस्मरण, ‘जोसेफ एंटोन’ प्रकाशित किया।

‘मानसखण्ड मंदिर माला मिशन’ के जरिए प्राचीन मंदिरों को आपस में जोड़ेंगे CM धामी, माँ वाराही देवी मंदिर में पूजा-अर्चना कर बगवाल में हुए शामिल

उत्तराखंड (UttaraKhand) के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) शुक्रवार (12 अगस्त 2022) को माँ वाराही के धाम देवीधुरा पहुँचे। वहाँ उन्होंने खोलीखांड दुबाचौड़ में बगवाल मनाई। इसके साथ ही सीएम धामी ने कुमाऊँ के प्राचीन मंदिरों को भव्य बनाने और उन्हें आपस में जोड़ने के लिये मानसखण्ड मंदिर माला मिशन की शुरुआत की।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा, “मुख्यमंत्री कुमाऊँ के प्राचीन मंदिरों को भव्य बनाने के लिये मानसखण्ड मंदिर माला मिशन की शुरुआत की गई है, इस मिशन के अन्तर्गत ही माँ वाराही धाम देवीधुरा को भी जोड़ा जाएगा।”

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शुक्रवार को चंपावत दौरे पर थे। सबसे पहले वे खटीमा में आजादी के अमृत महोत्सव पर ‘हर घर तिरंगा’ यात्रा में शामिल हुए। इसके बाद वे माँ वाराही के धाम देवीधुरा पहुँचे। वहाँ उन्होंने माँ वाराही के मंदिर में पूजा-अर्चना की और राज्य की खुशहाली के लिए प्रार्थना की।

इस दौरान उन्होंने देवीधुरा में पुलिस चौकी बनाने की भी घोषणा की। बता दें कि देवीधुरा के खोलीखांड दुबाचौड़ में बगवाल मनाई जा रही है। खोलीखांड दुबाचौड़ मैदान में बगवाल फल और फूलों से खेली जाती है। इस दौरान गहड़वाल खाम के योद्धा केसरिया, चम्याल खाम के योद्धा गुलाबी, वालिग खाम के सफेद और लमगड़िया खाम के योद्धा पीले रंग के साफे बाँधकर बगवाल में शामिल हुए।

क्या है बगवाल

चार प्रमुख खाम- चम्याल, वालिग, गहड़वाल और लमगड़िया के लोग पूर्णिमा के दिन पूजा-अर्चना कर एक-दूसरे को बगवाल का निमंत्रण देते हैं। कहा जाता है कि पूर्व में यहाँ माँ वाराही को नरबलि देने की प्रथा थी। किवदंतियों के अनुसार, एक बार नरबलि देने की बारी चम्याल खाम की आई। जिस लड़के की बलि दी जानी थी, वह एक वृद्धा का इकलौता पौत्र था। वंश के नाश होने के डर से वृद्ध महिला ने माँ वाराही की घनघोर तपस्या की।

कहा जाता है कि तपस्या से प्रसन्न होकर माँ वाराही ने वृद्धा से उसकी मनोकामना पूछी। इस पर वृद्धा ने नरबलि लेने की जगह एक सलाह दिया। इसके तहत चारों खामों के मुखिया आपस में युद्ध कर एक मानव बलि के बराबर रक्त बहाएँगे और उसी से पूजा करेंगे। माँ वाराही ने वृद्धा की बात स्वीकार कर ली। तभी से बगवाल की शुरू हुई है।

जैश के संदिग्ध आतंकी मोहम्मद नदीम को यूपी ATS ने किया गिरफ्तार, नूपुर शर्मा की हत्या का था प्लान, पाकिस्तान से जुड़े तार

यूपी के सहारनपुर से एटीएस ने जैश-ए-मोहम्मद और पाकिस्तान के संगठन तहरीक-ए-तालिबान से जुड़े संदिग्ध आतंकी को गिरफ्तार किया है। एटीएस ने सहारनपुर के गंगोह निवासी आतंकी मोहम्मद नदीम को गिरफ्तार किया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, एटीएस की पूछताछ में आतंकी ने बताया कि पाकिस्तान के जैश के आतंकियों ने उसे नूपुर शर्मा की हत्या का टास्क दिया गया था।

रिपोर्ट के अनुसार, एटीएस ने बताया कि एजेंसियों से सूचना मिली कि सहारनपुर के थाना गंगोह स्थित ग्राम कुंडा कलां निवासी मुहम्मद नदीम पुत्र नफीस अहमद जैश-ए-मुहम्मद और तहरीक-ए-तालिबान-पाकिस्तान की विचारधारा से प्रभावित होकर फिदायीन हमले की तैयारी कर रहा है। जिसके बाद संदिग्ध युवक को पकड़ा गया। आतंकी के फोन की जाँच की गई तो उसमें एक डॉक्यूमेंट मिला। उसके मोबाइल से जैश-ए-मोहम्मद और टीटीपी के आतंकियों से चैट, वॉइस मैसेज मिले हैं।

बताया जा रहा है कि यूपी एटीएस के सामने नदीम ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि उसे जैश-ए-मोहम्मद एवं तहरीक-ए-तालिबान के आतंकियों ने नुपूर शर्मा की हत्या करने का जिम्मा दिया था। बता दें कि बीजेपी की निलंबित प्रवक्ता नुपूर शर्मा पैगंबर मोहम्मद पर कथित विवादित टिप्पणी को लेकर विवादों में आई थीं। जिसके बाद देश के कई हिस्सों में कट्टरपंथी मुस्लिमों ने बवाल काटा था।

रिपोर्ट के अनुसार, एटीएस खुलासा किया कि मुहम्मद नदीम व्हॉट्सएप, टेलीग्राम, आईएमओ, फेसबुक मैसेंजर, क्लब हाउस जैसे सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म के जरिए 2018 से जैश-ए-मुहम्मद और तहरीक-ए-तालिबान-ए-पाकिस्तान के संपर्क में है। वह जैश और तहरीक-ए-तालिबान की विचारधारा से प्रभावित होकर फिदायीन हमले की तैयारी कर रहा था। एटीएस ने बताया कि नदीम के मोबाइल से फिदायीन विस्फोट से जुड़ी पीडीएफ फाइल भी मिली है।

यूपी पुलिस ने दावा किया है कि मोहम्मद नदीम ने पूछताछ में बताया कि उसे पाकिस्तान और अफगानिस्तान में सक्रिय जैश-ए-मुहम्मद और तहरीक-ए-तालिबान-पाकिस्तान के आतंकवादी स्पेशल ट्रनिंग के लिए बुला रहे थे। जिस पर वो वीजा लेकर पाकिस्तान जाता और जैश-ए-मोहम्मद से ट्रेनिंग लेकर आता। वहीं कहा जा रहा है कि नदीम ने अपने कुछ भारतीय संपर्को की भी जानकारी एटीएस को दी है। जिस पर आगे की जाँच की जा रही है।

कब्रिस्तान की बॉउंड्री से सटी मिली 25 वर्षीय लड़की की सिर कटी लाश, हत्यारों ने चादर में बाँधकर फेंका: मेरठ की घटना

उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक लड़की की सिर कटी लाश बरामद हुई है। हत्यारोपित लाश को लिसाड़ी गेट के एक चौराहे पर छोड़ कर चला गया था। लड़की की उम्र 25 से 26 साल बताई जा रही है जिसने काले रंग का पैंट और नीले रंग की छींट वाली टॉप पहन रखी है। पुलिस ने शव को कब्ज़े में ले कर मृतका की पहचान के प्रयास शुरू कर दिए हैं। शव शुक्रवार (12 अगस्त 2022) को मिला है।

इस घटना के वायरल हो रहे वीडियो में शव को एक चादर में लपेटा गया है। मृतका के हाथ और पैर मुड़े हुए हैं। आस-पास पुलिसकर्मी दिखाई दे रहे हैं। मेरठ पुलिस के मुताबिक पंचनामा करवा कर लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। इसी के साथ घटना में आगे की कार्रवाई करवाई जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक लड़की की लाश लिसाड़ी गेट इलाके के लक्खीपुरा में गली नंबर 28 के पास सुबह 4 बजे के आस-पास तब मिली जब कुछ लोग मॉर्निंग वॉक पर निकले थे। लड़की की लाश चादर की गठरी में बाँधी गई थी। ये गठरी कब्रिस्तान की बॉउंड्री के पास रखी गई थी। गठरी से खून निकलता देख लोगों ने पुलिस को खबर दी। वहीं पुलिस लड़की के सिर को भी तलाश रही है जो उसे अभी नहीं मिल पाया है।

इसी के साथ आस-पास के CCTV फुटेज को भी खंगाला जा रहा है। ऑपइंडिया से बात करते हुए मेरठ के DSP फर्स्ट अरविन्द चौरसिया के मुताबिक पुलिस मृतका की शिनाख्त का हर संभव प्रयास कर रही है और जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा। पुलिस को शक है कि सम्भवतः लाश को कब्रिस्तान में फेंकने का प्रयास किया गया था पर वो बॉउंड्री से टकरा कर बाहर ही रह गई।

एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक मौके पर फॉरेंसिक टीमों को भेजा गया है। आस-पास के इलाकों से गुमशुदा लड़कियों की जानकारी जुटाई जा रही है। वायरलेस पर पूरे जिले में सूचना प्रसारित करवा दी गई है। प्रारम्भिक तौर पर पुलिस यह मान कर भी चल रही है कि लड़की का सिर कहीं और काटा गया है और लाश इस इलाके में फेंक दी गई है। आरोपितों द्वारा ऐसा पुलिस को भटकाने के लिए किया गया है।

बंगाल, छत्तीसगढ़, ओडिशा में PM आवास योजना के नाम पर भ्रष्टाचार: बैंक खाते बदल पैसे की हेराफेरी, फंड से ‘खेल’ डेडलाइन में देरी

‘पीएम आवास योजना’ (PM Awas Scheme) को लेकर विपक्ष प्रशासित राज्य ढीला रवैया अपना रहे हैं। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह का कहना है कि ओडिशा में इस योजना के फंड की चोरी हो रही है। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ और ओडिशा में इस योजना के कार्यान्वयन को लेकर भारी अनियमितताओं का खुलासा किया है।

ओडिशा के पंचायती राज मंत्री प्रदीप कुमार अमात ने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह और धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात की। इस दौरान पीएम आवास योजना के कार्यान्वयन की चर्चा की गई। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने बैठक में बताया कि लाभार्थियों की सूची में 37 प्रतिशत अनियमितताएँ थीं। इसके साथ ही वेबसाइट पर डेटा अपलोड करने, बैंक खाता नंबरों में हेराफेरी, जरूरत मंद लोगों के स्थान पर अपात्र व्यक्तियों को लाभ मिलना जैसी अनियमितताएँ पाई गईं।

ग्रामीण विकास मंत्रालय के अनुसार ओडिशा में पीएम आवास योजना के 60 प्रतिशत लाभार्थियों के बैंक खाते सर्वे के समय दिए गए खातों से बदल दिए गए हैं। यानी जिन जरूरतमंद लोगों को सरकार ने चिन्हित किया था, उनके खाते फर्जी तरीके बदल कर गैर जरूरतमंद लोगों का खाता नंबर डाल दिया गया है। इस योजना के तहत पैसे सीधे लाभार्थी के खाते में ही जाते हैं। ऐसे में चिन्हित किए गए जरूरत मंद लोगों को तो ये पैसा मिल ही नहीं रहा है।

ग्रामीण विकास मंत्री गिरिराज सिंह का कहना है कि उन्हें ओडिशा से कई शिकायतें मिलीं हैं। उनका कहना है कि केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी उन्हें मामले की जानकारी दी है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि जिनकी पहचान सरकार ने जरूरतमंदों के रूप में की थीं, उन्हें तो इस योजना का लाभ मिल ही नहीं रहा है। फर्जी तरीके से खाता संख्या को बदल दिया गया है।

गिरीराज सिंह ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट करते हुए एक वीडियो पोस्ट किया है। उन्होंने पीएम आवास योजना में हो रही अनियमितताओं को उजागर करने के लिए केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को धन्यवाद कहा है। इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री चाहते हैं कि बेघर गरीबों को घर मिले लेकिन दुर्भाग्य से ओडिशा में ट्रांस्पेरेंसी की कमी रही, जिसके चलते इसके कार्यन्वयन में कई त्रुटियाँ पाई गईं।

मंत्रालय की ओर से आदेश दिया गया है कि इस योजना से गैर जरूरतमंद लाभार्थियों को हटाया जाए। केंद्र के आँकड़ों के अनुसार ओडिशा में पीएम आवास योजना के तहत (ग्रामीण) 1.83 लाख घरों को मंजूरी दी गई, जिसमें से अब तक 1.69 लाख पूरे हो चुके हैं। मंत्रालय ने 12 महीनों में राज्य को 1.26 लाख घरों का निर्माण सुनिश्चित करने का आदेश दिया है। वहीं जिन घरों को बनाने में एक साल से ज्यादा का समय लगा है, उनका निर्माण 3 महीने के भीतर पूरा करने का आदेश दिया गया।

विपक्ष प्रशासित छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल में भी योजना के नियमों का धड़ल्ले से उल्लंघन किया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह का कहना है कि इन राज्यों ने योजना का नाम और लोगो ही बदल दिया है। पश्चिम बंगाल में इस योजना का नाम ‘बंग्ला आवास योजना’ कर दिया गया है। ओडिशा और पश्चिम बंगाल दोनों राज्यों में योजना का लोगो बदल दिया गया है।

पीएम आसावस योजना का कार्यान्वयन 60:40 के अनुपात में होना था। इसके तहत केंद्र 60 प्रतिशत तो वहीं राज्य 40 प्रतिशत फंड रिलीज करता है। लेकिन छत्तीसगढ़ राज्य की 40 प्रतिशत की हिस्सादारी दे ही नहीं रहा है। इसके चलते अब केंद्र सरकार ने इस योजना के कार्यान्वयन की राज्यवार समीक्षा करने का फैसला लिया है। इस योजना के तहत केंद्र की मोदी सरकार ने 2024 तक सभी को पक्का घर देने का वादा किया था।

पीएम आवास योजना

प्रधानमंत्री आवास योजना केंद्र सरकार की एक ऐसी योजना है, जिसके तहत निर्धन लोगों को उनके खरीदने की क्षमता के अनुकूल घर दिए जाएँगे। ये योजना महँगे रियल स्टेट सेक्टर की अपेक्षा सस्ते घरों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई थी। केंद्र सरकार के ‘हाउसिंग फॉर ऑल’ अभियान के तहत इस योजना को 2015 में शुरू किया गया था। इस योजना को दो भागों में बाँटा गया था – शहरी और ग्रामीण। पहले इसकी समय सीमा 2022 तक थी, जिसे दिसंबर 2024 तक बढ़ा दिया गया है।